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January 30, 2026

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अजित पवार मौत मामला: क्या विमान के साथ हुई थी छेड़छाड़? प्लेन एक्सीडेंट की CID ने शुरू की जांच

Ajit Pawar Death Case: बारामती में हुए अजित पवार के विमान हादसे की जांच महाराष्ट्र अपराध जांच विभाग (CID) ने शुरू कर दी है. इस हादसे में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार और चार अन्य लोगों की मौत हो गई थी. विमान लैंडिंग के दौरान विमान क्रैश हो गया था. न्यूज एजेंसी पीटीआई की एक रिपोर्ट के मुताबिक राज्य पुलिस ने 28 जनवरी को पुणे जिले के बारामती में हुई दुर्घटना के बाद दर्ज आकस्मिक मौत के मामले में सीआईडी ​​जांच के संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं. सीआईडी ने शुरू की हादसे की जांच महाराष्ट्र प्रशासन ने गुरुवार को यह मामला सीआईडी (CID) को सौंप दिया, जिसके बाद सीआईडी ने आज (30 जनवरी) से इस घटना की की जांच शुरू कर दी है. एक सीनियर पुलिस अधिकारी ने बताया “पुणे ग्रामीण पुलिस ने हिंदुस्तानीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 194 के तहत आकस्मिक मौत का मामला दर्ज किया है और इसे सीआईडी ​​को स्थानांतरित कर दिया गया है.” अधिकारी ने बताया कि सीआईडी ​​की एक टीम पुणे ग्रामीण पुलिस से संबंधित दस्तावेज हासिल करेगी. उन्होंने बताया कि टीम बारामती हवाई पट्टी के पास दुर्घटना स्थल का भी दौरा करेगी. क्या विमान में की गई थी छेड़छाड़ पुलिस अधिकारी ने बताया कि सीआईडी अजित पवार के मुंबई से बारामती की यात्रा शुरू करने से पहले विमान में किसी भी तरह की छेड़छाड़ की गई थी या नहीं इसकी भी जांच करेंगे. नागरिक उड्डयन मंत्रालय के अधीन विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) ने भी दुर्घटना की जांच शुरू कर दी है. विमान हादसे में अजित पवार समेत 5 लोगों की हुई थी मौत एक निजी विमान में सवार अजित पवार समेत पांच लोगों की बुधवार (28 जनवरी) सुबह बारामती में हवाई पट्टी के नजदीक हुए हादसे में मौत हो गई थी. इस घटना में मारे गए अन्य लोगों में कैप्टन सुमित कपूर शामिल थे. सुमित कपूर को 15,000 घंटे का उड़ान अनुभव था और सह-पायलट कैप्टन शांभवी पाठक को 1,500 घंटे का उड़ान अनुभव था. विमान में सवार लोगों में पवार के निजी सुरक्षा अधिकारी विदिप जाधव और विमान परिचारिका पिंकी माली भी शामिल थीं. (इनपुट भाषा) Also Read: Maharashtra Politics : अजित पवार एनसीपी के दोनों गुट को लाने वाले थे साथ, करीबी का दावा The post अजित पवार मौत मामला: क्या विमान के साथ हुई थी छेड़छाड़? प्लेन एक्सीडेंट की CID ने शुरू की जांच appeared first on Naya Vichar.

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Dhanbad News: धनबाद के पंचकर्म भवन विवाद में मरीज परेशान, अधिवक्ता-स्वास्थ्यकर्मी आमने-सामने, 40 मिनट ठप रही ओपीडी

Dhanbad News: झारखंड के धनबाद सदर अस्पताल परिसर स्थित पंचकर्म भवन के समीप स्वास्थ्य विभाग द्वारा दीवार खड़ी किए जाने को लेकर उपजा विवाद अब आम मरीजों पर भारी पड़ने लगा है. दीवार निर्माण के विरोध में अधिवक्ताओं की ओर से पेनडाउन स्ट्राइक की जा रही है, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी और कर्मी दीवार निर्माण के समर्थन में सड़क पर उतर आए हैं. दोनों पक्षों के आमने-सामने आने से शुक्रवार को सदर अस्पताल की ओपीडी सेवा करीब 40 मिनट तक बाधित रही. इससे इलाज के लिए पहुंचे मरीजों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी. डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मियों का प्रदर्शन शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग के अधीन चिकित्सक और स्वास्थ्यकर्मी पंचकर्म भवन के समीप एकत्रित हुए और अधिवक्ताओं के विरोध के खिलाफ प्रदर्शन किया. यह प्रदर्शन करीब आधे घंटे तक चला. आंदोलन का नेतृत्व सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ संजीव कुमार प्रसाद कर रहे थे. प्रदर्शन के दौरान स्वास्थ्यकर्मियों ने स्पष्ट रूप से कहा कि जिस जमीन पर दीवार खड़ी की जा रही है, वह स्वास्थ्य विभाग की है. ऐसे में उस पर रास्ता देने का कोई औचित्य नहीं है. मरीजों की बढ़ी परेशानी ओपीडी सेवा बाधित होने के कारण पर्ची कटवाने, डॉक्टर को दिखाने और दवा लेने आए मरीज इधर-उधर भटकते नजर आए. कई मरीजों ने बताया कि वे सुबह से लाइन में लगे थे, लेकिन अचानक ओपीडी बंद होने से उन्हें घंटों इंतजार करना पड़ा. दूरदराज के इलाकों से आए मरीजों और बुजुर्गों को सबसे अधिक परेशानी हुई. कुछ मरीज बिना इलाज कराए ही लौटने को मजबूर हो गए. स्वास्थ्यकर्मियों की दलील प्रदर्शन के दौरान स्वास्थ्यकर्मियों ने कहा कि अस्पताल परिसर में अनावश्यक आवाजाही से मरीजों की सुरक्षा और इलाज प्रभावित होता है. दीवार निर्माण से अस्पताल का क्षेत्र स्पष्ट होगा और अव्यवस्था पर रोक लगेगी. उन्होंने सवाल उठाया कि जब जमीन स्वास्थ्य विभाग की है, तो उस पर रास्ता देने का दबाव क्यों बनाया जा रहा है. इसे भी पढ़ें: पलामू के गम्हरिया में दामाद ने चाकू से हमला कर ससुर की हत्या की, पत्नी-साली घायल क्या है पूरा विवाद दरअसल, सदर अस्पताल परिसर स्थित पंचकर्म भवन के समीप स्वास्थ्य विभाग द्वारा दीवार खड़ी कर दी गयी है. अधिवक्ताओं का कहना है कि इस दीवार से वर्षों से उपयोग में आ रहा रास्ता बंद हो गया है. जिससे आम लोगों और न्यायालय से जुड़े लोगों को परेशानी हो रही है. इसी के विरोध में अधिवक्ता पेनडाउन स्ट्राइक पर हैं और दीवार हटाने की मांग कर रहे हैं. दूसरी ओर स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि जमीन विभाग की है और सुरक्षा व व्यवस्थित संचालन के लिए दीवार जरूरी है. इसे भी पढ़ें: एसडीओ महेंद्र छोटन उरांव के हस्तक्षेप पर माने जगन्नाथपुर के आंदोलनकारी, बंद और मशाल जुलूस स्थगित The post Dhanbad News: धनबाद के पंचकर्म भवन विवाद में मरीज परेशान, अधिवक्ता-स्वास्थ्यकर्मी आमने-सामने, 40 मिनट ठप रही ओपीडी appeared first on Naya Vichar.

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GPT‑4o को क्यों हटा रहा OpenAI? ChatGPT में फरवरी 2026 से खत्म होगा सफर

OpenAI ने बड़ा ऐलान किया है- फरवरी 2026 से ChatGPT में GPT-4o और पुराने मॉडल्स को रिटायर कर दिया जाएगा. कंपनी ने साफ किया है कि यह बदलाव सिर्फ ChatGPT प्लैटफॉर्म पर लागू होगा, API पर फिलहाल कोई असर नहीं पड़ेगा. क्यों हटाया जा रहा है GPT-4o GPT-4o को पहले हटाया गया था, फिर GPT-5 लॉन्च के दौरान वापसी कराई गई. उस समय यूजर्स ने बताया कि वे इसे रोजमर्रा के कामों, खासकर क्रिएटिव आइडियाज और बातचीत की गर्मजोशी के लिए इस्तेमाल करते हैं. इसी फीडबैक के आधार पर GPT-5.1 और GPT-5.2 को डिजाइन किया गया, जिनमें पर्सनैलिटी और टोन को कस्टमाइज करने के नए विकल्प दिए गए. GPT-5.2 की ओर शिफ्ट OpenAI ने बताया कि अब लगभग पूरा यूजर बेस GPT-5.2 पर शिफ्ट हो चुका है. सिर्फ 0.1% यूजर्स ही रोज GPT-4o चुनते हैं. यही वजह है कि कंपनी ने अब इसे स्थायी रूप से हटाने का फैसला किया. नई पर्सनैलिटी और कंट्रोल्स मिलेंगे GPT-5.2 में यूजर्स को अब बेस स्टाइल्स और टोन चुनने का विकल्प मिलेगा. चाहे Friendlier जवाब चाहिए हों या ज्यादा उत्साह और गर्मजोशी, सब कुछ कस्टमाइज किया जा सकता है. OpenAI का कहना है कि अब फोकस सिर्फ मॉडल की क्षमता पर नहीं, बल्कि यूजर एक्सपीरियंस और बातचीत के अंदाज पर भी होगा. आगे की दिशा क्या होगी? कंपनी ने यह भी कहा कि ChatGPT में जल्द ही और अपडेट आएंगे- कम बेवजह रिजेक्शन, ज्यादा बैलेंस्ड जवाब और क्रिएटिविटी पर जोर. साथ ही, 18+ यूजर्स के लिए अलग अनुभव तैयार किया जा रहा है. साफ है कि OpenAI अब कम मॉडल्स, ज्यादा अडैप्टेबिलिटी की दिशा में बढ़ रहा है. यह भी पढ़ें: कहीं आपने भी तो नहीं बता दीं ChatGPT को अपनी पर्सनल बातें? देर होने से पहले जानें कैसे करें पूरी हिस्ट्री डिलीट यह भी पढ़ें: ChatGPT, Grok और Gemini जैसे AI टूल्स से भूल कर भी न पूछें ये 5 बातें, वरना खुद को डाल देंगे मुश्किल में The post GPT‑4o को क्यों हटा रहा OpenAI? ChatGPT में फरवरी 2026 से खत्म होगा सफर appeared first on Naya Vichar.

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Psychology Tricks: पहली मुलाकात में ही जीत लें सबका दिल, बस याद रखें ये 3 साइकोलॉजिकल ट्रिक्स

Psychology Tricks: किसी से पहली बार मिलना बहुत खास होता है क्योंकि लोग पहली बार में ही आपके बारे में अपनी राय बना लेते हैं. हम अक्सर सोचते हैं कि दूसरों को अच्छा लगने के लिए बहुत सारी बातें करनी होंगी, लेकिन असल में यह सब दिमाग का स्पोर्ट्स है. बस कुछ छोटी-छोटी दिमागी तरकीबें अपनाकर आप किसी का भी दिल जीत सकते हैं और उन्हें अपना चाहने वाला बना सकते हैं. इस आर्टिकल में हम आपको वे 3 आसान तरीके बताएंगे, जिन्हें अपनाकर आप अपनी पहली मुलाकात को ऐसा बना सकते हैं कि सामने वाला आपको कभी भूल नहीं पाएगा. सामने वाले का नाम लेकर बात करें जब भी आप किसी से मिलें, तो बातचीत के बीच में उनका नाम जरूर लें. अपना नाम सुनना हर इंसान को बहुत अच्छा लगता है. ऐसा करने से सामने वाले को लगता है कि आप उन्हें अहमियत दे रहे हैं और वे आपसे जल्दी जुड़ जाते हैं. बोलने से ज्यादा सुनने पर ध्यान दें ज्यादातर लोग सिर्फ अपनी बातें बताना चाहते हैं, लेकिन अगर आप सामने वाले की बातों को ध्यान से सुनते हैं, तो आप उन्हें ज्यादा पसंद आने लगते हैं. जब सामने वाला बोल रहा हो, तो उसकी तरफ देखें और बीच-बीच में सिर हिलाकर दिखाएं कि आप उनकी बात समझ रहे हैं. इससे उन्हें लगेगा कि आप एक समझदार इंसान हैं. उनकी पसंद की बातें करें अगर आप चाहते हैं कि कोई आपको पसंद करे, तो अपनी तारीफ करने के बजाय उनकी पसंद की चीजों के बारे में पूछें. जब लोग अपनी पसंदीदा चीजों या कामों के बारे में बताते हैं, तो वे खुश महसूस करते हैं. वह खुशी उन्हें आपसे जोड़ देती है और उन्हें आपकी कंपनी बहुत अच्छी लगने लगती है. किसी से मिलते समय चेहरे पर कैसी बात होनी चाहिए? पहली बार किसी से मिलते समय हमेशा एक हल्की सी मुस्कान रखें. इससे आप एक अच्छे और भरोसेमंद इंसान नजर आते हैं. Disclaimer: यह आर्टिकल सामान्य जानकारियों और मान्यताओं पर आधारित है. नया विचार इसकी पुष्टि नहीं करता है. The post Psychology Tricks: पहली मुलाकात में ही जीत लें सबका दिल, बस याद रखें ये 3 साइकोलॉजिकल ट्रिक्स appeared first on Naya Vichar.

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Kotak Flexicap Fund : जैसे चुनते हैं सही नेता, वैसे ही लॉन्ग-टर्म ग्रोथ के लिए चुनें सही म्यूचुअल फंड

Kotak Flexicap Fund : जैसे ही हिंदुस्तान में चुनावों का माहौल गरमाने लगता है, हर तरफ चर्चा शुरू हो जाती है”किसे वोट दें? ” “कौन हमारे भविष्य के लिए सही है?” हम बहुत सोच-समझकर अपना नेता चुनते हैं क्योंकि हमें पता है कि एक गलत चुनाव अगले पांच साल भारी पड़ सकता है. इसी बात को ध्यान में रखते हुए, कोटक म्यूचुअल फंड ने एक बहुत ही दिलचस्प कैंपेन शुरू किया है. कोटक फ्लेक्सी कैप फंड. क्या है इस कैंपेन की खास बात? कोटक म्यूचुअल फंड का यह कैंपेन हमें याद दिलाता है कि जितनी गंभीरता हम वोट देने में दिखाते हैं, उतनी ही गंभीरता हमें अपने निवेश (Investment) में भी दिखानी चाहिए. चुनाव में हम ऐसा नेता ढूंढते हैं जो हर परिस्थिति को संभाल सके, और कोटक फ्लेक्सी कैप फंड भी कुछ ऐसा ही है. वीडियो में क्या है? कैंपेन के वीडियो में दिखाया गया है कि कैसे एक नेताजी लंबे-चौड़े वादे कर रहे हैं. वहीं खड़े दो दोस्त बात करते हैं कि नेताजी के वादों का तो पता नहीं, लेकिन कोटक फ्लेक्सी कैप फंड ने पिछले 15 सालों से मार्केट के उतार-चढ़ाव को बखूबी संभाला है. मैसेज साफ है: वादों पर नहीं, परफॉरमेंस और भरोसे पर वोट दें! कोटक फ्लेक्सी कैप फंड ही क्यों? इस फंड को एक ‘ऑल-राउंडर’ खिलाड़ी की तरह डिजाइन किया गया है. हर जगह मौजूदगी (Flexibility): यह फंड सिर्फ बड़ी कंपनियों (Large-cap) में ही नहीं, बल्कि जरूरत पड़ने पर मिड-कौप और स्मॉल-कैप कंपनियों में भी पैसा लगाता है. मतलब, जहां ग्रोथ दिखेगी, फंड वहां मौजूद रहेगा. अनुभव का साथ: यह फंड पिछले 15 सालों से मार्केट में है. इसने कई उतार-चढ़ाव देखे हैं, इसलिए इसे पता है कि मुश्किल वक्त में पोर्टफोलियो को कैसे संभालना है. स्मार्ट मैनेजमेंट: कोटक की एक्सपर्ट टीम लगातार रिसर्च करती रहती है कि कब किस सेक्टर में पैसा डालना फायदेमंद होगा और कब वहां से निकलना सही है. एक्सपर्ट्स का क्या कहना है? कोटक महिंद्रा AMC के मैनेजिंग डायरेक्टर, निलेश शाह कहते हैं, “जैसे चुनाव में आपका एक वोट भविष्य तय करता है, वैसे ही निवेश में आपका एक सही फैसला वेल्थ (संपत्ति) बनाता है. बाजार में शोर बहुत होता है, लेकिन समझदार निवेशक वही है जो लॉन्ग-टर्म के फंडामेंटल्स पर टिके रहे.” वहीं, मार्केटिंग हेड किंजल शाह का मानना है कि यह कैंपेन डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के जरिए लोगों को यह समझाने के लिए है कि निवेश सिर्फ पैसे बचाना नहीं, बल्कि सही ‘पार्टनर’ चुनना है. चाहे आप पहली बार निवेश कर रहे हों या पुराने खिलाड़ी हों, चुनाव का यह मौसम आपको याद दिला रहा है कि आपका भविष्य आपके फैसलों पर निर्भर है. तो इस बार सिर्फ देश के लिए ही नहीं, अपने सपनों के लिए भी सही ‘कैंडिडेट’ चुनें. Also Read : स्विगी की सेल में 54% का उछाल, फिर क्यों गिरे कंपनी के शेयर? जानिए क्या हैं एक्सपर्ट्स की राय The post Kotak Flexicap Fund : जैसे चुनते हैं सही नेता, वैसे ही लॉन्ग-टर्म ग्रोथ के लिए चुनें सही म्यूचुअल फंड appeared first on Naya Vichar.

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पटना में डॉक्टर के घर डकैती, हथियारबंद बदमाशों ने परिवार को बनाया बंधक, लाखों की लूट

Patna Crime News: पटना में अपराधियों के हौसले एक बार फिर बेखौफ नजर आए हैं. अगमकुआं थाना क्षेत्र में मेदांता अस्पताल के डॉक्टर शुवि शरण के घर आधी रात भीषण डकैती की वारदात को अंजाम दिया गया. 5 से 6 हथियारबंद बदमाश घर में घुस आए और पूरे परिवार को बंधक बना लिया. इस घटना से इलाके में दहशत का माहौल है. पीड़ित परिवार के अनुसार, वारदात बुधवार देर रात करीब दो बजे हुई. सभी लोग घर में सो रहे थे, तभी अचानक हथियारबंद अपराधी घर में घुस गए. बदमाशों ने सबसे पहले डॉक्टर के माता-पिता को पिस्टल दिखाकर काबू में कर लिया. किसी को भी आवाज करने से मना किया गया. डॉक्टर की मां के साथ की गई मारपीट परिवार ने जब विरोध किया, तो अपराधियों ने बेरहमी दिखाई. डॉक्टर की मां के साथ मारपीट की गई, जिससे उनके दांत टूट गए. घर में मौजूद एक अन्य स्त्री को भी पीटा गया. वह गंभीर रूप से घायल हो गईं. बदमाशों की हिंसा से पूरा परिवार सहम गया. 5 लाख रुपये से अधिक की डकैती इसके बाद अपराधियों ने घर की अलमारियां खंगालनी शुरू कर दीं. डकैतों ने करीब 5 लाख रुपये से अधिक के हीरे और सोने के गहने, नकदी और अन्य कीमती सामान लूट लिया. वारदात को अंजाम देने के बाद सभी बदमाश फरार हो गए. सीसीटीवी की फुटेज खंगाल रही पुलिस घटना की जानकारी शुक्रवार सुबह अगमकुआं थाना पुलिस को दी गई. सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की. अगमकुआं थाना प्रभारी ने बताया कि पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है. तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर अपराधियों की पहचान और गिरफ्तारी की कोशिश की जा रही है. पीड़ित परिवार की ओर से थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई गई है. पुलिस का दावा है कि जल्द ही अपराधियों को पकड़ लिया जाएगा. Also Read: बिहार में अनोखी शादी: दुल्हन खुद बारात लेकर पहुंची दूल्हे के घर, गांव वालों ने कराई शादी The post पटना में डॉक्टर के घर डकैती, हथियारबंद बदमाशों ने परिवार को बनाया बंधक, लाखों की लूट appeared first on Naya Vichar.

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एसडीओ महेंद्र छोटन उरांव के हस्तक्षेप पर माने जगन्नाथपुर के आंदोलनकारी, बंद और मशाल जुलूस स्थगित

नोवामुंडी से सुबोध मिश्रा की रिपोर्ट East Singhbhum News: पूर्वी सिंहभूम के जगन्नाथपुर में संभावित आंदोलन की आंच उस वक्त ठंडी पड़ गई, जब झारखंड आंदोलनकारी युवा मोर्चा की मांगों को लेकर अनुमंडल कार्यालय में महत्वपूर्ण बैठक हुई. गुरुवार को अनुमंडल पदाधिकारी महेंद्र छोटन उरांव की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में प्रखंड विकास पदाधिकारी सत्यम कुमार के विरोध में प्रस्तावित बंद और मशाल जुलूस को फिलहाल स्थगित करने का फैसला लिया गया. यह बंदी जन्म प्रमाण पत्र नहीं बनने के विरोध में की जा रही थी. एसडीओ की बैठक में पूर्व विधायक भी मौजूद बैठक में झारखंड आंदोलनकारी युवा मोर्चा के सदस्य और पूर्व विधायक मंगल सिंह बोबोंगा उन लोगों के साथ पहुंचे, जिनके जन्म प्रमाण पत्र महीनों से नहीं बन पाए थे. इस मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए एसडीओ महेंद्र छोटन उरांव ने तुरंत प्रखंड विकास पदाधिकारी को तलब किया और देरी की वजहों पर जवाब मांगा. बनाए जा चुके हैं 5200 जन्म प्रमाण पत्र प्रखंड विकास पदाधिकारी ने बताया कि अब तक करीब 5200 जन्म प्रमाण पत्र बनाए जा चुके हैं. उन्होंने कहा कि जिन शिकायतों का जिक्र किया गया, उनके आवेदन कार्यालय तक नहीं पहुंचे थे. ग्रामीणों ने बताया कि उनके आवेदन पिछले तीन महीनों से पंचायत सेवक के पास पड़े हैं. मामले की गंभीरता को देखते हुए पंचायत सेवक से स्पष्टीकरण भी मांगा गया. एसडीओ ने दिया आश्वासन पूरे घटनाक्रम को सुनने और परिस्थितियों को अच्छी तरह समझने के बाद एसडीओ महेंद्र छोटन उरांव ने आंदोलनकारियों को आश्वासन दिया कि समस्याओं का शीघ्र और पारदर्शी समाधान किया जाएगा. प्रशासनिक समझ और आश्वासन के बाद आंदोलनकारियों ने जगन्नाथपुर बंद और मशाल जुलूस स्थगित करने का फैसला किया. इसे भी पढ़ें: रांची में इंसानियत शर्मसार, 10 साल की बच्ची को रात के अंधेरे में छोड़ भाग गए मां-बाप क्या कहते हैं पूर्व विधायक पूर्व विधायक मंगल सिंह बोबोंगा ने कहा कि प्रशासन और आंदोलनकारियों के बीच बनी आपसी सहमति ने टकराव की जगह संवाद को महत्व दिया. उन्होंने कहा कि आम जनता की परेशानियों को दूर करने की दिशा में सकारात्मक कदम उठाया गया. इसे भी पढ़ें: National Road Safety Month 2026: सरायकेला में ‘रन फॉर रोड सेफ्टी’ कार्यक्रम का आयोजन, डीसी-एसपी ने दिखाई हरी झंडी The post एसडीओ महेंद्र छोटन उरांव के हस्तक्षेप पर माने जगन्नाथपुर के आंदोलनकारी, बंद और मशाल जुलूस स्थगित appeared first on Naya Vichar.

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TRP Report Week 3: तुलसी और अनुपमा से छीन गई कुर्सी, इस नए शो ने नंबर 1 पर बनाई जगह, देखें टॉप 5 सीरियल की लिस्ट

TRP Report Week 3: टीवी देखने वालों के लिए हर हफ्ते की टीआरपी लिस्ट किसी रिपोर्ट कार्ड से कम नहीं होती. दर्शक जानना चाहते हैं कि उनका पसंदीदा शो इस हफ्ते कहां खड़ा है और कौन सा सीरियल नंबर वन बना. साल 2026 के तीसरे हफ्ते की टीआरपी लिस्ट सामने आ चुकी है और इस बार नतीजे चौंकाने वाले हैं. एक नया शो ऐसा धमाका कर गया है कि उसने सालों से राज कर रहे बड़े-बड़े सीरियल्स को पीछे छोड़ दिया है. नागिन 7 ‘नागिन 7’ ने शुरुआत के साथ ही दर्शकों का दिल जीत लिया है. प्रियंका चाहर चौधरी और ईशा सिंह की जोड़ी को लोग खूब पसंद कर रहे हैं. कहानी में रहस्य, ड्रामा और ट्विस्ट इतने दमदार हैं कि दर्शक इसे मिस नहीं करना चाहते. इस हफ्ते 2.4 टीआरपी के साथ इसने पहला स्थान हासिल कर लिया है. क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2 टीआरपी लिस्ट में टॉप पर चल रहा ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2’ इस बार थोड़ा पीछे खिसक गया है. शो अब दूसरे नंबर पर आ गया है. हालांकि इसकी लोकप्रियता में कोई कमी नहीं आई है, लेकिन ‘नागिन 7’ की एंट्री ने इसे पीछे छोड़ दिया. इस हफ्ते इस सीरियल को 2.2 टीआरपी मिली है.  अनुपमा तीसरे नंबर पर है रुपाली गांगुली का सुपरहिट शो ‘अनुपमा’. काफी समय से यह शो टीआरपी लिस्ट में मजबूत पकड़ बनाए हुए है. इस हफ्ते भी ‘अनुपमा’ ने 2.2 रेटिंग हासिल की है. कहानी में इमोशन और पारिवारिक मुद्दों की वजह से यह शो आज भी दर्शकों के दिलों के करीब है. तुम से तुम तक चौथे स्थान पर ‘तुम से तुम तक’ नजर आ रहा है. यह सीरियल लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहा है और इस हफ्ते इसे 1.9 टीआरपी मिली है. कहानी की सादगी और किरदारों की केमिस्ट्री लोगों को पसंद आ रही है. वसुधा पांचवें नंबर पर आकर टीवी सीरियल ‘वसुधा’ ने सबको सरप्राइज दिया है. यह पहली बार है जब ‘वसुधा’ ने टीआरपी की टॉप 5 लिस्ट में अपनी जगह बनाई है. इस शो को भी 1.9 रेटिंग मिली है, जो इसके लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है. ये भी पढ़ें: Anupama: अनुपमा के गुस्से से हिला इंटरनेट, ‘घुमा-घुमाकर मारूंगी’ डायलॉग पर दर्शकों ने पीटा माथा, वायरल हुआ वीडियो ये भी पढ़ें: Kyunki Saas Bhi Kabhi Bahu Thi 2: केस जीतते ही परी की जिंदगी नर्क बनाएगा रणविजय, मिहिर के एक्सीडेंट से उजड़ने वाला है तुलसी का सुहाग? The post TRP Report Week 3: तुलसी और अनुपमा से छीन गई कुर्सी, इस नए शो ने नंबर 1 पर बनाई जगह, देखें टॉप 5 सीरियल की लिस्ट appeared first on Naya Vichar.

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Ekadashi 2026: फरवरी में कब है विजया और आमलकी एकादशी? जानें सही तारीख, शुभ मुहूर्त और महत्व

Ekadashi 2026: हिंदू धर्म में एकादशी का व्रत रखना बेहद शुभ माना जाता है. यह व्रत भगवान विष्णु को समर्पित होता है. इस दिन स्नान-दान, पूजा-पाठ और मंत्रोच्चारण करना अत्यंत शुभ माना जाता है. साल 2026 के फरवरी महीने में दो बहुत ही खास एकादशी पड़ रही हैं—पहली विजया एकादशी और दूसरी आमलकी एकादशी. आइए जानते हैं इनकी तिथि, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि. 1. विजया एकादशी (13 फरवरी 2026, शुक्रवार) विजया एकादशी यानी विजय प्राप्ति के लिए की जाने वाली एकादशी. मान्यता है कि इस व्रत को करने से शत्रुओं पर विजय प्राप्त होती है. साथ ही जीवन की कठिनाइयों और बाधाओं से मुक्ति मिलती है तथा कार्यों में सफलता प्राप्त होती है. माना जाता है कि लंका जाने से पहले स्वयं भगवान श्रीराम ने भी यह व्रत किया था. तिथि शुरू: 12 फरवरी, सुबह 11:33 बजे से तिथि समाप्त: 13 फरवरी, दोपहर 01:30 बजे तक पूजा का समय: 13 फरवरी, सुबह 06:26 से 09:15 तक व्रत खोलने (पारण) का समय: 14 फरवरी, सुबह 07:50 से 09:15 तक 2. आमलकी एकादशी (27 फरवरी 2026, शुक्रवार) आमलकी एकादशी को ‘आंवला एकादशी’ भी कहा जाता है. इस दिन भगवान विष्णु के साथ-साथ आंवले के पेड़ की पूजा का विशेष महत्व होता है. यह व्रत सुख-शांति, निरोगी काया और अच्छी सेहत के लिए किया जाता है. तिथि शुरू: 26 फरवरी, रात 12:07 बजे से तिथि समाप्त: 27 फरवरी, रात 09:59 बजे तक पूजा का समय: 27 फरवरी, सुबह 06:15 से 09:09 तक व्रत खोलने (पारण) का समय: 28 फरवरी, सुबह 07:41 से 09:08 तक पूजा की विधि सुबह जल्दी स्नान करके साफ पीले कपड़े पहनें और व्रत का संकल्प लें. भगवान विष्णु को पीले फूल, फल और सबसे जरूरी तुलसी के पत्ते अर्पित करें. विजया एकादशी पर एक जल से भरा कलश स्थापित करें. आमलकी एकादशी के दिन आंवले के पेड़ की पूजा करें और वहां दीप जलाएं. पूजा के दौरान भगवान विष्णु के मंत्र “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” का जाप करें और व्रत कथा पढ़ें. इसके बाद आरती कर प्रसाद अर्पित करें. अगले दिन शुभ मुहूर्त में किसी ब्राह्मण या जरूरतमंद को दान देने के बाद ही व्रत खोलें. कुछ जरूरी सावधानियां एकादशी के दिन चावल खाना सख्त मना होता है. व्रत के दिन तुलसी के पत्ते नहीं तोड़ने चाहिए, इसलिए पूजा के लिए एक दिन पहले ही तोड़कर रख लें. मन में किसी के प्रति द्वेष न रखें और सात्विक विचार अपनाएं. यहां पढ़ें धर्म से जुड़ी बड़ी समाचारें: Religion News in Hindi – Spiritual News, Hindi Religion News, Today Panchang, Astrology at Naya Vichar The post Ekadashi 2026: फरवरी में कब है विजया और आमलकी एकादशी? जानें सही तारीख, शुभ मुहूर्त और महत्व appeared first on Naya Vichar.

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Bhagalpur Pirpainti Power Plant: पीरपैंती में अदाणी ग्रुप के पावर प्लांट निर्माण का ग्रामीणों ने किया समर्थन, ब्लॉक ऑफिस में जनसुनवाई

Bhagalpur Pirpainti Power Plant: अदाणी ग्रुप की ओर से बिहार में भागलपुर जिले के पीरपैंती प्रखंड में प्रस्तावित 2400 मेगावाट अल्ट्रा सुपर क्रिटिकल थर्मल पावर प्लांट के निर्माण को लेकर गुरुवार को प्रखंड कार्यालय में पर्यावरणीय जनसुनवाई का आयोजन किया गया. इस जनसुनवाई में विभिन्न पंचायतों से पहुंचे जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने परियोजना के समर्थन में हाथ उठाकर अपनी सहमति दी. बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने की जनसुनवाई यह जनसुनवाई बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के तत्वावधान में आयोजित की गई, जिसमें बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण, सामाजिक कार्यकर्ता और पंचायत प्रतिनिधि शामिल हुए. जनसुनवाई के दौरान लोगों ने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखी और क्षेत्र के विकास को लेकर अपनी अपेक्षाएं साझा कीं. रोजगार और विकास की उम्मीदों के साथ समर्थन ग्रामीणों ने एक स्वर में कहा कि पावर प्लांट की स्थापना से पीरपैंती क्षेत्र में चहुंमुखी विकास होगा. स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और युवाओं को काम की तलाश में दूसरे राज्यों में पलायन नहीं करना पड़ेगा. वक्ताओं ने कहा कि यह परियोजना पीरपैंती को रोजगार का पावर हाउस बना सकती है. बिहार के औद्योगिक विकास को मिलेगी गति जनसुनवाई में वक्ताओं ने कहा कि यह पावर प्लांट न केवल पीरपैंती बल्कि पूरे बिहार की औद्योगिक और आर्थिक विकास यात्रा को नई दिशा देगा. ऊर्जा उत्पादन बढ़ने से राज्य में उद्योगों को मजबूती मिलेगी और विकास की रफ्तार तेज होगी. ग्रामीणों ने इसे क्षेत्र के भविष्य के लिए एक महत्वपूर्ण परियोजना बताया. अधिकारियों ने की जनसुनवाई की अध्यक्षता जनसुनवाई की अध्यक्षता भागलपुर के अपर जिला अधिकारी (विधि-व्यवस्था) राकेश रंजन एवं बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्राधिकारी शंभुनाथ झा ने की. अधिकारियों ने सभी वक्ताओं की बातों को गंभीरता से सुना और निर्धारित प्रक्रिया के तहत जनसुनवाई को संपन्न कराया. पर्यावरण सुरक्षा को लेकर दी गई जानकारी इस अवसर पर अदाणी समूह के वरीय पर्यावरण पदाधिकारी आर. एन. शुक्ला ने पावर प्लांट से जुड़ी तकनीकी जानकारी साझा की. उन्होंने बताया कि परियोजना में आधुनिक तकनीक का उपयोग किया जाएगा और पर्यावरण संरक्षण को लेकर सभी आवश्यक मानकों का पालन किया जाएगा. उन्होंने प्रदूषण नियंत्रण, जल संरक्षण और हरित क्षेत्र विकास से जुड़े उपायों की भी जानकारी दी. ग्रामीणों ने रखी अपनी अपेक्षाएं जनसुनवाई के दौरान ग्रामीणों ने पर्यावरण सुरक्षा, स्थानीय लोगों को प्राथमिकता के आधार पर रोजगार, स्वास्थ्य, शिक्षा और बुनियादी सुविधाओं के विकास की मांग रखी. परियोजना प्रबंधन की ओर से इन मांगों पर सकारात्मक आश्वासन दिया गया. इसे भी पढ़ें: महात्मा गांधी ने 1937 में कोलकाता में देखा था सरायकेला का छऊ नृत्य, रॉयल डांस ग्रुप का था कार्यक्रम बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और अधिकारी रहे मौजूद मुख्य वक्ताओं में प्रमुख रश्मि कुमारी, मुखिया मानिकपुर अरविन्द साह, पूर्व विधायक रामविलास पासवान, समाजसेवी मुन्ना सिंह, मुखिया संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष अमरेन्द्र कुमार झुम्पा, संजीवनी गंगा एनजीओ के संस्थापक मो. अयाज, जमीनदाता सुशील सिंह, हरिणकोल सरपंच बरुण गोस्वामी, मुखिया पीरपैंती गुलफसां परवीन सहित कई ग्रामीणों ने अपनी राय रखी. कार्यक्रम में एसडीएम कहलगांव सी गुप्ता, अपर पुलिस अधीक्षक पंकज कुमार, अंचलाधिकारी चन्द्रशेखर कुमार, बीडीओ अभिमन्यु कुमार, एसएचओ नीरज कुमार और अदाणी पावर के अधिकारी भी उपस्थित रहे. इसे भी पढ़ें: Numerology: किस्मत के बहुत धनी होते हैं इस दिन जन्मे लोग, कम मेहनत में भी कमाते हैं बहुत नाम और पैसा The post Bhagalpur Pirpainti Power Plant: पीरपैंती में अदाणी ग्रुप के पावर प्लांट निर्माण का ग्रामीणों ने किया समर्थन, ब्लॉक ऑफिस में जनसुनवाई appeared first on Naya Vichar.

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