कौन हैं डॉ गोपाल जी त्रिवेदी? कुलपति की कुर्सी छोड़ी, गांव की मिट्टी से पद्मश्री निकाला
Padma Shri: मुजफ्फरपुर जिले के डॉ गोपाल जी त्रिवेदी को पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया जायेगा. विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में बेहतर काम करने के लिए उन्हें पद्मश्री मिला है. बताया जाता है कि समेकित मत्स्य फार्मिंग का मॉडल पेश करना उनकी प्रमुख योजनाओं में से एक है. 15 जनवरी 1930 को मतलुपुर गांव में जन्में डॉ गोपालजी त्रिवेदी की प्रारंभिक शिक्षा गांव के ही विद्यालय में हुई. हाइस्कूल की पढ़ाई उन्होंने पूसा हाइस्कूल से पूरी की. एलएस कॉलेज से इंटर करने के बाद उन्होंने बीएससी ऑनर्स में दाखिला लिया, लेकिन इसी दौरान पिता के निधन के बाद पारिवारिक जिम्मेदारियों के चलते उनकी पढ़ाई बीच में ही रुक गयी. कम उम्र में इकलौते पुत्र होने के कारण उन्हें गांव लौटना पड़ा और खेती को ही जीवन का आधार बनाना पड़ा. मां को हर उपलब्धि का दिया श्रेय डॉ त्रिवेदी अपने जीवन की हर उपलब्धि का श्रेय अपनी मां को देते हैं. वह बताते हैं कि उन्होंने कृषि विश्वविद्यालय पूसा से बैचलर व मास्टर डिग्री हासिल की. प्रशासन ने उन्हें पीएचडी के लिए भेजा. इसके बाद वे ढोली कॉलेज में प्रोफेसर और जॉइंट डायरेक्टर बने, फिर विश्वविद्यालय में निदेशक और अंततः कुलपति तक का सफर तय किया. वह 1988 से 1991 तक डॉ राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, पूसा के कुलपति रहे. बिहार की ताजा समाचारों के लिए क्लिक करें रिटायरमेंट के बाद गांव को बनाया कर्मभूमि डॉ गोपाल जी त्रिवेदी ने बताया कि सेवानिवृत्ति के बाद उन्होंने शहर नहीं, बल्कि अपने गांव को ही कर्मभूमि के रूप में चुना. यहां रहकर वे किसानों को आधुनिक व लाभकारी खेती की तकनीक से जोड़ते रहे. ग्रामीण परिवेश में पले-बढ़े होने के कारण किसानों से जुड़ाव कभी टूटा नहीं. 95 वर्ष की उम्र में भी वे किसानों को प्रेरित कर रहे हैं. बेटे डॉ रमन कुमार त्रिवेदी ने बताया कि बाबूजी की सोच हमेशा किसान व उसकी आमदनी के इर्द-गिर्द रही है. किसान की आय कैसे बढ़े, यही उनका जीवन मंत्र है. वे केवल सलाहकार नहीं, बल्कि स्वयं मछली पालन, पौधारोपण व मक्के की खेती जैसे मॉडलों को अपनाकर उदाहरण पेश कर रहे हैं. इसे भी पढ़ें: बिहार में लैंड रजिस्ट्री का नया नियम, अब बिना GIS वेरिफिकेशन के नहीं बिकेगी जमीन The post कौन हैं डॉ गोपाल जी त्रिवेदी? कुलपति की कुर्सी छोड़ी, गांव की मिट्टी से पद्मश्री निकाला appeared first on Naya Vichar.



