Hot News

February 1, 2026

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

Bihar Road Accident: पटना में ऑटो और ट्रक की जोरदार टक्कर में 6 की दर्दनाक मौत, उर्स मेला से लौट रहे थे सभी

Bihar Road Accident: पटना के बिहटा में दर्दनाक सड़क हादसे में 6 लोगों की मौत हो गई. इस घटना में 3 लोग घायल हो गए, जिनका इलाज किया जा रहा है. यह घटना लेखनटोला पुल के पास हुई. जानकारी के मुताबिक, सभी लोग मनेर दरगहा में उर्स देखकर ऑटो से लौट रहे थे. लेकिन लेखनटोला के पास ट्रक से जोरदार टक्कर हो गई. सभी आरा के दौलतपुर गांव लौट रहे थे. घायलों को ले जाया गया अस्पताल ट्रक की रफ्तार इतनी तेज थी और ऑटो को जोरदार टक्कर मारी, जिससे ऑटो के परखच्चे उड़ गए. घटना की जानकारी आनन-फानन में पुलिस को दी गई, जिसके बाद स्थानीय पुलिस के साथ-साथ डायल 112 की पुलिस भी मौके पर पहुंची. इस दौरान मौके पर ही 5 लोगों की मौत हो गई जबकि एक की मौत इलाज के दौरान हुई. बाकी घायलों का इलाज किया जा रहा है. यहां के रहने वाले थे सभी 6 मृतक सभी मृतकों की पहचान हो गई है. जानकारी के मुताबिक, सभी मृतक आरा के मुस्सफिल थाना इलाके के दौलतपुर चित्रलेनपुर के रहने वाले हैं. मौके पर काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल कायम हो गया है. सड़क हादसे को लेकर पुलिस ने क्या बताया? घटना को लेकर पुलिस की तरफ से बताया गया कि इस घटना को लेकर ट्रक ड्राइवर को गिरफ्तार कर लिया गया है. घटना रात करीब 2 बजे की है. ऑटो सवार लोग मनेर से उर्स मेला देखकर आरा लौट रहे थे. लेकिन इसी दौरान तेज रफ्तार ट्रक ने लेखनटोला के पास जोरदार टक्कर मार दी. 5 लोगों की मौत मौके पर हुई और 3 लोगों को इलाज के लिए पीएमसीएच ले जाया गया. इनमें से एक की मौत इलाज के दौरान हो गई. ट्रक को भी जब्त कर लिया गया है. आगे की कार्रवाई की जा रही है. Also Read: Bihar Bhumi: बिहार के राजस्व कर्मचारी सीखेंगे अमीन के कामकाज की बारीकियां, ये होगी जिम्मेदारियां The post Bihar Road Accident: पटना में ऑटो और ट्रक की जोरदार टक्कर में 6 की दर्दनाक मौत, उर्स मेला से लौट रहे थे सभी appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

Income Tax Raid: बाबा ग्रुप और सहयोगियों के ठिकानों से 4.50 करोड़ जब्त, कीमती जेवर बरामद

Income Tax Raid: झारखंड में बाबा ग्रुप के ठिकानों पर आयकर विभाग की कार्रवाई शनिवार को तीसरे दिन भी जारी रही. झारखंड और बिहार में फैले बाबा ग्रुप और उनके सहयोगी आढ़त व्यापारियों के ठिकानों पर लगातार तलाशी ली जा रही है. यह छापेमारी 29 जनवरी से शुरू हुई थी, जो अब व्यापक जांच का रूप ले चुकी है. विभाग की कई टीमें एक साथ अलग-अलग स्थानों पर दस्तावेजों और संपत्तियों की पड़ताल कर रही हैं. 45 ठिकानों पर छापेमारी, 4.50 करोड़ नकद जब्त आयकर विभाग की इस बड़ी कार्रवाई के दौरान अब तक कुल 4.50 करोड़ रुपये नकद बरामद किए जा चुके हैं. अधिकारियों के मुताबिक झारखंड और बिहार के करीब 45 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की गई. इनमें राइस मिल, आढ़त गोदाम, कार्यालय और निजी आवास शामिल हैं. तलाशी के दौरान बड़ी मात्रा में नकदी मिलने से विभाग को कर चोरी के नेटवर्क के और पुख्ता सबूत मिलने की उम्मीद है. बाबा एग्रो फूड और फूड प्रोसेसिंग पर फोकस जांच के दौरान बाबा ग्रुप से जुड़ी कंपनियों बाबा एग्रो फूड और बाबा फूड प्रोसेसिंग के ठिकानों पर विशेष ध्यान दिया गया. इन दोनों इकाइयों से करीब 2.5 करोड़ रुपये नकद जब्त किए गए हैं. विभागीय सूत्रों के अनुसार, इनमें से 1.5 करोड़ रुपये बाबा एग्रो फूड से जुड़े योगेश साहू के ठिकाने से बरामद हुए. नकदी की इतनी बड़ी बरामदगी ने आयकर विभाग की शंकाओं को और मजबूत किया है. आढ़त व्यापारियों से भी दो करोड़ रुपये बरामद बाबा ग्रुप के अलावा उनके सहयोगी चावल आढ़त व्यापारियों के ठिकानों पर भी छापेमारी की गई. इन स्थानों से लगभग 2 करोड़ रुपये नकद जब्त किए गए हैं. आयकर विभाग का मानना है कि इन आढ़त व्यापारियों के माध्यम से बड़े पैमाने पर लेन-देन को छुपाया गया था. नकद लेन-देन, फर्जी बिलिंग और आय छिपाने के संकेत जांच में सामने आए हैं. कीमती जेवर और अचल संपत्ति का मूल्यांकन जारी छापेमारी के दौरान नकदी के अलावा कीमती जेवरात भी बरामद किए गए हैं. इन आभूषणों का फिलहाल मूल्यांकन किया जा रहा है. इसके साथ ही आयकर विभाग की टीमें बाबा ग्रुप से जुड़ी भूमि, कारखानों और अन्य अचल संपत्तियों का भी आकलन कर रही हैं. अधिकारियों का कहना है कि संपत्तियों का सही मूल्यांकन होने के बाद कुल अघोषित संपत्ति का आंकड़ा और बढ़ सकता है. कर चोरी, बेनामी लेन-देन और फर्जी बिलिंग का शक आयकर विभाग के सूत्रों के अनुसार बाबा ग्रुप और उनके सहयोगी कारोबारियों के खिलाफ कर चोरी, बेनामी लेन-देन और फर्जी बिलिंग की कई शिकायतें मिली थीं. जांच के दौरान महत्वपूर्ण दस्तावेज, डिजिटल रिकॉर्ड और लेन-देन से जुड़े डेटा भी जब्त किए गए हैं. इसे भी पढ़ें: Union Budget 2026: बजट से आम आदमी की बढ़ेगी आमदनी या जेब होगी खाली? वैश्विक चुनौतियां बरकरार पीडीएस और प्रशासनी खरीद में गड़बड़ी की आशंका सूत्रों का दावा है कि कुछ राइस मिलर्स और ट्रेडर्स ने प्रशासनी खरीद, पीडीएस और निजी सप्लाई से जुड़े कारोबार में बड़ी मात्रा में आय छिपाई है. आयकर विभाग का कहना है कि दस्तावेजों के विश्लेषण के बाद अघोषित आय का वास्तविक आंकड़ा सामने आएगा. फिलहाल जांच जारी है और आने वाले दिनों में कार्रवाई और तेज हो सकती है. इसे भी पढ़ें: अबुआ दिशोम बजट के लिए यूपीएससी अभ्यर्थी की 8 मांगें मंजूर, आप भी दे सकतें है अपना सुझाव The post Income Tax Raid: बाबा ग्रुप और सहयोगियों के ठिकानों से 4.50 करोड़ जब्त, कीमती जेवर बरामद appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

Restaurant Style Kheer: घर पर बनाएं रेस्टोरेंट स्टाइल चावल की खीर, स्वाद ऐसा कि हर दिन डिमांड करेंगे बच्चे

Restaurant Style Kheer: बहुत सारे लोगों की आदत होती है कि वे रोजाना खाना खाने के बाद मीठा खाते हैं. अगर आप भी मीठा खाने के शौकीन हैं तो हर दिन कुछ नया खाने का भी तो दिल करता होगा. ऐसे में हम आपको रेस्टोरेंट स्टाइल चावल की खीर बनाने की रेसिपी बताते हैं. इस खीर का स्वाद बहुत ही लाजवाब होता है. इसे एक बार खाने के बाद आपका बार-बार खाने का दिल करेगा. शिशु तो इसे हर दिन खाने की डिमांड करेंगे. रेस्टोरेंट स्टाइल चावल की खीर बनाने की सामग्री दूध – 1 लीटर चावल – 50 ग्राम चीनी – स्वादानुसार इलायची पाउडर – 1/2 छोटा चम्मच ड्राई फ्रूट्स – बारीक कटे हुए केसर – 4-5 घी – 1 छोटा चम्मच यह भी पढ़ें: Winter Special Til Ki Kheer: जाड़े में शरीर को गर्माहट से भर देगी तिल की खीर, नोट कर लें आसान रेसिपी रेस्टोरेंट स्टाइल चावल की खीर बनाने की विधि चावल की खीर बनाने के लिए पहले चावल को अच्छे से धोकर 30 मिनट के लिए भिगो दें. अब एक बर्तन में दूध उबालें. फिर पानी छानकर भीगे हुए इस चावल को दूध में डाल दें. दूध में चावल को धीमी आंच पर पकने दें. ध्यान रहे कि इस दौरान चावल को बीच-बीच में चलाते रहें. जब चावल अच्छे से पक जाए, तो इसमें चीनी डाल दें. फिर इसमें इलायची पाउडर और केसर डालकर 5 मिनट पकाएं. इसके बाद घी में भुने हुए ड्राई फ्रूट्स को खीर में डालें. अब आपकी रेस्टोरेंट स्टाइल चावल की खीर बनकर तैयार हो चुकी है. इसे आप गरमा गरम या फिर ठंडा करके भी सर्व कर सकते हैं. यह भी पढ़ें: Coconut Rabri Recipe: डेजर्ट में चाहिए कुछ टेस्टी और यूनिक, तो ट्राई करें स्वादिष्ट कोकोनट रबड़ी यह भी पढ़ें: Paneer kheer Recipe: नहीं खाई होगी स्वाद में लाजवाब ऐसी पनीर की खीर, झटपट हो जाएगा तैयार The post Restaurant Style Kheer: घर पर बनाएं रेस्टोरेंट स्टाइल चावल की खीर, स्वाद ऐसा कि हर दिन डिमांड करेंगे शिशु appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

Budget 2026: रक्षा बजट में कितनी बढ़ोतरी हो सकती है? शेयर मार्केट में किन कंपनियों पर रहेगा फोकस? आत्मनिर्भर भारत का रहेगा जोर!

Budget 2026 Defence in Focus Shares to look for: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज रविवार (1 फरवरी) को अपना लगातार नौवां बजट पेश करेंगी. यह बजट प्रस्तुति ऑपरेशन सिंदूर के बाद पहली होगी. ऐसे में हिंदुस्तान के बजट 2026 में डिफेंस के लिए एक अहम बदलाव देखने को मिल सकता है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण रक्षा बजट पूंजीगत व्यय को गति दे सकती हैं. अतिरिक्त धनराशि को घरेलू खरीद और आधुनिकीकरण केंद्रित कार्यक्रमों की ओर मोड़ा जा सकता है. हाल ही में फिक्की (FICCI) के एक मंच पर रक्षा सचिव ने संकेत दिया कि रक्षा मंत्रालय (MoD) FY27 के लिए पूंजी अधिग्रहण बजट में लगभग 20% बढ़ोतरी की मांग कर रहा है. इसे अब तक की सबसे बड़ी एक साल की छलांग बताया गया, जिसमें स्पष्ट रूप से घरेलू खरीद को प्राथमिकता देने की बात कही गई. रक्षा मंत्रालय ने घरेलू खरीद की दिशा में ठोस कदम भी उठाए हैं. चालू वर्ष में घरेलू खरीद का 65–70% से अधिक हिस्सा डीपीएसयू (DPSUs) और निजी कंपनियों से आ रहा है, जिससे आयात पर निर्भरता कम हुई है. संसदीय समीक्षा में यह सामने आया कि कमिटेड देनदारी (पहले से साइन किए गए कॉन्ट्रैक्ट्स के भुगतान, जो हर साल पहले किए जाते हैं) और नई योजनाएं (वे प्रोजेक्ट जो उसी वर्ष स्वीकृत और अनुबंधित होने वाले हैं), दोनों का भुगतान कैपिटल एक्विजिशन (Modernisation) मद से ही होता है. अगर कमिटेड देनदारियां अधिक हों, तो वे नई परियोजनाओं कम हो सकती हैं, भले ही बजट बढ़ रहा हो. लेकिन यदि पूंजीगत बजट में वास्तविक वृद्धि होती है, तो मंत्रालय एक साथ पुराने भुगतान भी कर सकता है और नई परियोजनाओं को भी तेजी से आगे बढ़ा सकता है. पिछले 2-4 वर्षों में रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC) द्वारा स्वीकृत परियोजनाओं की संख्या को देखते हुए यह संकेत मिलता है कि पूंजीगत व्यय बढ़ता रहेगा और यही आधुनिकीकरण का प्रमुख साधन बनेगा. पिछले साल कितना बजट अलोकेट किया गया था? रक्षा विशेषज्ञों के बीच सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या सीतारमण रक्षा बजट में महत्वपूर्ण बढ़ोतरी करेंगी. 2025-26 के बजट में रक्षा मंत्रालय को ₹6.81 लाख करोड़ आवंटित किए गए, जो 2024-25 के बजटीय अनुमान से 9.5% अधिक था. यह कुल केंद्रीय बजट का लगभग 13.5% था. यानी सभी मंत्रालयों में सबसे अधिक. 1 जनवरी 2026 को प्रशासन ने बताया कि 2025-26 वित्त वर्ष में दिसंबर तक सशस्त्र बलों के आधुनिकीकरण के लिए ₹1.82 लाख करोड़ के पूंजीगत अनुबंध किए गए. जीडीपी का केवल 1.9% ही डिफेंस को, खर्च कहां हुआ? हालांकि 2025-26 में रक्षा के लिए रिकॉर्ड आवंटन किया गया, लेकिन यह जीडीपी का केवल 1.9% था. 2020-21 में यह 2.1% था. कई विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा चुनौतियों को देखते हुए हिंदुस्तान को रक्षा पर जीडीपी का 3-4% खर्च करना चाहिए. संसद की रक्षा संबंधी स्थायी समिति ने भी 3% खर्च का सुझाव दिया है. वर्तमान में रक्षा बजट का 46% वेतन और संचालन पर, 24% पेंशन पर और केवल 26% आधुनिकीकरण पर खर्च होता है. बजट 2026: फोकस में रक्षा शेयर अगर हिंदुस्तान प्रशासन डिफेंस स्पेंडिंग बढ़ाती है, तो डिफेंस क्षेत्र के शेयरों में भारी उछाल देखने को मिल सकता है. इसमें कई कंपनियां हैं, जिन पर आप नजर बनाए रख सकते हैं. आज संडे है, फिर भी शेयर मार्केट खुला रहेगा. हिंदुस्तान के इतिहास में ऐसा केवल दूसरी बार हो रहा है, जब रविवार को बजट के लिए मार्केट ओपन रहेगा. पिछली बार 1999 में, यशवंत सिन्हा के बजट पेश करने के दौरान ऐसा हुआ था. टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, Solar Industries India Ltd निजी रक्षा क्षेत्र की प्रमुख कंपनी है. यह नागास्त्र (loitering munition) जैसे उत्पादों के लिए MoD के साथ आपातकालीन खरीद अनुबंध करती है. इसके पास रक्षा ऑर्डर बुक 175 अरब रूपये से अधिक हैं. वहीं 14 अरब रूपये के के निर्यात अनुबंध भी इस कंपनी के पास हैं. बजट में घरेलू खरीद को आगे बढ़ाने से गोला-बारूद, गाइडेड रॉकेट, प्रिसिजन म्यूनिशन और लोटरिंग सिस्टम पर बढ़ता खर्च कंपनी के लिए बड़ा अवसर पैदा करेगा. इसके साथ ही हिंदुस्तानीय प्रशासन का उपक्रम Bharat Electronics Limited (BEL) भी हाई डिमांड में रह सकता है. इसकी रडार, टैक्टिकल कम्युनिकेशन, काउंटर-ड्रोन, C4ISR में मजबूत उपस्थिति है. यह रक्षा इलेक्ट्रॉनिक्स में सिस्टम इंटीग्रेशन क्षमता बढ़ा रही है. इसका प्रभाव C4ISR, इलेक्ट्रॉनिक युद्ध और सुरक्षित संचार में होता है. ऐसे में यह बजट वृद्धि से सबसे बड़े लाभार्थियों में रहेगा. हिंदुस्तान की एक और प्रशासनी कंपनी Hindustan Aeronautics Limited (HAL) के शेयर भी ऊंचे जा सकते हैं. इसके लड़ाकू विमान सपोर्ट, अपग्रेड और हेलिकॉप्टर इंडक्शन में केंद्रीय भूमिका निभाते हैं. LCA, इंजन अपग्रेड और पुराने बेड़ों के रखरखाव से लंबे ऑर्डर मिलने की संभावना है. सबसे अंतिम में Mazagon Dock Shipbuilders Limited (MDL) भी खास फायदे में रह सकता है. यह पनडुब्बी निर्माण (P-75I) में अहम भूमिका निभा रहा है. नौसेना के दीर्घकालिक जहाज निर्माण कार्यक्रमों से स्टेबल वर्क फ्लो इसकी खासियत रही है. ऐसे में सबसे बड़ा फायदा इसे भी हो सकता है. इसके अलावा गार्डन रीच शिपबिल्डर्स, बीईएमएल, डेटा पैटर्न्स, कोचीन शिपयार्ड, अपोलो माइक्रोसिस्टम्स और हिंदुस्तान डायनेमिक्स जैसे रक्षा शेयरों में तेजी देखी गई है. आज इनमें भी निवेशक दांव लगा सकते हैं. रक्षा क्षेत्र के पूंजीगत व्यय में बड़ी बढ़ोतरी की संभावना को ध्यान में रखते हुए खरीदारी बढ़ाई जा सकती है. सबसे अधिक आवंटन किसे मिल सकता है? पिछले वर्षों की तरह, इस बार भी हिंदुस्तानीय वायु सेना (IAF) को सबसे अधिक आवंटन मिलने की संभावना है. इसके बाद हिंदुस्तानीय नौसेना (IN) का नंबर आएगा. अगर “पूंजी-प्रधान + घरेलू प्राथमिकता” की नीति जारी रहती है, तो ठेकों का दायरा कई क्षेत्रों में फैलेगा. इनमें लड़ाकू विमान और हेलिकॉप्टर बेड़े, मिसाइल, रॉकेट और गोला-बारूद, C4ISR / इलेक्ट्रॉनिक युद्ध / अंतरिक्ष आधारित निगरानी, ड्रोन और काउंटर-ड्रोन सिस्टम, ये ऐसे क्षेत्र हैं जहाँ हिंदुस्तान के सामने तात्कालिक जरूरत भी है और घरेलू उद्योग भी मजबूत हो रहा है. एविएशन सेक्टर लड़ाकू विमानों की खरीद और अपग्रेड से जुड़े सपोर्ट पैकेज, एलसीए (LCA) से जुड़े स्पेयर पार्ट्स और सपोर्ट, इंजन अपग्रेड, थलसेना, वायुसेना और नौसेना के लिए हेलिकॉप्टर खरीद के संभावित ठेके शामिल हो सकते हैं. तत्काल जरूरतों को देखते हुए, 114 राफेल लड़ाकू विमानों के ऑर्डर

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

अबुआ दिशोम बजट के लिए यूपीएससी अभ्यर्थी की 8 मांगें मंजूर, आप भी दे सकतें है अपना सुझाव

Abua Dishom Budget: झारखंड वित्त मंत्रालय की ओर से आयोजित अबुआ दिशोम बजट संगोष्ठी-2026-27 में हजारीबाग के युवा यूपीएससी अभ्यर्थी सुश्रत कुमार सिंह के आठ सुझावों को प्रशासन ने मंजूरी दे दी है. यह संगोष्ठी राज्य के लिए एक मजबूत, समावेशी और दूरदर्शी बजट तैयार करने के उद्देश्य से आयोजित की गई थी, जिसमें आम नागरिकों से सुझाव आमंत्रित किए गए थे. अबुआ दिशोम पोर्टल के जरिए मांगे गए सुझाव झारखंड प्रशासन ने अबुआ दिशोम पोर्टल के माध्यम से झारखंडभर के नागरिकों से बजट से जुड़े सुझाव मांगे हैं. प्रशासन का उद्देश्य है कि बजट केवल प्रशासनी दृष्टिकोण तक सीमित न रहे, बल्कि जन-आकांक्षाओं को भी उसमें शामिल किया जा सके. इसी प्रक्रिया के तहत सुश्रत कुमार सिंह ने विभिन्न विभागों से जुड़े व्यावहारिक और विकासोन्मुख सुझाव पेश किए थे. जनजातीय क्षेत्रों पर विशेष फोकस सुश्रत कुमार सिंह के सुझावों की खास बात यह रही कि उन्होंने जनजातीय और दूर-दराज के इलाकों को केंद्र में रखा. उन्होंने पोषण, स्वास्थ्य, शिक्षा और परिवार कल्याण सेवाओं में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और डिजिटल तकनीक के समावेशन का प्रस्ताव रखा. उनका मानना है कि तकनीक के सही इस्तेमाल से झारखंड के सुदूर ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में भी गुणवत्तापूर्ण सेवाएं पहुंचाई जा सकती हैं. स्वास्थ्य सेवाओं में एआई और डिजिटल तकनीक का सुझाव सुश्रत ने सुझाव दिया कि एआई आधारित हेल्थ मॉनिटरिंग, टेलीमेडिसिन और डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड्स के जरिए ग्रामीण इलाकों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकती हैं. इससे डॉक्टरों की कमी, लंबी दूरी और संसाधनों के अभाव जैसी समस्याओं को काफी हद तक दूर किया जा सकता है. 28 विभागों से जुड़े विकासोन्मुख सुझाव यूपीएससी स्टूडेंट सुश्रत कुमार सिंह ने केवल स्वास्थ्य और शिक्षा ही नहीं, बल्कि कृषि, पशुपालन, सहकारिता, ऊर्जा विभाग सहित कुल 28 विभागों से जुड़े सुझाव दिए थे. इनमें रोजगार सृजन, स्थानीय संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल, किसानों की आय बढ़ाने और ऊर्जा के वैकल्पिक स्रोतों को बढ़ावा देने जैसे मुद्दे शामिल थे. प्रशासन द्वारा आठ सुझावों को स्वीकार किया जाना युवाओं की सोच और भागीदारी को बढ़ावा देने वाला कदम माना जा रहा है. युवाओं की सोच को मिली पहचान प्रशासन की ओर से सुश्रत के सुझावों को मंजूरी मिलना यह दर्शाता है कि झारखंड प्रशासन नीति निर्माण में युवाओं की भूमिका को महत्व दे रही है. इसे प्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणादायक उदाहरण के रूप में देखा जा रहा है, जिससे अन्य युवा भी नीति और विकास से जुड़े विषयों पर अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर सकें. पहले भी राष्ट्रीय स्तर पर मिल चुकी है पहचान सुश्रत कुमार सिंह ने बताया कि इससे पहले भी उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल चुकी है. नेशनल यूनिटी डे 2025 के अवसर पर आयोजित नेशनल स्पेस डे 2025 क्विज प्रतियोगिता में उन्होंने दो बार 2000-2000 रुपये का पुरस्कार जीता था. शैक्षणिक पृष्ठभूमि और वर्तमान तैयारी सुश्रत ने दसवीं की पढ़ाई डीएवी स्कूल से पूरी की है. इसके बाद उन्होंने विनोबा भावे विश्वविद्यालय से बीसीए की डिग्री हासिल की. वर्तमान में वे सिविल सर्विसेज की तैयारी कर रहे हैं. वे हजारीबाग के जुलू पार्क क्षेत्र के निवासी हैं और सुशील कुमार सिंह व वर्षा सिंह के पुत्र हैं. इसे भी पढ़ें: एमएस धोनी होंगे झारखंड टूरिज्म के ब्रांड एंबेसडर, जल्द एमओयू पर होगा हस्ताक्षर आप भी दे सकते हैं अपना सुझाव राज्य प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे अबुआ दिशोम पोर्टल के माध्यम से अपने सुझाव साझा करें. प्रशासन का मानना है कि जनभागीदारी से तैयार बजट ही झारखंड के समग्र विकास को नई दिशा दे सकता है. इसे भी पढ़ें: Union Budget 2026: बजट से आम आदमी की बढ़ेगी आमदनी या जेब होगी खाली? वैश्विक चुनौतियां बरकरार The post अबुआ दिशोम बजट के लिए यूपीएससी अभ्यर्थी की 8 मांगें मंजूर, आप भी दे सकतें है अपना सुझाव appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

नए राइडर्स के लिए टॉप 5 125cc बाइक्स, स्टाइल, पावर और स्मूथ राइडिंग का मिलता है पर्फेक्ट कॉम्बो

Top Commuter Bikes: पहली बाइक लेना नए राइडर्स के लिए एक बड़ा कदम होता है. सबसे बढ़िया बाइक वो नहीं होती जो सबसे तेज या सबसे पावरफुल हो, बल्कि वो होती है जो चलाने में आसान लगे और रख-रखाव में किफायती हो. इंडिया में 125cc और एंट्री-लेवल कम्यूटर सेगमेंट में कुछ बढ़िया ऑप्शन मौजूद हैं. ये परफॉर्मेंस, कंफर्ट, माइलेज और भरोसेमंदनेस का बढ़िया बैलेंस देते हैं. तो आइए फिर देखते हैं 5 ऐसी बाइकें जो नए राइडर्स के लिए एकदम परफेक्ट हैं. Honda SP 125 Honda SP 125 की बात करें तो ये बाइक एक्स-शोरूम ₹87,878 से शुरू होती है. इसमें 123.94cc का PGM-FI इंजन फिट किया गया है, जो 10.87 PS पावर और 10.9 Nm टॉर्क देता है. Honda का ACG साइलेंट स्टार्टर इसे स्टार्ट करने पर बिना किसी वाइब्रेशन के स्मूद शुरुआत करता है. SP 125 अपनी बढ़िया माइलेज के लिए जानी जाती है. कंपनी दावा करती है कि ये 60 से 85 kmpl तक देती है. इस बाइक में पूरी तरह डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर, LED हेडलाइट और CBS ब्रेकिंग सिस्टम जैसे फीचर्स भी हैं, जो राइडिंग को सेफ और आरामदायक दोनों बनाते हैं. Hero Splendor Plus Hero Splendor Plus अब सिर्फ 74,152 रुपये (ex-showroom) से शुरू होती है. इसमें 97.2cc का इंजन आपको मिल जाता है, जो 8.02 PS पावर और 8.05 Nm टॉर्क देता है. खास बात ये है कि इसमें xSens फ्यूल इंजेक्शन और i3S idle stop-start सिस्टम दिया गया है, जिससे माइलेज बढ़िया मिलता है और मेंटेनेंस का खर्च भी कम आता है. Bajaj Pulsar 125  Bajaj Pulsar 125 की बात करें तो ये अब एक्स-शोरूम 89,910 रुपये में मिल रही है. इसमें 124.4cc का इंजन है, जो 11.8 PS पावर और 10.8 Nm टॉर्क देता है. नया मॉडल अब फ्यूल इंजेक्शन के साथ आता है, जिससे थ्रॉटल रिस्पॉन्स स्मूद होता है और माइलेज भी बेहतर रहती है. अगर आप शुरुआत कर रहे हैं और स्पोर्टी लुक चाहते हैं बिना बड़े इंजन वाले बाइक में जाने के, तो Pulsar 125 आपके लिए एक भरोसेमंद और कॉन्फिडेंट चॉइस साबित होगी. TVS Raider 125 TVS Raider 125 की शुरुआत एक्स-शोरूम प्राइस 95,225 रुपये से होती है. इसमें 124.8cc का इंजन दिया गया है, जो 11.38 PS और 11.2 Nm टॉर्क जनरेट करता है. iGO वेरिएंट्स में इसका टॉर्क और भी बढ़ जाता है. Raider अपने 5-inch TFT/LCD स्क्रीन, ब्लूटूथ कनेक्टिविटी, वॉइस असिस्टेंस और Eco व Power राइडिंग मोड्स के साथ खुद को अलग दिखाता है. बाइक 0-60 kmph की स्पीड सिर्फ 5.8 सेकेंड में पकड़ लेती है, और ऑप्शनल सिंगल-चैनल ABS नए राइडर्स के लिए एक एक्स्ट्रा सेफ्टी लेयर भी जोड़ता है. Hero Xtreme 125R Hero Xtreme 125R की बात करें तो ये बाइक 89,000 रुपये (एक्स-शोरूम) से शुरू होती है. 124.7cc का फ्यूल-इंजेक्टेड इंजन इसे पावर देता है. 11.4 BHP और 10.5 Nm टॉर्क के साथ ये बाइक आता है  5-स्पीड गियरबॉक्स मिलकर 0-60 kmph की रफ्तार सिर्फ 5.9 सेकेंड में हासिल करता है. राइड की बात करें तो इसमें full LED लाइटिंग, आरामदायक सस्पेंशन सेटअप (टेलिस्कोपिक फोर्क्स+मोनोशॉक) और 180mm का ग्राउंड क्लियरेंस दिया गया है. कंपनी का दावा है कि ये बाइक करीब 66 km/l का माइलेज देती है. यह भी पढ़ें: 350cc बाइक सेगमेंट में Royal Enfield Meteor 350 क्यों है इतनी पॉपुलर? जानिए बड़ी वजहें The post नए राइडर्स के लिए टॉप 5 125cc बाइक्स, स्टाइल, पावर और स्मूथ राइडिंग का मिलता है पर्फेक्ट कॉम्बो appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

UGC रेगुलेशन एक्ट 2026 पर सुप्रीम कोर्ट की रोक के खिलाफ फूटा छात्रों का गुस्सा, 2 फरवरी को पूरे बिहार में आंदोलन का ऐलान

UGC: विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) की ओर से अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के छात्र-छात्राओं को उच्च शिक्षण संस्थानों में न्याय और समानता दिलाने के लिए बनाए गए ‘उच्च शिक्षा में समता संवर्धन रेगुलेशन एक्ट 2026’ पर सुप्रीम कोर्ट की ओर से मात्र 15 दिनों के भीतर रोक लगाए जाने के विरोध में छात्र समाज में भारी आक्रोश है. ​इस दमनकारी फैसले और बहुजन छात्रों के साथ हो रहे ऐतिहासिक अन्याय के खिलाफ 2 फरवरी को अमर शहीद बाबू जगदेव प्रसाद की जयंती के अवसर पर पटना यूनिवर्सिटी एवं पटना सहित पूरे बिहार में SC/ST/OBC समाज के छात्र उग्र आंदोलन और प्रदर्शन करने वाले हैं. अम्बेडकर छात्रावास, पटेल छात्रावास, कपूरी छात्रावास, PG रानीघाट छात्रावास आंदोलन में शामिल रहेंगे ​संस्थागत भेदभाव का अंत उच्च शिक्षा के क्षेत्र में जातीय भेदभाव, जानबूझकर कम नंबर देना और रैगिंग के हजारों मामले सामने आते हैं, जिससे तंग आकर दलित, आदिवासी और पिछड़े वर्ग के होनहार छात्र आत्महत्या जैसे कदम उठाने पर मजबूर होते हैं. UGC एक्ट 2026 इन कुरीतियों को रोकने का एक सशक्त माध्यम था. ​न्यायपालिका के दोहरे मापदंड पर सवाल प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि किसान आंदोलन और EWS जैसे कानूनों पर सुप्रीम कोर्ट का रुख अलग रहता है, लेकिन जैसे ही 85% आबादी (SC/ST/OBC) के हक की बात आती है, न्यायपालिका तुरंत रोक लगा देती है. ​ आबादी के अनुसार हिस्सेदारी हमारी मांग है कि निजी क्षेत्र, न्यायपालिका, जल-जंगल-जमीन, उद्योग और खनिज संपदा जैसे सत्ता के तमाम स्रोतों में SC/ST/OBC को उनकी 85% आबादी के अनुपात में आरक्षण और हिस्सेदारी मिलनी चाहिए. ​अस्तित्व की लड़ाई यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि बहुजन समाज को केवल चुनाव के समय हिंदू माना जाता है, लेकिन अधिकारों के समय उन्हें हाशिए पर धकेल दिया जाता है. UGC एक्ट 2026 का विरोध करने वाली ताकतें सामाजिक न्याय एवं हिंदू विरोधी हैं. हमारी स्पष्ट मांग है कि ​UGC एक्ट 2026 पर लगी रोक को तत्काल हटाया जाए और इसे पूर्णतः लागू किया जाए. ​निवेदक मंडल 2.0 में छात्र युवा संघर्ष समिति पटना बिहार के अमर आजाद पासवान, मनीष यादव, गौतम आनंद, अंबुज पटेल, गौतम कुमार, काशिफ यूनुस, सुधीर रजक, शाश्वत कुमार, ओमकार कुमार और अजय यादव The post UGC रेगुलेशन एक्ट 2026 पर सुप्रीम कोर्ट की रोक के खिलाफ फूटा छात्रों का गुस्सा, 2 फरवरी को पूरे बिहार में आंदोलन का ऐलान appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

क्या रेल का सफर होगा और भी ‘स्मूथ’? निर्मला सीतारमण बढ़ा सकती हैं रेलवे का बजट!

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज अपना 9वां बजट पेश करने जा रही हैं. सुबह 11 बजे जब वे अपनी स्पीच शुरू करेंगी, तो पूरे देश की नजरें हिंदुस्तानीय रेलवे पर टिकी होंगी. माना जा रहा है कि इस बार रेलवे की तस्वीर बदलने के लिए प्रशासन अपना खजाना खोलने वाली है. ब्लूमबर्ग के 29 इकोनॉमिस्ट्स के सर्वे के मुताबिक, प्रशासन इंफ्रास्ट्रक्चर, पोर्ट्स और खासकर रेलवे पर भारी निवेश कर सकती है. बजट में 10% तक की बढ़ोतरी की उम्मीद  मिंट की एक रिपोर्ट बताती है कि इस साल रेलवे के खर्च (Capex) में 8% से 10% का इजाफा हो सकता है. आसान भाषा में कहें तो नई पटरियां बिछाने और नई ट्रेनें चलाने के लिए पिछले साल (2.52 लाख करोड़) के मुकाबले इस बार करीब 2.75 लाख करोड़ रुपये मिल सकते हैं. इसका सीधा फायदा उन कंपनियों को होगा जो बड़े प्रोजेक्ट्स पर काम कर रही हैं. सीनियर सिटीजन की ‘टिकट छूट’ पर सस्पेंस रेलवे यात्रियों की सबसे बड़ी डिमांड सीनियर सिटीजन को मिलने वाली छूट को वापस शुरू करना है. कोविड के समय इसे बंद कर दिया गया था. पहले 60 साल से ऊपर के पुरुषों को 40% और 58 साल से ऊपर की स्त्रीओं को 50% की छूट मिलती थी. ट्रेनें अब फुल कैपेसिटी में चल रही हैं, इसलिए उम्मीद है कि इस बार बुजुर्गों को ये खुशसमाचारी मिल सकती है. हादसों को रोकने के लिए ‘कवच 4.0’ पर जोर पिछले कुछ समय में हुए रेल हादसों को देखते हुए सुरक्षा पर सबसे ज्यादा फोकस रहने वाला है. बजाज ब्रोकिंग के एक्सपर्ट्स का मानना है कि बजट में रेलवे सेफ्टी के लिए 1.3 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का फंड दिया जा सकता है. क्या है कवच 4.0? यह हिंदुस्तान का अपना ऑटोमैटिक सिस्टम है. अगर लोको पायलट ब्रेक नहीं लगा पाता, तो यह सिस्टम खुद ही ट्रेन रोक देता है. प्लान: प्रशासन का लक्ष्य 18,000 किमी ट्रैक पर इसे जल्द से जल्द लगाने का है. 30 जनवरी को ही इसके नए वर्जन का सफल ट्रायल हुआ है. वंदे हिंदुस्तान स्लीपर और पुराने स्टेशनों का कायाकल्प वंदे हिंदुस्तान के शौकीनों के लिए समाचार है कि अब 24 कोच वाली ‘वंदे हिंदुस्तान स्लीपर’ ट्रेनों का प्रोडक्शन तेज होगा. ये ट्रेनें राजधानी एक्सप्रेस की जगह लेंगी और लंबी दूरी के सफर को आरामदायक बनाएंगी. इसका प्रोटोटाइप 2026 के अंत तक आने की उम्मीद है. साथ ही, पुराने स्टेशनों को मॉडर्न बनाने और रुके हुए प्रोजेक्ट्स को रफ्तार देने का भी बड़ा ऐलान हो सकता है. आम आदमी के लिए 17,000 नए जनरल कोच भीड़ कम करने के लिए रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने पहले ही बताया था कि ट्रेनों में 70% कोच नॉन-एसी (जनरल और स्लीपर) हैं. इस बजट में अगले 5 सालों में 17,000 नए नॉन-एसी कोच बनाने के प्लान को ऑफिशियल किया जा सकता है, ताकि कम पैसों में सफर करने वालों को दिक्कत न हो. सस्ता होगा सामान, बढ़ेंगे रोजगार  डीपी वर्ल्ड के एमडी रिजवान सूमर के मुताबिक, अगर प्रशासन मालगाड़ियों के लिए अलग कॉरिडोर (Freight Corridors) और लॉजिस्टिक्स हब पर पैसा खर्च करती है, तो सामान एक जगह से दूसरी जगह ले जाना सस्ता हो जाएगा. इससे चीजों के दाम कम होंगे, नए जॉब्स मिलेंगे और देश की जीडीपी (इकॉनमी) को भी बूस्ट मिलेगा. ये भी पढ़ें: आज खुलेगा Budget 2026 का पिटारा, इनकम टैक्स से लेकर किसान, रेलवे, शेयर बाजार तक बड़ी उम्मीदें ये भी पढ़ें: Budget 2026: क्या बढ़ेगी पीएम किसान सम्मान निधि की राशि? वित्त मंत्री से है किसानों को बहुत उम्मीद The post क्या रेल का सफर होगा और भी ‘स्मूथ’? निर्मला सीतारमण बढ़ा सकती हैं रेलवे का बजट! appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

Guru Ravidas Jayanti 2026 Quotes: चुभने वाला कांटा मत बनो … आज रविदास जयंती पर देखें संत शिरोमणि के प्रेरणादायक विचार

Guru Ravidas Jayanti 2026 Quotes: हर साल माघ पूर्णिमा पर महान संत गुरु रविदास की जयंती मनाई जाती है. इस बार यह दिन 1 फरवरी को पड़ रहा है. रविदास जयंती के दिन लोग उनके विचारों को याद करते हैं और उनसे प्रेरणा लेते हैं. गुरु रविदास जी ने जाति-पाति और ऊंच-नीच के भेदभाव का विरोध किया और सभी को समान मानने की सीख दी. उनके उपदेश आज भी समाज को सही दिशा दिखाते हैं. इस खास मौके पर उनके प्रेरणादायक विचारों को पढ़कर और साझा करके हम संत रविदास जी के संदेश को अधिक लोगों तक पहुंचा सकते हैं. Guru Ravidas Jayanti 2026 Quotes: यदि कोई मनुष्य उच्च वर्ण यदि कोई मनुष्य उच्च वर्ण को प्राप्त करना चाहता है तो वह केवल सुकर्म से ही उसे प्राप्त कर सकता है। Guru Ravidas Jayanti 2026 Quotes: प्रेम ही जीवन का सार है प्रेम ही जीवन का सार है और वही ईश्वर का वास्तविक स्वरूप है. ये भी पढ़ें: रविदास जयंती आज, संत शिरोमणि के विचारों को याद करने का पावन दिन Guru Ravidas Jayanti 2026 Quotes: यदि कोई मनुष्य उच्च वर्ण यदि कोई मनुष्य उच्च वर्ण को प्राप्त करना चाहता है तो वह केवल सुकर्म से ही उसे प्राप्त कर सकता है Guru Ravidas Jayanti 2026 Quotes:नादान मनुष्य यह नहीं नादान मनुष्य यह नहीं जानता कि सभी मनुष्यों को जन्म देने वाला एक ही ईश्वर है। Guru Ravidas Jayanti 2026 Quotes:ऐसा चाहूं राज मैं “ऐसा चाहूं राज मैं, मिले सबन को अन्न।छोट-बड़ो सब सम बसै, रैदास रहें प्रसन्न।।” Guru Ravidas Jayanti 2026 Quotes: भगवान उस हृदय में वास भगवान उस हृदय में वास करते हैं, जिसमें किसी के प्रति बैर नहीं है Guru Ravidas Jayanti 2026 Quotes: मेरा स्वप्न उस समाज का मेरा स्वप्न उस समाज का है जहां हर व्यक्ति को भोजन मिले और सभी समान व संतुष्ट हों The post Guru Ravidas Jayanti 2026 Quotes: चुभने वाला कांटा मत बनो … आज रविदास जयंती पर देखें संत शिरोमणि के प्रेरणादायक विचार appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

Budget 2026: क्या भारत बनेगा दुनिया की अगली स्पोर्टिंग सुपरपावर? जानें कैसा हो सकता है खेल बजट

Highlights स्पोर्ट्स बजट में लगातार बढ़त स्पोर्ट्सो इंडिया अभियान पर विशेष जोर खिलाड़ियों की ट्रेनिंग और आधुनिक तकनीक 2036 ओलंपिक मेजबानी का सपना स्त्री खिलाड़ियों और सुशासन पर ध्यान स्पोर्ट्स बजट का विवरण (करोड़ रुपये में) Budget 2026: हिंदुस्तान में पिछले कुछ सालों में स्पोर्ट्सों के प्रति नजरिया तेजी से बदला है. आज, 1 फरवरी 2026 को वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण 2026-27 सत्र का बजट पेश करेंगी. ऐसे में यह देखना दिलचस्प है कि स्पोर्ट्स को इस बार कितना बजट मिलता है. क्योंकि अब स्पोर्ट्स सिर्फ मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि देश के गौरव और करियर का एक बड़ा माध्यम बन चुके हैं. केंद्र प्रशासन ने इस बदलाव को भांपते हुए स्पोर्ट्सों के बजट में लगातार बढ़ोतरी की है. साल 2023-24 से लेकर आने वाले 2026-27 के संभावित बजट तक का सफर यह दर्शाता है कि हिंदुस्तान अब दुनिया की ‘स्पोर्ट्स महाशक्ति’ (Sporting Superpower) बनने की ओर अग्रसर है. प्रशासन का लक्ष्य अब केवल मेडल जीतना ही नहीं, बल्कि 2036 के ओलंपिक स्पोर्ट्सों की मेजबानी की तैयारी करना भी है. स्पोर्ट्स बजट में लगातार बढ़त पिछले तीन सालों के आंकड़ों पर नजर डालें तो स्पोर्ट्स बजट में सकारात्मक वृद्धि हुई है. साल 2023-24 में स्पोर्ट्स बजट लगभग 3,397 करोड़ था, जो 2025-26 तक आते-आते 3,794 करोड़ के पार पहुंच गया. यह दर्शाता है कि प्रशासन स्पोर्ट्सों के बुनियादी ढांचे और खिलाड़ियों की ट्रेनिंग पर होने वाले खर्च को प्राथमिकता दे रही है. बजट में यह इजाफा टोक्यो ओलंपिक की सफलता और पेरिस ओलंपिक की तैयारियों के बीच एक मजबूत कड़ी बनकर उभरा है. स्पोर्ट्सो इंडिया अभियान पर विशेष जोर हिंदुस्तान में नई प्रतिभाओं को खोजने के लिए ‘स्पोर्ट्सो इंडिया’ (Khelo India) योजना सबसे महत्वपूर्ण हथियार साबित हुई है. साल 2025-26 के बजट में इसके लिए 1,000 करोड़ का प्रावधान किया गया है. अनुमान है कि 2026-27 में इसे बढ़ाकर 1,200 करोड़ तक ले जाया जा सकता है. इस योजना का मुख्य उद्देश्य स्कूल और कॉलेज स्तर के उन खिलाड़ियों को मौका देना है, जिनके पास प्रतिभा तो है लेकिन संसाधनों की कमी है. खिलाड़ियों की ट्रेनिंग और आधुनिक तकनीक बजट का एक बड़ा हिस्सा नेशनल स्पोर्ट्स फेडरेशन (NSF) और हिंदुस्तानीय स्पोर्ट्स प्राधिकरण (SAI) को जाता है. 2025-26 में फेडरेशन की मदद राशि बढ़ाकर 400 करोड़ कर दी गई है. आने वाले समय में मुख्य फोकस ‘स्पोर्ट्स साइंस’ और ‘डेटा एनालिटिक्स’ पर होगा. अब खिलाड़ियों को सिर्फ मैदान पर पसीना नहीं बहाना है, बल्कि AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) और आधुनिक मशीनों के जरिए उनकी फिटनेस और तकनीक को सुधारा जाएगा. 2036 ओलंपिक मेजबानी का सपना हिंदुस्तान ने आधिकारिक तौर पर 2036 के ओलंपिक स्पोर्ट्सों की मेजबानी के लिए अपनी दावेदारी पेश कर दी है. आने वाले 2026-27 के बजट में इसका असर साफ दिखेगा. गुजरात के अहमदाबाद जैसे शहरों में विश्व स्तरीय ‘स्पोर्ट्स एन्क्लेव’ और स्टेडियम बनाने के लिए भारी फंड आवंटित होने की उम्मीद है. ओलंपिक की मेजबानी का मतलब है कि हिंदुस्तान को अपने इंफ्रास्ट्रक्चर को दुनिया के बेहतरीन मानकों के बराबर ले जाना होगा. स्त्री खिलाड़ियों और सुशासन पर ध्यान प्रशासन ने अब स्पोर्ट्सों में पारदर्शिता लाने के लिए ‘नेशनल स्पोर्ट्स गवर्नेंस एक्ट’ पर काम शुरू कर दिया है. बजट 2026-27 में स्पोर्ट्स संघों के संचालन में सुधार और स्त्रीओं की 33% भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए विशेष प्रोत्साहन दिए जा सकते हैं. ‘मिशन शक्ति’ जैसी योजनाओं के तहत स्त्री एथलीटों के लिए अलग ट्रेनिंग सेंटर और छात्रवृत्ति की राशि बढ़ाई जा सकती है. स्पोर्ट्स बजट का विवरण (करोड़ रुपये में) वित्तीय वर्ष कुल बजट आवंटन (लगभग) मुख्य फोकस 2023-24 ₹3,397.32 करोड़ एशियाई स्पोर्ट्स और बुनियादी ढांचा. 2024-25 ₹3,442.32 करोड़ पेरिस ओलंपिक 2024 की तैयारियां. 2025-26 ₹3,794.30 करोड़ स्पोर्ट्सो इंडिया और 2036 ओलंपिक की दावेदारी. ये भी पढ़ें- Budget 2026: क्या आज चमकेगी आपकी किस्मत? सोने-चांदी की कीमतों पर वित्त मंत्री ले सकती हैं फैसला आज आएगा Budget 2026, टेक सेक्टर को AI मिशन से बड़ी उम्मीद The post Budget 2026: क्या हिंदुस्तान बनेगा दुनिया की अगली स्पोर्टिंग सुपरपावर? जानें कैसा हो सकता है स्पोर्ट्स बजट appeared first on Naya Vichar.

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

About Us

नयाविचार एक आधुनिक न्यूज़ पोर्टल है, जो निष्पक्ष, सटीक और प्रासंगिक समाचारों को प्रस्तुत करने के लिए समर्पित है। यहां राजनीति, अर्थव्यवस्था, समाज, तकनीक, शिक्षा और मनोरंजन से जुड़ी हर महत्वपूर्ण खबर को विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत किया जाता है। नयाविचार का उद्देश्य पाठकों को विश्वसनीय और गहन जानकारी प्रदान करना है, जिससे वे सही निर्णय ले सकें और समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकें।

Quick Links

Who Are We

Our Mission

Awards

Experience

Success Story

© 2025 Developed By Socify

Scroll to Top