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February 1, 2026

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Bengali Mustard Chicken Recipe: वही पुराने चिकन के टेस्ट से अगर हो गए हैं बोर, तो जरूर ट्राई सरसों चिकन की ये स्पेशल रेसिपी 

Bengali Mustard Chicken Recipe: बंगाल का खानपान अपने अनोखे स्वाद और सरसों की खुशबू के लिए जाना जाता है. सरसों चिकन, जिसे बंगाली में शोरषे मुरगि कहा जाता है, बंगाल की एक पारंपरिक और लोकप्रिय डिश है. इसमें सरसों के पेस्ट और सरसों के तेल का इस्तेमाल किया जाता है, जो चिकन को तीखा और खास स्वाद देता है. कम मसालों में बनने वाली यह रेसिपी सादे चावल के साथ सबसे ज्यादा पसंद की जाती है. इस आर्टिकल में हम आपको घर पर आसानी से बंगाली स्टाइल सरसों चिकन बनाने की विधि बताएंगे. बंगाली स्टाइल सरसों चिकन बनाने के लिए सामान  चिकन – 500 ग्राम पीली सरसों – 2 बड़े चम्मच काली सरसों – 1 बड़ा चम्मच हरी मिर्च – 3–4 सरसों का तेल – 3 बड़े चम्मच हल्दी पाउडर – ½ छोटा चम्मच नमक – स्वादानुसार कलौंजी (निगेला सीड्स) – ½ छोटा चम्मच पानी – आवश्यकतानुसार सरसों का पेस्ट बनाने की विधि पीली और काली सरसों को 20–30 मिनट पानी में भिगो दें. फिर हरी मिर्च और थोड़ा सा पानी डालकर बारीक पेस्ट बना लें. पेस्ट बहुत ज्यादा पतला न हो. बनाने की विधि चिकन को साफ करके उसमें हल्दी और नमक लगाकर 10 मिनट के लिए रख दें. कड़ाही में सरसों का तेल गरम करें. तेल से धुआं उठे तो आंच धीमी कर दें. अब उसमें कलौंजी डालें और हल्का सा चटकने दें. चिकन डालकर मध्यम आंच पर 5–7 मिनट भूनें. जब चिकन का रंग बदल जाए, तब उसमें तैयार किया हुआ सरसों का पेस्ट डालें. अच्छी तरह मिलाकर धीमी आंच पर 8–10 मिनट पकाएं. जरूरत हो तो थोड़ा सा पानी डालें और ढककर पकने दें. जब तेल ऊपर आने लगे और ग्रेवी गाढ़ी हो जाए, तब गैस बंद कर दें. परोसने का तरीका सरसों चिकन को गरम-गरम सादे चावल या स्टीम राइस के साथ परोसें. यह डिश बंगाली खाने का असली स्वाद देती है. यह भी पढ़ें: Tawa Pulao Recipe: इस आसान रेसिपी से घर पर बनाएं रेस्टोरेंट जैसा तवा पुलाव, खुशबू बना देगी दीवाना   यह भी पढ़ें: Non Veg Appe Recipe: कम तेल में बने टेस्टी नॉनवेज अप्पे, जो हर किसी को आ आए पसंद The post Bengali Mustard Chicken Recipe: वही पुराने चिकन के टेस्ट से अगर हो गए हैं बोर, तो जरूर ट्राई सरसों चिकन की ये स्पेशल रेसिपी  appeared first on Naya Vichar.

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Budget 2026 : बजट देश की सिर्फ 5% आबादी के लिए, अखिलेश यादव ने देखें क्या कहा

Budget 2026 : समाजवादी पार्टी के सांसद अखिलेश यादव ने बजट पर कहा कि यह बजट गरीबों और गांव में रहने वाले लोगों की समझ से बाहर है. इसमें रोजगार या नौकरियों को लेकर कोई ठोस घोषणा नहीं की गई. उन्होंने आरोप लगाया कि यह बजट देश की सिर्फ 5% आबादी के लिए है. अखिलेश का वीडियो न्यूज  एजेंसी एएनआई ने जारी किया है. देखें वीडियो. #WATCH | On Union Budget, Samajwadi Party MP Akhilesh Yadav says,” This Budget is beyond the understanding of the poor and those who live in the villages. No jobs or employment have been given in this Budget. BJP’s budget is only for 5% people of the people in the country…” pic.twitter.com/WLRZKFfEEk — ANI (@ANI) February 1, 2026 पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कोलकाता में कहा कि केंद्रीय बजट 2026-27 दिशाहीन है, इसमें दूरदर्शिता का अभाव है. बजट में आम आदमी के लिए कुछ भी नहीं है. यह भी पढ़ें : Budget 2026 : कल कहेंगे भैया…बजट पर किये गये सवाल पर बोले राहुल गांधी The post Budget 2026 : बजट देश की सिर्फ 5% आबादी के लिए, अखिलेश यादव ने देखें क्या कहा appeared first on Naya Vichar.

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Budget 2026 : कल कहेंगे भैया…बजट पर किये गये सवाल पर बोले राहुल गांधी

Budget 2026 : लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने केंद्रीय बजट 2026-27 पर अपने बयान को लेकर कहा कि वह इस पर सोमवार को संसद में अपनी बात रखेंगे. जब राहुल से सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि कल कहेंगे भैया…पार्लियामेंट में…इस वीडियो को न्यूज एजेंसी एएनआई ने जारी किया है. आप भी  देखें ये वीडियो. #WATCH | On being asked about his comments on Union Budget 2026-27, LoP, Lok Sabha, Rahul Gandhi says,” I will speak tomorrow, using the platform provided by Parliament.” pic.twitter.com/2DOnjIlF5L — ANI (@ANI) February 1, 2026 कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने बजट पर कहा कि भाषण में बहुत कम जानकारी दी गई. 3-4 बड़ी बातें ही बताई गईं. वे केरल में ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद की उम्मीद कर रहे थे, लेकिन केरल का नाम नहीं आया. जहाज मरम्मत में भी वाराणसी और पटना का नाम लिया गया, केरल का नहीं. उन्होंने कहा कि पूरी जानकारी शायद दस्तावेज में हो, जिसे वे अभी पढ़ेंगे. #WATCH | On #UnionBudget, Congress MP Shashi Tharoor says, “We got very few details. There were 3-4 headlines, but we were waiting for the All India Institute of Ayurveda. Where is it? We wanted this in Kerala. We have had a long tradition of Ayurveda. But we didn’t hear Kerala’s… pic.twitter.com/xyjt5nG83q — ANI (@ANI) February 1, 2026 रविवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रिकॉर्ड 9वीं बार सदन में बजट पेश किया. बजट पेश करते हुए उन्होंने कहा कि रिफॉर्म एक्सप्रेस अपनी राह पर है और प्रशासन इस गति को बनाए रखेगी. सीतारमण ने कहा कि हमारा कर्तव्य यह सुनिश्चित करना है कि हर परिवार, समुदाय और वर्ग को संसाधनों, सुविधाओं एवं अवसरों तक पहुंच प्राप्त हो. केंद्रीय बजट 2026-27 पेश करते हुए सीतारमण ने कहा कि प्रशासन यह सुनिश्चित करेगी कि वृद्धि का लाभ हर किसान, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और युवा तक पहुंचे. यह भी पढ़ें : Budget 2026 से क्या सस्ता-क्या महंगा हुआ? पढ़ाई, दवाई, स्पोर्ट्स… जानें सब कुछ The post Budget 2026 : कल कहेंगे भैया…बजट पर किये गये सवाल पर बोले राहुल गांधी appeared first on Naya Vichar.

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Budget 2026 को जदयू ने बताया ऐतिहासिक, राजीव रंजन बोले- बिहार को लगातार मिल रहा केंद्र का सहयोग

Budget 2026: जनता दल यूनाइटेड (JDU) के प्रवक्ता राजीव रंजन ने केंद्रीय बजट को बिहार और देश के लिए बेहद अहम बताते हुए इसे ऐतिहासिक बताया है. उन्होंने कहा कि यह बजट समाज के हर तबके को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है और इससे सभी वर्गों को लाभ मिलने की उम्मीद है. राजीव रंजन ने कहा कि केंद्र प्रशासन ने बिहार को इस बार भी निराश नहीं किया है. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस शासन के लंबे दौर में बिहार को लगातार नजरअंदाज किया गया और राज्य के साथ अन्याय हुआ. उस समय बिहार का जिस तरह से संसाधनों का उपयोग किया गया, वह दुर्भाग्यपूर्ण रहा. केंद्र प्रशासन की तारीफ में क्या बोले राजीव रंजन जेडीयू प्रवक्ता ने बताया कि पिछले ग्यारह वर्षों में केंद्र प्रशासन से बिहार को मिलने वाली सहायता में करीब साढ़े तीन गुना की बढ़ोतरी हुई है. उन्होंने कहा कि हाल के वर्षों में जब भी बिहार ने केंद्र से मदद मांगी, उसे सकारात्मक जवाब मिला. बीते दो केंद्रीय बजट खास तौर पर बिहार के लिए फायदेमंद रहे हैं और कई बड़ी विकास परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है. राजीव रंजन ने कहा कि राज्य में लगातार विकास के काम हो रहे हैं और प्रशासन सभी वर्गों के हितों का ध्यान रख रही है. मौजूदा बजट का मकसद हर तबके के अधिकारों और जरूरतों को सुरक्षित करना है. वित्त मंत्री पर बोले- अपने आप में ऐतिहासिक उपलब्धि राजीव रंजन ने यह भी कहा कि देश की वित्त मंत्री द्वारा लगातार नौवीं बार बजट पेश किया जाना अपने आप में एक ऐतिहासिक उपलब्धि है. यह पहला मौका है जब किसी स्त्री वित्त मंत्री को यह अवसर मिला है. उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2026 के बजट में कर राहत के जरिए मध्यम वर्ग की क्रय शक्ति बढ़ाने पर विशेष फोकस किया गया है. बिहार की ताजा समाचारों के लिए क्लिक करें बजट में बिहार को क्या मिला केंद्रीय बजट 2026 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कई अहम परियोजनाओं की घोषणा की. ओडिशा में नेशनल वाटरवे विकसित किया जाएगा, जिससे तालचेर, अंगूल, कलिंगनगर और पारादीप पोर्ट को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी. शिप रिपेयर इकोसिस्टम के तहत वाराणसी और पटना में मरम्मत केंद्र स्थापित होंगे. वाराणसी-सिलीगुड़ी हाईस्पीड रेल कॉरिडोर से बिहार के बक्सर, आरा, पटना, कटिहार और किशनगंज को लाभ मिलेगा. इसे भी पढ़ें: 2047 के विकसित हिंदुस्तान की नींव है यह बजट, सम्राट चौधरी ने बताया दूरदर्शी रोडमैप The post Budget 2026 को जदयू ने बताया ऐतिहासिक, राजीव रंजन बोले- बिहार को लगातार मिल रहा केंद्र का सहयोग appeared first on Naya Vichar.

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Khesari Lal Yadav New Bhojpuri Song: खेसारी लाल का नया होली गीत ‘फुरु फुरु करे अंगवा’ हुआ रिलीज, ट्रेंडिंग स्टार संग होली के रंग में डूबी दिखी एक्ट्रेस वानू डी

Khesari Lal Yadav New Bhojpuri Song Furu Furu Kare Angwa: जब भी खेसारी लाल यादव का कोई नया गाना आता है तो फैंस के बीच अलग ही उत्साह देखने को मिलता है. खेसारी के लेटेस्ट होली सॉन्ग ‘फुरु फुरु करे अंगवा’ में होली का रंगीन माहौल दिखाया गया है. गाने में म्यूजिक से लेकर वीडियो तक सब कुछ बेहद मनोरंजक है. शिल्पी राज की आवाज ने इस गाने को और भी खास बना दिया है. इस गाने का वीडियो अपर्णा फिल्म्स के यूट्यूब चैनल पर रिलीज किया गया है. समाचार लिखे जाने तक इस गाने को 31 हजार से ज्यादा व्यूज मिल चुके हैं और यह आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है. गाने का वीडियो भाभी संग होली की मस्ती में डूबे खेसारी वीडियो की चारों तरफ होली का सेटअप दिखाया गया है, जहां लोग रंग-गुलाल और पिचकारी से होली स्पोर्ट्सते नजर आते हैं. वीडियो में एक्ट्रेस वानू डी पीले रंग के लहंगे में दिखाई देती हैं, जिसमें उनका लुक काफी ग्लैमरस लग रहा है. उनके इस अंदाज की फैंस जमकर तारीफ कर रहे हैं. वहीं खेसारी लाल यादव रेड कलर के जैकेट में काफी स्टाइलिश नजर आ रहे हैं. दोनों के बीच होली की मस्ती, ठुमके और हल्की-फुल्की नोकझोंक वाले सीन वीडियो को और एंटरटेनिंग बना रहे. वानू डी के एक्सप्रेशंस और खेसारी का देसी स्वैग दर्शकों को खूब पसंद आ रहा है. गाने में खेसारी अपनी ऑनस्क्रीन भाभी को छेड़ते हुए नजर आते हैं, तो वहीं वानू डी भी मजाकिया अंदाज में रंग लगाने की बात करती दिखती हैं. गाने की पूरी टीम सॉन्ग: फुरु-फुरु करे अंगवा सिंगर: खेसारी लाल यादव, शिल्पी राज लिरिक्स: अखिलेश कश्यप म्यूजिक: अनुराग राजा कम्पोजर: आदर्श सिंह डायरेक्टर: पवन पाल डिजिटल: हैप्पी सिंह कंपनी: अपर्णा फिल्म्स फैंस बोले- लव यू खेसारी भैया एक यूजर ने लिखा, यह होली के गाना खेसारी लाल यादव का गाना बहुत बढ़िया गाना है अखिलेश कश्यप. एक यूजर ने लिखा, खेसारी लाल यादव को कौन कौन ट्रेंडिंग स्टार मानता है. एक यूजर ने लिखा, मंदिर में पुजारी और भोजपुरी में खेसारी के रहना जरूरी बा. एक यूजर ने लिखा, पुराना खेसारी आ गया. एक यूजर ने लिखा, जब इंडस्ट्री में छान मारा तो खेसारी भैया सबसे आगे हैं ,लव यू खेसारी भैया. एक यूजर ने लिखा, गाना बहुत अच्छा मजा आ गया 100 मिलियन तय बा इस होली में. Khesari lal yadav new bhojpuri song: खेसारी लाल का नया होली गीत ‘फुरु फुरु करे अंगवा’ हुआ रिलीज, ट्रेंडिंग स्टार संग होली के रंग में डूबी दिखी एक्ट्रेस वानू डी 4 Khesari lal yadav new bhojpuri song: खेसारी लाल का नया होली गीत ‘फुरु फुरु करे अंगवा’ हुआ रिलीज, ट्रेंडिंग स्टार संग होली के रंग में डूबी दिखी एक्ट्रेस वानू डी 5 Khesari lal yadav new bhojpuri song: खेसारी लाल का नया होली गीत ‘फुरु फुरु करे अंगवा’ हुआ रिलीज, ट्रेंडिंग स्टार संग होली के रंग में डूबी दिखी एक्ट्रेस वानू डी 6 यह भी पढ़ें- Arvind Akela Kallu New Bhojpuri Song: अरविंद अकेला कल्लू का लेटेस्ट ट्रैक ‘नया भतार चाहते हैं’ रिलीज, आस्था सिंह का कातिलाना लुक वायरल The post Khesari Lal Yadav New Bhojpuri Song: खेसारी लाल का नया होली गीत ‘फुरु फुरु करे अंगवा’ हुआ रिलीज, ट्रेंडिंग स्टार संग होली के रंग में डूबी दिखी एक्ट्रेस वानू डी appeared first on Naya Vichar.

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Green Moong Chaat: हल्की भूख के लिए बेस्ट है स्वाद और सेहत से भरपूर हरे मूंग की चाट

Green Moong Chaat: मूंग का इस्तेमाल तो लगभग हर घर में किया जाता है. कभी इसे दाल के रूप में तो कभी स्प्राउट्स की तरह इस्तेमाल होता है. मूंग कई गुणों से भरपूर होते हैं. शरीर को स्वस्थ बनाए रखने में भी मूंग दाल का अहम योगदान होता है. मूंग फाइबर से भरपूर होने की वजह से लोग इसे डाइट में शामिल करते हैं. आज आपको हरे मूंग से चाट बनाने की रेसिपी बताते हैं. इस चटपटी चाट को आप हल्की भूख या शाम की चाय में स्नैक्स के तौर पर ले सकते हैं. अब आपको हरे मूंग की चाट बनाने की रेसिपी बताते हैं. हरे मूंग की चाट बनाने की सामग्री मूंग दाल – 2 कप नमक – स्वादानुसार अदरक-लहसुन पेस्ट – 2 चम्मच तेल – आवश्यकतानुसार प्याज – 1/2 कप (बारीक कटा हुआ) हरी शिमला मिर्च – 2 चम्मच (कटा हुआ) टमाटर – 1/4 कप (बारीक कटा) कच्चा आम – 1/4 कप (बारीक कटा) गाजर – 2 से 3 टेबल स्पून धनिया पत्ती – बारीक कटी हुई नींबू का रस – 1 चम्मच यह भी पढ़ें: Nimki Recipe: इस कुरकुरी निमकी से बढ़ जाएगा आपकी चाय का स्वाद, देर किए बिना नोट करें आसान रेसिपी हरे मूंग की चाट बनाने की विधि हरे मूंग की चाट बनाने के लिए मूंग को कम से कम 5 से 6 घंटे के लिए भिगो दें. फिर भिगोए हुए इस मूंग दाल को कुकर में करीब 4 कप पानी डालकर 3 सीटी आने तक पकाएं. अब एक पैन में थोड़ा तेल डालकर गरम करें और फिर उसमें पकी हुई दाल, नमक, अदरक लहसुन का पेस्ट डालकर 1 मिनट भून लें. फिर इस पैन में कटा हुआ प्याज ,टमाटर, कटा हुआ आम, बारीक कटी हुई शिमला मिर्च और गाजर डालकर अच्छी तरह मिलाएं और गैस बंद कर दें. इस मिश्रण को एक कटोरी में डालें और इसके ऊपर से कटा हुआ हरा धनिया और नींबू का रस मिलाएं. फिर इसमें स्वादानुसार चाट मसाला भी डाल सकते हैं. अब आप इसे सर्व कर दें. यह भी पढ़ें: Masala Khakhra Recipe: स्नैक्स के लिए बेस्ट ऑप्शन है मसाला खाखरा, बहुत सिंपल है बनाने की रेसिपी यह भी पढ़ें: Chhattisgarh Muthiya Recipe: ब्रेकफास्ट के लिए बेस्ट है छत्तीसगढ़ की टेस्टी मुठिया, बहुत आसान है रेसिपी  The post Green Moong Chaat: हल्की भूख के लिए बेस्ट है स्वाद और सेहत से भरपूर हरे मूंग की चाट appeared first on Naya Vichar.

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Budget 2026: टूरिज्म हब बनेगा भारत; मेडिकल, नॉलेज और स्टेट टूरिज्म बढ़ाने के लिए क्या-क्या करेगी सरकार

Budget 2026 Regional Hubs for Indian Tourism: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026 में ऐलान किया कि हिंदुस्तान को कई तरह के टूरिज्म बढ़ाने पर जोर देगी. उन्होंने अपने बजट भाषण में बताय कि हिंदुस्तान को मेडिकल टूरिज्म का बड़ा केंद्र बनाने के लिए देश के अलग-अलग हिस्सों में पाँच क्षेत्रीय मेडिकल हब बनाए जाएंगे. इन हब्स को राज्य प्रशासनों और निजी क्षेत्र की साझेदारी से विकसित किया जाएगा. यहां आधुनिक अस्पताल, जांच सुविधाएं, इलाज के बाद देखभाल, रिहैबिलिटेशन और आयुष पद्धतियों जैसे आयुर्वेद, योग और होम्योपैथी की सेवाएं एक ही जगह मिलेंगी. प्रशासन का लक्ष्य है कि विदेशों से ज्यादा मरीज इलाज के लिए हिंदुस्तान आएं, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं के साथ रोजगार भी बढ़े. स्वास्थ्य क्षेत्र को मजबूत करने के लिए तीन नए अखिल हिंदुस्तानीय आयुर्वेद संस्थान खोले जाएंगे और जामनगर में मौजूद विश्व स्वास्थ्य संगठन के पारंपरिक चिकित्सा केंद्र को अपग्रेड किया जाएगा. पशु चिकित्सा ढांचे को बेहतर बनाने के लिए लोन से जुड़ी सब्सिडी योजना भी शुरू की जाएगी. इन कदमों से स्वास्थ्य सेवाओं का दायरा बढ़ेगा और वेलनेस सेक्टर को भी फायदा होगा. राज्यों में भी विकसित किए जाएंगे टूरिज्म के क्षेत्र बजट में पर्यटन को भी रोजगार और विकास का बड़ा जरिया बताया गया. प्रशासन पहाड़ी और प्राकृतिक इलाकों में पर्यावरण के अनुकूल ट्रैकिंग और हाइकिंग रास्ते विकसित करेगी. हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, अराकू वैली और पश्चिमी घाट में नए नेचर ट्रेल्स बनाए जाएंगे. ओडिशा, कर्नाटक और केरल में कछुओं के अंडे देने वाली जगहों पर खास ट्रेल्स विकसित होंगे, जबकि पुलिकट झील के आसपास बर्ड वॉचिंग को बढ़ावा दिया जाएगा. पर्यटन ढांचे को मजबूत करने के लिए हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में पर्यावरण के अनुकूल और टिकाऊ पर्वतीय ट्रेल्स विकसित किए जाएंगे. साथ ही, हॉस्पिटालिटी क्षेत्र में कौशल और शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए मौजूदा राष्ट्रीय होटल प्रबंधन एवं कैटरिंग टेक्नोलॉजी परिषद को उन्नत कर ‘राष्ट्रीय आतिथ्य-सत्कार संस्थान’ (National Institute of Hospitality) स्थापित किया जाएगा. यह संस्थान शिक्षा, उद्योग और प्रशासन के बीच एक सेतु की भूमिका निभाएगा. वित्त मंत्री ने देश की समृद्ध विरासत को जीवंत रूप में प्रस्तुत करने के लिए लोथल, धौलावीरा, राखीगढ़ी, सारनाथ, हस्तिनापुर और लेह पैलेस सहित 15 पुरातात्विक स्थलों को ‘जीवंत सांस्कृतिक पर्यटन केंद्र’ के रूप में विकसित करने की भी घोषणा की. पर्यटन क्षेत्र में रोजगार और सेवा गुणवत्ता बढ़ाने के लिए प्रशासन एक पायलट योजना शुरू करेगी, जिसके तहत 20 प्रमुख पर्यटन स्थलों पर 10,000 गाइड्स को प्रशिक्षित किया जाएगा. यह प्रशिक्षण हिंदुस्तानीय प्रबंध संस्थान (IIM) के सहयोग से 12 सप्ताह के मानकीकृत हाइब्रिड कोर्स के रूप में दिया जाएगा. इसके अलावा, प्रशासन पांच ‘पूर्वोदय’ राज्यों में नए पर्यटन गंतव्य विकसित करेगी और पर्यटन परिवहन को बेहतर बनाने के लिए 4,000 ई-बसों की व्यवस्था भी करेगी. गाइड्स को दी जाएगी ट्रेनिंग पर्यटन सेक्टर को मजबूत करने के लिए होटल मैनेजमेंट से जुड़ी राष्ट्रीय संस्था को अपग्रेड किया जाएगा. साथ ही 20 प्रमुख पर्यटन स्थलों पर 10,000 गाइड्स को ट्रेनिंग देने की योजना है. प्रशासन देश के सांस्कृतिक, धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों की जानकारी को डिजिटल रूप में सहेजने के लिए एक राष्ट्रीय डिजिटल प्लेटफॉर्म भी बनाएगी. कुल मिलाकर, इस बजट में स्वास्थ्य और पर्यटन दोनों क्षेत्रों को बढ़ावा देकर रोजगार और वित्तीय स्थिति को मजबूत करने पर जोर दिया गया है. राष्ट्रीय गंतव्य डिजिटल ज्ञान ग्रिड बनाया जाएगा वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट भाषण में पर्यटन और सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देने के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएँ कीं. उन्होंने देशभर के सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और ऐतिहासिक महत्व के स्थलों की जानकारी को डिजिटल रूप में सहेजने के लिए ‘राष्ट्रीय गंतव्य डिजिटल ज्ञान ग्रिड’ (नेशनल डेस्टिनेशन डिजिटल नॉलेज ग्रिड) बनाने का प्रस्ताव रखा. इसका उद्देश्य हिंदुस्तान के प्रमुख स्थलों को एक डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाकर उनकी वैश्विक पहचान मजबूत करना है. ये भी पढ़ें:- Budget 2026 से क्या सस्ता-क्या महंगा हुआ? पढ़ाई, दवाई, स्पोर्ट्स… जानें सब कुछ ये भी पढ़ें:- Budget 2026: बनारस-पटना में शिप रिपेयर इकोसिस्टम, डेडिकेटेड ट्रेड-7 हाई स्पीड रेल कॉरिडोर; 10 बड़ी बातें Budget The post Budget 2026: टूरिज्म हब बनेगा हिंदुस्तान; मेडिकल, नॉलेज और स्टेट टूरिज्म बढ़ाने के लिए क्या-क्या करेगी प्रशासन appeared first on Naya Vichar.

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Tribal Mahakumbh: राजमहल की उत्तर वाहिनी गंगा में लाखों श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी, मरांग बुरू का जलाभिषेक

राजमहल में दीप सिंह की रिपोर्ट Tribal Mahakumbh: झारखंड के साहिबगंज जिले के राजमहल में आयोजित राजकीय माघी पूर्णिमा मेला 2026 (आदिवासी महाकुंभ) के अवसर पर रविवार को उत्तर वाहिनी गंगा तट आस्था और श्रद्धा का विशाल केंद्र बन गया. झारखंड के अलावा बिहार, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और नेपाल से आए लाखों आदिवासी एवं गैर-आदिवासी श्रद्धालुओं ने गंगा के विभिन्न घाटों पर पावन स्नान कर पुण्य अर्जित किया. पूरे क्षेत्र में हर-हर गंगे और पारंपरिक आदिवासी मंत्रोच्चार की गूंज सुनाई देती रही. उत्तर वाहिनी गंगा तट पर अस्थायी अखाड़ा गंगा तट पर विदिन समाज सुसार बैसी की ओर से पारंपरिक अखाड़ा के साथ अस्थायी मांझी थान और जाहेर थान का निर्माण किया गया. धर्मगुरु अभिराम मरांडी और भुगलू मरांडी के नेतृत्व में समाज के अनुयायियों ने गंगा स्नान के बाद मांझी थान में मरांग बुरू (भगवान शिव स्वरूप) को स्थापित कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की. पूजा के दौरान पूरे परिसर में आदिवासी संस्कृति की झलक देखने को मिली. गंगा स्नान के बाद सूर्य देव ‘चांदो बोंगा’ की विशेष आराधना आदिवासी श्रद्धालु गंगा की पावन धारा में स्नान कर पीतल के लोटे में जल भरते हैं और गंगा में खड़े होकर सफा होड़ समुदाय द्वारा सूर्य देव ‘चांदो बोंगा’ की सामूहिक पूजा करते हैं. मान्यता है कि सूर्य देव के बिना पृथ्वी पर जीवन संभव नहीं है और हर जीव में उन्हीं की कृपा निहित है. माघी पूर्णिमा के दिन श्रद्धालु 24 घंटे का उपवास रखते हैं, रात भर जागरण करते हैं और भोर में सूर्य को जल अर्पित करते हैं. शिव-पार्वती और जाहेर आयो को जल अर्पण की परंपरा सूर्य पूजन के पश्चात श्रद्धालु अपने-अपने धर्मगुरुओं के अखाड़ों में पहुंचते हैं. यहां अस्थायी रूप से स्थापित मांझी थान में शिव-पार्वती और जाहेर थान में जाहेर आयो को गंगाजल अर्पित किया जाता है. श्रद्धालु समृद्धि, खुशहाली और निरोगी जीवन की कामना करते हैं. यह पूरी प्रक्रिया सामूहिक और अनुशासित रूप से संपन्न होती है. साफा होड़ समुदाय की विशिष्ट धार्मिक पहचान साफा होड़ समुदाय संथाल समाज का ही एक अंग है, लेकिन उनकी धार्मिक मान्यताएं कुछ अलग हैं. जहां पारंपरिक संथाल धर्म में मरांग बुरू, जाहेर एरा, गोसाईं एरा और मोड़ें के तुरुई को प्रमुख देवता माना जाता है, वहीं साफा होड़ समुदाय सूर्य देव, विष्णु, महेश, शिव और राम को भी मान्यता देता है. यह समुदाय विशुद्ध संथाल परंपरा के भीतर रहकर एकेश्वरवाद की अवधारणा को अपनाता है. सादा जीवन, शुद्ध आचरण और नशामुक्त समाज का संदेश साफा होड़ समुदाय सादा जीवन और शुद्ध आचरण के लिए जाना जाता है. यह समुदाय मांस भक्षण, मदिरापान और धूम्रपान से परहेज करता है. सादा वस्त्र, सरल खान-पान और अनुशासित जीवनशैली इसकी पहचान है. समुदाय के लोग दूसरों के घरों में भी सहजता से भोजन नहीं करते और आत्मसंयम को सर्वोच्च मानते हैं. धर्मगुरु अखाड़ों के माध्यम से नशा मुक्ति का प्रचार साफा होड़ धर्मगुरु अपने अखाड़ों के माध्यम से समाज को हिंसा, नशापान और जीव हत्या से दूर रहने का संदेश देते हैं. जलकुंड या जलाशयों में सूर्य देव की पूजा के साथ-साथ मरांग गुरु, पिल्चू हाड़म, पिलिचुरी बूढ़ी और जाहेर थानों की आराधना की जाती है. घरों में तुलसी पिंड और शिव का त्रिशूल स्थापित करना भी इस परंपरा का हिस्सा है. भागीरथ मांझी और साफा होड़ आंदोलन का इतिहास साफा होड़ आंदोलन की जड़ें 1874 के खेरवार (साफा होड़) आंदोलन से जुड़ी हैं, जिसका नेतृत्व भागीरथ मांझी, लाल हेंब्रम और पाइका मुर्मू ने किया था. इस आंदोलन ने संथाल समाज में एक ईश्वरवाद, स्वच्छ जीवन और नशामुक्ति का संदेश फैलाया. आंदोलन को व्यापक जनसमर्थन मिला, लेकिन ब्रिटिश शासन के दमन और 1855 के संथाल हूल के बाद यह धार्मिक सुधार आंदोलन तक सीमित रह गया. इसे भी पढ़ें: Palamu Crime: डायन-बिसाही के आरोप में पलामू के पांकी में एक ही परिवार के तीन लोगों की हत्या, दो गंभीर आज भी जीवंत है आंदोलन की विरासत वर्तमान में राजमहल की उत्तर वाहिनी गंगा में उमड़ने वाले साफा होड़ श्रद्धालु खुद को भागीरथ मांझी के अनुयायी मानते हैं. माघी पूर्णिमा का यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि आदिवासी समाज की सांस्कृतिक चेतना, इतिहास और सामाजिक सुधार की जीवंत मिसाल भी है. राजमहल का यह आदिवासी महाकुंभ एक बार फिर साबित करता है कि गंगा तट केवल स्नान का स्थल नहीं, बल्कि आदिवासी अस्मिता, परंपरा और सामाजिक मूल्यों का जीवंत संगम है. इसे भी पढ़ें: अबुआ दिशोम बजट के लिए यूपीएससी अभ्यर्थी की 8 मांगें मंजूर, आप भी दे सकतें है अपना सुझाव The post Tribal Mahakumbh: राजमहल की उत्तर वाहिनी गंगा में लाखों श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी, मरांग बुरू का जलाभिषेक appeared first on Naya Vichar.

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Budget 2026: रोजगार और उद्यम पर सरकार का फोकस, ऑरेंज इकोनॉमी से होगा युवाओं को फायदा

Budget 2026: रविवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2026-27 का बजट पेश किया. इस दौरान वित्त मंत्री ने रोजगार और उद्यम पर फोकस होने का जिक्र किया. निर्मला सीतारमण ने भाषण के दौरान यह क्लियर किया कि आने वाले सालों में शिक्षा से रोजगार और उद्यमिता को जोड़ने पर फोकस रहेगा. साथ ही ऑरेंज इकोनॉमी का भी जिक्र किया गया है. गेमिंग, कॉमिक, डिजिटल कंटेंट को बढ़ावा आम बजट 2026 में प्रशासन ने ऑरेंज इकोनॉमी का जिक्र किया. इसके जरिए गेमिंग, कॉमिक, डिजिटल कंटेंट और क्रिएटिव सेक्टर को बढ़ावा दिया जाएगा और इस पर खास जोर दिया जाएगा. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि 2030 तक इस क्षेत्र में 20 लाख ट्रेनिंग लिए हुए पेशेवरों की जरूरत होगी. आगे वित्त मंत्री ने कहा कि इसी टारगेट को ध्यान में रखा जाएगा और देश के 15 हजार सेकेंड्री स्कूलों में कंटेंट क्रिएटर लैब स्थापित किए जायेंगे. इससे फायदा यह हो सकेगा कि शुरुआत में ही स्टूडेंट्स डिजिटल स्किल्स से जुड़ सकेंगे. क्या होती है ऑरेंज इकोनॉमी? ऑरेंज इकोनॉमी का मतलब क्रिएटिव इकोनॉमी से है. इसमें क्रिएटिविटी, संस्कृति, आर्ट और बौद्धिक संपदा (Intellectual Property) से जुड़ी गतिविधियां शामिल होती हैं. इसमें जो सेक्टर शामिल हैं, उनमें म्यूजिक, गेमिंग, मूवी डिजिटल कंटेंट, डिजाइन आदि शामिल है. कुल मिलाकर देखा जाए तो, ऑरेंज इकोनॉमी रोजगार और पैसा सृजन पर आधारित है. इससे युवाओं को बड़ा फायदा हो सकेगा. Also Read: Union Budget 2026: किसके नाम है सबसे लंबे बजट भाषण का रिकॉर्ड? जानिए किसने किसका तोड़ा है रिकॉर्ड The post Budget 2026: रोजगार और उद्यम पर प्रशासन का फोकस, ऑरेंज इकोनॉमी से होगा युवाओं को फायदा appeared first on Naya Vichar.

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Budget 2026 में MSME को राहत, भुगतान सुरक्षा और ग्रोथ पर सरकार का फोकस

Budget 2026 में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME) के लिए घोषित प्रावधानों पर प्रतिक्रिया देते हुए Rubix Data Sciences के फाउंडर और सीईओ मोहन रामास्वामी ने कहा कि प्रशासन ने इस बार सिर्फ कर्ज बढ़ाने के बजाय MSME सेक्टर की असली समस्या, नकदी प्रवाह (कैश फ्लो) के तनाव को समझते हुए नीतिगत कदम उठाए हैं. उनके अनुसार, इकोनॉमिक सर्वे यह साफ संकेत देता है कि MSME को मिलने वाला कर्ज बढ़ रहा है, ज्यादा उद्यम औपचारिक क्रेडिट सिस्टम में आ रहे हैं, लेकिन इसके साथ ही भुगतान में देरी की समस्या भी गंभीर बनी हुई है. आज भी करीब ₹8.1 लाख करोड़ की राशि MSME के लिए डिले पेमेंट के रूप में अटकी हुई है, जो सेक्टर की वित्तीय सेहत पर बड़ा दबाव डालती है. TReDS को मजबूत बनाकर भुगतान की गारंटी पर जोर रामास्वामी ने कहा कि बजट में TReDS (ट्रेड्स) की भूमिका को मजबूत करने का फैसला बेहद अहम है. इसे केवल एक प्लेटफॉर्म न रखकर अब सेटलमेंट बैकबोन के रूप में विकसित किया जा रहा है. इसके साथ गारंटी सपोर्ट बढ़ाना और TReDS को GeM (Government e-Marketplace) से जोड़ना, MSME के लिए भुगतान की निश्चितता सुनिश्चित करने की दिशा में बड़ा कदम है. उनका मानना है कि इससे नीति का फोकस सिर्फ लोन डिस्बर्समेंट से हटकर समय पर भुगतान सुनिश्चित करने पर आ गया है, जिससे MSME के कैश फ्लो में संतुलन आएगा और उन पर बढ़ता वित्तीय दबाव कम होगा. SME ग्रोथ फंड और डेटा-आधारित लेंडिंग से नई रफ्तार बजट में घोषित ₹10,000 करोड़ के SME Growth Fund को लेकर रामास्वामी ने कहा कि यह उन MSME के लिए एक जरूरी इक्विटी सपोर्ट देगा, जो अब विस्तार और स्केल-अप के लिए तैयार हैं. केवल कर्ज के बजाय इक्विटी की उपलब्धता से ऐसे उद्यम ज्यादा स्थिर और दीर्घकालिक रूप से मजबूत बन सकेंगे. इसके साथ ही सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों द्वारा अपनाए जा रहे डेटा-आधारित क्रेडिट असेसमेंट मॉडल को उन्होंने एक सकारात्मक बदलाव बताया. इससे लेंडिंग प्रक्रिया ज्यादा ऑब्जेक्टिव, पारदर्शी और कुशल बनेगी. Also Read: बजट 2026 का सुपरहिट ट्रैवल प्लान, लाइट साउंड से सजेगा ऐतिहासिक विरासत The post Budget 2026 में MSME को राहत, भुगतान सुरक्षा और ग्रोथ पर प्रशासन का फोकस appeared first on Naya Vichar.

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