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January 13, 2026

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वाहन जांच के दौरान बाइक सवार ने थानाध्यक्ष को मारा ठोकर, गिरफ्तार

कुमारखंड. वाहन जांच के दौरान भतनी थानाध्यक्ष को शराब के नशे में धुत युवकों ने ठोकर मार दिया. ठोकर मारकर भाग रहा युवक पास के गड्ढे में गिर गया, जिसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया. गिरफ्तार दोनों युवकों की पहचान टेंगराहा सिकियाहा पंचायत के वार्ड संख्या 15 बरहकुरबा टोला निवासी शिवशंकर कुमार व सुशील कुमार के रूप में हुई है. जानकारी के अनुसार संध्या गश्ती के दौरान थानाध्यक्ष राजीव कुमार पुलिस बल के साथ सुरसर नदी के टेंगराहा नदी पुल पर वाहन जांच कर रहे थे. इसी दौरान टेंगराहा परिहारी की ओर से आ रहे बाइक सवार दो युवकों को रूकने के लिए कहा. पुलिस के इशारा देख युवकों ने बाइक से थानाध्यक्ष को धक्का मारते हुए भाग गया. पुलिस जवानों ने बाइक सवार युवकों का पीछा किया. बाइक सवार अनियंत्रित होकर गड्ढे में गिर गया. पकड़ाये युवक शराब के नशे में थे, जिसे गिरफ्तार कर थाना लाया गया. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post वाहन जांच के दौरान बाइक सवार ने थानाध्यक्ष को मारा ठोकर, गिरफ्तार appeared first on Naya Vichar.

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विभागों में लंबित मामलों का 15 दिनों के अंदर करें निष्पादित : डीएम

मुंगेर सीडब्लूजेसी, एमजेसी, एलपीए की समीक्षा बैठक मंगलवार को समाहरणालय स्थित संवाद कक्ष में जिलाधिकारी निखिल धनराज निप्पाणीकर की अध्यक्षता में हुई. जिसमें उन्होंने विभिन्न विभागों में लंबित मामलों को 15 दिनों के अंदर निष्पादित करने का निर्देश दिया. बैठक में जिला भू-अर्जन पदाधिकारी पंकज कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे. जिलाधिकारी ने विभागवार सीडब्लूजेसी, एमजेसी, एलपीए की समीक्षा के क्रम में पाया कि कई विभागों में अधिक मामले लंबित हैं. जिस पर उन्होंने खेद व्यक्त किया. वहीं कुछ विभागों के लंबित मामलों के निष्पादन की स्थित पर संतोष व्यक्त किया. उन्होंने कहा कि जिन विभागों में अधिक मामले लंबित हैं वह 15 दिनों के अंदर उसे निष्पादित करें. जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारी से कहा कि जिन विभागों में अधिक मामले लंबित हैं उनके साथ वर्चुअल मोड में प्रत्येक सप्ताह समीक्षा करें तथा लंबित मामलों के निष्पादन में तेजी से कार्रवाई कराएं. उन्होंने प्रखंड एवं अंचल स्तर पर भी लंबित सीडब्लूजेसी, एमजेसी, एलपीए के मामलों के निष्पादन में तेजी लाने के निर्देश दिया. ———————————————– दस्तावेजों की जांच कर कमियों को करें दूर मुंगेर : शिक्षा अनुकंपा समिति की बैठक मंगलवार को जिलाधिकारी निखिल धनराज की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई. बैठक में समिति की अनुशंसा पर विचारोपरांत जिला अनुकंपा समिति द्वारा शेष 13 उम्मीदवारों पर निर्णय लिया जाना है. उक्त सभी उम्मीदवारों से प्राप्त दस्तावेजों को जांच कर उसमें मिली कमियों को निराकरण करते हुए नियुक्ति संबंधित आगे की कार्रवाई अगली बैठक में निर्णय लिया जायेगा. ——————————————— डीएम का निर्देश, सभी एडीएलओ के बीच कार्यों का करें आवंटन मुंगेर : जिला भू-अर्जन अधियाची विभाग की बैठक आज जिलाधिकारी निखिल धनराज की अध्यक्षता में हुई. बैठक में भू-अर्जन की अधियाची विभाग के 14 योजनाओं पर चर्चा की गयी. जिलाधिकारी ने उपस्थित सभी अधिकारियों को सभी योजनाओं को समय सीमा के अंदर पूर्ण करने का निर्देश दिया. जिलाधिकारी ने सभी अधियाची विभाग के अधिकारियों से कहा कि भू-अर्जन कार्यालय से जो भी प्रतिवेदन की मांग की जा रही है, उसे यथाशीघ्र उपलब्ध करा दें, ताकि उस पर आगे की कार्रवाई की जा सके. डीएम ने जिला भू-अर्जन पदाधिकारी को निर्देश दिया गया कि सभी एडीएलओ के बीच कार्यों का आवंटन कर उसकी साप्ताहिक समीक्षा करें. साथ ही भू-अर्जन कोर्ट के लंबित मामलों के निष्पादन करने का भी निर्देश दिया. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post विभागों में लंबित मामलों का 15 दिनों के अंदर करें निष्पादित : डीएम appeared first on Naya Vichar.

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स्वामी विवेकानंद के जीवन-दर्शन व अनुशासन से युवाओं को प्रेरणा लेने की जरूरत

मिलिया सर सैयद प्राथमिक शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय में मना युवा चेतना दिवस कार्यक्रम में स्वामी विवेकानंद के जीवन-दर्शन और आदर्शों से रु-ब-रु हुए छात्र-छात्राएं पूर्णिया. शहर के रामबाग स्थित मिलिया सर सैयद प्राथमिक शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय, रामबाग एवं मिलिया कनीज फातमा स्त्री शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय ने नेशनल डिग्री कॉलेज के सहयोग से राष्ट्रीय युवा दिवस समारोह का आयोजन किया. समारोह में युवाओं को स्वामी विवेकानंद के जीवन-दर्शन और अनुशासन से प्रेरणा लेने की जरूरत बतायी गयी. इससे पहले स्वामी विवेकानंद के चित्र पर माल्यार्पण कर स्वामी विवेकानंद के जीवन पर आधारित बायोपिक की विशेष स्क्रीनिंग की गयी. इससे युवाओं को उनके जीवन-दर्शन, आत्मविश्वास, अनुशासन और राष्ट्रभक्ति के आदर्शों को गहराई से समझने का अवसर मिला. समारोह का नेतृत्व प्राचार्या डॉ कंचन गुप्ता द्वारा किया गया. उन्होंने स्वामी विवेकानंद के विचारों, विशेषकर अनुशासन, चरित्र निर्माण और राष्ट्रसेवा पर प्रकाश डालते हुए प्रशिक्षु शिक्षकों को राष्ट्र के प्रति समर्पित, शिक्षित एवं संस्कारित नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया. बायोपिक से प्रेरणा लेते हुए उपस्थित सभी विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं कर्मचारियों ने एक शिक्षित, अनुशासित एवं सशक्त युवा पीढ़ी तैयार कर राष्ट्र को समर्पित करने की सामूहिक शपथ ली. कार्यक्रम का संचालन सहायक प्राध्यापक डॉ अक्षय शर्मा कर रहे थे. मौके पर डॉ. सरिता कुमारी, डॉ भोला प्रसाद महतो, डॉ स्मृति अमृता, डॉ. राकेश कुमार, ब्रजेश कुमार, गौतम कुमार, प्रमोद कुमार, अनैन आलम, चांदनी कुमारी, श्वेता कुमारी, पूनम कुमारी, शालिनी शालुजा, कुमारी सिम्मी सिंह, मविया सामी, मृत्युंजय कुमार, अनमोल कुमार झा, ललित कुमार झा, शिशिर झा, गोविंद कुमार, मुकेश कुमार, संजीत कुमार,, महेंद्र जी, नोमान, अरुण सहित मिल्लिया परिवार के अन्य शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारी मौजूद थे. कार्यक्रम के अंत में नेशनल डिग्री कॉलेज, रामबाग के प्राचार्य डॉ मो जावेद इक़बाल के प्रति विशेष आभार व्यक्त किया गया, जिनके सहयोग से यह अंतर-महाविद्यालयीय आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हो सका. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post स्वामी विवेकानंद के जीवन-दर्शन व अनुशासन से युवाओं को प्रेरणा लेने की जरूरत appeared first on Naya Vichar.

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Bank Holiday on Makar Sankranti: मकर संक्रांति पर 14 या 15 जनवरी, कब रहेगी बैंकों की छुट्टी? कंफ्यूजन हुआ दूर

Bank Holiday on Makar Sankranti: बुधवार यानी 14 जनवरी को देशभर में मकर संक्रांति (Makar Sankranti), पोंगल (Pongal) और उत्तरायण (Uttarayan) का पर्व मनाया जाएगा. त्योहारों के इस सीजन में बैंक ग्राहकों के मन में एक ही सवाल है, “क्या कल बैंक खुले रहेंगे या छुट्टी होगी?” चूंकि, इस बार संक्रांति की तारीख को लेकर थोड़ा असमंजस था (14 या 15 जनवरी), इसलिए छुट्टियों को लेकर भी कंफ्यूजन बना हुआ है. रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने छुट्टियों की लिस्ट जारी कर स्थिति साफ कर दी है. 14 जनवरी को इन राज्यों में बंद रहेंगे बैंक RBI के हॉलिडे कैलेंडर के अनुसार, मकर संक्रांति और पोंगल के अवसर पर 14 जनवरी 2026 (बुधवार) को देश के कई प्रमुख राज्यों में बैंक बंद रहेंगे. राजस्थान, गुजरात, तमिलनाडु, कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और सिक्किम जैसे राज्यों में 14 जनवरी को बैंकों में कामकाज नहीं होगा. 15 जनवरी को कहां रहेगी छुट्टी? कुछ राज्यों में मकर संक्रांति या माघ बिहू (Magh Bihu) का पर्व 15 जनवरी को भी मनाया जा रहा है. इसलिए असम, तमिलनाडु (तिरुवल्लुवर दिवस) और हैदराबाद जैसे कुछ सर्किलों में 15 जनवरी (गुरुवार) को भी बैंक बंद रह सकते हैं. इसे भी पढ़ें: एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक का मकर संक्रांति धमाका, ग्राहकों को मिल रही 111 से 10,000 तक की छूट ऑनलाइन सेवाएं रहेंगी चालू अगर आपके राज्य में कल बैंक बंद भी हैं, तो घबराने की जरूरत नहीं है. आप Google Pay, PhonePe, Paytm और UPI का इस्तेमाल 24×7 कर सकते हैं. फंड ट्रांसफर (IMPS, NEFT) और अन्य बैंकिंग सेवाएं मोबाइल ऐप के जरिए सुचारू रूप से काम करेंगी. कैश निकालने के लिए एटीएम भी खुले रहेंगे. इसे भी पढ़ें: खुशसमाचारी! बजट से पहले प्रशासन का तोहफा, इन लोगों के खाते में आएंगे 2000 रुपये, लिस्ट में अपना नाम चेक करें The post Bank Holiday on Makar Sankranti: मकर संक्रांति पर 14 या 15 जनवरी, कब रहेगी बैंकों की छुट्टी? कंफ्यूजन हुआ दूर appeared first on Naya Vichar.

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ममता बनर्जी का दावा- बंगाल में एसआईआर ने ले ली 84 जानें, 54 लाख वोटर को नहीं मिला पक्ष रखने का मौका

Table of Contents चुनाव आयोग, भाजपा, दुर्योधन और दुशासन ले मौतों की जिम्मेदारी – ममता बंगाल के 54 लाख मतदाताओं को नहीं मिला पक्ष रखने का मौका बंगाल में और एक करोड़ मतदाताओं के नाम काटे जायेंगे – ममता बनर्जी पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी ने दावा किया है कि राज्य में विधानसभा चुनाव 2026 से पहले शुरू किये गये मतदाता विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) ने अब तक 84 जानें ले लीं हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि ये आंकड़े मंगलवार सुबह तक के हैं. इसमें 17 लोगों की मौत ब्रेन स्ट्रोक से हुई और 4 लोगों ने आत्महत्या कर ली. टीएमसी सुप्रीमो ने दावा किया कि इन सभी लोगों की मौत एसआईआर नोटिस मिलने के बाद हुई है. चुनाव आयोग, भाजपा, दुर्योधन और दुशासन ले मौतों की जिम्मेदारी – ममता ममता बनर्जी ने कहा है कि चुनाव आयोग को इन सभी मौतों की जिम्मेदारी लेनी चाहिए. भाजपा को भी इन सभी लोगों की मौत की जिम्मेदारी लेनी चाहिए. ममता बनर्जी ने कहा कि यहां तक कि दुर्योधन और दुशासन की इसकी जिम्मेदारी लेनी चाहिए. उन्होंने कहा कि भाजपा के निर्देश पर एआई के जरिये मतदाताओं के नाम हटाये जा रहे हैं. उन्होंने कहा- जहां तक हमारी जानकारी है, उनकी योजना है कि वे बिहार, झारखंड और ओडिशा के लोगों को बंगाल में लाकर वोट करवायें. बंगाल के 54 लाख मतदाताओं को नहीं मिला पक्ष रखने का मौका पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि 54 लाख मतदाताओं के नाम एकतरफा तरीके से और निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों (ईआरओ) की शक्तियों का दुरुपयोग करते हुए हटा दिये गये. कहा कि जिन लोगों के नाम वोटर लिस्ट से काटे गये, उनमें से ज्यादातर ‘वास्तविक मतदाता’ थे. उन्हें यह भी नहीं बताया गया कि उनके नाम क्यों काटे गये हैं. बंगाल की समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें बंगाल में और एक करोड़ मतदाताओं के नाम काटे जायेंगे – ममता बनर्जी मुख्यमंत्री ने मंगलवार को राज्य सचिवालय ‘नबान्न’ में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में आरोप लगाया कि भाजपा-निर्वाचन आयोग का गठजोड़ अंतिम मतदाता सूची से एक करोड़ और नाम हटाने की योजना बना रहा है. आोयग ने बूथ स्तरीय एजेंट-2 को एसआईआर संबंधी सुनवाई में शामिल होने की अनुमति नहीं दी, क्योंकि भाजपा इसके लिए अपने कार्यकर्ताओं को इकट्ठा नहीं कर पायी. VIDEO | Howrah: West Bengal Chief Minister Mamata Banerjee says, “Domicile certificates are allowed in the Bihar SIR, so why are they not being allowed in Bengal?” (Full video available on PTI Videos – https://t.co/n147TvrpG7) pic.twitter.com/bgwWBKssCy — Press Trust of India (@PTI_News) January 13, 2026 इसे बी पढ़ें ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग को फिर लिखी चिट्ठी, कहा- SIR में AI के इस्तेमाल से हो रही परेशानी बंगाल के पूर्व सांसद टूटू बोस और उनके बेटे शृंजय बोस को चुनाव आयोग ने किया तलब, टीएमसी ने बोला हमला बंगाल चुनाव 2026 में मिट जायेगा भाजपा का अस्तित्व, कूचबिहार में गरजे अभिषेक बनर्जी, चुनाव आयोग को भी लताड़ा बंगाल में SIR को लेकर 2 लाख से ज्यादा दावे और आपत्ति दर्ज, सबसे अधिक इस पार्टी आया आवेदन The post ममता बनर्जी का दावा- बंगाल में एसआईआर ने ले ली 84 जानें, 54 लाख वोटर को नहीं मिला पक्ष रखने का मौका appeared first on Naya Vichar.

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सर्दियों में क्यों रूठ जाती है बाइक? क्या ठंड से फेल हो जाता है सेल्फ और किक? जानिए असरदार उपाय

Bike Starting Tips: सर्दियों में बाइक स्टार्ट करना अक्सर सिरदर्द बन जाता है. इंजन ऑयल गाढ़ा हो जाने और बैटरी की क्षमता घटने से सेल्फ और किक दोनों जवाब दे जाते हैं. यह समस्या खासकर उन लोगों के लिए बड़ी परेशानी है जो सुबह-सुबह ऑफिस या काम पर निकलते हैं. ऐसे में कुछ तकनीकी उपाय अपनाकर बाइक को आसानी से स्टार्ट किया जा सकता है और इंजन की उम्र भी बढ़ाई जा सकती है. क्या है वजह? हिंदुस्तान में सर्दियों के मौसम में तापमान गिरने के साथ ही वाहनों की परफॉर्मेंस प्रभावित होती है. बाइक का इंजन ठंड में ज्यादा प्रतिरोध झेलता है क्योंकि ऑयल गाढ़ा हो जाता है और बैटरी का चार्ज तेजी से कम होता है. यही वजह है कि सुबह बाइक स्टार्ट करने में कई बार बार-बार कोशिश करनी पड़तीहै. आजमाएं ये टिप्स 1. स्पार्क प्लग की जांच ठंडी मौसम में बाइक स्टार्ट न होने की सबसे आम वजह स्पार्क प्लग पर नमी या कार्बन का जमाव होता है. अगर इंजन बार-बार फेल हो रहा है, तो प्लग को निकालकर सूखे कपड़े से साफ करें और फिर से लगाएं. साथ ही, कोशिश करें कि रात में बाइक को खुले में न छोड़ें- कवर करने से बैटरी और इंजन दोनों ठंड और ओस से सुरक्षित रहते हैं. 2. क्लच ट्रिक आजमाएं सुबह के समय गियरबॉक्स अक्सर जाम महसूस होता है. इसे आसान बनाने के लिए बाइक को न्यूट्रल में रखें, क्लच पूरी तरह दबाएं और फिर किक मारें. क्लच दबाने से गियरबॉक्स इंजन से अलग हो जाता है, जिससे क्रैंकशाफ्ट को घूमने में कम रुकावट मिलती है और बाइक जल्दी स्टार्ट हो जाती है. 3. चोक का इस्तेमाल कारगर ठंडे इंजन को स्टार्ट करने के लिए हवा से ज्यादा ईंधन की जरूरत होती है. ऐसे में चोक खींचने से पेट्रोल की मात्रा बढ़ जाती है और इंजन पहली-दूसरी कोशिश में ही चालू हो जाता है. ध्यान रखें कि बाइक स्टार्ट होने के लगभग 30 सेकंड बाद चोक बंद कर दें, ताकि इंजन स्मूथ चले और फ्यूल की बर्बादी न हो. 4. बिना इग्निशन के किक एक और असरदार तरीका है- इग्निशन ऑफ रखकर 3 से 4 बार खाली किक मारना. इससे सिलेंडर में जमा गाढ़ा तेल थोड़ा पतला हो जाता है और इंजन के हिस्सों में लुब्रिकेशन फैल जाता है. इसके बाद जब आप चाबी ऑन करके किक मारेंगे, तो बाइक आसानी से स्टार्ट होगी. यह बैटरी और सेल्फ स्टार्ट दोनों की उम्र बढ़ाने में भी मदद करता है. इंजन पर बढ़ता है दबाव दैनिक जीवन में यह समस्या सीधे यूजर्स को प्रभावित करती है. ऑफिस जाने वाले लोग समय पर निकल नहीं पाते और कई बार बैटरी डिस्चार्ज होने से अतिरिक्त खर्च भी उठाना पड़ताहै. लगातार फेल स्टार्टिंग से इंजन पर दबाव बढ़ता है और उसकी परफॉर्मेंस पर असर पड़ताहै. क्लच और चोक का स्पोर्ट्स ऑटोमोबाइल इंजीनियरों के मुताबिक ठंडे मौसम में इंजन को स्टार्ट करने के लिए ज्यादा फ्यूल की जरूरत होती है. यही कारण है कि चोक का इस्तेमाल कारगर साबित होता है. वहीं, बिना इग्निशन के किक मारने से ऑयल पतला होकर सिलेंडर में फैल जाता है, जिससे इंजन आसानी से घूमता है. क्लच ट्रिक गियरबॉक्स का दबाव कम करती है और स्पार्क प्लग की सफाई करंट प्रवाह को बेहतर बनाती है. बढ़ेगी बाइक की लाइफ भी ऑटो एक्सपर्ट्स का कहना है कि बाइक को रात में खुले में रखने से बचना चाहिए. कवर का इस्तेमाल करने से बैटरी और इंजन ठंड और नमी से सुरक्षित रहते हैं. साथ ही, समय-समय पर स्पार्क प्लग और बैटरी की जांच करना बेहद जरूरी है. यह न केवल स्टार्टिंग की समस्या को कम करता है बल्कि बाइक की लाइफ भी बढ़ाता है. भविष्य में ऑटो कंपनियां ठंडे मौसम के लिए एडवांस्ड बैटरी और स्मार्ट इंजन ऑयल पर काम कर रही हैं. फिलहाल यूजर्स को इन आसान टिप्स का पालन करके सर्दियों में बाइक स्टार्टिंग की समस्या से राहत मिल सकती है. यह भी पढ़ें: बार-बार बदलनी पड़ रही है कार की बैटरी? जानिए इसकी असली वजह और समाधान यह भी पढ़ें: OTP नहीं मिल रहा? तुरंत बदलें RC और DL का मोबाइल नंबर, ये है आसान तरीका The post सर्दियों में क्यों रूठ जाती है बाइक? क्या ठंड से फेल हो जाता है सेल्फ और किक? जानिए असरदार उपाय appeared first on Naya Vichar.

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सिर्फ 10 मिनट में नहीं मिलेगी क्विक डिलीवरी! ब्लिंकिट ने टैगलाइन हटाया, अब स्विगी और जेप्टो की बारी

Delivery In 10 Minutes: क्विक कॉमर्स सेक्टर में बड़ा बदलाव देखने को मिलने वाला है. इटर्नल ग्रुप के स्वामित्व वाली इकाई ब्लिंकिट ने अपने सभी प्लेटफॉर्म से 10 मिनट में डिलीवरी का दावा हटा दिया है. कंपनी ने अपनी प्रमुख टैगलाइन 10 मिनट में 10,000 से अधिक उत्पाद से बदलकर अब आपके दरवाजे पर 30,000 से अधिक उत्पाद कर दी है. कंपनी की ओर से यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है, जब डिलीवरी कर्मियों के कल्याण को लेकर लगातार सवाल उठ रहे थे और प्रशासन ने इस पर संज्ञान लिया था. श्रम मंत्रालय के दखल के बाद बदला रुख सूत्रों के मुताबिक, यह बदलाव केंद्रीय श्रम मंत्रालय के हस्तक्षेप के बाद किया गया है. मंत्रालय ने क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स के साथ बातचीत कर इतनी सख्त समय-सीमा में डिलीवरी के दबाव से गिग वर्कर्स पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर चिंता जताई थी. चर्चा का मुख्य उद्देश्य डिलीवरी कर्मियों के लिए बेहतर सुरक्षा, कामकाजी हालात और सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करना था. मंत्रालय का कहना है कि बेहद कम समय में डिलीवरी के लक्ष्य सड़क दुर्घटनाओं, मानसिक दबाव और स्वास्थ्य जोखिमों को बढ़ा सकते हैं. स्विगी, ब्लिंकिट जैसे क्विक कॉमर्स कंपनियों से अब 10 मिनट में डिलीवरी नहीं मिलेगी. सभी कंपनियों ने 10 मिनट में डिलीवरी का दावा हटा लिया है. ये बदलाव तब हुआ, जब केंद्रीय श्रम मंत्रालय ने इसपर दखल दिया और उसे बंद करने का आदेश दिया. 10 मिनट में डिलीवरी के वादे के कारण 2025 में गिग… pic.twitter.com/aH19NWkLb1 — Naya Vichar (@prabhatkhabar) January 13, 2026 स्विगी और जेप्टो भी कर सकते हैं बदलाव ब्लिंकिट के इस कदम के बाद संकेत मिल रहे हैं कि स्विगी इंस्टामार्ट और जेप्टो जैसे अन्य क्विक कॉमर्स मंच भी जल्द ही अपनी 10 मिनट में डिलीवरी ब्रांडिंग से दूरी बना सकते हैं. फिलहाल, गूगल प्ले स्टोर और आईओएस ऐप स्टोर पर जेप्टो, इंस्टामार्ट और बिगबास्केट के लिए 10 मिनट वाली ब्रांडिंग दिखाई दे रही है, लेकिन ब्लिंकिट के लिए यह अब हटा दी गई है. उद्योग से जुड़े जानकारों का मानना है कि प्रशासनी दबाव और सार्वजनिक बहस के चलते आने वाले समय में पूरे सेक्टर की मार्केटिंग रणनीति बदल सकती है. गिग वर्कर्स की हड़ताल ने खींचा ध्यान 10 मिनट में डिलीवरी के वादे के खिलाफ गिग वर्कर्स की नाराजगी पहले ही सामने आ चुकी थी. वर्ष 2025 की पूर्व संध्या पर देशभर में गिगकर्मियों ने हड़ताल की थी. इस दौरान उन्होंने अत्यधिक दबाव, असुरक्षित परिस्थितियों, कम आय और स्वास्थ्य जोखिमों का मुद्दा उठाया था. इस हड़ताल ने प्रशासन, उद्योग और समाज का ध्यान डिलीवरी कर्मियों की वास्तविक स्थिति की ओर खींचा. दीपिंदर गोयल का बयान और कंपनी का पक्ष सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पुराना ट्विटर) पर इटर्नल ग्रुप के सीईओ दीपिंदर गोयल ने कहा था कि 10 मिनट में डिलीवरी का वादा डिलीवरी कर्मियों पर दबाव नहीं डालता और न ही यह असुरक्षित ड्राइविंग को बढ़ावा देता है, क्योंकि डिलीवरी पार्टनर्स को ऐप पर कोई 10 मिनट का टाइमर नहीं दिखाया जाता. उन्होंने यह भी कहा था कि तेज डिलीवरी मुख्य रूप से इसलिए संभव होती है, क्योंकि डार्क स्टोर्स ग्राहकों के बहुत पास होते हैं, न कि इसलिए कि सड़क पर तेज रफ्तार से गाड़ी चलाई जाती है. इसके बावजूद, बढ़ती आलोचना और प्रशासनी हस्तक्षेप के बाद ब्लिंकिट ने अपना ब्रांड संदेश बदल दिया. संसद में भी उठा गिग वर्कर्स का मुद्दा गिग वर्कर्स की स्थिति संसद में भी गूंज चुकी है. अभी हाल ही में खत्म हुए संसद के सत्र में आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने गिग वर्कर्स के दर्द और पीड़ा का मुद्दा उठाया था. उन्होंने कहा कि ऐप-आधारित डिलीवरी कर्मी अत्यधिक दबाव में और कई बार खराब मौसम जैसी कठिन परिस्थितियों में काम करते हैं. उन्होंने क्विक कॉमर्स और दूसरे प्लेटफॉर्म बिजनेस के लिए स्पष्ट नियम बनाने और गिग वर्कर्स को सामाजिक सुरक्षा देने की मांग की. संसद में उन्होंने सम्मान, सुरक्षा और उचित वेतन पर जोर दिया था. सामाजिक सुरक्षा संहिता और ई-श्रम पोर्टल पहली बार गिग वर्कर्स और प्लेटफॉर्म वर्कर्स की परिभाषा सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 में दी गई है, जो 21 नवंबर 2025 से लागू हो चुकी है. इस संहिता में जीवन और विकलांगता बीमा, दुर्घटना बीमा, स्वास्थ्य और मातृत्व लाभ, वृद्धावस्था सुरक्षा जैसे उपायों का प्रावधान है. इसके अलावा, कल्याणकारी योजनाओं के वित्तपोषण के लिए सामाजिक सुरक्षा कोष और राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा बोर्ड की स्थापना का भी प्रावधान किया गया है. श्रम मंत्रालय ने 26 अगस्त 2021 को ई-श्रम पोर्टल लॉन्च कर असंगठित श्रमिकों और प्लेटफॉर्म वर्कर्स का राष्ट्रीय डेटाबेस भी तैयार किया है. गिग वर्कर की आवाज केंद्रीय श्रम मंत्रालय के दखल पर एक गिग वर्कर ने कहा, “प्रशासन ने जो किया है, वह अच्छा है. यह बहुत मुश्किल था. मेरे दो एक्सीडेंट हुए हैं, पैर दो बार फ्रैक्चर हुआ. अगर हमें ज्यादा समय मिलेगा, तो हमें ज्यादा सुविधा और सुरक्षा मिलेगी. पहले बहुत जल्दी डिलीवरी करनी पड़ती थी. जरा सी देरी से रेटिंग और रैंक पर असर पड़ता था.” इसे भी पढ़ें: एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक का मकर संक्रांति धमाका, ग्राहकों को मिल रही 111 से 10,000 तक की छूट क्विक कॉमर्स सेक्टर में बदलाव के संकेत ब्लिंकिट के फैसले को क्विक कॉमर्स मॉडल में बड़े बदलाव की शुरुआत माना जा रहा है. आने वाले समय में कंपनियां सिर्फ स्पीड के बजाय सुरक्षा, भरोसे और स्थिर डिलीवरी अनुभव पर ज्यादा जोर दे सकती हैं. इससे न सिर्फ गिग वर्कर्स की स्थिति में सुधार हो सकता है, बल्कि पूरे सेक्टर की छवि भी बदल सकती है. भाषा इनपुट के साथ इसे भी पढ़ें: खुशसमाचारी! बजट से पहले प्रशासन का तोहफा, इन लोगों के खाते में आएंगे 2000 रुपये, लिस्ट में अपना नाम चेक करें The post सिर्फ 10 मिनट में नहीं मिलेगी क्विक डिलीवरी! ब्लिंकिट ने टैगलाइन हटाया, अब स्विगी और जेप्टो की बारी appeared first on Naya Vichar.

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Samastipur News:बसंत पंचमी व गणतंत्र दिवस को लेकर प्रशासनिक स्तर पर सुरक्षा की तैयारी

Samastipur News:समस्तीपुर: जिले में आगामी बसंत पंचमी का त्योहार शांतिपूर्ण संपन्न कराने के लिए प्रशासनिक स्तर पर कवायद तेज हो गयी है. पुलिस अधीक्षक अरविंद प्रताप सिंह ने सभी एसडीपीओ और थानाध्यक्षों को पूजा कमेटी के साथ समन्वय स्थापित कर शांति समिति की बैठक आयोजित करने का निर्देश दिया है. पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार पूजा कमेटी सदस्यों को लाइसेंस लेना अनिवार्य है. सुरक्षा के दृष्टिकोण से लाइसेंस के लिए पूजा कमेटी से जुड़े लोगों का आधार कार्ड, पहचान पत्र, मोबाइल नंबर भी देना अनिवार्य है. पूजा पंडालों में डीजे और अश्लील गानों पर प्रतिबंध रहेगा. बता दें कि जिले में एक ओर 23 जनवरी को सरस्वती पूजा और 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस समारोह की तैयारी चल रही है. वहीं 24 जनवरी को जिला मुख्यालय में मुख्यमंत्री का कार्यक्रम भी प्रस्तावित है. इसको देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर जिले के संवेदनशील और अति संवेदनशील स्थलों की पहचान कर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की तैनाती की जा रही है. वहीं पुलिस गश्त भी बढ़ा दी गयी है. इसके अलावे इंटरनेट मीडिया पर भी पुलिस निगरानी कर रही है, ताकि किसी प्रकार के गलत अफवाह और भ्रामक सूचना फैलने से रोक जा सके. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post Samastipur News:बसंत पंचमी व गणतंत्र दिवस को लेकर प्रशासनिक स्तर पर सुरक्षा की तैयारी appeared first on Naya Vichar.

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फार्मर आईडी के लिए किसानों का किया निबंधन

फारबिसगंज. प्रखंड के हलहलिया पंचायत के लहसुनगंज वार्ड एक में दर्जनों किसानों का फार्मर आइडी बनाया गया. राजस्व कर्मचारी अनीश कुमार, किसान सलाहकार मुरली मनोहर, सुप्रिया कुमारी, कृषि समन्वयक प्रियंका कुमारी आदि ने किसानों के फार्मर आइडी बनाया. मौके पर राजस्व कर्मचारी अनीश कुमार ने बताया कि किसानों के लिए अब खेती से जुड़ी योजनाओं का लाभ लेना और भी आसान होने वाला है. केंद्र प्रशासन ने एक नयी पहल के तहत किसानों को एक यूनिक ‘फार्मर आइडी’ देने की योजना बनायी है, जो बिल्कुल एटीएम कार्ड की तरह काम करेगी. इस आइडी से किसानों को प्रशासन की सभी योजनाओं का लाभ मिलने में आसानी होगी और बार-बार दस्तावेज जमा करने की जरूरत नहीं पड़ेगी. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post फार्मर आईडी के लिए किसानों का किया निबंधन appeared first on Naya Vichar.

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मरीजों को समय पर जीवनरक्षक सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से किया रक्तदान

रक्तदान शिविर का हुआ सफल आयोजन सहरसा. युवा क्रांति मंच सिमरी बख्तियारपुर के तहत मंगलवार को अनुमंडलीय अस्पताल परिसर में एक विशाल रक्तदान शिविर का सफल आयोजन किया गया. यह कार्यक्रम पिरामल स्वास्थ्य के विशेष सहयोग एवं मंच के सदस्य पंकज कुमार निगम की माैजूदगी में संपन्न हुआ. शिविर का मुख्य उद्देश्य आकस्मिक परिस्थितियों एवं आपातकाल में रक्त की कमी से जूझ रहे मरीजों को समय पर जीवनरक्षक सहायता उपलब्ध कराना था. इस मौके पर युवा क्रांति मंच के सक्रिय सदस्यों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते स्वेच्छा से रक्तदान किया एवं समाज के सामने मानव सेवा की एक प्रेरणादायी मिसाल पेश की. कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य विभाग के वरीय अधिकारियों एवं सहयोगी संस्थाओं का मार्गदर्शन प्राप्त हुआ. मौके पर मौजूद अनुमंडलीय अस्पताल के उपाध्यक्ष डॉ अनुपम अभिषेक दत्ता एवं प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ आशीष कुमार ने रक्तदाताओं का उत्साहवर्धन किया. शिविर के सफल संचालन में अस्पताल प्रबंधक अखिलेश सिंह के साथ सहयोगी संस्था पिरामल स्वास्थ्य के जिला प्रबंधक रिपुंजय कुमार, डिस्ट्रिक्ट लीड अखिलेश कुमार एवं गांधी फेलो देवाशीष की महत्वपूर्ण भूमिका रही. जिला ब्लड बैंक की टीम से लैब टेक्नीशियन जगन्नाथ पाठक, नीलेश कुमार एवं अन्य स्वास्थ्य कर्मियों ने तकनीकी सहयोग प्रदान किया. आयोजकों ने कहा कि रक्तदान महादान है एवं एक यूनिट रक्त से कई जिंदगियां बचायी जा सकती है. स्थानीय नागरिकों ने युवा क्रांति मंच एवं पिरामल स्वास्थ्य की इस संयुक्त पहल की मुक्त कंठ से सराहना की. लोगों ने इस बात पर जोर दिया कि समाज में जागरूकता फैलाने के लिए ऐसे शिविरों का नियमित अंतराल पर आयोजन होना आवश्यक है. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post मरीजों को समय पर जीवनरक्षक सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से किया रक्तदान appeared first on Naya Vichar.

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