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January 9, 2026

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Benefits Of Chia Seeds: सुबह खाली पेट चिया सीड्स खाने के फायदे जानकर हैरान हो जाएंगे आप

Benefits Of Chia Seeds: चिया सीड्स छोटे-छोटे काले और सफेद बीज होते हैं, जिन्हें स्वास्थ्य के लिए बेहद लाभकारी माना जाता है. ये बीज प्राचीन समय से ही पोषण का महत्वपूर्ण स्रोत रहे हैं. आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में चिया सीड्स को सुपरफूड कहा जाता है, क्योंकि इनमें भरपूर मात्रा में फाइबर, प्रोटीन, ओमेगा-3 फैटी एसिड, कैल्शियम और एंटीऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं. रोज़ाना सीमित मात्रा में चिया सीड्स का सेवन शरीर को कई बीमारियों से बचाने में मदद करता है. कई लोग इसे अपने सुबह के नाश्ते में शामिल करते हैं और इसके बाद इसका सेवन करते हैं. इसके सेवन करने का हर किसी का एक अलग तरीका है. इस आर्टिकल में हम आपको बताएंगे कि कैसे चिया सीड्स के फायदे क्या होते है.  चिया सीड्स के मुख्य फायदे वजन घटाने में सहायक चिया सीड्स में फाइबर की मात्रा बहुत अधिक होती है, जो पेट को लंबे समय तक भरा हुआ महसूस कराता है. इससे बार-बार भूख नहीं लगती और वजन नियंत्रित रहता है. पाचन तंत्र को मजबूत बनाते हैं चिया सीड्स आंतों की सफाई में मदद करते हैं और कब्ज की समस्या को दूर करते हैं. ये पाचन को बेहतर बनाकर पेट को स्वस्थ रखते हैं. हड्डियों को मजबूत करते हैं इन बीजों में कैल्शियम, फॉस्फोरस और मैग्नीशियम पाया जाता है, जो हड्डियों और दांतों को मज़बूत बनाने में सहायक है. दिल की सेहत के लिए फायदेमंद चिया सीड्स में मौजूद ओमेगा-3 फैटी एसिड कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करता है और हृदय रोगों के खतरे को कम करता है. ब्लड शुगर कंट्रोल में मददगार चिया सीड्स ब्लड शुगर लेवल को संतुलित रखने में सहायक होते हैं, जिससे ये डायबिटीज़ के मरीजों के लिए फायदेमंद माने जाते हैं. ऊर्जा और ताकत बढ़ाते हैं चिया सीड्स शरीर को तुरंत ऊर्जा देते हैं और थकान को कम करते हैं. यही कारण है कि इन्हें वर्कआउट से पहले लेना फायदेमंद माना जाता है. त्वचा और बालों के लिए लाभकारी चिया सीड्स में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स त्वचा को जवां बनाए रखते हैं और बालों को मज़बूती व चमक प्रदान करते हैं. यह भी पढ़ें: Benefits Of Amla Juice: क्यों जरूरी है रोजाना आंवला जूस पीना? जानिए इसके अनोखे लाभ यह भी पढ़ें: Papaya Seeds Benefits: बेकार समझकर कूड़े में फेंक देते हैं पपीते के बीज, तो जान लीजिए इसके चमत्कारी फायदे The post Benefits Of Chia Seeds: सुबह खाली पेट चिया सीड्स खाने के फायदे जानकर हैरान हो जाएंगे आप appeared first on Naya Vichar.

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57 हजारी की आबादी में सबको 1 लाख डॉलर… ग्रीनलैंड लेने के लिए ट्रंप का प्लान; अमेरिका लगाएगा दाम 

Donald Trump Cash Plan for Greenland: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ग्रीनलैंड को लेने के लिए साम, दाम, दंड, भेद हर तरह की नीति अपनाने की कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने पहले समझौता करने की कोशिश की, फिर सीधा दंड यानी हमले वाली बात उनके प्रशासन की ओर से कहा गया, अब डेनमार्क के अधीन इस द्वीप के लिए अमेरिका दाम वाले प्लान पर आगे बढ़ने की सोच रहा है. अमेरिकी अधिकारियों द्वारा ग्रीनलैंड के निवासियों को सीधे नकद भुगतान की पेशकश करने के विचार पर विचार किया जा रहा है. डेनमार्क से अलग होने और अमेरिका के साथ जुड़ने के लिए आर्कटिक क्षेत्र को राजी करने के लिए ट्रंप प्रशासन अब इस रणनीति पर आगे बढ़ सकता है. ट्रंप प्रशासन के भीतर हुई चर्चाओं में प्रति व्यक्ति 10,000 डॉलर से लेकर 1 लाख डॉलर तक के एकमुश्त भुगतान के प्रस्ताव शामिल हैं. रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, व्हाइट हाउस के सहयोगियों के बीच चल रही ये बातचीत फिलहाल शुरुआती (एक्सप्लोरेटरी) चरण में है और भुगतान की प्रक्रिया, समय और शर्तों जैसे अहम पहलू अभी स्पष्ट नहीं हैं. इस पूरी कवायद में अमेरिका के कुल 6 अरब डॉलर खर्च हो सकते हैं, हालांकि जितना संसाधन ग्रीनलैंड की जमीन के अंदर होने का अनुमान व्यक्त किया गया है, उसके हिसाब से यह कुछ भी नहीं.  करीब 57,000 आबादी वाला ग्रीनलैंड, डेनमार्क साम्राज्य के अंतर्गत एक स्वायत्त क्षेत्र है. ग्रीनलैंड में लंबे समय से स्वतंत्रता को लेकर बहस चल रही है और उसकी वित्तीय स्थिति डेनमार्क की वित्तीय सहायता पर निर्भर है. ऐसे में वहां की जनता को सीधे नकद भुगतान करने का विचार वॉशिंगटन के लिए एक संभावित रास्ता माना जा रहा है, जिसके जरिए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की उस पुरानी महत्वाकांक्षा को आगे बढ़ाया जा सके, जिसमें वह इस द्वीप को अमेरिकी नियंत्रण में लाना चाहते हैं. ट्रंप इसे अमेरिका की सुरक्षा के लिए अहम बताते रहे हैं. हालांकि कोपेनहेगन और नूक (ग्रीनलैंड की राजधानी) के अधिकारी बार-बार कह चुके हैं कि ग्रीनलैंड बिक्री के लिए नहीं है. राष्ट्रपति ट्रंप बार-बार यह तर्क देते रहे हैं कि ग्रीनलैंड अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बेहद अहम है. उन्होंने इसकी रणनीतिक स्थिति और खनिज संसाधनों का हवाला दिया है, जिन्हें उन्नत सैन्य और तकनीकी उपयोग के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है. ट्रंप ने ग्रीनलैंड को इस व्यापक दृष्टिकोण से भी जोड़ा है कि वॉशिंगटन को पूरे पश्चिमी गोलार्ध में निर्णायक भू-नेतृत्वक प्रभाव बनाए रखना चाहिए. नकद भुगतान का प्रस्ताव व्हाइट हाउस में चर्चा के तहत कई विकल्पों में से एक है. अन्य विचारों में कूटनीतिक रास्ते शामिल हैं और सबसे चरम स्थिति में सैन्य बल के इस्तेमाल की संभावना तक पर बात हुई है. ग्रीनलैंड का विरोध, यूरोप की प्रतिक्रिया और NATO की चिंता ट्रंप के इन इरादों और बयानों के बाद, ग्रीनलैंड के प्रधानमंत्री जेन्स-फ्रेडरिक नील्सन ने ट्रंप द्वारा एक बार फिर द्वीप को हासिल करने की बात कहे जाने के बाद सार्वजनिक रूप से विलय (एनेक्सेशन) के विचार को खारिज कर दिया. वहीं ट्रंप के हालिया बयानों और वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारियों के वक्तव्यों पर यूरोप में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली है. डेनमार्क समेत कई यूरोपीय प्रशासनों ने जोर देकर कहा है कि ग्रीनलैंड के भविष्य से जुड़े फैसले केवल ग्रीनलैंड और डेनमार्क ही ले सकते हैं. इस हफ्ते की शुरुआत में फ्रांस, जर्मनी, इटली, पोलैंड, स्पेन, ब्रिटेन और डेनमार्क ने एक संयुक्त बयान जारी कर इसी बात को रेखांकित किया. यह नाटो सहयोगियों के बीच एक उल्लेखनीय एकजुटता का संकेत था. वहीं डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिक्सन ने ट्रंप के इन बयानों पर तीखी प्रतिक्रिया दी थी. उन्होंने कहा था कि अगर अमेरिका ग्रीनलैंड पर हमला करता है, तो यह नाटो का अंत होगा. इसी बीच ग्रीनलैंड के रक्षा मंत्रालय ने भी अपने इरादे दर्शा दिए. उसने डेनिश मीडिया को बयान दिया और 1952 के कानून की याद दिलाई, जिसके तहत किसी भी बाहरी आक्रमण पर उसके सैनिक पहले गोली मारेंगे और बाद में सवाल पूछेंगे और यह नियम अभी भी लागू है.  वेनेजुएला ऑपरेशन के बाद ग्रीनलैंड-डेनमार्क की बढ़ी टेंशन ग्रीनलैंड को लेकर बातचीत इन दिनों और भी तेज हुई है. इसकी एक वजह वेनेजुएला में अमेरिकी अभियान भी है, जिसमें अमेरिकी सैनिकों ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को उनके घर से पकड़ लिया. विदेश नीति लक्ष्यों को साधने में इस दुस्साहसिक कार्रवाई के बाद ग्रीनलैंड और डेनमार्क में डर भी है. हालांकि ग्रीनलैंड के मुद्दे पर अमेरिका बातचीत की टेबल पर भी है. विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने कहा कि वह वॉशिंगटन में अपने डेनिश समकक्ष के साथ बातचीत में ग्रीनलैंड का मुद्दा उठाएंगे. अगले हफ्ते इस मुद्दे पर दोनों देश बातीच करेंगे. ये भी पढ़ें:- मैंने मीटिंग सेट की, लेकिन मोदी ने… IND-US ट्रेड डील क्यों नहीं हो रही? अमेरिकी कॉमर्स मंत्री ने बताया कारण पहले गोली मारेंगे फिर सवाल पूछेंगे… सेना के इस्तेमाल पर ट्रंप को मिली वॉर्निंग, डेनमार्क बोला आदेश लागू है   अमेरिका ने जिस टैंकर को किया जब्त, उसमें 3 हिंदुस्तानीय भी शामिल, रूस ने दिया अल्टीमेटम; जल्द से जल्द रिहा करो The post 57 हजारी की आबादी में सबको 1 लाख डॉलर… ग्रीनलैंड लेने के लिए ट्रंप का प्लान; अमेरिका लगाएगा दाम  appeared first on Naya Vichar.

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CES 2026: इस साल के कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स शो में इन 5 गैजेट्स ने खींचा सबका ध्यान, क्या आपकी नजर पड़ी?

CES 2026: कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स शो यानी CES 2026 की शुरुआत 6 जनवरी (मंगलवार) को हुई थी और यह सालाना टेक इवेंट 9 जनवरी यानी आज खत्म हो रहा है. इस मेगा टेक शो में दुनिया भर की बड़ी टेक कंपनियां और डिवाइस मेकर्स अपने नए गैजेट्स और टेक्नोलॉजी से जुड़ी इनोवेशन पेश कर रही हैं. इस साल कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स शो (CES) में ज्यादातर ध्यान आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस (AI) पर रहा. यहां आज हम उन गैजेट्स के बारे में बताने जा रहे हैं जिसने सोशल मीडिया पर सबका ध्यान खींचा है. आइए जानते हैं इनके बारे में. लॉलीपॉप स्टार (Lollipop Star) लॉलीपॉप स्टार नाम की यह अनोखी कैंडी CES में शुरू से ही लोगों का ध्यान खींचने में कामयाब रही. Lava Tech Brands नाम की कंपनी ने इसे बनाया है, जो खाते समय म्यूजिक बजाती है. करीब 8.99 डॉलर की कीमत वाली इस कैंडी में कंपनी ने बोन इंडक्शन टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया है. जैसे ही इसे पीछे के दांतों से काटा जाता है, लॉलीपॉप के जरिये म्यूजिक सीधे सुनाई देने लगता है. Lollipop star प्रोजेक्ट एवा (Project Ava) Razer का AI गेमिंग असिस्टेंट Project Ava अपने अलग ‘बॉडी’ वाले डिजाइन को लेकर गेमिंग कम्युनिटी में काफी चर्चा रही. CES 2026 में कंपनी ने अपने रियल-टाइम गेमिंग को-पायलट Project Ava को एक सिलिंडर शेप डिवाइस में दिखाया, जिसे डेस्क पर रखा जा सकता है. यह डिवाइस गेम स्पोर्ट्सते समय तुरंत टिप्स देता है और लाइव कमेंट्री के जरिए खिलाड़ियों की मदद करता है. Project ava Shokz OpenFit Pro Earbuds Shokz के OpenFit Pro ईयरबड्स हाल की उपयोगी इनोवेशन में से एक हैं. इनका ओपन-ईयर डिजाइन कान के अंदर नहीं जाता, बल्कि बाहर ही फिट रहता है, जिससे म्यूजिक सुनते हुए भी आसपास की आवाजें साफ सुनाई देती हैं. इसी वजह से ये ईयरबड्स आउटडोर इस्तेमाल और वर्कआउट के लिए काफी बढ़िया माने जाते हैं. Shokz openfit pro earbuds साइबर पेट (Cyber Pet) अगर आपको कुत्तों या बिल्लियों से एलर्जी है, लेकिन फिर भी एक प्यारा सा साथी चाहिए, तो चीन की टेक कंपनी Ollobot ने इसका भविष्य वाला हल पेश किया है. कंपनी ने OlloNi नाम का एक बैंगनी रंग का साइबर पेट दिखाया है, जो पहियों पर चलता है. इसके मुलायम से कान के पीछे सहलाते ही इसकी बड़ी-बड़ी डिजिटल आंखें खुल जाती हैं. Cyber pet लेगो स्मार्ट प्ले सिस्टम (Lego Smart Play System) Mashable के Best Future Tech अवॉर्ड जीतने वाला Lego Smart Play System देखने में भले ही एक साधारण 2×8 लेगो ब्रिक लगे, लेकिन इसमें बहुत कुछ छिपा है. इस छोटे से लेगो पीस के अंदर लाइट, साउंड और प्रॉक्सिमिटी सेंसर लगे हैं, जिनकी मदद से यूजर अपनी लेगो क्रिएशंस को जिंदा जैसा बना सकते हैं. Lego smart play system यह भी पढ़ें: CES 2026: Samsung ने पेश किया दुनिया का पहला 130-इंच Micro RGB टीवी, डिस्प्ले से सॉफ्टवेयर तक जानिए इसकी पूरी ताकत The post CES 2026: इस साल के कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स शो में इन 5 गैजेट्स ने खींचा सबका ध्यान, क्या आपकी नजर पड़ी? appeared first on Naya Vichar.

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Ikkis Box Office Collection: 9वें दिन हिट या मिस? अमिताभ बच्चन के नाती अगस्त्य नंदा की फिल्म ‘इक्कीस’ पर टिकी उम्मीदें

Ikkis Box Office Collection: श्रीराम राघवन निर्देशित ‘इक्कीस’ में धर्मेंद्र और अगस्त्य नंदा मुख्य किरदार में दिखे हैं. फिल्म 1 जनवरी को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी. फिल्म कछुए की चाल से बॉक्स ऑफिस पर आगे बढ़ रही है. फिल्म पहले दिन से ही स्लो मोशन में कमाई कर रही है. रणवीर सिंह की ‘धुरंधर’ की वजह से भी फिल्म की कमाई पर असर पड़ा है. आज प्रभास, संजय दत्त, बोमन ईरानी स्टारर मूवी ‘द राजा साब’ रिलीज हो गई है. ऐसे में मूवी के कलेक्शन पर और असर पड़ेगा. फिलहाल आपको इक्कीस के 9वें दिन का कलेक्शन बताते हैं. ‘इक्कीस’ ने 9वें दिन कितना कमाया? सैकनिल्क की रिपोर्ट के अनुसार, 9वें दिन ‘इक्कीस’ ने 0.04 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया है. इसके साथ ही फिल्म का टोटल कलेक्शन 25.64 करोड़ रुपये हो गया है. हालांकि शाम तक कलेक्शन में इजाफा हो सकता है. फिल्म को अब प्रभास की मूवी द राजा साब देगी. उम्मीद जताई जा रही कि प्रभास की मूवी से ‘इक्कीस’ को कड़ा मुकाबला मिलेगा. ‘इक्कीस’ का कलेक्शन रिपोर्ट Ikkis Box Office Collection Day 1: 7 करोड़ रुपये Ikkis Box Office Collection Day 2: 3.5 करोड़ रुपये Ikkis Box Office Collection Day 3: 4.65 करोड़ रुपये Ikkis Box Office Collection Day 4: 5 करोड़ रुपये Ikkis Box Office Collection Day 5: 1.35 करोड़ रुपये Ikkis Box Office Collection Day 6: 1.6 करोड़ रुपये Ikkis Box Office Collection Day 7: 1.15 करोड़ रुपये Ikkis Box Office Collection Day 8: 1.35 करोड़ रुपये Ikkis Box Office Collection Day 9: 0.04 करोड़ रुपये (अर्ली रिपोर्ट) Ikkis Box Office Total Collection: 25.46 करोड़ रुपये धर्मेंद्र को लेकर क्या कहा जयदीप अहलावत ने? दिग्गज एक्टर धर्मेंद्र की ‘इक्कीस’ आखिरी फिल्म है. मूवी में धर्मेंद्र के साथ जयदीप अहलावत ने स्क्रीन शेयर किया था. ईटाइम्स से बातचीत में एक्टर ने धर्मेंद्र के निधन पर बात करते हुए कहा, “मुझे लगता है कि पूरे देश में सभी सिनेमा प्रेमियों में, ऐसा कोई नहीं था जिसे बुरा न लगा हो. इक्कीस के प्रमोशन के दौरान मुझे एक खालीपन महसूस हुआ. काश वह इन सभी प्रमोशन्स में होते. उन्हें हमारे साथ यह फिल्म देखने के लिए अपना काम देखने के लिए होना चाहिए था.” यह भी पढ़ें- The Raja Saab X Review: प्रभास की फिल्म का रिव्यू आया सामने, नेटिजन्स ने मूवी को लेकर X पर क्या कहा, जानें हिट हुई या फुस्स? The post Ikkis Box Office Collection: 9वें दिन हिट या मिस? अमिताभ बच्चन के नाती अगस्त्य नंदा की फिल्म ‘इक्कीस’ पर टिकी उम्मीदें appeared first on Naya Vichar.

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Mauni Amavasya 2026: मौनी अमावस्या पर मौन और स्नान क्यों बदल देता है जीवन की दिशा?

Mauni Amavasya 2026: मौनी अमावस्या सनातन धर्म की सबसे पुण्यदायी तिथियों में मानी जाती है. माघ मास की इस अमावस्या पर गंगा स्नान और मौन व्रत को सबसे बड़ा तप कहा गया है. मान्यता है कि इस दिन मौन और संयम से किया गया स्नान आत्मा को शुद्ध करता है और जीवन में सुख-शांति का मार्ग खोलता है. मौनी अमावस्या पर स्नान इतना पुण्यदायी क्यों माना जाता है? धर्मग्रंथों के अनुसार इस दिन किया गया स्नान हजारों यज्ञों के बराबर फल देता है. विशेषकर त्रिवेणी संगम में स्नान को मोक्षदायी माना गया है. ऐसा विश्वास है कि मौनी अमावस्या पर देवता और पितृलोक के दिव्य शक्तियां पृथ्वी के समीप होती हैं, जिससे स्नान, दान और जप का फल कई गुना बढ़ जाता है. इसी कारण प्रयागराज, हरिद्वार और काशी जैसे तीर्थों में इस दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है. मौन व्रत को शास्त्रों में सबसे कठिन तप क्यों कहा गया है? “मौनी” शब्द का अर्थ है मौन धारण करने वाला. शास्त्रों में कहा गया है कि वाणी पर संयम रखना सबसे कठिन तप है. मौनी अमावस्या पर मौन रहने से व्यक्ति अपने भीतर की नकारात्मकता, क्रोध और अस्थिर विचारों को शांत कर पाता है. यह दिन आत्मचिंतन और ध्यान के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है. धार्मिक मान्यता है कि मौन व्रत से किया गया जप और ध्यान सीधे आत्मा को स्पर्श करता है, जिससे आध्यात्मिक उन्नति होती है. यही कारण है कि ऋषि-मुनि इस दिन मौन साधना को सर्वोच्च तप बताते हैं. मौनी अमावस्या 2026 की सही तिथि क्या है? भ्रम दूर करें धार्मिक मान्यताओं के अनुसार अमावस्या तिथि में किया गया स्नान और दान कई गुना पुण्य फल देता है, इसलिए मौनी अमावस्या 2026 की तिथि जानना जरूरी है. मौनी अमावस्या 2026 के शुभ मुहूर्त सूर्योदय: प्रातः 07:15 बजे सूर्यास्त: सायं 05:49 बजे चंद्रास्त: सायं 05:20 बजे ब्रह्म मुहूर्त: 05:27 से 06:21 बजे तक अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:10 से 12:53 बजे तक विजय मुहूर्त: दोपहर 02:17 से 3:00 बजे तक गोधूलि मुहूर्त: सायं 05:46 से 06:13 बजे तक दान और पुण्य का विशेष योग मौनी अमावस्या पर अन्न, वस्त्र, तिल, घी और कंबल का दान विशेष फलदायी माना जाता है. पितरों के निमित्त तर्पण करने से पितृ दोष शांत होने की मान्यता भी जुड़ी है. कहा जाता है कि इस दिन किए गए पुण्य कर्म जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का मार्ग खोलते हैं. मौनी अमावस्या हमें सिखाती है कि शब्दों से अधिक शक्ति मौन में होती है. एक दिन का संयम और साधना व्यक्ति को भीतर से मजबूत बनाती है. यही कारण है कि इस दिन मौन रहना केवल परंपरा नहीं, बल्कि आत्मशुद्धि का सबसे बड़ा तप माना गया है. ये भी पढ़ें:  कब है मौनी अमावस्या 18 या 19 जनवरी? जानें सही तिथि मौनी अमावस्या पर स्नान क्यों किया जाता है? धार्मिक मान्यता है कि मौनी अमावस्या पर पवित्र नदियों में स्नान करने से पापों का नाश होता है और आत्मा शुद्ध होती है. मौनी अमावस्या पर मौन व्रत का क्या महत्व है? इस दिन मौन धारण करने से वाणी पर संयम आता है, मन शांत होता है और इसे शास्त्रों में सबसे बड़ा तप माना गया है. मौनी अमावस्या 2026 कब है? मौनी अमावस्या 2026 की तिथि 18 जनवरी की रात से शुरू होकर 19 जनवरी तक रहेगी, इस दिन स्नान और दान विशेष फलदायी माने जाते हैं. अगर आप सनातन धर्म और पर्व-त्योहारों से जुड़ी ऐसी ही विश्वसनीय जानकारियां पढ़ना पसंद करते हैं, तो इस लेख को जरूर शेयर करें. Disclaimer: यह जानकारी धार्मिक मान्यताओं और वास्तु शास्त्र पर आधारित है. इसका उद्देश्य केवल सामान्य जानकारी देना है, न कि किसी प्रकार का दावा या सलाह. The post Mauni Amavasya 2026: मौनी अमावस्या पर मौन और स्नान क्यों बदल देता है जीवन की दिशा? appeared first on Naya Vichar.

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Delhi Weather : दिल्ली में होगी बारिश, शीतलहर से कांपेंगे लोग, आया IMD का अलर्ट

Delhi Weather : दिल्ली में शुक्रवार को इस सर्दी के मौसम की सबसे ठंडी सुबह दर्ज की गई. यहां न्यूनतम तापमान अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया जबकि शहर के कई स्थानों पर हल्की बारिश भी देखने को मिली. 9 जनवरी को न्यूनतम तापमान 4.6 डिग्री सेल्सियस रहा, जो इस मौसम में सामान्य तापमान से लगभग 2.3 डिग्री सेल्सियस कम था. यह इस मौसम की सबसे ठंडी सुबह रही जिसने लोगों को कांपने पर मजबूर कर दिया. दिल्ली में अधिकतम तापमान 17 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है. क्षेत्रीय मौसम पूर्वानुमान केंद्र के अनुसार, दिल्ली में अक्षरधाम, लोधी रोड के अलावा नेहरू स्टेडियम, आर के पुरम, डिफेंस कॉलोनी, लाजपत नगर, तुगलकाबाद, इग्नू, आयानगर और डेरामंडी समेत कुछ स्थानों पर बूंदाबांदी होने के आसार नजर आ रहे हैं. आईएमडी ने अपने पूर्वानुमान में कहा है कि आने वाले दिनों में दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर और उत्तर-पश्चिम हिंदुस्तान के कुछ हिस्सों में शीतलहर की स्थिति बनी रहने की संभावना है. किस इलाके में कितना दर्ज किया गया तापमान? शहरभर के मौसम स्टेशनों ने भी सुबह के शुरुआती घंटों में हल्की बारिश दर्ज की, जिससे लोगों को कड़ाके की ठंड का सामना करना पड़ा. स्टेशनवार आंकड़ों के अनुसार, सफदरजंग में न्यूनतम तापमान 4.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 2.3 डिग्री सेल्सियस कम था, जबकि पालम में 5.0 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया, जो सामान्य से 1.5 डिग्री कम था। लोधी रोड में न्यूनतम तापमान 5.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 0.8 डिग्री कम था, जबकि रिज स्टेशन पर 5.4 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया, जो सामान्य से 1.2 डिग्री कम था. कुछ जगह मामूली बारिश दर्ज की गई सफदरजंग और लोधी रोड में पिछले 24 घंटों में सुबह साढ़े आठ बजे तक मामूली बारिश दर्ज की गई, जबकि आयानगर में 0.8 मिमी बारिश हुई. इसी अवधि के दौरान पालम और रिज स्टेशन पर कोई बारिश दर्ज नहीं की गई. गुरुवार को मौसम की तीसरी सबसे ठंडी सुबह रही थी, क्योंकि शहर के बेस स्टेशन सफदरजंग में पारा गिरकर 5.8 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया था, जो सामान्य से 1.1 डिग्री कम है. इस मौसम का सबसे कम न्यूनतम तापमान चार और पांच दिसंबर को दर्ज किया गया था, जब तापमान गिरकर 5.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था. एक दिसंबर को न्यूनतम तापमान 5.7 डिग्री सेल्सियस था, जिससे गुरुवार का न्यूनतम तापमान 5.8 डिग्री सेल्सियस इस सर्दी में अब तक दर्ज किया गया तीसरा सबसे कम तापमान था. यह भी पढ़ें : Aaj ka Mausam : अब और पड़ेगी भयंकर सर्दी, कांपेंगे लोग, इन राज्यों में शीतलहर का अलर्ट दिल्ली में इस साल का पहला शीत दिवस छह जनवरी को दर्ज किया गया था, जब अधिकतम तापमान गिरकर 15.7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो इस मौसम के औसत से 3.3 डिग्री कम था, जबकि न्यूनतम तापमान 7.6 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 0.7 डिग्री कम था. The post Delhi Weather : दिल्ली में होगी बारिश, शीतलहर से कांपेंगे लोग, आया IMD का अलर्ट appeared first on Naya Vichar.

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Public Holiday : 15 जनवरी को बैंक-दफ्तर सब बंद, जानें वजह

Public Holiday : महाराष्ट्र राज्य निर्वाचन आयोग ने शुक्रवार को घोषणा की कि 15 जनवरी यानी गुरुवार को 29 महानगरपालिकाओं में आने वाले उन क्षेत्रों में सार्वजनिक अवकाश रहेगा, जहां निकाय चुनाव के लिए मतदान होना है। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी. नगर निकाय क्षेत्र में आने वाले प्रशासनी और अर्ध-प्रशासनी कार्यालयों, निगमों, बोर्डों, सार्वजनिक उपक्रमों, बैंकों और केंद्र प्रशासन के कार्यालयों में यह छुट्टी रहेगी. चुनाव समीक्षा बैठकों के दौरान निर्देश जारी चुनाव आयोग ने कहा कि ईवीएम (इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन) की व्यवस्था सहित सभी प्रशासनिक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और जनता से लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय रूप से भाग लेने का आग्रह किया है. एक अलग आदेश में राज्य निर्वाचन आयुक्त दिनेश वाघमारे ने निर्देश दिया कि पर्याप्त संख्या में मतदान और मतगणनाकर्मियों की नियुक्ति की जाए और सभी संबंधित अधिकारी समय पर आवश्यक प्रशिक्षण पूरा करें. उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण से अनुपस्थित रहने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. वाघमारे ने यह निर्देश छह और सात जनवरी को आयोजित चुनाव समीक्षा बैठकों के दौरान जारी किए. यह भी पढ़ें : School Holiday : अब सीधे 13 जनवरी को खुलेंगे स्कूल, जानें वजह इन बैठकों में आयोग के सचिव सुरेश काकाणी, पुलिस महानिरीक्षक मनोजकुमार शर्मा सभी 29 महानगर पालिकाओं के आयुक्त, पुलिस आयुक्त और जिला पुलिस अधीक्षक भी उपस्थित थे. इन इलाकों में होंगे मतदान मुंबई, ठाणे, नवी मुंबई, उल्हासनगर, कल्याण-डोंबिवली, भिवंडी-निजामपुर, मीरा-भायंदर, वसई-विरार, पनवेल, नासिक, मालेगाव, अहिल्यानगर, जलगाव, धुले, पुणे, पिंपरी-चिंचवड, सोलापुर, कोल्हापुर, इचलकरंजी, सांगली-मिराज-कुपवाड, छत्रपति संभाजीनगर, नांदेड़-वाघाला, परभणी, जालना, लातूर, अमरावती, अकोला, नागपुर और चंद्रपुर में मतदान होने हैं. मतदान और मतगणना की सुचारू प्रक्रिया सुनिश्चित करने के निर्देश अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे मतदान और मतगणना की सुचारू प्रक्रिया सुनिश्चित करें, मतदान केंद्रों पर की गई व्यवस्थाओं से कर्मचारियों को सभी अवगत कराया जाए और मतदाताओं को किसी भी प्रकार की असुविधा से बचाने के लिए सभी आवश्यक सावधानियां बरतें. आयोग ने कहा कि मतदान केंद्रों पर निर्बाध बिजली आपूर्ति, पेयजल और शौचालय की सुविधा सुनिश्चित की जानी चाहिए. The post Public Holiday : 15 जनवरी को बैंक-दफ्तर सब बंद, जानें वजह appeared first on Naya Vichar.

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Calendar Vastu: 2025 का पुराना कैलेंडर दीवार पर टांगा है? यह आदत रोक सकती है आपकी तरक्की

Calendar Vastu: अगर आपके घर या ऑफिस में अब भी 2025 का पुराना कैलेंडर टंगा हुआ है, तो यह अनजाने में आपकी तरक्की और मानसिक शांति को प्रभावित कर सकता है. वास्तु और सनातन धर्म में बीते समय को थामे रखना अशुभ माना गया है. जानिए पुराने कैलेंडर से जुड़ी धार्मिक मान्यताएं और इसे हटाने का सही तरीका. पुराने कैलेंडर से जुड़ी धार्मिक मान्यता हिंदू धर्म में समय को काल कहा गया है और काल को साक्षात भगवान का स्वरूप माना जाता है. जो समय बीत चुका है, उसे सम्मानपूर्वक विदा देना आवश्यक होता है. बीता हुआ कैलेंडर दीवार पर टंगा रहना यह दर्शाता है कि व्यक्ति पुराने समय से बाहर नहीं निकल पा रहा, जिससे मानसिक और आध्यात्मिक प्रगति बाधित होती है. शास्त्रों में स्पष्ट संकेत मिलते हैं कि पुरानी तिथियां और बीते वर्ष की स्मृतियां घर में नकारात्मक कंपन पैदा करती हैं. पुराने कैलेंडर को अशुभ क्यों माना जाता है? जानिए धार्मिक कारण वास्तु शास्त्र के अनुसार घर में हर वस्तु का सीधा संबंध ऊर्जा प्रवाह से होता है. पुराना कैलेंडर ठहरी हुई ऊर्जा (Stagnant Energy) का प्रतीक माना जाता है. यह न केवल निर्णय लेने की क्षमता को प्रभावित करता है, बल्कि आर्थिक अड़चन, काम में रुकावट और पारिवारिक तनाव का कारण भी बन सकता है. विशेषकर अगर कैलेंडर में उदास चेहरे, सूखे पेड़ या अस्त होते सूर्य का चित्र हो, तो उसका प्रभाव और भी नकारात्मक माना जाता है. क्या पुराना कैलेंडर बन सकता है वास्तु दोष का कारण? धार्मिक दृष्टि से नया वर्ष नई संभावनाओं और नए कर्मों का प्रतीक होता है. जब घर में पुराने वर्ष का कैलेंडर बना रहता है, तो वह अवचेतन मन को पीछे की ओर खींचता है. इससे व्यक्ति अनजाने में पुराने डर, असफलता और नकारात्मक अनुभवों को दोहराता रहता है. यही कारण है कि शास्त्रों में नववर्ष से पहले या नववर्ष के तुरंत बाद पुराने कैलेंडर को हटाने की परंपरा बताई गई है. नया साल आने पर कैलेंडर न हटाने से क्या होता है? धर्मशास्त्रों के अनुसार पुराने कैलेंडर को फेंकने के बजाय सम्मानपूर्वक नष्ट करना चाहिए. अगर संभव हो तो उसे कागज के रूप में रीसायकल करें या किसी पवित्र दिन, जैसे अमावस्या या शनिवार को हटाएं. इसके बाद घर में नया कैलेंडर लगाने से पहले दीपक जलाना शुभ माना जाता है, ताकि नई सकारात्मक ऊर्जा का स्वागत हो सके. समय के साथ चलना ही जीवन का धर्म है. इसलिए पुराने कैलेंडर को हटाकर नए समय और नए भविष्य का स्वागत करें, तभी सुख, शांति और समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होता है. अगर आपके घर या ऑफिस में अब भी 2025 का पुराना कैलेंडर टंगा हुआ है, तो यह अनजाने में आपकी तरक्की, मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा को रोक सकता है. वास्तु और सनातन धर्म के अनुसार बीते समय को थामे रखना भविष्य में परेशानी का कारण बन सकता है. जानिए इसे हटाने का सही समय और तरीका. ये भी पढ़ें: काम अटका है? बाहर निकलते समय आजमाएं यह उपाय, कार्य होगा सफल लोग अक्सर पुराने कैलेंडर को लेकर ये सवाल पूछते हैं— पुराने कैलेंडर को घर में रखना क्यों अशुभ माना जाता है? धार्मिक और वास्तु मान्यताओं के अनुसार पुराना कैलेंडर बीते समय और रुकी हुई ऊर्जा का प्रतीक होता है. इसे टांगे रखने से नकारात्मक कंपन बढ़ते हैं, जिससे कार्यों में बाधा, मानसिक तनाव और प्रगति में रुकावट आ सकती है. पुराने कैलेंडर को कब और कैसे हटाना चाहिए? पुराने कैलेंडर को नववर्ष की शुरुआत में या उसके तुरंत बाद हटाना शुभ माना जाता है. इसे फेंकने के बजाय सम्मानपूर्वक नष्ट करना या रीसायकल करना चाहिए. हटाने के बाद दीपक जलाकर नए कैलेंडर को लगाना सकारात्मक ऊर्जा को आमंत्रित करता है. क्या ऑफिस में भी पुराना कैलेंडर रखने से नुकसान होता है? हां, वास्तु शास्त्र के अनुसार ऑफिस में पुराना कैलेंडर निर्णय क्षमता और कार्यक्षमता को प्रभावित करता है. इससे काम में रुकावट, आर्थिक अड़चन और प्रोफेशनल ग्रोथ में बाधा आ सकती है. अगर आपको वास्तु और सनातन धर्म से जुड़े ऐसे ही रोचक और उपयोगी विषय पढ़ना पसंद है, तो इस जानकारी को जरूर शेयर करें. Disclaimer:  यह जानकारी धार्मिक मान्यताओं और वास्तु शास्त्र पर आधारित है। इसका उद्देश्य केवल सामान्य जानकारी देना है, न कि किसी प्रकार का दावा या सलाह। The post Calendar Vastu: 2025 का पुराना कैलेंडर दीवार पर टांगा है? यह आदत रोक सकती है आपकी तरक्की appeared first on Naya Vichar.

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Farmer Registry Bihar: बिहार में फार्मर आईडी बनाने की बढ़ी तारीख, इस दिन तक चलेगा महाअभियान, किसानों को बड़ा फायदा

Farmer Registry Bihar: बिहार में फार्मर आईडी बनाने की तारीख बढ़ा दी गई है. राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की तरफ से किसानों की सहूलियत को लेकर बड़ा फैसला लिया गया है. दरअसल, अब 9 नहीं बल्कि 10 जनवरी तक महाअभियान चलेगा. विभाग की तरफ से किसानों से अपील की गई है कि आज और कल पंचायत भवन में जाकर फार्मर आईडी जरूर बनवाएं. बिहार में किसानों की अब डिजिटल पहचान दरअसल, बिहार के किसानों की अब डिजिटल पहचान होगी. ऐसे में बिहार प्रशासन ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के लाभुकों के लिए एक नया नियम लागू किया है. अब हर किसान को अपनी फार्मर रजिस्ट्री करानी होगी. इसके लिए 6 जनवरी से ही महाअभियान की शुरुआत हुई. राज्य के अलग-अलग पंचायत भवनों में शिविर लगाकर किसानों की फार्मर आईडी बनाई जा रही है. किसानों की सुविधा के लिए डेट बढ़ा दी गई है. फार्मर आईडी बनाने से बड़ा फायदा फार्मर रजिस्ट्री के लिए जरूरी डॉक्यूमेंट्स में आधार कार्ड, जमीन से संबंधित दस्तावेज और मोबाइल नंबर शामिल हैं. फार्मर आईडी से होने वाले फायदे की बात करें तो, पीएम किसान के तहत मिलने वाली राशि सीधे आपके बैंक खाते में जाएगी, इसके साथ ही कृषि विभाग से मिलने वाली सभी योजनाओं का लाभ मिलने लगेगा और आपकी जमाबंदी का शुद्धिकरण हो जाएगा. इस तरह से बिना किसी रुकावट के किसान सभी प्रशासनी योजनाओं का लाभ उठा सकेंगे. कोई परेशानी होने पर इस नंबर पर कर सकते हैं संपर्क इस अभियान के माध्यम से प्रशासन का लक्ष्य है कि कोई भी किसान प्रशासनी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे. अगर किसी किसान को रजिस्ट्रेशन या ई-केवाइसी के दौरान कोई दिक्कत आती है तो वे सीधे जिला कृषि पदाधिकारी (DAO), अनुमंडल कृषि पदाधिकारी या प्रखंड कृषि पदाधिकारी से संपर्क कर सकते हैं. इसके अलावा प्रशासन ने किसानों की मदद के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं. कृषि विभाग से जुड़ी जानकारी के लिए 18001801551 और राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के लिए 18003456215 पर कॉल किया कर सकते हैं. Also Read: Bihar Road Project: दानापुर-बिहटा एलिवेटेड रोड का अटका काम, ये है बड़ी वजह, जानिए अब कब तक बनकर होगा तैयार The post Farmer Registry Bihar: बिहार में फार्मर आईडी बनाने की बढ़ी तारीख, इस दिन तक चलेगा महाअभियान, किसानों को बड़ा फायदा appeared first on Naya Vichar.

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मैंने मीटिंग सेट की, लेकिन मोदी ने… IND-US ट्रेड डील क्यों नहीं हो रही? अमेरिकी कॉमर्स मंत्री ने बताया कारण

India-US Trade Deal: हिंदुस्तान-अमेरिका के बीच संभावित व्यापार समझौते को लेकर एक नया दावा सामने आया है. अमेरिका के वाणिज्य सचिव हॉवर्ड लुटनिक ने कहा है कि यह समझौता इसलिए आगे नहीं बढ़ पाया क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को फोन नहीं किया. लुटनिक के अनुसार, उन्होंने समझौते की पूरी रूपरेखा तैयार कर ली थी, लेकिन इसे अंतिम रूप देने के लिए पीएम मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप के बीच सीधी बातचीत जरूरी थी. उन्होंने दावा किया कि हिंदुस्तान इस कॉल को लेकर असहज था, जिसके चलते प्रधानमंत्री मोदी ने ट्रंप से बात नहीं की और परिणामस्वरूप हिंदुस्तान-अमेरिका व्यापार समझौता अटक गया. ऑल-इन पॉडकास्ट में चामथ पालिहापिटिया के साथ एक इंटरव्यू के दौरान लुटनिक ने बताया कि यह समझौता अब तक साकार क्यों नहीं हो पाया और जिन देशों के साथ बातचीत हो रही थी, उनके लिए दरों का एक ‘स्टेयरकेस स्ट्रक्चर’ (क्रमिक ढांचा) तैयार किया गया था. उन्होंने आगे कहा कि पीएम मोदी के फोन नहीं करने के बाद अमेरिका ने उसी स्टेयरकेस मॉडल के तहत इंडोनेशिया, फिलीपींस, वियतनाम और मलेशिया के साथ व्यापार समझौते आगे बढ़ाए. लुटनिक ने यह भी कहा कि हिंदुस्तान ने तीन हफ्ते बाद संपर्क किया, लेकिन तब तक दरों पर बातचीत करना अधिक कठिन हो गया था. BIG BREAKING: India trade deal isn’t done because PM Modi did not call Trump, claims US Commerce Secretary Lutnick “I set the deal up. But you had to have Modi call President Trump. They (India) were uncomfortable with it. So Modi didn’t call.” pic.twitter.com/gFiUGGaJRl — Shashank Mattoo (@MattooShashank) January 9, 2026 हिंदुस्तान और अमेरिका ट्रेड डील के लिए अब तक कई दौर की बातचीत कर चुके हैं. हिंदुस्तानीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने पिछले साल अमेरिका का दौरा भी किया, अमेरिकी प्रतिनिधि मंडल ने भी हिंदुस्तान का दौरा किया, लेकिन अब तक दोनों देशों के बीच सहमति नहीं बन पाई है. हालांकि लुटनिक वही मंत्री हैं, जिन्होंने पिछले साल सितंबर में हिंदुस्तान को लेकर एक तीखी टिप्पणी भी की थी. उन्होंने कहा था कि हिंदुस्तान अगले एक या दो महीनों में फिर से बातचीत की मेज पर लौटेगा और व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर करने की कोशिश करते हुए माफी मांगेगा, क्योंकि अमेरिका दुनिया का सबसे बड़ा उपभोक्ता है और उपभोक्ता हमेशा सही होता है. हालांकि हिंदुस्तान ने झुकने से इनकार कर दिया है. वहीं लुटनिक भी अपने बयान से पलटते हुए दिखाई दे रहे हैं. हिंदुस्तानीय प्रधानमंत्री ने फोन न करके अपने इरादे जता दिए हैं. अमेरिका ने हिंदुस्तान के ऊपर ट्रेड डील की बातचीत के बीच हिंदुस्तान के ऊपर 25% टैरिफ के अतिरिक्त 25% शुल्क जोड़ दिए हैं, क्योंकि वह रूस से तेल आयात कर रहा है. 50% टैरिफ लगाने के बाद, हिंदुस्तान और अमेरिका का व्यापार थोड़ी मुश्किलों में है, ऐसे में हिंदुस्तानीय निर्यात अन्य देशों में अपना मार्केट तलाश कर रहा है. विदेश मामलों के विशेषज्ञ फरीद जकारिया ने एनडीटीवी के इंटरव्यू में कहा था कि हिंदुस्तान और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते पर बातचीत हो सकती है, लेकिन इसके लिए दोनों देशों के दो मजबूत नेताओं के बीच सहमति होना जरूरी होगी. हालांकि ऊंचे शुल्क के बावजूद हिंदुस्तान का अमेरिका को निर्यात हाल में बढ़ा है. दो महीनों की नकारात्मक वृद्धि के बाद नवंबर में निर्यात 22.61 प्रतिशत बढ़कर 6.98 अरब डॉलर पहुंच गया, जबकि अप्रैल से नवंबर की अवधि में यह 59.04 अरब डॉलर रहा. अमेरिका 2024-25 में लगातार चौथे वर्ष हिंदुस्तान का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार बना रहा, जिसमें द्विपक्षीय व्यापार 131.84 अरब डॉलर तक पहुंचा. हिंदुस्तानीय उद्योग और निर्यातक इस व्यापार समझौते के जल्द निष्कर्ष की उम्मीद लगाए बैठे हैं, क्योंकि अमेरिका को एक्सपोर्ट किए जाने में हिंदुस्तान के कुल निर्यात का करीब 18 प्रतिशत हिस्सा है.  वहीं, लुटनिक के बयान ऐसे वक्त आए हैं, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक दिन पहले ही रूस के खिलाफ द्विदलीय प्रतिबंध विधेयक को मंजूरी दी है. इस विधेयक के तहत राष्ट्रपति को यह व्यापक अधिकार मिलेगा कि वह रूस से तेल, पेट्रोलियम उत्पाद या यूरेनियम खरीदने वाले देशों के खिलाफ सख्त कदम उठा सकें, जिनमें हिंदुस्तान, चीन और ब्राजील भी शामिल हैं.  पेश प्रस्ताव के अनुसार, ऐसे देशों से अमेरिका में आयात होने वाले सभी उत्पादों पर 500 प्रतिशत तक का टैरिफ लगाया जा सकता है. लुटनिक ने कहा कि यह कानून ट्रंप प्रशासन को इन देशों पर “जबरदस्त दबाव” बनाने का अवसर देगा, ताकि वे सस्ता रूसी तेल खरीदना बंद करें, जिसे यूक्रेन के खिलाफ रूस की सैन्य कार्रवाई का वित्तपोषण बताया जा रहा है. इसी कड़ी में राष्ट्रपति ट्रंप ने रविवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस बात से अवगत हैं कि अमेरिका हिंदुस्तान द्वारा रूसी तेल खरीदे जाने से नाराज है और वॉशिंगटन नई दिल्ली पर “बहुत तेजी से” टैरिफ बढ़ा सकता है. यह चेतावनी ऐसे समय दी गई है, जब हिंदुस्तान और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर बातचीत चल रही है और इसके छह दौर पूरे हो चुके हैं. प्रस्तावित समझौते का उद्देश्य अमेरिका में हिंदुस्तानीय उत्पादों पर लगाए गए भारी, विशेषकर 50 प्रतिशत तक के टैरिफ को सुलझाने के लिए एक ढांचागत समाधान निकालना है, ताकि व्यापार संबंधों में स्थिरता लाई जा सके. जबकि, हिंदुस्तान इस बातचीत में अपने कृषि और डेयरी जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में रियायतों को लेकर सतर्क है. वह अपने किसानों और एमएसएमई के हितों से समझौता न करने का स्पष्ट रुख अपना रहा है. ये भी पढ़ें:- पहले गोली मारेंगे फिर सवाल पूछेंगे… सेना के इस्तेमाल पर ट्रंप को मिली वॉर्निंग, डेनमार्क बोला आदेश लागू है   अमेरिका के उस शहर में खालिदा जिया के नाम हुई एक सड़क, जो बनी थी देश की पहली मुस्लिम बहुल सिटी अमेरिका ने जिस टैंकर को किया जब्त, उसमें 3 हिंदुस्तानीय भी शामिल, रूस ने दिया अल्टीमेटम; जल्द से जल्द रिहा करो The post मैंने मीटिंग सेट की, लेकिन मोदी ने… IND-US ट्रेड डील क्यों नहीं हो रही? अमेरिकी कॉमर्स मंत्री ने बताया कारण appeared first on Naya Vichar.

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