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January 21, 2026

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Pawan Singh 3rd Marriage: बर्थडे पार्टी में महिमा सिंह के साथ पहुंचे पावर स्टार, हाथों में हाथ डाले फिर से आया वीडियो

Pawan Singh 3rd Marriage: भोजपुरी इंडस्ट्री के पावर स्टार कहे जाने वाले पवन सिंह लगातार सुर्खियों में बने रहते हैं. कभी अपने विवादित बयानों को लेकर तो कभी अपने व्यक्तिगत जीवन को लेकर. अब एक बार फिर पवन सिंह चर्चा में हैं. 20 जनवरी को भोजपुरी गायक गुंजन सिंह का बर्थडे था. इस मौके पर लखनऊ में एक ग्रांड पार्टी रखी गयी थी. पार्टी में पवन सिंह अपनी मां और को-एक्ट्रेस महिमा सिंह के साथ शामिल हुए थे. वही महिमा सिंह जिन्हें सोशल मीडिया पर लोग पवन सिंह की तीसरी पत्नी बता रहे हैं. पार्टी में पवन सिंह को किसी बात पर गुस्सा आ गया. वह किसी शख्स को कहते नजर आए कि बहुत दिनों बाद मेरा मिजाज बना है. इन सब के बीच एक बार फिर पवन सिंह की तीसरी शादी को और हवा मिल गयी है. पार्टी में इंटर करते वक्त पवन सिंह अपनी को एक्ट्रेस महिमा सिंह का हाथ थामे हुए थे, एकदम वैसे ही जैसे वह अपनी बर्थडे पार्टी के दौरान महिमा सिंह का हाथ पकड़े थे. View this post on Instagram A post shared by Abhishek Bhardwaj (@abhishek__lucknowi) तीसरी शादी की चर्चा और तेज दरअसल, महिमा सिंह और पवन सिंह की कथित तीसरी शादी को लेकर अफवाहों का दौर जोरों पर है. सोशल मीडिया पर लोगों का कहना है कि पवन सिंह ने गुपचुप तरीके से महिमा सिंह से तीसरी शादी कर ली है. पवन सिंह के बर्थडे पार्टी से शुरू हुई इस अफवाह को और हवा तब मिल जाती है जब पावर स्टार बार-बार महिमा सिंह के साथ दिखाई देते हैं. कुछ दिनों पहले पवन सिंह और महिमा का दो वीडियो सामने आया था, जिसके पहले वीडियो में महिमा पवन सिंह के एकदम बगल में बैठी थीं. दूसरे वीडियो में रात के समय पवन सिंह के साथ बैठकर महिमा हाथ सेंकते नजर आई थीं. अब गुंजन सिंह के पार्टी में एक बार फिर पवन सिंह के साथ इंट्री पर इस अफवाहों को और धार मिल गयी है.  पवन सिंह को सभी ने शांत कराया View this post on Instagram A post shared by Ajay kumar Varma || Lucknow.Wassi (@lucknow.waasi) पार्टी के दौरान पवन सिंह ने जमकर मस्ती की. झूमकर गाना गाया और ठुमके भी लगाए. इस दौरान पवन सिंह और महिमा सिंह की केमिस्ट्री देखने वाली थी. दोनों एकसाथ काफी सुंदर लग रहे थे. इसी बीच वे माइक पर कुछ कह रहे थे तभी अचानक किसी ने आगे से कुछ कह दिया, इसपर पवन सिंह को भयंकर गुस्सा आ गया. पवन सिंह आगे की तरफ बढ़े, तबतक उनके आसपास खड़े लोगों ने और गार्ड ने उन्हें समझा कर शांत कराया. तब जाकर मामला शांत हुआ. अब इस पूरे मामले का एक वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है. यह भी पढ़ें: Pawan Singh Controversy: गुस्से में लाल हुए पावर स्टार, बोले- “बहुत सालों बाद मेरा मिजाज हुआ है” The post Pawan Singh 3rd Marriage: बर्थडे पार्टी में महिमा सिंह के साथ पहुंचे पावर स्टार, हाथों में हाथ डाले फिर से आया वीडियो appeared first on Naya Vichar.

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अमित शाह से मिलने जा रही महिला को पुलिस ने रोका, दो दिन के दौरे पर आज उत्तराखंड में गृह मंत्री  

हरिद्वार पुलिस ने उत्तराखंड स्त्री कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला और स्त्री कांग्रेस की प्रदेश प्रभारी सुनीता गावड़े को देर रात रास्ते में रोक दिया है. हल्द्वानी से हरिद्वार लौटते समय चिड़ियापुर में स्त्री कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला की गाड़ी रोक दी गई है.  अमित शाह से मिलने जा रही थी ज्योति  ज्योति रौतेला हरिद्वार में गृहमंत्री अमित शाह से मिलने जा रही थी, जहां वह उद्यमसिंहनगर में किसान सुखवंत सिंह की आत्महत्या और गिरधारी लाल साहू की ओर से बिहार की स्त्रीओं को दिए विवादित बयान पर गृह मंत्री अमित शाह को ज्ञापन देना चाहती है.  ज्योति रौतेला ने क्या कहा ?  उत्तराखंड स्त्री कांग्रेस की अध्यक्ष ज्योति रौतेला ने कहा कि उनको अमित शाह से क्यों नहीं मिलने दिया जा रहा है? इसके बारे में कोई भी अधिकारी कुछ बोलने के लिए तैयार नहीं है. हम तो बस मिलकर ज्ञापन देना चाह रहे थे, लेकिन प्रशासन ने हमें रास्ते में ही रोक दिया है.  उत्तराखंड में दो दिन के दौरे पर अमित शाह  केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह बुधवार से उत्तराखंड के दो दिन के दौरे पर रहेंगे, इस दौरान वह हरिद्वार और ऋषिकेश में कई महत्वपूर्ण धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे. इस दौरे को उत्तराखंड के लिए बहुत जरूरी माना जा रहा है क्योंकि यह हेल्थकेयर, आध्यात्मिकता, हिंदुस्तानीय संस्कृति और समाज सेवा जैसे क्षेत्रों पर फोकस करता है.  अमित शाह ऋषिकेश में एक बड़े कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे. दोपहर 2:45 बजे, वह स्वर्गाश्रम में गीता भवन पहुंचेंगे, जहां वह मशहूर गीता प्रेस से प्रकाशित मंथली मैगजीन ‘कल्याण’ के शताब्दी संस्करण के विमोचन समारोह को संबोधित करेंगे.  गुरुवार को अमित शाह हरिद्वार जाएंगे. उनका पहला कार्यक्रम सुबह 10:00 बजे पतंजलि योगपीठ के महर्षि दयानंद ग्राम में होगा, जहां वह पतंजलि इमरजेंसी और क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल का उद्घाटन करेंगे. इस हॉस्पिटल के उद्घाटन से क्षेत्र में हेल्थकेयर सुविधाओं को काफी मजबूती मिलने और गंभीर रूप से बीमार मरीजों को समय पर इलाज मिलने की उम्मीद है.  Also read: उत्तराखंड के कांग्रेस विधायक के बेटे पर जानलेवा हमला: आईसीयू में भर्ती, कुछ दिन पहले भाजपा नेता से हुआ था विवाद इसके बाद, सुबह 10:45 बजे शाह गायत्री तीर्थ शांतिकुंज पहुंचेंगे, जहां वह अखंड ज्योति पर पूजा-अर्चना करेंगे और गायत्री परिवार के सदस्यों से बातचीत करेंगे. यह दौरा राष्ट्रीय जीवन में गायत्री परिवार के आध्यात्मिक और सामाजिक प्रभाव को दिखाता है.  The post अमित शाह से मिलने जा रही स्त्री को पुलिस ने रोका, दो दिन के दौरे पर आज उत्तराखंड में गृह मंत्री   appeared first on Naya Vichar.

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Jaya Ekadashi 2026: 29 या 30 जनवरी किस दिन मनाई जाएगी जया एकादशी, जानें सही डेट और शुभ मुहूर्त

Jaya Ekadashi 2026 Actual Date: माघ महीने के शुक्ल पक्ष में आने वाली एकादशी को जया एकादशी कहा जाता है. हिंदू धर्म में इस एकादशी का बहुत बड़ा महत्व माना गया है. ऐसा विश्वास है कि जो व्यक्ति इस दिन सच्चे मन से भगवान विष्णु की पूजा और व्रत करता है, उसके जीवन से दुख, भय और नकारात्मकता दूर हो जाती है. शास्त्रों में यह भी कहा गया है कि जया एकादशी के दिन केवल भगवान विष्णु का नाम जप लेने से ही पिशाच योनि का डर समाप्त हो जाता है. यह व्रत जीवन में सुख, शांति और समृद्धि लाता है और माता लक्ष्मी की विशेष कृपा भी प्राप्त होती है. जया एकादशी 2026 की तिथि और व्रत का दिन हिंदू पंचांग के अनुसार, माघ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि 28 जनवरी 2026 को शाम 4 बजकर 35 मिनट से शुरू होगी और 29 जनवरी 2026 को दोपहर 1 बजकर 55 मिनट पर समाप्त होगी. पंचांग की गणना के अनुसार, जया एकादशी का व्रत 29 जनवरी 2026 को रखा जाएगा. इस दिन सूर्योदय से लेकर द्वादशी तिथि आने तक व्रत और पूजा का विशेष महत्व होता है. जया एकादशी पर क्या दान करना चाहिए जया एकादशी के दिन दान करना बहुत पुण्यकारी माना गया है. इस दिन अन्नदान को सबसे श्रेष्ठ दान कहा गया है. भूखे लोगों को भोजन कराना, गरीब और जरूरतमंदों की मदद करना, बुजुर्गों और असहाय लोगों की सेवा करना विशेष फल देता है. मान्यता है कि जो व्यक्ति इस दिन अन्नदान करता है, उसके जीवन में कभी भोजन और धन की कमी नहीं रहती. इस पावन अवसर पर सेवा संस्थानों के माध्यम से जरूरतमंदों तक भोजन पहुंचाना भी एक अच्छा और पुण्यदायी कार्य है. ये भी देखें: जया एकादशी व्रत 2026 कब है? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त और व्रत विधि जया एकादशी का धार्मिक महत्व धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जो व्यक्ति नियम और श्रद्धा के साथ जया एकादशी का व्रत करता है, उसके जाने-अनजाने में किए गए पाप नष्ट हो जाते हैं. यह व्रत मन और शरीर को शुद्ध करता है और व्यक्ति को आध्यात्मिक शांति प्रदान करता है. कहा जाता है कि जया एकादशी का पुण्य कई यज्ञों के बराबर होता है. इस व्रत के प्रभाव से व्यक्ति जीवन में सुख-समृद्धि प्राप्त करता है और अंत में भगवान विष्णु के धाम को प्राप्त होता है. The post Jaya Ekadashi 2026: 29 या 30 जनवरी किस दिन मनाई जाएगी जया एकादशी, जानें सही डेट और शुभ मुहूर्त appeared first on Naya Vichar.

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बिहार के यंग साइंटिस्ट श्रेयस ने थाईलैंड में लहराया तिरंगा, इनके नाम से स्पेस में घूम रहे क्षुद्र ग्रह, खूब हो रही वाहवाही

Success Story: जब इरादे मजबूत हो और मेहनत को दिशा मिल जाए, तो कामयाबी इतिहास रच देती है. बिहार के औरंगाबाद जिले के होनहार यंग साइंटिस्ट श्रेयस बी. चंद्रा ने थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में आयोजित इन्वेंशन, इनोवेशन एंड टेक्नोलॉजी एक्सपोजिशन 2026 में गोल्ड मेडल जीतकर न सिर्फ जिले, बल्कि पूरे देश का नाम रोशन किया है. इस इंटनेशनल आयोजन में दुनिया के 20 से अधिक देशों के साइंटिस्ट ने भाग लिया था. सालों बाद मिला हिंदुस्तान को यह गौरव श्रेयस ने अपने दो साथियों के साथ मिलकर क्यूआर टेक्नोलॉजी बेस्ड एक विशेष डाटाबेस मैनेजमेंट सिस्टम विकसित किया, जिसे इंटरनेशनल एक्सपर्ट ने बेहद खास बताया. इस शोध के लिए उनकी टीम को गोल्ड मेडल के साथ-साथ एनआरसीटी आउटस्टैंडिंग इंटरनेशनल इन्वेंशन एंड इनोवेशन प्राइज से भी सम्मानित किया गया. यह सम्मान वर्ल्ड लेवल पर सिर्फ 6 देशों को ही दिया जाता है और कई सालों बाद यह गौरव हिंदुस्तान को मिला है. माता-पिता ने क्या कहा? श्रेयस के पिता सूर्यकांत सिन्हा और माता निभा सिन्हा, दोनों शिक्षक हैं और शहर के सत्येंद्र नगर के निवासी हैं. बेटे की इस हस्टोरिकल अचीवमेंट से परिवार में खुशी और गर्व का माहौल है. उन्होंने ने बताया कि श्रेयस को बचपन से ही रिसर्च और इनोवेशन में इंटरेस्ट रहा है. उन्होंने प्रशासन से अपील की कि ऐसे टैलेंट्स को इंटरनेशनल मंच तक पहुंचने के लिए हर तरह से मदद दी जाए. श्रेयस के नाम से अंतरिक्ष में घूम रहे हैं दो क्षुद्र ग्रह श्रेयस इससे पहले भी कई बड़ी अचीवमेंट्स हासिल कर चुके हैं. अप्रैल 2022 में उसने वूमन सेफ्टी डिवाइस बनाया था. अक्टूबर 2022 में उसने दो क्षुद्र ग्रहों (Asteroid) की खोज की, जिन पर नासा ने भी ध्यान दिया. दोनों क्षुद्र ग्रह उसके नाम से अंतरिक्ष में घूम रहे हैं. मार्च 2023 में स्पेस किड्स इंडिया की राष्ट्रीय युवा वैज्ञानिक प्रतियोगिता में भी वे चुने गए थे. अब श्रेयस अपने रिसर्च को पोलैंड और स्विट्जरलैंड के इंटरनेशनल मंचों पर पेश करने की तैयारी कर रहे हैं. औरंगाबाद के इस यंग साइंटिस्ट की सफलता न सिर्फ जिले के लिए गर्व की बात है, बल्कि देश के उभरते साइंटिस्टों के लिए एक बड़ी इंस्पीरेशन भी हैं. Also Read: Vande Bharat Sleeper: पटना-दिल्ली के बीच कब से चलेगी वंदे हिंदुस्तान स्लीपर ट्रेन? फुल कंफर्ट के साथ सफर का मिलेगा एक्सपीरियंस The post बिहार के यंग साइंटिस्ट श्रेयस ने थाईलैंड में लहराया तिरंगा, इनके नाम से स्पेस में घूम रहे क्षुद्र ग्रह, खूब हो रही वाहवाही appeared first on Naya Vichar.

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Share Market: कमजोर ग्लोबल संकेतों में सेंसेक्स-निफ्टी फिसले, बाजार लाल निशान में खुला

Share Market: बुधवार को घरेलू शेयर बाजार ने भी अपनी कमजोरी बरकरार रखी. ग्लोबल बाजारों से कमजोर संकेत मिलने और निवेशकों के सतर्क रुख के चलते बाजार लाल निशान में खुला. निफ्टी 50 करीब 92 अंक टूटकर 25,141 पर खुला, जबकि सेंसेक्स लगभग 386 अंक गिरकर 81,794 के स्तर पर आ गया. ग्लोबल दबाव और बढ़ता डर बाजार जानकारों के मुताबिक हिंदुस्तानीय बाजार इस समय पूरी तरह से ग्लोबल ट्रेंड को फॉलो कर रहा है. जियोपॉलिटिकल तनाव, बॉन्ड यील्ड में तेजी और अमेरिका की ट्रेड पॉलिसी को लेकर बनी अनिश्चितता ने निवेशकों में डर बढ़ा दिया है. बैंकिंग और मार्केट एक्सपर्ट अजय बग्गा का कहना है कि फिलहाल बाजार में कोई मजबूत घरेलू वजह नहीं दिख रही, इसलिए उतार-चढ़ाव बना रह सकता है. हालांकि हिंदुस्तान-यूरोप फ्री ट्रेड एग्रीमेंट से आगे चलकर सेंटिमेंट को सहारा मिल सकता है. बॉन्ड यील्ड और अमेरिकी फैक्टर अमेरिकी बाजारों में मंगलवार को तेज गिरावट देखने को मिली, जिसका असर एशियाई बाजारों पर भी पड़ा. वहीं जापान के बॉन्ड मार्केट में तनाव बढ़ने के संकेत मिले हैं. जापानी प्रशासनी बॉन्ड की यील्ड रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है, जिससे ग्लोबल निवेशक और ज्यादा सतर्क हो गए हैं. अमेरिका में बॉन्ड यील्ड बढ़ने और टैरिफ को हथियार की तरह इस्तेमाल किए जाने से विदेशी निवेशक घबराए हुए हैं. मिड और स्मॉल कैप में भी कमजोरी कमजोरी सिर्फ बड़े शेयरों तक सीमित नहीं रही. निफ्टी 100, निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100—तीनों इंडेक्स में हल्की गिरावट दर्ज की गई. इससे साफ है कि बाजार में चौतरफा दबाव बना हुआ है. सेक्टोरल फ्रंट पर भी हालात खास अच्छे नहीं रहे. ऑटो, एफएमसीजी, आईटी और पीएसयू बैंक शेयरों में गिरावट दिखी. हालांकि फार्मा और मीडिया सेक्टर में हल्की मजबूती देखने को मिली, जिससे बाजार को थोड़ा सहारा मिला. नतीजों पर रहेगी बाजार की नजर आज कई बड़ी कंपनियां अपने तीसरी तिमाही के नतीजे जारी करने वाली हैं, जिनमें डॉ रेड्डीज, हिंदुस्तान पेट्रोलियम, बैंक ऑफ इंडिया, टाटा कम्युनिकेशंस, डालमिया हिंदुस्तान और पीएनबी हाउसिंग फाइनेंस जैसी कंपनियां शामिल हैं. इन नतीजों से बाजार की आगे की दिशा तय हो सकती है. अन्य एशियाई बाजारों में भी कमजोरी देखने को मिली. जापान का निक्केई, सिंगापुर का स्ट्रेट्स टाइम्स और हांगकांग का हैंगसेंग इंडेक्स गिरावट में कारोबार कर रहे थे. इसका सीधा असर हिंदुस्तानीय बाजार के सेंटिमेंट पर भी पड़ा. Also Read: पेट्रोल-डीजल महंगा हुआ या सस्ता? तेल कंपनियों ने 21 जनवरी का प्राइस किया आउट, यहां देखें अपने शहर का लेटेस्ट रेट The post Share Market: कमजोर ग्लोबल संकेतों में सेंसेक्स-निफ्टी फिसले, बाजार लाल निशान में खुला appeared first on Naya Vichar.

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दावोस जा रहे ट्रंप के प्लेन का ‘यू-टर्न’, टेकऑफ के एक घंटे बाद वापस लौटना पड़ा; इस वजह से लिया गया फैसला

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का विशेष विमान एयर फोर्स वन मंगलवार को दावोस, स्विट्जरलैंड जा रहा था. ट्रंप को वहां वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) में शामिल होना था. लेकिन टेकऑफ के कुछ ही देर बाद विमान को वापस जॉइंट बेस एंड्रूज लौटना पड़ा. इसकी वजह उड़ान के दौरान सामने आई एक टेक्निकल कारण बताई गई. उड़ान के दौरान सामने आई छोटी इलेक्ट्रिकल समस्या एयरक्राफ्ट के क्रू के मुताबिक, एयर फोर्स वन रात लगभग 11:00 बजे (स्थानीय समय) जॉइंट बेस एंड्रयूज पर उतरा. उड़ान के दौरान एयर फोर्स वन में एक छोटी सी इलेक्ट्रिक की समस्या आ गई थी और सावधानी के तौर पर बेस पर लौटने का फैसला किया गया. व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट ने बताया कि यह फैसला टेकऑफ के तुरंत बाद लिया गया था. Air Force One has altered its course and is returning to Washington D.C. pic.twitter.com/51UXZZSAwH — OSINT Europe (@Osinteurope) January 21, 2026 प्रेस केबिन की लाइट कुछ देर के लिए बंद हुई विमान में मौजूद एक रिपोर्टर ने बताया कि टेकऑफ के बाद प्रेस केबिन की लाइटें कुछ समय के लिए बंद हो गई थीं. उस वक्त यात्रियों को इस बारे में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई थी. हालांकि बाद में व्हाइट हाउस ने टेक्निकल खराबी की पुष्टि कर दी. व्हाइट हाउस की सोशल मीडिया पर भी पुष्टि व्हाइट हाउस की रैपिड रिस्पॉन्स टीम ने सोशल मीडिया पर जानकारी देते हुए कहा कि यह समस्या उड़ान के बीच में ही पहचान ली गई थी. पोस्ट में कहा गया कि सुरक्षा के लिहाज से एयर फोर्स वन जॉइंट बेस एंड्रूज लौट रहा है. राष्ट्रपति और उनकी टीम अब एक अलग विमान से स्विट्जरलैंड की यात्रा जारी करेंगे. मंगलवार रात स्थानीय समय के अनुसार, मैरीलैंड बेस की तरफ अमेरिकी प्रशासनी गाड़ियों का एक मोटरकैड भी देखा गया. इससे यह साफ हो गया कि राष्ट्रपति की सुरक्षा व्यवस्था को तुरंत दोबारा सक्रिय किया गया था. दावोस यात्रा को ट्रंप ने बताया था रोचक डोनाल्ड ट्रंप दावोस में कई वैश्विक नेताओं से मुलाकात करने वाले थे. यात्रा से पहले उन्होंने इसे रोचक यात्रा बताया था. जाने से पहले ट्रंप ने कहा था कि मुझे नहीं पता क्या होगा, लेकिन आपकी अच्छी तरह से प्रतिनिधित्व हो रहा है. दशकों पुराना है एयर फोर्स वन एयर फोर्स वन विमान करीब चार दशकों से अमेरिकी राष्ट्रपति की सेवा में है. इसे राष्ट्रपति की सुरक्षा और लंबी यात्राओं को ध्यान में रखकर तैयार किया गया था. हालांकि बोइंग कंपनी इसके नए मॉडल पर काम कर रही है, लेकिन यह प्रोजेक्ट कई बार देरी का शिकार हो चुका है. कतर का दिया गया लक्जरी जंबो जेट अभी तैयार हो रहा पिछले साल कतर के शासक परिवार ने ट्रंप को एयर फोर्स वन फ्लीट में शामिल करने के लिए एक लक्जरी बोइंग 747-8 जंबो जेट भेंट किया था. फिलहाल इस विमान को अमेरिकी सुरक्षा मानकों के मुताबिक तैयार किया जा रहा है, इसलिए यह अभी सेवा में नहीं आया है. व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलाइन लीविट ने मंगलवार रात एयर फोर्स वन पर मीडिया से हल्के अंदाज में कहा कि कतर का दिया गया विमान इस समय काफी बेहतर लग रहा है. उनका यह बयान सोशल मीडिया पर भी चर्चा में रहा. ये भी पढ़ें: ट्रंप के गाजा ‘बोर्ड ऑफ पीस’ में कई देश हुए शामिल, एक हिंदुस्तान का दोस्त तो एक रूस का, यूरोप कन्नी काट रहा, जानें क्यों?  डोनाल्ड ट्रंप के ऊपर तीखे हमले: ‘इंटरनेशनल गैंगस्टर, बुली और सबसे भ्रष्ट नेता’, ब्रिटेन के नेताओं ने इतना क्यों लताड़ा? The post दावोस जा रहे ट्रंप के प्लेन का ‘यू-टर्न’, टेकऑफ के एक घंटे बाद वापस लौटना पड़ा; इस वजह से लिया गया फैसला appeared first on Naya Vichar.

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Bihar News: कैदियों के हाथों की मेहनत अब बाजार में, खादी मॉल और बिहार संग्रहालय में बिकेंगे मुक्ति ब्रांड के उत्पाद

Bihar News: बेऊर जेल समेत बिहार की जेलों में बंद कैदियों द्वारा तैयार किए गए उत्पाद अब सीधे आम लोगों तक पहुंचेंगे. गांधी मैदान स्थित खादी मॉल और बिहार संग्रहालय की हैंडीक्राफ्ट दुकान में मुक्ति ब्रांड के तहत इन उत्पादों की बिक्री शुरू कर दी गई है. मंगलवार को गृह सचिव सह कारा महानिरीक्षक प्रणव कुमार ने खादी मॉल में इस पहल का शुभारंभ किया. उन्होंने कहा कि यह पहल कैदियों के कौशल विकास, पुनर्वास और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक मजबूत कदम है, जो समाज के अंतिम पायदान पर खड़े लोगों को नई पहचान देने का काम करेगी. खादी मॉल में पहुंचे खाद्य उत्पाद, संग्रहालय में हस्तशिल्प खादी मॉल में कैदियों द्वारा बनाए गए सरसों का तेल, चना सत्तू, हल्दी, धनिया, काली मिर्च और लाल मिर्च जैसे शुद्ध और गुणवत्तापूर्ण खाद्य उत्पाद उपलब्ध कराए गए हैं. वहीं बिहार संग्रहालय की हैंडीक्राफ्ट दुकान में बांस से बने खूबसूरत हस्तशिल्प उत्पाद रखे गए हैं. इन उत्पादों को देखकर साफ झलकता है कि कैदियों ने मेहनत के साथ-साथ रचनात्मकता का भी बेहतरीन परिचय दिया है. ‘मुक्ति’ ब्रांड, नई शुरुआत का प्रतीक गृह सचिव सह कारा महानिरीक्षक प्रणव कुमार ने कहा कि जेलों में तैयार सभी उत्पाद ‘मुक्ति’ ब्रांड नाम से बाजार में उतारे गए हैं. यह नाम अपने आप में एक संदेश है, जो आत्मनिर्भरता और नए जीवन की ओर बढ़ने का प्रतीक बनता है. उन्होंने बताया कि इन उत्पादों की गुणवत्ता उच्च स्तर की है और इन्हें पूरी तरह बंदियों द्वारा ही तैयार किया गया है. बंदियों को पारिश्रमिक, पीड़ित परिवारों को भी सहारा इस पहल की खास बात यह है कि उत्पाद बनाने के बदले बंदियों को पारिश्रमिक दिया जाता है. इसके साथ ही इस राशि का एक हिस्सा पीड़ित परिवारों को भी उपलब्ध कराया जाता है. यानी ‘मुक्ति’ ब्रांड का कोई भी उत्पाद खरीदने पर एक बंदी को रोजगार का अवसर मिलता है, एक परिवार को सहारा मिलता है और समाज को एक बेहतर भविष्य की ओर बढ़ने का मौका मिलता है. बिहार संग्रहालय बनेगा बड़ा मंच बिहार संग्रहालय के महानिदेशक और पूर्व मुख्य सचिव अंजनी कुमार सिंह ने कहा कि कैदियों द्वारा बनाए गए हस्तशिल्प उत्पाद बेहद सुंदर और गुणवत्तापूर्ण हैं. इन्हें संग्रहालय की हैंडीक्राफ्ट दुकान में रखने का उद्देश्य यह है कि ये उत्पाद देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों तक भी पहुंच सकें. उन्होंने बताया कि बिहार संग्रहालय में हर साल करीब दो करोड़ रुपये के हैंडीक्राफ्ट उत्पादों की बिक्री होती है, जिससे ‘मुक्ति’ ब्रांड को भी बड़ा बाजार मिलेगा.यह पहल सिर्फ उत्पादों की बिक्री तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जेल सुधार की दिशा में एक सकारात्मक सोच को दर्शाती है. इससे कैदियों को सम्मान के साथ जीवन जीने का मौका मिलेगा और समाज में दोबारा जुड़ने का रास्ता आसान होगा. Also Read: Vande Bharat Sleeper : सावधान! वंदे हिंदुस्तान स्लीपर और अमृत हिंदुस्तान में टिकट कैंसिल किया तो डूबेगा पैसा, रेलवे ने बदला पुराना नियम The post Bihar News: कैदियों के हाथों की मेहनत अब बाजार में, खादी मॉल और बिहार संग्रहालय में बिकेंगे मुक्ति ब्रांड के उत्पाद appeared first on Naya Vichar.

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The Raja Saab Box Office Collection Day 12: दूसरे हफ्ते ही फुस्स हुई प्रभास की ‘द राजा साब’, लाखों में सिमटी फिल्म की कमाई

The Raja Saab Box Office Collection Day 12: प्रभास की मोस्ट अवेटेड फिल्म ‘द राजा साब’ से मेकर्स और फैंस को शुरुआत में काफी उम्मीदें थी. फिल्म जब रिलीज हुई थी, तब बॉक्स ऑफिस पर इसका जोरदार असर देखने को मिला. लेकिन अब रिलीज के करीब 12 दिन बाद फिल्म की हालत कमजोर होती साफ नजर आ रही है. शुरुआती दिनों में फिल्म ने शानदार कमाई की थी. पहले दिन ही फिल्म ने देशभर में करीब 53 करोड़ रुपये का नेट कलेक्शन किया, जिससे लगा कि यह फिल्म लंबी रेस का घोड़ा साबित हो सकती है. पहले वीकेंड तक सिनेमाघरों में अच्छी भीड़ दिखी. लेकिन जैसे-जैसे दिन बीतते गए, दर्शकों की दिलचस्पी कम होने लगी. यहां देखें फिल्म का डे वाइज कलेक्शन Day 0 9.15 करोड़ रूपये Day 1 53.75 करोड़ रूपये Day 2 26 करोड़ रूपये Day 3 19.1 करोड़ रूपये Day 4 6.6 करोड़ रूपये Day 5 4.8 करोड़ रूपये Day 6 5.35 करोड़ रूपये Day 7 5.5 करोड़ रूपये Day 8 3.5 करोड़ रूपये Day 9 3 करोड़ रूपये Day 10 2.6 करोड़ रूपये Day 11 1.35 करोड़ रूपये Day 12 0.73 करोड़ रूपये Total Collection 141.43 करोड़ रूपये लाखों में हुई फिल्म की कमाई Sacnilk की रिपोर्ट्स के मुताबिक, फिल्म ने 12वें दिन यानी दूसरे मंगलवार को हिंदुस्तान में सभी भाषाओं को मिलाकर सिर्फ करीब 73 लाख रुपये के आसपास की कमाई की और अब फिल्म का टोटल कलेक्शन 141 करोड़ रूपये हो गया है. 11वें दिन फिल्म ने लगभग 1.35 करोड़ रुपये कमाए थे, जिससे थोड़ी उम्मीद जगी थी कि वर्किंग डेज में फिल्म किसी तरह टिक जाएगी. लेकिन मंगलवार की भारी गिरावट ने साफ कर दिया कि दर्शक अब फिल्म से दूर हो रहे हैं. दूसरे हफ्ते में फिल्म की ऑक्यूपेंसी भी काफी कम हो गई है. कई सिनेमाघरों में शोज आधे खाली नजर आ रहे हैं.  सिनेमाघरों से हट सकती है फिल्म? रिपोर्ट्स के मुताबिक, ‘द राजा साब’ को 400 करोड़ रुपये में बनाया गया है. लेकिन 12 दिन गुजरने के बाद भी फिल्म हिंदुस्तान में 150 करोड़ का आंकड़ा पार नहीं कर पाई है. ‘धुरंधर’ जैसी फिल्मों और चिरंजीवी की नई रिलीज ‘मना शंकरा वारा प्रसाद’ ने दर्शकों का ध्यान बांट दिया है. अब आंकड़ों को देखकर ट्रेड एक्सपर्ट्स मान रहे हैं कि ‘द राजा साब’ का बॉक्स ऑफिस सफर अपने आखिरी पड़ाव पर है. फिल्म जल्द ही सिनेमाघरों से हटाई जा सकती है.  ये भी पढ़ें: Dhurandhar Box Office Collection Day 46: सातवें सोमवार को भी नहीं रुकी धुरंधर, 46वें दिन की कमाई देख नहीं होगा यकीन The post The Raja Saab Box Office Collection Day 12: दूसरे हफ्ते ही फुस्स हुई प्रभास की ‘द राजा साब’, लाखों में सिमटी फिल्म की कमाई appeared first on Naya Vichar.

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JCC Bill 2025: झारखंड में कोचिंग संस्थानों की नहीं चलेगी मनमानी, फीस की जानकारी नहीं देने पर लगेगा जुर्माना

JCC Bill 2025: झारखंड में अब कोचिंग संस्थानों की मनमानी नहीं चलेगी. झारखंड विधानसभा से पारित झारखंड कोचिंग सेंटर (नियंत्रण एवं विनियमन) विधेयक 2025 को राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने मंजूरी दे दी है. गजट में प्रकाशन के बाद यह कानून पूरे राज्य में लागू हो जाएगा. इस कानून का मुख्य उद्देश्य कोचिंग संस्थानों पर नियंत्रण स्थापित करना, छात्रों के हितों की रक्षा करना और उन्हें सुरक्षित, पारदर्शी और अनुशासित शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना है. नए कानून का क्या है मकसद नए कानून के तहत अब झारखंड में 50 से अधिक छात्रों वाले कोचिंग संस्थान मनमानी नहीं कर सकेंगे. संस्थानों को अपनी फीस स्ट्रक्चर, फीस वसूली की प्रक्रिया, एकाउंटिंग सिस्टम और ऑडिट से जुड़ी पूरी जानकारी देनी होगी. साथ ही, किसी चार्टर्ड अकाउंटेंट द्वारा पिछले तीन वित्तीय वर्षों के खातों का ब्योरा पेश करना जरूरी होगा. इससे कोचिंग सेंटरों में वित्तीय पारदर्शिता सुनिश्चित की जाएगी. रजिस्ट्रेशन और बैंक गारंटी का प्रावधान नए नियमों के अनुसार, किसी भी कोचिंग संस्थान को स्थापना के छह महीने के भीतर पांच सालों के लिए पांच लाख रुपये की बैंक गारंटी जमा करनी होगी. प्रत्येक सेंटर का अलग-अलग रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी होगा. रजिस्ट्रेशन की वैधता पांच सालों के लिए होगी. इसके बाद रीन्यूअल कराना पड़ेगा. इससे फर्जी और अवैध कोचिंग संस्थानों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकेगा. जिला और राज्य स्तर पर बनेगी रेगुलेटरी कमेटी कानून के तहत निगरानी के लिए जिला और राज्य स्तर पर रेगुलेटरी कमेटियों का गठन किया जाएगा. जिला रेगुलेटरी कमेटी के अध्यक्ष उपायुक्त (डीसी) होंगे. सदस्य के रूप में एसएसपी, कुलपति की ओर से नामित किसी अंगीभूत कॉलेज के प्राचार्य और जिला रोजगार पदाधिकारी होंगे. जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) सदस्य सचिव होंगे.राज्य स्तर पर झारखंड राज्य कोचिंग सेंटर नियामक प्राधिकरण बनेगा, जिसके अध्यक्ष चयनित न्यायिक प्राधिकारी होंगे, जिनका पद प्रधान जिला न्यायाधीश के समकक्ष होगा. वेबसाइट पर देनी होगी पूरी जानकारी हर कोचिंग सेंटर को अपने वेब पोर्टल और रेगुलेटरी कमेटी को कोर्स, निर्धारित शुल्क, ट्यूटर, इन्फ्रास्ट्रक्चर और दूसरी जरूरी सूचनाएं नियमित रूप से अपडेट करनी होंगी. इससे अभिभावकों और छात्रों को सही जानकारी मिल सकेगी और भ्रामक दावों पर रोक लगेगी. नाबालिग छात्रों और मेंटल हेल्थ पर फोकस नए कानून में विद्यार्थियों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई है. 16 साल से कम उम्र के छात्रों को पढ़ाने से पहले संस्थान को उनके अभिभावक की लिखित अनुमति लेनी होगी.इसके अलावा, जिन कोचिंग सेंटरों में 1000 से अधिक छात्रों का एडमिशन होगा, वहां एक मनोचिकित्सक की नियुक्ति अनिवार्य होगी. इसका उद्देश्य छात्रों पर बढ़ते मानसिक दबाव को कम करना और उन्हें परामर्श उपलब्ध कराना है. बुनियादी ढांचे को लेकर सख्त नियम हर कोचिंग सेंटर को तय मानकों के अनुसार बुनियादी ढांचा विकसित करना होगा. प्रत्येक छात्र को बैठने के लिए कम से कम एक वर्गमीटर जगह देना अनिवार्य होगा. उचित वेंटिलेशन, शौचालय, पेयजल, अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन और सुरक्षित प्रवेश-निकास व्यवस्था जरूरी होगी. सेंटर सुबह छह बजे से अधिकतम रात नौ बजे तक ही संचालित किए जा सकेंगे. कंम्प्लेन सिस्टम बहाल करना होगा हर कोचिंग सेंटर में विद्यार्थियों के लिए शिकायत पेटी और प्रभावी समाधान तंत्र स्थापित करना अनिवार्य होगा. एससी-एसटी और दिव्यांग छात्रों को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष प्रावधान किए जाएंगे. सेंटर किसी भी प्रकार का भ्रामक विज्ञापन, झूठी गारंटी या फर्जी सफलता का दावा नहीं कर सकेंगे. नियमों के उल्लंघन पर भारी जुर्माना और रजिस्ट्रेशन रद्द यदि कोई कोचिंग संस्थान नियमों का उल्लंघन करता है, तो पहली बार अपराध पर पांच लाख रुपये और दूसरी बार 10 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा. इसके बाद भी उल्लंघन जारी रहने पर उपायुक्त 60 दिनों के भीतर अनुपालन सुनिश्चित कराने के निर्देश देंगे. जुर्माने से असंतुष्ट संस्थान 30 दिनों के भीतर प्राधिकरण में अपील कर सकेंगे. गंभीर मामलों में रजिस्ट्रेशन रद्द करने का भी प्रावधान है. सेंटर बंद करने पर भी नियम लागू यदि कोई कोचिंग सेंटर बंद होना चाहता है, तो उसे रजिस्ट्रेशन की समाप्ति या अंतिम बैच के पूरा होने से कम से कम 90 दिन पहले समिति को लिखित सूचना देनी होगी. इसका उद्देश्य छात्रों के भविष्य को सुरक्षित करना है, ताकि वे बीच सेशन में असहाय न हों. इसे भी पढ़ें: खाने-पीने पर झारखंड के लोगों का बढ़ गया खर्चा, जानें कहां पहुंच गया दर्जा छात्रों के हित में ऐतिहासिक कदम झारखंड कोचिंग सेंटर (नियंत्रण एवं विनियमन) विधेयक 2025 राज्य में कोचिंग उद्योग को नियंत्रित करने की दिशा में एक बड़ा और ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है. इससे जहां एक ओर छात्रों को सुरक्षित, पारदर्शी और अनुशासित माहौल मिलेगा. वहीं, दूसरी ओर कोचिंग संस्थानों की मनमानी पर प्रभावी अंकुश लगेगा. इसे भी पढ़ें: सावधान! झारखंड में करवट बदलने वाला है मौसम! दो दिन तक बढ़ी रहेगी कनकनी, कोहरे का बढ़ेगा प्रकोप The post JCC Bill 2025: झारखंड में कोचिंग संस्थानों की नहीं चलेगी मनमानी, फीस की जानकारी नहीं देने पर लगेगा जुर्माना appeared first on Naya Vichar.

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Peacock Mehndi Designs: बसंत पंचमी पर हाथों को सजाएं खूबसूरत मोर डिजाइन मेहंदी से, यहां देखें बेस्ट आइडियाज

Peacock Mehndi Designs: बसंत पंचमी का त्योहार खुशियों, रंगों और नई शुरुआत से जुड़ा होता है. इस दिन स्त्रीएं और लड़कियां पीले कपड़े पहनती हैं और हाथों में मेहंदी लगाना पसंद करती हैं. अगर आप इस बसंत पंचमी पर कुछ खास करना चाहती हैं, तो मोर डिजाइन मेहंदी एक बहुत अच्छा आइडिया है. मोर देखने में बहुत सुंदर लगता है और हाथों पर बना मोर डिजाइन मेहंदी को खास बना देता है. मोर डिजाइन मेहंदी हाथों की सुंदरता को और बढ़ा देती है. ऐसे में इस आर्टिकल में हम लाएं हैं बसंत पंचमी के लिए सबसे खूबसूरत मोर मेहंदी डिजाइन आइडियाज. सिंपल मोर मेहंदी डिजाइन Simple peacock mehndi design अगर आप पहली बार मेहंदी लगा रही हैं, तो सिंपल मोर डिजाइन अच्छा रहता है. इसमें छोटा मोर बनाया जाता है. यह डिजाइन जल्दी बन जाती है. यह रोज के फंक्शन और पूजा के लिए सही रहती है. फुल हैंड मोर मेहंदी डिजाइन Full hand peacock mehndi design फुल हैंड मोर मेहंदी डिजाइन उन लोगों के लिए होती है जिन्हें भारी मेहंदी पसंद है. इसमें पूरे हाथ पर मोर और पत्तियों का डिजाइन बनाया जाता है. यह डिजाइन शादी या खास मौके के लिए अच्छी लगती है. बसंत पंचमी पर यह डिजाइन बहुत सुंदर दिखती है. ये भी पढ़ें: Simple Mehndi Designs: कम मेहनत में हाथों को दें खूबसूरत लुक, देखें आसान और एलिगेंट मेहंदी डिजाइन मोर और फूलों की मेहंदी डिजाइन Peacock and flowers mehndi design मोर के साथ फूलों की मेहंदी बहुत प्यारी लगती है. फूल डिजाइन को और सुंदर बना देते हैं. यह डिजाइन हाथों पर सॉफ्ट लुक देती है. यह लड़कियों और स्त्रीओं दोनों के लिए अच्छी है. बैक हैंड मोर मेहंदी डिजाइन Back hand peacock mehndi design अगर आप हाथों के पीछे मेहंदी लगाना पसंद करती हैं, तो बैक हैंड मोर डिजाइन अच्छा रहता है. इसमें मोर को हाथ के बीच में बनाया जाता है. यह डिजाइन देखने में बहुत साफ और सुंदर लगती है. यह फोटो के लिए भी बहुत अच्छी रहती है. अरेबिक स्टाइल मोर मेहंदी डिजाइन Arabic style peacock mehndi design अरेबिक स्टाइल मेहंदी आजकल बहुत पसंद की जाती है. इसमें मोर को खुली लाइनों में बनाया जाता है. यह डिजाइन हल्की और स्टाइलिश लगती है. यह डिजाइन कम समय में बन जाती है. बच्चों के लिए मोर मेहंदी डिजाइन Kid’s peacock mehndi design बच्चों के लिए छोटा और सिंपल मोर डिजाइन अच्छा रहता है. यह डिजाइन जल्दी बन जाती है. बच्चों को मोर का डिजाइन बहुत पसंद आता है. साथ ही, यह डिजाइन हाथों पर प्यारी लगती है. ये भी पढ़ें: Yellow Suit Designs: पूजा के खास मौके पर पहनें ये खूबसूरत और ट्रेंडिंग सूट, हर लुक को बनाए परफेक्ट The post Peacock Mehndi Designs: बसंत पंचमी पर हाथों को सजाएं खूबसूरत मोर डिजाइन मेहंदी से, यहां देखें बेस्ट आइडियाज appeared first on Naya Vichar.

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