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January 9, 2026

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Shukra Aditya Yoga 2026: मकर राशि में बनेगा शक्तिशाली राजयोग, इन 3 राशियों को होगा बड़ा लाभ

hukra Aditya Yoga 2026: आने वाले दिनों में सूर्य और मंगल का मकर राशि में गोचर एक शक्तिशाली शुक्र आदित्य योग बना रहा है. यह योग करियर, धन और प्रतिष्ठा में बड़ा बदलाव ला सकता है. जानें किन राशियों को होगा विशेष लाभ. दृक पंचांग के अनुसार, 14 जनवरी 2026 को सूर्य धनु राशि से निकलकर शनि की राशि मकर में प्रवेश करेंगे, वहीं 16 जनवरी 2026 को मंगल भी अपनी उच्च राशि मकर में गोचर करेंगे. सूर्य और मंगल का एक साथ मकर राशि में होना शुक्र आदित्य योग का निर्माण करेगा, जिसे शक्ति, सफलता और करियर उन्नति का योग माना जाता है. शुक्रादित्य योग क्या होता है? जब सूर्य और शुक्र एक ही राशि में स्थित होते हैं, तब शुक्रादित्य योग बनता है. यह योग व्यक्ति को आकर्षक व्यक्तित्व, आर्थिक समृद्धि, प्रेम संबंधों में सफलता और सामाजिक प्रतिष्ठा प्रदान करता है. हालांकि, इस योग का फल कुंडली में सूर्य और शुक्र की मजबूती पर निर्भर करता है. यदि दोनों ग्रह शुभ स्थिति में हों तो जीवन में उन्नति के द्वार खुलते हैं, लेकिन कमजोर स्थिति में अहंकार, रिश्तों में तनाव और निर्णयों में भ्रम भी संभव है. मेष राशि पर सूर्य-मंगल युति का फल (Aries Surya Mangal Gochar) मेष राशि के जातकों के लिए यह राजयोग करियर में बड़ी सफलता लेकर आ सकता है. नौकरीपेशा लोगों को प्रमोशन या सैलरी इंक्रीमेंट के योग हैं. व्यापारियों को नए सौदे और निवेश में लाभ मिलने की संभावना है. अटके हुए कार्य पूरे होंगे और कोर्ट-कचहरी से जुड़े मामलों में राहत मिल सकती है. परिवार और भाग्य दोनों का साथ मिलेगा, जिससे आत्मविश्वास बढ़ेगा. यह गोचर मेष राशि वालों के लिए प्रमोशन और भाग्य वृद्धि का संकेत देता है. उपाय: रविवार को सूर्य को जल अर्पित करें – आत्मबल और करियर में स्थिरता के लिए तुला राशि पर शुक्र आदित्य योग का असर (Libra Horoscope 2026) तुला राशि वालों के जीवन में भौतिक सुख-सुविधाओं में वृद्धि होगी. इस दौरान वाहन या संपत्ति खरीदने के योग बन सकते हैं. आत्मविश्वास, मान-सम्मान और सामाजिक प्रतिष्ठा में बढ़ोतरी होगी. मेडिकल, रियल एस्टेट और संपत्ति से जुड़े कारोबारियों के लिए यह समय लाभकारी रहेगा. छात्रों और प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे युवाओं को भी सफलता मिल सकती है. ये भी पढ़ें: मकर संक्रांति पर सूर्य का मकर राशि में प्रवेश, जानें 12 राशियों पर असर, लाभ और उपाय यह योग तुला राशि वालों को घर, वाहन और करियर में बड़ी उपलब्धि दिला सकता है. उपाय: मंगलवार को हनुमान जी की पूजा करें – साहस और शत्रु बाधा से मुक्ति हेतु मीन राशि पर शुक्र आदित्य योग का प्रभाव (Pisces Surya Mangal Gochar 2026) मीन राशि वालों के लिए यह योग आर्थिक दृष्टि से बेहद शुभ साबित हो सकता है. आय के नए स्रोत बन सकते हैं और नौकरीपेशा जातकों को पदोन्नति या वेतनवृद्धि का लाभ मिल सकता है. संतान से जुड़ी कोई खुशसमाचारी मिलने के योग हैं. पारिवारिक संबंध मजबूत होंगे और व्यापार में विस्तार के नए अवसर सामने आएंगे. यह राजयोग मीन राशि वालों की आर्थिक स्थिति को 2026 में नई ऊंचाई पर ले जा सकता है. उपाय: गुड़-तांबा दान करें – ग्रह दोष शांत करने के लिए सूर्य और मंगल का गोचर 2026 कब है? सूर्य 14 जनवरी 2026 को और मंगल 16 जनवरी 2026 को मकर राशि में गोचर करेंगे. शुक्र आदित्य योग क्या होता है? जब सूर्य और मंगल एक साथ मजबूत स्थिति में हों, तब यह राजयोग बनता है. किन राशियों को सबसे ज्यादा लाभ होगा? मेष, तुला और मीन राशि को विशेष लाभ मिलने के योग हैं. The post Shukra Aditya Yoga 2026: मकर राशि में बनेगा शक्तिशाली राजयोग, इन 3 राशियों को होगा बड़ा लाभ appeared first on Naya Vichar.

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ईरान में आधी रात इंटरनेट ब्लैकआउट, प्रिंस की कॉल पर सड़कों पर उतरी जनता, सरकार के खिलाफ हो रही नारेबाजी

Iran Protest after Internet Blackout: ईरान में 28 दिसंबर से शुरू हुए प्रदर्शन अब और तेज हो गए हैं. गुरुवार रात ईरान में हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए, जब अचानक इंटरनेट और फोन सेवाएं बंद कर दी गईं. यह फैसला ऐसे समय में लिया गया, जब देश में प्रशासन और सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के खिलाफ लोगों का गुस्सा तेजी से बढ़ रहा है. इंटरनेट कंपनी क्लाउडफ्लेयर और डिजिटल अधिकारों पर नजर रखने वाले संगठन नेटब्लॉक्स ने पुष्टि की कि ईरान में इंटरनेट बंद किया गया है. दोनों का कहना है कि यह प्रशासन की ओर से किया गया कदम है. संस्था के मुताबिक, यह कदम प्रशासन की ओर से विरोध प्रदर्शनों को रोकने के लिए की जा रही डिजिटल सेंसरशिप का हिस्सा है, जिससे अहम समय पर लोगों का आपस में संपर्क टूट गया है. इससे पहले भी ईरान में जब इंटरनेट बंद किया गया था, तब उसके बाद विरोध प्रदर्शनों पर सख्त कार्रवाई देखने को मिली थी. इंटरनेट बंद होने का समय संयोग से नहीं, बल्कि उसी वक्त आया जब ईरान के पूर्व शाह परिवार के वारिस रजा पहलवी ने लोगों से सड़कों पर उतरने की अपील की थी. सोशल मीडिया पर सामने आई तस्वीरों और संदेशों में दावा किया गया कि तेहरान की सड़कों पर बड़ी संख्या में लोग जुटे. लोगों का कहना था कि अब उनका सब्र जवाब दे चुका है और खामेनेई तथा उनके सहयोगियों को सत्ता छोड़नी चाहिए. रजा पहलवी, ईरान के आखिरी शाह मोहम्मद रजा पहलवी के बेटे हैं, जिन्हें 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद देश छोड़ना पड़ा था. ईरान में लोग सड़कों पर क्यों उतरे पिछले कुछ वर्षों से ईरान की आम जनता महंगाई, बेरोजगारी और खराब आर्थिक हालात से जूझ रही है. देश में वार्षिक महंगाई रिकॉर्ड 42% तक पहुंच गई है, जबकि मुद्रा का अवमूल्यन होते-होते यह 1 डॉलर के बदले 14 लाख तोमान का आंकड़ा भी पार कर गया है. अमेरिकी प्रतिबंधों ने हालात और बिगाड़ दिए हैं, वहीं इजरायल से तनाव भी बढ़ा है. इन सब कारणों से करीब 50 साल से सत्ता में बैठी अयातुल्लाओं की प्रशासन के खिलाफ नाराजगी खुलकर सामने आ रही है. कई प्रदर्शनकारी खुलकर शाह के समर्थन में नारे लगा रहे हैं. पहले ऐसा करना जानलेवा हो सकता था, लेकिन अब लोग खुलकर राजशाही की वापसी की बात करने लगे हैं. इससे साफ है कि लोगों का गुस्सा कितनी हद तक पहुंच चुका है. Tehran todayA sea of people in the streets.The patience of the Iranian people is over. Khamenei and his allies must leave Iran as soon as possible.#Iran pic.twitter.com/Wx2CddZ3YT — Masih Alinejad 🏳️ (@AlinejadMasih) January 8, 2026 सड़कों पर गूंजे नारे रजा पहलवी ने गुरुवार और शुक्रवार रात 8 बजे प्रदर्शन करने की अपील की थी. तय समय पर तेहरान समेत कई इलाकों में लोग सड़कों पर निकल आए. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, भीड़ ने “तानाशाह मुर्दाबाद” और “इस्लामिक रिपब्लिक मुर्दाबाद” जैसे नारे लगाए. कुछ जगहों पर लोग “राजा अमर रहें”, “खामेनेई मुर्दाबाद” और “यह आखिरी लड़ाई है, पहलवी लौटेगा” जैसे नारे भी लगाते दिखे. हजारों लोगों की मौजूदगी की समाचारें सामने आईं. रजा पहलवी का बयान रज़ा पहलवी ने अपने संदेश में कहा कि पूरी दुनिया ईरान की जनता को देख रही है. उन्होंने लोगों से एकजुट होकर सड़कों पर उतरने और अपनी मांगें साफ-साफ रखने की अपील की. उन्होंने प्रशासन और रिवोल्यूशनरी गार्ड को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर लोगों पर ज़ुल्म किया गया, तो दुनिया और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इसे नजरअंदाज नहीं करेंगे. पहलवी ने यह भी कहा कि प्रदर्शन कितने बड़े होते हैं, उसके आधार पर वह आगे की योजना बताएंगे. तीन साल में सबसे बड़ा आंदोलन दिसंबर के आखिर में शुरू हुआ यह आंदोलन पिछले तीन सालों में इस्लामिक प्रशासन के खिलाफ सबसे बड़ा माना जा रहा है. शुरुआत तेहरान के व्यापारियों से हुई थी, लेकिन धीरे-धीरे यह विश्वविद्यालयों और ग्रामीण इलाकों तक फैल गया. अमेरिका स्थित ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स न्यूज़ एजेंसी के मुताबिक, अब तक हिंसा में कम से कम 39 लोगों की मौत हो चुकी है और 2,200 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया गया है. 🚨It’s 8:45 p.m. in Iran. Across Iran, people have risen up, and the country is now in the midst of a national uprising against 47 years of tyranny. Chants: “Long live the King.”“Death to Khamenei.”This is the final battle. Pahlavi will return. Massive turnout in Tehran. pic.twitter.com/xyRPXgMIx2 — Navid Mohebbi نوید محبی (@navidmohebbi) January 8, 2026 ट्रंप के बयान पर ईरान की नाराजगी पिछले हफ्ते डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि अगर ईरान में शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों की हत्या होती है, तो अमेरिका उनकी मदद करेगा. ट्रंप ने कहा कि वाशिंगटन ईरान पर कड़ी कार्रवाई करेगा. इस बयान पर ईरान के विदेश मंत्रालय ने कड़ा विरोध जताया. मंत्रालय ने कहा कि अमेरिका का यह दावा पाखंड भरा है और उसका मकसद ईरान के आंतरिक मामलों में दखल देना और अपने पुराने अपराधों पर पर्दा डालना है. हालांकि, हालात को लेकर ईरानी प्रशासन के भीतर भी अलग-अलग राय देखने को मिल रही है.  प्रशासन का नरम गरम रूप राष्ट्रपति मसूद पेशेज्कियान ने कहा है कि प्रदर्शनकारियों से निपटते वक्त प्रशासन को पूरी सावधानी और संयम बरतना चाहिए. उन्होंने हिंसा से बचने, बातचीत करने और लोगों की बात सुनने पर जोर दिया है. लेकिन दूसरी ओर, देश के शीर्ष नेता ज्यादा सख्त रुख अपनाते नजर आ रहे हैं. इसी हफ्ते सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने कहा था कि दंगे करने वालों से सख्ती से निपटा जाना चाहिए. वहीं, मुख्य न्यायाधीश गोलाम-हुसैन मोहसेनी-एजेई ने साफ चेतावनी दी कि जो लोग अशांति फैलाएंगे या उसका समर्थन करेंगे, उनके साथ किसी तरह की नरमी नहीं होगी. उनका कहना है कि ऐसे लोग ईरान के दुश्मनों के इशारे पर काम कर रहे हैं. यूएन ने भी जताई चिंता इस बीच, संयुक्त राष्ट्र ने ईरान में हो रही हिंसा पर चिंता जताई है. संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेस ने कहा है कि विरोध प्रदर्शनों के दौरान होने वाली मौतों को हर हाल में रोका जाना चाहिए. उनके प्रवक्ता स्टेफान दुजारिक के मुताबिक, संयुक्त राष्ट्र ने ईरानी प्रशासन से लोगों को अपनी बात कहने, शांतिपूर्वक प्रदर्शन करने और अपनी मांगें

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बंगाल में लगे राष्ट्रपति शासन : अर्जुन सिंह

बैरकपुर. इडी की छापेमारी में बाधा दिये जाने की घटना को लेकर उत्तर 24 परगना के बैरकपुर के पूर्व सांसद अर्जुन सिंह ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर जमकर कटाक्ष किया. श्री सिंह ने कहा कि पश्चिम बंगाल में तुरंत राष्ट्रपति शासन लागू करना चाहिए. उन्होंने कहा कि केंद्रीय जांच एजेंसी के काम में ममता बनर्जी ने बाधा दिया है. उन्हें गिरफ्तार करना चाहिए. एक आम इंसान अगर किसी पुलिस के काम में बाधा देता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई होती है. तो एमपी, एमएलए और मंत्री अगर केंद्रीय एजेंसी के काम में बाधा दे रहे हैं और तथ्य गायब कर रहे हैं, तो उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की जाये. उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी ने आज जो किया है, वह कानून के खिलाफ है. ऐसा होता रहा, तब तो वह कभी भी बांग्लादेश का झंडा उठा सकती हैं. इस घटना में कोलकाता पुलिस के सीपी मनोज वर्मा को सस्पेंड करना चाहिए. उन्होंने कहा कि एक समय ममता बनर्जी, राजीव कुमार को बचाने के लिए भी धरना दी थीं. उन्होंने पूछा : इडी ने ममता बनर्जी को गिरफ्तार क्यों नहीं किया. पश्चिम बंगाल में तुरंत राष्ट्रपति शासन लागू करना चाहिए. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post बंगाल में लगे राष्ट्रपति शासन : अर्जुन सिंह appeared first on Naya Vichar.

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आइ-पैक कार्यालय से बाहर निकलते ही इडी अफसरों के समक्ष गूंजे ‘जय बांग्ला’ के नारे

12 घंटे तक चली इडी की तलाशी जांच एजेंसी के अधिकारियों के जाने के बाद आइ-पैक कार्यालय से मंत्री सुजीत बोस भी हुए रवाना संवाददाता, कोलकाताकरीब 12 घंटे तक चले अभियान के बाद जब प्रवर्तन निदेशालय (इडी) अधिकारियों की टीम विधाननगर के सेक्टर फाइव स्थित नेतृत्वक सलाहकार संस्था आइ-पैक के कार्यालय से बाहर निकली, तो बाहर मौजूद तृणमूल कांग्रेस के समर्थकों ने ‘जय बांग्ला’ के नारे लगाने शुरू कर दिये. इडी के वाहन वहां से निकलते ही पूरे इलाके में नारेबाजी तेज हो गयी. गुरुवार सुबह जब केंद्रीय जांच एजेंसी आइ-पैक के कार्यालय में दाखिल हुई थी, उस समय दफ्तर में गिने-चुने कर्मचारी ही मौजूद थे. लेकिन दिन चढ़ने के साथ ही यह कार्यालय नेतृत्वक हलचल का केंद्र बन गया. दोपहर को राज्य पुलिस के महानिदेशक (डीजीपी) राजीव कुमार समेत पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी वहां पहुंचे. इधर, दमकल मंत्री सुजीत बोस के साथ तृणमूल के अन्य नेता भी वहां पहुंचे. सबसे खास बात मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के वहां पहुंचने की रही. वह करीब चार घंटों तक आइ-पैक कार्यालय में मौजूद रहीं. आइ-पैक के पदाधिकारी प्रतीक जैन के वहां पहुंचने के बाद ही सुश्री बनर्जी वहां से रवाना हुईं. इधर, शाम होते-होते आइ-पैक के बहुमंजिला भवन के नीचे भारी भीड़ जमा हो गयी. कहीं राज्य पुलिस तैनात थी, तो कहीं केंद्रीय बलों का पहरा दिखा. पूरे दिन नेतृत्वक तनाव का माहौल बना रहा. गुरुवार शाम करीब साढ़े छह बजे इडी के अधिकारी आइ-पैक कार्यालय से बाहर निकले. 11वीं मंजिल से कई दस्तावेज लेकर वे नीचे पार्किंग में पहुंचे और कागजात अपनी गाड़ियों में रखे. इसी दौरान बाहर मौजूद लोगों की भीड़ और बढ़ गयी. लोगों के बीच यह सवाल गूंजने लगा कि इडी आखिर क्या-क्या दस्तावेज अपने साथ ले जा रही है. जैसे ही इडी की गाड़ियां पार्किंग से निकल कर सड़क पर आयीं, तृणमूल के कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी. केंद्रीय जांच एजेंसी के खिलाफ जय बांग्ला के नारे लगाये गये. उल्लेखनीय है कि इडी अधिकारियों के निकलते ही इलाके में मौजूद तृणमूल नेता और राज्य के मंत्री सुजीत बोस भी वहां से रवाना हो गये. दिन भर सेक्टर फाइव स्थित इस इमारत के नीचे विधाननगर के विधायक सुजीत बोस मौजूद थे. विधाननगर नगर निगम की मेयर कृष्णा चक्रवर्ती भी मौके पर उपस्थित रहीं. ईडी के निकलते ही वह भी वहां से चली गयीं. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post आइ-पैक कार्यालय से बाहर निकलते ही इडी अफसरों के समक्ष गूंजे ‘जय बांग्ला’ के नारे appeared first on Naya Vichar.

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कोलकाता के आउट्राम घाट में सेवा शिविर शुरू

गंगासागर मेला : मुख्यमंत्री ने ट्रांजिट कैंप का किया उद्घाटन एसआइआर के नाम पर समाज के विशिष्ट लोगों को परेशान कर रहा चुनाव आयोग : सीएम संवाददाता, कोलकाताबंगाल विधानसभा चुनाव से पहले राज्य में चल रही मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) प्रक्रिया पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कड़े सवाल उठाये हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि एसआइआर के नाम पर न केवल आम जनता, बल्कि समाज के विशिष्ट और प्रतिष्ठित लोगों को भी परेशान किया जा रहा है. मुख्यमंत्री ने नोबेल पुरस्कार विजेता अर्थशास्त्री अमर्त्य सेन, प्रख्यात कवि जय गोस्वामी और टॉलीवुड सुपरस्टार देव को एसआइआर के तहत सुनवाई के लिए भेजे गये नोटिस पर गहरी नाराजगी जाहिर की. उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से सवाल करते हुए कहा कि आखिर नोबेल विजेता अमर्त्य सेन को नोटिस क्यों भेजा गया? मुख्यमंत्री ने कहा कि अमर्त्य सेन की उम्र 90 वर्ष से अधिक है और उस दौर में कम उम्र में विवाह होना सामान्य बात थी. उन्होंने यह भी कहा कि अमर्त्य सेन के माता-पिता की उम्र में 15 वर्ष से कम का अंतर होना कोई असामान्य बात नहीं है. गुरुवार को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बाबूघाट के पास गंगासागर मेला आउट्राम घाट ट्रांजिट प्वाइंट का उद्घाटन किया. इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने गंगासागर मेला में आने वाले पुण्यार्थियों से शांतिपूर्वक यात्रा करने की अपील की. उन्होंने कहा कि किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें. इस बार मेले में भारी भीड़ की संभावना है, इसलिए पुलिस-प्रशासन का पूरा सहयोग करें, ताकि मेला शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post कोलकाता के आउट्राम घाट में सेवा शिविर शुरू appeared first on Naya Vichar.

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Dhanbad News: भगवान राम की दुहाई देने वाले सांसद एक विस क्षेत्र नहीं छोड़ पाये : जयराम

Dhanbad News: डुमरी विधायक जयराम महतो ने कहा है कि धनबाद के सांसद ढुलू महतो खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका पर जांच चल रही है. इसमें सांसद के पास अरबों की बेनामी संपत्ति होने की बात कही गयी है. यह संपत्ति कहां से आयी. सांसद अगर एक दिन में तीन-तीन करोड़ रुपये भी खर्च करें तो भी अपने जीवन में इस राशि को खर्च नहीं कर पायेंगे. डुमरी विधायक जयराम महतो ने गुरुवार को धनबाद में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उक्त बातें कहीं. उन्होंने बाघमारा विधायक शत्रुघ्न महतो पर भी कई आरोप लगाये. कहा कि दोनों भाई खुद को राम भक्त बताते हैं तो राम चरित मानस का एक दोहा तक सुना दें. भगवान राम ने तो राजपाट का त्याग किया था. यहां सांसद तो एक विधानसभा क्षेत्र तक नहीं छोड़ पाये. हिन्दुत्व की बात करें तो बेटियों को लक्ष्मी का दर्जा दिया जाता है, यहां बेटियों के नाम पर शराब का टेंडर लिया जा रहा है. कई कंपनियों में है सीधी पार्टनरशिप जयराम महतो ने कहा कि सांसद की यहां के कई व्यवसायियों के साथ साझेदारी है. उन्होंने कुछ कंपनियों के नाम भी बताये. कहा कि सांसद ने यूपी में भी काफी निवेश किया है. उन्होंने एक रिसर्चर को छेड़ा है. सांसद व विधायक दोनों भाई बन गये तो मेरे ऊपर आरोप लगा देंगे, इससे क्या होगा. तथ्य दें. पेसा कानून में सुधार की जरूरत पेसा कानून में बहुत सारे पेंच है. उन पेंचों को दुरूस्त करने की जरूरत है. जिस उम्मीद के साथ पेसा को लागू किया गया उसपर खरा नहीं उतर पा रहा है. राज्य प्रशासन को समीक्षा करनी चाहिए. उन्होंने भाजपा द्वारा दलीय आधार पर निकाय चुनाव कराने के सवाल पर कहा कि बिलकुल दलीय आधार पर चुनाव होना चाहिए. प्रयास करेंगे कि जो अच्छे प्रत्याशी होंगे उनका समर्थन करेंगे. जहां हम मजबूत होंगे वहां प्रत्याशी देंगे. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post Dhanbad News: भगवान राम की दुहाई देने वाले सांसद एक विस क्षेत्र नहीं छोड़ पाये : जयराम appeared first on Naya Vichar.

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आयुष्मान भारत को ठुकराने वालों को जनता ने सत्ता से बाहर किया : नड्डा

कोलकाता. भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने गुरुवार शाम को कोलकाता में डॉक्टर्स मीट को संबोधित करते हुए कहा कि दिल्ली में अरविंद केजरीवाल ने आयुष्मान हिंदुस्तान योजना को नकारा और जनता ने उन्हें सत्ता से बाहर का रास्ता दिखा दिया. उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी इस जनकल्याणकारी योजना को ठुकराया है और वर्ष 2026 में जनता उन्हें भी इसका जवाब देगी. नड्डा ने कहा कि पिछले 11 वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के स्वास्थ्य क्षेत्र में अभूतपूर्व और ऐतिहासिक परिवर्तन हुए हैं, जिससे हिंदुस्तान की स्वास्थ्य व्यवस्था की दिशा और दशा दोनों बदली हैं. उन्होंने कहा कि आयुष्मान हिंदुस्तान योजना दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य बीमा योजना है, जिसके तहत देश के 63 करोड़ से अधिक गरीब और वंचित नागरिकों को पांच लाख रुपये तक का निःशुल्क इलाज मिल रहा है. नड्डा ने दुख जताया कि नेतृत्वक कारणों से पश्चिम बंगाल की जनता को इस योजना के लाभ से वंचित रखा गया है. उन्होंने बताया कि देशभर में 1.81 लाख से अधिक आयुष्मान आरोग्य मंदिर स्थापित किये जा चुके हैं, जो प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ बन चुके हैं. ये केंद्र तीन से चार हजार की आबादी को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करा रहे हैं, जहां से आम नागरिक की स्वास्थ्य जांच, परामर्श और उपचार की शुरुआत होती है. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post आयुष्मान हिंदुस्तान को ठुकराने वालों को जनता ने सत्ता से बाहर किया : नड्डा appeared first on Naya Vichar.

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एसआइआर का समर्थन करें और घुसपैठ के खिलाफ करें प्रचार: नड्डा

संवाददाता, कोलकाता भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा दो दिन के पश्चिम बंगाल दौरे पर गुरुवार को कोलकाता पहुंचे. बाद में उन्होंने पार्टी नेताओं के साथ बैठक की. बैठक में पार्टी के केंद्रीय नेता भूपेंद्र यादव, सुनील बंसल, बिप्लव देव के साथ राज्य भाजपा अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य, सुकांत मजूमदार व अन्य नेता मौजूद रहे. सूत्रों के अनुसार, बैठक के दौरान नड्डा ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस को हराने के लिए बूथ स्तर पर पार्टी की ताकत बढ़ाना अनिवार्य है. बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि अन्य राज्यों के 43 नेताओं को पश्चिम बंगाल भाजपा के 43 सांगठनिक जिलों की जिम्मेदारी सौंपी जायेगी. उन्होंने जिला अध्यक्षों से कहा कि राज्य में बदलाव लाने के लिए हरसंभव प्रयास करने होंगे. जेपी नड्डा ने कहा कि देश की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पश्चिम बंगाल में भाजपा का सत्ता में आना जरूरी है. बैठक में घुसपैठ का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा. पार्टी अध्यक्ष ने निर्देश दिया कि एसआइआर का समर्थन करते हुए बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के खिलाफ घुसपैठ के मुद्दे पर प्रचार और तेज किया जाये. सूत्रों के मुताबिक, जेपी नड्डा ने राज्य के सभी बूथों पर पार्टी कमेटियों का गठन पूरा न होने पर असंतोष भी जाहिर किया. उन्होंने कहा कि चुनाव जीतने के लिए हर बूथ पर मजबूत कमेटी का गठन जरूरी है. तृणमूल कांग्रेस की चुनावी मशीनरी से मुकाबले के लिए बूथ स्तर पर संगठन को और सशक्त बनाने पर उन्होंने विशेष जोर दिया. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post एसआइआर का समर्थन करें और घुसपैठ के खिलाफ करें प्रचार: नड्डा appeared first on Naya Vichar.

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Dhanbad News: संगठन पर्व भाजपा की लोकतांत्रिक परंपरा का प्रतीक : राज पालीवाल

हिंदुस्तानीय जनता पार्टी धनबाद महानगर जिला कार्यालय में संगठन पर्व के तहत गुरुवार को जिला अध्यक्ष पद तथा प्रदेश परिषद सदस्यों के लिए नामांकन प्रक्रिया शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुई. इस अवसर पर पार्टी कार्यकर्ताओं व पदाधिकारियों में विशेष उत्साह दिखा. वहीं नामांकन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रदेश के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री सह चुनाव पर्यवेक्षक राज पालीवाल ने कहा कि संगठन पर्व भाजपा की आंतरिक लोकतांत्रिक परंपरा का प्रतीक है. पार्टी कार्यकर्ताओं के बल पर ही मजबूत होती है. संगठन के माध्यम से ही जनता तक भाजपा की नीतियों और विचारधारा को पहुंचाया जाता है. भाजपा कार्यकर्ताओं की पार्टी वहीं पूर्व सांसद सुनील सोरेन ने कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं की पार्टी है. यहां हर कार्यकर्ता को आगे बढ़ने का अवसर मिलता है. प्रदेश प्रभारी (मीडिया) योगेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि संगठनात्मक चुनाव पार्टी की मजबूती का आधार है. कार्यकर्ता एकजुट होकर पार्टी के लक्ष्यों को पूरा करें. इधर कार्यक्रम की शुरुआत में भाजपा कार्यकर्ताओं ने नेताओं का गर्मजोशी से स्वागत किया. मौके पर वर्तमान जिलाध्यक्ष श्रणव राय, चंद्रशेखर सिंह, राजकुमार अग्रवाल, मानस प्रसून, अजय निषाद, विरेंद्र हांसदा, पंकज सिन्हा, रीता यादव, अभिमन्यु कुमार, प्रियंका देवी समेत भाजपा सभी मंडल अध्यक्ष तथा पदाधिकारी व कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित थे. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post Dhanbad News: संगठन पर्व भाजपा की लोकतांत्रिक परंपरा का प्रतीक : राज पालीवाल appeared first on Naya Vichar.

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Dhanbad News: समाज में एकजुटता का संदेश देता है सोहराय : रवींद्र

कांग्रेस के प्रदेश महामंत्री रवींद्र वर्मा ने कहा कि सोहराय प्रकृति पूजा का पर्व है. यह पर्व संथाल समाज में एकजुटता का संदेश देता है. वह गुरुवार को पथोरिया ग्राम पंचायत के बरमसिया आदिवासी टोला में झामुमो व कांग्रेस की ओर से आयोजित सोहराय मिलन समारोह को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे. जरूरतमंदों के बीच बांटे गये कंबल इस अवसर पर 120 गरीबों के बीच कंबल बांटे गये. कार्यक्रम संयोजक पूर्व मुखिया एवं झामुमो नेता मोबिन अंसारी तथा कांग्रेस नेता अनिल कुमार साव, मोइन अंसारी ने समारोह में शामिल सभी लोगों का स्वागत किया. मौके पर कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता शमशेर आलम, राजेश्वर सिंह यादव, योगेंद्र सिंह योगी, नवनीत नीरज, वीरेंद्र गुप्ता, राजू नोनिया, विकास दासगुप्ता, गोरा नोनिया, इम्तियाज आलम, भास्कर झा, अरुण सिंह चौधरी, पंकज सिंह, तपन मंडल, शिवकुमार बास्की, शंकर गोराई, श्रीकांत गोराई, दीपक सोरेन, भीखू बनर्जी, टीकाराम बास्की आदि मौजूद थे. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post Dhanbad News: समाज में एकजुटता का संदेश देता है सोहराय : रवींद्र appeared first on Naya Vichar.

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