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January 16, 2026

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Patna Metro: पटना जंक्शन पर उतरते ही मिलेगी मेट्रो! गोलंबर पर खुदाई शुरू, स्टेशन के पास होंगे 2 एंट्री गेट, बदल जाएगा पूरा रूट मैप

Patna Metro: पटना मेट्रो परियोजना ने अब रफ्तार पकड़ ली है. जंक्शन गोलंबर के पास मेट्रो स्टेशन के लिए खुदाई का काम शुरू कर दिया गया है. यह वही जगह है जहां से शहर की सबसे व्यस्त आवाजाही होती है. मेट्रो प्राधिकरण के अनुसार इस पूरे खंड में छह अत्याधुनिक अंडरग्राउंड आइलैंड प्लेटफॉर्म तैयार किए जाएंगे, जो दुनिया के बड़े और आधुनिक अंडरग्राउंड मेट्रो स्टेशनों की तर्ज पर विकसित होंगे. सभी स्टेशन पूरी तरह वातानुकूलित होंगे और यात्रियों की सुविधा, सुरक्षा और सुगमता को प्राथमिकता दी जाएगी. पटना जंक्शन से रुकनपुरा तक बनेगा अंडरग्राउंड नेटवर्क इस अंडरग्राउंड सेक्शन में पटना जंक्शन के अलावा विद्युत भवन, विकास भवन, पटना जू, राजाबाजार और रुकनपुरा स्टेशन शामिल हैं. यह पूरा हिस्सा राजधानी के सबसे व्यस्त और महत्वपूर्ण इलाकों को मेट्रो नेटवर्क से जोड़ेगा. पटना जंक्शन स्टेशन को खास तौर पर इस तरह डिजाइन किया जा रहा है कि यहां रेलवे और मेट्रो के बीच सहज कनेक्टिविटी मिल सके. Progress Needs Patience 💙A Little Discomfort for a Lifetime of Comfort.Hold On, Patna… Something Big Is Coming 🚇Construction work near Patna Junction Metro Station is progressing steadily. At present, utility test pit work is underway to identify and safeguard existing… pic.twitter.com/76SePSKDwi — Patna Metro Rail Corporation (@PMRCLofficial) January 15, 2026 पटना जंक्शन मेट्रो स्टेशन के लिए दो प्रमुख एंट्री और एग्जिट प्वाइंट बनाए जाएंगे. पहला पुराने दूध मार्केट के पास होगा, जबकि दूसरा बुद्ध स्मृति पार्क के सामने बनेगा. दूध मार्केट वाले एंट्री-एग्जिट को जंक्शन गोलंबर से जोड़ने के लिए 17 मीटर लंबे सब-वे का निर्माण किया जाएगा. इसके लिए इलाके में बैरिकेडिंग कर दी गई है और खुदाई का काम शुरू हो चुका है. पटना जंक्शन के नीचे से गुजरेगी मेट्रो यह परियोजना तकनीकी दृष्टि से बेहद चुनौतीपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि मेट्रो लाइन को पटना जंक्शन के ठीक नीचे से गुजारा जाएगा. दोनों कॉरिडोर की लाइनें जंक्शन के पास मिलेंगी और इसके बाद मीठापुर की ओर जाने के लिए मेट्रो को रेलवे स्टेशन के नीचे से होकर निकलना होगा. इसके लिए रेलवे प्रशासन से एनओसी की जरूरत होगी. गहरी खुदाई के इस काम को अंजाम देने के लिए जून में नई टीबीएम मशीन लॉन्च की जाएगी. पटना जंक्शन के बाहर करबिगहिया की ओर मेट्रो लाइन अंडरग्राउंड से एलिवेटेड रूप में बदलेगी. इस सेक्शन के निर्माण की जिम्मेदारी हिंदुस्तान कंस्ट्रक्शन कंपनी को दी गई है. पूरे अंडरग्राउंड हिस्से को 36 महीनों की तय समय-सीमा में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है. अब पीएमआरसी की निगरानी में दूसरा फेज पटना मेट्रो के पहले चरण का निर्माण दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड की देखरेख में हुआ था, लेकिन दूसरा चरण अब सीधे पटना मेट्रो रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड की निगरानी में बनाया जा रहा है. इससे स्थानीय स्तर पर फैसले तेजी से लिए जा सकेंगे और परियोजना को नई गति मिलने की उम्मीद है. पटना जंक्शन के नीचे से मेट्रो का गुजरना सिर्फ एक तकनीकी उपलब्धि नहीं होगी, बल्कि यह राजधानी के शहरी विकास में एक ऐतिहासिक कदम साबित होगा. इससे ट्रैफिक का दबाव कम होगा, सार्वजनिक परिवहन मजबूत होगा और पटना देश के आधुनिक मेट्रो शहरों की कतार में खड़ा नजर आएगा. Also Read: CM Nitish Kumar: चंपारण की धरती से नीतीश कुमार की यात्रा का आगाज, जाने समृद्धि यात्रा का रूट प्लान The post Patna Metro: पटना जंक्शन पर उतरते ही मिलेगी मेट्रो! गोलंबर पर खुदाई शुरू, स्टेशन के पास होंगे 2 एंट्री गेट, बदल जाएगा पूरा रूट मैप appeared first on Naya Vichar.

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सेंसेक्स-निफ्टी की हुई सुस्त शुरुआत, क्या बजट से पहले बाजार ने ले लिया है शॉर्ट नैप?

Indian Stock Market 16 January 2026: शेयर बाजार की शुरुआत आज थोड़ी सुस्त रही है. निफ्टी और सेंसेक्स मामूली बढ़त के साथ तो खुले, लेकिन निवेशकों के चेहरे पर वो पुरानी वाली चमक गायब है. अगर आप सोच रहे हैं कि मार्केट में ये शांति क्यों है, तो जान लीजिए कि बाजार अभी “वेट एंड वॉच” मोड में है. एक तरफ विदेशी निवेशक (FPIs) लगातार अपना पैसा निकाल रहे हैं, तो दूसरी तरफ आने वाले बजट को लेकर भी निवेशक थोड़े कंफ्यूजन में हैं. निफ्टी आज 25,696 और सेंसेक्स 83,670 के आसपास झूल रहे हैं, जिससे साफ पता चलता है कि मार्केट अभी किसी बड़े ट्रिगर का इंतजार कर रहा है. मार्केट आज सुस्त क्यों है? मार्केट एक्सपर्ट अजय बग्गा का मानना है कि निवेशक फिलहाल किसी बड़े धमाके का इंतजार कर रहे हैं. 2026 के बजट से अभी बहुत ज्यादा उम्मीदें नहीं लगाई जा रही हैं, जिसकी वजह से ट्रेडिंग में वो जोश नजर नहीं आ रहा है. इसके अलावा, विदेशी निवेशक लगातार अपना पैसा निकाल रहे हैं, जो मार्केट की ग्रोथ को रोक रहा है. हालांकि, एक अच्छी समाचार ये है कि हिंदुस्तान और यूरोप (EU) के बीच ट्रेड डील को लेकर बातचीत काफी पॉजिटिव चल रही है. अगर 26 जनवरी तक यह डील पक्की हो जाती है, तो हिंदुस्तानीय बाजार को एक जबरदस्त बूस्ट मिल सकता है, क्योंकि इससे हिंदुस्तानीय सामान के लिए एक बहुत बड़ा ग्लोबल मार्केट खुल जाएगा. किन सेक्टर्स में हलचल दिख रही है? अगर हम सेक्टर्स की बात करें, तो आईटी (IT) स्टॉक्स आज चमक रहे हैं और करीब 1.61% की तेजी दिखा रहे हैं. एफएमसीजी (FMCG) और प्रशासनी बैंकों में भी थोड़ी बहुत खरीदारी का माहौल है. वहीं दूसरी ओर, ऑटो और फार्मा स्टॉक्स आज थोड़े लो फील कर रहे हैं और गिरावट के साथ ट्रेड कर रहे हैं. आज का दिन एक्शन से भरपूर होने वाला है क्योंकि रिलायंस इंडस्ट्रीज, विप्रो, टेक महिंद्रा और टाटा टेक्नोलॉजीज जैसी 10-12 बड़ी कंपनियां अपने तीसरी तिमाही (Q3) के रिजल्ट्स जारी करने वाली हैं. इन नतीजों का सीधा असर आज के क्लोजिंग मार्केट पर पड़ेगा. ग्लोबल मार्केट का क्या सीन है? दुनिया भर के बाजारों से संकेत थोड़े मिक्सड हैं. अमेरिका में एआई और सेमीकंडक्टर कंपनियों की वजह से माहौल अच्छा है, लेकिन एशियाई बाजारों में आज वो बात नहीं दिख रही है. आंकड़ों की बात करें तो 14 जनवरी को विदेशी निवेशकों (FIIs) ने करीब 4,781 करोड़ रुपये के शेयर बेचे थे, लेकिन हमारे देसी निवेशकों (DIIs) ने हार नहीं मानी और 5,217 करोड़ रुपये की खरीदारी करके मार्केट को सहारा दिया. कुल मिलाकर, एक्सपर्ट्स की सलाह यही है कि अभी बाजार में बहुत ज्यादा रिस्क लेने के बजाय थोड़ा संभलकर चलना ही समझदारी है. ये भी पढ़ें: सोना हुआ सस्ता लेकिन चांदी ने छुई आसमान की ऊंचाइयां, खरीदारी से पहले चेक करें आज के रेट्स The post सेंसेक्स-निफ्टी की हुई सुस्त शुरुआत, क्या बजट से पहले बाजार ने ले लिया है शॉर्ट नैप? appeared first on Naya Vichar.

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ईरान संकट टला! चार अरब देशों के समझाने पर ट्रंप ने अमेरिकी हमला रोका, रिपोर्ट में खुलासा

सऊदी अरब, कतर, ओमान और मिस्र ने अमेरिका के साथ कड़ी कूटनीति की ताकि ईरान में संभावित अमेरिकी सैन्य कार्रवाई को रोका जा सके. रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, इन चार अरब देशों ने 48 घंटे तक अमेरिका के साथ बातचीत की, जिसके बाद बुधवार को ट्रंप ने संकेत दिया कि उन्होंने फिलहाल किसी हमले का फैसला नहीं किया है. उन्होंने कहा कि ईरान में हुई हत्याओं की घटनाएं अब कम हो रही हैं. हमले को लेकर अरब देशों में डर का था माहौल अरब देशों को डर था कि अगर अमेरिका ईरान पर हमला करता है, तो इसका असर पूरे क्षेत्र पर पड़ेगा. एक गल्फ अधिकारी ने रॉयटर्स को बताया कि इन चार देशों ने वाशिंगटन को स्पष्ट कर दिया कि कोई भी हमला क्षेत्र में सुरक्षा और आर्थिक स्थिति पर नकारात्मक प्रभाव डालेगा, जिसका असर अंततः अमेरिका पर भी पड़ेगा. उन्होंने ईरान को भी चेताया कि अगर ईरान अमेरिकी प्रतिष्ठानों पर कोई प्रतिक्रिया करता है, तो इससे उसके अन्य देशों के साथ संबंध प्रभावित होंगे. रुख नरम करने पर जोर अधिकारी ने कहा कि इस कूटनीतिक प्रयास का मुख्य उद्देश्य रुख को शांत करना और किसी भी सैन्य कार्रवाई से बचना था, जिससे क्षेत्र में अस्थिरता न फैले. साथ ही, यह प्रयास ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम को लेकर बातचीत की संभावनाओं को भी बढ़ा सकता है. गल्फ देश डरते हैं कि अगर अमेरिका हमला करता है, तो उनके देश में मौजूद अमेरिकी सैन्य प्रतिष्ठान ईरानी प्रतिक्रिया का निशाना बन सकते हैं. इसके अलावा, क्षेत्र की वित्तीय स्थिति की रीढ़ माने जाने वाले ऊर्जा प्रतिष्ठान भी प्रभावित हो सकते हैं. ‘लॉक एंड लोड’ से ‘हत्या रुकी’ तक 2 जनवरी को ईरान में प्रदर्शन शुरू होने के कुछ ही दिन बाद, ट्रंप ने कहा था कि अमेरिका प्रदर्शनकारियों का समर्थन करने के लिए ‘लॉक और लोड’ यानी कि पूरी तरह तैयार और तत्पर है. उसके बाद के दिनों में, जब ईरान ने प्रदर्शनकारियों पर कड़ी कार्रवाई जारी रखी, ट्रंप ने संभावित सैन्य कार्रवाई की चेतावनी बढ़ा दी. लेकिन इसके बीच समाचारें आईं कि इजराइल और अरब देशों ने ट्रंप को सैन्य कार्रवाई रोकने के लिए मनाया क्योंकि ईरानी प्रशासन अभी पूरी तरह कमजोर नहीं हुई थी. अमेरिकी खून का हिसाब- लिंडसे ग्राहम अमेरिकी रिपब्लिकन सीनेटर और ट्रंप के समर्थक लिंडसे ग्राहम ने अरब देशों के मध्यस्थता प्रयासों की समाचारों पर कहा कि यह ‘बेहद परेशान करने वाली’ है. उन्होंने कहा कि सभी हेडलाइन यह दिखा रही हैं कि हमारे तथाकथित अरब सहयोगी ईरान की तरफ से हस्तक्षेप कर रहे हैं ताकि ट्रंप की निर्णायक सैन्य कार्रवाई रोकी जा सके. ईरानी शासन ने अमेरिकी खून बहाया है और लोग सड़कों पर मारे जा रहे हैं. ग्राहम ने आगे कहा कि अगर यह सच है कि अरब देश कह रहे हैं कि ‘ईरान के खिलाफ कोई कार्रवाई जरूरी नहीं’, जबकि निर्दोष लोगों की हत्या जारी है, तो उन्हें अपने भविष्य के सहयोगियों के बारे में फिर से सोचना पड़ेगा. ईरान में इंटरनेट एक सप्ताह से बंद है ईरान में इंटरनेट सेवा एक सप्ताह से बंद है, जिससे यह पता लगाना मुश्किल है कि कड़ी कार्रवाई कितनी व्यापक है. ईरान ह्यूमन राइट्स (IHRNGO) के अनुसार, 14 जनवरी तक ईरान में कुल 3,428 लोगों की मौत हुई. बुधवार को ट्रंप ने कहा कि ईरान में हत्याएं और फांसी की घटनाएं अब बंद हो गई हैं. उन्होंने कहा है कि हमें बताया गया है कि ईरान में हत्याएं रुक रही हैं. यह रुक गई हैं  और कोई फांसी की योजना नहीं है. मुझे भरोसेमंद स्रोत से यह जानकारी मिली है. ये भी पढ़ें: ईरान पर हमला नहीं करेगा अमेरिका, डोनाल्ड ट्रंप ने रात में खुद फोन कर दी जानकारी; ईरानी राजदूत का दावा ग्रीनलैंड पर ट्रंप का लक्ष्य साफ, व्हाइट हाउस बोला- यूरोपीय सैनिकों से फैसला नहीं बदलेगा The post ईरान संकट टला! चार अरब देशों के समझाने पर ट्रंप ने अमेरिकी हमला रोका, रिपोर्ट में खुलासा appeared first on Naya Vichar.

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Kartik Aaryan: ‘तू मेरी मैं तेरा’ के फेल होते ही कार्तिक आर्यन ने लिया चौंकाने वाला फैसला, मेकर्स को लौटाए 15 करोड़ रुपये

Kartik Aaryan: बॉलीवुड अभिनेता कार्तिक आर्यन इन दिनों अपनी एक फिल्म की वजह से नहीं, बल्कि अपने फैसले को लेकर सुर्खियों में हैं. हाल ही में रिलीज हुई उनकी रोमांटिक फिल्म ‘तू मेरी मैं तेरा, मैं तेरा तू मेरी’ बॉक्स ऑफिस पर उम्मीदों पर खरी नहीं उतर पाई. इस फिल्म से कार्तिक और मेकर्स दोनों को काफी उम्मीदें थी, क्योंकि इसमें कार्तिक के साथ अनन्या पांडे लीड रोल में थी और प्रमोशन भी बड़े स्तर पर किया गया था. लेकिन रिलीज के बाद फिल्म दर्शकों को खास प्रभावित नहीं कर सकी और कमाई के मामले में कमजोर साबित हुई. मेकर्स को वापस किए 15 करोड़ रूपये फिल्म के फ्लॉप होने के बाद जहां सितारे चुप्पी साध लेते हैं या अगली फिल्म की तैयारी में जुट जाते हैं, वहीं कार्तिक आर्यन ने ऐसा कदम उठाया, जिसने सभी को चौंका दिया. रिपोर्ट्स के मुताबिक, कार्तिक ने फिल्म के प्रोड्यूसर धर्मा प्रोडक्शन को अपनी फीस में से करीब 15 करोड़ रुपये वापस कर दिए हैं. कहा जा रहा है कि उन्होंने यह फैसला इसलिए लिया ताकि फिल्म के नुकसान का बोझ पूरी तरह मेकर्स पर न पड़े. कार्तिक के इस फैसले की इंडस्ट्री और सोशल मीडिया पर जमकर तारीफ हो रही है. हालांकि यह पहली बार नहीं है जब कार्तिक ने ऐसा किया हो. धुरंधर के तूफान में उड़ गई कार्तिक की फिल्म इससे पहले उनकी फिल्म ‘शहजादा’ जब बॉक्स ऑफिस पर नहीं चली थी, तब भी उन्होंने अपनी फीस का एक हिस्सा वापस कर दिया था, ताकि प्रोड्यूसर्स को ज्यादा नुकसान न उठाना पड़े. इसी वजह से इंडस्ट्री में कार्तिक को एक प्रोफेशनल और भरोसेमंद कलाकार माना जाता है. फिल्म के रिलीज के समय बॉक्स ऑफिस पर ‘धुरंधर’ का जबरदस्त तूफान चल रहा था. रणवीर सिंह की इस फिल्म ने बाकी फिल्मों को टिकने का मौका ही नहीं दिया और उसी लहर में कई छोटी-बड़ी फिल्में दबकर रह गई, जिनमें ‘तू मेरी मैं तेरा, मैं तेरा तू मेरी’ भी शामिल है. आने वाली फिल्म से है उम्मीदें इसी बीच यह समाचार भी आई थी कि फिल्म के फ्लॉप होने के बाद कार्तिक आर्यन, करण जौहर की टैलेंट एजेंसी डीसीएए से अलग हो गए हैं. हालांकि ये समाचारें गलत हैं और कार्तिक अब भी उनके साथ से जुड़े हुए हैं. अब अगर वर्क फ्रंट की बात करें तो कार्तिक आर्यन जल्द ही अपनी आने वाली फिल्म ‘नागजिला’ में नजर आने वाले हैं. इस फिल्म का फर्स्ट लुक पहले ही रिलीज हो चुका है और उसे दर्शकों से अच्छा रिस्पॉन्स भी मिला है.  ये भी पढ़ें: Laikey Laikaa Posters Out: खून और दर्द में सनी ‘लईकी लईका’ के पोस्टर्स ने मचाई हलचल, अभय वर्मा संग राशा थडानी की दिखी अनोखी केमिस्ट्री The post Kartik Aaryan: ‘तू मेरी मैं तेरा’ के फेल होते ही कार्तिक आर्यन ने लिया चौंकाने वाला फैसला, मेकर्स को लौटाए 15 करोड़ रुपये appeared first on Naya Vichar.

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Hair Fall Solution: सिर्फ 3 चीजें मिलाकर बालों में लगाएं, हेयर फॉल कम करने का आसान घरेलू तरीका

Hair Fall Solution: बालों का झड़ना आजकल बहुत आम समस्या बन गई है, और इसके कारण कई लोग लगातार परेशान रहते हैं. बाजार में महंगे शैंपू, कंडीशनर और सैलून ट्रीटमेंट्स तो मिलते हैं, लेकिन उनका असर हमेशा लंबा नहीं रहता और कभी-कभी बालों को नुकसान भी पहुंचा सकते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि सिर्फ 3 आम घरेलू चीजों से आप घर पर ही अपने बालों को मजबूत, घना और झड़ने से रोक सकते हैं? यह आसान नुस्खा बालों को पोषण देता है, स्कैल्प को स्वस्थ बनाता है और टूटते बालों को रोकता है. अगर आप भी कमजोर, पतले या टूटते बालों से परेशान हैं और चाहते हैं कि बाल स्वस्थ, घने और चमकदार बनें, तो इस तरीके को आजमाना आपके लिए बिल्कुल जरूरी है. अंडा – बालों को प्रोटीन और मजबूती दें अंडा बालों के लिए प्राकृतिक प्रोटीन का बेहतरीन सोर्स है. इसे बालों और स्कैल्प पर लगाने से जड़ों को मजबूती मिलती है और बाल टूटने से बचते हैं. सप्ताह में 1–2 बार अंडे का मास्क लगाने से बाल घने और मजबूत बनते हैं. नारियल तेल – झड़ते बालों से बचाए नारियल तेल में मौजूद फैटी एसिड और विटामिन ई बालों को पोषण देते हैं और हेयर फॉल को कम करते हैं. इसे हल्का गर्म करके स्कैल्प और बालों की जड़ों में लगाएं और 1–2 घंटे बाद धो लें. नियमित इस्तेमाल से बाल मजबूत और चमकदार बनते हैं. एलोवेरा जेल – बालों को प्राकृतिक नमी और पोषण एलोवेरा जेल बालों की नमी बनाए रखता है और स्कैल्प को ठंडक और पोषण देता है. एलोवेरा को नारियल तेल या अंडे के साथ मिलाकर मास्क बनाएं और बालों पर 30–40 मिनट के लिए लगाएं. यह बालों की जड़ों को मजबूत करता है और झड़ने की समस्या कम करता है. कैसे करें इस्तेमाल अंडा, नारियल तेल और एलोवेरा जेल को अच्छी तरह मिलाकर पेस्ट बना लें. इसे स्कैल्प और बालों में जड़ों तक लगाएं. 30–40 मिनट के लिए छोड़ दें और फिर हल्के शैंपू से धो लें. हफ्ते में 1–2 बार यह मास्क इस्तेमाल करें. Disclaimer: यह आर्टिकल सामान्य जानकारियों और मान्यताओं पर आधारित है. नया विचार इसकी पुष्टि नहीं करता है. The post Hair Fall Solution: सिर्फ 3 चीजें मिलाकर बालों में लगाएं, हेयर फॉल कम करने का आसान घरेलू तरीका appeared first on Naya Vichar.

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Bihar News: होली पर घर जाने की टेंशन खत्म! बिहार सरकार की 200 स्पेशल बसें, भारी छूट के साथ इस दिन से शुरू होगी बुकिंग

Bihar News: होली के त्योहार से पहले बिहार लौटने की तैयारी कर रहे प्रवासी कामगारों, छात्रों और नौकरीपेशा लोगों के लिए अच्छी समाचार है. बिहार राज्य पथ परिवहन निगम ने एक बार फिर विशेष फेस्टिवल बस सेवा शुरू करने का फैसला लिया है. 15 फरवरी से 15 मार्च तक लगभग 200 अंतरराज्यीय बसें चलाई जाएंगी, जिनमें एसी डीलक्स और नॉन-एसी डीलक्स बसें शामिल होंगी. इन बसों की टिकट बुकिंग 1 फरवरी से शुरू होगी और यात्री ऑनलाइन माध्यम से आसानी से अपनी सीट सुरक्षित कर सकेंगे. होली पर सुरक्षित और आरामदायक सफर का वादा हर साल होली के समय ट्रेनों में जबरदस्त भीड़ देखने को मिलती है. लाखों प्रवासी बिहार लौटने के लिए परेशान होते हैं, टिकट नहीं मिलने से उन्हें मजबूरी में जोखिम भरा सफर करना पड़ता है. इस स्थिति को देखते हुए बीएसआरटीसी ने फेस्टिवल बसों की व्यवस्था की है. ये बसें पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप मोड पर संचालित होंगी और यात्रियों को सुरक्षित, सुविधाजनक और समयबद्ध यात्रा का विकल्प देंगी. किन राज्यों से जुड़ेगा बिहार इन फेस्टिवल बसों का संचालन दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और झारखंड जैसे राज्यों के प्रमुख रूटों पर किया जाएगा. विभाग रूट और किराए को अंतिम रूप देने में जुटा है. इन बसों की सीट क्षमता 50 से 60 के बीच होगी, जिससे बड़ी संख्या में यात्रियों को लाभ मिल सकेगा. खास बात यह है कि राज्य प्रशासन इन बसों पर विशेष छूट देने की भी तैयारी कर रही है, ताकि किराया आम लोगों की पहुंच में रहे. टिकट बुकिंग होगी पूरी तरह डिजिटल यात्री बिहार राज्य पथ परिवहन निगम की आधिकारिक वेबसाइट bsrtc.bihar.gov.in पर जाकर ऑनलाइन टिकट बुक कर सकेंगे. भुगतान के लिए यूपीआई, डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड और नेट बैंकिंग जैसी सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी. निगम का दावा है कि यात्रियों की सहूलियत के लिए बस पड़ावों पर पुरुष और स्त्री दोनों के लिए स्वच्छ शौचालयों की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी. पिछले साल का अनुभव बना भरोसे की वजह बीएसआरटीसी ने पिछले साल भी फेस्टिवल सीजन में 220 अंतरराज्यीय बसों का संचालन किया था. 20 सितंबर से 19 नवंबर 2025 के बीच करीब 2.50 लाख यात्रियों ने इन बसों से सफर किया था. उस दौरान रोजाना औसतन 107 बसें चलाई गईं और सीटों की भराव दर 81 प्रतिशत रही. आठ हजार से अधिक टिकट ऑनलाइन बुक हुए थे. यह आंकड़े बताते हैं कि फेस्टिवल बस योजना यात्रियों के बीच काफी लोकप्रिय रही है. प्रवासियों के लिए राहत की पहल परिवहन मंत्री श्रवण कुमार ने कहा है कि हर वर्ष त्योहारों पर बिहार लौटने वाले प्रवासी कामगारों और छात्रों को ट्रेनों में भारी भीड़ का सामना करना पड़ता है. उनकी आरामदायक यात्रा सुनिश्चित करने के लिए परिवहन विभाग लगातार सकारात्मक कदम उठा रहा है. होली के मौके पर शुरू की जा रही यह बस सेवा उसी दिशा में एक मजबूत पहल है, जिससे लोग बेफिक्र होकर और सम्मानजनक तरीके से अपने घर पहुंच सकें. Also Read: अब नौकरी की टेंशन खत्म! बिहार प्रशासन ला रही नया जॉब पोर्टल, जानिए सीएम नीतीश का प्लान The post Bihar News: होली पर घर जाने की टेंशन खत्म! बिहार प्रशासन की 200 स्पेशल बसें, भारी छूट के साथ इस दिन से शुरू होगी बुकिंग appeared first on Naya Vichar.

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PM Kisan 22nd Installment: बजट 2026 से पहले आएगी खुशखबरी या करना होगा इंतजार? 22वीं किस्त को लेकर बड़ा अपडेट

PM Kisan 22nd Installment: देश के करोड़ों किसानों के लिए केंद्र प्रशासन की सबसे बड़ी योजना प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि को लेकर नई हलचल शुरू हो गई है. 21वीं किस्त सफलतापूर्वक खातों में पहुंचने के बाद, अब सभी की निगाहें 22वीं किस्त पर टिकी हैं. चूंकि 1 फरवरी 2026 को देश का आम बजट पेश होने वाला है, ऐसे में किसान यह जानने को उत्सुक हैं कि क्या बजट से पहले प्रशासन उनके खाते में खुशियों की किस्त भेजेगी. क्या है 22वीं किस्त का लेटेस्ट स्टेटस? वर्तमान में प्रशासन की ओर से 22वीं किस्त के भुगतान को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा या नोटिफिकेशन जारी नहीं किया गया है. नियम के मुताबिक, हर 4 महीने में एक किस्त जारी की जाती है. नवंबर 2025 में 21वीं किस्त आई थी, जिसका 4 महीने का सर्कल फरवरी 2026 में पूरा हो रहा है. विशेषज्ञों का मानना है कि बजट सत्र के दौरान या उसके तुरंत बाद किसानों को 2,000 रुपए का तोहफा मिल सकता है. क्या बढ़ेगी सम्मान निधि की राशि? इस बार के बजट से किसानों को काफी उम्मीदें हैं. सोशल मीडिया और कयासों के बाजार में यह चर्चा भी तेज है कि क्या प्रशासन सालाना मिलने वाली 6,000 रुपए की राशि को बढ़ा सकती है. हालांकि, आधिकारिक पुष्टि के लिए किसानों को 1 फरवरी के बजट भाषण का इंतजार करना होगा. अभी तक पीएम किसान पोर्टल पर अगली किस्त के लिए ‘Payment Processed’ का विकल्प नहीं दिखा है. किस्त अटकने से बचाएं, ये 3 काम हैं बेहद जरूरी अगर आप चाहते हैं कि 22वीं किस्त बिना किसी रुकावट के आपके खाते में आए, तो इन कार्यों को आज ही निपटा लें: बिना ई-केवाईसी के किस्त जारी नहीं की जाएगी. इसे पोर्टल पर जाकर तुरंत पूरा करें. सुनिश्चित करें कि आपका लैंड रिकॉर्ड पोर्टल पर Yes दिखा रहा है. लाभार्थियों की सूची में अपना नाम दोबारा चेक करें, क्योंकि डेटा अपडेशन के दौरान कई नाम लिस्ट से हटा दिए जाते हैं. इन स्टेप्स से देखें अपना नाम पीएम किसान की आधिकारिक वेबसाइट pmkisan.gov.in पर जाएं. ‘Beneficiary Status’ या ‘List’ पर क्लिक करें. अपना मोबाइल नंबर या रजिस्ट्रेशन नंबर दर्ज कर स्टेटस चेक करें. Also Read: क्या आपके खाते में भी नहीं आई लाडकी बहिन योजना की किस्त? जनवरी की इन्स्टॉल्मेंट को लेकर आया बड़ा अपडेट The post PM Kisan 22nd Installment: बजट 2026 से पहले आएगी खुशसमाचारी या करना होगा इंतजार? 22वीं किस्त को लेकर बड़ा अपडेट appeared first on Naya Vichar.

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Premanand Ji Maharaj: क्या शादी न करने से बच सकता है पुण्य? जानिए प्रेमानंद जी महाराज की राय

Premanand Ji Maharaj: शास्त्रों में पत्नी को पति की अर्धांगिनी कहा गया है. कहा जाता है कि पति द्वारा किए गए पुण्य कर्म, भक्ति और भजन का आधा फल पत्नी को प्राप्त होता है, जबकि पत्नी द्वारा किए गए पुण्य कर्मों का फल केवल पत्नी को ही मिलता है. ऐसे में प्रेमानंद जी महाराज के आश्रम में आए एक भक्त ने प्रश्न किया कि जब मेरे शुभ कर्मों का फल पत्नी को मिल जाता है और पत्नी के कर्मों का फल उन्हीं के पास रहता है, तो फिर मुझे क्या करना चाहिए? क्या मुझे विवाह ही नहीं करना चाहिए, ताकि मेरा पुण्य मेरे पास ही रहे? पूजा-पाठ का आधा फल भक्त की बात सुनकर प्रेमानंद जी महाराज मुस्कुराने लगे. उन्होंने भक्त से कहा कि जब आप किसी स्त्री से विवाह करते हैं, तब उनका हाथ अपने हाथ में पकड़ते हैं और उन्हें अपनी धर्मपत्नी बनाते हैं. इसका अर्थ यह है कि आप अपने धर्मकर्म का आधा अधिकार उन्हें दे देते हैं. पत्नी आपका हाथ नहीं पकड़ती, इसलिए उनके धर्मकर्मों में आपका कोई अधिकार नहीं होता—वह केवल उन्हीं का रहता है. महाराज ने आगे बताया कि शास्त्रों में वर्णित है कि पत्नी का कर्तव्य है पति के हर सुख-दुख में साथ देना, उनके प्रति समर्पित रहना और तन-मन से उनकी सेवा करना. यदि पत्नियां केवल इतना ही करें और भगवान का नाम-जप, पूजा-पाठ या भजन-कीर्तन न भी करें, तब भी उन्हें पूर्ण फल प्राप्त होता है. लेकिन पति को पुण्य प्राप्ति के लिए धार्मिक कर्म, भजन-कीर्तन, पूजा-पाठ और नाम-जप करना आवश्यक होता है. ऐसी सोच हुई तो कभी किसी का विवाह नहीं होगा प्रेमानंद जी महाराज ने कहा कि आपको डरने की आवश्यकता नहीं है. यदि लोग यह सोचकर विवाह न करने लगें कि उनका पुण्य पत्नी को मिल जाएगा, तो फिर किसी का विवाह ही नहीं होगा. पतियों को अपने कर्म और आचरण को अच्छा रखना चाहिए और बाकी सब भगवान पर छोड़ देना चाहिए. यह भी पढ़ें: Premanand Ji Maharaj: प्यार में दिल टूटने पर क्या करें? प्रेमानंद जी महाराज की यह सीख बदल देगी जिंदगी The post Premanand Ji Maharaj: क्या शादी न करने से बच सकता है पुण्य? जानिए प्रेमानंद जी महाराज की राय appeared first on Naya Vichar.

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संघर्ष से जननेता बने कॉमरेड महेंद्र सिंह, दामोदर नदी पार करके पहुंचते थे जनता के बीच, ऐसे शुरू हुई राजनीतिक यात्रा

Comrade Mahendra Singh, राकेश वर्मा, (बोकारो, बेरमो): झारखंड के इतिहास में कॉमरेड महेंद्र सिंह का नाम एक ऐसे जननेता के रूप में दर्ज है, जिन्होंने सत्ता और सुविधा के बजाय संघर्ष, सादगी और जनता के साथ खड़े रहने को अपनी नेतृत्व का आधार बनाया. विधायक बनने के बाद भी उनके जीवन-व्यवहार में कोई बदलाव नहीं आया था. वे आजीवन एक सामान्य कार्यकर्ता की तरह जनता के बीच रहे. पैदन नदी पार करके पहुंचते थे गांव बेरमो स्थित चार नंबर मोड़ से उतरकर जरीडीह बाजार होते हुए दामोदर नदी पार कर पैदल चलकरी गांव पहुंचना उनकी दिनचर्या का हिस्सा था. यह कोई प्रतीकात्मक कदम नहीं, बल्कि उनकी नेतृत्व की आत्मा थी. 1980 के दशक में आईपीएफ के बिहार राज्य सचिव के रूप में कॉमरेड महेंद्र सिंह ने चलकरी को जनसंघर्षों और संगठन विस्तार का एक मजबूत केंद्र बनाया. वे बस या ट्रेकर से क्षेत्र में आते, चार नंबर मोड़ पर उतरते और फिर पैदल दामोदर नदी पार कर गांवों तक पहुंचते थे. Also Read: ‘मां…’ भी नहीं बोल पाये थे शिशु, मुंह पर टेप चिपका ले गये मैदान की तरफ! अंश-अंशिका मामले में बड़ा खुलासा चलकरी गांव को केंद्र बनाकर माले को दी मजबूती 1990 में बगोदर से विधायक निर्वाचित होने के बाद भी उनकी यही दिनचर्या बनी रही. सत्ता की हैसियत उनके कदमों की चाल नहीं बदल सकी. चलकरी गांव को केंद्र बनाकर उन्होंने आईपीएफ और भाकपा (माले) संगठन को पूरे बेरमो-बगोदर क्षेत्र में मजबूती प्रदान की. जेल से शुरू हुई संगठित नेतृत्वक यात्रा 1985 में गिरिडीह जेल में बंद रहने के दौरान बेरमो के विस्थापित नेता काशीनाथ केवट से कॉमरेड महेंद्र सिंह की पहली मुलाकात हुई. उस समय काशीनाथ केवट छात्र नेता और झामुमो के केंद्रीय सदस्य थे. जेल में हुई लंबी नेतृत्वक चर्चाओं ने गहरा प्रभाव छोड़ा. रिहाई के बाद महेंद्र सिंह चलकरी पहुंचे और यहीं से एक संगठित नेतृत्वक यात्रा की शुरुआत हुई. काशीनाथ केवट आईपीएफ से जुड़े और क्षेत्र में जनसंघर्षों की ठोस नींव पड़ी. इसी क्रम में छात्र युवा संघर्ष वाहिनी के साथ मिलकर स्व. सिंह की रिहाई को लेकर जोरदार आंदोलन चला. वर्ष 1987-88 में बेरमो के संडे बाजार में जनसंस्कृति मंच का गठन किया गया, वहीं ग्रामीण क्षेत्रों के लिए जनवादी मजदूर किसान संघ की स्थापना हुई. प्रेस पाबंदी के खिलाफ लोकतांत्रिक प्रतिरोध जब बिहार में तत्कालीन जगन्नाथ मिश्र प्रशासन ने प्रेस पाबंदी विधेयक लाया, तब कॉमरेड महेंद्र सिंह के निर्देश पर सुबोध सिंह पवार के नेतृत्व में बेरमो अनुमंडल के पत्रकारों ने जनसंस्कृति मंच के बैनर तले तेनुघाट में विरोध प्रदर्शन किया. इस आंदोलन को स्वयं महेंद्र सिंह ने संबोधित किया. इसे क्षेत्र में लोकतांत्रिक प्रतिरोध की एक अहम घटना के रूप में याद किया जाता है. झुमरा मार्च और संघर्ष का निर्णायक मोड़ गोमिया प्रखंड के झुमरा पहाड़ क्षेत्र के ग्रामीणों के अनुरोध पर महेंद्र सिंह ने बहुचर्चित ‘झुमरा मार्च’ का नेतृत्व किया. इस दौरान विरोधियों द्वारा उन पर गोलियां चलाई गईं, जिसमें कार्यकर्ता अशोक महतो की मृत्यु हो गई. यह घटना क्षेत्रीय संघर्ष के इतिहास में एक दुखद लेकिन निर्णायक मोड़ साबित हुई. बबली हत्याकांड और लेवाटांड गोलीकांड में निर्णायक भूमिका 4 नवंबर 1999 को बबली हत्याकांड के खिलाफ तुपकाडीह में हुए आंदोलन के दौरान तत्कालीन अनुमंडलाधिकारी के आदेश पर हुई गोलीबारी में दो लोगों की मौत हो गई और कई लोग घायल हुए. भय और आतंक के माहौल में कॉमरेड महेंद्र सिंह मौके पर पहुंचे और साफ कहा कि यह मामला किसी नेतृत्वक दल का नहीं, बल्कि जनता की अस्मिता और सुरक्षा से जुड़ा प्रश्न है. उन्होंने सभी नेतृत्वक दलों से एकजुट होकर न्याय के लिए संघर्ष करने का आह्वान किया. फरवरी 2001 में बोकारो के लेवाटांड गोलीकांड के खिलाफ उन्होंने सदन और सड़क दोनों जगहों पर आंदोलन किया. दोषियों को सजा दिलाने की मांग को लेकर उन्होंने आमरण अनशन शुरू किया. छह दिनों तक चले अनशन के बाद विधानसभा अध्यक्ष द्वारा जांच और कार्रवाई का लिखित आश्वासन मिलने पर ही उन्होंने अनशन तोड़ा. शहादतों को स्मृति में बदलने वाला नेतृत्व बेरमो क्षेत्र की संघर्ष यात्रा में कई साथियों ने शहादत दी. 1990 में आईपीएफ के ‘दाम बांधो, काम दो’ नारे के साथ दिल्ली रैली में शामिल होने गये मोहर, तिलक और रामदास रविदास शहीद हो गये. इन तीनों साथियों के नाम का शीलापट्ट महेंद्र सिंह ने पटना में बनवाया और उसे कंधे पर लेकर पटना से जारंगडीह स्टेशन होते हुए संडे बाजार पहुंचे. इसके अलावा मेजर नागेंद्र प्रसाद की हत्या, सुखदेव महतो, चैता तूरी सहित अनेक साथियों का बलिदान आंदोलन की राह में दर्ज हुआ. हर कठिन क्षण में महेंद्र सिंह चट्टान की तरह खड़े रहे और संघर्ष की मशाल बुझने नहीं दी. जब साइलेंसर कंधे पर रखकर पहुंचे सभा स्थल भाकपा (माले) और विस्थापित नेता विकास कुमार सिंह बताते हैं कि गांधीनगर में एक बार आईपीएफ की बड़ी सभा आयोजित की गई थी. लोग महेंद्र सिंह को देखने और सुनने को उत्सुक थे. इसी दौरान एक साधारण कपड़ों में व्यक्ति कंधे पर मोटरसाइकिल का साइलेंसर लेकर पहुंचा. बाद में पता चला कि वही कॉमरेड महेंद्र सिंह हैं. रास्ते में मोटरसाइकिल का साइलेंसर टूटकर गिर गया था, जिसे उन्होंने जंगल के पत्तों की मदद से अपने कंधे पर रख लिया. Also Read: Jharkhand Weather: गुमला बन गया शिमला, तापमान 0.8 डिग्री सेल्सियस पहुंचा, अब भी येलो अलर्ट The post संघर्ष से जननेता बने कॉमरेड महेंद्र सिंह, दामोदर नदी पार करके पहुंचते थे जनता के बीच, ऐसे शुरू हुई नेतृत्वक यात्रा appeared first on Naya Vichar.

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iPhone के कैमरा मॉड्यूल के अंदर क्यों होता है ये काला डॉट? 90% यूजर्स नहीं जानते इसका काम

आपके हाथ में मौजूद iPhone के पीछे आमतौर पर दो या तीन कैमरे होते हैं. नॉन-प्रो मॉडल में ज्यादातर दो कैमरे मिलते हैं, जबकि प्रो मॉडल में तीन कैमरे होते हैं. अगर आपके iPhone में तीन कैमरे हैं, तो आपने कैमरा मॉड्यूल के अंदर एक थोड़ा बड़ा काला ‘डॉट’ भी देखा होगा. क्या कभी आपने सोचा है कि यह डॉट किस काम का है और इससे फोन को क्या फायदा मिलता है. आइए आपको बताते हैं.  LiDAR सेंसर होता है वो काला डॉट  कैमरा मॉड्यूल में काला डॉट दरअसल LiDAR सेंसर होता है, यानी लाइट डिटेक्शन एंड रेंजिंग. यह तकनीक इंफ्रारेड लेजर लाइट की मदद से आसपास की चीजों की दूरी और उनकी बनावट को मैप करती है. यही तकनीक सेल्फ-ड्राइविंग कारों में भी इस्तेमाल होती है. iPhone में LiDAR सेंसर फोटो की क्वालिटी सुधारने, AR (ऑगमेंटेड रियलिटी) ऐप्स चलाने और चीजों या लोगों की माप लेने में मदद करता है. आपको बता दें कि LiDAR सेंसर हर iPhone में नहीं मिलता. Apple ने इसे साल 2020 में iPhone 12 Pro और iPhone 12 Pro Max के साथ पेश किया था. इसके बाद से आए सभी Pro और Pro Max मॉडल्स में यह सेंसर कैमरा मॉड्यूल के अंदर मौजूद है. समय के साथ Apple ने इसे बेहतर जरूर बनाया है, लेकिन यह ऐसा फीचर नहीं है जिसे कंपनी कैमरे के मेगापिक्सल या लेंस साइज की तरह जोर-शोर से प्रमोट करती हो. LiDAR चुपचाप बैकग्राउंड में काम करता है और ज्यादातर समय आपको पता भी नहीं चलता कि यह मौजूद है. कैसे काम करता है LiDAR सेंसर? LiDAR सेंसर के अंदर एक लाइट भेजने वाला हिस्सा और एक रिसीवर होता है. इसमें इस्तेमाल होने वाला एमिटर VCSEL लेजर सेल्स से बना होता है, जो बहुत तेजी से रोशनी की किरणें छोड़ता है. ये रोशनी कैमरे के सामने मौजूद चीजों पर पड़ती है और वहां से इंफ्रारेड लाइट वापस रिसीवर तक लौट आती है. इसके बाद सिस्टम यह मापता है कि रोशनी को आने-जाने में कितना समय लगा. इसी आधार पर कैमरे और सामने मौजूद ऑब्जेक्ट के बीच की दूरी का पता चलता है, जिसे टाइम-ऑफ-फ्लाइट तकनीक कहा जाता है.  चूंकि हर पॉइंट की दूरी अलग होती है, इसलिए LiDAR iPhone को अपने आसपास का पूरा 3D मैप बनाने में मदद करता है. इसी डेप्थ मैप का इस्तेमाल यह जानने के लिए किया जाता है कि सब्जेक्ट कैमरे से कितनी दूर है, और यही तकनीक AR ऐप्स में भी काम आती है. आप iPhone के LiDAR सेंसर को खुद से ऑन नहीं कर सकते और न ही फोटो लेते वक्त या AR ऐप इस्तेमाल करते समय इसे अलग से चुनने का कोई ऑप्शन होता है. जब सॉफ्टवेयर को लगता है कि दूरी नापने या किसी कमरे को AR के लिए मैप करने की जरूरत है, तब यह सेंसर अपने आप काम करने लगता है. स्क्रीन पर इसे चालू करने के लिए कोई अलग बटन नहीं होता. यह भी पढ़ें: लैपटॉप चार्जर की केबल के बीच में ये बॉक्स क्यों होता है? जानिए इसका असली काम The post iPhone के कैमरा मॉड्यूल के अंदर क्यों होता है ये काला डॉट? 90% यूजर्स नहीं जानते इसका काम appeared first on Naya Vichar.

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