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January 31, 2026

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Divorce Yog: कुंडली मिलान के बाद भी क्यों बिगड़ जाता है वैवाहिक जीवन?

Divorce Yog: अक्सर लोगों के मन में यह सवाल आता है कि जब शादी से पहले कुंडली अच्छे से मिलाई गई, गुण भी पूरे हुए और कोई बड़ा दोष नहीं था, तो फिर तलाक या अलगाव की स्थिति क्यों बन गई? ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, केवल गुण मिलान ही दांपत्य जीवन की गारंटी नहीं होता. विवाह के बाद चलने वाली ग्रह दशा, भावों की स्थिति और ग्रहों का आपसी संबंध भी रिश्ते पर गहरा प्रभाव डालता है. ज्योतिष में तलाक योग का क्या अर्थ है? तलाक योग का मतलब यह नहीं है कि विवाह का टूटना तय है. इसका अर्थ केवल इतना है कि: रिश्ते में तनाव की संभावना अधिक रहती है मानसिक असंतोष और दूरी बन सकती है सही समय पर समझदारी न दिखाई जाए तो हालात बिगड़ सकते हैं शास्त्र यह मानते हैं कि ग्रह संकेत देते हैं, निर्णय इंसान के हाथ में होता है. कुंडली के कौन से ग्रह तलाक योग बना सकते हैं? लग्नेश, सप्तमेश और चंद्रमा की कमजोर स्थिति लग्नेश व्यक्ति को, सप्तमेश जीवनसाथी को और चंद्रमा मन को दर्शाता है. अगर ये तीनों ग्रह आपस में कमजोर या विपरीत भावों में हों, तो: विचारों में तालमेल नहीं रहता छोटी-छोटी बातों पर तनाव बढ़ता है भावनात्मक जुड़ाव कमजोर हो जाता है सप्तम भाव का छठे या बारहवें भाव से संबंध ज्योतिष शास्त्रों के अनुसार, यदि सप्तम भाव या उसका स्वामी छठे भाव (झगड़ा, विवाद) या बारहवें भाव (दूरी, अलगाव) में चला जाए, तो वैवाहिक जीवन में संघर्ष, कोर्ट-कचहरी और अलगाव की स्थिति बन सकती है. सातवें भाव में सूर्य, राहु या शनि यदि कुंडली के सातवें भाव में सूर्य (अहंकार), राहु (भ्रम और गलतफहमी), शनि (कठोरता और दूरी) स्थित हों और शुक्र कमजोर हो, तो दांपत्य जीवन प्रभावित होता है. खासतौर पर जब शुक्र का संबंध बारहवें भाव से बनता है, तब भावनात्मक दूरी बढ़ती है. सप्तमेश और बारहवें भाव का आपसी संबंध जब सप्तम भाव का स्वामी और बारहवें भाव का स्वामी आपस में राशि या दृष्टि संबंध बनाते हैं, तो खर्च बढ़ता है, आपसी दूरी आती है, एक-दूसरे से अलग रहने की स्थिति बन सकती है. इसे भी तलाक योग का संकेत माना जाता है. चतुर्थ भाव पर पाप ग्रहों का प्रभाव चतुर्थ भाव घर, सुख और मानसिक शांति का कारक होता है। यदि इस भाव पर राहु, शनि या मंगल का प्रभाव हो, तो घर का माहौल अशांत रहता है, पति-पत्नी के बीच तनाव बना रहता है, वैवाहिक जीवन टूटने की कगार पर पहुंच सकता है. शुक्र का कमजोर या पीड़ित होना शुक्र प्रेम और वैवाहिक सुख का मुख्य ग्रह है. अगर शुक्र नीच राशि में हो छठे, आठवें या बारहवें भाव में पाप ग्रहों से पीड़ित हो तो रिश्तों में ठंडापन और अलगाव की स्थिति बन सकती है. क्या तलाक होना निश्चित होता है? नहीं, ज्योतिष शास्त्र यह नहीं कहता कि ग्रह सब कुछ तय कर देते हैं. वे केवल संभावनाएं बताते हैं. समय रहते अगर संवाद बनाए रखा जाए, अहंकार से बचा जाए, सही ज्योतिषीय और व्यवहारिक उपाय किए जाएं, तो कई रिश्ते टूटने से बच सकते हैं. कुंडली मिलान के बाद भी तलाक होना इस बात का संकेत है कि विवाह के बाद की ग्रह दशाएं उतनी ही महत्वपूर्ण होती हैं. तलाक योग चेतावनी देता है, फैसला नहीं सुनाता. सही समझ, धैर्य और समय पर उठाए गए कदम दांपत्य जीवन को संभाल सकते हैं. ज्योतिषाचार्य डॉ एन के बेरा | 20+ वर्षों का अनुभवग्रह शांति, विवाह, धन और करियर विशेषज्ञ The post Divorce Yog: कुंडली मिलान के बाद भी क्यों बिगड़ जाता है वैवाहिक जीवन? appeared first on Naya Vichar.

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एमएस धोनी होंगे झारखंड टूरिज्म के ब्रांड एंबेसडर, जल्द एमओयू पर होगा हस्ताक्षर

Ranchi News: झारखंड के लिए एक बड़ी और सकारात्मक समाचार सामने आई है. हिंदुस्तानीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और रांची निवासी महेंद्र सिंह धोनी (एमएस धोनी) को झारखंड टूरिज्म डिपार्टमेंट का ब्रांड एंबेसडर बनाया जाएगा. इसको लेकर झारखंड प्रशासन और एमएस धोनी के बीच जल्द ही एमओयू पर हस्ताक्षर होने की संभावना है. 29 जनवरी को धोनी से मिले थे सीएम हेमंत सोरेन इससे पहले, सीएम हेमंत सोरेन और कल्पना सोरेन लंदन से लौटने के बाद रांची में महेंद्र सिंह धोनी से मिले थे. सीएम सोरेन ने इस मुलाकात की फोटो सोशल मीडिया के प्रमुख मंच एक्स पर पोस्ट भी किया है. उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा था, ‘माही से अचानक मिलना हुआ.’ माही से अचानक मिलना हुआ… pic.twitter.com/aATfdZAMsD — Hemant Soren (@HemantSorenJMM) January 29, 2026 टूरिज्म डिपार्टमेंट ने भेजा था आग्रह पत्र झारखंड टूरिज्म के प्रचार-प्रसार को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने के उद्देश्य से पर्यटन विभाग ने एमएस धोनी को ब्रांड एंबेसडर बनने का आग्रह पत्र भेजा था. इस प्रस्ताव पर एमएस धोनी ने सैद्धांतिक सहमति दे दी है. इसके बाद अब औपचारिक प्रक्रिया पूरी करने की तैयारी शुरू कर दी गई है. झारखंड की ब्रांड वैल्यू को मिलेगी मजबूती महेंद्र सिंह धोनी का नाम देश ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में जाना-पहचाना है. ऐसे में उनके झारखंड पर्यटन से जुड़ने से राज्य की ब्रांड वैल्यू को जबरदस्त मजबूती मिलने की उम्मीद है. प्रशासन का मानना है कि धोनी की लोकप्रियता से झारखंड के प्राकृतिक पर्यटन स्थल, जलप्रपात, पहाड़, वन क्षेत्र और आदिवासी संस्कृति को नई पहचान मिलेगी. विभिन्न लोकेशन पर होगी वीडियो शूटिंग झारखंड पर्यटन विभाग की योजना के तहत राज्य के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर एमएस धोनी के साथ वीडियो शूटिंग कराई जाएगी. इन वीडियो को डिजिटल प्लेटफॉर्म, सोशल मीडिया और प्रचार अभियानों के माध्यम से देश-विदेश में प्रसारित किया जाएगा. इससे झारखंड को एक प्रमुख पर्यटन राज्य के रूप में स्थापित करने में मदद मिलेगी. इसे भी पढ़ें: एसडीओ महेंद्र छोटन उरांव के हस्तक्षेप पर माने जगन्नाथपुर के आंदोलनकारी, बंद और मशाल जुलूस स्थगित रांची के बेटे से जुड़ी भावनाएं एमएस धोनी रांची के रहने वाले हैं और उनका झारखंड से भावनात्मक जुड़ाव रहा है. ऐसे में उनका झारखंड पर्यटन का चेहरा बनना राज्यवासियों के लिए भी गर्व की बात मानी जा रही है. इसे भी पढ़ें: रांची के अंश-अंशिका के परिजन अब भी प्रशासनी मदद के इंतजार में, सीएम हेमंत का निर्देश भी बेअसर बजट पर 1 फरवरी को देखें नया विचार का स्पेशल कवरेज एमएस धोनी होंगे झारखंड टूरिज्म के ब्रांड एंबेसडर, जल्द एमओयू पर होगा हस्ताक्षर 2 The post एमएस धोनी होंगे झारखंड टूरिज्म के ब्रांड एंबेसडर, जल्द एमओयू पर होगा हस्ताक्षर appeared first on Naya Vichar.

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Anupama Twist: रजनी का बेटा ही करेगा उसका प्लान फेल, अनुज की इस तरह होगी एंट्री? अनु के सपने में आएंगे श्रीकृष्ण

Anupama Twist: आज के अनुपमा एपिसोड में दिखाया जाएगा कि अनु आग को बुझाने की कोशिश करती है. राही, प्रेरणा के लिए रोने लगती है. अनुपमा बिना कुछ सोचे प्रेरणा को बचाने के लिए आग जहां लगी होती है, वहां चली जाती है. दूसरी ओर रजनी आग देखकर खुशी मनाती है. वह कबूल करती है कि उसे हमेशा से अनुपमा से जलन थी और अब वह चाहती है कि अनु पूरी तरह खत्म हो जाए. बार-बार वह कहती है कि आज अनुपमा जल जाएगी. वरुण ये जानकर घबरा जाता है कि उसकी बहन आग में फंस गई है. क्या रजनी को होगा अपनी गलती का पछतावा? अनुपमा में दिखाया जाएगा कि वरुण ये देखकर हैरान हो जाता है कि अनु अपनी जान की परवाह किए बिना आग में चली गई. अंदर अनुपमा, प्रेरणा को ढूंढती रहती है. वहीं, रजनी सोचती है कि आज अनुपमा खत्म हो जाएगी, लेकिन तभी वरुण, रजनी को बताता है कि उसकी साजिश उलटी पड़ गई है. उसे पता चलता है कि प्रेरणा भी अंदर थी. यह जानकर रजनी टूट जाती है और अपने किए पर पछताती है. वरुण भी खुद को दोषी मानता है. इसी बीच अनु, प्रेरणा को ढूंढ लेती है और उसे होश में लाने की कोशिश करती है. अनु के सपने में आएगा अनुज रजनी को सपने में अनुपमा नजर आती है और चेतावनी देती है कि उसे अपने पापों की सजा जरूर मिलेगी. डर के मारे रजनी जाग जाती है. दूसरी तरफ अनुपमा, प्रेरणा को सुरक्षित बाहर ले आती है. सच सामने आने पर हिंदुस्तानी, रजनी को बुरी मां कहती है और घर छोड़ने का फैसला करती है. वरुण भी उसके साथ जाने की जिद करता है. अनुपमा सपने में अनुज और फिर श्रीकृष्ण को देखती है, जो उसे समझदारी और रणनीति से बुराई से लड़ने की सीख देते हैं. आखिर में वरुण सबके सामने कबूल करता है कि आग रजनी ने लगवाई थी. अनुपमा, रजनी का सामना करती है और उससे सवाल करती है. डर के मारे रजनी मदद के लिए चिल्लाने लगती है. यह भी पढ़ें- Anupama: बीच सड़क पर बेहोश हो जाएगी अनु, मदद के लिए ये लोग पहुंचेंगे, रजनी बनी अपनी बेटी की दुश्मन बजट 2026 पर नया विचार की खास पेशकश Anupama twist: रजनी का बेटा ही करेगा उसका प्लान फेल, अनुज की इस तरह होगी एंट्री? अनु के सपने में आएंगे श्रीकृष्ण 4 The post Anupama Twist: रजनी का बेटा ही करेगा उसका प्लान फेल, अनुज की इस तरह होगी एंट्री? अनु के सपने में आएंगे श्रीकृष्ण appeared first on Naya Vichar.

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Sankashti Chaturthi 2026: इस दिन मनाया जाएगा सकट चौथ, जानें किन कामों से बचें

Sankashti Chaturthi 2026: सनातन धर्म में संकष्टी चतुर्थी, जिसे आम भाषा में सकट चौथ कहा जाता है, भगवान गणेश को समर्पित एक विशेष व्रत है. यह व्रत हर महीने कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को रखा जाता है. शास्त्रों और परंपराओं के अनुसार, इस दिन विधि-विधान से गणपति जी की पूजा करने से जीवन के कष्ट, बाधाएं और मानसिक परेशानियां दूर होती हैं. संकष्टी चतुर्थी 2026 की तिथि और दिन फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि आरंभ: 5 फरवरी 2026 को रात 12 बजकर 09 मिनट समाप्त: 6 फरवरी 2026 को रात 12 बजकर 22 मिनट उदयातिथि के अनुसार द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी व्रत 5 फरवरी 2026, गुरुवार को रखा जाएगा. इस दिन चंद्र दर्शन और अर्घ्य का विशेष महत्व माना गया है. सकट चौथ में भूलकर भी न करें ये काम सकट चौथ का व्रत केवल उपवास नहीं, बल्कि संयम, शुद्ध आचरण और श्रद्धा का पर्व है. मान्यता है कि व्रत के दौरान की गई कुछ गलतियां इसके फल को कम कर सकती हैं. व्रत से पहले चंद्रमा के दर्शन न करें इस व्रत को चंद्र दर्शन के बाद ही खोला जाता है. दिन या शाम को चंद्रमा देखने से व्रत का पुण्य नहीं मिलता, ऐसा शास्त्रों में बताया गया है. झूठ, क्रोध और कटु वाणी से बचें भगवान गणेश को बुद्धि और शांति का देवता माना जाता है. झूठ बोलना, गुस्सा करना, किसी का अपमान करना, इनसे व्रत की पवित्रता प्रभावित होती है. बिना स्नान और शुद्धता के पूजा न करें सकट चौथ के दिन सुबह स्नान करके ही व्रत और पूजा शुरू करनी चाहिए. अशुद्ध अवस्था में पूजा करना शुभ नहीं माना जाता.  तामसिक भोजन से पूरी तरह दूरी रखें व्रत के दिन इन चीजों से परहेज करें: मांस-मदिरा, लहसुन-प्याज, अत्यधिक मसालेदार भोजन, सात्विक भोजन या फलाहार को ही श्रेष्ठ बताया गया है. चंद्रमा को अर्घ्य देना न भूलें चंद्रमा को जल, दूध या अक्षत मिलाकर अर्घ्य देना व्रत का सबसे जरूरी भाग है. अर्घ्य के बिना व्रत अधूरा माना जाता है. पूजा में जल्दबाजी या दिखावा न करें पूजा मन से, शांत भाव से करें. जल्दी-जल्दी या केवल दिखावे के लिए की गई पूजा से पूरा फल नहीं मिलता. व्रत और व्रती का मजाक न बनाएं जो लोग यह व्रत रखते हैं, उनका उपहास करना या नियमों को हल्के में लेना अशुभ माना गया है. श्रद्धा का सम्मान करना ही धर्म का मूल है. सकट चौथ का असली संदेश क्या है? संकष्टी चतुर्थी हमें यह सिखाती है कि केवल पूजा ही नहीं, बल्कि आचरण, संयम और सोच की शुद्धता भी उतनी ही जरूरी है. गणेश जी संकट तभी दूर करते हैं, जब भक्त धैर्य और सही मार्ग पर चलता है. सकट चौथ का व्रत डर या दिखावे का नहीं, बल्कि श्रद्धा और आत्मसंयम का पर्व है. अगर आप नियमों का पालन सच्चे मन से करते हैं, तो मान्यता है कि भगवान गणेश जीवन की रुकावटों को धीरे-धीरे दूर करते हैं और मन को शांति प्रदान करते हैं. ज्योतिषाचार्य डॉ एन के बेरा | 20+ वर्षों का अनुभवग्रह शांति, विवाह, धन और करियर विशेषज्ञ The post Sankashti Chaturthi 2026: इस दिन मनाया जाएगा सकट चौथ, जानें किन कामों से बचें appeared first on Naya Vichar.

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Best Fruiting Plant to Grow in February: फरवरी में लगाएं ये 5 फलदार पौधे, गर्मियों में घर बैठे मिलेंगे ताजे और स्वादिष्ट फल

Best Fruiting Plant to Grow in February: फरवरी का महीना बागवानी के लिए सही समय माना जाता है. इस समय मौसम न तो ज्यादा ठंडा होता है और न ही ज्यादा गर्म, जिससे पौधों की ग्रोथ तेजी से होती है. अगर आप अपने घर की छत, बालकनी या गार्डन में फलदार पौधे लगाना चाहते हैं, तो फरवरी सही समय है. इस महीने लगाए गए पौधे अच्छी तरह जड़ पकड़ते हैं और जल्दी फल देना शुरू कर देते हैं. आइए जानते हैं फरवरी में लगाए जाने वाले 5 बेहतरीन फलदार पौधों के बारे में. फरवरी में कौन-से फलदार पौधे लगाएं? Best Fruiting Plants to Grow in February 1. पपीता (Papaya) Papaya पपीता तेजी से बढ़ने वाला पौधा है और इसे उगाना काफी आसान होता है. फरवरी में पपीते का पौधा लगाने से यह अच्छी ग्रोथ करता है. पपीता विटामिन A और C से भरपूर होता है और पाचन के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है. इसे धूप वाली जगह पर लगाना चाहिए और नियमित पानी देना जरूरी होता है. 2. स्ट्रॉबेरी (Strawberries) Strawberries स्ट्रॉबेरी ठंडे और हल्के गर्म मौसम में अच्छी तरह उगती है. फरवरी में इसे गमले या ग्रो बैग में आसानी से लगाया जा सकता है. सही देखभाल करने पर कुछ ही महीनों में मीठी और रसदार स्ट्रॉबेरी मिलने लगती है. 3. ब्लूबेरी (Blueberries) Blueberries ब्लूबेरी पौधा पोषक तत्वों से भरपूर फल देता है और एंटीऑक्सीडेंट का अच्छा स्रोत माना जाता है. इसे हल्की मिट्टी और अच्छी जल निकासी वाली जगह पर लगाना चाहिए. फरवरी में लगाया गया ब्लूबेरी पौधा अच्छी ग्रोथ करता है. 4. अंजीर का पेड़ (Fig Tree) Fig tree अंजीर का पौधा गर्म और मिडीयम जलवायु में अच्छी तरह बढ़ता है. फरवरी में इसकी रोपाई करने से पौधा मजबूत बनता है. अंजीर फाइबर और मिनरल्स से भरपूर होता है और सेहत के लिए बेहद लाभकारी माना जाता है. 5. नींबू (Lemon) Lemon नींबू का पौधा इंडिया में काफी पॉपुलर है. फरवरी में इसे लगाने से पौधा जल्दी विकसित होता है और साल भर फल देता है. नींबू विटामिन C का अच्छा स्रोत है और किचन में रोजाना इस्तेमाल होता है. अगर आप अपने घर में ताजे और ऑर्गेनिक फल उगाना चाहते हैं, तो फरवरी में इन पौधों की रोपाई जरूर करें. सही देखभाल और नियमित पानी देने से ये पौधे जल्दी फल देने लगते हैं. यह भी पढ़ें: Best Flower Plants to Grow in February: फरवरी में लगाएं ये 5 खूबसूरत फूलों के पौधे, बगीचा बनेगा रंगों से गुलजार यह भी पढ़ें: Best Vegetables to Grow in February: फरवरी में लगाएं ये 5 सब्ज़ियां, किचन गार्डन होगा हरा-भरा The post Best Fruiting Plant to Grow in February: फरवरी में लगाएं ये 5 फलदार पौधे, गर्मियों में घर बैठे मिलेंगे ताजे और स्वादिष्ट फल appeared first on Naya Vichar.

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अमेरिका दिखा रहा आंखें तो चीन ने मिलाया हाथ; ब्रिटिश व्हिस्की के लिए खुले दरवाजे, PM स्टार्मर ने डील्स से ट्रंप को दिया कड़ा मैसेज!

ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर इन दिनों चीन के दौरे पर हैं और वहां से वे अच्छी समाचारें लेकर आ रहे हैं. स्टार्मर ने साफ कर दिया है कि उनकी इस ट्रिप का असली मकसद ब्रिटेन के लोगों की जेब और देश की इकोनॉमी को फायदा पहुंचाना है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर बताया कि चीन के साथ अरबों पाउंड की नई एक्सपोर्ट और इन्वेस्टमेंट डील्स पक्की हो गई हैं. व्हिस्की लवर्स के लिए खुशसमाचारी और बिजनेस में ‘बूम’ स्टार्मर ने अपनी पोस्ट में खास तौर पर ‘व्हिस्की इंडस्ट्री’ का जिक्र किया. उन्होंने बताया कि चीन ने व्हिस्की पर लगने वाली टैरिफ (एक तरह का टैक्स) को आधा कर दिया है. स्टार्मर के मुताबिक, यह इस बात का सबूत है कि जब हम दुनिया से बातचीत करते हैं, तो उसका सीधा फायदा घर बैठे लोगों को मिलता है. उनका कहना है कि ब्रिटेन की ग्रोथ के लिए दुनिया की बड़ी ताकतों से हाथ मिलाना बहुत जरूरी है. शी जिनपिंग के साथ ‘स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप’ पर चर्चा बीजिंग में स्टार्मर की मुलाकात चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से हुई. दोनों लीडर्स ने एक लंबी और मजबूत पार्टनरशिप बनाने की बात कही. चाइना डेली की रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रपति शी ने ब्रिटेन के साथ एजुकेशन और फाइनेंस जैसे सेक्टर में मिलकर काम करने पर जोर दिया है. साथ ही, उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), बायोसाइंस और क्लीन एनर्जी जैसे फ्यूचरिस्टिक टॉपिक्स पर भी साथ रिसर्च करने की सलाह दी है. पुरानी कड़वाहट और विवादों पर भी हुई ‘सीधी बात’ यह दौरा आसान नहीं था क्योंकि 2018 के बाद पहली बार कोई ब्रिटिश प्रधानमंत्री चीन गया है. अल जजीरा के मुताबिक, 2019 में हॉन्ग कॉन्ग में हुए विरोध प्रदर्शनों और वहां की सख्ती के बाद से दोनों देशों के रिश्तों में काफी खिंचाव था. इसके अलावा, ब्रिटिश नागरिक और मीडिया टायकून जिमी लाई की गिरफ्तारी को लेकर भी ब्रिटेन नाराज रहा है. प्रधानमंत्री स्टार्मर ने बताया कि उन्होंने राष्ट्रपति शी के सामने मानवाधिकारों (Human Rights) और जिमी लाई का मुद्दा पूरी इज्जत के साथ उठाया. उन्होंने साफ किया कि दोस्ती अपनी जगह है, लेकिन जहां मतभेद हैं, वहां वे ब्रिटेन का पक्ष रखने से पीछे नहीं हटेंगे. बजट 2026: नया विचार पर देखिए विकसित हिंदुस्तान का पूरा लेखा-जोखा अमेरिका दिखा रहा आंखें तो चीन ने मिलाया हाथ; ब्रिटिश व्हिस्की के लिए खुले दरवाजे, pm स्टार्मर ने डील्स से ट्रंप को दिया कड़ा मैसेज! 11 ट्रंप फैक्टर: क्यों नए दोस्त ढूंढ रहा है ब्रिटेन? ब्रिटेन का अमेरिका के साथ ‘स्पेशल रिश्ता’ रहा है, लेकिन डोनाल्ड ट्रंप की नई टैरिफ नीतियों ने चिंता बढ़ा दी है. ट्रंप ने हाल ही में ग्रीनलैंड को लेकर और उन देशों पर 25 प्रतिशत टैक्स लगाने की धमकी दी है जो उनके खिलाफ जाएंगे. ऐसे ग्लोबल प्रेशर के बीच, स्टार्मर अकेले नहीं हैं जो चीन की तरफ देख रहे हैं. फ्रांस, ऑस्ट्रेलिया, साउथ कोरिया, फिनलैंड और कनाडा के बड़े नेता भी हाल ही में चीन के साथ अपने इकोनॉमिक रिश्ते सुधारने की कोशिश कर चुके हैं. ये भी पढ़ें: एपस्टीन फाइल्स में जोहरान ममदानी की मां मीरा नायर के नाम का जिक्र; 2009 की एक फिल्म की आफ्टरपार्टी से जुड़ा  बिल गेट्स को रशियन गर्ल्स से हुआ था गुप्त रोग, पत्नी को दवा… एपस्टीन फाइल का खुलासा; कारोबारी ने बताया झूठा The post अमेरिका दिखा रहा आंखें तो चीन ने मिलाया हाथ; ब्रिटिश व्हिस्की के लिए खुले दरवाजे, PM स्टार्मर ने डील्स से ट्रंप को दिया कड़ा मैसेज! appeared first on Naya Vichar.

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ईरान के दो परमाणु ठिकानों की सैटेलाइट तस्वीरों से बढ़ेगी ट्रंप की चिंता, जहां अमेरिका ने बरसाए थे बम, वहां फिर से किलेबंदी

Iran Nuclear Sites Satellite Images: ईरान के ऊपर अमेरिकी का दबाव बढ़ता जा रहा है. सैन्य हमले की चेतावनी देते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार हमले की धमकी दे रहे हैं. वह ईरान को बातचीत की टेबल पर लाना चाह रहे हैं. ट्रंप का कहना है कि यह बातचीत न्यूक्लियर हथियारों के बिना होगी. इसी बीच अमेरिका की चिंता बढ़ाने वाली सैटेलाइट तस्वीरें सामने आई हैं. इनमें उन दो ईरानी परमाणु स्थलों पर नई गतिविधियां दिखाई गई हैं, जिन्हें पिछले साल जून में इजरायल और अमेरिका के हमलों में निशाना बनाया गया था. प्लैनेट लैब्स पीबीसी द्वारा जारी तस्वीरों में नतांज और इस्फहान परमाणु स्थलों पर ध्वस्त इमारतों के ऊपर छतें बनाई गई दिखाई देती हैं. इस नई डेवलपमेंट के जरिए ऐसी कोशिश की जा रही है कि जमीन के सीन को सैटेलाइट की नजरों से छिपाया जा सके. ईरान ने अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के निरीक्षकों को इन स्थलों का दौरा करने की अनुमति नहीं दी है, ऐसे में निगरानी का मुख्य साधन दूरस्थ (रिमोट) मॉनिटरिंग ही बचता है. इससे यह सवाल उठ रहे हैं कि तेहरान इन क्षतिग्रस्त ठिकानों पर क्या कर रहा है. समाचार एजेंसी एसोसिएटेड प्रेस के अनुसार, जिन विशेषज्ञों ने इन तस्वीरों की समीक्षा की, उनका कहना है कि यह काम पूरी तरह पुनर्निर्माण जैसा नहीं दिखता. इसके बजाय उनका मानना है कि ईरान संभवतः यह जांचने की कोशिश कर रहा है कि हमलों के बाद कोई सामग्री बची है या नहीं, वह भी बिना बाहरी निगरानी के. फाउंडेशन फॉर डिफेंस ऑफ डेमोक्रेसीज की एंड्रिया स्ट्रिकर ने कहा कि ये ढांचे ईरान को सैटेलाइट निगरानी से दूर रहकर बचे हुए संसाधनों को निकालने में मदद कर सकते हैं. Satellite images show new roofs over damaged buildings at Iran’s Isfahan and Natanz nuclear sites, possibly to conceal assessment or salvage work after last year’s strikes – AP pic.twitter.com/gbCk5eEhnm — Conflict Radar (@Conflict_Radar) January 30, 2026 तीन ठिकानों पर बरसाए थे बम जून के युद्ध से पहले ईरान तीन प्रमुख परमाणु स्थलों का संचालन करता था. तेहरान से लगभग 220 किलोमीटर दक्षिण में स्थित नतांज में एडवांस्ड सेंट्रीफ्यूज लगे थे, जो यूरेनियम को 60% तक संवर्धित करते थे. इस्फहान में संवर्धन प्रक्रिया में इस्तेमाल होने वाली यूरेनियम गैस तैयार की जाती थी. तीसरा स्थल, फोर्दो, एक पहाड़ के भीतर गहराई में बना है. इन्हीं तीनों जगहों को इजरायल और अमेरिका ने जून 2025 में निशाना बनाय था. अब, ईरान अपने संवर्धित यूरेनियम की सुरक्षा के लिए पूरे इलाके को एक तरह के किले में तब्दील कर रहा है. अमेरिका और इजरायल तेहरान पर परमाणु हथियार बनाने का आरोप लगाते रहे हैं, जिसे ईरान लगातार खारिज करता आया है. अमेरिकी हमले के डर में अब इस सुविधा की सुरक्षा कई लेवल पर मजबूत की जा रही है. दो जगहों की हो रही किलेबंदी इंस्टीट्यूट फॉर साइंस एंड इंटरनेशनल सिक्योरिटी के अनुसार, ईरान ने इस्फहान में फिर से भूमिगत सुविधा के मेन गेट को मिट्टी से भर दिया है. दक्षिणी गेट पर भी ताजी मिट्टी डाली जा रही है, जिससे वहां का रास्ता पूरी तरह बंद हो गया है. माना जा रहा है कि ईरान यह कदम संभावित अमेरिकी हमले से खुद को बचाने के लिए उठा रहा है. रिपोर्ट के मुताबिक, इसका मकसद लगभग 408 किलोग्राम संवर्धित यूरेनियम को स्टोर करने वाली सुविधाओं को अतिरिक्त सुरक्षा देना है. इससे पहले इस्फहान के इस न्यूक्लियर फैसेलिटी के गेट अस्थायी रूप से इंजीनियरिंग कार्य के लिए खोले गए थे. उस दौरान, सुरंगों को बेहद मजबूत कंक्रीट से मजबूत किया गया था ताकि किसी भी हमले के प्रभाव को कम किया जा सके. नतांज में 13 जून को इजरायल ने जमीन के ऊपर स्थित मुख्य संवर्धन संयंत्र को नष्ट कर दिया. बाद में अमेरिकी बी-2 बॉम्बर वाले हमलों ने भूमिगत हॉल्स को निशाना बनाया. सैटेलाइट तस्वीरों से पता चल रहा है कि ईरान ने दिसंबर में नष्ट संरचना के ऊपर छत बनाना शुरू किया और महीने के अंत तक इसे पूरा कर लिया. तस्वीरों में नतांज के पास ‘पिकऐक्स माउंटेन’ नामक स्थान के आसपास खुदाई जारी रहने के संकेत भी मिले हैं, एक्सपर्ट्स का मानना है कि ईरान यहां एक नई अंडरग्राउंड न्यूक्लियर फैसेलिटी बना रहा होगा. अमेरिका ने तैनात किए हैं एयरक्राफ्ट कैरियर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप बार-बार ईरान से उसके परमाणु कार्यक्रम पर समझौते के लिए बातचीत की मांग कर रहे हैं, यह कहते हुए कि ऐसा न होने पर अमेरिका सैन्य कार्रवाई कर सकता है. उन्होंने देशव्यापी प्रदर्शनों पर तेहरान की कड़ी कार्रवाई का भी हवाला दिया है. अमेरिका ने विमानवाहक पोत यूएसएस अब्राहम लिंकन और कई गाइडेड-मिसाइल विध्वंसकों को मध्य पूर्व में तैनात किया है, हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि ट्रंप अंततः बल प्रयोग का फैसला करेंगे या नहीं. ईरान ने कहा; हमले का जवाब हमला होगा वहीं, ईरान ने कहा है कि वह किसी भी हमले का जवाब देगा और धमकी के माहौल में बातचीत से इनकार किया है. ईरान लगातार कहता रहा है कि उसका परमाणु कार्यक्रम पूरी तरह नागरिक उद्देश्यों के लिए है और वह परमाणु हथियार विकसित नहीं कर रहा. ये भी पढ़ें:- बिल गेट्स को रशियन गर्ल्स से हुआ था गुप्त रोग, पत्नी को दवा… एपस्टीन फाइल का खुलासा; कारोबारी ने बताया झूठा ये भी पढ़ें:- कांगो की खदान में बड़ा हादसा, 200 से ज्यादा लोगों की मौत; मोबाइल-लैपटॉप बनाने में काम आता है यहां का पत्थर The post ईरान के दो परमाणु ठिकानों की सैटेलाइट तस्वीरों से बढ़ेगी ट्रंप की चिंता, जहां अमेरिका ने बरसाए थे बम, वहां फिर से किलेबंदी appeared first on Naya Vichar.

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Saturday Beliefs: शनिवार को उल्लू दिखे तो घबराएं नहीं, जानें इसका सच

Saturday Beliefs: अक्सर लोगों में यह धारणा होती है कि शनिवार के दिन उल्लू दिखना अशुभ होता है. कई लोग इसे आने वाली परेशानी या नुकसान का संकेत मान लेते हैं. लेकिन शास्त्रों और परंपराओं में उल्लू को हमेशा नकारात्मक नहीं माना गया है. सही अर्थ समझने पर यह डर नहीं, बल्कि सावधानी और आत्मचिंतन का संकेत देता है. शास्त्रों में उल्लू का महत्व क्या है? उल्लू और शनि देव का संबंध धार्मिक मान्यताओं के अनुसार उल्लू को शनि देव का वाहन माना गया है. शनि देव कर्म, न्याय, अनुशासन और धैर्य के देवता हैं. इसलिए उल्लू का दिखना यह याद दिलाता है कि अपने कर्म और जिम्मेदारियों पर ध्यान देना जरूरी है. रात में सक्रिय रहने वाला प्राणी उल्लू रात का जीव है और अंधेरे में भी स्पष्ट देख सकता है. इसी कारण इसे सतर्कता, जागरूकता, छिपे हुए सच को समझने की क्षमता का प्रतीक माना जाता है. ज्ञान और बुद्धि का संकेत कुछ परंपराओं में उल्लू को ज्ञान और विवेक से भी जोड़ा गया है. यह बताता है कि किसी भी स्थिति को समझदारी से देखने की जरूरत है. शनिवार को उल्लू दिखने का सही अर्थ शनिवार को उल्लू दिखना डराने वाला संकेत नहीं, बल्कि संदेश देने वाला संकेत माना जाता है. किसी काम में जल्दबाजी न करें अपने कर्म और व्यवहार की समीक्षा करें ईमानदारी और धैर्य बनाए रखें गलत रास्तों से दूरी रखें यह संकेत देता है कि शनि देव आपको सावधान और जिम्मेदार रहने की प्रेरणा दे रहे हैं. उल्लू दिखे तो क्या करना चाहिए? अगर शनिवार को उल्लू दिख जाए, तो घबराने की बजाय ये काम करें: मन शांत रखें और नकारात्मक सोच से बचें शनि देव के लिए दीपक जलाएं काले तिल या सरसों के तेल का दान करें किसी जरूरतमंद, बुजुर्ग या गरीब की मदद करें अपने काम ईमानदारी से पूरा करें ये उपाय मानसिक संतुलन और सकारात्मक ऊर्जा बढ़ाते हैं. गलत धारणाओं से बचना जरूरी सिर्फ उल्लू दिखने से अशुभ होने की बात शास्त्रों में नहीं कही गई यह कोई अनहोनी की सीधी चेतावनी नहीं है डर फैलाने वाली बातों पर भरोसा करना सही नहीं शनिवार को उल्लू दिखना डर या घबराहट का कारण नहीं है. यह शनि देव की ओर से चेतावनी और मार्गदर्शन माना जाता है—कि अपने कर्म सुधारें, धैर्य रखें और दूसरों के प्रति करुणा रखें. सही दृष्टिकोण से देखें, तो उल्लू का दर्शन नकारात्मक नहीं, बल्कि सजग और जिम्मेदार जीवन का संकेत है. ज्योतिषाचार्य डॉ एन के बेरा | 20+ वर्षों का अनुभवग्रह शांति, विवाह, धन और करियर विशेषज्ञ The post Saturday Beliefs: शनिवार को उल्लू दिखे तो घबराएं नहीं, जानें इसका सच appeared first on Naya Vichar.

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Bihar Road Project: जेपी गंगा पथ से दीदारगंज तक फर्राटा भर रहीं गाड़ियां, इस जगह जल्द बनकर तैयार होगा ROB

Bihar Road Project: बिहार प्रशासन की तरफ से पटना में कई सारे रोड प्रोजेक्ट्स पर काम किए जा रहे हैं. खासकर जेपी गंगा पथ के बनने से लोगों को खास सहूलियत मिल रही है. अब तो गंगा किनारे दीघा से दीदारगंज तक का सफर भी लोगों के लिए आसान हो गया है. हाल ही में 20.5 किलोमीटर लंबा जेपी गंगा पथ कंगन घाट के बाद अब पटना सिटी घाट से भी जुड़ गया है. इस जगह पर तैयार हो रहा आरओबी जेपी गंगा पथ के इस स्पैन के जुड़ने के बाद लोग अशोक राजपथ की जाम में फंसे बिना अपने गंतव्य की ओर से आसानी से जा सकते हैं. मारुफगंज को जोड़ने वाले रास्ते के पास सड़क के बीच एक बड़ा गोलंबर बनाया गया है. जल्द ही गोलंबर के आगे दक्षिण की ओर से अशोक राजपथ के ऊपर से एक नए आरओबी का निर्माण कार्य भी पूरा कर लिया जायेगा. इससे लोग पटना साहिब रेलवे स्टेशन जाना भी आसान हो जाएगा. यहां बनेगी फोरलेन सड़क जेपी गंगा पथ को लेकर कई योजनाएं बनाई गई है. जानकारी के मुताबिक, बांस घाट के पास अशोक राजपथ से जेपी गंगा पथ को कनेक्ट करने के लिए सड़क निर्माण का काम शुरू हो गया है. इसके बनने से आयकर गोलंबर से मंदिरी नाला होते हुए जेपी गंगा पथ पहुंचना आसान हो जायेगा. यह सड़क फोरलेन होगी. इसके निर्माण से बेली रोड से संपर्कता बढ़ जाएगी. बेली रोड से लोग मंदिरी नाला होते हुए जेपी गंगा पथ पहुंच जायेंगे. साथ ही पीएमसीएच, गाय घाट, कंगन घाट, दीदारगंज सहित अन्य जगहों पर आने-जाने की सुविधा बढ़ जाएगी. नई ग्रमीण सड़कों के निर्माण को मंजूरी ग्रामीण कार्य विभाग की सुलभ संपर्कता योजना के तहत ग्रामीण संपर्कता (Rural Connectivity) को और अधिक मजबूत करने के लिए राज्य के 24 जिलों में 73 नई ग्रामीण सड़कों के निर्माण की मंजूरी दी गई है. इससे 24 जिलों में 515 करोड़ रुपये की लागत से 254.40 किलोमीटर नई सड़कों का निर्माण होगा. ग्रामीण कार्य विभाग ने इन योजनाओं के जरिए राज्य के ग्रामीण इलाकों को जिले के महत्वपूर्ण जगहों से जोड़ने का अभियान शुरू किया है. इससे ग्रामीण संपर्कता को और अधिक आसान किया जा सकेगा. Also Read: Bihar Bhumi: बिहार में रविवार को भी खुले रहेंगे रजिस्ट्री ऑफिस, जानिए क्यों लिया गया ये फैसला The post Bihar Road Project: जेपी गंगा पथ से दीदारगंज तक फर्राटा भर रहीं गाड़ियां, इस जगह जल्द बनकर तैयार होगा ROB appeared first on Naya Vichar.

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Honda Shine 125 की लिमिटेड एडिशन लेकर आयी कंपनी, कलर्स और ग्राफिक्स ने बदला पूरा लुक

Honda Motorcycle & Scooter India ने हिंदुस्तान में Shine 125 का नया Limited Edition निकाल दिया है. Dio 125 X Edition की तरह इस बार भी कंपनी ने कोई बड़ा शोर नहीं मचाया, बस चुपचाप अपनी ऑफिशियल वेबसाइट पर इसकी डिटेल डाल दी. ये बाइक मौजूदा Shine 125 Disc वेरिएंट पर ही तैयार की गई है. माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इसकी एंट्री ऑफिशियल तौर पर हो कर दी जाएगी. इस Limited Edition में ज्यादा स्पोर्ट्स लुक और डिजाइन का है. इंजन और बाकी मैकेनिकल चीजें पहले वाली ही रखी गई हैं. आइए अब एक नजर डाल लेते हैं कलर और डिजाइन में कितना बदलाव हुआ है. Honda Shine 125 Limited Edition की कलर और डिजाइन Honda Shine 125 का Limited Edition इस बार नए और फ्रेश लुक के साथ आया है. इसमें Pearl Siren Blue नाम का नया कलर दिया गया है. ये बाइक को डार्क ब्लू फिनिश देता है. फ्यूल टैंक पर ‘Shine’ की खास ग्राफिक्स देखने को मिल जाती है. रेगुलर मॉडल में ये चीज नहीं देखने मिलती है. इसके अलावा, इसमें ब्राउन कलर के अलॉय व्हील्स ऐड किए गए हैं, जो लुक को और यूनिक बना देते हैं. ये सारे डिजाइन एलिमेंट्स आपको Shine 125 के दूसरे वेरिएंट्स, यहां तक कि स्टैंडर्ड Disc मॉडल में भी देखने को नहीं मिलते. Honda shine 125 की लिमिटेड एडिशन लेकर आयी कंपनी, कलर्स और ग्राफिक्स ने बदला पूरा लुक 14 Honda Shine 125 Limited Edition की इंजन Shine 125 के Limited Edition में इंजन को लेकर कोई बदलाव नहीं किया गया है. इसमें वही आपको 123.94cc का एयर-कूल्ड, सिंगल-सिलेंडर इंजन मिलता है. ये इंजन 7,500 rpm पर 10.6 hp की पावर और 6,000 rpm पर 11 Nm का टॉर्क जनरेट करता है. बाइक में डायमंड-टाइप फ्रेम दिया गया है. आगे की तरफ टेलिस्कोपिक सस्पेंशन मिल जाते हैं और पीछे ड्यूल शॉक एब्जॉर्बर लगाए गए हैं. Honda Shine 125 Limited Edition की साइज और स्पेसिफिकेशन साइज और स्पेसिफिकेशन्स की बात करें तो इसकी लंबाई 2,046mm, चौड़ाई 741mm और ऊंचाई 1,116mm है. बाइक का व्हीलबेस 1,285mm रखा गया है. 162mm का आपको ग्राउंड क्लीयरेंस मिल जाता है, जिससे खराब रास्तों पर भी कोई दिक्कत नहीं होती. इसका कर्ब वजन 113 किलो है. सीट की ऊंचाई 791mm है और सीट की लंबाई 651mm दी गई है. वहीं फ्यूल टैंक की कैपेसिटी 10.5 लीटर है, जो डेली यूज के हिसाब से ठीक-ठाक मानी जा सकती है. बजट 2026 पर नया विचार की खास पेशकश बजट 2026 पर नया विचार की खास पेशकश यह भी पढ़ें: फंकी डिजाइन और X-फैक्टर, होंडा ने अनवील किया Honda Dio 125 X Edition The post Honda Shine 125 की लिमिटेड एडिशन लेकर आयी कंपनी, कलर्स और ग्राफिक्स ने बदला पूरा लुक appeared first on Naya Vichar.

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