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January 9, 2026

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बस स्टैंड के समीप वाहन के धक्के से अविवाहित वृद्ध की मौत

जलावन का सामान लेकर रोड पार करने के दौरान अज्ञात वाहन ने मारा धक्का भभुआ सदर. गुरुवार देर शाम अखलासपुर बस स्टैंड के समीप सड़क पार करने में एक अज्ञात वाहन के धक्के से 75 वर्षीय अविवाहित वृद्ध की इलाज के क्रम में मौत हो गयी. मृत व्यक्ति भभुआ थाना क्षेत्र के कामता गांव निवासी स्व सीताराम सिंह के बेटे 75 वर्षीय बहादुर सिंह बताये जाते है. हादसे के संबंध में अखलासपुर बस स्टैंड में दुकान चलाने वाले दुकानदार मनोहर पासवान ने बताया कि बहादुर सिंह काफी समय से अखलासपुर बस स्टैंड में ही रहकर मेहनत मजदूरी करते थे. वृद्ध ने विवाह नहीं किया था. गुरुवार देर शाम ठंड अधिक रहने की वजह से जलावन के लिए वृद्ध सड़क पार कर लकड़ी आदि लाने गये थे और जलावन का सामान लेकर वापस लौट रहे थे. इसी दौरान तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने वृद्ध को धक्का मार दिया. धक्का लगने से वह गंभीर रूप से घायल हो गये, तो उन्हें इलाज के लिए लोग सदर अस्पताल लेकर आये. यहां वृद्ध का भर्ती कर इलाज शुरू किया गया. लेकिन, इलाज के क्रम में ही वृद्ध ने शुक्रवार सुबह सदर अस्पताल में दम तोड़ दिया. इधर, अस्पताल में हुई मौत की सूचना पर नगर थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और शव का पंचनामा करते हुए पोस्टमार्टम कराया गया. साथ ही पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post बस स्टैंड के समीप वाहन के धक्के से अविवाहित वृद्ध की मौत appeared first on Naya Vichar.

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पछुआ हवा ने बढ़ायी कनकनी, अलाव बना सहारा

बाजार करने वाले लोग भी शहर में ले रहे अलाव का सहारा देव. पछुआ हवा के साथ ठंड शीतलहरी बनकर टूट रही है. रात को कोहरा और दिन में धूप निकलने के बाद भी लोगों को गलन से राहत नहीं मिली. लोग पूरे दिन ठिठुरते रहे. इसके बाद बह रही पछुआ हवा ने भी लोगों को घरों में दुबकने के लिए मजबूर किया है. धूप से लोग घरों से बाहर और छतों पर निकले, पर दिन में बह रही ठंडी हवा ने लोगों को परेशान कर दिया है. दिन में थोड़ी राहत मिल रही है पर दोपहर बाद गलन शुरू हो जा रही है. ग्रामीण क्षेत्रों में ठंड से बचने के लिए लोग दिन भर अलाव का सहारा ले रहे हैं. वहीं, शहरी इलाकों में गर्म कपड़ों व हीटर का सहारा ले रहे हैं. मौसम विशेषज्ञों की मानें तो पछेया हवा के चलने से कनकनी बढ़ी है. ऐसे में व्यावसायिक गतिविधियों के लिए आसपास के गांव से शहर में आने वाले को दिन में भी अलाव तापते देखा गया. सूर्य मंदिर, बस स्टैंड, लाल चौक, थाना मोड़, सूर्यकुंड, देव गोदाम तक काफी भीड़ रहती है. पूरे दिन ठेला और रिक्शा और ऑटो चालक काम से बचते हुए समय को निकालकर अलाव तापते दिखे. शाम लगभग छह बजे सड़कों पर सन्नाटा दिखा. प्रखंड के कई स्थानों पर अलाव नहीं जलने से राहगीरों को भी दिक्कतें हो रही हैं. वे लोग भी ठंड में राहत पाने के लिए चाय की दुकानों पर खड़े होकर अलाव तापते हुए नजर आये. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post पछुआ हवा ने बढ़ायी कनकनी, अलाव बना सहारा appeared first on Naya Vichar.

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कौलेश्वरी पहाड़ पर अव्यवस्था देख उपायुक्त ने जतायी नाराजगी

हंटरगंज. उपायुक्त कीर्तिश्री जी शुक्रवार को मां कौलेश्वरी मंदिर पहुंची. 1575 फीट की ऊंचाई पर स्थित कौलेश्वरी पहाड़ पर चढ़ने के बाद वहां पूजा-अर्चना की और मंदिर व आसपास स्थलों का निरीक्षण किया. इस दौरान शौचालय, अधूरे गेस्ट हाऊस , कौलेश्वरी से संबंधित ऐतिहासिक शिलापट्ट, बड़ा सरोवर, जैन मंदिर, भैरव बाबा मंदिर सहित अन्य स्थलों का निरीक्षण किया. बिजली विभाग व पर्यटन विभाग के पदाधिकारियों से विचार-विमर्श कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिया. कौलेश्वरी पहाड़ पर अव्यवस्था को देख उन्होंने नाराजगी जतायी. उन्होंने दुकानदारों व प्रबंधन समिति के लोगों को साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने की बात कही. मुंडन संस्कार में प्रशासनी रसीद की जगह स्कैनर से राजस्व वसूलने का निर्देश दिया. इसके लिये फास्ट टैग लगाने को कहा. कौलेश्वरी पहाड़ पर श्रद्धालुओं के लिए उपलब्ध सुविधाओं को भी देखा. अधूरे गेस्ट हाउस के कार्य के संवेदक को अविलंब कार्य पूर्ण करने का निर्देश दिया. वहीं पुजारियों ने उपायुक्त को बरसात के दिनो में श्रद्धालुओं को आने-जाने व ठहरने में परेशानी होने की बात कही. इस पर उपायुक्त ने पर्यटको की सुविधा के लिए कॉटेज निर्माण का निर्देश दिया. मौके पर एसी अरविंद कुमार, बिजली विभाग के कार्यपालक अभियंता राकेश कुमार सिंह, जिला नियोजन पदाधिकारी मनु कुमार, जिला स्पोर्ट्सकुद पदाधिकारी कैलाश राम, प्रमुख ममता कुमारी, सीओ रितिक कुमार, बीडीओ निखिल गौरव कमान कच्छप, हंटरगंज थाना प्रभारी प्रभात कुमार, वशिष्ठ नगर थाना प्रभारी अमित कुमार सिंह, प्रमुख प्रतिनिधि कमलेश कुमार यादव, समाजसेवी अमरेंद्र कुमार केशरी, कमल कुमार केसरी, को-ऑपरेटिव बैंक के डारेक्टर कौशलेंद्र कुमार सिंह शामिल थे. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post कौलेश्वरी पहाड़ पर अव्यवस्था देख उपायुक्त ने जतायी नाराजगी appeared first on Naya Vichar.

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How To Remove Insects From Spinach And Cabbage: अब नहीं मिलेगा एक भी छिपा कीड़ा! अपनाइए पालक और गोभी साफ करने के आसान घरेलू तरीके

How To Remove Insects From Spinach And Cabbage: पालक और गोभी जैसी हरी पत्तेदार सब्ज़ियां हमारे रोज़मर्रा के भोजन का अहम हिस्सा हैं. ये सब्ज़ियां पोषण से भरपूर होती हैं, लेकिन इनमें अक्सर छिपे हुए कीड़े पाए जाते हैं, जो सीधे नज़र नहीं आते. ये कीड़े पत्तियों की परतों और सिलवटों में छिपे रहते हैं और यदि सही तरीके से सफाई न की जाए तो सेहत को नुकसान पहुंचा सकते हैं. इसलिए सब्ज़ियों को पकाने से पहले उन्हें सही तरीके से साफ करना बेहद ज़रूरी है. इस आर्टिकल  में हम पालक और गोभी में छिपे कीड़ों का सुरक्षित, आसान और घरेलू तरीके से सफाया करने के उपाय बताएंगे, जिससे आपकी सब्ज़ियां पूरी तरह स्वच्छ होंगी और भोजन स्वादिष्ट व सुरक्षित बनेगा. पालक और गोभी में कीड़े क्यों लगते हैं? पत्तियों की बनावट मुलायम और परतदार होती है नमी ज़्यादा होने से कीड़े जल्दी पनपते हैं खेतों में कीटनाशकों के बावजूद कुछ कीड़े रह जाते हैं पालक और गोभी से कीड़े हटाने के आसान घरेलू तरीके नमक वाले पानी से सफाई एक बड़े बर्तन में गुनगुना पानी लें.  उसमें 1–2 चम्मच नमक डालें.  पालक या गोभी को 10–15 मिनट के लिए इसमें भिगो दें. कीड़े अपने आप बाहर निकल आते हैं. सिरके का पानी एक लीटर पानी में 1 चम्मच सफेद सिरका मिलाएं. सब्ज़ियों को 10 मिनट तक डुबोकर रखें.  फिर साफ पानी से धो लें. हल्दी वाला पानी पानी में आधा चम्मच हल्दी मिलाएं.  पालक या गोभी को 5–10 मिनट डुबोएं. यह बैक्टीरिया और कीड़ों दोनों को हटाने में मदद करता है. बेकिंग सोडा का इस्तेमाल एक लीटर पानी में आधा चम्मच बेकिंग सोडा डालें.  सब्ज़ियों को 10 मिनट भिगोकर रखें.  फिर अच्छे से धो लें. पत्तियों को अलग-अलग धोना गोभी की परतें अलग करें.  पालक की डंडियां हटाकर पत्ते अलग करें.  फिर हर पत्ती को बहते पानी में अच्छी तरह धोएं. यह भी पढ़ें: Spinach Puree: पालक प्युरी बनाते समय याद रखें ये बातें वरना पालक के रेशे कर सकते है पुरी डिश खराब यह भी पढ़ें: Kitchen Tips: गोभी में छिपे कीड़ों से छुटकारा पाने के लिए अपनाएं ये देसी और असरदार तरीके    The post How To Remove Insects From Spinach And Cabbage: अब नहीं मिलेगा एक भी छिपा कीड़ा! अपनाइए पालक और गोभी साफ करने के आसान घरेलू तरीके appeared first on Naya Vichar.

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कंप्यूटर साइंस हो रहा डाउन, 2026 में छा जाएगा ये BTech ब्रांच, IT सेक्टर में बढ़ी डिमांड

Best BTech Branch: पिछले कुछ सालों से BTech Computer Science सबसे ज्यादा चर्चा में रहा है. लेकिन अब हालात तेजी से बदल रहे हैं. 2026 तक आते आते BTech IT यानी Information Technology ब्रांच सबसे ज्यादा डिमांड में मानी जा रही है. IT सेक्टर में हो रहे बदलाव और नई टेक्नोलॉजी की वजह से कंपनियां अब BTech IT स्टूडेंट्स को ज्यादा तवज्जो दे रही हैं. कई एक्सपर्ट्स का मानना है कि आने वाले समय में कंप्यूटर साइंस की तुलना में IT ब्रांच ज्यादा मौके देगी. कंप्यूटर साइंस में बीते कुछ सालों में स्टूडेंट्स की संख्या काफी ज्यादा बढ़ गई है. लगभग हर कॉलेज में CS सीट्स भर चुकी हैं. इसका असर यह हुआ है कि जॉब मार्केट में कंप्यूटर साइंस ग्रेजुएट्स की संख्या जरूरत से ज्यादा हो गई है. वहीं दूसरी तरफ कंपनियों को ऐसे प्रोफेशनल्स चाहिए जो नेटवर्किंग, डेटा मैनेजमेंट, साइबर सिक्योरिटी और क्लाउड सिस्टम को अच्छे से समझते हों. यही वजह है कि अब फोकस धीरे धीरे BTech IT की तरफ शिफ्ट हो रहा है. Best BTech Branch: 2026 में क्यों छाएगी BTech IT 2026 तक डिजिटल इंडिया, AI, क्लाउड कंप्यूटिंग और साइबर सिक्योरिटी जैसे सेक्टर और तेजी से बढ़ने वाले हैं. इन सभी फील्ड्स में BTech IT स्टूडेंट्स की सीधी जरूरत पड़ती है. IT ब्रांच का सिलेबस ज्यादा प्रैक्टिकल और इंडस्ट्री ओरिएंटेड माना जाता है. इसमें स्टूडेंट्स को रियल वर्ल्ड सिस्टम, सर्वर, नेटवर्क और सिक्योरिटी से जुड़ी नॉलेज मिलती है. यही वजह है कि आने वाले समय में IT ब्रांच का क्रेज तेजी से बढ़ने वाला है. BTech IT करने के बाद जॉब BTech IT करने के बाद जॉब के ऑप्शन काफी ज्यादा हैं. IT सेक्टर में Network Engineer, System Analyst, Cyber Security Expert, Cloud Engineer, Data Analyst और IT Consultant जैसे रोल्स मिलते हैं. फ्रेशर्स को भी 4 से 7 लाख रुपये सालाना पैकेज आसानी से मिल रहा है. अगर स्किल्स अच्छे हों तो MNC कंपनियों में इससे ज्यादा सैलरी भी मिल सकती है. आने वाले समय में IT सेक्टर में एक्सपीरियंस के साथ सैलरी तेजी से बढ़ने की पूरी उम्मीद है. VIT वेल्लोर VIT वेल्लोर प्राइवेट कॉलेजों में IT प्लेसमेंट के लिए जाना जाता है. यहां BTech IT के छात्रों को Amazon, Paytm, Walmart, Cisco और Deloitte जैसी कंपनियों ने हायर किया है. फ्रेशर्स को 6 से 8 लाख रुपये सालाना का पैकेज आसानी से मिल जाता है. कुछ छात्रों को 40 लाख रुपये तक का हाई पैकेज भी मिला है. IIT BHU वाराणसी IIT BHU के BTech IT स्टूडेंट्स को हर साल टॉप IT कंपनियां हायर करती हैं. यहां से IT ब्रांच के छात्रों को Microsoft, Amazon, Adobe और Google जैसी कंपनियों से ऑफर मिल चुके हैं. हाल के प्लेसमेंट सीजन में IT ब्रांच का एवरेज पैकेज 20 लाख रुपये सालाना के आसपास रहा. कुछ छात्रों को इंटरनेशनल ऑफर भी मिले हैं. यह भी पढ़ें: IIT को छोड़ा पीछे! इस कॉलेज में 1.20 करोड़ का हाईएस्ट पैकेज, Amazon में मिली जॉब The post कंप्यूटर साइंस हो रहा डाउन, 2026 में छा जाएगा ये BTech ब्रांच, IT सेक्टर में बढ़ी डिमांड appeared first on Naya Vichar.

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I-PAC पर ईडी के छापे के विरोध में सड़क पर उतरीं ममता बनर्जी

Table of Contents 8-बी बस स्टैंड से शुरू हुई ममता बनर्जी की पदयात्रा ईडी की कार्रवाई नेतृत्व से प्रेरित – ममता बनर्जी Mamata Banerjee की विपक्षी दलों ने की आलोचना प्रतीक जैन के घर से जबरन फाइल ले गयीं ममता – ईडी ईडी पर टीएमसी ने लगाये केंद्र के इशारे पर कार्रवाई करने का आरोप ईडी ने दिल्ली और बंगाल में एक साथ 10 ठिकानों पर की छापेमारी आई-पीएसी का फुल फॉर्म क्या है? छापे पर क्या बोलीं ममता बनर्जी? इसे भी पढ़ें Mamata Banerjee News Today: I-PAC पर ईडी के छापे के विरोध में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी सड़क पर उतर गयीं हैं. प्रतीक जैन के घर और आई-पैक के सॉल्ट लेक स्थित कार्यालय पर ईडी की रेड से नाराज ममता बनर्जी ने जादवपुर से पदयात्रा शुरू की. यह पदयात्रा हाजरा में समाप्त होगी. ममता बनर्जी ने रेड के बाद बृहस्पतिवार को ही घोषणा कर दी थी कि वह शुक्रवार को अपने समर्थकों के साथ ईडी के खिलाफ सड़क पर उतरकर प्रदर्शन करेंगी. 8-बी बस स्टैंड से शुरू हुई ममता बनर्जी की पदयात्रा तृणमूल सुप्रीमो ने जादवपुर 8-बी बस स्टैंड से पदयात्रा शुरू की. उनके नेतृत्व में शुरू हुई यह रैली सह पदयात्रा करीब 7 किलोमीटर की दूरी तय करते हुए हाजरा मोड़ पर समाप्त होगी. रैली प्रिंस अनवर शाह मोड़, रासबिहारी मोड़ से हाजरा मोड़ तक जायेगी. वहां मंच तैयार है. हाजरा में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को संबोधित करेंगी. ईडी की कार्रवाई नेतृत्व से प्रेरित – ममता बनर्जी ममता बनर्जी ने ईडी की कार्रवाई को ‘नेतृत्वक रूप से प्रेरित’ बताया है. उन्होंने कहा है कि इसका उद्देश्य पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 से पहले सत्तारूढ़ पार्टी टीएमसी को डराना है. यह घोषणा तब की गयी है, जब गुरुवार को यहां आई-पैक के दफ्तर पर ईडी की छापेमारी के बीच मुख्यमंत्री खुद कोलकाता के पुलिस कमिश्नर और अन्य प्रशासनिक पदाधिकारियों के साथ आई-पैक के ऑफिस पहुंच गयीं थीं. Mamata Banerjee की विपक्षी दलों ने की आलोचना मुख्यमंत्री के इस कदम से प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अधिकारी सन्न रह गये थे. ईडी ने बाद में एक बयान जारी कर कहा था कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने ईडी के प्रशासनी काम को बाधित किया. जिस जगह रेड चल रही थी, वहां से कुछ जरूरी दस्तावेज जबरन लेकर चली गयीं. यह मामला शुक्रवार को कोर्ट पहुंचा. हलांकि, कोर्ट में सुनवाई टल गयी. मुख्यमंत्री के इस कदम की पश्चिम बंगाल के विपक्षी दलों ने आलोचना की. बंगाल की समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें प्रतीक जैन के घर से जबरन फाइल ले गयीं ममता – ईडी दूसरी ओर, आई-पैक के मालिक प्रतीक जैन के घर से हरे रंग की फाइल में दस्तावेज लेकरक निकलीं ममता बनर्जी ने आरोप लगाया था कि केंद्रीय एजेंसी ईडी तृणमूल कांग्रेस के आंतरिक दस्तावेजों, हार्ड डिस्क और उसकी चुनाव रणनीति से जुड़े संवेदनशील डिजिटल डाटा को जब्त करने का प्रयास कर रही है. ईडी पर टीएमसी ने लगाये केंद्र के इशारे पर कार्रवाई करने का आरोप आई-पैक के मालिक के आवास के बाहर मुख्यमंत्री ने ईडी पर केंद्र प्रशासन के इशारे पर राज्य की सत्ताधारी पार्टी को परेशान करने का आरोप लगाया. ममता बनर्जी ने कहा कि बीजेपी लोकतांत्रिक तरीके से चुनाव नहीं जीत पा रही है, तो वह ऐसे हथकंडे अपना रही है. हालांकि, ईडी ने कहा कि उसने यह कार्रवाई अवैध कोयला खनन और कोयला तस्करी मामले में की है. ईडी ने दिल्ली और बंगाल में एक साथ 10 ठिकानों पर की छापेमारी ईडी ने बृहस्पतिवार को पश्चिम बंगाल और नयी दिल्ली में एक साथ 10 ठिकानों पर छापेमारी की थी. पश्चिम बंगाल के कोलकाता और उत्तर 24 परगना समेत 6 जगहों पर प्रवर्तन निदेशालय की टीम ने रेड मारी थी, तो नयी दिल्ली में 4 ठिकानों पर यह रेड हुई थी. ईडी के मुताबिक, मामला कोयला चोरी और तस्करी सरगना अनूप माजी और अवैध लेन-देन से जुड़ा है, तो ममता बनर्जी इसे नेतृत्वक कार्रवाई बता रही हैं. कौन है प्रतीक जैन? प्रतीक जैन ‘इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी’ (आई-पीएसी) के सह-संस्थापक हैं. वह पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ पार्टी तृणमूल कांग्रेस के आईटी प्रकोष्ठ के प्रमुख भी हैं. आई-पीएसी का फुल फॉर्म क्या है? प्रतीक जैन के नेतृत्व वाली फर्म आई-पैक का फुल फॉर्म ‘इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी’ है. आई-पीएसी की स्थापना नेतृत्वक रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव से पहले की थी. इस फर्म ने 2019 के लोकसभा चुनाव के बाद वर्ष 2021 में तृणमूल कांग्रेस और पश्चिम बंगाल प्रशासन के साथ काम किया था. छापे पर क्या बोलीं ममता बनर्जी? ममता बनर्जी ने कहा कि टीएमसी की आंतरिक रणनीति, उम्मीदवारों की सूची और गोपनीय डिजिटल सामग्री तक पहुंचने की कोशिश कर रहा था ईडी. वे हमारी पार्टी की हार्ड डिस्क, रणनीति और योजनाओं को चुराने की कोशिश कर रहे हैं. क्या नेतृत्वक दलों के दस्तावेज एकत्र करना ईडी का काम है? यह कानून लागू करना नहीं, बदले की नेतृत्व है. गृह मंत्री सबसे खराब गृह मंत्री की तरह व्यवहार कर रहे हैं, न कि देश की रक्षा करने वाले व्यक्ति की तरह. इसे भी पढ़ें भाजपा के ‘वार रूम’ से ममता बनर्जी के करीबी तक, ऐसा रहा है झारखंड में जन्मे प्रतीक जैन का सफर कोलकाता में ममता बनर्जी प्रशासन पर बरसे बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा, कहा- भ्रष्टाचार, हिंसा, तुष्टीकरण से बर्बाद हुआ बंगाल बंगाल चुनाव से पहले आई-पैक कार्यालय पर ईडी की रेड पर सीपीएम ने कह दी ये बड़ी बात प्रतीक जैन के घर और कार्यालय पर छापेमारी के बाद ममता बनर्जी ने क्या-क्या कहा, जानें खास बातें The post I-PAC पर ईडी के छापे के विरोध में सड़क पर उतरीं ममता बनर्जी appeared first on Naya Vichar.

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रिलायंस जियो का सबसे महंगा प्रीपेड रिचार्ज: भर-भर कर मिलेंगे डेटा, OTT और क्लाउड बेनिफिट्स

Jio Most Expensive Recharge Pack: हिंदुस्तान की सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी रिलायंस जियो ने 2026 में अपने सबसे महंगे प्रीपेड रिचार्ज प्लान को बरकरार रखा है. ₹3999 का यह वार्षिक पैक यूजर्स को अनलिमिटेड वॉइस कॉलिंग, रोजाना 100 एसएमएस और 2.5GB डेली डेटा देता है. यानी पूरे साल में कुल 912.5GB डेटा. इसके साथ अनलिमिटेड 5G एक्सेस भी शामिल है. लॉन्ग-टर्म ऑप्शंस जियो ने लंबे समय से वार्षिक पैक को प्रीमियम सेगमेंट में रखा है.₹3999 और ₹3599 के पैक ही कंपनी के पास लॉन्ग-टर्म विकल्प हैं. खास बात यह है कि 2026 में इस पैक में कोई नया ऑफर नहीं जोड़ागया. यानी यह वही पुराना पैक है, जिसे कंपनी लगातार हाई-वैल्यू यूजर्स के लिए पेश करती रही है. बिना रुकावट डेटा और कॉलिंग ₹3999 का पैक उन ग्राहकों के लिए है जो सालभर बिना रुकावट डेटा और कॉलिंग चाहते हैं. 2.5GB डेली लिमिट के साथ यूजर्स को OTT सब्सक्रिप्शन भी मिलता है. FanCode, JioTV और JioAICloud जैसी सेवाएं पैक में शामिल हैं. इसके अलावा JioHotstar का तीन महीने का मोबाइल/टीवी सब्सक्रिप्शन और JioHome का दो महीने का फ्री ट्रायल भी दिया जा रहा है. यूजर्स का डिजिटल इकोसिस्टम जियो का यह पैक डेटा और OTT को एक साथ जोड़कर यूजर्स को डिजिटल इकोसिस्टम में बांधने की रणनीति का हिस्सा है. 50GB फ्री JioAICloud स्टोरेज और 18 महीने का Google Gemini Pro सब्सक्रिप्शन कंपनी की टेक-फोकस्ड पॉलिसी को दर्शाता है. यह पैक केवल टेलीकॉम सर्विस नहीं, बल्कि डिजिटल कंटेंट और क्लाउड स्टोरेज को भी प्रमोट करता है. OTT और क्लाउड सर्विसेज टेलीकॉम इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स मानते हैं कि जियो का ₹3999 पैक हाई-ARPU (Average Revenue Per User) ग्राहकों को टारगेट करता है. OTT और क्लाउड सर्विसेज के साथ यह पैक जियो को कंटेंट-ड्रिवन टेलीकॉम ऑपरेटर के रूप में स्थापित करता है. ट्रेंड साफ है-टेलीकॉम कंपनियां अब केवल डेटा नहीं, बल्कि डिजिटल लाइफस्टाइल पैकेज बेच रही हैं. सबसे महंगा और सबसे लंबी वैलिडिटी वाला विकल्प 2026 में जियो ने कोई नया सालाना ऑफर नहीं दिया है, जिससे यूजर्स को उम्मीद थी कि कुछ अतिरिक्त बेनिफिट्समिलेंगे. फिलहाल ₹3999 पैक ही सबसे महंगा और सबसे लंबी वैलिडिटी वाला विकल्प है. आने वाले महीनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि जियो इस पैक में और कौन-सी OTT या टेक सर्विसेज जोड़ता है. ध्यान रहे, ऊपर बताये गए पैक्स में किसी भी वक्त बदलाव संभव है. ऐसे में कोई भी रिचार्ज पैक चुनने से पहले ऑफिशियल वेबसाइट से जरूर कंफर्म कर लें. यह भी पढ़ें: रिलायंस जियो का धमाकेदार ₹2025 प्लान: 2026 में भी जारी है बंपर ऑफर यह भी पढ़ें: 28 या 30 नहीं, पूरे 36 दिन चलेगा Jio का ये सस्ता प्लान, साथ में मिलेंगे कॉलिंग-डेटा और भी कई बेनिफिट्स The post रिलायंस जियो का सबसे महंगा प्रीपेड रिचार्ज: भर-भर कर मिलेंगे डेटा, OTT और क्लाउड बेनिफिट्स appeared first on Naya Vichar.

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Shattila Ekadashi Remedies: षटतिला एकादशी के दिन तिल से करें ये रामबाण उपाय, दूर होंगी बाधाएं

Shattila Ekadashi Remedies: हिंदू पंचांग के अनुसार षटतिला एकादशी माघ मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को मनाई जाती है. इस बार यह पर्व 14 फरवरी को मनाया जाएगा. इस दिन भगवान विष्णु की विशेष पूजा की जाती है और उन्हें तिल अर्पित किए जाते हैं. ज्योतिष शास्त्र में बताया गया है कि तिल में ऐसे गुण होते हैं, जो पापों का नाश करते हैं और जीवन में आने वाली बाधाओं को दूर करते हैं. ऐसे में यदि इस दिन तिल से जुड़े कुछ विशेष ज्योतिषीय उपाय किए जाएं, तो साधक के जीवन पर शुभ प्रभाव पड़ता है और तरक्की के मार्ग खुलते हैं. तिल से जुड़े विशेष उपाय 1. तिल से स्नान करें मान्यता है कि एकादशी के दिन स्नान करते समय पानी में काले तिल मिलाकर नहाने से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और पापों से मुक्ति मिलती है. 2. तिल का दान करें षटतिला एकादशी के दिन ब्राह्मणों और जरूरतमंद लोगों को तिल, तिल से बनी मिठाई या तिल का तेल दान करना शुभ माना जाता है. कहा जाता है कि ऐसा करने से धन संबंधी समस्याएं दूर होती हैं. 3. तिल का दीपक जलाएं षटतिला एकादशी की पूजा के दिन शाम के समय भगवान विष्णु या माता लक्ष्मी के सामने तिल के तेल का दीपक जलाएं. मान्यता है कि इससे घर में सुख-समृद्धि आती है. 4. तिल का सेवन करें यदि आप निर्जला व्रत नहीं कर रही हैं, तो व्रत के दौरान तिल से बने लड्डू या तिलकुट का सेवन कर सकती हैं. इस दिन तिल का सेवन बेहद शुभ माना जाता है, जिससे स्वास्थ्य और ऊर्जा में वृद्धि होती है. 5. तिल से हवन करें यदि आप षटतिला एकादशी के दिन घर पर हवन करने की योजना बना रही हैं, तो हवन के दौरान तिल का प्रयोग अवश्य करें. माना जाता है कि अग्नि में तिल की आहुति देने से ग्रह दोष शांत होते हैं और कार्यों में आ रही रुकावटें दूर होती हैं. 6. तिल का उबटन लगाएं इस दिन स्नान से पहले तिल के दानों का उबटन शरीर पर लगाना चाहिए. इससे रोगों और त्वचा संबंधी परेशानियों से राहत मिलती है. षटतिला एकादशी का महत्व पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, षटतिला एकादशी का व्रत करने से दरिद्रता, रोग, मानसिक तनाव और ग्रह दोष दूर होते हैं. इस दिन तिल का दान, तिल से स्नान और तिल का सेवन अत्यंत पुण्यदायी माना गया है. कहा जाता है कि तिल से किए गए छह प्रकार के कर्मों के कारण ही इस एकादशी को “षटतिला” कहा जाता है. यह भी पढ़ें: Shattila Ekadashi 2026: षटतिला एकादशी का धार्मिक महत्व, तिल दान से कैसे मिलती है विष्णु कृपा Disclaimer: यहां दी गई जानकारी केवल मान्यताओं और परंपरागत जानकारियों पर आधारित है. नया विचार किसी भी तरह की मान्यता या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. The post Shattila Ekadashi Remedies: षटतिला एकादशी के दिन तिल से करें ये रामबाण उपाय, दूर होंगी बाधाएं appeared first on Naya Vichar.

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इक्विटी म्यूचुअल फंड से निवेशकों का डगमगाया भरोसा, गोल्ड ईटीएफ में बढ़ी दिलचस्पी

Equity Mutual Funds: शेयर बाजार की अस्थिरता और ब्याज दरों को लेकर बनी अनिश्चितता के बीच दिसंबर महीने में इक्विटी म्यूचुअल फंड में निवेश की रफ्तार कमजोर पड़ गई. उद्योग निकाय एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (एम्फी) की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, दिसंबर में इक्विटी म्यूचुअल फंड में शुद्ध निवेश मासिक आधार पर 6% घटकर 28,054 करोड़ रुपये रह गया. नवंबर में यह आंकड़ा 29,911 करोड़ रुपये था. हालांकि, गिरावट के बावजूद यह अक्टूबर के 24,690 करोड़ रुपये से अधिक रहा, जो बताता है कि निवेशकों की दिलचस्पी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है. दिलचस्प बात यह है कि इस दौरान निवेशकों की दिलचस्पी गोल्ड ईटीएफ में बढ़ गई. एयूएम में मामूली गिरावट इक्विटी निवेश में नरमी के साथ-साथ म्यूचुअल फंड उद्योग के कुल परिसंपत्ति आधार यानी एसेट अंडर मैनेजमेंट (एयूएम) में भी मामूली गिरावट दर्ज की गई. नवंबर में जहां एयूएम 80.80 लाख करोड़ रुपये था. वहीं, दिसंबर में यह घटकर 80.23 लाख करोड़ रुपये रह गया. यह गिरावट मुख्य रूप से ऋण (डेट) म्यूचुअल फंड योजनाओं से भारी निकासी का नतीजा रही. दिसंबर में पूरे म्यूचुअल फंड उद्योग से 66,591 करोड़ रुपये की शुद्ध निकासी दर्ज की गई, जिसने समग्र आंकड़ों को नकारात्मक क्षेत्र में धकेल दिया. इक्विटी निवेश अभी भी मजबूत अगर पिछले कुछ महीनों के ट्रेंड पर नजर डालें तो साफ होता है कि इक्विटी फंड में निवेश ऊंचे स्तर पर बना हुआ है, लेकिन इसमें लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है. अगस्त में इक्विटी फंड में 33,430 करोड़ रुपये, सितंबर में 30,421 करोड़ रुपये और अक्टूबर में 24,690 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश हुआ था. नवंबर में इसमें फिर तेजी आई और निवेश बढ़कर 29,911 करोड़ रुपये पहुंच गया, लेकिन दिसंबर में इसमें दोबारा नरमी देखने को मिली. विशेषज्ञों का मानना है कि बाजार में वोलैटिलिटी, विदेशी निवेशकों की गतिविधियां और वैश्विक संकेतकों का असर निवेशकों के फैसलों पर पड़ रहा है. फ्लेक्सी-कैप फंड बने निवेशकों की पहली पसंद दिसंबर में भी फ्लेक्सी-कैप फंड निवेशकों की सबसे पसंदीदा कैटेगरी बने रहे. इस श्रेणी में 10,019 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश हुआ, जो नवंबर के 8,135 करोड़ रुपये से काफी अधिक है. यह दर्शाता है कि अनिश्चित बाजार परिस्थितियों में निवेशक ऐसे फंड्स को प्राथमिकता दे रहे हैं, जो अलग-अलग मार्केट कैप में निवेश करने की लचीलापन रखते हैं. फ्लेक्सी-कैप फंड्स में बढ़ता निवेश इस बात का संकेत है कि निवेशक जोखिम को संतुलित करने के साथ बेहतर रिटर्न की तलाश में हैं. मिड-कैप और स्मॉल-कैप में भी बनी रही रुचि फ्लेक्सी-कैप के बाद मिड-कैप फंड में 4,176 करोड़ रुपये, लार्ज एवं मिड-कैप फंड में 4,094 करोड़ रुपये और स्मॉल-कैप फंड में 3,824 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश दर्ज किया गया. इसके अलावा लार्ज-कैप फंड में भी 1,567 करोड़ रुपये का निवेश आया. यह दिखाता है कि निवेशक केवल सुरक्षित बड़े शेयरों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि मध्यम और छोटे आकार की कंपनियों में भी अवसर तलाश रहे हैं. ईएलएसएस और डिविडेंड यील्ड फंड से निकासी हालांकि, सभी इक्विटी श्रेणियों में सकारात्मक रुझान नहीं रहा। दिसंबर में इक्विटी लिंक्ड सेविंग स्कीम (ईएलएसएस) फंड से 718 करोड़ रुपये और डिविडेंड यील्ड फंड से 254 करोड़ रुपये की शुद्ध निकासी दर्ज की गई. टैक्स सेविंग सीजन खत्म होने के बाद ईएलएसएस फंड से निकासी बढ़ना आम तौर पर देखा जाता है, लेकिन यह भी संकेत देता है कि निवेशक फिलहाल लिक्विडिटी बनाए रखने को प्राथमिकता दे रहे हैं. डेट फंड से रिकॉर्ड निकासी ने बिगाड़ी तस्वीर दिसंबर में सबसे बड़ा झटका ऋण म्यूचुअल फंड योजनाओं से लगा. इस दौरान डेट फंड से करीब 1.32 लाख करोड़ रुपये की भारी निकासी हुई, जबकि नवंबर में यह आंकड़ा 25,692 करोड़ रुपये था. यही वजह रही कि इक्विटी और गोल्ड फंड में निवेश आने के बावजूद पूरे उद्योग का कुल प्रवाह नकारात्मक हो गया. माना जा रहा है कि कंपनियों और संस्थागत निवेशकों ने तिमाही समाप्ति के चलते डेट फंड से पैसा निकाला. इसे भी पढ़ें: हिंदुस्तान में तोंद कम करने की दवा की धुआंधार बिक्री, 2025 में मोटा हो गया फार्मा बाजार गोल्ड ईटीएफ की ओर बढ़ा रुझान वहीं, निवेशकों ने सुरक्षित विकल्पों की ओर भी रुख किया. गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (गोल्ड ईटीएफ) में दिसंबर में शुद्ध निवेश बढ़कर 11,647 करोड़ रुपये हो गया, जो नवंबर के 3,742 करोड़ रुपये और अक्टूबर के 7,743 करोड़ रुपये से कहीं अधिक है. यह साफ संकेत है कि वैश्विक अनिश्चितताओं और बाजार जोखिम के बीच निवेशक सोने को एक सुरक्षित निवेश विकल्प के रूप में देख रहे हैं. भाषा इनपुट के साथ इसे भी पढ़ें: आधा हिंदुस्तान नहीं जानता एसआईपी का 12x12x20 फॉर्मूला, जान जाएगा तो बन जाएगा 1 करोड़ का मालिक The post इक्विटी म्यूचुअल फंड से निवेशकों का डगमगाया भरोसा, गोल्ड ईटीएफ में बढ़ी दिलचस्पी appeared first on Naya Vichar.

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Low Calorie Foods in Winter: ठंड में भी रखें वजन कंट्रोल, डाइट में जरूर शामिल करें ये 5 लो कैलोरी फूड

 Low Calorie Foods in Winter: सर्दियों का मौसम अपने साथ ठंड के साथ-साथ ज़्यादा भूख और गरमागरम खाने की चाह भी लेकर आता है. इस मौसम में लोग अक्सर घी, मक्खन और तले-भुने खाने की ओर ज़्यादा आकर्षित हो जाते हैं, जिससे वजन बढ़ने लगता है. लेकिन सही जानकारी और संतुलित आहार के साथ सर्दियों में भी वजन को आसानी से नियंत्रित किया जा सकता है. डायटीशियन मुस्कान कुमारी के अनुसार, सर्दियों में वजन घटाने के लिए ऐसे खाद्य पदार्थों का चयन करना चाहिए जो लो-कैलोरी, फाइबर से भरपूर हों और शरीर को अंदर से गर्म भी रखें. सही लो-कैलोरी फूड्स न केवल भूख को नियंत्रित करते हैं, बल्कि मेटाबॉलिज़्म को तेज करके फैट बर्न करने में भी मदद करते हैं. इस आर्टिकल में लो-कैलोरी फूड के बारे में बात करनेगे जो कि आपको वजन को नियंत्रण में रखने में मदद करेगा.  सर्दियों के लिए बेस्ट लो-कैलोरी फूड्स गाजर गाजर सर्दियों की सबसे बेहतरीन सब्ज़ी है. इसमें फाइबर अधिक और कैलोरी कम होती है. आप सलाद, सूप या हल्की सब्ज़ी के रूप में इसे खाएं. पालक पालक आयरन और फाइबर से भरपूर होती है और वजन घटाने में मदद करती है. पालक सूप या सब्ज़ी सबसे अच्छा विकल्प है. इसे खाने के बाद आपको दिन भर हल्की-फुलकी भूख लगती है.  मूली मूली शरीर को डिटॉक्स करती है और पेट लंबे समय तक भरा रखती है. मूली का सलाद या सब्ज़ी लें. पत्तागोभी (कैबेज) पत्तागोभी लो-कैलोरी होने के साथ पाचन के लिए भी अच्छी होती है.  सूप या सब्ज़ी के रूप में शामिल करें. टमाटर टमाटर में कैलोरी बहुत कम होती है और यह फैट बर्निंग में मदद करता है. टमाटर सूप या सलाद लें. यह भी पढ़ें: Health Tips: क्यों आपको सुबह खाली पेट खाना चाहिए पपीता? फायदे जान गए तो चौंक जाएंगे आप यह भी पढ़ें: Benefits of Papaya: पपीता खाने के फायदे जानकर हो जाएंगे हैरान, जानें किन लोगों को करना चाहिए इसका सेवन The post Low Calorie Foods in Winter: ठंड में भी रखें वजन कंट्रोल, डाइट में जरूर शामिल करें ये 5 लो कैलोरी फूड appeared first on Naya Vichar.

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