Hot News

February 1, 2026

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

Palamu Crime: डायन-बिसाही के आरोप में पलामू के पांकी में एक ही परिवार के तीन लोगों की हत्या, दो गंभीर

पलामू से चंद्रशेखर की रिपोर्ट Palamu Crime: झारखंड के पलामू जिले के पांकी थाना क्षेत्र अंतर्गत आसेहार पंचायत के कुसड़ी गांव पुरानी बथान में अंधविश्वास ने एक बार फिर खौफनाक रूप ले लिया. डायन-बिसाही के आरोप में पति, पत्नी और बेटे की निर्मम हत्या कर दी गयी, जबकि दो अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गये. इस दिल दहला देने वाली वारदात के बाद पूरे गांव में दहशत और आक्रोश का माहौल है. मृतकों की पहचान और आरोपों की पृष्ठभूमि मृतकों की पहचान विजय भुईया (उम्र लगभग 45 वर्ष), उनकी पत्नी कलिया देवी (40 वर्ष) और 17 वर्षीय बेटे छोटू भुईया के रूप में हुई है. जानकारी के अनुसार, महेशी भुईया की हालिया मृत्यु के बाद उनके पुत्र प्रमोद भुईया और रविन्द्र भुईया ने गांव के ही कुछ लोगों पर डायन-बिसाही कराने का आरोप लगाया था. यही आरोप धीरे-धीरे आपसी विवाद और फिर हिंसा में बदल गया. हमले में दो लोग गंभीर रूप से घायल इस हिंसक घटना में ममता कुमारी (14 वर्ष) और पुत्रवधू नीतू देवी (25 वर्ष) गंभीर रूप से घायल हो गयीं. दोनों को तत्काल पांकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया, जहां चिकित्सकों के अनुसार उनकी हालत चिंताजनक बनी हुई है. डॉक्टरों की टीम लगातार निगरानी में इलाज कर रही है. पुलिस की देरी पर ग्रामीणों में आक्रोश ग्रामीणों का आरोप है कि घटना की सूचना मिलने के बावजूद पांकी थाना पुलिस करीब चार घंटे बाद घटनास्थल पर पहुंची. इस दौरान मौके पर केवल चौकीदार मौजूद था. पुलिस की इस देरी को लेकर ग्रामीणों में भारी रोष देखा गया. लोगों का कहना है कि समय पर पुलिस पहुंचती तो शायद स्थिति इतनी भयावह नहीं होती. अंधविश्वास बना जानलेवा ग्रामीणों ने बताया कि इलाके में डायन-बिसाही और अंधविश्वास को लेकर पहले भी तनाव की स्थिति बनती रही है. कमजोर जागरूकता, अशिक्षा और आपसी रंजिश अक्सर ऐसे मामलों को हिंसक रूप दे देती है. यह घटना इसी सामाजिक समस्या का भयावह उदाहरण मानी जा रही है. गांव में दहशत, सख्त कार्रवाई की मांग घटना के बाद से गांव में डर का माहौल बना हुआ है. कई परिवार अपने घरों में दुबके हुए हैं. ग्रामीणों ने प्रशासन से दोषियों की जल्द गिरफ्तारी और सख्त कार्रवाई की मांग की है. साथ ही इलाके में पुलिस गश्त बढ़ाने और अंधविश्वास के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाने की भी मांग उठी है. इसे भी पढ़ें: अबुआ दिशोम बजट के लिए यूपीएससी अभ्यर्थी की 8 मांगें मंजूर, आप भी दे सकतें है अपना सुझाव जांच में जुटी पुलिस फिलहाल पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है. अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं की गहराई से जांच की जा रही है और दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा. इसे भी पढ़ें: Income Tax Raid: बाबा ग्रुप और सहयोगियों के ठिकानों से 4.50 करोड़ जब्त, कीमती जेवर बरामद The post Palamu Crime: डायन-बिसाही के आरोप में पलामू के पांकी में एक ही परिवार के तीन लोगों की हत्या, दो गंभीर appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

Budget 2026: इलाज होगा सस्ता! बजट में मिल सकता है स्वास्थ्य लाभ

Budget 2026: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज जब संसद में बजट 2026 का पिटारा खोलेंगी, तो मध्यम वर्ग की सबसे बड़ी उम्मीद ‘स्वास्थ्य’ पर टिकी होगी. अक्सर हम बजट को सिर्फ इनकम टैक्स और सैलरी से जोड़कर देखते हैं, लेकिन सच यह है कि बजट का एक बड़ा हिस्सा सीधे तौर पर यह तय करता है कि बीमार पड़ने पर आपकी जेब पर कितना बोझ पड़ेगा. प्रशासनी अस्पतालों की सूरत और इलाज की सुलभता देश का ‘हेल्थ बजट’ ही यह तय करता है कि आपके नजदीकी जिला अस्पताल या प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टर मिलेंगे या नहीं, और वहाँ नई जाँच मशीनें आएंगी या नहीं. बजट में स्वास्थ्य मंत्रालय को मिलने वाला फंड अगर बढ़ता है, तो गांवों और कस्बों तक आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं पहुँचती हैं. इसके विपरीत, फंड की कमी का सीधा असर प्रशासनी अस्पतालों की लंबी लाइनों और सुविधाओं की कमी के रूप में सामने आता है. आयुष्मान हिंदुस्तान: क्या बढ़ेगा मुफ्त इलाज का दायरा? करोड़ों परिवारों की नजरें आयुष्मान हिंदुस्तान योजना पर हैं. बजट 2026 में अगर इस योजना का आवंटन बढ़ाया जाता है, तो न केवल लाभार्थियों की संख्या बढ़ेगी, बल्कि इसमें और भी गंभीर बीमारियों को कवर किया जा सकेगा. इससे गरीब और निम्न-मध्यम वर्ग के परिवारों को महंगे निजी अस्पतालों में इलाज के लिए अपनी जमा-पूंजी खर्च नहीं करनी पड़ेगी. सस्ती दवाइयां और मेडिकल डिवाइस बजट में दवाओं और जीवन रक्षक उपकरणों पर लगने वाले टैक्स और GST में बदलाव की संभावना रहती है. यदि प्रशासन फार्मा सेक्टर को टैक्स में रियायत देती है, तो क्रॉनिक बीमारियों (जैसे शुगर, बीपी) की दवाएं सस्ती हो सकती हैं. साथ ही, मेडिकल डिवाइस के घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देने से देश में इलाज की लागत कम होने की उम्मीद है. प्रिवेंटिव हेल्थ और वैक्सीनेशन इस बार के बजट से यह भी उम्मीद है कि प्रशासन प्रिवेंटिव हेल्थकेयर यानी बीमारियों को होने से रोकने वाले उपायों और मुफ्त टीकाकरण अभियानों पर जोर देगी. सेहत पर होने वाला खर्च सिर्फ इलाज तक सीमित नहीं है, बल्कि पोषण और स्वच्छता के लिए जारी फंड भी आपके परिवार की लंबी उम्र तय करता है. बजट 2025 में स्वास्थ्य को क्या मिला विभाग / प्रमुख योजना आवंटित बजट (2025-26) कुल स्वास्थ्य मंत्रालय ₹90,958 करोड़ राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) ₹37,226 करोड़ आयुष्मान हिंदुस्तान (PM-JAY) ₹9,406 करोड़ स्वास्थ्य अनुसंधान (Research) ₹3,302 करोड़ Also Read: बढ़ सकते हैं पीएम-किसान के पैसे ? बजट से किसानों के लिए बड़ी उम्मीद The post Budget 2026: इलाज होगा सस्ता! बजट में मिल सकता है स्वास्थ्य लाभ appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

ट्रंप का बड़ा दावा! ‘भारत अब ईरान नहीं, वेनेजुएला से खरीदेगा तेल’; चीन को भी दिया ऑफर

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक ऐसा बयान दिया है जिसने ग्लोबल ऑयल मार्केट में हलचल मचा दी है. एयर फोर्स वन (राष्ट्रपति का विमान) में पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने दावा किया कि हिंदुस्तान के साथ वेनेजुएला का तेल खरीदने की डील ‘पक्की’ हो गई है. उन्होंने यह भी कहा कि चीन चाहे तो वह भी इस लाइन में लग सकता है. हिंदुस्तान के लिए क्या है ‘कॉन्सेप्ट ऑफ द डील’? ट्रंप ने साफ-साफ कहा है कि हमने हिंदुस्तान के साथ एक डील का कॉन्सेप्ट तैयार कर लिया है. अब हिंदुस्तान ईरान के बजाय वेनेजुएला से तेल खरीदेगा. हालांकि, ट्रंप ने यह नहीं बताया कि यह डील कब और कैसे पूरी तरह लागू होगी. मजेदार बात यह है कि हिंदुस्तान प्रशासन ने अभी तक इस पर कोई आधिकारिक रिएक्शन नहीं दिया है. रूस के तेल का विकल्प ढूंढ रहा अमेरिका? रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका चाहता है कि हिंदुस्तान रूस से तेल खरीदना कम कर दे. इसके बदले में अमेरिका ने हिंदुस्तान को वेनेजुएला का तेल ऑफर किया है. बता दें कि यूक्रेन युद्ध के बाद से हिंदुस्तान ने रूस से बहुत ज्यादा तेल खरीदना शुरू कर दिया था, जो अब हिंदुस्तान की कुल जरूरत का लगभग 30% है. ईरान से क्यों टूटा हिंदुस्तान का नाता? एक समय था जब ईरान हिंदुस्तान का टॉप तेल सप्लायर हुआ करता था. ब्लूमबर्ग और प्रशासनी आंकड़ों के अनुसार: 2007-08: हिंदुस्तान अपनी जरूरत का 13% तेल ईरान से लेता था. 2018-19: हिंदुस्तान ने करीब 12.3 डॉलर बिलियन का तेल ईरान से मंगाया. अभी का हाल: अमेरिका के कड़े प्रतिबंधों की वजह से यह घटकर सिर्फ 0.04% रह गया है. अब अमेरिका चाहता है कि हिंदुस्तान इस कमी को वेनेजुएला के तेल से पूरा करे, जिस पर अब अमेरिका का कंट्रोल है. वेनेजुएला में अमेरिका का ‘कब्जा’ और 5.2 डॉलर बिलियन की डील ट्रंप ने बताया कि वेनेजुएला की नई ‘अंतरिम प्रशासन’ (जो पूर्व राष्ट्रपति निकोलस मादुरो के हटने के बाद बनी है) ने अमेरिका को 5 करोड़ बैरल तेल ऑफर किया है. इसकी कीमत करीब 5.2 डॉलर बिलियन है. ट्रंप ने कहा कि उन्होंने हमसे पूछा कि क्या आप तेल लेंगे? मैंने कहा- बिल्कुल लेंगे. न्यूयॉर्क के न्यूज आउटलेट सेमाफोर की रिपोर्ट के अनुसार: अमेरिका ने वेनेजुएला के तेल की पहली सेल 500 डॉलर मिलियन में कर भी दी है. इस तेल से होने वाली कमाई फिलहाल अमेरिका के कंट्रोल वाले बैंक अकाउंट्स में रखी जा रही है. इसका मुख्य अकाउंट कतर में बताया जा रहा है. चीन का पत्ता कटा, अमेरिका बना ‘नया बॉस’ शिपिंग डेटा और ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट बताती है कि वेनेजुएला के तेल बाजार में बड़ा बदलाव आया है: अमेरिका वेनेजुएला से करेगा तेल इंपोर्ट: अमेरिका अब वेनेजुएला से हर दिन करीब 2.75 लाख बैरल तेल इंपोर्ट करने वाला है. यह पिछले महीने के मुकाबले दोगुने से भी ज्यादा है. चीन को झटका: जो चीन पहले वेनेजुएला से भारी मात्रा में तेल लेता था, उसका इंपोर्ट अब ‘जीरो’ हो गया है. इसीलिए ट्रंप ने तंज कसते हुए कहा कि चीन भी आकर हमसे डील कर सकता है. ये भी पढ़ें: पैनिक मोड में है IRGC, बुरी तरह कांप रहा… वीडियो पोस्ट कर बोले ट्रंप; ईरान की सड़कों पर भारी पुलिस तैनात ये भी पढ़ें:- ट्रंप की ‘समुद्री घेराबंदी’ से डरा ईरान? महाशक्तिशाली ‘आर्माडा’ देख बदले तेहरान के सुर; बोले- बातचीत की तैयारी जारी The post ट्रंप का बड़ा दावा! ‘हिंदुस्तान अब ईरान नहीं, वेनेजुएला से खरीदेगा तेल’; चीन को भी दिया ऑफर appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

How To Grow Raat Rani Plant: इन टिप्स से गमले में लगाएं रात रानी का पौधा, फूलों से महक उठेगा आपका आंगन

How To Grow Raat Rani Plant: रात की रानी (नाइट ब्लूमिंग जैसमिन) एक ऐसा खुशबूदार पौधा है जिसकी महक शाम ढ़लते ही पूरे वातावरण को खुशबू से भर देती है. इस पौधे को आप घर पर गमले में बहुत ही आसानी से उगा सकते हैं. जैसे ही इस पौधे में फूल आने शुरू होते हैं वैसे ही आपका घर आंगन सुगंधित हो उठता है. एक खास बात यह है कि इसे अधिक देखभाल की जरूरत नहीं पड़ती है. तो चलिए इसे गमले में लगाने के टिप्स आपको बताते हैं. सही गमले का चयन रात की रानी का पौधा लगाने के लिए सबसे पहले तो आपको सही गमले का चयन करना होगा. इसके लिए 18-20 इंच का गमला लेना सही रहता है. इस गमले में आप एक छोटा सा छेद कर दें, ताकि पानी इसमें जमा नहीं हो सके और पौधा सुरक्षित रहे.   तैयार करें मिट्टी रात की रानी का पौधा लगाने के लिए पोषक तत्वों से भरपूर मिट्टी की जरूरत पड़ती है. इसके लिए आप किसी गार्डन की मिट्टी को लेकर उसमें गोबर की खाद, वर्मी कंपोस्ट और थोड़ी सी रेत मिला दें. ऐसा करने से पौधे की ग्रोथ सही रहती है. यह भी पढ़ें: Papaya Growing Tips: घर पर आसानी से उगाएं पपीते का पौधा, बाजार जाने की झंझट हो जाएगी खत्म गमले में ऐसे लगाएं पौधा रात की रानी का पौधा आप किसी नर्सरी से खरीद कर गमले में लगा सकते हैं. इस पौधे को कटिंग से भी गमले में उगाया जा सकता है. ध्यान रखना जरूरी होगा कि कटिंग लगाते समय उसमें 2-3 गांठें हों. इसके बाद आप गमले में पर्याप्त मिट्टी भरकर पौधे को इसमें सीधा लगा दें. पौधा लगाने के बाद ही इस गमले में आप पानी डाल दें. ऐसे करें पौधे की देखभाल इस पौधे को तेज धूप की जरूरत नहीं होती है. इसलिए आप इसे बालकनी में भी रख सकते हैं. साथ ही ध्यान रहे कि इस पौधे में अधिक पानी की भी जरूरत नहीं पड़ती है. जब मिट्टी सूखने लगे तभी आप इसमें पानी डालें वरना अधिक पानी देने से पौधे की जड़ें खराब हो सकती हैं. यह भी पढ़ें: Planting Tips: हरा भरा हो जाएगा बालकनी में रखा मनी प्लांट, बस गमले में डालनी होगी ये चीज यह भी पढ़ें: Shimla Mirch Growing Tips: नहीं खरीदनी पड़ेगी शिमला मिर्च, गमले में इस आसान तरीके से उगाएं कैप्सिकम का पौधा The post How To Grow Raat Rani Plant: इन टिप्स से गमले में लगाएं रात रानी का पौधा, फूलों से महक उठेगा आपका आंगन appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

Budget 2026: क्या और महंगा हो जाएगा 5G स्मार्टफोन? टैक्स और GST पर बड़े ऐलान की उम्मीद

आज संसद में पेश होने वाले केंद्रीय Budget 2026 पर पूरे देश की नजरें टिकी हैं. 11 बजे वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण अपना लगातार नौवां बजट पेश करेंगी. बजट में टैक्स और छूट को लेकर ऐलान होंगे. कई सामान सस्ते और महंगे किए जाते हैं. ऐसे में खासकर स्मार्टफोन यूजर्स और गैजेट्स के शौकीन यह जानना चाहते हैं, कि बजट के बाद नया फोन खरीदना सस्ता होगा या फिर जेब पर ज्यादा भार पड़ेगा. हिंदुस्तान दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा स्मार्टफोन मार्केट है और आज स्मार्टफोन सिर्फ एक गैजेट नहीं, बल्कि रोजमर्रा की जरूरत बन चुका है. ऐसे में कीमतों में बदलाव का असर सीधे करोड़ों लोगों पर पड़ता है. वहीं टेक एक्सपर्ट्स के मुताबिक, स्मार्टफोन की कीमतें इस समय कई ग्लोबल और लोकल वजहों के कारण दबाव में हैं. ऐसे में बजट 2026-27 से इंडस्ट्री को बड़ी उम्मीदें हैं कि प्रशासन कुछ राहत दे सकती है. इस साल कीमतों पर असर क्यों पड़ सकता है? पिछले 2-3 सालों में कई हिंदुस्तानीय स्मार्टफोन कंपनियां मार्केट में आई हैं. इससे चीनी कंपनियों को अपनी कीमतें कुछ हद तक कम करनी पड़ीं. लेकिन इस साल हालात अलग हो सकते हैं. AI टेक्नोलॉजी की बढ़ती मांग के कारण चिपसेट महंगे हो रहे हैं. इसके अलावा ग्लोबल सप्लाई चेन में दिक्कतें और अलग-अलग देशों द्वारा लगाए गए टैरिफ भी कीमतें बढ़ाने की वजह बन सकते हैं. इंडस्ट्री जानकारों का कहना है कि दुनियाभर में AI टेक्नोलॉजी की बढ़ती मांग का असर स्मार्टफोन इंडस्ट्री पर भी पड़ा है. AI डेटा सेंटर्स में इस्तेमाल होने वाली मेमोरी चिप्स की भारी कमी हो गई है, जिस वजह से इनकी कीमतें करीब 160% तक बढ़ चुकी हैं. इसके अलावा, डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी, इंपोर्टेड कंपोनेंट्स पर निर्भरता ने मैन्युफैक्चरिंग कॉस्ट को और बढ़ा दिया है. बजट में प्रशासन को किस पर फोकस करना चाहिए? इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स का मानना है, कि अब हिंदुस्तान को सिर्फ स्मार्टफोन असेंबल करने तक सीमित नहीं रहना चाहिए. कैमरा मॉड्यूल, बैटरी, PCB (सर्किट बोर्ड) और अन्य जरूरी कंपोनेंट्स की मैन्युफैक्चरिंग देश में होनी चाहिए. इससे हिंदुस्तान ग्लोबल सप्लाई चेन का अहम हिस्सा बनेगा और लागत भी कम हो सकती है. साथ ही रिसर्च, सिस्टम डिजाइन और सॉफ्टवेयर इनोवेशन पर भी जोर जरूरी है. GST और टैक्स में राहत की उम्मीद स्मार्टफोन इंडस्ट्री प्रशासन से GST कम करने की मांग कर रही है. खासकर 10,000 रुपये से कम कीमत वाले फोन्स पर GST 18% से घटाकर 5% करने की मांग है. साथ ही 20,000 रुपये से कम कीमत वाले 5G स्मार्टफोन्स पर टैक्स में राहत देने की मांग है, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग 5G टेक्नोलॉजी अपना सकें. इससे कंपनियों को बढ़ती लागत का कुछ बोझ खुद उठाने में मदद मिलेगी और ग्राहकों पर पूरा असर नहीं पड़ेगा. अगर राहत नहीं मिली तो क्या होगा? इंडस्ट्री का मानना है कि अगर टैक्स में कोई कटौती नहीं हुई और घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा नहीं मिला, तो कंपनियां बढ़ी हुई लागत ग्राहकों पर डाल सकती हैं. ऐसे में फरवरी के बाद स्मार्टफोन की कीमतों में 5% से 10% तक बढ़ोतरी हो सकती है. लंबी अवधि में क्या होगा फायदा? फिलहाल बड़े स्तर पर कीमतों में कटौती मुश्किल है. लेकिन अगर बजट में कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग, कस्टम ड्यूटी में राहत और PLI स्कीम को आगे बढ़ाया गया, तो आने वाले समय में स्मार्टफोन की कीमतें स्टेबल रह सकती हैं. इससे खासकर एंट्री और मिड-रेंज यूजर्स को 5G स्मार्टफोन अपनाने में मदद मिलेगी. ऐसे में अब सबकी निगाहें वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के बजट ऐलान पर टिकी हैं. अगर प्रशासन ने टैक्स और मैन्युफैक्चरिंग पर राहत दी, तो स्मार्टफोन की कीमतें कम हो सकती हैं. वरना नया फोन खरीदना आने वाले दिनों में थोड़ा महंगा सौदा साबित हो सकता है. यह भी पढ़ें: आज आएगा Budget 2026, टेक सेक्टर को AI मिशन से बड़ी उम्मीद The post Budget 2026: क्या और महंगा हो जाएगा 5G स्मार्टफोन? टैक्स और GST पर बड़े ऐलान की उम्मीद appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

Mardaani 3 Box Office Collection Day 2: दूसरे दिन ‘मर्दानी 3’ का बॉक्स ऑफिस पर क्या है हाल? कमाई ने चौंकाया दर्शकों को

Mardaani 3 Box Office Collection Day 2: रानी मुखर्जी की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘मर्दानी 3’ इस शुक्रवार को रिलीज हुई. फिल्म के पहले दिन दर्शकों ने अच्छा रिस्पॉन्स दिया और ओपनिंग डे कलेक्शन 4 करोड़ रहा. अब रिलीज के दूसरे दिन के आंकड़े सामने आए हैं, जो काफी चौंकाने वाले हैं. Sacnilk.com की रिपोर्ट के अनुसार, फिल्म ने दूसरे दिन 6 करोड़ की कमाई की, जो पहले दिन से बेहतर है. इस तरह दो दिन में कुल कारोबार 10 करोड़ हो गया है. फिल्म का बजट ‘मर्दानी 3’ को निर्देशक अभिराज मिणावाला ने बनाया है. फिल्म का बजट लगभग Rs 75 करोड़ बताया गया है. इसे आदित्य चोपड़ा ने यश राज फिलम्स के बैनर तले प्रोड्यूस किया है. फिल्म में रानी मुखर्जी के साथ जानकी बोडिवाला और मल्लिका प्रसाद मुख्य भूमिका में हैं. ‘मर्दानी 3’, ‘मर्दानी’ फ्रेंचाइजी की तीसरी कड़ी है. पहली फिल्म 2014 में रिलीज हुई थी और दूसरी फिल्म साल 2019 में रिलीज हुई थी. फ्रेंचाइजी की दोनों पिछली फिल्में बॉक्स ऑफिस पर सुपरहिट रही हैं. ‘मर्दानी 3’ ने हाल की स्त्री प्रधान फिल्मों को पीछे छोड़ा रानी मुखर्जी की फिल्म ‘मर्दानी 3’ ने पहले दिन की कमाई के मामले में हाल की कई स्त्री प्रधान फिल्मों को पीछे छोड़ दिया है. फिल्म ने पहले दिन 3.8 करोड़ की कमाई की, जो रानी मुखर्जी की पिछली फिल्मों श्रीमती चटर्जी बनाम नॉर्वे ( 1.27 करोड़), बंटी और बबली 2 (2.8 करोड़) और हिचकी ( 3.3 करोड़) की कमाई से कहीं बेहतर है. फिल्म ने द बकिंघम मर्डर्स, जिसने पहले दिन (1.15 करोड़ कमाए थे) और हक (1.75 करोड़) को आसानी से पीछे छोड़ दिया. यह दर्शाता है कि दर्शक स्त्री केंद्रित कहानी और थ्रिलर कंटेंट को पसंद कर रहे हैं. जबकि ‘मर्दानी 3’ से आर्टिकल 370 (5.9 करोड़) और जिगरा ( 4.25 करोड़) आगे हैं. यह भी पढ़ें- Mardaani 3 की वो 5 खामियां, जिसने फिल्म को मास्टरपीस बनने से किया पीछे The post Mardaani 3 Box Office Collection Day 2: दूसरे दिन ‘मर्दानी 3’ का बॉक्स ऑफिस पर क्या है हाल? कमाई ने चौंकाया दर्शकों को appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

Chanakya Niti: सांप से भी ज्यादा जहरीले होते हैं ऐसे इंसान, भूलकर भी न करें इन पर भरोसा

Chanakya Niti: आचार्य चाणक्य कहते हैं कि सांप का जहर सिर्फ एक बार नुकसान पहुंचाता है, लेकिन कुछ लोग ऐसे होते हैं जो तिल-तिल कर आपका जीवन बर्बाद कर देते हैं. हम अक्सर ऐसे चेहरों पर भरोसा कर लेते हैं जो बाहर से दोस्त और अंदर से दुश्मन होते हैं. अगर आप भी लोगों को पहचानने में धोखा खा जाते हैं, तो चाणक्य की ये बातें आपकी आंखें खोल देंगी. अपनी भलाई के लिए जान लीजिए कि किन लोगों के साथ खड़े रहना मौत को दावत देने जैसा है. इन लोगों से रहें सावधान मीठा बोलने वाले शत्रु: चाणक्य के अनुसार, जो व्यक्ति आपके सामने बहुत मीठी बातें करता है लेकिन पीठ पीछे बुराई, वह सबसे घातक है. ऐसा इंसान उस घड़े के समान है जिसके ऊपर दूध लगा है पर अंदर जहर भरा है. लालची मित्र: जो लोग सिर्फ जरूरत के समय आपके साथ दिखते हैं, वे कभी आपके सगे नहीं हो सकते. धन या स्वार्थ खत्म होते ही ये लोग साथ छोड़ देते हैं और संकट में डाल देते हैं. ईर्ष्यालु पड़ोसी या रिश्तेदार: आपकी तरक्की देखकर जलने वाले लोग कभी सही सलाह नहीं देंगे. वे हमेशा आपको नीचा दिखाने का मौका ढूंढते हैं, इसलिए अपनी योजनाएं गुप्त रखें. बिना कारण गुस्सा करने वाले: जो इंसान अपनी जुबान और गुस्से पर काबू नहीं रख सकता, वह किसी का भी नुकसान कर सकता है. ऐसे लोगों की संगत से बचना ही बेहतर है. ये भी पढ़ें: Chanakya Niti for Success: सफलता के वो 5 कड़वे सच, जिन्हें समझ लिया तो दुश्मन भी टेकेंगे घुटने! आज ही जान लें चाणक्य की ये बातें ये भी पढ़ें: Chanakya Niti: धोखेबाज इंसान की पहचान कैसे करें? आचार्य चाणक्य की इन नीतियों में छिपा है खुशहाल जीवन का राज ये भी पढ़ें: Chanakya Niti: असली दोस्त और दुश्मन की पहचान कैसे करें? जानिए चाणक्य नीति की वो बातें जो आपको धोखे से बचाएंगी Disclaimer:यह आर्टिकल सामान्य जानकारियों और मान्यताओं पर आधारित है. नया विचार इसकी पुष्टि नहीं करता है. The post Chanakya Niti: सांप से भी ज्यादा जहरीले होते हैं ऐसे इंसान, भूलकर भी न करें इन पर भरोसा appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

आजाद भारत का पहला बजट किसने पेश किया था? Budget के लिए GK के 20 सबसे जरूरी सवाल जवाब

Budget 2026 GK Question Answer: प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी करने वाले छात्रों को सबस ज्यादा डर जनरल नॉलेज सेक्शन में लगता है. इस सेक्शन में साइंस, बिजनेस, वर्ल्ड, इंटरटेनमेंट, स्पोर्ट्स सभी सेक्टर से जुड़े सवाल पूछे जाते हैं. प्रतियोगिता परीक्षाओं में बजट पर पूछे जाने वाले 20 रोचक सवाल और उनके जवाब (Budget 2026 GK Question Answer) यहां देख सकते हैं. Budget 2026 GK Question Answer: बजट पर सवाल-जवाब हिंदुस्तान में Budget कौन पेश करता है? हिंदुस्तान में Budget केंद्रीय वित्त मंत्री द्वारा संसद में पेश किया जाता है. यह प्रशासन की आर्थिक प्राथमिकताओं और नीतियों को दर्शाता है. हिंदुस्तान में Budget पहली बार कब पेश हुआ? हिंदुस्तान में पहला Budget वर्ष 1860 में पेश किया गया था. उस समय इसे ब्रिटिश प्रशासन के प्रतिनिधि जेम्स विल्सन ने प्रस्तुत किया था. अंतरिम Budget क्या होता है? अंतरिम Budget चुनावी वर्ष में पेश किया जाता है. इसमें नई बड़ी घोषणाएं कम होती हैं और प्रशासन रोजमर्रा के खर्च की अनुमति लेती है. क्या होता है फिस्कल डेफिसि? Fiscal Deficit तब होता है जब प्रशासन की कुल आय, कुल खर्च से कम होती है. इसे GDP के प्रतिशत के रूप में मापा जाता है. बजट में Tax से जुड़ी घोषणाएं क्यों अहम होती हैं? Tax घोषणाएं आम जनता और कारोबार दोनों को प्रभावित करती हैं. Income Tax, GST और Corporate Tax में बदलाव सीधे जेब और बाजार पर असर डालते हैं. इतिहास का सबसे लंबा बजट स्पीच कब हुआ? वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2020 में सबसे लंबा बजट भाषण दिया था, जिसकी अवधि 2 घंटे 42 मिनट रही. इतिहास का सबसे छोटा बजट भाषण कब हुआ? एचएम पटेल ने 1977 में सबसे छोटा बजट भाषण दिया था. यह भाषण सिर्फ 800 शब्दों का था और 10 मिनट से भी कम समय में समाप्त हो गया था. Budget और GDP का क्या संबंध है? बजट की नीतियां GDP ग्रोथ को प्रभावित करती हैं. सही खर्च और निवेश से आर्थिक विकास तेज होता है और रोजगार के मौके बढ़ते हैं. Finance Bill और Budget में क्या अंतर होता है? Budget आय और खर्च का पूरा खाका होता है, जबकि Finance Bill के जरिए टैक्स से जुड़े प्रस्तावों को कानूनी रूप दिया जाता है. Zero Based Budgeting का क्या मतलब है? जीरो बेस्ड बजटिंग में हर खर्च को नए सिरे से सही ठहराना पड़ता है, जिससे फिजूलखर्ची कम होती है और संसाधनों का बेहतर उपयोग होता है. आजाद हिंदुस्तान का पहला बजट किसने पेश किया था? हिंदुस्तान को अंग्रेजों से आजादी मिलने के बाद पहला बजट 26 नवंबर, 1947 को पेश किया गया. इसे आरके शनमुगम चेट्टी ने पेश किया था. Budget में Annual Financial Statement का महत्व क्या है? Annual Financial Statement प्रशासन की अनुमानित आय और व्यय को दर्शाता है, जिसके बिना संसद कोई वित्तीय निर्णय नहीं ले सकती. बजट शब्द की उत्पत्ति किस भाषा से मानी जाती है? बजट’ शब्द फ्रेंच वर्ड ‘Bougette’ से आया, जिसका अर्थ होता है ,’चमड़े का थैला’ या झोला. Budget क्यों जरूरी होता है? Budget जरूरी होता है ताकि देश का पैसा सही जगह खर्च हो सके और स्कूल, सड़क, अस्पताल जैसी सुविधाएं मिल सकें. Revenue Receipt क्या होती है? प्रशासन को मिलने वाली नियमित आय Revenue Receipt कहलाती है. Budget को संसद की मंजूरी के बिना लागू क्यों नहीं किया जा सकता? Budget में प्रशासनी खर्च और कर प्रस्ताव शामिल होते हैं. संसद की मंजूरी लोकतांत्रिक नियंत्रण और वित्तीय जवाबदेही सुनिश्चित करती है. Budget में Tax Expenditure क्यों चर्चा में रहता है? Tax छूट और रियायतों से प्रशासन की संभावित आय घटती है, जिसे Tax Expenditure कहा जाता है. Budget डॉक्यूमेंट्स की संख्या क्यों ज्यादा होती है? पारदर्शिता, विस्तृत जानकारी और संसदीय निगरानी के लिए अलग-अलग Budget दस्तावेज पेश किए जाते हैं. बजट से पहले हलवा सेरेमनी की शुरुआत क्यों हुई? हलवा सेरेमनी बजट की गोपनीयता सुनिश्चित करने का प्रतीक है, जिसमें बजट छपाई शुरू होने से पहले कर्मचारियों को मिठाई दी जाती है. यह भी पढ़ें: बजट के इन भारी शब्दों सुनकर आने लगते हैं चक्कर? यहां समझें आसान मतलब The post आजाद हिंदुस्तान का पहला बजट किसने पेश किया था? Budget के लिए GK के 20 सबसे जरूरी सवाल जवाब appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

Pawan Singh New Bhojpuri Song: पवन सिंह का नया गाना ‘रूस𝐒 ना करेजा’ ने जीता फैंस का दिल, दिखी चांदनी सिंह संग जबरदस्त केमिस्ट्री

Pawan Singh New Bhojpuri Song Rusa Na kareja: भोजपुरी म्यूजिक इंडस्ट्री में पवन सिंह एक बार फिर नया रोमांटिक ट्रैक लेकर आए हैं, जिसे सुनकर दर्शक झूमने पर मजबूर हो जाएंगे. ‘रुस ना करेजा’ गाने को आज 1 फरवरी को योगमाया फिल्म्स के ऑफिशियल यूट्यूब चैनल पर रिलीज कर दिया गया है. रिलीज के साथ ही गाने को फैंस से अच्छा रिस्पॉन्स मिलने लगा है. वीडियो में पावर स्टार अपनी ऑन-स्क्रीन पत्नी चांदनी सिंह को प्यार से मनाते दिख रहे हैं. एक्ट्रेस के देसी अंदाज और पवन सिंह की एक्सप्रेशंस गाने को और शानदार बना रही हैं. देखें गाने का वीडियो शिल्पी राज और पवन सिंह की हिट जोड़ी ने बढ़ाया क्रेज इस गाने में शिल्पी राज ने पवन सिंह के साथ अपनी मजेदार आवाज दी है. दोनों की जुगलबंदी गाने को और भी सुनने लायक बनाती है. शिल्पी की प्यारी और भावुक आवाज ट्रैक में इमोशनल टच जोड़ती है, जो सीधे दर्शक के दिल को छू जाता है. गाने के बोल और धुन काफी कैची हैं, जिसे हर उम्र के दर्शक सुन सकते हैं. वीडियो में चांदनी सिंह अपनी शिकायत करती दिखी म्यूजिक वीडियो में चांदनी सिंह का ग्लैमरस अंदाज देखने को मिलता है. वह साड़ी में नजर आती हैं, जबकि पवन सिंह ब्लैक शर्ट और जींस पहने हुए हैं. दोनों के बीच रोमांस और प्यार भरे सीन देखने को मिलते हैं. गाने में एक्ट्रेस के एक्सप्रेशंस और पावर स्टार की जबरदस्त एनर्जी मिलकर वीडियो को एंटरटेनिंग बनाती है. सीन की शुरुआत में दिखाया गया है कि पवन सिंह अपनी पत्नी को चाय बनाने के लिए इशारे में बोलते हैं, जिस पर उनकी ऑन-स्क्रीन पत्नी चांदनी गुस्से वाले अंदाज में बोलती हैं कि “घर में ना तो चीनी है, ना चायपत्ती, चाय कैसे बनेगी? झूठ के मुझे घर की मालकिन बोलते हो. मेरी खूबसूरती पर भी खर्च नहीं करते.” इसके बाद पावर स्टार अपनी पत्नी को मनाते नजर आते हैं और बोलते हैं, “रूठो ना करेजा, तुम्हीं में मेरा जान बसता है.” कलाकारों की जानकारी सॉन्ग – रुस ना करेजा सिंगर – पवन सिंह लेखक – आशुतोष तिवारी म्यूजिक – प्रियांशु सिंह एक्ट्रेस – चांदनी सिंह वीडियो डायरेक्टर – विभांशु तिवारी कोरियोग्राफर – गोल्डी जायसवाल, सनी सोनकर डिजिटल – विक्की यादव प्रोड्यूसर – तेज सिंह कंपनी – योगमाया फिल्म्स यह भी पढ़ें– Pawan Singh New Bhojpuri Song: फैंस की बढ़ीं धड़कनें, पवन सिंह का नया गाना ‘समियाना’ मचाएगा धूम, पावर स्टार-अर्पणा मलिक की केमिस्ट्री ने लूटा दिल The post Pawan Singh New Bhojpuri Song: पवन सिंह का नया गाना ‘रूस𝐒 ना करेजा’ ने जीता फैंस का दिल, दिखी चांदनी सिंह संग जबरदस्त केमिस्ट्री appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

कांजीवरम साड़ी में बजट 2026 पेश करेंगी निर्मला सीतारमण, क्या साधने की कोशिश? इस साल कहां होंगे विस चुनाव?

Budget 2026 Nirmala Sitharaman in Kanjeevaram Saree: केंद्रीय बजट 2026 पेश करना हिंदुस्तान की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के लिए केवल आर्थिक दस्तावेज नहीं है,  बल्कि उनके लिए यह सांस्कृतिक और नेतृत्वक संकेतों का भी मंच जैसा ही है. वित्त मंत्री ने एक बार फिर यह परंपरा कायम रखते हुए अपने लगातार नौवें बजट से पहले ऐसी साड़ी पहनी, जिसने विरासत, क्षेत्रीय पहचान और सूक्ष्म संदेश, तीनों को एक साथ सामने रखा. कर्तव्य भवन पहुंचीं सीतारमण ने इस बार तमिलनाडु की पारंपरिक हाथ से बुनी मैरून कांजीवरम साड़ी धारण की थी. यह चयन उनकी जड़ों और राज्य की समृद्ध हथकरघा विरासत को सम्मान देने का प्रतीक माना जा रहा है. उन्होंने इससे परंपरागत शिल्प को राष्ट्रीय मंच ही नहीं दिया, बल्कि आने वाले तमिलनाडु विधान सभा चुनाव को भी साधा है, जहां भाजपा पहली बार प्रशासन बनाने की उम्मीद कर रही है. वर्षों से बजट पेश करते समय सीतारमण की साड़ियां एक तरह की सांस्कृतिक पहचान बन गई हैं. उनमें अक्सर हिंदुस्तान की पारंपरिक बुनाई, हस्तशिल्प और क्षेत्रीय कलाओं की झलक मिलती है. इनमें कभी विरासत तो कभी सूक्ष्म नेतृत्वक संकेत भी दिखाई देते हैं. इस बार उन्होंने सुनहरे-भूरे चेक्स वाली मैरून कट्टम कांजीवरम साड़ी पहनी, जिसकी कॉफी-भूरे रंग की बॉर्डर पर बारीक धागों की कढ़ाई थी. यह चयन हिंदुस्तान की विविध हथकरघा परंपराओं के प्रति उनके निरंतर समर्थन को भी दर्शाता है. पिछले बजटों में उन्होंने मंगलगिरी, इकट, बोमकाई, कांथा और मधुबनी जैसी शैलियों को अपनाया है और अब कांजीवरम को प्रमुखता दी है. पहले कौन सी साड़ियां पहन चुकी हैं वित्त मंत्री बीते साल उन्होंने ऑफ-व्हाइट रंग की हैंडलूम सिल्क साड़ी पहनी थी, जिस पर बिहार की पारंपरिक मधुबनी कला की कढ़ाई थी. यह साड़ी पद्मश्री सम्मानित कलाकार दुलारी देवी की भेंट थी. संयोग से उस समय बिहार में चुनाव होने वाले थे, जिससे उस साड़ी का सांस्कृतिक महत्व और भी चर्चा में रहा. 2024 में लोकसभा चुनावों में एनडीए की जीत के बाद जब उन्होंने पूर्ण बजट पेश किया था, तब उन्होंने मैजेंटा बॉर्डर वाली मंगलगिरी साड़ी पहनी थी. उसका सूती बनावट और जरी बॉर्डर आंध्र प्रदेश की समृद्ध बुनाई परंपरा को सामने ला रहे थे.  सीतारमण ने वर्षों से बजट के दिन हैंडलूम साड़ियाँ पहनने की परंपरा निभाई है. यह कदम देश के कारीगरों और पारंपरिक वस्त्र शिल्प को बढ़ावा देने की सोच को दर्शाता है, जो प्रशासन के “वोकल फॉर लोकल” अभियान से भी मेल खाता है. आज सुबह 11 बजे लोकसभा में वह वित्त वर्ष 2026-27 का केंद्रीय बजट पेश करेंगी. यह उनका लगातार नौवां बजट होगा. जहां पूरे देश की नजरें प्रशासन के राजस्व अनुमानों, राजकोषीय संतुलन और खर्च की प्राथमिकताओं पर होंगी, वहीं बजट दिवस पर उनकी साड़ी भी चर्चा का विषय बनी. मुश्किल हालातों में अच्छे की उम्मीद इस बार का बजट ऐसे समय पेश हो रहा है जब वैश्विक व्यापारिक तनाव तेज हो रहे हैं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों से अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अनिश्चितता है, रुपया दबाव में है और घरेलू मांग असमान रफ्तार से आगे बढ़ रही है. हालांकि, 29 जनवरी को पेश किए गए आर्थिक सर्वेक्षण ने हिंदुस्तान की वित्तीय स्थिति को लेकर आशावादी संकेत दिए हैं. सर्वे के अनुसार, आगामी वित्त वर्ष में देश की जीडीपी वृद्धि दर 6.8% से 7.2% के बीच रह सकती है. ये भी पढ़ें:- Budget 2026: रक्षा बजट में कितनी बढ़ोतरी हो सकती है? शेयर मार्केट में किन कंपनियों पर रहेगा फोकस? आत्मनिर्भर हिंदुस्तान का रहेगा जोर! ये भी पढ़ें:- क्या रेल का सफर होगा और भी ‘स्मूथ’? निर्मला सीतारमण बढ़ा सकती हैं रेलवे का बजट! The post कांजीवरम साड़ी में बजट 2026 पेश करेंगी निर्मला सीतारमण, क्या साधने की कोशिश? इस साल कहां होंगे विस चुनाव? appeared first on Naya Vichar.

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

About Us

नयाविचार एक आधुनिक न्यूज़ पोर्टल है, जो निष्पक्ष, सटीक और प्रासंगिक समाचारों को प्रस्तुत करने के लिए समर्पित है। यहां राजनीति, अर्थव्यवस्था, समाज, तकनीक, शिक्षा और मनोरंजन से जुड़ी हर महत्वपूर्ण खबर को विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत किया जाता है। नयाविचार का उद्देश्य पाठकों को विश्वसनीय और गहन जानकारी प्रदान करना है, जिससे वे सही निर्णय ले सकें और समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकें।

Quick Links

Who Are We

Our Mission

Awards

Experience

Success Story

© 2025 Developed By Socify

Scroll to Top