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January 19, 2026

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Patna NEET Student Death: नीट छात्रा केस मामले में अब हो सकेगा बड़ा खुलासा, दिल्ली एम्स खंगालेगी पोस्टमार्टम रिपोर्ट

Patna NEET Student Death: नीट छात्रा केस मामले में अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट पटना एम्स नहीं बल्कि दिल्ली एम्स खंगालेगी. नई पोस्टमार्टम रिपोर्ट के लिए विसरा, वेजाइनल स्वाब, टीशू, कपड़ा, बॉडी की वीडियोग्राफी, फोटो, खाने-पीने, इलाज के दौरान डॉक्टरों की जांच रिपोर्ट और पीएमसीएच की ओर से दी गई पोस्टमार्टम रिपोर्ट को दिल्ली एम्स भेज दिया गया है. इससे पहले रविवार को एसआईटी की टीम पहले सहज सर्जरी नर्सिंग होम, इसके बाद प्रभात मेमोरियल हॉस्पिटल और जहानाबाद भी पहुंची थी. सभी जगहों पर पूछताछ के बाद तीन लोगों को कस्टडी में लिया गया है. इनमें एक करीबी भी शामिल है. ऐसे में माना जा रहा है कि टीम को लीड मिल चुकी है. पुलिस प्रशासन भी पूरी तरह से एक्शन मोड में है, जिसके बाद अब जल्द ही मामले में बड़ा खुलासा होने की संभावना जताई जा रही है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर उठाए गए ये सवाल पटना के चित्रगुप्त नगर थाने के एक हॉस्टल में रहकर छात्रा नीट की तैयारी कर रही थी. वह 5 जनवरी को घर से हॉस्टल लौटी. 6 जनवरी को छात्रा कमरे से बाहर नहीं निकली. इसके बाद वह कमरे में बेहोशी की हालत में मिली, जिसके बाद उसे अस्पताल ले जाया गया. पहले सहज सर्जरी नर्सिंग होम, इसके बाद प्रभात मेमोरियल हॉस्पिटल और इसके बाद मेदांता हॉस्पिटल शिफ्ट किया गया. इसी बीच इलाज के दौरान 11 जनवरी को छात्रा की मौत हो गई. पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद कई सवाल उठाए गए, जिसके बाद अब दिल्ली एम्स को जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई. ये रहे रिपोर्ट पर उठते सवाल- दो दिन बाद यूरिन का क्यों लिया गया सैंपल ? महज कुछ ही घंटे के अंदर यूरिन की जांच रिपोर्ट कैसे आई? जांच रिपोर्ट में जिस नींद की गोली का जिक्र है, वह बैन है. इसकी एक गोली भी खतरनाक है, फिर कैसे मिली? मेडिको एक्ट के तहत यूरिन सैंपल को 15 दिनों तक रखना होता है प्रिसर्व, सैम्पल कहां है? क्या सोंची-समझी रणनीति के तहत तैयार की गई जांच रिपोर्ट ? रविवार को हॉस्टल के बाहर हुआ था हंगामा रविवार को जिस हॉस्टल में छात्रा रहती थी, उसके बाहर जमकर हंगामा हुआ. दरअसल, उस हॉस्टल में रह रही दूसरी छात्राएं अपने नोट्स, किताबें और जरूरी सामान लेने पहुंचीं थीं. उनका आरोप था कि उन्हें हॉस्टल के अंदर जाने से रोका गया और सामान देने से भी इनकार किया गया. छात्राओं का कहना है कि 2 फरवरी से इंटरमीडिएट की परीक्षा शुरू हो रही है, इसके बाद नीट होना है. ऐसे में उनका सामान हॉस्टल के कमरों में बंद है. लेकिन हंगामे के बाद देर शाम पुलिस का आदेश मिलने पर हॉस्टल को खोला गया, जिसके बाद छात्राओं ने अपने-अपने कमरे से सारे सामान लिए और परिजनों के साथ चली गई. इस दौरान एक छात्रा ने बताया था कि वह पिछले 6 महीने से हॉस्टल में रह रही थी और घटना वाले दिन भी मौजूद थी, लेकिन उसने कोई सस्पिशियस एक्टिविटी नहीं देखी. लेकिन इस घटना के बाद उसने हॉस्टल छोड़ने का फैसला कर लिया है. Also Read: Bihar News: बिहार में आज अफसर और आम लोगों की फेस टू फेस होगी बात, जानिए क्या है पूरी प्रक्रिया The post Patna NEET Student Death: नीट छात्रा केस मामले में अब हो सकेगा बड़ा खुलासा, दिल्ली एम्स खंगालेगी पोस्टमार्टम रिपोर्ट appeared first on Naya Vichar.

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Kitchen Hacks: हर किचन में काम आएंगे ये 5 असरदार उपाय, घंटों का काम अब होगा मिनटों में 

Kitchen Hacks:  हर घर में रोज किचन का काम होता है, जिसमें काफी समय और मेहनत लगती है. कई बार छोटी-छोटी बातें न पता होने के कारण काम मुश्किल लगने लगता है. ऐसे में किचन हैक्स बहुत काम आते हैं. किचन हैक्स यानी ऐसे आसान तरीके, जिनसे खाना बनाना और किचन का काम जल्दी, साफ और आराम से हो जाता है. इस आर्टिकल में हम आपको 5 आसान और काम के किचन हैक्स बताएँगे, जिन्हें कोई भी आसानी से अपना सकता है. प्याज काटते समय आंखों में जलन से बचने का तरीका प्याज काटते समय आँखों से पानी आना आम बात है. इससे बचने के लिए प्याज़ काटने से पहले उसे 10–15 मिनट फ्रिज में रख दें या चाकू को ठंडे पानी में भिगोकर काटें. इससे जलन काफी कम हो जाती है. चावल हमेशा खिले-खिले बनाने का हैक चावल पकाते समय अगर आप पानी में 1 चम्मच नींबू का रस या थोड़ा सा तेल डाल दें, तो चावल चिपकते नहीं हैं और खिले-खिले बनते हैं. बासी ब्रेड को ताजा बनाने का आसान तरीका अगर ब्रेड थोड़ी सख्त हो गई है, तो उस पर हल्का सा पानी छिड़ककर तवे या ओवन में 1–2 मिनट गर्म करें. ब्रेड फिर से नरम और ताजी जैसी हो जाएगी. सब्जियों को ज्यादा समय तक ताजा रखने का उपाय हरी सब्ज़ियों को फ्रिज में रखने से पहले पेपर टॉवल में लपेटकर एयर-टाइट डिब्बे में रखें. इससे नमी कंट्रोल रहती है और सब्ज़ियाँ ज्यादा दिनों तक ताजा रहती हैं. जली हुई कढ़ाही साफ करने का स्मार्ट हैक अगर कढ़ाही या पैन जल गया हो, तो उसमें पानी डालकर 2 चम्मच बेकिंग सोडा मिलाएँ और उबाल लें. थोड़ी देर बाद जली परत आसानी से निकल जाएगी. यह भी पढ़ें: Kitchen Tips for Vegetable: कहीं आप भी तो नहीं रखती इन सब्जियों को फ्रिज के अंदर? यह भी पढ़ें: Kitchen Tips: अब खराब नहीं होंगे किचन में रखे ये सामान, बस आजमाएं आसान ट्रिक्स The post Kitchen Hacks: हर किचन में काम आएंगे ये 5 असरदार उपाय, घंटों का काम अब होगा मिनटों में  appeared first on Naya Vichar.

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Latehar Bus Accident: लातेहार के महुआडांड़ में बड़ा बस हादसा, 9 लोगों की मौत, 82 घायल

Latehar Bus Accident: झारखंड के लातेहार जिले के महुआडांड़ थाना क्षेत्र अंतर्गत सस्ता ओरसा घाटी में रविवार दोपहर करीब तीन बजे एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया. ब्रेक फेल होने के कारण एक निजी बस अनियंत्रित होकर पलट गई, जिसमें नौ लोगों की मौत हो गई और 82 से अधिक यात्री घायल हो गए. हादसे के बाद घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई और पूरा इलाका मातम में डूब गया. ब्रेक फेल होते ही घाटी में पलटी बस प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बस सस्ता ओरसा घाटी से गुजर रही थी, तभी अचानक उसके ब्रेक फेल हो गए. तेज ढलान पर बस चालक नियंत्रण नहीं रख सका और बस सड़क किनारे पलट गई. बस में सवार यात्री एक-दूसरे पर गिर पड़े। कई लोग बस के नीचे दब गए, जिन्हें स्थानीय लोगों की मदद से बाहर निकाला गया. मौके पर पांच की मौत, चार ने इलाज के दौरान तोड़ा दम हादसे में पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि गंभीर रूप से घायल चार लोगों ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया. मृतकों में पिपरशकोट गांव निवासी रेशांती देवी (35), प्रेमा देवी (37), सीता देवी (45), सोहामती देवी (45), सुखवा भुइयां (40) और विजय बसंत (32) शामिल हैं. ये सभी छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले के निवासी बताए जा रहे हैं. छेका कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे यात्री बस में सवार सभी यात्री छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले के महाराजगंज गांव से महुआडांड़ के लोध गांव जा रहे थे. वहां राकेश सोनवानी के घर लड़के का “छेका” (शादी से पहले की रस्म) कार्यक्रम आयोजित था. बस में स्त्रीएं, शिशु, बुजुर्ग और युवक बड़ी संख्या में सवार थे. उत्सव में शामिल होने निकले लोगों की यह यात्रा मौत का सफर बन गई. क्षमता से कहीं ज्यादा यात्री थे सवार दुर्घटनाग्रस्त बस स्कूल बस थी. इसमें बैठने की क्षमता 52 यात्रियों की थी, लेकिन उसमें 90 से अधिक लोग सवार थे. ओवरलोडिंग के कारण बस का संतुलन बिगड़ा और ब्रेक फेल होने पर हादसा और भी भयावह हो गया. बस का नंबर सीजी 15 एबी 0563 बताया गया है. यह ज्ञान गंगा हाई स्कूल के नाम पर रजिस्टर्ड है. घायलों को कई अस्पतालों में किया गया रेफर हादसे के बाद स्थानीय लोग, पुलिस और प्रशासन की मदद से घायलों को बस से बाहर निकाला गया. पहले उन्हें इलाज के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र महुआडांड़ और आशा कामलेल अस्पताल भेजा गया. प्राथमिक उपचार के बाद 52 से अधिक घायलों को बेहतर इलाज के लिए रांची, लातेहार और गुमला रेफर किया गया. कई घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है. पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे घटना की सूचना मिलते ही एसडीओ विपिन कुमार दुबे और एसडीपीओ शिवपूजन उरांव समेत कई वरिष्ठ अधिकारी अस्पताल पहुंचे और राहत कार्यों का जायजा लिया. पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त बस को जब्त कर लिया है और चालक की भूमिका की भी जांच की जा रही है. चार थाना क्षेत्रों से गुजरी बस, नहीं हुई कोई जांच चौंकाने वाली बात यह सामने आई है कि यह बस छत्तीसगढ़ के बलरामपुर, कुसमी, सामरी और झारखंड के महुआडांड़ थाना क्षेत्र से होकर करीब 40 किलोमीटर का सफर तय कर चुकी थी, लेकिन किसी भी थाना क्षेत्र में न तो बस को रोका गया और न ही उसकी जांच की गई. सवाल उठ रहे हैं कि इतने लंबे सफर के दौरान पुलिस की निगरानी व्यवस्था आखिर कर क्या रही थी. कानून का खुला उल्लंघन मोटर वाहन अधिनियम, 1988 के तहत स्कूल बसों का इस्तेमाल केवल छात्रों के सुरक्षित परिवहन के लिए किया जा सकता है. इसके बावजूद इस बस का इस्तेमाल निजी कार्यक्रम में लोगों को ले जाने के लिए किया गया. यह न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि बच्चों की सुरक्षा से जुड़े कानूनों का भी अपमान है. ओवरलोडिंग और बिना वैध परमिट बना हादसे की वजह अधिनियम की धारा 66 के अनुसार, वाहन का इस्तेमाल केवल उसी उद्देश्य के लिए किया जा सकता है, जिसके लिए परमिट जारी हुआ हो. वहीं, धारा 113 और 194ए के तहत ओवरलोडिंग दंडनीय अपराध है, जिसमें भारी जुर्माने का प्रावधान है. इसके अलावा, धारा 192ए के तहत बिना वैध परमिट या शर्तों के उल्लंघन पर वाहन जब्ती और सजा दोनों का प्रावधान है. बावजूद इसके यह बस नियमों को ताख पर रखकर चार थाना क्षेत्रों से गुजरती रही. इसे भी पढ़ें: Weather Forecast: झारखंड में कड़ाके की ठंड से जल्द मिलेगी राहत, जानें कैसा रहेगा मौसम का मिजाज? जिम्मेदारों पर गिरेगी गाज प्रशासन ने पूरे मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं. यह पता लगाया जा रहा है कि बस को निजी इस्तेमाल में किसके आदेश पर लगाया गया? ब्रेक फेल होने की स्थिति क्यों बनी? चार थाना क्षेत्रों में जांच क्यों नहीं हुई? माना जा रहा है कि जांच के बाद परिवहन विभाग और संबंधित थाना क्षेत्रों की भूमिका भी कटघरे में होगी. इसे भी पढ़ें: झारखंड की गली-गली में टहल रहा बच्चा चोरों का बड़ा गैंग, अंश-अंशिका के बाद 12 शिशु बरामद The post Latehar Bus Accident: लातेहार के महुआडांड़ में बड़ा बस हादसा, 9 लोगों की मौत, 82 घायल appeared first on Naya Vichar.

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बंगाल में SIR के विरोध में सड़क उतरे लोग, इलाम बाज़ार में घंटों रहा रोड जाम

मुख्य बातें गुस्साये लोगों ने सड़क को किया जाम फॉर्म-7 जमा करने को लेकर हंगामा बचाव में उतरी तृणमूल Bengal News: आसनसोल. बीरभूम जिले के इलम बाजार ब्लॉक में एसआईआर सुनवाई के नाम पर वोटरों को परेशान करने के विरोध में आम लोग सड़कों पर उतर आए. विरोध में उतरे लोगों ने बस स्टैंड से स्कूल चौराहे तक सड़क को जाम कर दिया. इसके चलते काफी देर तक यातायात बाधित रहा. स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए पुलिस को बुलाया गया, जिसके बाद हालात सामान्य हुए. लोगों का कहना था कि पहले मसौदा लिस्ट में दर्ज नाम वालों की सुनवाई का नोटिस जारी होना चाहिए था. लोगों का कहना है कि कुछ लोग उन्हें पाकिस्तानी और बांग्लादेशी बता रहे हैं, उन्हें हिंदुस्तान छोड़कर जाने को कह रहे हैं, लेकिन जो लोग आजादी से पहले से इस देश में रह रहे हैं, उन्हें इस तरह क्यों परेशान किया जा रहा है. गुस्साये लोगों ने सड़क को किया जाम एक प्रदर्शनकारी ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि उसके पिता के चार बेटे थे, लेकिन चुनाव आयोग का कहना है कि उनके छह शिशु थे. प्रशासनी अधिकारी उनके पिता के चरित्र पर सवाल उठ रहे हैं. गुस्साये लोगों ने चुनाव आयोग की कड़ी आलोचना की है. लोगों का कहना है कि वो SIR से अपनी नागरिकता साबित करने को बाध्य नहीं है. आम लोगों के उग्र विरोध को देखते हुए भारी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंची. बोलपुर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राणा मुखर्जी स्थिति को संभालने के लिए घटनास्थल पर पहुंचे. उन्होंने ने लोगों से बातचीत की. काफी प्रयास के बाद हालात हुए. बोलपुर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राणा मुखर्जी ने कहा कि कोई समस्या नहीं है. अब स्थिति नियंत्रण में है. फॉर्म-7 जमा करने को लेकर हंगामा इससे पहले पूर्व बर्दवान के बर्दवान उत्तर अनुमंडल कार्यालय परिसर में शनिवार को एसआइआर फॉर्म-7 जमा करने को लेकर हंगामा हुआ था. भाजपा और तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ता आमने-सामने आ गये थे. दोनों पक्षों की ओर से एक-दूसरे के खिलाफ जम कर नारेबाजी की थी. कुछ देर के लिए कार्यालय परिसर में अफरा-तफरी मच गयी थी. भाजपा का आरोप है कि बर्दवान नॉर्थ सब-डिवीजनल अफसर (एसडीओ) राजर्षि नाथ एसआइआर फॉर्म-7 स्वीकार नहीं कर रहे थे. इसे लेकर भाजपा कार्यकर्ता विरोध जताते हुए नारेबाजी करने लगे. भाजपा नेताओं का कहना है कि आम लोगों से जुड़े इस मुद्दे पर प्रशासन की भूमिका पक्षपातपूर्ण है. बचाव में उतरी तृणमूल दूसरी ओर, तृणमूल कांग्रेस बिना देर किये आरोपों में घिरे एसडीओ के बचाव में उतर आयी. भाजपा के आरोपों को सिरे से नकारते हुए तृणमूल कांग्रेस ने दावा किया कि एसडीओ कार्यालय में सुनवाई के दौरान भाजपा के कार्यकर्ताओं व समर्थकों ने जानबूझ कर अशांति व गड़बड़ी पैदा करने की कोशिश की. स्थिति बिगड़ने से रोकने के लिए तृणमूल कार्यकर्ता सामने आये. बवाल बढ़ता देख पुलिस बल मौके पर पहुंची और हालात संभालने की कोशिश की. पुलिस ने चार भाजपा कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर थाने ले गई. हालात को काबू में करने के लिए बर्दवान उत्तर महकमा क्षेत्र में रैफ की तैनाती की गयी है. Also Read: बंगाल नहीं बदलेगा, आप बदलेंगे, सिंगूर में पीएम मोदी के भाषण के बाद नादिया में बोले अभिषेक बनर्जी The post बंगाल में SIR के विरोध में सड़क उतरे लोग, इलाम बाज़ार में घंटों रहा रोड जाम appeared first on Naya Vichar.

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ट्रंप का गाजा ‘बोर्ड ऑफ पीस’ प्लान: 9000 करोड़ से मिलेगी पर्मानेंट सीट, PM मोदी को न्योता, पाकिस्तान को भी दिया इनविटेशन

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गाजा में शांति लाने के लिए अपने 20-पॉइंट वाले प्लान के दूसरे फेज की शुरुआत कर दी है. इसके लिए उन्होंने ‘बोर्ड ऑफ पीस’ नाम की एक नई ऑर्गेनाइजेशन बनाई है. ट्रंप खुद इस बोर्ड के चेयरमैन होंगे. इस बोर्ड का काम गाजा को फिर से बसाना, वहां सुरक्षा व्यवस्था देखना और हमास जैसे संगठनों को खत्म करना होगा. यह ऑर्गेनाइजेशन फ्यूचर में दुनिया के दूसरे बड़े विवादों को सुलझाने में भी भूमिका निभा सकती है. PM मोदी को मिला न्योता हिंदुस्तान में अमेरिका के एम्बेसडर सर्जियो गोर ने सोशल मीडिया पर पीएम नरेंद्र मोदी को भेजा गया ट्रंप का इनविटेशन शेयर किया है. ट्रंप ने मोदी को ‘महान लीडर’ बताते हुए इस ऐतिहासिक काम में साथ आने को कहा है. खास बात यह है कि इस बोर्ड का पर्मानेंट मेंबर बनने के लिए देशों को 1 बिलियन डॉलर (करीब 9,000 करोड़ रुपये) देने होंगे. जो देश यह पैसा नहीं देंगे, वे सिर्फ 3 साल के लिए मेंबर बन पाएंगे. यह पैसा सीधे गाजा के स्कूलों, सड़कों और अस्पतालों को बनाने में खर्च होगा. पाकिस्तान और तुर्की को भी बुलाया ट्रंप ने इस बोर्ड में पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ और तुर्की को भी इनविटेशन भेजा है. पाकिस्तान ने इनविटेशन मिलने की बात तो मान ली है, लेकिन अभी शामिल होने पर कोई साफ जवाब नहीं दिया. इधर इजरायल इस बात से थोड़ा खफा है कि इसमें तुर्की जैसे देशों को क्यों रखा गया है, जिनके साथ उसके रिश्ते अच्छे नहीं हैं. हालांकि, अमेरिका का मानना है कि तुर्की का होना जरूरी है क्योंकि उसके हमास के साथ बातचीत के रास्ते खुले हैं. हंगरी और वियतनाम तैयार, कई देश अभी सोच-विचार में दुनिया के कई देशों ने इस बोर्ड का हिस्सा बनने के लिए अपनी इच्छा जाहिर की है. हंगरी के पीएम विक्टर ओर्बन और वियतनाम ने इस न्योते को स्वीकार कर लिया है. वहीं ऑस्ट्रेलिया, जॉर्डन, ग्रीस और कनाडा जैसे देशों ने कहा है कि वे फिलहाल इस पर विचार कर रहे हैं और अमेरिकी अधिकारियों से और जानकारी मांग रहे हैं. ट्रंप की योजना है कि इस बोर्ड की फाइनल लिस्ट दावोस में होने वाली ‘वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम’ की मीटिंग के दौरान जारी की जाए. क्या UN की जगह लेगा यह नया बोर्ड? जानकारों का मानना है कि ट्रंप का यह नया बोर्ड फ्यूचर में संयुक्त राष्ट्र (UN) की सिक्योरिटी काउंसिल को चुनौती दे सकता है. अक्सर UN में बड़े फैसलों पर देश वीटो लगाकर काम रोक देते हैं, इसलिए ट्रंप अपना एक अलग और पावरफुल ग्रुप बनाना चाहते हैं. इस बोर्ड की टीम में ट्रंप के दामाद जेरेड कुश्नर, पूर्व ब्रिटिश पीएम टोनी ब्लेयर और वर्ल्ड बैंक के प्रेसिडेंट अजय बंगा जैसे बड़े नाम शामिल किए गए हैं. ये भी पढ़ों: खामेनेई पर हमला हुआ तो वॉर पक्की, ट्रंप के बयान पर ईरान की अमेरिका को चेतावनी सऊदी अरब का बड़ा कदम, इन चीजों पर नहीं लिख सकते अल्लाह का नाम, पकड़े जाने पर होगी कानूनी कार्रवाई The post ट्रंप का गाजा ‘बोर्ड ऑफ पीस’ प्लान: 9000 करोड़ से मिलेगी पर्मानेंट सीट, PM मोदी को न्योता, पाकिस्तान को भी दिया इनविटेशन appeared first on Naya Vichar.

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Basant Panchmi 2026: बसंत पंचमी पर करें ये 4 उपाय, माता सरस्वती के आशीर्वाद से जीवन में आएगी तरक्की

Basant Panchmi 2026: बसंत पंचमी हिंदू धर्म का एक बेहद खास और महत्वपूर्ण त्योहार है. इस दिन माता सरस्वती की पूजा की जाती है. माता सरस्वती ज्ञान, कला, संगीत, रचनात्मकता और विद्या की प्रतीक मानी जाती हैं. इस दिन विशेष रूप से स्कूलों, कॉलेजों और घरों में माता सरस्वती की प्रतिमा स्थापित कर आराधना की जाती है. माना जाता है कि जो भक्त सच्चे मन से माता की उपासना करता है, उसे माता सरस्वती की विशेष कृपा प्राप्त होती है और ज्ञान व बुद्धि का विकास होता है. ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, इस दिन कुछ खास उपाय करने से पूजा के फल दोगुने हो जाते हैं. बसंत पंचमी के दिन करें ये उपाय: कमल का फूल बसंत पंचमी के दिन माता सरस्वती को सफेद कमल का फूल अर्पित करें. माना जाता है कि सफेद कमल माता सरस्वती को बहुत पसंद है. सफेद कमल अर्पित करने से माता सरस्वती प्रसन्न होती हैं और भक्तों को आशीर्वाद देती हैं. इसके अलावा, आप इस दिन अन्य पीले और सफेद रंग के फूल भी अर्पित कर सकते हैं. पीले रंग के कपड़े बसंत पंचमी के दिन पीले रंग के कपड़े पहनना बहुत शुभ माना जाता है. पीला रंग खुशहाली, सकारात्मकता और उत्साह का प्रतीक है. इस दिन पीले रंग के वस्त्र पहनने से मन के नकारात्मक विचार नष्ट होते हैं. मंत्र उच्चारण बसंत पंचमी के दिन माता सरस्वती की पूजा करते समय 108 बार इस मंत्र का जाप करें. मंत्र- “ॐ अर्हं मुख कमल वासिनी पापात्म क्षयकारी, वद वद वाग्वादिनी सरस्वती ऐं ह्रीं नमः स्वाहा.”माना जाता है कि ऐसा करने से शिक्षा और कार्यक्षेत्र में उन्नति होती है. माता सरस्वती को भोग अर्पित करें माता सरस्वती को बेसन के लड्डू, केसर की खीर, मालपुआ और बेर जरूर अर्पित करें. यह माता सरस्वती को प्रसन्न करने का सरल और प्रभावशाली उपाय है. ऐसा करने से माता सरस्वती अपने आशीर्वाद प्रदान करती हैं. यह भी पढ़ें: Basant Panchmi 2026: बसंत पंचमी कब है 23 या 24 जनवरी? जानें सरस्वती पूजा की विधि, शुभ मुहूर्त और विशेष योग The post Basant Panchmi 2026: बसंत पंचमी पर करें ये 4 उपाय, माता सरस्वती के आशीर्वाद से जीवन में आएगी तरक्की appeared first on Naya Vichar.

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Food Safety Tips While Travelling: सफर में खाना ले जाते समय इन बातों का रखें खास ध्यान, वरना सेहत को हो सकता है नुकसान

Food Safety Tips While Travelling: सफर लंबा हो चाहे छोटा बाहर का खाना हर किसी को सूट नहीं करता. ऐसे में घर का बना खाना साथ ले जाना सबसे Safeऔर Healthy Option माना जाता है. हालांकि, सफर के दौरान खाने को अगर सही तरीके से पैक और स्टोर न किया जाए तो वही खाना फूड पॉइजनिंग या पेट खराब होने का कारण भी बन सकता है. स्पेशली ट्रेन, बस या कार से सफर करते समय तापमान गरम है या ठंड और समय – दिन या रात का ध्यान रखना बेहद जरूरी होता है. Food Safety Tips While Travelling: सफर में खाना ले जाते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए? Food safety tips while travelling: सफर में खाना ले जाते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए? 1. हल्का और सूखा खाना चुनें सफर के लिए पूरी, पराठा, खिचड़ी, नींबू चावल, पुलाव या सूखी सब्ज़ियां बैटर ऑप्शन होती हैं. ज्यादा ग्रेवी वाला या तला-भुना खाना जल्दी खराब हो सकता है. 2. ताज़ा बना हुआ खाना ही पैक करें सफर से ठीक पहले बना खाना ही साथ ले जाएं. पहले से रखा हुआ या बासी खाना पैक करने से बचें, क्योंकि वह जल्दी खराब हो सकता है. 3. पैकिंग एयरटाइट डिब्बों का इस्तेमाल करें खाने को हमेशा साफ और एयरटाइट कंटेनर में पैक करें. इससे खाना न तो गिरेगा और न ही जल्दी खराब होगा. 4. हाइजीन का रखें पूरा ध्यान खाना बनाते और पैक करते समय हाथ साफ हों, डिब्बे अच्छे से धुले हों और रुमाल या टिश्यू साथ रखें. 5. दही और दूध से बनी चीज़ों से बचें ये जल्दी खराब होते है दही, रायता, छाछ या दूध से बनी मिठाइयां सफर में जल्दी खराब हो जाती हैं, इसलिए इन्हें ले जाने से बचना चाहिए. 6. खाने में मसाले और तेल कम रखें कम मसाले और कम तेल वाला खाना पेट के लिए बेहतर होता है इससे सफर में पेट खराब होने का खतरा कम रहता है. 7. साथ में साफ पानी और ड्राई स्नैक्स जरूर रखें अपने साथ पीने का साफ पानी, फल, ड्राई फ्रूट्स और बिस्किट जरूर रखें, ताकि भूख लगने पर पेट खाली ना रहें. सफर में खाना ले जाना एक समझदारी भरा फैसला है, लेकिन इसके लिए सही प्लानिंग और सावधानी जरूरी है. यह भी पढ़े: Veg Biryani Recipe in Pressure Cooker: इस आसान रेसिपी से कुकर में बनाएं होटल जैसी वेज बिरयानी, खाते ही सब करेंगे जमकर तारीफ The post Food Safety Tips While Travelling: सफर में खाना ले जाते समय इन बातों का रखें खास ध्यान, वरना सेहत को हो सकता है नुकसान appeared first on Naya Vichar.

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दावोस में झारखंड का दमदार विजन: CM हेमंत सोरेन दिखाएंगे दुनिया को विकास का नया मॉडल

World Economic Forum 2026, रांची: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में झारखंड का प्रतिनिधिमंडल वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (डब्ल्यूएफ) की वार्षिक बैठक में स्पष्ट और मजबूत विकास दृष्टि के साथ शामिल होगा. स्विट्जरलैंड के दावोस में होने वाली बड़ी बैठक में झारखंड दुनिया को बताएगा कि वह आगे की सोच रखने वाला, जिम्मेदारी से काम करने वाला और भविष्य को लेकर चलने वाला राज्य है. झारखंड बिजली के नये तरीके, हरे-भरे विकास, डिजिटल काम और उद्योग बढ़ाने जैसे मुद्दों पर दुनिया के बड़े नेता, बिजनेसमैन और इन्वेस्टर्स से बात करेगा. नए तरीके के लिए पहचान बनाना चाहता है झारखंड इस बैठक में झारखंड बताएगा कि वह प्रकृति को नुकसान पहुंचाए बिना आगे बढ़ना चाहता है. प्रशासन चाहती है कि पैसा भी बढ़े, पर्यावरण भी सुरक्षित रहे और स्थानीय लोग मजबूत बनें. 25 साल का हो चुका झारखंड अब सिर्फ खनिज के लिए नहीं, बल्कि अच्छे शासन, बेहतर नियमों और भविष्य के हिसाब से विकास के नए तरीके के लिए पहचान बनाना चाहता है. Also Read: झारखंड की गली-गली में टहल रहा बच्चा चोरों का बड़ा गैंग, अंश-अंशिका के बाद 12 शिशु बरामद विदेश की बड़ी-बड़ी कंपनियों के मालिकों से मिलेंगे सीएम हेमंत सोरेन इस सम्मेलन में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन देश और विदेश की बड़ी-बड़ी कंपनियों के मालिकों से मिलेंगे. वे टाटा स्टील, हिताची, श्नाइडर इलेक्ट्रिक, इंफोसिस, टेक महिंद्रा जैसी कंपनियों और अमेरिका, स्वीडन व यूरोप के व्यापार संगठनों से बातचीत करेंगे. प्रकृति और स्थिरता पर आधारित होगा विकास मॉडल झारखंड का विकास ऐसा होगा जिसमें लोग खुश रहें, प्रकृति सुरक्षित रहे और सब कुछ लंबे समय तक चले. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा है कि राज्य सही तरीके से खनन करेगा, साफ एनर्जी अपनाएगा, स्थानीय लोगों को साथ लेने के अलावा स्त्रीओं को भी आगे बढ़ाएगा. उन्होंने कहा कि उनकी जिम्मेदारी सभी के लिए काम के मौके बनाने पर है. दावोस में प्रशासन दुनिया को बताएगी कि झारखंड भरोसेमंद, साफ-सुथरा और टिकाऊ विकास करने वाला राज्य है. झारखंड पवेलियन होगा सेंटर ऑफ अट्रैक्शन 20 जनवरी को दावोस में झारखंड का पवेलियन खोला जाएगा. यहां झारखंड बताएगा कि राज्य में निवेश के क्या मौके हैं? साथ ही प्रशासन ने उद्योग और धरती को नुकसान पहुंचाए बगैर आगे बढ़ने के लिए क्या अच्छे नियम बनाए हैं. झारखंड यह भी दिखाएगा कि वह सिर्फ फैक्ट्रियों तक सीमित नहीं है, बल्कि नौकरी, कौशल, नए विचार और लोगों की भागीदारी पर भी काम कर रहा है. विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों से मिलेंगे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अलग-अलग देशों के प्रतिनिधियों से मिलेंगे. वे साफ ऊर्जा, टिकाऊ उद्योग, खनिज, आधुनिक फैक्ट्रियां, डिजिटल तकनीक और पर्यावरण के अनुकूल उत्पादन पर बात करेंगे और झारखंड में निवेश करने का निमंत्रण देंगे. वे वैश्विक मुद्दों पर होने वाली चर्चाओं में भी हिस्सा लेंगे. नये अवसर और रोजगार के रास्ते खुलेंगे दुनिया में ऊर्जा, संसाधन और अच्छे काम करने वाले लोगों की जरूरत बढ़ रही है. ऐसे में झारखंड खुद को एक भरोसेमंद साथी के रूप में पेश कर रहा है. इस सम्मेलन से राज्य को नई कंपनियां, नए मौके और नई नौकरियां मिलने की उम्मीद है. Also Read: कैरव गांधी किडनैपिंग केस में पुलिस के हाथ अब भी खाली: जमशेदपुर का सोनू हिरासत में, CID भी लगी खोजबीन में The post दावोस में झारखंड का दमदार विजन: CM हेमंत सोरेन दिखाएंगे दुनिया को विकास का नया मॉडल appeared first on Naya Vichar.

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कई मौके हाथ से निकल गए, न्यूजीलैंड से सीरीज गंवाने पर बोले कप्तान शुभमन गिल

टीम इंडिया को न्यूजीलैंड (IND vs NZ) के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज में 2-1 से हार का सामना करना पडा. होलकर स्टेडियम में स्पोर्ट्से गए तीसरे मैच में हार के बाद कप्तान शुभमन गिल (Shubman Gill) काफी निराश दिखे. गिल ने माना कि सीरीज 1-1 से बराबर होने के बाद जिस तरह टीम ने आखिरी मैच स्पोर्ट्सा वह उम्मीदों के मुताबिक नहीं था. इस हार के साथ न्यूजीलैंड ने हिंदुस्तान में 1988 के बाद पहली बार कोई वनडे सीरीज जीतकर इतिहास रच दिया. टीम के प्रदर्शन पर बोले शुभमन गिल मैच के बाद प्रेजेंटेशन में कप्तान शुभमन गिल ने खुलकर अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि पहले मैच में जीत के बाद टीम अच्छी लय में थी लेकिन आखिरी मुकाबले में वही लय नजर नहीं आई. गिल के मुताबिक करो या मरो वाले मुकाबले में हिंदुस्तानीय टीम दबाव में बिखर गई. उन्होंने माना कि बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में कई मौके हाथ से निकल गए. कप्तान ने यह भी कहा कि अगर टीम को आगे बड़ी सीरीज और टूर्नामेंट जीतने हैं तो इन गलतियों से सबक लेना होगा. विराट और हर्षित की पारी से जगी उम्मीद हालांकि हार के बीच भी कप्तान ने कुछ पॉजिटिव चीजों की ओर इशारा किया. शुभमन गिल ने विराट कोहली (Virat Kohli) और हर्षित राणा (Harshit Rana) की बल्लेबाजी को टीम के लिए प्लस प्वाइंट बताया. टारगेट का पीछा करते हुए विराट ने शानदार सेंचुरी लगाई और मुश्किल हालात में टीम को संभाला. वहीं हर्षित राणा ने लोअर ऑर्डर में जिम्मेदारी दिखाते हुए अपने करियर की पहली फिफ्टी लगाई. दोनों के बीच हुई साझेदारी से एक समय ऐसा लगा कि हिंदुस्तान मैच में वापसी कर सकता है लेकिन बाकी बल्लेबाज साथ नहीं दे पाए. तेज गेंदबाजों ने भी की कोशिश गिल ने तेज गेंदबाजों के प्रदर्शन की भी तारीफ की. उन्होंने कहा कि गेंदबाजों ने अपनी पूरी कोशिश की. न्यूजीलैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 337 रन का मजबूत स्कोर खडा किया. डेरिल मिचेल और ग्लेन फिलिप्स की सेंचुरी ने हिंदुस्तानीय गेंदबाजों को काफी दबाव में रखा. इसके बावजूद अर्शदीप सिंह और हर्षित राणा ने 3-3 विकेट लेकर टीम को वापसी का मौका दिया. लेकिन आखिरी ओवर्स में न्यूजीलैंड के बल्लेबाजों ने तेजी से रन बनाकर एक बड़ा स्कोर सामने रख दिया. वर्ल्ड कप 2027 को ध्यान में रखकर फैसले कप्तान शुभमन गिल ने आगे की सोच पर भी बात की. उन्होंने कहा कि टीम मैनेजमेंट वर्ल्ड कप 2027 को ध्यान में रखकर कुछ नए खिलाडियों को मौके देना चाहता है. इसी वजह से नितीश कुमार रेड्डी जैसे खिलाडियों को लगातार अवसर मिल रहे हैं. गिल का मानना है कि अभी से टीम को तैयार करना जरूरी है ताकि आगे बड़े मंच पर मजबूत प्रदर्शन किया जा सके. उन्होंने भरोसा जताया कि सीख लेकर टीम इंडिया आने वाले समय में बेहतर स्पोर्ट्स दिखाएगी. ये भी पढ़ें- IND vs NZ: न्यूजीलैंड ने रचा इतिहास, इंदौर वनडे 41 रन से जीता, हिंदुस्तान में पहली बार सीरीज अपने नाम की रोहित शर्मा के नाम नया रिकॉर्ड, धोनी-कोहली के क्लब में हुई एंट्री, ऐसा करने वाले छठे खिलाड़ी बने Video: Live Match में दिखा विराट का अलग अंदाज, पहले बजाई ताली फिर दिया धक्का, डेरिल मिचेल भी नहीं रोक पाए हंसी The post कई मौके हाथ से निकल गए, न्यूजीलैंड से सीरीज गंवाने पर बोले कप्तान शुभमन गिल appeared first on Naya Vichar.

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बच्चों के नाम पर करें बस छोटी सी बचत, रिटायरमेंट पर सरकार देगी 11 करोड़ रुपए का फंड, यहां देखें पूरी डिटेल

NPS Vatsalya Scheme: केंद्र प्रशासन ने सितंबर 2024 में बच्चों के आर्थिक भविष्य को मजबूती देने के लिए NPS वात्सल्य योजना की शुरुआत की है. यह एक ऐसी पेंशन स्कीम है जिसमें माता-पिता अपने 18 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए निवेश कर सकते हैं. इस योजना का सबसे बड़ा फायदा कंपाउंडिंग यानी ब्याज पर मिलने वाला ब्याज है. अगर आप सालाना 10,000 रुपए या करीब 834 रुपए महीना इन्वेस्ट करते हैं, तो शिशु के रिटायर होने तक 11 करोड़ रुपए जैसा विशाल फंड तैयार हो सकता है. इन्वेस्ट के स्मार्ट ऑप्शन और मुनाफे का गणित इस योजना में आपके पैसे को बाजार के विशेषज्ञ तीन अलग-अलग तरीकों से इन्वेस्ट करते हैं. जोखिम और मुनाफे के आधार पर आप ‘एग्रेसिव’ जहाँ 75% पैसा शेयर बाजार में लगता है, ‘मॉडरेट’ 50% शेयर बाजार या ‘कंजर्वेटिव’ 25% शेयर बाजार विकल्प चुन सकते हैं. इसके अलावा आप अपनी पसंद के हिसाब से भी तय कर सकते हैं कि आपका पैसा प्रशासनी बॉन्ड्स या कॉर्पोरेट डेट में कितना लगे. जैसे ही बच्चा बालिग होता है, यह खाता सामान्य NPS खाते में बदल जाता है. कैसे खुलवाए ये अकाउंट? इस अकाउंट को खुलवाने के लिए शिशु का हिंदुस्तानीय नागरिक होना और उसका आधार व पैन कार्ड होना अनिवार्य है. इन्वेस्ट की शुरुआत मात्र 250 रुपए सालाना से की जा सकती है, जबकि अधिकतम निवेश की कोई सीमा नहीं है. 18 साल की उम्र पूरी होने पर शिशु को अपना केवाईसी (KYC) अपडेट करना होता है, जिसके बाद वह खुद इस खाते का संचालन कर सकता है. पैसे निकालने के नियम और प्रक्रिया स्कीम में लचीलापन देते हुए प्रशासन ने कुछ विशेष परिस्थितियों में निकासी की सुविधा भी दी है. अकाउंट खुलने के 3 साल बाद शिशु की शिक्षा या गंभीर बीमारी के लिए जमा राशि का 25% हिस्सा निकाला जा सकता है. 18 साल का होने पर यदि कुल फंड 2.5 लाख रुपए से ज्यादा है, तो 80% हिस्से से पेंशन खरीदनी होगी और 20% एकमुश्त निकाला जा सकेगा. यह खाता आप बैंक जाकर या ऑनलाइन eNPS पोर्टल के माध्यम से आसानी से खुलवा सकते हैं. Also Read: साल में एक बार कटेंगे 20 रुपए और मिलेगा 2 लाख रुपए तक एक्सीडेंटल कवर, क्या आपने कराया PMSBY का रजिस्ट्रेशन? यहां देखें पूरी डिटेल्स The post बच्चों के नाम पर करें बस छोटी सी बचत, रिटायरमेंट पर प्रशासन देगी 11 करोड़ रुपए का फंड, यहां देखें पूरी डिटेल appeared first on Naya Vichar.

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