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January 7, 2026

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Tribal: वन अधिकार कानून के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आयोजित हुआ हैकाथॉन 2.0 

Tribal: केंद्रीय जनजातीय मामलों के मंत्रालय ने दिल्ली स्थित नेशनल ट्राइबल रिसर्च इंस्टीट्यूट (एनटीआरआई) में ‘राष्ट्रीय वन अधिकार कानून(एफआरए) डिजिटल प्लेटफॉर्म’ के विकास पर नेशनल वर्कशॉप हैकाथॉन 2.0 का आयोजन किया. इस आयोजन का मकसद वन अधिकार कानून (एफआरए) 2006 के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए एक एकीकृत राष्ट्रीय डिजिटल प्लेटफॉर्म के विकास के लिए इनोवेशन, व्यावहारिक समझ और शासन प्राथमिकताओं को एक साथ लाना है. प्रशासन की कोशिश वन अधिकार कानून को बेहतर बनाने की है ताकि आदिवासी समाज को इसका समग्र लाभ मिल सके.  इस वर्कशॉप में स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन 2025 की सभी 5 फाइनलिस्ट टीमों के साथ-साथ मंत्रालय के अधिकारी, आईआईटी दिल्ली और राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र(एनआईसी) के तकनीकी विशेषज्ञों ने प्रस्तावित नेशनल एफआरए डिजिटल प्लेटफॉर्म के क्रियात्मक डिजाइन और सिस्टम आर्किटेक्चर को बेहतर बनाने, एकीकृत करने और अंतिम रूप देने के लिए आमंत्रित किया गया.डिजिटल प्लेटफार्म बनाने के पीछे का मकसद समाधान के नये तरीकों के लिए एक एकल और समग्र रूप से केंद्रित डिजिटल पारिस्थितिकी तंत्र में सामंजस्य बनाना है.  यह प्लेटफार्म एफआरए अभिलेखों के लिए एआई-संचालित डिजिटल अभिलेखागार बनाने का काम, वास्तविक समय की निगरानी के लिए एफआरए एटलस, सूचना तक पहुंच और शिकायत निवारण सहायता के लिए शिकायतकर्ता-केंद्रित चैटबॉट, साक्ष्य आधारित नीति निर्माण को सक्षम बनाने के लिए निर्णय समर्थन प्रणाली (डीएसएस) बनाना है.  एफआरए के कामकाज में आएगी पारदर्शिता प्रशासन का मानना है कि एकीकृत एफआरए डिजिटल प्लेटफॉर्म से कानून के क्रियान्वयन में पारदर्शिता, जवाबदेही तय होगी और इससे कानून प्रभावी तरीके से लागू होगा. वर्कशॉप को संबोधित करते हुए जनजातीय मामलों के मंत्रालय की सचिव रंजना चोपड़ा ने कहा कि इस पहल का मकसद विकास को बढ़ावा देना है. इस तरह पहल की कामयाबी डिग्री या सर्टिफिकेट में नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर असली समस्याओं को हल करने के लिए अपनायी गयी रचनात्मकता में निहित है. एफआरए के तहत भूमि का स्वामित्व न केवल कानूनी अधिकार देने का काम करता है बल्कि गरिमा, वैधता और आजीविका के मौके भी मुहैया कराता है. यह कानून पीढ़ीगत गरीबी को खत्म करने में अहम रोल अदा करता है. एकीकृत मंच की आवश्यकता मंत्रालय के संयुक्त सचिव अनंत प्रकाश पांडे ने नागरिक-केंद्रित डिजाइन के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि ऐसा एकीकृत मंच होना चाहिए जो शिकायतकर्ता की सभी शिकायतों का निवारण कर सके. शिक्षा मंत्रालय के इनोवेशन निदेशक योगेश ब्रह्मंकर ने कहा कि इस हैकाथान में 80 मंत्रालयों, विभागों,  8 राज्य प्रशासनों से 271 समस्या विवरणों पर आधारित 72165 विचार मिले और इन विचारों के आधार पर एकीकृत पोर्टल तैयार करने का काम मंत्रालय ने किया है.  इस पहल का मकसद प्रशासन, शिक्षाविदों और आदिवासी समुदायों के बीच सहयोग को मजबूत करते हुए डेटा-संचालित शासन, पारदर्शिता और वन अधिकारों के सहभागी क्रियान्वयन के लिए तकनीक का लाभ उठाना था. गौरतलब है कि एसआईएच पोर्टल पर प्रस्तुत 390 से अधिक अभिनव समाधानों में से पांच शीर्ष प्रदर्शन करने वाली टीमों को चुना गया. मंत्रालय ने एक एकीकृत, संपूर्ण राष्ट्रीय एफआरए डिजिटल प्लेटफॉर्म को सहयोगात्मक रूप से सह-विकसित करने के लिए केवल विजेता टीम को ही नहीं बल्कि सभी पांच चयनितों को शामिल करने का फैसला किया.  The post Tribal: वन अधिकार कानून के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आयोजित हुआ हैकाथॉन 2.0  appeared first on Naya Vichar.

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क्या तुर्कमान गेट पथराव से पहले की गई थी भीड़ को उकसाने की कोशिश! FIR दर्ज, खंगाले जा रहे बॉडी-बोर्न कैमरे

Turkman Gate Bulldozer Action:  दिल्ली के रामलीला मैदान इलाके में एक धार्मिक स्थल के पास अतिक्रमण हटा रहे दल पर कुछ लोगों ने पथराव किया, जिसमें पांच पुलिसकर्मी घायल हो गए. इस घटना के बाद पुलिस ने एक एफआईआर दर्ज किया है. अतिक्रमण हटाने के अभियान पर संयुक्त पुलिस कांस्टेबल (सेंट्रल रेंज) मधुर वर्मा ने बताया “दिल्ली पुलिस ने कल रात तुर्कमान गेट पर हुई पत्थरबाजी की घटना को लेकर बीएनएस की धारा 121, 123, 221, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने से रोकने वाले अधिनियम की धारा 3 और धारा 191 (दंगा) के तहत मामला दर्ज किया है. उन्होंने बताया कि मौके पर पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है. विशेष स्टाफ इंस्पेक्टर मामले की जांच कर रहे हैं.  दिल्ली पुलिस कर्मियों के पहने गए बॉडी-बोर्न कैमरों और घटनास्थल से प्राप्त वीडियोग्राफी की मदद से और सबूत जुटाए जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि आगे की जांच इसी आधार पर की जाएगी. क्या समाजवादी पार्टी के सांसद थे मौजूद? संयुक्त पुलिस कांस्टेबल ने एक समाजवादी पार्टी के सांसद के मौजूद होने के बारे में बताया कि प्रारंभिक जांच में पता चला है कि वह वास्तव में वहां मौजूद थे, लेकिन अतिक्रमण हटाने का अभियान शुरू होने से पहले ही वे वहां से जा चुके थे. इसकी जांच की जा रही है. अगर कोई पुख्ता सबूत मिलता है, तो उस पर कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने आगे कहा “सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो सामने आए हैं और हमारी टीम ने भी कुछ ऐसे वीडियो का पता लगाया है जिनमें गुंडों को उकसाने की कोशिश की जा रही है. जांच के तहत वीडियो पोस्ट करने वाले लोगों को तलब किया जाएगा और उनसे पूछताछ की जाएगी.  अगर किसी की साजिश में भूमिका साबित होती है, तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. #WATCH | Delhi: On anti-encroachment demolition drive by MCD near Faiz-e-Elahi Masjid, Turkman Gate, Jt CP (Central Range), Madhur Verma says, “Delhi Police have registered a case under sec 121, 123, 221 of BNS, sec 3 of Prevention of Damage to Public Property Act and sec 191… pic.twitter.com/gVoykoWnqy — ANI (@ANI) January 7, 2026 सोशल मीडिया पर आए पोस्ट ने किया गुमराह! पुलिस सूत्रों ने कहा कि सोशल मीडिया पर एक पोस्ट सामने आया जिसमें दावा किया गया कि अतिक्रमण रोधी अभियान के दौरान धार्मिक स्थल को ध्वस्त किया जा रहा है और इसके बाद हंगामा मच गया. सूत्रों ने बताया कि इसके तुरंत बाद काफी लोग वहां एकत्र हो गये और कुछ लोगों ने पुलिस और एमसीडी के कर्मचारियों पर पथराव किया और कांच की बोतलें फेंकी. दिल्ली हाई कोर्ट के निर्देशों के बाद दिल्ली नगर निगम (MCD) के अधिकारी मस्जिद से सटी और कब्रिस्तान के निकट स्थित जमीन पर अतिक्रमण हटाने का अभियान संचालित कर रहे थे. धार्मिक स्थल को नहीं पहुंचाया गया नुकसान एमसीडी के उपायुक्त विवेक कुमार ने साफ कर दिया कि अभियान के दौरान एक निदान केंद्र और बैंक्वेट हॉल समेत कुछ व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को ध्वस्त कर दिया गया लेकिन मस्जिद को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया गया. पुलिस ने बताया कि अभियान के दौरान लगभग 100 से 150 लोग घटनास्थल पर जमा हो गए थे. हालांकि उनमें से ज्यादातर समझाने-बुझाने के बाद वहां से हट गए, लेकिन कुछ लोगों ने हंगामा किया और पथराव किया जिसमें पांच पुलिसकर्मी घायल हो गए. पुलिस ने बताया कि वह इस बात की जांच कर रही है कि हिंसा अचानक हुई थी या यह अभियान को बाधित करने की कोई पूर्व नियोजित साजिश थी. हंगामे में कई पुलिसकर्मी घायल दिल्ली पुलिस ने एक बयान में कहा कि भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोलों का इस्तेमाल किया गया, जिसके बाद स्थिति नियंत्रण में आई और सामान्य स्थिति बहाल हो सकी. हालांकि, कुछ लोगों ने हंगामा करने की कोशिश की और पथराव किया जिसमें पांच पुलिसकर्मियों हल्के घालय हुए. पुलिस सूत्रों के अनुसार जिन वीडियो के कारण विवाद पैदा हुआ उनमें से एक को कथित तौर पर खालिद मलिक नामक व्यक्ति ने रिकॉर्ड किया था, जिसमें लोगों से बड़ी संख्या में अपने घरों से बाहर निकलने का आग्रह किया गया. अफवाह फैलाई गईं कि एक मस्जिद को गिराने के लिए बुलडोजर तैनात किए गए हैं, जिससे इलाके में तनाव बढ़ गया. पांच लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया हंगामे में शामिल पांच लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया है. इसके अलावा दस से 15 अन्य लोगों को भी पुलिस ने पकड़ा है. पुलिस ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज और सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे वीडियो का विश्लेषण करके अन्य दोषियों की पहचान की जा रही है. Also Read: Delhi Bulldozer Action: मस्जिद के पास अतिक्रमण हटाने के दौरान भड़की हिंसा, एक्शन में पुलिस, नेतृत्व तेज The post क्या तुर्कमान गेट पथराव से पहले की गई थी भीड़ को उकसाने की कोशिश! FIR दर्ज, खंगाले जा रहे बॉडी-बोर्न कैमरे appeared first on Naya Vichar.

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Samastipur News:बिथान पंचायत में सोलर स्ट्रीट लाइट योजना की जांच की तेज हुई मांग

Samastipur News: बिथान : बिथान पंचायत में मुख्यमंत्री ग्रामीण सोलर स्ट्रीट लाइट योजना में भारी अनियमितता का मामला सामने आया है. योजना के तहत प्रत्येक वार्ड में 10 सोलर स्ट्रीट लाइट लगाने का प्रावधान है, लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल उलट नजर आ रही है. कई वार्डों में आज तक निर्धारित संख्या में सोलर लाइट नहीं लगाई गई है. जिससे योजना की पारदर्शिता पर सवाल उठने लगे हैं. ग्रामीणों का कहना है कि जहां कुछ स्थानों पर सोलर स्ट्रीट लाइट लगाई भी गई हैं, वे या तो शुरू से ही खराब पड़ी हैं या कुछ ही दिनों में बंद हो गई. पंचायत क्षेत्र की कई गलियों में आज भी अंधेरा पसरा हुआ है. जिससे ग्रामीणों को रात के समय आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. ग्रामीणों का कहना है कि योजना के नाम पर केवल खानापूर्ति की गई है. सस्ती व घटिया गुणवत्ता की लाइटें लगाकर राशि का बंदरबांट किया गया है. जब इस मामले में पंचायत सचिव से प्रतिक्रिया मांगी गई तो उन्होंने पहले वार्ड सदस्यों से बात करने की बात कही. दोबारा पूछे जाने पर संतोषजनक जवाब देने के बजाय कार्यालय आकर बात करने का सुझाव दिया गया. वहीं एक वार्ड सदस्य ने बताया कि उन्हें मात्र चार सोलर लाइट ही उपलब्ध कराई गई है. जबकि नियम के अनुसार दस लाइट मिलनी चाहिए थी. इससे स्पष्ट है कि योजना के क्रियान्वयन में गंभीर लापरवाही बरती गई है. ग्रामीणों का कहना है कि कई वार्ड ऐसे हैं जहां आज तक 10 सोलर लाइट नहीं मिली है. यदि कागजों पर दिखाई भी गई है तो धरातल पर उनका कोई अस्तित्व नजर नहीं आता. पंचायत सचिव के ढुलमुल रवैये से लोगों में भारी नाराजगी है. स्थानीय ग्रामीणों ने इस मामले की शिकायत अपने सांसद राजेश वर्मा एवं विधायक राज कुमार राय से करने की बात कही है. ग्रामीणों उम्मीद जताई है कि जिला प्रशासन पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करेगी. अब देखना यह है कि प्रशासन मुख्यमंत्री की महत्वाकांक्षी योजना में हुई इन अनियमितताओं पर कब तक संज्ञान लेता है. पीड़ित ग्रामीणों को न्याय दिलाने के लिए क्या ठोस कदम उठाता है. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post Samastipur News:बिथान पंचायत में सोलर स्ट्रीट लाइट योजना की जांच की तेज हुई मांग appeared first on Naya Vichar.

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रोहित मेमोरियल क्रिकेट टूर्नामेंट में बाढ़ की टीम बनी विजेता

न्यू स्टार इलेवन बाढ़ ने सैनिक कैंटीन स्पोर्ट्स को 20 रनों से किया पराजित बाढ़ के विनय शर्मा को मिला मैन ऑफ द मैच लखीसराय. स्थानीय केआरके मैदान में चल रहे रोहित मेमोरियल सीजन टू क्रिकेट टूर्नामेंट में बुधवार को तीसरा क्वार्टर फाइनल मैच न्यू स्टार इलेवन बाढ़ एवं सैनिक कैंटीन स्पोर्ट्स के बीच स्पोर्ट्सा गया. जिसमें बाढ़ टीम के कप्तान विवेक कुमार ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का निर्णय लिया. जिसमें विनय शर्मा ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 39 गेंदों पर 97 रन बनाये, हालांकि वे महज तीन रनों से शतक बनाने में चूक गये, लेकिन अपनी टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई. वहीं टीम के विशाल सिंह ने 44 व शब्बीर ने 30 रनों को महत्वपूर्ण योगदान दिया. जिससे बाढ़ की टीम निर्धारित 20 ओवर में आठ विकेट के नुकसान पर 251 रनों का स्कोर खड़ा करने में कामयाब रही. वहीं जीत के 252 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी सैनिक कैंटीन स्पोर्ट्स की टीम निर्धारित 20 ओवर में आठ विकेट के नुकसान पर 231 रन ही बना सकी. जिससे बाढ़ की टीम 20 रनों से विजयी घोषित हो गयी. मैच समाप्ति के बाद बाढ़ टीम के खिलाड़ी विनय शर्मा को शानदार 97 रनों की पारी स्पोर्ट्सने के लिए मैन ऑफ द मैच का पुरस्कार दिया गया. जिसे बबलू शर्मा के द्वारा नकद 11 सौ रुपया व गोलू के द्वारा ट्रॉफी दिया गया. मैच के दौरान राजकुमार प्रिंस, मनोज मेहता व संतोष माइकल अपनी जादुई आवाज से मैच की कमेंट्री कर लोगों को स्पोर्ट्स की पूरी जानकारी दे रहे थे. गुरुवार को चौथा व आखिरी क्वार्टर फाइनल मैच महिसोना व शिवम इलेवन लखीसराय के बीच स्पोर्ट्से जाने की जानकारी दी गयी. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post रोहित मेमोरियल क्रिकेट टूर्नामेंट में बाढ़ की टीम बनी विजेता appeared first on Naya Vichar.

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जरूरतमंदों के बीच बांटा कंबल

अररिया. कड़ाके की ठंड को लेकर मिल्लत फाउंडेशन अररिया के चेयरमैन डॉ नैयर हबीब ने जरूरतमंद लोगों के बीच कंबल च वूलन कपड़े का वितरण किया. अररिया प्रखंड के गैय्यरी पंचायत स्थित एक स्कूल वार्ड 14 में बुधवार को 16 जरूरतमंदों के बीच कंबल व वूलन कपड़े का वितरण किया गया. वहीं चिकनी पंचायत में भी इस ठंड के मौसम में कुल 06 लोगों को कंबल दिया गया. डॉ नैयर हबीब ने बताया कि फाउंडेशन हर आपदा व विपदा के समय लोगों को हर तरह से सहयोग करता है. साथ ही विपरीत मौसम के लिहाज से उसकी जरूरत के अनुसार हर प्रकार का सहयोग करती है. सामाजिक व मिल्ली कामों में भी फाउंडेशन बढ़ चढ़कर हिस्सा लेती है. इस मौके पर शिक्षक अरशद अनवर, अलिफ व गांव के अन्य लोग भी मौजूद थे. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post जरूरतमंदों के बीच बांटा कंबल appeared first on Naya Vichar.

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प्रमाणपत्र फर्जी मिलने पर होगी प्राथमिकी और वेतन की वसूली

बीपीएससी से चयनित जिले के 4000 शिक्षकों के प्रमाण पत्रों की होगी जांच = डीपीओ स्थापना ने बीइओ को जारी किया आदेश प्रतिनिधि, भभुआ नगर. बीपीएससी के तहत टीआर-1, टीआर-2 एवं टीआर-3 के अंतर्गत चयनित जिले के लगभग 4000 शिक्षकों के शैक्षणिक, आवासीय एवं अन्य प्रमाणपत्रों की जांच की जायेगी. इस संबंध में जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना) शंभू प्रसाद सिंह ने जिले के सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों को निर्देश जारी किया है. आदेश में कहा है कि बीएससी के तहत चयनित सभी शिक्षकों से निर्धारित प्रमाणपत्रों की छायाप्रति एकत्र कर विभाग को उपलब्ध कराएं, ताकि उनका सत्यापन संबंधित बोर्ड एवं विश्वविद्यालयों से कराया जा सके. डीपीओ स्थापना ने जारी आदेश में स्पष्ट किया है कि बीपीएससी के माध्यम से नियुक्त सभी शिक्षकों के शैक्षणिक प्रमाणपत्र, प्रशैक्षणिक प्रमाणपत्र, आवासीय प्रमाणपत्र, जाति प्रमाणपत्र, आय प्रमाणपत्र एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (इडब्ल्यूएस) प्रमाणपत्र की जांच की जायेगी. सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने-अपने क्षेत्र के शिक्षकों से निर्धारित समय-सीमा के भीतर प्रमाणपत्रों की छायाप्रति लेकर जिला कार्यालय को उपलब्ध कराएं. आदेश में यह भी उल्लेख किया गया है कि जांच के दौरान विशेष रूप से उन स्त्री शिक्षकों के मामलों की समीक्षा की जायेगी, जो उत्तर प्रदेश की निवासी हैं, लेकिन बीपीएससी परीक्षा में बिहार की स्त्रीओं को मिलने वाले पांच प्रतिशत आरक्षण का लाभ लेकर चयनित हुई हैं. ऐसे मामलों की अलग से जांच करायी जायेगी कि संबंधित शिक्षिका बिहार की स्थायी निवासी है या नहीं और क्या उन्हें आरक्षण का लाभ नियमानुसार मिला है. इसके अलावा इडब्ल्यूएस प्रमाणपत्र को लेकर भी सख्ती से जांच की जायेगी. विभाग को शिकायत मिली है कि कई ऐसी स्त्री अभ्यर्थियों ने इडब्ल्यूएस श्रेणी का लाभ लेकर नौकरी प्राप्त की है, जिनके पति पहले से प्रशासनी या निजी नौकरी में कार्यरत हैं, जो नियमों के विरुद्ध है. ऐसे सभी मामलों की जांच कर वास्तविक स्थिति का पता लगाया जायेगा. सेवा से किया जायेगा बर्खास्त डीपीओ स्थापना शंभू प्रसाद सिंह ने अपने आदेश में साफ कहा है कि यदि जांच के दौरान किसी भी शिक्षक का कोई भी प्रमाणपत्र फर्जी, गलत अथवा नियमों के विपरीत पाया जाता है, तो संबंधित शिक्षक के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करायी जायेगी. साथ ही अब तक प्राप्त वेतन की वसूली की जायेगी और सेवा से बर्खास्त करने की भी कार्रवाई की जायेगी. क्या कहते हैं डीपीओ स्थापना इस संबंध में डीपीओ स्थापना शंभू प्रसाद सिंह ने बताया कि इस जांच का उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता बनाये रखना और नियमों के अनुरूप योग्य अभ्यर्थियों को ही सेवा में बनाये रखना है. सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे इस कार्य को गंभीरता से लेकर समय पर रिपोर्ट उपलब्ध कराएं, ताकि आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके. कहा कि अगर जांच के दौरान जिस किसी भी शिक्षक का प्रमाणपत्र फर्जी पाया जाता है, तो संबंधित शिक्षक पर प्राथमिकी दर्ज कर वेतन की वसूली की जायेगी. साथ ही सेवा से बर्खास्त कर दिया जायेगा. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post प्रमाणपत्र फर्जी मिलने पर होगी प्राथमिकी और वेतन की वसूली appeared first on Naya Vichar.

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बॉटम :::: बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत चलेगा जागरूकता अभियान

सौ दिन के अभियान को लेकर प्रधान जिला जज ने बैठक कर दिये प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश औरंगाबाद शहर. जिले में बाल विवाह मुक्त हिंदुस्तान कैंपेन के लिए 100 दिवसीय गहन जागरूकता अभियान चलाया जायेगा. बुधवार को इससे संबंधित गठित समिति के सदस्यों के साथ प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने अपने प्रकोष्ठ में बैठक की. बैठक में अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिये गये. इस अभियान को सफल बनाने के लिए सभी स्टेकहोल्डर की भूमिका सुनिश्चित की गयी है. बैठक में डीएम द्वारा नामित उपसमाहर्ता उपेंद्र पंडित, बाल विवाह निषेध अधिकारी, सह अनुमंडल पदाधिकारी, जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी, विशेष किशोर पुलिस इकाई अधिकारी, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी, विशेष चिकित्सा अधिकारी (स्त्री) डॉ रुचि, विनोद कुमार सिंह सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद थे. प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने बताया कि यह केंद्र प्रशासन के स्त्री एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा शुरू की गयी एक राष्ट्रीय एवं महत्वाकांक्षी पहल है. इसका मुख्य उद्देश्य देश से बाल विवाह जैसी सामाजिक बुराई को जड़ से समाप्त करना और बच्चों, विशेषकर बालिकाओं के अधिकारों की रक्षा करना है. उन्होंने बताया कि बाल विवाह मुक्त हिंदुस्तान पोर्टल 1098 लॉन्च किया गया है. यदि कहीं बाल विवाह की जानकारी मिलती है तो कोई भी नागरिक इसकी सूचना दे सकता है. इस पोर्टल के माध्यम से बाल विवाह निषेध अधिकारियों द्वारा मामलों की रियल टाइम ट्रैकिंग की जाती है. स्त्री एवं बाल विकास मंत्रालय एवं राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा संयुक्त रूप से यह बृहद कार्यक्रम प्रारंभ किया गया है. इसके तहत 100 दिवसीय गहन जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है. निर्धारित अवधि में देश को बाल विवाह मुक्त करने का संकल्प लिया गया है. विभिन्न जागरूकता गतिविधियों के माध्यम से समाज में बाल विवाह के खिलाफ शून्य सहनशीलता की भावना विकसित की जायेगी. प्रधान जिला जज ने सभी स्टेकहोल्डर से इस अभियान को सफल बनाने के लिए हर स्तर से पहल करने, सतत निगरानी रखने तथा व्यापक प्रचार-प्रसार और जन जागरूकता अभियान चलाने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि लोग अपनी समस्याओं के समाधान के लिए ऑनलाइन शिकायत भी दर्ज करा सकते हैं. निगरानी व जागरूकता की आवश्यकता : सचिव हसपुरा, ओबरा, गोह एवं दाउदनगर प्रखंड की आंगनबाड़ी सेविकाओं का प्रशिक्षण शिविर जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सभागार में आयोजित किया गया. इस दौरान आंगनबाड़ी सेविकाओं ने बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति के विरुद्ध सामूहिक शपथ ली. बताया गया कि जिले के सभी प्रखंडों की आंगनबाड़ी सेविकाओं का प्रशिक्षण सत्र पूर्ण कर लिया गया है. प्रशिक्षण सत्र में जिला विधिक सेवा प्राधिकार की सचिव तान्या पटेल, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी एकीकृत बाल विकास सेवा योजना विनय प्रताप, कानूनी सहायता प्रतिरक्षा परामर्शदाता प्रणाली के मुख्य बचाव अधिवक्ता युगेश किशोर पांडेय, उप मुख्य बचाव अधिवक्ता अभिनंदन कुमार एवं पैनल अधिवक्ता स्नेहलता ने अलग-अलग सत्रों में सेविकाओं को प्रशिक्षण दिया. सचिव तान्या पटेल ने कहा कि बाल विवाह की रोकथाम के लिए निरंतर निगरानी और व्यापक जन जागरूकता अत्यंत आवश्यक है. आंगनबाड़ी सेविकाएं इस दिशा में जमीनी स्तर पर अहम भूमिका निभा सकती हैं. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post बॉटम :::: बाल विवाह मुक्त हिंदुस्तान अभियान के तहत चलेगा जागरूकता अभियान appeared first on Naya Vichar.

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असिस्टेंट टीचर भर्ती परीक्षा का एडमिट कार्ड जारी, इस दिन से होगा फेज 2 एग्जाम

UPPSC Assistant Teacher Admit Card 2026: उत्तर प्रदेश में असिस्टेंट टीचर भर्ती परीक्षा की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों के लिए बड़ी समाचार है. उत्तर प्रदेश पब्लिक सर्विस कमीशन यानी UPPSC ने Assistant Teacher Recruitment 2026 के लिए फेज 2 परीक्षा का एडमिट कार्ड जारी कर दिया है. जिन कैंडिडेट्स ने इस भर्ती के लिए आवेदन किया था, वे अब अपना एडमिट कार्ड ऑफिशियल वेबसाइट uppsc.up.nic.in पर जाकर डाउनलोड कर सकते हैं. इस भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया 28 जुलाई 2025 को शुरू हुई थी. इसमें आवेदन करने के लिए कैंडिडेट्स को 28 अगस्त 2025 तक का समय मिलेगा. इसके लिए फेज 1 की परीक्षा दिसंबर में आयोजित की गई. अब फेज 2 की परीक्षा होने वाली है. इसके लिए एडमिट कार्ड जारी हो गया है. UPPSC Assistant Teacher Admit Card 2026 ऐसे करें डाउनलोड सबसे पहले UPPSC की ऑफिशियल वेबसाइट uppsc.up.nic.in पर जाएं. होमपेज पर Admit Card या Candidate Dashboard से जुड़े लिंक पर क्लिक करें. UPPSC Assistant Teacher Admit Card 2026 के लिंक को ओपन करें. अपना रजिस्ट्रेशन नंबर और जन्म तिथि दर्ज करें. सबमिट करते ही स्क्रीन पर एडमिट कार्ड दिखाई देगा. एडमिट कार्ड डाउनलोड करें और प्रिंट आउट जरूर निकाल लें. UPPSC Assistant Teacher Admit Card 2026 Download Here इस भर्ती अभियान के माध्यम से कुल 7466 खाली पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी. ये पद राज्य के विभिन्न प्रशासनी स्कूलों में असिस्टेंट टीचर के लिए हैं. इतनी बड़ी संख्या में पद होने के कारण यह भर्ती लाखों युवाओं के लिए प्रशासनी नौकरी पाने का सुनहरा मौका मानी जा रही है. सैलरी और पे लेवल Assistant Teacher पद पर चयनित होने वाले उम्मीदवारों को पे लेवल 7 के तहत सैलरी दी जाएगी. इस पद पर शुरुआती वेतन 44,900 रुपये होगा, जो अनुभव और प्रमोशन के साथ बढ़कर 1,42,400 रुपये तक जा सकता है. इसके अलावा प्रशासनी नियमों के अनुसार अन्य भत्तों का लाभ भी मिलेगा. यह भी पढ़ें: ITI में यंग प्रोफेशनल की वैकेंसी, सैलरी होगी 60000, यहां करें अप्लाई The post असिस्टेंट टीचर भर्ती परीक्षा का एडमिट कार्ड जारी, इस दिन से होगा फेज 2 एग्जाम appeared first on Naya Vichar.

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Chanakya Niti: मीठी बातों के पीछे कहीं छिपा तो नहीं स्वार्थ? सच्चे और मतलबी लोगों में फर्क बताते हैं चाणक्य के ये संकेत

Chanakya Niti: आचार्य चाणक्य को अपने समय के सबसे ज्ञानी और बुद्धिमान पुरुष के तौर पर भी जाना जाता है. कहा जाता है अगर किसी भी इंसान को एक बेहतर जिंदगी जीनी है तो उसे चाणक्य की बताई बातों का पालन जरूर करना चाहिए. अपनी नीतियों में आचार्य चाणक्य ने जीवन को समझने और लोगों को पहचानने के भी कई तरीके बताये हैं. चाणक्य की अगर मानें तो हर वह इंसान जो आपके साथ है जरूरी नहीं कि वह आपका दोस्त ही हो. कुछ ऐसे लोग भी होते हैं जो सिर्फ अपने फायदे के लिए ही आपसे रिश्ता बनाकर रखते हैं. उनके अनुसार इस तर्ज के जो लोग होते हैं वे लोग अपना मतलब निकलने के बाद और समय देखकर सबसे पहले आपका साथ छोड़ देते हैं. आज इस आर्टिकल में हम आपको चाणक्य नीति में बताये गए कुछ ऐसे संकेतों के बारे में बताने जा रहे हैं जिन्हें अगर आप समय रहते पहचान लेते हैं तो आप खुद को इमोशनली नुकसान पहुंचने से बचाकर रख सकते हैं. तो चलिए उन संकेतों के बारे में विस्तार से जानते हैं जो इस बात की तरफ इशारे करते हैं कि सामने वाला इंसान सिर्फ आपके साथ सिर्फ अपना मतलब निकालने के लिए ही जुड़ा हुआ है. जरूरत खत्म होते ही दूरी बना लेना आचार्य चाणक्य कहते हैं कि अगर कोई भी इंसान आपसे सिर्फ उस समय ही बात करता है जब उसे आपसे कोई काम निकलवाना हो तो उससे जितनी जल्दी हो सके दूरी बना लेनी चाहिए. इस तरह के जो लोग होते हैं वे कभी भी ईमानदार और सच्चे नहीं होते हैं. इस तरह के लोग कभी भी सुख और दुख में आपका साथ नहीं देते हैं. अगर आपको कभी भी इनकी जरूरत पड़ती है तो ये लोग अलग-अलग तरह के बहाने बनाने लग जाते हैं. यह सबसे बड़ा संकेत है कि रिश्ता स्वार्थ पर टिका है. यह भी पढ़ें: Chanakya Niti: ये 3 गलतियां इंसान को बना देती हैं हंसी का पात्र, समाज में पहचान और इज्जत दोनों हो जाती हैं खत्म आपकी बातों और इमोशंस की कद्र न करना अगर कोई भी इंसान आपकी बातों को या फिर समस्याओं को बिलकुल भी ध्यान से नहीं सुनता है या फिर आपके इमोशंस को एकदम हल्के में लेता है तो समझ लें वह इंसान आपका अपना नहीं बल्कि एक स्वार्थी इंसान है. इस तरह के जो लोग होते हैं वे आपसे सिर्फ अपनी ही बात करते हैं और आपको सिर्फ एक साधन की तरह देखते हैं. चाणक्य नीति के अनुसार जहां इज्जत नहीं, वहां रिश्ता भी सच्चा नहीं हो सकता. फायदा मिलने पर तारीफ नहीं तो आलोचना आचार्य चाणक्य कहते हैं कि जो भी मतलबी लोग होते हैं वे जरूरत पड़ने पर आपकी खूब तारीफ करते हैं, आपसे मीठी-मीठी बातें करते हैं वहीं, जब आपसे उन्हें कोई फायदा नहीं मिलता तो वे लोग आपकी बुराई करने से पीछे नहीं हटते हैं. चाणक्य नीति के अनुसार जो व्यक्ति हालात के हिसाब से अपना रंग बदलता रहता है उसपर आपको कभी भी भरोसा नहीं करना चाहिए. मदद मांगने पर टालमटोल करना आचार्य चाणक्य कहते हैं कि अगर आप हमेशा दूसरों की मदद करने में आगे रहते हैं लेकिन जब आपको मदद की जरूरत पड़ती है तो वह बहाने बनाने लगता है या फिर अपनी बातों से मुकर जाता है. अगर बार-बार ऐसा हो तो समझ जाएं कि ये रिश्ता बराबरी का बिलकुल भी नहीं है. चाणक्य कहते हैं कि इस तरह के लोगों से आपको दूरी बनाकर रखनी चाहिए क्योंकि इन्हें सिर्फ आपसे लेना आता है देना नहीं. यह भी पढ़ें: Chanakya Niti: आज लिए गए ये छोटे फैसले बदल देंगे आपकी पूरी जिंदगी, सफलता और सुख का राज छिपा है चाणक्य की इन नीतियों में Disclaimer: यह आर्टिकल सामान्य जानकारियों और मान्यताओं पर आधारित है. नया विचार इसकी पुष्टि नहीं करता है. The post Chanakya Niti: मीठी बातों के पीछे कहीं छिपा तो नहीं स्वार्थ? सच्चे और मतलबी लोगों में फर्क बताते हैं चाणक्य के ये संकेत appeared first on Naya Vichar.

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बिहार पंचायत चुनाव में पूरी तरह से बदल जाएगा आरक्षण रोस्टर, परिसीमन पर भी पूरी जानकारी पढ़िए

Bihar Panchayat Elections: बिहार में पंचायत चुनाव इस बार पुराने परिसीमन के आधार पर कराए जाएंगे. राज्य में कुल 2 लाख 55 हजार 379 पदों के लिए चुनाव होना है. सबसे अहम बात यह है कि चुनाव 30 साल पुराने परिसीमन पर होंगे, लेकिन आरक्षण रोस्टर पूरी तरह बदला जाएगा. इसका सीधा असर यह होगा कि कई सीटों की श्रेणी बदल सकती है. जो सीट अभी आरक्षित है, वह सामान्य हो सकती है और सामान्य सीट आरक्षित वर्ग के खाते में जा सकती है. पंचायत चुनाव को लेकर तैयारियां तेज कर दी गई हैं. मतदान के लिए 32 हजार से ज्यादा नए एम-3 ईवीएम खरीदे जा रहे हैं. इस पर 64 करोड़ रुपये से अधिक की राशि खर्च होगी. वर्ष 2021 में पंचायत चुनाव 11 चरणों में कराए गए थे, लेकिन इस बार चरणों की संख्या कम रखने की संभावना जताई जा रही है. क्या होता है पंचायत परिसीमन? लोकसभा और विधानसभा की तरह पंचायतों की भी भौगोलिक सीमाएं तय होती हैं. वार्ड सदस्य से लेकर जिला परिषद अध्यक्ष तक के लिए क्षेत्र निर्धारित किया जाता है. इस प्रक्रिया को पंचायत परिसीमन कहा जाता है. परिसीमन का उद्देश्य यह होता है कि जनसंख्या के आधार पर वार्ड और पंचायतों की सीमा तय की जाए, ताकि हर निर्वाचित प्रतिनिधि लगभग समान संख्या में लोगों का प्रतिनिधित्व कर सके. परिसीमन क्यों जरूरी है? समय के साथ किसी इलाके की आबादी बढ़ती या घटती है. कई बार गांवों की जनसंख्या इतनी बढ़ जाती है कि वहां नई पंचायत या नए वार्ड बनाने की जरूरत पड़ती है. परिसीमन के जरिए इन्हीं बदलावों को समायोजित किया जाता है, ताकि प्रशासनिक संतुलन बना रहे. परिसीमन क्यों नहीं हो सका पहले माना जा रहा था कि 2026 का पंचायत चुनाव नए परिसीमन पर होगा, लेकिन 2021 की जनगणना नहीं हो सकी. वर्तमान समय में पंचायतों की वास्तविक जनसंख्या का कोई आधिकारिक आंकड़ा उपलब्ध नहीं है. पिछली जनगणना 2011 में हुई थी. ऐसे में अगर अभी परिसीमन कराया जाता, तो 15 साल पुराने आंकड़ों पर निर्भर रहना पड़ता. इसी वजह से पुराने परिसीमन पर ही चुनाव कराने का निर्णय लिया गया है. 30 साल पुराना है पंचायत परिसीमन राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार बिहार में पंचायत परिसीमन वर्ष 1994-95 में 1991 की जनगणना के आधार पर हुआ था. इसके बाद 2001, 2011, 2016 और 2021 में पंचायत चुनाव हुए, लेकिन पूर्ण परिसीमन नहीं हुआ. इस दौरान कई ग्रामीण क्षेत्र शहरी निकायों में शामिल किए गए, जिसके अनुसार छोटे-मोटे बदलाव कर चुनाव कराए जाते रहे. बदलेगा आरक्षण रोस्टर 2026 के पंचायत चुनाव में आरक्षण रोस्टर बदला जाएगा. बिहार पंचायत राज अधिनियम के तहत हर दो लगातार चुनावों के बाद रोस्टर बदलना अनिवार्य है. पिछला रोस्टर 2016 और 2021 में लागू रहा था. नए रोस्टर के लागू होने से सीटों की स्थिति बदलेगी. कुल सीटों में से 50 फीसदी पर आरक्षण लागू होगा. स्त्रीओं को 50% आरक्षण पंचायती राज संस्थाओं में स्त्रीओं को 50 प्रतिशत आरक्षण दिया जाता है. यह आरक्षण हर वर्ग में लागू होता है, यानी अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और पिछड़े वर्ग की आरक्षित सीटों में भी आधी सीटें स्त्रीओं के लिए तय होती हैं. Also Read: बिहार के लोग अगले 7 दिन के लिए हो जाएं सावधान, IMD ने जारी किया इन 23 जिलों में ऑरेंज अलर्ट The post बिहार पंचायत चुनाव में पूरी तरह से बदल जाएगा आरक्षण रोस्टर, परिसीमन पर भी पूरी जानकारी पढ़िए appeared first on Naya Vichar.

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