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January 29, 2026

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झारखंड बिहार की पेंच में फंसा उत्तर कोयल परियोजना उवि, पहुंचा बंदी के कगार पर

उत्तर कोयल परियोजना उच्च विद्यालय मोहम्मदगंज केवल एक शैक्षणिक संस्था नहीं, बल्कि स्थानीय समाज का आधार स्तंभ है. यह विद्यालय शिक्षा, लोकतंत्र और प्रशासनी संपत्ति की सुरक्षा तीनों दृष्टियों से महत्वपूर्ण है. विद्यालय को बचाने के लिए संघर्ष समिति का गठन स्थानीय लोगों ने किया है. झारखंड प्रशासन और शिक्षा विभाग इस विद्यालय को अधिग्रहित कर शिक्षकों की नियुक्ति सुनिश्चित करें. तभी विद्यालय का गौरवशाली इतिहास पुनः जीवित हो सकेगा और आने वाली पीढ़ियों को शिक्षा का अधिकार मिल सकेगा. पंहले विद्यालय का संचालन जल संसाधन विभाग, बिहार प्रशासन द्वारा किया जाता रहा विभाजन के बाद इसे शिक्षा विभाग में अधिग्रहित नहीं किया सिंचाई विभाग ही संचालित कर रहा है पहले 11 शिक्षक थे, जिसमें 10 सेवानिवृत्त हो गये फोटो 29 डालपीएच 14 प्रतिनिधि, मोहम्मदगंज पलामू जिले के मोहम्मदगंज प्रखंड में स्थित उत्तर कोयल परियोजना उच्च विद्यालय पिछले चार दशकों से शिक्षा का एक प्रमुख केंद्र रहा है. वर्ष 1985 में इस विद्यालय की स्थापना उत्तर कोयल सिंचाई परियोजना परिसर में की गयी थी. इसका उद्देश्य सिंचाई परियोजना के कर्मियों के बच्चों और आसपास के ग्रामीण विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना था. अगले ही वर्ष 1986 में बिहार प्रशासन के उपशिक्षा निदेशक द्वारा विद्यालय की स्थापना को औपचारिक अनुमति प्रदान की गयी. तब से यह विद्यालय जल संसाधन विभाग, बिहार प्रशासन के अधीन संचालित होता रहा. राज्य विभाजन के बाद की स्थिति बिहार-झारखंड राज्य विभाजन के पश्चात इंद्रपुरी, तेनुघाट, कोसी, बीरपुर और बाल्मीकिनगर जैसे अन्य परियोजना विद्यालयों को शिक्षा विभाग ने अधिग्रहित कर लिया. लेकिन मोहम्मदगंज का यह विद्यालय शिक्षा विभाग में शामिल नहीं हो सका. यही कारण है कि यहां शिक्षकों की नियमित पदस्थापना नहीं हो पायी. समय के साथ विद्यालय में कार्यरत नौ शिक्षक, दो चतुर्थवर्गीय कर्मचारी और एक रात्रि प्रहरी सेवानिवृत्त हो गये. वर्तमान में केवल एक शिक्षक, चंद्रशेखर मेहता, कार्यरत हैं, जो अगले वर्ष सेवानिवृत्त होने वाले हैं. संकट की गहराती तस्वीर शिक्षकों की कमी के कारण विद्यालय में छात्रों की उपस्थिति लगातार घट रही है. कभी पलामू जिले के मैट्रिक परिणामों में शीर्ष स्थान प्राप्त करने वाला यह विद्यालय अब बंद होने की स्थिति में पहुंच गया है. यह स्थिति न केवल शिक्षा के लिए हानिकारक है, बल्कि प्रशासनी संपत्ति के लिए भी खतरा है. विद्यालय के पास भवन, चहारदीवारी, स्पोर्ट्स मैदान, शौचालय, पेयजल और अन्य आधारभूत सुविधाएं मौजूद हैं. लेकिन यदि विद्यालय बंद हो गया तो इन संसाधनों पर अनधिकृत कब्जा, चोरी और बर्बादी की आशंका बढ़ जायेगी. मतदान केंद्र के रूप में महत्व इस विद्यालय का महत्व केवल शिक्षा तक सीमित नहीं है. विधानसभा और लोकसभा चुनावों के दौरान यहां तीन मतदान केंद्र स्थापित किए जाते हैं. इनमें माहूर गांव का मतदान केंद्र संख्या 43 अति संवेदनशील माना जाता है. यदि विद्यालय बंद हो गया तो इन मतदान केंद्रों को अन्यत्र स्थानांतरित करना पड़ेगा, जिससे मतदाताओं को कठिनाई होगी और कई लोग मतदान से वंचित भी हो सकते हैं. विद्यालय के अस्तित्व की लड़ाई विद्यालय को बचाने के लिए स्थानीय अभिभावकों, पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने बैठक कर उत्तर कोयल परियोजना उवि बचाओ संघर्ष समिति का गठन किया है. समिति ने विद्यालय को बंद होने से बचाने का संकल्प लिया है. समिति के संरक्षक अशोक यादव, अध्यक्ष अश्विनी सिंह, उपाध्यक्ष गणेश मेहता और धीरेंद्र कुमार, महासचिव महेंद्र प्रसाद सिंह, सचिव डॉ. पचू राजवार और नगीना सिंह, कोषाध्यक्ष मिथिलेश कुमार सिंह और नित्यानंद पाठक, कानूनी सलाहकार रामदेव मेहता तथा संयोजक विवेक विशाल समेत कई अन्य सदस्य सक्रिय रूप से जुड़े हैं. समिति ने आईटी सेल और मीडिया प्रभारी भी नियुक्त किए हैं ताकि संघर्ष को व्यापक स्तर पर आवाज दी जा सके. शिक्षा विभाग से अपेक्षा वर्ष 2011 से लगातार शिक्षा विभाग को विद्यालय के अधिग्रहण के लिए पत्राचार किया जा रहा है, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है. यह विडंबना है कि अन्य परियोजना विद्यालयों को शिक्षा विभाग ने अधिग्रहित कर लिया, जबकि मोहम्मदगंज का विद्यालय उपेक्षित रह गया. यदि प्रशासन समय रहते कदम नहीं उठाती तो यह विद्यालय बंद हो जायेगा और आसपास के 12 किलोमीटर के क्षेत्र में बच्चों के लिए कोई अन्य उच्च विद्यालय उपलब्ध नहीं रहेगा. The post झारखंड बिहार की पेंच में फंसा उत्तर कोयल परियोजना उवि, पहुंचा बंदी के कगार पर appeared first on Naya Vichar.

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ड्राफ्टरोल पर मतदान-केंद्र बढ़ाने का बना प्रस्ताव

आसनसोल. 14 फरवरी को अंतिम मतदाता सूची (जिसके आधार पर वर्ष 2026 का विधानसभा चुनाव होगा) प्रकाशित होने से पहले ही 16 दिसंबर 2025 को प्रकाशित ड्राफ्टरोल के आधार पर ही 1200 से अधिक मतदाता वाले बूथों को तोड़ने की प्रक्रिया शुरू हो गयी. इसे लेकर हर विधानसभा क्षेत्र के निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी (इआरओ) सर्वदलीय बैठक में चर्चा करके बढ़े हुए बूथों के प्रस्ताव को अंतिम रूप दे रहे हैं. आसनसोल सदर के महकमा शासक(एसडीओ) विश्वजीत भट्टाचार्य ने गुरुवार को अपने क्षेत्र के तीन शहरी विधानसभा क्षेत्रों में बढ़े हुए मतदान-केंद्रों को लेकर सर्वदलीय बैठक की. महकमा शासक श्री भट्टाचार्य आसनसोल नॉर्थ विधानसभा केंद्र के इआरओ भी है. बैठक के आसनसोल उत्तर विधानसभा में कुल 307 बूथों में 1200 से अधिक मतदाता वाले बूथों की संख्या 16, आसनसोल दक्षिण में 302 बूथों में से 1200 से अधिक वाले बूथ 13 और कुल्टी में 270 बूथों में 1200 से अधिक मतदाता वाले बूथों की संख्या 13 है, जिसपर चर्चा हुई. राजनैतिक पार्टी के नेताओं ने इसपर कोई आपत्ति नहीं जताया. महकमा शासक ने बताया कि बढ़े हुए बूथों का प्रस्ताव जिला निर्वाचक अधिकारी (डीइओ) को भेजा जाएगा. जहां जिला के सभी नौ विधानसभा केंद्रों में बढ़े हुए बूथों को लेकर सर्वदलीय बैठक में अंतिम रूप दिया जाएगा और सात फरवरी के पहले यह प्रस्ताव राज्य निर्वाचक अधिकारी को भेज दिया जाएगा. गुरुवार बाराबनी विधानसभा केंद्र के इआरओ ने सर्वदलीय बैठक की, यहां 254 बूथों में से 11 बूथों में 1200 से अधिक मतदाता हैं, जिसका प्रस्ताव भी डीइओ को भेज दिया गया है.गौरतलब है कि एसआइआर के तहत तार्किक विसंगति वाले मतदाताओं की सुनवाई की प्रक्रिया चल रही है, जिसे लेकर पूरे राज्य में घमासान मचा हुआ है, इसबीच ही चुनाव को लेकर भी तैयारी शुरू हो गयी है. 14 फरवरी को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित होने से पहले ही चुनाव आयोग मतदान केंद्रों की स्थिति फाइनल करने की तैयारी में है. 1200 से अधिक मतदाता वाले बूथों को तोड़कर नया बूथ बनाने की प्रक्रिया पर काम शुरू हो गया है. 14 फरवरी को मतदाता सूची प्रकाशित होने के बाद यदि बढ़े हुए प्रस्तावित बूथों में मतदाताओं की संख्या घट जाती है या फिर अन्य किसी बूथ में संख्या 1200 से अधिक चली जाती है, तो क्या फिर से यह कार्य होगा? इसपर अबतक चुनाव आयोग का कोई निर्देश नहीं आया है. अधिकारियों ने बताया कि जैसा निर्देश आयेगा, उसपर काम होगा. The post ड्राफ्टरोल पर मतदान-केंद्र बढ़ाने का बना प्रस्ताव appeared first on Naya Vichar.

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‘वॉव! मोमो’ के खिलाफ रोष, सीटू व डीवाइएफआइ का प्रदर्शन

रानीगंज. कोलकाता स्थित ””वॉव! मोमो”” फैक्टरी में हुए भीषण अग्निकांड की गूंज अब कोयलांचल क्षेत्र में भी सुनाई देने लगी है. गुरुवार को वामपंथी युवा संगठन डीवाइएफआइ और श्रमिक संगठन सीटू के कार्यकर्ताओं ने रानीगंज के स्कूल मोड़ स्थित मोमो आउटलेट के सामने उग्र प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारियों ने सांकेतिक रूप से ””श्रमिकों के खून से सने मोमो”” दिखा कर आम जनता से इस ब्रांड के बहिष्कार का आह्वान किया. फैक्टरी पर गंभीर आरोप : बाहर से ताला लगा कर कराते थे काम प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे नेताओं ने आरोप लगाया कि कोलकाता की उक्त फैक्टरी पूरी तरह अवैध थी, जिसे जल-निकायों को भरकर बनाया गया था. आरोप है कि वहां अग्नि सुरक्षा के कोई पुख्ता इंतजाम नहीं थे. नेतृत्व का दावा है कि फैक्ट्री में मजदूरों से 12-14 घंटे काम कराया जाता था और रात के समय उन्हें अंदर बंद कर बाहर से ताला लगा दिया जाता था.यही कारण रहा कि आग लगने के वक्त श्रमिक बाहर नहीं निकल सके और 16 निर्दोष मजदूरों की मौत हो गयी. आंकड़े छिपाने का इल्जाम और मुआवजे की मांग मामले में प्रशासन पर सवाल उठाते हुए सीटू नेता सुप्रिय राय और हेमंत प्रभाकर ने कहा कि जहां 30 से अधिक श्रमिक लापता हैं, वहीं प्रशासनी आंकड़ों में यह संख्या मात्र तीन क्यों दिखायी जा रही है? संगठनों ने मांग की है कि फैक्टरी मालिक को तत्काल गिरफ्तार किया जाये. मृतकों के परिजनों को स्थायी नौकरी और उचित मुआवजा दिया जाये. साथ ही शोकाकुल परिवार के बच्चों की शिक्षा का खर्च प्रशासन उठाये. यह भी मांग की गयी कि लापरवाही के लिए जिम्मेदारी लेते हुए दमकल मंत्री और कोलकाता के मेयर तुरंत इस्तीफा दें. प्रदर्शन के दौरान वामपंथी नेताओं ने इस मामले में भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी पर भी निशाना साधा. उन्होंने आरोप लगाया कि फैक्ट्री मालिक और विपक्षी दल के नेता के बीच ””गुप्त समझौता”” है, जिसके कारण जांच को प्रभावित किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि चूंकि अधिकांश श्रमिक पूर्व मेदिनीपुर के थे, इसलिए निष्पक्ष जांच से ही सच सामने आयेगा. प्रदर्शन के दौरान सीटू नेता सुप्रिय राय, हेमंत प्रभाकर के साथ मनोजीत बोस और युवा नेता गौरव ढल्ल एवं सुकांत चटर्जी आदि सक्रिय रहे. साफ किया कि जब तक श्रमिकों को न्याय नहीं मिलता, उनका आंदोलन जारी रहेगा. The post ‘वॉव! मोमो’ के खिलाफ रोष, सीटू व डीवाइएफआइ का प्रदर्शन appeared first on Naya Vichar.

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31 मार्च तक प्रॉपर्टी टैक्स में 20% की छूट, बदलेगी सुरक्षा एजेंसी

आसनसोल. पश्चिम बर्दवान जिले में आसनसोल महकमा के मेयर विधान उपाध्याय, डिप्टी मेयर अभिजीत घटक और वसीमुल हक की अनुपस्थिति में गुरुवार को हुई आसनसोल नगर निगम के बोर्ड मीटिंग में बड़ा फैसला ले लिया गया. निगम के चेयरमैन अमरनाथ चटर्जी ने बताया कि प्रॉपर्टी टैक्स में 31 मार्च तक 20 फीसदी छूट देने का निर्णय सर्वसम्मति से पारित हो गया. इसमें निजी मकान और वाणिज्यिक निर्माण भी शामिल हैं. इस निर्णय से नगर निगम को घाटा या नुकसान तो होगा, लेकिन आम जनता को राहत मिलेगी. इसी द्देश्य से यह फैसला किया गया है. इसके साथ ही वर्तमान में तैनात सुरक्षा एजेंसी नगर निगम के कार्य में तैनात सुरक्षाकर्मियों को पिछले सात माह से वेतन नहीं दिया है, इस पर निर्णय लिया गया कि नगर निगम के पास जमा एजेंसी के पैसे से सुरक्षा कर्मियों को वेतन का भुगतान कर दिया जाएगा और एजेंसी को हटाकर नये एजेंसी को काम पर लगाया जाएगा. इस मीटिंग में 116 नया बिल्डिंग प्लान को पास किया गया, जिसमें 10 फीसदी आवासीय फ्लैट है. चेयरमैन श्री चटर्जी ने बोर्ड मीटिंग की अध्यक्षता की. निगम आयुक्त, सचिव सहित तमाम आधिकारियों के साथ पार्षद उपस्थित रहे. पेश किए गये निर्णयों को पार्षदों ने हाथ उठाकर अपनी सहमति जतायी, जिसके उपरांत सारे निर्णय पारित हो गया. गौरतलब है कि महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री की विमान दुर्घटना में हुई मौत पर।शोक व्यक्त करने के बाद आसनसोल नगर निगम की बोर्ड मीटिंग शुरू हुई. चेयरमैन श्री चटर्जी ने बताया कि हर वार्ड में पथश्री, आमार पाड़ा, आमादेर समाधान, एमपी लैड, विधायक फंड, पीडब्ल्यूडी आदि सभी के फंड से प्रत्येक वार्ड में एक करोड़ रुपये का विकास कार्य हो रहा है. इन कार्यों के लिए टेंडर की प्रक्रिया को जल्द से जल्द सुलझाने पर विस्तृत चर्चा हुई. पश्चिम बंगाल के प्रति केंद्र की दोहरी नीति व अवहेलना के बावजूद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राज्य के विकास कार्यों में कोई रुकावट नहीं आने दिया है. यह पूरे देश के लिये एक मिशाल बना है. मुख्यमंत्री के प्रयास को जमीन पर उतारने का कार्य पंचायत और निकायों की है. जिसे पूरा करने को लेकर हर संभव प्रयास किया जा रहा है. जिलाधिकारी भी यहां आकर बैठके करके कार्यों की समीक्षा कर रहे हैं. इसपर भी बैठक में चर्चा हुई. The post 31 मार्च तक प्रॉपर्टी टैक्स में 20% की छूट, बदलेगी सुरक्षा एजेंसी appeared first on Naya Vichar.

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श्यामपुर: वृद्ध की हत्या के बाद फिर हुई हिंसा

हावड़ा. श्यामपुर थाना क्षेत्र के डिहि मंडल घाट में वृद्ध शेख असगर (62) की पीट-पीटकर हत्या के बाद इलाके में एक बार फिर हिंसा भड़क उठी है. हत्या के मामले में पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया था, जिन्हें रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है. बताया गया है कि बुधवार रात तृणमूल कांग्रेस और माकपा समर्थकों के बीच जमकर मारपीट हुई. इस दौरान छह घरों में तोड़फोड़ की गयी. हिंसा में 10 से अधिक लोग घायल हुए हैं, जिनमें स्त्रीएं भी शामिल हैं. उधर, घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची. हालात को काबू में करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल के साथ रैफ और कॉम्बैट फोर्स के जवानों को तैनात किया गया, जिसके बाद स्थिति को नियंत्रण में लाया गया. हालांकि, इस ताजा हिंसा के मामले में अब तक किसी नयी गिरफ्तारी की सूचना नहीं है. इलाके में तनाव को देखते हुए पुलिस पिकेट बैठा दी गयी है और लगातार निगरानी की जा रही है. उल्लेखनीय है कि शेख असगर की हत्या जमीन के बंटवारे को लेकर हुए विवाद में हुई थी. The post श्यामपुर: वृद्ध की हत्या के बाद फिर हुई हिंसा appeared first on Naya Vichar.

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विशेष विद्यालय अध्यापक परीक्षा में 7010 हुए शामिल

संवाददाता,पटना बीपीएससी ने विशेष विद्यालय अध्यापक प्रतियोगिता परीक्षा गुरुवार को आयोजित की. परीक्षा केंद्र में प्रवेश परीक्षा प्रारंभ होने के एक घंटे पूर्व तक ही प्रवेश दिया गया. विशेष विद्यालय अध्यापक के कुल 7279 पदों पर नियुक्ति के लिए परीक्षा हुई, जिसमें कक्षा एक से पांचवीं के लिए 5534 और कक्षा छठी से आठवीं के लिए 1745 पद शामिल हैं. इसमें 7364 अभ्यर्थियों में 7010 उपस्थित हुए. परीक्षा दो शिफ्टों में हुई. पहली शिफ्ट सुबह 10 से 12:30 बजे तक प्राइमरी टीचर (क्लास 1–5) के लिए हुई. इसमें हिंदी, उर्दू, बंगाली की परीक्षा हुई. दूसरी शिफ्ट दोपहर 2:30 से 5:00 बजे तक मिडिल टीचर (क्लास 6–8) के लिए परीक्षा हुई. इसमें गणित व विज्ञान, सामाजिक विज्ञान, हिंदी, उर्दू, संस्कृत, अंग्रेजी विषय की परीक्षा आयोजित की गयी. परीक्षा देकर निकले परीक्षार्थियों ने बताया कि प्रश्न औसत थे. जिला स्पोर्ट्स पदाधिकारी परीक्षा में 304 परीक्षार्थी हुए उपस्थित इसके साथ ही गुरुवार को बीपीएससी ने स्पोर्ट्स विभाग, बिहार के अधीन बिहार स्पोर्ट्स सेवा संवर्ग में रिक्त पदों पर नियुक्ति के लिए लिखित प्रतियोगिता परीक्षा शुरू हुई. परीक्षा 30 जनवरी को भी आयोजित की जायेगी. जिला स्पोर्ट्स पदाधिकारी के लिए 454 में 304 परीक्षार्थी उपस्थित हुए. वहीं, जिला सांख्यिकी पदाधिकारी के लिए 548 परीक्षार्थियों में 482 उपस्थित हुए. The post विशेष विद्यालय अध्यापक परीक्षा में 7010 हुए शामिल appeared first on Naya Vichar.

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भारत लोकतंत्र की जननी है : डॉ नरेंद्र

आरा . महंथ महादेवानंद स्त्री महाविद्यालय में राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम कॉलेज के एनएसएस तथा लिटरेरी क्लब एवं एमिटी विश्वविद्यालय,पटना के इलेक्टोरल लिटरेरी क्लब के द्वारा संयुक्त रूप में किया गया. कार्यक्रम का उद्घाटन प्राचार्य प्रोफेसर डॉ नरेंद्र प्रताप पालित, डॉ स्मृति चौधरी, एमिटी विश्वविद्यालय के कुंदन कुमार ने किया. प्राचार्य प्रोफेसर पालित ने कहा कि हिंदुस्तान लोकतंत्र की जननी है तथा यह बुद्ध काल में यहां प्रचलित था. हिंदुस्तान का लोकतंत्र विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र है. लोकतंत्र की सफलता का आधार मतदान हैं, इसलिए अधिक से अधिक मतदाताओं को लोकतंत्र में अपना मतदान करना चाहिए. मतदान प्रलोभन हीन तथा स्वविवेक से करना चाहिए. इस अवसर पर एमिटी विश्वविद्यालय द्वारा निबंध लेखन तथा पोस्टर प्रतियोगिता का आयोजन किया गया. इसमें 44 छात्राओं ने भाग लिया. प्रियांशी सिंह, कल्पना कुमारी, कोमल कुमारी, मुस्कान कुमारी तथा अनुपम प्रभा को मतदाता जागरूकता अभियान में अच्छे कार्य के लिए मेडल देकर सम्मानित किया गया. इस अवसर पर प्रो राजीव कुमार, डॉ मनोज कुमार, डॉ तसनीम फातिमा, डॉ अनुपमा, डॉ स्मिता, डॉ सुमाइला, डॉ पूनम, डॉ सरोज, डॉ अमरेश, डॉ राकेश, डॉ युगल आदि शिक्षक उपस्थित थे. The post हिंदुस्तान लोकतंत्र की जननी है : डॉ नरेंद्र appeared first on Naya Vichar.

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डीपीओ के औचक निरीक्षण में विपिन प्लस टू स्कूल से हाज़िरी लगा कर गायब मिलीं चार शिक्षिकाएं निलंबित

बेतिया. जिला शिक्षा कार्यालय के समीपवर्ती पीएमश्री विपिन उच्चतर माध्यमिक विद्यालय चार विशिष्ट शिक्षिकाओं को माध्यमिक एवं समग्र शिक्षा अभियान की डीपीओ गार्गी कुमारी के अपराह्न एक बजे औचक निरीक्षण में हाजिरी बनाकर विद्यालय से गायब पाया गया है. वहीं अन्य उपस्थित शिक्षक शिक्षिकाओं को भी आपस में गप मारते पाया गया है. ऐसा पाए जाने के मामले में प्राप्त प्रतिवेदन और अनुशंसा के आलोक में जिला शिक्षा अधिकारी रविन्द्र कुमार ने बड़ी कार्रवाई की है. हाजिरी बना गायब हुईं चारों शिक्षिकाओं को डीइओ ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है. वहीं प्रधानाध्यापक सहित सभी को अपने विद्यार्थियों के अनिवार्य शिक्षा जैसे मौलिक अधिकार के हनन का दोषी बताते हुए ऐसी स्वेच्छाचारिता, कर्तव्यहीनता आगे कभी भी पुनरावृत्ति नहीं करने की चेतावनी दी गई है. वही हाजिरी बना कर विद्यालय से गायब चार विशिष्ट शिक्षिकाओं यथा डॉ. सुमन सिंह,आबिदा असद,अमृता कुमारी और सोनम शर्मा पर निलंबन जैसी बड़ी कार्रवाई करते हुए चारों के निलंबन अवधि का मुख्यालय जिला में गंडक पार के या जिला मुख्यालय से सुदूरवर्ती स्कूलों को उनका डेली रिपोर्टिंग सेंटर बनाया गया है. इसकी जानकारी देते हुए जिला शिक्षा पदाधिकारी रविन्द्र कुमार ने बताया कि जारी आदेश के अनुसार निलंबन अवधि में डॉ. सुमन सिंह का मुख्यालय उत्क्रमित माध्यमिक विद्यालय शेरहवा दोन, रामनगर, आबिदा असद का राज्य संपोषित राजेंद्र स्मारक उच्च माध्यमिक विद्यालय, गोबरहिया दोन, अमृता कुमारी का उत्क्रमित माध्यमिक विद्यालय मलाही टोला, ठकराहा तथा सोनम शर्मा का मुख्यालय नदी घाटी योजना उच्च माध्यमिक विद्यालय, वाल्मीकि नगर, बगहा-02 निर्धारित किया गया है. डीइओ रविन्द्र कुमार ने बताया कि मामले में प्रपत्र ””””क”””” की विभागीय भी प्रारंभ की जा रही है. इसके साथ ही डीइओ ने स्पष्ट किया है कि आगे भी औचक निरीक्षण जारी रहेंगे और लापरवाही बरतने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी. The post डीपीओ के औचक निरीक्षण में विपिन प्लस टू स्कूल से हाज़िरी लगा कर गायब मिलीं चार शिक्षिकाएं निलंबित appeared first on Naya Vichar.

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प्रेम प्रसंग में दोस्तों ने ही चाकू मार की थी पप्पू की हत्या, चार गिरफ्तार

जगदीशपुर . थाना क्षेत्र के हरदिया मन के पास बुधवार को दोस्तों के द्वारा बुलाकर चाकू मार हत्या मामले में पुलिस ने चार को गिरफ्तार कर लिया है. इधर, गुरुवार को एसएसपी डॉ शौर्य सुमन भी घटनास्थल पर पहुंच मामले का जायजा लिया. उन्होंने परिजनों से भी मिलकर पूरे मामले की जानकारी ली और पुलिस को मामले में आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिये. इस मामले में मृत किशोर पप्पु कुमार की मां शीला देवी के ब्यान पर सुधीर कुमार सहित अन्य को नामजद बनाया है. पीड़ित स्त्री ने बताया कि उनका बेटा पप्पू तीन दिन पुर्व काठमांडू से घर आया था. वह वहां पर पेंटर का काम करता है. उसको गांव का ही सुजीत कुमार हरदिया मन घुमाने लेकर गया था. जहां उसके साथ गांव का कुछ और युवक गये थे. जहां किसी विवाद को लेकर किशोर को चाकू मार गंभीर रूप से घायल कर दिया गया. इलाज के दौरान किशोर की मौत बेतिया जीएमसीएच में बुधवार की दोपहर हो गई. वहीं इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मृत किशोर के गांव खड्डा बंगला टोला निवासी मेघु साह, उतम कुमार, विधार्थी साह व गोविंद कुमार को गिरफ्तार कर लिया है. एसडीपीओ टू रजनीश कांत प्रियदर्शी ने बताया कि गुरुवार को भी पुलिस घटनास्थल पर पहुंच बारिकी से जांच किया है. मृत किशोर के माता की निशानदेही पर चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है. यह मामला प्रेम प्रसंग से जुड़ा है. पुलिस इस मामले में सभी तथ्यों को खंगालने में जुटी है. घटना के बाद किशोर के परिजनों का रो रो कर बुरा हाल हो गया है. The post प्रेम प्रसंग में दोस्तों ने ही चाकू मार की थी पप्पू की हत्या, चार गिरफ्तार appeared first on Naya Vichar.

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यूजीसी पर सुप्रीम कोर्ट की रोक का सवर्ण समाज ने किया स्वागत

नरकटियागंज. यूजीसी के नये एक्ट पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा रोक लगाए जाने को लेकर नगर में सवर्ण समाज ने इसे लोकतंत्र की जीत बताया है. पांडेय टोला स्थित श्री राम जानकी मंदिर परिसर में आयोजित सवर्ण समाज की बैठक में न्यायालय के इस निर्णय का स्वागत करते हुए पहले घोषित मशाल जुलूस और एक फरवरी को प्रस्तावित बाजार बंद को सर्वसम्मति से स्थगित करने का निर्णय लिया गया. अध्यक्ष चंदन मिश्र ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट की रोक ने यह साबित कर दिया है कि बिना व्यापक चर्चा के लाया गया कोई भी कानून स्वीकार्य नहीं हो सकता.अधिवक्ता दीपक मणि तिवारी ने कहा कि शिक्षा समाज की धरोहर है, इसे किसी एक प्रशासन की बपौती नहीं बनने दिया जाएगा. वहीं भाजपा के वरीय नेता राजन मिश्र ने कहा कि सवर्ण समाज को न्यायालय पर पूरा भरोसा है. न्यायालय ने रोक लगाकर ये साबित कर दिया है कि वो समाज को नहीं बंटने देगी. बैठक में इस कानून को लेकर आगे की रणनीति भी तय की जा रही है. बैठक में सुरेंद्र मिश्र, अवधेश तिवारी, मधुसूदन चतुर्वेदी, भोट चतुर्वेदी, विजय मणि तिवारी, अवध किशोर पांडेय, चुन्नू मिश्र, गुड्डू पांडेय, अंकित तिवारी, संदीप दीक्षित, केशव श्रीवास्तव, राहुल ओझा, मनोज दुबे, विजय चंदू तिवारी, संजय उपाध्याय, नरेन्द्र तिवारी, झुना मिश्रा, पवन पांडेय, संतोष मिश्र, अवधेश तिवारी, आकाश श्रीमुख, मनोज मिश्रा, सोनू दुबे, मणिभूषण कुमार, शिवम दुबे, जग मोहन सिंह, अभिनव भारद्वाज, विभूति गर्ग, प्रवीण मिश्र, गौरी शंकर कुमार समेत कई वक्ताओं ने भी अपने विचार रखें. —– सवर्ण समाज कमेटी का गठन इस दौरान सर्वसम्मति से अध्यक्ष के रूप में चंदन मिश्र, उपाध्यक्ष तौकीर आलम, संतोष मिश्र, सचिव अधिवक्ता दीपक मणि तिवारी और कोषाध्यक्ष सागर श्रीवास्तव को चुना गया. इसके साथ ही सह कोषाध्यक्ष प्रवीण मिश्र, सह सचिव आकाश श्रीमुख, प्रवक्ता लोकेश मिश्र, जुन्ना दुबे, अंकित तिवारी और नितेश तिवारी को चुना गया. जबकि कार्यकारिणी सदस्य के रूप में सौरभ द्विवेदी, चुन्नू पांडेय, विवेक कश्यप, विवेक मणि तिवारी, दिग्विजय मिश्र, पवन पांडेय, सर्वेश वर्मा, अभिषेक दुबे, सुधीर मिश्र, निक्की मणि तिवारी व वीरेंद्र तिवारी बनाए गए. The post यूजीसी पर सुप्रीम कोर्ट की रोक का सवर्ण समाज ने किया स्वागत appeared first on Naya Vichar.

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