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January 29, 2026

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मियां मुस्लिम वाले बयान पर विपक्ष ने हिमंत सरमा पर साधा निशाना, असम CM बोले- ये मेरे शब्द नहीं

Miya Muslims Statement: मियां मुस्लिम वाले बयान की आलोचना पर असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा, जो लोग बांग्लादेश से आए हैं, वे खुद को मियां कहते हैं. मैंने उन्हें यह नाम नहीं दिया; वे खुद को यह नाम देते हैं. Miya Muslims Statement: मियां वाले बयान पर विपक्षी हमले का असम सीएम ने दिया जवाब असम के CM हिमंत बिस्वा सरमा ने मियां वाले बयान पर विपक्ष के हमले का जवाब देते हुए एक्स पर लिखा- यह मेरी भाषा नहीं है, मेरी कल्पना नहीं है, और न ही कोई नेतृत्वक बढ़ा-चढ़ाकर कही गई बात है. ये कोर्ट के अपने शब्द हैं. असम पर चुपचाप और धोखे से हो रहा जनसांख्यिकीय हमला निचले असम के भू-रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण जिलों के नुकसान का कारण बन सकता है. अवैध प्रवासियों की आमद इन जिलों को मुस्लिम बहुल क्षेत्र में बदल रही है. तब यह सिर्फ समय की बात होगी जब बांग्लादेश के साथ उनके विलय की मांग की जा सकती है. निचले असम के नुकसान से पूरे उत्तर-पूर्वी क्षेत्र का बाकी हिंदुस्तान से संपर्क टूट जाएगा और उस क्षेत्र के समृद्ध प्राकृतिक संसाधन देश के हाथ से निकल जाएंगे. #WATCH | Golaghat: On Opposition criticising his ‘Miya Muslims’ statement, Assam CM Himanta Biswa Sarma says, “…Those who have come from Bangladesh call themselves ‘Miya’. I did not give them that name; it is they who call themselves that…” pic.twitter.com/rI580Hc0QS — ANI (@ANI) January 29, 2026 हमारा प्रयास किसी धर्म या किसी हिंदुस्तानीय नागरिक के खिलाफ नहीं है. हमारा प्रयास असम की पहचान, सुरक्षा और भविष्य की रक्षा करना है. असम के सीएम ने क्या दिया था बयान? असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने बुधवार को कहा कि राज्य में बांग्लादेशी मियां रहते हैं और बीजेपी के कार्यकर्ताओं ने मतदाता सूचियों के विशेष पुनरीक्षण (एसआर) के दौरान ऐसे विदेशियों के खिलाफ पांच लाख से ज्यादा शिकायतें दर्ज कराई हैं. मियां मूल रूप से असम में बांग्ला भाषी मुसलमानों के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला एक अपमानजनक शब्द है. गैर-बांग्ला भाषी लोग आमतौर पर उन्हें बांग्लादेशी प्रवासी के रूप में पहचानते हैं. The post मियां मुस्लिम वाले बयान पर विपक्ष ने हिमंत सरमा पर साधा निशाना, असम CM बोले- ये मेरे शब्द नहीं appeared first on Naya Vichar.

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1 अप्रैल से बदल जाएंगे सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट नियम, रूल्स तोड़ने पर देना होगा जुर्माना

Waste Management Rules: झारखंड समेत पूरे देश में 1 अप्रैल 2026 से सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव हो जाएगा. केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स 2026 को ऑफिशियली नोटिफाई कर दिया है. ये नए नियम पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 के तहत लागू किए गए हैं और 2016 में बने पुराने नियमों की जगह लेंगे. इसके पीछे प्रशासन का मकसद कचरा प्रबंधन को ज्यादा वैज्ञानिक, पारदर्शी और पर्यावरण-अनुकूल बनाना है. सबसे बड़ी बात यह है कि नए नियम को लागू हो जाने के बाद इसका उल्लंघन करने वालों पर जुर्माना भी लगाया जाएगा. नियम तोड़ने पर लगेगा जुर्माना नए नियमों में स्पष्ट तौर पर कहा गया है कि अगर कोई व्यक्ति, संस्था या निकाय खुले में कचरा फैलाता है, गलत तरीके से डंपिंग करता है या नियमों का उल्लंघन करता है, तो उस पर एनवायरनमेंटल मुआवजा लगाया जाएगा. इसका मतलब यह हुआ कि अब लापरवाही महंगी पड़ेगी. स्थानीय निकायों को यह अधिकार दिया गया है कि वे नियम उल्लंघन पर जुर्माना लगाएं और सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करें. कचरों के निबटारे के चार लेवल नए नियमों की सबसे अहम बात यह है कि अब कचरे को चार श्रेणियों में अलग-अलग करना अनिवार्य होगा. गीला कचरा: इसमें किचन वेस्ट, सब्जियों और फलों के छिलके, बचा हुआ खाना, मीट, फूल-पत्तियां आदि शामिल हैं. इस कचरे को घर के पास ही कंपोस्टिंग या बायो-प्रोसेसिंग के जरिए निस्तारित किया जाएगा, ताकि जैविक खाद तैयार हो सके. सूखा कचरा: प्लास्टिक, कागज, धातु, कांच, लकड़ी और रबर जैसे पदार्थ सूखे कचरे में आएंगे. इन्हें मैटेरियरल रिकवरी फैसिलिटी (एमआरएफ) में भेजा जाएगा, जहां इनकी छंटाई कर रीसाइक्लिंग या दोबारा उपयोग की प्रक्रिया होगी. सैनिटरी कचरा: इस्तेमाल किए गए डायपर, सैनिटरी नैपकिन, टिश्यू, मास्क आदि को सुरक्षित तरीके से लपेटकर अलग रखा जाएगा. इनके कलेक्शन और डिस्पोजल के लिए विशेष व्यवस्था की जाएगी, ताकि स्वास्थ्य और पर्यावरण पर खतरा न हो. स्पेशल केयर वेस्ट: इसमें पेंट के डिब्बे, बल्ब, मरकरी थर्मामीटर, बैटरियां, एक्सपायर्ड दवाइयां जैसे खतरनाक पदार्थ शामिल होंगे. इन्हें केवल अधिकृत एजेंसियां इकट्ठा करेंगी या तय कलेक्शन सेंटर पर ही जमा करना होगा. बड़े कचरा उत्पादकों पर बढ़ेगी जिम्मेदारी नए नियमों के तहत बल्क वेस्ट जेनरेशन यानी बड़े पैमाने पर कचरा पैदा करने वाले संस्थानों को अपने परिसर में ही कचरे के निस्तारण की व्यवस्था करनी होगी. इनमें होटल, मॉल, हॉस्पिटल, हाउसिंग सोसाइटी, प्रशासनी दफ्तर और शैक्षणिक संस्थानों को शामिल किया गया है. उन्हें यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके यहां पैदा होने वाला कचरा सही तरीके से अलग-अलग, स्टोर, प्रोसेस और ट्रांसपोर्ट किया जा रहा है. इसे भी पढ़ें: झारखंड में बंद हो जाएंगी कोयले की कई पुरानी खदानें, कोल श्रमिकों के सामने रोजगार का संकट शहरों के लिए क्यों अहम हैं नए नियम विशेषज्ञों के अनुसार, अगर नए नियमों को सख्ती से लागू किया गया तो इससे लैंडफिल पर दबाव कम होगा, रीसाइक्लिंग बढ़ेगी और शहर ज्यादा साफ-सुथरे बनेंगे. साथ ही लोगों में कचरा प्रबंधन को लेकर जिम्मेदारी का भाव भी मजबूत होगा. इसे भी पढ़ें: Hazaribagh News: हजारीबाग के 32 आंगनबाड़ी केंद्रों के रिपेयरिंग टेंडर पर सवाल, प्रक्रिया में पारदर्शिता का अभाव The post 1 अप्रैल से बदल जाएंगे सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट नियम, रूल्स तोड़ने पर देना होगा जुर्माना appeared first on Naya Vichar.

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UGC Regulations 2026 पर विकास दिव्यकीर्ति का क्लियर मैसेज, कहा- क्रिमिनल नहीं है, डरें नहीं

UGC Regulations 2026 को लेकर देशभर में बहस तेज है. इस मामले पर दृष्टि IAS के संस्थापक विकास दिव्यकीर्ति ने प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि कुछ लोग इस नियम को लेकर भ्रम फैला रहा है. ये कानून अपने नेचर में क्रिमिनल नहीं है. ऐसे में डरने की कोई जरूरत नहीं है. विकास दिव्यकीर्ति ने कहा क्रिमिनल सिस्टम से कोई संबंध नहीं विकास दिव्यकीर्ति के अनुसार, UGC 2026 का मकसद कैंपस में संवाद, समाधान और न्यायपूर्ण प्रक्रिया को मजबूत करना है. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इन नियमों का क्रिमिनल सिस्टम से कोई सीधा संबंध नहीं है. #WATCH | On UGC Regulations 2026, Dr Vikas Divyakirti, founder and MD of Drishti IAS, says, “…The UGC 2026 regulations are not at all criminal in nature; it is just a dispute resolution mechanism within the university…There is nothing linked to criminal in this…” Watch… pic.twitter.com/OaMQnFGtEW — ANI (@ANI) January 29, 2026 एक नहीं कई डिग्री है विकास दिव्यकीर्ति यूथ के बीच काफी फेमस हैं. यूट्यूबर पर उनके चैनल पर करीब 2.95 मिलियन से ज्यादा सब्सक्राइबर्स हैं. मूल रूप से हरियाणा के रहने वाले विकास दिव्यकीर्ति ने दिल्ली यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की है. उनके पास इतिहास से ग्रेजुएशन, हिंदी साहित्य से पोस्ट ग्रेजुएशन, एलएलबी, एमफिल और पीएचडी जैसी डिग्रियां हैं. समाचार अपडेट हो रही है… The post UGC Regulations 2026 पर विकास दिव्यकीर्ति का क्लियर मैसेज, कहा- क्रिमिनल नहीं है, डरें नहीं appeared first on Naya Vichar.

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झारखंड निकाय चुनाव : सिटी गवर्नमेंट बनाने पर BJP की नजर, 29 को रिपोर्ट, 31 को फाइनल लिस्ट

Jharkhand Municipal Election 2026, रांची: झारखंड में नगर निकाय चुनाव की रणभेरी बज चुकी है. राज्य में 23 फरवरी को मतदान और 27 फरवरी को मतगणना की तिथि निर्धारित होने के बाद नेतृत्वक गलियारों में हलचल तेज हो गयी है. हालांकि, इस बार चुनाव दलीय आधार पर नहीं हो रहा है. इसके बावजूद प्रदेश भाजपा ने अपनी चुनावी रणनीति को धार देना शुरू कर दिया है. पार्टी मेयर और नगर परिषद अध्यक्ष पदों पर अपने समर्थित उम्मीदवार उतारने की तैयारी में है. बीजेपी ने चुनाव के लिए किन लोगों को सौंपी जिम्मेवारी भाजपा नेतृत्व ने चुनाव में सशक्त उपस्थिति दर्ज कराने के लिए प्रमंडलवार पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की है. इन पर्यवेक्षकों को संबंधित क्षेत्रों में जिताऊ और टिकाऊ प्रत्याशियों के चयन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गयी है. चयन प्रक्रिया में स्थानीय समीकरणों और कार्यकर्ताओं की राय को प्राथमिकता दी जा रही है. पांचों प्रमंडलों में नियुक्त पर्यवेक्षक 29 जनवरी को अपनी विस्तृत रिपोर्ट और संभावित उम्मीदवारों की सूची प्रदेश नेतृत्व को सौंप देंगे. Also Read: झारखंड में बंद हो जाएंगी कोयले की कई पुरानी खदानें, कोल श्रमिकों के सामने रोजगार का संकट बीजेपी की ये दो समिति लगाएगी प्रत्याशियों के नाम पर मुहर पर्यवेक्षकों से सूची प्राप्त होने के बाद प्रदेश नेतृत्व सक्रिय होगा. मिली जानकारी के अनुसार, प्रदेश कोर कमेटी और चुनाव समिति के सदस्य प्राप्त नामों पर गहन मंथन करेंगे. बैठक में सर्वसम्मति से प्रत्येक सीट के लिए एक समर्थित उम्मीदवार के नाम पर मुहर लगायी जायेगी. प्रत्याशियों के लिए चार फरवरी तक नामांकन दाखिल करने के लिए अंतिम तिथि निर्धारित की गयी है. ऐसे में पार्टी का प्रयास है कि 31 जनवरी तक इन नामों की आधिकारिक घोषणा या आंतरिक तौर पर सूची जारी कर दी जाये, ताकि समर्थित प्रत्याशी समय रहते अपना नामांकन दाखिल कर सकें और चुनाव प्रचार में जुट सकें. बीजेपी की क्या है रणनीति चुनाव भले ही गैर दलीय आधार पर हो रहे हैं, लेकिन भाजपा ने शहरी क्षेत्रों में अपनी पकड़ मजबूत बनाये रखने के लिए एक पद पर एक ही समर्थित उम्मीदवार रखने की रणनीति बनायी है, ताकि मतों का बिखराव न हो. पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का मानना है कि संगठित होकर चुनाव लड़ने से न केवल जीत सुनिश्चित होगी, बल्कि नगर निकायों के विकास कार्यों में भी पार्टी की विचारधारा को प्रभावी ढंग से लागू किया जा सकेगा. Also Read: Hazaribagh News: हजारीबाग के 32 आंगनबाड़ी केंद्रों के रिपेयरिंग टेंडर पर सवाल, प्रक्रिया में पारदर्शिता का अभाव The post झारखंड निकाय चुनाव : सिटी गवर्नमेंट बनाने पर BJP की नजर, 29 को रिपोर्ट, 31 को फाइनल लिस्ट appeared first on Naya Vichar.

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Economic Survey: सरकारी कंपनियों में हिस्सेदारी घटाने के लिए कानून बदलने की सिफारिश

Economic Survey: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा 29 जनवरी को आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 पेश किया गया , इस सर्वे का मुख्य जोर इस बात पर है कि प्रशासन को अब अपनी कंपनियों में सिर्फ “मालिक” बनकर रहने के बजाय एक “रणनीतिक निवेशक” की भूमिका निभानी चाहिए. आज के बदलते दौर में, प्रशासन अपनी संपत्तियों का सही मूल्य निकालने (Monetisation) और उस पैसे को भविष्य की नई तकनीकों में लगाने की योजना बना रही है. इसके लिए कानून में बदलाव से लेकर कंपनियों को ज्यादा आजादी देने तक के कई साहसी सुझाव दिए गए हैं, ताकि देश की वित्तीय स्थिति को नई रफ्तार मिल सके. क्यों पड़ी इसकी जरूरत? अभी प्रशासन के सामने एक बड़ी दिक्कत है. लगभग 30% लिस्टेड प्रशासनी कंपनियों (CPSEs) में प्रशासन का हिस्सा पहले से ही 60% से नीचे आ चुका है. अगर प्रशासन 51% वाला नियम मानती है, तो वह अब और ज्यादा शेयर नहीं बेच सकती. इस नियम को बदलने से प्रशासन को शेयर बाजार के जरिए और पैसा (Equity Monetisation) जुटाने में मदद मिलेगी. कंट्रोल भी रहेगा और कमाई भी होगी सर्वे में कही गई है कि “कंपनी चलाने के लिए मालिक होना जरूरी है, पर 51% शेयर होना जरूरी नहीं.”अगर प्रशासन के पास 26% हिस्सा भी रहता है, तो भी वह कंपनी के बड़े फैसलों को कंट्रोल कर सकती है. इससे प्रशासन का रणनीतिक कंट्रोल (Strategic Control) भी बना रहेगा और वह अपनी हिस्सेदारी बेचकर फंड भी बढ़ा सकेगी. निजीकरण (Privatization) का दूसरा रास्ता अगर प्रशासन का मकसद कंपनी को पूरी तरह प्राइवेट करना है, तो उसे कानून बदलने की जरूरत नहीं है. सर्वे कहता है कि प्रशासन धीरे-धीरे अपने शेयर बेचकर कंपनी से पूरी तरह बाहर निकल सकती है. इससे वह कंपनी एक प्रोफेशनल तरीके से चलने वाली प्राइवेट संस्था बन जाएगी, जिसका मैनेजमेंट और काम करने का तरीका पारदर्शी होगा. कमाए हुए पैसे का क्या होगा? सर्वे में यह भी सुझाव दिया गया है कि प्रशासनी कंपनियों को बेचकर जो पैसा आएगा, उसे भविष्य की तकनीकों में लगाया जाए. इस पैसे को National Investment and Infrastructure Fund (NIIF) जैसे प्लेटफॉर्म के जरिए नई टेक्नोलॉजी और इनोवेशन वाली कंपनियों में निवेश किया जा सकता है. इसे ‘कैपिटल रिसाइक्लिंग’ कहा जा रहा है, यानी पुरानी जगह से पैसा निकालकर भविष्य के सेक्टर्स में लगाना. साल 2016 से अब तक 36 प्रशासनी कंपनियों के विनिवेश (Disinvestment) को मंजूरी मिली है, जिनमें से 13 का काम पूरा हो चुका है. प्रशासन ने अब प्रशासनी कंपनियों के बोर्ड को भी ज्यादा ताकत दे दी है ताकि वे खुद अपनी छोटी कंपनियों (Subsidiaries) को बंद करने या बेचने का फैसला ले सकें. Also Read: अमेरिका के साथ ट्रेड डील फाइनल होने के करीब!इकोनॉमिक सर्वे में हिंदुस्तान की ग्लोबल प्लानिंग का खुलासा The post Economic Survey: प्रशासनी कंपनियों में हिस्सेदारी घटाने के लिए कानून बदलने की सिफारिश appeared first on Naya Vichar.

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Ragi Cheese Balls Recipe: बच्चों को बाहर के स्नैक्स भूलने पर मजबूर कर देगा ये हेल्दी नाश्ता, ट्राय करें 15 मिनट में बनने वाली ये मजेदार रेसिपी

Ragi Cheese Balls Recipe: अक्सर ऐसा होता है कि शाम के समय हम नाश्ते में जो चीजें बनाते हैं, वे खाने में तो बेहद स्वादिष्ट होती हैं, लेकिन उनकी वजह से हमें सेहत के साथ बड़ा समझौता करना पड़ता है. खासकर जब बात बच्चों को कुछ हेल्दी खिलाने की आती है, तो पैरेंट्स की चिंता और भी बढ़ जाती है. आज की यह रेसिपी उन सभी माता-पिता के लिए है, जिनके घर छोटे शिशु हैं और जो उन्हें शाम के नाश्ते में सिर्फ टेस्टी ही नहीं बल्कि हेल्दी भी खिलाना चाहते हैं. आज हम आपको रागी चीज बॉल्स की आसान रेसिपी बताने जा रहे हैं, जिसे आप कुछ ही मिनटों में घर पर तैयार कर सकते हैं. इस डिश की खास बात यह है कि इसे बनाने में न तो मैदे का इस्तेमाल होता है और न ही इसे डीप फ्राई करने की जरूरत पड़ती है. घर पर बने रागी चीज बॉल्स का स्वाद न सिर्फ बच्चों को बल्कि बड़ों को भी खूब पसंद आता है. तो चलिए जानते हैं इसे बनाने की आसान रेसिपी. रागी चीज बॉल्स बनाने के लिए जरूरी सामग्री रागी आटा – 1 कप उबले हुए आलू – 2 अच्छे से मैश किए हुए कद्दूकस किया हुआ चीज – आधा कप बारीक कटी हरी मिर्च – 1 अदरक पेस्ट – 1 छोटा चम्मच बारीक कटा हरा धनिया – 2 टेबलस्पून नमक – स्वादानुसार काली मिर्च पाउडर – आधा छोटा चम्मच चाट मसाला – आधा छोटा चम्मच ब्रेड क्रम्ब्स – कोटिंग के लिए तेल – हल्का सा सिर्फ तलने के लिए यह भी पढ़ें: Matar Masala Oats Recipe: 15 मिनट में तैयार होने वाला सबसे हेल्दी और टेस्टी ब्रेकफास्ट, स्वाद ऐसा कि बार-बार बनाने का करे मन रागी चीज बॉल्स बनाने की रेसिपी रागी चीज बॉल्स बनाने के लिए सबसे पहले एक कड़ाही में रागी आटा हल्का सा भून लें, ताकि इसका कच्चापन पूरी तरह से खत्म हो जाए. अब इसे ठंडा होने के लिए कुछ देर छोड़ दें. इसके बाद एक बड़े बाउल में भुना हुआ रागी आटा, मैश किए हुए आलू, कद्दूकस किया हुआ चीज, हरी मिर्च, अदरक का पेस्ट, हरा धनिया, नमक, काली मिर्च और चाट मसाला डालकर अच्छे से मिलाएं. इसके बाद आपको इस मिश्रण से छोटे-छोटे बॉल्स बना लेना है. अब हर बॉल को हल्के हाथ से ब्रेड क्रम्ब्स में रोल करें, जिससे ये बॉल्स बाहर से क्रिस्पी बन जाएं. अब एक नॉन-स्टिक पैन में थोड़ा सा तेल गर्म करें और बॉल्स को धीमी आंच पर गोल्डन होने तक सेक लें. आप गर चाहें तो इन्हें एयर फ्रायर में भी बना सकते हैं. गर्मागर्म रागी चीज बॉल्स को हरी चटनी, टोमैटो केचप या दही डिप के साथ सर्व करें. यह भी पढ़ें: Mix Veg Crepes Recipe: पोहा और पराठे से हो गए बोर? ट्राय करें हेल्दी मिक्स वेज क्रीपीज, सुबह की एनर्जी डबल करने वाली ब्रेकफास्ट रेसिपी The post Ragi Cheese Balls Recipe: बच्चों को बाहर के स्नैक्स भूलने पर मजबूर कर देगा ये हेल्दी नाश्ता, ट्राय करें 15 मिनट में बनने वाली ये मजेदार रेसिपी appeared first on Naya Vichar.

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31 जनवरी से 3 फरवरी तक गरज-चमक के साथ भारी बारिश, एक्टिव होने वाला है पश्चिमी विक्षोभ, फिर लौटेगी ठंड

एक्टिव हो सकता है एक नया पश्चिमी विक्षोभ 31 जनवरी से 2 फरवरी तक दिखेगा असर पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र हो सकते हैं प्रभावित 1 फरवरी को भारी बारिश या बर्फबारी की संभावना उत्तर-पश्चिम हिंदुस्तान के मैदानी इलाकों में भी बारिश की संभावना Heavy Rain Alert: पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में अगले 48 घंटों में मौसम फिर करवट ले सकता है. एक नए पश्चिमी विक्षोभ के एक्टिव होने की संभावना. इसके कारण 31 जनवरी से लेकर 2 फरवरी तक पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है. ऊंचाई वाले इलाकों में मध्यम से भारी बर्फबारी हो सकती है. हिंदुस्तान मौसम विज्ञान विभाग ने 1 फरवरी को भारी बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई है. मौसम विभाग के मुताबिक, उत्तर-पश्चिम राज्य- राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और उससे सटे मध्य हिंदुस्तान के कुछ इलाकों में 31 जनवरी से लेकर 2 फरवरी तक हल्की बारिश हो सकती है. इन इलाकों में छा सकता है घना कोहरा हिंदुस्तान मौसम विज्ञान विभाग का अनुमान है कि उत्तर-पश्चिम हिंदुस्तान और उससे सटे मध्य हिंदुस्तान और पूर्वी हिंदुस्तान के कुछ हिस्सों में 2 फरवरी तक सुबह के समय घना कोहरा छाए रहने की संभावना है. 2 फरवरी तक बिहार, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, यूपी, राजस्थान समेत कई और इलाकों में सुबह के समय घना कोहरा छाया रह सकता है. पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से चलेंगी तेज हवाएं मौसम विभाग के यह भी अनुमान है कि एक नया पश्चिमी विक्षोभ 30 जनवरी की रात से उत्तर-पश्चिम हिंदुस्तान को प्रभावित करना शुरू कर सकता है. इसके प्रभाव से 01 फरवरी को पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र यानी जम्मू और कश्मीर, लद्दाख और हिमाचल प्रदेश और उत्तर-पश्चिम हिंदुस्तान के मैदानी इलाकों में गरज-चमक, बिजली और 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं के साथ छिटपुट से लेकर काफी व्यापक बारिश या बर्फबारी हो सकती है. न्यूनतम तापमान में आ सकती है गिरावट मौसम विभाग के मुताबिक अगले 2 दिनों के दौरान उत्तर-पश्चिम और मध्य हिंदुस्तान में न्यूनतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस की धीरे-धीरे गिरावट हो सकती है. अगले 5 से 6 दिनों में गुजरात में न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की धीरे-धीरे गिरावट होगी और उसके बाद कोई खास बदलाव नहीं होगा. घने कोहरे, शीतलहर की चेतावनी मौसम विभाग के मुताबिक जम्मू-कश्मीर-लद्दाख-गिलगित-बाल्टिस्तान-मुज़फ़्फ़राबाद, ओडिशा में 30 जनवरी, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा चंडीगढ़ और दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश में 31 जनवरी तक देर रात और सुबह के समय कुछ जगहों पर घना कोहरा छाए रहने की संभावना है. उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम, बिहार में 30 से 31 जनवरी के दौरान शीतलहर चलने की संभावना है. हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ में 31 जनवरी के दौरान कुछ जगहों पर शीतलहर चल सकती है. The post 31 जनवरी से 3 फरवरी तक गरज-चमक के साथ भारी बारिश, एक्टिव होने वाला है पश्चिमी विक्षोभ, फिर लौटेगी ठंड appeared first on Naya Vichar.

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360 डिग्री कैमरा और ADAS की सेफ्टी के साथ आएगी Volkswagen की ये 7 सीटर SUV, चेक करें अन्य फीचर्स

Volkswagen ने हिंदुस्तान के लिए अपनी नई SUV Tayron R-Line को ऑफिशियली पेश कर दिया है. इसकी लॉन्चिंग इसी साल की पहली तिमाही में होने वाली है. हिंदुस्तान में यह Volkswagen की नई फ्लैगशिप SUV होगी, जिसे कंपनी Tiguan और अपनी बड़ी प्रीमियम SUVs के बीच की जगह भरने के लिए ला रही है. खास बात ये है कि Tayron R-Line के साथ Volkswagen करीब 5 साल बाद फिर से तीन-रो SUV सेगमेंट में वापसी कर रही है. ऐसा इसलिए क्योंकि Tiguan Allspace को कंपनी ने पहले बंद कर दिया था. यह नई SUV MQB EVO प्लेटफॉर्म पर बनी है और इसमें 7-सीटर सेटअप मिलने वाला है. इसकी लोकल असेंबली भी शुरू हो चुकी है. आइए अब जरा करीब से जानते हैं कि ये नई SUV आखिर क्या-क्या खास लेकर आने वाली है. Volkswagen Tayron R-Line की डिजाइन  सबसे पहले अगर इसके लुक की बात करें, तो Volkswagen Tayron R-Line पहली नजर में ही अपना दमदार अंदाज दिखा देती है. R-Line बैज के साथ इसमें वही अग्रेसिव और स्पोर्टी स्टाइल मिलता है. सामने की तरफ स्पोर्टी बंपर इसे सड़क पर एक स्ट्रॉन्ग और डॉमिनेटिंग प्रेजेंस देता है. इस लुक को और ज्यादा पॉवरफुल बनाते हैं इसके 19-इंच के अलॉय व्हील्स. पीछे की तरफ भी कंपनी ने कोई कसर नहीं छोड़ी है. कनेक्टेड टेललैंप्स और लाइट वाला Volkswagen लोगो मिलकर इसे प्रीमियम और मॉडर्न फील देते हैं. कितना दमदार है इंजन? Volkswagen Tayron R-Line में दमदार 2.0-लीटर टर्बो पेट्रोल इंजन आपको मिलता है. यह इंजन 204 hp की पावर और 320 Nm का टॉर्क जनरेट करता है. पावर को चारों पहियों तक पहुंचाने के लिए इसमें AWD सिस्टम के साथ 7-स्पीड ड्यूल-क्लच गियरबॉक्स दिया गया है. परफॉर्मेंस की बात करें तो Tayron R-Line सिर्फ 7.3 सेकंड में 0 से 100 kmph की रफ्तार पकड़ लेती है. कैसे है केबिन? Volkswagen Tayron R-Line में आपको सामने लगा 10.25-इंच का डिजिटल ड्राइवर डिस्प्ले और बड़ा 15-इंच टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम स्टैंडर्ड मिल जाता है. इसके साथ मिलने वाला थ्री-स्पोक स्टीयरिंग व्हील ड्राइविंग एक्सपीरियंस को और मजेदार बना देता है. डैशबोर्ड पर सिल्वर फिनिश, चमकता हुआ R लोगो और 30 रंगों तक की कस्टमाइजेबल एम्बिएंट लाइटिंग के साथ, केबिन पूरी तरह से प्रीमियम वाइब देता है. कौन-कौन से मिलते हैं फीचर्स? Volkswagen Tayron R-Line फीचर्स के मामले में किसी से कम नहीं है. इसमें 11-स्पीकर वाला Harman Kardon साउंड सिस्टम मिल जाता है. आगे की सीटें 12-वे पावर एडजस्टमेंट के साथ आती हैं, जिनमें मेमोरी फंक्शन, मसाज और वेंटिलेशन जैसी लग्जरी सुविधाएं भी दी गई हैं. इसके अलावा AR हेड-अप डिस्प्ले, पैनोरमिक सनरूफ, पावर्ड टेलगेट और 3-जोन क्लाइमेट कंट्रोल जैसे फीचर्स इसे प्रीमियम फील देते हैं. सेफ्टी और ड्राइविंग को आसान बनाने के लिए इसमें लेवल-2 ADAS जैसे एडवांस फीचर्स मौजूद हैं. इसके अलावा कई एयरबैग्स, स्टेबिलिटी कंट्रोल, हिल होल्ड असिस्ट, पार्किंग सेंसर्स और 360-डिग्री कैमरा भी मिलता है, जिससे ये SUV फीचर्स के मामले में पूरी तरह पैक्ड नजर आती है. यह भी पढ़ें: Tata Sierra लेने का बना रहे हैं प्लान? बेस वेरिएंट में मिलने वाले फीचर्स जरूर जान लें The post 360 डिग्री कैमरा और ADAS की सेफ्टी के साथ आएगी Volkswagen की ये 7 सीटर SUV, चेक करें अन्य फीचर्स appeared first on Naya Vichar.

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Magh Purnima 2026: माघ पूर्णिमा के दिन चंद्रदेव को अर्घ्य कैसे दें? जानिए नियम

Magh Purnima 2026: माघ पूर्णिमा हिंदू धर्म में अत्यंत पवित्र और फलदायी मानी जाती है. साल 2026 में यह पर्व 1 फरवरी, रविवार को मनाया जाएगा. इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा के साथ-साथ रात्रि में चंद्रदेव को अर्घ्य देने का विशेष महत्व है.मान्यता है कि इस दिन चंद्रमा अपनी सभी 16 कलाओं से परिपूर्ण होते हैं. कहा जाता है कि इस दिन चंद्रदेव को अर्घ्य देने से मानसिक शांति, सुख-समृद्धि और आरोग्य की प्राप्ति होती है. चंद्रदेव को अर्घ्य कैसे दें? माघ पूर्णिमा के दिन शाम के समय स्नान करके स्वच्छ सफेद वस्त्र धारण करें. फिर विधि-पूर्वक भगवान नारायण की पूजा करें. इसके बाद चंद्रदेव को अर्घ्य देने के लिए थाली तैयार करें. अर्घ्य देने के लिए चांदी या तांबे के लोटे का प्रयोग करें. चांदी का पात्र चंद्रमा के लिए सर्वश्रेष्ठ माना जाता है. लोटे में शुद्ध जल भरें और उसमें थोड़ा कच्चा दूध, अक्षत, सफेद फूल और चंदन मिलाएं. इसके बाद चंद्रमा की ओर मुख करके खड़े हों और धीरे-धीरे जल को नीचे गिराएं. ध्यान रखें कि जल अर्पित करते समय आपकी दृष्टि चंद्रमा पर हो. अर्घ्य देते समय चंद्र देव के मंत्र का जाप करें— मंत्र- 1)ॐ सों सोमाय नमः2)ॐ श्रां श्रीं श्रौं सः चन्द्रमसे नमः. माघ पूर्णिमा पर अर्घ्य देने के लाभ मानसिक शांति: चंद्रमा मन का कारक है, इसलिए इस दिन पूजा करने और अर्घ्य देने से तनाव और मानसिक विकार दूर होते हैं. चंद्र दोष से मुक्ति: यदि कुंडली में चंद्रमा कमजोर है, तो माघ पूर्णिमा का अर्घ्य उसे मजबूती प्रदान करता है. मां लक्ष्मी की कृपा: कहा जाता है कि चंद्रदेव को अर्घ्य देने से आर्थिक तंगी दूर होती है और माता लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है. यह भी पढ़ें: Magh Purnima 2026: माघ पूर्णिमा कब है? जानें सही तिथि, महत्व, पूजा विधि और मंत्र Disclaimer: यहां दी गई जानकारी केवल मान्यताओं और परंपरागत जानकारियों पर आधारित है. नया विचार किसी भी तरह की मान्यता या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. The post Magh Purnima 2026: माघ पूर्णिमा के दिन चंद्रदेव को अर्घ्य कैसे दें? जानिए नियम appeared first on Naya Vichar.

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Veg Grilled Sandwich Recipe: घर पर बनाएं रेस्टुरेंट जैसा क्रिस्पी ग्रिल्ड सैंडविच, फॉलो करें ये आसान रेसिपी और पाएं रेस्टोरेंट वाला स्वाद

Veg Grilled Sandwich Recipe: सुबह का नाश्ता हो या शाम की भूख, एक क्रिस्पी सैंडविच हर किसी का फेवरेट होता है. अक्सर हम बाजार जैसा कुरकुरा और चीजी सैंडविच घर पर बनाने की कोशिश करते हैं, लेकिन वह रेस्टोरेंट वाला स्वाद नहीं मिल पाता. अगर आप भी घर बैठे वही स्ट्रीट स्टाइल स्वाद पाना चाहते हैं, तो यह रेसिपी खास आपके लिए है. आज हम आपको Veg Grilled Sandwich बनाने का सबसे आसान तरीका बताएंगे, जिससे आपका सैंडविच बाहर से एकदम क्रिस्पी और अंदर से चटपटा बनेगा. इसे बनाने में समय भी कम लगता है और स्वाद ऐसा कि हर कोई आपकी तारीफ करेगा. ग्रिल्ड सैंडविच बनाने के लिए किन चीजों की जरुरत है? ब्रेड: 4 स्लाइस (व्हाइट या ब्राउन)मक्खन: 2 बड़े चम्मचहरी चटनी: 2 चम्मच (तीखी वाली)सब्जियां: उबले हुए आलू, प्याज, टमाटर और खीरे के स्लाइसचीज: 2 स्लाइस या कद्दूकस किया हुआ मोजेरेलामसाले: चाट मसाला, काली मिर्च पाउडर और नमक रेस्टुरेंट जैसा ग्रिल्ड सैंडविच कैसे बनाएं? ब्रेड तैयार करें: ग्रिल्ड सैंडविच बनाने के लिए सबसे पहले सबसे पहले ब्रेड की दो स्लाइस लें और उनके एक तरफ अच्छे से मक्खन लगाएं. मक्खन लगाने से ब्रेड चटनी सोखती नहीं है और सैंडविच अंदर से नरम नहीं पड़ता. अब इसके ऊपर तीखी हरी चटनी की एक परत लगाएं.सब्जियों की लेयरिंग: चटनी लगाने के बाद एक स्लाइस पर उबले हुए आलू, खीरा, टमाटर और प्याज के स्लाइस रखें. ऊपर से थोड़ा नमक, काली मिर्च पाउडर और चाट मसाला छिड़कें. अगर आप इसे चीजी बनाना चाहते हैं, तो इसके ऊपर एक चीज स्लाइस भी रख दें.सैंडविच को कवर करें: अब दूसरी ब्रेड स्लाइस (जिस पर मक्खन और चटनी लगी हो) से सब्जियों को कवर कर दें. ऊपर वाली ब्रेड के बाहरी हिस्से पर भी थोड़ा मक्खन लगाएं.ग्रिलिंग का तरीका: एक ग्रिल पैन या सैंडविच मेकर गरम करें. सैंडविच को उसमें रखें और धीमी आंच पर गोल्डन ब्राउन होने तक सेकें. जब एक तरफ से क्रिस्पी हो जाए, तो पलट कर दूसरी तरफ से भी सेक लें. ये भी पढ़ें: Malai Broccoli Recipe: पनीर टिक्का भी भूल जाएंगे जब इस मलाईदार तरीके से बनाएंगे ब्रोकोली ये भी पढ़ें: Sooji Rings Recipe: चिप्स और कुरकुरे भूल जाएंगे जब घर पर बनाएंगे ये सूजी रिंग्स, जानें आसान रेसिपी ये भी पढ़ें: Carrot Chips Recipe: आलू के चिप्स भूल जाएंगे! घर पर बनाएं ये कुरकुरे और हेल्दी गाजर के चिप्स, नोट करें आसान रेसिपी The post Veg Grilled Sandwich Recipe: घर पर बनाएं रेस्टुरेंट जैसा क्रिस्पी ग्रिल्ड सैंडविच, फॉलो करें ये आसान रेसिपी और पाएं रेस्टोरेंट वाला स्वाद appeared first on Naya Vichar.

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