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January 25, 2026

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Amrit Bharat Express: बिहार के इस स्टेशन पर भी होगा सीतामढ़ी-नई दिल्ली अमृत भारत एक्सप्रेस का स्टॉपेज, जानिए टाइमिंग

Amrit Bharat Express: पूर्वी चंपारण जिले के लोगों के लिए खुशसमाचारी है. जिले के घोड़ासहन रेलवे स्टेशन पर अब अमृत हिंदुस्तान एक्सप्रेस का स्टॉपेज होगा. सीतामढ़ी-दिल्ली के बीच अमृत हिंदुस्तान एक्सप्रेस को चलाया जा रहा है. यही ट्रेन आज से ही घोड़ासहन रेलवे स्टेशन पर भी रुकेगी. रेलवे हेडक्वार्टर की तरफ से लिए गए फैसले से पूर्वी चंपारण के साथ आस-पास के जिले के लोगों को भी फायदा हो सकेगा. लोगों की डिमांड पर लिया फैसला जानकारी के मुताबिक, पैसेंजर्स की तरफ से ही काफी लंबे समय से घोड़ासहन रेलवे स्टेशन पर अमृत हिंदुस्तान एक्सप्रेस के स्टॉपेज की डिमांड की जा रही थी. इसी मांग को लेकर प्रस्ताव रेलवे हेडक्वार्टर को भेजा गया था, जिस पर स्वीकृति दे दी गई. अप और डाउन दोनों लाइन में यह ट्रेन चलेगी. संभावना यह भी जताई जा रही है कि पैसेंजर्स की संख्या बढ़ने पर इसे रेगुलर किया जाएगा. क्या होगी ट्रेन की टाइमिंग? अमृत हिंदुस्तान एक्सप्रेस की टाइमिंग की बात करें तो, गाड़ी नंबर 14047 दिल्ली-सीतामढ़ी अमृत हिंदुस्तान एक्सप्रेस रात 23:10 बजे घोड़ासहन पहुंचेगी. इसके बाद 23:12 बजे घोड़ासहन से सीतामढ़ी के लिए खुल जाएगी. फिर सुबह सीतामढ़ी से नई दिल्ली के लिए ट्रेन 8:47 बजे खुल जाएगी. नया स्टॉपेज मिलने से लोगों का नई दिल्ली से सीधा जुड़ाव हो सकेगा. इसके साथ ही सफर में भी आसानी होगी. दूसरे राज्यों के साथ हो सकेगी बेहतर कनेक्टिविटी बिहार में लगातार रेल कनेक्टिविटी को मजबूत किया जा रहा है. पैसेंजर्स की सुविधा को देखते हुए कई पहल किए जा रहे हैं. ऐसे में घोड़ाहसन रेलवे स्टेशन पर अमृत हिंदुस्तान एक्सप्रेस का स्टॉपेज होने से पूर्वी चंपारण जिले के स्थानीय लोगों के साथ-साथ यहां के व्यापारियों को फायदा हो सकेगा कि उन्हें दिल्ली और दूसरे शहरों से कनेक्ट होना आसान हो सकेगा. Also Read: New Bus Terminal: कन्हौली में बनेगा नया बस स्टैंड, दूसरे राज्यों में जाना होगा बेहद आसान, 2019 में ही बनी थी योजना The post Amrit Bharat Express: बिहार के इस स्टेशन पर भी होगा सीतामढ़ी-नई दिल्ली अमृत हिंदुस्तान एक्सप्रेस का स्टॉपेज, जानिए टाइमिंग appeared first on Naya Vichar.

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Veg Club Sandwich Recipe: घर पर बनाएं कैफे जैसा परफेक्ट वेज क्लब सैंडविच, नोट करें यह आसान रेसिपी

Veg Club Sandwich Recipe: सुबह की भागदौड़ हो या शाम की छोटी भूख, एक कैफे स्टाइल वेज क्लब सैंडविच हमेशा बेस्ट ऑप्शन होता है. अक्सर लोग शिकायत करते हैं कि घर पर सैंडविच वैसा क्रिस्पी और लोडेड नहीं बनता जैसा रेस्टोरेंट में मिलता है. इस रेसिपी में हमने कुछ सीक्रेट प्रो टिप्स शेयर की हैं, जिससे आपका सैंडविच न तो सौगी होगा और न ही इसका स्वाद फीका पड़ेगा. चलिए जानते हैं 15 मिनट में तैयार होने वाली यह हेल्दी और टेस्टी रेसिपी. वेज क्लब सैंडविच बनाने के लिए किन चीजों की जरुरत है? ब्रेड: 6 वाइट या होल-व्हीट स्लाइस.सब्जियां: कद्दूकस की हुई पत्ता गोभी, गाजर, शिमला मिर्च और प्याज.फिलिंग: उबले आलू के स्लाइस, टमाटर और फ्रेश लेट्यूस.सॉस: एक्स्ट्रा क्रीमी मेयोनीज और मक्खन.मसाले: काली मिर्च, नमक और थोड़ा लहसुन. वेज क्लब सैंडविच बनाने की रेसिपी स्टेप 1: सब्जियों को तैयार करें ज्यादातर लोग सैंडविच में कच्ची सब्जियां डालते हैं जिससे ब्रेड पानी छोड़ देती है और सैंडविच नरम (Soggy) हो जाता है. इससे बचने के लिए एक पैन में 1 चम्मच तेल गरम करें और लहसुन को हल्का भूनें. अब शिमला मिर्च, गाजर और पत्ता गोभी को तेज आंच पर केवल 2 मिनट के लिए टॉस करें. इसमें नमक और काली मिर्च मिलाएं. ध्यान रहे कि सब्जियां क्रिस्पी रहें, उन्हें पूरी तरह गलाएं नहीं. स्टेप 2: आलू को रोस्ट करें सैंडविच के स्वाद को दोगुना करने के लिए उबले हुए आलू के स्लाइस को तवे पर थोड़ा मक्खन डालकर दोनों तरफ से सुनहरा होने तक सेक लें. इससे सैंडविच में एक बेहतरीन ‘Earthy’ फ्लेवर और क्रंच आता है. स्टेप 3: ब्रेड टोस्टिंग ब्रेड स्लाइस पर मक्खन लगाकर उन्हें तवे, टोस्टर या एयर-फ्रायर में क्रिस्पी होने तक सेकें. क्लब सैंडविच का असली मजा तभी आता है जब ब्रेड अच्छी तरह कड़क और गोल्डन ब्राउन हो. स्टेप 4: असेम्बलिंग अब सैंडविच को प्रोफेशनल तरीके से लेयर करें पहली लेयर: एक टोस्टेड ब्रेड स्लाइस पर मेयो फैलाएं. इसके ऊपर लेट्यूस पत्ता, रोस्ट किए हुए आलू और टमाटर के स्लाइस रखें. थोड़ा चाट मसाला छिड़कें.दूसरी लेयर: इसके ऊपर दूसरी ब्रेड स्लाइस रखें और फिर से मेयो लगाएं. अब तैयार की हुई भुनी हुई सब्जियों (Sautéed Veggies) का मिश्रण अच्छी तरह फैलाएं.फाइनल टच: तीसरी ब्रेड स्लाइस के अंदर की तरफ मेयो लगाकर इसे कवर करें और हल्के हाथ से दबाएं. प्रो-टिप: सैंडविच को काटने से पहले इसमें Sandwich Picks या टूथपिक जरूर लगाएं ताकि लेयर्स अपनी जगह पर फिक्स रहें. ये भी पढ़ें: Korean Style Noodles: घर पर बनाएं स्पाइसी कोरियन नूडल्स, वो भी सिर्फ 10 मिनट में! स्वाद ऐसा कि बाहर का खाना भूल जाएंगे ये भी पढ़ें: Carrot Chips Recipe: आलू के चिप्स भूल जाएंगे! घर पर बनाएं ये कुरकुरे और हेल्दी गाजर के चिप्स, नोट करें आसान रेसिपी The post Veg Club Sandwich Recipe: घर पर बनाएं कैफे जैसा परफेक्ट वेज क्लब सैंडविच, नोट करें यह आसान रेसिपी appeared first on Naya Vichar.

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Bihar Politics: जो सही मायनों में लालूवादी होगा, वो बोलेगा…’ कार्यकारिणी से पहले रोहिणी आचार्य का तीखा वार

Bihar Politics: राष्ट्रीय जनता दल की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक से पहले रोहिणी आचार्य का बयान पार्टी के लिए असहज करने वाला साबित हो रहा है. उन्होंने बिना किसी का नाम लिए पार्टी की मौजूदा कमान और उसके आसपास मौजूद लोगों पर तीखा हमला बोला है. रोहिणी ने साफ कहा कि जो सही मायनों में ‘लालूवादी’ होगा, वह पार्टी की बदहाली के खिलाफ आवाज उठाएगा, न कि चुप्पी साधेगा. उनका यह बयान ऐसे वक्त आया है जब आरजेडी में नेतृत्व परिवर्तन और संगठनात्मक बदलाव की चर्चाएं तेज हैं. जो सही मायनों में लालूवादी होगा, जिस किसी ने भी लालू जी के द्वारा, हाशिए पर खड़ी आबादी – वंचितों के हितों के लिए मजबूती से लड़ने वाली, खड़ी की गयी पार्टी के लिए निःस्वार्थ भाव से संघर्ष किया होगा, जिस किसी को भी लालू जी के द्वारा सामाजिक – आर्थिक न्याय के लिए किए गए सतत संघर्ष… — Rohini Acharya (@RohiniAcharya2) January 25, 2026 “लालूवाद को खत्म करने की साजिश” का आरोप रोहिणी आचार्य ने पार्टी की स्थिति को ‘बदहाल’ और ‘चिंताजनक’ बताते हुए कहा कि अब असली कमान ऐसे लोगों के हाथ में चली गई है जो ‘घुसपैठिए’ और ‘साजिशकर्ता’ हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि इन्हें विरोधी ताकतों ने खास मकसद से भेजा है, ताकि लालू प्रसाद की विचारधारा यानी ‘लालूवाद’ को कमजोर किया जा सके. उनका कहना है कि पार्टी के भीतर वही लोग हावी हो रहे हैं, जिन्हें न तो आंदोलन की समझ है और न ही संघर्ष की विरासत का सम्मान. नेतृत्व की चुप्पी पर सीधा सवाल रोहिणी का सबसे तीखा हमला नेतृत्व की कार्यशैली पर किया है. उन्होंने कहा कि सवालों से भागना और भ्रम फैलाना किसी भी मजबूत नेतृत्व की पहचान नहीं हो सकती. उनका इशारा साफ तौर पर तेजस्वी यादव की ओर माना जा रहा है. रोहिणी ने लिखा कि अगर नेतृत्व चुप्पी साधे रहता है, तो यह मान लिया जाएगा कि वह साजिश करने वालों के साथ खड़ा है. उनके मुताबिक, जो लोग लालूवाद की बात करते हैं, उनके साथ दुर्व्यवहार और अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया जा रहा है, जो पार्टी की मूल सोच के खिलाफ है. रोहिणी का बयान पार्टी के भीतर गहरी होती दरार को उजागर करता है. उनका इशारा उन चेहरों की ओर है जो तेजस्वी यादव के कोर ग्रुप का हिस्सा माने जाते हैं और जिन पर पुराने लालूवादी नेताओं को किनारे करने का आरोप लगता रहा है. ऐसे में यह बयान सिर्फ भावनात्मक नहीं, बल्कि एक नेतृत्वक संदेश भी है. बैठक में गूंज सकते हैं सवाल आरजेडी इस समय कार्यकारिणी की बैठक करने में में जुटी है. ऐसे वक्त में रोहिणी का यह हमला नेतृत्व के लिए नई चुनौती बन सकता है. अब देखना यह होगा कि राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में इन सवालों की कितनी गूंज सुनाई देती है और पार्टी इन आरोपों से कैसे निपटती है. Also Read: Bihar Politics: RJD में लालू की मौजूदगी में आज तेजस्वी युग की शुरुआत? या मीसा हिंदुस्तानी को मिलेगी राजद में बड़ी जिम्मेदारी The post Bihar Politics: जो सही मायनों में लालूवादी होगा, वो बोलेगा…’ कार्यकारिणी से पहले रोहिणी आचार्य का तीखा वार appeared first on Naya Vichar.

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कनाडा में गैंगवार: भारतीय मूल के युवक की हत्या, पहले गोली मारी और फिर गाड़ी में लगा दी आग

Gang War in Canada: कनाडा के बर्नाबी शहर में हिंदुस्तानीय मूल के एक युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई है. जांच एजेंसियों को शक है कि यह वारदात ब्रिटिश कोलंबिया के लोअर मेनलैंड इलाके में चल रही गैंग लड़ाई से जुड़ी हो सकती है. पुलिस ने मृतक की पहचान 28 साल के दिलराज सिंह गिल के तौर पर की है. वह वैंकूवर का रहने वाला था. गिल की हत्या 22 जनवरी को गोली मारकर की गई थी. इंटीग्रेटेड होमिसाइड इन्वेस्टिगेशन टीम (IHIT) ने अपने बयान में कहा कि शुरुआती जांच से यह एक सोची-समझी, निशाना बनाकर की गई हत्या लगती है.  IIHT ने कहा कि इसके तार बीसी (ब्रिटिश कोलंबिया) में सक्रिय गैंग वॉर से जुड़े हो सकते हैं. एजेंसी के मुताबिक, रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस (RCMP) की बर्नाबी यूनिट को 22 जनवरी 2026 को शाम करीब 5:30 बजे से ठीक पहले गोली चलने की सूचना मिली थी. यह जगह कनाडा वे के 3700 ब्लॉक के पास है. जब पुलिस मौके पर पहुंची तो एक व्यक्ति को गंभीर हालत में गोली लगने से घायल पाया गया.  उसे बचाने की कोशिश की गई, लेकिन बाद में डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. उसकी पहचान दिलराज सिंह गिल के रूप में हुई. बयान में आगे कहा गया कि इसके तुरंत बाद, अधिकारियों ने बक्सटन स्ट्रीट के 5000 ब्लॉक में एक गाड़ी आग की लपटों में घिरी हुई मिली. जांचकर्ताओं ने यह पता लगा रही है कि क्या इस गाड़ी का गोलीबारी की घटना से कोई संबंध है. जांचकर्ताओं का मानना है कि इसी वाहन का इस्तेमाल हमलावरों ने किया और सबूत मिटाने के लिए उसे आग लगा दी. पुलिस का कहना है कि वारदात के बाद गाड़ी जलाना संगठित गैंग हिंसा में अक्सर अपनाई जाने वाली तरकीब है. जांचकर्ता अब घटनास्थल के आसपास मौजूद गवाहों या डैशकैम रिकॉर्डिंग की तलाश कर रहे हैं, ताकि संदिग्धों की पहचान की जा सके. Burnaby, BC, First Homicide of 2026: Dilraj Singh Gill Fatally Shot Near Canada Way, IHIT Investigates https://t.co/uSIEWgMIk9 pic.twitter.com/MaMs9U2y1M — Homicide Canada (@homicide_canada) January 24, 2026 IHIT की प्रवक्ता सार्जेंट फ्रेडा फोंग ने कहा कि सार्वजनिक जगह पर इस तरह की गोलीबारी न सिर्फ पुलिस बल्कि पूरे समुदाय के लिए चिंता की बात है. उन्होंने लोगों से अपील की है कि अगर किसी के पास घटना से जुड़ी जानकारी है तो आगे आकर जांच में मदद करे, ताकि जिम्मेदार लोगों को पकड़ा जा सके.  गवाहों और उस इलाके में मौजूद लोगों से मिलने वाली जानकारी इस जांच को आगे बढ़ाने और दोषियों को जवाबदेह ठहराने के लिए बेहद महत्वपूर्ण होगी. इसी महीने हुई हत्या से जुड़ा हो सकता है मामला! स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, गिल की हत्या का संबंध इसी महीने एबट्सफोर्ड में मारे गए एक अन्य 28 वर्षीय इंडो-कैनेडियन नवप्रीत धालीवाल से जुड़ सकता है. धालीवाल पर ब्रदर्स कीपर्स गैंग से जुड़े होने का शक था, जिसे यूएन गैंग का विरोधी माना जाता है. गिल के बारे में कहा जा रहा है कि वह कथित (Alleged) तौर पर यूएन गैंग से जुड़ा हुआ था. वैंकूवर सन की रिपोर्ट के अनुसार, गिल का पहले भी आपराधिक रिकॉर्ड रहा है. उस पर 2021 में ड्रग्स से जुड़े आरोप लगे थे और 2016 से जुड़े कुछ अन्य मामलों में भी उसका नाम सामने आया था. धालीवाल भी पुलिस के लिए नया नाम नहीं था और उसका भी आपराधिक इतिहास था. बताया गया है कि जब उसकी हत्या हुई, तब वह जमानत पर बाहर था. पुलिस ने 2022 में धालीवाल के मामले की जांच शुरू की थी धालीवाल की हत्या के बाद IHIT की कॉर्पोरल एस्थर टपर ने इसे दिनदहाड़े हुई टारगेटेड गोलीबारी बताया था. इससे पहले 2022 के आखिर में एबट्सफोर्ड पुलिस ने धालीवाल और अनमोल संधू नाम के एक अन्य शख्स को लेकर बड़े ड्रग तस्करी नेटवर्क की जांच शुरू की थी. पुलिस ने कहा था कि दोनों का संबंध बीसी गैंग संघर्ष से है और ये लोग आम जनता की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा हैं. फरवरी 2024 में दोनों को हत्या की साजिश, ड्रग तस्करी और हथियारों से जुड़े मामलों में गिरफ्तार किया गया था. हालांकि बाद में उन्हें जमानत मिल गई, लेकिन पुलिस ने समुदाय को आगाह किया था कि ये लोग अब भी जोखिम पैदा कर सकते हैं. उनकी जमानत की शर्तों में इलेक्ट्रॉनिक निगरानी, घर में नजरबंदी, हथियार रखने पर रोक, सोशल मीडिया के इस्तेमाल पर पाबंदी और मोबाइल फोन रखने पर भी प्रतिबंध शामिल था. ये भी पढ़ें:- ट्रंप ने 10 अमेरिकी स्टेट में लगाई इमरजेंसी, 12,000 से ज्यादा उड़ानें रद्द, आधा US बर्फीले तूफान से प्रभावित ये भी पढ़ें:- 15 मिनट में बात मानो या मौत चुनो… वेनेजुएला में ‘ऑपरेशन मादुरो’ के लिए तख्तापलट वाली डील, प्रसिडेंट का ऑडियो लीक The post कनाडा में गैंगवार: हिंदुस्तानीय मूल के युवक की हत्या, पहले गोली मारी और फिर गाड़ी में लगा दी आग appeared first on Naya Vichar.

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Bhojpuri Song: ‘पिये वाला माजा रहिह’ में दिखा माही श्रीवास्तव का कातिलाना अंदाज, शिवानी सिंह की आवाज ने बिखेरा जादू

Bhojpuri Song: भोजपुरी म्यूजिक इंडस्ट्री में एक बार फिर रोमांस और मस्ती का तड़का लग गया है. एक्ट्रेस माही श्रीवास्तव और सिंगर शिवानी सिंह का नया भोजपुरी गाना ‘पिये वाला माजा रहिह’ हाल ही में रिलीज हुआ है, जो आते ही दर्शकों के दिलों पर छा गया है. इस गाने को वर्ल्डवाइड रिकॉर्ड्स भोजपुरी ने अपने ऑफिशियल यूट्यूब चैनल पर रिलीज किया है और लोग इसे खूब पसंद कर रहे हैं. गाने में दिखा माही का दिलकश अंदाज गाने में माही श्रीवास्तव की दिलकश अदाएं और चुलबुला अंदाज देखते ही बनता है. उन्होंने इस वीडियो में गुलाबी रंग की साड़ी पहनकर ऐसा जलवा बिखेरा है कि दर्शक नजरें नहीं हटा पा रहे. उनकी एक्सप्रेशंस, मुस्कान और डांस स्टेप्स गाने को और भी खास बना देते हैं. वहीं दूसरी ओर, शिवानी सिंह की मीठी और सुरीली आवाज गाने में जान डाल देती है. इस गाने की कहानी बहुत हल्की-फुल्की और घरेलू माहौल से जुड़ी हुई है. वीडियो में माही अपने पति से बाजार से कुछ सामान लाने को कहती हैं, लेकिन पति टालमटोल करने लगता है. इसके बाद माही अपने प्यारे अंदाज में उसे मनाती हैं और उससे फरमाइश करती हैं.  गाने की टीम गाने के बोल बहुत सरल हैं और इसका म्यूजिक भी काफी फ्रेश और झूमने वाला है, जो हर उम्र के दर्शकों को पसंद आ सकता है. इस गाने के निर्माता रत्नाकर कुमार हैं, जिन्होंने एक बार फिर भोजपुरी दर्शकों के टेस्ट को शानदार प्रोजेक्ट में पेश किया है. गीतकार कृष्णा बेदर्दी के लिखे बोल और संगीतकार विक्की वॉक्स का संगीत गाने को यादगार बना देता है. वीडियो का निर्देशन गोल्डी जायसवाल ने किया है. गाने को लेकर माही श्रीवास्तव ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि यह गाना उनके दिल के बहुत करीब है और इसमें काम करके उन्हें बेहद अच्छा लगा.  ये भी पढ़ें: Republic Day Bhojpuri Songs: तिरंगा से मेरा देश हिंदुस्तान तक, गणतंत्र दिवस पर जरूर सुनें ये सुपरहिट भोजपुरी देशभक्ति गाने ये भी पढ़ें: Republic Day Bhojpuri Song: इंटरनेट पर छाया पवन सिंह का देशभक्ति गाना ‘हिंदुस्तान के शान’, देखें वीडियो ये भी पढ़ें: Bhojpuri Song: आनंद पांडे के धोखे से उजड़ गई जान्हवी मिश्रा की जिंदगी, खुशी कक्कड़ के ‘नसीब’ गाने को सुन छलक पड़े फैंस के आंसू The post Bhojpuri Song: ‘पिये वाला माजा रहिह’ में दिखा माही श्रीवास्तव का कातिलाना अंदाज, शिवानी सिंह की आवाज ने बिखेरा जादू appeared first on Naya Vichar.

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बंगाल की हॉट सीट भवानीपुर है तृणमूल का अभेद किला, मैदान में होती है ममता बनर्जी तो बढ़ जाता है जीत का फासला

मुख्य बातें ममता बनर्जी की वोटरों पर मजबूत पकड़ ममता बनर्जी के लिए खास रहा है ये सीट पांच बार जीत चुकी है कांग्रेस लगातार बढ़़ता रहा तृणमूल का जनाधार ​​ममता के लिए छोड़ दी थी सीट सबसे अनुभवी नेताओं में से एक हैं शोभनदेव पहली बार 1998 में बने थे विधायक शोभनदेव चट्टोपाध्याय कहां के विधायक हैं शोभनदेव चट्टोपाध्याय भवानीपुर सीट क्यों छोड़ी शोभनदेव चट्टोपाध्याय किस पार्टी में हैं शोभनदेव चट्टोपाध्याय किस पद पर हैं शोभनदेव चट्टोपाध्याय का पोलिटिकल कॅरियर कितना लंबा है शोभनदेव चट्टोपाध्याय टीएमसी में क्या हैं शोभनदेव चट्टोपाध्याय किस यूनियन के अध्यक्ष है शोभनदेव चट्टोपाध्याय की शिक्षा कई सीटों पर लड़के जीत चुके हैं चुनाव कम होते गये वोटरों ने बढ़ाई चिंता शोभनदेव चट्टोपाध्याय की महत्वपूर्ण जानकारी Bhawanipur Assembly: कोलकाता. भवानीपुर विधानसभा सीट पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के बीच में है. यह एक जनरल कैटेगरी का विधानसभा चुनाव क्षेत्र है और कोलकाता दक्षिण लोकसभा सीट के अंदर आता है. पॉलिटिकल रूप से भवानीपुर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की सीट है. ममता बनर्जी की चुनावी किस्मत इस सीट से बहुत करीब से जुड़ी हुई है. 2011 के बाद से तृणमूल कांग्रेस यहां कभी नहीं हारी है. ममता बनर्जी खुद उपचुनावों और रेगुलर चुनावों में शानदार जीत हासिल करती रही हैं. भवानीपुर सीट से 2021 में तृणमूल कांग्रेस के शोभनदेव चट्टोपाध्याय ने जीत दर्ज की थी. ममता बनर्जी की वोटरों पर मजबूत पकड़ शोभनदेव चट्टोपाध्याय पश्चिम बंगाल के एक प्रमुख नेतृत्वज्ञ और अखिल हिंदुस्तानीय तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हैं. आंकड़े बताते हैं कि भवानीपुर के वोटर ममता बनर्जी के प्रति वफादार हैं, जबकि जब भी वह उम्मीदवार नहीं होतीं, भाजपा उनके करीब आ जाती है. जब ममता मैदान में होती है तो भाजपा इस सीट पर जीतने के बजाय जीत हार का फासला कम करने के लिए रणनीति तैयार करने लगती है. ममता बनर्जी के लिए खास रहा है ये सीट भवानीपुर ने 1951 में अपनी शुरुआत के बाद से 12 असेंबली चुनाव देखे हैं, जिसमें 2011 और 2021 में हुए दो उपचुनाव शामिल हैं, दोनों के लिए ममता बनर्जी को लेजिस्लेटिव असेंबली का मेंबर बनना जरूरी था. 1952, 1957 और 1962 में शुरुआती चुनावों के बाद भवानीपुर का नाम बदलकर कालीघाट कर दिया गया, जिसके तहत 1967 और 1972 के बीच चार चुनाव हुए. यह चुनाव क्षेत्र 1977 और 2006 के बीच मौजूद नहीं था. पांच बार जीत चुकी है कांग्रेस 2009 में संसदीय चुनावों और 2011 में विधानसभा चुनावों के लिए इसे फिर से शुरू किया गया. शुरुआती दशकों में कांग्रेस पार्टी ने यह सीट पांच बार जीती, जबकि हिंदुस्तानीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) ने इसे एक बार हासिल किया. सिद्धार्थ शंकर रे 1957 में कांग्रेस उम्मीदवार के रूप में और फिर 1962 में निर्दलीय के रूप में यह सीट जीती. इसके बाद तृणमूल कांग्रेस ने लगातार पांच बार भवानीपुर जीता है. लगातार बढ़़ता रहा तृणमूल का जनाधार 2011 में सुब्रत बख्शी ने तृणमूल कांग्रेस के लिए यह सीट जीती. उन्होंने माकपा के नारायण प्रसाद जैन को 49,936 वोटों से हराया. ममता बनर्जी के मुख्यमंत्री बनने के बाद बख्शी ने यह सीट खाली कर दी थी. इसके बाद ममता बनर्जी ने माकपा की नंदिनी मुखर्जी को 54,213 वोटों से हराकर उपचुनाव जीता. 2016 में उनका मार्जिन घटकर 25,301 वोट रह गया, क्योंकि कांग्रेस की दीपा दासमुंशी ने उन्हें कड़ी चुनौती दी थी. 2021 में बनर्जी ने नंदीग्राम सीट से चुनाव लड़ा. ​​ममता के लिए छोड़ दी थी सीट तृणमूल के पुराने नेता शोभनदेव चटर्जी ने भवानीपुर में भाजपा के रुद्रनील घोष को 28,719 वोटों से हराकर जीत हासिल की. ​​चटर्जी ने बनर्जी को उपचुनाव में वापस आने देने के लिए सीट खाली कर दी, जहां उन्होंने भाजपा की प्रियंका टिबरेवाल को 58,835 वोटों से हराया. उन्हें 71.90 प्रतिशत वोट मिले, जबकि भाजपा को 22.29 प्रतिशत और माकपा को 3.56 प्रतिशत वोट मिले. नाम वोट शोभनदेव चटर्जी 73,505 रुद्रनिल घोष 44,786 विजेता पार्टी का वोट % 57.7 % जीत अंतर % 22.5 % स्रोत : चुनाव आयोग सबसे अनुभवी नेताओं में से एक हैं शोभनदेव शोभनदेव चट्टोपाध्याय पिछले 50 वर्षों से सक्रिय नेतृत्व में हैं और एक ट्रेड यूनियन नेता के रूप में भी जाने जाते हैं. वे 80 के दशक के मध्य से ममता बनर्जी के करीबी सहयोगियों में से एक हैं और सीपीआई (एम) के खिलाफ उनके संघर्षों में एक प्रमुख चेहरा थे. वे 1998 में तृणमूल कांग्रेस के संस्थापक सदस्यों में से भी एक हैं. शोभनदेब चट्टोपाध्याय तृणमूल कांग्रेस की श्रमिक शाखा, आईएनटीटीयूसी के संस्थापक अध्यक्ष थे. वह वर्तमान में पश्चिम बंगाल मंत्रिमंडल में मंत्री और पश्चिम बंगाल विधानसभा में सदन के उपनेता के रूप में कार्यरत हैं. शोभनदेव चट्टोपाध्याय अपने युवा दिनों में एक मुक्केबाज थे. वह एक अनुभवी ट्रेड यूनियन नेता हैं, जिनके पास विज्ञान और कानून में डिग्री है. वह कोलकाता ऑटो रिक्शा ऑपरेटर यूनियन के अध्यक्ष हैं. पहली बार 1998 में बने थे विधायक शोभनदेव चट्टोपाध्याय 1998 में पार्टी के पहले निर्वाचित विधायक रहे हैं. 2021 में शोभनदेव चट्टोपाध्याय भवानीपुर सीट से विधायक चुने गए. उन्होंने पश्चिम बंगाल प्रशासन में बिजली और संसदीय मामलों सहित विभिन्न विभागों में मंत्री के रूप में कार्य किया है. वे 2011 से 2016 तक पश्चिम बंगाल विधानसभा में अपनी पहली टीएमसी प्रशासन के प्रशासनी मुख्य सचेतक थे. 1991 और 1996 में शोभनदेव कांग्रेस उम्मीदवार के रूप में बरुइपुर सीट जीती. शोभनदेव चट्टोपाध्याय कहां के विधायक हैं खरदाह विधानसभा क्षेत्र शोभनदेव चट्टोपाध्याय भवानीपुर सीट क्यों छोड़ी ममता बनर्जी के चुनाव लड़ने के लिए शोभनदेव चट्टोपाध्याय किस पार्टी में हैं अखिल हिंदुस्तानीय तृणमूल कांग्रेस शोभनदेव चट्टोपाध्याय किस पद पर हैं पश्चिम बंगाल प्रशासन में मंत्री शोभनदेव चट्टोपाध्याय का पोलिटिकल कॅरियर कितना लंबा है 1991 से लगातार विधायक शोभनदेव चट्टोपाध्याय टीएमसी में क्या हैं वे INTTUC (तृणमूल कांग्रेस की श्रमिक शाखा) के संस्थापक अध्यक्ष हैं शोभनदेव चट्टोपाध्याय किस यूनियन के अध्यक्ष है कोलकाता ऑटो यूनियन शोभनदेव चट्टोपाध्याय की शिक्षा कलकत्ता विश्वविद्यालय से B.Sc.और LL.B. कई सीटों पर लड़के जीत चुके हैं चुनाव तृणमूल कांग्रेस उम्मीदवार के रूप में उन्होंने 2001 और 2006 में रसबेहारी सीट जीती. 2011 में उनका मुकाबला एक नए उम्मीदवार से हुआ और उन्होंने लगभग 50,000 वोटों से जीत हासिल की और 2016 में फिर से निर्वाचित हुए. उन्होंने पश्चिम बंगाल विधानसभा उपचुनाव

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भारत में कल लॉन्च होगी 2026 Renault Duster, जानें वो 3 वजहें जो बनाएंगी इस कार को खास

न्यू जनरेशन 2026 Renault Duster हिंदुस्तान में 26 जनवरी को दमदार वापसी करने के लिए पूरी तरह तैयार है. कंपनी ने लॉन्च से पहले इस SUV को कई बार टीज किया है. इससे इसके डिजाइन की झलक मिल हमें मिल चुकी है. इतना ही नहीं, लॉन्च से पहले इसके कई जरूरी डिटेल्स भी सामने आ चुके हैं. न्यू Duster में डिजाइन से लेकर फीचर्स और पावरट्रेन तक में बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे. इन्हीं अपडेट्स के चलते इस SUV को लेकर चर्चा बनी हुई है. आइए उन तीन वजहों पर एक नजर डालते हैं, जो आने वाली 2026 Renault Duster को खास बनाती हैं. कैसे होगा लुक और डिजाइन? 2026 Renault Duster अब पूरी तरह नए डिजाइन के साथ सामने आई है. पुराने मॉडल के कंपैरिजन में ये बिल्कुल अलग नजर आती है. नई डस्टर पहले से ज्यादा बोल्ड और मस्क्युलर दिखाई पड़ती है. इंटरनेशनल मार्केट में बिक रही इस SUV की लंबाई करीब 4,300 mm, चौड़ाई 1,800 mm और ऊंचाई 1,600 mm है. डिजाइन की बात करें तो इसमें नए स्लीक LED हेडलैंप दिए गए हैं, साथ में नए LED DRL और पूरी तरह रिडिजाइन किए गए कनेक्टेड LED टेललाइट्स मिलते हैं. C शेप वाली टेललाइट्स के बीच में LED स्ट्रिप दी गई है. फ्रंट बंपर पर अच्छा-खासा बॉडी क्लैडिंग दिया गया है, जिसमें चौड़े एयर डैम्स और गोल शेप के फॉग लैम्प्स मिलते हैं. बोनट पर उभरी हुई लाइन्स इसे आगे से काफी एग्रेसिव लुक देती हैं. साइड प्रोफाइल में विंडो लाइन देखकर पुरानी डस्टर की याद आ जाती है. इसके अलावा आगे और पीछे के मस्क्युलर फेंडर्स इसे दमदार लुक देते हैं. व्हील आर्च और दरवाजों पर दी गई मोटी क्लैडिंग SUV को और ज्यादा रफ एंड टफ बनाती है. वहीं, डायमंड-कट अलॉय व्हील्स इसके लुक में अलग ही शाइन ऐड करते हैं. कैसे होगा इंटीरियर और फीचर्स? 2026 Renault Duster में ऑल-ब्लैक थीम मिलेगी. वहीं ड्यूल-टोन इंटीरियर का ऑप्शन भी दिया जाएगा. डैशबोर्ड को लेयर्ड डिजाइन में तैयार किया गया है, जिसमें शार्प और एंगुलर लाइन्स देखने को मिलती हैं. ड्राइवर की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सेंटर कंसोल को थोड़ा ड्राइवर-साइड फोकस्ड रखा गया है. इसमें आपको हेक्सागोन शेप वाले AC वेंट्स मिलने वाले हैं. फीचर्स की बात करें तो इंडिया-स्पेक Duster में 10-इंच का टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम मिलने की उम्मीद है, जो वायरलेस Apple CarPlay और Android Auto को सपोर्ट करेगा. इसके अलावा इसमें 7-इंच का डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर, वायरलेस चार्जर, Arkamys 3D ऑडियो सिस्टम, 360 डिग्री कैमरा जैसे कई एडवांस फीचर्स भी दिए जा सकते हैं. सेफ्टी के मामले में भी नई Duster काफी दमदार रहने वाली है. माना जा रहा है कि ये Renault की पहली कार होगी जिसमें ADAS टेक्नोलॉजी मिलेगी. इसके साथ ही इसमें ऑटोमैटिक हाई/लो बीम, क्रूज कंट्रोल और स्पीड लिमिटर, हिल स्टार्ट असिस्ट, हिल डिसेंट कंट्रोल, फ्रंट और साइड पार्किंग सेंसर्स, रियर पार्किंग सेंसर्स और रियर व्यू कैमरा जैसे सेफ्टी फीचर्स भी देखने को मिल सकते हैं. 2026 Renault Duster में कौन-सा पेट्रोल इंजन मिलेगा? 2026 की Renault Duster की शुरुआत पेट्रोल इंजन के साथ होगी. इसमें 1.3-लीटर का टर्बो पेट्रोल इंजन आपको मिलने वाला है. गियरबॉक्स की बात करें तो इसमें 6-स्पीड मैनुअल और CVT ऑटोमैटिक, दोनों ऑप्शन दिए जाएंगे. यह भी पढ़ें: Mahindra ने दिया Thar Roxx को नया प्रीमियम टच, जानिए Star Edition में क्या है खास The post हिंदुस्तान में कल लॉन्च होगी 2026 Renault Duster, जानें वो 3 वजहें जो बनाएंगी इस कार को खास appeared first on Naya Vichar.

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Palak Soup Benefits: पालक सूप पीने से मिलेंगे कमाल के फायदे, ठंड में बीमारियां भी रहेंगी दूर

Palak Soup Benefits: ठंड के मौसम में गरमा गर्म सूप न सिर्फ स्वाद स्वाद बल्कि हमें सर्दी से भी बचाता है. पालक का सूप सेहत के लिए बहुत ही फायदेमंद होता है. इस सूप को अपनी डाइट में शामिल करके आप शरीर में आयरन की कमी को दूर कर सकते हैं. पालक सूप में कैल्शियम, सोडियम, क्लोरीन, फॉस्फोरस, लोहा, खनिज लवण, प्रोटीन, आयरन, विटामिन ‘ए’ और विटामिन सी की मात्रा भरपूर होती है. पालक सूप का सेवन करने से पाचन बेहतर रहता है. आइए अब आपको पालक सूप पीने से होने वाले फायदों के बारे में बताते हैं. इम्यूनिटी बूस्टर पालक में मौजूद मिनरल्स, विटामिन्स, प्रोटीन, आयरन और खनिज इम्यूनिटी को मजबूत करने में बहुत मददगार होती है. जाड़े के दिनों में पालक के सूप का सेवन करने से ठंड से होने वाली बीमारियों से राहत मिलती है. हड्डियों के लिए लाभकारी पालक के सूप का सेवन करने से हड्डियां मजबूत होती है. इसमें पाए जाने वाले तत्व हड्डियों को कमजोर होने से बचाने में काफी हद तक मदद कर सकते हैं. यह भी पढ़ें: Bathua Saag Benefits: सेहत का खजाना है बथुआ साग, जान लें इसके ढेरों फायदे आयरन से भरपूर पालक को आयरन का बहुत मजबूत सोर्स माना जाता है. एनीमिया के मरीजों के पालक के सूप का सेवन लाभकारी साबित होता है. पालक के सेवन से शरीर में आयरन की कमी दूर हो जाती है. मांसपेशियों के लिए फायदेमंद पालक सूप का सेवन करने से मांसपेशियां मजबूत होती है. ठंड के दिनों में पालक के सूप का सेवन करने से घुटनों के दर्द से काफी हद तक राहत मिलती है. यह भी पढ़ें: Orange Juice Benefits: ऑरेंज जूस में छिपा है सेहत का खजाना, फायदे जानकर हो जाएंगे हैरान यह भी पढ़ें: Chuhara-Doodh Eating Benefits: इस तरह करेंगे छुहारे का सेवन तो शरीर को मिलेंगे चौंकाने वाले फायदे The post Palak Soup Benefits: पालक सूप पीने से मिलेंगे कमाल के फायदे, ठंड में बीमारियां भी रहेंगी दूर appeared first on Naya Vichar.

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सारंडा में 17 माओवादियों की मौत पर नक्सलियों में पसरा डर, मुठभेड़ को बताया फर्जी, बोले- आदिवासी इलाकों में दहशत

Jharkhand Naxal Encounter, रांची : झारखंड के सारंडा जंगल में सुरक्षा बलों द्वारा 17 माओवादियों के मारे जाने के बाद भाकपा (माओवादी) की बिहार-झारखंड कमेटी के प्रवक्ता ने एक ऑडियो के माध्यम से प्रेस बयान जारी किया है. बयान में इस पुलिस कार्रवाई को फर्जी करार देते हुए कड़ी निंदा की गई है. प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि सुरक्षा बलों ने बिना किसी पूर्व चेतावनी के असंवैधानिक तरीके से हवाई फायरिंग और अंधाधुंध गोलीबारी की. कमेटी ने इस कार्रवाई का कड़ा विरोध जताया है. वनग्राम के आदिवासी क्यों दहशत में हैं माओवादियों के प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि जंगल और गांवों की जनता को बिना सूचना दिए की गई गोलीबारी से वनग्रामों के आदिवासी दहशत में हैं. कई गांवों के लोग भय के कारण अपने घर छोड़कर भाग रहे हैं. प्रवक्ता ने यह भी दावा किया कि डीजी द्वारा अभियान की घोषणा के बाद 22 जनवरी 2026 को कोबरा बटालियन, झारखंड जगुआर और जिला पुलिस ने सारंडा के बहुदा और कुमडीह गांव के जंगलों में मौजूद उनके साथियों पर सुनियोजित साजिश के तहत हमला किया. उनके अनुसार जीपीएस ट्रैकर भेजने या खाद्य सामग्री में जहर मिलाने के बाद यह कार्रवाई की गई. प्रवक्ता ने इस मुठभेड़ को फर्जी बताते हुए कहा कि इसमें केंद्रीय कमेटी सदस्य पतिराम मांझी उर्फ अनल और ओडिशा राज्य कमेटी के लालचंद हेंब्रम समेत 17 लोगों की हत्या की गई. Also Read: Republic Day 2026: 12 विभागों की झांकियों में दिखेगी पूरे झारखंड की झलक, दुल्हन की तरह सज रहा मोरहाबादी मैदान मृत साथियों को माओवादियों के प्रवक्ता ने क्या कहा आखिरी बार माओवादियों के प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि जिस तरह उनके 17 साथियों की हत्या हुई है, उसी तरह बचे हुए लोगों को भी एक-एक कर निशाना बनाया जा रहा है. उन्होंने इस कार्रवाई को कायरता और जघन्य अपराध बताते हुए इसकी निंदा की. साथ ही, प्रवक्ता ने अपने मारे गए साथियों को ‘लाल सलाम’ कहकर श्रद्धांजलि अर्पित की. भाकपा माओवादियों के प्रवक्ता ने क्यों बताया पुलिस कार्रवाई को फर्जी भाकपा (माओवादी) के प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि वे इस पुलिस कार्रवाई को फर्जी इसलिए बता रहे हैं, क्योंकि इससे पहले भी कोबरा बटालियन और पुलिस इस तरह की कार्रवाइयां कर चुकी है. उन्होंने दावा किया कि कुछ हमलों में संगठन को गंभीर नुकसान हुआ, जबकि कुछ को विफल कर दिया गया. प्रवक्ता का यह भी आरोप है कि कई बार कोबरा बटालियन के जवान अपने ही जीपीएस ट्रैकर के कारण मारे गए या घायल हुए हैं. उन्होंने यह दावा भी किया कि खाद्य सामग्री में जहर मिलाकर उनके साथियों को निशाना बनाया गया. प्रवक्ता ने आशंका जताई कि पुलिस इसी तरह एक-एक कर सभी को मार सकती है. साथ ही उन्होंने कहा कि फिलहाल उनके तीन साथी पुलिस की हिरासत में हैं. उन्होंने मजदूरों, छात्रों, किसानों और समझदार लोगों से कहा कि वे इस हमले के खिलाफ खुलकर बोलें और उसका विरोध करें. Also Read: झारखंड का सारंडा जंगल बन रहा नक्सलियों की कब्रगाह, अब बचे सिर्फ 65 माओवादी The post सारंडा में 17 माओवादियों की मौत पर नक्सलियों में पसरा डर, मुठभेड़ को बताया फर्जी, बोले- आदिवासी इलाकों में दहशत appeared first on Naya Vichar.

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New Bus Terminal: कन्हौली में बनेगा नया बस स्टैंड, दूसरे राज्यों में जाना होगा बेहद आसान, 2019 में ही बनी थी योजना

New Bus Terminal: बिहार से दूसरे राज्यों में जाने के लिए अब लोगों को ज्यादा परेशानी झेलने की जरूरत नहीं पड़ेगी. कन्हौली में नया बस स्टैंड बनेगा, जिसका नाम पाटली बस टर्मिनल होगा. यह बस स्टैंड लगभग 50 एकड़ की जमीन पर बनाया जाएगा. नए बस स्टैंड के लिए जमीन कन्हौली मौजा के थाना नंबर-69 में है. यहां जमीन अधिग्रहण होने पर किसी का घर उजड़ने की भी कोई संभावना नहीं है. पटना के डीएम ने क्या दिया आदेश? डीएम डॉ. त्यागराजन एसएम ने इस जमीन की खरीद-बिक्री करने से मना किया है. अभी वह जमीन खेती की है. फिलहाल जमीन का उपयोग रेसिडेंशियल और कॉमर्शियल तौर पर किया जा रहा है. जमीन देने वाले मालिकों के परिवारों को आवासीय सहायक सड़क इलाका वाला मुआवजा मिलेगा. जानकारी के मुताबिक, कन्हौली में बस टर्मिनल बनाने की योजना साल 2019 में ही बनाई गई थी. पाटलिपुत्र में बने बस स्टैंड से अभी क्या हो रही परेशानी? पटना का पाटलिपुत्र बस टर्मिनल बैरिया में बना है. यह बस टर्मिनल लगभग 25 एकड़ में बनाया गया है. लेकिन इसे 40 एकड़ की जमीन पर बनाने की योजना तैयार की गई थी. पाटलिपुत्र बस टर्मिनल से बिहार के जिलों के साथ-साथ इंटर स्टेट बसों को चलाने में काफी परेशानी हो रही. इस बस स्टैंड पर दबाव भी बढ़ता जा रहा है. ऐसे में कन्हौली में अब बस स्टैंड के बनने से लोगों को बड़ी सहूलियत मिल सकेगी. नए बस स्टैंड से क्या होंगे फायदे? नए बस स्टैंड के बनने से लोगों को जाम का झंझट नहीं झेलना पड़ेगा. खास बात यह भी है कि नया बस स्टैंड पटना रिंग रोड पर होगा, जिससे दूसरे जिलों और राज्यों में भी आने-जाने में ज्यादा परेशानी लोगों को नहीं झेलनी पड़ेगी. संभावना जताई जा रही है कि पाटली बस टर्मिनल से 5 हजार से भी ज्यादा बसें चलाई जायेंगी. बस स्टैंड के बनने से आस-पास के इलाके का भी डेवलपमेंट हो सकेगा. Also Read: Industry In Bihar: बिहार में होंगी फैक्ट्रियां ही फैक्ट्रियां, 2 जिलों में बनेगा स्पेशल इकोनॉमी जोन, सम्राट चौधरी ने क्या बताया? The post New Bus Terminal: कन्हौली में बनेगा नया बस स्टैंड, दूसरे राज्यों में जाना होगा बेहद आसान, 2019 में ही बनी थी योजना appeared first on Naya Vichar.

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