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January 17, 2026

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59 दिनों से लापता ओरमांझी के कन्हैया की तलाश में देशभर में छापेमारी! 7 राज्यों में रांची पुलिस की SIT एक्टिव

Ranchi Child Missing Case: 59 दिनों से लापता कन्हैया कुमार सहित अन्य बच्चों की सकुशल बरामदगी के लिए रांची पुलिस की एसआईटी सक्रिय हो गयी है. गुरुवार की देर रात से झारखंड सहित सात राज्यों में छापेमारी जारी है. झारखंड में रांची के सिल्ली थाना अंतर्गत टुटकी गांव, रामगढ़, लोहरदगा, गुमला और पलामू के अलावा बिहार के औरंगाबाद, राजस्थान के जयपुर, मुंबई, बंगाल और दिल्ली में मानव तस्करों की तलाश जारी है. नया विचार की एसआइटी भी ओरमांझी के शंकर घाट, सिलदिरी निवासी 12 वर्षीय कन्हैया कुमार की तलाश में मुहिम जारी रखे हुए है. जो भी सूचना मिल रही है, उसको रांची पुलिस की टीम से साझा कर रही है. पांच-छह गुलगुलिया परिवार के लोगों से हो रही पूछताछ कन्हैया की तलाश में सिल्ली थाना क्षेत्र के टूटकी गांव से पांच-छह गुलगुलिया परिवार के लोगों को पुलिस हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है. अभी तक मिली जानकारी के अनुसार, यूपी के मिर्जापुर मानव तस्कर गैंग का तार कन्हैया के मामले में भी जुड़ता दिख रहा है. धुर्वा से गायब हुए शिशु अंश-अंशिका में भी इसी गिरोह का हाथ था. रांची पुलिस की एसआईटी को इस मामले में कुछ सुराग हाथ लगे हैं. उसी आधार पर कार्रवाई की जा रही है. Also Read: मिर्जापुर गैंग के पास फिक्स थी धुर्वा से गायब शिशु अंश-अंशिका की डील, गिरफ्तार दंपती ने खोल दिये राज एसआईटी का नेतृत्व रांची के ग्रामीण एसपी के हाथ में अंश-अंशिका मामले में गिरफ्तार बिहार के औरंगाबाद के नभ खेरवार और रामगढ़ निवासी उसकी पत्नी सोनी कुमार से जुड़े लोगों के सिल्ली और रामगढ़ क्षेत्र में होने की सूचना एसआईटी को मिली है. रांची पुलिस की एसआईटी का नेतृत्व रांची के ग्रामीण एसपी प्रवीण पुष्कर कर रहे हैं. इनकी टीम में रांची के सिटी एसपी पारस राणा और ट्रैफिक एसपी राकेश कुमार सिंह के अलावा कई डीएसपी और विभिन्न थानों के प्रभारी सहित अन्य पुलिस बल शामिल हैं. रांची एसएसपी राकेश रंजन कर रहे हैं मॉनिटरिंग कन्हैया के मामले की पूरी मॉनिटरिंग रांची के एसएसपी राकेश रंजन कर रहे हैं. उधर, कन्हैया की आस में उसकी मां शांति देवी और उसके परिजन शिशु की आस में टकटकी लगाये हुए हैं. मां रह-रहकर बेटे को याद कर रो पड़ती है. पुलिस ने कन्हैया की गुमशुदगी का पंपलेट लगाया, सूचना देने पर मिलेगा उचित इनाम कन्हैया की तलाश को लेकर ओरमांझी पुलिस ने शुक्रवार को चुटुपालू टोल प्लाजा के पास रांची से बिहार, यूपी, बंगाल सहित अन्य स्थानों पर जाने वाली बसों में पोस्टर चिपकाया. पोस्टर पर कन्हैया कुमार को सूचना देने वाले को उचित इनाम देने की घोषणा भी पुलिस के स्तर से की गयी है. कन्हैया के संबंध में उसके बड़े भाई कृष्णा के मोबाइल नंबर 8936877150, सिल्ली डीएसपी के 9431770066 और ओरमांझी थाना के 9431706183 नंबर पर सूचना दे सकते हैं. सूचना देने वाले का नाम गोपनीय रखा जायेगा. Also Read: झारखंड स्वास्थ्य विभाग ने Nipah Virus को लेकर जारी की एडवाइजरी, सदर अस्पतालों को किया आगाह The post 59 दिनों से लापता ओरमांझी के कन्हैया की तलाश में देशभर में छापेमारी! 7 राज्यों में रांची पुलिस की SIT एक्टिव appeared first on Naya Vichar.

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बांग्लादेश में आम चुनाव से पहले जमात-ए-इस्लामी में फूट, महागठबंधन से निकली अहम पार्टी 

बांग्लादेश में 12 फरवरी को होने वाले आम चुनाव से पहले जमात इस्लामी ने एकजुटता की कोशिश की थी. उसने इस्लाम समर्थकों का एक गठबंधन तैयार किया था. लेकिन एक प्रमुख इस्लामी नेतृत्वक दल ने शुक्रवार को जमात-ए-इस्लामी के नेतृत्व वाले गठबंधन से अलग होने की घोषणा की. इससे आगामी आम चुनाव में सभी इस्लाम समर्थक मतों को बटोरने की पहल प्रभावी रूप से समाप्त हो गई है. इस गठबंधन से अलग होने वाली पार्टी का नाम है इस्लामी आंदोलन बांग्लादेश.  इस्लामी आंदोलन बांग्लादेश के वरिष्ठ संयुक्त महासचिव गाजी अताउर रहमान ने पत्रकारों से कहा कि उनकी पार्टी ने सीट बंटवारे में ‘न्याय से वंचित’ किया गया. इस वजह से उसने 11-दलीय गठबंधन छोड़ने का फैसला किया है. उन्होंने जमात-नेतृत्व वाले समूह पर “इस्लामी आदर्शों से भटकने” का भी आरोप लगाया. अताउर रहमान ने कहा, “बांग्लादेश इस्लामी आंदोलन अपने दम पर चुनाव में हिस्सा लेगा. हम 300 में से 268 सीटों पर चुनाव लड़ेंगे.” उन्होंने यह भी जोड़ा कि शेष सीटों पर उनकी पार्टी योग्य उम्मीदवारों को समर्थन देगी. बिना चर्चा तारिक रहमान से मिले जमात प्रमुख अताउर रहमान के अनुसार, जमात के प्रमुख ने बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के चेयरमैन तारीक रहमान के साथ मुद्दों को सुलझाने की बात कही. लेकिन इस मुद्दे पर उन्होंने इस्लामी आंदोलन के साथ कोई चर्चा नहीं की गई. इस घोषणा के साथ ही जमात-नेतृत्व वाले गठबंधन में ‘आंदोलन’ की भागीदारी औपचारिक रूप से समाप्त हो गई. यह घटनाक्रम उस बैठक के एक दिन बाद सामने आया, जिसमें महागठबंधन ने 179 सीटें जमात को और 30 सीटें छात्र-नेतृत्व वाली नेशनल सिटिजन पार्टी को देने का फैसला किया था, जबकि 47 सीटें इस्लामी आंदोलन के लिए खाली छोड़ी गई थीं. इस बैठक का इस्लामी आंदोलन ने बहिष्कार किया था. ‘सत्ता के नजदीक आते ही रुख से पीछे हट रहे’ अताउर रहमान ने कहा, “हम तब हैरान रह गए जब जमात के अमीर डॉ. शफीकुर रहमान ने स्पष्ट रूप से कहा कि सत्ता में आने पर वे देश का शासन मौजूदा कानूनों के अनुसार करेंगे, न कि इस्लामी शरिया के अनुसार.” उन्होंने आरोप लगाया कि जमात ने चुनाव से पहले एक समझौता कर लिया है, जिससे यह आशंका पैदा होती है कि “क्या यह एक दिखावटी (स्टेज्ड) चुनाव होगा.” रहमान ने कहा, “जमात का नारा था- ‘हमें अल्लाह का कानून चाहिए, हमें ईमानदार लोगों का शासन चाहिए.’ लेकिन अब जब उनके सत्ता में आने का माहौल बनता दिख रहा है, तो वे उस रुख से पीछे हट रहे हैं और सत्ता को प्राथमिकता दे रहे हैं.” पीटीआई-भाषा के इनपुट के साथ. ये भी पढ़ें:- ‘हिंदुओं को वोट जायज नहीं’, ‘मंदिर-मूर्तियाँ तोड़ने के लिए’, ‘दिल्ली के दलाल दिल्ली जाएं’; बांग्लादेश चुनाव के बीच कट्टरपंथियों की गूंज ‘शहबाज शरीफ ने कहा था कि मैंने कम से कम 1 करोड़ लोगों को बचाया’, ट्रंप ने अपने दावों को फिर दोहराया ट्रम्प ने गाजा ‘बोर्ड ऑफ पीस’ मेंबर्स का किया खुलासा, दामाद, टोनी ब्लेयर समेत कई लोग शामिल, इस हिंदुस्तानवंशी को भी मिला मौका The post बांग्लादेश में आम चुनाव से पहले जमात-ए-इस्लामी में फूट, महागठबंधन से निकली अहम पार्टी  appeared first on Naya Vichar.

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Chanakya Niti: सफलता को आपकी ओर खींचती हैं ये 5 आदतें

Chanakya Niti के अनुसार सफलता कोई अचानक मिलने वाला चमत्कार नहीं है, बल्कि यह व्यक्ति की सोच, आदतों और व्यवहार का परिणाम होती है. आचार्य चाणक्य मानते थे कि जो व्यक्ति स्वयं को भीतर से मजबूत बनाता है, वही बाहरी दुनिया में भी ऊंचाइयों तक पहुंचता है. आज के समय में भी ये सिद्धांत उतने ही प्रासंगिक हैं. आइए जानते हैं वे 5 मुख्य आदतें, जो सफलता को आपकी ओर आकर्षित करती हैं. How These 5 Habits Attract Success: किस तरह ये 5 आदतें आपको ले जाती है सफलता के सबसे समीप 1. आत्मविश्वास (Self-Belief) चाणक्य नीति कहती है –  जो स्वयं पर विश्वास नहीं करता, वह कभी विजयी नहीं हो सकता.आत्मविश्वास एक शांत लेकिन अडिग विश्वास है कि आप अपने लक्ष्य को हासिल कर सकते हैं. यह आपको जोखिम लेने, असफलताओं से उबरने और दूसरों की राय से प्रभावित हुए बिना आगे बढ़ने की ताकत देता है. 2. अनुशासन (Discipline) प्रेरणा अस्थायी होती है, लेकिन अनुशासन स्थायी. अनुशासन वह आदत है जो आपको हर हाल में काम करने के लिए प्रेरित करती है. चाणक्य के अनुसार, जो व्यक्ति स्वयं के नियमों का पालन करता है, वही अपने सपनों को साकार करता है. 3. असहजता को अपनाना (Embracing Discomfort) आरामदायक जीवन में कभी किसी का विकास नहीं होता. डर, असफलता और अनिश्चितता को अपनाना ही असली प्रगति का संकेत है. चाणक्य नीति सिखाती है कि कठिन परिस्थितियां ही व्यक्ति को मजबूत बनाती हैं. 4. ऊर्जा की रक्षा (Protect Your Energy) हर किसी को अपनी ऊर्जा, समय और मानसिक शांति तक पहुंच देना बुद्धिमानी नहीं है. ना कहना स्वार्थ नहीं, बल्कि आत्म-संरक्षण है. सही संगति और सकारात्मक विचार सफलता का मार्ग प्रशस्त करते हैं. 5. निरंतरता (Consistency) प्रतिभा और अवसर तभी फल देते हैं जब उनके साथ निरंतर प्रयास जुड़ा हो. रोज़ थोड़ा-थोड़ा आगे बढ़ना, असफलताओं के बाद भी प्रयास जारी रखना – यही सच्ची निरंतरता है. जब ये 5 आदतें जीवन का हिस्सा बन जाती हैं, तो सफलता स्वयं आपके कदम चूमती है. Also Read: Chanakya Niti: लोगों के इरादे पहचानें इन हरकतों से, कभी नहीं मिलेगा जीवन में धोखा Also Read: Chanakya Niti: हज़ार कोशिशों के बाद भी कोई आपको नुकसान नहीं पहुंचा पाएगा – बस ये 11 सीख याद रखें Disclaimer: यह आर्टिकल सामान्य जानकारियों और मान्यताओं पर आधारित है. नया विचार इसकी पुष्टि नहीं करता है. The post Chanakya Niti: सफलता को आपकी ओर खींचती हैं ये 5 आदतें appeared first on Naya Vichar.

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Bihar News: अब मुंबई नहीं, बिहार में गूंजेगा लाइट..कैमरा.. एक्शन!, 40 फिल्मों को मिली शूटिंग की मंजूरी

Bihar News: बिहार अब केवल भोजपुरी या क्षेत्रीय सिनेमा तक सीमित नहीं रहा है. राज्य की बिहार फिल्म प्रोत्साहन नीति ने उसे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय फिल्म मानचित्र पर एक नई पहचान दी है. अब तक 40 फिल्मों को शूटिंग की अनुमति दी जा चुकी है, जिनमें से 33 फिल्मों का निर्माण कार्य सफलतापूर्वक पूरा भी हो चुका है. यह आंकड़ा इस बात का संकेत है कि फिल्म निर्माताओं का भरोसा बिहार पर लगातार बढ़ रहा है और राज्य सिनेमा के लिए एक फिल्म फ्रेंडली डेस्टिनेशन बन चुका है. पटना से राजगीर तक कैमरे की चमक पटना, राजगीर, नालंदा, गया, भागलपुर और मोतिहारी जैसे शहर अब फिल्मों की शूटिंग के लिए नई पहचान बना रहे हैं. राजगीर की पहाड़ियां, नालंदा का ऐतिहासिक गौरव, गया के धार्मिक स्थल, भागलपुर की प्राकृतिक खूबसूरती और मोतिहारी की साहित्यिक विरासत फिल्मकारों को अपनी ओर खींच रही है. इन लोकेशनों ने फिल्मों को न सिर्फ एक अलग विजुअल सीन दिया है, बल्कि बिहार की छवि को भी देश-दुनिया में नई ऊंचाई दी है बिहार में अब केवल भोजपुरी और मगही फिल्मों की शूटिंग नहीं हो रही, बल्कि हिंदी और अंग्रेजी फिल्मों के प्रोजेक्ट भी तेजी से बढ़े हैं. यह बदलाव बताता है कि बिहार का सिनेमा अब क्षेत्रीय सीमाओं को तोड़कर राष्ट्रीय और वैश्विक मंच की ओर बढ़ चुका है. बिहार फिल्म प्रोत्साहन नीति ने परमिट प्रक्रिया को आसान बनाकर फिल्म निर्माताओं को भरोसेमंद माहौल दिया है. स्थानीय कारोबार को मिल रहा नया जीवन फिल्म शूटिंग से बिहार के होटल, कैटरिंग, ट्रांसपोर्ट, लाइटिंग, सेट डिजाइन और लोकल टेक्नीशियन जैसे क्षेत्रों को बड़ा लाभ मिल रहा है. शूटिंग के दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों को काम मिल रहा है, जिससे रोजगार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं. सिनेमा अब केवल कला का माध्यम नहीं रहा, बल्कि बिहार के लिए आर्थिक विकास का एक मजबूत इंजन बनता जा रहा है. राज्य प्रशासन तकनीकी कौशल विकास पर भी जोर दे रही है. बिहार राज्य फिल्म विकास निगम द्वारा आयोजित वर्कशॉप और मास्टर क्लास के जरिए युवाओं को कैमरा ऑपरेशन, साउंड रिकॉर्डिंग, एडिटिंग और फिल्म प्रोडक्शन की बारीकियां सिखाई जा रही हैं. इससे स्थानीय युवाओं को बाहर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी और उन्हें अपने ही राज्य में रोजगार के अवसर मिल सकेंगे. मुंबई में होगी बड़ी बैठक, खुलेगा नया रास्ता कला एवं संस्कृति विभाग के मंत्री अरुण शंकर प्रसाद ने बिहार को उभरता हुआ फिल्म हब बताते हुए मार्च-अप्रैल में मुंबई में बड़े फिल्म निर्माताओं और निर्देशकों के साथ विशेष बैठक आयोजित करने का निर्देश दिया है. इसका मकसद बिहार को एक मजबूत फिल्म डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित करना और ज्यादा से ज्यादा प्रोजेक्ट राज्य में लाना है. बिहार अब सिर्फ इतिहास की धरती नहीं, बल्कि सिनेमा की नई प्रयोगशाला बनता जा रहा है. कैमरे की रौशनी में चमकता यह नया बिहार आने वाले समय में हिंदुस्तानीय फिल्म उद्योग का बड़ा चेहरा बन सकता है. Also Read: Bihar News: मोतीहारी में दुनिया के सबसे बड़े शिवलिंग की स्थापना कल, CM नीतीश भी रहेंगे मौजूद The post Bihar News: अब मुंबई नहीं, बिहार में गूंजेगा लाइट..कैमरा.. एक्शन!, 40 फिल्मों को मिली शूटिंग की मंजूरी appeared first on Naya Vichar.

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बीएमसी में 30 साल बाद शिवसेना का किला ढहा, भाजपा बनी सबसे बड़ी पार्टी; महाराष्ट्र के 29 नगर निगमों में महायुति की बड़ी जीत

महाराष्ट्र के नगर निकाय चुनावों में बड़ा नेतृत्वक बदलाव देखने को मिला है. करीब तीन दशक से बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) पर काबिज अविभाजित शिवसेना का दबदबा खत्म हो गया है. शुक्रवार को घोषित नतीजों में हिंदुस्तानीय जनता पार्टी (भाजपा) बीएमसी चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी. मुंबई के सभी 227 वार्डों के नतीजे देर रात तक घोषित हुए. भाजपा ने 89 सीटें जीतीं, जबकि उसकी सहयोगी शिवसेना (शिंदे गुट) को 29 सीटें मिलीं. उद्धव ठाकरे की शिवसेना (उबाठा) को 65 सीटों पर संतोष करना पड़ा और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) को 6 सीटें मिलीं. वंचित बहुजन आघाड़ी के साथ गठबंधन में चुनाव लड़ने वाली कांग्रेस को 24 सीटें मिलीं. एआईएमआईएम ने 8, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) ने 3, समाजवादी पार्टी ने 2 और राकांपा (शरद पवार गुट) को सिर्फ 1 सीट मिली. फडणवीस का दावा- 29 में से 25 नगर निगमों में बनेगी महायुति की प्रशासन मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने दक्षिण मुंबई में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि भाजपा के नेतृत्व वाला महायुति गठबंधन 29 नगर निगमों में से मुंबई सहित 25 में सत्ता बनाने जा रहा है. नगर निकाय चुनाव के लिए 15 जनवरी को मतदान हुआ था. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुंबई की जनता का आभार जताते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा कि राजग को आशीर्वाद देने के लिए मैं मुंबई के अपने भाई-बहनों का अत्यंत आभारी हूं. मोदी ने कहा कि मुंबई देश का गौरव और सपनों का शहर है और केंद्र प्रशासन शहरवासियों को सुशासन और बेहतर जीवन सुविधाएं देने के लिए काम करेगी. संजय राउत का शिंदे पर हमला  शिवसेना (उबाठा) नेता संजय राउत ने पार्टी की हार के लिए एकनाथ शिंदे को जिम्मेदार ठहराया. उन्होंने कहा कि अगर शिंदे ने पार्टी से विश्वासघात न किया होता, तो मुंबई में भाजपा का महापौर नहीं होता. राउत ने शिंदे को ‘जयचंद’ बताते हुए कहा कि मराठी जनता उन्हें हमेशा इसी रूप में याद रखेगी. बता दें कि एकनाथ शिंदे ने 39 विधायकों के साथ 2022 में उद्धव ठाकरे प्रशासन के खिलाफ बगावत की थी. पूरे राज्य की बात करें तो 29 नगर निगमों की 2868 सीटों में से 2833 सीटों के नतीजे घोषित हो चुके हैं. भाजपा ने 1400 सीटें जीतीं, जबकि शिवसेना (शिंदे गुट) को 397 सीटें मिलीं. शिवसेना (उबाठा) को 153 और मनसे को 13 सीटें मिलीं. कांग्रेस ने राज्यभर में 324 सीटों पर जीत दर्ज की. 227 सदस्यीय बीएमसी में भाजपा नीत गठबंधन ने 114 सीटें जीतकर बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया है. बीएमसी देश का सबसे अमीर नगर निकाय है, जिसका 2025-26 का बजट 74,427 करोड़ रुपये है. पुणे-नागपुर में भाजपा की जीत नागपुर नगर निगम की सभी 151 सीटों के नतीजे घोषित हो चुके हैं. यहां भाजपा ने 102 सीटें जीतीं, जबकि कांग्रेस को 34 सीटें मिलीं. लातूर नगर निगम में कांग्रेस ने 70 में से 43 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल किया, जबकि भाजपा 22 सीटों के साथ दूसरे स्थान पर रही. पुणे नगर निगम में भाजपा ने 96 सीटें जीतीं. राकांपा को 20 और राकांपा (शरद पवार गुट) को सिर्फ 3 सीटें मिलीं. पिंपरी-चिंचवड में भाजपा ने 84 सीटें जीतीं, जबकि राकांपा को 37 सीटें मिलीं. यहां राकांपा (शप) एक भी सीट नहीं जीत सकी. AIMIM का चौंकाने वाला प्रदर्शन इस चुनाव में असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम ने भी चौंकाने वाला प्रदर्शन किया. पार्टी ने राज्यभर के नगर निकायों में कुल 114 सीटें जीतीं. एआईएमआईएम ने छत्रपति संभाजीनगर में 33, मालेगांव में 21, अमरावती में 15, नांदेड़ में 13, धुले में 10, सोलापुर में 8, मुंबई में 6, ठाणे में 5, जलगांव में 2 और चंद्रपुर में 1 सीट हासिल की. पार्टी नेता शारिक नक्शबंदी ने कहा कि ओवैसी के घर-घर प्रचार और पिछली बार मामूली अंतर से मिली हार ने कार्यकर्ताओं को इस बार जीत के लिए प्रेरित किया. राज्य निर्वाचन आयोग के मुताबिक 29 नगर निकायों में औसतन 54.77% मतदान हुआ. इन चुनावों में 19 निर्दलीय उम्मीदवारों ने भी जीत दर्ज की. ये भी पढ़ें:  BMC Election Result 2026: ठाकरे परिवार के गढ़ में बीजेपी की सेंध, 118 सीटों पर जीत, BMC में महायुति का होगा मेयर BMC Elections Result : 74 हजार करोड़ रुपये का बजट होता है बीएमसी का, पार्षद चुनते हैं मेयर The post बीएमसी में 30 साल बाद शिवसेना का किला ढहा, भाजपा बनी सबसे बड़ी पार्टी; महाराष्ट्र के 29 नगर निगमों में महायुति की बड़ी जीत appeared first on Naya Vichar.

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Baby Girl Names: मॉडर्न और ट्रेडिशनल का परफेक्ट कॉम्बिनेशन, बेटी के लिए नामों का खास कलेक्शन

Baby Girl Names: बेटी का नाम रखना हर माता-पिता के लिए एक बहुत ही खास पल होता है. नाम सिर्फ पहचान नहीं होता, बल्कि उसमें प्यार, उम्मीद और संस्कार भी जुड़े होते हैं. आज के समय में ज्यादातर माता-पिता ऐसे नाम चाहते हैं जो सुनने में मॉडर्न लगें, लेकिन जिनकी जड़ें हमारी परंपरा से भी जुड़ी हों. ऐसा नाम जो बोलने में आसान हो, मतलब अच्छा हो और समय के साथ कभी पुराना न लगे. ऐसे में यहां हम आपके लिए बेटी के नामों का ऐसा कलेक्शन लेकर आए हैं, जिसमें नया अंदाज भी है और पारंपरिक खूबसूरती भी है. बेटी के लिए नामों का खास कलेक्शन क्या है? आन्या – जिसका मतलब है अनुग्रह और कृपाआर्या – मजबूत और समझदार लड़की का नामकाव्या – कविता जैसी सुंदर और कोमलईशा – पवित्र और शक्ति से जुड़ा नाममीरा – भक्ति और प्रेम का प्रतीकअन्वी – देवी लक्ष्मी का एक नामरिधिमा – समझदार और खुशमिजाज स्वभावसिया – सरल और प्यारा नाम, देवी सीता से जुड़ानायरा – चमकने वाली और खासप्रिया – सबकी पसंद बनने वालीतान्या – कोमल और सुंदर स्वभाव वालीअदिति – स्वतंत्र और विशाल सोचइरा – धरती और सरस्वती से जुड़ा नामपाखी – आज़ाद और खुश रहने वालीवेदिका – ज्ञान और संस्कार से जुड़ा नामसाक्षी – गवाह बनने वाली, सच्चाई की पहचाननंदिनी – खुशियां देने वालीश्रिया – सौभाग्य और सुंदरता का प्रतीकआहना – भीतर से रोशनी देने वालीरुचिका – पसंद आने वाली और आकर्षक Disclaimer: यह आर्टिकल सामान्य जानकारियों और मान्यताओं पर आधारित है. नया विचार इसकी पुष्टि नहीं करता है. The post Baby Girl Names: मॉडर्न और ट्रेडिशनल का परफेक्ट कॉम्बिनेशन, बेटी के लिए नामों का खास कलेक्शन appeared first on Naya Vichar.

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One Two Cha Cha Chaa Movie Review: आशुतोष राणा की परफॉर्मेंस ने संभाला ‘वन टू चा चा चा’, कॉमेडी और किरदारों की केमिस्ट्री से मजा दोगुना

मूवी रिव्यू: ‘वन टू चा चा चा’कलाकार: आशुतोष राणा, ललित प्रभाकर, अनंत विजय जोशी, नायेरा बनर्जी, हर्ष मायर, मुकेश तिवारी, अशोक पाठक, चितरंजन गिरीनिर्देशक: अभिषेक राज खेमका और रजनीश ठाकुरनिर्माता: साजन गुप्ता, विजय लालवानी, नताशा सेठीशैली: कॉमेडी, एक्शन, एडवेंचरसेंसर: यूएरेटिंग : 3.5 स्टार्स One Two Cha Cha Chaa Movie Review: आशुतोष राणा, ललित प्रभाकर, अनंत विजय जोशी स्टारर फिल्म ‘वन टू चा चा चा’ एक कॉमेडी फिल्म है. यह फिल्म सिचुएशन्स, किरदारों और उनके आपसी टकराव से हास्य पैदा करती है. फिल्म में आशुतोष राणा को कॉमिक भूमिका में देखना अपने आप में एक नया अनुभव है. अब तक गंभीर और खलनायक भूमिकाओं में नजर आने वाले एक्टर यहां बिल्कुल अलग अंदाज़ में दिखाई देते हैं. ‘वन टू चा चा चा’ की स्टोरी फिल्म की कहानी बिहार के मोतिहारी से शुरू होती है. जयसवाल परिवार में बड़े बेटे संजू, जिसे ललित प्रभाकर ने निभाया है, उसकी सगाई की तैयारियां चल रही होती है. इसी बीच परिवार के बैचलर और बाइपोलर चाचा, यानी आशुतोष राणा अचानक शादी करने का ऐलान कर देते हैं. उनका यह फैसला सुनकर पूरा परिवार हैरान हो जाता है. डॉक्टर की सलाह पर आशुतोष राणा को रांची स्थित एक मानसिक संस्थान ले जाने का निर्णय लिया जाता है. इस सफर में दो भतीजे और एक दोस्त, बंधे हुए और बेहोश चाचा को वैन में लेकर निकलते हैं. हालांकि यह यात्रा अपनी तय दिशा से भटक जाती है. इस जर्नी में एक निलंबित नारकोटिक्स अधिकारी, एक डांसर शोमा, जेल से फरार अपराधी भूरा सिंह और एक पुलिस वाला उनके साथ जुड़ते हैं. फिल्म दर्शक को अंत तक अपने साथ जोड़े रखने में कामयाब रहती है. आशुतोष राणा का अभिनय फिल्म में है जबरदस्त फिल्म की सबसे बड़ी ताकत आशुतोष राणा का अभिनय है. वेद प्रकाश जयसवाल चाचा के किरदार में उनकी बॉडी लैंग्वेज, एक्सप्रेशंस और डायलॉग डिलीवरी गहरा असर छोड़ती है. अभिमन्यु सिंह अपने सीमित लेकिन प्रभावी सीन में मजबूती से जमे नजर आते हैं. नायरा बनर्जी, अनंत विजय जोशी, हर्ष मायर, अशोक पाठक, चितरंजन गिरी और हेमल इंगले जैसे कलाकार अपनी-अपनी भूमिकाओं में फिट बैठते हैं और कहानी की रफ्तार बनाए रखते हैं. निर्देशक अभिषेक राज खेमका और रजनीश ठाकुर ने फिल्म को सिचुएशनल कॉमेडी के ट्रैक पर बनाए रखने की कोशिश की है. यह भी पढ़ें- Anupama Maha Twist: प्रेरणा का सच जानकर राही को लगेगा जोरदार झटका, अपनी ही दोस्त के हाथों अनु खाएगी धोखा The post One Two Cha Cha Chaa Movie Review: आशुतोष राणा की परफॉर्मेंस ने संभाला ‘वन टू चा चा चा’, कॉमेडी और किरदारों की केमिस्ट्री से मजा दोगुना appeared first on Naya Vichar.

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Bihar News: पटना में सरस्वती पूजा पर कड़ा पहरा, बिना लाइसेंस पंडाल लगाया तो खैर नहीं, विसर्जन के लिए भी बदले नियम!

Bihar News: सरस्वती पूजा के दौरान विधि-व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण और ट्रैफिक प्रबंधन को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है. डीएम डॉ त्यागराजन एसएम और एसएसपी कार्तिकेय के. शर्मा ने प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक कर साफ कहा कि सुरक्षा व्यवस्था तीन चरणों में सुनिश्चित की जाएगी. पहला आयोजन से पहले, दूसरा पूजा के दौरान और तीसरा विसर्जन के समय. उनका जोर है कि हर स्तर पर समन्वय, सतर्कता और त्वरित कार्रवाई ही इस त्योहार को शांतिपूर्ण और सुरक्षित बना सकती है. तीन फेज में सुरक्षा का मजबूत खाका डीएम और एसएसपी ने स्पष्ट किया कि सरस्वती पूजा के दौरान किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी. आयोजन से पहले संवेदनशील स्थानों की पहचान, पूजा समितियों को लाइसेंस जारी करना और सभी तैयारियों की निगरानी जरूरी होगी. पूजा के दौरान भीड़ पर सीसीटीवी कैमरों से नजर रखी जाएगी और जगह-जगह यह संदेश देने वाले फ्लैक्स-बैनर लगाए जाएंगे कि हर गतिविधि कैमरे की निगरानी में है. विसर्जन के समय ड्रोन कैमरों से भी निगरानी होगी, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति पर तुरंत काबू पाया जा सके. जिलाधिकारी, पटना एवं वरीय पुलिस अधीक्षक, पटना द्वारा सरस्वती पूजा की प्रशासनिक तैयारियों की अनुमंडलवार समीक्षा की गई। पदाधिकारियों को सभी स्टेकहोल्डर्स से सार्थक समन्वय तथा सुदृढ़ संवाद कायम रखने, सोशल मीडिया मॉनिटरिंग सेल को सतत क्रियाशील रखने, अफवाहों का त्वरित खंडन करने, पूर्व… pic.twitter.com/qQTiMu4mSh — District Administration Patna (@dm_patna) January 16, 2026 सोशल मीडिया और अफवाहों पर सख्त पहरा प्रशासन ने सोशल मीडिया मॉनीटरिंग सेल को लगातार सक्रिय रखने का निर्देश दिया है. किसी भी तरह की अफवाह या भ्रामक सूचना पर तुरंत खंडन किया जाएगा. गुप्त सूचना तंत्र को मजबूत करने और पूर्व की घटनाओं में शामिल रहे लोगों के खिलाफ निरोधात्मक कार्रवाई के भी आदेश दिए गए हैं. क्विक रिस्पांस टीम और क्विक मेडिकल रिस्पॉन्स टीम की तैनाती आपात स्थिति से निपटने के लिए की जाएगी, ताकि हालात बिगड़ने से पहले ही नियंत्रण में आ सकें. होटल, लॉज और हॉस्टल पर रहेगी कड़ी नजर सरस्वती पूजा के दौरान शहर के होटल, लॉज और हॉस्टल की नियमित जांच होगी. खास तौर पर छात्रावासों में छात्रों की गतिविधियों पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं. प्रशासन का मानना है कि भीड़भाड़ वाले त्योहारों में असामाजिक तत्व सक्रिय हो सकते हैं, इसलिए हर संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई जरूरी है. बिना लाइसेंस के किसी भी हाल में पंडाल स्थापना या विसर्जन जुलूस निकालने की अनुमति नहीं होगी और इसकी जिम्मेदारी संबंधित थानाध्यक्ष की व्यक्तिगत मानी जाएगी. कृत्रिम तालाबों में ही होगा विसर्जन, गंगा रहेगी सुरक्षित पटना नगर निगम ने गंगा नदी को प्रदूषण से बचाने के लिए बड़ा कदम उठाया है. इस बार सरस्वती पूजा में मूर्तियों और पूजन सामग्री का विसर्जन केवल निर्धारित कृत्रिम तालाबों में ही होगा. पाटलिपुत्र अंचल में मिनार घाट, अजीमाबाद अंचल में भद्र घाट और मित्तन घाट, बांकीपुर अंचल में लॉ कॉलेज घाट और पटना सिटी अंचल में कंगन घाट व दमराही घाट पर कृत्रिम तालाब बनाए जा रहे हैं. नियमों के उल्लंघन पर कड़ी कानूनी कार्रवाई और जुर्माने का प्रावधान रहेगा. विसर्जन के बाद चलेगा विशेष सफाई अभियान नगर निगम विसर्जन के बाद घाटों पर विशेष सफाई अभियान चलाएगा. घाटों की नियमित सफाई, कचरा निष्पादन, लाइटिंग और कपड़े लगाने की जिम्मेदारी तय एजेंसियों को दी गई है. साथ ही प्लास्टिक मुक्त अभियान के तहत हर घाट पर जागरूकता टीमें तैनात होंगी, जो लोगों को पॉलीथिन और प्लास्टिक के इस्तेमाल से बचने के लिए प्रेरित करेंगी. Also Read: बिहार में अब आसमान से रखी जाएगी अपराधियों पर नजर, 25 करोड़ के हाईटेक ड्रोन से लैस होगी बिहार पुलिस The post Bihar News: पटना में सरस्वती पूजा पर कड़ा पहरा, बिना लाइसेंस पंडाल लगाया तो खैर नहीं, विसर्जन के लिए भी बदले नियम! appeared first on Naya Vichar.

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Premanand Ji Maharaj: क्या सच में एक ही पति सात जन्मों तक मिलता है? प्रेमानंद जी महाराज ने बताया रहस्य

Premanand Ji Maharaj: आपने अक्सर लोगों को कहते हुए सुना होगा कि शादी के बाद पति-पत्नी एक पवित्र बंधन में बंध जाते हैं. शादी के दिन से लेकर सात जन्मों तक पति-पत्नी एक-दूसरे के सुख-दुख के साथी बन जाते हैं. हिंदी फिल्मों और टीवी सीरियल्स में भी इस धारणा पर काफी जोर दिया जाता है. लेकिन क्या यह मान्यता वास्तव में सही है? क्या शास्त्रों में सच में ऐसा कहा गया है? आइए, इन सभी सवालों के जवाब प्रेमानंद जी महाराज के माध्यम से जानते हैं. क्या सात जन्मों तक एक ही पति मिलता है? एक भक्त ने प्रेमानंद जी महाराज से प्रश्न किया कि “क्या सातों जन्मों में मुझे एक ही पति मिल सकता है? मैं अपने पति से बहुत प्रेम करती हूं.”इस प्रश्न पर प्रेमानंद जी महाराज ने उत्तर देते हुए कहा कि ऐसा संभव नहीं है. भले ही आप अपने पति से बहुत प्रेम करती हों और उनके प्रति पूरी तरह समर्पित हों, फिर भी सात जन्मों तक एक ही जीवनसाथी मिलना आवश्यक नहीं है. जीवन कोई फिल्म या नाटक का मंच नहीं है, बल्कि यह वास्तविकता है, जहाँ हर आत्मा का अपना अलग-अलग कर्मफल होता है. प्रेमानंद जी महाराज के अनुसार, पति और पत्नी—दोनों के ही कर्मों का क्रम अलग-अलग होता है. दोनों का प्रारब्ध अलग होता है और संचित कर्म भी अलग-अलग होते हैं. इसी कारण इस जन्म में जो आपका पति या पत्नी है, वही अगले जन्म में भी आपको मिले, यह जरूरी नहीं है. सात जन्मों तक एक ही पति पाने का उपाय प्रेमानंद जी महाराज ने बताया कि यदि कोई व्यक्ति सच में चाहता है कि उसे सात जन्मों तक एक ही जीवनसाथी मिले, तो इसका केवल एक ही उपाय है. उन्होंने कहा कि—यदि कोई व्यक्ति भगवान की सेवा करे, तपस्या करे और उनसे यह वरदान माँगे कि उसे सात जन्मों तक एक ही जीवनसाथी मिले, और यदि भगवान यह वरदान प्रदान कर दें, तभी यह संभव हो सकता है. इसके अलावा कोई दूसरा मार्ग नहीं है. यह भी पढ़ें: Premanand Ji Maharaj: प्यार में दिल टूटने पर क्या करें? प्रेमानंद जी महाराज की यह सीख बदल देगी जिंदगी The post Premanand Ji Maharaj: क्या सच में एक ही पति सात जन्मों तक मिलता है? प्रेमानंद जी महाराज ने बताया रहस्य appeared first on Naya Vichar.

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BMC Elections Result : 74 हजार करोड़ रुपये का बजट होता है बीएमसी का, पार्षद चुनते हैं मेयर

BMC Elections Result : 227 वार्डों के नतीजे घोषित हो चुके हैं. इसमें भाजपा ने 89 वार्डों में जीत दर्ज की है. शिवसेना (यूबीटी) को 65 और शिवसेना को 29 वार्ड मिले हैं. कांग्रेस ने 24 वार्ड जीते हैं. वहीं AIMIM को 8, मनसे को 6, एनसीपी को 3, सपा को 2 और एनसीपी (एसपी) को 1 वार्ड मिला है. BMC चुनाव क्यों होता है खास एशिया की सबसे बड़ी सिविक बॉडी बीएमसी का बजट करीब 74 हजार करोड़ रुपये है. साल 1997 से 2017 तक मुंबई नगर निगम पर बिना बंटी शिवसेना का शासन रहा. उस समय भाजपा उसकी सहयोगी पार्टी थी. बीएमसी का बजट इतना बड़ा है कि यह गोवा, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, सिक्किम और त्रिपुरा जैसे कई राज्यों के बजट से भी ज्यादा है. Bmc चुनाव परिणाम राज्य बजट हिमाचल प्रदेश ₹58,514 करोड़ अरुणाचल प्रदेश ₹39,842 करोड़ त्रिपुरा ₹31,412 करोड़ गोवा ₹28,162 करोड़ सिक्किम ₹16,000 करोड़ नोट: बजट 2025-26 के बारे में  दी गई है जानकारी मेयर का चुनाव करने का तरीका क्या? 1. बीएमसी में अलग-अलग वार्डों से चुनकर कुल 227 पार्षद आते हैं.2. इन पार्षद को मुंबई में नगर सेवक या फिर कॉरपोरेटर कहा जाता है.3. जिस भी पार्टी का बहुमत होता है, वह मेयर पद की उम्मीदवारी में सबसे बड़ा दावेदार होता है.4. नगर निकाय चुनाव में जीतकर आने वाले पार्षद ही मेयर के चुनाव में भाग लेते हैं. मेयर का कार्यकाल कितने साल का होता है? मेयर का कार्यकाल 2.5 साल का होता है. पार्षद 5 साल के लिए चुने जाते हैं. एक मेयर का कार्यकाल पूरा होने के बाद दूसरे मेयर को चुना जाता है. यह भी पढ़ें : BMC Election Result 2026: ठाकरे परिवार के गढ़ में बीजेपी की सेंध, 118 सीटों पर जीत, BMC में महायुति का होगा मेयर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शुक्रवार शाम को कहा कि भाजपा के नेतृत्व वाला महायुति गठबंधन 29 में से मुंबई सहित 25 नगर निगमों में सत्ता बनाने की स्थिति में है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुंबई निकाय चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) को समर्थन देने के लिए मुंबई की जनता का धन्यवाद किया और इसे उनका “आशीर्वाद” बताया. The post BMC Elections Result : 74 हजार करोड़ रुपये का बजट होता है बीएमसी का, पार्षद चुनते हैं मेयर appeared first on Naya Vichar.

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