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January 11, 2026

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Tu Meri Main Tera Main Tera Tu Meri Lifetime Collection: फ्लॉप हुई कार्तिक आर्यन की फिल्म, मूवी का बजट 90 करोड़, कमाए सिर्फ इतने करोड़

Tu Meri Main Tera Main Tera Tu Meri Lifetime Collection: रोमांटिक कॉमेडी फिल्म ‘तू मेरी मैं तेरा मैं तेरा तू मेरी’ साल 2025 में क्रिसमस के दिन रिलीज हुई थी. कार्तिक आर्यन और अनन्या पांडे की फिल्म को दर्शकों ने पसंद नहीं किया. बॉक्स ऑफिस पर फिल्म को टिकने के लिए काफी मेहनत करनी पड़ी. रिलीज के पहले दिन से ही इसकी कमाई घटती गई. रणवीर सिंह और अक्षय खन्ना की ‘धुरंधर’ ने भी फिल्म की कमाई पर गहरा असर डाला. धर्मा प्रोडक्शंस की मूवी की कमाई अब बंद हो गई है. आइए आपको इसके लाइफटाइम कलेक्शन के बारे में बताते हैं. ‘तू मेरी मैं तेरा मैं तेरा तू मेरी’ का लाइफटाइम कलेक्शन sacnilk के मुताबिक, ‘तू मेरी मैं तेरा मैं तेरा तू मेरी‘ ने हिंदुस्तान में 32.95 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया था. जबकि दुनियाभर में मूवी ने 49.5 करोड़ रुपये की कमाई की. फिल्म का बजट 90 करोड़ रुपये था. फिल्म अपने बजट का भी लागत निकाल नहीं पाई. मूवी बुरी तरह फ्लॉप हो गई. किस ओटीटी पर रिलीज होगी ‘तू मेरी मैं तेरा मैं तेरा तू मेरी’? ‘तू मेरी मैं तेरा मैं तेरा तू मेरी’ किस ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज होगी, इसकी जानकारी सामने नहीं आई है. मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो मूवी फरवरी 2026 की शुरुआत या बीच में ओटीटी पर आ सकती है. कहा जा रहा है कि ये अमेजन प्राइम वीडियो पर रिलीज होगी. हालांकि मेकर्स ने आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा है. डे वाइज कलेक्शन रिपोर्ट तू मेरी मैं तेरा मैं तेरा तू मेरी कलेक्शन डे 1- 7.75 करोड़ रुपये तू मेरी मैं तेरा मैं तेरा तू मेरी कलेक्शन डे 2- 5.25 करोड़ रुपये तू मेरी मैं तेरा मैं तेरा तू मेरी कलेक्शन डे 3- 5.5 करोड़ रुपये तू मेरी मैं तेरा मैं तेरा तू मेरी कलेक्शन डे 4- 5 करोड़ रुपये तू मेरी मैं तेरा मैं तेरा तू मेरी कलेक्शन डे 5- 1.75 करोड़ रुपये तू मेरी मैं तेरा मैं तेरा तू मेरीकलेक्शन डे 6-1.75 करोड़ रुपये तू मेरी मैं तेरा मैं तेरा तू मेरी कलेक्शन डे 7- 1.85 करोड़ रुपये तू मेरी मैं तेरा मैं तेरा तू मेरी कलेक्शन डे 8- 1.3 करोड़ रुपये तू मेरी मैं तेरा मैं तेरा तू मेरी कलेक्शन डे 9- 0.5 करोड़ रुपये तू मेरी मैं तेरा मैं तेरा तू मेरी कलेक्शन डे 10- 0.65 करोड़ रुपये तू मेरी मैं तेरा मैं तेरा तू मेरी कलेक्शन डे 11- 0.7 करोड़ रुपये तू मेरी मैं तेरा मैं तेरा तू मेरी कलेक्शन डे 12- 0.25 करोड़ रुपये तू मेरी मैं तेरा मैं तेरा तू मेरी कलेक्शन डे 13- 0.3 करोड़ रुपये तू मेरी मैं तेरा मैं तेरा तू मेरी कलेक्शन डे 14- 0.2 करोड़ रुपये तू मेरी मैं तेरा मैं तेरा तू मेरी कलेक्शन डे 15- 0.02 करोड़ रुपये टोटल कमाई- 32.95 करोड़ रुपये यह भी पढ़ें- The Raja Saab Box Office Collection Day 3: प्रभास की ‘द राजा साब’ का बॉक्स ऑफिस इम्तिहान, क्या तीसरे दिन फिल्म कर पाएगी 100 करोड़ पार? The post Tu Meri Main Tera Main Tera Tu Meri Lifetime Collection: फ्लॉप हुई कार्तिक आर्यन की फिल्म, मूवी का बजट 90 करोड़, कमाए सिर्फ इतने करोड़ appeared first on Naya Vichar.

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Bihar News: नये लुक में चमकेगा पाटलिपुत्र स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, विश्वस्तरीय रूफिंग से लेकर सिंथेटिक ट्रैक तक होगा बड़ा बदलाव

Bihar News: पटना का पाटलिपुत्र स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स जल्द ही नये रंग-रूप में नजर आएगा. बिहार राज्य स्पोर्ट्स प्राधिकरण ने इसे आधुनिक स्पोर्ट्स सुविधाओं से लैस करने की तैयारी कर ली है. एथलेटिक्स ट्रैक, दर्शक दीर्घा, फुटबॉल ग्राउंड और इनडोर स्टेडियम, हर स्तर पर बड़े बदलाव की योजना है. इसका मकसद खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय अभ्यास माहौल देना और दर्शकों को बेहतर अनुभव उपलब्ध कराना है. दर्शक दीर्घा में होगी विश्वस्तरीय टेंसिल रूफिंग सबसे बड़ा बदलाव स्टेडियम की पश्चिमी दर्शक दीर्घा में देखने को मिलेगा. यहां विश्वस्तरीय टेंसिल रूफिंग लगायी जाएगी, जिसका जिम्मा एक विदेशी कंपनी को सौंपा गया है. अब तक शेड की व्यवस्था न होने के कारण गर्मी और बारिश में दर्शकों को काफी परेशानी होती थी. टेंसिल रूफिंग के बाद लोग हर मौसम में आराम से बैठकर मैच का आनंद ले सकेंगे. यह सुविधा स्टेडियम को आधुनिक पहचान देने के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर के आयोजन के लिए भी तैयार करेगी. वर्ल्ड एथलेटिक स्टैंडर्ड का होगा रनिंग ट्रैक एथलेटिक्स स्टेडियम के रनिंग ट्रैक को पूरी तरह बदला जाएगा. इसे वर्ल्ड एथलेटिक स्टैंडर्ड के अनुसार प्री-फैब्रिकेटेड सिंथेटिक ट्रैक में तब्दील किया जाएगा. इससे खिलाड़ियों को अभ्यास के लिए बेहतर सतह मिलेगी और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की तैयारी में मदद मिलेगी. यह बदलाव बिहार के एथलीट्स के लिए एक बड़ी सौगात माना जा रहा है. फुटबॉल ग्राउंड का होगा कायाकल्प स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में मौजूद फुटबॉल मैदान को भी नया जीवन दिया जाएगा. यहां स्प्रिंकलर सिस्टम के जरिए नेचुरल घास विकसित की जाएगी और मैदान को पूरी तरह समतल किया जाएगा. राजधानी पटना में स्तरीय फुटबॉल ग्राउंड की कमी लंबे समय से महसूस की जा रही थी. इस बदलाव के बाद फुटबॉल खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण और प्रतियोगिता का मंच मिलेगा. इनडोर स्टेडियम से खुलेगा मल्टी-स्पोर्ट्स का रास्ता कॉम्प्लेक्स में नया इनडोर स्टेडियम बनाने का काम भी शुरू हो चुका है. इसके बन जाने से कबड्डी, बास्केटबॉल, बॉक्सिंग, वॉलीबॉल, सेपक टाकरा, कुश्ती और टेबल टेनिस जैसे स्पोर्ट्स अब आधुनिक इनडोर सुविधा के साथ स्पोर्ट्से जा सकेंगे. भवन निर्माण विभाग इस परियोजना को पूरा कर रहा है. इसमें खिलाड़ियों के लिए चेंज रूम, वॉश रूम और कोच रूम जैसी सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध होंगी. बिहार के स्पोर्ट्स भविष्य को मिलेगी नई दिशा बिहार राज्य स्पोर्ट्स प्राधिकरण के महानिदेशक रवींद्रण शंकरण के मुताबिक, यह बदलाव केवल ढांचे का नहीं बल्कि बिहार के स्पोर्ट्स भविष्य को नई दिशा देने का प्रयास है. आधुनिक सुविधाओं से लैस यह कॉम्प्लेक्स आने वाले समय में राज्य के खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाएगा. Also Read: Patna News: गांधी मैदान में एंट्री बंद! 26 जनवरी की भव्य तैयारी शुरू,128 CCTV से होगी गणतंत्र दिवस समारोह की निगरानी The post Bihar News: नये लुक में चमकेगा पाटलिपुत्र स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, विश्वस्तरीय रूफिंग से लेकर सिंथेटिक ट्रैक तक होगा बड़ा बदलाव appeared first on Naya Vichar.

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Shibu Soren Birth Anniversary: जन्मदिन पर लोगों से जुड़ते थे दिशोम गुरु शिबू सोरेन, बांटते थे कंबल

Shibu Soren Birth Anniversary:  (नेमरा से लौट कर सलाउद्दीन ) रामगढ़ जिले के गोला प्रखंड स्थित नेमरा, धोरधोरा और आसपास के गांव के लोग पहली बार ‘बाबा’ की कमी को महसूस करेंगे. दिशोम गुरु शिबू सोरेन को यहां के लोग सम्मान से ‘बाबा’ कह कर ही संबोधित करते रहे हैं. नेमरा में दिशोम गुरु के जन्म की कई यादें में आज भी जिंदा हैं. बीते वर्ष 11 जनवरी को बाबा शिबू सोरेन का जन्मदिन मनाने के लिए नेमरा से परिवार के कई सदस्य रांची गये थे. उस कार्यक्रम में शिबू सोरेन के छोटे भाई स्व शंकर सोरेन की पत्नी दीपमनी सोरेन और बेटी रेखा सोरेन भी शामिल थीं. दीपमनी सोरेन व रेखा सोरेन ने बताया कि इस बार बाबा का जन्मदिन सादगी के साथ मनायेंगे. उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष जन्मदिन के अवसर पर पूरा परिवार एक साथ जुटा था. रेखा सोरेन ने बताया कि बाबा से हुई बातचीत, उनके साथ बिताये गये पल और पुरानी तस्वीरों को देखकर भावुक हो जाती हूं. परिवार के सदस्य और नेमरा के लोग इस वर्ष जन्मदिन के मौके पर बाबा को श्रद्धा के साथ याद करेंगे. जन्मदिन पर लोगों से जुड़ते थे बाबा, बांटते थे कंबल नेमरा गांव प्रकृति की गोद में बसा हुआ है. चंदवा टुंगरी पहाड़ की तराई में स्व शिबू सोरेन का पैतृक आवास स्थित है. एक ओर ढेकाकोचा पहाड़ व दूसरी ओर बाड़ेकोचा पहाड़ की हरियाली गांव की प्राकृतिक सुंदरता को और बढ़ाती है. संथाल बहुल इस गांव में रहनेवाले संथाली परिवारों का कहना है कि स्व शिबू सोरेन की यादें आज भी गांव व लोगों के बीच जीवित हैं. स्व शिबू सोरेन के चचेरे भाई किशोरी सोरेन (70 वर्ष) ने बताया कि जन्मदिन के आसपास जब भी शिबू सोरेन नेमरा गांव आते थे, तो लोगों को बुला कर कंबल बांटते थे. वे कभी यह नहीं कहते थे कि आज मेरा जन्मदिन है. बल्कि पहले लोगों का हालचाल पूछते थे और फिर जरूरतमंदों की मदद करते थे. गांव में किसी शिशु के जन्म की जानकारी मिलने पर संबंधित परिवार को बुला कर सहायता जरूर करते थे. बच्चों को पढ़ाई पर ध्यान देने और नशापान से दूर रहने की सलाह देते थे. किशोरी सोरेन ने बताया कि गोतिया परिवारों के घर अगल-बगल हैं. शिबू सोरेन चाचा से मिलने अक्सर घर आते थे. एक बार अपने जन्मदिन के मौके पर वे नेमरा आये थे. उस वर्ष भी गांव के लोगों के बीच कंबल बांटे गये थे. महाजनी प्रथा व नशापान से दूर रहने का संदेश देते थे. नेमरा गांव के जागरन सोरेन, दिलको सोरेन, बिरजू सोरेन समेत कई संताली लोग आज भी बाबा के सरल स्वभाव और सामाजिक सरोकार को याद कर भावुक हो जाते हैं. जन्मदिन पर बना था खिचड़ी, बंटते थे लड्डू दिशोम गुरु स्व शिबू सोरेन के बचपन के साथी करम मांझी (83 वर्ष) कोरांबे पंचायत के धोरधोरा गांव के निवासी हैं. वे सेवानिवृत्त शिक्षक हैं. धोरधोरा गांव नेमरा से लगभग 10 किलोमीटर दूर है. करम मांझी के घर के चारों ओर आज भी घने जंगल हैं. इन दिनों वे काफी बीमार चल रहे हैं. घर के सबसे बाहर वाले कमरे में खाट पर लेटे करम मांझी को जब उनके बेटे तारकेश्वर मुर्मू ने बताया कि लोग शिबू सोरेन के बारे में बातचीत करने आये हैं, तो वे उठ कर बैठ गये. करम मांझी ने बताया कि बचपन में शिबू सोरेन के साथ पढ़ायी, स्पोर्ट्सकूद, घूमना व महाजनी प्रथा के खिलाफ आंदोलन में वे हमेशा साथ रहे. उन्होंने बताया कि उस दौर में शिबू सोरेन का जन्मदिन हमेशा औराडीह देशवल टांड़ में मनाया जाता था. इस तिथि पर अधिकतर दोस्त वहीं जुटते थे, क्योंकि यह स्थान सभी के लिए नजदीक पड़ता था. वहां भोला बेसरा, स्व अर्जुन मास्टर व भागीरथ महतो समेत कई लोग रहते थे. करम मांझी ने बताया कि जन्मदिन के मौके पर वहीं के दो कारीगर खिचड़ी बनाते थे. कभी-कभी लड्डू भी बांटे जाते थे. खाना-पीना के बाद चाय-पानी होता था. कई बार सभी दोस्त मिलकर स्वयं खाना बनाते थे. कोई दोस्त कॉपी-कलम लेकर आ जाता था. सभी बैठकर विचार-विमर्श करते थे व उसी कॉपी में लिखा-पढ़ी होता था. उन्होंने बताया कि एक बार ऐसा भी हुआ महाजनी प्रथा का आंदोलन चल रहा था. पुलिस से बचने के लिए शिबू सोरेन शाम होते ही धोरधोरा स्थित मेरे घर आ जाया करते थे. जन्मदिन की तिथि पर बस्ती में ही सभी संथाली लोग मिलकर साग-सब्जी का भोजन बनाये थे. वे किसी से घृणा नहीं करते थे. खाने-पीने में जो मिलता, खा लेते थे. जन्मदिन के अवसर पर बस्ती के लोग एक साथ भोजन किये थे. साथ ही आंदोलन पर बातचीत हुई थी. इसके बाद वे जैनामोड़ में रहने लगे थे. इसके बाद भी कई बार धोरधोरा में शिबू का जन्मदिन हमलोग मिलकर मनाया था. The post Shibu Soren Birth Anniversary: जन्मदिन पर लोगों से जुड़ते थे दिशोम गुरु शिबू सोरेन, बांटते थे कंबल appeared first on Naya Vichar.

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IND vs NZ: टीम इंडिया को बड़ा झटका! पहले वनडे से बाहर हुए ऋषभ पंत, अब कौन संभालेगा विकेटकीपिंग? देखें प्लेइंग-11

हिंदुस्तान और न्यूजीलैंड (IND vs NZ) के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज का पहला मुकाबला आज वडोदरा के बीसीए (BCA) स्टेडियम कोटांबी में स्पोर्ट्सा जाना है. लेकिन मैच शुरू होने से ठीक पहले हिंदुस्तानीय फैंस के लिए एक बुरी समाचार सामने आई है. टीम इंडिया के धाकड़ विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत (Rishabh Pant) पहले वनडे से बाहर हो गए हैं. बीसीसीआई (BCCI) सूत्रों और टीम मैनेजमेंट की तरफ से मिल रही जानकारी के मुताबिक, पंत पूरी तरह फिट नहीं हैं और एहतियात के तौर पर उन्हें आज के मैच में आराम दिया गया है. क्यों बाहर हुए ऋषभ पंत? समाचार है कि कल शाम प्रैक्टिस सेशन के दौरान ऋषभ पंत को घुटने में हल्की जकड़न (Niggle) महसूस हुई थी. मेडिकल टीम ने उन्हें रिस्क न लेने की सलाह दी है. उम्मीद है कि वे सीरीज के दूसरे या तीसरे मैच तक पूरी तरह फिट हो जाएंगे. अब कौन करेगा विकेटकीपिंग? ऋषभ पंत के बाहर होने से केएल राहुल (KL Rahul) की भूमिका अब और अहम हो गई है. राहुल, जो पहले से ही मिडिल ऑर्डर में टीम की रीढ़ माने जाते हैं, अब आज के मैच में विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी भी संभालेंगे. राहुल का वनडे रिकॉर्ड नंबर-5 पर बल्लेबाजी करते हुए और विकेट के पीछे शानदार रहा है, इसलिए टीम को संतुलन की ज्यादा चिंता नहीं होगी. किसे मिलेगा प्लेइंग-11 में मौका? पंत के बाहर होने से टीम कॉम्बिनेशन में थोड़ा बदलाव देखने को मिलेगा. चूंकि केएल राहुल कीपिंग करेंगे, इसलिए एक्स्ट्रा विकेटकीपर की जगह टीम एक अतिरिक्त ऑलराउंडर या बल्लेबाज के साथ जा सकती है. इसके साथ ही टीम में पंत की जगह ईशान किशन को मौका मिल सकता है, लेकिन मौजूदा स्थिति में श्रेयस अय्यर और वॉशिंगटन सुंदर मिडिल ऑर्डर को मजबूती देंगे. हिंदुस्तान की फाइनल संभावित प्लेइंग-11:- शुभमन गिल (कप्तान), रोहित शर्मा, विराट कोहली, श्रेयस अय्यर, केएल राहुल (विकेटकीपर), रवींद्र जडेजा, वाशिंगटन सुंदर, नितीश कुमार रेड्डी, कुलदीप यादव, अर्शदीप सिंह, मोहम्मद सिराज. मैच का समय: दोपहर 1:30 बजे (टॉस 1:00 बजे) लाइव प्रसारण: Star Sports Network और JioHotstar ऐप पर. ये भी पढ़ें- IND vs NZ 1st ODI: BCA के मैदान पर चलेगा किसका जादू? जानें पिच रिपोर्ट और मौसम का हाल IND vs NZ: टीम इंडिया को लगा तगडा झटका, न्यूजीलैंड सीरीज से बाहर हुए यह खिलाडी, इस धाकड प्लेयर की एंट्री संभव! WPL 2026: सही समय पर सही फैसले लिए, दिल्ली के खिलाफ जीत के बाद हरमनप्रीत कौर का बड़ा बयान The post IND vs NZ: टीम इंडिया को बड़ा झटका! पहले वनडे से बाहर हुए ऋषभ पंत, अब कौन संभालेगा विकेटकीपिंग? देखें प्लेइंग-11 appeared first on Naya Vichar.

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SIR in Jharkhand: एसआइआर को लेकर आई बड़ी खबर, सीइओ ने दी जानकारी

SIR in Jharkhand: झारखंड के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (सीइओ) के रविकुमार ने बताया कि राज्य में विगत गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) की मतदाता सूची से वर्तमान मतदाता सूची की मैपिंग का कार्य 70 प्रतिशत पूरा हो चुका है. उन्होंने सभी जिलों को निर्देश दिया कि शहरी क्षेत्रों में मैपिंग कार्य प्राथमिकता के साथ पूरा करें. ताकि, आगामी गहन पुनरीक्षण में किसी प्रकार की समस्या न आये. शनिवार को निर्वाचन सदन से आयोजित वर्चुअल समीक्षा बैठक में सभी जिला निर्वाचन पदाधिकारी, इआरओ–एइआरओ और उप निर्वाचन पदाधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा की गयी. सीइओ ने कहा कि मैपिंग की प्रक्रिया तेज करने के लिए प्रशासनी कार्यालयों में कैंप लगाकर अधिकारियों और कर्मियों को प्रशिक्षण दिया जाये. जो मतदाता अन्य राज्यों से आये हैं, उनकी पुराने राज्य की गहन पुनरीक्षित सूची से मैपिंग कर अलग रजिस्टर में शामिल किया जाये. उन्होंने पुनरीक्षण के दौरान सटीक डेटा के लिए एब्सेंट, शिफ्टेड, डेथ और डुप्लीकेट (एएसडीडी) सूची को डिजिटाइज करने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि एक भी पात्र हिंदुस्तानीय मतदाता सूची से वंचित न हो, यही लक्ष्य होना चाहिए. यह भी पढ़ें : SIR in Jharkhand: एसआइआर को लेकर बड़ी समाचार, पूर्व सूची से हटाने के लिए झारखंड में 12 लाख नाम चिह्नित सीइओ ने बताया कि उनके कार्यालय द्वारा बीएलओ की जानकारी वाले स्टीकर जारी किये गये हैं. स्टीकर पर मतदान केंद्र संख्या, बीएलओ का नाम, विधानसभा क्षेत्र और मोबाइल नंबर अंकित होगा. इसे संबंधित क्षेत्रों में लगाया जायेगा. इससे मतदाताओं को अपने बीएलओ तक पहुंचने में आसानी होगी. उन्होंने 1950 टॉल-फ्री नंबर और बुक-ए-कॉल फीचर के व्यापक प्रचार का भी निर्देश दिया. आठ चेक प्वाइंट के आधार पर मैपिंग का निरीक्षण सीइओ ने बताया कि मतदाता सूची की मैपिंग के लिए आठ महत्वपूर्ण चेक प्वाइंट निर्धारित किये गये हैं. निरीक्षण के दौरान इन चेक प्वाइंट को अनिवार्य रूप से ध्यान में रखा जाये. मतदाता पहचान पत्र की गुणवत्ता में सुधार के लिए बीएलओ को मोबाइल से सही ढंग से फोटो लेकर बीएलओ ऐप में अपलोड करने का प्रशिक्षण दिया जायेगा. 28 जनवरी से छह फरवरी के बीच मान्यताप्राप्त नेतृत्वक दलों के बूथ लेवल एजेंट-2 का प्रशिक्षण भी सुनिश्चित करने को कहा गया. जिससे पुनरीक्षण में बेहतर समन्वय बन सके. डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन में तेजी लाने के निर्देश सीइओ ने बताया कि अन्य राज्यों में गहन पुनरीक्षण के दौरान डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन का कार्य जारी है. झारखंड में भी संबंधित दस्तावेजों का सत्यापन उसी दिन सुनिश्चित किया जाये. इसके लिए छुट्टियों में भी रोस्टर ड्यूटी लगायी जाये और फर्जी दस्तावेज पाये जाने पर शीघ्र कार्रवाई के लिए त्वरित रिपोर्ट की जाये. बैठक में बोकारो के उपायुक्त एवं जिला निर्वाचन पदाधिकारी अजय नाथ झा, नोडल पदाधिकारी देवदास दत्ता, उप निर्वाचन पदाधिकारी धीरज ठाकुर, अवर निर्वाचन पदाधिकारी सुनील कुमार सहित सभी जिलों के निर्वाचन अधिकारी ऑनलाइन माध्यम से उपस्थित रहे. The post SIR in Jharkhand: एसआइआर को लेकर आई बड़ी समाचार, सीइओ ने दी जानकारी appeared first on Naya Vichar.

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Naagin 7 Spoiler: शादी के बीच परमीत की गलतफहमी से उजड़ जाएगी अनंता की जिंदगी, खत्म हो जाएगा पूर्वी का परिवार?

Naagin 7 Spoiler: टीवी का फैंटेसी शो ‘नागिन 7’ अब एक ऐसे खतरनाक मोड़ पर पहुंचने वाला है, जहां खुशियों का माहौल पल भर में मातम में बदल जाएगा. अब तक आपने देखा कि शो में पूर्वी की जिंदगी तेजी से बदल रही है, लेकिन उसे अब भी यह अहसास नहीं हुआ है कि वह असल में एक नागिन है. दूसरी तरफ मंत्री की पत्नी के साथ रवीश रंगे हाथों पकड़ा जाता है. अपनी इज्जत और जान बचाने के लिए रवीश का पिता आनन-फानन में उसकी शादी अनंता से तय कर देता है. इस शादी की समाचार सुनकर आर्यमान खुश होता है, लेकिन परमीत के इरादों पर अनंता के पिता को शक होने लगता है.  आर्यमान करेगा प्यार का इजहार? आने वाले एपिसोड में अनंता की मेहंदी की रस्म चल रही होगी. इसी बीच पूर्वी भी मेहंदी लगवाती है और अनजाने में अपने बॉस आर्यमान के ख्यालों में खो जाती है. वह खुली आंखों से सपना देखने लगती है कि आर्यमान ने उससे प्यार का इजहार कर दिया है. आर्यमान के कजिन्स मजाक-मजाक में उसके फोन से पूर्वी को मैसेज भेज देते हैं और लिखते हैं कि आर्यमान उससे प्यार करता है. मैसेज पढ़कर पूर्वी खुश हो जाती है और छत पर जाकर आर्यमान के सामने अपने दिल की बात कह देती है. लेकिन थोड़ी ही देर में आर्यमान सच्चाई बता देता है कि उसके साथ मजाक किया गया है.  खतरे में आई अनंता की जिंदगी इसी बीच घर में आए एक सपेरे को शक हो जाता है कि या तो पूर्वी, या अनंता में से कोई एक नागिन है. वह शादी की रस्मों के बीच बीन बजाने लगता है. बीन की धुन सुनते ही पूर्वी पर नागिन का असर दिखने लगता है और वह सबके सामने अपने असली रूप के करीब पहुंच जाती है. हालांकि दूसरी नागिनें सही वक्त पर पूर्वी को वहां से ले जाती हैं, लेकिन उसकी केंचुली अनंता के हाथ पर लग जाती है. यहीं से परमीत को गलतफहमी हो जाती है कि अनंता ही नागिन है. गुस्से और बदले की आग में जलता परमीत अनंता को खत्म करने का फैसला कर लेता है. पूर्वी के सामने आज उसकी असलियत शादी के मंडप में जब पूर्वी का पिता सबके सामने परमीत की सच्चाई उजागर करता है, तो हालात बेकाबू हो जाते हैं. परमीत और उसके साथी हमला कर देते हैं, जिससे मंडप में चीख-पुकार मच जाती है और कई लोगों की जान चली जाती है. अनंता और उसका बच्चा भी इस हमले का शिकार हो जाते हैं. लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं होती. नागलोक की नागिनें वक्त रहते पूर्वी की जान बचा लेती हैं. इस हादसे के बाद पूर्वी को सच्चाई समझ आ जाती है कि वह सिर्फ एक आम लड़की नहीं, बल्कि एक ताकतवर नागिन है.  ये भी पढ़ें: Kyunki Saas Bhi Kabhi Bahu Thi 2: बापजी के घर तुलसी से माफी मांगेगी उसकी सौतन, उधर नॉयना से दूरी बनाएगा मिहिर The post Naagin 7 Spoiler: शादी के बीच परमीत की गलतफहमी से उजड़ जाएगी अनंता की जिंदगी, खत्म हो जाएगा पूर्वी का परिवार? appeared first on Naya Vichar.

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Makar Sankranti 2026: क्या इस बार मकर संक्रांति के दिन नहीं बनेगी खिचड़ी, जानें सच्चाई

Makar Sankranti 2026: हिंदुस्तान में मकर संक्रांति केवल एक पर्व नहीं, बल्कि सूर्य देव की उपासना, नई फसल के स्वागत और सामाजिक एकता का प्रतीक है. हर वर्ष यह त्योहार सूर्य के मकर राशि में प्रवेश के साथ मनाया जाता है. आमतौर पर मकर संक्रांति 14 या 15 जनवरी को आती है, लेकिन वर्ष 2026 में मकर संक्रांति 14 जनवरी, बुधवार को मनाई जाएगी. हालांकि इस बार मकर संक्रांति पर एक विशेष धार्मिक संयोग बन रहा है, जिसके कारण वर्षों से चली आ रही खिचड़ी खाने की परंपरा पर विराम लग सकता है. क्यों बदला गया खिचड़ी खाने का नियम? वर्ष 2026 में मकर संक्रांति के दिन षटतिला एकादशी का संयोग बन रहा है. एकादशी तिथि का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है. शास्त्रों के अनुसार एकादशी के दिन चावल से बने किसी भी भोजन का सेवन वर्जित माना गया है. चूंकि खिचड़ी का मुख्य घटक चावल होता है, इसलिए इस दिन खिचड़ी न खाने की सलाह दी जा रही है. एकादशी पर चावल से परहेज क्यों? धार्मिक मान्यताओं के अनुसार चावल में जल तत्व की प्रधानता होती है, जिससे मन की चंचलता बढ़ सकती है. वहीं एकादशी व्रत का उद्देश्य मन, शरीर और इंद्रियों पर संयम स्थापित करना होता है. इसी कारण इस दिन हल्का, सात्विक और फलाहार भोजन करने की परंपरा है. ये भी पढ़ें: माघ मेले का दूसरा स्नान इस शुभ दिन, मुहूर्त जानना है जरूरी  मकर संक्रांति पर सूर्यदेव की पूजा का महत्व मकर संक्रांति हिंदू धर्म में सूर्य देव का प्रमुख पर्व है. इस दिन सूर्य मकर राशि में प्रवेश करते हैं और उनकी किरणें स्वास्थ्य, ऊर्जा और समृद्धि का प्रतीक मानी जाती हैं. सूर्य देव की पूजा करने से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है और सभी बाधाओं से मुक्ति मिलती है. मकर संक्रांति 2026 इस बार परंपरा से हटकर है. एक ओर सूर्य उपासना और पर्व का महत्व है, तो दूसरी ओर एकादशी का धार्मिक अनुशासन. ऐसे में श्रद्धा और शास्त्रों के अनुसार आचरण करना ही सर्वोत्तम माना गया है. The post Makar Sankranti 2026: क्या इस बार मकर संक्रांति के दिन नहीं बनेगी खिचड़ी, जानें सच्चाई appeared first on Naya Vichar.

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Bihar News: बिहार में ऑटो और ई-रिक्शा का रूट, ठहराव और कोड डीएम करेंगे तय, जानिए क्या होगा पूरा प्रोसेस

Bihar News: बिहार के ऑटो और ई-रिक्शा चालकों के लिए बड़ी समाचार है. इनके लिए मुख्यालय स्तर पर रूट तय किया जाएगा. इसके बाद किस सड़क पर ऑटों की संख्या कितनी रहेगी और उनका ठहराव कितनी दूरी पर होगा, इसके लिए सभी डीएम की अध्यक्षता में कमेटी बनेगी और प्रमंडलीय आयुक्त इस व्यवस्था की निगरानी करेंगे. परिवहन विभाग ने इस संबंध में राज्य के सभी डीएम और प्रमंडलीय आयुक्त को दिशा-निर्देश भेजा है. ऑटो और ई-रिक्शा को दिए जायेंगे कोड जानकारी के मुताबिक, इस कमेटी में डीएम, नगर आयुक्त, ट्रैफिक और नगर निगम के साथ ही जिला परिवहन पदाधिकारी को भी शामिल किया जाएगा. यह समिति शहर की सड़कों की व्यस्तता के हिसाब से ऑटो और ई-रिक्शा की संख्या तय करेगी कि किस रूट पर कितनी गाड़ियां चले. रूट के हिसाब से ऑटो और ई-रिक्शा को लाल, पीला, नीला, हरा रंग और कोड आवंटित किया जायेगा. इसके अलावा जिस रूट पर गाड़ियों को चलाने की अनुमति दी जायेगी, उसे अनिवार्य रूप से पालन किया जायेगा. ऐसा नहीं होने पर ऑटो और ई-रिक्शा को जब्त किया जायेगा. साथ ही चालकों पर भी कार्रवाई की जायेगी. शहर में जाम लगने की वजह शहरों में लगने वाले जाम को देखते हुए परिवहन सचिव राज कुमार ने संबंधित विभागों के साथ बैठक की थी. जिसमें शहर की सड़कों पर लग रहे जाम के पीछे ऑटो और ई-रिक्शा का अनियंत्रित तरीके से परिचालन को बड़ी वजह माना गया. ई-रिक्शा को परमिट नहीं दिया जाता है. इस कारण चुनिंदा सड़कों पर ई-रिक्शा की भरमार देखने के लिए मिलती है, जबकि परमिट लेने के बावजूद ऑटो चालक उसका पालन नहीं करते. ऑटो चालक लोगों को करेंगे जागरूक जानकारी के मुताबिक, सड़क सुरक्षा को लेकर ऑटो चालक रविवार को लोगों को जागरूक करेंगे. परिवहन विभाग के सड़क सुरक्षा परिषद की तरफ से आयोजित सड़क सुरक्षा महीने के उपलक्ष्य में यह अभियान चलाया जाएगा. ऑटो मेंस यूनियन से जुड़े ऑटो चालक जीपीओ गोलंबर पर दोपहर 11 बजे यह अभियान चलायेंगे. Also Read: Amrit Bharat Express: बनारस-सियालदह अमृत हिंदुस्तान को मंजूरी, इस जिले में होगा स्टॉपेज, हफ्ते में 3 दिन परिचालन The post Bihar News: बिहार में ऑटो और ई-रिक्शा का रूट, ठहराव और कोड डीएम करेंगे तय, जानिए क्या होगा पूरा प्रोसेस appeared first on Naya Vichar.

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Unique Baby Boy Names 2026: अपने प्यारे लाडले के लिए ढूंढ रहे हैं यूनिक नाम, तो यहां देखें बेहतरीन लिस्ट

Unique Baby Boy Names 2026: घर में शिशु का जन्म होते ही नाम चुनना सबसे जरूरी काम हो जाता है. सुंदर नाम आपके शिशु के लिए जीवन का सबसे पहला उपहार होता है. हिंदू संस्कृति में नामों का बहुत गहरा महत्व है. हर माता-पिता अपने शिशु के लिए यूनिक और मीनिंगफुल नाम रखना चाहते हैं क्योंकि भविष्य में यही नाम उनकी पहचान बनती है. आप भी अगर अपने प्यारे लाडले के लिए ऐसे नाम की तलाश में हैं तो हम यहां इसकी लिस्ट लेकर आए हैं. इस लिस्ट में आपके लिए एक से बढ़कर एक नामों को शामिल किया गया है. तो चलिए देखते हैं इस लिस्ट को.   लड़कों के यूनिक नाम आर्यन – कुलीन रियान – छोटा राजा देवांश – दिव्य अंश अद्विक – अनोखा नील – चैंपियन शौर्य – बहादुरी आभरें – प्रकाश लाने वाला आभारों – अनमोल वस्तु का प्रतीक बासु – योद्धा बचित्तर – अद्भुत गुणों वाला व्यक्ति बद्री – भगवान विष्णु बैशाख – नई शुरुआत का प्रतीक बजरंग – शक्ति छायान – चुनना छाबड़ा – पंजाब में एक कबीले का नाम किआन – प्राचीन राजा मीरांश – सागर का एक भाग युगांश – अनंत काल का एक भाग रेयांश – प्रकाश की किरण जीविन – जीवन देना इसे भी पढ़ें: Unique Baby Names 2026: नन्हे फरिश्ते को दें अलग पहचान, यहां देखें यूनिक नामों की लिस्ट आरुष – सूर्य की पहली किरण आरव – शांतिपूर्ण विहान – भोर कबीर – शक्तिशाली ईशान – भगवान शिव तन्मय – लीन विवान – जीवन से भरपूर ध्रुव – अविचल आरिव –  बुद्धि का राजा एकांश – संपूर्ण चक्रेश  – भगवान विष्णु चहल – आनंद मनाना एहतेशाम – शील, शिष्टाचार गोविंद  – भगवान कृष्ण गिरीक – भगवान शिव चंदन – एक सुगंधित वृक्ष चंद्र  – चांद एकाग्र  – फोकस एकबीर – बहादुर गहन  – गहराई गर्वित  – गर्व हिरल  – शोभायमान इलेश  – पृथ्वी का राजा इसे भी पढ़ें: Baby Girl Short Names: अपनी बिटिया रानी के लिए देखिए बेस्ट छोटे नामों की लिस्ट इसे भी पढ़ें: Baby Girl Names: अपनी गुड़िया रानी को दें ये दो अक्षर वाले यूनिक नाम, हर कोई रखेगा याद   The post Unique Baby Boy Names 2026: अपने प्यारे लाडले के लिए ढूंढ रहे हैं यूनिक नाम, तो यहां देखें बेहतरीन लिस्ट appeared first on Naya Vichar.

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Bihar News: मंत्री का आदेश, हाईकोर्ट की रोक… फिर भी पटना की सड़कों पर बेखौफ दौड़ रहीं जुगाड़ गाड़ियां

Bihar News: परिवहन मंत्री श्रवण कुमार के सख्त निर्देश और सुप्रीम कोर्ट के आदेश के आधार पर पटना हाईकोर्ट द्वारा लगाए गए प्रतिबंध के बावजूद राजधानी समेत बिहार के कई जिलों में जुगाड़ गाड़ियों का अवैध संचालन जारी है. आशियाना से दीघा, कंकड़बाग, राजेंद्र नगर, बेली रोड, अशोक राजपथ और पटना सिटी जैसे इलाकों में ये वाहन बेधड़क सड़कों पर दौड़ रहे हैं. हैरानी की बात यह है कि इन्हें रोकने के लिए अब तक न तो पटना डीटीओ और न ही अन्य जिलों के डीटीओ ने कोई ठोस अभियान शुरू किया है. आदेश सख्त, अमल ढीला परिवहन मंत्री ने सभी जिलों के डीटीओ को साफ निर्देश दिया था कि जुगाड़ गाड़ियों के अवैध संचालन पर पूरी तरह रोक लगाई जाए और इसके लिए विशेष अभियान चलाया जाए. यह आदेश पटना हाईकोर्ट के उस फैसले के बाद आया था, जिसमें इन वाहनों को सड़क सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बताया गया था. इसके बावजूद जमीनी सच्चाई यह है कि विभाग के पास यह तक का कोई स्पष्ट ब्योरा नहीं है कि किस जिले में कितनी कार्रवाई हुई. इससे सवाल उठता है कि क्या आदेश केवल औपचारिकता बनकर रह गए हैं. बिना पहचान, बिना सुरक्षा, फिर भी सड़क पर जुगाड़ गाड़ियां असल में ऐसे वाहन हैं जो किसी मानक के अनुसार तैयार नहीं किए जाते. परिवहन अधिकारियों के मुताबिक केंद्रीय मोटर वाहन नियमावली 1989 के नियम 126 के तहत अधिकृत परीक्षण एजेंसियां इनका प्रोटोटाइप प्रमाणपत्र जारी ही नहीं करतीं. इसका सीधा मतलब है कि इनका पंजीकरण, बीमा, परमिट, फिटनेस या प्रदूषण प्रमाणपत्र संभव नहीं होता. बावजूद इसके ये वाहन रोज़ाना सैकड़ों यात्रियों और माल को ढोते हुए शहर की सड़कों पर दौड़ रहे हैं. हादसा हुआ तो न बीमा, न मुआवजा सबसे खतरनाक पहलू यह है कि जुगाड़ गाड़ी से दुर्घटना होने की स्थिति में न तो वाहन मालिक को और न ही पीड़ित को किसी तरह का क्षतिपूर्ति लाभ मिल सकता है. बीमा न होने के कारण पूरा नुकसान आम नागरिक को खुद उठाना पड़ता है. यह स्थिति सड़क पर चल रहे हर व्यक्ति को एक अनजाने जोखिम में डाल देती है. ट्रैफिक जाम और अव्यवस्था की बड़ी वजह इन वाहनों का डिज़ाइन और गति दोनों ही सड़क मानकों के अनुरूप नहीं होते. यही वजह है कि ये अक्सर ट्रैफिक जाम, सड़क दुर्घटनाओं और अव्यवस्था की बड़ी वजह बनते हैं. नियमों की खुलेआम अवहेलना से न सिर्फ विभागीय साख पर सवाल उठता है, बल्कि यह संदेश भी जाता है कि कानून का डर अब सड़क से गायब हो चुका है. कब जागेगा परिवहन विभाग? पटना की सड़कों पर जुगाड़ गाड़ियों की मौजूदगी यह बताने के लिए काफी है कि आदेश और कार्रवाई के बीच गहरी खाई है. जब तक डीटीओ स्तर पर ठोस अभियान, नियमित जांच और सख्त कार्रवाई नहीं होगी, तब तक न तो सड़कें सुरक्षित होंगी और न ही कानून का सम्मान लौटेगा. Also Read:Amrit Bharat Express: बनारस-सियालदह अमृत हिंदुस्तान को मंजूरी, इस जिले में होगा स्टॉपेज, हफ्ते में 3 दिन परिचालन The post Bihar News: मंत्री का आदेश, हाईकोर्ट की रोक… फिर भी पटना की सड़कों पर बेखौफ दौड़ रहीं जुगाड़ गाड़ियां appeared first on Naya Vichar.

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