टोल नहीं चुकाया तो गाड़ी बेचना मुश्किल, सेकंड हैंड बिक्री पर नए नियम लागू
Toll Tax New Rule: 20 जनवरी यानी मंगलवार को प्रशासन ने नेशनल हाईवे पर टोल नियम सख्त कर दिए हैं. टोल नहीं देने वाले वाहनों को NOC, फिटनेस सर्टिफिकेट और नेशनल परमिट जैसी सुविधाएं नहीं मिलेंगी. इसका मकसद Electronic Toll Collection (ETC) सिस्टम को मजबूत करना और टोल चोरी रोकना है. कई बार टेक्निकल कारणों या FASTag में कम बैलेंस होने की वजह से टैग स्कैन नहीं हो पाता और टोल नहीं कट पाता. अब ऐसी गाड़ियों का अनपेड टोल सीधे वाहन के रिकॉर्ड से जोड़ दिया जाएगा. टोल नहीं चुकाया तो गाड़ी बेचना मुश्किल, सेकंड हैंड बिक्री पर नए नियम लागू 4 कौन-कौन सी सेवाएं बंद कर दी जाएंगी फिटनेस सर्टिफिकेट (Certificate of Fitness): कमर्शियल वाहनों के लिए फिटनेस सर्टिफिकेट का रिन्यूअल या नया जारी होना जरूरी होता है. नए नियमों के अनुसार, अगर वाहन पर कोई भी अनपेड टोल फीस है, तो फिटनेस सर्टिफिकेट जारी या रिन्यू नहीं किया जाएगा. पहले टोल बकाया चुकाना होगा, उसके बाद ही फिटनेस सर्टिफिकेट मिलेगा. नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC): वाहन को एक राज्य से दूसरे राज्य में ट्रांसफर करने या किसी दूसरे को बेचने के लिए NOC जरूरी होता है. नए नियमों के तहत, अगर वाहन पर नेशनल हाईवे का कोई टोल बकाया (Unpaid User Fee) है, तो NOC जारी नहीं किया जाएगा. NOC के लिए आवेदन करते समय Form 28 में बकाया टोल की जानकारी देना अनिवार्य होगा. जब तक पूरा टोल बकाया चुकाया नहीं जाता, तब तक NOC नहीं मिलेगा. नेशनल परमिट (National Permit): कमर्शियल वाहनों को एक से ज्यादा राज्यों में चलाने के लिए नेशनल परमिट जरूरी होता है. नए नियमों में साफ किया गया है कि जिस वाहन पर नेशनल हाईवे की कोई यूजर फीस बकाया होगी, उसे नेशनल परमिट नहीं मिलेगा. परमिट पाने के लिए वाहन का टोल रिकॉर्ड पूरी तरह क्लियर होना अनिवार्य होगा. सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के द्वारा प्रेस रिलीज यह सिस्टम कैसे काम करेगा? जब कोई वाहन नेशनल हाईवे के टोल प्लाजा से गुजरता है, तो उसकी एंट्री Electronic Toll Collection (ETC) सिस्टम में अपने आप दर्ज हो जाती है. अगर किसी वजह से टोल शुल्क नहीं कट पाता, तो वह राशि ‘Unpaid User Fee’ के रूप में सिस्टम में दर्ज हो जाएगी. यह बकाया टोल वाहन के रजिस्ट्रेशन नंबर से लिंक हो जाएगा. जब वाहन मालिक NOC, फिटनेस सर्टिफिकेट या नेशनल परमिट के लिए आवेदन करेगा, तो सिस्टम पहले यह जांच करेगा कि वाहन पर कोई टोल बकाया है या नहीं. अगर बकाया पाया गया, तो आवेदन ऑटोमैटिक रूप से रोक दिया जाएगा. वाहन मालिक को पहले ऑनलाइन या तय माध्यम से टोल बकाया चुकाना होगा. जैसे ही पेमेंट पूरा होगा, सिस्टम अपडेट हो जाएगा और संबंधित सेवा (NOC / फिटनेस / नेशनल परमिट) जारी की जा सकेगी. यह पूरी प्रक्रिया डिजिटल और ऑटोमेटेड होगी, जिससे टोल चोरी रुकेगी और बिना बैरियर टोलिंग (MLFF सिस्टम) को लागू करना आसान होगा. Also Read : तालाब आपका पैसा प्रशासन का, मछली पालन पर पाएं 60% सब्सिडी, जानें आवेदन करने का आसान तरीका The post टोल नहीं चुकाया तो गाड़ी बेचना मुश्किल, सेकंड हैंड बिक्री पर नए नियम लागू appeared first on Naya Vichar.



