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January 23, 2026

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Saraswati Puja Vastu Tips: पढ़ी हुई चीजें भूल जाते हैं जल्दी? बसंत पंचमी पर अपनाएं ये खास वास्तु उपाय

Saraswati Puja Vastu Tips: बसंत पंचमी हिंदू धर्म का एक बेहद खास और पवित्र त्योहार है. यह पर्व माता सरस्वती को समर्पित है. माता सरस्वती को ज्ञान, वाणी, बुद्धि, कला, संगीत और ध्वनि की देवी माना जाता है. यह दिन हर छात्र के लिए विशेष महत्व रखता है. कहा जाता है कि यदि इस दिन छात्र माता की आराधना के साथ कुछ खास वास्तु उपाय करें, तो पूजा का प्रभाव बढ़ जाता है. साथ ही शिक्षा और कार्य क्षेत्र में उन्नति मिलने की संभावना भी बढ़ती है. सरस्वती पूजा के वास्तु उपाय (Saraswati Puja Vastu Upay) माता सरस्वती की तस्वीर जहां आप पढ़ाई करते हैं, यानी स्टडी रूम में, बसंत पंचमी के दिन माता सरस्वती की एक तस्वीर लगाएं. कहा जाता है कि ऐसा करना शुभ होता है और विद्या की देवी की कृपा बनी रहती है. पीले रंग के फूल माना जाता है कि माता सरस्वती को पीले रंग के फूल अत्यंत प्रिय होते हैं. ऐसे में बसंत पंचमी के दिन अपने घर और स्टडी रूम में पीले रंग के फूल अवश्य रखें. इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है. किताब और पेन वास्तु शास्त्र के अनुसार, छात्रों को इस दिन अपनी किताबें और कलम पूजा स्थल पर रखनी चाहिए. साथ ही माता सरस्वती के मंत्र- “ॐ ऐं सरस्वत्यै नमः” का 21 बार जाप करना चाहिए. इससे एकाग्रता बढ़ती है और पढ़ाई में मन लगता है.साथ ही याद करने की क्षमता बढ़ती है.  दीपक जलाएं बसंत पंचमी के दिन घर के उत्तर या पूर्व दिशा में दीपक जलाएं. दीपक जलाने के लिए पीतल या तांबे के दीये का प्रयोग करें और उसमें शुद्ध घी डालकर दीप प्रज्वलित करें. माना जाता है कि ऐसा करने से ध्यान भटकने की समस्या कम होती है और एकाग्रता बढ़ती है. यह भी पढ़ें: Basant Panchami Katha: आज सरस्वती पूजा के दिन जरूर सुनें ये कथा, बसंत पंचमी पर हो रही है विशेष पूजा Disclaimer: यहां दी गई जानकारी केवल मान्यताओं और परंपरागत जानकारियों पर आधारित है. नया विचार किसी भी तरह की मान्यता या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. The post Saraswati Puja Vastu Tips: पढ़ी हुई चीजें भूल जाते हैं जल्दी? बसंत पंचमी पर अपनाएं ये खास वास्तु उपाय appeared first on Naya Vichar.

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2025 में 40% रिटर्न के बाद अब 2026 में भी तांबे की कीमतों में आया उछाल, चेक करें लेटेस्ट रेट

Copper Price Today: कमोडिटी मार्केट में इन दिनों सिर्फ सोना और चांदी ही नहीं, बल्कि तांबा (Copper) भी सुर्खियां बटोर रहा है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के फैसलों के कारण कल बाजार में जो हलचल मची थी, उससे तांबे के प्राइस पर कोई ज्यादा फर्क नहीं पड़ा. हालांकि, तांबे की कीमतें एक बार फिर रॉकेट की रफ्तार से ऊपर जा रही हैं. तांबे की कीमतों में कितना आया उछाल? अंतरराष्ट्रीय बाजार (COMEX) में तांबे की कीमतें कल की गिरावट से उबरकर 5.8315 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई हैं. अगर हिंदुस्तानीय बाजार की बात करें तो मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर पिछले कारोबारी दिन तांबा ₹1273.40 प्रति किलो पर बंद हुआ था. आपको बता दें कि साल 2025 में तांबे ने 40% का जबरदस्त रिटर्न दिया था और 2026 में भी यह तेजी थमने का नाम नहीं ले रही है. क्यों बढ़ रही है तांबे की मांग? तांबे की कीमतों में तेजी आने के पीछे कई बड़े कारण हैं: इलेक्ट्रिक गाड़ियों (EV), डेटा सेंटर्स और सोलर एनर्जी जैसे प्रोजेक्ट्स में तांबे का भारी इस्तेमाल हो रहा है. मांग के मुकाबले तांबे की सप्लाई कम है, जिससे इसके रेट बढ़ रहे हैं. ग्लोबल टेन्शन और ट्रेड वॉर के डर से निवेशक अब रिस्की मार्केट के बजाय तांबे जैसी धातुओं में पैसा लगाना सुरक्षित मान रहे हैं. इन्वेस्टर्स का तांबे पर बढ़ा भरोसा मार्केट में बढ़ती कीमतों को देखते हुए व्यापारियों ने तांबे का स्टॉक जमा करना शुरू कर दिया है. शंघाई फ्यूचर्स एक्सचेंज के गोदामों में तांबे का भंडार दिसंबर की तुलना में लगभग दोगुना हो गया है. इंवेस्टर्स और व्यापारी दोनों ही इस मेटल पर भरोसा जता रहे हैं, यही वजह है कि इसके दाम लगातार नई ऊंचाई छू रहे हैं. Also Read: सोने-चांदी की कीमतों में आई हल्की गिरावट, खरीदारी से पहले जान लें आज की ताजा रेट The post 2025 में 40% रिटर्न के बाद अब 2026 में भी तांबे की कीमतों में आया उछाल, चेक करें लेटेस्ट रेट appeared first on Naya Vichar.

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DU गर्ल से IAF अफसर तक! अक्षिता धनखड़ की प्रेरणादायक कहानी

Flight Lieutenant Akshita Dhankar Success Story: अक्षिता का जन्म हरियाणा के कसनी गांव में हुआ है. उन्होंने बचपन से आसपास ऐसा माहौल देखा कि सेना में जाने का सपना उनके मन में काफी पहले से था. कसनी गांव हिंदुस्तान के उन गांवों में से हैं, जो सैनिकों का गांव कहलाता है. टीवी पर परेड देखकर ही अक्षिता ने सेवा में जाने का तय कर लिया था. दिल्ली यूनिवर्सिटी से हुई है पढ़ाई शुरुआती पढ़ाई के बाद उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी (Delhi University) के श्री गुरु तेग बहादुर खालसा कॉलेज से डिग्री ली. इसके बाद नेशनल कैडेट कोर (NCC) के लिए सेलेक्ट हुईं. डिसिप्लिन और मेहनत के दम पर उन्होंने जल्द ही कैडेट सार्जेंट मेजर तक का पद हासिल कर लिया. सेना में जाने के लिए अक्षिता को NCC की ट्रेनिंग से बहुत मदद मिली. 2023 में बनीं फ्लाइंग ऑफिसर अक्षिता ने AFCAT परीक्षा पास की और मैसूर के एयर फोर्स सेलेक्शन बोर्ड से एडमिनिस्ट्रेशन ब्रांच के लिए चयनित हुईं. 17 जून 2023 को उन्हें फ्लाइंग ऑफिसर के रूप में कमीशन मिला. गणतंत्र दिवस पर सेलेक्शन बना चर्चा का विषय फ्लाइट लेफ्टिनेंट अक्षिता धनखड़ (Flight Lieutenant Akshita Dhankar) इस गणतंत्र दिवस (Republic Day 2026) समारोह में कर्तव्य पथ पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के साथ तिरंगा फहराने में सहयोग करेंगी. उनका सेलेक्शन अब देशभर में चर्चा का विषय बन गया है. सेना में स्त्रीओं का इस तरह का पार्टिसिपेशन देश की अन्य लड़कियों के लिए काफी इंस्पीरेशनल है. परिवार के अन्य लोग भी सेना में हैं उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि मेरे लिए ये बहुत खुशी और गर्व की बात है. ये एक लेगेसी है जो मैं फॉलो कर रही हूं. मेरे पिता इंडियन एयर फोर्स में थे. उन्हीं से प्रेरणा लेकर मैंने सेना ज्वॉइन किया. अक्षिता के घर में और भी लोग जैसे कि उनके भाई और भाभी सेना में हैं. यह भी पढ़ें- नेताजी की जयंती पर WhatsApp-Facebook के लिए 30 बेस्ट कोट्स The post DU गर्ल से IAF अफसर तक! अक्षिता धनखड़ की प्रेरणादायक कहानी appeared first on Naya Vichar.

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ईरान पर हमले की तैयारी? ट्रंप ने समंदर में उतारा जंगी जहाजों का बेड़ा; बोले- ये ‘बड़ा फोर्स’ है, बचकर रहे तेहरान

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका की एक बड़ी नौसैनिक फौज ईरान की तरफ बढ़ रही है. ट्रंप ने बताया कि अमेरिका ईरान की एक्टिविटी पर कड़ी नजर रख रहा है, लेकिन उन्होंने अभी सीधे हमला करने की बात नहीं कही. ये बयान उन्होंने स्विट्जरलैंड के दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम से लौटते समय एयर फोर्स वन पर पत्रकारों से बातचीत के दौरान दिए. अमेरिकी नौसैनिक फौज ईरान की ओर ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी युद्धपोत खाड़ी की तरफ बढ़ रहे हैं, ये सिर्फ एक चेतावनी और तैयारी का कदम है. उन्होंने कहा कि हम ईरान पर नजर रख रहे हैं. आप जानते हैं कि हमारी कई नौकाएं वहां जा रही हैं, सिर्फ तैयारी के लिए, हमारे पास ईरान की तरफ एक बड़ी फौज जा रही है. ट्रंप ने इसे आर्माडा और भारी बेड़ा (बड़ा फोर्स) बताया, लेकिन जोर देकर कहा कि अमेरिका को उम्मीद है कि बल का इस्तेमाल नहीं करना पड़ेगा. अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यूएसएस अब्राहम लिंकन कैरियर स्ट्राइक ग्रुप भी इस डायरेक्शन में भेजा जा रहा है. ट्रंप ने सीधे हमला करने से किया इनकार राष्ट्रपति ट्रंप ने सीधे ईरान पर हमला करने की योजना की पुष्टि नहीं की. ट्रंप ने कहा कि यह केवल डिटेरेंस यानी रोकने का कदम है. शायद हमें इसका इस्तेमाल करना न पड़े. साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि वे ईरान से बातचीत के लिए खुले हैं. हालांकि, ट्रंप बार-बार कह चुके हैं कि सभी ऑप्शन खुले हैं. हाल ही में अमेरिका ने इजराइल के 12-दिन के सैन्य अभियान का समर्थन किया था, जो ईरान के न्यूक्लियर और बैलिस्टिक मिसाइल प्रोग्राम को कमजोर करने के लिए था. इस कदम ने रिजनल टेंशन को और बढ़ा दिया है. ईरान में विरोध और बढ़ता मौत का आंकड़ा ईरान में प्रशासन के खिलाफ बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हो रहे हैं. स्वतंत्र समूहों के मुताबिक, अब तक इस विरोध प्रदर्शन में 5,000 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. प्रशासनी आंकड़े कम हैं, लेकिन इंटरनेट बंद और इंडिपेंडेंट रिपोर्टिंग की कमी के कारण सही नंबर्स जानना मुश्किल है. ये विरोध दिसंबर में इकोनॉमिक डिफिकल्टीइस की वजह से शुरू हुए, लेकिन जल्दी ही यह नेतृत्वक असंतोष और प्रशासन की पावर को चुनौती देने वाला आंदोलन बन गया. ट्रंप का दावा- प्रदर्शनकारियों की फांसी रुकी ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिकी दबाव की वजह से ईरानी प्रशासन ने 837 प्रदर्शनकारियों की फांसी रोक दी. हालांकि इंडिपेंडेंट रूप से इसकी पुष्टि मुश्किल है, लेकिन ट्रंप ने इसे ईरान पर सतर्क रहने और चेतावनी देने का कारण बताया. ईरान पर नेतृत्वक दबाव बढ़ गया भले ही अमेरिका फौज भेज रहा है, दोनों देशों ने संकेत दिया है कि बातचीत अभी भी संभव है. एक ईरानी अधिकारी ने कहा कि वे संकट पर चर्चा के लिए तैयार हैं, लेकिन गलत कदम उठाने पर स्थिति और बिगड़ सकती है. यूरोप के कुछ देशों ने ईरान में सुधारवादी आंदोलनों का समर्थन करने की अपील की और कुछ ईरानी सैन्य समूहों को आतंकवादी घोषित करने की बात कही, जिससे ईरान पर नेतृत्वक दबाव बढ़ गया. ये भी पढ़ें: क्या हुआ है ट्रंप के हाथों को? दावोस समिट में दिखे चोट के निशान; बीमारी की चर्चाओं के बीच घिरे अमेरिकी राष्ट्रपति  270 मिलियन डॉलर का बकाया कर WHO से निकला अमेरिका, जिनेवा हेडक्वार्टर से उतरा US झंडा, क्या है ट्रंप का फ्यूचर प्लान? The post ईरान पर हमले की तैयारी? ट्रंप ने समंदर में उतारा जंगी जहाजों का बेड़ा; बोले- ये ‘बड़ा फोर्स’ है, बचकर रहे तेहरान appeared first on Naya Vichar.

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ब्रिटेन की मंत्री सीमा मल्होत्रा से मिले सीएम हेमंत सोरेन, एजुकेशन और स्किल डेवलपमेंट पर मांगी मदद

Hemant Soren UK Visit: झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन गुरुवार को आधिकारिक दौरे पर यूनाइटेड किंगडम (यूके) पहुंचे. वहां पर उन्होंने यूके गवर्नमेंट की पार्लियामेंटरी अंडर सेक्रेटरी फॉर इक्वलिटी एंड इंडो-पैसेफिक की मंत्री सीमा मल्होत्रा से मुलाकात की. इस मीटिंग में एजुकेशन, स्किल डेवलपमेंट, रिस्पॉन्सिबल माइनिंग, क्लाइमेट चेंजिंग, कल्चर और हेरिटेज कन्जर्वेशन जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई. दोनों पक्षों ने झारखंड और यूके के बीच लॉन्ग टर्म और प्रैक्टिल को-ऑपरेशन को मजबूत करने पर सहमति जताई. एजुकेशन और स्किल डेवलपमेंट पर बनेगा एक्शन प्लान मीटिंग में ओवरसीज स्टडी, डायरेक्शन, इंटर्नशिप, लीडरशिप डेवलपमेंट और पब्लिक सर्विस एक्सपीरियंस से जुड़े प्रोग्राम को आपस में जोड़ने के लिए एक क्लीयर एक्शन प्लान बनाने पर सहमति बनी. सीएम हेमंत सोरेन ने कहा कि झारखंड के युवाओं को ग्लोबल लेवल के अवसर उपलब्ध कराना राज्य प्रशासन की प्रॉयरिटी है. यूके प्रशासन ने झारखंड की मरांग गोमके जयपाल मुंडा फॉरेन स्कॉलरशिप स्कीम और चेवनिंग मरांग गोमके जयपाल मुंडा फॉरेन स्कॉलरशिप स्कीम की सराहना की. इन्हें हिंदुस्तान-यूके को-ऑपरेशन का पावरफुल एक्जांपल बताया गया. बताया गया कि पिछले चार सालों में इन स्कीम्स से 100 से अधिक स्टूडेंट्स को फॉरेन में हायर एजुकेशन का बेनिफिट मिल चुका है. यूनिवर्सिटी और स्किल इंस्टीट्यूशंस के साथ को-ऑपेशन पर डिस्कशन मीटिंग में यूके के मेन यूनिवर्सिटीज, स्किल और एलिजिबिलिटी इंस्टीट्यूश्ंस के साथ इंस्टीट्यूशनल को-ऑपरेशन की पॉसिबिलिटीज पर चर्चा की गई. माइनिंग टेक्नोलॉजी, क्लाइमेट स्टडीज और सस्टेनेबल डेवलपमेंट के सेक्टर में ज्वाइंट एजुकेशनल प्रोग्राम, टीचर्स के आदान-प्रदान और ट्रेनी रूट डेवलप करने पर जोर दिया गया. सीएम हेमंत सोरेन ने कहा कि अगर झारखंड के टेक्निकल इंस्टीट्यशंस और यूके के यूनिवर्सिटीज मिलकर काम करें, तो स्टेट के स्टूडेंट्स को वर्ल्ड लेवल ट्रेनिंग और रिसर्च का मौका मिलेगा, जिससे स्टेट की ह्यूमन रिसोर्स कैपिसिटी होगी. रिस्पॉन्सिबल माइनिंग और क्रिटिकल मिनरल्स पर फोकस इकोनॉमि और क्लाइमेट को-ऑपरेशन के बारे में सीएम हेमंत सोरेन ने रिस्पॉन्सिबल माइनिंग के सेक्टर में यूके की एक्सपर्टीज के साथ क्लोज को-ऑपरेशन का प्रपोजल रखा. इसमें एन्वायरमेंटल, सोशल और एडमिनिस्ट्रेटिव स्टैंडर्ड सिस्टम, माइनिंग की पहचान और मॉनिटरिंग, माइन्स सिक्योरिटी, क्लीन प्रोसेसिंग और एडवांस्ड टेक्नोलॉजी परफॉर्मेंस शामिल हैं. मीटिंग में रिस्पॉन्सिबिल क्रिटिकल मिनरल्स पर एक झारखंड-यूके वर्किंग ट्रैक स्थापित करने पर भी चर्चा की गई. इसका मकसद स्टैंडर्ड को मजबूत करना, रिसर्च और डेवलपमेंट, इनोवेशन और सप्लाई चेन को-ऑपरेशन को मजबूत करना होगा. यह पहल झारखंड को फ्यूचर की ग्रीन इकोनॉमी के लिए तैयार करने की डायरेक्शन में अहम कदम मानी जा रही है. कोल सेक्टर के लिए ट्रांजिशन फाइनेंस स्ट्रक्चर पर जोर मीटिंग में यूके की क्लाइमेट और फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशंस के साथ मिलकर झारखंड के कोल सेक्टर के डायवर्सिफिकेशन, क्लाइमेट एडॉप्टेशन, लेबर्स और लोकल कम्यूनिटी के समर्थन के लिए ट्रांजिशन फाइनेंस स्ट्रक्चर डेवलप करने की संभावनाओं पर चर्चा हुई. सीएम ने झारखंड को जस्ट ट्रांजिशन प्रोग्राम के लिए एक पायलट स्टेट के रूप में स्थापित करने का प्रपोजल रखा. इसे भी पढ़ें: Jharkhand Weather Forcast: झारखंड में ठंड का उतार-चढ़ाव जारी, आने वाले दिनों में मिल सकती है राहत कल्चर और हेरिजेट प्रीजर्वेशन में भी को-ऑपरेशन सीएम हेमंत सोरेन ने कल्चर, स्पोर्ट्स और हेरिटेज प्रीजर्वेशन को लोगों के बीच सीधे संपर्क और संबंध मजबूत करने का प्रभावी माध्यम बताया. उन्होंने हिंदुस्तान-यूके हेरिटेज प्रीजर्वेशन एग्रीमेंट के तहत झारखंड के मेगालिथ और मोनोलिथ प्लेस के प्रीजर्वेशन में यूके से को-ऑपरेशन से रिक्वेस्ट किया. इन हिस्टोरिकल प्लेसेज को यूनेस्को से मान्यता दिलाने की दिशा में भी को-ऑपरेशन की डिमांड की गई. सीएम सोरेन ने कहा कि झारखंड की ओल्ड हेरिटेज न केवल स्टेट, बल्कि पूरी ह्यूमैन सिविलाइजेशन की धरोहर है. इसे भी पढ़ें: Netaji Jayanti 2026: रांची के लालपुर के इस घर में आज भी जिंदा हैं नेताजी की यादें, फणिंद्र आयकत साथ थे खड़े The post ब्रिटेन की मंत्री सीमा मल्होत्रा से मिले सीएम हेमंत सोरेन, एजुकेशन और स्किल डेवलपमेंट पर मांगी मदद appeared first on Naya Vichar.

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Bihar Politics: कांग्रेस ने विधायकों को बुलाया दिल्ली, बड़ी बैठक में राहुल-खरगे रहेंगे मौजूद, किस मुद्दे पर होगी चर्चा?

Bihar Politics: दिल्ली के इंदिरा भवन में आज कांग्रेस की खास बैठक होगी. बिहार कांग्रेस के विधायकों को आज दिल्ली बुलाया गया है. इस बैठक में राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे के अलावा पार्टी के सभी सांसद, विधायक और एमएलसी भी मौजूद रहेंगे. इसकी शुरुआत 4:30 से होगी. इस बैठक में पार्टी से जुड़े खास मुद्दों पर चर्चा हो सकती है. चुने जा सकते हैं विधायक दल के नेता बैठक को लेकर कयास लगाए जा रहे हैं कि संगठन को मजबूत करने को लेकर चर्चा हो सकती है. यह भी संभावना जताई जा रही है कि विधायक दल के नेता चुने जा सकते हैं. बिहार में अब तक विधायक दल के नेता नहीं चुने गए हैं. बिहार विधानसभा का एक सत्र हो चुका है. जल्द ही बजट सत्र की भी शुरुआत होगी. लेकिन इस बीच दिल्ली में होने वाली आज की बैठक में विधायक दल के नेता पर सहमति बन सकती है. बैठक से गायब रहने वाले विधायकों पर भी चर्चा कांग्रेस की बैठक में आज मनरेगा आंदोलन के लिए बुलाई गई बैठक में नहीं शामिल होने वाले विधायकों को लेकर भी चर्चा किए जा सकते हैं. जानकारी के मुताबिक, चनपटिया के अभिषेक रंजन और वाल्मीकिनगर के सुरेंद्र प्रसाद बैठक में शामिल नहीं हुए थे. साथ ही बिहार कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी कृष्णा अल्लावरु ने भी बैठक बुलाई थी, जिसमें मनिहारी के विधायक मनोहर सिंह नहीं पहुंचे थे. इन विधायकों से बैठक में शामिल नहीं होने की वजह जानने की कोशिश की जा सकती है. आरजेडी भी करेगी बड़ी बैठक आरजेडी भी बड़ी बैठक करने वाली है. 25 जनवरी को राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक होने वाली है. यह बैठक इस वजह से खास मानी जा रही है क्योंकि तेजस्वी यादव को राजद का कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया जा सकता है. आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद खुद ही यह बड़ी घोषणा कर सकते हैं. लेकिन इसे लेकर अब तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. Also Read: Patna News: एयरपोर्ट की तरह पटना जंक्शन पर प्रीमियम पार्किंग सिस्टम, जानिए टू और फोर व्हीलर के लिए कितना देना पड़ेगा चार्ज The post Bihar Politics: कांग्रेस ने विधायकों को बुलाया दिल्ली, बड़ी बैठक में राहुल-खरगे रहेंगे मौजूद, किस मुद्दे पर होगी चर्चा? appeared first on Naya Vichar.

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क्या बजट 2026 में सीनियर सिटीजन को मिलेगा अलग टैक्स ट्रीटमेंट, या समान स्लैब का बोझ बना रहेगा?

Budget 2026: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए गए केंद्रीय बजट 2025 में मिडल क्लास और आम टैक्सपेयर को बड़ी राहत दी गई. नए टैक्स स्लैब्स के तहत ₹12 लाख तक की सालाना आय को टैक्स-फ्री कर दिया गया है. अगर इसमें स्टैंडर्ड डिडक्शन को जोड़ा जाए, तो यह सीमा प्रभावी (Limit Effective) रूप से ₹12.75 लाख तक पहुंच जाती है. यह फैसला नौकरीपेशा और युवा टैक्सपेयर के लिए निश्चित रूप से राहत भरा है, लेकिन बजट के इस “टैक्स-फ्रेंडली” चेहरे के पीछे एक बड़ा सवाल भी छुपा है. क्या सीनियर सिटीजन को नजरअंदाज कर दिया गया? वरिष्ठ नागरिकों के लिए क्यों बढ़ी चिंता? नए टैक्स सिस्टम में वरिष्ठ नागरिक (60 वर्ष से ऊपर) और सुपर सीनियर सिटीजन (80 वर्ष से ऊपर) को युवा टैक्सपेयर के समान टैक्स स्लैब में रखा गया है. जबकि वास्तविकता यह है कि बढ़ती उम्र के साथ आर्थिक चुनौतियां भी तेजी से बढ़ती हैं. स्वास्थ्य खर्च लगातार बढ़ता है रिटायरमेंट के बाद आय के स्रोत सीमित या फिक्स हो जाते हैं मेडिकल इंश्योरेंस प्रीमियम महंगे होते जाते हैं जीवन यापन के लिए बचत और ब्याज पर निर्भरता बढ़ती है इसी वजह से टैक्स विशेषज्ञों का मानना है कि वरिष्ठ नागरिकों को आम करदाताओं के बराबर टैक्स दायरे में रखना व्यावहारिक और न्यायसंगत (Justifiable) नहीं है. उम्र की अनदेखी करता टैक्स सिस्टम ValueCurve Financial Services के पार्टनर रोनक मोरजारिया का मानना है कि मौजूदा टैक्स ढांचा वरिष्ठ नागरिकों के साथ न्याय नहीं करता. उनके अनुसार, आज 60 वर्ष से अधिक उम्र के करदाताओं को भी 60 वर्ष से कम उम्र के लोगों जितना ही टैक्स देना पड़ता है, जबकि दोनों की जरूरतें और आर्थिक परिस्थितियां बिल्कुल अलग होती हैं. रिटायरमेंट के बाद आय सीमित हो जाती है और खर्च, खासकर स्वास्थ्य से जुड़े, तेजी से बढ़ते हैं. ऐसे में टैक्स सिस्टम को केवल आय के आधार पर नहीं, बल्कि उम्र और उससे जुड़े खर्चों की वास्तविकता को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किया जाना चाहिए. उनका कहना है कि आगामी बजट में वरिष्ठ नागरिकों के लिए अलग टैक्स स्लैब लाना अब समय की जरूरत बन चुका है. स्वास्थ्य खर्च और टैक्स राहत का सीधा संबंध वरिष्ठ नागरिकों के लिए सबसे बड़ा आर्थिक दबाव मेडिकल खर्च होता है, जो बढ़ती उम्र के साथ लगातार बढ़ता जाता है. टैक्स विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा टैक्स राहत इस बढ़ते खर्च के मुकाबले नाकाफी है. Tax2win के CEO और को-फाउंडर अभिषेक सोनी के अनुसार, वरिष्ठ नागरिकों को अतिरिक्त टैक्स सपोर्ट की सख्त जरूरत है. केवल सेक्शन 80D के तहत सीमित मेडिकल डिडक्शन से वास्तविक राहत नहीं मिल पाती. अगर बेसिक एग्जेम्प्शन लिमिट बढ़ाई जाए और मेडिकल खर्चों पर अतिरिक्त कटौतियों की अनुमति दी जाए, तो इससे बुजुर्ग करदाताओं का टैक्स बोझ काफी हद तक कम हो सकता है. नए टैक्स सिस्टम में कई पारंपरिक छूट और कटौतियां हटाए जाने के कारण इसका सीधा और नकारात्मक असर वरिष्ठ नागरिकों पर पड़ रहा है. बजट 2026 से क्या उम्मीदें? अब जैसे-जैसे केंद्रीय बजट 2026 नजदीक आ रहा है, वरिष्ठ नागरिकों और टैक्स विशेषज्ञों की नजर प्रशासन पर टिकी है. बढ़ती महंगाई, सीमित आय और तेजी से बढ़ते स्वास्थ्य खर्च को देखते हुए अब टार्गेटेड टैक्स राहत केवल मांग नहीं, बल्कि जरूरत बन चुकी है. विशेषज्ञों का मानना है कि बजट 2026 में प्रशासन नए कदमों पर विचार कर सकती है जैसे- वरिष्ठ और सुपर सीनियर सिटीजन के लिए अलग टैक्स स्लैब बेसिक एग्जेम्प्शन लिमिट में बढ़ोतरी मेडिकल खर्च और हेल्थ इंश्योरेंस पर अतिरिक्त टैक्स कटौती नए टैक्स सिस्टम में उम्र-आधारित राहत की वापसी Also Read: PM किसान की लिस्ट से कहीं आपका नाम बाहर तो नहीं ? मोबाइल से 2 मिनट में ऐसे चेक करें अपना स्टेटस The post क्या बजट 2026 में सीनियर सिटीजन को मिलेगा अलग टैक्स ट्रीटमेंट, या समान स्लैब का बोझ बना रहेगा? appeared first on Naya Vichar.

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Blouse Back Designs: सिंपल से लेकर डिजाइनर तक, देखें लेटेस्ट और ट्रेंडी ब्लाउज बैक डिजाइन्स का पूरा कलेक्शन

Blouse Back Designs: जब बात साड़ी और लहंगे की होती है, तो सबसे पहले नजर ब्लाउज पर ही जाती है. कई बार खूबसूरत साड़ी भी सही ब्लाउज के बिना फीकी लगने लगती है. खासकर ब्लाउज का बैक डिजाइन ऐसा होना चाहिए, जो पीछे से देखने पर सबका ध्यान खींच ले. यही वजह है कि आजकल स्त्रीएं नए, स्टाइलिश और डिजाइनर ब्लाउज बैक डिजाइन्स की तलाश में रहती हैं. ऐसे में आज हम आपके लिए लेकर आए हैं सिंपल से लेकर डिजाइनर तक के ब्लाउज बैक डिजाइन्स का कलेक्शन, जिन्हें देखकर हर नजर बस इन्हीं डिजाइन्स पर ठहर जाएगी. स्ट्रेट कट ब्लाउज | Straight Cut Blouse Straight cut blouse back design स्ट्रेट कट ब्लाउज सबसे सिंपल और क्लासिक डिजाइन है. इसे पहनना बहुत आसान होता है और हर साड़ी के साथ अच्छा लगता है. अगर आप सिंपल और क्लासिक लुक चाहते हैं तो आप इस तरह के स्ट्रेट कट वाले ब्लाउज जरूर ट्राय करें. यह ब्लाउज डेली वियर के लिए परफेक्ट है. कट-आउट ब्लाउज | Cut-Out Blouse Cut-out blouse back designs कट-आउट ब्लाउज थोड़े हटके और स्टाइलिश दिखते हैं. अगर आप पार्टी लुक चाहते हैं तो आप इस तरह के कट-आउट वाले ब्लाउज ट्राय करें. यह ब्लाउज देखने में मॉडर्न और आकर्षक लगता है. लेस वर्क ब्लाउज | Lace Work Blouse Lace work blouse back design लेस ब्लाउज नाजुक और बहुत सुंदर होता है. इसमें बैक पर नेट या लेस का काम होता है, जो लुक को हल्का और स्टाइलिश बनाता है. अगर आप नाजुक और फैमिनिन लुक चाहते हैं तो आप इस तरह के लेस वर्क वाले ब्लाउज चुन सकती हैं. यह ब्लाउज शादी या फेस्टिवल में सबकी नजरें खींच लेता है. स्ट्रैप्स बैक ब्लाउज | Straps Back Blouse Straps back blouse स्ट्रैप्स ब्लाउज बहुत ट्रेंडी और मॉडर्न डिजाइन है. इसमें पतली या मोटी स्ट्रैप्स होती हैं, जो पीछे से अलग अंदाज देती हैं. अगर आप ट्रेंडी और मॉडर्न लुक चाहती हैं तो इस तरह के स्ट्रैप्स वाले ब्लाउज ट्राय करें. यह डिजाइन गर्मियों में भी पहनने में आरामदायक रहता है और लुक बहुत न्यू लगता है. टी-बैक या क्रॉस बैक ब्लाउज | T-Back / Cross Back Blouse T-back / cross back blouse टी-बैक या क्रॉस बैक ब्लाउज थोड़े बोल्ड और मॉडर्न डिजाइन हैं. पीछे से क्रॉस या टी शेप की स्ट्रैप्स इसे यूनिक बनाती हैं. अगर आप फंकी और बोल्ड लुक चाहती हैं तो ऐसे टी-बैक वाले ब्लाउज ट्राय करें. इसका फिटिंग सही होने पर लुक बहुत आकर्षक लगता है. हुक और डोरियों वाला ब्लाउज | Hook & Dori Blouse Hook & dori blouse हुक और डोरियों वाला ब्लाउज पारंपरिक और डिजाइनर दोनों स्टाइल में आता है. इसमें पीछे हुक और डोरियां ब्लाउज को अच्छे से फिट करती हैं. अगर आप ट्रेडिशनल और क्लासी लुक चाहती हैं तो इस तरह के हुक और डोरी वाले ब्लाउज पहनें. यह डिजाइन शादी और पार्टी में बहुत अच्छा लगता है. कढ़ाई या एम्ब्रॉइडरी ब्लाउज | Embroidery / Hand Work Blouse Embroidery / hand work blouse कढ़ाई वाला ब्लाउज बहुत खास और आकर्षक होता है. इसके पीछे हाथ की कढ़ाई या एम्ब्रॉइडरी इसे सजाती है. अगर आप शादी या फेस्टिवल लुक चाहती हैं तो कढ़ाई वाले ब्लाउज ट्राय करें. यह ब्लाउज लुक में स्टाइल और एलीगेंस दोनों जोड़ता है और सबकी नजरें इसे देखकर रुक जाती हैं. ये भी पढ़ें: Best Blouse Colors For Yellow Saree: पीली साड़ी में परफेक्ट लुक पाने के लिए पहनें ये कॉन्ट्रास्ट ब्लाउज कलर्स, हर नजरें आप पर टिक जाएंगी The post Blouse Back Designs: सिंपल से लेकर डिजाइनर तक, देखें लेटेस्ट और ट्रेंडी ब्लाउज बैक डिजाइन्स का पूरा कलेक्शन appeared first on Naya Vichar.

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क्या हुआ है ट्रंप के हाथों को? दावोस समिट में दिखे चोट के निशान; बीमारी की चर्चाओं के बीच घिरे अमेरिकी राष्ट्रपति

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को अपने बाएं हाथ पर नई दिख रही चोट के बारे में सवालों को नजरअंदाज कर दिया. उन्होंने पत्रकारों से कहा कि यह बस एक छोटी-मोटी दुर्घटना थी और चिंता की कोई बात नहीं है. दावोस समिट से एयर फोर्स वन में अमेरिका लौटते समय, ट्रंप ने कहा कि मैंने इसे अपने हाथ से छुआ. फिर मैंने थोड़ी क्रीम लगाई. जब उनसे पूछा गया कि क्या फ्लाइट के बाद उन्हें ठीक लग रहा है, तो ट्रंप मुस्कुराए और कहा कि मुझे बहुत अच्छा लग रहा है. एस्पिरिन की वजह से हाथ पर निशान रिपोर्टरों ने हाथ पर चोट देखी और पूछा कि क्या आप ठीक हैं? इस पर ट्रंप ने बताया कि एस्पिरिन लेने की वजह से उनके हाथ पर कभी-कभी निशान और रंग बदलने लगते हैं. उन्होंने कहा कि मैं बड़ा एस्पिरिन लेता हूं. बड़ा एस्पिरिन लेने पर कहते हैं कि आपको निशान पड़ सकते हैं. ट्रंप के अनुसार उनके डॉक्टर ने उन्हें बताया कि इतनी बड़ी खुराक की जरूरत नहीं है. ट्रंप ने याद करते हुए कहा- डॉक्टर ने कहा है कि आपको इतना लेने की जरूरत नहीं है, सर, आप बहुत स्वस्थ हैं.मैंने कहा कि मैं कोई जोखिम नहीं लेना चाहता. व्हाइट हाउस ने चोट का कारण बताया व्हाइट हाउस ने पहले पुष्टि की थी कि ट्रंप ने दावोस, स्विट्जरलैंड में बोर्ड ऑफ पीस साइनिंग समारोह के दौरान अपने हाथ को टेबल के कोने से ठोकर मार दी थी, जिससे हाथ पर चोट और दाग बन गया. प्रेस सचिव कैरोलाइन लिविट ने बयान में कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप ने साइनिंग टेबल के कोने से हाथ टकराया, जिससे हाथ पर चोट और दाग बन गया. समारोह के वीडियो में देखा गया कि शुरू में हाथ पर ज्यादा दाग नहीं था, लेकिन जैसे-जैसे ट्रंप दस्तावेज पर साइन कर रहे थे, निशान और ज्यादा दिखाई देने लगे. हाल के वर्षों में ट्रंप के हेल्थ को लेकर ध्यान बढ़ा है ट्रंप के हाथ पर चोटों ने पिछले कुछ वर्षों में भी लोगों का ध्यान खींचा है. कई बार उन्होंने सार्वजनिक कार्यक्रमों में इसे ढकने के लिए मेकअप या पट्टी का इस्तेमाल किया. इससे पहले ही ट्रंप ने द वॉल स्ट्रीट जनरल को बताया था कि वे सामान्य से ज्यादा डेली एस्पिरिन लेते हैं ताकि खून पतला रहे और हार्ट संबंधी जोखिम कम हों. ट्रंप ने स्वीकार किया कि वे बड़ी खुराक लेना पसंद करते हैं और छोटी खुराक पर जाने में हिचकिचाते हैं. उन्होंने कहा कि मैं थोड़ा सुपरस्टिशियस (अंधविश्वासी) हूं. 2025 में हेल्थ को लेकर बढ़ी निगरानी पूरे 2025 में ट्रंप के हेल्थ को लेकर जनता और मीडिया में चर्चा रही. जुलाई में व्हाइट हाउस ने जानकारी दी कि ट्रंप को Chronic Venous Insufficiency (पुराने लोगों में आम समस्या, जिसमें पैरों में खून जमता है) है, लेकिन और गंभीर समस्याएं जैसे हार्ट फेलियर नहीं पाए गए. साल की शुरुआत में, बिना सबूत वाली अफवाहों ने इस अटकल को हवा दी थी कि ट्रंप को स्ट्रोक आया हो सकता है. आलोचकों ने कुछ वीडियो की तरफ इशारा किया जिनमें वह कभी-कभी धीरे बोलते हुए या दिन में ऊंघते हुए दिख रहे थे. व्हाइट हाउस के डॉक्टरों ने इन चिंताओं को खारिज करते हुए कहा कि ट्रंप पूरी तरह ठीक हैं और सभी स्कैन और टेस्ट नॉर्मल हैं. ये भी पढ़ें: 270 मिलियन डॉलर का बकाया कर WHO से निकला अमेरिका, जिनेवा हेडक्वार्टर से उतरा US झंडा, क्या है ट्रंप का फ्यूचर प्लान? ये भी पढ़ें: फ्रांस ने जब्त किया रूस से आ रहा समुद्री जहाज, क्रू मेंबर है हिंदुस्तानीय, मैंक्रों बोले यह बर्दाश्त नहीं, जेलेंस्की खुश; बोले- तेल से कमाई रुके The post क्या हुआ है ट्रंप के हाथों को? दावोस समिट में दिखे चोट के निशान; बीमारी की चर्चाओं के बीच घिरे अमेरिकी राष्ट्रपति appeared first on Naya Vichar.

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धार भोजशाला में सरस्वती पूजा शुरू, 1 से 3 बजे तक पढ़ी जाएगी नमाज, वीडियो आया सामने

Dhar Bhojshala Video : मध्य प्रदेश के धार में स्थित भोजशाला-कमाल मौला परिसर का वीडियो सामने आया है. इस वीडियो को न्यूज एजेंसी एएनआई ने जारी किया है. सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद बसंत पंचमी पर पूजा यहां हो रही है. इसके बाद तय समय से नमाज पढ़ी जाएगी. देखें वीडियो आप भी. #WATCH | Dhar | Basant Panchami prayers and celebrations being held at Bhojshala, following the Supreme Court order allowing Hindus and Muslims to offer prayers at the Bhojshala-Kamal Maula complex in Dhar, Madhya Pradesh pic.twitter.com/lROdKZHxCN — ANI (@ANI) January 23, 2026 धार के विवादित परिसर में बसंत पंचमी की पूजा बसंत पंचमी के अवसर पर शुक्रवार को धार के भोजशाला-कमाल मौला मस्जिद परिसर में पूजा हो रही है. सूर्योदय के बाद हिंदू समुदाय की पूजा-अर्चना शुरू हो गई. हिंदू त्योहार और जुमे की नमाज एक साथ पड़ी है. किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से बचने के लिए शहर में भारी संख्या में पुलिस और अर्धसैनिक बल तैनात किए गए हैं. ऐतिहासिक धार शहर के इस 11वीं सदी के विवादित परिसर में सुबह से ही श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था. सरस्वती माता की तस्वीर रखकर कर पूजा शुरू की गई स्थानीय संगठन ‘भोज उत्सव समिति’ के सदस्यों ने वैदिक मंत्रों के बीच वाग्देवी यानी सरस्वती की तस्वीर रखकर पूजा शुरू की. इसके बाद हवन कुंड में आहुति दी गई और अखंड पूजा की शुरुआत हुई. पूजा स्थल को फूलों की मालाओं और भगवा झंडों से सजाया गया था. इससे पूरा माहौल भक्तिमय नजर आया. यह भी पढ़ें : सरस्वती पूजा भी होगी और नमाज भी अदा की जाएगी, भोजशाला मामले में सुप्रीम कोर्ट का आदेश हर मंगलवार को हिंदू करते हैं पूजा भोजशाला को लेकर दोनों समुदायों (हिंदू और मुस्लिम) की अलग-अलग मान्यताएं हैं. हिंदू समाज इसे वाग्देवी यानी सरस्वती का मंदिर मानता है. वहीं मुस्लिम पक्ष इस 11वीं सदी की इमारत को कमाल मौला मस्जिद बताता है. यह विवादित परिसर एएसआई के संरक्षण (देखभाल करने का जिम्मा) में है. विवाद बढ़ने के बाद एएसआई ने 7 अप्रैल 2003 को आदेश जारी किया था. इसके तहत हिंदुओं को हर मंगलवार पूजा करने और मुसलमानों को हर शुक्रवार नमाज पढ़ने की अनुमति (परमिशन) दी गई है. The post धार भोजशाला में सरस्वती पूजा शुरू, 1 से 3 बजे तक पढ़ी जाएगी नमाज, वीडियो आया सामने appeared first on Naya Vichar.

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