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January 9, 2026

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500% टैरिफ की दहशत से हिला बाजार, मार्केट ‘ओवरसोल्ड जोन’ में पहुंचा

Indian Stock Market 9 January 2026: शुक्रवार की शुरुआती ट्रेडिंग में हिंदुस्तानीय शेयर बाजार फिर से कमजोरी के साथ खुले हैं. सेंसेक्स और निफ्टी दोनों लाल निशान में दिखे हैं. लगातार बिकवाली और विदेशी निवेशकों के रिकॉर्ड आउटफ्लो की वजह से बाजार का मूड अभी भी भारी है. इस समय सबसे ज्यादा चर्चा अमेरिका की उस प्रस्तावित 500% टैरिफ धमकी की है, जो उन देशों पर लग सकता है जो रूस से कच्चा तेल खरीद रहे हैं. इसी डर ने मार्केट में गिरावट का टोन सेट किया है. क्या हैं मार्केट के अगले ट्रिगर्स? मौजूदा स्थिति में मार्केट तीन बड़े अपडेट का इंतजार कर रहा है, जो कमाई के नतीजे (earnings season), अमेरिका की टैरिफ पर स्थिति और आने वाला यूनियन बजट है. विश्लेषकों का मानना है कि चार दिन की गिरावट के बाद मार्केट ‘ओवरसोल्ड जोन’ में है, यानी यहां से कुछ रिकवरी की उम्मीद बन सकती है. फिर भी असली दिशा तब तय होगी जब ये तीनों संकेत साफ दिखेंगे. ये भी पढ़ें: Aaj Ka Sona Chandi Bhav: सोना-चांदी के रेट में मामूली नरमी, उतार-चढ़ाव है जारी, जानें आज का ताजा रेट विदेशी निवेशक क्यों बेच रहे हैं? जनवरी में ही FPI ने 900 मिलियन डॉलर की बिकवाली की है, जबकि 2025 में करीब 19 बिलियन डॉलर की ऐतिहासिक निकासी हुई थी. लगातार फंड निकलने से सेंसेक्स और निफ्टी पिछले चार सेशन्स में लगभग 1.7–1.8% फिसल चुके हैं. एक्सपर्ट्स का कहना है कि US-India ट्रेड टेंशन, रूस आयल इंपोर्ट से जुड़ी शंकाएं और अमेरिका का सख्त रुख इस आउटफ्लो का बड़ा कारण है. ग्लोबल सिग्नल कितना मायने रखेंगे? अंतरराष्ट्रीय संकेत भी आज बाजार के मूड को प्रभावित कर सकते हैं. अमेरिका की दिसंबर जॉब रिपोर्ट और US सुप्रीम कोर्ट का फैसला ट्रंप टैरिफ पर काफी अहम माना जा रहा है. अगर कोर्ट टैरिफ को अवैध मान लेता है और रिफंड का आदेश देता है तो इसका असर अमेरिकी प्रशासन की फाइनेंस पर करीब 150 बिलियन डॉलर तक हो सकता है. दूसरी ओर, अगर ट्रंप प्रशासन फिर से नए रास्ते से टैरिफ लागू करता है, तो वैश्विक बाजारों में अस्थिरता और बढ़ सकती है. कुल मिलाकर, मौजूदा सत्र में हिंदुस्तानीय बाजार ‘कैलीकुलेटेड वेट-एंड-वॉच मोड’ में है. जहां निवेशक जोखिम उठाने से पहले साफ संकेत का इंतजार कर रहे हैं. एक्सपर्ट क्या कह रहे हैं? इस हफ्ते की तेज गिरावट पर जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट डॉ. वी.के. विजयकुमार ने कहा कि तेज करेक्शन का एक बड़ा कारण अमेरिका में प्रस्तावित 500% टैरिफ की आशंका है. उनका कहना है कि अब बाजार की नजर अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर होगी, जो ट्रंप टैरिफ की वैधता पर स्पष्ट रुख देगा. अगर कोर्ट इन टैरिफ को अवैध घोषित करता है तो हिंदुस्तानीय बाजार को राहत मिलेगी क्योंकि हिंदुस्तान 50% टैरिफ से बुरी तरह प्रभावित रहा है. उन्होंने यह भी जोड़ा कि इस गिरावट में कई ऐसे सेक्टर भी पिटे हैं जिन पर टैरिफ का कोई सीधा असर नहीं पड़ता है. वित्तीय, कंज्यूमर डिस्क्रेशनरी और इंडस्ट्रियल स्टॉक्स में हाल की कमजोरी लंबी अवधि के निवेशकों के लिए अच्छा एंट्री पॉइंट हो सकती है. ये भी पढ़ें: 9 जनवरी को पेट्रोल-डीजल सस्ता हुआ या महंगा? दिल्ली से पटना तक देखें आज का लेटेस्ट रेट The post 500% टैरिफ की दहशत से हिला बाजार, मार्केट ‘ओवरसोल्ड जोन’ में पहुंचा appeared first on Naya Vichar.

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Trending Baby Names in Hindi: प्यारे बच्चों के लिए मीनिंगफुल ट्रेंडिंग नामों की लिस्ट

Trending Baby Names in Hindi: घर आए नन्हे मुन्ने के लिए क्या आप भी नाम की तलाश कर रहे हैं? वैसे भी यह आम बात है कि घर में शिशु की किलकारी गुंजते ही माता-पिता उसके लिए नाम की तलाश शुरू कर देते हैं. अगर हां तो फिर आपको भी अपने प्यारे शिशु के लिए कोई सुंदर और अर्थपूर्ण नाम ही चाहिए होगा. यहां हम आपके लिए बेस्ट ट्रेंडिंग नामों की लिस्ट लेकर आए हैं. इस लिस्ट में दिए गए नाम आपके शिशु पर खूब जचेंगे. तो फिर देरी किस बात की है. चलिए लिस्ट देखते हैं. लड़कों के लिए ट्रेंडिंग नाम फागुन: एक हिंदी महीना ज्ञान: नॉलेज हितेश: अच्छाई के स्वामी ईशान: भगवान शिव जितेश: विजय के देवता कविर: सूर्य लोकेश: भगवान ब्रह्मा मानविथ: बुद्धिमान नितेश: पृथ्वी की धड़कन ओमप्रकाश: शक्तिशाली ‘ओम’ का प्रकाश अग्नि: वह जो आग के समान तेजस्वी हो बिवान: जीवन से भरपूर चयन: चुनना देवांश: ईश्वर का अंश एकांश: ब्रह्मांड पृथ्वी: धरती किशन: भगवान कृष्ण का अनुयायी रीत: मोती श्रेष्ठ: सभी में सर्वश्रेष्ठ तीर्थ: एक तीर्थस्थल उजेश: प्रकाश बरसाने वाला विहान: भोर रिद्धिश: भगवान गणेश  युविन: एक नेता इसे भी पढ़ें: Baby Girl Short Names: अपनी बिटिया रानी के लिए देखिए बेस्ट छोटे नामों की लिस्ट लड़कियों के लिए ट्रेंडिंग नाम फलक: स्वर्ग गहना: आभूषण हंसिनी: सुंदर और हंस जैसी इरा: देवी सरस्वती जीवथा: जीवन का सार कीर्ति: प्रसिद्धि लवीना: निर्दोष और पवित्र मानस्वी: बुद्धिमान निहारिका: ओस की बूंदें ओजस्वी: उज्ज्वल प्रज्ञा: ज्ञान रितिका: जॉय समाइरा: मनमोहक तन्वी: नाज़ुक उर्वी: पृथ्वी वनिषा: इस ब्रह्मांड की रानी यशिका: सफलता आशी: आशीर्वाद बैदेही: सीता का दूसरा नाम चेतना: चेतना देवंशी: दिव्य ईशानी: देवी पार्वती इसे भी पढ़ें: Baby Girl Names: अपनी गुड़िया रानी को दें ये दो अक्षर वाले यूनिक नाम, हर कोई रखेगा याद   इसे भी पढ़ें: Latest Baby Boy Names: अपने राजा बेटा को दें सबसे यूनिक और लेटेस्ट नाम, लिस्ट जीत लेगी दिल The post Trending Baby Names in Hindi: प्यारे बच्चों के लिए मीनिंगफुल ट्रेंडिंग नामों की लिस्ट appeared first on Naya Vichar.

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Vande Bharat Sleeper Train : अंदर से ‘महल’ जैसी दिखती है नई वंदे भारत स्लीपर, किराया जानकर झूम उठेंगे

Vande Bharat Sleeper: कुछ दिनों के बाद खास रेलवे स्टेशनों पर एक आवाज सुनाई देने वाली  है. जी हां…ये आवाज होगी वंदे हिंदुस्तान स्लीपर ट्रेन में आपका स्वागत है. कुछ दिन पहले रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस महीने के अंत में गुवाहाटी और कोलकाता के बीच मोस्ट अवेटेड वंदे हिंदुस्तान स्लीपर ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे. वैष्णव ने कहा कि ये सेवाएं अगले 15-20 दिनों में, संभवतः 18 या 19 जनवरी के आसपास चालू हो जाएंगी. तो आइए आपको बताते हैं इस ट्रेन में यात्रियों के लिए क्या होने वाला है खास, जिससे वे ट्रेन में चढ़ते ही बोलेंगे–वाह क्या बात है. कुछ दिन पहले रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर वंदे हिंदुस्तान स्लीपर ट्रेन का एक वीडियो शेयर किया था. इस वीडियो में टेन के अंदर और बाहर की खासियत बताई गई है. इसके अलावा भी कुछ तस्वीरें सामने आईं है जो ट्रेन के अंदर की है. Middle & low-income families की next-generation सवारी…🚆Vande Bharat Sleeper pic.twitter.com/kTDXxW2k85 — Ashwini Vaishnaw (@AshwiniVaishnaw) January 3, 2026 वंदे हिंदुस्तान स्लीपर ट्रेन की स्पीड कितनी होगी? 16 डिब्बों वाली इस वंदे हिंदुस्तान स्लीपर ट्रेन की यात्री क्षमता 823 है. इसकी डिजाइन स्पीड 180 किलोमीटर प्रति घंटा है. यही वजह है कि यात्रियों का समय काफी बचेगा. हालांकि, यह फिलहाल दोनों शहरों के बीच 120-130 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलेगी. यह असम और पश्चिम बंगाल के प्रमुख जिलों को कवर करेगी. वंदे हिंदुस्तान स्लीपर ट्रेन के अंदर की तस्वीर क्या है वंदे हिंदुस्तान स्लीपर ट्रेन का किराया? वंदे हिंदुस्तान स्लीपर ट्रेन का किराया क्या होगा? यह सवाल कई लोगों के मन में आ रहा है. तो आपको बता दें कि रेल मंत्री की ओर से जानकारी  दी गई है कि वंदे हिंदुस्तान में थर्ड एसी का किराया भोजन सहित लगभग 2,300 रुपये, सेकंड एसी का लगभग 3,000 रुपये और फर्स्ट एसी का लगभग 3,600 रुपये होगा. ये किराये मध्यम वर्ग को ध्यान में रखकर तय किए गए हैं. रेल मंत्री वैष्णव ने बताया कि गुवाहाटी-कोलकाता हवाई यात्रा का किराया लगभग 6,000 से 8,000 रुपये है. जबकि इस ट्रेन का किराया हवाई किराए से बहुत कम है. वंदे हिंदुस्तान स्लीपर ट्रेन के अंदर रेल मंत्री 24 फर्स्ट एसी में है सीट रेल मंत्री के अनुसार, 16 डिब्बों वाली इस ट्रेन में 11 डिब्बे थर्ड एसी, चार डिब्बे सेकंड एसी और एक डिब्बा फर्स्ट एसी इस ट्रेन में शामिल हैं. कुल 823 सीटों में से 611 थर्ड एसी में, 188 सेकंड एसी में और 24 फर्स्ट एसी में हैं. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव नई वंदे हिंदुस्तान स्लीपर ट्रेन का निरीक्षण करते ऑटोमेटिक डोर के अलावा ये चीजें खास हैं ट्रेन में ट्रेन में उपलब्ध अन्य विशेषताओं की बात करें तो इसमें बेहतर कुशनिंग के साथ एर्गोनॉमिक रूप से डिजाइन किए गए बर्थ, ऑटोमेटिक डोर हैं. बेहतर सस्पेंशन और शोर कम करके बेहतर यात्रा आराम के अलावा स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली (कवच), इमरजेंसी टॉक-बैक सिस्टम और कीटाणुनाशक टेक्निक इस ट्रेन को खास बनाएगा. कीटाणुनाशक 99.9 प्रतिशत रोगाणुओं को नष्ट कर देगी. यह भी पढ़ें : Watch Video: वंदे हिंदुस्तान स्लीपर ट्रेन की पहली झलक, लग्जरी सुविधाएं देख रह जाएंगे दंग The post Vande Bharat Sleeper Train : अंदर से ‘महल’ जैसी दिखती है नई वंदे हिंदुस्तान स्लीपर, किराया जानकर झूम उठेंगे appeared first on Naya Vichar.

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कीबोर्ड का सबसे बड़ा बटन क्यों है स्पेसबार? कइयों को नहीं पता इसके पीछे की वजह

Spacebar Key: अगर आप लैपटॉप, कंप्यूटर या स्मार्टफोन के कीबोर्ड पर टाइप करते हैं, तो आपने जरूर नोटिस किया होगा कि स्पेसबार बाकी सभी कीज (Keys) के मुकाबले सबसे लंबी और सबसे ज्यादा नजर आने वाली होती है. पहली नजर में यह बिल्कुल नॉर्मल लगती है, लेकिन इसके पीछे कई अहम वजहें होती हैं. दरअसल, टाइप करते समय शब्दों के बीच स्पेस देना सबसे ज्यादा किया जाने वाला काम होता है और स्टडीज बताती हैं कि कीबोर्ड पर सबसे ज्यादा बार दबाई जाने वाली की (key) स्पेसबार ही होती है. यही वजह है कि इसे बड़ा बनाया जाता है. इसके अलावा भी कुछ और कारण हैं, जिनके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं. आइए आपको इनके बारे में बताते हैं. दोनों अंगूठों से आसानी से इस्तेमाल किया जा सकता है दूसरी कीज (Keys) के मुकाबले स्पेसबार को इस तरह बनाया गया है कि इसे दोनों अंगूठों से दबाया जा सके. इसकी चौड़ाई ज्यादा होती है, ताकि दाएं और बाएं हाथ से टाइप करने वाले दोनों तरह के यूजर इसे आसानी से यूज कर सकें. क्योंकि अंगूठे आमतौर पर कीबोर्ड के निचले हिस्से के पास रहते हैं, इसलिए बड़ा स्पेसबार लंबे समय तक टाइप करते समय टाइपिंग को स्मूद बनाता है. टाइपिंग की सटीकता बेहतर बनाता है अगर स्पेसबार छोटा होता, तो खासकर फास्ट टाइप करने वालों से ज्यादा गलतियां होतीं. स्पेस छूट जाने पर लिखा हुआ टेक्स्ट पढ़ना मुश्किल हो जाता है और बार-बार सुधार करना पड़ता है. बड़ा स्पेसबार ऐसी गलतियों को कम करता है, जिससे टाइपिंग ज्यादा सही, आसान और फास्ट हो जाती है. कीबोर्ड का बैलेंस और डिजाइन बनाए रखने में मदद करता है स्पेसबार सिर्फ टाइप करने के लिए ही नहीं होता, बल्कि यह कीबोर्ड की मजबूती में भी अहम भूमिका निभाता है. यह कई सपोर्ट पॉइंट्स पर टिका होता है, जिससे अलग-अलग एंगल से दबाने पर भी की एक जैसी दबती है. इससे की (key) हिलती नहीं है और उसकी टिकाऊपन बढ़ता है, खासकर लैपटॉप में जहां कीज छोटी और पास-पास होती हैं. टाइपराइटर में भी होते थे बड़े स्पेसबार स्पेसबार का साइज बड़ा होने की वजह टाइपराइटर के जमाने से भी जुड़ी है. पुराने मैकेनिकल टाइपराइटर में अक्षरों के बीच खाली जगह देने के लिए ज्यादा जोर लगाना पड़ता था, इसलिए स्पेस देने वाली कुंजी को बड़ा बनाया गया, ताकि उसे आसानी से दबाया जा सके और शब्दों के बीच सही दूरी बन सके. बाद में जब कंप्यूटर कीबोर्ड आए, तो लोगों को नई व्यवस्था अपनाने में दिक्कत न हो, इसीलिए वही जाना-पहचाना डिजाइन काफी हद तक बनाए रखा गया. यह भी पढ़ें: आधा हिंदुस्तान नहीं जानता कीबोर्ड में ‘F’ और ‘J’ बटन पर लकीरें क्यों होती हैं? जानेगा तो कहलाएगा प्रो The post कीबोर्ड का सबसे बड़ा बटन क्यों है स्पेसबार? कइयों को नहीं पता इसके पीछे की वजह appeared first on Naya Vichar.

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Shukra Grah Dosh Upay: कुंडली में कमजोर शुक्र ग्रह का पता कैसे लगाएं? जानें लक्षण, अपनाएं ये उपाय मिलेगा आराम

Shukra Grah Dosh Upay: हिंदू धर्म में शुक्र ग्रह को अशुओं का गुरु कहा गया है. यह प्रेम, सौंदर्य, भौतिक सुख, विलासिता, कला, रचनात्मकता, समृद्धि और वैवाहिक जीवन का कारक माना जाता है. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, यदि किसी व्यक्ति की कुंडली में शुक्र दोष हो, तो उसके जीवन के विभिन्न पहलुओं पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है, जिससे जातक को कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है. कई बार लोगों को पता भी नहीं होता कि उनकी कुंडली में शुक्र ग्रह कमजोर हो गया है. यदि इस समय सावधानियां नहीं बरती जाती हैं, तो दोष का प्रभाव और भी अधिक तेज होता है. इस आर्टिकल के माध्यम से हम शुक्र दोष के लक्षणों और ज्योतिषिक उपायों के बारे में चर्चा करेंगे, जिनके नियमित पालन से दोष के प्रभाव को कम किया जा सकता है. कुंडली में कमजोर शुक्रग्रह का पता कैसे लगाएं? कुंडली में शुक्रग्रह कमजोर है या मजबूत, इसका पता लगाने के लिए कुछ विशेष लक्षणों पर ध्यान देना आवश्यक है. ये लक्षण इस प्रकार हैं: विवाह और प्रेम संबंध में समस्या यदि विवाह में देरी हो रही है, दांपत्य जीवन में मतभेद और तनाव है, या प्रेम संबंधों में समस्याएं आ रही हैं, तो इसका कारण शुक्र दोष हो सकता है. स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं शुक्र ग्रह कमजोर होने पर व्यक्ति को स्वास्थ्य संबंधी कई समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है, जैसे मधुमेह, त्वचा रोग, गुप्त रोग, मोटापा आदि. सौंदर्य में गिरावट शुक्र ग्रह सौंदर्य का कारक माना जाता है. जब कुंडली में शुक्र कमजोर होता है, तो त्वचा संबंधी समस्याएं, बालों का अत्यधिक झड़ना और समय से पहले उम्र का असर दिखने लगता है. मानसिक तनाव और भावनात्मक परेशानी कुंडली में शुक्र दोष होने पर व्यक्ति के आत्मविश्वास पर बुरा असर पड़ता है. लोग खुद की तुलना दूसरों से करने लगते हैं, खुद को कमजोर समझने लगते हैं. नकारात्मक विचार हावी होने लगते हैं. व्यक्ति लगातार चिंता, तनाव, ईर्ष्या और मानसिक असंतुलन जैसी समस्याओं से घिर जाता है. आर्थिक परेशानियां शुक्र ग्रह समृद्धि का कारक है. जब कुंडली में इसकी स्थिति कमजोर होती है, तो आर्थिक समस्याएं, कर्ज, व्यापार में नुकसान और तंगी आ सकती है. शुक्र दोष निवारण उपाय जिस व्यक्ति की कुंडली में शुक्र दोष है, उसे विशेष रूप से शुक्रवार के दिन गौ सेवा करनी चाहिए. कहा जाता है कि गाय में समस्त देवी-देवताओं का वास होता है. गौ सेवा करने से साधक को लाभ मिलता है. कुंडली के शुक्रग्रह को मजबूत करने के लिए शुक्रवार के दिन माता लक्ष्मी और भगवान विष्णु की आराधना करनी चाहिए. भोग में सफेद रंग की चीजें अर्पित करनी चाहिए. शुक्र दोष निवारण के लिए दान करना सबसे प्रभावी उपाय माना जाता है. इस दिन जरूरतमंदों को वस्त्र, अन्न और खाने की चीजें दान करें. यदि संभव हो तो सफेद रंग की चीजों का दान करें. माना जाता है कि सफेद रंग शुक्र को प्रिय है. साधक को रोजाना शुक्र ग्रह के मंत्रों का जाप करना चाहिए और शुक्र यंत्र की विधिवत स्थापना कर पूजा करनी चाहिए. ऐसा करने से शुक्रदेव प्रसन्न होते हैं और दोष का प्रभाव कम होता है.शुक्र मंत्र: ऊँ श्रीं शुक्राय नमः. यहां पढ़ें धर्म से जुड़ी बड़ी समाचारें: Religion News in Hindi – Spiritual News, Hindi Religion News, Today Panchang, Astrology at Naya Vichar Disclaimer: यहां दी गई जानकारी केवल मान्यताओं और परंपरागत जानकारियों पर आधारित है. नया विचार किसी भी तरह की मान्यता या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. The post Shukra Grah Dosh Upay: कुंडली में कमजोर शुक्र ग्रह का पता कैसे लगाएं? जानें लक्षण, अपनाएं ये उपाय मिलेगा आराम appeared first on Naya Vichar.

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ईडी रेड मामले में बंगाल के राज्यपाल का नो कामेंट, ममता बनर्जी पर बोले- विनाश काले विपरीत बुद्धि

मुख्य बातें विनाश काले विपरीत बुद्धि संवैधानिक विशेषज्ञों से ले रहे सलाह Kolkata news:कोलकाता. ईडी की छापेमारी में बाधा देने के प्रसंग पर राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने अप्रत्यक्ष रूप से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर कटाक्ष किया है. उन्होंने कहा कि विनाश काले विपरीत बुद्धि. राज्यपाल मध्यमग्राम विवेक मेला के तीसरे वर्ष के कार्यक्रम का उद्घाटन करने गये थे. कोयला तस्करी मामले की जांच के बीच गुरुवार, 8 जनवरी को ईडी की टीम ने कई जगहों पर छापेमारी की. इसी सिलसिले में कोलकाता स्थित IPAC के घर और ऑफिस पर भी रेड पड़ी. इसकी समाचार मिलते ही पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी छापेमारी के बीच ही वहां पहुंच गई. इस दौरान ममता अपने साथ फाइलें लेकर वहां से निकल गईं. इसको लेकर पश्चिम बंगाल में सियासी बवाल मचा है. TMC और बीजेपी आमने-सामने हैं. इस बीच अब पूरे मामले पर पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस की भी प्रतिक्रिया आई है. विनाश काले विपरीत बुद्धि कार्यक्रम में जब राज्यपाल से सॉल्टलेक स्थित आइ-पैक के ऑफिस में और उसके सह-संस्थापक व निदेशक प्रतीक जैन के कोलकाता स्थित आवास पर छापेमारी के दौरान मुख्यमंत्री के दखल देने के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कुछ भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया. फिर उन्होंने कहा कि चूंकि मामला कोर्ट में है, इसलिए वह कुछ नहीं कहेंगे. इसके अलावा, इडी के सर्च ऑपरेशन में मुख्यमंत्री के दखल के खिलाफ हाइकोर्ट में मामला दायर किये जाने के बारे में राज्यपाल ने कहा : मैं हाइकोर्ट नहीं हूं. न ही मैं कोई हायर कोर्ट हूं. इसलिए मैं इस मामले पर भी कोई कमेंट नहीं करूंगा. एक राज्यपाल के तौर पर इस घटना के बारे में यही कहूंगा कि विनाश काले विपरीत बुद्धि. कलकत्ता हाइकोर्ट इस मामले को देख रहा है और जो भी कहना होगा, कोर्ट ही कहेगा. उन्होंने आगे कहा, यह पूरी घटना, जिस तरह से मीडिया के जरिए सामने आई है, उसे देखकर मुझे कहना पड़ रहा है – विनाश काले विपरीत बुद्धि. संवैधानिक विशेषज्ञों से ले रहे सलाह गवर्नर ने कहा- इसमें कानूनी मुद्दे और संवैधानिक मुद्दे शामिल हैं. इसी आधार पर हमें पीस रूम में कई शिकायतें मिली हैं. आज कलकत्ता हाई कोर्ट के कई वकील विरोध प्रदर्शन के लिए यहां आए, उन्होंने भी अपने विचार रखे हैं. कानूनी राय भी मेरे संज्ञान में लाई गई है. उन्होंने कहा कि पहला किसी लोक सेवक को उसके सार्वजनिक कामों को ठीक से करने से रोकना बीएनएस के तहत एक अपराध है, जिसके लिए जेल और जुर्माना या दोनों की सजा हो सकती है. दूसरा, किसी लोक सेवक को अपना कर्तव्य करने से डराना या धमकाना एक गंभीर अपराध है, जिसके लिए 2 साल की जेल और जुर्माना या दोनों की सजा हो सकती है. तीसरा मुद्दा संवैधानिक और गंभीर है. उन्होंने कहा कि जैसा कि वे दावा करते हैं, इस काम को करके उन्होंने मुख्यमंत्री बने रहने के संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन किया है. मैं इस बारे में संवैधानिक विशेषज्ञों से सलाह ले रहा हूं कि क्या करना चाहिए, लेकिन क्योंकि मामला विचाराधीन है इसलिए मैं इस पर कोई फैसला नहीं देना चाहता. Also Read: Bengal News: लक्ष्मी भंडार योजना पर भाजपा नेता की विवादित टिप्पणी, भड़की टीएमसी The post ईडी रेड मामले में बंगाल के राज्यपाल का नो कामेंट, ममता बनर्जी पर बोले- विनाश काले विपरीत बुद्धि appeared first on Naya Vichar.

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Matar Toast Recipe: मिनटों में बनाएं क्रिस्पी और टेस्टी मटर टोस्ट, नाश्ते के लिए परफेक्ट ऑप्शन

Matar Toast Recipe: सुबह का नाश्ता हमेशा जल्दी और आसान होना चाहिए, लेकिन साथ ही स्वादिष्ट और पौष्टिक भी. ऐसे में मटर टोस्ट एक परफेक्ट ऑप्शन बन जाता है, जो मिनटों में तैयार हो जाता है और हर किसी को पसंद आता है. क्रिस्पी ब्रेड, मसालेदार मटर और हल्का सा तड़का इसे स्वाद में और भी बढ़ा देते हैं. यह न सिर्फ बच्चों के लिए मजेदार है, बल्कि बड़ों के लिए भी एनर्जी से भरपूर नाश्ता साबित होता है. तो आइए, जानते हैं इसे घर पर बनाने का आसान और जल्दी वाला तरीका. Matar Toast Recipe मटर टोस्ट बनाने के लिए किन किन चीजों की जरुरत होगी? हरी मटर – 1 कपकद्दूकस किया पनीर – 1 कपमक्खन – 1 बड़ा चम्मचप्याज, बारीक कटा हुआ – 1धनिया पत्ती, कटी हुई – 3 बड़े चम्मचचाट मसाला – 1 छोटा चम्मचकद्दूकस किया पनीर – 1 कपनमक – स्वाद अनुसारब्रेड की स्लाइस – 10–12 मटर टोस्ट कैसे बनाएं? मटर टोस्ट बनाने के लिए सबसे पहले एक कड़ाही में मक्खन या तेल गरम करे. जब तेल अच्छे से गरम हो जाए तो उसमें बारीक कटी हुई प्याज डालकर हल्का सुनहरा होने तक भूनें. इसके बाद इसमें कटी हुई हरी मटर डालें और कुछ मिनट तक भूनें. फिर कद्दूकस किया हुआ पनीर, चाट मसाला और नमक डालकर 1–2 मिनट और पकाएं. अब गैस बंद कर दें और मिश्रण को थोड़ा ठंडा होने दें. अब ब्रेड की स्लाइस पर पनीर-मटर का मिश्रण फैलाएं, ऊपर से दूसरी ब्रेड स्लाइस रखें और पहले से गरम टोस्टर में सुनहरा और क्रिस्पी होने तक टोस्ट करें. गरमा गरम टोस्ट को हरी चटनी या टमाटर केचप के साथ परोसें. ये भी पढ़ें: Gud Paratha Recipe: ठंड में एनर्जी से भर देगा ये देसी गुड़ का पराठा, जानें आसान रेसिपी ये भी पढ़ें: Winter Special Warm Foods: ठंड में शरीर को अंदर से गर्म रखने वाले ये खास फूड्स जरूर करें डाइट में शामिल The post Matar Toast Recipe: मिनटों में बनाएं क्रिस्पी और टेस्टी मटर टोस्ट, नाश्ते के लिए परफेक्ट ऑप्शन appeared first on Naya Vichar.

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Village Style Kurthi Dal Recipe: ठंड भगाने वाली देसी दाल, स्वाद ऐसा कि जेठ का महीना याद आ जाए

Village Style Kurthi Dal Recipe: कुरथी दाल, जिसे कई क्षेत्रों में कुल्थी, हुलगा या हॉर्स ग्राम भी कहा जाता है, हिंदुस्तान के गांवों में सदियों से उपयोग में लाई जा रही एक पारंपरिक और पौष्टिक दाल है. यह दाल खासतौर पर ग्रामीण क्षेत्रों में सर्दियों के मौसम में बनाई जाती है, क्योंकि इसकी तासीर गर्म मानी जाती है. कुरथी दाल स्वाद में हल्की कसैली और देसी होती है, जो गांव के सादे लेकिन ताक़त देने वाले भोजन का अहम हिस्सा रही है. पुराने समय में किसान इसे मेहनत वाले काम के बाद ऊर्जा के लिए खाते थे. यह दाल बिना ज़्यादा मसालों के भी बेहद स्वादिष्ट लगती है और इसका देसी तड़का इसके स्वाद को और निखार देता है. पोषक तत्वों से भरपूर कुरथी दाल आयरन, प्रोटीन और फाइबर का अच्छा स्रोत मानी जाती है. आयुर्वेद में इसे शरीर को अंदर से मज़बूत बनाने वाली दाल माना गया है. यही कारण है कि आज भी गांवों में इसे पारंपरिक तरीकों से पकाकर बड़े चाव से खाया जाता है. कुरथी दाल बनाने के लिए जरूरी सामान कुरथी / कुल्थी दाल – 1 कप पानी – 3–4 कप लहसुन – 5–6 कली (कुटी हुई) हरी मिर्च – 1–2 (कुटी हुई) प्याज – 1 मध्यम (बारीक कटा, वैकल्पिक – गांव में कई जगह बिना प्याज भी बनती है) सरसों का तेल – 2 टेबलस्पून जीरा – 1 टीस्पून हींग – 1 चुटकी हल्दी पाउडर – ½ टीस्पून लाल मिर्च पाउडर – स्वाद अनुसार नमक – स्वाद अनुसार कैसे तैयार करते हैं कुरथी दाल  कुरथी दाल को साफ करके 8–10 घंटे या रातभर पानी में भिगो दें.  भीगी हुई दाल को कुकर में 3–4 कप पानी, हल्दी और नमक डालकर 4–5 सीटी आने तक अच्छी तरह पका लें.  कुकर ठंडा होने पर दाल को हल्का सा मथानी या चम्मच से मसल लें, ताकि दाल थोड़ी गाढ़ी हो जाए. कढ़ाही में सरसों का तेल गरम करें.  इसमें जीरा डालें, फिर हींग, कुटा लहसुन, हरी मिर्च और प्याज (अगर डाल रहे हों) डालकर सुनहरा होने तक भूनें.  अब इसमें पकी हुई दाल डालें और लाल मिर्च पाउडर डालकर धीमी आंच पर 5–10 मिनट पकाएं.  ऊपर से हरा धनिया डालें और अच्छी तरह मिला लें. यह भी पढ़ें: Village Style Tamatar Dhaniya ki Chutney: बिना मिक्सी के ऐसे बनाएं टमाटर-धनिया की चटनी, उंगलियां चाटते रह जाएंगे लोग यह भी पढ़ें: Village Style Dal Bhat Chokha Recipe: बिना ताम-झाम के पाएं गांव जैसा स्वाद, नोट कर लीजिए देसी दाल,भात, चोखा की रेसिपी  The post Village Style Kurthi Dal Recipe: ठंड भगाने वाली देसी दाल, स्वाद ऐसा कि जेठ का महीना याद आ जाए appeared first on Naya Vichar.

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Bihar Road Project: दानापुर-बिहटा एलिवेटेड रोड का अटका काम, ये है बड़ी वजह, जानिए अब कब तक बनकर होगा तैयार

Bihar Road Project: बिहार में कई सारे रोड प्रोजेक्ट्स पर ताबड़तोड़ काम किए जा रहे हैं. ऐसे में दानापुर-बिहटा एलिवेटेड रोड का काम अटक गया है. इसकी बड़ी वजह जमीन अधिग्रहण और स्ट्रक्चर नहीं हटना बताया जा रहा है. दरअसल, महादेव फुलाड़ी और पतसा मौजा के पास जमीन अधिग्रहण को लेकर काम पर असर पड़ रहा है. महादेव फुलाड़ी के पास रैयती जमीन में स्ट्रक्चर के नहीं हटाने से रुकावट का रही जबकि रोड क्लोजर प्रॉपर नहीं होने से भी काम अटक गया है. कितने महीने देरी से बन सकेगा रोड? दानापुर-बिहटा एलिवेटेड रोड का काम साल 2026 के सितंबर महीने में पूरा होने वाला था. लेकिन अब इसके बनने में लगभग 7 महीने देरी होने की संभावना जताई जा रही है. यानी कि दानापुर-बिहटा एलिवेटेड रोड का काम अब अगले साल (2027) मार्च महीने तक पूरा हो सकेगा. जानकारी के मुताबिक, बिहटा प्रखंड के महादेव फुलाड़ी के पास एलिवेटेड रोड के नीचे हो रहे सड़क निर्माण में जमीन अधिग्रहण की समस्या है. दानापुर की तरफ 40 प्रतिशत हुआ काम महादेव फुलाड़ी मौजे में सिर्फ सात रैयतों को मुआवजा मिला है जबकि पतसा मौजे में सिर्फ दो रैयतों को मुआवजा मिला है. रैयतों को मुआवजा मिलने में देरी से जमीन अधिग्रहण को लेकर देरी हो रही है. इतना ही नहीं, जमीन अधिग्रहण को लेकर कुछ रैयत मुआवजा बढ़ाने की भी मांग कर रहे हैं. ऐसे में भुगतान प्रक्रिया में तेजी लाई जा रही है. दानापुर की तरफ लगभग 40 प्रतिशत काम अब तक पूरा हुआ है. लेकिन बिहटा की तरफ निर्माण की रफ्तार धीमी हो गई है. दानापुर एसडीओ ने क्या बताया? सूत्र की माने तो, 22 मौजों में 104 एकड़ जमीन अधिग्रहण हुआ है. 1002 रैयतों को 191 करोड़ का मुआवजा दिया गया है. दानापुर एसडीओ के मुताबिक, दानापुर-बिहटा एलिवेटेड रोड में जमीन अधिग्रहण करा कर उपलब्ध कराया जा रहा है. स्ट्रक्चर हटाने की कार्रवाई चल रही है. मुआवजा भुगतान में जमीन के कागजात में कमी होने से देरी होती है. जांच के बाद कागजात के पूरा होने पर मुआवजा दिया जाता है. दिसंबर महीने में किया गया था निरीक्षण इससे पहले दिसंबर महीने में दानापुर-बिहटा एलिवेटेड रोड का पथ निर्माण विभाग के अधिकारियों ने निरीक्षण किया था. परियोजना की प्रगति, निर्माण की स्थिति और तकनीकी चुनौतियों से जुड़ी जानकारियां उन्होंने ली थी. जल्द ही निर्माण कार्य पूरा करने का आदेश दिया गया था. जिस पर निर्माण एजेंसी के अधिकारियों ने उन्हें एलिवेटेड सड़क का निर्माण तय समय सीमा में करने का आश्वासन दिया था. Also Read: Amrit Bharat Express: खुशसमाचारी! अब बिहार से इस शहर के लिए भी चलेगी अमृत हिंदुस्तान एक्सप्रेस, जानिए टाइम टेबल The post Bihar Road Project: दानापुर-बिहटा एलिवेटेड रोड का अटका काम, ये है बड़ी वजह, जानिए अब कब तक बनकर होगा तैयार appeared first on Naya Vichar.

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Palak Paratha Recipe: ब्रेकफास्ट के लिए परफेक्ट है पौष्टिकता से भरपूर पालक पराठा, बच्चे भी करेंगे पसंद

Palak Paratha Recipe: दिन की शुरुआत अगर हेल्दी ब्रेकफास्ट से हो तो पूरा दिन एनर्जी से भरा रहता है. अभी जब ठंड का मौसम है तो बाजार में तरह-तरह के साग देखने को मिल रहे हैं. हालांकि कई बार घर के सभी लोग पालक खाना पसंद नहीं करते हैं. ऐसे में आप पालक पराठा बना सकते हैं. इसे खाने से स्वाद के साथ-साथ शरीर को सही पोषण भी मिलेगा. यह इतनी टेस्टी होती है कि शिशु भी इसे खाने में आनाकानी नहीं करेंगे और खूब चाव से खाएंगे. इस आसान रेसिपी को आप बहुत कम समय में बना सकते हैं. तो आइए इसकी रेसिपी बताते हैं. पालक पराठा बनाने की सामग्री आटा – 2 कप पालक कटी – 2 कप अदरक कटा – 1/2 टीस्पून लहसुन – 3 कलियां हरी मिर्च – 1-2 हरी धनिया पत्ती – 2 टेबलस्पून तेल – 3-4 टीस्पून नमक – स्वादानुसार इसे भी पढ़ें: Mughlai Paratha Recipe: स्वाद में बेमिसाल है मुगलई पराठा, जल्दी से नोट कर लें बनाने की रेसिपी   पालक पराठा बनाने का तरीका इसे बनाने के लिए पहले पालक को धोकर उसके डंठल को तोड़ लें. इसके बाद आप पालक के बारीक-बारीक टुकड़े कर लें. इसके बाद आप हरी मिर्च, अदरक, लहसुन और हरा धनिया भी बारीक काट लें. फिर मिक्सर जार में हरी मिर्च, लहसुन, हरा धनिया और अदरक पीस कर पेस्ट तैयार कर लें. अब आप एक बर्तन में आटा छान लें और चाहें तो पालक को पीसकर प्यूरी भी बना सकते हैं. इसके बाद आप आटे में चुटकी भर नमक डालकर उसे अच्छी तरह मिलाएं. फिर आप इसमें बारीक कटी पालक और अदरक-लहसुन-हरा धनिया का पेस्ट डालकर अच्छी तरह से मिला लें. इस मिश्रण में 1 चम्मच तेल डालने के बाद उसमें थोड़ा-थोड़ा पानी डालते हुए पराठे का आटा गूंथ लें. इसके बाद आटा को 15-20 मिनट के लिए रख दें. उसके बाद एक बार फिर आटा गूंथ लें. अब आप एक नॉनस्टिक पैन या तवा को मीडियम आंच पर गर्म कर लें. फिर आप आटे की लोइयां बना लें और एक लोई लेकर उसे पराठे जैसा गोल या तिकोना बेल लें. तवा गर्म होने के बाद उस पर थोड़ा तेल डालकर चारों ओर फैलाएं और पराठा डालकर क्रिस्पी होने तक सेक लें. अब आप इसे प्लेट में डालकर सॉस, चटनी या दही के साथ सर्व कर दें. इसे भी पढ़ें: Pudina Masala Paratha: ब्रेकफास्ट की टेंशन खत्म, इस तरह मिनटों में बनेगा पुदीना मसाला पराठा इसे भी पढ़ें: Namak Ajwain Paratha Recipe: ठंड में जरूर ट्राई करें नमक अजवाइन पराठा, झटपट हो जाएगा तैयार The post Palak Paratha Recipe: ब्रेकफास्ट के लिए परफेक्ट है पौष्टिकता से भरपूर पालक पराठा, शिशु भी करेंगे पसंद appeared first on Naya Vichar.

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