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January 5, 2026

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Winter Special Ajwain Puri: कुरकुरी अजवाइन की पूरी देखते ही मुंह में आ जाएगा पानी, जल्दी से नोट करें रेसिपी

Winter Special Ajwain Puri: शाम के नाश्ते में कुछ देसी और कुरकुरी चीजें खाना हर किसी को अच्छा लगता है. इसके लिए अजवाइन की पूरी बहुत बढ़िया ऑप्शन है. इसका स्वाद इतना बेहतरीन होता है कि एक बार खाने के बार बार-बार खाने का दिल करेगा. अजवाइन की खुशबू इस पूरी के स्वाद को लाजवाब बनाता है. ठंड के दिनों में इसे खाना सेहत के लिए फायदेमंद होता है. इसे खाने से शरीर में गर्माहट भी आती है. इसे बनाना भी बहुत आसान है. तो अब आपको इसकी सिंपल रेसिपी बताते हैं. अजवाइन पूरी की सामग्री गेहूं का आटा – 2 कप अजवाइन – 1½ छोटी चम्मच नमक – स्वादानुसार काली मिर्च पाउडर – ½ छोटी चम्मच घी या तेल   पानी – जरूरत अनुसार तेल इसे भी पढ़ें: Rajgira Puri Recipe: हल्की भूख के लिए ट्राई करें स्वादिष्ट राजगिरा की पुरियां, सिंपल रेसिपी से फटाफट होगा तैयार अजवाइन पूरी बनाने की विधि अजवाइन पूरी बनाने के लिए सबसे पहले आप एक बड़े बर्तन में गेहूं का आटा लें. अब उसमें अजवाइन, नमक, काली मिर्च मिला लें. फिर आप आटे में मोयन (घी/तेल) डाल कर अच्छे से मिक्स कर लें. और उसके बाद गुनगुने पानी से आटा गूंथ लें.   अब आप आटे को ढककर 10–15 मिनट तक छोड़ दें. इसके बाद आप आटे की छोटी-छोटी लोइयां बनाकर पतली-पतली पूरी बेल लें. फिर कड़ाही में मध्यम आंच पर तेल गरम करके उसमें पूरियों को तल लें. अब आप गरमागरम अजवाइन की पूरियां अचार, दही या फिर चाय के साथ भी सर्व कर सकते हैं. इसे भी पढ़ें: Masala Puri Recipe: गरमा-गरम सब्जी के साथ परोसें मसाला पूरी, जानिए घर पर बनाने का आसान तरीका इसे भी पढ़ें: Gud Ki Puri Recipe: गुड़ से मिठाई नहीं, इस बार ट्राई करें गुड़ की मीठी पूरियां, खाने के बाद जरूर बार-बार बनाएंगे The post Winter Special Ajwain Puri: कुरकुरी अजवाइन की पूरी देखते ही मुंह में आ जाएगा पानी, जल्दी से नोट करें रेसिपी appeared first on Naya Vichar.

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Patna News: मौर्य लोक कॉम्प्लेक्स के दुकानों व कार्यालयों पर इतने करोड़ का बकाया; 7 दिन में पेमेंट नहीं तो कटेगी बिजली-पानी

Patna News: पटना नगर निगम ने शहर के प्रमुख व्यावसायिक केंद्र मौर्य लोक कॉम्प्लेक्स में वर्षों से लंबित मेंटेनेंस चार्ज और ग्राउंड रेंट की वसूली को लेकर सख्त रुख अपनाया है. निगम की जांच में सामने आया है कि कॉम्प्लेक्स में आवंटित कुल 278 दुकानों और कार्यालयों पर करीब 3.66 (तीन करोड़ छियासठ लाख पंद्रह हजार चार रुपये) की बकाया राशि लंबित है. इसको लेकर संबंधित दुकानदारों और कार्यालय स्वामियों को नोटिस जारी कर सात दिन के भीतर भुगतान करने का निर्देश दिया गया है. बता दें कि, कुल 270 दुकानें और 39 कार्यालय मौर्य लोक परिसर में हैं. पटना नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि राजस्व संरक्षण और नगर सेवाओं के सुचारु संचालन के लिए यह कार्रवाई आवश्यक है. ये भी पढ़ें: नल टूटे, पाइप फटे.. और पटना का पानी सड़कों पर! आखिर कब रुकेगी बर्बादी? बिना सूचना कटेगी बिजली व जलापूर्ति कनेक्शन निगम द्वारा जारी नोटिस में स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि यदि निर्धारित समय-सीमा के भीतर बकाया राशि जमा नहीं की जाती है तो बिना किसी अतिरिक्त सूचना के बिजली और जलापूर्ति कनेक्शन काटे जा सकते हैं. साथ ही अनुबंध की शर्तों के अनुसार विधिक और प्रशासनिक कार्रवाई भी की जाएगी. नगर निगम का कहना है कि यह कार्रवाई कभी भी की जा सकती है और इसमें किसी प्रकार की ढील नहीं दी जाएगी. ये भी पढ़ें:  सभी वार्डों को मिलेंगे नए कचरा वाहन, पंप चालकों को सेवा विस्तार, बैठक में लिए गए कई प्रमुख निर्णय ब्लॉकवार दुकानों और कार्यालयों की स्थिति ब्लॉक-ए: 58 दुकानें, 15 कार्यालयब्लॉक-बी: 7 दुकानें, 4 कार्यालयब्लॉक-बी1ए: 41 दुकानें, 6 कार्यालयब्लॉक-बी1बी: 44 दुकानें, 4 कार्यालयब्लॉक-सी: 60 दुकानें, 4 कार्यालयब्लॉक-डी: 38 दुकानें, 1 कार्यालयमौर्य टावर: 22 दुकानें, 5 कार्यालय(नगर निगम के अनुसार मौर्य लोक कॉम्प्लेक्स में आवंटन इस प्रकार है.) ये भी पढ़ें: आशियाना-दीघा, कंकड़बाग समेत 19 सड़कें बनीं प्रधान मुख्य सड़क, बढ़ेगा Property Tax पांच में सिर्फ एक बैंक ने किया है भुगतान जांच में यह भी सामने आया है कि कई प्रशासनी और अर्ध-प्रशासनी कार्यालयों ने भी लंबे समय से मेंटेनेंस और ग्राउंड रेंट का भुगतान नहीं किया है. बता दें कि, बैंकिंग संस्थानों में सिर्फ सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया द्वारा पूरा भुगतान कर दिया गया है. अन्य बैंकों पर अब भी बकाया है. इसमें देना बैंक का 9 लाख, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया का 3.66 लाख, यूको बैंक का 1.16 लाख व सिंडिकेट बैंक का 1.03 लाख रुपये बकाया है. ये भी पढ़ें: पटना में कचरा कलेक्शन पर संकट: निगम के तीन में से एक वाहन खराब, Street Light एजेंसी का भी टेंडर खत्म प्रमुख प्रशासनी कार्यालयों के बकायेदारों की सूची बिहार राज्य सेवा संघ: 2.48 लाखबिहार काउंसिल ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी: 59.4 हजारनाबार्ड: 4.80 लाखहुडको (आवास एवं नगर विकास निगम): 12.48 लाखपासपोर्ट कार्यालय: 7.61 लाखबिहार राज्य औषधि एवं रसायन विकास निगम: 17.33 लाखजन्म एवं मृत्यु शाखा: 4.46 लाख ये भी पढ़ें: चीन के ये लेखक हुए पटना में सुपरहिट! क्या आप जानते हैं ‘चमकीले बादल’ में क्या है खास? निजी संस्थान भी बकाया भुगतान में पीछे निजी कार्यालयों और कंपनियों में भी बड़ेबकायेदार सामने आए हैं, जिनमें हिंदुस्तान वैगन एंड इंजीनियरिंग कंपनी लिमिटेड पर ₹25 लाख से अधिक बकाया है. वहीं, हरि नारायण शुगर मिल का 88.7 हजार, विश्वनाथ चुड़ीवाला का 11.04 लाख, सत्य नारायण प्रसाद का 5.12 लाख और बिरेंद्र कुमार लुथरा का 8.24 लाख सहित कई के बकायदारों के नाम शामिल हैं. The post Patna News: मौर्य लोक कॉम्प्लेक्स के दुकानों व कार्यालयों पर इतने करोड़ का बकाया; 7 दिन में पेमेंट नहीं तो कटेगी बिजली-पानी appeared first on Naya Vichar.

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Sakat Chauth 2026 Upay: साल के पहले सकट चौथ पर करें ये उपाय, गणेश जी करेंगे हर संकट दूर

Sakat Chauth 2026 Upay:  सनातन परंपरा में संतान की लंबी आयु, स्वास्थ्य और सुख-समृद्धि के लिए सकट चौथ व्रत का विशेष महत्व बताया गया है. यह व्रत हर वर्ष माघ मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाया जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन माताएं अपनी संतान की रक्षा और मंगलकामना के लिए व्रत रखती हैं और विशेष पूजा-अर्चना करती हैं. सकट चौथ को तिलवा चौथ, तिल-कुटा चौथ, माघी चौथ, वक्रतुंडी चतुर्थी जैसे नामों से भी जाना जाता है. इस व्रत में सकट माता, भगवान गणेश और चंद्र देव की पूजा का विधान है. मान्यता है कि जो माता इस दिन श्रद्धा और विधि-विधान से व्रत रखती है, भगवान गणेश उसकी संतान को दीर्घायु, उत्तम स्वास्थ्य और संकटों से रक्षा का आशीर्वाद देते हैं. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, यदि सकट चौथ पर कुछ विशेष उपाय किए जाएं तो पूजा का फल कई गुना बढ़ जाता है. संकटनाश गणेश स्तोत्र का पाठ सकट चौथ के दिन संतान की रक्षा और दीर्घायु के लिए संकटनाश गणेश स्तोत्र का 108 बार पाठ करना अत्यंत शुभ माना गया है. ऐसा करने से संतान पर आने वाले संकट दूर होते हैं और जीवन में सुख-शांति बनी रहती है. दीपक से जुड़ा विशेष उपाय भगवान गणेश के समक्ष घी का दीपक जलाएं और उसमें थोड़ा कपूर मिलाएं. यह उपाय नकारात्मक ऊर्जा को दूर करता है और संतान के जीवन में सकारात्मकता लाता है. ये भी पढ़ें: कल है सकट चौथ, न करें ये गलतियां, वरना जीवन में आ सकता है संकट शिवलिंग पर अर्पित करें गन्ने का रस इस दिन भगवान शिव को गन्ने का रस अर्पित करना भी बेहद फलदायी माना गया है. मान्यता है कि इससे संतान के जीवन में आ रही बाधाएं दूर होती हैं और सफलता के मार्ग खुलते हैं. तिल का दान सकट चौथ पर तिल का दान करने से संतान के स्वास्थ्य और आयु पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है. साथ ही, इससे शनि दोष का प्रभाव भी कम होता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सकट चौथ का व्रत मातृत्व, आस्था और संतान-रक्षा का पावन पर्व है, जो परिवार में सुख-समृद्धि का संचार करता है. The post Sakat Chauth 2026 Upay: साल के पहले सकट चौथ पर करें ये उपाय, गणेश जी करेंगे हर संकट दूर appeared first on Naya Vichar.

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Bihar Bhumi: जमीन की शिकायतों को लेकर लोगों की खचाखच भीड़, मंत्री विजय सिन्हा करेंगे बात, अधिकारी भी पहुंचे

Bihar Bhumi: भागलपुर में भूमि सुधार जन कल्याण संवाद को लेकर टाउन हॉल में रजिस्ट्रेशन किया गया. बिहार के उपमुख्यमंत्री और राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री विजय कुमार सिन्हा के आने से पहले ही लोगों की भारी भीड़ जुट गई है. वे अपनी-अपनी जमीन से जुड़ी समस्याओं को लेकर मंत्री जी से बात करने के लिए पहुंच गए हैं. विजय सिन्हा लोगों से वन टू वन बातचीत करेंगे. सुनी जायेंगी ये सभी शिकायतें मंत्री विजय सिन्हा दो शिफ्ट में लोगों की समस्याएं सुनेंगे. पहले शिफ्ट में दोपहर 2:30 बजे तक लोगों की समस्याएं सुनी जायेगी. इस दौरान विभाग से संबंधित ऑनलाइन सेवाओं, समस्याओं और उनके समाधान पर आमलोगों की शिकायतें सुनी जाएंगी. आमलोगों में से कुछ आवेदनों का अंचल वार चयन कर मौके पर अंचलाधिकारी और राजस्व कर्मचारी को आवेदनकर्ता के सामने बैठाकर समस्या पर चर्चा होगी. आवेदनों को लेकर होगी उचित कार्रवाई इस दौरान राजस्व विभाग से संबंधित सभी भूमि सुधार उप समाहर्ता, अंचल अधिकारी, राजस्व अधिकारी और संबंधित राजस्व कर्मचारी भी उपस्थित रहेंगे. आमलोगों को उनके आवेदन पर होने वाली कार्रवाई की जानकारी मैसेज से मिलती रहेगी. यहां मिले सभी आवेदनों को पोर्टल पर अपलोड कर सभी पर उचित कार्रवाई की जाएगी. अभियान बसेरा- 2 की स्थिति पर फोकस जानकारी के मुताबिक, इस बैठक में प्रमंडलीय आयुक्त, जिले के समाहर्ता, अपर समाहर्ता, सभी भूमि सुधार उप समाहर्ता, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, बन्दोबस्त पदाधिकारी, सभी अंचलाधिकारी, राजस्व अधिकारी और राजस्व कर्मचारी शामिल होंगे. साथ ही दाखिल–खारिज, परिमार्जन प्लस, ई मापी समेत सभी ऑनलाइन सेवाओं की स्थिति की आंकड़े के साथ समीक्षा की जाएगी. इस दौरान अभियान बसेरा- 2 की स्थिति की भी विशेष रूप से समीक्षा होगी. दूसरे शिफ्ट की टाइमिंग दूसरे शिफ्ट की बात करें तो, दोपहर 3:30 बजे से शाम 5:00 बजे तक राजस्व विभाग के सभी पदाधिकारियों और राजस्वकर्मियों के साथ समीक्षा बैठक भी टाउन हॉल, भागलपुर में ही की जाएगी. Also Read: Bihar Fish Farming: बिहार में तेजी से बढ़ रहा मछली पालन का दायरा, पिछले 10 सालों में डबल हुआ उत्पादन The post Bihar Bhumi: जमीन की शिकायतों को लेकर लोगों की खचाखच भीड़, मंत्री विजय सिन्हा करेंगे बात, अधिकारी भी पहुंचे appeared first on Naya Vichar.

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कड़ाके की ठंड में जर्मनी की राजधानी में बिजली गुल, वामंपथी ग्रुप ‘वोल्केनो’ का दावा; हमने अंधेरे में डाले 45000 घर

Germany capital Berlin Power Outage Volcano Group: जर्मनी की राजधानी बर्लिन के दक्षिण-पश्चिमी हिस्से में हुई एक संदिग्ध आगजनी की घटना ने शहर की बिजली व्यवस्था को बुरी तरह प्रभावित किया है. इस हमले के कारण शनिवार से ही बड़े पैमाने पर बिजली आपूर्ति बाधित हो गई, जिससे हजारों घर और व्यावसायिक प्रतिष्ठान अंधेरे में चले गए. ग्रिड ऑपरेटर स्ट्रोमनेत्स बर्लिन के अनुसार, हाई-वोल्टेज लाइनों को जानबूझकर नुकसान पहुंचाए जाने की वजह से शुरुआत में करीब 45,000 घरों की बिजली गुल हुई. इस घटना के बाद स्थानीय मीडिया में “वोल्केनो ग्रुप” नामक एक कार्यकर्ता संगठन का एक पत्र प्रकाशित हुआ, जिसमें हमले की जिम्मेदारी ली गई. ठंड और बर्फबारी के कारण मरम्मत कार्य धीमा पड़ने की आशंका जताई गई है, जिससे कई इलाकों में गुरुवार तक भी बिजली बहाल न हो पाने की संभावना है. हमले का तरीका और असर रविवार तक मरम्मत के बावजूद स्थिति पूरी तरह सामान्य नहीं हो सकी थी और लगभग 35,000 घरों के साथ 1,900 से अधिक व्यवसाय अब भी प्रभावित थे. स्थानीय प्रशासन के मुताबिक, यह घटना लिच्टरफेल्ड पावर प्लांट के पास टेल्टो कैनाल पर बने एक केबल ब्रिज में आग लगने से हुई. इस आग से न सिर्फ बिजली बल्कि इंटरनेट और हीटिंग सिस्टम भी ठप हो गए. चार जिलों में रहने वाले लोगों को इसका सीधा असर झेलना पड़ा. कई इलाकों में हालात इतने खराब थे कि प्रशासन को प्रभावित नागरिकों के लिए आपातकालीन सहायता केंद्र खोलना पड़ा. ज़ेलेनडॉर्फ जिले के एक स्पोर्ट्स सेंटर को अस्थायी राहत स्थल के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है.  जिम्मेदारी लेने वाला पत्र और जांच घटना के बाद जर्मन मीडिया RBB को एक पत्र मिला, जिसमें खुद को ‘वोल्केनो ग्रुप’ बताने वाले संगठन ने हमले की जिम्मेदारी ली. इस पत्र में दावा किया गया कि कार्रवाई का मकसद जीवाश्म ईंधन आधारित ऊर्जा ढांचे को निशाना बनाना था. बर्लिन की आंतरिक मामलों की मंत्री आइरिस स्प्रांगर ने कहा कि सुरक्षा एजेंसियों को मिला यह पत्र प्रामाणिक प्रतीत होता है और इसे गंभीरता से लिया जा रहा है. उन्होंने इस हमले को आम नागरिकों और शहर में आने वाले लोगों के खिलाफ किया गया अमानवीय कृत्य बताते हुए इसकी कड़ी निंदा की और कहा कि मामले की गहन जांच जारी है. हालांकि, पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि पत्र की अंतिम पुष्टि और सभी तथ्यों की जांच अभी पूरी नहीं हुई है. ‘वोल्केनो ग्रुप’ क्या है? यूरोन्यूज की एक रिपोर्ट के मुताबिक, ‘वोल्केनो ग्रुप‘ कोई नया नाम नहीं है. सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, घरेलू खुफिया विभाग को इस संगठन की गतिविधियों की जानकारी 2011 से है. अलग-अलग वर्षों में इसके कथित हमलों और दावों की जांच होती रही है. विशेषज्ञों का मानना है कि यह समूह अराजकतावादी और वामपंथी उग्रवादी विचारधारा से जुड़ा हुआ है, जिसकी सोच का केंद्र जलवायु परिवर्तन और ऊर्जा नीतियों का विरोध रहा है. इस संगठन की संरचना, सदस्य संख्या या नेतृत्व को लेकर कोई ठोस जानकारी उपलब्ध नहीं है. अब तक इसके निशाने पर मुख्य रूप से बिजली के ढांचे, केबल सिस्टम और तकनीकी इंस्टॉलेशन रहे हैं, खासकर बर्लिन और उसके आसपास के इलाकों में. पहले भी हो चुके हैं ऐसे हमले यह पहली बार नहीं है जब बर्लिन में इस तरह की घटना सामने आई हो. पिछले साल सितंबर में ट्रेप्टो-कोपेनिक जिले में एक बिजली के खंभे को नुकसान पहुंचाए जाने से करीब 50,000 घरों और व्यवसायों की बिजली आपूर्ति ठप हो गई थी. उस समय लगभग ढाई दिन बाद हालात सामान्य हो पाए थे. इसके अलावा, 2024 में ग्रुएनहाइडे स्थित टेस्ला की गीगाफैक्ट्री की बिजली आपूर्ति पर हुए हमले से भी इसी समूह के जुड़े होने की आशंका जताई गई थी. मौजूदा घटना में भी अधिकारियों को पहले के मामलों से कई समानताएं दिख रही हैं, जिससे संदेह और गहरा गया है.  कुल मिलाकर स्थिति अच्छी नहीं हालांकि अधिकारियों के अनुसार, मौजूदा बिजली कटौती के परिणाम कहीं अधिक गंभीर हैं. लिच्टरफेल्ड जिले में करीब 2,000 घरों में रविवार रात बिजली वापस आ गई. फिलहाल दक्षिण-पश्चिम बर्लिन के कई इलाके अब भी अंधेरे में हैं. कुछ स्थानों पर बिजली आ चुकी है, लेकिन निकोलासे, जेलेनडॉर्फ और वानजे जैसे क्षेत्रों के लोगों को अभी इंतजार करना पड़ सकता है, संभवतः गुरुवार तक बिजली पूरी तरह बहाल होने का इंतजार करना पड़ेगा. प्रशासन और बिजली कंपनियां लगातार मरम्मत में जुटी हैं, जबकि सुरक्षा एजेंसियां इस हमले के पीछे के नेटवर्क और जिम्मेदार लोगों तक पहुंचने की कोशिश कर रही हैं. ये भी पढ़ें:- जो मादुरो का संदेश, वही मेरा… ट्रंप की धमकी के बाद बोलीं वेनेजुएला की उप राष्ट्रपति, US के सहयोग की जताई उम्मीद UAE के जाते ही सऊदी अरब ने STC को खदेड़ा, हदरामौत और अल-महारा में लौटी यमन प्रशासन मां की कसम… मादुरो की गिरफ्तारी के बाद बेटे का पहला बयान, अमेरिकी कार्रवाई पर कहा- इतिहास बताएगा कि… The post कड़ाके की ठंड में जर्मनी की राजधानी में बिजली गुल, वामंपथी ग्रुप ‘वोल्केनो’ का दावा; हमने अंधेरे में डाले 45000 घर appeared first on Naya Vichar.

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Mamata Banerjee Net Worth: कितनी संपत्ति की मालकिन हैं बंगाल की ‘दीदी’ ममता बनर्जी?

Mamata Banerjee Net Worth: आज यानी 5 जनवरी को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी अपना 71वां जन्मदिन मना रही हैं. ममता बनर्जी को उनके समर्थक प्यार से ‘दीदी’ कहकर बुलाते हैं. वह 20 मई 2011 से लगातार पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री हैं और इस पद पर पहुंचने वाली राज्य की पहली स्त्री मुख्यमंत्री भी हैं. इतने लंबे समय तक सत्ता में रहने के बावजूद ममता बनर्जी हमेशा अपनी सादगी और साधारण जीवनशैली के लिए जानी जाती हैं. यही वजह है कि अक्सर लोगों के मन में यह सवाल उठता है कि आखिर ममता बनर्जी की कुल संपत्ति कितनी है. कितनी संपत्ति की मालकिन हैं ममता बनर्जी (Mamata Banerjee Net Worth) एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) की रिपोर्ट के मुताबिक, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की कुल संपत्ति करीब 15 लाख रुपये है. देश के कई बड़े नेताओं की तुलना में उनकी संपत्ति बेहद कम मानी जाती है. ममता बनर्जी न तो आलीशान बंगले में रहती हैं और न ही महंगी गाड़ियों का इस्तेमाल करती हैं. वह आज भी कोलकाता के कालीघाट इलाके में अपने पुराने, साधारण से घर में रहती हैं और आम तौर पर सूती साड़ी और हवाई चप्पल पहनकर नजर आती हैं. एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (स्क्रीनशॉट) नेतृत्वक सफर ममता बनर्जी ने साल 1998 में अखिल हिंदुस्तानीय तृणमूल कांग्रेस (TMC) की स्थापना की थी. वर्तमान में वह पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं. कांग्रेस से अलग होकर अपनी पार्टी बनाना और फिर दशकों तक बंगाल की नेतृत्व में मजबूत पकड़ बनाना उनके नेतृत्वक कौशल को दर्शाता है. 2011 में उन्होंने वाम मोर्चा की 34 साल पुरानी प्रशासन को सत्ता से बाहर कर ऐतिहासिक जीत दर्ज की थी. केंद्रीय मंत्री के रूप में भूमिका मुख्यमंत्री बनने से पहले ममता बनर्जी हिंदुस्तान प्रशासन में दो बार रेल मंत्री रह चुकी हैं. इसके अलावा वह कोयला मंत्री और स्त्री एवं बाल विकास राज्य मंत्री जैसे अहम पदों पर भी काम कर चुकी हैं. रेल मंत्री रहते हुए उन्होंने कई जनहितैषी योजनाओं की शुरुआत की थी. 2026 विधानसभा चुनाव की तैयारी वर्तमान में ममता बनर्जी 2026 में होने वाले पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों की तैयारी में जुटी हैं. उन्होंने अपनी पार्टी के लिए 215 से अधिक सीटें जीतने का लक्ष्य रखा है और लगातार राज्यभर में सक्रिय नजर आ रही हैं. नेतृत्व के अलावा ममता बनर्जी एक लेखिका, कवि और चित्रकार भी हैं. उन्होंने कई किताबें लिखी हैं और पेंटिंग के जरिए भी अपनी रचनात्मकता जाहिर करती रही हैं. सादगी, संघर्ष और मजबूत नेतृत्वक इच्छाशक्ति ही ममता बनर्जी की असली पहचान मानी जाती है. ममता बनर्जी की उम्र (Mamata Banerjee Age) ममता बनर्जी का जन्म 5 जनवरी 1955 को हुआ था. वर्ष 2026 में उनकी उम्र 71 वर्ष है. ममता बनर्जी के पति का नाम (Mamata Banerjee Husband Name) ममता बनर्जी अविवाहित हैं. उन्होंने कभी शादी नहीं की. ममता बनर्जी की नेतृत्वक पार्टी (Mamata Banerjee Party) ममता बनर्जी ने 1998 में अखिल हिंदुस्तानीय तृणमूल कांग्रेस (TMC) की स्थापना की थी. वर्तमान में वह TMC की राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं. ममता बनर्जी की शिक्षा (Mamata Banerjee Education) स्नातक (BA) – इतिहास मेंपरास्नातक (MA) – इस्लामिक इतिहास मेंबीएड (B.Ed.)मानद डॉक्टरेट (Honorary Doctorate) ममता बनर्जी की किताबें (Mamata Banerjee Books) स्ट्रगल फॉर एग्जिस्टेंस (Struggle for Existence)मां, माटी, मानुषराइजिंग बंगालउत्सर्गोसांझेर मायाजाल (अधिकतर किताबें बंगाली और अंग्रेज़ी में हैं) ममता बनर्जी का इंस्टाग्राम अकाउंट (Mamata Banerjee Instagram) ममता बनर्जी सोशल मीडिया पर सीमित रूप से सक्रिय रहती हैं.उनका आधिकारिक इंस्टाग्राम हैंडल @mamataofficial है Also Read: Indresh Upadhyay Ji Maharaj Net Worth: इतनी है इंद्रेश उपाध्याय की संपत्ति, एक कथा की फीस जानकर आपकी आंखें खुली की खुली रह जाएंगी The post Mamata Banerjee Net Worth: कितनी संपत्ति की मालकिन हैं बंगाल की ‘दीदी’ ममता बनर्जी? appeared first on Naya Vichar.

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12 लाख रुपए में होगा अब अपना घर! दिल्ली के इन इलाकों में DDA दे रहा है फ्लैट की चाबी, जानें कैसे करें आवेदन

DDA Janta Awas Yojna 2026: देश की राजधानी में अपनी छत का सपना संजोए बैठे लोगों के लिए नए साल की शुरुआत खुशियों भरी होने वाली है. दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने ‘जनता आवास योजना 2025-26’ के तहत फ्लैटों के पंजीकरण की घोषणा कर दी है. इस योजना का मुख्य उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के परिवारों को बेहद किफायती दरों पर दिल्ली की प्राइम लोकेशंस पर घर उपलब्ध कराना है. सबसे खास बात यह है कि ये फ्लैट्स ‘रेडी-टू-मूव’ स्थिति में हैं, यानी आवंटन के तुरंत बाद खरीदार अपने घर में शिफ्ट हो सकते हैं. DDA हाउसिंग स्कीम का रजिस्ट्रेशन कब से होगा शुरू? DDA की इस हाउसिंग स्कीम के लिए आवेदन की प्रक्रिया 7 जनवरी 2026 से आधिकारिक रूप से शुरू हो जाएगी. इच्छुक खरीदारों के पास 7 फरवरी 2026 तक पंजीकरण कराने का समय होगा. यह योजना उन परिवारों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है, जो लंबे समय से दिल्ली में घर तलाश रहे थे, लेकिन ऊंची कीमतों के कारण अब तक सफल नहीं हो पाए थे. प्राधिकरण ने इस बार आवेदन से लेकर आवंटन तक की पूरी प्रक्रिया को डिजिटल रखा है, ताकि पारदर्शिता बनी रहे और आवेदकों को दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें. द्वारका मोड़ और छतरपुर जैसे इलाकों में रहने का अवसर DDA ने इस योजना के तहत उन स्थानों का चयन किया है, जहाँ कनेक्टिविटी और सुविधाएं पहले से ही मौजूद हैं. द्वारका मोड़ जैसे व्यस्त और लोकप्रिय इलाके में फ्लैट्स की शुरुआती कीमत महज 12.63 लाख रुपये तय की गई है. यह प्रोजेक्ट मेट्रो स्टेशन से मात्र 100 मीटर की दूरी पर स्थित है, जो नौकरीपेशा लोगों के लिए आवाजाही को बेहद आसान बनाता है. वहीं, दक्षिण दिल्ली के चंदनहौला (छतरपुर) में घर चाहने वालों के लिए 23.05 लाख रुपये की शुरुआती कीमत पर फ्लैट उपलब्ध हैं. यह इलाका अपनी शांति और हरियाली के लिए जाना जाता है. सुविधाओं से लैस और पूर्ण मालिकाना हक इस योजना के तहत मिलने वाले सभी 144 फ्लैट्स ‘फ्रीहोल्ड’ प्रॉपर्टी की श्रेणी में आते हैं, जिसका अर्थ है कि खरीदारों को घर का पूरा मालिकाना हक मिलेगा. इसके अलावा, हाउसिंग कॉम्प्लेक्स के भीतर और आसपास स्कूल, अस्पताल और बाजारों की अच्छी सुविधा है. निवासियों की सहूलियत के लिए कवर्ड और अनकवर्ड पार्किंग का भी विशेष प्रावधान किया गया है. निर्माण कार्य पूरा होने के कारण खरीदारों को किसी भी तरह की अनिश्चितता का सामना नहीं करना पड़ेगा. लकी ड्रॉ के जरिए चमकेगी किस्मत पंजीकरण प्रक्रिया समाप्त होने के बाद, 13 फरवरी 2026 को एक कंप्यूटराइज्ड लकी ड्रॉ आयोजित किया जाएगा. इस पारदर्शी माध्यम से ही भाग्यशाली विजेताओं का चुनाव होगा. इच्छुक आवेदक DDA की आधिकारिक वेबसाइट dda.gov.in या eservices.dda.org.in पर जाकर अपना फॉर्म भर सकते हैं. किसी भी प्रकार की तकनीकी सहायता या जानकारी के लिए विभाग ने अपना टोल-फ्री नंबर 1800110332 भी जारी किया है. Also Read: घर की वायरिंग से लेकर EV कार तक, सब कुछ होगा महंगा, जानिए क्यों बेलगाम हो रहा है तांबा The post 12 लाख रुपए में होगा अब अपना घर! दिल्ली के इन इलाकों में DDA दे रहा है फ्लैट की चाबी, जानें कैसे करें आवेदन appeared first on Naya Vichar.

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Ikkis Box Office Collection Day 5: रिलीज के बाद पहले संडे अगस्त्य नंदा की फिल्म ने कितना कमाया? बॉक्स ऑफिस ने खोली पोल

Ikkis Box Office Collection Day 5: श्रीराम राघवन की पीरियड वॉर ड्रामा ‘इक्कीस’ साल 2026 की पहली रिलीज फिल्म है. मूवी सिनेमाघरों में उतना खास प्रदर्शन नहीं कर रही और कलेक्शन बहुत कम है. अगस्त्य नंदा, जयदीप अहलावत और दिवंगत धर्मेंद्र की मूवी को लेकर बज था, लेकिन बॉक्स ऑफिस पर फिल्म का जादू नहीं चला. हालांकि अमिताभ बच्चन के नाती अगस्त्य की दमदार एक्टिंग की तारीफ हर कोई कर रहा है. चलिए 5वें दिन की कमाई बताते हैं. 5वें दिन ‘इक्कीस’ का कैसा रहा बॉक्स ऑफिस पर हाल? सैकनिल्क की अर्ली रिपोर्ट के अनुसार, 5वें दिन हिंदुस्तान में फिल्म ‘इक्कीस’ ने 0.05 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया है. फिल्म की कमाई घटती जा रही है. फिलहाल 5वें दिन का फाइनल आंकड़ा नाइट शोज के बाद आएंगे. टोटल बिजनेस मूवी ने अबतक 20.2 करोड़ रुपये का कर लिया है. ‘इक्कीस’ का डे वाइज कमाई Ikkis Box Office Collection Day 1: 7 करोड़ रुपये Ikkis Box Office Collection Day 2: 3.5 करोड़ रुपये Ikkis Box Office Collection Day 3: 4.65 करोड़ रुपये Ikkis Box Office Collection Day 4: 5 करोड़ रुपये Ikkis Box Office Collection Day 5: 0.05 करोड़ रुपये(अर्ली रिपोर्ट) Ikkis Box Office Total Collection: 20.2 करोड़ रुपये ‘इक्कीस’ देखकर रोने लगे थे अरुण खेत्रपाल के भाई मुकेश अरुण खेत्रपाल के भाई मुकेश खेत्रपाल का एक वीडियो सामने आया था जिसमें वह फिल्म ‘इक्कीस’ देखने के बाद काफी रोते हुए नजर आए थे. मुकेश ने अगस्त्य नंदा की तारीफ करते हुए कहा था, “तुम जो भी हो, जिंदगी भर अरुण ही रहोगे. कोई तुमसे यह छीन नहीं सकता. बहुत बढ़िया!” डायरेक्टर श्रीराम राघवन से बातचीत में मुकेश ने कहा, मेरी शिकायत यह है कि आपने मुझे रुला दिया। आपने मुझे वो सब फिर से याद दिला दिया. कुछ बातें मेरे दिमाग में थीं, और पल-पल जब मैंने उसे स्क्रीन पर देखा, तो मैं इतना इमोशनल हो गया कि रोना नहीं रोक पाया. यह भी पढ़ें- Ikkis Box Office Collection Day 4: हिट या फुस्स? अमिताभ बच्चन के नाती अगस्त्य नंदा की फिल्म ‘इक्कीस’ का बॉक्स ऑफिस पर क्या हाल है? The post Ikkis Box Office Collection Day 5: रिलीज के बाद पहले संडे अगस्त्य नंदा की फिल्म ने कितना कमाया? बॉक्स ऑफिस ने खोली पोल appeared first on Naya Vichar.

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Bihar Fish Farming: बिहार में तेजी से बढ़ रहा मछली पालन का दायरा, पिछले 10 सालों में डबल हुआ उत्पादन

Bihar Fish Farming: बिहार में मछली उत्पादन पिछले 10 सालों में दो गुना बढ़ गया है. राज्य में मछली पालन का दायरा बढ़ने से किसानों, श्रमिकों और उद्यमियों को रोजगार मिल रहा. बीते 10 सालों के कृषि एवं मत्स्य संबंधी आधिकारिक आंकड़ों पर नजर डालें तो, वर्ष 2014-15 में जहां राज्य में कुल मछली उत्पादन 4.80 लाख टन था, वह 2023-24 में बढ़कर 8.73 लाख टन तक पहुंच गया. पिछले 10 सालों के आंकड़े दरअसल, यह बढ़ोतरी न केवल उत्पादन क्षमता के विस्तार को दर्शाती है, बल्कि ग्रामीण वित्तीय स्थिति, रोजगार और पोषण सुरक्षा के क्षेत्र में मत्स्य पालन की बढ़ती भूमिका को भी दिखाती है. साल 2015-16 में बिहार का मछली उत्पादन 5.07 लाख टन रहा, जबकि 2016-17 में यह मामूली गिरावट के बाद 5.00 लाख टन पर सिमट गया. इसके बाद राज्य ने फिर रफ्तार पकड़ी और 2017-18 में उत्पादन बढ़कर 5.88 लाख टन हो गया. साल 2018-19 में यह आंकड़ा 6.02 लाख टन और 2019-20 में 6.41 लाख टन तक पहुंचा. लगातार सुधार के चलते 2020-21 में उत्पादन 6.83 लाख टन, 2021-22 में 7.62 लाख टन और 2022-23 में 8.46 लाख टन दर्ज किया गया. आखिरकार 2023-24 में यह 8.73 लाख टन के स्तर पर पहुंच गया, जो राज्य के लिए अब तक का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है. इन सभी कारणों से बढ़ा बिहार में मछली पालन बिहार में मछली उत्पादन में बढ़ोतरी की कई वजहें मानी जा रही है. इनमें मछली पालकों को दी गई प्रोत्साहन योजनाएं, तालाब और जलाशयों का वैज्ञानिक उपयोग, बीज और चारा की उपलब्धता और मत्स्य पालन को लघु उद्यम के रूप में बढ़ावा दिए जाने की नीतियां शामिल हैं. ग्रामीण क्षेत्रों में मछली पालन आज आजीविका का सबसे मजबूत माध्यम बन चुका है. इससे बड़ी संख्या में किसानों, श्रमिकों और उद्यमियों को रोजगार मिल रहा है. इन परियोजनाओं ने भी निभाई मुख्य भूमिका बिहार के गंगा, सोन, गंडक, कोसी और कई छोटे-बड़े जल स्रोतों ने प्राकृतिक संभावनाएं उपलब्ध कराईं, जिनका व्यवस्थित उपयोग राज्य की मत्स्य उत्पादन यात्रा में निर्णायक साबित हुआ है. राज्य में निजी तालाबों, प्रशासनी जलाशयों और सामुदायिक मत्स्य परियोजनाओं के विस्तार ने भी उत्पादन बढ़ाने में प्रमुख भूमिका निभाई है. Also Read: Bihar Road Project: महुली से पुनपुन की दूरी हुई कम, फोरलेन रोड के बनने से इन 4 जिलों का सफर हुआ आसान The post Bihar Fish Farming: बिहार में तेजी से बढ़ रहा मछली पालन का दायरा, पिछले 10 सालों में डबल हुआ उत्पादन appeared first on Naya Vichar.

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बिना हेलमेट चलाने वालों के लिए काल बना AI-सपोर्टेड हेलमेट, बेंगलुरु के डेवलपर से सिटी पुलिस भी हुई इम्प्रेस

AI Helmet: बेंगलुरु के एक सॉफ्टवेयर डेवलपर ने ऐसा AI-सपोर्टेड हेलमेट बनाया है, जो ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों को रियल टाइम में रिकॉर्ड करता है और सबूत अपने आप पुलिस तक भेज देता है. यह आइडिया सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है, जिसे लोग ‘बेंगलुरु की टॉप लेवल इनोवेशन’ बता रहे हैं. डेवलपर पंकज तंवर ने X पर यह एक्सपेरिमेंट शेयर करते हुए कहा कि शहर की सड़कों पर लापरवाह ड्राइविंग से परेशान होकर उन्होंने यह हेलमेट बनाया. आइए जानते आखिर ये AI-सपोर्टेड हेलमेट कैसे काम करता है. AI-सपोर्टेड हेलमेट कैसे काम करता है? अपनी पोस्ट में तनवर ने लिखा कि वह सड़क पर बेवकूफ लोगों से परेशान हो चुके थे, इसलिए उन्होंने अपने हेलमेट को ट्रैफिक पुलिस जैसे डिवाइस में हैक कर दिया. यह हेलमेट चलाते समय AI एजेंट के साथ काम करता है. यह सिस्टम ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों की पहचान करता है, नंबर प्लेट कैप्चर करता है और समय, तारीख व लोकेशन के साथ फोटो सबूत सीधे ट्रैफिक पुलिस के ईमेल पर भेज देता है. डेमो में बिना हेलमेट स्कूटर चला रहे एक व्यक्ति को तुरंत चिन्हित कर रिपोर्ट करते दिखाया गया. तनवर के इस डिवाइस में हेलमेट के अंदर लगा डैशकैम और लोकल AI मॉडल है, जो नियम तोड़ने वाले व्यवहार को पहचानता है. जैसे ही उल्लंघन पकड़ा जाता है, सिस्टम बिना किसी मैन्युअल दखल के सबूत के साथ खुद-ब-खुद ईमेल तैयार कर भेज देता है. i was tired of stupid people on road so i hacked my helmet into a traffic police device 🚨 while i ride, ai agent runs in near real time, flags violations, and proof with location & no plate goes straight to police. blr people – so now ride safe… or regret it. pic.twitter.com/lWaRO01Jaq — Pankaj (@the2ndfloorguy) January 3, 2026 बेंगलुरु पुलिस को भी पसंद आई AI-सपोर्टेड हेलमेट बेंगलुरु सिटी पुलिस ने भी इस मामले पर उनका ध्यान खींचा. पुलिस ने उन्हें एक पर्सनल मैसेज भेजकर उनके आइडिया को ‘नया और दिलचस्प’ बताया. पंकज ने उस मैसेज का स्क्रीनशॉट भी शेयर किया, जिसमें लिखा था कि नमस्कार श्री पंकज, बेंगलुरु सिटी पुलिस की ओर से शुभकामनाएं. हेलमेट के जरिए ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन को पहचानने वाले आपके हालिया पोस्ट्स हमने देखे हैं. सड़क सुरक्षा के नजरिए से यह आइडिया हमें काफी इनोवेटिव और दिलचस्प लगा है. हम इस पर आपसे विस्तार से समझना चाहेंगे. OMG. office of the commissioner of police, blr reached out 🤯 https://t.co/WywqGXuvj8 pic.twitter.com/jOkOOctWNN — Pankaj (@the2ndfloorguy) January 4, 2026 यह भी पढ़ें: AI MOM करेगा भूख का इलाज, पेट की ‘गुड़गुड़’ सुनते ही Zomato से कर देगा खाना ऑर्डर, जानें कैसे करता है काम The post बिना हेलमेट चलाने वालों के लिए काल बना AI-सपोर्टेड हेलमेट, बेंगलुरु के डेवलपर से सिटी पुलिस भी हुई इम्प्रेस appeared first on Naya Vichar.

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