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December 29, 2025

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Is It Necessary To Bathe Daily In Winter: सर्दियों में रोज नहाना चाहिए या नहीं? सच्चाई जानकर चौंक जाएंगे आप

Is It Necessary To Bathe Daily In Winter: सर्दियों का मौसम आते ही सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि क्या ठंड में रोज़ नहाना जरूरी होता है या नहीं? ठंडी हवा और ठंडा पानी देखकर कई लोग नहाने से कतराने लगते हैं, जबकि कुछ लोग इसे रोज़ की आदत मानते हैं. ऐसे में यह जानना बेहद जरूरी हो जाता है कि ठंड में नहाना सेहत के लिए फायदेमंद है या नुकसानदायक. सही जानकारी और सही तरीके से नहाया जाए तो सर्दियों में भी नहाना शरीर के लिए लाभकारी हो सकता है. इस आर्टिकल से आपको ये मदद मिलेगी कि घर में रहने पर नहाना है या नहीं. ठंड में गलत तरीके से नहाने के नुकसान बहुत ठंडे पानी से नहाने पर सर्दी-जुकाम हो सकता है. बुजुर्गों को ब्लड प्रेशर की दिक्कत हो सकती है. ज्यादा देर तक नहाने से त्वचा रूखी हो जाती है. कमजोर इम्युनिटी वालों को ठंड लग सकती है. क्या ठंड में रोज नहाना जरूरी होता है इसका जवाब है – हां भी और नहीं भी, क्योंकि यह व्यक्ति की उम्र, सेहत और दिनचर्या पर निर्भर करता है. रोज़ नहाने के फायदे शरीर साफ रहता है – पसीना, गंदगी और बैक्टीरिया दूर होते हैं. ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है – गुनगुने पानी से नहाने से शरीर में गर्माहट आती है. इम्युनिटी मजबूत होती है – सही तापमान के पानी से नहाने पर रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है. आलस और सुस्ती दूर होती है – सुबह नहाने से शरीर एक्टिव रहता है. स्किन हेल्दी रहती है – रोमछिद्र साफ होते हैं. ठंड में नहाना जरूरी होता है हमेशा गुनगुने पानी का इस्तेमाल करें सुबह की बजाय दोपहर में नहाना बेहतर रहता है सिर पर बहुत ठंडा पानी न डालें नहाने के बाद तुरंत गरम कपड़े पहनें हफ्ते में 1–2 बार तेल मालिश जरूर करें यह भी पढ़ें: ठंड में नहाना बन सकता है मौत का कारण! 90% लोग करते हैं ये 5 गंभीर गलतियां The post Is It Necessary To Bathe Daily In Winter: सर्दियों में रोज नहाना चाहिए या नहीं? सच्चाई जानकर चौंक जाएंगे आप appeared first on Naya Vichar.

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चीन की भ्रष्टाचार के खिलाफ ताबड़तोड़ कार्रवाई, टॉप-3 मिलिट्री अधिकारियों को निकाला बाहर 

China 3 high-ranking military officers dismissed: चीन में सेना के भीतर भ्रष्टाचार पर शिकंजा कसने की मुहिम लगातार तेज होती जा रही है. इसी अभियान के तहत अब राष्ट्रीय विधायिका में भी बड़े स्तर पर कार्रवाई देखने को मिली है, जहां शीर्ष सैन्य अधिकारियों को बाहर का रास्ता दिखाया गया है. यह कदम पीपुल्स लिबरेशन आर्मी और उससे जुड़े संगठनों में अनुशासन सख्त करने की दिशा में अहम माना जा रहा है. चीनी प्रशासन ने सेना में चल रहे भ्रष्टाचार विरोधी अभियान के तहत नेशनल पीपुल्स कांग्रेस से तीन वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों को निष्कासित कर दिया है. इस घोषणा से जनरलों के भविष्य को लेकर चल रही अटकलों की पुष्टि हो गई है. हांगकांग स्थित अखबार साउथ चाइना पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, ये अधिकारी बीते कुछ महीनों से कई अहम प्रशासनी और सैन्य कार्यक्रमों में नजर नहीं आ रहे थे. इनमें जुलाई के अंत में पीएलए की स्थापना वर्षगांठ का समारोह और अक्टूबर में हुआ कम्युनिस्ट पार्टी का चौथा प्लेनम भी शामिल है. इन अधिकारियों में सेंट्रल मिलिट्री कमीशन की नेतृत्वक और कानूनी मामलों की समिति के प्रमुख वांग रेनहुआ, पीपुल्स आर्म्ड पुलिस के नेतृत्वक कमिसार झांग होंगबिंग और सेंट्रल मिलिट्री कमीशन के प्रशिक्षण विभाग के निदेशक वांग पेंग शामिल हैं.  महीनों से कई कार्यक्रमों से अनुपस्थित थे तीनों अधिकारी समाचार के मुताबिक, ये लोग हाल के महीनों में कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों से अनुपस्थित रहे हैं, जिनमें जुलाई के अंत में पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) की वर्षगांठ का समारोह और अक्टूबर में पार्टी का चौथा पूर्ण सत्र शामिल है. हालांकि, रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि इन तीनों को कम्युनिस्ट पार्टी की शीर्ष निर्णय लेने वाली संस्था सेंट्रल कमेटी की पूर्ण सदस्यता से फिलहाल नहीं हटाया गया है.  हाल के वर्षों में पदोन्नत हुए थे तीनों सैन्य अधिकारी साउथ चाइना पोस्ट के अनुसार, 63 वर्षीय वांग रेनहुआ को पिछले साल ही राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने एडमिरल के पद पर पदोन्नत किया था और उन्हें सेना की अदालतों, अभियोजन संस्थानों और जेलों की जिम्मेदारी सौंपी गई थी. वहीं 59 वर्षीय झांग होंगबिंग को 2022 में पूर्ण जनरल बनाया गया था और उन्हें पीपुल्स आर्म्ड पुलिस का नेतृत्वक कमिसार नियुक्त किया गया था. इससे पहले वह 2019 से पीएलए के ईस्टर्न थिएटर कमांड में नेतृत्वक कमिसार के रूप में सेवाएं दे चुके हैं. इसके अलावा, 61 वर्षीय वांग पेंग को दिसंबर 2021 में लेफ्टिनेंट जनरल के पद पर पदोन्नत कर सेंट्रल मिलिट्री कमीशन के प्रशिक्षण और प्रशासन विभाग का प्रमुख बनाया गया था. दो अन्य अधिकारियों को भी किया बाहर चीनी सेना की समग्र सर्वोच्च कमान सीएमसी का नेतृत्व राष्ट्रपति शी चिनफिंग करते हैं. इसी क्रम में नेशनल पीपुल्स कांग्रेस की स्थायी समिति ने शनिवार को पूर्व सेंट्रल मिलिट्री कमीशन उपाध्यक्ष हे वेइडोंग को भी विधायिका से निष्कासित करने की घोषणा की. उन्हें इससे पहले अक्टूबर में पार्टी से बाहर कर दिया गया था. इससे पहले भी पीएलए के नेतृत्वक कार्य विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी रहे हे होंगजुन को पार्टी से निष्कासन के बाद शीर्ष विधायिका की सदस्यता से हटाया जा चुका है. पीटीआई-भाषा के इनपुट के साथ. ये भी पढ़ें:- मुर्गी परोसकर पहले प्रपोज, फिर जंगल में इजहार-ए-मोहब्बत! ड्रैगन के घर में ऐसे होती है शादी हवाई जहाज नहीं ट्रेन, सिर्फ 85 मिनट में पटना से दिल्ली! चीन ने बनाई दुनिया की सबसे तेज रेलगाड़ी  पहाड़ का सीना चीर बनी 22 किमी सड़क, चीन का कमाल; बनाई दुनिया की सबसे बड़ी एक्सप्रेसवे सुरंग, दो वर्ल्ड रिकॉर्ड The post चीन की भ्रष्टाचार के खिलाफ ताबड़तोड़ कार्रवाई, टॉप-3 मिलिट्री अधिकारियों को निकाला बाहर  appeared first on Naya Vichar.

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Premanand Ji Maharaj: नौकरी से निकाला तो क्या अधिकारी को लगेगा पाप? जानिए प्रेमानंद महाराज का जवाब

Premanand Ji Maharaj: नौकरी केवल एक शब्द नहीं, बल्कि कई लोगों के जीवन जीने का जरिया होती है. नौकरी के बारे में कहा जाता है कि यदि परिवार में किसी एक व्यक्ति को भी अच्छी नौकरी मिल जाए, तो वह पूरे परिवार की किस्मत बदल देता है. वह घर की सभी जिम्मेदारियां और दायित्व संभाल लेता है.  लेकिन कई बार ऐसा होता है कि नौकरी लगने के कुछ समय बाद ही कंपनियां कर्मचारियों को काम से निकाल देती हैं. इससे केवल उस व्यक्ति की आय ही नहीं रुकती, बल्कि उसके और उसके परिवार के जीवन-यापन का साधन भी छिन जाता है. इससे उस व्यक्ति और उसके पूरे परिवार को कष्ट और दुख सहना पड़ता है.शास्त्रों में दूसरों को कष्ट और दुख देना पाप माना गया है. ऐसे में सवाल उठता है कि जिन लोगों के कारण किसी की नौकरी जाती है, क्या उन्हें भी पाप लगता है? क्या कर्मचारियों को बर्खास्त करने से पाप लगता है? वृंदावन स्थित प्रेमानंद महाराज के आश्रम पहुंचे एक व्यक्ति ने यही सवाल रखा. उसने कहा, “महाराज, कई बार हमें कर्मचारियों को निकालना पड़ता है, लेकिन वे इसका दोष हमें देते हैं. क्या इसका पाप हमें लगेगा?”इस पर प्रेमानंद महाराज ने कहा कि सबसे पहले यह देखना जरूरी है कि क्या कर्मचारी स्वयं किसी गलती का दोषी है. क्या उसने ऐसा कोई कर्म किया है, जिसके कारण उसे दंड मिलना चाहिए? उनका कहना है कि यदि किसी ईमानदार और कर्मठ कर्मचारी को बिना कारण निकाला जाता है, तो उसका दोष जरूर लगता है, क्योंकि इससे केवल उस व्यक्ति को ही नहीं, बल्कि उस पर निर्भर पूरे परिवार को कष्ट पहुंचता है. किन परिस्थितियों में कर्मचारी को बर्खास्त करना गलत नहीं है? हालांकि, यदि कर्मचारी ने कोई दंडनीय कार्य किया हो, जिसके लिए उसे दोबारा मौका देना संभव न हो, तो ऐसे में उसे निकालना पाप नहीं माना जाता. ऐसे हालात में आप उसे काम से हटा सकते हैं.इसके अलावा, यदि किसी संस्था या व्यक्ति की आर्थिक क्षमता अधिक कर्मचारियों को रखने की न हो, और इस कारण कर्मचारी को हटाया जाए, तो इसे भी अपराध या पाप नहीं माना जाता. यह भी पढ़ें: Premanand Ji Maharaj: अकाल मृत्यु पहले से तय या कर्मों का फल? प्रेमानंद जी महाराज ने बताया रहस्य The post Premanand Ji Maharaj: नौकरी से निकाला तो क्या अधिकारी को लगेगा पाप? जानिए प्रेमानंद महाराज का जवाब appeared first on Naya Vichar.

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Bihar News: बिहार में दोगुनी हुईं फैक्टरियां, पर पड़ोसी राज्यों से अब भी कोसों दूर! जानें क्यों?

Bihar News: बिहार को लंबे समय तक उद्योग-विहीन राज्य के रूप में देखा जाता रहा है, लेकिन ताजा आंकड़े इस धारणा को आंशिक रूप से चुनौती देते हैं. वार्षिक औद्योगिक सर्वेक्षण (ASI) 2023-24 के मुताबिक बीते 19 वर्षों में बिहार में पंजीकृत फैक्टरियों की संख्या दोगुनी हो चुकी है. इसके बावजूद देश के औद्योगिक मानचित्र पर बिहार अब भी पिछड़े समूह में ही गिना जा रहा है और कारखानों की संख्या के लिहाज से 15वें स्थान पर है. 19 साल में बढ़ी फैक्टरियां, रफ्तार बनी सवाल ASI रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2004-05 में बिहार में कुल 1,674 पंजीकृत फैक्टरियां थीं. समय के साथ यह संख्या बढ़ती रही और 2010-11 तक 2,805 पहुंच गई. 2018-19 में राज्य में 3,422 फैक्टरियां दर्ज की गईं, लेकिन कोरोना महामारी के झटके ने उद्योगों को भी प्रभावित किया. 2022-23 में यह संख्या घटकर 3,307 रह गई. इसके बाद 2023-24 में करीब 2.4 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई और फैक्टरियों की संख्या बढ़कर 3,386 हो गई. यह साफ करता है कि वृद्धि तो हो रही है, लेकिन वह उस रफ्तार से नहीं है जिसकी उम्मीद की जाती है. देश के मुकाबले बिहार कहां खड़ा है देशभर में 2023-24 के दौरान कुल 2,60,061 फैक्टरियां दर्ज की गईं. इस तुलना में बिहार का योगदान अब भी सीमित है. झारखंड और ओडिशा जैसे पड़ोसी राज्यों से बिहार आगे जरूर निकल गया है, लेकिन पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़ और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों से काफी पीछे है. उत्तर प्रदेश में 22 हजार से ज्यादा फैक्टरियां हैं, जबकि पश्चिम बंगाल में यह संख्या 10 हजार के पार है. बिहार की स्थिति बताती है कि औद्योगिक आधार मजबूत होने की प्रक्रिया अभी शुरुआती चरण में है. झारखंड-ओडिशा को पछाड़ा औद्योगिक रैंकिंग के मामले में बिहार के लिए सुखद समाचार यह है कि उसने कारखानों की संख्या में अपने पड़ोसी राज्य झारखंड (2,889) और ओडिशा (3,281) को पीछे छोड़ दिया है. लेकिन जब बात उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों की आती है, तो फासला काफी बड़ा नजर आता है. उत्तर प्रदेश 22,141 फैक्टरियों के साथ बहुत आगे है, वहीं पश्चिम बंगाल में 10,107 इकाइयां सक्रिय हैं. बिहार फिलहाल देश में 15वें स्थान पर खड़ा है, जो यह बताता है कि अभी एक लंबा रास्ता तय करना बाकी है. उद्योग विस्तार की संभावनाएं, पर शर्तों के साथ बिहार इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष रामलाल खेतान मानते हैं कि पूर्वी हिंदुस्तान में उद्योग विस्तार की नई संभावनाएं बन रही हैं. उनका कहना है कि अगर लॉजिस्टिक्स, भूमि उपलब्धता, ऊर्जा आपूर्ति और कौशल विकास जैसे बुनियादी मुद्दों पर तेजी से सुधार किया जाए, तो बिहार आने वाले वर्षों में अपनी औद्योगिक रैंकिंग बेहतर कर सकता है. राज्य में खाद्य प्रसंस्करण, पैकेजिंग, प्लास्टिक, मिनरल आधारित उद्योग और परिधान सेक्टर में छोटे व मध्यम स्तर के कारखानों का नेटवर्क धीरे-धीरे बढ़ रहा है. फैक्टरियों की संख्या का दोगुना होना एक सकारात्मक संकेत है, लेकिन यह भी उतना ही सच है कि बिहार की औद्योगिक यात्रा अभी धीमी चाल से आगे बढ़ रही है. रोजगार सृजन, निवेश आकर्षण और क्षेत्रीय संतुलन जैसे सवाल अब भी चुनौती बने हुए हैं. बिहार में उद्योगों की संख्या बढ़ना बदलाव की कहानी जरूर कहता है, लेकिन यह कहानी अभी अधूरी है. अगर बुनियादी ढांचे और नीतिगत सुधारों पर ठोस काम हुआ, तो आने वाले वर्षों में बिहार सिर्फ आंकड़ों में नहीं, रैंकिंग में भी छलांग लगा सकता है. Also Read: Bihar News: गांवों की सड़कों और पुलों के निर्माण की GIS के तहत होगी निगरानी, जानिये क्या है ये नई व्यवस्था The post Bihar News: बिहार में दोगुनी हुईं फैक्टरियां, पर पड़ोसी राज्यों से अब भी कोसों दूर! जानें क्यों? appeared first on Naya Vichar.

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Jharkhand News : पुलिस की निगरानी में रखा 200 किलो गांजा खा गये चूहे

Jharkhand News : (अमन तिवारी) झारखंड की राजधानी रांची के ओरमांझी थाने में पुलिस की कड़ी निगरानी में रखा गया करीब 200 किलो गांजा चूहों ने खा लिया. यह पुलिस ने कोर्ट को बताया है. यह मामला एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज केस से जुड़ा है, जिसमें अदालत ने सबूतों की गंभीर खामियों और पुलिस की लापरवाही को देखते हुए आरोपी को बरी कर दिया. आरोपी इंद्रजीत राय (26 वर्ष) बिहार के वैशाली जिला के वीरपुर गांव का रहनेवाला है. पुलिस और अदालत में उपलब्ध रिकॉर्ड के अनुसार यह मामला 17 जनवरी 2022 का है. ओरमांझी थाना पुलिस को सूचना मिली थी कि एक सफेद रंग की बोलेरो रांची से रामगढ़ की ओर जा रही है, जिसमें भारी मात्रा में मादक पदार्थ लदा है. पुलिस टीम ने एनएच-20 पर बैरिकेडिंग की. गाड़ी रुकते ही उसमें सवार तीन लोग भागने लगे. पुलिस ने एक आरोपी को पकड़ लिया, जबकि दो फरार हो गये. पकड़े गये व्यक्ति की पहचान इंद्रजीत राय उर्फ अनुरजीत राय के रूप में हुई. तलाशी में करीब 200 किलो गांजा बरामद हुआ गाड़ी की तलाशी में करीब 200 किलो गांजा बरामद हुआ. इसके बाद एनडीपीएस एक्ट की गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर आरोपी को जेल भेजा गया. जांच के बाद पुलिस ने चार्जशीट दाखिल की, लेकिन मुकदमे की सुनवाई के दौरान पुलिस की कहानी सवालों के घेरे में आ गयी. गवाहों के बयानों में समय, स्थान और घटनाक्रम को लेकर भारी विरोधाभास सामने आया. कोई यह स्पष्ट नहीं कर सका कि आरोपी को किसने पकड़ा, गाड़ी कहां रोकी गयी या तलाशी कितनी देर चली. मालखाना में सुरक्षित रखा गया जब्त गांजा चूहे खा गये सबसे चौंकाने वाला मोड़ तब आया, जब अदालत को बताया गया कि ओरमांझी थाना के मालखाना में सुरक्षित रखा गया जब्त गांजा चूहे खा गये. इस संबंध में वर्ष 2024 में पुलिस ने सनहा दर्ज किया. अदालत ने इस दावे को गंभीर लापरवाही मानते हुए पुलिस की कार्यप्रणाली पर कड़ा सवाल उठाया. फैसले में अदालत ने कहा कि न तो आरोपी को वाहन से जोड़ने के ठोस सबूत पेश किये गये, न ही जब्ती और नमूनाकरण की प्रक्रिया पर भरोसा किया जा सकता है. वाहन के इंजन और चेसिस नंबर तक स्पष्ट नहीं थे, जिससे जांच की विश्वसनीयता कमजोर हो गयी. इसलिए अदालत ने आरोपी को बरी कर दिया. मलखाने से गायब हुए गांजे की कीमत एक करोड़ आरपीएफ गांजा बरामदगी के बाद प्रति किलोग्राम 50 हजार रुपये की दर से मूल्यांकन करती है. इस तरह बरामद 200 किलो गांजा का मूल्य एक करोड़ रुपये हुआ. पुलिस के अनुसार यह चूहे खा गये. यह मामला न सिर्फ पुलिस की लापरवाही को उजागर करता है, बल्कि यह भी सवाल खड़ा करता है कि इतने बड़े पैमाने पर जब्त मादक पदार्थों की सुरक्षा और निगरानी आखिर कैसे की जाती है? अब यह जांच का विषय है कि क्या मालखाना में सचमुच चूहों का आतंक है या इसके पीछे कोई दूसरी कहानी है? घटनाक्रम 17 जनवरी 2022 : गांजा बरामदगी के लिए छापेमारी हुई. 17 जनवरी 2022 : ओरमांझी थाना में केस दर्ज होने की तिथि. 13 मार्च 2022 : केस में आरोपी इंद्रजीत राय पर चार्जशीट हुआ. 01 जून 2022 : केस में आरोपी पर चार्ज फ्रेम हुआ. 15 जून 2022 : केस में साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए कहा गया. 16 दिसंबर 2025 : केस में बहस के बाद फैसला सुरक्षित रखा गया. 19 दिसंबर 2025 : केस में आरोपी को बरी करने का फैसला आया. The post Jharkhand News : पुलिस की निगरानी में रखा 200 किलो गांजा खा गये चूहे appeared first on Naya Vichar.

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Paneer Rabri Recipe: सुपर टेस्टी पनीर रबड़ी खाने के बाद उंगलियां चाटते रह जाएंगे मेहमान, यहां रही आसान रेसिपी

Paneer Rabri Recipe: नए साल की तैयारियां जोरों पर है. जहां देखें वहीं लोग नए साल का स्वागत करने को लेकर तरह के प्लान बना रहे हैं. इस मौके स्वादिष्ट मिठाई के बिन बात नहीं बनती है. आप भी अगर नए साल पर मुंह मीठा करने के लिए मिठाई बनाने का प्लान बना रहे हैं तो आप पनीर रबड़ी को जरूर बनाएं. यह मिठाई अलग किस्म की है. अगर आप इसे नए साल पर घर आए मेहमानों को खिलाते हैं तो वे उंगलियां चाटते रह जाएंगे. फिर देर किस बात की है. अब आपको इसे बनाने झटपट पानी रेसिपी बताते हैं. पनीर रबड़ी बनाने की सामग्री पनीर – 1/2 कप मिल्कमेड – 1/2 कप दूध – 500 मिली इलायची पाउडर – 1 चम्मच इसे भी पढ़ें: Rajasthani Pheni Sweet: बहुत ही खास है राजस्थान की मिठाई फेनी, इसकी खुशबू ही बना देगी दीवाना पनीर रबड़ी बनाने की विधि पनीर रबड़ी बनाने के लिए सबसे पहले एक पतीले में दूध गर्म होने के लिए गैस पर चढ़ा दें. दूध में एक उबाल आने के बाद आप उसमें पनीर डाल दें. इसके बाद आप इसमें मिल्कमेड और इलायची पाउडर डाल कर उसे लगातार चलाते रहें. दूध के रबड़ी जैसा गाढ़ा होने के बाद आप उसमें केसर डालें और फिर उसे गरमा गरम सर्व कर दें. स्वाद बढ़ाने के लिए इसमें ड्राई फ्रूट्स भी डाल सकते हैं.   ठंडी रबड़ी खाने का दिल करे तो आप इसे कुछ देर के लिए फ्रिज में रख सकते हैं. इसे भी पढ़ें: Gulab Jamun Recipe: घर पर बनाएं बाजार जैसी सॉफ्ट और टेस्टी गुलाब जामुन, नोट करें रेसिपी इसे भी पढ़ें: kaju Jalebi Recipe: नहीं खाई होगी ऐसी शाही काजू जलेबी, बहुत आसान है इसकी रेसिपी The post Paneer Rabri Recipe: सुपर टेस्टी पनीर रबड़ी खाने के बाद उंगलियां चाटते रह जाएंगे मेहमान, यहां रही आसान रेसिपी appeared first on Naya Vichar.

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Correct Way to Get Vitamin D: 99% लोग नहीं जानते विटामिन D लेने का सही तरीका – कहीं आप भी तो नहीं कर रहे ये गलती?

Correct Way to Get Vitamin D from Sunlight: विटामिन D हमारे शरीर के लिए बेहद जरूरी पोषक तत्व है. यह हड्डियों को मजबूत बनाता है, इम्युनिटी बढ़ाता है और मांसपेशियों को स्वस्थ रखता है. अक्सर लोग सोचते हैं कि घंटों धूप में बैठने से विटामिन D भरपूर मिल जाएगा, लेकिन सच्चाई यह है कि गलत समय और गलत तरीके से धूप लेना फायदे की जगह नुकसान भी पहुंचा सकता है. इसलिए जरूरी है कि सूर्य से विटामिन D लेने का सही तरीका समझा जाए. विटामिन D लेने का सही तरीका और जरूरी सावधानियां (Correct Way to Get Vitamin D from Sunlight) सूर्य से विटामिन D लेने का सही तरीका क्या है? सूर्य से विटामिन D पाने के लिए रोज़ 15–30 मिनट तक धूप में रहना पर्याप्त होता है. इस दौरान चेहरे, हाथ और पैरों पर धूप पड़नी चाहिए. बहुत ज्यादा कपड़े या पूरा शरीर ढकने से विटामिन D नहीं बन पाता. किस समय सूरज से विटामिन D मिलता है? धूप से विटामिन D सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे के बीच सबसे अच्छे तरीके से मिलता है. इस समय सूरज की UVB किरणें त्वचा पर पड़कर विटामिन D बनाने में मदद करती हैं. सूरज से विटामिन D कब मिलता है? सन यानी सूरज से विटामिन D तब मिलता है जब धूप सीधी त्वचा पर पड़ती है. कांच के पीछे बैठने, छांव में रहने या सनस्क्रीन लगाने से विटामिन D नहीं बनता. सूर्य से विटामिन D लेते समय किन गलतियों से बचना चाहिए? घंटों तेज धूप में बैठनाबहुत ज्यादा सनस्क्रीन लगाकर धूप लेनासिर से पांव तक कपड़े पहननासुबह बहुत जल्दी या शाम की धूप में बैठनाये सभी गलतियां विटामिन D के अवशोषण को कम कर देती हैं. गलत तरीके से विटामिन D लेने पर क्या असर पड़ता है? गलत समय पर या जरूरत से ज्यादा धूप लेने से सनबर्न, त्वचा का काला पड़ना, झुर्रियां और स्किन डैमेज हो सकता है. वहीं कम धूप लेने से विटामिन D की कमी बनी रहती है. क्या सूर्य के प्रकाश से हमें विटामिन D मिलता है? हां, सूर्य के प्रकाश से हमें विटामिन D3 मिलता है, जो शरीर के लिए सबसे उपयोगी रूप है. सूरज की रोशनी से कौन सा विटामिन मिलता है? सूरज की रोशनी से मुख्य रूप से विटामिन D मिलता है, जो हड्डियों और इम्युनिटी के लिए जरूरी है. धूप में विटामिन D कितने बजे खुलता है? विटामिन D बनने की प्रक्रिया सुबह 10 बजे के बाद शुरू होती है और दोपहर 2 बजे तक सबसे प्रभावी रहती है. धूप लेना जरूरी है, लेकिन सही समय और सही तरीके से. रोज थोड़ी देर की सही धूप आपके शरीर को हेल्दी रख सकती है, जबकि गलत तरीका आपकी स्किन को नुकसान पहुंचा सकता है. Also Read: Vitamin C Brightening Natural Face Serum: नाइट स्किनकेयर के लिए बेस्ट नेचुरल सीरम, दाग-धब्बों से मिलेगी राहत Also Read: Natural Beauty Routines for Glowing Skin: बिना पार्लर जाए पाएं ग्लोइंग स्किन, सुबह अपनाएं ये नेचुरल ब्यूटी रूटीन The post Correct Way to Get Vitamin D: 99% लोग नहीं जानते विटामिन D लेने का सही तरीका – कहीं आप भी तो नहीं कर रहे ये गलती? appeared first on Naya Vichar.

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VIDEO: न्यू जर्सी के आसमान में भीषण टक्कर, हवा में भिड़े दो हेलीकॉप्टर

Midair Helicopter Crash: अमेरिका के न्यू जर्सी राज्य में रविवार, 28 दिसंबर को एक बड़ा हादसा हो गया. हैमॉन्टन म्यूनिसिपल एयरपोर्ट के ऊपर हवा में दो हेलीकॉप्टर आपस में टकरा गए, जिसके बाद दोनों हेलीकॉप्टर क्रैश हो गए. न्यूज एजेंसी एपी के मुताबिक, इस दुर्घटना में एक पायलट की मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया है. हैमॉन्टन पुलिस प्रमुख केविन फ्रेल ने बताया कि सुबह करीब 11:25 बजे विमान दुर्घटना की सूचना मिलने के बाद बचाव दल मौके पर पहुंचा. हादसे के बाद एक हेलीकॉप्टर में आग लग गई थी, जिसे पुलिस और अग्निशमन कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद बुझाया. कैसे हुआ हादसा संघीय उड्डयन प्रशासन (FAA) के अनुसार, हैमॉन्टन म्यूनिसिपल एयरपोर्ट के ऊपर एनस्ट्रॉम एफ-28ए हेलीकॉप्टर और एनस्ट्रॉम 280सी हेलीकॉप्टर के बीच हवा में टक्कर हुई. दोनों हेलीकॉप्टरों में एक-एक पायलट सवार थे. टक्कर के बाद एक पायलट की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरे को गंभीर चोटों के साथ अस्पताल में भर्ती कराया गया है. देखें वीडियो ❗️⚠️🇺🇸 – Helicopter spirals out of control after mid-air collision in Hammonton, New Jersey One person was killed and another critically injured following a mid-air collision between two helicopters—an Enstrom F-28A and an Enstrom 280C—near Hammonton Municipal Airport on… pic.twitter.com/wVmHKrJHSa — 🔥🗞The Informant (@theinformant_x) December 28, 2025 प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया आंखों देखा हाल एपी की रिपोर्ट के अनुसार, दुर्घटनास्थल के पास स्थित एक कैफे के मालिक साल सिलिपिनो ने बताया कि दोनों पायलट उनके कैफे में नियमित रूप से आते थे और अक्सर साथ में नाश्ता करते थे. उन्होंने कहा कि उन्होंने हेलीकॉप्टरों को उड़ान भरते देखा, लेकिन कुछ ही देर बाद एक हेलीकॉप्टर नीचे की ओर जाने लगा और फिर दूसरा भी तेजी से नीचे आने लगा. The post VIDEO: न्यू जर्सी के आसमान में भीषण टक्कर, हवा में भिड़े दो हेलीकॉप्टर appeared first on Naya Vichar.

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Bihar News: गांवों की सड़कों और पुलों के निर्माण की GIS के तहत होगी निगरानी, जानिये क्या है ये नई व्यवस्था

Bihar News: बिहार के गांवों में बन रही सड़कों और पुलों को लेकर बड़ा निर्णय लिया गया. दरअसल, इनके गुणवत्तापूर्ण निर्माण और उनका बेहतर रखरखाव करने के लिए राज्य प्रशासन अब जीआईएस आधारित निगरानी की नई व्यवस्था लागू करेगी. इसके तहत ड्रोन सर्विलांस सिस्टम, सीसीटीवी सहित अन्य मॉडर्न अप्लायंस की मदद ली जायेगी. बनाया जायेगा कंट्रोल कमांड सेंटर साथ ही मुख्यालय में एक कंट्रोल कमांड सेंटर बनाया जायेगा, जिसके माध्यम से फील्ड इंजीनियरों के निरीक्षण की निगरानी सहित सड़कों की स्थिति का निरीक्षण किया जा सकेगा. ग्रामीण कार्य विभाग के स्तर से हाईटेक वाली इस व्यवस्था को लागू करने में करीब 178 करोड़ 52 लाख 21 हजार रुपये की लागत का अनुमान है. इतने रुपये खर्च होने की संभावना सूत्रों के अनुसार, हाईटेक की इस व्यवस्था से निरीक्षण करने पर ग्रामीण कार्य विभाग की तरफ से किये जाने वाले निरीक्षण मद की खर्च में करीब सात से आठ सौ करोड़ रुपये की बचत होने की संभावना है. साथ ही इस नई तकनीक से ग्रामीण सड़कों पर अतिक्रमण का पता भी लगाया जा सकेगा. साथ ही तेजी से उस पर कार्रवाई की जा सकेगी. इससे अब लोग नई ग्रामीण सड़कों का अतिक्रमण नहीं कर पायेंगे, जिसकी वजह से लोगों को आवागमन में सुविधा होगी. नयी व्यवस्था बनाने में एजेंसी की ली जायेगी मदद सूत्रों के अनुसार, इस नई व्यवस्था के माध्यम से जूनियर इंजीनियर से लेकर मुख्य इंजीनियर और अधिकारियों की गतिविधियों को डैशबोर्ड पर देखा जा सकेगा. ग्रामीण सड़कों और पुलों को बेहतर बनाये रखने और गुणवत्तापूर्ण निर्माण के लिए हाईटेक आधारित व्यवस्था विकसित करने के लिए एजेंसी की मदद ली जायेगी. ग्रामीण कार्य विभाग ने इसका नामकरण इंटेलिजेंट रूरल रोड मेंटेनेंस मॉनीटरिंग सिस्टम (आईआरआरएमएमएस) रखा है. इस व्यवस्था के तहत सभी अप्लायंसों और तकनीक को व्यवस्थित करने के लिए टेंडर के माध्यम से एजेंसी का चयन किया जायेगा. Also Read: Bihar News: बिहार के सभी जिलों के DEO और DPO को मिली सख्त चेतावनी, 31 दिसंबर तक नहीं किया ये काम तो नप जायेंगे The post Bihar News: गांवों की सड़कों और पुलों के निर्माण की GIS के तहत होगी निगरानी, जानिये क्या है ये नई व्यवस्था appeared first on Naya Vichar.

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Numerology: भोग-विलास में डूबे रहते हैं इस मूलांक के लोग, शादी के बाद भी बाहर रखते हैं अफेयर

Numerology: अंकशास्त्र हिंदुस्तान की एक प्राचीन ज्योतिषीय विद्या है, जिसकी मदद से बिना कुंडली के केवल जन्मतिथि के आधार पर किसी व्यक्ति के भाग्य, सोच, व्यवहार और भविष्य के बारे में जाना जा सकता है. इसके लिए जन्मतिथि के अंकों को जोड़ा जाता है. जो अंक निकलता है, उसके आधार पर यह सारी जानकारियां प्राप्त की जाती हैं. यह मूलांक 1 से 9 के बीच होता है. आज हम इस लेख में मूलांक 6 के जातकों, यानी जिनका जन्म महीने की 6, 15 और 24 तारीख को हुआ है, उनके बारे में चर्चा करेंगे. मूलांक 6 के स्वामी मूलांक 6 के स्वामी शुक्र ग्रह हैं. शुक्र ग्रह को असुरों का गुरु माना जाता है. ज्योतिष शास्त्र में इन्हें ऐश्वर्य, संपत्ति, कला, संगीत, विवाह, वाहन, सौंदर्य और कामवासना का कारक माना गया है. इसका प्रभाव मूलांक 6 वाले जातकों पर स्पष्ट रूप से पड़ता है. खूबसूरत और आकर्षक इस मूलांक के लोग बेहद खूबसूरत और आकर्षक होते हैं. इन्हें अपने सौंदर्य और शरीर का खास ख्याल रखना पसंद होता है. साथ ही, इन्हें नए और आकर्षक कपड़े पहनने का भी बहुत शौक होता है. ये लोग मिलनसार स्वभाव के होते हैं और जल्दी ही लोगों से घुल-मिल जाते हैं. लव लाइफ और विवाह इन लोगों का झुकाव विपरीत लिंग की ओर काफी अधिक होता है. इन्हें नए लोगों से मिलना पसंद होता है. कामवासना की इच्छा इनमें अधिक होती है और कई बार ये इन गतिविधियों में अधिक लिप्त रहते हैं. हालांकि, जब विवाह की बात आती है तो अक्सर तनाव की स्थिति बनी रहती है. दांपत्य जीवन में परेशानियां आ सकती हैं. शादी के बाद इनके अपने जीवनसाथी के साथ झगड़े होने की संभावना रहती है, जिससे रिश्ते में कड़वाहट आ सकती है. विवाह के बाद भी इनका किसी अन्य स्त्री या पुरुष की ओर झुकाव और संबंध बनने की संभावना बनी रहती है. रचनात्मक गुण मूलांक 6 के जातकों को घर को व्यवस्थित रखने और सजाने का बेहद शौक होता है. ये लोग अत्यंत रचनात्मक होते हैं और अपने इस गुण का उपयोग करके आसपास की चीजों को खूबसूरती से सजा कर रखते हैं. यह भी पढ़ें: Numerology: दिल किसी को जल्दी नहीं देती हैं इस मूलांक की लड़कियां, प्यार नहीं दिमाग से चलाती हैं रिश्ता Disclaimer: यहां दी गई जानकारी केवल मान्यताओं और परंपरागत जानकारियों पर आधारित है. नया विचार किसी भी तरह की मान्यता या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. The post Numerology: भोग-विलास में डूबे रहते हैं इस मूलांक के लोग, शादी के बाद भी बाहर रखते हैं अफेयर appeared first on Naya Vichar.

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