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January 5, 2026

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Ghee Matar Rice Recipe: घर आए मेहमानों को खिलाएं घी मटर राइस, खास मौके के लिए खास स्वाद

Ghee Matar Rice Recipe: घी मटर राइस एक स्वादिष्ट और खुशबूदार व्यंजन है, जो खास अवसरों, त्योहारों और सर्दियों में बनाया जाता है. इसमें घी का समृद्ध स्वाद और हरे मटर की ताजगी इसे बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी के लिए लुभावना बनाती है. यह रेसिपी सरल, जल्दी बनने वाली और पौष्टिक होती है, जिसे आप किसी भी खास दिन या लंच-डिनर में बनाकर अपने परिवार और मेहमानों को खुश कर सकते हैं. घी मटर राइस का स्वाद और महक इसे रॉयल टच देता है, जिससे हर भोज में यह पसंदीदा बन जाती है. घी मटर राइस बनाने के लिए जरूरी सामान  बासमती चावल – 1 कप हरी मटर – ½ कप (ताजी या फ्रोजन) घी – 2 टेबलस्पून तेज पत्ता – 1 हरी इलायची – 2 लौंग – 2-3 दालचीनी – 1 छोटा टुकड़ा काली मिर्च – 4-5 नमक – स्वादानुसार पानी – 2 कप सूखे मेवे (काजू, बादाम) – 2 टेबलस्पून (वैकल्पिक) कैसे तैयार करें घी मटर राइस  चावल धोएं और भिगोएं बासमती चावल को 20–30 मिनट पानी में भिगो दें. इससे चावल नरम और लंबा बनेगा. मसाले भूनें कढ़ाही में घी गरम करें. इसमें तेज पत्ता, हरी इलायची, लौंग, दालचीनी और काली मिर्च डालकर 1 मिनट भूनें. मटर डालें भुने मसालों में हरी मटर डालें और 2–3 मिनट तक हल्का भूनें. चावल डालें भीगे हुए चावल को पानी से छानकर कढ़ाही में डालें. नमक डालें और हल्का मिलाएं. पानी डालें और पकाएं 2 कप पानी डालकर ढक दें और धीमी आंच पर चावल पकाएं. जब चावल 90% पक जाए, तब ढक्कन खोलें और धीमी आंच पर 2–3 मिनट और पकाएं ताकि पानी पूरी तरह सूख जाए. सूखे मेवे डालें (वैकल्पिक) ऊपर से भुने हुए काजू और बादाम डालकर सजाएं. परोसने का तरीका घी मटर राइस को दाल, रायता, या सब्ज़ी करी के साथ गर्मागर्म परोसें. यह भी पढ़ें: Makar Sankranti Special Gud Wali Lassi:  मकर संक्रांति पर बनाएं गुड़ दही लस्सी, स्वाद और सेहत का परफेक्ट मेल यह भी पढ़ें: Tur Dal Chaat Ki Recipe: शाम की भूख के लिए चाहिए कुछ परफेक्ट, तो नोट कीजिए तूर दाल चाट रेसिपी The post Ghee Matar Rice Recipe: घर आए मेहमानों को खिलाएं घी मटर राइस, खास मौके के लिए खास स्वाद appeared first on Naya Vichar.

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जल्द जारी होगा STET रिजल्ट, यहां देखें General के लिए पासिंग मार्क्स

Bihar STET Result 2025 Soon: बिहार में शिक्षक बनने का इंतजार कर रहे युवाओं के लिए बड़ी समाचार है. बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) की ओर से जल्द ही माध्यमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा (STET) 2025 परीक्षा का रिजल्ट जारी किया जा सकता है. आइए, जानते हैं कि STET Result कब और कहां जारी होगा. साथ ही जानेंगे कि इसे कैसे डाउनलोड कर सकते हैं. Bihar STET Result 2025: यहां देखें मुख्य बातें बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) आज STET 2025 का रिजल्ट जारी कर सकती है. रिजल्ट आधिकारिक वेबसाइट bsebstet.org पर जारी होगा. उम्मीदवार अपना स्कोर कार्ड ऑनलाइन डाउनलोड कर सकेंगे. Bihar STET Result 2025: रिजल्ट देखने के लिए जरूरी डिटेल्स सभी कैंडिडेट्स को बता दें कि बिहार एसटीईटी रिजल्ट (Bihar STET Result) देखने के लिए लॉगिन क्रेडेंशियल्स, एप्लीकेशन नंबर और जन्म तिथि की जरूरत होगी. Bihar STET Result Steps To Download: कैसे चेक करें एसटीईटी रिजल्ट? सबसे पहले bsebstet.org वेबसाइट पर जाएं. होमपेज पर Bihar STET Result 2025 लिंक पर क्लिक करें. अपना रजिस्ट्रेशन नंबर और जन्मतिथि दर्ज करें. स्क्रीन पर आपका रिजल्ट/स्कोर कार्ड दिखाई देगा. उसे डाउनलोड कर प्रिंट निकाल लें. STET पास करना क्यों जरूरी? बिहार में प्रशासनी शिक्षक बनने के लिए STET पास करना अनिवार्य है. STET क्वालिफाई करने वाले अभ्यर्थी ही आगे शिक्षक भर्ती परीक्षाओं में शामिल हो सकते हैं. STET Score Card: एसटीईटी स्कोर कार्ड में क्या-क्या होगा? उम्मीदवार का नाम रोल नंबर विषय का नाम कुल अंक पास/फेल की स्थिति अलग-अलग कैटेगरी के कैंडिडेट्स के लिए पासिंग मार्क्स बिहार STET परीक्षा में पास होने के लिए अलग-अलग श्रेणियों के लिए कैंडिडेट्स के लिए न्यूनतम पासिंग मार्क्स निर्धारित किए गए हैं. सामान्य श्रेणी से आने वाले कैंडिडेट्स के लिए न्यूनतम पासिंग मार्क्स 50 निर्धारित किया गया है. वहीं एससी/एसटी के कैंडिडेट्स को न्यूनतम पासिंग मार्क्स में छूट दी गई है. यह भी पढ़ें- SSC CGL Tier 2 Exam: एसएससी सीजीएल टियर 2 परीक्षा का शेड्यूल जारी, देखें पूरी डिटेल्स The post जल्द जारी होगा STET रिजल्ट, यहां देखें General के लिए पासिंग मार्क्स appeared first on Naya Vichar.

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Law of Karma: मन, वचन और कर्म, यहीं से तय होता है जीवन का भविष्य

– रामबालक राय ‘प्रहरी’ Law of Karma:  मन, वचन और कर्म के द्वारा मनुष्य अपने जीवन में कार्य करता रहता है. यह कार्य शुभ और अशुभ दोनों तरह के होते हैं. जो सजग नहीं हैं, वे दोनों प्रकार के किये जाने वाले कर्म और उसके कर्मफल से अनजान बने रहते हैं. वाणी का संयम और वाचा कर्म बहुतेरे मनुष्य यही समझते हैं कि हाथ-पैर से किये जाने वाले किसी काम को कर्म कहते हैं, परंतु ऐसी बात नहीं है. मनुष्य जब भी कुछ बोलता है, वह भी वाचा कर्म, अर्थात् वचन से किया कर्म होता है. क्या बोलना है, क्या नहीं बोलना है, यह जानना बहुत जरूरी है, क्योंकि बोली गयी हर बात कर्म फल बनाता है. मानसिक कर्म और मन की गति  इसी से महापुरुषों ने ‘वाणी संयम’ का महत्व बताया है. बोलकर या शरीर से जब हम कोई कर्म नहीं करते हैं, तब भी मन कर्म करता है. मन की गति बहुत तेज होती है. जाग्रत और सुश्रुप्ता अवस्था में भी मन कार्य करता है. यह चिंतन मन द्वारा शुभ-अशुभ दोनों स्तर पर होता है. यह भी मानसिक कर्म कहलाता है, इसलिए इसका भी कर्म फल बनता  रहता है. मनुष्य भले अनजान बना रहे, परंतु कर्म फल तो अवश्य ही  बनता है. कर्मफल और वैज्ञानिक दृष्टिकोण वैज्ञानिक न्यूटन ने इसे गुरुत्वाकर्षण के सिद्धांत से प्रमाणित किया है. उन्होंने कहा है- ‘प्रत्येक क्रिया के विपरीत एवं समानांतर एक प्रतिक्रिया भी होती है.’ यह प्रतिक्रिया ही कर्मफल को जन्म देती है. जब कर्मफल बनेगा तब उसका भोग भी अवश्य ही करना पड़ेगा. इसीलिए हमारे मनीषियों ने वेदवाणी में कहा है – ‘अवश्यमेव भोग्यतव्यम् कृत कर्म शुभाशुभ्।’ अर्थात्- किये हुए शुभ और अशुभ कर्मों के फलभोग अवश्य ही करना पड़ता है.’ फल भोग से राम-रहीम कोई नहीं बचे हैं. सभी से ही किये जाने वाले कर्मों से सावधान रहने को कहा गया है. कर्म प्रधानता और संस्कार कर्म प्रधानता मानी गयी है. मानस में संत तुलसीदास ने कहा है – ‘कर्म प्रधान विश्व करी राखा।जो जस कर हीं सो तस फल चाखा।’ कर्म ही भाग्य का निर्माण करता है. अच्छे संस्कार और बुरे संस्कार कर्म से ही बनता है. यह बना हुआ संस्कार फल भोग के लिए कई जन्मों तक पीछा करता है. बाली ने राम से बदला द्वापर में कृष्ण से शिकारी बन कर लिया था. पूर्व जन्म में भीष्म पितामह ने सांप को अधमरा कर कंटीले बबूल पेड़ पर फेंका था, जिससे शरीर में अनेकों तीर गड़े गये थे. उसका फल भोग महाहिंदुस्तान युद्ध में अर्जुन के माध्यम से शर-शैय्या पर मिला था. मनुष्य और अन्य जीवों में भेद मनुष्य को छोड़कर अच्छे-बुरे का ज्ञान अन्य किसी भी जीव को नहीं है. विवेक बुद्धि के कारण ही मनुष्य, पशु से अलग होता है, अन्यथा मनुष्य और पशु भी आहार, निद्रा, भय और मैथुन में एक सामान होता है. ‘आहार, निद्रा, भय, मैथुनचंः समानऐतन पशुभि समानः। धर्मों हि तेसो विशेषो अधिकों, धर्मेन हीनः पशुभिनरानाम्।’ (उपनिषद्) मनसा, वाचा और कर्मणा सजगता अतः मनुष्य को मनसा, वाचा और कर्मणा तीनों से किये जाने वाले कर्म से सदा सजग होकर करना चाहिए.तीनों प्रकार से किये जाने वाले शुभ-अशुभ कर्मों पर नित्यप्रति शयनकाल के समय उसकी समीक्षा करनी चाहिए. अशुभ कर्मों को हमारे ऋषियों ने ध्यान, योग के माध्यम से ‘प्रत्याहार’ के द्वारा खत्म करने की बात कही है. अशुभ कर्मों का निवारण अशुभ भावनाओं को ध्यान में अपना आहार बनाकर खत्म करते रहना चाहिए. इससे कर्मफल बनने और भोगने से हम बचेंगे. अन्य उपाय उतने कारगर नहीं. वाणी संयम नहीं रहने से कई अशुभ कर्म होते हैं और मनुष्य नुकसान में रहते हैं. शुभ-अशुभ कर्म पर ध्यान देने से हमारा लोक-परलोक दोनों सुंदर बनता है. इसका हमें सदा ख्याल रखना चाहिए. (सुमन सागर) The post Law of Karma: मन, वचन और कर्म, यहीं से तय होता है जीवन का भविष्य appeared first on Naya Vichar.

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Rajasthan Weather: राजस्थान में और पड़ेगी कड़ाके की सर्दी, आया IMD का अलर्ट

Rajasthan Weather : राजस्थान के अधिकतर इलाकों में कड़ाके की सर्दी पड़ रही है. सोमवार सुबह कई जगह घना कोहरा छाया रहा जिसकी वजह से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा. मौसम विभाग ने आगामी दिनों में तापमान में और गिरावट आने तथा घना कोहरा छाए रहने का अनुमान व्यक्त किया है. कुछ भागों में शीतलहर चलेगी राजस्थान में मौसम विभाग के अनुसार, राज्य में आने वाले दिनों में मौसम शुष्क रहेगा. इस दौरान न्यूनतम तापमान में एक से दो डिग्री की और गिरावट आ सकती है. कुछ भागों में शीतलहर चलेगी. वहीं अनेक इलाकों में सुबह के समय घना कोहरा छाये रहने की संभावना है. राज्य में आगामी एक सप्ताह मौसम शुष्क रहने तथा आगामी 2-3 दिन राज्य के कुछ भागों में घना कोहरा….https://t.co/RJA46vAB8l — मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर (@IMDJaipur) January 4, 2026 राज्य में कुछ स्थानों पर मध्यम से घना कोहरा मौसम केंद्र जयपुर ने सोमवार सुबह बताया कि बीते चौबीस घंटे में राज्य में कुछ स्थानों पर मध्यम से घना कोहरा दर्ज किया गया. इस दौरान कहीं कहीं कोल्ड डे और सीवियर कोल्ड डे रिकॉर्ड किया गया. इस दौरान न्यूनतम तापमान वनस्थली में 4.1 डिग्री सेल्सियस, सिरोही, दौसा व गंगानगर में 5.4 डिग्री, सीकर में 5.5 डिग्री, पाली में 5.6 डिग्री और अजमेर में 5.8 डिग्री सेल्सियस रहा. यह भी पढ़ें : Aaj ka Mausam : 7 जनवरी तक इन राज्यों में ठंडी हवाओं का असर, चलेगी शीतलहर जयपुर के कई इलाकों में सुबह धुंध छाई रही राजस्थान की राजधानी जयपुर के कई इलाकों में सुबह धुंध छाई रही. बीकानेर, कोटा तथा उदयपुर संभाग में अनेक जगह घना कोहरा छाया रहा. तापमान में गिरावट और धूप नहीं निकलने के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ है. राजमार्ग पर वाहन धीमी गति से चलते दिखे. लोग सर्दी से बचने के लिए अलाव का सहारा ले रहे हैं. प्रशासन ने शहरों में कई जगह ‘रैन बसेरे’ बनाए हैं. इससे लोगों को राहत मिली है. यह भी पढ़ें : UP Weather : उत्तर प्रदेश में ठिठुरन बढ़ी, और गिरेगा पारा, आया IMD का अलर्ट The post Rajasthan Weather: राजस्थान में और पड़ेगी कड़ाके की सर्दी, आया IMD का अलर्ट appeared first on Naya Vichar.

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Khesari Lal Yadav New Bhojpuri Song: खेसारी लाल का अबतक का सबसे धमाकेदार गाना ‘3 थान’ रिलीज, 1-2 नहीं पूरे 3 एक्ट्रेसेस संग ट्रेंडिंग स्टार का रोमांस

Khesari Lal Yadav New Bhojpuri Song 3 Thaan: भोजपुरी इंडस्ट्री के सुपरस्टार खेसारी लाल यादव नये साल के मौके पर अपना नया धमाकेदार गाना ‘3 थान’ लेकर आए है. सॉन्ग आज रिलीज हो गया है और सोशल मीडिया पर ट्रेंड करने लगा है. बीते दिन ही खेसारी ने गाने का धांसू पोस्टर जारी किया था और अब ये गाना रिलीज कर दिया है. म्यूजिक वीडियो में खेसारी के साथ-साथ रक्षा गुप्ता, रानी और पारुल यादव नजर आ रही हैं. तीनों एक्ट्रेस के साथ खेसारी का ये वीडियो आपको बहुत आएगा. आइए गाने के बारे में जानिए. खेसारी लाल यादव का नया धमाकेदार गाना ‘3 थान’ हुआ रिलीज रक्षा गुप्ता, रानी और पारुल यादव का चला जादू ‘3 थान’ सॉन्ग में रक्षा गुप्ता, रानी और पारुल यादव, खेसारी लाल यादव से पूछती है कि वह उन्हें इतना क्यों देख रहे हैं. खेसारी उन्हें अपने साथ घूमने, फिरने का ऑफर देते हैं और उनके सारे खर्च उठाने की बात कहते हैं. ये मस्ती भरा गाना है और इसका म्यूजिक आपको झूमने पर मजबूर कर देगा. तीनों एक्ट्रेसेस काफी ग्लैमरस दिख रही है और उनके आउटफिट भी बेहद स्टाइलिश है. सॉन्ग की पूरी टीम एल्बम:- 3 थान गाना:- 3 थान गायक:-खेसारी लाल यादव, अनुपमा यादव एक्टर्स:-खेसारी लाल यादव, रक्षा गुप्ता, रानी और पारुल यादव गीत:- सुदीप समर संगीत:-मुलायम यादव वीडियो – वेलेन्स प्रोडक्शन वीडियो डायरेक्टर:-पवन पाल सम्पादक-अंगद पाल डीओपी:-श्रवण पाल सुनील गुप्ता कोरियोग्राफर-कुलदीप मेकअप – अमित सिंह टीम हेयर – विकाश कुमार टीम डांस ग्रुप – पीके डांस ग्रुप डीआई :- रोहित सिंह डिजिटल द्वारा प्रबंधित:- ग्लोबल म्यूजिक जंक्शन प्राइवेट। लिमिटेड कंपनी/लेबल-खेसारी म्यूजिक वर्ल्ड जानें यूजर्स को कैसा लगा गाना सॉन्ग पर कमेंट करते हुए एक यूजर ने लिखा, भोजपुरी इंडस्ट्री के बेताज बादशाह खेसारी लाल यादव. एक यूजर ने लिखा, 500 मिलियन वाला सॉन्ग है. एक यूजर ने लिखा, क्या किलर अंदाज है खेसारी भैया का. एक यूजर ने लिखा, 2026 के बादशाह खेसारी भैया है. यह भी पढ़ें- Khesari Lal Yadav New Bhojpuri Song: खेसारी लाल का न्यू ईयर स्पेशल सॉन्ग ‘आग लगइबू का’ हुआ रिलीज, रक्षा गुप्ता के ठुमकों ने मचाई सनसनी The post Khesari Lal Yadav New Bhojpuri Song: खेसारी लाल का अबतक का सबसे धमाकेदार गाना ‘3 थान’ रिलीज, 1-2 नहीं पूरे 3 एक्ट्रेसेस संग ट्रेंडिंग स्टार का रोमांस appeared first on Naya Vichar.

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Shakambhari Mata: शाकंभरी माता की कृपा, जीवनदायिनी शक्ति और शाक-सब्जियों से समृद्धि का प्रतीक

– डॉ राकेश कुमार सिन्हा ‘रवि’ Shakambhari Mata: आदि-अनादि काल से हिंदुस्तानीय धार्मिक जगत् में देवताओं से अधिक देवी मां की महिमा, कृपा और महत्ता बनी हुई है, जिनमें मां शाकम्भरी भी हैं. मां शाकम्भरी को शाकुंभरी, शाकंभरी और शताक्षी भी पुकारा जाता है. प्राकट्योत्सव और पुराणिक उल्लेख पौष माह की पूर्णिमा तिथि मां शाकम्भरी का प्राकट्योत्सवव है. मार्कंडेय पुराण अंतर्गत श्री दुर्गा सप्तशती के ग्यारहवें अध्याय में स्पष्ट उल्लेख मिलता है कि देवी शाकम्भरी आदिशक्ति दुर्गा के अवतारों में से एक हैं. श्रीमद् देवीभागवत ने भी इनकी कथा आती है. श्री दुर्गा सप्तशती में माताजी स्पष्ट रूप से कहती हैं कि जब पृथ्वी पर सौ वर्षों के लिए वर्षा रुक जायेगी और पानी का सर्वथा अभाव हो जायेगा,तब मुनियों के स्तवन करने पर मैं पृथ्वी पर अयोनिजारूप में प्रकट होकर सौ नेत्रों से मुनियों को देखूंगी, तब भक्त ‘शताक्षी’ के नाम से मेरा पूजन-अर्चन करेंगे. उस समय में शरीर से उत्पन्न हुए शाकों द्वारा समस्त संसार का भरण-पोषण करूंगी. जब तक वर्षा नहीं होगी तब तक शाक ही सब प्राणियों की रक्षा करेंगे. ऐसा करने के कारण पृथ्वी पर मेरी शाकम्भरी के नाम से ख्याति होगी और उसी अवतार से मैं महादैत्य दुर्गम का वध कर महामाया दुर्गा का रूप प्राप्त करूंगी. दैत्य दुर्गम और पृथ्वी संकट प्रचलित कथा के अनुसार, हिरण्याक्ष के कुल में उत्पन्न हुए दुर्गम नामक दैत्य ने एक बार कठोर तप के बल पर ब्रह्मा आदि देवताओं को प्रसन्न कर संपूर्ण वेद और शास्त्रों पर अधिकार कर लिया तथा देवताओं को इनसे वंचित भी कर दिया, जिससे वेद पाठ एवं यज्ञ परंपरा भूलोक से लुप्त होने लगी. दैत्यों का प्रभाव दिनों-दिन बढ़ने लगा. फलस्वरूप वर्षों तक धरती पर वर्षा नहीं हुई. फलस्वरूप संपूर्ण वनस्पति नष्ट हो गयी. तब देवताओं में मां भगवती से संपूर्ण जगत् को संकट से की रक्षा करने का अनुनय-विनय किया. मां शाकम्भरी का करुणामय प्रकट्य संपूर्ण भू-लोक को कष्ट से उबारने के लिए देवी धरा पर प्रकट हुईं. जल और वनस्पति विहीन धरती पर क्षुधा से आकुल प्राणियों को देखकर मां की अंतः करुणा जाग उठी और मां की नेत्रों से अश्रुधार बह निकली. नौ दिवस और नौ रात्रि अनवरत बहती धारा से संपूर्ण पृथ्वी तृप्त हो गयी. संकट हरणी माता की शक्ति से धरा पर वनस्पति आदि पुनः उत्पन्न हुई. साग-सब्जी, फल-फूल, औषधि, कंद मूल, जडी – बूटी आदि को उत्पन्न कर प्राणियों को जीवन प्रदान करने वाली शक्ति को देवताओं और भक्तों ने मां शाकम्भरी कहा. पौष पूर्णिमा पर जयंती आज भी माता रानी को उनके विशेष पूजन के अवसर पर विभिन्न प्रकार की साग-सब्जियां, बेलपत्र, कंदमूल और फल-फलाहार आदि भोग लगाने की परंपरा है. विवरण है कि माता शाकंभरी देवी भूमंडल पर पौष पूर्णिमा के दिन प्रकट हुई थीं, इसीलिए पौष पूर्णिमा पर हर वर्ष मां शाकम्भरी जयंती हर्षोल्लास के साथ मनायी जाती है. ऐसे नवरात्र की पवित्र-पुनीत अवधि में भी मां शाकम्भरी की विशेष पूजन-आराधन की जाती है. मां शाकम्भरी और हरितिमा धर्मज्ञों की राय में हरीतिमा लिए पृथ्वी और साग सब्जियों का मूल रंग हरा है, इसीलिए मां को हरा रंग अतिशय प्रिय है. ऐसे तो पूरे देश मे माता शाकम्भरी का पूजन स्थान विद्यमान है, पर इनमें सबसे अधिक प्रसिद्ध सहारनपुर के शिवालिक क्षेत्र में अवस्थित मां शाकम्भरी के तीर्थ का विशेष महत्व है. साथ ही राजस्थान के मरू प्रदेश में अवस्थित सांभर में भी मां का एक पौराणिक तीर्थ विराजमान है. उत्तर हिंदुस्तान में नौ देवियों की यात्रा में मां शाकम्भरी देवी की भी गणना की जाती है. जीवनदायिनी आहार और मां की कृपा आज भले ही लोगों में मांसाहार की प्रवृत्ति बढ़ रही है, लेकिन जीवनदायिनी आहार तत्वों मे साग-सब्जियों का अमूल्य स्थान है और यह मां शाकम्भरी की ही कृपा है कि साग-सब्जियों से अपना देश प्रारंभिक काल से ही सर्वसमृद्ध रहा है, जो तुष्टि पुष्टिदायक आहारों में सबसे उपयुक्त है और स्वास्थ्य के लिए अति उत्तम भी. The post Shakambhari Mata: शाकंभरी माता की कृपा, जीवनदायिनी शक्ति और शाक-सब्जियों से समृद्धि का प्रतीक appeared first on Naya Vichar.

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Mamata Banerjee: ममता बनर्जी हुईं 71 साल की, पीएम मोदी ने दी जन्मदिन पर शुभकामनाएं

मुख्य बातें राहुल गांधी समेत कई नेताओं ने दी बधाई जन्मदिन की सच्चाई ममता के पास हैं कई डिग्रियां छात्र जीवन से नेतृत्व में एंट्री 34 साल का किला ढहाने वाली पहली स्त्री ब्रश और कलम की जादूगर Mamata Banerjee : कोलकाता. पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी 71 साल की हो गयी हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत देश के कई राजनेताओं ने उन्हें जन्मदिन की बधाई दी है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को उनके जन्मदिन पर बधाई दी और उनके अच्छे स्वास्थ्य और लंबी उम्र की कामना की. नरेंद्र मोदी ने X पर लिखा- पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता दीदी को जन्मदिन की शुभकामनाएं. मैं उनके अच्छे स्वास्थ्य और लंबी उम्र की कामना करता हूं. Mamata banerjee: ममता बनर्जी हुईं 71 साल की, पीएम मोदी ने दी जन्मदिन पर शुभकामनाएं 2 राहुल गांधी समेत कई नेताओं ने दी बधाई पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी समेत देश के कई नेताओं ने जन्मदिन की बधाई दी है. लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सोमवार को तृणमूल कांग्रेस अध्यक्ष ममता बनर्जी को जन्मदिन की बधाई देते हुए कहा है कि ममता दीदी को जन्मदिन की बधाई. आपके खुशहाल, स्वस्थ व दीर्घ जीवन की कामना. जन्मदिन की सच्चाई 5 जनवरी 1955 को जन्मीं बनर्जी पश्चिम बंगाल की तीन बार मुख्यमंत्री रह चुकी हैं. ममता बनर्जी सात बार लोकसभा के लिए चुनी गईं और केंद्रीय कैबिनेट मंत्री के रूप में भी काम किया. वह पश्चिम बंगाल की पहली स्त्री मुख्यमंत्री हैं. जन्मदिन को लेकर बताया जाता है कि ममता बनर्जी की जन्मतिथि उनकी किताबों में 5 जनवरी दर्ज है, लेकिन उन्होंने खुद अपनी किताब में लिखा है कि उन्होंने अपनी मां से सुना था कि उनका जन्मदिन दुर्गा पूजा के दौरान होता है. ममता के पास हैं कई डिग्रियां 5 जनवरी 1955 को कोलकाता में प्रोमिलेश्वर और गायत्री बनर्जी के घर जन्मीं ममता बनर्जी का सफर किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है. नेतृत्व के अखाड़े में विरोधियों को धूल चटाने वाली ममता ने शिक्षा के क्षेत्र में भी कई डिग्रियां हासिल की हैं. उनके पास बीए, बी.एड, कानून और एमए की डिग्रियां हैं. छात्र जीवन से नेतृत्व में एंट्री नेतृत्व में उनकी एंट्री छात्र जीवन से ही हो गई थी1 जोगमाया देवी कॉलेज में पढ़ाई के दौरान ही वे छात्र परिषद में शामिल हो गईं. 1984 में उन्होंने जादवपुर संसदीय सीट से चुनाव जीतकर सबको चौंका दिया था. इसके बाद वे दक्षिण कोलकाता सीट से 1991, 1996, 1998, 1999, 2004 और 2009 में लगातार सांसद चुनी गईं. 34 साल का किला ढहाने वाली पहली स्त्री ममता बनर्जी का नाम इतिहास में इसलिए भी दर्ज है क्योंकि उन्होंने 2011 में पश्चिम बंगाल में वाममोर्चा के 34 साल पुराने अभेद्य किले को ढहा दिया था. 20 मई, 2011 को उन्होंने पश्चिम बंगाल की पहली स्त्री मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली और तब से वे लगातार तीसरी बार राज्य की कमान संभाल रही हैं. केंद्र में भी वे रेल मंत्री, कोयला और खान मंत्री, और युवा व स्पोर्ट्स राज्य मंत्री जैसे अहम पदों पर रह चुकी हैं. ब्रश और कलम की जादूगर सियासत की भागदौड़ के बीच ममता बनर्जी के पास एक ऐसा छिपा हुआ हुनर भी है, जिसके बारे में कम ही चर्चा होती है. वह एक बेहतरीन कवयित्री और पेंटर भी हैं. बेहद व्यस्त होने के बावजूद, उन्होंने 5000 से अधिक ऑयल पेंटिंग्स बनाई हैं. उनकी कई पेंटिंग्स की नीलामी भी हुई है, और उससे मिली रकम को उन्होंने सामाजिक और विकास कार्यों के लिए दान कर दिया. ममता बनर्जी ने अंग्रेजी और बंगाली भाषा में 20 से अधिक किताबें लिखी हैं. Also Read: Bengal News: लक्ष्मी भंडार योजना पर भाजपा नेता की विवादित टिप्पणी, भड़की टीएमसी The post Mamata Banerjee: ममता बनर्जी हुईं 71 साल की, पीएम मोदी ने दी जन्मदिन पर शुभकामनाएं appeared first on Naya Vichar.

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Delhi Riots Case : क्या उमर खालिद और शरजील इमाम को मिलेगी जमानत? सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला आज

Delhi Riots Case :करीब पांच साल से अधिक समय से जेल में बंद छात्र नेता उमर खालिद और शरजील इमाम की रिहाई पर फैसला सोमवार को यानी आज आएगा. सुप्रीम कोर्ट 2020 के दिल्ली दंगों से जुड़े कथित “बड़ी साजिश” मामले में उनकी जमानत याचिकाओं पर फैसला सुनाएगा. इसी मामले में आरोपित पांच अन्य लोगों की जमानत पर भी अदालत अपना निर्णय देगी. न्यायमूर्ति अरविंद कुमार और एनवी अंजारिया की पीठ ने पिछले साल 10 दिसंबर को आरोपियों और दिल्ली पुलिस की दलीलें सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था. दिल्ली पुलिस ने उनकी रिहाई का विरोध करते हुए गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम यानी यूएपीए का हवाला दिया है. सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल 10 दिसंबर को दिल्ली पुलिस की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता और अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू जबकि आरोपियों की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल, अभिषेक सिंघवी, सिद्धार्थ दवे, सलमान खुर्शीद और सिद्धार्थ लूथरा की दलीलें सुनने के बाद आरोपियों की जमानत याचिकाओं पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था. दंगों का “मुख्य साजिशकर्ता” होने का आरोप उमर, शरजील और अन्य पर फरवरी 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों का “मुख्य साजिशकर्ता” होने का आरोप है. उनके खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) और हिंदुस्तानीय न्याय संहिता (आईपीसी) के विभिन्न प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया था. यह भी पढ़ें : न्यूयॉर्क के पहले मुस्लिम मेयर को हुई उमर खालिद की चिंता, जोहरान ममदानी ने हाथ से लिखा पत्र, जानें क्या कहा? दिल्ली हाई कोर्ट ने जमानत देने से किया था इनकार उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों में 53 लोग मारे गए थे और 700 से अधिक लोग घायल हुए थे. क्षेत्र में नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) और राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) के खिलाफ व्यापक विरोध-प्रदर्शनों के दौरान हिंसा भड़क उठी थी. दिल्ली हाई कोर्ट ने दंगों की साजिश से जुड़े मामले में उमर सहित अन्य आरोपियों को जमानत देने से दो सितंबर को इनकार कर दिया था. इसके बाद आरोपियों ने उक्त फैसले के खिलाफ शीर्ष अदालत का रुख किया था. The post Delhi Riots Case : क्या उमर खालिद और शरजील इमाम को मिलेगी जमानत? सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला आज appeared first on Naya Vichar.

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Kolkata news: कोलकाता मेट्रो सेवा बाधित! शहीद खुदीराम से दक्षिणेश्वर तक घंटों परेशान रहे यात्री

मुख्य बातें एक घंटा से अधिक समय तक बाधित रही सेवा स्टेशन पर लोगों की भारी भीड़ Kolkata news: कोलकाता. सप्ताह के पहले दिन ही कोलकाता मेट्रो की ब्लू लाइन (दक्षिणेश्वर-शाहिद खुदीराम) पर तकनीकी खराबी के कारण ट्रेंने आधित रहीं. सुबह 7 बजे से सेवाएं प्रभावित हुईं. एक घंटे से अधिक समय तक सेवाएं अनियमित रही, जिसके कारण यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है. शहीद खुदीराम से दक्षिणेश्वर की ओर जाने वाला मेट्रो मार्ग करीब घंटे भर के लिए पूरी तरह बंद रहा. हालांकि मेट्रो सेवा बाद में फिर से शुरू हो गई, लेकिन इस रिपोर्ट लिखे जाने तक सेवाएं सामान्य रूप से बहाल नहीं हुई थीं. हालांकि, मेट्रो ऐप का दावा है कि सुबह 8:39 बजे से सेवा सामान्य हो गई है. लेकिन वास्तविकता इससे बिल्कुल अलग है. एक घंटा से अधिक समय तक बाधित रही सेवा कोलकाता मेट्रो रेल ने आज सुबह घोषणा की कि अपरिहार्य कारणों से, ब्लू लाइन के पूरे खंड पर मेट्रो सेवा प्रदान करना संभव नहीं है. कोलकाता मेट्रो रेल ऐप का दावा है कि मेट्रो दक्षिणेश्वर से महानायक उत्तम कुमार (टॉलीगंज) तक चल रही है. सोमवार को सुबह 7:30 बजे शहीद खुदीराम स्टेशन बंद कर दिया गया और दक्षिणेश्वर जाने वाली मेट्रो ट्रेन उपलब्ध नहीं थी. एक घंटे बाद भी स्थिति सामान्य नहीं हो पाई. टॉलीगंज से मेट्रो चल रही है, फिर भी उसमें काफी भीड़ है. कई लोग मेट्रो में चढ़ नहीं पा रहे हैं. हालांकि, विपरीत दिशा में, यानी दक्षिणेश्वर से शहीद खुदीराम तक, मेट्रो सेवा सामान्य रूप से चल रही है. स्टेशन पर लोगों की भारी भीड़ सोमवार की सुबह से ही मेट्रो स्टेशनों पर लोगों की भारी भीड़ देखी जा रही थी. सप्ताह के पहले दिन मेट्रो कार्यालय जाने वाले यात्रियों से खचाखच भरी रहती है. मेट्रो निर्धारित समय पर नहीं पहुंची और कुछ समय के लिए सेवा बाधित रही, जिससे स्टेशनों पर भारी भीड़ हो गई. मेट्रो के दोबारा चलने के बाद भी वह भीड़ को संभालने में असमर्थ रही. ऐसा माना जा रहा है कि स्थिति को सामान्य होने में और अधिक समय लगेगा. कवि सुभाष मेट्रो स्टेशन के खंभों में दरारें आने के कारण यह स्टेशन लंबे समय से बंद है. फिलहाल, यात्रियों को ब्लू लाइन पर दक्षिणेश्वर से शहीद खुदीराम तक सेवा मिल रही है. शिकायत यह है कि कई बार मेट्रो शहीद खुदीराम तक नहीं जाती. टॉलीगंज को आखिरी स्टेशन बना दिया जाता है. Also Read: Bengal News: लक्ष्मी भंडार योजना पर भाजपा नेता की विवादित टिप्पणी, भड़की टीएमसी The post Kolkata news: कोलकाता मेट्रो सेवा बाधित! शहीद खुदीराम से दक्षिणेश्वर तक घंटों परेशान रहे यात्री appeared first on Naya Vichar.

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UAE के जाते ही सऊदी अरब ने STC को खदेड़ा, हदरामौत और अल-महारा में लौटी यमन सरकार

Saudi Arabia backed Yemen Govt retakes Hadramout Al-Mahra: यमन में सऊदी अरब और यूएई के बीच शह और मात का स्पोर्ट्स चल रहा है. पहले यूएई समर्थित साउदर्न ट्रांजिशनल काउंसिल (STC) ने हदरामौत में सऊदी अरब के समर्थन से चल रही प्रशासन को हटाया. अब सऊदी अरब समर्थित यमनी प्रशासनी बलों ने दावा किया है कि उन्होंने STC से हदरामौत और अल-महारा प्रांतों का नियंत्रण दोबारा हासिल कर लिया है. खाड़ी क्षेत्र की दो प्रमुख शक्तियों के बीच जारी खींचतान के बीच यह नया घटनाक्रम सामने आया है. इससे पहले सऊदी अरब ने दक्षिणी यमन के मुकल्ला बंदरगाह पर हमला किया था, जहां उसका दावा था कि विद्रोहियों के लिए यूएई से हथियार आए थे. सऊदी ने यूएई को अपने सैनिकों को वहां से निकालने के लिए 24 घंटे का वक्त दिया था. इसके बाद सऊदी ने हदरामौत में हमला करके 20 लड़ाकों को मारा था.  यमन की प्रेसिडेंशियल लीडरशिप काउंसिल के अध्यक्ष राशद मोहम्मद अल-अलीमी ने शनिवार को जारी बयान में कहा कि सऊदी समर्थित “होमलैंड शील्ड फोर्सेज” ने शुक्रवार से शुरू हुए एक सैन्य अभियान के बाद सऊदी सीमा से सटे इन प्रांतों में सभी सैन्य और सुरक्षा ठिकानों पर फिर से कब्जा कर लिया है. उन्होंने इस कार्रवाई को “रिकॉर्ड सफलता” करार दिया. नियंत्रण बहाल होने के बाद हदरामौत के गवर्नर सलेम अल-खानबाशी ने घोषणा की कि उन्होंने सैयून शहर से अपने आधिकारिक दायित्वों को दोबारा संभाल लिया है. अल-खानबाशी इस अभियान में अहम भूमिका निभा रहे थे. राष्ट्रपति अल-अलीमी की हदरामौत के नागरिकों से अपील अपने बयान में अल-अलीमी ने बताया कि उन्होंने फोन पर अल-खानबाशी से बातचीत की, जो होमलैंड शील्ड फोर्सेज के कमांडर भी हैं. उन्होंने स्थानीय प्रशासन की भूमिका और प्रमुख ठिकानों को बहाल व सुरक्षित करने में बलों की तेज और प्रभावी कार्रवाई की सराहना की. बयान में कहा गया, “राष्ट्रपति अल-अलीमी ने हदरामौत के नागरिकों से अपील की कि वे प्रशासनी संस्थानों और सार्वजनिक सुविधाओं की सुरक्षा के लिए स्थानीय प्रशासन और होमलैंड शील्ड फोर्सेज का साथ दें. उन्होंने सामाजिक सौहार्द बनाए रखने और सामुदायिक साझेदारी को मजबूत करने पर भी जोर दिया, ताकि कानून का शासन कायम रह सके.” इसके अलावा, अल-अलीमी ने अल-महारा के गवर्नर मोहम्मद अली यासिर से भी फोन पर बातचीत की. इस दौरान उन्हें प्रांत की मौजूदा स्थिति और सैन्य शिविरों व संप्रभु प्रतिष्ठानों को होमलैंड शील्ड फोर्सेज तथा स्थानीय प्रशासन को सौंपने की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी गई. उन्होंने कहा कि ये कदम सुरक्षा और स्थिरता को मजबूत करेंगे, सार्वजनिक और निजी हितों की रक्षा करेंगे तथा सामाजिक शांति को बनाए रखने में सहायक होंगे. शुक्रवार को शुरू किया गया सैन्य अभियान इससे पहले शुक्रवार को अल-खानबाशी ने “कैंपों पर नियंत्रण” नामक एक सैन्य अभियान शुरू करने की घोषणा की थी, जिसका उद्देश्य सैन्य ठिकानों पर शांतिपूर्ण और संगठित तरीके से दोबारा कब्जा करना था. अल अरेबिया के मुताबिक, होमलैंड शील्ड फोर्सेज ने वादी हदरामौत क्षेत्र, जिसमें सैयून और अन्य महत्वपूर्ण प्रतिष्ठान शामिल हैं, को पूरी तरह सुरक्षित कर लिया है. इसके बाद बल अब हदरामौत पठार और सैयून से मुकल्ला को जोड़ने वाली सड़क पर मौजूद STC से जुड़े शेष लड़ाकों का पीछा कर रहे हैं. साथ-साथ लड़ रहे यूएई-सऊदी आपस में भिड़े अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, इस स्थिति की जड़ें एक दशक से भी पहले की हैं, जब सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात ने मिलकर यमन में हूती विद्रोहियों के खिलाफ सैन्य गठबंधन का नेतृत्व किया था, जिन्होंने देश के बड़े हिस्से पर नियंत्रण स्थापित कर लिया था. समय के साथ यह सैन्य अभियान अपने उद्देश्यों में पूरी तरह सफल नहीं हो सका. इसके बाद यूएई ने अपने रणनीतिक हितों पर ध्यान केंद्रित करते हुए दक्षिणी यमन में STC को समर्थन और हथियार उपलब्ध कराए. जब सऊदी अरब को यह महसूस हुआ कि उसकी सीमाओं के पास STC का बढ़ता प्रभाव उसकी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बन सकता है, तो उसने स्थिति में सीधे हस्तक्षेप करने का फैसला किया. एएनआई के इनपुट के साथ. मां की कसम… मादुरो की गिरफ्तारी के बाद बेटे का पहला बयान, अमेरिकी कार्रवाई पर कहा- इतिहास बताएगा कि… मुझे खुश करना जरूरी… ट्रंप की हिंदुस्तान को धमकी; रूसी तेल व्यापार जारी रहा तो बढ़ेगा टैरिफ पाकिस्तानी विदेश मंत्री के सामने चीन ने अमेरिका को सुनाया, जानें वेनेजुएला पर US की कार्रवाई पर क्या कहा The post UAE के जाते ही सऊदी अरब ने STC को खदेड़ा, हदरामौत और अल-महारा में लौटी यमन प्रशासन appeared first on Naya Vichar.

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