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January 13, 2026

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Lohri 2026: आज लोहड़ी की रात पवित्र अग्नि में भूलकर भी न डालें ये चीजें, वरना आ सकती है मुसीबत

Lohri 2026: आज मंगलवार को लोहड़ी का त्योहार मनाया जा रहा है. यह पर्व हर साल माघ महीने में मनाया जाता है. लोहड़ी का त्योहार रबी फसल की कटाई और नई फसल के स्वागत के लिए मनाया जाता है. इस दिन विशेष रूप से सूर्य देव और अग्नि देव की पूजा की जाती है. मान्यता है कि लोहड़ी की रात पवित्र अग्नि जलाकर यदि उसमें कुछ खास चीजें अर्पित की जाएं, तो सूर्य देव और अग्नि देव प्रसन्न होते हैं और भक्तों को अच्छी फसल व सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्रदान करते हैं. हालांकि, इस दिन कुछ चीजों को अग्नि में डालना सख्त तौर पर मना माना गया है. लोहड़ी की अग्नि में क्या नहीं डालना चाहिए? पानी  धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पूजा समाप्त हो जाने के बाद कभी भी अग्नि को पानी डालकर नहीं बुझाना चाहिए. इसे शुभ नहीं माना जाता है. लोहड़ी की पवित्र अग्नि को स्वयं धीरे-धीरे बुझने देना चाहिए. गंदगी या कूड़ा लोहड़ी की पवित्र अग्नि में कभी भी गंदगी या कूड़ा नहीं डालना चाहिए. इसे अग्नि का अपमान माना जाता है. मान्यता है कि इससे आर्थिक दिक्कतें और जीवन में नकारात्मकता आ सकती है, साथ ही फसलों पर भी बुरा प्रभाव पड़ सकता है. तामसिक वस्तुएं लोहड़ी की पवित्र अग्नि शुद्धता और पवित्रता का प्रतीक है. इसमें कभी भी तामसिक वस्तुएं नहीं डालनी चाहिए. ऐसा करने से पूजा पर अशुभ प्रभाव पड़ सकता है और जीवन में परेशानियां आ सकती हैं. जूठा सामान माना जाता है कि लोहड़ी के दिन साधक को कभी भी जूठा या उपयोग किया हुआ सामान अग्नि में नहीं डालना चाहिए. इसे अशुभ माना जाता है और इससे घर में तंगी आने की आशंका रहती है. यह भी पढ़ें: Lohri 2026: आज है लोहड़ी, जरूर करें इस कथा का पाठ, वरना पूजा रह जाएगी अधूरी Disclaimer: यहां दी गई जानकारी केवल मान्यताओं और परंपरागत जानकारियों पर आधारित है. नया विचार किसी भी तरह की मान्यता या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. The post Lohri 2026: आज लोहड़ी की रात पवित्र अग्नि में भूलकर भी न डालें ये चीजें, वरना आ सकती है मुसीबत appeared first on Naya Vichar.

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‘मोर्टिशिया एडम्स’, वो लड़की- जिसने खामनेई की फोटो से सिगरेट जलाई और मचा दी खलबली, पूरी क्रांति की सच्चाई खुद बताई

Iran Protest Morticia Addams Girl lit Cigarette with Khamenei Photo: पिछले कुछ दिनों में सोशल मीडिया पर वायरल हुई एक तस्वीर ने ईरान के विरोध प्रदर्शनों को नया चेहरा दे दिया. इस तस्वीर में एक युवती बेखौफ अंदाज में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई के जलते पोस्टर की आग से अपनी सिगरेट जलाती दिखाई दे रही थी. यह तस्वीर देखते ही देखते ईरान में चल रहे जनविद्रोह की प्रतीक बन गई. इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसके बाद कई स्त्रीओं ने इसे दोहराया. यहां तक कि कनाडा के एक एमपी ने भी अपने ऑफिस के बाहर ऐसा ही काम किया. ऐसे में हर कोई जानना चाहता था कि आखिर इतनी निडरता दिखाने वाली यह लड़की कौन है. अब इस रहस्य से पर्दा उठ गया है. खुद उस युवती ने सामने आकर अपनी पहचान सार्वजनिक की है और यह भी बताया है कि उसने यह कदम क्यों उठाया. ‘मोर्टिशिया एडम्स’ के नाम से पहचानी जाने लगी युवती खामेनेई के पोस्टर से सिगरेट सुलगाने वाली इस लड़की ने सोशल मीडिया पर अपनी पहचान ‘मोर्टिशिया एडम्स’ के नाम से बनाई है. जाहिर यह उनकी असली पहचान नहीं है. मोर्टिशिया एडम्स हॉलीवुड की एक मशहूर काल्पनिक किरदार है, जो अपने गॉथिक लुक, बेबाक सोच और बेखौफ रवैये के लिए जानी जाती है. इस नाम का किरदार फिल्मों में अपने मातृसत्तात्मक रूप में दिखाया जाता है. हॉलीवुड की फिल्मों में इसे कई अभिनेत्रियों ने निभाया है. माना जा रहा है कि ईरान की इस युवती ने यह नाम इसलिए चुना, क्योंकि वह भी कट्टरपंथी शासन के सामने बिना डरे खड़ी होना चाहती है. उसकी सोशल मीडिया प्रोफाइल और पोस्ट्स से साफ झलकता है कि वह ईरान की मौजूदा सत्ता व्यवस्था से गहराई से असंतुष्ट है. वह सिर्फ एक तस्वीर तक सीमित नहीं रही, बल्कि लगातार अपने डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए प्रशासन के खिलाफ अपनी नाराजगी और विरोध दर्ज करा रही है. मोर्टिशिया अपने ट्विटर अकाउंट पर खुद को रैडिकल फेमिन्सट बताती हैं. https://t.co/UwONe1S10o pic.twitter.com/PnCtsyMuKA — Morticia Addams 🇮🇷 (@melianouss) January 8, 2026 “वह मेरा नेता नहीं है” सीएनबीसी टीवी-18 को दिए अपनी पहचान उजागर करने के बाद एक इंटरव्यू में ‘मोर्टिशिया’ ने जो बातें कहीं, उन्होंने ईरानी सत्ता प्रतिष्ठान को झकझोर कर रख दिया. उसने साफ शब्दों में कहा कि वह अली खामेनेई को अपना सुप्रीम लीडर नहीं मानती. उसके मुताबिक, उनका उद्देश्य यह संदेश देना था कि भले ही वह भौगोलिक रूप से अपने देश से दूर हों, लेकिन उनका दिल और सोच पूरी तरह ईरान के लोगों के साथ है. उन्होंने कहा कि इस प्रतीकात्मक कदम के जरिए वह पूरी दुनिया का ध्यान ईरान में हो रहे कथित अत्याचारों की ओर खींचना चाहती थीं. तानाशाह है खामनेई, स्त्रीएं पाबंदियों में जी रहीं उन्होंने कहा कि वह और उसके जैसे लाखों युवा उन्हें एक तानाशाह के तौर पर देखते हैं. मोर्टिशिया ने कहा कि सिगरेट जलाने की वह तस्वीर सिर्फ स्टाइल या दिखावे का मामला नहीं थी, बल्कि दशकों से जारी दमन और दबाव के खिलाफ एक प्रतीकात्मक विद्रोह थी. उसके शब्दों में, “वह आग सिर्फ पोस्टर में नहीं लगी थी, बल्कि ईरान के उन युवाओं के दिलों में भी जल रही है, जो अब आजादी चाहते हैं.” उन्होंने यह भी कहा कि ईरान में स्त्रीओं पर अत्यधिक पाबंदियां हैं और अगर उन्हें थोड़ी-सी आजादी मिले, तो दुनिया देख सकती है कि वे किन हालात में जीने को मजबूर हैं. वायरल वीडियो कनाडा का, ईरान का नहीं आपको बता दें कि हाल के दिनों में उनका जो वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वे खामेनेई की फोटो से सिगरेट जला रही हैं, वह इस प्रदर्शन का नहीं है. उन्होंने कहा कि वे ईरान की स्त्रीओं और उस समाज में आजादी पाने के लिए लड़ रहे लोगों के लिए आवाज बनने का प्रयास कर रही हैं. उनका यह वीडियो कनाडा के रिचमंड में शूट किया गया था. इस वीडियो को ईरान में नहीं शूट किया गया था. लेकिन, वह अपने लोगों के लिए सभी प्रयास कर रही हैं. उन्होंने टीवी 18 को दिए गए इंटरव्यू में कहा कि वे अपनी मां ईरान से माफी मांगना चाहती हैं, क्योंकि वे इस समय उनके साथ नहीं खड़ी हैं. प्रदर्शनों में भाग नहीं ले पा रही हैं.  How about the video pic.twitter.com/A5L6JO22mq — Morticia Addams 🇮🇷 (@melianouss) January 9, 2026 फिलहाल ईरान में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन जारी हैं. प्रदर्शनकारी सीधे तौर पर अयातुल्लाह अली खामेनेई के इस्तीफे और इस्लामी गणराज्य के अंत की मांग कर रहे हैं. ऐसे माहौल में मोर्टिशिया की यह तस्वीर महज एक वायरल इमेज नहीं रही, बल्कि वह उस पल का प्रतीक बन गई है, जब ईरान की एक युवती ने सत्ता के सामने डटकर कहा- अब और नहीं. हिजाब को लेकर अनुभव साझा मोर्टेशिया ने अपने इंटरव्यू में हिजाब को लेकर अपनी नाराजगी भी जाहिर की. उन्होंने बताया कि एक बार ईरानी पुलिस उनके घर पहुंची थी. उनके पिता ने दरवाजा खोला तो उन्हें धक्का देकर गिरा दिया गया और इसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया. कुछ समय बाद रिहा होने के बाद उन्होंने ईरान छोड़ने का फैसला किया. पहले वह तुर्की गईं और फिर वहां से उन्हें कनाडा का वीजा मिल गया. उन्हें 2019 में गिरफ्तार किया गया था, जिसके बाद वे ईरान छोड़कर चली गईं. फिलहाल वे कनाडा में ही रह रही हैं.  वहीं ईरान में ताजा विरोध प्रदर्शन 28 दिसंबर से शुरू हुए. यह महंगाई और आर्थिक मुद्दों को लेकर शुरू हुआ था, धीरे धीरे पूरे देश में अन्य मुद्दों के साथ फैलता गया. ईरान ने इस जन विद्रोह को दबाने के लिए क्रूर दमन का सहारा लिया. अब तक देश में लगभग 600 लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है, जबकि 10,600 लोगों की गिरफ्तारी भी हुई है. ईरान में इंटरनेट बंद होने से डिजिटल ब्लैकआउट जैसी स्थिति भी बनी हुई है, जिससे देश का संपर्क बाहरी दुनिया से लगभग कट गया है. ऐसे में विदेशों में रह रहे ईरानी नागरिक सोशल मीडिया के जरिए दुनिया को अपने देश की स्थिति से अवगत करा रहे हैं. ये भी पढ़ें:- ईरान के साथ व्यापार करने वाले पर लगेगा 25% टैरिफ, डोनाल्ड ट्रंप ने दी धमकी, BRICS पर पड़ेगा भारी असर तुरंत

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Dharmendra की मौत के बाद हेमा मालिनी ने खोला सनी‑बॉबी देओल से अपने रिश्ते का राज, बताया- ‘इक्कीस’ ना देखने की वजह

24 नवंबर 2025 को बॉलीवुड के ‘ही-मैन’ धर्मेंद्र का निधन हो गया था. उनके निधन पर पूरा देश और हिंदुस्तानीय फिल्म इंडस्ट्री गहरे सदमे में डूब गई थी. धर्मेंद्र के बेटों सनी देओल और बॉबी देओल ने उनके लिए एक प्रेयर मीट रखा था, जिसमें धरम पाजी की पत्नी हेमा मालिनी शामिल नहीं हुई थी. एक्ट्रेस ने अपने घर पर गीता पाठ उस दिन करवाया था और दो हफ्ते बाद दिल्ली में एक प्रेयर मीट रखा था. इसमें उनकी दोनों बेटियां ईशा देओल और अहाना देओल शामिल हुई थी. इन घटनाओं को लेकर सोशल मीडिया पर यूजर्स कई तरह के कयास लगना लगे कि दोनों परिवार के बीच अभी भी परेशानियां चल रही. अब इन कयासों पर एक्ट्रेस ने अपनी प्रतिक्रिया दी है. सनी देओल और बॉबी देओल संग अपने रिश्ते पर क्या बोलीं हेमा मालिनी? इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए हेमा मालिनी ने सनी देओल और बॉबी देओल संग अपने बॉन्ड को लेकर कहा, “यह हमेशा से बहुत अच्छा और दोस्ताना रहा है. आज भी यह बहुत अच्छा है. मुझे नहीं पता कि लोग क्यों सोचते हैं कि हमारे बीच कुछ गलत है. ऐसा इसलिए है क्योंकि लोग गॉसिप चाहते हैं. मुझे उन्हें जवाब क्यों देना चाहिए? क्या मेरे लिए सफाई देना जरूरी है? मैं क्यों दूं? यह मेरी जिंदगी है. मेरी पर्सनल जिंदगी, हमारी पर्सनल जिंदगी. हम बिल्कुल खुश हैं और एक-दूसरे के बहुत करीब हैं. मुझे इस बारे में और कुछ नहीं कहना है. मुझे नहीं पता कि लोग क्या कहानियां बना रहे हैं. यह बहुत दुख की बात है कि लोग कुछ आर्टिकल लिखने के लिए दूसरों के दुख का इस्तेमाल करते हैं. इसीलिए मैं जवाब नहीं देती.” इस वजह से फिल्म इक्कीस नहीं देख पाई हेमा मालिनी इस इंटरव्यू में जब हेमा मालिनी से पूछा गया कि क्या उन्होंने अपने पति और दिग्गज एक्टर धर्मेंद्र की आखिरी फिल्म इक्कीस देखी. इसपर एक्ट्रेस ने जवाब दिया, “मैं मथुरा आई थी, जब ये फिल्म रिलीज हुई. यहां मुझे अपना काम करना है. मैं अभी ये फिल्म नहीं दे सकती क्योंकि यह बहुत ज्यादा इमोशनल होगा. मेरी बेटियां भी यही कह रही है. इसलिए मैं इसे बाद में देखूंगी जब मेरे जख्म भर जाएंगे. ” यह भी पढ़ें– Ikkis Review: फिल्म ‘इक्कीस’ का ‘गदर’ डायरेक्टर ने किया रिव्यू, कहा- धरम जी को नम आंखों से देखा The post Dharmendra की मौत के बाद हेमा मालिनी ने खोला सनी‑बॉबी देओल से अपने रिश्ते का राज, बताया- ‘इक्कीस’ ना देखने की वजह appeared first on Naya Vichar.

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Kite Manjha Buying Tips for Makar Sankranti: मकर संक्रांति पर पतंग और मांझा खरीदते समय याद रखें ये 7 जरूरी टिप्स

Kite Manjha Buying Tips for Makar Sankranti: मकर संक्रांति पर पतंग उड़ाने की परंपरा हिंदुस्तान में बहुत पुरानी है. इस दिन छतों पर बच्चों से लेकर बड़ों तक, सभी मिलकर रंग-बिरंगी पतंगों के साथ त्योहार का आनंद लेते हैं. लेकिन आजकल बाजार में मिलने वाली कुछ पतंगें और मांझा न सिर्फ खतरनाक होते हैं, बल्कि पक्षियों, लोगों और पर्यावरण के लिए भी नुकसानदायक साबित हो रहे हैं. इसलिए जरूरी है कि पतंग खरीदते समय कुछ महत्वपूर्ण बातों का ध्यान रखा जाए, ताकि त्योहार खुशियों के साथ-साथ सुरक्षित भी रहे. Kite Manjha Buying Tips for Makar Sankranti: मकर संक्रांति पर पतंग खरीदते समय रखें किन बातों का ध्यान रखें? Kite manjha buying tips for makar sankranti 1. इको-फ्रेंडली पतंग चुनें कागज और बांस से बनी पतंगें पर्यावरण के लिए सुरक्षित होती हैं. प्लास्टिक या सिंथेटिक मटीरियल से बनी पतंगों को खरीदने से बचें. 2. चाइनीज मांझे से पूरी तरह बचें कांच मिला हुआ चाइनीज मांझा बेहद खतरनाक होता है. यह त्वचा, नसों और पक्षियों के लिए जानलेवा हो सकता है. हमेशा सूती (कॉटन) मांझा ही खरीदें. 3. बच्चों के लिए हल्की और छोटी पतंग लें बच्चों के लिए हल्की और छोटी साइज की पतंग सुरक्षित रहती है, जिससे हादसे की संभावना कम होती है. याद रखें शिशुं के साथ कोई ना कोई बड़ा व्यक्ति जरूर मौजूद रहें. 4. मजबूत लेकिन सुरक्षित डोर चुनें बहुत ज्यादा मजबूत मांझा नियंत्रण से बाहर जा सकता है. मध्यम मोटाई वाला सूती मांझा बेहतर विकल्प है. 5. स्थानीय दुकानदारों से खरीदारी करें लोकल मार्केट से खरीदी गई पतंगें अक्सर सुरक्षित और सस्ती होती हैं, साथ ही इससे स्थानीय कारीगरों को भी समर्थन मिलता है. 6. चमकीले लेकिन सुरक्षित रंगों वाली पतंग लें बहुत केमिकल वाले रंग त्वचा और आंखों को नुकसान पहुंचा सकते हैं. हल्के और नेचुरल रंग बेहतर होते हैं. 7. पैकेट पर सेफ्टी जानकारी जरूर पढ़ें अगर पतंग या मांझे के पैकेट पर सेफ्टी गाइडलाइंस दी हों तो उन्हें जरूर पढ़ें और उसी अनुसार इस्तेमाल करें. मकर संक्रांति खुशियों, आपसी मेल-जोल और परंपराओं का त्योहार है. थोड़ी सी समझदारी से हम इस दिन को और भी सुरक्षित और यादगार बना सकते हैं. सही पतंग और सुरक्षित मांझे का चुनाव करके न सिर्फ खुद को बल्कि दूसरों और पक्षियों को भी सुरक्षित रखें. इस संक्रांति, जिम्मेदार नागरिक बनकर पतंग उड़ाएं और त्योहार का पूरा आनंद लें. Also Read: Matar Gujiya Recipe: मकर संक्रांति और लोहड़ी पर बनाएं हरे ताजे मटर से नमकीन मटर गुझिया, सबको पसंद आएगा ये Yummy Twist Also Read: Til Anarsa Recipe: मकर संक्रांति 2026 स्पेशल तिल अनारसा की पारंपरिक रेसिपी जो मिठास से भर दे त्योहार The post Kite Manjha Buying Tips for Makar Sankranti: मकर संक्रांति पर पतंग और मांझा खरीदते समय याद रखें ये 7 जरूरी टिप्स appeared first on Naya Vichar.

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Mushroom Tikka Masala Recipe: होटल जैसा स्वाद पाएं घर पर, बनाएं मसालेदार और क्रीमी मशरूम टिक्का मसाला

Mushroom Tikka Masala Recipe: अगर आप होटल जैसा स्वाद घर पर ही पाना चाहते हैं, तो मशरूम टिक्का मसाला एक बेहतरीन रेसिपी है. यह डिश मसालेदार होने के साथ-साथ क्रीमी और बेहद स्वादिष्ट होती है. मशरूम की सॉफ्ट टेक्सचर और खुशबूदार मसालें इसे खास बना देता है. लंच या डिनर में रोटी, नान या चावल के साथ यह सब्जी सबको पसंद आती है. अगर आप कुछ अलग और रिच स्वाद ट्राई करना चाहते हैं, तो यह मशरूम टिक्का मसाला रेसिपी जरूर बनाएं. Mushroom Tikka Masala Recipe मशरूम टिक्का बनाने के लिए किन किन चीजों की जरूरत है? मशरूम (बटन / ब्राउन) – 300 ग्रामगाढ़ा दही (छना हुआ) – 2 टेबलस्पूनभुना बेसन – 1 टेबलस्पूनकसूरी मेथी (भुनी और कुटी हुई) – 1 टेबलस्पूनगरम मसाला – 2–2 टीस्पूनसरसों का तेल – 1 टेबलस्पूनहल्दी पाउडर – 1 टीस्पूनलाल मिर्च पाउडर – 1 टीस्पूननींबू का रस – 1 टीस्पूनचाट मसाला – 1 टेबलस्पून मशरूम टिक्का मसाला बनाने के लिए किन किन चीजों की जरूरत है? प्याज (मोटा कटा हुआ) – 1 कपटमाटर (मोटा कटा हुआ) – 2 कपअदरक (मोटा कटा हुआ) – 1/2 इंचलहसुन – 3–4 कलियांहरी मिर्च – 2–3काजू – 1/4 कपतेज पत्ता – 1शाही जीरा – 1 टीस्पूनगरम मसाला – 1 टेबलस्पूनलाल मिर्च पाउडर (रंग के लिए) – 1 टेबलस्पूनकसूरी मेथी (भुनी और कुटी हुई) – 1 टेबलस्पूनहरा धनिया (कटा हुआ) – 2 टेबलस्पूनसरसों का तेल – 2 टेबलस्पूननमक – स्वाद अनुसार मशरुम टिक्का कैसे बनाएं? मशरूम टिक्का बनाने के लिए सबसे पहले एक बाउल में टिक्का की सारी सामग्री डालें और उसे अच्छे से मिलाएं ताकि मिश्रण बिल्कुल चिकना और बिना गुठली का हो जाए. फिर साफ किए हुए मशरूम इस मिश्रण में डालें और उन्हें अच्छी तरह मसाले से कोट करें. इसके बाद मशरूम को 5 से 7 मिनट के लिए रख दें.अब मीडियम आंच पर कढ़ाही रखें और उसमें 2 टेबलस्पून सरसों का तेल गरम करें. जब तेल अच्छी तरह गरम हो जाए तो मेरिनेट किए हुए मशरूम कढ़ाही में डालें. मशरूम को पलट-पलट कर चारों तरफ से ब्राउन होने तक पकाएं. पकने के बाद मशरूम को एक अलग बाउल में निकाल लें. अब इनके ऊपर 1 से 2 छोटी चम्मच नमक डाल दें. मशरूम टिक्का मसाला कैसे बनाएं? इसके बाद उसी कढ़ाही को फिर से मीडियम आंच पर रखें और उसमें तेज पत्ता और जीरा डालें. इसके बाद कटा हुआ प्याज, टमाटर, हरी मिर्च, काजू, अदरक और लहसुन डालें. अब इसमें 1 कप गरम पानी डालें. कढ़ाही को ढक दें और तब तक पकाएं जब तक प्याज और टमाटर पूरी तरह नरम न हो जाएं.अब इस मिश्रण को छानकर एक बाउल में निकाल लें और ठंडा होने दें. जो पानी बचा है उसे अलग रख लें क्योंकि बाद में इसकी जरूरत पड़ेगी. जब मिश्रण ठंडा हो जाए तो उसमें से तेज पत्ता निकाल दें. बाकी सारी सामग्री को बिना पानी डाले मिक्सर में डालकर बारीक पेस्ट बना लें.अब उसी कढ़ाही को दोबारा गरम करें और उसमें तैयार किया हुआ पेस्ट डालें. इसके बाद इसमें कसूरी मेथी, गरम मसाला, नमक और लाल मिर्च पाउडर डालें. सभी चीजों को अच्छे से मिलाएं और धीमी आंच पर 5 से 7 मिनट तक पकाएं. अगर ग्रेवी ज्यादा गाढ़ी लगे तो उसमें रखा हुआ पानी थोड़ा-थोड़ा डालें.अब तैयार किए हुए मशरूम टिक्का को मसाले में डालें. टिक्का को मसाले में हल्के हाथ से मिलाएं ताकि वे टूटें नहीं. अब इसे 5 मिनट तक धीमी आंच पर पकने दें. गैस बंद करें और ऊपर से कटा हुआ हरा धनिया डालें. इसे बटर नान के साथ गरमागरम परोसें और होटल वाला स्वाद घर पर एन्जॉय करें. The post Mushroom Tikka Masala Recipe: होटल जैसा स्वाद पाएं घर पर, बनाएं मसालेदार और क्रीमी मशरूम टिक्का मसाला appeared first on Naya Vichar.

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Lohri 2026: आज है लोहड़ी जरूर करें इस कथा का पाठ, वरना पूजा रह जाएगी अधूरी

Lohri 2026: आज यानी 13 जनवरी 2026, मंगलवार को लोहड़ी का पावन पर्व मनाया जा रहा है. यह त्योहार मुख्य रूप से हिंदुस्तान के पंजाब और हरियाणा राज्यों में मनाया जाता है. लोहड़ी मकर संक्रांति से एक दिन पहले मनाई जाती है. यह पर्व खास तौर पर किसान अच्छी फसल के लिए सूर्य देव और अग्नि देव को धन्यवाद देने तथा आने वाले वर्ष में अच्छी पैदावार की कामना के लिए मनाते हैं. लोहड़ी को शीत ऋतु की समाप्ति और बसंत ऋतु के आगमन का प्रतीक भी माना जाता है. इस दिन विशेष रूप से रात के समय पवित्र अग्नि जलाई जाती है, जिसमें गुड़, तिल, मूंगफली, रेवड़ी और अन्य सामग्री अर्पित की जाती है तथा लोककथाओं का पाठ किया जाता है. लोहड़ी से जुड़ी प्रसिद्ध लोककथा लोहड़ी की कथा दुल्ला भट्टी से जुड़ी हुई है. दुल्ला भट्टी पंजाब के लोकनायक थे, जो मुगल काल में अन्याय और अत्याचार के खिलाफ खड़े हुए थे. वे गरीबों की मदद करते थे और स्त्रीओं की रक्षा के लिए हमेशा आगे रहते थे, इसलिए लोग उन्हें बहुत सम्मान देते थे. कथा के अनुसार, सुंदरदास नाम का एक गरीब किसान था, जिसकी दो बेटियां सुंदरी और मुंदरी थीं. गांव का नंबरदार सुंदरदास पर दबाव डाल रहा था कि वह अपनी बेटियों की शादी उससे कर दे, लेकिन यह बात सुंदरदास को स्वीकार नहीं थी. वह अपनी बेटियों की शादी कहीं और करना चाहता था. इसलिए सुंदरदास ने अपनी पूरी व्यथा जाकर दुल्ला भट्टी को बताई.  दुल्ला भट्टी ने नंबरदार को उसके गलत कामों की सजा दी और सुंदरी व मुंदरी की शादी उनकी इच्छा के अनुसार करवाई. विदाई के समय दुल्ला भट्टी के पास देने के लिए अधिक कुछ नहीं था, ऐसे में उन्होंने दोनों नवविवाहिताओं को एक सेर शक्कर देकर विदा किया. यह भी पढ़ें: Happy Lohri 2026 Wishes: अग्नि की परिक्रमा संग आए उजाला … यहां से भेजें लोहड़ी दियां लख-लख वधाइयां Disclaimer: यहां दी गई जानकारी केवल मान्यताओं और परंपरागत जानकारियों पर आधारित है. नया विचार किसी भी तरह की मान्यता या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. The post Lohri 2026: आज है लोहड़ी जरूर करें इस कथा का पाठ, वरना पूजा रह जाएगी अधूरी appeared first on Naya Vichar.

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लो देखो वीडियो, देवेंद्र फडणवीस ने जारी किया वीडियो, जानें आखिर कैसे 20 साल बाद साथ आए राज और उद्धव ठाकरे

Maharashtra Politics : लाव रे तो व्हिडीओ…वीडियो जो जारी किया गया इसमें राज और उद्धव एक दूसरे को निशाना बनाते दिख रहे हैं.  फडणवीस ने दोनों के पुराने झगड़ों के वीडियो को दिखाते हुए कहा कि अब एकजुट हुए ठाकरे चचेरे भाई मराठी लोगों के लिए नहीं, बल्कि अपनी नेतृत्वक बची-खुची साख बचाने में जुटे हैं. अस्तित्व बचाने की लड़ाई दोनों लड़ रहे हैं. फडणवीस ने कहा कि 15 जनवरी को होने वाला मुंबई नगर निकाय चुनाव जनता के हित से ज्यादा इन दोनों के नेतृत्वक भविष्य से जुड़ा है. आइए बताते हैं आखिर उद्धव और राज ठाकरे कैसे दो दशक बाद साथ आए. बीस साल बाद इस वजह से साथ आए दोनों भाई जुलाई का महीना और साल 2025…करीब बीस साल बाद अपने अलग हुए चचेरे भाई उद्धव ठाकरे के साथ मंच साझा करते राज ठाकरे नजर आए. इस दौरान राज ने कहा कि जो काम बालासाहेब ठाकरे नहीं कर पाए, वह मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कर दिखाया. यह बयान ऐसे समय आया था, जब एमएनएस और शिवसेना (यूबीटी) दोनों पार्टियों ने दावा किया कि उन्हीं के दबाव के कारण देवेंद्र फडणवीस प्रशासन को प्रशासनी स्कूलों में क्लास 1 से हिंदी को तीसरी भाषा के रूप में लागू करने का फैसला वापस लेना पड़ा. लाव रे तो व्हिडीओ…#Maharashtra #Mumbai #MahaYuti #BMC pic.twitter.com/juTH0Gop9H — Devendra Fadnavis (@Dev_Fadnavis) January 12, 2026 शिवसेना (यूबीटी) और एमएनएस स्वाभाविक सहयोगी क्यों? शिवसेना (यूबीटी) और एमएनएस को स्वाभाविक सहयोगी माना जाता है. दोनों पार्टियों की नेतृत्वक विरासत बालासाहेब ठाकरे द्वारा बनाई गई शिवसेना से जुड़ी है, जिसकी नींव मराठी पहचान पर टिकी थी. तभी से मराठी अस्मिता और गर्व का मुद्दा दोनों दलों की नेतृत्व का अहम हिस्सा बना हुआ है. 2006 में एमएनएस बनाने के बाद से राज ठाकरे ने उत्तर हिंदुस्तानीयों के विरोध को अपनी नेतृत्व की पहचान बना ली. वहीं उद्धव ठाकरे अपनी नेतृत्व को आगे बढ़ाने के लिए “मराठी मानूस” के मुद्दे को लगातार उठाते रहे हैं. यह भी पढ़ें : BMC Election : वोट चोरी के बाद अब उम्मीदवारों की भी चोरी, उद्धव ठाकरे ने लगाया बड़ा आरोप विधानसभा चुनाव में राज और उद्धव दोनों को लगा झटका साल 2024 में हुए विधानसभा चुनावों में दोनों पार्टियों का प्रदर्शन कमजोर रहा था. अब स्थानीय निकाय चुनाव के पहले दोनों भाईयों ने साझा घोषणा पत्र जारी किया है. विधानसभा चुनावों में शिवसेना (यूबीटी) और एमएनएस दोनों को भारी नुकसान उठाना पड़ा. शिवसेना (यूबीटी) ने 92 सीटों पर चुनाव लड़ा, लेकिन सिर्फ 20 सीटें ही जीत सकी. वहीं, अकेले चुनाव लड़ रही एमएनएस को और बड़ा झटका लगा. उसने जिन 135 सीटों पर चुनाव लड़ा, उनमें से एक भी सीट नहीं जीत पाई. The post लो देखो वीडियो, देवेंद्र फडणवीस ने जारी किया वीडियो, जानें आखिर कैसे 20 साल बाद साथ आए राज और उद्धव ठाकरे appeared first on Naya Vichar.

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बंगाल में मिला खतरनाक निपाह वायरस, केंद्र सरकार ने भेजी विशेषज्ञों की टीम

मुख्य बातें आतंकित होने की जरूरत नहीं हर संभव मदद का दिया आश्वासन केंद्र और राज्य में त्वरित समन्वय क्या है निपाह वायरस? Nipah Virus: कोलकाता. पश्चिम बंगाल में निपाह वायरस के दो संदिग्ध मामलों की पहचान हुई है. इस सूचना के बाद केंद्र प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गयी है. संदिग्ध मरीज उत्तर 24 परगना जिले के बारासात स्थित एक निजी हॉस्पिटल में मिले हैं. वहां दो नर्सों को निपाह वायरस से संक्रमित पाया गया है. इन दोनों नर्सों के रक्त के नमूने को जांच के लिए एम्स कल्याणी स्थित आइसीएमआर की वायरस रिसर्च एंड डायग्नोस्टिक लैब (वीआरडीएल) में भेजा गया था, जिसकी रिपोर्ट में दोनों नर्सों में निपाह वायरस होने के सबूत मिले हैं. निपाह वायरस की गंभीरता को देखते हुए हालात को सर्वोच्च प्राथमिकता पर संभाला जा रहा है. आतंकित होने की जरूरत नहीं मुख्य सचिव नंदिनी चक्रवर्ती व स्वास्थ्य सचिव नारायण स्वरूप निगम ने संयुक्त रूप से बताया कि दोनों नर्सों को उक्त निजी हॉस्पिटल में ही भर्ती किया गया है, जहां उनका इलाज जारी है. उन्होंने कहा कि दोनों के यात्रा संबंधी गतिविधियों की जांच की जा रही है. उन्होंने बताया कि दोनों ने हाल में पूर्व बर्दवान व नदिया जिले का दौरा किया था. स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी दोनों के कांटैक्ट ट्रेसिंग की निगरानी कर रहे हैं. मुख्य सचिव नंदिनी चक्रवर्ती ने कहा कि इससे आतंकित होने की जरूरत नहीं है, लेकिन हमें सावधानी बरतनी होगी. उन्होंने बताया कि राज्य प्रशासन की ओर से तीन हेल्पलाइन नंबर भी जारी किये गये हैं, जहां लोग संपर्क कर रहे हैं. ये नंबर 033-23330180, 9874708858 व 9836046212 हैं. हर संभव मदद का दिया आश्वासन केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को पत्र लिखकर और फोन पर बात कर आश्वासन दिया है कि केंद्र प्रशासन राज्य को हर जरूरी मदद देगी. केंद्र प्रशासन की ओर से तकनीकी सहायता, लैब सपोर्ट, लॉजिस्टिक मदद दी गयी है. साथ ही राज्य प्रशासन को सर्विलांस बढ़ाने के निर्देश, संक्रमण रोकथाम के उपाय अपनाने को कहा गया है. बंगाल प्रशासन को कड़ी निगरानी, हर संपर्क व्यक्ति की पहचान और संक्रमण शृंखला तोड़ने के निर्देश दिये गये हैं. स्वास्थ्य मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि पश्चिम बंगाल में निपाह वायरस की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और घबराने की जरूरत नहीं, लेकिन सतर्कता बेहद जरूरी है. केंद्र और राज्य में त्वरित समन्वय जानकारी मिलते ही केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के सचिव ने पश्चिम बंगाल प्रशासन के मुख्य सचिव और स्वास्थ्य सचिव के साथ तत्काल बैठक की. बैठक में स्थिति की गहन समीक्षा की गयी, त्वरित और समन्वित कार्रवाई, संक्रमण को फैलने से रोकना,नेशनल जॉइंट आउटब्रेक रिस्पॉन्स टीम तैनात को लेकर चर्चा हुई. इसके साथ ही नेशनल सेंटर फॉर डिज़ीज़ कंट्रोल (एनसीडीसी), दिल्ली में पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी ऑपरेशंस सेंटर (पीएचइओसी) को सक्रिय कर दिया गया है. देशभर में स्थिति पर 24×7 निगरानी रखी जा रही है. क्या है निपाह वायरस? निपाह वायरस एक जिनेटिक बीमारी है, जो जानवरों से इंसानों में फैलती है और इसकी मृत्यु दर काफी अधिक मानी जाती है और मुख्य रूप से चमगादड़ों (फ्रूट बाइट) को इसका प्राकृतिक स्रोत माना जाता है. हिंदुस्तान में निपाह वायरस का पहला मामला वर्ष 2001 में पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में सामने आया था, इसके बाद केरल में 2018, 2019, 2021 और 2023 में इसके प्रकोप देखे गये. अब तक हिंदुस्तान में निपाह वायरस के करीब 90 से अधिक मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें मृत्यु दर काफी अधिक रही है. यह वायरस बुखार, सिरदर्द से शुरू होकर दिमाग में सूजन (एन्सेफलाइटिस), सांस की गंभीर समस्या और कोमा तक पहुंचा सकता है. इसकी मृत्यु दर 40 से 75 प्रतिशत तक बतायी जाती है, जो इसे बेहद खतरनाक बनाती है. फिलहाल निपाह वायरस का कोई निश्चित इलाज या वैक्सीन उपलब्ध नहीं है, इसलिए समय पर पहचान, आइसोलेशन और सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव है. Also Read: Bengal News: लक्ष्मी भंडार योजना पर भाजपा नेता की विवादित टिप्पणी, भड़की टीएमसी The post बंगाल में मिला खतरनाक निपाह वायरस, केंद्र प्रशासन ने भेजी विशेषज्ञों की टीम appeared first on Naya Vichar.

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ईरान के साथ व्यापार करने वाले पर लगेगा 25% टैरिफ, डोनाल्ड ट्रंप ने दी धमकी, BRICS पर पड़ेगा भारी असर

Donald Trump 25% Tariffs on Countries doing Business with Iran: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार, 12 जनवरी को ईरान के साथ व्यापार जारी रखने वाले देशों के खिलाफ एक बड़ा व्यापारिक कदम उठाने का ऐलान किया. इसके तहत ऐसे सभी देशों पर अमेरिका के साथ होने वाले हर तरह के कारोबार पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाया जाएगा. ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट करते हुए कहा कि यह फैसला तत्काल प्रभाव से लागू होगा. उन्होंने कहा कि जो भी देश इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के साथ व्यापार करेगा, उसे संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ किए जाने वाले किसी भी और सभी व्यापार पर 25 प्रतिशत टैरिफ देना होगा और यह आदेश अंतिम और निर्णायक है. ट्रंप की यह घोषणा ऐसे समय में आई है, जब वह देशभर में प्रशासन-विरोधी प्रदर्शनकारियों के खिलाफ सख्ती बरतने को लेकर तेहरान पर दबाव बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं.  अमेरिकी राष्ट्रपति पहले भी कई बार चेतावनी दे चुके हैं कि यदि उनकी प्रशासन को यह पता चला कि इस्लामिक रिपब्लिक प्रशासन विरोधी प्रदर्शनकारियों के खिलाफ घातक बल का इस्तेमाल कर रही है, तो अमेरिका ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई कर सकता है. ट्रंप ने कहा कि यह एक रेड लाइन है, जिसे उनके मुताबिक ईरान अब पार करना शुरू कर रहा है और इसी वजह से वह और उनकी राष्ट्रीय सुरक्षा टीम बेहद सख्त विकल्पों पर विचार कर रही है. व्हाइट हाउस की प्रवक्ता कैरोलीना लेविट ने सोमवार को कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप के पास कई विकल्प हैं, उनमें से सैन्य विकल्प भी हैं. हालांकि वह कूटनीति को भी पसंद करते हैं.  BRICS, विशेषतः हिंदुस्तान पर क्या पड़ेगा असर? ट्रंप के इस फैसले दुनिया भर के देशों पर असर पड़ सकता है. चीन, ब्राजील, तुर्की और रूस प्रमुख वित्तीय स्थितिओं में शामिल हैं, जो ईरान के साथ व्यापार करती हैं. राष्ट्रपति ट्रंप के इस फैसले का असर हिंदुस्तान पर भी पड़ सकता है, क्योंकि हिंदुस्तान ईरान के साथ बड़े पैमाने पर आयात-निर्यात करता है. हिंदुस्तान के विदेश मंत्रालय (MEA) के अनुसार, हिंदुस्तान और ईरान एक-दूसरे के अहम व्यापारिक साझेदार हैं. हाल के वर्षों में हिंदुस्तान ईरान के पांच सबसे बड़े व्यापारिक भागीदारों में शामिल रहा है. हिंदुस्तान ईरान को चावल, चाय, चीनी, दवाइयां, मैनमेड फाइबर, इलेक्ट्रिकल मशीनरी, आर्टिफिशियल ज्वेलरी जैसे उत्पाद निर्यात करता है, जबकि ईरान से सूखे मेवे, अकार्बनिक और कार्बनिक रसायन, कांच के उत्पाद आदि आयात करता है. हिंदुस्तान और चीन पहले से ही परेशान हिंदुस्तान पहले से ही अमेरिका को होने वाले अपने निर्यात पर कुल 50 प्रतिशत टैरिफ का सामना कर रहा है, जिसमें से 25 प्रतिशत रूस से तेल खरीदने के कारण लगाया गया है. वॉशिंगटन का दावा है कि रूसी तेल की खरीद से यूक्रेन युद्ध में मॉस्को की मदद होती है. वहीं चीन के ऊपर भी इसका असर पड़ सकता है. चीन के तेल आयात का बड़ा हिस्सा ईरान से आता है. वेनेजुएला के बाद ईरान के साथ व्यापार करने वाले पर टैरिफ की कार्रवाई भी चीन का बड़ा नुकसान करेगी.  सीनेटर बोले- अब निर्णायक कार्रवाई का समय आ गया है इस बीच, अमेरिका के रिपब्लिकन सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने ट्रंप के इस फैसले की सराहना की. उन्होंने कहा कि खामेनेई शासन को आर्थिक रूप से अलग-थलग करने का राष्ट्रपति ट्रंप का कदम बेहद प्रभावशाली है. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर पोस्ट साझा करते हुए ग्राहम ने लिखा, ‘…प्रदर्शनकारियों के समर्थन और हत्याओं को बर्दाश्त न करने के आपके वादे के कारण इस कट्टर शासन के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा जन-उभार देखने को मिला है. मेरा मानना है कि ईरानी शासन ने रेड लाइन पार कर ली है. वे बड़ी संख्या में अपने ही लोगों को मार रहे हैं और आपके नेतृत्व का मजाक उड़ा रहे हैं. अब निर्णायक सैन्य कार्रवाई का समय है, जमीन पर सैनिक उतारे बिना सीधे उन लोगों को निशाना बनाते हुए जो हत्याएं कर रहे हैं.’ ईरान में हो रहा भारी विरोध प्रदर्शन यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है, जब ईरान के कई प्रांतों में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन देखने को मिल रहे हैं. इनमें अजरबैजान प्रांत और मध्य ईरान का शहर अराक भी शामिल है. ईरानी प्रशासनी चैनल प्रेस टीवी के मुताबिक, इन इलाकों में भीड़ ने झंडे लहराए और ईरान के समर्थन में नारे लगाए. ये प्रदर्शन देश में महंगाई, आर्थिक संकट और शासन को लेकर बढ़ते जनाक्रोश के चलते कई दिनों से जारी अशांति के बाद हो रहे हैं. ह्यूमन राइट्स न्यूज़ एजेंसी के अनुसार, अब तक कम से कम 599 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 10,681 से अधिक लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है. अमेरिका कर सकता है सैन्य कार्रवाई वहीं रविवार को राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा था कि देशभर में जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच अमेरिका को ईरान के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है. इसी दौरान उन्होंने यह भी खुलासा किया कि तेहरान ने वाशिंगटन से संपर्क कर बातचीत की इच्छा जताई है. एयरफोर्स वन विमान में पत्रकारों से बातचीत करते हुए ट्रंप ने कहा कि ईरानी नेतृत्व ने अमेरिका से कूटनीतिक बातचीत के लिए संपर्क किया है. वहीं अमेरिका ने अपने नागिरकों के लिए एडवाइजरी भी जारी की है. उसने कहा कि सभी सतर्क रहें और जल्द से जल्द ईरान छोड़ दें. मार खा-खाकर थक चुका ईरान, अब बातचीत करना चाहता है- ट्रंप जब ट्रंप से पूछा गया कि क्या ईरान उनके साथ बातचीत करना चाहता है, तो ट्रंप ने कहा, “हां, वे चाहते हैं. उन्होंने फोन किया. ईरान ने कल बातचीत के लिए फोन किया. ईरान के नेताओं ने संपर्क किया है. वे बातचीत करना चाहते हैं. मुझे लगता है कि वे अमेरिका से लगातार पिटने से थक चुके हैं. ईरान बातचीत करना चाहता है.” ट्रंप ने यह भी बताया कि दोनों देशों के बीच एक बैठक की व्यवस्था की जा रही है, लेकिन उन्होंने चेतावनी दी कि ईरान के भीतर हालात में तेजी से हो रहे बदलाव अमेरिका को बातचीत से पहले ही कार्रवाई करने पर मजबूर कर सकते हैं. ये भी पढ़ें:- तुरंत ईरान छोड़ दो… US ने अपने नागरिकों को जारी की एडवाइजरी, क्या खामनेई के देश पर हमला करने वाले हैं ट्रंप? Iran Latest Update: विरोध

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मकर संक्रांति से पहले आपके शहर में कितना सस्ता और महंगा हुआ सोना, एक क्लिक में जानें लेटेस्ट रेट

Aaj Ka Sona Chandi Bhav 13 January 2026: मकर संक्रांति से ठीक पहले सराफा बाजार से बड़ी समाचार आ रही है. कल रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचने के बाद, आज यानी 13 जनवरी 2026 को सोने और चांदी की कीमतों में अंतरराष्ट्रीय और घरेलू स्तर पर बड़ी गिरावट दर्ज की गई है. कल तक जो निवेशक ऊंचे दामों से गदगद थे, उनके लिए आज की गिरावट किसी झटके से कम नहीं है. क्यों गिरे सोने-चांदी के दाम? वैश्विक बाजार (Comex) में सोने की कीमत लुढ़ककर 4,603.70 डॉलर प्रति औंस पर आ गई है, वहीं चांदी भी गिरकर 84.105 डॉलर प्रति औंस पर ट्रेड कर रही है. मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर पिछले कारोबारी सत्र में सोना 1,41,991 रुपए और चांदी 2,68,153 रुपए के स्तर पर बंद हुए थे. हालांकि गिरावट के बावजूद कीमतें अभी भी अपने ऐतिहासिक ऊंचे स्तरों के करीब ही बनी हुई हैं. शहरों के अनुसार सोने की कीमतें (प्रति 10 ग्राम) हर शहर में टैक्स और लोकल डिमांड की वजह से रेट थोड़े अलग होते हैं। यहाँ प्रमुख शहरों की लिस्ट दी गई है: शहर 24 कैरेट गोल्ड 22 कैरेट गोल्ड चेन्नई 1,43,140 रुपए 1,31,210 रुपए दिल्ली 1,42,310 रुपए 1,30,460 रुपए अहमदाबाद 1,42,210 रुपए 1,30,360 रुपए मुंबई 1,42,160 रुपए 1,30,310 रुपए कोलकाता 1,42,160 रुपए 1,32,000 रुपए हैदराबाद 1,42,160 रुपए 1,31,200 रुपए भोपाल 1,42,160 रुपए 1,30,360 रुपए चांदी की चमक भी हुई फीकी सिर्फ सोना ही नहीं, बल्कि चांदी की कीमतों में भी नरमी आई है. दिल्ली, मुंबई और कोलकाता जैसे बड़े शहरों में आज एक किलो चांदी का भाव 2,70,100 रुपए है. इंवेस्टर्स के लिए यह गिरावट एक छोटा झटका जरूर है, लेकिन नए खरीदारों के लिए यह संक्रांति के तोहफे जैसा है. Also Read: 13 जनवरी के लिए पेट्रोल-डीजल की नई रेट जारी, टंकी फुल कराने से पहले चेक करें प्राइस The post मकर संक्रांति से पहले आपके शहर में कितना सस्ता और महंगा हुआ सोना, एक क्लिक में जानें लेटेस्ट रेट appeared first on Naya Vichar.

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