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January 18, 2026

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How To Make Salted Popcorn: बाजार जैसा स्वाद अब घर पर, जानें नमकीन पॉपकॉर्न बनाने की आसान रेसिपी

How To Make Salted Popcorn: पॉपकॉर्न एक ऐसा स्नैक्स है जो हर उम्र के लोगों का फेवरेट होता है. चाहे शिशु हो या बड़े, कुरकुरा और गरमा-गरम पॉपकॉर्न देखते ही सबका मन खुश हो जाता है. खासकर मूवी नाइट, दोस्तों के साथ बातचीत या हल्की-फुल्की भूख में नमकीन पॉपकॉर्न का मजा ही कुछ और होता है. ऐसे में अब आप भी बाजार से पॉपकॉर्न लाने की बजाय घर पर ही झटपट और सही तरीके से नमकीन पॉपकॉर्न बना सकते हैं. आइए बताते हैं आपको घर पर आसानी से नमकीन पॉपकॉर्न बनाने की विधि.  नमकीन पॉपकॉर्न बनाने के लिए क्या सामग्री चाहिए? मक्के के दाने – आधा कप  तेल – 2-3 चम्मच  नमक – स्वादानुसार  नमकीन पॉपकॉर्न बनाने की विधि क्या है? सबसे पहले एक बड़ा कड़ाही लेकर गैस पर रखें. अब कड़ाही में तेल डालें और धीमी आंच पर गर्म होने दें. इसके बाद आप इसमें 2-3 मक्के के दाने डालकर देखें. अगर दाने कुछ ही सेकंड में पॉप होकर फूल जाए, तो तेल पूरी तरह से तैयार है.  अब बचे हुए सभी मक्के के दाने कड़ाही में डाल दें और तुरंत कड़ाही को ढक्कन से ढक दें, जिससे मक्के के दाने बाहर न आए. अब आप गैस की आंच धीमी करके कड़ाही को हल्का-हल्का हिलाते रहें, ऐसा करने से मक्के के दाने नीचे से जलते नहीं हैं और सभी दाने अच्छे से पॉप होते हैं. कुछ ही देर में कड़ाही के अंदर मक्के के दाने फूटने की आवाज आने लगेगी और आपका पॉपकॉर्न तैयार होने लगेगा.  अब गरमा-गरम पॉपकॉर्न का ढक्कन खोलकर इसमें स्वादानुसार नमक डालें और अच्छे से मिलाएं.  अब आपका घर पर बना कुरकुरा और स्वादिष्ट नमकीन पॉपकॉर्न पूरी तरह से तैयार है. इसे मूवी देखते समय या शाम की हल्की भूख में गरमा-गरम सर्व करें और स्वाद का मजा लें.  यह भी पढ़ें: Sabudana Methi Pakoda: ठंड में चाय के साथ बनाएं कुरकुरा साबूदाना मेथी पकौड़ा, स्वाद ऐसा कि बार-बार बनाएंगे यह भी पढ़ें: Mushroom Pyaz ke Pakode: शाम की भूख मिटाने के लिए ट्राई करें मशरूम प्याज के पकौड़े, जानें बनाने का तरीका  The post How To Make Salted Popcorn: बाजार जैसा स्वाद अब घर पर, जानें नमकीन पॉपकॉर्न बनाने की आसान रेसिपी appeared first on Naya Vichar.

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सरायकेला के राजघराने में शोक की लहर, पद्मश्री सानलाल साहब की बेटी स्नेहलता का निधन

Snehlata Devi, सरायकेला, प्रताप मिश्रा: सरायकेला राजघराने की राजकुमारी और छऊ कला में पद्मश्री से सम्मानित स्व. सुधेन्द्र नारायण सिंह देव (सानलाल साहब) की बेटी स्नेहलता देवी का शनिवार देर रात निधन हो गया. वह 70 साल की थी. जानकारी के मुताबिक वह बीते कई दिनों से बीमार चल रही थीं और उनका इलाज दिल्ली और रांची में चल रहा था. निधन के बाद उनका पार्थिव शरीर जन्मस्थान सरायकेला लाया गया. रविवार सुबह लगभग 10 बजे उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया. अंतिम दर्शन के लिए कई लोग पहुंचे थे राज पैलेज राज पैलेस में उनका अंतिम दर्शन करने के लिए कई लोग पहुंचे और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की. इस मौके पर कांग्रेस जिलाध्यक्ष राज बागची भी वहां पहुंचे और श्रद्धांजलि दी. स्नेहलता देवी का निधन सरायकेला राजघराने और स्थानीय समाज में गहरा शोक का माहौल है. Also Read: टूरिज्म में इन्वेस्टमेंट का नया हॉटस्पॉट बनेगा झारखंड, फॉरेन इन्वेस्टर्स को न्योता देने की तैयारी Also Read: रांची में दो गुटों के बीच भिड़ंत: जमीन विवाद में पिस्का मोड़ के पास फायरिंग, 3 घायल, 10 हिरासत में The post सरायकेला के राजघराने में शोक की लहर, पद्मश्री सानलाल साहब की बेटी स्नेहलता का निधन appeared first on Naya Vichar.

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Top 100 GK Questions in Hindi 2026: 100 सामान्य ज्ञान के सवाल-जवाब….यूपी पुलिस भर्ती परीक्षा की तैयारी के लिए महत्वपूर्ण

Top 100 GK Questions in Hindi 2026: उत्तर प्रदेश में खाकी वर्दी पहनने का सपना देख रहे लाखों युवाओं के लिए बड़ी समाचार है. उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड (UPPBPB) ने आरक्षी नागरिक पुलिस और पीएसी समेत कुल 32,679 पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है. ऐसे में प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए जनरल नॉलेज (GK) की मजबूत पकड़ बेहद जरूरी हो जाती है, क्योंकि यही विषय चयन में निर्णायक भूमिका निभाता है. अगर आप भी यूपी पुलिस में भर्ती होना चाहते हैं, तो ये GK तैयारी गाइड आपके लिए बेहद काम की साबित होगी. Top 100 GK Questions in Hindi 2026: संविधा से संबंधित जनरल नॉलेज के सवाल हिंदुस्तान का संविधान कब लागू हुआ?उत्तर: 26 जनवरी 1950 हिंदुस्तान का राष्ट्रपिता किसे कहा जाता है?उत्तर: महात्मा गांधी हिंदुस्तानीय संविधान के निर्माता कौन हैं?उत्तर: डॉ. भीमराव आंबेडकर हिंदुस्तान की पहली स्त्री प्रधानमंत्री कौन थीं?उत्तर: इंदिरा गांधी लोकसभा की अधिकतम सदस्य संख्या कितनी है?उत्तर: 552 राज्यसभा का स्थायी सदन क्यों कहा जाता है?उत्तर: क्योंकि यह भंग नहीं होती हिंदुस्तान का सर्वोच्च न्यायालय कहां है?उत्तर: नई दिल्ली हिंदुस्तान का पहला राष्ट्रपति कौन था?उत्तर: डॉ. राजेन्द्र प्रसाद संविधान की प्रस्तावना में हिंदुस्तान को क्या कहा गया है?उत्तर: संप्रभु, समाजवादी, पंथनिरपेक्ष, लोकतांत्रिक गणराज्य मतदान की न्यूनतम आयु कितनी है?उत्तर: 18 वर्ष हिंदुस्तान – भूगोल हिंदुस्तान का सबसे बड़ा राज्य क्षेत्रफल के अनुसार?उत्तर: राजस्थान हिंदुस्तान की सबसे लंबी नदी?उत्तर: गंगा सबसे ऊंची चोटी?उत्तर: के2 (गॉडविन ऑस्टिन) थार मरुस्थल कहां स्थित है?उत्तर: राजस्थान सबसे छोटा राज्य क्षेत्रफल में?उत्तर: गोवा हिंदुस्तान का दक्षिणतम बिंदु?उत्तर: इंदिरा पॉइंट सबसे लंबा बांध?उत्तर: हीराकुंड बांध सात बहनों का राज्य समूह किसे कहते हैं?उत्तर: पूर्वोत्तर के 7 राज्य सबसे ऊंचा जलप्रपात?उत्तर: कुंचिकल जलप्रपात पश्चिमी घाट को क्या कहा जाता है?उत्तर: सह्याद्रि Top 100 GK Questions: इतिहास से संबंधित जनरल नॉलेज के सवाल प्लासी का युद्ध कब हुआ?उत्तर: 1757 1857 की क्रांति के नायक?उत्तर: मंगल पांडे स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है – किसका कथन?उत्तर: बाल गंगाधर तिलक हिंदुस्तान छोड़ो आंदोलन कब हुआ?उत्तर: 1942 जलियांवाला बाग हत्याकांड कब हुआ?उत्तर: 1919 हिंदुस्तान को आजादी कब मिली?उत्तर: 15 अगस्त 1947 दांडी मार्च किसने किया?उत्तर: महात्मा गांधी पहला गवर्नर जनरल?उत्तर: लॉर्ड माउंटबेटन काकोरी कांड कब हुआ?उत्तर: 1925 सुभाष चंद्र बोस का नारा?उत्तर: तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा Top 100 GK Questions: विज्ञान से संबंधित जनरल नॉलेज के सवाल पृथ्वी सूर्य का चक्कर कितने दिन में लगाती है?उत्तर: 365 दिन मानव शरीर की सबसे बड़ी हड्डी?उत्तर: फीमर रक्त का रंग लाल क्यों होता है?उत्तर: हीमोग्लोबिन के कारण पानी का रासायनिक सूत्र?उत्तर: H₂O मानव हृदय में कितने कक्ष होते हैं?उत्तर: 4 ऑक्सीजन की खोज किसने की?उत्तर: प्रीस्टले विटामिन C किसमें पाया जाता है?उत्तर: नींबू DNA का पूरा नाम?उत्तर: डीऑक्सीराइबोन्यूक्लिक एसिड पृथ्वी का सबसे निकट ग्रह?उत्तर: शुक्र मनुष्य का मस्तिष्क किससे बना है?उत्तर: न्यूरॉन्स Top 100 GK Questions: सामान्य ज्ञान – विविध से संबंधित जनरल नॉलेज के सवाल हिंदुस्तान का राष्ट्रीय पशु?उत्तर: बाघ राष्ट्रीय पक्षी?उत्तर: मोर राष्ट्रीय फूल?उत्तर: कमल राष्ट्रीय गान किसने लिखा?उत्तर: रवींद्रनाथ टैगोर राष्ट्रीय गीत?उत्तर: वंदे मातरम् हिंदुस्तान का राष्ट्रीय स्पोर्ट्स?उत्तर: हॉकी UNO की स्थापना कब हुई?उत्तर: 1945 विश्व स्वास्थ्य दिवस कब?उत्तर: 7 अप्रैल कंप्यूटर का जनक?उत्तर: चार्ल्स बैबेज ATM का फुल फॉर्म?उत्तर: Automated Teller Machine स्पोर्ट्स से संबंधित जनरल नॉलेज के सवाल जवाब क्रिकेट का जनक देश?उत्तर: इंग्लैंड सचिन तेंदुलकर को क्या कहा जाता है?उत्तर: क्रिकेट का भगवान ओलंपिक स्पोर्ट्स कितने साल में होते हैं?उत्तर: 4 साल हिंदुस्तान ने पहला क्रिकेट वर्ल्ड कप कब जीता?उत्तर: 1983 हॉकी का जादूगर किसे कहते हैं?उत्तर: मेजर ध्यानचंद UP Police GK Questions: उत्तर प्रदेश संबंधित जनरल नॉलेज के सवाल UP की राजधानी?उत्तर: लखनऊ UP के पहले मुख्यमंत्री?उत्तर: गोविंद बल्लभ पंत ताजमहल कहां है?उत्तर: आगरा UP का राजकीय पक्षी?उत्तर: सारस UP का राजकीय फूल?उत्तर: पलाश UP का सबसे बड़ा जिला?उत्तर: लखीमपुर खीरी UP का सबसे छोटा जिला?उत्तर: हापुड़ कुंभ मेला कहां लगता है?उत्तर: प्रयागराज बुद्ध का पहला उपदेश कहां ?उत्तर: सारनाथ राम जन्मभूमि कहां है?उत्तर: अयोध्या UP Police Current Affairs: करेंट अफेयर्स हिंदुस्तान का वर्तमान प्रधानमंत्री?उत्तर: नरेंद्र मोदी हिंदुस्तान की वर्तमान राष्ट्रपति?उत्तर: द्रौपदी मुर्मू G20 सम्मेलन 2023 का मेजबान?उत्तर: हिंदुस्तान ISRO का मुख्यालय?उत्तर: बेंगलुरु चंद्रयान-3 कहां उतरा?उत्तर: चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर UP Police Reasoning: रीजनिंग/मिक्स GK सबसे हल्की धातु?उत्तर: लिथियम सबसे भारी धातु?उत्तर: ऑस्मियम हिंदुस्तान का सबसे ऊंचा पुरस्कार?उत्तर: हिंदुस्तान रत्न रेलवे का जनक?उत्तर: जॉर्ज स्टीफेंसन सबसे तेज जानवर?उत्तर: चीता कुत्ते का वैज्ञानिक नाम?उत्तर: Canis familiaris इंद्रधनुष में कितने रंग?उत्तर: 7 हिंदुस्तान का पहला उपग्रह?उत्तर: आर्यभट्ट ATM का आविष्कार किसने किया?उत्तर: जॉन शेफर्ड बैरन सबसे छोटा महाद्वीप?उत्तर: ऑस्ट्रेलिया सवाल जवाब पेनिसिलिन की खोज किसने की? फ्लेमिंग कंप्यूटर की भाषा क्या है? बाइनरी पहला मोबाइल फोन किसने बनाया? मोटोरोला हिंदुस्तान का पहला परमाणु परीक्षण कहां हुआ? पोखरण सबसे गहरी झील कौन-सी है? बैकाल हिंदुस्तान की पहली स्त्री राज्यपाल कौन थीं? सरोजिनी नायडू सबसे बड़ा महासागर कौन-सा है? प्रशांत महासागर ताजमहल किसने बनवाया? शाहजहां ओजोन परत कहां पाई जाती है? समताप मंडल UPSC का मुख्यालय कहां है? दिल्ली राष्ट्रीय विज्ञान दिवस कब मनाया जाता है? 28 फरवरी हिंदुस्तान का पहला अंतरिक्ष यात्री कौन है? राकेश शर्मा सबसे बड़ा स्तनधारी जीव कौन है? नीली व्हेल हिंदुस्तान का पहला अखबार कौन-सा था? बंगाल गजट लोहा का रासायनिक चिन्ह क्या है? Fe सूर्य ऊर्जा किस प्रक्रिया से बनती है? नाभिकीय संलयन उत्तर प्रदेश का राजकीय वृक्ष कौन-सा है? अशोक UPSI की ट्रेनिंग कहां होती है? मुरादाबाद रक्त समूह की खोज किसने की? लैंडस्टीनर हिंदुस्तान का राष्ट्रीय ध्वज किसने बनाया? पिंगली वेंकैया यह भी पढ़ें- आधा हिंदुस्तान नहीं जानता ट्रेन के पीछे बने X का असली मतलब, एक Click में समझें The post Top 100 GK Questions in Hindi 2026: 100 सामान्य ज्ञान के सवाल-जवाब….यूपी पुलिस भर्ती परीक्षा की तैयारी के लिए महत्वपूर्ण appeared first on Naya Vichar.

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साउथ एशियन इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में पहुंची फिल्म ‘कथाकार की डायरी’, शत्रुघ्न सिन्हा कर चुके हैं तारीफ

दिग्गज एक्टर शत्रुघ्न सिन्हा ने हाल ही में एक प्राइवेट स्क्रीनिंग में कम बजट में बनी फिल्म ‘कथाकार की डायरी’ की तारीफ की. शत्रुघ्न सिन्हा ने 200 इंडीपेंडेंट और ट्राइबल आर्टिस्ट्स की इस फिल्म की तुलना हिंदुस्तानीय सिनेमा के दिग्गज सत्यजीत राय और मृणाल सेन से करते हुए कहा कि यह फिल्म बिल्कुल वही अनुभव देती है, जिसे देखकर वह बड़े हुए और सीखा. लीजेंड एक्टर की इस तारीफ के बाद फिल्म मीडिया में सुर्खियों में आ गई. अब यह फिल्म South Asian International Film Festival Florida (SAIFF) तक पहुंच चुकी है और वहां ऑफिशियल सिलेक्शन में शामिल की गई है. ‘कथाकार की डायरी’ ने ग्लोबल फेस्टिवल्स में बनाई अपनी पहचान एक प्राइवेट स्क्रीनिंग के बाद मीडिया में सुर्खियों में आई फिल्म ‘कथाकार की डायरी’ अब तक कई अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल्स में दिखाई जा चुकी है. इसमें शामिल हैं 31वां कोलकाता इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल (KIFF), 22वां अबुजा इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल (नाइजीरिया), डायरेक्टर’स कट इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल (कनाडा), अल्टरनेटिव फिल्म फेस्टिवल (कनाडा), जागरण फिल्म फेस्टिवल और 22वां थर्ड आई एशियन फिल्म फेस्टिवल सहित कई अन्य ग्लोबल प्लेटफॉर्म्स. अब इस फिल्म को South Asian International Film Festival Florida (SAIFF) में भी चुना गया है. भले ही यह फिल्म कम बजट की हो, लेकिन इसमें काम करने वाले 200 आर्टिस्ट और टेक्निशियंस की मेहनत रंग ला रही है. हाल ही में एक फेस्टिवल स्क्रीनिंग के दौरान फिल्म देखते हुए ट्रांसजेंडर कम्युनिटी के दर्शक भावुक होकर रोने लगे थे, जिससे फिल्म की सामाजिक और भावनात्मक ताकत का अंदाजा लगाया जा सकता है. पांच किरदारों की संघर्ष भरी कहानी बता दें कि इस फिल्म में कुल पांच मुख्य किरदार हैं और हर किरदार की अपनी संघर्ष भरी कहानी है. IRS अधिकारी अन्वेष ने इसे तीन साल में पूरा किया. उन्होंने दिन में अपनी ड्यूटी और रात में शूटिंग करते हुए ओडिशा, झारखंड, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के करीब 200 थिएटरों और ट्राइबल आर्टिस्ट्स के साथ काम किया. इस कठिन यात्रा के बावजूद उन्होंने फिल्म को पूरी मेहनत और समर्पण के साथ तैयार किया. यह भी पढ़ें– The 50: ‘द 50’ में लगेगा रोमांस का तड़का, भोजपुरी सिनेमा के पॉपुलर कपल मोनालिसा–विक्रांत सिंह राजपूत की होगी शो में धमाकेदार एंट्री The post साउथ एशियन इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में पहुंची फिल्म ‘कथाकार की डायरी’, शत्रुघ्न सिन्हा कर चुके हैं तारीफ appeared first on Naya Vichar.

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Banarasi Dum Aloo Recipe: बनारसी स्टाइल दम आलू से बढ़ जाएगा खाने का स्वाद, नोट करें सिंपल रेसिपी

Banarasi Dum Aloo Recipe: आलू की सब्जी के बिना हिंदुस्तानीय घरों में खाना पूरा ही नहीं होता है. वैसे तो आलू से कई सारी सब्जियां बनाई जाती है. अगर आप आलू खाने के शौकीन हैं तो एक बार दम आलू बनाकर ट्राई करें. आज हम आपको बनारसी स्टाइल दम आलू बनाने की रेसिपी बताते हैं. इसे आप घर पर आसानी से बना कर सर्व कर सकते हैं. किसी खास मौके के लिए भी बनारसी दम आलू बहुत बेस्ट ऑप्शन है. तो चलिए अब आपको इसकी रेसिपी बताते हैं.   बनारसी दम आलू बनाने की सामग्री आलू – आधा किलो टमाटर – 4 क्रीम/मलाई – 2 टेबलस्पून लाल मिर्च खड़ी – 4 लाल मिर्च पाउडर – 1/2 टी स्पून अदरक कटा – 1 इंच गरम मसाला – 1/2 टी स्पून काजू – 10-12 जीरा – 1 टी स्पून सौंफ – 1 टी स्पून कसूरी मेथी – 1 टेबलस्पून देसी घी – 1 टेबलस्पून हरी इलायची – 4 हरी धनिया पत्ती – 1 टेबलस्पून तेल – तलने के लिए नमक – स्वादानुसार इसे भी पढ़ें: Hare Matar ka Paratha Recipe: ब्रेकफास्ट में बनाएं हरे मटर के पराठे, स्वाद ऐसा कि बार-बार खाने का करेगा दिल बनारसी दम आलू बनाने का तरीका बनारसी दम आलू बनाने के लिए सबसे पहले आप आलू को छीलकर धो लें. अब आप एक-एक आलू में कांटे या टूथपीक की मदद से चारों तरफ छेद कर दें. इसके बाद आलू को साफ कपड़े से पोछें और सारे आलू को एक प्लेट में अलग रख दें. अब एक कड़ाही में तेल गर्म करके उसमें छेद किए हुए आलू डालें और गोल्डन ब्राउन होने तक फ्राई करते रहें. अब आप एक प्लेट में सारे फ्राई आलू को निकाल लें. अब आप दूसरी कड़ाही में 2 चम्मच तेल गर्म करें और फिर उसमें बारीक कटे टमाटर, जीरा, सौंफ, खड़ी लाल मिर्च और कटे काजू डालकर अच्छे से भून लें. अब आप गैस बंद करके मसाला ठंडा होने दें और फिर मिक्सी में मसाला डालकर पीस लें और इसकी प्यूरी तैयार कर लें. अब आप कड़ाही में घी गर्म करके उसमें हरी इलायची और कसूरी मेथी हाथ से मसल कर डाल दें. कुछ सेकंड्स तक भूनने के बाद आप इसमें टमाटर की प्यूरी और स्वादानुसार नमक मिलाएं. अब आप चलाते हुए ग्रेवी को पकने दें. फिर 1-2 मिनट बाद इसमें दो कप पानी मिलाएं और ग्रेवी को उबलने दें.   ग्रेवी में उबाल आने के बाद आप उसमें फ्राइड आलू डालकर धीमी आंच पर करीब 15 मिनट तक पकने दें. सब्जी को बीच-बीच में चलाते हुए इसमें ताजी क्रीम और गरम मसाला डालकर मिला दें. सब्जी में एक उबाल आने के बाद आप गैस की आंच बंद कर दें. आपका टेस्टी बनारसी दम आलू बनकर तैयार हो चुका है. इसे एक कटोरी में डालकर उसे धनिया पत्ती से गार्निश करें. इस सब्जी को आप रोटी या पराठे के साथ सर्व कर सकते हैं. इसे भी पढ़ें: Peanut Rice Recipe: बचे हुए चावल से बनाएं टेस्टी पीनट राइस, नोट कर लें सिंपल रेसिपी इसे भी पढ़ें: Poha Dhokla Recipe: सुबह की जल्दबाजी में फटाफट बना लें गुजरात स्पेशल पोहा ढोकला, नोट कर लें सिंपल रेसिपी The post Banarasi Dum Aloo Recipe: बनारसी स्टाइल दम आलू से बढ़ जाएगा खाने का स्वाद, नोट करें सिंपल रेसिपी appeared first on Naya Vichar.

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PM मोदी का असम को तोहफा, काजीरंगा में बनेगा 35 KM लंबा एलिवेटेड कॉरिडोर, 2 अमृत भारत ट्रेनों को भी दिखाई हरी झंडी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिन के असम दौरे पर हैं. रविवार को उन्होंने असम के नागांव जिले में 6,957 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का शिलान्यास किया. इनमें सबसे अहम ‘काजीरंगा एलिवेटेड कॉरिडोर’ (एक लंबा फ्लाईओवर) है. यह कॉरिडोर वाइल्डलाइफ रिजर्व के लिए गेम-चेंजर साबित होगा. उन्होंने दो नई ‘अमृत हिंदुस्तान एक्सप्रेस’ ट्रेनों को भी हरी झंडी दिखाई. जानवरों के लिए बनेगा ‘सेफ पैसेज’ PM मोदी ने 35 किलोमीटर लंबे एक खास फ्लाइओवर का भूमि पूजन किया है. यह फ्लाइओवर नेशनल हाईवे-715 पर बनेगा. इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि बरसात या बाढ़ के समय जब काजीरंगा के जानवर सड़क पार करते हैं, तो वे गाड़ियों की चपेट में नहीं आएंगे. PM मोदी ने कहा कि इस प्रोजेक्ट से इनवॉरमेंट सेफ रहेगा, टूरिज्म बढ़ेगा और लोकल्स को रोजगार के नए मौके मिलेंगे. यह प्रोजेक्ट NH-715 के कलियाबोर से नुमलिगढ़ हिस्से को चौड़ा करने की योजना का हिस्सा है. इसमें करीब 34.45 किलोमीटर लंबा ऊंचा (एलिवेटेड) और जानवरों के लिए सुरक्षित कॉरिडोर बनाया जाएगा. साथ ही जखलाबंधा और बोकाखत में बाईपास भी बनाए जाएंगे. दो अमृत हिंदुस्तान ट्रेनों को दिखाई हरी झंडी  कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए PM ने दो नई ट्रेनों को रवाना किया. डिब्रूगढ़ से गोमती नगर (लखनऊ) और कामाख्या (गुवाहाटी) से रोहतक. ये ट्रेनें असम को यूपी, बिहार, दिल्ली और हरियाणा जैसे राज्यों से जोड़ेंगी. अधिकारियों के मुताबिक, इन आधुनिक ट्रेनों से न सिर्फ सफर का समय कम होगा, बल्कि पैसेंजर्स को वर्ल्ड-क्लास सुविधाएं भी मिलेंगी. PM मोदी ने कांग्रेस पर साधा निशाना कलियाबोर में एक बड़ी रैली को संबोधित करते हुए PM मोदी ने कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने सालों तक असम की जमीन और जंगलों को घुसपैठियों के हवाले कर दिया था. लेकिन भाजपा प्रशासन अब इन अतिक्रमणकारियों को बाहर निकालकर असम की संस्कृति और पहचान को सुरक्षित कर रही है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस अपनी ‘नेगेटिव पॉलिटिक्स’ की वजह से लोगों का भरोसा खो चुकी है. लोगों की पहली पसंद बनी भाजपा PM ने बिहार विधानसभा चुनावों और हाल ही में हुए स्थानीय निकाय चुनावों (महाराष्ट्र और केरल में) में मिली जीत का उदाहरण दिया. महाराष्ट्र और केरल में नगर निगम चुनावों में पार्टी की सफलता का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र के नगर निगम चुनावों में लोगों ने बीजेपी को वोट दिया, और केरल में भी हमारी पार्टी का एक मेयर है. उन्होंने कहा कि सत्ता में 20 साल रहने के बाद भी लोग भाजपा पर भरोसा कर रहे हैं क्योंकि हम ‘सुशासन’ (Good Governance) और विकास पर काम करते हैं.  उन्होंने यह भी बताया कि भाजपा प्रशासन के सख्त कदमों की वजह से ही 2025 में काजीरंगा में शिकार (Poaching) से एक भी गैंडे की मौत नहीं हुई. PM मोदी ने जोर देकर कहा कि असम का विकास पूरे पूर्वोत्तर हिंदुस्तान के लिए नए दरवाजे खोल रहा है. प्रशासन की ‘एक्ट ईस्ट’ पॉलिसी इस पूरे रीजन को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी. उन्होंने साफ किया कि हिंदुस्तान ने दुनिया को दिखा दिया है कि पर्यावरण की सुरक्षा और इकोनॉमी का विकास दोनों चीजें एक साथ मुमकिन हैं. ये भी पढ़ें: अगले 4 दिन इन राज्यों में हो सकती है बारिश, बढ़ेगी ठंड, आया IMD का अलर्ट मुंबई में रिसॉर्ट पॉलिटिक्स शुरू, शिंदे के सभी 29 पार्षद होटल में शिफ्ट, शिवसेना को सता रहा डर The post PM मोदी का असम को तोहफा, काजीरंगा में बनेगा 35 KM लंबा एलिवेटेड कॉरिडोर, 2 अमृत हिंदुस्तान ट्रेनों को भी दिखाई हरी झंडी appeared first on Naya Vichar.

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डोनाल्ड ट्रंप और उनके दोस्त से नाराज है इजरायल, गाजा-ईरान को लेकर अमेरिकन पॉलिसी है वजह

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप गाजा पीस प्लान के दूसरे फेज के लिए बोर्ड ऑफ पीस बना रहे हैं. इसमें उन्होंने दुनिया के कई लीडर्स को शामिल किया है. उनके दामाद जेरेड कुश्नर और हिंदुस्तानीय मूल के वर्ल्ड बैंक के अध्यक्ष अजय बंगा भी इसका हिस्सा हैं. लेकिन इजरायल ट्रंप के इस बोर्ड के एक सदस्य से नाराज है. इजरायल की नाराजगी इस बोर्ड के स्ट्रक्चर को लेकर भी है. इसके साथ ही ईरान पर संभावित हमले के मुद्दे पर भी इजरायल का ट्रम्प प्रशासन के साथ मतभेद बढ़ रहा है. इजरायल के अधिकारियों ने इन फैसलों के पीछे एक प्रमुख व्यक्ति की ओर इशारा किया है.  इजरायल उसे अपने हितों (इंट्रेस्ट) के खिलाफ मान रहा है. यह कोई और नहीं ट्रंप के दोस्त और गाजा पीस प्लान के विशेष दूत (Special Envoy) स्टीव विटकॉफ हैं. हाल ही में हमास और स्टीव विटकाफ के बीच मुलाकात होने वाली थी. इसे इजरायली दबाव के कारण रद्द किया. इजरायल ने अमेरिका के ऊपर कूटनीतिक दबाव बनाया, जिसकी वजह से ऐसा हो पाया. इजरायली अधिकारियों ने विटकॉफ के खिलाफ लंबे समय से चली आ रही असंतोष का इजहार किया है. प्रधानमंत्री नेतन्याहू के करीबी सूत्रों ने शनिवार शाम को i24NEWS से इस बारे में बात की.  i24NEWS के अनुसार, उन्होंने चैनल से कहा पिछले कई महीनों से यह भावना रही है कि विशेष दूत स्टीव विटकॉफ के मिडिल ईस्ट में अपने निजी कारणों से निर्णय ले रहे हैं. वह हमास के साथ मजबूत संपर्क हैं. उनकी ओर से कई बार निर्णय लेते समय इजरायली हित वास्तव में प्राथमिकता नहीं पाते. यह आलोचना गाजा के एडमिनिस्ट्रेशन में तुर्की और कतर को शामिल करने से जुड़े हैं. इजरायल के अनुसार बोर्ड में इन दोनों देशों को शामिल के प्रस्ताव और ईरान से जुड़े खतरे, दोनों को लेकर उसे चिंता है. एक वरिष्ठ इजरायली अधिकारी ने साफ शब्दों में कहा कि अगर यह सामने आता है कि ईरान पर हमले को रोकने वालों में वह भी शामिल हैं, तो यह महज एक संयोग से कहीं ज्यादा होगा.  ईरान को लेकर इजरायल की क्या समस्या है? पिछले हफ्ते बुधवार तक अमेरिका ईरान पर हमला करने की पूरी तैयारी कर चुका था. साउथ चाइना सी से यूएसएस अब्राहम लिंकन मिडिल ईस्ट की ओर रवाना हो गया था. इजरायल के प्रधानमंत्री का प्लेन भी ग्रीस लैंड कर चुका था. ईरान में विरोध प्रदर्शनों के कारण हमला करने का पूरा माहौल बन गया था. अमेरिका के मिडिल ईस्ट में सबसे बड़े एयर बेस- कतर के अल उदैद से अधिकतर अमेरिकी सैनिक हट गए थे. ट्रंप ने कहा कि प्रदर्शनकारी प्रोटेस्ट जारी रखें, मदद पहुंच रही है. लेकिन ऐन मौके पर सारा माहौल बदल गया.  ट्रंप ने ईरान को प्रदर्शनकारियों की फांसी रोकने पर धन्यवाद देने लगे. हालांकि, ये अलग बात है कि अगले ही दिन उन्होंने खामेनेई को बीमार आदमी बताकर शासन से बाहर करने की भी बात कही. लेकिन मेन बात रही कि अमेरिका ने ईरान पर हमला नहीं किया. लगता है यह इजरायल को बिल्कुल पसंद नहीं आ रहा है. अमेरिका ने हमला क्यों नहीं किया, इस पर कई बातें सामने आईं, जैसे अरब के चार देशों- सऊदी अरब, कतर, इजिप्ट और ओमान ने इसमें इंटरफेयर किया और अमेरिका को हमला करने से रोक लिया. फांसी रुक गई, पुतिन ने ईरान और इजरायल दोनों से बात की. अमेरिका को ईरान में सफलता न मिलने का डर. ईरान की कार्रवाई की वजह से मिडिल ईस्ट में पीस बिगड़ने का खतरा. कारण कोई भी हो, इजरायल की नाराजगी विटकाफ को लेकर है.  गाजा को लेकर इजरायल की समस्या क्या है? गाजा पीस प्लान के दूसरे फेज के लिए संस्थापक कार्यकारी बोर्ड मुख्य (पीस बोर्ड) बनाया गया है, जो गाजा में शांति आने तक शासन की निगरानी करेगा. इस बोर्ड के 7 सदस्य हैं. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस बोर्ड के अध्यक्ष, अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो, अमेरिका के विशेष दूत (स्पेशल एनवॉय) स्टीव विटकॉफ, ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर, डोनाल्ड ट्रंप के दामाद और वरिष्ठ सलाहकार जैरेड कुशनर, विश्व बैंक के अध्यक्ष अजय बंगा और अन्य अमेरिकी/अंतरराष्ट्रीय सदस्य भी इसमें शामिल हैं, जिनके बारे में अभी नहीं बताया गया है.  इसके साथ ही गाजा कार्यकारी बोर्ड का भी गठन किया गया है. यह बोर्ड गाजा में रोजमर्रा के प्रशासन, सेवाओं और स्थिरता से जुड़ा काम देखेगा. इस बोर्ड में शामिल प्रमुख सदस्य हैं, स्टीव विटकॉफ, जैरेड कुशनर (ट्रंप के दामाद), टोनी ब्लेयर (ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री), हकान फिदान (तुर्की के विदेश मंत्री), अली अल-थवादी (कतर के सीनियर डिप्लोमैट) हैं. कुछ अन्य अंतरराष्ट्रीय अधिकारी, अलग-अलग देशों से हैं. इसमें केवल एक इजरायली अरबपति कारोबारी याकिर गाबे को जगह दी गई है.  विवाद की सबसे बड़ी वजह यह है कि अमेरिका ने गाजा के भविष्य से जुड़े एक अहम बोर्ड का गठन किया, लेकिन इसमें इजरायल प्रशासन से कोई सलाह नहीं ली. इजरायल का कहना है कि गाज़ा उसकी सुरक्षा से सीधे जुड़ा मामला है, इसलिए बिना उसकी सहमति के ऐसा फैसला लेना गलत है. प्रधानमंत्री नेतन्याहू नाराज हैं क्योंकि बोर्ड में तुर्की और कतर जैसे देशों को शामिल किया गया है. यह पहले से ही इजरायल के खिलाफ बयान देते रहे हैं और इनके हमास से संबंध माने जाते हैं. दूसरी वजह यह है कि इस पूरे ढांचे में किसी भी इजरायली प्रशासनी अधिकारी को जगह नहीं दी गई, जबकि तुर्की और कतर को अहम भूमिका दी गई है. इजरायल को डर है कि अगर ऐसे देश गाजा के फैसले लेंगे, तो हमास को पूरी तरह हटाना मुश्किल हो जाएगा. इसी कारण इजरायल इसे अपने हितों के खिलाफ मान रहा है और अमेरिका से औपचारिक विरोध जता रहा है. ये भी पढ़ें:- क्या हिंदुस्तान ने अमेरिका पर लगा दिया टैरिफ? दालों को लेकर यूएस सांसद ने मामला उठाया, ट्रंप को लिखा लेटर ये भी पढ़ें:- अमेरिकी फौज ने छोड़ा अल-असद एयरबेस, ईराकी सेना ने जमाया कब्जा, ईरान से ‘वॉर लाइक सिचुएशन’ के बीच ऐसा क्यों किया? 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How To Grow Mushroom At Home: कम जगह, कम खर्च और ताजा स्वाद, जानिए घर पर मशरूम उगाने का आसान तरीका 

How To Grow Mushroom At Home: आजकल हर कोई हेल्दी खाने के साथ-साथ सस्टेनेबल लाइफस्टाइल की बात कर रहा है. ऐसे में मशरूम एक ऐसा सुपरफूड है, जो स्वादिष्ट भी है और सेहत के लिए भी फायदेमंद. खास बात यह है कि मशरूम उगाने के लिए आपको न खेत चाहिए, न ज्यादा खर्च और न ही कोई भारी मेहनत. अगर आपके घर में कोई खाली कोना, स्टोर रूम या बालकनी है, तो वहीं आप आसानी से मशरूम उगा सकते हैं. यह तरीका न सिर्फ आपको ताजा और केमिकल-फ्री खाना देता है, बल्कि आपको आत्मनिर्भर बनने की दिशा में भी एक छोटा सा कदम सिखाता है.  घर पर मशरूम उगाने की आसान विधि भूसे की तैयारी भूसे को छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लें 8–10 घंटे पानी में भिगो दें फिर पानी निकालकर हल्का नमी वाला रखें स्पॉन मिलाना प्लास्टिक बैग में पहले भूसे की एक परत डालें ऊपर से मशरूम स्पॉन डालें इसी तरह 3–4 परतें बना लें बैग में छेद करना बैग में छोटे-छोटे छेद कर दें ताकि हवा आ-जा सके. सही जगह पर रखें बैग को अंधेरी, ठंडी और नम जगह पर टांग दें या रख दें. तापमान 20–30 डिग्री सेल्सियस होना चाहिए. पानी का छिड़काव रोज हल्का पानी छिड़कें. ध्यान रखें पानी जमा न हो. कितने दिन में मशरूम तैयार हो जाता है? 10–15 दिनों में मशरूम निकलने लगते हैं. 20–25 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाते हैं. मशरूम की कटाई कैसे करें? जब मशरूम पूरी तरह खुल जाएं. उन्हें हल्के हाथ से मोड़कर तोड़ लें. चाकू का कम इस्तेमाल करें. The post How To Grow Mushroom At Home: कम जगह, कम खर्च और ताजा स्वाद, जानिए घर पर मशरूम उगाने का आसान तरीका  appeared first on Naya Vichar.

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Shani ki Sade Sati: शनि की साढ़ेसाती क्या है? जानें इसके संकेत और बचने के आसान उपाय

Shani ki Sade Sati: शनि की साढ़ेसाती ज्योतिष में सबसे चर्चित और चुनौतीपूर्ण समय मानी जाती है. यह कुल 7.5 वर्षों की अवधि होती है. जब शनि ग्रह आपकी जन्म राशि से 12वें, 1वें और 2वें भाव में गोचर करता है, तो इसे साढ़ेसाती कहा जाता है. हर भाव में शनि का प्रभाव लगभग 2.5 वर्ष तक रहता है. इस दौरान व्यक्ति को मानसिक, शारीरिक, आर्थिक और पारिवारिक समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है. ऐसे में ज्योतिषाचार्य चंद्रशेखर सहस्त्रबाहु ने शनि की साढ़ेसाती के सभी चरणों और उनके प्रभावों के बारे में जानकारी देते हुए, इसके दुष्प्रभाव कम करने के लिए कुछ उपाय बताए हैं. साढ़ेसाती के तीन चरण पहला चरण (12वां भाव) यह शनि की साढ़ेसाती का सबसे कठिन चरण माना जाता है. इस दौरान धन हानि, नौकरी में रुकावट, स्वास्थ्य समस्याएं, मानसिक तनाव और पारिवारिक कलह हो सकती है. दूसरा चरण (लग्न या जन्म राशि पर) यह साढ़ेसाती का दूसरा और सबसे चुनौतीपूर्ण चरण होता है. इस समय स्वास्थ्य, रिश्तों, करियर और आर्थिक स्थिति पर सबसे अधिक प्रभाव पड़ता है. संघर्ष और तनाव बढ़ जाते हैं. तीसरा चरण (2वां भाव) यह साढ़ेसाती का अंतिम चरण होता है. इसमें परेशानियां धीरे-धीरे कम होने लगती हैं, लेकिन धन और परिवार से जुड़े मुद्दे बने रह सकते हैं. इस चरण के अंत में व्यक्ति को अपनी मेहनत का फल प्राप्त होता है. साढ़ेसाती से बचने और असर कम करने के उपाय शनिवार को शनि पूजा: शनि मंदिर जाएं या घर में शनि यंत्र की पूजा करें.‘ॐ शं शनैश्चराय नमः’ मंत्र का 108 बार जाप करें. हनुमान जी की भक्ति: शनिवार की रात हनुमान चालीसा 7 या 11 बार पढ़ें. दान-पुण्य: काले तिल, सरसों का तेल, उड़द की दाल, काले कपड़े, जूते या कंबल जरूरतमंदों को दान करें. पीपल पूजा: पीपल के पेड़ को जल चढ़ाएं और 11 परिक्रमा करें. नीलम या गोमेद धारण: किसी योग्य ज्योतिषी की सलाह से ही शनि के रत्न पहनें. सात्विक जीवन: शनिवार को मांस-मदिरा से दूर रहें, सात्विक भोजन करें और क्रोध व झूठ से बचें. साढ़ेसाती के संकेत लगातार रुकावटें और कार्यों में देरी आर्थिक परेशानियां और अस्थिरता अकेलापन और मानसिक थकान स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं उपाय पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं. काले तिल और उड़द दाल जल में प्रवाहित करें. शनि या हनुमान मंदिर में तेल और दाल अर्पित करें. गरीबों को काले कपड़े या तिल का दान करें. ‘ॐ शं शनैश्चराय नमः’ मंत्र का 108 बार जाप करें. ज्योतिषाचार्य चंद्रशेखर सहस्त्रबाहुज्योतिष एवं हस्तरेखा विशेषज्ञ | 12 वर्षों का अनुभवMo: +91 8620920581 यहां पढ़ें धर्म से जुड़ी बड़ी समाचारें: Religion News in Hindi – Spiritual News, Hindi Religion News, Today Panchang, Astrology at Naya Vichar The post Shani ki Sade Sati: शनि की साढ़ेसाती क्या है? जानें इसके संकेत और बचने के आसान उपाय appeared first on Naya Vichar.

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JLF 2026 में बोले स्टीफन फ्राई- सोशल मीडिया अब जहरीली नदी बन चुका है, बच्चों को दूर रखो

सोशल मीडिया कभी उम्मीदों का समंदर था, लेकिन आज यह जहरीली नदी बन चुका है. जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल (जेएलएफ) में मशहूर ब्रिटिश लेखक, अभिनेता और कॉमेडियन स्टीफन फ्राई ने सोशल मीडिया की हालत की तुलना ऐसी चीज से किया कि पूरा हॉल सन्न रह गया. उन्होंने कहा- “यह वही नदी है जिसमें कभी लोग तैरते थे, बातें करते थे, दोस्ती करते थे… लेकिन अब इसमें जहर घुल चुका है.” शुरुआत में था जादू, अब है डर फ्राई ने याद किया कि जब ट्विटर और फेसबुक जैसे प्लैटफॉर्म आये थे, तो उन्हें लगा था कि यह दुनिया बदल देंगे. अरब स्प्रिंग जैसी क्रांतियों में सोशल मीडिया ने लोगों को ताकत दी थी. लेकिन वही ताकत अब डर और नफरत में बदल चुकी है. नदी का मेटाफॉर- बातचीत से प्रदूषण तक फ्राई ने सोशल मीडिया को नदी से जोड़ा. शुरुआत में यह साफ पानी था- जिसमें लोग उतरकर मजे लेते थे. लेकिन जैसे औद्योगिक क्रांति ने लंदन की नदियों को गंदा कर दिया था, वैसे ही पूंजीवाद ने सोशल मीडिया को जहरीला बना दिया. बच्चों को दूर रखो इस जहर से उन्होंने चेतावनी दी कि अब यह नदी इतनी दूषित हो चुकी है कि कोई अपने बच्चों को इसमें तैरने नहीं देगा. फ्राई का कहना था कि यह प्लैटफॉर्म दिमाग को प्रदूषित कर रहे हैं और धीरे-धीरे इंसान की सोच को बिगाड़ रहे हैं. मुनाफे की भूख ने बिगाड़ा स्पोर्ट्स फ्राई ने साफ कहा कि सोशल मीडिया कंपनियों के लालच ने इस मंच को बर्बाद कर दिया. भारी मुनाफे की चाहत में “जहर” डाला जा रहा है. बातचीत की जगह अब एल्गोरिद्म और विज्ञापन हावी हैं. बॉलीवुड पर मजेदार जवाब सत्र के दौरान जब उनसे पूछा गया कि क्या वह हिंदुस्तानीय फिल्मों में काम करेंगे, तो उन्होंने हंसते हुए कहा- “हां, लेकिन मुझे गाते-नाचते हुए मत देखना, आप सह नहीं पाएंगे.” उनकी हाजिरजवाबी पर पूरा हॉल ठहाकों से गूंज उठा. यह भी पढ़ें: X ने मानी अपनी गलती, 3500 से ज्यादा कंटेंट किए ब्लॉक, 600 से अधिक अकाउंट डिलीट The post JLF 2026 में बोले स्टीफन फ्राई- सोशल मीडिया अब जहरीली नदी बन चुका है, बच्चों को दूर रखो appeared first on Naya Vichar.

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