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January 28, 2026

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Budget 2026: 16वें वित्त आयोग की सिफारिशों से तय होगा राज्यों का हिस्सा, जानें क्या बदलेगा

Budget 2026: हिंदुस्तान के आगामी केंद्रीय बजट में इस बार सबकी नजरें 16वें वित्त आयोग की रिपोर्ट पर टिकी हैं. अरविंद पनगढ़िया की अध्यक्षता वाले इस आयोग ने अपनी सिफारिशें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को सौंप दी हैं, जिन्हें 1 अप्रैल 2026 से लागू किया जाना है. यह रिपोर्ट तय करेगी कि अगले पांच सालों तक केंद्र प्रशासन अपनी कमाई का कितना हिस्सा राज्यों के साथ बांटेगी. क्या है वित्त आयोग और इसकी भूमिका? वित्त आयोग एक संवैधानिक संस्था है जिसका मुख्य काम केंद्र और राज्यों के बीच वित्तीय संतुलन बनाए रखना है. यह आयोग तय करता है कि केंद्र द्वारा वसूले गए करों (Taxes) में से कितना पैसा राज्यों को मिलना चाहिए और किस राज्य को कितनी ‘ग्रांट-इन-एड’ (सहायता अनुदान) दी जानी चाहिए. 16वें वित्त आयोग का सफर गठन: 31 दिसंबर 2023 को नीति आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष अरविंद पनगढ़िया के नेतृत्व में. प्रमुख सदस्य: इसमें एनी जॉर्ज मैथ्यू, मनोज पांडा, सौम्या कांति घोष और टी रबी शंकर जैसे दिग्गज शामिल हैं. रिपोर्ट सौंपना: आयोग ने 17 नवंबर 2025 को राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री को अपनी गोपनीय रिपोर्ट सौंपी. इन मुद्दों पर रहेगी नजर आमतौर पर वित्त आयोग करों के बंटवारे के लिए कुछ खास पैमानों का इस्तेमाल करता है, जैसे जनसंख्या और क्षेत्रफल: जिस राज्य की आबादी और इलाका बड़ा है, उसे अधिक संसाधन. राजकोषीय प्रयास: जो राज्य बेहतर टैक्स वसूली और वित्तीय अनुशासन दिखाते हैं. जनसांख्यिकीय प्रदर्शन: यहां दक्षिण हिंदुस्तानीय राज्यों की आपत्ति रही है, क्योंकि उन्होंने जनसंख्या नियंत्रण में अच्छा काम किया है, जिससे आबादी आधारित फंडिंग में उन्हें नुकसान होने का डर रहता है. पुराने आंकड़ों पर एक नजर पिछले आयोगों ने राज्यों की हिस्सेदारी में बड़े बदलाव किए थे. 14वां वित्त आयोग: राज्यों का हिस्सा 32% से बढ़ाकर सीधा 42% कर दिया था. 15वां वित्त आयोग: एन. के. सिंह के नेतृत्व में इसे 41% पर बरकरार रखा गया था. Also Read: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण की 10 खास बातें, जो हर नागरिक को जाननी चाहिए The post Budget 2026: 16वें वित्त आयोग की सिफारिशों से तय होगा राज्यों का हिस्सा, जानें क्या बदलेगा appeared first on Naya Vichar.

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नितिन नबीन का ममता बनर्जी पर हमला, बोले- बंगाल को बांग्लादेश बनाने की हो रही कोशिश

मुख्य बातें शक्ति पूजा को बंगाल में बचाना होगा इंडिया गठबंधन सनातन विरोधी Nitin Nabin:दुर्गापुर: भाजपा अध्यक्ष बनने के बाद भाजपा नेता नितिन नवीन चुनाव प्रचार के लिए बंगाल आए हैं. वे मंगलवार को दुर्गापुर पहुंचे. नितिन नबीन बुधवार को एक सभा को सबोधित किया. उन्होंने मंच से तृणमूल सुप्रीमो ममता बनर्जी पर जोरदार हमला बोला. भाजपा के नवनिर्वाचित अध्यक्ष ने कहा कि बंगाल को एक बार फिर से बांग्लादेश बनाने की कोशिश की जा रही है. भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि राज्य में भ्रष्टाचार संस्कार बन चुका है. शिक्षक भर्ती में भ्रष्टाचार के आरोप में कुछ नेता जेल में हैं, कुछ जमानत पर हैं. जमानत पर छूटे लोगों को भी जेल जाना चाहिए. कोई भी नहीं बचेगा, चाहे वह कोई भी हो. शक्ति पूजा को बंगाल में बचाना होगा भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन ने कहा कि बंगाल में हिंदूओं को प्रताड़ित किया जा रहा है. सीमा पार घुसपैठ के कारण यहाँ भौगोलिक स्थिति को बदलने का प्रयास किया जा रहा है. हिंदू समाज में दुर्गा पूजा के माध्यम से शक्ति की पूजा की जाती है. बंगाल से यह पूजा पूरे देश में फैली है, लेकिन यह प्रशासन माता की पूजा को भी रोकने की कोशिश कर रही है. मैं कह सकता हूँ कि अज़ान के पाठ में कोई समस्या नहीं है, लेकिन दुर्गा पूजा के दौरान बाधाएँ खड़ी की जाती हैं. कोई भी हिंदू इसे बर्दाश्त नहीं करेगा. हम अपनी परंपरा की रक्षा के लिए कोई भी बलिदान देने को तैयार हैं. इंडिया गठबंधन सनातन विरोधी भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन ने कहा कि हम बंगाल के साथ मिलकर हिंदुस्तान की संस्कृत संस्कृति को बचाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं. हिंदू और सनातन की रक्षा के लिए काम कर रहे हैं. इंडिया गठबंधन को हिंदू विरोधी करार देते हुए नितिन नबीन ने कहा कि तमिलनाडु में अज़ान की आवाज़ के कारण दीपम पूजा करने में बाधाएँ उत्पन्न की गई. वहाँ की प्रशासन इंडिया गठबंधन की है. प्रशासन के इस फैसले का कड़ा विरोध हुआ. इस पूजा को रोकने के लिए अदालत तक का रुख किया गया. अदालत ने पूजा का आदेश दिया. इसके बाद कांग्रेस और तृणमूल नेताओं ने मिलकर न्यायाधीश को पद से हटाने के लिए महाभियोग अभियान चलाया. इन लोगों को सत्ता से हटाकर सनातनियों को बचाना होगा. Also Read: कोलकाता मेट्रो सेवा फिर से बाधित, सिग्नल की खराबी के कारण बंद रही ब्लू लाइन पर ट्रेनें The post नितिन नबीन का ममता बनर्जी पर हमला, बोले- बंगाल को बांग्लादेश बनाने की हो रही कोशिश appeared first on Naya Vichar.

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Arijit Singh 2nd Wife: तलाकशुदा और एक बच्चे की मां से की अरिजीत ने दूसरी शादी, जानिए कौन हैं कोयल रॉय?

Arijit Singh 2nd Wife: देश के सबसे लोकप्रिय सिंगर्स में गिने जाने वाले अरिजीत सिंह ने 27 जनवरी को ऐसा ऐलान कर दिया, जिसकी उम्मीद उनके फैंस को बिल्कुल नहीं थी. इंस्टाग्राम पर पोस्ट शेयर करते हुए अरिजीत ने बताया कि वह अब फिल्मों के लिए गाने यानी प्लेबैक सिंगिंग से दूरी बना रहे हैं. इस समाचार के सामने आते ही सोशल मीडिया पर हलचल मच गई और फैंस उनके करियर से लेकर निजी जिंदगी तक हर बात पर चर्चा करने लगे. पुराने इंटरव्यू, तस्वीरें और किस्से एक बार फिर वायरल होने लगे. 2013 में हुआ था तलाक अरिजीत ने अपने करियर की शुरुआत टीवी के पॉपुलर सिंगिंग रियलिटी शो ‘फेम गुरुकुल’ से की थी. भले ही वह शो जीत नहीं पाए, लेकिन यहीं से उनकी मेहनत और सीखने का सफर शुरू हुआ. शो के बाद अरिजीत ने अपनी को-कंटेस्टेंट रूपरेखा बनर्जी से शादी की, मगर यह रिश्ता ज्यादा वक्त तक नहीं चल पाया और साल 2013 में दोनों का तलाक हो गया. बचपन की दोस्त कोयल से की दूसरी शादी View this post on Instagram A post shared by koyel singh (@koyelroysingh.fanpage) इसके बाद 2014 में अरिजीत ने अपनी बचपन की दोस्त कोयल रॉय से शादी की. कोयल पहले से तलाकशुदा थीं और उनकी एक बेटी भी थी. दोनों ने बेहद सादगी के साथ पश्चिम बंगाल के एक मंदिर में शादी की, जिसमें सिर्फ परिवार और करीबी दोस्त ही शामिल हुए. आज अरिजीत और कोयल दो बेटों के माता-पिता हैं. कहा जाता है कि स्ट्रगल के दिनों में कोयल ने अरिजीत का खूब साथ दिया, और शायद यही वजह रही कि उन्होंने दोबारा शादी करने में देर नहीं की. रिटायरमेंट पोस्ट में अरिजीत ने क्या लिखा? अपने रिटायरमेंट पोस्ट में अरिजीत ने लिखा कि वह सभी फैंस को नए साल की शुभकामनाएं देते हैं और सालों से मिले प्यार के लिए शुक्रगुजार हैं. साथ ही उन्होंने साफ किया कि अब वह एक सिंगर के तौर पर कोई नया प्लेबैक असाइनमेंट नहीं लेंगे. उनका यह पोस्ट सामने आते ही फैंस भावुक हो गए और इंटरनेट पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई. यह भी पढे़ं: Arijit Singh Top 10 Songs: अरिजीत सिंह के वो 10 गानें, जिसे आज भी Loop पर सुनते हैं लोग, देखें लिस्ट The post Arijit Singh 2nd Wife: तलाकशुदा और एक शिशु की मां से की अरिजीत ने दूसरी शादी, जानिए कौन हैं कोयल रॉय? appeared first on Naya Vichar.

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Bihar News: हादसे में घायल को डेढ़ लाख तक मुफ्त इलाज, मदद करने वाले राहवीर को 25 हजार इनाम

Bihar News: बिहार में सड़क दुर्घटनाओं के शिकार लोगों के लिए बड़ी राहत की समाचार है. प्रशासन ने फैसला किया है कि अब किसी भी सड़क हादसे में घायल व्यक्ति के इलाज के लिए डेढ़ लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता दी जाएगी. इसके साथ ही जो लोग घायलों को समय पर अस्पताल पहुंचाएंगे, उन्हें ‘राहवीर’ के रूप में 25 हजार रुपये का इनाम दिया जाएगा. यह जानकारी परिवहन मंत्री श्रवण कुमार ने पटना में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में दी. उन्होंने बताया कि यह निर्णय दिल्ली में हुई परिवहन मंत्रियों की बैठक में लिया गया है. इलाज अब पैसों की वजह से नहीं रुकेगा परिवहन मंत्री ने कहा कि अक्सर सड़क हादसों में घायल व्यक्ति को समय पर इलाज नहीं मिल पाता, क्योंकि परिवार के पास तत्काल खर्च करने के लिए पैसे नहीं होते. इसी समस्या को देखते हुए प्रशासन ने डेढ़ लाख रुपये तक की सहायता का प्रावधान किया है, ताकि अस्पताल इलाज से इनकार न कर सकें और घायल को तुरंत चिकित्सा सुविधा मिल सके. यह कदम खास तौर पर गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों के लिए बड़ी राहत साबित होगा. राहवीरों को मिलेगा सम्मान और पुरस्कार सड़क पर हादसा देखकर लोग अक्सर कानूनी झंझट के डर से मदद करने से कतराते हैं. प्रशासन अब इस सोच को बदलना चाहती है. मंत्री ने कहा कि जो भी व्यक्ति घायल को अस्पताल पहुंचाने में मदद करेगा, उसे 25 हजार रुपये का इनाम दिया जाएगा. इसका उद्देश्य लोगों को मानवता के इस काम के लिए प्रोत्साहित करना है. इससे समाज में यह संदेश जाएगा कि मदद करना जोखिम नहीं, बल्कि गर्व की बात है. छह जिलों में ‘जीरो फैटेलिटी’ का लक्ष्य राज्य में सड़क सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए पटना, मुजफ्फरपुर, सारण, मोतिहारी, गया और नालंदा जिलों को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में चुना गया है. इन जिलों में सड़क दुर्घटनाओं से मौत के मामलों को शून्य पर लाने का लक्ष्य रखा गया है. इसके लिए सड़कों के सुधार, ट्रैफिक मैनेजमेंट, संकेतक बोर्ड, स्पीड कंट्रोल और जागरूकता अभियानों पर विशेष जोर दिया जाएगा. सड़क सुरक्षा बनेगी प्रशासन की पहली प्राथमिकता परिवहन मंत्री ने कहा कि प्रशासन का फोकस अब सिर्फ सड़क निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि सुरक्षित सड़क व्यवस्था बनाना असली लक्ष्य है. दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए तकनीकी सुधार, सख्त नियम और जनभागीदारी तीनों को साथ लेकर चलना जरूरी है. यह योजना सिर्फ आर्थिक सहायता या इनाम तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज में जिम्मेदारी और संवेदनशीलता की भावना को मजबूत करने की कोशिश है. अगर यह व्यवस्था सही तरीके से लागू होती है, तो बिहार सड़क सुरक्षा के मामले में देश के लिए एक उदाहरण बन सकता है. Also Read: Patna News: पटना जंक्शन पर बदला पार्किंग सिस्टम, लोगों को क्यों हो रही दिक्कत? The post Bihar News: हादसे में घायल को डेढ़ लाख तक मुफ्त इलाज, मदद करने वाले राहवीर को 25 हजार इनाम appeared first on Naya Vichar.

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Jaya Ekadashi 2026 Rashifal Effect: जया एकादशी के दिन ये राशियां रहें सावधान, वरना व्रत का फल हो सकता है प्रभावित

Jaya Ekadashi 2026 Rashifal Effect: हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का बहुत बड़ा महत्व माना जाता है, और जब बात जया एकादशी की हो, तो भक्तों में इसका उत्साह देखने को मिलता है। माघ मास के शुक्ल पक्ष में पड़ने वाली इस एकादशी को भगवान विष्णु की कृपा पाने का सबसे सरल माध्यम माना गया है। जया एकादशी का व्रत 29 जनवरी को रखा जाएगा. जया एकादशी हिंदू धर्म में बहुत ही महत्वपूर्ण मानी जाती है. यह व्रत भगवान विष्णु को समर्पित होता है और इसे रखने से जीवन में आध्यात्मिक शांति, सुख-समृद्धि और मानसिक स्थिरता मिलती है. लेकिन ज्योतिष के अनुसार कुछ राशियों के लिए इस दिन थोड़ी सावधानी बरतना जरूरी होता है. किन राशियों को सावधानी की जरूरत है मिथुन राशि इस दिन आपके कामकाज और धन के मामलों में थोड़ा ध्यान रखने की जरूरत है. जल्दबाजी में कोई फैसला न लें. परिवार या दोस्तों के साथ विवाद होने की संभावना हो सकती है. कर्क राशि भावनाओं पर नियंत्रण रखना जरूरी है. किसी पुराने झगड़े या मिसअंडरस्टैंडिंग से परेशानी हो सकती है. पैसों के मामलों में अतिरिक्त सतर्क रहें. कन्या राशि स्वास्थ्य पर ध्यान दें, हल्की थकान या पेट संबंधित समस्या हो सकती है. कार्यस्थल पर दबाव बढ़ सकता है, इसलिए धैर्य रखें. दूसरों की बातों में तुरंत प्रतिक्रिया देने से बचें. जया एकादशी के उपाय जया एकादशी का दिन आध्यात्मिक लाभ देने वाला है, लेकिन मिथुन, कर्क और कन्या राशि वालों के लिए थोड़ी सतर्कता जरूरी है. सही समय और सोच-समझकर किए गए कदम आपको व्रत के अच्छे फल तक पहुंचा सकते हैं. ध्यान रखें, व्रत और पूजा के साथ संयम और धैर्य आपकी सफलता और शांति में वृद्धि करेंगे. ये भी पढ़ें: जया एकादशी पर बन रहा है शुभ योग, जानें शुभ समय की पूरी जानकारी ज्योतिषाचार्य संजीत कुमार मिश्राअनुभव: 15+ वर्षविशेषज्ञता: वैदिक ज्योतिष, ग्रह गोचर विश्लेषण The post Jaya Ekadashi 2026 Rashifal Effect: जया एकादशी के दिन ये राशियां रहें सावधान, वरना व्रत का फल हो सकता है प्रभावित appeared first on Naya Vichar.

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राष्ट्रपति मुर्मू ने की महिला खिलाड़ियों की तारीफ, वर्ल्ड कप जीत पर कही ये बड़ी बात

Highlights स्त्री क्रिकेट टीम ने रचा इतिहास हर क्षेत्र में ‘नारी शक्ति’ सबसे आगे स्पोर्ट्सों में पारदर्शिता और विकास कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 की मेजबानी Budget Session 2026: 28 जनवरी (आज) से संसद का बजट सत्र शुरू हो गया. इस सत्र के शुरू होने से पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू (Droupadi Murmu) ने अपने अभिभाषण में स्पोर्ट्सों पर खास जोर दिया. उन्होंने स्त्री खिलाड़ियों की जमकर तारीफ की और कहा कि हिंदुस्तान अब स्पोर्ट्सों में तेजी से आगे बढ़ रहा है. राष्ट्रपति ने 2025 वर्ल्ड कप जीत का जिक्र करते हुए इसे देश के लिए ऐतिहासिक पल बताया. स्त्री क्रिकेट टीम ने रचा इतिहास राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में कहा कि साल 2025 में हिंदुस्तानीय स्त्री क्रिकेट टीम ने पहली बार वर्ल्ड कप जीतकर देश का सिर ऊंचा कर दिया. यह जीत बताती है कि हमारी बेटियां अब किसी से कम नहीं हैं. उन्होंने स्त्री ब्लाइंड क्रिकेट टीम की भी तारीफ की, उन्होने भी 2025 में वर्ल्ड कप जीतकर अपनी काबिलियत साबित की थी. हर क्षेत्र में ‘नारी शक्ति’ सबसे आगे सिर्फ स्पोर्ट्स ही नहीं, देश की रक्षा में भी बेटियां कमाल कर रही हैं. राष्ट्रपति ने बताया कि एनडीए (NDA) से स्त्री कैडेट्स का पहला बैच पास आउट हो चुका है. उन्होंने कहा कि मेरी प्रशासन की नीतियों की वजह से स्त्रीएं हर क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रही हैं और देश के विकास में ‘नारी शक्ति’ सबसे पहले है. #WATCH | Budget session | President Droupadi Murmu says, “As a result of the progressive mindset and policies of my Government, women have gone ahead rapidly in every ambitious area of the country. In this direction, a few months back, the country achieved another major milestone… pic.twitter.com/Hvdx5I4ynW — ANI (@ANI) January 28, 2026 स्पोर्ट्सों में पारदर्शिता और विकास प्रशासन स्पोर्ट्सों को बढ़ावा देने के लिए ‘स्पोर्ट्सो हिंदुस्तान’ नीति पर काम कर रही है. राष्ट्रपति ने साफ कहा कि स्पोर्ट्स संगठनों को अब और भी पारदर्शी बनाया जा रहा है. इसका सीधा फायदा खिलाड़ियों को मिलेगा. प्रशासन चाहती है कि हर हुनरमंद खिलाड़ी को आगे बढ़ने का पूरा मौका मिले. कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 की मेजबानी राष्ट्रपति ने बताया कि हिंदुस्तान को 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी मिली है. यह हम सबके लिए गौरव का पल है. उन्होंने देशवासियों से अपील की है कि इस आयोजन को सफल बनाने में हम सबको मिलकर सहयोग करना होगा. ये भी पढ़ें- IND vs NZ 4th T20: क्या विशाखापत्तनम में कटेगा संजू सैमसन का पत्ता? प्लेइंग 11 में हो सकते हैं 4 बड़े बदलाव! IND vs NZ 4th T20: विशाखापट्टनम में जीत के इरादे से उतरेगी टीम इंडिया, जानिए मौसम और पिच का पूरा हाल The post राष्ट्रपति मुर्मू ने की स्त्री खिलाड़ियों की तारीफ, वर्ल्ड कप जीत पर कही ये बड़ी बात appeared first on Naya Vichar.

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Budget Session 2026: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण की 10 खास बातें, जो हर नागरिक को जाननी चाहिए

Budget Session 2026: संसद का बजट सत्र शुरू हो चुका है और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण ने भविष्य के हिंदुस्तान का खाका पेश कर दिया है. हालांकि, सदन में माहौल तब गरमा गया जब राष्ट्रपति ने ‘जी राम जी’ (VB-G RAM G) कानून का जिक्र किया, जिसे लेकर विपक्ष ने भारी हंगामा किया. राष्ट्रपति के अभिभाषण की 10 मुख्य बातें विकसित हिंदुस्तान की ओर बढ़ते कदम: राष्ट्रपति ने कहा कि पिछले 10-11 सालों में देश की नींव बहुत मजबूत हुई है. साल 2026 से हम इस सदी के एक नए दौर में कदम रख रहे हैं और यह समय ‘विकसित हिंदुस्तान’ के सपने को सच करने के लिए बहुत महत्वपूर्ण है. ‘जी राम जी’ कानून पर रार: जैसे ही राष्ट्रपति ने VB-G RAM G कानून (जो मनरेगा की जगह लाया गया है) का जिक्र किया, विपक्ष ने “वापस लो” के नारे लगाने शुरू कर दिए. प्रशासन का कहना है कि यह कानून पास हो चुका है, जबकि विपक्ष इसे रद्द करने की मांग कर रहा है. लखपति दीदियों का कमाल: देश में अब 2 करोड़ स्त्रीएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं. यह आंकड़ा दिखाता है कि प्रशासनी योजनाओं के जरिए स्त्रीएं आर्थिक रूप से कितनी सशक्त हो रही हैं. साथ ही, ‘स्वस्थ नारी-सशक्त परिवार’ अभियान के तहत 7 करोड़ स्त्रीओं की सेहत की जांच की गई है. युवाओं के लिए AI और सेमीकंडक्टर ट्रेनिंग: भविष्य की तकनीक को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने 10 लाख युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और 60 हजार युवाओं को सेमीकंडक्टर क्षेत्र में ट्रेनिंग देने का लक्ष्य रखा है. सोशल सिक्योरिटी का बढ़ता दायरा: 2014 तक सामाजिक सुरक्षा योजनाएं केवल 25 करोड़ लोगों तक सीमित थीं, लेकिन अब इनका फायदा 95 करोड़ हिंदुस्तानीयों को मिल रहा है. इसमें दलित, पिछड़े और आदिवासी समुदायों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है. स्टार्टअप और मुद्रा लोन से रोजगार: देश में 2 लाख से ज्यादा स्टार्टअप रजिस्टर्ड हो चुके हैं, जिनमें 20 लाख से ज्यादा लोग काम कर रहे हैं. खास बात यह है कि इनमें से 40% स्टार्टअप्स में डायरेक्टर स्त्री है. मुद्रा योजना के तहत भी करोड़ों लोगों को स्वरोजगार के लिए लोन दिए गए हैं. 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी: राष्ट्रपति ने स्पोर्ट्सों के क्षेत्र में हिंदुस्तान की प्रगति की तारीफ की. उन्होंने बताया कि हिंदुस्तान 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी करने जा रहा है और इसके लिए उन्होंने सभी दलों से सहयोग की अपील की. आदिवासी गौरव और महापुरुषों को नमन: भगवान बिरसा मुंडा, सरदार पटेल और गुरु तेग बहादुर जी जैसे महापुरुषों की जयंतियों का जिक्र करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि अपनी विरासत को याद करने से नई पीढ़ी को प्रेरणा मिलती है. नक्सलवाद पर लगाम: बस्तर और बीजापुर जैसे इलाकों का जिक्र करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि माओवादियों के सरेंडर से वहां शांति लौट रही है. कई गांवों में दशकों बाद विकास और खुशहाली पहुंची है. भ्रष्टाचार पर कड़ा प्रहार: सदन को संबोधित करते हुए उन्होंने साफ किया कि प्रशासन भ्रष्टाचार और बड़े घोटालों को रोकने में पूरी तरह सफल रही है और देश में सामाजिक न्याय सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है. #WATCH | Budget session | President Droupadi Murmu says, “With the year 2026, our nation has entered the second stage of this century. For India, the end of the first 25 years of this century has been filled with several successes, proud achievements and extraordinary… pic.twitter.com/x4M1i9T5OR — ANI (@ANI) January 28, 2026 Also Read : संसद में गूंजा ‘विकसित हिंदुस्तान’ का संकल्प, राष्ट्रपति ने पेश किया प्रशासन की उपलब्धियों का रिपोर्ट कार्ड The post Budget Session 2026: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण की 10 खास बातें, जो हर नागरिक को जाननी चाहिए appeared first on Naya Vichar.

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Arijit Singh Top 10 Songs: अरिजीत सिंह के वो 10 गानें, जिसे आज भी Loop पर सुनते हैं लोग, देखें लिस्ट

Arijit Singh Top 10 Songs: बॉलीवुड में अगर किसी एक आवाज ने सालों तक लोगों के दिलों पर राज किया है, तो वह है अरिजीत सिंह की. उनकी आवाज में ऐसा जादू है कि जैसे ही गाना शुरू होता है, लोग खुद-ब-खुद उससे जुड़ जाते हैं. चाहे प्यार का एहसास हो, दिल टूटने का दर्द अरिजीत ने हर तरह के गानों को अपनी आवाज से खास बना दिया है. यही वजह है कि आज वह सिर्फ बॉलीवुड ही नहीं, बल्कि पूरे इंडियन म्यूजिक सीन के सबसे भरोसेमंद और पसंदीदा सिंगर बन चुके हैं. बीती रात अरिजीत ने सभी को चौंका दिया अब उन्होंने एक ऐसा फैसला लिया है, जिसने फैंस को चौंका दिया है. 27 जनवरी को अरिजीत ने इंस्टाग्राम के जरिए साफ कर दिया कि वह अब प्लेबैक सिंगिंग से दूरी बना रहे हैं. यह ऐलान उनके हालिया रिलीज गाने ‘मातृभूमि’ (फिल्म ‘बैटल ऑफ गलवान’) के कुछ दिन बाद आया. हालांकि, रिटायरमेंट की वजह सामने नहीं आई है, लेकिन अरिजीत ने यह जरूर कहा है कि वह संगीत बनाना नहीं छोड़ेंगे. ये रही गानों की लिस्ट अरिजीत सिंह के गानों की बात करें तो उनकी लिस्ट काफी लंबी है, लेकिन कुछ गाने ऐसे हैं जो हमेशा लोगों के दिलों में बसे रहेंगे. उनमें से कुछ 10 गानों की लिस्ट हमने तैयार की है. ये गानें लोगों को काफी पसंद आते हैं. इन गानों का रैंकिंग से कोई वास्ता नहीं है. ‘अगर तुम साथ हो’  ‘समझावां’  ‘रोके ना रुके नैना’  ‘आई विल स्टिल लव यू’  ‘चन्ना मेरेया’  ‘जनम जनम’  ‘हमदर्द’  ‘ओ बेदर्दिया’  ‘हमारी अधूरी कहानी’  ‘कबीरा’  यह भी पढ़ें: Arijit Singh Ex-Wife: सालभर भी नहीं टिक पायी अरिजीत की पहली शादी, जानिए कौन हैं उनकी EX वाइफ रूपरेखा The post Arijit Singh Top 10 Songs: अरिजीत सिंह के वो 10 गानें, जिसे आज भी Loop पर सुनते हैं लोग, देखें लिस्ट appeared first on Naya Vichar.

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Kiwi Seeds Benefits: इन समस्याओं में औषधि के समान हैं कीवी के बीज, यहां जानिए फायदे

Kiwi Seeds Benefits: स्वस्थ रहने के लिए पोषक आहार सबसे जरूरी होता है. इसमें फलों और सब्जियों का स्थान सबसे ऊपर होता है. इसी तरह का एक फल कीवी है जिसे खाने से कई तरह के फायदे होते हैं. बहुत कम लोगों को जानकारी होगी कि सिर्फ कीवी ही नहीं,बल्कि इसके बीज भी हमारे लिए काफी फायदेमंद होते हैं. कीवी के बीज भी पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं. आज आपको कीवी के बीज से होने वाले फायदों के बारे में बताते हैं. दिल और दिमाग को रखे दुरुस्त कीवी के बीजों का सेवन करने से दिल और दिमाग को काफी फायदे होते हैं. कीवी में मौजूद ओमेगा 3 फैटी एसिड हमारे दिल और दिमाग के लिए काफी लाभकारी है. शरीर को हेल्दी और फिट रखने के लिए कीवी के बीजों का सेवन फायदेमंद साबित हो सकता है. त्वचा और बालों के लिए लाभकारी बालों और त्वचा को भी हेल्दी रखने के लिए कीवी के बीज फायदेमंद साबित होते हैं. इसके बीजों में मौजूद ओमेगा 3 फैटी एसिड, विटामिन ए और सी जैसे पोषक तत्व बालों और त्वचा फायदा पहुंचाते हैं. यह भी पढ़ें: Health Tips: सर्दी जुकाम से हैं परेशान, तो यहां जानिए घरेलु उपचार रोग प्रतिरोधक क्षमता करे मजबूत कीवी के बीज का सेवन करने से रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है. इसे खाने से मौसमी बीमारियों से बचने में काफी हद तक मदद मिलती है. कीवी के बीजों में मौजूद विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट्स रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करते हैं. फ्री रेडिकल्स से बचाए फ्री रेडिकल्स की वजह से होने वाले नुकसानों से बचने के लिए कीवी के बीज का सेवन कर सकते हैं. इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स फ्री रेडिकल्स को खत्म कर सेल्स को हेल्दी बनाने में मदद करती है.    यह भी पढ़ें: Palak Soup Benefits: पालक सूप पीने से मिलेंगे कमाल के फायदे, ठंड में बीमारियां भी रहेंगी दूर यह भी पढ़ें: Bathua Saag Benefits: सेहत का खजाना है बथुआ साग, जान लें इसके ढेरों फायदे The post Kiwi Seeds Benefits: इन समस्याओं में औषधि के समान हैं कीवी के बीज, यहां जानिए फायदे appeared first on Naya Vichar.

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‘दादा’ के बाद NCP का नेता कौन? किस ओर जाएंगे अजित पवार गुट के नेता? महाराष्ट्र की राजनीति का बड़ा सवाल

Ajit Pawar Death who will lead NCP Faction: महाराष्ट्र की नेतृत्व में अजित पवार एक ऐसा नाम रहे हैं, जिनके बिना सत्ता का समीकरण अधूरा माना जाता था. उपमुख्यमंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) नेता अजित पवार का बुधवार सुबह विमान हादसे में निधन हो गया. वह आज, 28 जनवरी मुंबई से को बारामती जा रहे थे, तभी रास्ते में सुबह लगभग 8.45 बजे यह दुर्घटना हुई. 66 साल के अजित पवार राज्य की नेतृत्व का बड़ा चेहरा थे और अलग-अलग दौर में छह बार उपमुख्यमंत्री रह चुके थे. उनके निधन होने की समाचार ने पूरे राज्य की सियासत को झकझोर दिया है. खास तौर पर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के दोनों गुटों के सामने अब बड़ा नेतृत्वक सवाल खड़ा हो गया है. साल 2023 में उन्होंने अपने चाचा शरद पवार से अलग रास्ता चुनते हुए एनडीए के साथ जाने का फैसला किया था. इसी फैसले से NCP दो हिस्सों में बंट गई. बाद में लंबी कानूनी लड़ाई के बाद उनके गुट को चुनाव आयोग से पार्टी का नाम और ‘घड़ी’ चुनाव चिन्ह भी मिल गया. हालांकि जनता ने किसे ‘असली’ NCP माना? इस पर तस्वीर साफ नहीं हो पाई. 2024 के लोकसभा चुनाव में उनके गुट का प्रदर्शन कमजोर रहा, लेकिन विधानसभा चुनाव में 41 सीटें जीतकर उन्होंने जोरदार वापसी की. फिलहाल उनका गुट ही आधिकारिक NCP माना जाता है और वही फडणवीस प्रशासन का हिस्सा भी है. ऐसे में उनका जाना सिर्फ निजी या पारिवारिक क्षति नहीं, बल्कि सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन के लिए भी बड़ा झटका माना जा रहा है. महायुति में बीजेपी, शिंदे गुट की शिवसेना और अजित पवार की NCP शामिल है. मौजूदा विधानसभा में NCP के 41 विधायक हैं, जो प्रशासन की मजबूती का बड़ा आधार माने जाते हैं. लेकिन सबसे ज्यादा असर खुद NCP पर पड़ने वाला है. पार्टी पहले ही दो हिस्सों में बंटी हुई थी. एक गुट अजित पवार के साथ और दूसरा उनके चाचा शरद पवार के नेतृत्व में. अभी तक विधायकों की संख्या और सत्ता में भागीदारी के लिहाज से अजित पवार का गुट ज्यादा मजबूत स्थिति में है. अजित पवार के पास 41 विधायक और 2 सांसद (एक लोस-एक रास) वहीं शरद पवार गुट के पास 10 विधायक और 7 सांसद (4 लोस और 3 रास) हैं.  Maharashtra will dearly miss Ajit Dada Pawar 🙏🏽 A blunt and straightforward politician who bought in a lot of development projects in Western Maharashtra His quick meme worthy one liners always put a smile on my face Om Shanti 🙏🏽 pic.twitter.com/33Oa9ZqlMv — Anmol (@Anmol_299) January 28, 2026 साल 2023 में अजित पवार ने शरद पवार से अलग राह चुनते हुए पार्टी का बड़ा धड़ा अपने साथ लेकर बीजेपी-शिवसेना महायुति प्रशासन में शामिल होने का फैसला किया था. इससे पहले 2019 में भी उन्होंने अचानक बीजेपी के साथ जाकर उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी, लेकिन बाद में वे फिर शरद पवार के साथ लौट आए थे. हालांकि, कुछ साल बाद उन्होंने स्थायी तौर पर अलग गुट बना लिया. हालांकि परिवार की नेतृत्व में आई टूट, हाल के दिनों में जुड़ने का संकेत दे रही थी. परिवार के भीतर रिश्ते फिर से सामान्य हो रहे थे. इसका असर नेतृत्व में भी दिखा, जब हालिया स्थानीय निकाय चुनावों में NCP के दोनों गुटों ने पिंपरी-चिंचवड़ जैसे इलाकों में साथ मिलकर चुनाव लड़ा. इससे अटकलें तेज हो गई थीं कि भविष्य में दोनों गुट फिर एक हो सकते हैं. NCP में शरद पवार के बाद दो बड़े चेहरे माने जाते थे अजित पवार और सुप्रिया सुले. जहां सुप्रिया सुले को दिल्ली की नेतृत्व में पार्टी का प्रमुख चेहरा माना जाता है, वहीं अजित पवार को जमीनी नेता और संगठन संभालने वाला रणनीतिकार समझा जाता था. अगर पार्टी एकजुट होती, तो माना जा रहा था कि दोनों की भूमिकाएं अलग-अलग स्तर पर मजबूत हो सकती थीं. इससे यह चर्चा तेज हुई कि चाचा-भतीजे के रिश्ते फिर सुधर रहे हैं और शायद भविष्य में पार्टी दोबारा एक हो सकती है. हाल ही में NCP नेता सुनील तटकरे ने कहा था कि NCP, NCP (SP) के साथ विलय पर बातचीत कर सकती है, लेकिन राज्य में एनडीए के साथ ही बनी रहेगी. इससे पहले अजित पवार भी संकेत दे चुके थे कि दोनों गुट ‘जहां संभव होगा’ साथ आ सकते हैं, जिससे भविष्य में फिर से एक होने के दरवाजे खुले रहने का संदेश गया था. पिछले हफ्ते शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने भी उम्मीद जताई थी कि अजित पवार अपने गुट का विलय शरद पवार के साथ कर सकते हैं. लेकिन अब अजित पवार के अचानक चले जाने से यह पूरी संभावना अनिश्चित हो गई है. Deeply saddened by the passing of Maharashtra’s Deputy Chief Minister, Ajit Pawar. Just a month ago, we stood together in Baramati for the inauguration of the Sharad Pawar Centre of Excellence in AI – a moment that reflected Ajit ji’s vision, his belief in progress and his… pic.twitter.com/WEbi96HBBm — Gautam Adani (@gautam_adani) January 28, 2026 उनके निधन के बाद कई बड़े सवाल खड़े हो गए हैं. क्या NCP के दोनों धड़े फिर एक मंच पर आएंगे? अजित पवार के गुट का नेतृत्व कौन संभालेगा? और क्या उनके विधायक एकजुट रहेंगे या नेतृत्वक टूट-फूट शुरू होगी? अब यह भी देखा जाएगा कि उनके समर्थक विधायक किस दिशा में जाते हैं. उनका फैसला न सिर्फ NCP, बल्कि महाराष्ट्र की मौजूदा प्रशासन के भविष्य को भी प्रभावित कर सकता है. जो विधायक, सांसद और दूसरे जनप्रतिनिधि उनके साथ आए थे, वे आगे क्या करेंगे? यही देखने वाली बात होगी. क्या वे एकजुट रहेंगे, नया नेता चुनेंगे या फिर शरद पवार के नेतृत्व वाले गुट की तरफ लौटेंगे? इसका असर सीधे महाराष्ट्र की सत्ता पर भी पड़ेगा, क्योंकि अजित पवार का गुट एनडीए प्रशासन का अहम हिस्सा था. अजित पवार ने अपने करियर में हमेशा खुद को एक अलग पहचान देने की कोशिश की, खासकर शरद पवार की बड़ी नेतृत्वक छवि से अलग खड़े होने की. अजित पवार उन नेताओं में गिने जाते थे जो हर दौर में सत्ता के समीकरण साधने की क्षमता रखते थे. वे अलग-अलग प्रशासनों में कुल छह बार महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री रह चुके थे. पृथ्वीराज चव्हाण से लेकर

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