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January 17, 2026

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Manchurian Wrap Recipe: बाहर के रैप का स्वाद भूल जाएंगे, घर पर बनाएं बेहद टेस्टी और आसान मंचूरियन रैप

Manchurian Wrap Recipe: अगर आप बाहर के रैप्स का टेस्टी स्वाद घर पर ही पाना चाहते हैं, तो ये मंचूरियन रैप आपके लिए परफेक्ट ऑप्शन है. कुरकुरी मंचूरियन, फ्रेश सब्जियों और सॉस के साथ भरकर इसे आसानी से बनाया जा सकता है. यह रैप बच्चों और बड़ों, दोनों के लिए बढ़िया है और पार्टी, स्नैक या लंच के लिए भी बेहतरीन है. सिर्फ 30 मिनट में तैयार होने वाला ये रैप, स्वाद और हेल्दी दोनों का परफेक्ट कॉम्बिनेशन है. तो आइये जानते हैं कैसे आप सिर्फ कुछ आसान स्टेप्स में घर पर ही यह क्रिस्पी, टेस्टी और हेल्दी मंचूरियन रैप बना सकते हैं. Manchurian Wrap Recipe मंचूरियन रैप बनाने के लिए किन किन चीजों की जरुरत होती है? पत्ता गोभी – 1 कप, बारीक कटी हुईगाजर – ½ कप, कद्दूकस की हुईशिमला मिर्च – ½ कप, बारीक कटी हुईहरी मिर्च – 2, बारीक कटी हुईकॉर्नफ्लोर – 4 बड़े चम्मचमैदा – 2 बड़े चम्मचनमक – 1 छोटा चम्मचकाली मिर्च – ½ छोटा चम्मचलहसुन – 4 कलियां, कुटी हुईअदरक – 1 छोटा चम्मच, कद्दूकस किया हुआसोया सॉस – 2 बड़े चम्मचटमाटर केचप – 3 बड़े चम्मचचिली सॉस – 2 बड़े चम्मचहरा प्याज – ¼ कप, कटा हुआ (सजावट के लिए थोड़ा और रखें)तेल – तलने के लिएटॉर्टिला / रैप्स – 4सलाद / पत्ता गोभी की पत्तियां- 4मेयोनेज / दही सॉस – 2 बड़े चम्मच, ऑप्शनल घर पर मंचूरियन रैप कैसे बनाएं? मंचूरियन रैप बनाने के लिए सबसे पहले एक कड़ाही में तेल गर्म करें. जब तक तेल गरम हो रहा है तब तक एक बड़े बर्तन में पत्ता गोभी, गाजर, शिमला मिर्च और हरी मिर्च डालें. फिर इसमें कॉर्नफ्लोर, मैदा, नमक और काली मिर्च डालकर अच्छी तरह मिला लें. तैयार मिश्रण से छोटे-छोटे गोले बनाएं. अब तैयार गोले गरम तेल में सुनहरा और कुरकुरा होने तक तलें. फिर दूसरी ओर एक पैन में थोड़ा तेल गर्म करें और इसमें कटा लहसुन और अदरक भूनें. फिर हरा प्याज डालें और सोया सॉस, टमाटर केचप और चिली सॉस डालकर गाढ़ा सॉस बनाएं. तले हुए गोले इसमें डालें और अच्छी तरह मिला लें. इसके बाद टॉर्टिला हल्का टोस्ट करें और ऊपर सलाद की पत्तियां रखें. बीच में मंचूरियन और सॉस डालें. मेयोनेज या दही सॉस डालें और हरे प्याज या तिल से सजाएं. अब रैप को रोल करें और आधा काटकर गरमा गर्म परोसें और एन्जॉय करें. ये भी पढ़ें: Laphing Recipe: घर पर बनाएं तिब्बती स्टाइल का स्पाइसी और चटपटा लाफिंग, स्वाद में बिल्कुल स्ट्रीट फूड जैसा ये भी पढ़ें: Palak Sticks Recipe: हेल्दी, क्रिस्पी और टेस्टी पालक स्टिक्स, बच्चों से लेकर बड़ों तक हर किसी के लिए परफेक्ट The post Manchurian Wrap Recipe: बाहर के रैप का स्वाद भूल जाएंगे, घर पर बनाएं बेहद टेस्टी और आसान मंचूरियन रैप appeared first on Naya Vichar.

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ग्रीनलैंड को लेने वाली धमकियां दे रहे डोनाल्ड ट्रंप जाएंगे स्विट्जरलैंड, किस कार्यक्रम में होंगे शामिल?

अमेरिका को दुनिया की तमाम वैश्विक संस्थाओं (66 इंस्टीट्यूशंस) से बाहर निकालने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप स्विट्जरलैंड जाने वाले हैं. उन्होंने ग्रीनलैंड को लेने के अपने इरादे से पूरे यूरोप को मुश्किल में डाल दिया है. उनकी वजह से NATO में भी दरार पड़ रही है. इसी बीच अब वह 2026 में स्विट्जरलैंड के दावोस में होने वाली विश्व आर्थिक मंच (वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम-WEF) की वार्षिक बैठक में शामिल होंगे. WEF ने एक्स पर एक पोस्ट के जरिए यह घोषणा की. उसने यह याद दिलाया कि ट्रंप ने 2025 में अमेरिका के 47वें राष्ट्रपति के रूप में शपथ लेने के महज तीन दिन बाद ही फोरम को संबोधित किया था. विश्व आर्थिक मंच की यह बैठक 19 से 23 जनवरी तक आयोजित की जाएगी. इस दौरान प्रशासन, व्यापार जगत, नागरिक समाज और शिक्षा जगत से जुड़े विश्व नेता दावोस में एकत्र होंगे, ताकि वैश्विक मुद्दों पर दूरदर्शी चर्चा की जा सके और भविष्य की प्राथमिकताएं तय की जा सकें. WEF के इस कार्यक्रम को पांच प्रमुख वैश्विक चुनौतियों के इर्द-गिर्द डिजाइन किया गया है. इनमें प्रगति के लिए सभी हितधारकों (स्टेकहोल्डर्स) की भागीदारी के साथ सार्वजनिक-निजी संवाद और सहयोग आवश्यक माना गया है. इन चुनौतियों से निपटने में विकास, लचीलापन और नवाचार (इनोवेशन) को प्रमुख मार्गदर्शक सिद्धांत के रूप में रखा जाएगा, ताकि नेता आज की जटिलताओं को समझते हुए कल के अवसरों की ओर बढ़ सकें.  पांच दिवसीय यह शिखर सम्मेलन 23 जनवरी तक चलेगा. यह ‘संवाद की भावना (A Spirit of Dialogue)’ विषय के तहत आयोजित किया जा रहा है. इसमें विवादग्रस्त वैश्विक माहौल में सहयोग, नवाचार-आधारित विकास और समावेशी प्रगति (इनक्लूसिव प्रोग्रेस) पर विशेष जोर दिया जाएगा. इस शिखर सम्मेलन का उद्देश्य सहयोगात्मक चर्चा और रणनीतिक सहभागिता के माध्यम से वैश्विक आर्थिक (ग्लोबल इकॉनमी), भू-नेतृत्वक (जियो पॉलिटिक्स), तकनीक (टेक्नोलॉजी) और सामाजिक चुनौतियों से निपटना है.  .@realDonaldTrump, President of the United States of America @POTUS (@whitehouse) will join the @wef’s Annual Meeting 2026 in #Davos, Switzerland. Find out more about #WEF26 here: https://t.co/RlGhknKA2U Watch his special address from Davos 2025, delivered just three days… pic.twitter.com/q4vjtzfzdf — World Economic Forum (@wef) January 13, 2026 कौन-कौन शामिल होगा इस सम्मेलन में? WEF के अनुसार, 130 से अधिक देशों से लगभग 3,000 नेताओं के इसमें भाग लेने की उम्मीद है. यह इस मंच के इतिहास की सबसे बड़ी और उच्च-स्तरीय बैठकों में से एक होने वाली है. इनमें करीब 400 वरिष्ठ नेतृत्वक नेता, लगभग 65 राष्ट्राध्यक्ष या प्रशासन प्रमुख, और विकसित वित्तीय स्थितिओं के G7 समूह के छह नेता शामिल होंगे. नेतृत्वक नेताओं के अलावा, फोरम के एजेंडे में प्रमुख अंतरराष्ट्रीय संगठनों के शीर्ष अधिकारी भी शामिल होंगे. इनमें संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंतोनियो गुटेरेस, अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) की प्रबंध निदेशक क्रिस्टालिना जॉर्जीवा, और विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के महानिदेशक टेड्रोस अधानोम घेब्रेयेसस शामिल हैं, जो इस आयोजन के व्यापक बहुपक्षीय दृष्टिकोण को दर्शाता है. ANI के इनपुट के साथ. ये भी पढ़ें:- दक्षिणी अफ्रीकी देशों में बारिश-बाढ़ से भारी तबाही, 100 से ज्यादा लोगों की मौत, हजारों घर हुए तबाह बांग्लादेश में आम चुनाव से पहले जमात-ए-इस्लामी में फूट, महागठबंधन से निकली अहम पार्टी  ‘हिंदुओं को वोट देना जायज नहीं’, ‘मंदिर-मूर्तियां तोड़ने के लिए’; बांग्लादेश चुनाव के बीच कट्टरपंथियों की गूंज The post ग्रीनलैंड को लेने वाली धमकियां दे रहे डोनाल्ड ट्रंप जाएंगे स्विट्जरलैंड, किस कार्यक्रम में होंगे शामिल? appeared first on Naya Vichar.

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Bihar Politics: बिहार NDA में दही-चूड़ा पॉलिटिक्स, क्या टूटने वाली है उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी? नाराज विधायकों की खास मुलाकात ने बढ़ाई हलचल!

Bihar Politics: राष्ट्रीय लोक मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद उपेंद्र कुशवाहा ने पटना स्थित पार्टी कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान दल-बदल और नेतृत्वक उठापटक पर बेबाक टिप्पणी की. उन्होंने साफ किया कि उनकी पार्टी किसी को तोड़कर नहीं ला रही है, बल्कि जो लोग अपनी पुरानी पार्टी छोड़कर आ रहे हैं, वे अपनी मर्जी से रालोमो में शामिल हो रहे हैं. उनके इस बयान को बिहार की मौजूदा नेतृत्वक परिस्थितियों में बेहद अहम माना जा रहा है, जहां दलों के भीतर असंतोष और टूट की चर्चाएं लगातार सुर्खियों में हैं. टूटना उस पार्टी का, जाना उस व्यक्ति का फैसला उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि किसी पार्टी में टूट हो रही है या नहीं, यह उस दल का आंतरिक मामला है. लेकिन जो व्यक्ति या नेता टूटकर कहीं और जाता है, वह उसका निजी और नेतृत्वक निर्णय होता है. उन्होंने यह भी जोड़ा कि रालोमो किसी को जबरन या प्रलोभन देकर नहीं ला रही है. पार्टी में जो भी आ रहा है, वह अपनी सोच और नेतृत्वक दिशा तय करके आ रहा है. पटना: RLM प्रमुख और राज्यसभा सांसद उपेंद्र कुशवाहा का बड़ा बयान. दल-बदल पर खुलकर बोले. कहा-पार्टी किसी को तोड़कर नहीं ला रही. जो लोग आ रहे हैं, वे अपनी मर्जी से रालोमो में शामिल हो रहे हैं. बिहार की सियासी हलचल के बीच बयान अहम.#UpendraKushwaha #RashtriyaLokMorcha #BiharPolitics… pic.twitter.com/DTxiOOmRbB — Naya Vichar (@prabhatkhabar) January 17, 2026 मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की समृद्धि यात्रा को लेकर भी उपेंद्र कुशवाहा ने सकारात्मक रुख अपनाया. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जिस उद्देश्य से यात्रा पर निकले हैं, उसके लिए वे आभार व्यक्त करते हैं. साथ ही उन्होंने विपक्ष पर कटाक्ष करते हुए कहा कि उनकी स्थिति दिन-ब-दिन कमजोर होती जा रही है. उनके इस बयान को एनडीए के भीतर मजबूती और विपक्ष पर दबाव की नेतृत्व के रूप में देखा जा रहा है. रालोमो में नए चेहरों की एंट्री इसी प्रेस वार्ता के दौरान जदयू के पूर्व प्रदेश सचिव डॉ. चंदन यादव सहित कई नेताओं ने राष्ट्रीय लोक मोर्चा की सदस्यता ली. पार्टी कार्यालय में हुए इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में रालोमो के नेता और कार्यकर्ता मौजूद थे. इसे पार्टी के संगठन विस्तार और जमीनी पकड़ मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है. नाराज विधायक और दही-चूड़ा भोज की नेतृत्व इधर रालोमो के राष्ट्रीय अध्यक्ष से नाराज चल रहे विधायक रामेश्वर महतो और आलोक सिंह का भाजपा के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नवीन के दही-चूड़ा भोज में शामिल होना भी सियासी संकेत दे रहा है. दोनों विधायकों ने नितिन नवीन से मुलाकात कर उन्हें बधाई दी और इसे निजी संबंधों का हिस्सा बताया. उन्होंने यह जरूर कहा कि इस मुलाकात का कोई नेतृत्वक अर्थ नहीं निकाला जाना चाहिए, लेकिन नेतृत्व में ऐसी मुलाकातें हमेशा चर्चा का विषय बन जाती हैं. रालोमो में सब कुछ ठीक या अंदरूनी हलचल? उपेंद्र कुशवाहा का बयान जहां पार्टी की स्थिति को मजबूत दिखाने की कोशिश करता है, वहीं नाराज विधायकों की गतिविधियां यह इशारा करती हैं कि अंदरखाने कुछ असंतोष भी है. बिहार की नेतृत्व में यह दौर बयानबाजी और मुलाकातों से आगे बढ़कर आने वाले समय में बड़े समीकरणों का आधार बन सकता है. फिलहाल इतना तय है कि “कौन टूट रहा है और कहां जा रहा है” वाला सवाल अब सिर्फ नेतृत्वक नहीं, बल्कि रणनीतिक चर्चा का केंद्र बन चुका है. Also Read: पटना हॉस्टल कांड में SIT का गठन, NEET छात्रा मौत मामले में SSP ने क्या-क्या बताया? The post Bihar Politics: बिहार NDA में दही-चूड़ा पॉलिटिक्स, क्या टूटने वाली है उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी? नाराज विधायकों की खास मुलाकात ने बढ़ाई हलचल! appeared first on Naya Vichar.

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Mauni Amavasya 2026: पितरों की कृपा पाने का महासंयोग, मौनी अमावस्या पर करें ये अचूक उपाय

Mauni Amavasya 2026: माघ मास की अमावस्या को मौनी अमावस्या के नाम से जाना जाता है. यह तिथि सनातन धर्म में अत्यंत पवित्र और पुण्यदायी मानी जाती है. इस दिन मौन रहकर स्नान, दान और पितृ तर्पण करने का विशेष महत्व होता है. साथ ही, इसी दिन माघ मेले का तीसरा प्रमुख स्नान पर्व भी संपन्न होता है, जिसमें लाखों श्रद्धालु गंगा में आस्था की डुबकी लगाते हैं. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मौनी अमावस्या के दिन गंगा स्नान करने से समस्त पापों का नाश होता है और व्यक्ति को अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है. इसके अतिरिक्त यह दिन पितरों की शांति और पितृ दोष से मुक्ति के लिए भी अत्यंत फलदायी माना गया है. मौनी अमावस्या कब है? माघ मास की अमावस्या 18 जनवरी 2026, रविवार को है. अमावस्या तिथि प्रारम्भ – 17 जनवरी 2026 की रात 11:53 बजे अमावस्या तिथि समाप्त – 18 जनवरी 2026 की रात 01:08 बजे मौनी अमावस्या को माघी अमावस्या भी कहा जाता है. यह दिन गंगा स्नान, दान और श्राद्ध के लिए सर्वाधिक महत्वपूर्ण माना जाता है. गंगा स्नान से मिटते हैं पाप और शांत होगा पितृ दोष धार्मिक मान्यता है कि मौनी अमावस्या के दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर गंगा स्नान करने से जीवन में किए गए जाने-अनजाने सभी पाप समाप्त हो जाते हैं. यदि किसी कारणवश गंगा तट तक जाना संभव न हो, तो घर पर ही स्नान के जल में थोड़ा गंगाजल मिलाकर स्नान किया जा सकता है. इससे भी गंगा स्नान के समान पुण्य फल की प्राप्ति होती है. स्नान के पश्चात पितरों के नाम से तर्पण, श्राद्ध कर्म और दान-पुण्य अवश्य करना चाहिए. इस दिन सफेद वस्त्र, कंबल, अनाज या गर्म कपड़ों का दान विशेष शुभ माना जाता है. ऐसा करने से पितृ दोष के प्रभाव कम होते हैं और पितरों की कृपा से जीवन में सुख-समृद्धि आती है. मौनी अमावस्या पर पितरों के लिए खास उपाय मौनी अमावस्या के दिन स्नान के बाद एक पात्र में जल लें और उसमें कुश, अक्षत (चावल) और काले तिल मिलाएं. इसके बाद दक्षिण दिशा की ओर मुख करके पितरों के लिए जल अर्पित करें. तर्पण करते समय श्रद्धा भाव से ‘ॐ पितृभ्यो नमः’ मंत्र कम-से-कम 11 बार जप करें. साथ ही इस दिन ब्राह्मणों को भोजन कराना अत्यंत पुण्यदायी माना गया है. यदि संभव हो, तो हरिद्वार, गया, प्रयागराज जैसे पवित्र तीर्थस्थलों पर जाकर दान-पुण्य करना विशेष फल प्रदान करता है. मान्यता है कि इन उपायों से पितरों को संतोष प्राप्त होता है और वे अपने वंशजों को आशीर्वाद प्रदान करते हैं. पीपल पूजा से पितरों की कृपा और घर में सकारात्मक ऊर्जा हिंदू धर्म में यह विश्वास है कि पीपल के वृक्ष में पितरों का वास होता है. मौनी अमावस्या के दिन संध्या काल में पीपल के वृक्ष के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाना अत्यंत शुभ माना गया है. इसके साथ ही पीपल की जड़ में दूध और गंगाजल अर्पित करें. इसके पश्चात 7 बार पीपल वृक्ष की परिक्रमा करें और पितरों की शांति के लिए प्रार्थना करें. ऐसा करने से न केवल पितृ दोष शांत होता है, बल्कि घर-परिवार में सुख, शांति और सकारात्मक ऊर्जा का संचार भी होता है. यह भी पढ़ें: Mauni Amavasya 2026: मौनी अमावस्या पर मौन व्रत क्यों है जरूरी? जानिए पौराणिक कारण The post Mauni Amavasya 2026: पितरों की कृपा पाने का महासंयोग, मौनी अमावस्या पर करें ये अचूक उपाय appeared first on Naya Vichar.

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दक्षिणी अफ्रीकी देशों में बारिश-बाढ़ से भारी तबाही, 100 से ज्यादा लोगों की मौत, हजारों घर हुए तबाह

दक्षिणी अफ्रीका के देशों दक्षिण अफ्रीका, मोजाम्बिक और जिम्बाब्वे में मूसलाधार बारिश और उससे आई बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है. इसमें अब तक 100 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है. अधिकारियों ने शुक्रवार को चेतावनी दी कि क्षेत्र के कई देशों में मौसम की स्थिति और बिगड़ सकती है. दक्षिण अफ्रीका में तेज बारिश के चलते आई बाढ़ से उत्तरी प्रांतों में कम से कम 19 लोगों की मौत होने की पुष्टि हुई है. वहीं, पड़ोसी देश मोजाम्बिक में आपदा प्रबंधन एजेंसी के अनुसार अब तक 103 लोगों की मौत बारिश से जुड़ी घटनाओं में हो चुकी है. इन मौतों के पीछे बिजली गिरना, बाढ़ में बह जाना, कमजोर बुनियादी ढांचे का ढहना और हैजा जैसी बीमारियां शामिल हैं. विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP) ने बताया कि मोजाम्बिक के मध्य और दक्षिणी हिस्से सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं. यहां दो लाख से अधिक लोग बाढ़ की चपेट में आए हैं और हजारों घरों को नुकसान पहुंचा है. इस गरीब देश के पास सीमित संसाधन हैं. यह पिछले कुछ वर्षों में कई विनाशकारी चक्रवातों का सामना कर चुका है. इसी तरह जिम्बाब्वे की आपदा प्रबंधन एजेंसी ने जानकारी दी है कि वर्ष की शुरुआत से जारी भारी बारिश के कारण 70 लोगों की जान गई है, जबकि 1,000 से ज्यादा घर क्षतिग्रस्त हो चुके हैं. दक्षिण अफ्रीका, मोजाम्बिक और ज़िम्बाब्वे के मौसम विभागों ने चेतावनी दी है कि आगे भी बारिश होने की संभावना है, जिससे और अधिक विनाशकारी बाढ़ आ सकती है. सेना को बचाव के लिए उतरना पड़ा दक्षिण अफ्रीकी सेना उत्तरी लिम्पोपो प्रांत में हेलीकॉप्टरों के जरिए लोगों को सुरक्षित निकाल रही है, जहां लोग बाढ़ से बचने के लिए छतों या पेड़ों पर शरण लेने को मजबूर हो गए थे. साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की एक रिपोर्ट के मुताबिक, दक्षिणी अफ्रीका के तीन देशों में फंसे हुए लोगों को बचाने के लिए सेना के हेलीकॉप्टरों का इस्तेमाल किया गया. छतों पर फंसे लोगों को निकाला गया. बाढ़ का असर मेडागास्कर, मलावी और जाम्बिया में भी देखा गया है. सेना को दक्षिण अफ्रीका-जिम्बाब्वे सीमा पर एक चेकपोस्ट से पुलिस और सीमा सुरक्षा अधिकारियों को भी बचाना पड़ा. राष्ट्रपति रामाफोसा ने किया इलाके का दौरा एससीएमपी की रिपोर्ट के अनुसार, दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा ने गुरुवार को लिम्पोपो के बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया. उन्होंने बताया कि इस क्षेत्र में एक हफ्ते से भी कम समय में लगभग 400 मिमी (15 इंच से अधिक) बारिश हुई है. उन्होंने कहा कि जिस जिले का उन्होंने दौरा किया, वहां “36 घर ऐसे हैं जो धरती के चेहरे से पूरी तरह मिट गए हैं.” लिम्पोपो की प्रीमियर फोफी रामाथुबा ने बताया कि पूरे प्रांत में 1,000 से अधिक घर क्षतिग्रस्त हुए हैं, जिनमें से कई पूरी तरह बह गए हैं. वहीं एम्पुमालांगा प्रांत में भी भारी नुकसान हुआ है, जहां सड़कें और पुल क्षतिग्रस्त या पूरी तरह नष्ट हो गए हैं. नेशनल पार्क में भी बढ़ा बाढ़ का खतरा दुनिया के सबसे बड़े वन्यजीव अभयारण्यों में से एक, दक्षिण अफ्रीका का क्रूगर पार्क से सैकड़ों पर्यटकों और कर्मचारियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया. क्रूगर नेशनल पार्क लिम्पोपो और एम्पुमालांगा प्रांतों में लगभग 22,000 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला है. यह भी गंभीर बाढ़ से प्रभावित हुआ है. पार्क के प्रवक्ता रेनॉल्ड थाखुली ने बताया कि पार्क के शिविरों से करीब 600 पर्यटकों और कर्मचारियों को ऊंचाई वाले सुरक्षित इलाकों में पहुंचाया गया है. कई नदियों के उफान पर आने से शिविरों, रेस्तरां और अन्य क्षेत्रों में पानी भर गया है, जिसके बाद पार्क को नए आगंतुकों के लिए बंद कर दिया गया है. नेशनल पार्क एजेंसी ने कहा कि एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं. क्रूगर में अब तक किसी की मौत या चोट की सूचना नहीं है, हालांकि पार्क के कुछ हिस्से बाढ़ के कारण पूरी तरह कट गए हैं. चावल और मक्के की फसल हुई बर्बाद हाल के वर्षों में दक्षिणी अफ्रीका ने लगातार चरम मौसमी घटनाओं का सामना किया है. इनमें विनाशकारी चक्रवात शामिल हैं, जिनसे कई देशों में हजारों लोगों की मौत हुई. इसके साथ ही भीषण सूखे ने खाद्य संकट को और गहरा किया है. खासतौर पर ऐसे क्षेत्र में जहां पहले से ही खाद्य असुरक्षा आम समस्या रही है. विश्व खाद्य कार्यक्रम ने कहा कि मौजूदा बाढ़ के कारण मोजाम्बिक में 70,000 हेक्टेयर से अधिक फसलें पानी में डूब गई हैं. इनमें चावल और मक्का जैसी प्रमुख फसलें शामिल हैं. इससे उन हजारों छोटे किसानों के लिए खाद्य असुरक्षा और बढ़ गई है, जो अपने भोजन के लिए पूरी तरह फसल पर निर्भर हैं. क्यों हुई ऐसी बाढ़ लाने वाली बारिश अमेरिका की फेमिन अर्ली वॉर्निंग सिस्टम ने कहा कि दक्षिणी अफ्रीका के कम से कम सात देशों में बाढ़ की समाचारें हैं या इसकी आशंका जताई गई है. इसके पीछे ला नीना मौसम प्रणाली की मौजूदगी बताई जा रही है. यह दक्षिण-पूर्वी अफ्रीका के कुछ हिस्सों में भारी बारिश लाती है. दक्षिण अफ्रीकी मौसम सेवा ने इस क्षेत्र के लिए रेड-लेवल 10 अलर्ट जारी किया है, जो चेतावनी का सबसे ऊंचा स्तर है. इन देशों में अब भी डर का माहौल है, लोगों के बीच चिंता है कि बारिश फिर से आ सकती है.  पीटीआई-भाषा के इनपुट के साथ. ये भी पढ़ें:- बांग्लादेश में आम चुनाव से पहले जमात-ए-इस्लामी में फूट, महागठबंधन से निकली अहम पार्टी  ‘हिंदुओं को वोट जायज नहीं’, ‘मंदिर-मूर्तियाँ तोड़ने के लिए’, ‘दिल्ली के दलाल दिल्ली जाएं’; बांग्लादेश चुनाव के बीच कट्टरपंथियों की गूंज ‘शहबाज शरीफ ने कहा था कि मैंने कम से कम 1 करोड़ लोगों को बचाया’, ट्रंप ने अपने दावों को फिर दोहराया The post दक्षिणी अफ्रीकी देशों में बारिश-बाढ़ से भारी तबाही, 100 से ज्यादा लोगों की मौत, हजारों घर हुए तबाह appeared first on Naya Vichar.

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Yellow Suit Designs: पूजा के खास मौके पर पहनें ये खूबसूरत और ट्रेंडिंग सूट, हर लुक को बनाए परफेक्ट

Yellow Suit Designs: सरस्वती पूजा पर पीला रंग पहनना शुभ माना जाता है. यह रंग ज्ञान, शांति और सकारात्मकता का प्रतीक होता है. इसी वजह से इस खास दिन पर ज्यादातर लोग पीले कपड़े पहनना पसंद करते हैं. लेकिन हर बार वही सादा लुक बोरिंग लग सकता है. अगर आप चाहती हैं कि आपकी पूजा की ड्रेस सादी होते हुए भी सबसे अलग दिखे, तो सही डिजाइन चुनना बहुत जरूरी है. ऐसे में यहां हम आपके लिए लाए हैं ऐसे खूबसूरत और ट्रेंडिंग येलो सूट डिजाइन्स, जो आपको पारंपरिक के साथ-साथ स्टाइलिश लुक देंगे और सरस्वती पूजा पर आपकी खूबसूरती को और निखार देंगे. एम्ब्रॉयडरी येलो सूट | Embroidered Yellow Suit Design Embroidered yellow suit design सरस्वती पूजा के लिए हल्की एम्ब्रॉयडरी वाला येलो सूट बहुत अच्छा ऑप्शन होता है. यह सादा होने के साथ-साथ बहुत खूबसूरत भी लगता है. पूजा के माहौल में यह लुक काफी एलिगेंट दिखाई देता है. इसे हल्के गहनों के साथ आसानी से स्टाइल किया जा सकता है. अनारकली येलो सूट | Yellow Anarkali Suit Design Yellow anarkali suit design अगर आप ग्रेसफुल और थोड़ा रॉयल लुक चाहती हैं, तो येलो अनारकली सूट एक बेहतरीन चॉइस है. इसका फ्लो और डिजाइन पूजा के लिए परफेक्ट रहता है. दुपट्टे के साथ यह लुक और भी खास बन जाता है. यह हर उम्र की स्त्रीओं पर अच्छा लगता है. कॉटन येलो सूट | Yellow Anarkali Suit Design Yellow anarkali suit design पूजा के दिन आराम सबसे जरूरी होता है. ऐसे में कॉटन येलो सूट सबसे सही ऑप्शन माना जाता है. यह हल्का होता है और पूरे दिन पहनने में आराम देता है. सादा होते हुए भी यह लुक साफ और सुंदर दिखता है. प्रिंटेड येलो सूट | Printed Yellow Suit Design Printed yellow suit design अगर आप बहुत भारी कपड़े पहनना पसंद नहीं करतीं, तो प्रिंटेड येलो सूट एक अच्छा ऑप्शन है. इसमें फ्लोरल या ट्रेडिशनल प्रिंट बहुत अच्छे लगते हैं. यह लुक सिंपल, ट्रेंडी और पूजा के लिए बिल्कुल सही रहता है. स्ट्रेट कट येलो सूट | Straight Cut Yellow Suit Design Straight cut yellow suit design स्ट्रेट कट येलो सूट आजकल काफी ट्रेंड में है. यह लुक को मॉडर्न और क्लासी बनाता है. मिनिमल मेकअप और हल्के गहनों के साथ यह बहुत सुंदर लगता है. पूजा के मौके पर यह सूट सादगी और स्टाइल दोनों दिखाता है. ये भी पढ़ें: Yellow Saree Designs For Saraswati Puja: बसंत पंचमी पर पहनें ये लेटेस्ट पीली साड़ियां,हर कोई करेगा आपकी तारीफ The post Yellow Suit Designs: पूजा के खास मौके पर पहनें ये खूबसूरत और ट्रेंडिंग सूट, हर लुक को बनाए परफेक्ट appeared first on Naya Vichar.

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Basant Panchami Special Rajbhog Recipe: बसंत पंचमी पर बनाएं मुंह में घुलने वाली राजभोग मिठाई, त्योहार का आनंद होगा दोगुना  

Basant Panchami Special Rajbhog Recipe: किसी भी पर्व त्योहार के मौके पर मिठाई खाने की परंपरा तो बहुत पुरानी है. ऐसे में हर कोई बाजार से ही मिठाई लाकर खाते हैं. अब जब बसंत पंचमी का त्योहार सामने है तो आज हम आपको बंगाल की एक पारंपरिक मिठाई राजभोग की रेसिपी बताएंगे. इस मिठाई को आप घर पर बहुत ही आसानी बनाकर इस त्योहार का आनंद ले सकते हैं. इसे बनाने में समय बहुत कम लगता है. इसका स्वाद भी मजेदार होता है. खास मौके पर बनाई जाने वाली यह मिठाई पनीर और ड्राई फ्रूट्स की फीलिंग के साथ तैयार होता है. तो चलिए जानते हैं राजभोग मिठाई बनाने की बहुत ही सिंपल रेसिपी. राजभोग बनाने की सामग्री पनीर – 200 ग्राम मैदा – 1 टेबल स्पून पानी – 2 कप चीनी – 1/2 kg गोल्डन फूड कलर – 1/4 टी स्पून केसर – 1/8 टी स्पून इलायची पाउडर – 1 टी स्पून बादाम – 8 (उबालकर छीले हुए) पिस्ता – 8 (उबालकर छीले हुए) इसे भी पढ़ें: Rajasthani Pheni Sweet: बहुत ही खास है राजस्थान की मिठाई फेनी, इसकी खुशबू ही बना देगी दीवाना राजभोग बनाने का तरीका राजभोग बनाने के लिए आप पहले केसर, इलाइची पाउडर, बादाम और पिस्ते को एक साथ मिक्स कर लें. फिर आप पानी में चीनी डालकर उसे मीडियम आंच पर लगातार चलाते रहें. इसके पूरी तरह घुल जाने के बाद आप अब पनीर और मैदा को एक साथ नरम होने तक मिक्स करें. इस मिश्रण को आप 6 – 8 बराबर भागों में गोलाकार और पतला करके इसमें ड्राई फ्रूट का मिश्रण रखें और इसे गोलाकार बॉल बनाकर बंद कर दें. अब आप चीनी के पानी में घुलने के बाद उसमें फूड कलर डालकर आंच को तेज कर दें. फिर आप इसमें पनीर बॉल्स डालकर तेज आंच पर ही 15 से 20 मिनट के लिए पकने दें. आप इसमें हर 5 मिनट बाद पानी डालते रहें ताकि चीनी गाढ़ी न हो पाए. लीजिए आपका राजभोग बनकर तैयार हो चुका है. आप इसे ठंडा करके सबका मुंह मीठा करवा सकते हैं. इसे भी पढ़ें: Gulab Jamun Recipe: घर पर बनाएं बाजार जैसी सॉफ्ट और टेस्टी गुलाब जामुन, नोट करें रेसिपी इसे भी पढ़ें: kaju Jalebi Recipe: नहीं खाई होगी ऐसी शाही काजू जलेबी, बहुत आसान है इसकी रेसिपी The post Basant Panchami Special Rajbhog Recipe: बसंत पंचमी पर बनाएं मुंह में घुलने वाली राजभोग मिठाई, त्योहार का आनंद होगा दोगुना   appeared first on Naya Vichar.

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Self-Analysis to Save Relationship: जब लगे कि अब रिश्तों में कुछ भी नहीं बचा तब एक बार शांत मन से करें आत्म समीक्षा

Self-Analysis to Save Relationship: रिश्तों में कभी-कभी ऐसा दौर आता है जब सब कुछ अधूरा-सा लगने लगता है. बातचीत कम हो जाती है, छोटी-छोटी बातों पर नाराज़गी बढ़ने लगती है और मन में यह सवाल उठता है कि क्या अब यह रिश्ता चल भी पाएगा या नहीं. ऐसे समय में जल्दबाज़ी में कोई फैसला लेने के बजाय आत्म समीक्षा करना बेहद ज़रूरी हो जाता है. Self-Analysis to Save Relationship: रिश्तों में आत्म समीक्षा क्यों ज़रूरी है? रिश्ता सिर्फ सामने वाले इंसान से नहीं जुड़ा होता, बल्कि उसमें हमारी सोच, व्यवहार और भावनाएं भी उतनी ही अहम भूमिका निभाती हैं. आत्म समीक्षा हमें यह समझने में मदद करती है कि – क्या हम केवल उम्मीदें कर रहे हैं या रिश्ते में अपना योगदान भी दे रहे हैं? क्या हमारी अपेक्षाएं वास्तविक हैं या कल्पनाओं पर आधारित? क्या हमारे शब्द या व्यवहार अनजाने में सामने वाले को ठेस पहुंचा रहे हैं? जब हम खुद को समझने लगते हैं, तब रिश्तों की उलझनें धीरे-धीरे साफ होने लगती हैं. आत्म समीक्षा कैसे करें? आत्म समीक्षा कैसे करें? How self awareness can save your relationship 1. शांत मन से सोचेंगुस्से, दुख या निराशा की स्थिति में नहीं, बल्कि मन को शांत करके अपने रिश्ते पर विचार करें. 2. खुद से ईमानदार सवाल पूछें क्या मैं सामने वाले की बात ध्यान से सुनता/सुनती हूं? क्या मैं अपनी गलती स्वीकार करने की हिम्मत रखता/रखती हूं? 3. अपनी अपेक्षाएं लिखेंजो उम्मीदें आप अपने पार्टनर से रखते हैं, उन्हें लिखकर देखें. सोचें कि क्या ये अपेक्षाएं व्यवहारिक हैं. 4. अपने व्यवहार पर नज़र डालेंबार-बार होने वाले झगड़ों के पीछे अक्सर हमारा ही दोहराया गया व्यवहार कारण होता है. 5. भावनाओं और प्रतिक्रिया में अंतर समझेंजो हम महसूस करते हैं, ज़रूरी नहीं कि उसी तरीके से प्रतिक्रिया भी दें. रिश्तों में आत्म समीक्षा के फायदे बेहतर समझ विकसित होती है. जब प्रतिक्रिया पर नियंत्रण होता है, तो टकराव भी कम हो जाता है. रिश्ता मजबूत होता है. आत्म समीक्षा के बाद लिया गया फैसला पछतावे से दूर होता है. जब लगे कि रिश्ता टूटने की कगार पर है, तब बाहर दोष ढूंढने के बजाय अंदर झांकना सबसे जरूरी होता है. आत्म समीक्षा न केवल रिश्तों को संभालने में मदद करती है, बल्कि हमें एक बेहतर इंसान भी बनाती है. कई बार रिश्ता बचाने का सबसे पहला कदम खुद को समझना होता है. Also Read: Jaya Kishori Quotes on Love and Relationship: रिश्तों की सच्चाई बताएंगे ये कोट्स, जो गलतफहमियां दूर कर देंगे Also Read: Chanakya Niti: जब अपनों से ही मिले दुख और पीड़ा तब याद रखें आचार्य चाणक्य की ये 3 अमूल्य सीख The post Self-Analysis to Save Relationship: जब लगे कि अब रिश्तों में कुछ भी नहीं बचा तब एक बार शांत मन से करें आत्म समीक्षा appeared first on Naya Vichar.

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Mauni Amavasya 2026: मौनी अमावस्या के दिन भूलकर भी न करें ये काम, वरना लग सकता है पितृ दोष

Mauni Amavasya 2026: 18 जनवरी 2026 को मौनी अमावस्या की तिथि पड़ रही है. हिंदू धर्म में यह दिन स्नान-दान और पितरों के तर्पण के लिए अत्यंत उत्तम माना गया है. कहा जाता है कि इस दिन किए गए तर्पण से पूर्वज प्रसन्न होते हैं और अपने परिवार को आशीर्वाद देते हैं. हालांकि, इस दिन कुछ सावधानियां बरतना बेहद जरूरी होता है, वरना तर्पण कार्य पर बुरा प्रभाव पड़ सकता है और पितर नाराज भी हो सकते हैं. मौनी अमावस्या के दिन क्या करना चाहिए? मौन धारण करें मौनी अमावस्या के दिन मौन रहने की परंपरा है. इस दिन सुबह सूर्योदय से पहले उठकर स्नान करें और मौन धारण करने का संकल्प लें. मौन धारण करने से आत्मा को शांति मिलती है. दीपक जलाएं अमावस्या तिथि के दिन शाम के समय दक्षिण दिशा में दीपक जलाना शुभ माना गया है. दीपक जलाने के लिए सरसों या तिल के तेल और मिट्टी के दीये का प्रयोग करना चाहिए. भगवान विष्णु की आराधना करें मौनी अमावस्या के दिन भगवान विष्णु की आराधना करना बेहद फलदायक माना जाता है. इस दिन भगवान विष्णु को तिल अर्पित करना चाहिए. इससे नकारात्मकता का नाश होता है. काले तिल के लड्डू अर्पित करें पितृ दोष से राहत पाने के लिए इस दिन तिल से बने लड्डू किसी पवित्र नदी में अर्पित करने चाहिए. कहा जाता है कि इससे पितरों को मोक्ष की प्राप्ति होती है और पितृ दोष का नाश होता है. मौनी अमावस्या के दिन क्या नहीं करना चाहिए? देर तक न सोएं मौनी अमावस्या के दिन सूर्योदय के बाद नहीं सोना चाहिए. इसलिए सुबह जल्दी उठकर भगवान की आराधना, मंत्र जाप और ध्यान साधना करना उत्तम माना जाता है. तामसिक भोजन से बचें मौनी अमावस्या के दिन तामसिक भोजन का सेवन वर्जित माना गया है. कहा जाता है कि इस दिन तामसिक भोजन करने से पितर नाराज होते हैं और पितृ दोष लगने की संभावना बढ़ जाती है. नशीली चीजों का सेवन न करें इस दिन शराब, तंबाकू, गुटखा और सिगरेट जैसी नशीली चीजों का सेवन नहीं करना चाहिए. इसे अशुभ माना जाता है. मौन बीच में न तोड़ें यदि इस दिन मौन धारण करने का संकल्प लिया है, तो उसे बीच में नहीं तोड़ना चाहिए. ऐसा करना शुभ नहीं माना जाता है. यह भी पढ़ें: Mauni Amavasya 2026: मौनी अमावस्या पर मौन व्रत क्यों है जरूरी? जानिए पौराणिक कारण Disclaimer: यहां दी गई जानकारी केवल मान्यताओं और परंपरागत जानकारियों पर आधारित है. नया विचार किसी भी तरह की मान्यता या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. The post Mauni Amavasya 2026: मौनी अमावस्या के दिन भूलकर भी न करें ये काम, वरना लग सकता है पितृ दोष appeared first on Naya Vichar.

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Yeh Rishta Kya Kehlata Hai: रजत हत्याकांड में मिला बड़ा सबूत, सामने आई उस दिन की CCTV फुटेज, अरमान को सता रहा ये डर

Yeh Rishta Kya Kehlata Hai: ये रिश्ता क्या कहलाता है में दिखाया जाएगा कि अभीरा अपनी बेटी मायरा को समझाती है कि वाणी की कोई गलती नहीं है. मायरा कहती है कि वाणी अच्छी लड़की नहीं है और उसकी वजह से उसका जन्मदिन खराब हो गया. अभीरा उसे समझाती है कि वाणी की वजह से कुछ नहीं हुआ है. मायरा कहती है कि वाणी की वजह से उसके माता-पिता में लड़ाई हुई. दूसरी तरफ अरमान मित्तल के घर जाता है. वह मित्तल से मेहर को पेपर्स पर साइन करवाने की बात कहता है. मित्तल पर नाराज होगी मेहर मित्तल, अरमान को यकीन दिलाता है कि वह पेपर्स पर मेहर से साइन ले लेगा. मेहर उन दोनों की बात सुन लेती है. मेहर को मित्तल पर गुस्सा आता है क्योंकि वह अरमान का साथ दे रहा है. अरमान के जाने के बाद मित्तल, मेहर से कहता है कि अगर केस फिर से ओपन भी हो गया तो उन दोनों का कोई कुछ भी बिगाड़ नहीं सकता. पोद्दार हाउस में मायरा मकर संक्रांति मनाने से मना कर देती है क्योंकि अरमान और अभीरा नाराज है. दादी सा उससे कहती है कि वह उन दोनों को मिलाने की कोशिश करे ताकि त्योहार साथ में मनाया जा सके. अरमान को सताएगा ये डर अरमान, अभीरा को बताता है कि वह मेहर का केस फिर से ओपन करवा रहा है. ये सुनकर कृष, अभीरा पर वाणी को लेकर झूठ बोलने पर बुरा-भला कहता है. हालांकि अरमान उसे चुप करा देता है. अरमान मकर संक्रांति मनाने से मना कर देता है और मेहर के केस के लिए फर्म जाने का फैसला करता है. वाणी अपने माता-पिता को मिस करती है और अभीरा उसे संभालती है. वह उसके साथ पतंग उड़ाने की बात कहती है. ये रिश्ता क्या कहलाता है के अपकमिंग एपिसोड में दिखाया जाएगा कि रजत की हत्या वाले दिन की सीसीटीवी फुटेज मिलती है. अरमान इस केस को लड़ने से मना कर देता है. उसे डर लगता है कि अगर मेहर को सजा हुई तो उसे भी अनीता की हत्या के लिए जिम्मेदार माना जाएगा. यह भी पढ़ें– Yeh Rishta Kya Kehlata Hai: अपनी जान लेने की कोशिश करेगा अरमान? अभीरा की सच्चाई से फिर से ओपन होगा मेहर का केस The post Yeh Rishta Kya Kehlata Hai: रजत हत्याकांड में मिला बड़ा सबूत, सामने आई उस दिन की CCTV फुटेज, अरमान को सता रहा ये डर appeared first on Naya Vichar.

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