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January 11, 2026

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‘आमादेर पाड़ा, आमादेर समाधान’ के तहत वर्क ऑर्डर जल्द

संवाददाता, कोलकाता राज्य प्रशासन की ‘आमादेर पाड़ा, आमादेर समाधान’ योजना के तहत कोलकाता में दर्ज नागरिक शिकायतों के समाधान के लिए विभिन्न वार्डों में विकास कार्य शुरू करने का निर्णय लिया गया है. इसके लिए कोलकाता नगर निगम (केएमसी) की ओर से इसी महीने वर्क ऑर्डर जारी किए जायेंगे. यह फैसला हाल ही में नगर निगम में आयोजित एक समीक्षा बैठक में लिया गया. निगम आयुक्त सुमित गुप्ता की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में नगर निगम के सचिव स्वप्न कुमार कुंडू सहित लाइटिंग, सिविल इंजीनियरिंग, ड्रेनेज, कचरा संग्रहण, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट, बस्ती विभाग और अन्य संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे. राज्य प्रशासन द्वारा शुरू किए गए इस अभियान के तहत आम लोगों की जरूरतों और समस्याओं को प्राथमिकता देते हुए शहर के प्रत्येक वार्ड में विकास कार्यों के लिए औसतन 10 लाख रुपये आवंटित किये गये हैं. निगम अधिकारियों ने बताया कि कुछ कार्यों को फरवरी तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है. संबंधित विभागों को टेंडर प्रक्रिया शीघ्र पूरी कर काम शुरू करने का निर्देश भी दिया गया है. अधिकारियों का दावा है कि यदि कार्य योजना के अनुसार आगे बढ़ते हैं, तो शहर के विभिन्न इलाकों में नागरिक परिसेवाओं की गुणवत्ता में जल्द ही उल्लेखनीय सुधार देखने को मिलेगा और ‘आमादेर पाड़ा, आमादेर समाधान’ अभियान के तहत आम लोगों की रोजमर्रा की समस्याओं के स्थायी समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाये जा सकेंगे. नगर निगम को मिले 272 करोड़ रुपये : निगम सूत्रों के अनुसार, इस परियोजना को लागू करने के लिए राज्य प्रशासन पहले ही कोलकाता नगर निगम को कुल 272 करोड़ रुपये जारी कर चुकी है. बैठक में आवंटित राशि का शीघ्र और पारदर्शी तरीके से उपयोग करने तथा तय समयसीमा के भीतर कार्य पूरा करने के स्पष्ट निर्देश दिये गये हैं. साथ ही राज्य विधानसभा चुनाव की घोषणा से पहले अधूरे कार्यों को पूरा करने पर विशेष जोर दिया गया है. इसके लिए विभिन्न विभागों को अलग-अलग समयसीमा निर्धारित कर दी गयी है, ताकि चुनाव से पहले अधिकांश कार्य पूरे किये जा सकें. योजना के तहत जल निकासी व्यवस्था, सड़क मरम्मत, स्ट्रीट लाइट, कचरा प्रबंधन, पेयजल आपूर्ति और बस्ती इलाकों में आधारभूत ढांचे को मजबूत करने पर खास ध्यान दिया जा रहा है. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post ‘आमादेर पाड़ा, आमादेर समाधान’ के तहत वर्क ऑर्डर जल्द appeared first on Naya Vichar.

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मॉनसून पूर्व ड्रेनेज सिस्टम दुरुस्त करने की तैयारी

खालों के जीर्णोद्धार, लिफ्टिंग स्टेशन और लॉक गेट नेटवर्क के विस्तार की योजना संवाददाता, कोलकातापिछले वर्ष मॉनसून के दौरान हुई भारी बारिश से कोलकाता कई बार जलमग्न हो गया था. दुर्गापूजा से ठीक पहले हुई मूसलाधार बारिश ने महानगर की रफ्तार थाम दी थी और कोलकाता नगर निगम का ड्रेनेज सिस्टम पूरी तरह फेल हो गया था. अब इसी अनुभव से सीख लेते हुए निगम के ड्रेनेज और सीवरेज विभाग ने इस साल मॉनसून से पहले जलजमाव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए एक विस्तृत ब्लू प्रिंट तैयार किया है.ड्रेनेज विभाग के अनुसार, इस बार मॉनसून में पिछले साल जैसी स्थिति न बने, इसके लिए शहर की प्रमुख नहरों और खालों के जीर्णोद्धार पर विशेष जोर दिया जा रहा है. कई स्थानों पर वॉटर लिफ्टिंग स्टेशन और लॉक गेट बनाने की योजना है. इसके लिए राज्य सिंचाई विभाग को आवेदन भेजा गया है.आवेदन में उल्लेख किया गया है कि कई खालों में भारी मात्रा में गाद जमा हो जाने से जलधारण क्षमता कम हो गयी है. इसे बढ़ाने के लिए सिल्ट हटाने और खालों की गहराई बढ़ाने की जरूरत है. जिन प्रमुख खालों और नहरों के जीर्णोद्धार की योजना बनायी गयी है, उनमें चोरियल खाल (पुजाली से बजबाज तक), मणिखाली, बेगोर, मणिखाली जंक्शन, शुति कैनाल, गुनियागाछी कैनाल जंक्शन प्वाइंट, घुसिघाटा-विद्याधारी नदी, केष्टोपुर कैनाल, बागजोला पंपिंग स्टेशन, चितपुर लॉक गेट और गुनियागाछी खाल शामिल हैं.निगम अधिकारियों के अनुसार, आदि गंगा और हुगली नदी से जुड़े लॉक गेट को लिफ्टिंग स्टेशन से जोड़ना बेहद जरूरी है. इससे नदी का जलस्तर ऊंचा रहने पर भी पानी को लिफ्ट कर पाइप के माध्यम से दूसरे स्थानों पर निकाला जा सकेगा. हुगली नदी और आदि गंगा के किनारे कुल 27 लॉक गेट हैं, जिनमें से फिलहाल छह स्थानों पर लिफ्टिंग स्टेशन मौजूद हैं. इनमें नीमतला घाट, कैनाल रोड, लक्ष्मी नारायण कॉलोनी, रथतला बाजार, नाकतला और कुदघाट मेट्रो स्टेशन के पास स्थित स्टेशन शामिल हैं. शेष 21 लॉक गेट में से 18 स्थानों पर नए लिफ्टिंग स्टेशन बनाने की आवश्यकता बतायी गयी है.अनवर शाह रोड ड्रेनेज नेटवर्क और बीबी-1 कैनाल पर प्रस्तावित लिफ्टिंग स्टेशन को लेकर कुछ तकनीकी समस्याएं सामने आयी हैं. वहीं, चौबाघा पुलिस स्टेशन लिफ्टिंग स्टेशन का काम कानूनी उलझनों के कारण अब तक शुरू नहीं हो सका है. निगम इन अड़चनों को दूर करने की प्रक्रिया में जुटा है. ड्रेनेज विभाग के अधिकारियों ने बताया कि शहर के सभी पंपिंग स्टेशन, उनसे जुड़ी पाइपलाइन, सीवर, ब्रिक सीवर और सतही ड्रेनों की समग्र जांच की जायेगी. साथ ही गुनियागाछी खाल की जल निकासी क्षमता का भी आकलन किया जायेगा, क्योंकि यह राजपुर सोनारपुर और सोनारपुर ब्लॉक का पानी बाहर निकालती है.निगम अधिकारियों का कहना है कि मेन कैनाल और सब-कैनाल का नवीकरण, सिल्ट हटाने और जल प्रवाह बढ़ाने का काम साल की शुरुआत में शुरू किया जायेगा. हालांकि सभी परियोजनाएं एक साथ शुरू करना संभव नहीं है. जैसे-जैसे फंड स्वीकृत होगा, उसी अनुसार काम आगे बढ़ाया जायेगा. निगम का दावा है कि यदि यह योजनाएं समय पर लागू हो गयीं, तो इस वर्ष कोलकाता को पिछले मॉनसून जैसी भीषण जलजमाव की स्थिति का सामना नहीं करना पड़ेगा. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post मॉनसून पूर्व ड्रेनेज सिस्टम दुरुस्त करने की तैयारी appeared first on Naya Vichar.

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कॉलेज सर्विस कमीशन ने एडेड कॉलेजों से एक फरवरी तक मांगे रिक्विजिशन

असिस्टेंट प्रोफेसर नियुक्ति मामला संवाददाता, कोलकाता पश्चिम बंगाल कॉलेज सर्विस कमीशन (डब्ल्यूबीसीएससी) ने राज्य के सभी प्रशासनी सहायता प्राप्त (एडेड) कॉलेजों से असिस्टेंट प्रोफेसर के स्वीकृत पदों पर रिक्तियों के लिए रिक्विजिशन जमा करने को कहा है. इसे नियुक्ति प्रक्रिया के अगले चरण की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है. कमीशन द्वारा जारी नोटिस में कॉलेजों को एक फरवरी तक निर्धारित फॉर्मेट में रिक्विजिशन जमा करने का निर्देश दिया गया है. रिक्विजिशन में जनरल डिग्री कॉलेजों और टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेजों में सेवानिवृत्ति, इस्तीफा, मृत्यु, बर्खास्तगी अथवा नये पदों के सृजन से उत्पन्न सभी मौजूदा और संभावित रिक्तियों का विवरण शामिल करना अनिवार्य होगा. कमीशन ने यह भी स्पष्ट किया है कि रिक्विजिशन के साथ आरक्षण रोस्टर की प्रमाणित प्रति, रिक्त एवं नवसृजित पदों से संबंधित प्रशासनी आदेश तथा गवर्निंग बॉडी के प्रस्ताव संलग्न करना अनिवार्य होगा. जिन कॉलेजों ने पहले ही रिक्विजिशन जमा कर दी है, उन्हें दोबारा रिक्विजिशन भेजने की आवश्यकता नहीं है. अधिकारियों के अनुसार, स्टेट एलिजिबिलिटी टेस्ट (सेट) के परिणाम घोषित होने के बाद ही नियुक्ति से संबंधित आगे की कार्रवाई की जायेगी. 27वीं सेट परीक्षा 14 दिसंबर, 2025 को आयोजित की गयी थी और मूल्यांकन प्रक्रिया में सामान्यतः कम से कम डेढ़ माह का समय लगने के कारण इसके परिणाम फरवरी के आसपास आने की संभावना है. कमीशन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी नियुक्ति अधिसूचना पर सेट के परिणाम आने के बाद ही विचार किया जायेगा, ताकि नये योग्य उम्मीदवारों को आवेदन का अवसर मिल सके. पूरे नियुक्ति चक्र में लगभग तीन वर्ष तक का समय लग सकता है. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post कॉलेज सर्विस कमीशन ने एडेड कॉलेजों से एक फरवरी तक मांगे रिक्विजिशन appeared first on Naya Vichar.

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पीएम मुद्रा योजना के नाम पर साइबर ठगी, गिरोह के पांच सदस्य गिरफ्तार

कार्रवाई. पूर्व जादवपुर इलाके में छापेमारी कर आरोपियों को दबोचा गया संवाददाता, कोलकाताप्रधानमंत्री मुद्रा योजना के नाम पर फर्जी लोन दिलाने का झांसा देकर साइबर ठगी करने वाले एक संगठित गिरोह के पांच सक्रिय सदस्यों को कोलकाता साइबर थाने की पुलिस ने गिरफ्तार किया है. पुलिस के अनुसार, मामले में पहले से हिरासत में लिये गये कुछ आरोपियों से पूछताछ के आधार पर गत शुक्रवार को पूर्व जादवपुर थाना क्षेत्र के निताई नगर इलाके में स्थित एक इमारत के दूसरे तल में छापेमारी की गयी. इस दौरान गिरोह के पांच सदस्य पकड़े गये, जो पीएम मुद्रा योजना के नाम पर लोगों को ठगी का शिकार बना रहे थे. गिरफ्तार आरोपियों की पहचान आमिर खान (32) बिहार, गया का निवासी; रथिन सीडी (26), मोहम्मद निजामुद्दीन सिद्दीकी (36), विलास शिंदे (44) और मधुसूदन एचआर (31) कर्नाटक के विभिन्न क्षेत्रों के निवासी के रूप में हुई है. छापेमारी के दौरान आरोपियों के पास से आठ एंड्रॉयड मोबाइल और छह की-पैड मोबाइल जब्त किये गये, जिनका इस्तेमाल ठगी के लिए किया जा रहा था. पुलिस को उम्मीद है कि इन मोबाइलों से महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य प्राप्त होंगे. सात जनवरी को दर्ज की गयी थी ठगी की शिकायत ठगी की शिकायत सात जनवरी को कोलकाता पुलिस साइबर थाने में दर्ज की गयी थी. शिकायत में आरोप लगाया गया है कि गिरोह ने सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 66, 66सी, 66डी, 84बी, 43 और हिंदुस्तानीय दंड संहिता (बीएनएस) की धारा 61(2), 319(2), 318(4), 336(2), 336(3), 338 और 340(2) का उल्लंघन किया. पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है और यह पता लगाने में जुटी है कि गिरोह अब तक कितने लोगों को ठगी का शिकार बना चुका है और इसके तार किन-किन राज्यों से जुड़े हैं. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post पीएम मुद्रा योजना के नाम पर साइबर ठगी, गिरोह के पांच सदस्य गिरफ्तार appeared first on Naya Vichar.

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एचएस टीचर्स काउंसलिंग प्रक्रिया माह के अंत तक टली

संवाददाता, कोलकाता एसएससी ने हायर सेकेंडरी (एचएस) लेवल टीचर्स काउंसलिंग प्रक्रिया जनवरी के आखिर तक टाल दी है. यह प्रक्रिया पहले जनवरी के बीच शुरू होने वाली थी. एसएससी के एक अधिकारी ने बताया कि कलकत्ता हाइकोर्ट के निर्देश के बाद आठ जनवरी को आयोजित स्पेशल इंटरव्यू राउंड के कारण देरी हुई. दिसंबर में हाइकोर्ट ने आयोग को उन उम्मीदवारों के लिए अलग इंटरव्यू करने का निर्देश दिया था, जिन्होंने ऑनलाइन आवेदन के दौरान अपनी जाति श्रेणी नहीं बतायी थी और इसलिए पहले इंटरव्यू के लिए नहीं बुलाये गये थे. आदेश के पालन में एसएससी ने ऐसे 48 उम्मीदवारों का इंटरव्यू लिया. अब हायर सेकेंडरी लेवल (क्लास 11 और 12) में रिकमेंडेड उम्मीदवारों के लिए काउंसलिंग प्रक्रिया को अंतिम रूप देने से पहले इस स्पेशल राउंड में सफल उम्मीदवारों के नाम शामिल किये जायेंगे. एसएससी चेयरपर्सन सिद्धार्थ मजूमदार ने कहा कि हमारे पास इस साल 31 अगस्त तक पूरी भर्ती प्रक्रिया को पूरा करने के लिए पर्याप्त समय है डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post एचएस टीचर्स काउंसलिंग प्रक्रिया माह के अंत तक टली appeared first on Naya Vichar.

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कार्यस्थल पर पत्नी का अपमान बन सकती है तलाक की वजह

हाइकोर्ट की टिप्पणी स्त्री डॉक्टर की अपील पर हाइकोर्ट ने पति को तलाक देने का आदेश सुनाया संवाददाता, कोलकाता कलकत्ता हाइकोर्ट ने एक स्त्री डॉक्टर की अपील पर महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए कहा है कि यदि पति कार्यस्थल पर अपनी पत्नी का अपमान करता है, तो इसे मानसिक क्रूरता माना जायेगा और पत्नी इस आधार पर तलाक का अधिकार रखती है. हाइकोर्ट की खंडपीठ जस्टिस सब्यसाची भट्टाचार्य और जस्टिस सुप्रतिम भट्टाचार्य ने यह फैसला सुनाया. मामला पहले फैमिली कोर्ट में गया था, लेकिन अदालत ने स्त्री की याचिका खारिज कर दी थी. इसके बाद स्त्री ने फैसले को हाइकोर्ट में चुनौती दी. स्त्री ने आरोप लगाया कि उसका पति कार्यस्थल पर आकर उसे गालियां देता था और उसके चरित्र के बारे में अफवाहें फैलाता था. हाइकोर्ट ने माना कि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए स्त्री को उसके साथ काम करने वाले लोगों से पूछताछ करने की अनुमति नहीं दी गयी, जिससे वह आरोपों को साबित नहीं कर सकी. अदालत ने इस मामले में तलाक का आदेश दिया. इसके साथ ही स्त्री के पति को उनके नाबालिग बेटे से मिलने का अधिकार दिया गया और शिशु की देखभाल के लिए पूरी देखभाल-संरचना (शेड्यूल) निर्धारित की गयी है. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post कार्यस्थल पर पत्नी का अपमान बन सकती है तलाक की वजह appeared first on Naya Vichar.

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पटाखा फैक्टरी में भीषण विस्फोट, चार घायल

एक की हालत गंभीर, फैक्टरी व आसपास के मकानों को नुकसान संवाददाता, कोलकातादक्षिण 24 परगना जिले के चंपाहाटी इलाके में शनिवार दोपहर एक पटाखा फैक्टरी में जोरदार विस्फोट हो गया. विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि आसपास का इलाका दहल उठा और फैक्टरी का बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया. इस घटना में चार लोग घायल हो गये, जिनमें से एक की हालत गंभीर बतायी जा रही है. घायलों को तत्काल बारुईपुर और कोलकाता के विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया है. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोपहर करीब एक बजे फैक्टरी के भीतर काम चल रहा था, तभी अचानक दो से तीन तेज धमाके हुए. विस्फोट के बाद फैक्टरी का एक हिस्सा ढह गया और एस्बेस्टस की चादरें दूर-दूर तक बिखर गयीं. हादसे में पास के तीन मकानों को भी नुकसान पहुंचा है, जबकि नजदीक स्थित एक पेड़ पूरी तरह जलकर खाक हो गया. धमाके के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गयी और लोग घरों से बाहर निकल आये. घटना की सूचना मिलते ही बारुईपुर थाने की पुलिस मौके पर पहुंची. साथ ही दमकल विभाग के पांच से अधिक इंजन घटनास्थल पर भेजे गये. कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका. पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि घायलों में से तीन की पहचान गौड़ गांगुली, किशन मंडल और राहुल मंडल के रूप में हुई है, जबकि एक अन्य घायल की पहचान अभी नहीं हो पायी है. सभी घायल उसी पटाखा फैक्टरी के श्रमिक बताये जा रहे हैं. पुलिस ने घटनास्थल को घेरकर जांच शुरू कर दी है. प्रारंभिक जांच में फैक्टरी के लाइसेंस और सुरक्षा मानकों को लेकर सवाल खड़े हुए हैं. घटनास्थल से नमूने एकत्र कर उन्हें फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है. इससे पहले दिसंबर 2024 में भी चंपाहाटी इलाके में एक पटाखा फैक्टरी में इसी तरह के विस्फोट की घटना सामने आ चुकी है. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post पटाखा फैक्टरी में भीषण विस्फोट, चार घायल appeared first on Naya Vichar.

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आइ-पैक छापा: इडी पहुंची सुप्रीम कोर्ट कहा- उसके अधिकारों का हनन हुआ

मामले की तत्काल सुनवाई के लिए जांच एजेंसी ने शीर्ष अदालत में दायर की याचिका संवाददाता, कोलकातामहानगर में आइ-पैक के कार्यालय और सह-संस्थापक प्रतीक जैन के आवास पर छापेमारी से जुड़ा मामला अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है. प्रवर्तन निदेशालय (इडी) ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है. सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिका में प्रवर्तन निदेशालय ने कोलकाता में हुए पूरे घटनाक्रम का विस्तार से जिक्र किया है. इडी ने कहा है कि निष्पक्ष जांच करने के एजेंसी के अधिकार को राज्य मशीनरी ने रोक दिया है. इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने सीबीआइ जांच की मांग की है. इससे पहले, इडी ने कलकत्ता हाइकोर्ट का रुख किया था, लेकिन सुनवाई के दौरान अदालत में अराजकता का माहौल पैदा होने के बाद न्यायाधीश ने मामले की सुनवाई को 14 जनवरी तक के लिए टाल दिया. जानकारी के अनुसार, इडी ने सुप्रीम कोर्ट में दर्ज याचिका में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर एजेंसी की कार्रवाई में दखल देने का आरोप लगाया है. इडी ने इससे पहले शुक्रवार को कलकत्ता हाइकोर्ट में भी याचिका दाखिल की थी, जिस पर बुधवार को सुनवाई होगी. इडी ने अदालत का ध्यान इस ओर आकृष्ट कराया था कि उसकी जांच में जानबूझकर रुकावट पैदा की गयी, जिससे उनका काम प्रभावित हुआ. इडी का आरोप है कि प्रतीक जैन के घर पर छापेमारी के दौरान ममता बनर्जी ने पुलिस की मदद से एजेंसी के पास से आपत्तिजनक (अपराध-सिद्ध करने वाले) दस्तावेज अपने कब्जे में ले लिये. साथ ही, एजेंसी ने अदालत में आवेदन दाखिल कर इस संबंध में मामला दर्ज करने की भी अनुमति मांगी. इडी ने अपने आवेदन में कहा है कि सबूतों को मिटाने या दस्तावेजों से छेड़छाड़ को रोकने के लिए अंतरिम आदेश पारित किया जाना चाहिए. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post आइ-पैक छापा: इडी पहुंची सुप्रीम कोर्ट कहा- उसके अधिकारों का हनन हुआ appeared first on Naya Vichar.

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राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दायर किया केविएट, कहा- हमारा पक्ष भी सुनें

संवाददाता, कोलकाता पश्चिम बंगाल प्रशासन ने उच्चतम न्यायालय में एक केविएट दायर कर अनुरोध किया है कि नेतृत्वक परामर्श फर्म आई-पैक के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (इडी) की छापेमारी के सिलसिले में उसका पक्ष सुने बिना कोई आदेश पारित न किया जाये. गौरतलब है कि केविएट एक कानूनी नोटिस है. यह किसी एक पार्टी द्वारा दायर किया जाता है, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि किसी केस में कोई आदेश या निर्णय दिये जाने से पहले उन्हें सुनवाई का मौका दिया जाये. उसका पक्ष सुने बिना कोई प्रतिकूल आदेश पारित न किया जाये. गौरतलब है कि इडी ने गुरुवार को करोड़ों रुपये के कथित कोयला चोरी घोटाले से जुड़े धन शोधन मामले की जांच के तहत कोलकाता में आइ-पैक और उसके निदेशक प्रतीक जैन से जुड़े परिसरों पर छापेमारी की थी. सीएम ममता बनर्जी ने इडी पर अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर कार्रवाई करने का आरोप लगाया है. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post राज्य प्रशासन ने सुप्रीम कोर्ट में दायर किया केविएट, कहा- हमारा पक्ष भी सुनें appeared first on Naya Vichar.

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Darbhanga News: हिंदी राष्ट्रभक्ति की ओर ले जाने वाली भाषा: प्रो. एसके चौधरी

Darbhanga News: दरभंगा. विश्व हिंदी दिवस पर पीजी हिंदी विभाग की ओर से शनिवार को पीजी वाणिज्य विभाग के सभागार में ‘हिंदी का वर्तमान हिंदुस्तानीय संदर्भ और वैश्विक परिप्रेक्ष्य’ विषयक दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी के उद्घाटन के मौके पर कुलपति प्रो. संजय कुमार चौधरी ने कहा कि हिंदी राष्ट्रभक्ति की ओर ले जाने वाली भाषा है. इसके माध्यम से हिंदुस्तान के विभिन्न राज्य आपस में जुड़ते हैं. विगत 34 वर्षों बाद लागू हुई नयी शिक्षा नीति के जरिए अब शिक्षा को हिंदुस्तानीय ज्ञान परंपरा की समृद्ध परंपरा से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है, जिसमें हिन्दी की भूमिका निर्विवाद है. उन्होंने कहा कि हमारा राष्ट्र हिंदी के माध्यम से ही अपनी सर्वश्रेष्ठ स्थिति को प्राप्त कर विश्व गुरु के पथ की ओर अग्रसर हो सकता है. अध्यक्षता करते हुए पूर्व मानविकी संकायाध्यक्ष प्रो. प्रभाकर पाठक ने कहा कि हिन्दी विक्रय की भाषा नहीं बल्कि क्रय की भाषा है. वह व्यापार की भाषा हो सकती है लेकिन उसकी सांस्कृतिक व सामाजिक महत्ता इससे कहीं अधिक ऊंची है. विषय प्रवेश कराते हुए पूर्व मानविकी संकायाध्यक्ष प्रो. चंद्रभानु सिंह ने कहा कि हिंदुस्तान में अंग्रेजी और हिन्दी का जो भाषिक द्वैत है, वह हमारे समाज के वर्गीय चरित्र को दर्शाता है. भले ही कामकाज और अन्य क्षेत्रों में हिन्दी को और आगे बढ़ना है, लेकिन रचनात्मकता के स्तर पर हिन्दी का सम्यक एवं द्रुत विकास हुआ है. प्रो. सिंह ने कहा कि हिन्दी सेवा में प्रवासी व विदेशी मूल के लेखकों का भी अहम योगदान रहा है. उन्हें भी हिन्दी की मुख्यधारा में लाना अपेक्षित है. मुख्य अतिथि रांची विश्वविद्यालय के पूर्व हिन्दी विभागाध्यक्ष प्रो. रविभूषण ने कहा कि वर्तमान समय में हिंदी के समक्ष बड़ी चुनौतियां हैं. हिंदी की समासिकता को समझने के लिए यह देखना दिलचस्प होगा कि इसे राष्ट्रभाषा बनाने की मांग सर्वप्रथम हिंदी एतर भाषी राज्यों जैसे महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल से उठी, लेकिन आज हिन्दी की बोलियां ही हिन्दी से अपना सम्बन्ध तोड़ रही हैं. कई संस्थाओं की स्वायत्तता समाप्त हो रही हैं. इन कारणों की पड़ताल आवश्यक है. अतिथि वक्ता एचसीयू के प्राध्यापक प्रो. चंद्रकांत सिंह ने कहा कि हिन्दी हिंदुस्तानीय समाज की ज्ञानात्मक संवेदना का प्रतिनिधित्व करती है. रामचरितमानस से लेकर उदय प्रकाश, विष्णु खरे आदि की रचनाओं का विश्वभर में अनुवाद यह दर्शाता है कि हिन्दी का प्रभाव वैश्विक ज्ञान-क्षेत्र में बढ़ता जा रहा है. सेमिनार में ऑनलाइन मॉरिशस की हिन्दी साहित्यकार सुरीति रघुनंदन, त्रिभुवन विश्वविद्यालय, नेपाल के साहित्यकार डॉ विनोद कुमार विश्वकर्मा आदि ने भी विचार रखे. मानविकी संकायाध्यक्ष प्रो. मंजू राय ने कहा कि हिन्दी आत्मगौरव की भाषा है. विभागाध्यक्ष प्रो. उमेश कुमार ने कहा कि हिन्दी के स्वरूप में निरंतर बदलाव हो रहा है, जिसे गहराई से समझना वर्तमान समाज को आवश्यक है. संचालन करते हुए डॉ सुरेन्द्र प्रसाद सुमन ने कहा कि हिन्दी अपने लोगों के बल पर पूरी दुनिया में चल रही है. दूसरे सत्र का संचालन डॉ मंजरी खरे तथा धन्यवाद ज्ञापन डॉ महेश प्रसाद सिन्हा ने किया. मौके पर डॉ कमल किशोर वर्मा, डॉ धर्मेन्द्र दास, डॉ गजेन्द्र भारद्वाज, डॉ वीरेन्द्र कुमार दत्ता, डॉ अभिमन्यु कुमार, डॉ दीपक कुमार दास, वाणिज्य विभागाध्यक्ष डॉ राजकुमार साह, डॉ श्याम कुमार, हीरालाल सहनी आदि मौजूद थे. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post Darbhanga News: हिंदी राष्ट्रभक्ति की ओर ले जाने वाली भाषा: प्रो. एसके चौधरी appeared first on Naya Vichar.

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