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January 29, 2026

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कर्ज से तंग आकर कांग्रेस नेता उमाशंकर पासवान ने की खुदकुशी, सुसाइड नोट में बयां किया दर्द

Kaimur: बिहार के कैमूर जिले के भभुआ थाना क्षेत्र में कांग्रेस के जिला उपाध्यक्ष उमाशंकर पासवान (66 वर्ष) ने गुरुवार को आत्महत्या कर ली. वह सोनडिहरा गांव के निवासी थे. उमाशंकर पासवान दलित समाज से जुड़े वरिष्ठ नेता थे और लंबे समय से कांग्रेस पार्टी में सक्रिय भूमिका निभा रहे थे. क्या बोले परिजन परिजनों ने बताया कि गुरुवार की सुबह उमाशंकर ने अपने ही घर के एक कमरे में फांसी लगाकर जान दे दी. करीब चार बजे घर की स्त्रीएं बाहर गई थीं. इसी दौरान उन्होंने दूसरे कमरे का दरवाजा अंदर से बंद कर लिया. काफी देर तक दरवाजा नहीं खुला तो परिजनों को शक हुआ. सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और दरवाजा तोड़कर देखा गया, जहां उमाशंकर पंखे से लटके मिले. बिहार की ताजा समाचारों के लिए क्लिक करें मौके से मिला सुसाइड नोट पुलिस को मौके से एक सुसाइड नोट मिला है, जिसमें उन्होंने आत्महत्या की वजह बताई है. बताया गया है कि वह लंबे समय से कर्ज में डूबे हुए थे. कर्ज चुकाने के लिए उन्होंने अपनी जमीन तक बेच दी थी, लेकिन जमीन खरीदने वाले व्यक्ति ने उन्हें पूरा पैसा नहीं दिया. इसी बात से वह मानसिक रूप से काफी परेशान थे. सुसाइड नोट में उमाशंकर पासवान ने लिखा है कि उन्होंने अलग-अलग समय पर अपनी जमीन बेची थी, लेकिन तय रकम नहीं मिल पाई. इसके अलावा उन्होंने बैंक से लिए गए लोन का भी जिक्र किया है. कर्ज चुकाने का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा था, जिससे वह तनाव में रहने लगे थे. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि उमाशंकर पिछले कुछ दिनों से बेहद परेशान थे. मामले की जांच की जा रही है और सुसाइड नोट के आधार पर हर पहलू को खंगाला जा रहा है. कांग्रेस के जिला नेताओं ने भी इस घटना पर गहरा दुख जताया है और इसे पार्टी के लिए बड़ी क्षति बताया है. इसे भी पढ़ें:  सम्राट चौधरी का बड़ा एलान, 2026 तक पूरे होंगे सभी वादे, लगेंगे बड़े उद्योग The post कर्ज से तंग आकर कांग्रेस नेता उमाशंकर पासवान ने की खुदकुशी, सुसाइड नोट में बयां किया दर्द appeared first on Naya Vichar.

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UGC New Regulations :  यूजीसी के नये नियमों की जांच करेगा सुप्रीम कोर्ट, फिलहाल 2012 का नियम प्रभाव; जानें पूरी बात

UGC New Regulations : यूजीसी के नये नियमों पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी है और कहा है कि फिलहाल 2012 के नियम ही प्रभावी होंगे. कोर्ट ने अपनी टिप्पणी में यह कहा है कि नियमों में कुछ अस्पष्टता है, जिसकी वजह से इसका बेजा इस्तेमाल हो सकता है. सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र प्रशासन और यूजीसी को नोटिस जारी करते हुए मामले की अगली सुनवाई 19 मार्च को करने के लिए कहा है. यूजीसी के नये नियमों पर क्या थी आपत्ति? यूजीसी के नये नियमों पर जेनरल कैटेगरी के लोगों ने आपत्ति जताई थी और कहा था कि यह भेदभाव पूर्ण है और इसका गलत इस्तेमाल सामान्य श्रेणी के छात्रों के खिलाफ किया जा सकता है. दरअसल यूजीसी ने रोहित वेमुला और पायल तड़वी की आत्महत्या के बाद संस्थानों में जाति आधारित भेदभाव को मिटाने के लिए नये नियम 13 जनवरी को जारी किये थे, जिसमें एससी–एसटी के साथ ओबीसी, दिव्यांग और स्त्रीओं को शामिल किया था. इस नियम का उद्देश्य हाशिए पर रहने वाले लोगों को जाति आधारित भेदभाव से बचाना था. लेकिन जेनरल कैटगरी के लोगों ने इसे भेदभाव पूर्ण बताया, क्योंकि इस नियम में गलत शिकायत दर्ज करने वालों के लिए किसी भी तरह की सजा का कोई प्रावधान नहीं किया गया है. जेनरल कैटेगरी के लोगों ने यूजीसी के नये नियमों के खिलाफ पूरे देश में विरोध प्रदर्शन किया और इन नियमों को जेनरल कैटेगरी की प्रताड़ना का जरिया तक बताया. यूजीसी एक्ट 2012 में क्या है खास? यूजीसी ने 2012 में संस्थानों में जाति आधारित भेदभाव को मिटाने के लिए एक नया कानून बनाया था, जिसके तहत एससी–एसटी वर्ग से आने वाले लोगों को जाति आधारित भेदभाव से बचाने के लिए नियम बनाए गए थे. इस नियम का उद्देश्य अनुशासन कायम करना है, ताकि जातिगत भेदभाव ना हो. यह नियम बहुत सख्त नहीं थे और इसमें गलत शिकायत करने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई और दंड का प्रावधान था. यूजीसी के नये नियमों पर कहां हो रही है सुनवाई? यूजीसी के नियमों के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में कई याचिकाएं दाखिल की गई थीं. मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जाॅयमाल्या बागची की बेंच सुनवाई कर रही है. यूजीसी के नये नियमों के खिलाफ मृत्युंजय तिवारी, एडवोकेट विनीत जिंदल और राहुल दीवान कोर्ट गए हैं और इन नियमों को जेनरल कैटेगरी के लोगों के खिलाफ भेदभाव पूर्ण बताया है. कोर्ट ने यह स्पष्ट कहा है कि नये नियमों पर रोक इसलिए लगाई जा रही है ताकि इसकी संवैधानिकता की जांच हो. कोर्ट इस बात को देखेगा कि क्या नये नियमों में संविधान के खिलाफ कुछ भी है या नहीं, उसके बाद ही यह नियम लागू हो पायेंगे या यह भी संभव है कि इसमें कुछ संशोधन हो. विभिन्न विषयों पर एक्सप्लेनर और विशेष आलेख पढ़ने के लिए क्लिक करें सुप्रीम कोर्ट मुख्यत: नियम में क्या जांच करेगा? सुप्रीम कोर्ट, यूजीसी के नये नियमों की जांच करेगा और यह देखेगा कि क्या नियम जाति, धर्म और लिंग के आधार पर किसी तरह का कोई भेदभाव तो नहीं कर रहा है. इसकी वजह यह है कि संविधान में इस तरह के भेदभाव के लिए कोई जगह नहीं है. यहां गौर करने वाली बात यह है कि संविधान के अनुच्छेद 15(4) और 15(5) के तहत SC/ST/OBC के लिए विशेष प्रावधान करने की स्वतंत्रता राज्य को है. सुप्रीम कोर्ट यह भी देखेगा कि नये नियम कहीं किसी खास जाति के खिलाफ भेदभाव पूर्ण तो नहीं हैं. ये भी पढ़ें : Ajit Pawar Death : महाराष्ट्र के इन होनहार नेताओं को किसकी लगी नजर, एक के बाद एक की हुई मौत Ajit Pawar : कांग्रेस के साथ प्रशासन बनाने से NCP के बंटवारे तक चाचा–भतीजा रहे आमने–सामने, लेकिन प्यार नहीं हुआ कम The post UGC New Regulations :  यूजीसी के नये नियमों की जांच करेगा सुप्रीम कोर्ट, फिलहाल 2012 का नियम प्रभाव; जानें पूरी बात appeared first on Naya Vichar.

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ओडिशा जेईई के लिए एप्लीकेशन शुरू, इन डॉक्यूमेंट्स की होगी जरूरत

OJEE 2026 Application: ओडिशा जॉइंट एंट्रेंस एग्जाम कमिटी की तरफ से OJEE के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. जो भी कैंडिडेट्स इस परीक्षा के जरिए अंडरग्रेजुएट या पोस्टग्रेजुएट कोर्स में एडमिशन लेना चाहते हैं, वे ऑफिशियल वेबसाइट ojee.nic.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. आवेदन की शुरुआत 28 जनवरी 2026 से हो चुकी है और आखिरी तारीख 22 मार्च 2026 तय की गई है. OJEE 2026 परीक्षा कब होगी? OJEE कमिटी की तरफ से जारी टेंटेटिव एग्जाम कैलेंडर के अनुसार, OJEE परीक्षा 4, 5, 7, 8 और 9 मई 2026 को आयोजित की जा सकती है. यह परीक्षा पूरी तरह कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट CBT मोड में होगी. परीक्षा का सही दिन, शिफ्ट, टाइमिंग और एग्जाम सेंटर की जानकारी बाद में एडमिट कार्ड के जरिए दी जाएगी. OJEE 2026 के लिए आवेदन कैसे करें? सबसे पहले ऑफिशियल वेबसाइट ojee.nic.in पर जाएं. अब OJEE 2026 Application लिंक पर क्लिक करें. नया रजिस्ट्रेशन करें और लॉगिन डिटेल्स बनाएं. आवेदन फॉर्म में पर्सनल और एजुकेशनल डिटेल्स भरें. जरूरी डॉक्यूमेंट्स अपलोड करें. आवेदन फीस ऑनलाइन जमा करें. फॉर्म सबमिट करके उसका प्रिंट आउट सुरक्षित रखें. OJEE 2026 Application Link Check Here OJEE के लिए जरूरी डॉक्यूमेंट्स की लिस्ट पासपोर्ट साइज फोटो (स्कैन कॉपी) कैंडिडेट का सिग्नेचर (स्कैन कॉपी) 10वीं की मार्कशीट 12वीं की मार्कशीट आधार कार्ड या कोई अन्य वैध फोटो आईडी प्रूफ कैटेगरी सर्टिफिकेट (SC ST OBC आदि, अगर लागू हो) एक्टिव मोबाइल नंबर एक्टिव ईमेल आईडी इन कोर्सेज में मिलेगा एडमिशन OJEE 2026 सिर्फ एक परीक्षा नहीं बल्कि कई प्रोफेशनल कोर्सेज का गेटवे है. इसके जरिए ओडिशा के प्रशासनी और प्राइवेट कॉलेजों में एडमिशन मिलता है. इसमें BPharm, BSc Nursing, Post BSc Nursing, MSc Nursing, MCA, MBA, Integrated MBA, M.Sc Computer Science, BCAT, MTech, MArch, MPlan, MPharm जैसे कई कोर्स शामिल हैं. इसके साथ ही BTech और BPharm में लेटरल एंट्री का भी मौका मिलता है. यह भी पढ़ें: हेल्थकेयर सेक्टर में उड़ान, Biomedical Engineering कोर्स से बनाएं मजबूत करियर The post ओडिशा जेईई के लिए एप्लीकेशन शुरू, इन डॉक्यूमेंट्स की होगी जरूरत appeared first on Naya Vichar.

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क्रिकेटर मोहम्मद शमी के बाद अब फुटबॉलर मेहताब हुसैन को नोटिस, संदिग्ध वोटरों की सूची में बंगाल के कई नामचीन नाम

मुख्य बातें एक फरवरी को सुनवाई के लिए बुलाया चुनाव आयोग का रवैया परेशान करनेवाला बीजेपी जॉइन करने के 24 घंटे बाद ही छोड़ी थी नेतृत्व SIR in Bengal : कोलकाता. बंगाल में इस साल चुनाव होने हैं. चुनाव आयोग बंगाल में मतदाता सूची को अपडेट कर रहा है. नयी वोटर लिस्ट जारी होने से पहले बंगाल में चल रहे SIR को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है. चुनाव आयोग की ओर से जारी संदिग्ध वोटरों की सूची में बंगाल के कई नामचीन हस्तियों के नाम शामिल हो चुके हैं. ताजा मामला देश के लिए अंतरराष्ट्रीय मैच स्पोर्ट्स चुके फुटबॉलर मेहताब हुसैन का है. चुनाव आयोग ने मेहताब हुसैन को संदिग्ध वोटर की सूची में रखा है. उन्हें एसआईआर सुनवाई के लिए तलब किया गया है. इससे पहले, बंगाल के तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी को भी एसआईआर सुनवाई के लिए तलब किया गया था. एक फरवरी को सुनवाई के लिए बुलाया फुटबॉलर मेहताब हुसैन ने कोलकाता की दो प्रमुख टीमों के लिए स्पोर्ट्सा है. उन्हें राष्ट्रीय जर्सी पहने कर देश के लिए स्पोर्ट्सने का भी मौका मिल चुका है. एसआईआर नोटिस पाकर स्तब्ध हैं. पूर्व फुटबॉलर को 1 फरवरी को बरुईपुर के पास मल्लिकपुर स्थित अब्दस शकूर हाई स्कूल में पेश होना होगा. बुधवार रात को मेहताब हुसैन को बीएलओ का फोन आया. उनका नाम 2002 की मतदाता सूची में था. हालांकि, उन्हें बताया गया कि उनकी मां के नाम में गलती हो गई है. इसलिए, मेहताब को सुनवाई के लिए बुलाया गया है. मेहताब से पहले नेताजी सुभाष चंद्र बोस के परिवार, अमर्त्य सेन और मोहम्मद शमी जैसे लोगों को भी एसआईआर की सुनवाई में बुलाया गया था. मेहताब ने भी आज यही बात कही. उन्होंने कहा कि इन मामलों पर विचार किया जाना चाहिए. अन्यथा, यह उत्पीड़न जारी रहेगा. चुनाव आयोग का रवैया परेशान करनेवाला मेहताब फिलहाल बंगाल सुपर लीग में व्यस्त हैं. इसलिए, अगर उनकी टीम फाइनल में पहुंचती है, तो वे 1 फरवरी को होने वाली सुनवाई में शामिल नहीं हो पाएंगे. नतीजतन, वे 2 फरवरी को होने वाली सुनवाई में शामिल होने का अनुरोध किये हैं. मेहताब अब न्यू टाउन में रहते हैं, लेकिन उनका मूल घर मल्लिकपुर में है. इसलिए वे अभी भी वहां के मतदाता हैं. सुनवाई के लिए बुलाए जाने पर मेहताब बहुत नाराज हैं. वो कहते हैं- अब इसे और बर्दाश्त नहीं किया जा सकता. ऑफिस है, फुटबॉल है. बहुत से लोग मेरी तरह व्यस्त हैं. बहुत से लोगों को हर दिन इस तरह की उत्पीड़न झेलनी पड़ती है. बीजेपी जॉइन करने के 24 घंटे बाद ही छोड़ी थी नेतृत्व बीजेपी में शामिल होने के एक दिन बाद पूर्व हिंदुस्तानीय फुटबॉलर मेहताब हुसैन ने कहा कि वह किसी नेतृत्वक दल से नहीं जुड़े हैं. कोलकाता मैदान में ‘मिडफील्ड जनरल’ के नाम से मशहूर हुसैन ने कहा कि नेतृत्व छोड़ने का फैसला व्यक्तिगत है, क्योंकि वह नेतृत्वक दल में शामिल होने के अचानक लिए गए फैसले से अपने परिवार और फैंस को हुई पीड़ा से व्यथित हैं. ईस्ट बंगाल के पूर्व कप्तान को बीजेपी की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष दिलीप घोष ने मुरलीधर सेन लेन स्थित दफ्तर में हिंदुस्तान माता की जय के नारों के बीच बीजेपी का झंडा थमाया गया था. हुसैन ने उस वक्त फेसबुक पोस्ट में कहा- आज से मैं किसी भी नेतृत्वक दल से नहीं जुड़ा हूं. मैं अपने इस फैसले के लिए सभी फैंस से माफी मांगता हूं. Also Read: अभिषेक बनर्जी का भाजपा व चुनाव आयोग पर निशाना, बोले- अब SIR का स्पोर्ट्स खत्म The post क्रिकेटर मोहम्मद शमी के बाद अब फुटबॉलर मेहताब हुसैन को नोटिस, संदिग्ध वोटरों की सूची में बंगाल के कई नामचीन नाम appeared first on Naya Vichar.

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Navratan Pulao Recipe: खास मौके के लिए परफेक्ट नवरत्न पुलाव, नोट कर लें आसान रेसिपी 

Navratan Pulao Recipe: नवरत्न पुलाव एक स्वादिष्ट और खुशबूदार चावल की डिश है, जिसे अलग-अलग सब्ज़ियों और ड्राई फ्रूट्स से बनाया जाता है. इसमें चावल के साथ मटर, गाजर, बीन्स जैसी सब्जियां और काजू-किशमिश डाली जाती हैं, जो इसे स्वाद के साथ-साथ पौष्टिक भी बनाती हैं. इस पुलाव को “नवरत्न” इसलिए कहा जाता है क्योंकि इसमें कई तरह की चीजें मिलती हैं, जैसे नौ रत्न. हल्का मीठा और हल्का मसालेदार स्वाद होने के कारण यह बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी को पसंद आता है. नवरत्न पुलाव बनाना आसान होता है और यह खास मौके, त्योहार या मेहमान आने पर परोसने के लिए एक बढ़िया विकल्प है. इसे रायता या सलाद के साथ खाया जाए तो इसका स्वाद और भी बढ़ जाता है. नवरत्न पुलाव बनाने के लिए सामान  बासमती चावल – 1 कप (धोकर 20 मिनट भिगोए हुए) घी – 2 टेबलस्पून तेज पत्ता – 1 जीरा – ½ छोटा चम्मच दालचीनी – 1 छोटा टुकड़ा हरी इलायची – 2 लौंग – 3–4 काजू – 10–12 (आधे कटे) किशमिश – 1 टेबलस्पून मटर – ½ कप गाजर – ½ कप (छोटे टुकड़े) बीन्स – ¼ कप शिमला मिर्च – ¼ कप नमक – स्वादानुसार चीनी – ½ छोटा चम्मच (वैकल्पिक) पानी – 2 कप केसर – 8–10 धागे (दूध में भिगोए हुए) बनाने का आसान तरीका  ड्राई फ्रूट तैयार करें कढ़ाही या कुकर में 1 चम्मच घी गरम करें.  काजू और किशमिश हल्के सुनहरे होने तक तलकर निकाल लें. पुलाव बनाएं उसी बर्तन में बचा हुआ घी डालें. जीरा, तेज पत्ता, दालचीनी, इलायची और लौंग डालें. खुशबू आने पर सब्ज़ियां डालकर 2 मिनट चलाएं. अब भीगे हुए चावल डालें और हल्के से मिलाएं. नमक, चीनी और केसर वाला दूध डालें. पानी डालकर ढक दें और धीमी आंच पर पकाएं. कुकर में: 1 सीटी कढ़ाही में: 10–12 मिनट धीमी आंच पर फाइनल टच गैस बंद करें, ऊपर से तले हुए काजू–किशमिश डालें.5 मिनट दम दें और हल्के हाथ से चावल खोलें. यह भी पढ़ें: Dhaba Style Chicken Chilli Recipe: घर पर बनाएं मसालेदार ढाबा स्टाइल चिकन चिल्ली, ये रहा आसान तरीका यह भी पढ़ें: Aloo Kachori Recipe: घर पर बनाएं स्वादिष्ट और कुरकुरी आलू कचौरी, मेहमान भी पूछेंगे रेसिपी The post Navratan Pulao Recipe: खास मौके के लिए परफेक्ट नवरत्न पुलाव, नोट कर लें आसान रेसिपी  appeared first on Naya Vichar.

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क्लिप-स्टाइल डिजाइन में लॉन्च हुए Realme के नए ईयरफोन्स, 3D ऑडियो के साथ मिलेंगे स्मार्ट फीचर्स

Realme Buds Clip Launched: अगर आप ऐसे ईयरबड्स ढूंढ रहे हैं, जो कानों में चुभें नहीं, देर तक पहनने पर भी आरामदायक रहें और साथ-साथ दमदार साउंड भी दें, तो Realme आपके लिए कुछ नया लेकर आया है. चाइनीज टेक कंपनी रियलमी ने आज हिंदुस्तान में अपने नये Realme Buds Clip को लॉन्च कर दिया है. ये वायरलेस ईयरबड्स ओपन-ईयर डिजाइन के साथ आते हैं, जिससे कानों पर दबाव नहीं पड़ता और आसपास की आवाज भी सुनाई देती है. इनमें IP55 रेटिंग दी गई है, जो धूल और पानी से सुरक्षा देती है. ऐसे में म्यूजिक, कॉल्स और स्मार्ट फीचर्स का परफेक्ट बैलेंस चाहने वालों के लिए Realme Buds Clip एक फ्रेश और मॉडर्न ऑप्शन बनकर सामने आए हैं. आइए जानते हैं इसकी कीमत और फीचर्स. Realme Buds Clip प्राइस कंपनी ने नये Realme Buds Clip को हिंदुस्तान में 5,999 रुपये में लॉन्च किया है. ये Titanium Black और Titanium Gold कलर ऑप्शन में लॉन्च हुए हैं. कंपनी इस पर 500 रुपये का लॉन्च ऑफर भी दे रही है, जिससे इसे 5,499 रुपये में खरीदा जा सकता है. इस प्रोडक्ट की सेल 5 फरवरी से Realme वेबसाइट, Amazon, Flipkart और ऑफलाइन स्टोर्स पर शुरू होगी. कैसा है डिजाइन? Realme Buds Clip के डिजाइन कि बात करें, तो ये ओपन-ईयर डिजाइन के साथ आते हैं, जो कान के बाहर टिकता है. ऐसे में लंबे समय तक पहने रहते हुए भी ज्यादा परेशानी नहीं होगी. ईयरबड का वजन सिर्फ 5.3 ग्राम है. वहीं, मैट फिनिश इसे पसीने और ऑइल से सुरक्षित बनाती है. साउंड और कॉल क्वालिटी Realme Buds Clip में 11mm ड्यूल-मैगनेट ड्राइवर दिए गए हैं, जो NextBass एल्गोरिदम से पावर लेकर डेप्थ में और दमदार बेस देता है. 3D स्पेशियल ऑडियो और डायरेक्शनल साउंड टेक्नोलॉजी न सिर्फ इमर्सिव एक्सपीरियंस देती है, बल्कि ऑडियो लीकेज को भी कम करने का दावा करती है. AI नॉइस कैंसलेशन और विंड रिडक्शन कॉलिंग को साफ बनाते हैं. स्मार्ट फीचर्स ये ईयरबड्स Bluetooth 5.4, डुअल-डिवाइस कनेक्टिविटी और 45ms लो-लेटेंसी को सपोर्ट करते हैं. AI Translator फीचर 30 से ज्यादा भाषाओं में रियल-टाइम ट्रांसलेशन देता है. इसमें टच कंट्रोल्स भी मौजूद हैं. बैटरी और चार्जिंग एक बार चार्ज करने पर ईयरबड्स 7 घंटे तक चलते हैं. चार्जिंग केस के साथ कुल बैटरी लाइफ 36 घंटे तक है. केस में USB Type-C पोर्ट दिया गया है. यह भी पढ़ें: 10,001mAh की बैटरी के साथ इंडिया में लॉन्च हुआ Realme P4 Power 5G, जानें फीचर्स और शुरुआती कीमत The post क्लिप-स्टाइल डिजाइन में लॉन्च हुए Realme के नए ईयरफोन्स, 3D ऑडियो के साथ मिलेंगे स्मार्ट फीचर्स appeared first on Naya Vichar.

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Glowing Skin Tips: किचन की इन 2 चीजों से चेहरे पर आएगा ऐसा निखार, कि पार्लर जाना भूल जाएंगे आप

Glowing Skin Tips:अक्सर लोग चमकती त्वचा पाने के लिए महंगे ब्यूटी प्रोडक्ट्स और पार्लर के महंगे ट्रीटमेंट का सहारा लेते हैं, लेकिन इनका असर कुछ ही दिनों में खत्म हो जाता है. क्या आप जानते हैं कि असली और टिकाऊ निखार आपके घर की रसोई में ही छिपा है? जी हां, कुछ आसान घरेलू नुस्खों और सही आदतों को अपनाकर आप बिना एक पैसा खर्च किए घर बैठे ही ग्लास स्किन पा सकते हैं. आज इस आर्टिकल में हम आपको कुछ ऐसे जादुई ग्लोइंग स्किन टिप्स बताएंगे, जिन्हें आजमाने के बाद आपके चेहरे पर गजब का ग्लो आएगा और लोग आपकी खूबसूरती का राज पूछने पर मजबूर हो जाएंगे. कच्चा दूध और शहद (Raw Milk and Honey) कच्चा दूध चेहरे के लिए एक बेहतरीन क्लींजर का काम करता है. इसमें मौजूद लैक्टिक एसिड त्वचा की गंदगी को गहराई से साफ करता है. कैसे करें इस्तेमाल: दो चम्मच कच्चे दूध में एक चम्मच शहद मिलाएं. इसे रुई (Cotton) की मदद से चेहरे पर लगाएं और 15 मिनट बाद ठंडे पानी से धो लें.फायदा: इससे स्किन सॉफ्ट होती है और नेचुरल ग्लो आता है. बेसन और हल्दी का पैक (Besan and Turmeric Pack) सदियों से खूबसूरती निखारने के लिए बेसन और हल्दी का इस्तेमाल किया जा रहा है. यह डेड स्किन को हटाने और रंगत साफ करने में मदद करता है. कैसे करें इस्तेमाल: एक चम्मच बेसन में एक चुटकी हल्दी और थोड़ा सा गुलाब जल मिलाएं. इस पेस्ट को चेहरे पर लगाएं और सूखने के बाद रगड़कर धो लें.फायदा: यह चेहरे के दाग-धब्बों को कम करता है और इंस्टेंट ग्लो देता है. चमकती त्वचा के लिए 3 जरूरी बातें भरपूर पानी पिएं: दिन में कम से कम 8-10 गिलास पानी पिएं ताकि शरीर के टॉक्सिन्स बाहर निकल सकें. नींद पूरी करें: रोजाना 7-8 घंटे की नींद लें, जिससे आंखों के नीचे काले घेरे (Dark Circles) न हों. ताजे फल खाएं: अपनी डाइट में विटामिन-सी वाले फल जैसे संतरा और नींबू शामिल करें. ये भी पढ़ें: Night Skincare Tips: रात में की गई ये गलतियां आपकी स्किन बर्बाद कर रही हैं, अभी जानें बचाव का तरीका ये भी पढ़ें: Skincare Tips: रूखी और थकी हुई स्किन को तुरंत चमकदार बनाने के लिए आज ही शुरू करें ये उपाय Disclaimer: यह आर्टिकल सामान्य जानकारियों और मान्यताओं पर आधारित है. नया विचार इसकी पुष्टि नहीं करता है. The post Glowing Skin Tips: किचन की इन 2 चीजों से चेहरे पर आएगा ऐसा निखार, कि पार्लर जाना भूल जाएंगे आप appeared first on Naya Vichar.

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पश्चिमी विक्षोभ का दिखेगा असर, बारिश का अलर्ट जारी, 3 फरवरी तक का वेदर अपडेट आया

Kal ka Mausam : मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, IMD के अनुसार, 30 जनवरी को दिल्ली में आकाश में बादल छाए रहेंगे. सुबह के वक्त कोहरा छाया नजर आ सकता है. 31 जनवरी को भी आकाश में बादल छाए नजर आ सकते हैं. हल्की बारिश होने की संभावना है. इस दिन हवा की गति 30 से 40 किमी/ घंटा रहने का अनुमान जताया गया है. राजस्थान में हो सकती है बारिश राजस्थान के कई इलाकों में कड़ाके की सर्दी जारी है. यहां गुरुवार सुबह कई जगह घना कोहरा छाया रहा. विभाग के अनुसार, प्रदेश में घने कोहरे व सर्दी का दौर अभी जारी रहेगा. वहीं एक नए पश्चिमी विक्षोभ के असर से 31 जनवरी व 1 फरवरी को फिर से राज्य के उत्तरी व पूर्वी भागों में कहीं-कहीं हल्की बारिश होने की संभावना है. कश्मीर में कड़ाके की ठंड कश्मीर में भीषण ठंड पड़ रही है. विभाग ने कहा है कि एक फरवरी को एक नया पश्चिमी विक्षोभ इस क्षेत्र को प्रभावित कर सकता है, जिससे एक बार फिर बारिश का दौर आ सकता है. किन राज्यों में हो सकती है बारिश 1 और 2 फरवरी को मध्य प्रदेश में जबकि 2 फरवरी को छत्तीसगढ़ में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है. 30 जनवरी की रात से एक नया पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिम हिंदुस्तान को प्रभावित कर सकता है. इसके प्रभाव से 31 जनवरी और 1 फरवरी को जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में बारिश हो सकती है. यह भी पढ़ें : 31 जनवरी तक कुछ राज्यों में चलेगी शीतलहर, बारिश का भी अलर्ट जारी 1 फरवरी को हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में जबकि 1 और 2 फरवरी को उत्तराखंड में बारिश और बर्फबारी की संभावना है. 29 और 30 जनवरी को उत्तराखंड में पाला पड़ने की स्थिति बने रहने की संभावना है. इसे जनजीवन प्रभावित हो सकता है. The post पश्चिमी विक्षोभ का दिखेगा असर, बारिश का अलर्ट जारी, 3 फरवरी तक का वेदर अपडेट आया appeared first on Naya Vichar.

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Economic Survey 2026: महंगा होगा चिप्स और कोल्ड ड्रिंक! इकोनॉमिक सर्वे ने जंक फूड को सबसे ऊंचे GST स्लैब में रखने की सिफारिश की

Economic Survey 2026: जब हम बाजार से चिप्स का पैकेट या ठंडी कोल्ड ड्रिंक उठाते हैं, तो हमें लगता है कि हम सिर्फ स्वाद खरीद रहे हैं. लेकिन इकोनॉमिक सर्वे 2025-26 की ताजा रिपोर्ट ने एक चौंकाने वाला सच सामने आया है. ये स्वाद नहीं, बल्कि आने वाली बीमारियों का ‘इन्विटेशन कार्ड’ है. आईए समझते है आसान शब्द में. जंक फूड पर लगेगा ‘भारी टैक्स’: सर्वे में सुझाव दिया गया है कि चिप्स, कोल्ड ड्रिंक्स, चॉकलेट और पैकेट बंद सूप जैसे ‘अल्ट्रा-प्रोसेस्ड’ खाने को GST के सबसे ऊंचे स्लैब में डाल देना चाहिए. इसके अलावा, जिन चीजों में नमक, चीनी और फैट ज्यादा है, उन पर अलग से ‘सरचार्ज’ लगाने की भी तैयारी है. बच्चों की सेहत पर मंडराता खतरा: रिपोर्ट के आंकड़े डराने वाले हैं. हिंदुस्तान में 5 साल से कम उम्र के बच्चों में मोटापे की समस्या 2015-16 में 2.1% थी, जो अब बढ़कर 3.4% हो गई है. अनुमान है कि 2035 तक हिंदुस्तान में करीब 8.3 करोड़ शिशु मोटापे का शिकार हो सकते हैं. इसी वजह से सर्वे में मांग की गई है कि स्कूल-कॉलेजों में जंक फूड कंपनियों की स्पॉन्सरशिप बंद होनी चाहिए. टीवी पर विज्ञापनों पर लगेगी लगाम?: क्या आपने गौर किया है कि टीवी और मोबाइल पर सुबह से रात तक जंक फूड के लुभावने विज्ञापन चलते हैं? सर्वे ने सुझाव दिया है कि सुबह 6 बजे से रात 11 बजे तक इन विज्ञापनों पर पूरी तरह रोक लगा दी जानी चाहिए. साथ ही, पैकेट पर ‘स्टार रेटिंग’ के बजाय साफ-साफ ‘चेतावनी’ लिखी होनी चाहिए ताकि ग्राहक को पता चले कि वह जहर खरीद रहा है या खाना. 40 गुना बढ़ गया जंक फूड का बाजार: हिंदुस्तान में पैकेट बंद खाने का चस्का कितनी तेजी से लगा है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 2006 में यह बाजार सिर्फ $0.9 बिलियन का था, जो 2019 तक बढ़कर $38 बिलियन पहुंच गया. यानी करीब 40 गुना की बढ़ोतरी! इसी दौरान देश में पुरुषों और स्त्रीओं, दोनों में मोटापे की दर लगभग दोगुनी हो गई है. कंपनियों की चालाकी और ‘हेल्थ’ का झांसा: सर्वे में कंपनियों की मार्केटिंग रणनीति की भी आलोचना की गई है. “एक के साथ एक फ्री” और फिल्मी सितारों के जरिए इमोशनल विज्ञापन दिखाकर असली खाने (फल, सब्जी, दाल) को हमारी थाली से दूर कर दिया गया है. कई उत्पाद ‘हेल्दी’ और ‘एनर्जी’ देने के नाम पर बेचे जा रहे हैं, जबकि हकीकत में वे सेहत के लिए खतरनाक हैं. टैक्स के पैसे से सुधरेगी जनता की सेहत: प्रशासन का प्लान है कि जंक फूड पर टैक्स लगाकर जो पैसा इकट्ठा होगा, उसे पब्लिक हेल्थ पर खर्च किया जाए. इसमें प्रशासनी स्कूलों में मिलने वाले खाने (Mid-day Meal) की क्वालिटी सुधारना और दिल की बीमारियों व डायबिटीज जैसी बीमारियों से लड़ने के लिए कैंपेन चलाना शामिल है. Also Read: Economic Survey 2025-26: निर्मला सीतारमण ने पेश किया लेखा-जोखा, ये हैं वित्तीय स्थिति की 10 सबसे बड़ी बातें The post Economic Survey 2026: महंगा होगा चिप्स और कोल्ड ड्रिंक! इकोनॉमिक सर्वे ने जंक फूड को सबसे ऊंचे GST स्लैब में रखने की सिफारिश की appeared first on Naya Vichar.

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झारखंड में बंद हो जाएंगी कोयले की कई पुरानी खदानें, कोल श्रमिकों के सामने रोजगार का संकट

रांची से मनोज सिंह की रिपोर्ट Coal Mines Closure: झारखंड में आने वाले 10 सालों में कोयले की कई पुरानी खदानें बंद हो जाएंगी. राज्य में करीब 44 हजार हेक्टेयर जमीन से कोयले की खुदाई बंद हो जाने की आशंका जताई गई है. यह ऐसी जमीन है, जिनसे क्षमता का 68% से भी कम कोयले की खुदाई हो रही है. कुछ जगह पर तो कंपनियों के लिए कोयले की खुदाई करना घाटे का सौदा साबित हो रहा है. कोयले की पुरानी खदानों के बंद हो जाने की वजह से राज्य के लाखों कोल श्रमिकों के सामने रोजगार का संकट खड़ा हो जाएगा. कोयले की खुदाई के लिए 62 हजार हेक्टेयर जमीन झारखंड में करीब 62 हजार हेक्टेयर जमीन कोयले की खुदाई के लिए आवंटित की गई थी. अभी करीब 50 हजार हेक्टेयर में कोयले की खुदाई की जा रही है. इसमें कोल इंडिया की कंपनियों के साथ-साथ प्राइवेट कंपनियों के कैप्टिव माइंस हैं. इससे करीब 300 मिलियन मीट्रिक टन कोयला प्रति वर्ष (एमएमटीपीए) निकल रहा है. इसमें 288 एमएमटीपीए कोयला ओपेन कॉस्ट और करीब 12 मिलियन टन अंडर ग्राउंड से निकल रहा है. इसमें प्रत्यक्ष तौर पर करीब 85 हजार से अधिक मजदूर लगे हुए हैं. बंद खदानों के पास पड़ी है 11 हजार हेक्टेयर जमीन राज्य में बंद खदानों के पास करीब 11185 हेक्टेयर जमीन पड़ी हुई है. इसमें ओपेन कास्ट की 4720 और अंडर ग्राउंड माइंस की करीब 6485 हेक्टेयर जमीन शामिल है. इंटरनेशनल फोरम फॉर एनवायरमेंट, सस्टनेब्लिटी एंड टेक्नोलॉजी (आइ-फॉरेस्ट) ने झारखंड में ग्रीन ग्रोथ और ग्रीन जॉब्स की संभावना पर स्टडी कराया है. इसमें अगले 10 सालों में झारखंड में खदानों के बंद होने के बाद उपलब्ध जमीन को इसका सबसे बड़ा स्रोत बताया है. किसने तैयार की रिपोर्ट ह्यूस्टन, टेक्सास (यूनाइटेड स्टेट) की संस्था स्वनिति ग्लोबल ने हिंदुस्तान के कोयला प्रभावित जिलों में होनेवाले संभावित बदलाव पर रिपोर्ट तैयार की है. रिपोर्ट में कहा गया है कि हिंदुस्तान की ”कोयला राजधानी” कहे जाने वाले झारखंड के लिए आने वाले दशक बड़े बदलाव के संकेत दे रहे हैं. झारखंड के 24 में से 18 जिले प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से कोयला वित्तीय स्थिति पर निर्भर हैं. झारखंड में धनबाद, गिरिडीह, बोकारो और रामगढ़ जैसे पुराने कोयला जिलों में यह चुनौती सबसे गंभीर है. 2030 तक बंद हो जाएंगी धनबाद की आधी खदानें रिपोर्ट में कहा गया है कि धनबाद की करीब आधी कोयला खदानें इस समय चालू हैं या तो बंद हैं या निष्क्रिय हैं. अनुमान है कि 2030 तक इस क्षेत्र की 80% खदानें या तो समाप्त हो जाएंगी या आर्थिक तौर पर घाटे का सौदा हो जाएंगी. लाखों श्रमिकों की आजीविका पर खतरा धनबाद के कोयला खदानों के बंद हो जाने से न केवल राजस्व की हानि होगी, बल्कि लाखों श्रमिकों की आजीविका पर भी खतरा मंडरा रहा है. सीसीएल वाले इलाके में रामगढ़ जिला इस संक्रमण के दौर का महत्वपूर्ण केंद्र होगा. रामगढ़ को जलवायु परिवर्तन के जोखिमों के मामले में दूसरे जिलों के मुकाबले में कम संवेदनशील पाया गया है. लेकिन, यहां की कोयला निर्भरता अभी भी बड़ी चुनौती है. राज्य के चार जिलों में 73% कोयला खदानें झारखंड में करीब 85 ओपेन कॉस्ट हैं, जबकि 13 अंडर ग्राउंड माइंस चल रहे हैं. राज्य के 18 जिलों में कोयला खनन हो रहा है. इसमें 73% कोयला खदानें धनबाद, हजारीबाग, चतरा और बोकारो जिले में हैं. केंद्र ने पूरे देश में 147 कोयला खदानों को आनेवाले कुछ वर्षों में फेज आउट (खनन लायक नहीं पाने ) की संभावना जतायी है. झारखंड में 2.3 लाख ग्रीन जॉब्स की संभावना झारखंड में कोयला खदानों के बंद हो जाने से श्रमिकों के सामने आजीविका संकट खड़ा हो तो जाएगा, लेकिन अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में संभावनाएं भी काफी हैं. आई-फॉरेस्ट की निदेशक श्रेष्ठा बनर्जी ने कहा कि अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में झारखंड के पास 77 गीगावॉट की विशाल क्षमता है. जिसमें 59 गीगावॉट सौर, 15 गीगावॉट पवन और 2.8 गीगावॉट बायोमास ऊर्जा शामिल है. इस क्षमता का पूर्ण उपयोग करने से राज्य में लगभग 2.3 लाख पूर्णकालिक ग्रीन जॉब्स पैदा हो सकती है. इनमें से 68% के करीब नौकरियां सौर ऊर्जा क्षेत्र में होने की उम्मीद हैं. अगले कुछ वर्षों में बंद होनेवाली कोयला खदान एक संभावना लेकर आ सकती है. इसे भी पढ़ें: मौत को टक से छूकर लौट आए नोवामुंडी के बीडीओ साहेब, चुनावी ड्यूटी पर जाने के दौरान खाई में गिरते-गिरते बची गाड़ी रोजगार के नये अवसर पैदा करने होंगे झारखंड जस्ट ट्रांजिशन टॉस्क फोर्स के अध्यक्ष एके रस्तोगी ने कहा कि खदानें बंद होने लगी हैं. सबसे पहले गिरिडीह में खदानें बंद होगी. यहां एक सामूहिक कोशिश की जरूरत है. इसमें कोल इंडिया, हिंदुस्तान प्रशासन और राज्य प्रशासन को मिलकर काम करना होगा. वहां रोजगार के नये अवसर पैदा करने होंगे. समय आ गया है कि जमीन पर योजनाओं को उतारा जाये. खाली जमीन रहने पर कब्जा होगा. जब काम होने लगेगा, तो लोगों को विश्वास होगा. कुछ सही होगा. कुछ गलत होगा. इससे आगे का रास्ता निकलेगा. इसे भी पढ़ें: Hazaribagh News: हजारीबाग के 32 आंगनबाड़ी केंद्रों के रिपेयरिंग टेंडर पर सवाल, प्रक्रिया में पारदर्शिता का अभाव The post झारखंड में बंद हो जाएंगी कोयले की कई पुरानी खदानें, कोल श्रमिकों के सामने रोजगार का संकट appeared first on Naya Vichar.

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