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January 18, 2026

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Heavy Rain Alert: दो वेस्टर्न डिस्टरबेंस की हो सकती है एंट्री, इन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, फिर करवट लेगा मौसम!

Heavy Rain Alert: उत्तर हिंदुस्तान समेत देश के कई हिस्सों में एक बार फिर बारिश और बर्फबारी का दौर शुरू हो सकता है. हिंदुस्तान मौसम विज्ञान विभाग का अनुमान है कि अगले सप्ताह पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में बैक टू बैक दो पश्चिमी विक्षोभों के आने की संभावना है. इसके कारण 23 जनवरी को कुछ जगहों पर भारी बारिश और बर्फबारी की संभावना है. आईएमडी के मुताबिक 22 से 24 जनवरी के दौरान उत्तर-पश्चिम हिंदुस्तान के आस-पास के मैदानी इलाकों में कहीं-कहीं बारिश होने की संभावना है. इन राज्यों में बारिश की संभावना (Rani Alert) मौसम विभाग के 18 से 21 जनवरी के दौरान जम्मू-कश्मीर-लद्दाख-गिलगित-बाल्टिस्तान-मुजफ्फराबाद, हिमाचल प्रदेश में अलग-अलग जगहों पर छिटपुट हल्की से लेकर मध्यम दर्जे की बारिश और बर्फबारी हो सकती है. 22 से 24 जनवरी के दौरान कई इलाकों में भारी बारिश या बर्फबारी होने की संभावना है. आईएमडी के मुताबिक 23 जनवरी को कश्मीर-लद्दाख-गिलगित-बाल्टिस्तान-मुजफ्फराबाद और हिमाचल प्रदेश के ऊंचाई वाले इलाकों में भारी बारिश होने की संभावना है. उत्तराखंड से लेकर दिल्ली-पंजाब और राजस्थान में गरज चमक के साथ बारिश का अलर्ट आईएमडी के अनुसार 18, 21 और 22 जनवरी को उत्तराखंड में अलग-अलग इलाकों में छिटपुट से लेकर हल्की और मध्यम बारिश या बर्फबारी होने की संभावना है. 23 से 24 जनवरी के दौरान कुछ-कुछ जगहों पर भारी बारिश या बर्फबारी होने की संभावना है. 22 से 24 जनवरी के दौरान पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है. 23 और 24 जनवरी को उत्तराखंड में और 22-23 जनवरी को पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और राजस्थान में गरज के साथ बारिश हो सकती है. इन राज्यों में घने कोहरे की चेतावनी मौसम विभाग के अनुसार अगले 2 से 3 दिनों के दौरान उत्तर-पश्चिम हिंदुस्तान और बिहार में घना से बहुत घना कोहरा छाए रहने की संभावना है. अगले 4 दिनों के दौरान उत्तर-पश्चिम हिंदुस्तान में न्यूनतम तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हो सकती है. वहीं, अगले 4 दिनों में महाराष्ट्र में न्यूनतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हो सकती है. अगले 3 दिनों के दौरान पूर्वी हिंदुस्तान में न्यूनतम तापमान में धीरे-धीरे 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी होने की संभावना है. 19 जनवरी तक उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में सुबह और रात के समय घना से बहुत घना कोहरा छाए रहने की संभावना है. 20 जनवरी तक उत्तर प्रदेश के अलग-अलग इलाकों में घना कोहरा छाए रहने की संभावना है. 21 जनवरी तक पंजाब, हरियाणा चंडीगढ़ और बिहार के अलग-अलग इलाकों में सुबह और रात के समय घना कोहरा छाए रहने की संभावना है. 19 जनवरी तक पश्चिम राजस्थान में, 20 जनवरी तक दिल्ली और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में घना कोहरा छाया रह सकता है. 19 से 21 जनवरी के दौरान हिमाचल प्रदेश के अलग-अलग इलाकों में शीतलहर चलने की बहुत अधिक संभावना है. The post Heavy Rain Alert: दो वेस्टर्न डिस्टरबेंस की हो सकती है एंट्री, इन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, फिर करवट लेगा मौसम! appeared first on Naya Vichar.

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रांची से 50 KM दूर इस गांव में आज भी ‘अंधेरा कायम है’, आजादी के अमृत काल में भी नहीं पहुंची बिजली

Jharkhand Village Story, खूंटी, (प्रशांत तिवारी): एक तरफ देश डिजिटल इंडिया और तकनीक की नई ऊंचाइयों की बात कर रहा है, वहीं दूसरी ओर झारखंड की राजधानी रांची से महज 50 किलोमीटर दूर खूंटी जिले का बलंगा गांव आज भी अंधेरे में जीने को मजबूर है. आजादी के 78 साल बाद भी इस गांव में बिजली नहीं पहुंच पाई है. यहां हर शाम सूरज ढलते ही पूरा गांव सन्नाटे और अंधेरे में डूब जाता है. बलंगा गांव मरहू प्रखंड में आता है. यहां के लोगों के लिए अंधेरा सिर्फ बिजली गुल होने की बात नहीं, बल्कि विकास से कटे रहने की कहानी है. नया विचार के प्रतिनिधि प्रशांति तिवारी ने बलंगा गांव पहुंचकर ग्रामीणों की हालात को नजदीक से देखा और गांव में रहने वाले कई लोगों से बातचीत की. आइये जानते हैं गांव के लोगों ने नया विचार के साथ बातचीत में क्या कहा. आसपास के सब गांव रोशन, बस हमारा नहीं : संजय मुंडा नया विचार से बात करते हुए ग्रामीण संजय मुंडा ने गांव का दर्द साझा करते हुए कहते हैं कि जब से हमें आजादी मिली है तब से यहां बिजली नहीं लग पायी है. जबकि आजादी मिले हुए हमारे देश को 70 साल से ज्यादा हो गये हैं. हमारे आसपास के सभी गांवों में बिजली लग गयी है, बस हम ही लोग छूट गए हैं.” आज भी हमारे गांव के लोग लालटेन और टॉर्च के सहारे चल रहे हैं. बिजली कनेक्शन और मीटर लगाने के नाम पर मांगे जा रहे हैं पैसे वहीं, ग्रामीण संदीप का आरोप है कि ग्रामीणों से “बिजली कनेक्शन और मीटर लगाने के नाम पर 300 से 400 रुपये मांगे जा रहे हैं. जिन्होंने पैसे दिये, उनका कनेक्शन अंदर तक हो गया, जो नहीं दे पाए उनका कनेक्शन ही नहीं हुआ.” प्रशासनी विज्ञापनों में उज्ज्वला योजना को मुफ्त का बताया जाता है, लेकिन गांव में ऐसे कई लोग हैं जो पैसे देने को मजबूर हैं. Also Read: धुस्का, रुगड़ा की सब्जी और चना-घुघनी, Vande Bharat ट्रेन में यात्रियों को मिलेगा अब झारखंडी खाने का स्वाद कागजों में गांव रोशन, जमीन पर अंधेरा साल 2018 में प्रशासन ने खुल मंच से कहा था कि देश का हर गांव में बिजली आ चुकी है. लेकिन बलंगा गांव इस दावे की पोल खोलता है. प्रशासनी नियमों के मुताबिक अगर किसी गांव के 10 फीसदी घरों या किसी सार्वजनिक भवन में बिजली पहुंच जाए, तो गांव को कागजों में “रोशन” मान लिया जाता है. यही वजह है कि फाइलों में बलंगा गांव में बिजली है, लेकिन हकीकत में आदिवासी टोलों और पहाड़ी इलाकों तक तार और खंभे नहीं पहुंचे. मोबाइल का टॉर्च जलाकर बनाया जाता है खाना बिजली नहीं होने से गांव की रोजमर्रा की जिंदगी बेहद मुश्किल है. ग्रामीणों के अनुसार पहले उन्हें महीने में 3 लीटर मिट्टी का तेल मिलता था. बाद में यह घटकर 2.5 लीटर, फिर 2 लीटर और अब सिर्फ 1 लीटर रह गया है. वह भी अब बंद होने की कगार पर है. रात में स्त्रीएं या तो लालटेन की कमजोर रोशनी में खाना बनाती हैं या मोबाइल का टॉर्च जलाकर चूल्हा जलाती हैं. जिनके पास यह सुविधा भी नहीं है, वे आज भी पेंसिल बैटरी वाली लाइट से रात काटते हैं. गांव का सोलर पूरी तरह धूप पर निर्भर ग्रामीण बताते हैं कि गांव में सोलर से चलने वाली मोटर लगी तो है, लेकिन वह पूरी तरह धूप पर निर्भर है. जैसे ही बादल आते हैं, पानी की सप्लाई बंद हो जाती है. ऐसे में स्त्रीओं को पीने के पानी के लिए पैदल दूर में स्थित डांड़ी (प्राकृतिक जल स्रोत) पर जाना पड़ता है. वादे हुए, तारीखें बदलीं, बिजली नहीं आई ग्रामीणों के मुताबिक पहले कहा गया था कि क्रिसमस तक गांव रोशन हो जाएगा, फिर नए साल की डेडलाइन दी गई. लेकिन क्रिसमस और नया साल दोनों गुजर गए, लेकिन गांव आज भी अंधेरे में है. पढ़ाई पर असर, स्मार्ट टीवी सिर्फ शोपीस गांव के प्रशासनी प्राथमिक स्कूल में स्मार्ट टीवी और पूरी वायरिंग की गई है, लेकिन बिजली नहीं होने से वह सिर्फ शोपीस बनकर रह गया है. स्कूल निगरानी समिति के अध्यक्ष बताते हैं कि गांव के कई शिशु पढ़ाई छोड़ रहे हैं. इसके पीछे बिजली की कमी भी एक प्रमुख वजह है. अभिभावकों में जागरूकता की कमी और स्थानीय स्तर पर हंडिया संस्कृति भी एक बड़ी वजह बनकर सामने आयी है. कब आएगी पहली रोशनी? बलंगा गांव की कहानी आजादी के अमृत काल में विकास के दावों पर सवाल खड़े करती है. यह गांव सिर्फ बिजली के खंभों और तारों का नहीं, बल्कि उस पहली रोशनी का इंतजार कर रहा है जो सच में इसकी जिंदगी बदल सके. Also Read: टूरिज्म में इन्वेस्टमेंट का नया हॉटस्पॉट बनेगा झारखंड, फॉरेन इन्वेस्टर्स को न्योता देने की तैयारी The post रांची से 50 KM दूर इस गांव में आज भी ‘अंधेरा कायम है’, आजादी के अमृत काल में भी नहीं पहुंची बिजली appeared first on Naya Vichar.

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टिशू पेपर पर लिखा प्लेन में है बम, लखनऊ में इंडिगो फ्लाइट की इमरजेंसी लैंडिंग

Indigo Flight Bomb Threat: एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) को सुबह लगभग 8.46 बजे इंडिगो की फ्लाइट 6ई-6650 में बम होने की सूचना मिली. अधिकारियों ने सूचना मिलते ही विमान का रूट डायवर्ट कर दिया. सुबह 9.17 बजे आपात स्थिति में लखनऊ एयरपोर्ट पर विमान को सुरक्षित उतार लिया गया. टिशू पेपर पर लिखा था प्लेन में है बम लखनऊ पुलिस के अनुसार हवाई अड्डे पर लैंडिंग के तुरंत बाद विमान को एक अलग स्थान पर खड़ा किया गया. शुरुआती जांच में एक टिशू पेपर पर हाथ से लिखा एक नोट मिला. जिसमें प्लेन में बम है लिखा था. #WATCH | Visuals of the IndiGo Delhi to Bagdogra flight, which made an emergency landing in Lucknow after a message was found written on a tissue paper in the toilet of the flight, stating that there was a bomb on board. (Source: ACP Rajneesh Verma) pic.twitter.com/cvgiNX8yrz — ANI (@ANI) January 18, 2026 यात्रियों को फ्लाइट से सुरक्षित बाहर निकाला गया अधिकारियों ने बताया कि सभी यात्रियों और चालक दल के सदस्यों को विमान से सुरक्षित निकाल लिया गया. यात्रियों को बाहर निकालने के बाद बम निरोधक दस्ते, सुरक्षा एजेंसियां ​​और हवाई अड्डा अधिकारी विमान की जांच में जुट गए. The post टिशू पेपर पर लिखा प्लेन में है बम, लखनऊ में इंडिगो फ्लाइट की इमरजेंसी लैंडिंग appeared first on Naya Vichar.

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धुस्का, रुगड़ा की सब्जी और चना-घुघनी, Vande Bharat ट्रेन में यात्रियों को मिलेगा अब झारखंडी खाने का स्वाद

Vande Bharat: यात्रा को और अधिक यादगार बनाने के लिए रेलवे ने वंदे हिंदुस्तान ट्रेनों में क्षेत्रीय फेमस खाने परोसने की पहल की है. इसी क्रम में रेलवे ने आईआरसीटीसी रांची को क्षेत्रीय भोजनों की सूची मुहैया कराने को लेकर पत्र लिखा है. रांची स्थित आइईआरसीटीसी के अधिकारी ने बताया कि पत्र के आलोक में जल्द ही व्यंजनों की सूची रेल मुख्यालय को भेजी जायेगी. इसके लिए यात्रियों से भी फीडबैक लिया जा रहा है. इसमें उन व्यंजनों को शामिल किया जायेगा जो झारखंडी कल्चर को दिखाती है. रांची से इस समय रांची-हावड़ा, रांची-वाराणसी और रांची-पटना के लिए वंदे हिंदुस्तान ट्रेनें चलती है. इन वंदे हिंदुस्तान ट्रेनों में अभी आलू चिप्स, कटलेट, अंडा, सैंडविच, आलू फ्राइ जैसे खाने दिये जाते हैं. झारखंडी पिठ्ठा खाने का मिलेगा मौका वहीं, झारखंडी व्यंजनों में धुस्का, लिट्टी-चोखा, सत्तू पराठा, चिल्का रोटी, रुगड़ा की सब्जी, आरू की सब्जी, पिठ्ठा और चना-घुधनी को शॉर्टलिस्ट कर भेजा जायेगा. मुख्यालय से स्वीकृति मिलने के बाद यात्रियों को इन व्यंजनों में से कई परोसे जायेंगे. हिंदुस्तानीय रेल ने वंदे हिंदुस्तान ट्रेनों में क्षेत्रीय, पारंपरिक भोजन उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है. यात्रियों को अपनी सीट पर बैठे-बैठे देश के अलग-अलग राज्यों के विशिष्ट स्वादों का आनंद मिलेगा. महाराष्ट्र, गुजरात, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, केरल, बिहार, जम्मू और कश्मीर जैसे राज्यों के प्रसिद्ध भोजन अब वंदे हिंदुस्तान ट्रेनों में उपलब्ध होंगे. इससे स्थानीय यात्रियों को अपने घर जैसा स्वाद मिलेगा और अन्य राज्यों के यात्री भी की विविध संस्कृतियों से परिचित होंगे. क्षेत्रीय भोजन से मजबूत होगी स्थानीय वित्तीय स्थिति: DRM डीआरएम करुणानिधि सिंह ने कहा कि इस पहल का एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी है कि इससे स्थानीय उत्पादकों, रसोइयों और सप्लाई चेन को बढ़ावा मिलेगा. क्षेत्रीय व्यंजनों की मांग बढ़ने से स्थानीय सामग्री और पारंपरिक पकाने की विधियों को प्रोत्साहन मिलेगा, इससे “वोकल फॉर लोकल” की भावना को मजबूती मिलेगी और स्थानीय वित्तीय स्थिति को गति मिलेगी. उन्होंने कहा कि वंदे हिंदुस्तान ट्रेनों में क्षेत्रीय भोजन की शुरुआत यह दर्शाती है कि हिंदुस्तानीय रेल अब यात्रियों की भावनाओं, उनकी संस्कृति और उनकी जड़ों को भी समझ रही है. भोजन केवल पेट भरने का साधन नहीं, बल्कि यादों, परंपराओं और अपनत्व का माध्यम होता है. जब कोई यात्री अपनी यात्रा के दौरान अपने राज्य का पसंदीदा व्यंजन चखता है, तो वह खुद को घर के और करीब महसूस करता है. अपने घर जैसा स्वाद मिलेगा और अन्य राज्यों के यात्री भी देश की विविध संस्कृतियों से परिचित होंगे. किस ट्रेन में क्या मिलता है राउरकेला-हावड़ा वंदे हिंदुस्तान एक्सप्रेस में कोषा पनीर और हावड़ा-पुरी वंदे हिंदुस्तान एक्सप्रेस में आलू पोतोल भाजा यात्रियों को बंगाल की पारंपरिक रसोई से जोड़ते हैं. बिहार से चलने वाली वंदे हिंदुस्तान ट्रेन में चंपारण पनीर (पटना-रांची) और चंपारण चिकन (पटना-हावड़ा) परोसा जाता है. महाराष्ट्र के नागपुर-सिकंदराबाद वंदे हिंदुस्तान एक्सप्रेस में कांदा पोहा और सीएसएमटी-मडगांव वंदे हिंदुस्तान एक्सप्रेस में मसाला उपमा दिया जाता है. मुंबई सेंट्रल-गांधीनगर वंदे हिंदुस्तान एक्सप्रेस में मेथी थेपला और साबरमती-वेरावल वंदे हिंदुस्तान एक्सप्रेस में मसाला लौकी परोसी जाती है. केरल की कासरगोड-तिरुवनंतपुरम और मंगलुरु-तिरुवनंतपुरम वंदे हिंदुस्तान एक्स्प्रेस में सफेद चावल, पचक्का चेरुपयार मेझुक्कुपेराटी, कडला करी, केरल पराठा, सादा दही, पालडा पायसम और अप्पम परोसा जाता है. जम्मू और कश्मीर वंदे हिंदुस्तान में अंबल कडू, जम्मू चना मसाला, टमाटर चमन और केसर फिरनी यात्रियों को मिलते हैं. ये भी पढ़ें… टूरिज्म में इन्वेस्टमेंट का नया हॉटस्पॉट बनेगा झारखंड, फॉरेन इन्वेस्टर्स को न्योता देने की तैयारी रांची में दो गुटों के बीच भिड़ंत: जमीन विवाद में पिस्का मोड़ के पास फायरिंग, 3 घायल, 10 हिरासत में The post धुस्का, रुगड़ा की सब्जी और चना-घुघनी, Vande Bharat ट्रेन में यात्रियों को मिलेगा अब झारखंडी खाने का स्वाद appeared first on Naya Vichar.

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IND vs NZ: हर्षित राणा vs डेवोन कॉनवे, इस सीरीज में कैसे है आकड़े? कितनी बार हुए आउट, जानें सबकुछ

हिंदुस्तान बनाम न्यूजीलैंड (IND vs NZ) के इस मैच में और पूरी सीरीज में जो बात सबसे ज्यादा चर्चा में रही, वह है हिंदुस्तानीय गेंदबाज हर्षित राणा (Harshit Rana) की गेंदबाजी. हर्षित ने न्यूजीलैंड के ओपनर बल्लेबाज डेवोन कॉनवे (Devon Conway) को इस सीरीज में खुलकर स्पोर्ट्सने ही नहीं दिया. तीन मैच की इस सीरीज के तीसरे वनडे में भी हर्षित ने कॉनवे को जल्दी आउट कर दिया, जिससे सामने वाली टीम दबाव में आ गई. हर्षित राणा का दबदबा इस पूरी सीरीज में अगर किसी गेंदबाज ने डेवोन कॉनवे को सबसे ज्यादा परेशान किया है, तो वह हर्षित राणा हैं. हर्षित ने इस सीरीज के तीनों मैचों में कॉनवे का विकेट लिया है. तीसरे वनडे में भी जब कॉनवे बल्लेबाजी के लिए आए, तो उन पर हर्षित का खौफ साफ दिख रहा था. इस मैच का दूसरा ही ओवर था और राणा ने अपने पहले ओवर की पहली बॉल कराई जिसको कॉन्वे ने हल्के हाथ से डिफेंड करा लेकिन वह विकेट के पीछे पहली स्लिप में खड़े रोहित शर्मा को एक आसान कैच दे बैठे. यह लगातार तीसरा मौका था जब हर्षित ने कॉनवे को आउट बनाया.  कॉनवे के लिए परेशानी बने राणा डेवोन कॉनवे जैसे बड़े खिलाड़ी के लिए यह सीरीज किसी बुरे सपने से कम नहीं रही. हर्षित राणा ने उनके लिए इस वनडे सीरीज में बहुत परेशान किया है. अगर हम आंकड़ों पर नजर डालें तो कहानी और भी दिलचस्प नजर आती है. कॉनवे ने अब तक तीन पारियों में हर्षित की 23 गेंदों का सामना किया है. इन 23 गेंदों में वे हर्षित के खिलाफ सिर्फ 18 रन ही बना सके हैं. वहीं उनका एवरेज हर्षित के सामने सिर्फ 6 का रहा है. यानी जब भी हर्षित गेंद लेकर आए, कॉनवे के लिए क्रीज पर टिकना मुश्किल हो गया. बल्ले से नहीं निकले रन इस वनडे सीरीज में डेवोन कॉनवे को तीन मैच स्पोर्ट्सने का मौका मिला, लेकिन उनका प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा. तीन पारियों में उनके बल्ले से 25.66 की औसत से कुल 77 रन निकले. पहले मैच में उन्होंने जरूर 67 गेंदों पर 56 रन की पारी स्पोर्ट्सी थी और अर्धशतक जमाया था, लेकिन उसके बाद के दो मैचों में वे पूरी तरह फ्लॉप रहे. दूसरे वनडे में वे 21 गेंदों पर सिर्फ 16 रन बना सके थे. वहीं, इंदौर में हो रहे आखिरी मैच में वे सिर्फ 5 रन बनाकर चलते बने. ये भी पढ़ें- IND vs NZ 3rd ODI: हिंदुस्तान ने जीता टॉस, अर्शदीप की वापसी, ऐसी है दोनों टीम की प्लेइंग XI क्या इंदौर में होगी रनों की बारिश या बरपेगा गेंदबाजों का कहर? जानिए पिच और मौसम का हाल लॉन्ग ऑफ लॉन्ग ऑफ… मैदान पर लौटा T20 World Cup 2024 फाइनल का रोमांच, वैभव के कैच ने बदला मैच The post IND vs NZ: हर्षित राणा vs डेवोन कॉनवे, इस सीरीज में कैसे है आकड़े? कितनी बार हुए आउट, जानें सबकुछ appeared first on Naya Vichar.

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Hair Care Tips: अगर बालों में शाइन और मजबूती नहीं है, तो बदलें ये आदतें

Hair Care Tips: अगर बालों में पहले जैसी चमक नहीं रही और वे कमजोर व बेजान दिखने लगे हैं, तो इसके पीछे सिर्फ मौसम या प्रोडक्ट जिम्मेदार नहीं होते. अक्सर हमारी रोज़ की कुछ आदतें ही धीरे-धीरे बालों की मजबूती और शाइन खत्म कर देती हैं. हम इन बातों पर ध्यान नहीं देते, लेकिन असर कुछ समय बाद साफ नजर आने लगता है. अच्छी बात यह है कि सही समय पर इन आदतों को बदला जाए, तो बालों की हालत दोबारा सुधर सकती है. इस आर्टिकल में हम आपको उन्हीं आदतों के बारे में बता रहे हैं, जिन पर ध्यान देना जरूरी है. बाल धोने का तरीका बदलना जरूरी है कई लोग बालों को बहुत ज्यादा बार धोते हैं, जिससे बालों की प्राकृतिक नमी निकल जाती है. इससे बाल रूखे, बेजान और कमजोर महसूस होने लगते हैं. बालों को जरूरत के अनुसार ही धोना बेहतर होता है, ताकि उनकी शाइन बनी रहे. गीले बालों के साथ लापरवाही न करें गीले बाल सबसे ज्यादा कमजोर होते हैं और इस समय की गई गलती बालों को नुकसान पहुंचा सकती है. गीले बालों में जोर से कंघी करने से वे टूटने लगते हैं. बालों को थोड़ा सूखने दें और फिर हल्के हाथ से सुलझाएं. तेल लगाने की सही आदत बनाएं तेल लगाना अच्छी बात है, लेकिन उसे सही तरीके से लगाना भी जरूरी होता है. बहुत कम समय के लिए तेल लगाकर धो लेने से बालों को पूरा फायदा नहीं मिलता. तेल को कुछ समय तक बालों में रहने दें, ताकि जड़ों तक पोषण पहुंच सके. हीट का ज्यादा इस्तेमाल कम करें हेयर ड्रायर, स्ट्रेटनर और कर्लर का ज्यादा इस्तेमाल बालों की नमी छीन लेता है. इससे बाल धीरे-धीरे रूखे और कमजोर होने लगते हैं. जब भी संभव हो, बालों को प्राकृतिक तरीके से सूखने दें. खाने-पीने की आदतों पर ध्यान देना जरूरी है बालों की मजबूती सिर्फ बाहर से नहीं, अंदर से भी बनती है. गलत खान-पान की वजह से बाल कमजोर और बेजान दिखने लगते हैं. रोज़ के खाने में पौष्टिक चीजें शामिल करने से बालों की शाइन और ताकत बेहतर होती है. Disclaimer: यह आर्टिकल सामान्य जानकारियों और मान्यताओं पर आधारित है. नया विचार इसकी पुष्टि नहीं करता है. The post Hair Care Tips: अगर बालों में शाइन और मजबूती नहीं है, तो बदलें ये आदतें appeared first on Naya Vichar.

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Suji Paneer Pakora: घर पर बनाएं टेस्टी और क्रिस्पी सूजी पनीर के पकौड़े, घरवालों के साथ मेहमानों को भी आएंगे बेहद पसंद

Suji Paneer Pakora: जब भी शाम के समय कुछ कुरकुरा, चटपटा और मजेदार खाने का मन करे, तो सूजी पनीर पकौड़े एक बेस्ट ऑप्शन हो सकता है. पनीर से भरे ये पकौड़े हर किसी को बहुत पसंद आते हैं. ये रेसिपी न सिर्फ बनाने में आसान है, बल्कि तैयार होने के बाद खाने में भी बहुत टेस्टी और लाजवाब लगती है. आप सूजी पनीर पकौड़ों को शाम के समय चाय के साथ स्नैक्स के रूप में बना सकते हैं. साथ ही, अगर घर पर अचानक मेहमान आ जाएं या दोस्तों के साथ छोटी-सी पार्टी हो, तो ये रेसिपी सबका दिल जीत लेगी. तो अगर आप रोज के स्नैक्स से कुछ अलग और खास ट्राई करना चाहते हैं, तो इस स्वादिष्ट रेसिपी को जरूर बनाएं. आइए जानते हैं स्नैक्स टाइम के लिए सूजी पनीर पकौड़े बनाने की आसान विधि.  सूजी पनीर पकौड़े बनाने के लिए क्या सामग्री चाहिए? पनीर – 200 ग्राम (छोटे टुकड़ों में कटा हुआ) सूजी (रवा) – 1 कप दही – आधा कप अदरक-लहसुन पेस्ट – 1 छोटी चम्मच हरी मिर्च – 1-2 (बारीक कटी हुई) लाल मिर्च पाउडर – आधा छोटा चम्मच हल्दी – आधा छोटा चम्मच गरम मसाला – आधा छोटा चम्मच नमक – स्वादानुसार  धनिया पत्ता – 2 छोटे चम्मच (बारीक कटा हुआ) पानी – आवश्यकतानुसार तेल – तलने के लिए सूजी पनीर पकौड़े बनाने की विधि क्या है? सबसे पहले एक बड़े बर्तन में सूजी और दही डालकर अच्छी तरह मिलाएं. अब आप इसमें अदरक-लहसुन पेस्ट, हरी मिर्च, लाल मिर्च, हल्दी, गरम मसाला, नमक और धनिया डालें.  इसके बाद आप इसमें थोड़ा-थोड़ा पानी डालकर गाढ़ा बैटर तैयार करें. अब इसमें पनीर के टुकड़े डालकर हल्के हाथ से मिलाएं.  अब आप कड़ाही में तेल डालकर धीमी आंच पर अच्छे से गर्म करें. तेल गर्म हो जाने के बाद आप इसमें तैयार हुए बैटर को चम्मच या हल्के हाथों की मदद से अच्छे से तलें.  पकौड़े को आप अच्छी तरह सुनहरा और क्रिस्पी होने तक फ्राई करें. पकौड़े अच्छे से तल जाने के बाद आप इसे निकालकर चटनी के साथ गरमा-गरम सर्व करें.  यह भी पढ़ें: Sabudana Methi Pakoda: ठंड में चाय के साथ बनाएं कुरकुरा साबूदाना मेथी पकौड़ा, स्वाद ऐसा कि बार-बार बनाएंगे यह भी पढ़ें: Mushroom Pyaz ke Pakode: शाम की भूख मिटाने के लिए ट्राई करें मशरूम प्याज के पकौड़े, जानें बनाने का तरीका  The post Suji Paneer Pakora: घर पर बनाएं टेस्टी और क्रिस्पी सूजी पनीर के पकौड़े, घरवालों के साथ मेहमानों को भी आएंगे बेहद पसंद appeared first on Naya Vichar.

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घर बनाने जा रहे हैं लोग, उनकी लाशें गिर रहीं हैं, तमिलनाडु में मुर्शिदाबाद के 3 प्रवासी मजदूरों की मौत पर बोले परिजन

खास बातें नजीबुल के परिवार की मदद करे प्रशासन – शाहिद-उल मोमिन 8 फरवरी को लौटने वाला था ओबैदुर रहमान घर के बड़े लड़के ओबैदुर ने बीए सेकेंड ईयर तक की थी पढ़ाई पैसे जमा करके मुर्शिदाबाद में व्यवसाय करने की सोच रहा था ओबैदुर बंगाल में ही युवाओं को रोजगार देने की व्यवस्था करे प्रशासन पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले के 3 प्रवासी श्रमिकों की तमिलनाडु में मौत हो गयी है. इनके नाम ओबैदुर रहमान और नजीबुल हक हैं. तीसरे मृतक के नाम का पता नहीं चला है. नजीबुल हक के चचेरे भाई शाहिद-उल मोमिन और ओबैदुर रहमान के मामा ने कहा है कि राज्य प्रशासन को युवाओं के लिए काम की व्यवस्था करनी चाहिए. बंगाल में इंप्लॉयमेंट नहीं मिलने की वजह से यहां के यूथ को अन्य राज्यों में नौकरी करने जाना पड़ता है और वहां उनके साथ आये दिन अनहोनी होती रहती है. नजीबुल के परिवार की मदद करे प्रशासन – शाहिद-उल मोमिन शाहिद-उल मोमिन ने कहा कि मोमिन ने कहा कि यहां से लोग अन्य राज्यों में लोगों के घर बनाने जाते हैं और वहां उनकी लाशें गिर रहीं हैं. कहा कि नजीबुल के छोटे-छोटे शिशु हैं. प्रशासन को उनकी मदद करनी चाहिए. उसने कहा कि प्रशासन की ओर से अब तक उसके परिवार को कोई मदद नहीं मिली है. शाहिद-उल ने कहा कि स्थानीय नेता आये थे. मृतक के परिजनों से मिले, काफी देर तक बातचीत की, लेकिन कोई मदद नहीं दी. मृतक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. 8 फरवरी को लौटने वाला था ओबैदुर रहमान एक अन्य मृतक ओबैदुर रहमान की उम्र करीब 24-25 साल है. उसके मामा ने बताया कि मुर्शिदाबाद आने के लिए उसने 8 फरवरी का टिकट कटवा लिया था. शनिवार को मिट्टी की खुदाई के दौरान रेत का ढेर ढह गया और सपोर्टिंग वॉल के गिरने की वजह से बंगाल के प्रवासी श्रमिक उसके नीचे दब गये. ओबैदुर के मामा ने बताया कि जब मलबे से उनके भांजे को निकाला गया, तब उसकी सांस चल रही थी. इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उसे बचाया न जा सका. बंगाल की समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें घर के बड़े लड़के ओबैदुर ने बीए सेकेंड ईयर तक की थी पढ़ाई ओबैदुर के मामा ने बताया कि वह घर का बड़ा बेटा था. बीए सेकेंड ईयर तक पढ़ाई की थी. मुर्शिदाबाद में काम नहीं मिला, तो कमाने के लिए चेन्नई चला गया. तमिलनाडु के नीलगिरि जिले के कुन्नूर में काम के दौरान हादसे में उसकी जान चली गयी. पैसे जमा करके मुर्शिदाबाद में व्यवसाय करने की सोच रहा था ओबैदुर ओबैदुर के मामा ने यह भी कहा कि उसने सोचा था कि कुछ साल कमाकर पैसे जमा कर लेगा, तो मुर्शिदाबाद में ही अपना व्यवसाय शुरू करेगा. उन्होंने बंगाल प्रशासन से मांग की है कि ओबैदुर, उसके माता-पिता और 4 भाई-बहनों की मदद करे. प्रशासन या तो आर्थिक मदद करे या उसके परिवार के किसी सदस्य को रोजगार दे, ताकि उनकी रोजी-रोटी चलती रहे. उन्होंने बताया कि अभी तक कोई प्रशासनी मदद नहीं मिली है. बंगाल में ही युवाओं को रोजगार देने की व्यवस्था करे प्रशासन ओबैदुर रहमान के मामा ने राज्य प्रशासन से अपील की है कि मुर्शिदाबाद के युवाओं के लिए ऐसी व्यवस्था करे, ताकि उन्हें यहीं काम मिल जाये. उनके भांजे की मौत हुई है, इसलिए वह ऐसा नहीं कह रहे. ओबैदुर जैसे और बहुत से युवा हैं, जिन्हें कमाने के लिए अपना राज्य छोड़कर कहीं न कहीं जाना पड़ता है. किसी और शिशु के साथ ऐसा न हो, इसलिए प्रशासन को पहल करनी चाहिए. जूट मिल या अन्य कारखानों में लोगों को नौकरी मिलनी चाहिए. इसे भी पढ़ें बंगाल के बेलडांगा में औवेशी की पार्टी AIMIM का नेता गिरफ्तार, पुलिस ने बताया मुख्य साजिशकर्ता बंगाल के बेलडांगा में हिंसा, सेंट्रल फोर्स की तैनाती और NIA से जांच चाहते हैं शुभेंदु अधिकारी घायल मजदूर बिहार से बंगाल पहुंचा, मुर्शिदाबाद में फिर तनाव, NH और रेल ट्रैक पर उतरी भीड़ मुर्शिदाबाद में उग्र प्रदर्शन पर ममता बनर्जी का गैर-जिम्मेदाराना बयान, कहा- अल्पसंख्यकों का गुस्सा ‘जायज’, दंगे भड़काने की साजिश रच रही बीजेपी The post घर बनाने जा रहे हैं लोग, उनकी लाशें गिर रहीं हैं, तमिलनाडु में मुर्शिदाबाद के 3 प्रवासी मजदूरों की मौत पर बोले परिजन appeared first on Naya Vichar.

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Rain And Snowfall: बारिश और बर्फबारी की संभावना, कश्मीर के लिए IMD ने जारी किया अलर्ट

Rain And Snowfall: मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों में घाटी के ऊंचाई वाले इलाकों में बारिश और बर्फबारी होने का अनुमान जताया है. आईएमडी के अनुसार श्रीनगर में न्यूनतम तापमान शून्य से 4.7 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया, जबकि मध्य कश्मीर के गांदरबल जिले के गांदरबल में शुक्रवार को मध्यम बर्फबारी हुई थी. कश्मीर में दिखेगा वेस्टर्न डिस्टरबेंस का असर, बारिश और बर्फबारी की संभावना मौसम विभाग ने कहा है वेस्टर्न डिस्टरबेंस कश्मीर को प्रभावित करेंगे, जिससे अगले कुछ दिनों में बारिश एवं बर्फबारी होने की संभावना है. 19 और 20 जनवरी को हल्की से मध्यम बारिश या बर्फबारी होने की संभावना है. 21 जनवरी को ऊंचाई वाले अलग-अलग इलाकों में हल्की बर्फबारी की संभावना है, जिसके बाद 25 जनवरी तक हल्की से मध्यम बारिश या बर्फबारी होने की संभावना है. चिनाब घाटी, पीर-पंजाल पर्वतमाला और दक्षिण कश्मीर के कुछ जिलों में 23 से 24 जनवरी में भारी बारिश या बर्फबारी हो सकती है. शोपियां में न्यूनतम तापमान शून्य से 6.7 डिग्री सेल्सियस नीचे मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण कश्मीर के शोपियां में न्यूनतम तापमान शून्य से 6.7 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया. पहलगाम में न्यूनतम तापमान शून्य से छह डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज हुआ. गुलमर्ग में न्यूनतम तापमान शून्य से 5.6 डिग्री सेल्सियस नीचे मौसम विभाग के अनुसार गुलमर्ग में न्यूनतम तापमान शून्य से 5.6 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया. काजीगुंड में न्यूनतम तापमान शून्य से 4.8 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया. कोकेरनाग में न्यूनतम तापमान शून्य से 2.2 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया. कुपवाड़ा में न्यूनतम तापमान शून्य से 4.8 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज हुआ. The post Rain And Snowfall: बारिश और बर्फबारी की संभावना, कश्मीर के लिए IMD ने जारी किया अलर्ट appeared first on Naya Vichar.

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सऊदी अरब का बड़ा कदम, इन चीजों पर नहीं लिख सकते अल्लाह का नाम, पकड़े जाने पर होगी कानूनी कार्रवाई

सऊदी अरब धार्मिक नियमों को लेकर अपने देश में नया नियम लागू किया है. सऊदी प्रशासन ने कंपनियों और दुकानों को यह निर्देश दिया है कि वे बैग, पैकेजिंग या किसी भी सामान पर अल्लाह का नाम न लिखें. इसका मकसद धार्मिक सम्मान और पवित्रता की रक्षा करना है. क्योंकि अगर वह सामान फेंका जा सकता है या गलत तरीके से इस्तेमाल हो सकता है, तो इससे ईश्वर का अनादर होता है. इसका ऐलान सऊदी अरब के वाणिज्य मंत्रालय के प्रवक्ता अब्दुलरहमान अल-हुसैन ने किया.  अल-हुसैन ने अपने आधिकारिक X (पहले ट्विटर) अकाउंट पर कहा कि अल्लाह के नाम, जिन्हें इस्लाम में अल-अस्मा उल हुस्ना कहते हैं, बहुत खास महत्व रखते हैं. इन्हें ऐसे सामान पर नहीं लिखा जाना चाहिए, जिन्हें फेंक सकते हैं या जिनका इस्तेमाल पवित्रता को कम करने के लिए हो. मंत्रालय ने बताया कि यह नियम सभी व्यावसायिक इस्तेमाल पर लागू होगा. इसमें प्रिंटेड बैग, पैकेजिंग और प्रचार सामग्री शामिल हैं, खासकर वे चीजें जो थोड़े समय के लिए इस्तेमाल होती हैं या डिस्पोजेबल हैं. حرصًا على تعظيم أسماء الله الحسنى وصونها .. يُـمنع على المنشآت التجارية كتابة أسماء الله الحسنى أو لفظ الجلالة على كل ما يؤدي إلى تعرضها للامتهان ، مثل: ( الأكياس و الأغلفة ) التي يؤول مصيرها إلى الاستخدام غير اللائق . — المتحدث الرسمي لوزارة التجارة (@spokesman_mc) January 12, 2026 अरब न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, यह कदम सऊदी अरब में व्यापार के नाम और ब्रांडिंग के नियमों को मजबूत करने के प्रयास का भी हिस्सा है. इस साल मंत्रालय ने एक नया व्यापार नाम कानून भी बनाया है, जिसमें साफ लिखा है कि व्यापार के नाम में क्या इस्तेमाल किया जा सकता है और क्या नहीं. कानून के अनुसार, बैन किए गए शब्दों और प्रशासनी संस्थाओं के नाम को व्यापारिक नाम (ट्रेड नेम) में इस्तेमाल नहीं किया जा सकता. साथ ही, ‘सऊदी अरब’ या किसी शहर और क्षेत्र के नाम का इस्तेमाल करने के लिए भी खास नियम मानने होंगे. अधिकारियों का कहना है कि यह कदम इसलिए लिया गया है ताकि व्यापार की आजादी और सांस्कृतिक, धार्मिक व सामाजिक मूल्यों के बीच संतुलन बना रहे. सऊदी प्रेस एजेंसी के अनुसार, मंत्रालय ने देश भर के चेंबर ऑफ कॉमर्स को निर्देश दिया है कि वे इस आदेश को अपने सदस्यों और सभी व्यावसायिक प्रतिष्ठानों (कमर्शियल इस्टैबलिशमेंट) तक पहुंचाएं. मंत्रालय ने यह भी जोर देकर कहा कि वह देश भर के बाजारों पर निगरानी रखेगा ताकि इस आदेश का पालन हो और जो लोग इसका उल्लंघन करेंगे उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी. ये भी पढ़ें:- 81 साल के नेता ने लगातार 5वीं बार जीता राष्ट्रपति चुनाव, 72% वोट मिले, विरोधी के घर घुसी सेना, हुए फरार ये भी पढ़ें:- डोनाल्ड ट्रंप और उनके दोस्त से नाराज है इजरायल, गाजा-ईरान को लेकर अमेरिकन पॉलिसी है वजह The post सऊदी अरब का बड़ा कदम, इन चीजों पर नहीं लिख सकते अल्लाह का नाम, पकड़े जाने पर होगी कानूनी कार्रवाई appeared first on Naya Vichar.

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