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February 1, 2026

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IIIT रांची में दिखा AI का असली दम, Quasar XAI 2026 का आयोजन

IIIT Ranchi Quasar XAI Hackathon 2026: इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (IIIT Ranchi) एक बार फिर चर्चा में रहा. यहां Quasar XAI Hackathon 2026 AI इम्पैक्ट समिट 2026 के प्री-समिट इवेंट का आयोजन किया गया. 30 और 31 जनवरी 2026 को हुए इस 24 घंटे के नॉन-स्टॉप हैकाथॉन ने साबित कर दिया कि अगर युवाओं को सही मंच मिले, तो वे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से समाज की बड़ी समस्याओं का हल निकाल सकते हैं. यह आयोजन हिंदुस्तान के एआई विजन और सामाजिक विकास के लक्ष्यों से पूरी तरह जुड़ा नजर आया. IIIT Ranchi में क्वासर एक्सएआई हैकाथॉन IIIT Ranchi में क्वासर एक्सएआई हैकाथॉन में कुल 24 टीमों ने हिस्सा लिया. इनमें NIT जमशेदपुर, BIT मेसरा, IIIT भागलपुर, NIAMT रांची, जेके इंस्टीट्यूट ऑफ एप्लाइड फिजिक्स एंड टेक्नोलॉजी इलाहाबाद और IIIT रांची जैसे मशहूर इंस्टीट्यूट शामिल रहे. अलग-अलग बैकग्राउंड से आए छात्रों के बीच तालमेल, आइडिया शेयरिंग और हेल्दी कॉम्पिटिशन देखने लायक था. कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन के साथ हुई, जिसने पूरे आयोजन को एक सकारात्मक और प्रेरणादायक ऊर्जा दी. IIIT रांची के निदेशक प्रो राजीव श्रीवास्तव, निर्णायक मंडल और संकाय सदस्यों की मौजूदगी ने इस इवेंट को और खास बना दिया. साज क्लब द्वारा प्रस्तुत सरस्वती वंदना ने माहौल को और भी प्रभावशाली बना दिया. आइडिया स्केच से लेकर सिस्टम डिजाइन तक हैकाथॉन के दौरान कैंपस में हर जगह एक अलग ही एनर्जी दिखी. कोई व्हाइटबोर्ड पर आइडिया स्केच कर रहा था, तो कोई लैपटॉप स्क्रीन पर कोड की लाइनें दौड़ा रहा था. आइडिएशन से लेकर रिसर्च, सिस्टम डिजाइन, मॉडल डेवलपमेंट और टेस्टिंग तक छात्र पूरी तरह डूबे हुए नजर आए. तीन-स्तरीय मूल्यांकन प्रक्रिया के बाद विजेताओं की घोषणा की गई. IIIT रांची की टीम “ऊप्स !404” ने पहला स्थान हासिल किया. BIT मेसरा की “एआई एवेंजर्स” टीम पहली उपविजेता और NIT जमशेदपुर की “टीम वास” दूसरी उपविजेता बनी. वहीं IIIT भागलपुर की “कोड-I” और IIIT रांची की “कॉफी ओवरफ्लो” टीमों को विशेष पुरस्कार मिले. इसके बाद IIT पटना के FIST-TBI के CEO डॉ. प्रवीण कुमार ने एआई, रिसर्च और स्टार्टअप्स पर शानदार व्याख्यान दिया. उन्होंने छात्रों को बताया कि कैसे एक हैकाथॉन आइडिया आगे चलकर एक सफल स्टार्टअप बन सकता है. यह भी पढ़ें: IIIT Ranchi में पढ़ने का सपना: जानें एडमिशन, फीस और प्लेसमेंट की पूरी डिटेल The post IIIT रांची में दिखा AI का असली दम, Quasar XAI 2026 का आयोजन appeared first on Naya Vichar.

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Budget 2026: आज रविवार को पेश होगा बजट, ज्योतिष शास्त्र से जानें इसका खास महत्व

Budget 2026: देश का आम बजट केवल आर्थिक दस्तावेज नहीं होता, बल्कि यह राष्ट्र की दिशा और दशा तय करता है. 1 फरवरी 2026 को प्रस्तुत होने वाला बजट कई कारणों से ऐतिहासिक माना जा रहा है. 1999 के बाद यह पहली बार है जब बजट रविवार के दिन पेश होगा. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार यह दिन और ग्रहों की स्थिति इसे विशेष महत्व प्रदान करती है. रविवार और सूर्य का महत्व ज्योतिष में रविवार का स्वामी भगवान सूर्य को माना गया है. सूर्य आत्मा, सत्ता, ऊर्जा और नेतृत्व के कारक ग्रह हैं. सूर्य के प्रभाव से समाज में नई ऊर्जा का संचार होता है, प्रशासनिक फैसलों में मजबूती आती है और राष्ट्र निर्माण की दिशा में निर्णायक कदम उठते हैं. हालांकि सूर्य का प्रभाव कभी-कभी तीव्र भी होता है, जिससे गर्मी, फसल पर असर या कुछ वस्तुओं की महंगाई देखी जा सकती है. श्लोक आदित्यहृदयं पुण्यं सर्वशत्रुविनाशनम्।जयावहं जपं नित्यं अक्षय्यं परमं शिवम्॥ अर्थ: सूर्य की आराधना शत्रुओं का नाश करती है, विजय प्रदान करती है और अक्षय फल देने वाली होती है. बजट 2026 पर ग्रहों की स्थिति का प्रभाव 1 फरवरी 2026 को सूर्य मकर राशि में स्थित होंगे और उनके साथ बुध, मंगल और शुक्र भी मकर राशि में युति बना रहे हैं. इससे बुधादित्य योग बन रहा है, जो नीति निर्माण, आर्थिक फैसलों और प्रशासनिक सुधारों के लिए शुभ माना जाता है. यह योग प्रशासन को व्यावहारिक और दूरदर्शी निर्णय लेने में सहायता करता है. मंगल की उपस्थिति से साहसिक फैसले लिए जा सकते हैं, वहीं शुक्र वित्तीय स्थिति, सुख-सुविधा और आम जनता से जुड़े विषयों पर ध्यान दिलाते हैं. हालांकि शुक्र अस्त अवस्था में होने से रियल एस्टेट और लग्जरी सेक्टर में कुछ चिंता देखी जा सकती है. उद्योग जगत और शेयर बाजार पर असर ज्योतिषीय गणना के अनुसार यह बजट शेयर बाजार को प्रभावित कर सकता है, लेकिन बाजार में अत्यधिक उतार-चढ़ाव की बजाय संतुलन रहने की संभावना है. उद्योग जगत के लिए यह बजट मध्यम से सकारात्मक संकेत देता है. विशेष रूप से टेलीकम्युनिकेशन, सोलर एनर्जी, केमिकल और टेक्नोलॉजी सेक्टर को लाभ मिल सकता है. ये भी पढ़ें:  आज माघ पूर्णिमा पर राशि के अनुसार करें सुख-समृद्धि के लिए स्नान-दान युवाओं और आम जनता के लिए संकेत इस बजट में जेन जी (Gen-Z) और युवाओं पर विशेष फोकस रहने की संभावना है. शिक्षा, नई नौकरियां, स्किल डेवलपमेंट और स्टार्टअप से जुड़े प्रावधान देखे जा सकते हैं. साथ ही, आय के नए स्रोतों के साथ टैक्स में राहत की भी संभावना बन रही है, जिससे आम जनता को सीधा लाभ मिल सकता है. पंचांग के अनुसार बजट दिवस पंचांग के अनुसार यह दिन माघ शुक्ल पक्ष पूर्णिमा का है. नक्षत्र: पुष्य (11:50 बजे तक) योग: प्रीति विशेष योग: सर्वार्थ सिद्ध योग और रविपुष्य योग ये योग किसी भी बड़े कार्य की सफलता के लिए अत्यंत शुभ माने जाते हैं. बजट पेश होने के समय मेष लग्न रहेगा, जो नए आरंभ और साहसिक निर्णयों का संकेत देता है. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार बजट 2026 केवल आर्थिक नहीं, बल्कि ऐतिहासिक और परिवर्तनकारी बजट साबित हो सकता है. रविवार, पूर्णिमा, शुभ योग और ग्रहों की मजबूत स्थिति यह संकेत देती है कि यह बजट देश की वित्तीय स्थिति, युवाओं और आम जनता के लिए नए अवसर लेकर आ सकता है. The post Budget 2026: आज रविवार को पेश होगा बजट, ज्योतिष शास्त्र से जानें इसका खास महत्व appeared first on Naya Vichar.

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Union Budget 2026: बजट से आम आदमी की बढ़ेगी आमदनी या जेब होगी खाली? वैश्विक चुनौतियां बरकरार

Union Budget 2026: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण रविवार 1 फरवरी 2026 को वित्त वर्ष 2026-27 का बजट पेश करेंगी. यह बजट ऐसे समय में पेश किया जा रहा है, जब वैश्विक वित्तीय स्थिति गहरी अनिश्चितता और विखंडन के दौर से गुजर रही है. एसबीआई रिसर्च की रिपोर्ट के अनुसार, भू-नेतृत्वक तनाव, कमजोर वैश्विक भरोसा, अस्थिर वित्तीय बाजार और बढ़ती कमोडिटी कीमतें वैश्विक आर्थिक व्यवस्था पर दबाव बना रही हैं. इक्विटी और बॉन्ड मार्केट में अस्थिरता के बीच कमोडिटी बाजारों में तेजी देखी जा रही है, जिसमें कीमती धातुओं की भूमिका अग्रणी बनी हुई है. इस पृष्ठभूमि में हिंदुस्तान के लिए वित्तीय अनुशासन बनाए रखना सबसे बड़ी चुनौती और आवश्यकता दोनों है. इन सबके बीच बड़ा सवाल यह खड़ा हो रहा है कि इस साल के बजट से आम आदमी की आमदनी बढ़ेगी या जेब पर गहरा असर पड़ेगा? भरोसे का संकट और कमोडिटी उछाल एसबीआई की रिपोर्ट में कहा गया है कि दुनिया एक नए लेकिन अस्पष्ट रियलपॉलिटिक दौर में प्रवेश कर चुकी है. शीत युद्ध के बाद पहली बार वैश्विक स्तर पर ‘म्यूचुअल ट्रस्ट’ अपने सबसे निचले स्तर पर दिखाई दे रहा है. वित्तीय बाजारों में यह भरोसे की कमी इक्विटी और बॉन्ड मार्केट में गिरावट के रूप में सामने आई है. इसके विपरीत, कमोडिटी बाजारों में रिस्क-ऑन रैली का माहौल है, जिसकी शुरुआत कीमती धातुओं से हुई है और इसके औद्योगिक धातुओं तक फैलने की संभावना है. सबसे बड़ा जोखिम कच्चे तेल की कीमतों से जुड़ा है, जो यदि नियंत्रित आपूर्ति व्यवस्था से बाहर निकलता है, तो वैश्विक महंगाई और हिंदुस्तान के चालू खाते पर दबाव बढ़ सकता है. अनिश्चितता के बीच क्या हिंदुस्तान की स्थिति रिपोर्ट में कहा गया है कि वैश्विक अस्थिरता के बावजूद हिंदुस्तान एक ‘ओशन ऑफ सर्टेन्टी’ के रूप में उभर रहा है. महामारी के बाद हिंदुस्तान की आर्थिक रिकवरी न केवल 2008 के वैश्विक वित्तीय संकट के बाद की तुलना में बेहतर रही है, बल्कि कई उच्च आय वाले देशों से भी अधिक मजबूत दिखाई देती है. जहां उच्च-मध्यम आय वाले देशों की रिकवरी कमजोर रही, वहीं हिंदुस्तान ने निवेश, खपत और प्रशासनी पूंजीगत व्यय के सहारे मजबूत ग्रोथ बनाए रखी है. यह प्रदर्शन बजट 2026-27 के लिए नीति निर्माताओं को आत्मविश्वास प्रदान करता है. जीडीपी, महंगाई और राजकोषीय घाटा रिपोर्ट के अनुसार बजट 2026-27 के कैलकुलेशन के लिए नाममात्र जीडीपी वृद्धि दर 10.5% से 11% के बीच रहने का अनुमान है. वैश्विक कमोडिटी कीमतों में तेजी के कारण थोक महंगाई (डब्ल्यूपीआई) बढ़ सकती है, जिसका असर टैक्स कलेक्शन और खर्च की योजना पर पड़ेगा. इन अनुमानों के आधार पर वित्त वर्ष 2026-27 में राजकोषीय घाटा जीडीपी का लगभग 4.2% रहने की उम्मीद है. हालांकि, नया जीडीपी सीरीज लागू होने पर वित्तीय गणित में बदलाव की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता. प्रशासनी उधारी और आरबीआई की भूमिका रिपोर्ट में कहा गया है कि वित्त वर्ष 2026-27 में केंद्र प्रशासन की शुद्ध उधारी 11.7 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच सकती है, जो कुल राजकोषीय घाटे का लगभग 70% है. इसके साथ ही राज्यों की सकल उधारी 12.6 लाख करोड़ रुपये रहने की संभावना है. इतनी बड़ी उधारी आवश्यकताओं को संतुलित करने के लिए प्रशासन और आरबीआई के बीच बेहतर समन्वय जरूरी होगा. ओपन मार्केट ऑपरेशंस (ओएमओ) और शॉर्ट-टर्म ट्रेजरी बिल्स की भूमिका आने वाले समय में और महत्वपूर्ण हो सकती है. प्रत्यक्ष करों की बढ़ती भूमिका वित्त वर्ष 2026-27 में कुल कर राजस्व में प्रत्यक्ष करों की हिस्सेदारी 59% रहने का अनुमान है, जो पिछले 15 वर्षों में सबसे अधिक है. व्यक्तिगत आयकर संग्रह वित्त वर्ष 2021-22 के बाद से कॉरपोरेट टैक्स से आगे बना हुआ है और यह रुझान वित्त वर्ष 2026-27 में भी जारी रहने की संभावना है. अप्रत्यक्ष करों की हिस्सेदारी घटकर लगभग 41% रह सकती है. जीएसटी के युक्तिकरण और व्यक्तिगत आयकर में सीमित राहत से कर आधार को मजबूती मिलने की उम्मीद है. गैर-कर राजस्व और विनिवेश की अनिश्चितता गैर-कर राजस्व में स्थिर वृद्धि का अनुमान है, जिसमें आरबीआई और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों से मिलने वाले डिविडेंड की अहम भूमिका होगी. हालांकि, वैश्विक बाजारों में उतार-चढ़ाव के चलते विनिवेश से प्राप्ति एक चुनौती बनी रह सकती है. प्रशासन गैर-कर राजस्व को अनुकूलित करने की कोशिश करेगी, लेकिन बाजार स्थितियां निर्णायक होंगी. पूंजीगत व्यय विकास का प्रमुख इंजन वित्त वर्ष 2026-27 में केंद्र प्रशासन का पूंजीगत व्यय 12 लाख करोड़ रुपये से अधिक रहने की संभावना है, जो सालाना आधार पर लगभग 10% की वृद्धि दर्शाता है. इंफ्रास्ट्रक्चर, परिवहन, ऊर्जा और डिजिटल कनेक्टिविटी में निवेश हिंदुस्तान की मध्यम अवधि की विकास संभावनाओं को मजबूत करेगा. राज्यों को दिए जाने वाले पूंजीगत अनुदान भी इस निवेश चक्र को गति देने में अहम भूमिका निभाएंगे. केंद्र-राज्य वित्तीय संबंध और कर्ज की चुनौती वित्त वर्ष 2026-27 में केंद्र से राज्यों को कुल 23.1 लाख करोड़ रुपये का हस्तांतरण अनुमानित है, जो सकल कर राजस्व का लगभग 54% है. इसके बावजूद कर हस्तांतरण की समय-सीमा और वास्तविक राशि को लेकर अस्पष्टता बनी हुई है. चूंकि कुल प्रशासनी कर्ज में राज्यों की हिस्सेदारी महत्वपूर्ण है, इसलिए बजट 2026-27 में राज्यों के लिए मध्यम अवधि, परिदृश्य-आधारित कर्ज-जीएसडीपी रोडमैप पर जोर दिया जा सकता है. कर सुधार और क्षेत्र-विशेष सुझाव वित्तीय बचत को बढ़ाने के लिए बैंक डिपॉजिट पर ब्याज को एलटीसीजी/एसटीसीजी के समान कर उपचार देने, टैक्स-सेविंग एफडी का लॉक-इन पीरियड ईएलएसएस के बराबर करने और सेविंग अकाउंट ब्याज पर टीडीएस हटाने जैसे सुझाव सामने आए हैं. जीएसटी के तहत इनपुट सर्विस डिस्ट्रीब्यूटर्स परिभाषा को स्पष्ट करने और बैंकिंग सेवाओं को जीएसटी-टीडीएस से बाहर रखने की मांग भी प्रमुख है. बीमा और पेंशन जैसे सामाजिक सुरक्षा पर फोकस बीमा में आई गिरावट प्रशासन के लिए चिंता का विषय है. टर्म और हेल्थ इंश्योरेंस पर अलग टैक्स डिडक्शन, डिजिटल वितरण को बढ़ावा और प्राकृतिक आपदाओं के लिए सार्वजनिक-निजी बीमा पूल जैसे कदम बीमा क्षेत्र को मजबूती दे सकते हैं. वहीं, पेंशन क्षेत्र में यूपीएस और एनपीएस वात्सल्य योजनाओं का विस्तार, ईपीएफओ में तकनीकी सुधार और निजी क्षेत्र में एनपीएस को बढ़ावा देना दीर्घकालिक सामाजिक सुरक्षा के लिए जरूरी माना जा रहा है. इसे भी पढ़ें: Tribal Mahakumbh: झारखंड के राजमहल में आदिवासियों का महाकुंभ, गंगाघाट पर सजे धर्मगुरुओं के अखाड़े स्थिरता और विकास

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Latest Baby Names in Hindi: इन लेटेस्ट नामों से अपने नन्हे मुन्ने को दें अलग पहचान, यहां देखें लिस्ट  

 Latest Baby Names in Hindi: बच्चों का नाम रखना भी परवरिश का अहम हिस्सा होता है. अपने शिशु को सुंदर नाम देने के लिए हर माता-पिता परेशान भी रहते हैं. इस कड़ी में किसी को अपने शिशु के लिए धार्मिक नाम चाहिए तो किसी को मॉडर्न नाम. यहां हम ऐसे नामों की लिस्ट लेकर आए हैं जो आपके नन्हे मुन्ने पर खूब जचेंगे. अगर आप भी अपने लाडले और लाडली के लिए ऐसे ही खूबसूरत नाम की तलाश में हैं तो ये लिस्ट जरूर देखें. हम यहां आपके लिए ऐसे सुंदर-सुंदर नामों की लिस्ट लेकर आए हैं, जो आपको जरूर पसंद आएंगे. तो चलिए अब लिस्ट देखते हैं. लड़कियों के लेटेस्ट नाम (Baby Girl Latest Names) कियारा (Kiara) – काली-बालों वाली, भगवान का उपहार खुशी (Khushi) – प्रसन्नता नव्या (Navya) – नई, ताजा पियू (Pihu) – पीहू, चिड़िया की आवाज रिद्धिमा (Riddhima) – प्यार से भरी आन्या (Aanya) – शालीन, असीम आरोही (Aarohi) – संगीत का एक सुर ईशान्वी (Eshaanvi) – देवी पार्वती सिया (Siya) – सीता माता आराध्या (Aaradhya) – पूजा करने योग्य यह भी पढ़ें: Baby Names in Hindi: शिशु को देना है सुंदर नाम तो पहले देख लें ये लिस्ट, हर नाम आएगा पसंद लड़कों के लेटेस्ट नाम (Baby Boy Latest Names) अद्वैत (Advait) – अनोखा, अद्वितीय शौर्य (Shaurya) – बहादुरी ईशान (Ishan) –  भगवान शिव, सूर्य आदित्य (Aditya) –  सूर्य कविश (Kavish) –  कवि, भगवान गणेश आरव (Aarav) – शांत, बुद्धिमान विवान (Vihaan) – सुबह, जीवन से भरपूर रेयांश (Reyansh) –  प्रकाश की किरण, भगवान विष्णु का अंश कियान (Kiaan) –  राजा, भगवान का आशीष ध्रुव (Dhruv) –  ध्रुव तारा, स्थिर यह भी पढ़ें: Baby Names: आपके शिशु के लिए खूब पसंद किए जाने वाले लेटेस्ट नामों की लिस्ट यह भी पढ़ें: Beautiful Baby Girl Names: अपनी प्यारी गुड़िया रानी को दें सबसे खूबसूरत और मीनिंगफुल नाम यह भी पढ़ें: Baby Girl Names Based on Goddess: अपनी बिटिया रानी को दें ये खूबसूरत, धार्मिक और मीनिंगफुल नाम The post Latest Baby Names in Hindi: इन लेटेस्ट नामों से अपने नन्हे मुन्ने को दें अलग पहचान, यहां देखें लिस्ट   appeared first on Naya Vichar.

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आज आएगा Budget 2026, टेक सेक्टर को AI मिशन से बड़ी उम्मीद

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज संसद में Budget 2026 पेश करने वाली हैं. बजट भाषण सुबह 11 बजे शुरू हो जाएगी. ऐसे में देश की टेक्नोलॉजी कंपनियों को उम्मीद है, कि केंद्रीय बजट 2026-27 में प्रशासन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) इकोसिस्टम के विकास पर खास जोर देगी. इसमें AI इनोवेशन, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने और अलग-अलग सेक्टर्स में AI अपनाने के लिए बाजार में पूंजी (लिक्विडिटी) बढ़ाने जैसे कदम शामिल हो सकते हैं. आइए जानते हैं कि इस बार टेक्नोलॉजी सेक्टर में क्या-क्या बड़ा हो सकता है. AI को स्ट्रेटजी माना गया, रेस नहीं 29 जनवरी को संसद में पेश इकोनॉमिक सर्वे में AI को सिर्फ टेक्नोलॉजिकल कॉम्पिटिशन नहीं, बल्कि इकोनॉमिक स्ट्रेटजी के रूप में देखा गया है. सर्वे में कहा गया है कि हिंदुस्तान के लिए नीचे से ऊपर (bottom-up) और सेक्टर-विशेष AI मॉडल ज्यादा कारगर होंगे. साथ ही ओपन और आपस में जुड़ने वाले (interoperable) सिस्टम पर जोर दिया गया है, ताकि सहयोग और साझा इनोवेशन को बढ़ावा मिल सके. ऐसे में केंद्रीय बजट 2026 में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर खास ध्यान दिए जाने की उम्मीद है. दुनिया भर में AI को लेकर तेजी से काम हो रहा है और हिंदुस्तान भी इसमें खुद को मजबूत करना चाहता है. हिंदुस्तान AI मिशन (Bharat AI Mission): प्रशासन हिंदुस्तान AI मिशन के लिए करीब 50,000 करोड़ रुपये का बजट दे सकती है. इसका मकसद देश में मजबूत AI सिस्टम तैयार करना है. इसके तहत हिंदुस्तान की अपनी कंप्यूटिंग क्षमता डेवलप की जाएगी, AI चिप्स डिजाइन करने पर जोर होगा और बड़े डेटा सेंटर्स बनाए जाएंगे. सेमीकंडक्टर सेक्टर को बढ़ावा (Semiconductors): सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री को उम्मीद है कि प्रशासन इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन के तहत पहले से मंजूर प्रोजेक्ट्स के लिए ज्यादा पैसा देगी. साथ ही कंपनियों को समय पर फंड मिले, इसके लिए तेज और आसान भुगतान प्रक्रिया लाई जा सकती है. डीपटेक स्टार्टअप्स को सपोर्ट (Deeptech): नई तकनीकों पर काम करने वाले डीपटेक स्टार्टअप्स प्रशासन से खास मदद की डिमांड कर रहे हैं., जिसमें एक अलग डीपटेक फंड बनाने और इनोवेशन करने वाली कंपनियों को टैक्स में छूट दी जाने की मांग शामिल है. वहीं टेक इंडस्ट्रीज का मानना है, कि अगर बजट 2026-27 में AI, सेमीकंडक्टर, लॉजिस्टिक्स, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और स्किल डेवलपमेंट पर ठोस कदम उठाए गए, तो हिंदुस्तान आने वाले वर्षों में AI-बेस्ड ग्लोबल लीडर बन सकता है. यह भी पढ़ें: ऑटो सेक्टर की टिकी नजर Budget 2026 पर: कार, EV और टू-व्हीलर इंडस्ट्री के लिए क्या उम्मीदें The post आज आएगा Budget 2026, टेक सेक्टर को AI मिशन से बड़ी उम्मीद appeared first on Naya Vichar.

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पैनिक मोड में है IRGC, बुरी तरह कांप रहा… वीडियो पोस्ट कर बोले ट्रंप; ईरान की सड़कों पर भारी पुलिस तैनात

US Iran Tensions: ईरान पर अमेरिका की सैन्य कार्रवाई का दबाव अब साफ दिख रही है. यूएसए के जहाजी बेड़े ईरान से कुछ हजार किमी दूर हैं. घर में विरोध प्रदर्शन और बाहर से हमले का डर ईरान के ऊपर साफ दिख रहा है. ऐसे में ईरान के अधिकारियों ने अमेरिकी प्रशासन से बात कर रहा है. ईरानी सुप्रीम नेशनल काउंसिल के सचिव अली लारिजानी ने अपने एक्स पर इसकी जानकारी दी. इसी बीच डोनाल्ड ट्रंप ने एक वीडियो पोस्ट किया. उन्होंने कहा कि ईरान की IRGC पूरी तरह पैनिक मोड में है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने शनिवार को एक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें इस्लामी गणराज्य की राजधानी तेहरान में भारी पुलिस तैनाती दिखाई दे रही है. वीडियो के कैप्शन में लिखा था, ‘अभी हो रहा है- तेहरान. IRGC घबराहट की स्थिति में है. पूरी तरह से बुरी तरह डरे हुए हैं.’/ हालांकि, इस वीडियो की सच्चाई क्या है, इसकी पुष्टि नहीं की जा सकी है, क्योंकि ईरान में अब भी इंटरनेट प्रतिबंध जैसे ही हालात हैं. ऐसे में सूचनाओं का बाहरी दुनिया तक पहुंचना लगभग असंभव है. आईआरजीसी है ईरानी सत्ता की असली ताकत इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड (आईआरजीसी) की स्थापना 1979 में हुई थी. यह ईरान की सेना नहीं है, बल्कि इसका इस्तेमाल ईरान की इस्लामिक सत्ता को बनाए रखना और उसकी रक्षा करना है. अमेरिका और यूरोप इसे ही सबसे ज्यादा खतरनाक मानते हैं. हाल ही में यूरोप और ब्रिटेन समेत 34 देशों ने इसे आतंकवादी संगठन घोषित कर दिया है. इस संगठन में लगभग 2 करोड़ लोग वालंटियर के तौर पर काम कर रहे हैं. वहीं माना जाता है कि IRGC के पास लगभग 1.5 लाख जवान हैं. आईआरजीसी ने हिज्बुल्लाह, हमास और हूती जैसे संगठन खड़े किए हैं. ईरान ने अपने देश की सुरक्षा के लिए देश के बाहर इस तरह की घेराबंदी वाली व्यवस्था तैयार की है. इनकी वजह से यूरोप और अन्य देशों के हित भी काफी प्रभावित होते हैं. ईरान में हुए विस्फोटों ने और बढ़ाई चिंता ट्रंप के इस वीडियो को पोस्ट करने की टाइमिंग काफी अहम है. ईरान में शनिवार को कई ‘रहस्यमय’ धमाके सुनाई दिए. दक्षिणी ईरान के बंदर अब्बास बंदरगाह शहर में हुए एक विस्फोट में कम से कम एक व्यक्ति की मौत हो गई और 14 लोग घायल हो गए. धमाके के बाद सोशल मीडिया पर IRGC नौसेना के कमांडर एडमिरल अलीरेज़ा तंगसीरी की मौत होने की अफवाहें फैलने लगीं. हालांकि, ईरान की सेमी गवर्नमेंटल तस्नीम न्यूज एजेंसी ने इन दावों को ‘पूरी तरह झूठा’ बताया. ईरानी अधिकारियों ने विस्फोट के लिए गैस रिसाव को जिम्मेदार ठहराया. बंदर अब्बास ईरान के सबसे महत्वपूर्ण कंटेनर बंदरगाह है. यह हॉर्मुज जलडमरूमध्य पर स्थित है, जो ईरान और ओमान के बीच एक अहम समुद्री मार्ग है. यहां से दुनिया के समुद्री रास्ते से भेजे जाने वाले तेल का लगभग पांचवां हिस्सा गुजरता है. अमेरिकी हमले का खतरा बढ़ा यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब अमेरिकी नौसैनिक बेड़ा ईरान की ओर बढ़ रहा है. इसे इस्लामी गणराज्य पर संभावित सैन्य हमले की तैयारी के रूप में देखा जा रहा है. रॉयटर्स से बातचीत में कई अमेरिकी सूत्रों ने शुक्रवार को बताया कि ट्रम्प ईरान के खिलाफ विभिन्न विकल्पों पर विचार कर रहे हैं, इनमें सुरक्षा बलों पर लक्षित हमले भी शामिल हैं. वहीं, शनिवार ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने अमेरिका, इजरायल और यूरोपीय नेताओं पर ईरान की आर्थिक समस्याओं का फायदा उठाने, अशांति भड़काने और लोगों को देश को तोड़ने के साधन उपलब्ध कराने का आरोप लगाया. ये भी पढ़ें:- ट्रंप की ‘समुद्री घेराबंदी’ से डरा ईरान? महाशक्तिशाली ‘आर्माडा’ देख बदले तेहरान के सुर; बोले- बातचीत की तैयारी जारी ये भी पढ़ें:- वेनेजुएला में सात साल बाद खुलेगा अमेरिकी दूतावास, डिप्लोमैटिक मिशन को फिर से खोलने कौन पहुंचा? The post पैनिक मोड में है IRGC, बुरी तरह कांप रहा… वीडियो पोस्ट कर बोले ट्रंप; ईरान की सड़कों पर भारी पुलिस तैनात appeared first on Naya Vichar.

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Budget 2026: सरकार चाहे तो भारत का AI रिसर्च हब बन सकता है IIT-IIM, खुद एक्सपर्ट ने बताया

Budget 2026: आज केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण संसद में अपना 9वां बजट पेश करने वाली हैं. पिछले साल भी शिक्षा और स्टार्टअप सेक्टर में बहुत से चीजें दी गई थी. वहीं इस बार भी उम्मीद की जा रही है शिक्षा और युवाओं के लिए ये बजट काफी अच्छा होने वाला है. जानकारों का ऐसा कहना है कि एआई एजुकेशन को स्कूल से लेकर उच्च शिक्षण संस्थान तक के लेवल पर विस्तार देने के लिए बजट में बड़ी घोषणाएं हो सकती हैं. इसका क्या लाभ होगा आइए समझते हैं. रिसर्च का काम बढ़ेगा IIT ISM Dhanbad के मैनेजमेंट स्टडीज विभाग के पूर्व प्रध्यापक एवं विभाध्यक्ष प्रोफेसर प्रमोद पाठक ने हमसे बातचीत की. उन्होंने कहा ये एक स्वागत योग्य कदम है. बताया कि अगर एआई के लिए बजट पास किया जाता है तो इससे रिसर्च की फैसिलिटी बढ़ेगी. वहीं जॉब्स की संख्या बढ़ने पर उन्होंने कहा कि शुरुआती लेवल पर नौकरी की भरमार आएगी ये कहना मुश्किल है. लेकिन धीरे-धीरे मार्केट में न्यू जॉब्स जेनरेट होंगे. आगे उन्होंने बताया कि नेशनल लेवल पर रिसर्च (Research in IIT IIM) कम है लेकिन 2026 के बजट में अगर एआई बेस्ड एजुकेशन के लिए कुछ रहता है तो इससे बेशक नेशनल लेवल पर IIT IIM जैसे संस्थान में रिसर्च में बढ़ोतरी होगी. एआई से नौकरी बढ़ेगी या नहीं? IIT ISM Dhanbad के पूर्व प्रोफेसर ने जॉब्स की संख्या बढ़ने पर कहा कि शुरुआती लेवल पर नौकरी की भरमार आएगी ये कहना मुश्किल है. लेकिन धीरे-धीरे मार्केट में न्यू जॉब्स जेनरेट होंगे. वर्ष 2005 के एक आंकड़े के अनुसार, हिंदुस्तान का R&D खर्च (GERD) GDP का लगभग 0.6-0.7% है यानी देश कुल उत्पादन का लगभग इतना हिस्सा रिसर्च पर खर्च करता है. इसके मुकाबले चीन R&D पर GDP का करीब 2.4%- 2.7% खर्च करता है, जो हिंदुस्तान से बहुत अधिक है. 2024 के बजट में उच्च शिक्षण संस्थान के लिए क्या-क्या घोषणाएं की गई थीं? 2024 के बजट में IITs के लिए कुल आवंटन लगभग 10,200 करोड़ से ज्यादा रखा गया था. यह राशि पिछले साल के मुकाबले बढ़ाई गई, ताकि रिसर्च, इंफ्रास्ट्रक्चर और पढ़ाई की गुणवत्ता बेहतर हो सके. बजट में टेक्निकल एजुकेशन और इनोवेशन को बढ़ावा देने पर खास जोर दिया गया. IIT के साथ-साथ NIT, IISER और IISc जैसे संस्थानों को भी सपोर्ट मिला. स्किल डेवलपमेंट, इंटर्नशिप और इंडस्ट्री से जुड़ी पढ़ाई को मजबूत करने पर फोकस किया गया. यह भी पढ़ें- Budget Recap: पिछले साल के बजट में शिक्षा और रोजगार पर क्या-क्या ऐलान हुए थे? 5 प्वॉइंट्स में समझें The post Budget 2026: प्रशासन चाहे तो हिंदुस्तान का AI रिसर्च हब बन सकता है IIT-IIM, खुद एक्सपर्ट ने बताया appeared first on Naya Vichar.

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Green Moong Idli: सुबह-सुबह ब्रेकफास्ट में हरी मूंग से तैयार करें लाजवाब इडली, जानें बनाने का तरीका 

Green Moong Idli: अगर आपको भी नाश्ते में इडली खाना पसंद है और आप चावल और उड़द दाल से हटकर कोई नया फ्लेवर ट्राई करना चाहते हैं तो आप हरी मूंग का इस्तेमाल करके इडली बना सकते हैं. खास बात ये है कि इसे बनाने के लिए ज्यादा मेहनत या लंबी तैयारी की जरूरत नहीं पड़ती है. आसानी से तैयार होने वाली ये इडली ब्रेकफास्ट के लिए एक बेहतरीन ऑप्शन है.  इडली बनाने के लिए क्या सामग्री चाहिए? साबुत हरी मूंग- 1 कप सूजी- आधा कप दही- आधा कप हरी मिर्च- 1 अदरक- 1 छोटा टुकड़ा नमक- स्वादानुसार बेकिंग सोडा- 1 छोटा चम्मच तेल- जरूरत के अनुसार पानी- जरूरत के अनुसार इडली को कैसे तैयार करें? इडली बनाने के लिए सबसे पहले आप हरी मूंग को अच्छे से धोकर 5-6 घंटे या रात भर के लिए पानी में भिगो दें.  अब आप हरी मूंग को मिक्सी जार में डाल दें. इसमें आप हरी मिर्च, अदरक और थोड़ा पानी डालकर स्मूद पेस्ट बना लें.  अब इस पेस्ट को एक बड़े बर्तन में निकाल लें. इसमें सूजी, दही और स्वादानुसार नमक डालकर अच्छे से मिला लें. पानी डालकर इडली का घोल तैयार कर लें. बैटर को 10 से 15 मिनट के लिए ढककर रख दें.  इसके बाद इसमें बेकिंग सोडा डालकर अच्छे से मिला लें. अब इडली स्टीमर में पानी डालकर ढककर गर्म करें. इडली सांचे में थोड़ा सा तेल लगाएं और बैटर डाल दें. इसे आप 15 मिनट तक भाप में पका लें.   ठंडा होने पर आप इडली को सांचे से निकाल लें.  तैयार इडली को नारियल की चटनी, टमाटर की चटनी या सांभर के साथ गरमा-गरम सर्व करें. यह भी पढ़ें: Hare Chane Ki Sabji: ठंड के मौसम में बनाएं गरमा-गरम हरे चने की सब्जी, रोटी और चावल के साथ लगेगा मजेदार  यह भी पढ़ें: Dahi Baingan Ki Recipe: घर पर बनाएं दही बैंगन की आसान रेसिपी, खाने वाले भी बोलेंगे कमाल का है स्वाद The post Green Moong Idli: सुबह-सुबह ब्रेकफास्ट में हरी मूंग से तैयार करें लाजवाब इडली, जानें बनाने का तरीका  appeared first on Naya Vichar.

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Budget 2026: क्या आज चमकेगी आपकी किस्मत? सोने-चांदी की कीमतों पर वित्त मंत्री ले सकती हैं फैसला

Budget 2026: आज देश की नजरें संसद की ओर टिकी हैं, जहां वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण साल 2026 का बजट पेश करने जा रही हैं. इस बार के बजट में मध्यम वर्ग और ज्वेलरी कारोबारियों की सबसे बड़ी उम्मीद इंपोर्ट ड्यूटी में कटौती को लेकर है. अगर उम्मीदें हकीकत में बदलीं, तो आज से ही सोना और चांदी खरीदना आपके बजट में आ सकता है. क्या सोना होगा सस्ता? ड्यूटी पर टिकी नजरें बाजार के जानकारों का मानना है कि प्रशासन सोने-चांदी के आयात पर लगने वाले टैक्स (कस्टम ड्यूटी) में 2% की कटौती का ऐलान कर सकती है. वर्तमान में यह 6% है, जिसे घटाकर 4% किए जाने की प्रबल संभावना है. इसका असर क्या होगा? अगर ड्यूटी घटती है, तो सोने के दाम में सीधे तौर पर ₹3,000 प्रति 10 ग्राम की कमी आ सकती है. वहीं, चांदी के खरीदारों को प्रति किलो ₹6,000 तक की बड़ी राहत मिल सकती है. प्रशासन का मुख्य उद्देश्य सोने की अवैध तस्करी को रोकना और हिंदुस्तानीय ज्वेलरी उद्योग को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कॉम्पिटिटिव बनाना है. 2025 का सफर: जब चांदी ने सोने को भी पीछे छोड़ दिया बीता साल यानी 2025 निवेशकों के लिए गोल्डन ईयर साबित हुआ. जहां सोने ने 75% का रिटर्न दिया, वहीं चांदी ने 167% की छलांग लगाकर सबको हैरान कर दिया. आज की स्थिति यह है कि जनवरी 2026 में 24 कैरेट सोना 1.50 लाख रुपए और चांदी 3.50 लाख रुपए के स्तर को छू रही है. क्यों थम नहीं रही कीमतों की रफ्तार? युद्ध और व्यापारिक विवादों के बीच निवेशकों ने सुरक्षित निवेश के लिए सोने पर सबसे ज्यादा भरोसा जताया है. अमेरिकी ब्याज दरों में बदलाव से डॉलर गिरा है, जिससे वैश्विक बाजार में कीमती धातुओं के भाव बढ़ गए हैं. हिंदुस्तान समेत दुनिया भर के केंद्रीय बैंकों ने पिछले तीन सालों से रिकॉर्ड मात्रा में सोने की खरीदारी की है. चांदी की मांग अब सिर्फ गहनों तक सीमित नहीं है सोलर पैनल, चिप्स और इलेक्ट्रिक गाड़ियों में इसका इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है. सोने का ताजा भाव (Gold Rate Today) सोने की शुद्धता (Purity) रेट प्रति 1 ग्राम रेट प्रति 10 ग्राम रेट प्रति 100 ग्राम 24-कैरेट  ₹16,058 ₹1,60,580 ₹16,05,800 22-कैरेट  ₹14,720 ₹1,47,200 ₹14,72,000 18-कैरेट  ₹12,044 ₹1,20,440 ₹12,04,400 चांदी का आज का भाव (Silver Rate Today) वजन (Weight) आज की कीमत (Rate) 1 ग्राम ₹350 10 ग्राम ₹3,500 100 ग्राम ₹35,000 1 किलोग्राम ₹3,50,000 Also Read: आज खुलेगा Budget 2026 का पिटारा, इनकम टैक्स से लेकर किसान, रेलवे, शेयर बाजार तक बड़ी उम्मीदें The post Budget 2026: क्या आज चमकेगी आपकी किस्मत? सोने-चांदी की कीमतों पर वित्त मंत्री ले सकती हैं फैसला appeared first on Naya Vichar.

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Magh Purnima 2026: आज 1 फरवरी को है माघ पूर्णिमा, जानें धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व

रघोत्तम शुक्ल Magh Purnima 2026: जिस मास की पूर्णिमा तिथि को चंद्रदेव मघा नक्षत्र का भोग करते हैं, वही माघ मास कहलाता है। इस समय सूर्य उत्तरायण में होते हैं, जिससे उत्तरी गोलार्द्ध में ऊर्जा और ताप का संचार होता है. शिशिर ऋतु का यह काल न अधिक ठंडा होता है, न गर्म—इसलिए इसे जीवों के लिए सुखद और स्वास्थ्यवर्धक माना गया है. माघ मास का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है. इस पूरे महीने श्रद्धालु पवित्र नदियों, विशेषकर तीर्थराज प्रयाग के संगम पर निवास कर स्नान, ध्यान, जप और दान करके पुण्य अर्जित करते हैं. गंगा स्नान का महत्व तो शास्त्रों में बार-बार बताया गया है. पंडितराज जगन्नाथ ने गंगा लहरी में गंगा माता की महिमा का अत्यंत सुंदर वर्णन किया है— श्लोकप्रभाते स्नांतीनां नृपति रमणीनां कुचतटीगतो यावन्मातर्मिलति तव तोयैर्मृगमदः।मृगास्तावद्वैमानिक शत सहसैः परिवृताविशति स्वच्छंदं विमल वपुषो नंदनवनम्॥ अर्थ: हे मां गंगे! प्रभात काल में जब राजाओं की रानियां आपके जल में स्नान करती हैं, तब उनके शरीर से घुला कस्तूरी जल में मिल जाता है. उस कस्तूरी के प्रभाव से जिन मृगों से वह उत्पन्न हुई थी, उन्हें स्वर्ग से सहस्रों विमान लेने आते हैं और वे नंदनवन में विहार करते हैं. माघ पूर्णिमा का विशेष महत्व पूर्णिमा तिथि स्वयं में ही अत्यंत पुण्यदायी मानी गई है। वराह पुराण (अध्याय 35) के अनुसार इस तिथि का स्वामित्व ब्रह्मा जी ने औषधियों के धारक चंद्रदेव को दिया है. एक कथा के अनुसार, दक्ष प्रजापति के शाप से चंद्रदेव क्षीण हो गए थे. तब भगवान विष्णु के निर्देश पर समुद्र मंथन हुआ, जिससे चंद्रदेव पुनः निर्मल और तेजस्वी बने. भगवान शिव ने उनकी अमृतमयी द्वितीया कला को अपने मस्तक पर धारण किया और ब्रह्मा जी ने उन्हें पूर्णिमा तिथि का स्वामी बनाया। चूंकि इस कार्य की पूर्णता भगवान विष्णु द्वारा कराई गई, इसलिए माघ पूर्णिमा के दिन विष्णु और लक्ष्मी जी के पूजन तथा व्रत का विधान है. स्नान, दान और व्रत की महिमा पद्म पुराण (अध्याय 219–250) में माघ पूर्णिमा का विस्तार से वर्णन है. इस दिन किया गया स्नान, दान और उपवास भोग और मोक्ष—दोनों देने वाला बताया गया है। विशेष रूप से तिल दान की महिमा अत्यधिक है, क्योंकि तिल को भगवान विष्णु के पसीने से उत्पन्न माना गया है। यज्ञ, श्राद्ध और दान में तिल का प्रयोग अनिवार्य है. दान की अन्य श्रेष्ठ वस्तुएं हैं—फल, अन्न, कपास, कंबल, घी, गुड़, मोदक आदि. शास्त्र कहते हैं कि बिना दान के स्नान का फल नहीं मिलता, वह केवल औपचारिक रह जाता है. दान सात्विक होना चाहिए। गीता में कहा गया है— श्लोक (गीता 17.20)दातव्यमिति यद्दानं दीयतेऽनुपकारिणे।देशे काले च पात्रे च तद्दानं सात्विकं स्मृतम्॥ अर्थ: जो दान कर्तव्य समझकर, बिना किसी प्रतिफल की इच्छा के, उचित देश, काल और पात्र को दिया जाता है, वही सात्विक दान कहलाता है. ये भी पढ़ें:  आज माघ पूर्णिमा पर राशि के अनुसार करें सुख-समृद्धि के लिए स्नान-दान पूजा विधि और कथा माघ पूर्णिमा के दिन प्रातः स्नान के बाद लक्ष्मी-विष्णु की प्रतिमा स्थापित करें। पहले गणेश पूजन करें, फिर विष्णु-लक्ष्मी की विधिपूर्वक पूजा करें। सत्यनारायण कथा का श्रवण करें, यथाशक्ति दान दें और सायंकाल उदित चंद्रमा को अर्घ्य देकर चंद्रदेव की आराधना करें. पद्म पुराण में सुव्रत नामक ब्राह्मण की कथा आती है, जो जीवन में लोभी था. उसका सारा धन नष्ट हो गया. उसने माघ मास में प्रयाग में स्नान किया और कुछ दिनों बाद वहीं देह त्याग दी। उसे स्वर्ग और मोक्ष की प्राप्ति हुई. गोस्वामी तुलसीदास जी कहते हैं— श्लोक कासी विधि वस तनु तजे, हठि तनु तजे प्रयाग।तुलसी जो फल सो सुलभ राम नाम अनुराग॥ इस प्रकार माघ मास और विशेषकर माघ पूर्णिमा का दिन स्नान, दान, पूजन और व्रत के लिए अत्यंत पुण्यदायी है. श्रद्धा और सात्विक भाव से किया गया यह कर्म जीवन को शुद्ध, सुखी और मोक्षमार्ग की ओर अग्रसर करता है. The post Magh Purnima 2026: आज 1 फरवरी को है माघ पूर्णिमा, जानें धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व appeared first on Naya Vichar.

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