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December 29, 2025

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Anupama 29 December Twist: राही पर टूटा खतरों का पहाड़, दिवाकर की एंट्री ने बढ़ाया सस्पेंस, क्या करेगी अनुपमा?

Anupama 29 December Twist: आज के एपिसोड में अनुपमा प्यार से राही से पूछती है कि क्या वह शर्ट प्रेर्णा को देने की बात से नाराज है. इसपर राही खुलकर कहती है कि उसे गुस्सा भी आ रहा है और अंदर ही अंदर डर भी लग रहा है. वह ये भी पूछ बैठती है कि अनुपमा प्रेरणा को “पी” कहकर क्यों बुला रही हैं. इस पर अनुपमा समझाती है कि शर्ट राही पर वैसी नहीं जमी, जैसी उम्मीद थी. राही मन की भड़ास निकालती है, लेकिन आखिर में मान लेती है कि उसकी परेशानी नफरत नहीं, बल्कि चिंता की वजह से है. अनुपमा और राही का पीछा करता है दिवाकर उधर ये सारी बातें सुनते हुए नहीं, बल्कि दूर से देखते हुए दिवाकर चुपचाप अनुपमा और राही का पीछा करता रहता है. वहीं दूसरी तरफ पराग ख्याति की बातों को सही मानता तो है, लेकिन वसुंधरा से सच छिपाता है. जैसे ही वसुंधरा कागजात देखने लगती है, पराग उन्हें छुपा देता है और यहीं से उसका शक गहरा जाता है. चॉल में हिंदुस्तानी की रस्में चल रही होती हैं. माहौल खुशियों से भरा है, लेकिन राही वहां भी प्रेरणा को लेकर ताना मार देती है. अनुपमा तुरंत उसे रोकती है और जलन छोड़ने की सलाह देती है. लीला मजाक में प्रीत से कहती है कि अब उसकी भी शादी की बारी है. हिंदुस्तानी भावुक हो जाती है, तब लीला और अनुपमा उसे शादी के बाद की जिंदगी के लिए प्यार से समझाती हैं. अनुपमा को होता है अनहोनी का एहसास इधर अंश अपने आने वाले शिशु को लेकर परेशान रहता है, तभी अनुपमा का फोन उसे सुकून देता है. राही छोटी बातों पर चिढ़ जाती है, प्रेम उसे संभालता है और दोनों के बीच प्यारा सा पल आता है. लेकिन खुशी ज्यादा देर टिकती नहीं. जैसे ही प्रेम आइसक्रीम लेने जाता है, अनुपमा को अनहोनी का एहसास होता है. अगले ही पल दिवाकर पीछे से राही को पकड़ लेता है. राही डर से सन्न रह जाती है और इसी सस्पेंस भरे मोड़ पर एपिसोड खत्म हो जाता है. यह भी पढे़ं: Anupama 28 December Twist: ईशानी दिखाएगी अपना असली रंग, अनुपमा की परवरिश पर सवाल, पलट जाएगी पूरी कहानी The post Anupama 29 December Twist: राही पर टूटा खतरों का पहाड़, दिवाकर की एंट्री ने बढ़ाया सस्पेंस, क्या करेगी अनुपमा? appeared first on Naya Vichar.

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नया स्मार्टफोन ले लिया और अब तक ये 5 सेटिंग्स ऑन नहीं कीं? तीसरी वाली से तो दूर बैठे फोन को कर सकते हैं लॉक

Android Settings: अगर आपने हाल ही में नया स्मार्टफोन खरीदा है और उसे सेट कर रहे हैं, तो हम आपकी थोड़ी मदद कर देते हैं. कई बार नए फोन का उत्साह इतना होता है कि कुछ जरूरी फीचर्स नजरअंदाज हो जाते हैं, जो रोजमर्रा के इस्तेमाल को और आसान बना सकते हैं. Android के कई काम के टूल डिफॉल्ट रूप से ऑन नहीं होते, इसलिए यूजर्स को पता ही नहीं चलता कि उनका फोन और क्या-क्या कर सकता है. इसलिए आज हम आपको कुछ ऐसी जरूरी Android सेटिंग्स के बारे में बताने जा रहे हैं जिन्हें फोन नया लेते ही या रीसेट करने के बाद तुरंत ऑन कर लेना चाहिए. आइए जानते हैं. नोटिफिकेशन हिस्ट्री (Notification History) Android का एक कम जाना-पहचाना लेकिन बेहद काम का फीचर है नोटिफिकेशन हिस्ट्री. यह कई सालों से मौजूद है, फिर भी ज्यादातर फोन में यह बंद रहता है. इसे ऑन करने के बाद आप उन नोटिफिकेशन्स को भी देख सकते हैं जो गलती से हट गए हों. जब कोई जरूरी मैसेज या अलर्ट पढ़ने से पहले गायब हो जाए, तो यह फीचर बहुत काम आता है. फाइंड हब (Find Hub) Google का Find Hub (जिसे पहले Find My Device कहा जाता था) हर फोन में अपने-आप चालू नहीं होता, लेकिन यह आपके फोन की सेफ्टी के लिए बहुत जरूरी फीचर है. इसे ऑन करने के बाद अगर फोन खो जाए या चोरी हो जाए, तो आप उसे दूर से ढूंढ सकते हैं, लॉक कर सकते हैं या सारा डेटा मिटा सकते हैं. इतना ही नहीं, इससे ईयरबड्स और ट्रैकर्स को भी ट्रैक किया जा सकता है. थेफ्ट डिटेक्शन (Theft Detection) अब Android में बेहतर थेफ्ट प्रोटेक्शन फीचर्स मिलते हैं, जो फोन गलत हाथों में चले जाने पर भी आपके डेटा को सेफ रखते हैं. अगर अचानक नेटवर्क कनेक्शन कट जाए या कोई संदिग्ध गतिविधि दिखे, तो फोन अपने-आप लॉक हो सकता है. रिमोट लॉक का ऑप्शन भी मिलता है, जिससे आपकी पर्सनल डिटेल्स सेफ रहती है. बेडटाइम मोड (Bedtime Mode) रात में बार-बार आने वाली नोटिफिकेशन नींद खराब कर देती हैं और देर तक फोन देखने की आदत भी बढ़ाती हैं. बेडटाइम मोड इन परेशानियों को कम करता है, क्योंकि यह नोटिफिकेशन साइलेंट कर देता है, स्क्रीन की ब्राइटनेस घटाता है और डिस्प्ले को ग्रे-स्केल में बदल देता है. जरूरत के खास अलर्ट आप चाहें तो चालू रख सकते हैं. यह बिना पूरी तरह फोन से कटे, बेहतर नींद और हेल्दी मोबाइल आदतें बनाने का आसान तरीका है. जीबोर्ड क्लिपबोर्ड (Gboard Clipboard)   जो लोग Gboard का यूज करते हैं, उनके लिए इसमें मौजूद इनबिल्ट क्लिपबोर्ड फीचर काफी काम का साबित हो सकता है. इससे आप कॉपी किया गया टेक्स्ट या इमेज सेव करके बाद में दोबारा इस्तेमाल कर सकते हैं, और कुछ समय बाद संवेदनशील जानकारी अपने आप हट भी जाती है. यह भी पढ़ें: चार्जिंग के अलावा फोन का USB-C पोर्ट कर सकता है ये 5 चौंकाने वाले काम, जिन्हें 99% लोग अभी भी नहीं जानते The post नया स्मार्टफोन ले लिया और अब तक ये 5 सेटिंग्स ऑन नहीं कीं? तीसरी वाली से तो दूर बैठे फोन को कर सकते हैं लॉक appeared first on Naya Vichar.

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Religious Beliefs: मांगने पर भी न दें ये चीजें, वरना घर में आ सकता है आर्थिक संकट और बिगड़ सकते हैं ग्रह

Religious Beliefs: हिंदुस्तानीय संस्कृति और ज्योतिष शास्त्र में कुछ वस्तुओं को केवल उपयोग की चीज नहीं, बल्कि धन, सौभाग्य और ग्रहों की ऊर्जा से जोड़ा गया है. मान्यता है कि कुछ चीजों का लेन-देन करने से घर की लक्ष्मी चली जाती है, भाग्य रूठ सकता है और व्यक्ति को आर्थिक व मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है. आइए जानते हैं ऐसी ही महत्वपूर्ण वस्तुओं के बारे में. हल्दी हल्दी को देवी लक्ष्मी का प्रतीक माना गया है. मान्यता है कि हल्दी किसी को मांगने पर देने से घर की समृद्धि कम होती है. कोशिश करें कि घर में हल्दी कभी खत्म न हो. झाडू झाडू को भी लक्ष्मी स्वरूप माना जाता है. झाड़ू किसी को देने से आर्थिक स्थिति कमजोर हो सकती है. दही (जामन) दही का लेन-देन भी सोच-समझकर करना चाहिए. यदि मजबूरी में देना पड़े तो वार देखकर दें और दोनों समय एक साथ न दें. नमक नमक का आदान-प्रदान कम करना शुभ माना गया है. कहा जाता है कि नमक का कर्ज जन्म-जन्मांतर तक पीछा नहीं छोड़ता. सरसों का तेल सरसों का तेल शनि ग्रह से जुड़ा होता है. इसे देने से शनि का अशुभ प्रभाव बढ़ सकता है. दूध दूध को बिना कारण देने से आर्थिक तनाव आने की मान्यता है. केवल विशेष परिस्थिति में ही दें. चांदी चांदी को न तो गिफ्ट करें और न ही बेचें. मान्यता है कि चांदी देने से घर की खुशियां कम हो जाती हैं. ये भी देखें: पति हमेशा आपका ही बना रहेगा, सोने से पहले करें ये उपाय मोबाइल मोबाइल किसी को मांगने पर देने से बचें. इससे निजी डेटा और नकारात्मक ऊर्जा दोनों का खतरा रहता है. कपड़ों का आदान-प्रदान पहने हुए कपड़े साझा करने से त्वचा रोग और ग्रह दोष दोनों का डर रहता है. जूठा भोजन अपना बचा हुआ भोजन घर के किसी सदस्य को देना शुभ माना गया है, इससे लक्ष्मी घर में ही रहती है. एक ही थाली में भोजन मेहमानों के साथ अलग बर्तन में भोजन करना बेहतर माना गया है, ताकि ग्रह दोष का प्रभाव न पड़े. शनि की लोहे की अंगूठी शनि से संबंधित लोहे की अंगूठी किसी को देने से आर्थिक नुकसान हो सकता है. धनतेरस का दीपक धनतेरस पर जलाए गए दीपक में रखी कौड़ी या सिक्के को संभालकर रखें. इसके खोने या गलत उपयोग से धन हानि की आशंका मानी जाती है. The post Religious Beliefs: मांगने पर भी न दें ये चीजें, वरना घर में आ सकता है आर्थिक संकट और बिगड़ सकते हैं ग्रह appeared first on Naya Vichar.

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सोने को पछाड़ती चांदी, रिकॉर्ड तेजी ने बाजार में मचाई हलचल, एक हफ्ते में 16% की उछाल

Silver Rate Today: वैश्विक बाजार में चांदी लगातार नए रिकॉर्ड बना रही है. 29 दिसंबर को स्पॉट सिल्वर की कीमत 82.95 डॉलर प्रति औंस के ऑल-टाइम हाई तक पहुंच गई. एशियाई कारोबार के दौरान इसमें हल्का करेक्शन जरूर दिखा, लेकिन इसके बावजूद चांदी एक दिन में 1.55 फीसदी और एक हफ्ते में 16 फीसदी से ज्यादा मजबूत बनी रही. विशेषज्ञों के अनुसार, चांदी की सप्लाई सीमित है, जबकि इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, सोलर पैनल, सेमीकंडक्टर और ग्रीन एनर्जी सेक्टर से इंडस्ट्रियल मांग लगातार बढ़ रही है. यही वजह है कि निवेशक इसे सिर्फ कीमती धातु नहीं, बल्कि एक रणनीतिक औद्योगिक धातु के तौर पर भी देख रहे हैं. घरेलू बाजार में भी उछाल, MCX पर चांदी ने बनाया नया शिखर हिंदुस्तान में भी चांदी की कीमतों में जबरदस्त तेजी देखने को मिली. मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर 999 शुद्धता वाली चांदी का वायदा भाव 2,53,280 रुपये प्रति किलो के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गया. यह अपने पिछले बंद भाव से करीब 5.6 फीसदी ज्यादा है.ऑगमोंट बुलियन की 24 दिसंबर को जारी रिपोर्ट के मुताबिक, बीते कुछ वर्षों में चांदी की स्पॉट कीमत में 140 फीसदी से अधिक की बढ़ोतरी हो चुकी है. रिपोर्ट में कहा गया है कि मजबूत निवेश मांग, सीमित खनन उत्पादन और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं ने चांदी को सुरक्षित निवेश विकल्प के रूप में और आकर्षक बना दिया है. देश के बड़े शहरों जैसे दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और बेंगलुरु में चांदी के दाम लगभग समान रहे, जबकि कुछ राज्यों में स्थानीय टैक्स और लॉजिस्टिक्स के कारण मामूली अंतर देखा गया. आगे का आउटलुक: करेक्शन संभव, लेकिन ट्रेंड अभी भी मजबूत VT Market के एपीएसी रीजन के सीनियर मार्केट एनालिस्ट जस्टिन खू के अनुसार, चांदी की कीमतों में हालिया तेज उछाल के बाद निकट अवधि में मुनाफावसूली देखने को मिल सकती है. उनका मानना है कि चांदी फिलहाल अपने मीडियम-टर्म एवरेज से काफी ऊपर ट्रेड कर रही है, जिससे कुछ समय के लिए कंसोलिडेशन स्वाभाविक है. हालांकि, उन्होंने यह भी साफ किया कि यह गिरावट ट्रेंड के खत्म होने का संकेत नहीं होगी. महंगाई की चिंताएं, राजकोषीय दबाव और रियल इंटरेस्ट रेट्स को लेकर अनिश्चितता अब भी कीमती धातुओं के पक्ष में माहौल बनाए हुए हैं. जस्टिन खू के मुताबिक, गोल्ड-सिल्वर रेशियो में आई तेज गिरावट यह दिखाती है कि चांदी ने सोने के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन किया है, लेकिन अब बाजार में रोटेशन हो सकता है—जहां सोना स्थिर रहेगा और चांदी में हल्का करेक्शन आएगा. लंबी अवधि में, मजबूत फंडामेंटल्स के चलते चांदी का आउटलुक अब भी पॉजिटिव बना हुआ है. शहर (City) 1 किलो चांदी की कीमत (₹) चेन्नई ₹2,73,900 मुंबई ₹2,50,900 दिल्ली ₹2,50,900 कोलकाता ₹2,50,900 बेंगलुरु ₹2,50,900 हैदराबाद ₹2,73,900 केरल ₹2,73,900 पुणे ₹2,50,900 वडोदरा ₹2,50,900 अहमदाबाद ₹2,50,900 Also Read: कम वॉल्यूम में फंसा शेयर बाजार, नए साल से सुधर सकते हैं हालात The post सोने को पछाड़ती चांदी, रिकॉर्ड तेजी ने बाजार में मचाई हलचल, एक हफ्ते में 16% की उछाल appeared first on Naya Vichar.

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Tawa Pulao Recipe: इस आसान रेसिपी से घर पर बनाएं रेस्टोरेंट जैसा तवा पुलाव, खुशबू बना देगी दीवाना  

Tawa Pulao Recipe: चावल बहुत सारे लोगों की पहली पसंद होती है. चावल को दाल, सब्जी, छोले या फिर कढ़ी के साथ खाया जाता है. चावल का स्वाद बदलने के लिए बहुत सारे लोग तहरी, बिरयानी या फिर पुलाव भी बनाते हैं. आप भी अगर चावल खाने के शौकीन हैं तो लंच या फिर डिनर में आप तवा पुलाव बना कर खा सकते हैं. इस टेस्टी डिश को बनाना बहुत ही आसान है. अपनी मनपसंद सब्जियां डालकर आप इसके स्वाद को बढ़ा सकते हैं. चलिए अब इसे बनाने की रेसिपी बताते हैं.   तवा पुलाव बनाने की सामग्री बासमती चावल – 2 कप (पके हुए) आलू – 1 प्याज – 1 (बारीक कटा) टमाटर – 1 (बारीक कटा) हरी मटर – आधा कप हरी मिर्च –  2 (बारीक कटी) हल्दी पाउडर – आधा चम्मच लाल मिर्च पाउडर – आधा चम्मच हींग – 1 चुटकी जीरा – 1 चम्मच गरम मसाला – आधा चम्मच चाट मसाला – आधा चम्मच नींबू का रस – 1 चम्मच देसी घी – 2 चम्मच नमक – स्वादानुसार इसे भी पढ़ें: Yakhni Pulao Recipe: खाने का मजा होगा दोगुना, जब घर पर बनाएंगे लजीज यखनी पुलाव तवा पुलाव बनाने की विधि तवा पुलाव बनाने के लिए पहले सब्जियों को धो लें. फिर आप आलू और मटर को उबाल कर रख लें. इसके बाद आप प्याज, हरी मिर्च और टमाटर को बारीक काट लें. साथ ही उबले हुए आलू को भी छील कर छोटे-छोटे टुकड़ो में काट लें. अब आप तवा या पैन में घी डाल कर गर्म कर लें फिर इसमें हींग और जीरा डालकर भून लें. इसके बाद इसमें हरी मिर्च और प्याज डाल कर भूनें. प्याज के गोल्डन ब्राउन होने के बाद इसमें टमाटर डाल कर पका लें. फिर अब इसमें हल्दी, मिर्च पाउडर और गर्म मसाला डाल कर 5 मिनट तक पकाएं. अब इसमें आलू, चावल और मटर मिला दें. फिर आप इसमें चाट मसाला और नींबू का रस भी मिक्स करें. ऊपर से बारीक कटा हरा धनिया डाल कर मिक्स कर दें. इसे आप चटनी, अचार या फिर रायता के साथ सर्व करें. इसे भी पढ़ें: Kaju Pulao Recipe: रूटीन खाने को करें साइड और ट्राई करें काजू पुलाव, मजेदार स्वाद जीत लेगी दिल  इसे भी पढ़ें: Capsicum Rice Recipe: रूटीन राइस खाकर हो चुके हैं बोर, तो ट्राई करें झटपट बनने वाली टेस्टी कैप्सिकम राइस The post Tawa Pulao Recipe: इस आसान रेसिपी से घर पर बनाएं रेस्टोरेंट जैसा तवा पुलाव, खुशबू बना देगी दीवाना   appeared first on Naya Vichar.

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न्यूजीलैंड के तेज गेंदबाज का 12 साल का इंटरनेशनल करियर खत्म, क्रिकेट को कहा अलिवदा

Doug Bracewell Retirement: न्यूजीलैंड के अनुभवी ऑलराउंडर डग ब्रेसवेल (Doug Bracewell) ने सोमवार को क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास लेने का एलान कर दिया. 35 साल के ब्रेसवेल ने अपने करियर में टेस्ट वनडे और टी20 तीनों फॉर्मेट में देश का प्रतिनिधित्व किया. लंबे समय तक घरेलू क्रिकेट में सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट्स (Central Districts) के लिए स्पोर्ट्सने वाले ब्रेसवेल हाल के दिनों में चोट से जूझ रहे थे. पसली की चोट के चलते उन्होंने आखिरकार क्रिकेट को अलविदा कहने का फैसला किया. ब्रेसवेल को खास तौर पर 2011 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ होबार्ट टेस्ट में उनके ऐतिहासिक प्रदर्शन के लिए याद किया जाता है. इस फैसले के साथ न्यूजीलैंड क्रिकेट के एक जुझारू खिलाड़ी का सफर खत्म हो गया. ब्रेसवेल के अंतर्राष्ट्रीय करियर पर एक नजर डग ब्रेसवेल ने 2011 से 2023 के बीच न्यूजीलैंड के लिए अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्पोर्ट्सा. उन्होंने 28 टेस्ट मैचों में हिस्सा लिया और 74 विकेट अपने नाम किए. इसके अलावा वनडे में उन्होंने 21 मैच स्पोर्ट्सकर 26 विकेट लिए. टी20 अंतर्राष्ट्रीय में भी वह पीछे नहीं रहे और 20 मैचों में 20 विकेट झटके. बल्लेबाजी में भी उन्होंने उपयोगी योगदान दिया. टेस्ट क्रिकेट में उनके नाम 568 रन दर्ज हैं. वनडे में उन्होंने 221 रन बनाए जबकि टी20 में 126 रन उनके खाते में आए. ऑलराउंडर के रूप में वह टीम के संतुलन का अहम हिस्सा रहे. होबार्ट टेस्ट से मिली पहचान डग ब्रेसवेल के करियर का सबसे यादगार पल 2011 में आया जब न्यूजीलैंड ने ऑस्ट्रेलिया को होबार्ट टेस्ट में हराया. इस मैच में ब्रेसवेल ने दूसरी पारी में 6 विकेट 40 रन देकर लिए. न्यूजीलैंड ने यह मुकाबला महज 7 रन से जीता. यह ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ न्यूजीलैंड की लंबे समय बाद आई ऐतिहासिक जीत थी. इस प्रदर्शन ने ब्रेसवेल को रातोंरात सुर्खियों में ला दिया. आज भी इस जीत को न्यूजीलैंड क्रिकेट के सुनहरे पलों में गिना जाता है. घरेलू क्रिकेट और सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट्स का सफर अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट के साथ साथ डग ब्रेसवेल का घरेलू करियर भी काफी मजबूत रहा. उन्होंने न्यूजीलैंड की घरेलू टीम सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट्स के लिए लंबे समय तक स्पोर्ट्सा. यहां उन्होंने युवा खिलाड़ियों के लिए मिसाल पेश की. हाल ही में लगी पसली की चोट के बाद उन्होंने घरेलू क्रिकेट में भी स्पोर्ट्सना बंद करने का फैसला किया. सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट्स की ओर से जारी बयान में ब्रेसवेल ने टीम के साथ बिताए समय को अपने जीवन का अहम हिस्सा बताया. News | Allrounder Doug Bracewell has announced his retirement from all cricket. Bracewell played 28 Tests, 21 ODIs and 20 T20Is for New Zealand taking 120 wickets and scoring 915 runs. He played a key role in New Zealand’s last Test victory over Australia, in Hobart in 2011,… pic.twitter.com/rdLjGeBQzL — BLACKCAPS (@BLACKCAPS) December 28, 2025 संन्यास पर क्या बोले ब्रेसवेल संन्यास के ऐलान के बाद डग ब्रेसवेल ने कहा कि क्रिकेट उनके जीवन का गर्व भरा हिस्सा रहा है. उन्होंने बताया कि बचपन से ही उनका सपना देश के लिए स्पोर्ट्सना था. ब्रेसवेल ने कहा कि न्यूजीलैंड और सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट्स के लिए स्पोर्ट्सने का मौका मिलना उनके लिए सम्मान की बात है. उन्होंने अपने पूरे करियर के दौरान मिले समर्थन के लिए आभार जताया. ब्रेसवेल के मुताबिक अंतर्राष्ट्रीय और फर्स्ट क्लास क्रिकेट स्पोर्ट्सना किसी सौभाग्य से कम नहीं है और वह हमेशा इस सफर को याद रखेंगे. ये भी पढ़ें- न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज में कट सकता है इन दिग्गजों का पत्ता, बुमराह का नाम लिस्ट में शामिल वर्ल्ड कप जीतने के बाद… ऋचा घोष ने स्त्री CWC 2025 जीतने पर दिया बड़ा बयान The post न्यूजीलैंड के तेज गेंदबाज का 12 साल का इंटरनेशनल करियर खत्म, क्रिकेट को कहा अलिवदा appeared first on Naya Vichar.

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Paush Putrada Ekadashi 2025 Actual Date: 30 या 31 दिसंबर, कब है साल की आखिरी पौष पुत्रदा एकादशी? जानें व्रत और पारण का सही समय

Paush Putrada Ekadashi 2025 Actual Date: हिंदू धर्म में एकादशी व्रत को अत्यंत पुण्यदायी माना गया है. पौष माह के शुक्ल पक्ष में आने वाली एकादशी को पुत्रदा एकादशी कहा जाता है. यह व्रत विशेष रूप से संतान सुख, परिवार की वृद्धि और वंश की कामना के लिए किया जाता है. इस वर्ष पौष पुत्रदा एकादशी की तिथि को लेकर लोगों के बीच भ्रम बना हुआ है कि व्रत 30 दिसंबर को रखा जाए या 31 दिसंबर को. साथ ही पारण के सही समय को जानना भी जरूरी है. पौष पुत्रदा एकादशी व्रत की तिथि पंचांग के अनुसार, पौष माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि 30 दिसंबर को सुबह 07:50 बजे शुरू होगी और 31 दिसंबर को सुबह 05:00 बजे समाप्त होगी. चूंकि एकादशी तिथि दो दिनों में पड़ रही है, इसलिए परंपरा के अनुसार गृहस्थ भक्त 30 दिसंबर को पुत्रदा एकादशी व्रत रख सकते हैं, जबकि वैष्णव संप्रदाय से जुड़े भक्त 31 दिसंबर को यह व्रत करेंगे. पौष पुत्रदा एकादशी पारण का समय अगर आप 30 दिसंबर को व्रत रखते हैं, तो 31 दिसंबर को दोपहर 01:26 से 03:31 बजे के बीच पारण करना शुभ रहेगा. वहीं जो श्रद्धालु 31 दिसंबर को एकादशी व्रत करेंगे, वे 1 जनवरी 2026 को सुबह 07:14 से 09:18 बजे के बीच पारण कर सकते हैं. पुत्रदा एकादशी के शुभ उपाय नए साल की शुरुआत पुत्रदा एकादशी के साथ होना बेहद शुभ माना जा रहा है. इस दिन प्रातः स्नान के बाद भगवान विष्णु के सहस्रनाम का पाठ करें. पीले वस्त्र, चने की दाल या केले का दान करना लाभकारी रहेगा. साथ ही दीपदान करने से घर में सुख-शांति और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है. The post Paush Putrada Ekadashi 2025 Actual Date: 30 या 31 दिसंबर, कब है साल की आखिरी पौष पुत्रदा एकादशी? जानें व्रत और पारण का सही समय appeared first on Naya Vichar.

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Gluten Free Pizza Crust Recipe: अब पिज्जा खाना हुआ हेल्दी! जानिए ग्लूटेन फ्री पिज्जा क्रस्ट बनाने का आसान तरीका

Gluten Free Pizza Crust Recipe: आजकल लोग हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाने लगे हैं और इसी वजह से ग्लूटेन-फ्री डाइट की डिमांड भी बढ़ती जा रही है. लेकिन पिज़्ज़ा जैसे पसंदीदा फास्ट फूड को छोड़ना हर किसी के लिए आसान नहीं होता. ऐसे में ग्लूटेन फ्री पिज़्ज़ा क्रस्ट एक बेहतरीन विकल्प है, जो स्वाद और सेहत दोनों का ध्यान रखता है. यह पिज़्ज़ा बिना मैदा के बनाया जाता है, जिससे यह हल्का, आसानी से पचने वाला और सेहत के लिए बेहतर होता है. खास बात यह है कि इसे घर पर बहुत आसानी से तैयार किया जा सकता है और इसका स्वाद भी बिल्कुल रेस्टोरेंट जैसा होता है. ग्लूटेन फ्री पिज्जा क्रस्ट बनाने के लिए जरूरी सामान पिज़्ज़ा क्रस्ट के लिए: चावल का आटा – 1 कपबेसन – ½ कपकॉर्न फ्लोर – 2 टेबलस्पूनबेकिंग पाउडर – 1 छोटा चम्मचनमक – स्वादानुसारऑलिव ऑयल – 1 टेबलस्पूनगुनगुना पानी – आवश्यकतानुसार टॉपिंग के लिए: पिज़्ज़ा सॉस – 3–4 टेबलस्पूनशिमला मिर्च, प्याज़, टमाटर – कटे हुएउबले स्वीट कॉर्न / मशरूममोज़ेरेला चीज़ (या वेगन चीज़)चिली फ्लेक्स और ऑरिगैनो ग्लूटेन फ्री पिज्जा क्रस्ट बनाने का आसान तरीका आटा तैयार करें एक बाउल में चावल का आटा, बेसन, कॉर्न फ्लोर, नमक और बेकिंग पाउडर मिलाएं. अब इसमें ऑलिव ऑयल और थोड़ा-थोड़ा पानी डालकर नरम आटा तैयार करें. 5–10 मिनट के लिए ढककर रख दें. पिज़्ज़ा बेस बनाएं तवे या बेकिंग ट्रे पर थोड़ा तेल लगाएं. आटे की लोई लेकर हाथ से गोल फैलाएं. धीमी आंच पर दोनों तरफ हल्का सेंक लें. टॉपिंग लगाएं बेस पर पिज़्ज़ा सॉस फैलाएं. सब्ज़ियां डालें. ऊपर से चीज़ डालें. बेक करें ओवन में: 180°C पर 10–12 मिनट, कढ़ाही में: ढककर 8–10 मिनट धीमी आंच पर, जब चीज पिघल जाए और बेस कुरकुरा हो जाए, तो पिज़्ज़ा तैयार है. यह भी पढ़ें: Gajar Dosa Recipe: चना, चावल नहीं अब गाजर से बनाइए स्वादिष्ट डोसा, मेहमान भी पूछेंगे रेसिपी यह भी पढ़ें: Rice Flour Spring Roll Recipe: बिना मैदे के स्प्रिंग रोल स्वाद भी, सेहत भी, जानिए आसान रेसिपी The post Gluten Free Pizza Crust Recipe: अब पिज्जा खाना हुआ हेल्दी! जानिए ग्लूटेन फ्री पिज्जा क्रस्ट बनाने का आसान तरीका appeared first on Naya Vichar.

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Indian Railway: गया और पटना सहित बिहार के कई स्टेशनों का होगा कायाकल्प, 5 साल में दोगुनी होगी रेल परिचालन क्षमता

Indian Railway: यात्रियों की लगातार बढ़ती मांग और रेल यातायात के दबाव को देखते हुए गया जंक्शन सहित पूर्व मध्य रेलवे के कई बड़े स्टेशनों की संचालन क्षमता अगले पांच वर्षों में दोगुनी की जाएगी. वर्ष 2030 तक इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए रेलवे बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के साथ-साथ नई रेल लाइनों और कोचिंग टर्मिनलों के विस्तार पर जोर दे रहा है. इस योजना से न सिर्फ ट्रेनों की संख्या बढ़ेगी, बल्कि यात्रियों को भीड़ से राहत और बेहतर सुविधाएं मिलने की उम्मीद है. अब बदलेगी रेल यात्रा की तस्वीर भीड़ से जूझते प्लेटफॉर्म, ट्रेनों का लंबा इंतजार और यात्रियों की लगातार बढ़ती संख्या, अब यह सब बीते दिनों की बात बनने जा रही है. पूर्व मध्य रेलवे के बड़े स्टेशनों को लेकर एक महत्वाकांक्षी योजना सामने आई है, जो अगले पांच वर्षों में रेल संचालन की पूरी तस्वीर बदलने वाली है. रेलवे ने साफ संकेत दे दिए हैं कि आने वाले समय में बिहार का रेल नेटवर्क कहीं अधिक सक्षम और आधुनिक होगा. 2030 तक दोगुनी होगी स्टेशनों की संचालन क्षमता यात्रियों की लगातार बढ़ती मांग और रेल यातायात के बढ़ते दबाव को देखते हुए गया जंक्शन सहित पूर्व मध्य रेलवे के कई प्रमुख स्टेशनों की संचालन क्षमता अगले पांच वर्षों में दोगुनी की जाएगी. वर्ष 2030 तक इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए रेलवे बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के साथ-साथ नई रेल लाइनों और कोचिंग टर्मिनलों के विस्तार पर विशेष जोर दे रहा है. इसका सीधा लाभ यह होगा कि ट्रेनों की संख्या बढ़ेगी और यात्रियों को भीड़ से राहत मिलेगी. इन बड़े स्टेशनों पर होगा सबसे ज्यादा असर पूर्व मध्य रेलवे के अंतर्गत आने वाले गया, पंडित दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन, पटना, मुजफ्फरपुर और दरभंगा जैसे अहम स्टेशनों को भविष्य की ज़रूरतों के मुताबिक तैयार किया जा रहा है. इन शहरों से होकर गुजरने वाली रेल लाइनों पर यात्री और माल ढुलाई दोनों में तेजी से इजाफा हुआ है. इसी को ध्यान में रखते हुए रेलवे ने तय किया है कि इन स्टेशनों की रेल गाड़ियों के संचालन की क्षमता को मौजूदा स्तर से दोगुना किया जाएगा. रेल मंत्री के विजन का हिस्सा है यह योजना पूर्व मध्य रेलवे की मुख्य जनसंपर्क अधिकारी सरस्वती चंद्र के अनुसार, यह पूरी योजना रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के उस विजन का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य यात्रियों की बढ़ती संख्या को बेहतर तरीके से संभालना और स्टेशनों पर होने वाली भीड़ को कम करना है. रेल मंत्री का कहना है कि विभिन्न शहरों में कोचिंग टर्मिनलों का विस्तार किया जा रहा है और अनुभागीय व परिचालन क्षमताओं को लगातार बढ़ाया जा रहा है, जिससे रेलवे नेटवर्क और अधिक आधुनिक बन सके. डीडीयू-झाझा सेक्शन बनेगा योजना की रीढ़ इस महत्वाकांक्षी योजना का सबसे बड़ा और अहम हिस्सा पंडित दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन से झाझा के बीच तीसरी और चौथी रेल लाइन का निर्माण है. लगभग 400 किलोमीटर लंबे इस रेल खंड पर नई लाइनों के निर्माण के लिए करीब 17 हजार करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है. रेलवे सूत्रों के मुताबिक, इस परियोजना की प्रक्रिया अगले कुछ महीनों में शुरू हो जाएगी, जिससे इस व्यस्त रेल कॉरिडोर पर ट्रेनों की आवाजाही कहीं अधिक सुचारु हो सकेगी. गया और पटना को मिलेगी सबसे बड़ी राहत धार्मिक और पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण गया जंक्शन पर इस योजना का सीधा असर देखने को मिलेगा. बोधगया और पितृपक्ष मेले के दौरान यहां यात्रियों की संख्या कई गुना बढ़ जाती है. संचालन क्षमता दोगुनी होने से विशेष ट्रेनों के संचालन, समयबद्ध परिचालन और प्लेटफॉर्म प्रबंधन में बड़ा सुधार होगा. वहीं पटना, डीडीयू और अन्य बड़े जंक्शनों पर भी ट्रेनों की लेटलतीफी कम होने और कनेक्टिविटी बेहतर होने की उम्मीद है. रेलवे अधिकारियों का मानना है कि यह निवेश केवल ट्रेनों की संख्या बढ़ाने तक सीमित नहीं है. बेहतर रेल नेटवर्क से क्षेत्रीय विकास को गति मिलेगी, व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और रोज़गार के नए अवसर भी पैदा होंगे. बिहार और आसपास के राज्यों का देश के अन्य हिस्सों से संपर्क और अधिक मजबूत होगा. Also Read: Patna Metro: पटना मेट्रो में बहाली के नाम पर ठगी, फर्जी विज्ञापन देकर लूट रहे है पैसे, पुलिस ने जारी किया अलर्ट The post Indian Railway: गया और पटना सहित बिहार के कई स्टेशनों का होगा कायाकल्प, 5 साल में दोगुनी होगी रेल परिचालन क्षमता appeared first on Naya Vichar.

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कार में Snow Mode क्या है? जानिए ऑन करते ही कैसे बदल जाता है ड्राइविंग का पूरा गेम

Snow Mode: अगर आप सर्दियों में पहाड़ों पर घूमने की प्लानिंग कर रहें हैं, तो अपनी नई कार या SUV में दिए गए Snow Mode को समझना बहुत जरूरी है. बर्फबारी और बेहद ठंडे मौसम में ड्राइव करते समय यह मोड काफी काम आता है. Snow Mode आजकल ज्यादातर मॉडर्न कारों में मिलने वाले अलग-अलग ड्राइविंग मोड्स का हिस्सा होता है. इसे खास तौर पर बर्फीली और फिसलन भरी सड़कों पर बेहतर ग्रिप और कंट्रोल देने के लिए बनाया गया है, ताकि सर्दियों में ड्राइविंग ज्यादा सेफ हो सके. आइए आपको इसके बारे में डिटेल में बताते हैं. Snow Mode ऑन करने के बाद क्या होता है? Snow Mode ऑन करते ही कार के कई सिस्टम अपने-आप एडजस्ट हो जाते हैं और गाड़ी का रिस्पॉन्स बदल जाता है. इसमें एक्सीलेरेटर और ट्रैक्शन कंट्रोल इस तरह काम करते हैं कि पहियों को फिसलने से रोका जा सके. पावर को जरूरत के हिसाब से पहियों तक पहुंचाया जाता है, जिससे फिसलन भरी सड़कों पर कार कंट्रोल में रहती है. Snow Mode की मदद से ड्राइवर सर्दियों के मुश्किल हालात में भी ज्यादा सेफ और आराम से ड्राइव कर पाते हैं. हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड जैसे इलाकों में, जहां सर्दी या बर्फबारी आम बात है, वहां गाड़ी का स्नो मोड इस्तेमाल करना हादसों का खतरा काफी हद तक कम कर सकता है. सर्दियों में होने वाले कई एक्सीडेंट्स की वजह खराब ग्रिप और कम विजिबिलिटी होती है. ऐसे में स्नो मोड को सही तरीके से इस्तेमाल करना आज की मॉडर्न कार चलाने वालों के लिए एक जरूरी ड्राइविंग जानकारी बन जाता है. सर्दियों में ड्राइविंग करते समय ध्यान में रखें ये बातें स्नो मोड ऑन करने के साथ-साथ सर्दियों में ड्राइविंग के दौरान कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है. जैसे कम ट्रैक्शन को देखते हुए गाड़ी की रफ्तार कम रखें, दूसरे वाहनों से सुरक्षित दूरी बनाए रखें ताकि समय पर ब्रेक लगाया जा सके, कम दिखाई देने पर फॉग लाइट्स का इस्तेमाल करें और अचानक मोड़ या तेज ब्रेक से बचें, क्योंकि इससे गाड़ी फिसल सकती है. इतना ही नहीं, ड्राइवर्स को रेगुलर अपनी गाड़ी के टायरों में हवा भी चेक करते रहनी चाहिए, क्योंकि सही प्रेशर वाले टायर बर्फीली सड़कों पर बेहतर पकड़ बनाते हैं. इसके अलावा ब्रेक और लाइट्स सही हालत में हों, यह चेक करना भी सेफ्टी के लिए बेहद जरूरी है. यह भी पढ़ें: एक छोटी सी चूक और हो जाएंगे हादसे का शिकार, कोहरे में गाड़ी चलाते समय जरूर रखें ये 6 बातें याद The post कार में Snow Mode क्या है? जानिए ऑन करते ही कैसे बदल जाता है ड्राइविंग का पूरा गेम appeared first on Naya Vichar.

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