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January 5, 2026

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पतंजलि योगपीठ ट्रस्ट का मनाया गया 32वां स्थापना दिवस

मधुपुर. प्रखंड क्षेत्र के साप्तर गांव स्थित दुर्गा मंदिर परिसर में सोमवार को समारोह आयोजित कर पतंजलि योगपीठ ट्रस्ट का 32वां स्थापना दिवस मनाया गया. इस अवसर सामूहिक योग, ध्वजारोहण, हवन-यज्ञ व सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया. समारोह में उपस्थित लोगों के बीच प्रसाद वितरण किया गया. इस अवसर पर अनुज कुमार ने कहा कि प्रखंड क्षेत्र में योग से जुड़े लोगों के बीच पतंजलि योगपीठ के सदस्य जाकर उन्हें योग से संबंधित जानकारी देते है. लोगों में योग के प्रति काफी जागरूकता आया है. अब योग कर लोग अपनी जीवन में बदलाव ला रहे हैं. मौके पर पतंजलि योगपीठ देवीपुर प्रखंड प्रभारी राजेश गोस्वामी, अजय कुमार राय, उत्तम कुमार वर्मा, डाॅ नकुल वर्मा, शिवशंकर यादव, डाॅ सुनील मंडल, नंदलाल तुरी, राजेन्द्र यादव, मनोज कुमार राय, मारगोमुंडा प्रभारी संजय कुमार यादव, सारवां प्रखंड प्रभारी विनोद कुमार वर्मा, गोपाल मंडल, विनोद गोस्वामी, गिरिराज गोस्वामी, चंद्र किशोर वर्मा, अजय वर्मा समेत दर्जनों लोग मौजूद थे. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post पतंजलि योगपीठ ट्रस्ट का मनाया गया 32वां स्थापना दिवस appeared first on Naya Vichar.

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Deoghar News : डीसी व एसपी ने सड़क सुरक्षा जागरुकता रथ को दिखायी हरी झंडी

संवाददाता, देवघर : सड़क दुर्घटनाओं पर लगाम लगाने और आमजनों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने सोमवार को सड़क सुरक्षा माह के तहत अभियान की शुरुआत की. डीसी नमन प्रियेश लकड़ा, एसपी सौरभ, एसडीएम रवि कुमार व डीटीओ शैलेश प्रियदर्शी ने संयुक्त रूप से समाहरणालय परिसर से सड़क सुरक्षा जागरुकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. डीसी ने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है. एक जिम्मेदार चालक न सिर्फ अपनी, बल्कि दूसरों की जान की भी सुरक्षा करता है. उन्होंने युवाओं और नये चालकों से विशेष रूप से अपील की कि वे हेलमेट का उपयोग करें, शराब पीकर या मोबाइल पर बात करते वाहन नहीं चलायें. तेज व लापरवाही से वाहन नहीं चलाना जैसे नियमों का पालन करें. यह रथ जिले के सभी प्रखंडों व अनुमंडल मुख्यालयों में 31 जनवरी तक भ्रमण करेगा. इस दौरान लोगों को यातायात नियमों के साथ-साथ सड़क दुर्घटना के शिकार लोगों की मदद के लिए भी प्रेरित किया जायेगा. उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटना में होने वाली मृत्यु ऐसी क्षति है, जिसकी भरपाई संभव नहीं है, इसलिए सतर्कता और नियमों का पालन बेहद जरूरी है. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post Deoghar News : डीसी व एसपी ने सड़क सुरक्षा जागरुकता रथ को दिखायी हरी झंडी appeared first on Naya Vichar.

समस्तीपुर

मुसरीघरारी में स्वच्छता सेवा कार्यक्रम का हुआ समापन 

नया विचार न्यूज़ सरायरंजन : मुसरीघरारी नगर पंचायत के स्पोर्ट्स मैदान में सोमवार को स्वच्छता सेवा समापन समारोह के अवसर पर पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन किया गया। इस समारोह के मुख्य अतिथि जलसंसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी ने दो दर्जन से अधिक छात्रों को पुरस्कार प्रदान किया। समारोह को संबोधित करते हुए श्री चौधरी ने कहा कि स्पोर्ट्सकूद से शरीर को तंदुरुस्ती मिलती है। इसलिए छात्र –छात्राओं को हर रोज विभिन्न तरह के स्पोर्ट्सों में भाग लेना चाहिए। कहा कि इस तरह का सेवा पखवाड़ा हर नगर पंचायत को मनाना चाहिए। स्वच्छता का मतलब है कि सुरक्षित होना। इससे पूर्व मंत्री ने पुरूष वर्ग के मैराथन दौड़ में प्रथम सीमंत कुमार, रंधीर कुमार, सुनील कुमार एवं स्त्री वर्ग में मैराथन दौड़ में अंजलि कुमारी, सुप्रिया कुमारी एवं शिवानी कुमारी आदि को नगद राशि एवं मेडल देकर सम्मानित किया। इससे पूर्व छात्र एवं छात्राओं ने विभिन्न प्रकार के नृत्य, गायन, डांस आदि प्रस्तुत किया। उपस्थित लोगों ने ताली बजाकर उनका हौसला बढ़ाया।अध्यक्षता मुख्य पार्षद दिव्या कुमारी ने की। कार्यक्रम का संचालन प्रो. सत्संध भारद्वाज ने किया। मौके पर उपमुख्य पार्षद मंजू देवी ,एसडीओ दीलीप कुमार, एसडीपीओ संजय कुमार पाण्डेय, बीडीओ सुनील कुमार, मुसरीघरारी नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी राकेश कुमार, नगर अध्यक्ष सुशांत सिंह, अनिल सिंह बाबा, विधाकर झा, भोला कुमार सिंह,मानस सिंह,प्रो. अमरेन्द्र कुमार, अजीत कुमार रितेश कुमार यादव,रजनीश यादव, शाकिर रजा, इजहार असरफ, नागराज झा, शीपक कुमार, अजय राय,अमर कुमारसहित सैकड़ों लोग उपस्थित थे।उधर, श्री चौधरी ने रूपौली बुजुर्ग पंचायत में आभार यात्रा को संबोधित करते हुए कहा कि यह हमारा सौभाग्य है कि सरायरंजन जैसे विधानसभा का प्रतिनिधित्व करने का मौका मिला।आज हम सरायरंजन के लोगों की सेवा के लिए हमेशा तत्पर रहते हैं। मौके पर दर्जनों कार्यकर्ता मौजूद थे।

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परमहंस योगानंद की 133वीं जयंती, 10 हजार से अधिक लोगों ने भंडारे में खाया खाना

Paramahansa Yogananda 133 Birth Anniversary: योगदा सत्संग सोसाइटी ऑफ इण्डिया (YSS), रांची ने अपने संस्थापक, परमहंस योगानन्द का 133 वां जन्मोत्सव मनाया गया. समारोह का शुभारंभ एक विशेष समूह ध्यान और स्वामी श्रद्धानन्द गिरि की ओर से गुरु: मौन ईश्वर की मुखर वाणी विषय पर एक सत्संग के साथ किया गया. कार्यक्रम का सीधा प्रसारण योगदा सत्संग ऑनलाइन ध्यान केन्द्र पर Zoom App के जरिए किया गया, जिसमें दुनियाभर से हजारों भक्त जुड़े. इसके बाद ब्रह्मचारी भास्करानन्द और कैवल्यानन्द की ओर से संचालित भजनों का उल्लासपूर्ण कीर्तन हुआ. शिव मंदिर में गुरु पूजा और यज्ञ सम्पन्न किया गया. दिन का मुख्य आकर्षण भक्तों के साथ-साथ रांची शहर और आस-पास के गांवों के लोगों के लिए एक भंडारा था. समारोह का समापन शाम को एक विशेष ध्यान के साथ हुआ. हर साल धूम-धाम से मनाया जाता है परमहंस योगानंद का जन्म दिवस योगानंद की ओर से स्थापित यह आध्यात्मिक संस्था हर वर्ष उनके जन्मोत्सव को ध्यान, कीर्तन और इस भण्डारे के साथ मनाती है. हर वर्ष की तरह इस साल भी स्थानीय लोगों और अन्य आगन्तुकों ने बड़ी संख्या में हिस्सा लिया. कार्यक्रम दोपहर 12 बजे शुरू होकर देर शाम तक चला. आश्रम के द्वार पर लम्बी कतारें लगने लगीं.वाईएसएस के अनेक भक्तों ने उत्साहपूर्वक मेहमानों को खिचड़ी, चटनी और लड्डू का प्रसाद दिया. इस भण्डारे के माध्यम से लगभग 10000 से अधिक लोगों को गुरु प्रसाद ग्रहण किया. जरूरतमंदों के बीच बांटे गए कंबल दिसम्बर के महीने में आश्रम ने गुरुदेव के सम्मान में सेवा गतिविधियां आयोजित की गई थी, जिसमें अंगड़ा गांव के गरीब और जरूरतमंद निवासियों और रांची में कुष्ठ रोग से प्रभावित कॉलोनी (निर्मल आवास, मुदमा के पास) के लोगों को कम्बल वितरित किया गया. 2 जनवरी को, आश्रम ने रांची में कुष्ठ रोग से प्रभावित कॉलोनी के गरीब और जरूरतमंद निवासियों को भोजन उपलब्ध कराकर इन सेवा गतिविधियों को जारी रखा. 1917 में हुई थी YSS की स्थापना वाईएसएस की स्थापना योगानंद ने 1917 में की थी. इसका मकसद हिंदुस्तान और पड़ोसी देशों में क्रिया योग सिखाना था. क्रियायोग एक पवित्र आध्यात्मिक विज्ञान है जो हजारों साल पहले हिंदुस्तान में उत्पन्न हुआ था. The post परमहंस योगानंद की 133वीं जयंती, 10 हजार से अधिक लोगों ने भंडारे में खाया खाना appeared first on Naya Vichar.

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विजय कुमार सिन्हा का बड़ा ऐलान, राजस्व सेवाएं हुईं पूरी तरह ऑनलाइन, दलालों की एंट्री बंद

Bihar Bhumi: डिप्टी सीएम और राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि फर्जी कागजात के आधार पर कार्यों में बाधा डालने वालों पर अब सख्त कार्रवाई होगी. सभी अंचल अधिकारियों और राजस्व कर्मचारियों को ऐसे लोगों पर आपराधिक मुकदमा दर्ज करने का अधिकार दे दिया गया है. इस अधिकार का सही दिशा में उपयोग कर सही कार्य में बाधा डालने वाले भूमाफियाओं को जेल के अंदर भेजें. सभी सेवाएं ऑनलाइन, हर अंचल में खुले सीएससी केंद्र डिप्टी सीएम ने बताया कि विभाग की सभी सेवाएं अब पूरी तरह ऑनलाइन कर दी गयी हैं. आम लोगों को ऑनलाइन सेवाओं का लाभ आसानी से मिले, इसके लिए प्रत्येक अंचल कार्यालय में सीएससी केंद्र खोले गये हैं. यहां प्रशिक्षित वीएलई तय मामूली शुल्क पर आवेदन प्रक्रिया के साथ उचित परामर्श भी देंगे. फर्जी कागजात पर सीधी कार्रवाई डिप्टी सीएम ने कहा कि फर्जी कागजात के आधार पर कार्यों में बाधा डालने वालों पर अब सख्त कार्रवाई होगी. सभी अंचल अधिकारियों और राजस्व कर्मचारियों को ऐसे तत्वों पर प्राथमिकी दर्ज करने का अधिकार दे दिया गया है. सही कार्य में बाधा डालने वाले माफियाओं को जेल भेजना प्रशासन की जिम्मेदारी होगी. उन्होंने कहा कि विभाग की कार्यप्रणाली के केंद्र में बिहार की जनता है. पारदर्शिता, जवाबदेही और ईमानदारी सर्वोच्च प्राथमिकता है. किसी भी प्रकार के दलाल, बिचौलिये या भू-माफिया की संलिप्तता बर्दाश्त नहीं की जायेगी. सही व्यक्ति किसी भी स्थिति में पीड़ित नहीं होगा, जबकि नियम तोड़ने वालों पर कठोर कार्रवाई तय है. आज टाउन हॉल, भागलपुर में #भूमि_सुधार_जन_कल्याण_संवाद का सफल, सार्थक एवं प्रभावी आयोजन किया गया। जिले के सभी अंचलों से भूमि से जुड़ी सैकड़ों शिकायतें एवं आवेदन प्राप्त हुए। प्रत्येक आवेदक की समस्या को विभाग के वरीय पदाधिकारियों, अपर समाहर्ता, उप समाहर्ता, अंचलाधिकारी एवं संबंधित… pic.twitter.com/zPH9jW6Qg1 — Vijay Kumar Sinha (@VijayKrSinhaBih) January 5, 2026 ऑनलाइन नकल से लेकर ऑपरेशन भूमि दखल देहानी तक डिप्टी सीएम ने कहा कि 1 जनवरी 2026 से राजस्व अभिलेखों की सत्यापित नकल केवल ऑनलाइन उपलब्ध करायी गयी है, जिसे पूर्ण वैधानिक मान्यता प्राप्त है. नगर निकाय क्षेत्रों में वंशावली निर्गत करने की व्यवस्था लागू की गयी है. एससी-एसटी पर्चाधारियों को शत-प्रतिशत दखल दिलाने के लिए ऑपरेशन भूमि दखल देहानी शुरू किया गया है. परिमार्जन प्लस और बंटवारा प्रक्रिया के लिए समय-सीमा तय परिमार्जन प्लस के मामलों के लिए 15, 35 और 75 कार्य दिवस की स्पष्ट समय-सीमा निर्धारित की गयी है. पारिवारिक बंटवारा पोर्टल से अब बंटवारा और दाखिल-खारिज की प्रक्रिया सरल हुई है. पुराने दाखिल-खारिज, परिमार्जन प्लस और मापी के मामलों के निष्पादन के लिए विशेष शिविर लगाने के निर्देश दिये गये हैं. थाना नहीं, अब अंचल में लगेगा जनता दरबार हर शनिवार को थाना की जगह अंचल कार्यालय में जनता दरबार आयोजित किया जायेगा. राजस्व कर्मचारी अब अपने पंचायत भवन में बैठकर काम करेंगे. मापी के बाद प्रतिवेदन ऑनलाइन अपलोड करना अनिवार्य कर दिया गया है. एक से अधिक पंचायत के प्रभार वाले राजस्व कर्मचारी रोस्टर के हिसाब पंचायत भवन में बैठेंगे. वीडियो कॉल से उनकी उपस्थिति सुनिश्चित की जायेगी. इसकी मॉनीटरिंग होगी. बिहार की ताजा समाचारों के लिए क्लिक करें प्रशासनी जमीन पर गलत जमाबंदी पर सख्ती, स्थगन के आदेश प्रशासनी भूमि की गलत जमाबंदी पर तत्काल स्थगन के आदेश दिये गये. साथ ही सभी जिलों में लैंड बैंक निर्माण के निर्देश जारी किये गये हैं. अच्छे काम पर सम्मान, लापरवाही पर कार्रवाई उपमुख्यमंत्री ने कहा कि बेहतर कार्य करने वाले टॉप तीन अंचल अधिकारियों को विभागीय स्तर पर सम्मानित किया जायेगा. वहीं, लापरवाही, भ्रष्टाचार या अनैतिक आचरण के मामलों में कठोर कार्रवाई की जायेगी. इसे भी पढ़ें: बिहार के इस जिले में शुरू होगा बुलडोजर एक्शन, 355 परिवारों की उड़ी नींद, प्रशासन का अल्टीमेटम मार्च तक मामलों के समाधान का लक्ष्य, फिर सिर्फ माफियाओं पर रहेगी नजर विभाग के प्रधान सचिव सीके अनिल ने कहा कि उपमुख्यमंत्री के नेतृत्व में यह नयी पहल ईमानदारी से समाधान की दिशा में बड़ा कदम है. इस वर्ष अंचल अधिकारियों को व्यापक अधिकार दिये गये हैं, जिनका उपयोग भू-माफियाओं के खात्मे में किया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि मार्च तक अधिकांश समस्याओं के समाधान का लक्ष्य तय किया गया है. इसके बाद सिर्फ माफियाओं पर नजर रहेगी. The post विजय कुमार सिन्हा का बड़ा ऐलान, राजस्व सेवाएं हुईं पूरी तरह ऑनलाइन, दलालों की एंट्री बंद appeared first on Naya Vichar.

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Heavy Rain Warning: 6 से 10 जनवरी तक भारी बारिश की संभावना, शीतलहर और भीषण ठंड का अलर्ट

Heavy Rain Warning: आईएमडी के अनुसार 06 जनवरी को जम्मू-कश्मीर-लद्दाख-गिलगित-बाल्टिस्तान-मुजफ्फराबाद, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में अलग-अलग जगहों पर हल्की/मध्यम बारिश/बर्फबारी होने की बहुत संभावना है. 8 से 10 जनवरी के दौरान इन राज्यों में मध्यम से भारी बारिश की संभावना मौसम विभाग के अनुसार 08 और 09 जनवरी को तमिलनाडु में अलग-अलग जगहों पर गरज-चमक के साथ हल्की/मध्यम बारिश होने की संभावना है. जबकि 09 और 10 जनवरी, 2026 को तमिलनाडु और केरल और माहे में अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश होने की बहुत संभावना है. 6 से 7 जनवरी को झारखंड में शीतलहर की चेतावनी मौसम विभाग के अनुसार 6 और 7 जनवरी को झारखंड में शीतलहर की चेतावनी जारी की गई है. इसके अलावा पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ में 6 से 9 जनवरी के दौरान, पश्चिमी राजस्थान में 8 से 10 जनवरी के दौरान, 6 से 10 जनवरी के दौरान पूर्वी राजस्थान और 6 से 8 जनवरी के दौरान छत्तीसगढ़ में शीतलहर चलने की संभावना है. 10 जनवरी तक इन राज्यों में घना से बहुत घना कोहरा छाए रहने की संभावना मौसम विभाग के अनुसार पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में 10 जनवरी तक, पूर्वी उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में 8 जनवरी तक सुबह और रात में घना से बहुत घना कोहरा छाए रहने की संभावना है. हिमाचल प्रदेश में 10 जनवरी तक घना कोहरा छाए रहने की संभावना उत्तराखंड और राजस्थान में 08 जनवरी तक; पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 09 जनवरी तक; हिमाचल प्रदेश में 10 जनवरी तक; पूर्वी उत्तर प्रदेश में 09-12 जनवरी के दौरान; छत्तीसगढ़ , उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और ओडिशा में 07 जनवरी तक; गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल और झारखंड में 06 जनवरी तक; बिहार में 12 जनवरी तक; असम और मेघालय और नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 10 जनवरी , 2026 तक सुबह कुछ इलाकों में घना कोहरा छाए रहने की भी संभावना है. पश्चिम बंगाल में 7 जनवरी तक शीत दिवस की स्थिति बने रहने की संभावना पूर्वी राजस्थान में 06 और 07 जनवरी को; पश्चिमी राजस्थान , उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल में 6-07 जनवरी के दौरान; मध्य प्रदेश , बिहार और गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल में 06 जनवरी 2026 को कुछ इलाकों में शीत दिवस जैसी स्थिति रहने की संभावना है. The post Heavy Rain Warning: 6 से 10 जनवरी तक भारी बारिश की संभावना, शीतलहर और भीषण ठंड का अलर्ट appeared first on Naya Vichar.

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बुंडू में 14 जनवरी को पगला बाबा टुसु मेला

बुंडू. प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष में आगामी 14 जनवरी को पगला बाबा साई टुसु मेला, स्त्री फुटबॉल स्पोर्ट्स प्रतियोगिता और आर्केस्ट्रा कार्यक्रम का आयोजन किया गया है. स्त्री फुटबॉल स्पोर्ट्स प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार 51 000 रुपये और द्वितीय पुरस्कार 41000 रुपए रखा गया है. टुसु चौड़ल प्रदर्शन करनेवाली टीमों को भी मेला आयोजन समिति की ओर से पुरस्कृत किया जायेगा. मेले में मुख्य अतिथि के रूप में स्थानीय विधायक विकास कुमार मुंडा, विशिष्ट अतिथि में बबलू कुमार प्रजापति के अलावा कई गणमान्य लोग मौजूद रहेंगे. यह जानकारी मेला आयोजन समिति के संस्थापक दिलीप महतो ने दी है. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post बुंडू में 14 जनवरी को पगला बाबा टुसु मेला appeared first on Naya Vichar.

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Dog Head Hat China: सूअर, कड़ाही और तवा! चीन के राजकुमारों के नाम हैं अजूबा, जानें क्यों पहनाई जाती है कुत्ते के सिर वाली टोपी?

Dog Head Hat China: दुनिया में बच्चों को लेकर मां-बाप क्या-क्या नहीं करते. कहीं ताबीज, कहीं धागा, कहीं नजर उतारने के टोटके. लेकिन चीन में बच्चों की सुरक्षा के लिए एक ऐसी परंपरा रही है, जिसे सुनकर पहले हंसी आए, फिर सोचने पर दिल भर जाए. यहां बच्चों को कुत्ते के सिर जैसी टोपी पहनाई जाती थी और कई बार उनके नाम तक कुत्ता, सूअर या कीड़ा रख दिए जाते थे. सुनने में अजीब है, लेकिन मान्यता के अनुसार यही तरीका शिशु को लंबी उम्र देने का था. क्या होती है ‘डॉग-हेड हैट’ और कब से चली आ रही है परंपरा साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट के अनुसार, चीन में बच्चों को पहनाई जाने वाली इस टोपी को डॉग-हेड हैट कहा जाता है. इसका मतलब है कुत्ते के सिर जैसी टोपी. इतिहास के अनुसार, यह टोपी छिंग राजवंश (1644-1912) के समय से चली आ रही है. टोपी के दोनों ओर कान जैसे हिस्से होते हैं, जो बिल्कुल कुत्ते के कानों की तरह दिखते हैं. ये टोपियां आमतौर पर रंग-बिरंगे रेशम या ऊनी कपड़े से बनती हैं और कई बार इनमें सोने के धागे, जेड पत्थर और सजावटी कढ़ाई भी की जाती है. आज भी दक्षिणी चीन में सर्दियों के मौसम में छोटे बच्चों को यह टोपी पहनाई जाती है. खासतौर पर यह टोपी तूजिया (Tujia) समुदाय की पारंपरिक पोशाक का हिस्सा मानी जाती है. (Dog Head Hat China Children Strange Naming Tradition Belief in Hindi) कुत्ते से जुड़ी लोककथा, जहां से शुरू हुई यह सोच लोककथाओं के अनुसार, एक बार ली (Li) उपनाम वाले परिवार ने एक नवजात शिशु को छोड़ दिया था. कहा जाता है कि उस शिशु की जान एक कुत्ते ने बचाई और उसकी रखवाली की. बाद में जब शिशु को नया परिवार मिला, तो उन्होंने उस कुत्ते के प्रति आभार जताने के लिए कुत्ते के सिर जैसी टोपी बनवाई. मान्यता है कि यहीं से कुत्ते को रक्षक और जीवन बचाने वाले जानवर के रूप में देखा जाने लगा और यह टोपी बच्चों की सुरक्षा का प्रतीक बन गई. Dog Head Hat China in Hindi: शिशु को सादा रखो, जिंदगी सुरक्षित रहेगी   चीन की लोक संस्कृति में एक कहावत है कि कुत्ते का सिर और कुत्ते जैसी समझ हो, तो बच्चा आसानी से बड़ा होता है. इसका मतलब शिशु को कमतर समझना नहीं, बल्कि यह मान्यता है कि जितना सादा जीवन, उतनी कम मुसीबत. इसे कहा जाता है कि महान शिशु को सादगी में पालना. डॉग-हेड हैट इसी सोच का प्रतीक है बच्चा दिखावे से दूर रहे और बुरी नजर से बचा रहे. बच्चों को कुत्ता, सूअर या कीड़ा जैसे नाम क्यों दिए जाते थे साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट के अनुसार, टोपी के साथ-साथ एक और परंपरा थी, जो आज के समय में और भी अजीब लगती है. चीन के ग्रामीण इलाकों में माता-पिता अपने बच्चों के नाम जानबूझकर भद्दे या सस्ते रखते थे. जैसे कि कुत्ता, सूअर, कीड़ा, डॉग-एग, पिग-हेड और सबसे आम नाम डॉग लेफ्टओवर. लोक विश्वास था कि अगर शिशु का नाम बहुत सुंदर या भारी होगा, तो बुरी शक्तियां उसकी तरफ आकर्षित होंगी. लेकिन अगर नाम बेकार होगा, तो बुरी आत्माएं उसे नजरअंदाज कर देंगी और बच्चा सुरक्षित रहेगा. चीन में जन्म के समय शिशु की बाजी, यानी आठ अक्षरों की जन्म कुंडली देखी जाती थी. अगर यह कुंडली अशुभ मानी जाती, तो माता-पिता शिशु को जानबूझकर सस्ता या अजीब नाम दे देते थे. मान्यता थी कि ऐसा करने से बुरी किस्मत धोखा खा जाएगी और बच्चा लंबी उम्र जिएगा. जानवरों के नाम ही क्यों चुने गए ग्रामीण चीन में यह माना जाता था कि कुत्ते और सूअर बहुत मजबूत होते हैं. वे कठिन हालात में भी जिंदा रहते हैं और जल्दी नहीं मरते. इसलिए बच्चों के नाम इन्हीं जानवरों पर रखे जाते थे, ताकि शिशु में भी वही जीने की ताकत आ जाए. खासतौर पर कुत्ते को इसलिए चुना गया क्योंकि वह बहुत सहनशील होता है. एक साथ कई बच्चों को जन्म देता है और समृद्धि व बढ़ोतरी का प्रतीक माना जाता है जब बच्चों के नाम बन गए औजार और बर्तन कुछ इलाकों में यह परंपरा और आगे बढ़ गई. माता-पिता ने बच्चों के नाम घरेलू सामान और खेती के औजारों पर रख दिए. जैसे कि हल, झाड़ू, तवा, कढ़ाही, दरांती, चम्मच का हैंडल. सुनने में अजीब जरूर है, लेकिन सोच वही थी कि नाम चाहे जैसा हो, बच्चा जिंदा रहे. आज के दौर में यह सब अंधविश्वास लग सकता है, लेकिन अपने समय में यह मां-बाप की मजबूरी और ममता थी. जब बीमारी आम थी, इलाज मुश्किल था और बच्चों की मौत ज्यादा होती थी, तब नाम और टोपी ही माता-पिता का सुरक्षा कवच थे. आज भी चीन के कुछ हिस्सों में यह परंपरा किसी न किसी रूप में मौजूद है. यह बताती है कि कभी-कभी सबसे अजीब परंपराओं के पीछे सबसे सच्चा प्यार छिपा होता है. ये भी पढ़ें: मुर्गी परोसकर पहले प्रपोज, फिर जंगल में इजहार-ए-मोहब्बत! चीन में ऐसे होती है शादी जापान में भालू को मारकर क्यों खा रहे लोग? राज जानकर थाली लेकर दौड़ जाएंगे आप The post Dog Head Hat China: सूअर, कड़ाही और तवा! चीन के राजकुमारों के नाम हैं अजूबा, जानें क्यों पहनाई जाती है कुत्ते के सिर वाली टोपी? appeared first on Naya Vichar.

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Crispy Rice Fry Recipe: बचे हुए चावल से बनेगा ऐसा क्रिस्पी और चटपटा स्नैक कि उंगलियां चाटते रह जाएंगे आप, बच्चे ही नहीं बड़े भी करेंगे पसंद

Crispy Rice Fry Recipe: अक्सर ऐसा होता है कि हमारे घरों में दोपहर या फिर रात के खाने के बाद चावल बच ही जाते हैं. इन बचे हुए चावलों को हम या तो अगले दिन के लिए छोड़ देते हैं या फिर फेंक देते हैं. कई बार ऐसा भी होता है कि समय रहते इनका इस्तेमाल न होने की वजह से ये खराब भी हो जाते हैं. जब खाने की बर्बादी होती है तो हम खुद में ही दुखी हो जाते हैं और यह सोचने लगते हैं कि क्या बचे हुए चावल से कुछ ऐसा बनाया जा सकता है जो सभी को पसंद भी आए और चावल बर्बाद होने से भी बचे रहें. अगर आपके दिमाग में भी यह सवाल आता है तो आज की यह आर्टिकल खास आपके लिए है. आज हम आपको क्रिस्पी राइस फ्राई की रेसिपी बताने जा रहे हैं जो कि खाने में क्रिस्पी होने के साथ ही काफी ज्यादा चटपटे भी होते हैं. यह एक ऐसा स्नैक है जो सिर्फ बच्चों को पसंद नहीं आता बल्कि बड़े भी खुशी-खुशी खाते हैं. बाहर से गोल्डन और क्रिस्पी वहीं, अंदर से लाइट और सॉफ्ट यह स्नैक चाय के साथ सबसे बेस्ट लगता है. आप अगर चाहें तो इसे बच्चों को टिफिन में देकर स्कूल भी भेज सकते हैं. तो चलिए जानते हैं क्रिस्पी राइस फ्राई बनाने की सबसे आसान रेसिपी. क्रिस्पी राइस फ्राई बनाने के लिए जरूरी सामग्री पके हुए चावल – 2 कप ठंडे या बचे हुए प्याज – 1 बारीक कटा हुआ हरी मिर्च – 1 से 2 बारीक कटी अदरक-लहसुन पेस्ट – 1 छोटा चम्मच शिमला मिर्च – आधी कप बारीक कटी हुई कॉर्नफ्लोर – 2 बड़े चम्मच चावल का आटा – 2 बड़े चम्मच लाल मिर्च पाउडर – आधा छोटा चम्मच काली मिर्च पाउडर – एक चौथाई छोटा चम्मच नमक – स्वादानुसार हरा धनिया – 2 बड़े चम्मच बारीक कटा तेल – तलने के लिए यह भी पढ़ें: Rice Flour Oats Dosa: ऑइल कम और फर्मेंटेशन की भी जरूरत नहीं, 15 मिनट में तैयार होने वाला यह क्रिस्पी डोसा आपको पूरे दिन रखेगा एनर्जेटिक क्रिस्पी राइस फ्राई बनाने की रेसिपी क्रिस्पी राइस फ्राई बनाने के लिए सबसे पहले बचे हुए चावलों को हाथ से हल्का मसल लें ताकि वे आपस में अच्छे से मिक्स हो जाएं, इस बात का ख्याल रखें कि यह पूरी तरह पेस्ट न बनें. अब इसमें कटा हुआ प्याज, हरी मिर्च, अदरक-लहसुन का पेस्ट, शिमला मिर्च और हरा धनिया डालें और सभी चीजों को अच्छी तरह मिक्स कर लें. अब इसमें नमक, लाल मिर्च पाउडर, काली मिर्च पाउडर, कॉर्नफ्लोर और चावल का आटा डालें. इन सूखी इंग्रीडिएंट्स के इस्तेमाल से चावल अच्छी तरह बंध जाएंगे और तलने पर क्रिस्पी बनेंगे. इसके बाद तैयार मिश्रण से छोटे-छोटे बॉल्स या टिक्की का शेप बना लें. आप अगर चाहें तो इन्हें उंगलियों से पतली फिंगर शेप भी दे सकते हैं. इसके बाद कढ़ाही में मीडियम आंच पर तेल गर्म करें और जब तेल अच्छी तरह गर्म हो जाए, तब तैयार राइस बॉल्स को धीरे-धीरे डालें. इन्हें धीमी से मीडियम आंच पर गोल्डन और क्रिस्पी होने तक तलें. क्रिस्पी राइस फ्राई को टिश्यू पेपर पर निकाल लें ताकि एक्स्ट्रा ऑइल निकल जाए. आप इसे हरी चटनी, टोमैटो केचप या मेयोनीज के साथ गर्मागर्म एन्जॉय कर सकते हैं. यह भी पढ़ें: Kala Chana Kebab: बिना डीप फ्राई किए मिनटों में बनाएं सुपर क्रिस्पी और हेल्दी कबाब, शाम की भूख मिटाने का सबसे टेस्टी और प्रोटीन-रिच स्नैक The post Crispy Rice Fry Recipe: बचे हुए चावल से बनेगा ऐसा क्रिस्पी और चटपटा स्नैक कि उंगलियां चाटते रह जाएंगे आप, शिशु ही नहीं बड़े भी करेंगे पसंद appeared first on Naya Vichar.

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Kotak Mutual Fund: पैसा कमाने का नया अड्डा! कोटक म्यूचुअल फंड लेकर आया डिविडेंड यील्ड फंड

Kotak Mutual Fund: कोटक महिंद्रा एसेट मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड (KMAMC) ने निवेशकों के लिए एक नया इक्विटी फंड कोटक डिविडेंड यील्ड फंड को लॉन्च किया है. यह एक ओपन-एंडेड इक्विटी स्कीम है. यह मुख्य रूप से उन कंपनियों के शेयरों में निवेश करेगी, जिनका डिविडेंड देने का रिकॉर्ड मजबूत और लगातार रहा है. इस फंड का उद्देश्य लॉन्ग-टर्म कैपिटल ग्रोथ के साथ-साथ डिविडेंड डिस्ट्रीब्यूशन के अवसर प्रदान करना है. कब खुलेगा और कब बंद होगा एनएफओ कोटक डिविडेंड यील्ड फंड का न्यू फंड ऑफर (एनएफओ) 5 जनवरी, 2026 को पब्लिक सब्सक्रिप्शन के लिए खुल गया है और 19 जनवरी, 2026 को बंद होगा. निवेशक इस अवधि के दौरान न्यूनतम 100 रुपये से निवेश की शुरुआत कर सकते हैं, जबकि इसके बाद किसी भी राशि का निवेश संभव होगा. किन कंपनियों में करेगा निवेश यह फंड उन कंपनियों पर फोकस करेगा, जिन्होंने पिछले तीन वित्तीय वर्षों में से कम से कम एक साल में डिविडेंड दिया हो. फंड का लक्ष्य ऐसी कंपनियों का चयन करना है, जो न केवल डिविडेंड देने में सक्षम हों, बल्कि उनके बिजनेस फंडामेंटल भी मजबूत हों. इसमें कैश फ्लो, कमाई की ग्रोथ क्षमता, बिजनेस मॉडल की स्थिरता और मैनेजमेंट की गुणवत्ता जैसे अहम पहलुओं को प्राथमिकता दी जाएगी. डायवर्सिफिकेशन और स्थिरता पर जोर कोटक डिविडेंड यील्ड फंड एक अच्छी तरह से डायवर्सिफाइड पोर्टफोलियो बनाने की रणनीति अपनाएगा. इसमें विभिन्न सेक्टरों की मैच्योर और स्थिर कंपनियों को शामिल किया जाएगा, ताकि जोखिम को संतुलित किया जा सके. इसका उद्देश्य निवेशकों को संभावित डिविडेंड इनकम के साथ-साथ लॉन्ग-टर्म कैपिटल एप्रिसिएशन का लाभ देना है. क्या कहते हैं मैनेजिंग डायरेक्टर कोटक महिंद्रा एसेट मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर नीलेश शाह ने कहा कि डिविडेंड देने वाली कंपनियां आमतौर पर मजबूत कॉर्पोरेट गवर्नेंस और शेयरहोल्डर वैल्यू पर फोकस को दर्शाती हैं. उन्होंने कहा कि कोटक डिविडेंड यील्ड फंड ऐसे ही व्यवसायों की ग्रोथ और स्थिरता से निवेशकों को जोड़ने के लिए तैयार किया गया है. मौजूदा बाजार परिस्थितियों में स्थायी डिविडेंड देने वाली कंपनियां पोर्टफोलियो में गुणवत्ता और मजबूती जोड़ सकती हैं. फंड मैनेजर की रणनीति इस फंड की जिम्मेदारी फंड मैनेजर शिबानी कुरियन सिरकार के पास होगी. उन्होंने बताया कि फंड में अनुशासित निवेश प्रक्रिया और गहन रिसर्च को मिलाकर स्टॉक चयन किया जाएगा. फोकस उन कंपनियों पर रहेगा जो लगातार हेल्दी कैश फ्लो जनरेट करती हैं और शेयरधारकों को रिवॉर्ड देती हैं. उनका मानना है कि ऐसी कंपनियां लंबे समय में स्थायी मूल्य का निर्माण करती हैं. समय-समय पर पोर्टफोलियो की समीक्षा कोटक डिविडेंड यील्ड फंड में फाइनेंशियल मजबूती और मैनेजमेंट क्वालिटी के लिए सख्त फिल्टर लागू किए जाएंगे. डिविडेंड के अवसरों को बेहतर तरीके से भुनाने के लिए पोर्टफोलियो की नियमित समीक्षा की जाएगी, ताकि यह फंड के निवेश उद्देश्यों के अनुरूप बना रहे. निवेश से पहले क्या रखें ध्यान कोटक महिंद्रा एसेट मैनेजमेंट कंपनी ने स्पष्ट किया है कि यह स्कीम किसी भी तरह के रिटर्न या भविष्य के रिटर्न की गारंटी नहीं देती. निवेशकों को सलाह दी गई है कि वे निवेश से पहले अपने फाइनेंशियल एक्सपर्ट और टैक्स सलाहकार से परामर्श जरूर लें, ताकि यह तय किया जा सके कि यह फंड उनकी जोखिम क्षमता और वित्तीय लक्ष्यों के अनुरूप है या नहीं. इसे भी पढ़ें: Venezuela Crisis: वेनेजुएला संकट से सोने-चांदी और कच्चे तेल पर प्रभाव नहीं, जानें क्या कहते हैं एक्सपर्ट? निवेशकों के लिए नया अवसर कुल मिलाकर, कोटक डिविडेंड यील्ड फंड उन निवेशकों के लिए एक नया अवसर पेश करता है, जो स्थिर डिविडेंड इनकम के साथ लॉन्ग-टर्म ग्रोथ की तलाश में हैं. मजबूत फंडामेंटल, डायवर्सिफिकेशन और अनुशासित निवेश प्रक्रिया के साथ यह फंड बाजार में अपनी अलग पहचान बनाने की कोशिश करेगा. इसे भी पढ़ें: Cryptocurrency पर बढ़ी प्रशासन की सख्ती, 1 साल में 49 एक्सचेंज एफआईयू के पास रजिस्टर्ड The post Kotak Mutual Fund: पैसा कमाने का नया अड्डा! कोटक म्यूचुअल फंड लेकर आया डिविडेंड यील्ड फंड appeared first on Naya Vichar.

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