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January 28, 2026

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Mehndi Design For Bride Ki Bhabhi: दुल्हन की भाभी के लिए 6 एलिगेंट मेहंदी डिजाइन्स जो हर शादी में बने ट्रेंड

Mehndi Design For Bride Ki Bhabhi:  शादी में दुल्हन जरूर अट्रैक्शन होती है, लेकिन उसकी भाभी भी स्टाइल और ग्रेस में कम नहीं होती.  भाभी की मेहंदी डिजाइन ऐसी होनी चाहिए जो बहुत भारी न हो और बहुत सिंपल भी न लगे.  आजकल ऐसी मेहंदी डिजाइन्स ट्रेंड में हैं जो एलिगेंट दिखती हैं और मॉडर्न टच भी देती हैं.  भाभी के हाथों की मेहंदी उसकी पर्सनैलिटी और स्टाइल को और भी खास बना देती है.  1. हाफ हैंड मेहंदी डिजाइन भाभी के लिए हाफ हैंड मेहंदी सबसे पॉपुलर ऑप्शन है.  इसमें हथेली के बीच से लेकर कलाई तक सुंदर फ्लोरल या बेल पैटर्न बनाए जाते हैं.  यह डिजाइन हल्की भी लगती है और ट्रेडिशनल लुक भी देती है.  हाफ हैंड मेहंदी डिजाइन 2. फ्लोरल और बेल पैटर्न फूल और पत्तियों वाली मेहंदी भाभी के हाथों पर बहुत सॉफ्ट और ग्रेसफुल लगती है.  यह डिजाइन खासतौर पर साड़ी या लहंगे के साथ खूब जचती है.  फ्लोरल और बेल पैटर्न 3. अरेबिक मेहंदी डिजाइन अगर भाभी मॉडर्न लुक पसंद करती हैं, तो अरेबिक मेहंदी डिजाइन बेस्ट रहती है.  इसमें मोटी आउटलाइन, खाली स्पेस और क्लीन पैटर्न होते हैं, जो हाथों को स्टाइलिश बनाते हैं.  अरेबिक मेहंदी डिजाइन 4. बैक हैंड मेहंदी डिजाइन आजकल भाभी के लिए बैक हैंड मेहंदी भी काफी ट्रेंड में है.  इसमें कम पैटर्न होते हैं लेकिन डिजाइन बहुत रॉयल लगती है.  खासकर फोटो में यह बहुत सुंदर दिखाई देती है.  बैक हैंड मेहंदी डिजाइन 5. मिनिमल मेहंदी डिजाइन अगर भाभी ज्यादा भारी मेहंदी नहीं लगवाना चाहतीं, तो मिनिमल डिजाइन एक अच्छा ऑप्शन है.  छोटी-छोटी बेलें, मांडला या उंगलियों पर सिंपल पैटर्न बहुत एलिगेंट लगते हैं.  मिनिमल मेहंदी डिजाइन 6. नाम की मेहंदी डिजाइन कुछ भाभियां अपनी मेहंदी में छोटा सा दिल, पायल, या इनिशियल्स भी शामिल करवाती हैं, जिससे डिजाइन पर्सनल और खास बन जाता है.  नाम की मेहंदी डिजाइन यह भी पढ़ें: Mehndi Design Back Hand: ब्राइडल, पार्टी और फेस्टिवल के लिए यहां देखें लेटेस्ट और खूबसूरत बैक हैंड मेहंदी डिजाइन आइडियाज यह भी पढ़ें: New Henna Mehndi Design 2026: शादी में सबकी नजरें थम जाएंगी, दुल्हन के हाथों के लिए देखें हिना मेहंदी के ये खूबसूरत डिज़ाइंस The post Mehndi Design For Bride Ki Bhabhi: दुल्हन की भाभी के लिए 6 एलिगेंट मेहंदी डिजाइन्स जो हर शादी में बने ट्रेंड appeared first on Naya Vichar.

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Budget Session : संसद में गूंजा ‘विकसित भारत’ का संकल्प, राष्ट्रपति ने पेश किया सरकार की उपलब्धियों का रिपोर्ट कार्ड

Budget Session: संसद का नया साल और 18वीं लोकसभा का बजट सत्र बुधवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण के साथ शुरू हो गया. राष्ट्रपति ने संसद के दोनों सदनों (लोकसभा और राज्यसभा) की संयुक्त बैठक को संबोधित करते हुए देश के भविष्य और प्रशासन के इरादों का खाका पेश किया. भ्रष्टाचार पर लगाम और सामाजिक न्याय पर जोर राष्ट्रपति ने अपने भाषण में साफ संदेश दिया कि प्रशासन देश में ‘सोशल जस्टिस’ (सामाजिक न्याय) को लेकर गंभीर है. उन्होंने कहा कि बीते वर्षों में प्रशासन भ्रष्टाचार और बड़े घोटालों को रोकने में कामयाब रही है, जिससे जनता का भरोसा व्यवस्था पर बढ़ा है. कैसा रहेगा बजट सत्र का शेड्यूल ? इस बार का बजट सत्र काफी लंबा होने वाला है. इसे दो हिस्सों में बांटा गया है. पहला हिस्सा: 28 जनवरी से शुरू होकर 13 फरवरी तक चलेगा. दूसरा हिस्सा: 9 मार्च से शुरू होकर 2 अप्रैल तक चलेगा. कुल मिलाकर 30 बैठकें होंगी. शुरुआती दिनों में राष्ट्रपति के भाषण पर चर्चा (Motion of Thanks) होगी और फिर सबकी नजरें यूनियन बजट पर टिकी रहेंगी. महापुरुषों की विरासत से प्रेरणा राष्ट्रपति ने देश की एकता और सांस्कृतिक शक्ति का जिक्र करते हुए कुछ खास ऐतिहासिक मौकों को याद किया: गुरु तेग बहादुर जी का 350वां शहीदी दिवस. भगवान बिरसा मुंडा और सरदार पटेल की 150वीं जयंती के कार्यक्रम. हिंदुस्तान रत्न भूपेन हजारिका का जयंती समारोह. उन्होंने कहा कि जब देश अपने पूर्वजों और नायकों को याद करता है, तो नई पीढ़ी को ‘विकसित हिंदुस्तान’ बनाने की प्रेरणा मिलती है. The post Budget Session : संसद में गूंजा ‘विकसित हिंदुस्तान’ का संकल्प, राष्ट्रपति ने पेश किया प्रशासन की उपलब्धियों का रिपोर्ट कार्ड appeared first on Naya Vichar.

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Arijit Singh Ex-Wife: सालभर भी नहीं टिक पायी अरिजीत की पहली शादी, जानिए कौन हैं उनकी EX वाइफ रूपरेखा

Arijit Singh Ex-Wife: बॉलीवुड की दुनिया में अरिजीत सिंह ऐसा नाम हैं, जिनकी आवाज सुनते ही दिल अपने आप जुड़ जाता है. प्यार में डूबे हों या दिल टूटने का दर्द हो, अरिजीत के गाने हर एहसास की आवाज बन जाते हैं. उनकी सुरीली आवाज ने उन्हें हर उम्र के म्यूजिक लवर्स का फेवरेट बना दिया है. 2013 में हुई थी शादी सिंगर अरिजीत सिंह और उनकी एक्स वाइफ रूपरेखा बनर्जी हालांकि, प्रोफेशनल लाइफ जितनी शानदार रही, उनकी पर्सनल लाइफ उतनी ही शांत और निजी रही है. बहुत कम लोग जानते हैं कि अरिजीत की पहली शादी रूपरेखा बनर्जी से हुई थी. दोनों की मुलाकात ‘गुरुकुल’ नाम के एक रियलिटी शो में हुई थी, जहां से प्यार शुरू हुआ. साल 2013 में दोनों ने शादी की, लेकिन कुछ ही समय बाद उनका तलाक हो गया. रूपरेखा खुद एक म्यूजिशियन हैं और कोलकाता से ताल्लुक रखती हैं. तलाक की वजह को लेकर अरिजीत ने कभी खुलकर बात नहीं की, क्योंकि वह अपनी निजी जिंदगी को लाइमलाइट से दूर रखना पसंद करते हैं. प्लेबैक सिंगिंग को कहा अलविदा View this post on Instagram A post shared by Arijit Singh (@arijitsingh) इसी बीच 27 जनवरी को अरिजीत सिंह ने अपने फैंस को चौंकाने वाली समाचार दी. इंस्टाग्राम पोस्ट के जरिए उन्होंने बताया कि अब वह फिल्मों के लिए प्लेबैक सिंगिंग नहीं करेंगे. हालांकि, उन्होंने यह भी साफ किया कि जो प्रोजेक्ट पहले से हैं, उन्हें वह पूरा करेंगे. आशिकी 2 के गाने ने दिलायी पहचान अरिजीत का हालिया गाना ‘मातृभूमि’, सलमान खान की अपकमिंग फिल्म बैटल ऑफ गलवान का है. भले ही अरिजीत ने फिल्मों से दूरी बनाने का फैसला लिया हो, लेकिन उनके फैंस को उम्मीद है कि उनकी आवाज किसी न किसी रूप में हमेशा सुनने को मिलेगी. 25 अप्रैल 1987 को पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में जन्मे अरिजीत ने अपने सिंगिंग करियर की शुरुआत साल 2011 में फिल्म मर्डर 2 के गाने ‘फिर मोहब्बत’ से की थी. लेकिन उन्हें असली पहचान मिली आशिकी 2 के सुपरहिट गाने ‘तुम ही हो’ से, जिसने उन्हें रातों-रात स्टार बना दिया. यह भी पढ़ें: Arijit Singh Retirement: अरिजीत सिंह ने प्लेबैक सिंगिंग को कहा अलविदा, Shocked हुए फैंस The post Arijit Singh Ex-Wife: सालभर भी नहीं टिक पायी अरिजीत की पहली शादी, जानिए कौन हैं उनकी EX वाइफ रूपरेखा appeared first on Naya Vichar.

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भाई अजित पवार के निधन पर ‘तबाह’ हो गईं बहन सुप्रिया सुले, व्हाट्सएप स्टेटस लगाकर बताया, दिल्ली से तुरंत हुईं रवाना

Ajit Pawar Death Supriya Sule reaction: महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के नेता अजित पवार की बुधवार सुबह एक विमान हादसे में मौत हो गई. उनका विमान बारामती में लैंड होने के दौरान क्रैश हो गया. उन्होंने हादसे से 45 मिनट पहले ही मुंबई से उड़ान भरी थी.  इस विमान में सवार कुल पांच लोगों, जिनमें क्रू मेंबर भी शामिल थे, की मौत की बात कही जा रही है. बताया जा रहा है कि अजित पवार बारामती में जिला परिषद चुनाव से जुड़ी एक जनसभा में शामिल होने जा रहे थे. अजित पवार की मौत के बाद उनके परिवार में गहरा शोक बताया जा रहा है. उनकी चचेरी बहन ने इस घटना पर व्हाट्सएप स्टेटस लगाते हुए अपना दुख जाहिर किया है.   अजित पवार की चचेरी बहन और सांसद सुप्रिया सुले ने व्हाट्सऐप पर सिर्फ एक शब्द का स्टेटस लगाया- “Devastated” (तबाह). बताया जा रहा है कि वह दिल्ली में बजट सत्र के सिलसिले में मौजूद थीं और वहां से बारामती के लिए रवाना हो गईं. सोशल मीडिया पर उनके भतीजे युगेंद्र पवार के रोते हुए वीडियो भी सामने आए हैं. अजित अपने पीछे पत्नी सुनेत्रा पवार और दो बेटे- जय और पार्थ पवार को छोड़ गए हैं.  भाई अजित पवार के निधन पर ‘तबाह’ हो गईं बहन सुप्रिया सुले, व्हाट्सएप स्टेटस लगाकर बताया, दिल्ली से तुरंत हुईं रवाना 9 एक दिन पहले इंफ्रास्ट्रक्चर कमेटी की मीटिंग में शामिल हुए थे नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) के हवाले से आई प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, मुंबई से बारामती जा रहा एक चार्टर्ड विमान सुबह करीब 8:45 बजे क्रैश-लैंडिंग का शिकार हुआ. इससे एक दिन पहले वह मुंबई में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में हुई महाराष्ट्र कैबिनेट कमेटी ऑन इन्फ्रास्ट्रक्चर की बैठक में शामिल हुए थे, जहां मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले समेत अन्य अधिकारी मौजूद थे. सुप्रिया सुले के व्हाट्सएप स्टेटस को एक कार्यकर्ता ने भी शेयर किया है. देखें- After demise of DCM Ajit Pawar, his cousin sister & NCP SP Lok sabha MP Supriya Sule expresses her feeling with one word — Devastated. #AjitPawarPlaneCrash pic.twitter.com/FEToAkR0yX — Sudhir Suryawanshi (@ss_suryawanshi) January 28, 2026 अजित पवार का नेतृत्वक सफर अजित पवार महाराष्ट्र की नेतृत्व का बड़ा नाम रहे हैं. अजित पवार ने अपने नेतृत्वक करियर की शुरुआत 1982 में एक सहकारी शुगर फैक्ट्री के बोर्ड सदस्य के रूप में की थी. 1991 में वह पुणे जिला केंद्रीय सहकारी बैंक के चेयरमैन बने. इसी साल वह पहली बार बारामती लोकसभा सीट से सांसद चुने गए, हालांकि बाद में उन्होंने यह सीट अपने चाचा शरद पवार के लिए छोड़ दी. वह बारामती विधानसभा सीट से कई बार विधायक चुने गए और राज्य की नेतृत्व में लंबे समय तक प्रभावशाली भूमिका निभाते रहे. वह राज्य के सबसे लंबे समय तक (अलग-अलग कार्यकालों में) उपमुख्यमंत्री रहने वाले नेताओं में गिने जाते थे. उन्होंने पृथ्वीराज चव्हाण, देवेंद्र फडणवीस, उद्धव ठाकरे और एकनाथ शिंदे की प्रशासनों में उपमुख्यमंत्री के तौर पर 6 बार डेप्युटी चीफ मिनिस्टर के रूप में काम किया था. महाराष्ट्र के 2025 विधान सभा चुनाव में उन्होंने चाचा शरद पवार से अलग होकर भाजपा के साथ गठबंधन कर चुनाव लड़ा और प्रशासन में उप मुख्यमंत्री भी बने.  ये भी पढ़ें:- दुर्घटना के वक्त अजित पवार VT-SSK/LJ45 प्लेन में सवार थे, कौन सी कंपनी बनाती है इसे? क्या है स्पेसिफिकेशन? ये भी पढ़ें:- अजित पवार का आखिरी पोस्ट, हादसे से ठीक पहले लिखा था भावुक मैसेज The post भाई अजित पवार के निधन पर ‘तबाह’ हो गईं बहन सुप्रिया सुले, व्हाट्सएप स्टेटस लगाकर बताया, दिल्ली से तुरंत हुईं रवाना appeared first on Naya Vichar.

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अजित पवार के असामयिक निधन से दुखी राष्ट्रपति, पीएम मोदी ने लिखा भावुक पोस्ट, देखें दिग्गज नेताओं ने क्या कहा?

Ajit Pawar Death: अजित पवार के निधन पर दुख जताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लिखा- महाराष्ट्र के बारामती में हुए दुखद विमान हादसे से बहुत दुख हुआ. इस हादसे में जिन लोगों ने अपने प्रियजनों को खो दिया, मेरी संवेदनाएं उनके साथ हैं. दुख की इस घड़ी में शोक संतप्त परिवारों को शक्ति और हिम्मत मिले, इसके लिए प्रार्थना करता हूं. Shri Ajit Pawar Ji was a leader of the people, having a strong grassroots level connect. He was widely respected as a hardworking personality at the forefront of serving the people of Maharashtra. His understanding of administrative matters and passion for empowering the poor and… pic.twitter.com/mdgwwGzw4R — Narendra Modi (@narendramodi) January 28, 2026 अजीत पवार का जमीनी स्तर पर मजबूत जुड़ाव था : पीएम मोदी पीएम मोदी ने अपने पोस्ट में लिखा- श्री अजीत पवार जी जनता के नेता थे, जिनका जमीनी स्तर पर मजबूत जुड़ाव था. महाराष्ट्र के लोगों की सेवा करने में सबसे आगे रहने वाले एक मेहनती व्यक्तित्व के तौर पर उनका बहुत सम्मान किया जाता था. प्रशासनिक मामलों की उनकी समझ और गरीबों और वंचितों को सशक्त बनाने का उनका जुनून भी काबिले तारीफ था. उनका असमय निधन बहुत चौंकाने वाला और दुखद है. उनके परिवार और अनगिनत प्रशंसकों के प्रति संवेदनाएं. ओम शांति. महाराष्ट्र के बारामती में एक विमान दुर्घटना में महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री, श्री अजित पवार समेत कई लोगों की मृत्यु का समाचार अत्यंत दुखद है। अजित पवार जी का असामयिक निधन एक अपूरणीय क्षति है। उन्हें महाराष्ट्र के विकास में, विशेषकर सहकारी क्षेत्र में, विशेष योगदान के लिए सदैव… — President of India (@rashtrapatibhvn) January 28, 2026 अजित पवार का असामयिक निधन एक अपूरणीय क्षति : राष्ट्रपति अजित पवार के निधन पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अपने पोस्ट में लिखा- महाराष्ट्र के बारामती में एक विमान दुर्घटना में महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री, श्री अजित पवार समेत कई लोगों की मृत्यु का समाचार अत्यंत दुखद है. अजित पवार जी का असामयिक निधन एक अपूरणीय क्षति है। उन्हें महाराष्ट्र के विकास में, विशेषकर सहकारी क्षेत्र में, विशेष योगदान के लिए सदैव याद रखा जाएगा. मैं उनके परिवार, समर्थकों एवं प्रशंसकों के प्रति गहन शोक-संवेदना व्यक्त करती हूं. ईश्वर इस दुर्घटना में मारे गए अन्य सभी लोगों के परिवारों को भी इस आघात को सहन करने की शक्ति प्रदान करें. ये भी पढ़ें: अजीत पवार की प्लेन क्रैश में मौत, लैंडिंग के दौरान हुआ हादसा  The post अजित पवार के असामयिक निधन से दुखी राष्ट्रपति, पीएम मोदी ने लिखा भावुक पोस्ट, देखें दिग्गज नेताओं ने क्या कहा? appeared first on Naya Vichar.

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Unique Baby Girl Names That Start with Shr: श्र अक्षर से शुरू होने वाले लड़कियों के सबसे प्यारे और शुभ नाम

Unique Baby Girl Names That Start with Shr: क्या आप अपनी नन्ही परी के लिए प्यारा, आधुनिक और अर्थपूर्ण नाम ढूंढ रहे हैं, तो श्र अक्षर से शुरू होने वाले नाम आपकी बच्ची के लिए एक बेहतर ऑप्शन हो सकते हैं. हिंदुस्तानीय संस्कृति में श्र को पाज़िटिविटी, समृद्धि, सौंदर्य और देवी लक्ष्मी से जोड़ा जाता है. यही वजह है कि इस अक्षर से बने नाम आजकल पैरेंट्स की पहली पसंद बनते जा रहे हैं. खास बात यह है कि ये नाम न सिर्फ सुनने में अच्छे लगते हैं बल्कि इनके अर्थ भी बेहद सकारात्मक और शक्तिशाली हैं. अगर आप 2026 या आने वाले सालों के लिए ट्रेंडिंग बेबी गर्ल नाम की तलाश में हैं, तो यह लिस्ट आपके लिए परफेक्ट है. Unique Baby Girl Names That Start with Shr: श्र से शुरू होने वाले यूनिक नामों का खजाना Girl names that start with shr: श्र से शुरू होने वाले यूनिक नामों का खजाना Shreenika – श्रीनिका Shreyanvi – श्रेयान्वी Shrestha – श्रेष्ठा Shrinika – श्रीनिका Shreya – श्रेया Shree – श्री Shreyanshi – श्रेयांशी Shrika – श्रिका Shriya – श्रिया Shruti – श्रुति Shreeja – श्रीजा Shravani – श्रावणी Shristi – सृष्टि Shrutika – श्रुतिका Shresta – श्रेष्ठा Shreyashi – श्रेयशी Shrina – श्रीना Shreeya – श्रेया Shreyashree – श्रेयश्री Shrija – श्रीजा श्र से शुरू होने वाले ये नाम न सिर्फ आधुनिक और ट्रेंडिंग हैं बल्कि आपकी बेटी के जीवन में सौभाग्य, सुंदरता और सफलता का प्रतीक भी बन सकते हैं. यह भी पढ़ें: Top 5 girls name from Shree: ‘श्री’ से शुरू होने वाले 5 युनिक गर्ल नेम यह भी पढ़ें: Baby Names Inspired by Lord Ganesh: गणेश उत्सव के दौरान जन्मे बच्चों के लिए भगवान गणेश से प्रेरित नाम The post Unique Baby Girl Names That Start with Shr: श्र अक्षर से शुरू होने वाले लड़कियों के सबसे प्यारे और शुभ नाम appeared first on Naya Vichar.

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Tulsi Origin Story: क्यों बिना तुलसी अधूरी है विष्णु पूजा? जानिए तुलसी जी की उत्पत्ति की कथा

रघोतम शुक्लपूर्व पीसीएस, लखनऊ Tulsi Origin Story:   क्या आप जानते हैं कि तुलसी जी केवल एक पौधा नहीं, बल्कि स्वयं देवी स्वरूप हैं? उनकी उत्पत्ति वृंदा, जालंधर और शंखचूड़ जैसी रहस्यमयी कथाओं से जुड़ी है. यह कथा न केवल भक्ति का संदेश देती है, बल्कि जीवन और मोक्ष का रहस्य भी बताती है। जालंधर दैत्य और उसकी उत्पत्ति प्राचीन काल में जालंधर नाम का एक अत्यंत शक्तिशाली दैत्य हुआ, जिसने अपने पराक्रम से देवताओं को भयभीत कर दिया था। उसकी उत्पत्ति समुद्र मंथन से मानी जाती है. देवी लक्ष्मी ने उसे अपना भाई मानते हुए भगवान विष्णु से यह वचन ले लिया था कि वे उसका वध नहीं करेंगे. वृंदा की पतिव्रत शक्ति क्यों थी अजेय जालंधर की पत्नी वृंदा अत्यंत पतिव्रता थी. उसकी पतिव्रत शक्ति के कारण जालंधर अजेय बना हुआ था. भगवान शिव ने उससे लंबा युद्ध किया, लेकिन वृंदा की शक्ति के कारण वे भी उसे परास्त नहीं कर सके। अंततः देवताओं की रक्षा के लिए भगवान विष्णु को लीला करनी पड़ी. इस लीला के परिणामस्वरूप जालंधर का अंत हुआ, लेकिन अपने पति के वियोग में वृंदा सती हो गईं. विष्णु की लीला और जालंधर का अंत माना जाता है कि यह घटना आज के जालंधर नगर में घटी थी. यहां के कोट किशनचंद्र क्षेत्र में आज भी वृंदा देवी का मंदिर स्थित है। पौराणिक मान्यता के अनुसार, वृंदा की चिता की राख से तुलसी जी का जन्म हुआ. तुलसी जी का शंखचूड़ से विवाह तुलसी जी ने बाद में शंखचूड़ नामक दैत्य से विवाह किया, जो अत्यंत शक्तिशाली था और पूर्व जन्म में भगवान कृष्ण का द्वारपाल रह चुका था. उसे भगवान कृष्ण से प्राप्त दिव्य कवच और तुलसी जी के पतिव्रत धर्म के कारण कोई पराजित नहीं कर सकता था. जब उसका अत्याचार बढ़ा, तब भगवान विष्णु ने ब्राह्मण रूप धारण कर उससे कवच दान में ले लिया और लीला के माध्यम से उसका अंत किया. तुलसी, शालिग्राम और मोक्ष का संबंध जब तुलसी जी को सत्य का ज्ञान हुआ, तो वे अत्यंत व्यथित हो गईं. तभी भगवान शिव प्रकट हुए और उन्हें संसार की नश्वरता का उपदेश दिया. उन्होंने वरदान दिया कि तुलसी दिव्य रूप में सदैव बैकुंठ में भगवान विष्णु के साथ निवास करेंगी, पृथ्वी पर गंडकी नदी के रूप में प्रवाहित होंगी और तुलसी वृक्ष बनकर पूजी जाएंगी. गंडकी नदी से प्राप्त शालिग्राम को भगवान विष्णु का स्वरूप माना गया और तुलसी के बिना उनकी पूजा अधूरी मानी गई. इसी कारण तुलसी जी को विष्णु की प्रिया, पूज्य और मोक्षदायिनी कहा गया. तुलसी जी का धार्मिक महत्व तुलसी जी को देवी लक्ष्मी का स्वरूप माना गया है, इसलिए उनका पूजन घर में सकारात्मक ऊर्जा और सुख-समृद्धि लाता है. तुलसी का स्पर्श और दर्शन मन, शरीर और आत्मा—तीनों को शुद्ध करने वाला माना गया है.  तुलसी को विष्णु की प्रिया क्यों कहा गया पुराणों के अनुसार तुलसी जी ने विष्णु भक्ति में स्वयं को समर्पित कर दिया, इसलिए भगवान विष्णु ने उन्हें अपनी प्रिया स्वीकार किया. विष्णु जी ने वरदान दिया कि उनके सभी पूजन, भोग और अनुष्ठान तुलसी के बिना पूर्ण नहीं माने जाएंगे.  बिना तुलसी शालिग्राम पूजा क्यों अधूरी शालिग्राम भगवान विष्णु का स्वरूप हैं और तुलसी उनकी प्रिय हैं, इसलिए दोनों का पूजन साथ-साथ अनिवार्य माना गया है. शास्त्रों में कहा गया है कि बिना तुलसी अर्पण किए शालिग्राम की पूजा फलदायी नहीं होती.  तुलसी पूजन से मोक्ष का मार्ग कैसे खुलता है तुलसी पूजन से व्यक्ति के पाप कर्म नष्ट होते हैं और भक्ति भाव मजबूत होता है, जो मोक्ष का मूल आधार है. तुलसी को विष्णु की प्रिया क्यों कहा गया? तुलसी जी ने विष्णु भक्ति में स्वयं को समर्पित किया, इसलिए उन्हें भगवान विष्णु ने अपनी प्रिया स्वीकार किया. बिना तुलसी शालिग्राम पूजा क्यों अधूरी? शालिग्राम और तुलसी का पूजन साथ में आवश्यक है, वरना पूजा फलदायी नहीं होती. The post Tulsi Origin Story: क्यों बिना तुलसी अधूरी है विष्णु पूजा? जानिए तुलसी जी की उत्पत्ति की कथा appeared first on Naya Vichar.

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पीएम मोदी के बाद अब ममता बनर्जी पहुंची सिंगूर, घाटाल मास्टर प्लान का करेंगी उद्घाटन

मुख्य बातें 1980 के दशक से चल रही चर्चा पूरे परियोजना पर खर्च होंगे 2000 करोड़ Mamata Banerjee: कोलकाता: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कुछ दिन पहले सिंगूर का दौरा किया था. अब तृणमूल सुप्रीमो ममता बनर्जी सिंगूर में पहुंची है. ममता बनर्जी यहां एक मेगा प्रोजेक्ट का उद्घाटन करेंगी और एक बैठक में भी हिस्सा लेंगी. सिंगूर बंगाल में बदलाव का केंद्र बिंदु है. नेतृत्वक गलियारे में इस बात की चर्चा है कि चुनाव से पहले मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भूमि आंदोलन के इस गढ़ से विकास का क्या संदेश देती हैं. घाटाल मास्टर प्लान के उद्घाटन के लिए कोलकाता से रवाना होते समय ममता बनर्जी के साथ घाटाल के सांसद देब भी उनके साथ थे. ममता बनर्जी दोपहर 1 बजे सिंगूर के इंद्रकाली मैदान में एक बैठक करेंगी. 1980 के दशक से चल रही चर्चा घाटाल मास्टर प्लान 1980 के दशक से ही नेतृत्वक हलकों में काफी विवाद का स्रोत रहा है. घाटाल मास्टर प्लान पर चर्चा 1980 के दशक में शुरू हुई थी, लेकिन इसे अभी तक लागू नहीं किया गया है. जिले के लोग वंचित ही रहे. इस बीच, चाहे मानसून हो या हल्की बारिश, घाटाल के लोगों के लिए बाढ़ का मंजर एक आम बात हो चुकी है. इससे पहले लोकसभा चुनाव के दौरान इस परियोजना को शुरू करने की बात चल रही थी. 12 फरवरी, 2024 को घाटाल ने आरामबाग स्थित एक प्रशासनिक कार्यालय से देव के साथ मिलकर मास्टर प्लान की घोषणा की. आज इस प्रोजेक्ट के उद्घाटन के बाद मिदनापुर के विशाल क्षेत्र के लोगों को आखिरकार वार्षिक बाढ़ से राहत मिल रही है. ममता-देव के साथ जल संसाधन मंत्री मानस भुइयां भी इस मौके पर मौजूद रहेंगे. अन्य मंत्री और जन प्रतिनिधि घाटाल से ऑनलाइन माध्यम से उपस्थित रहेंगे. पूरे परियोजना पर खर्च होंगे 2000 करोड़ घाटाल मास्टर प्लान पर राज्य प्रशासन 500 करोड़ रुपये खर्च करेगी. दूसरे चरण में इसपर 1500 करोड़ रुपये और खर्च करेगी. घाटाल सहित पांश्कुरा की विभिन्न नदियों में खुदाई का काम चल रहा है. पुलों का निर्माण किया जाएगा. बाराज के गेट बनाए जाएंगे. वहीं दूसरी ओर, इसी दिन सिंगूर से किसानों को आधुनिक मशीनरी और भूमि स्वामित्व प्रदान करने का कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा. ममता 616 परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगी. मुख्यमंत्री सिंगूर बैठक के बाद सीधा दिल्ली जा सकती हैं. नेतृत्वक गलियारों में इस बारे में काफी अटकलें लगाई जा रही हैं. दिल्ली यात्रा का उद्देश्य राष्ट्रीय स्तर पर हाल के मुद्दों को उजागर करना है, जिनमें एसआईआर से लेकर केंद्रीय एजेंसी की जांच तक शामिल हैं. विभिन्न हलकों में चर्चाएं चल रही हैं. Also Read: SIR in Bengal : बंगाल में तीन रोल ऑब्जर्वर के तबादले से चुनाव आयोग नाराज, प्रशासन को पत्र लिखकर पूछा कारण The post पीएम मोदी के बाद अब ममता बनर्जी पहुंची सिंगूर, घाटाल मास्टर प्लान का करेंगी उद्घाटन appeared first on Naya Vichar.

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झारखंड निकाय चुनाव में 25 लाख से ज्यादा नहीं उड़ा पाएंगे प्रत्याशी, चुनाव आयोग को देना होगा हिसाब-किताब

Jharkhand Civic Polls Expenditure: झारखंड में होने वाले नगर निकाय चुनाव को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग ने प्रत्याशियों के चुनावी खर्च की अधिकतम सीमा तय कर दी है. आयोग ने साफ किया है कि इस बार के चुनाव में धनबल के दुरुपयोग पर कड़ी नजर रखी जाएगी. हर प्रत्याशी को अपने खर्च का पूरा हिसाब-किताब तय समय सीमा के भीतर जमा करना अनिवार्य होगा. खर्च सीमा से अधिक राशि खर्च करने या गलत जानकारी देने पर प्रत्याशी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी. राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार, यह व्यवस्था चुनाव प्रक्रिया को पारदर्शी, निष्पक्ष और समान अवसर वाला बनाने के उद्देश्य से लागू की गई है. आयोग ने सभी जिला निर्वाचन पदाधिकारियों और नगर निकाय चुनाव से जुड़े अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे खर्च निगरानी तंत्र को पूरी तरह सक्रिय रखें. आबादी के आधार पर तय की गई खर्च सीमा राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से जारी दिशा-निर्देशों के मुताबिक, नगर निगम, नगर परिषद और नगर पंचायत के प्रत्याशियों के लिए अलग-अलग खर्च सीमा तय की गई है. यह सीमा जनगणना 2011 के अनुसार संबंधित शहरी निकाय की आबादी को आधार मानकर निर्धारित की गई है, ताकि बड़े और छोटे निकायों के बीच संतुलन बना रहे. आयोग का कहना है कि खर्च सीमा तय करने का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी प्रत्याशी अत्यधिक धन खर्च कर चुनावी माहौल को प्रभावित न कर सके और आम उम्मीदवार भी समान शर्तों पर चुनाव लड़ सकें. नगर निगम में महापौर और पार्षदों के लिए खर्च सीमा नगर निगमों के लिए खर्च सीमा दो श्रेणियों में तय की गई है. जिन नगर निगमों की आबादी 10 लाख से अधिक है, वहां महापौर पद के प्रत्याशी अधिकतम 25 लाख रुपये तक खर्च कर सकेंगे. वार्ड पार्षद पद के प्रत्याशियों के लिए खर्च की अधिकतम सीमा 5 लाख रुपये तय की गई है. जिन नगर निगमों की आबादी 10 लाख से कम है, वहां महापौर पद के प्रत्याशी अधिकतम 15 लाख रुपये तक खर्च कर सकेंगे. इन नगर निगमों में वार्ड पार्षद पद के प्रत्याशियों के लिए खर्च सीमा 3 लाख रुपये तय की गई है. नगर परिषद के प्रत्याशियों के लिए कितनी होगी सीमा नगर परिषदों में भी आबादी के आधार पर खर्च सीमा तय की गई है. एक लाख से अधिक आबादी वाले नगर परिषद क्षेत्रों में अध्यक्ष पद के प्रत्याशी अधिकतम 10 लाख रुपये खर्च कर सकेंगे, जबकि वार्ड पार्षद के लिए यह सीमा 2 लाख रुपये रखी गई है. एक लाख से कम आबादी वाले नगर परिषद क्षेत्रों में अध्यक्ष पद के प्रत्याशी 6 लाख रुपये तक और वार्ड पार्षद 1.5 लाख रुपये तक चुनाव खर्च कर सकेंगे. नगर पंचायतों के लिए भी अलग प्रावधान राज्य निर्वाचन आयोग ने नगर पंचायतों के लिए भी स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं. जिन नगर पंचायतों की आबादी 12 हजार से अधिक और 40 हजार से कम है, वहां अध्यक्ष पद के प्रत्याशी अधिकतम 5 लाख रुपये तक खर्च कर सकेंगे. वार्ड पार्षद पद के प्रत्याशियों के लिए खर्च सीमा 1 लाख रुपये तय की गई है. आयोग ने संकेत दिए हैं कि अन्य श्रेणियों की नगर पंचायतों के लिए भी इसी तर्ज पर खर्च सीमा लागू रहेगी. इसे भी पढ़ें: Naya Vichar Impact: अब सुधरेगी धनबाद की जमुनिया नदी की हालत, केंद्र प्रशासन की टीम ने किया सरप्राइज इन्सपेक्शन खर्च पर रहेगी सख्त निगरानी, हर गतिविधि पर नजर राज्य निर्वाचन आयोग ने साफ कहा है कि इस बार चुनाव खर्च पर सख्त निगरानी रखी जाएगी. इसके लिए उड़नदस्ता दल, लेखा निगरानी टीम और वीडियो सर्विलांस टीमों को सक्रिय किया जाएगा. प्रचार गाड़ियों, जनसभाओं, पोस्टर-बैनर, सोशल मीडिया प्रचार और अन्य सभी चुनावी गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी. प्रत्याशियों को बैंक खाते के माध्यम से खर्च करने, रजिस्टर में हर खर्च दर्ज करने और निर्धारित तिथि पर खर्च का ब्योरा जमा करना अनिवार्य होगा. नियमों के उल्लंघन की स्थिति में नोटिस, जुर्माना और यहां तक कि उम्मीदवारी रद्द करने तक की कार्रवाई की जा सकती है. इसे भी पढ़ें: Jharkhand Civic Elections: धनबाद से मेयर चुनाव के लिए संजीव सिंह ने ठोकी दावेदारी, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष को भेजी चिट्ठी The post झारखंड निकाय चुनाव में 25 लाख से ज्यादा नहीं उड़ा पाएंगे प्रत्याशी, चुनाव आयोग को देना होगा हिसाब-किताब appeared first on Naya Vichar.

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अजित पवार का आखिरी पोस्ट, हादसे से ठीक पहले लिखा था भावुक मैसेज

Ajit Pawar Plan Crash his Last Post : विमान हादसे से ठीक पहले अजित पवार ने एक्स पर अपना आखिरी पोस्ट डाला था. जिसमें उन्होंने भावुक मैसेज लिखा था. उनका आखिरी पोस्ट वायरल हो रहा है. जिसमें उन्होंने लाला लाजपत राय को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि दी थी. हालांकि उनका आखिरी पोस्ट एक्स से हटा लिया गया है. अब दिखाई नहीं दे रहा है. अपने आखिरी पोस्ट में अजित पवार ने क्या लिखा? अजित पवार ने अपने आखिरी पोस्ट में लाला लाजपत राय को याद करते हुए लिखा, देश की आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर करने वाले, महान स्वतंत्रता सेनानी, स्वराज्य के अग्रदूत, पंजाब केसरी लाला लाजपत राय जी की जयंती पर उन्हें शत्-शत् नमन. उनकी देशभक्ति हमें सदैव प्रेरित करती रहेगी. अजित पवार का आखिरी पोस्ट वायरल, फोटो एक्स The post अजित पवार का आखिरी पोस्ट, हादसे से ठीक पहले लिखा था भावुक मैसेज appeared first on Naya Vichar.

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