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February 1, 2026

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38 केंद्रों पर इंटरमीडिएट की परीक्षा आज से , 23,485 परीक्षार्थी होंगे

– छात्राओं के लिए बनाये गये 17 परीक्षा केंद्र – 11,857 छात्रा व 11,628 छात्र परीक्षार्थी देंगे परीक्षा सुपौल. दो फरवरी से जिले के 38 परीक्षा केंद्रों पर इंटरमीडिएट की परीक्षा ली जायेगी. शिक्षा विभाग इसकी तैयारी में पूरी कर ली गयी है. इंटरमीडिएट की परीक्षा के लिए जिले भर में 38 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जिसमें छात्राओं के लिए 17 व छात्रों के लिए 21 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं. कुल 23 हजार ,485 परीक्षार्थी परीक्षा देंगे. इसमें 11,857 छात्रा और 11,628 छात्र परीक्षार्थी शामिल है. इस वर्ष इंटरमीडिएट परीक्षा में छात्रों की तुलना में छात्राओं की संख्या अधिक रहने वाली है, जो जिले में शिक्षा के प्रति बढ़ती जागरूकता और बालिकाओं की भागीदारी को दर्शाता है. कदाचार मुक्त परीक्षा संपन्न कराने को लेकर केंद्रों पर सीसीटीवी व वीडियोग्राफी करायी जायेगी. परीक्षा को लेकर जिला नियंत्रण कक्ष की स्थापना की गयी है. इसके लिए पदाधिकारी व कर्मी प्रतिनियुक्त किये गये हैं. 30 मिनट पहले केंद्र पर पहुंचेगे परीक्षार्थी परीक्षार्थियों को परीक्षा भवन में परीक्षा शुरू होने के 30 मिनट पूर्व तक ही प्रवेश कर लेना है. विलंब से आने वाले परीक्षार्थियों को परीक्षा में शामिल होने की अनुमति नहीं दी जायेगी. इतना ही नहीं परीक्षा में शामिल होने वाले सभी परीक्षार्थियों के लिए जूता-मौजा पहनकर परीक्षा केंद्र पर प्रवेश करना वर्जित रहेगा. परीक्षार्थी जूता-मौजा की जगह चप्पल पहनकर ही परीक्षा में प्रवेश करेंगे. परीक्षा केंद्र के मुख्य द्वार पर तलाशी के दौरान प्रतिनियुक्त दंडाधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे की परीक्षा कक्ष में कोई भी परीक्षार्थी व वीक्षक इलेक्ट्रॉनिक उपकरण लेकर नहीं जा रहे हैं. इसके बाद ही हॉल में प्रवेश करना दिया जायेगा. सभी केंद्रों पर दंडाधिकारी व पुलिस बल की होगी तैनाती कदाचारमुक्त परीक्षा संचालन के लिए प्रशासन ने कड़े कदम उठाए हैं. सभी परीक्षा केंद्रों पर दंडाधिकारी एवं पुलिस बल की तैनाती की गई है. संवेदनशील और अति संवेदनशील केंद्रों पर अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था की गई है. परीक्षा केंद्रों के आसपास धारा 144 लागू रहेगी, ताकि किसी भी प्रकार की भीड़ या अव्यवस्था से बचा जा सके. इसके अलावा, केंद्रों पर मोबाइल फोन, इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स और अन्य प्रतिबंधित सामग्री ले जाने पर सख्त रोक रहेगी. परीक्षार्थियों में भी परीक्षा को लेकर खासा उत्साह देखा जा रहा है. परीक्षा शुरू होने से पहले ही छात्र-छात्राएं अपनी तैयारी को अंतिम रूप देने में जुटे हैं. कोचिंग संस्थानों और विद्यालयों में रिवीजन क्लासेस का दौर जारी है. वहीं अभिभावक भी बच्चों के भविष्य को लेकर गंभीर नजर आ रहे हैं और उन्हें बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं. छात्रों के लिए बनाये गये परीक्षा केंद्र जिले में स्वच्छ व कदाचारमुक्त वातावरण में इंटरमीडिएट परीक्षा संपन्न कराने को लेकर छात्रों के लिए 17 परीक्षा केंद्र बनाये गये हैं. जिसमें चेतमणि मध्य विद्यालय सुखपुर, प्लस टू उच्च माध्यमिक विद्यालय सुखपुर, मध्य विद्यालय बलवा पुनर्वास, मध्य विद्यालय बेलही, मध्य विद्यालय कुमरगंज, उच्च माध्यमिक विद्यालय किशनपुर, भागीरथ हाईस्कूल निर्मली, एसडीएसके भुवनेश्वरी प्लस टू हाई स्कूल हरदी, स्व पूरन सिंह हाई स्कूल मल्हनी, मध्य विद्यालय सिसौनी, मध्य विद्यालय कर्णपुर, मध्य विद्यालय पथरा, उत्क्रमित मध्य विद्यालय चौहट्टा किशनपुर, मध्य विद्यालय बगही पिपरा, मध्य विद्यालय करिहो, उर्दू मध्य विद्यालय सुपौल, जगन्नाथ मिश्रा इंटर महाविद्यालय सुपौल शामिल है. छात्राओं के लिए बनाये गये केंद्र इंटरमीडिएट परीक्षा संपन्न कराने को जिले में छात्राओं के लिए कुल 21 परीक्षा केंद्र बनाये गये हैं. जिसमें सुपौल प्लस टू हाई स्कूल सुपौल, आरबीबी गर्ल्स हाई स्कूल सुपौल, टीसी हाई स्कूल चकला निर्मली, मध्य विद्यालय गौरवगढ़, हजारी प्लस टू हाई स्कूल गौरवगढ़, बबुजन आदर्श मध्य विद्यालय चकला निर्मली, जया स्त्री कॉलेज वीरपुर, एलकेए हाई स्कूल वीरपुर, आदर्श कोशी स्त्री इंटर कॉलेज वीरपुर, केएस कॉलेज वीरपुर, एमएस वीरपुर शालीवासा, यूएचएस बसंतपुर, गर्वमेंट हाई स्कूल वीरपुर, आरकेबीए हाई स्कूल त्रिवेणीगंज, प्रोजेक्ट गर्ल्स हाई स्कूल त्रिवेणीगंज, ललित नारायण विज्ञान इंटर कॉलेज त्रिवेणीगंज, हाई स्कूल त्रिवेणीगंज, पवित्र हृदय हाई स्कूल लतौना मिशन त्रिवेणीगंज, गर्ल्स मिडिल स्कूल निर्मली, प्रोजेक्ट बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय निर्मली व हाई स्कूल निर्मली शामिल हैं. The post 38 केंद्रों पर इंटरमीडिएट की परीक्षा आज से , 23,485 परीक्षार्थी होंगे appeared first on Naya Vichar.

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Vastu Tips for Money: घर की इस दिशा में रखें तिजोरी, खिंची चली आएगी लक्ष्मी, कभी नहीं होगी धन की कमी

Vastu Tips for Money: मेहनत तो हर कोई करता है, लेकिन पैसा उन्हीं के पास टिकता है जिनकी तिजोरी सही दिशा में हो. क्या आप जानते हैं कि घर का एक गलत कोना आपकी जमा पूंजी को पानी की तरह बहा सकता है? वास्तु शास्त्र के अनुसार, तिजोरी सिर्फ पैसे रखने का डिब्बा नहीं, बल्कि लक्ष्मी को बुलाने का यंत्र है. अगर आप भी तंगी और कर्ज से परेशान हैं, तो आज ही जान लें वो एक सीक्रेट दिशा जो रातों-रात आपकी तिजोरी का भाग्य बदल सकती है. धन लाभ के लिए सबसे शुभ दिशा वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर का दक्षिण-पश्चिम कोना सबसे मजबूत माना जाता है. अगर आप अपनी तिजोरी को इस कोने में रखते हैं, तो घर में धन बढ़ता है और फालतू खर्चे कम होते हैं. आपको इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि तिजोरी का दरवाजा हमेशा उत्तर दिशा की ओर ही खुले. उत्तर दिशा को भगवान कुबेर की दिशा माना जाता है, जिससे घर में पैसा आता रहता है. इन जगहों पर कभी न रखें अपनी तिजोरी अक्सर लोग अपनी सुविधा के हिसाब से कहीं भी पैसा रख देते हैं, लेकिन यह गलत है. सीढ़ियों के नीचे तिजोरी रखने से घर पर कर्ज का बोझ बढ़ता है. इसी तरह, छत के बीम के नीचे तिजोरी रखने से व्यापार में घाटा हो सकता है. बाथरूम या शौचालय के ठीक सामने कभी भी धन नहीं रखना चाहिए, क्योंकि इससे लक्ष्मी जी रुष्ट हो जाती हैं. तिजोरी में रखें ये शुभ चीजें तिजोरी के अंदर कुछ खास चीजें रखने से उसकी बरकत बढ़ जाती है. तिजोरी के अंदर हमेशा एक लाल रंग का साफ कपड़ा बिछाकर रखना चाहिए. इसके अलावा, तिजोरी के अंदर एक छोटा सा शीशा जरूर लगाएं. जब आप तिजोरी खोलते हैं और उसमें पैसों की फोटो दिखती है, तो यह धन को बढ़ाने का काम करता है. चांदी का एक सिक्का रखने से भी घर में सुख-शांति और पैसा बना रहता है. The post Vastu Tips for Money: घर की इस दिशा में रखें तिजोरी, खिंची चली आएगी लक्ष्मी, कभी नहीं होगी धन की कमी appeared first on Naya Vichar.

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Budget 2026 : 2047 तक कितना जीडीपी हो, तो भारत बन सकता है विकसित राष्ट्र?

Budget 2026-27:  वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने  3 कर्तव्यों को पूरा करने के संकल्प के साथ साल 2026–27 का बजट पेश किया है. यह बजट हिंदुस्तान के उस सपने की ओर इशारा करता है, जो 2047 तक हिंदुस्तान को एक विकसित राष्ट्र बना सकता है. इस बजट पर गौर करें, तो पता चलता है कि यह यह बजट कैपिसिटी बिल्डिंग और सबके ग्रोथ को प्रमोट करने कोशिश है. आइए समझते हैं कि इस बजट में आखिर ऐसा क्या है, जो हिंदुस्तान को 2047 तक एक विकसित राष्ट्र की श्रेणी में लेकर जा सकता है. विकास की गति एक समान और सबके लिए विकास  वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट भाषण में यह स्पष्ट किया है कि प्रशासन ने तीन कर्तव्य को पूरा करने के लिए संकल्प लिया है. प्रशासन के ये तीन कर्तव्य हैं –  आर्थिक विकास को तेज करना और उसे बनाये रखना जनता की उम्मीदों को पूरा करना सबका साथ, सबका विकास के विजन को लक्ष्य तक पहुंचाना ये तीनों कर्तव्य अगर पूरे किए जाते हैं, तो यह कहा जा सकता है कि हिंदुस्तान विकसित राष्ट्र की श्रेणी में शामिल होने के लिए एक कदम आगे बढ़ा रहा है. विकसित राष्ट्र के सपने की ओर एक कदम, लेकिन गति और बढ़ानी होगी : अर्थशास्त्री हरिश्वर दयाल  प्रसिद्ध अर्थशास्त्री हरिश्वर दयाल ने नया विचार के साथ खास बातचीत में बताया कि प्रशासन ने तीन कर्तव्य की बात कही है. सस्टेनेबल ग्रोथ, कैपिसिटी बिल्डिंग और सबके विकास की बात है. 2047 तक विकसित राष्ट्र की श्रेणी में पहुंचने के लिए प्रशासन ने जो सपना देखा है, इस बजट को उस ओर एक प्रयास कहा जा सकता है. ग्रोथ को प्रमोट करने के लिए एग्रीकल्चर, इंडस्ट्री, रोजगार, नयी तकनीक, क्लाइमेंट चेंज, एजुकेशन, स्वास्थ्य और स्त्री सशक्तिकरण जैसे क्षेत्रों में प्रशासन ने जिस तरह ग्रोथ की कोशिश की है, वह अच्छा है. बावजूद इसके 2047 के लक्ष्य तक पहुंचने के लिए विकास की गति को ना सिर्फ तेज करना होगा, बल्कि उस गति को बनाए रखना भी होगा. प्रशासन ने स्किल्ड डेवलपमेंट के लिए कई यूनिवर्सिटी में इंवेस्ट करने की बात कही है, इसकी वजह यह है कि ह्यूमन रिसोर्स की कमी है, खासकार स्किल्ड रिसोर्स की. नवाचार यानी नयी तकनीक पर भी प्रशासन खर्च कर रही है. सेमी कंडक्टर, एआई तकनीक इसके प्रमुख उदाहरण हैं. एमएसएमई को प्रशासन काफी प्रमोट कर रही है, इसकी वजह यह है कि इसके जरिए काफी संख्या में रोजगार सृजित होते हैं.  ग्रोथ के लिए राज्यों को ज्यादा सशक्त करने की जरूरत विकसित हिंदुस्तान के सपने को साकार करने के यह जरूरी है कि डेवलपमेंट के आउट कम को देश के हर व्यक्ति तक पहुंचाया जाए. उक्त बातें अर्थशास्त्री हरिश्वर दयाल ने कही. ग्रोथ का बैलेंस बनाने की जरूरत है, इसके लिए लखपति दीदियों को प्रशासन ने टारगेट किया है. यह स्त्री सशक्तिकरण का बढ़िया प्रयास है. ग्रोथ हर सेक्टर में नजर आना चाहिए. इसके लिए राज्यों को ज्यादा सशक्त करने की जरूरत है, क्योंकि विकास को हर तबके तक पहुंचाने के लिए राज्यों का सहयोग बहुत जरूरी है. इसके लिए जरूरी है कि केंद्र प्रशासन, राज्यों को ज्यादा ग्रांट दे. राज्यों को 16वें वित्त आयोग के तहत ग्रांट दिया जा रहा है, इसे और अधिक करने की जरूरत है. प्रशासन ने बजट में पूर्वोदय की बात कही है, जिसके तहत नाॅर्थ–ईस्ट के राज्यों को विकसित करने की बात कही गई है. यह अच्छी योजना है, लेकिन सस्टेनबल और सबका ग्रोथ तभी होगा जब और अन्य वंचित राज्यों जैसे पूर्व के अन्य राज्य बिहार, झारखंड, बंगाल और ओडिशा को ग्रांट दिया जाए और उनका विकास हो.   जीडीपी कितना हो तो हिंदुस्तान बन सकता है विकसित राष्ट्र? देश GDP का आकार (2025) औसत वास्तविक ग्रोथ (पिछले 5 वर्ष में) प्रमुख विकास क्षेत्र United States (USA) ~$30.5 ट्रिलियन लगभग 2–3% प्रति वर्ष सेवा क्षेत्र, तकनीक, उपभोक्ता खर्च, वित्तीय सेवाएं China ~$19.2 ट्रिलियन लगभग 4–5% प्रति वर्ष विनिर्माण, निर्यात, डिजिटल और तकनीकी निवेश Germany ~$4.7–5.0 ट्रिलियन लगभग 0–1% ऑटोमोबाइल, मशीनरी, निर्यात-आधारित उद्योग India ~$4.1–4.2 ट्रिलियन लगभग 6–7%+ प्रति वर्ष सेवाएं, विनिर्माण, घरेलू खपत, डिजिटल/स्टार्टअप हिंदुस्तान को अभी विश्व की चौथी सबसे बड़ी वित्तीय स्थिति माना जाता है. हिंदुस्तान लगभग $3.8–$3.9 ट्रिलियन की वित्तीय स्थिति बन चुका है और इसकी विकास दर 2025 में 6.5% रही जिसके 2026 में 7.4% रहने का अनुमान है. आर्थिक जगत के विशेषज्ञों की राय है कि अगर हिंदुस्तान को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनना है तो उसे अपनी विकास दर 7–8% के आसपास लगातार बनाकर रखनी होगी. साथ ही उसे समावेशी और सतत यानी लगातार और सबका विकास करना होगा, तभी यह लक्ष्य प्राप्त हो सकता है. इसके साथ ही  रोजगार-आधारित विकास, विनिर्माण और सेवा क्षेत्र, स्त्री सशक्तिकरण, इंफ्रास्ट्रक्चर और ग्रीन एनर्जी पर भी काम करना होगा. विभिन्न विषयों पर एक्सप्लेनर और विशेष आलेख पढ़ने के लिए क्लिक करें अमेरिका की जीडीपी विकास दर है 2–3.5% अमेरिका विश्व की सबसे बड़ी वित्तीय स्थिति है, लेकिन उसकी विकास दर महज 2–3.5% है. यहां गौर करने वाली बात यह है कि अमेरिका का विकास दर कम है,  लेकिन उनके विकास दर की खास बात यह है कि वह  लगातार एक समान बना हुआ है. इसी तरह चीन की विकास दर को देखें, तो वो अमेरिका से ज्यादा है. वहां की विकास दर 4–5% प्रति वर्ष है. जर्मनी में भी विकास दर धीमी है. इस लिहाज से अगर हिंदुस्तान 7–8% की विकास दर और सतत और समावेशी विकास को कायम रख पाए, तो 2047 का सपना साकार हो सकता है. ये भी पढ़ें : Budget 2026-27: निर्मला की सुधार एक्सप्रेस करेगी इंस्फ्राट्रक्चर में बड़ा बदलाव,  7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर; 20 नये वॉटर वे बनेंगे Menstrual Hygiene :  सुप्रीम कोर्ट ने क्यों कहा– मेंस्ट्रुअल हाइजीन लड़कियों का संवैधानिक अधिकार? The post Budget 2026 : 2047 तक कितना जीडीपी हो, तो हिंदुस्तान बन सकता है विकसित राष्ट्र? appeared first on Naya Vichar.

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बजट 2026 में निर्मला सीतारमण ने 11 बार लिया AI का नाम, स्कूल से खेत तक बदलेगी तस्वीर

हिंदुस्तान का यूनियन बजट 2026 इस बार पूरी तरह से टेक्नोलॉजी के रंग में रंगा नजर आया. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने भाषण में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का उल्लेख रिकॉर्ड 11 बार किया. यह आंकड़ा अब तक के किसी भी हिंदुस्तानीय बजट भाषण में सबसे ज्यादा है. साफ है कि प्रशासन अब AI को केवल एक तकनीकी ट्रेंड नहीं, बल्कि देश की आर्थिक और सामाजिक प्रगति का आधार मान रही है. गवर्नेंस में AI की ताकत प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आने वाले समय में गवर्नेंस और प्रशासनी सेवाओं में AI को बड़े पैमाने पर शामिल किया जाएगा. इसे “फोर्समल्टीप्लायर” की तरह इस्तेमाल किया जाएगा, ताकि कम समय में ज्यादा और बेहतर काम हो सके. योजनाओं की डिलीवरी तेज और सटीक होगी, जिससे आम नागरिकों तक लाभ बिना देरी के पहुंचेगा. शिक्षा और स्किल्स में बड़ा बदलाव बजट में यह भी घोषणा हुई कि स्कूल स्तर से ही बच्चों को AI की शिक्षा दी जाएगी. नेशनल करिकुलम में AI मॉड्यूल जोड़े जाएंगे और शिक्षकों को भी ट्रेनिंग दी जाएगी. इससे आने वाली पीढ़ी टेक-रेडी बनेगी. साथ ही AIप्लैटफॉर्म्स युवाओं को सही नौकरी और ट्रेनिंग से जोड़ेंगे. बदलते जॉब रोल और स्किल्स का विश्लेषण कर प्रोफेशनल्स को अपस्किल और रिस्किल करने में मदद मिलेगी. कृषि और स्वास्थ्य में नई दिशा AI का इस्तेमाल केवल आईटी सेक्टर तक सीमित नहीं रहेगा. खेती में AgriStack पोर्टल्स और ICAR पैकेज के साथ किसानों को आधुनिक खेती की जानकारी मिलेगी. हेल्थकेयर में दिव्यांग लोगों के लिए AI आधारित असिस्टिव डिवाइस तैयार किए जाएंगे. ALIMCO जैसे संस्थान इन प्रोडक्ट्स पर काम करेंगे. इससे ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में जीवन की गुणवत्ता बेहतर होगी. सुरक्षा और नई AI पहलें कस्टम और सुरक्षा विभागों में AI आधारित रिस्क असेसमेंट सिस्टम लगाए जाएंगे. एडवांस स्कैनिंग और इमेजिंग टेक्नोलॉजी से जांच प्रक्रिया तेज होगी. इसके अलावा हिंदुस्तान-विस्तार (Bharat-VISTAAR) नाम का मल्टीलिंगुअलAI टूल पेश किया गया है, जो अलग-अलग भाषाओं में सेवाओं की पहुंच आसान बनाएगा. डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और निवेश प्रशासन ने डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए बड़े टैक्स इंसेंटिव दिए हैं. विदेशी कंपनियों को 2047 तक टैक्स हॉलिडे मिलेगा, अगर वे हिंदुस्तान से डेटा सेंटर सर्विस देकर दुनिया को क्लाउड सेवाएं दें.Google पहले ही विशाखापत्तनम में 15 बिलियन डॉलर का AI आधारित डेटा सेंटर निवेश घोषित कर चुका है. साथ ही सेमीकंडक्टर सेक्टर के लिए 40,000 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है, ताकि हिंदुस्तान चिप मैन्युफैक्चरिंग में आत्मनिर्भर बन सके. यह भी पढ़ें: बजट 2026: हिंदुस्तान ने आईटी और टेलीकॉम पर लगाया बड़ा दांव, देखिए अमेरिका-चीन-रूस-पाकिस्तान के आगे कितना दमदार यह भी पढ़ें: Budget 2026 में प्रशासन का बड़ा फैसला, मोबाइल बैटरी और EV के पार्ट्स पर ड्यूटी छूट जारी The post बजट 2026 में निर्मला सीतारमण ने 11 बार लिया AI का नाम, स्कूल से खेत तक बदलेगी तस्वीर appeared first on Naya Vichar.

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Chaibasa: नोवामुंडी कॉलेज में सड़क सुरक्षा कार्यशाला, नाबालिगों को वाहन न चलाने देने की अपील

Chaibasa: सड़क पर की गई एक छोटी-सी गलती भी जानलेवा साबित हो सकती है. इसी कड़वे सच को लोगों तक पहुंचाने के उद्देश्य से नोवामुंडी कॉलेज के अंबेडकर हॉल में कॉलेज की एनएसएस इकाई की ओर से सड़क सुरक्षा माह के अंतर्गत एक दिवसीय सड़क सुरक्षा कार्यशाला का आयोजन किया गया. कार्यक्रम की शुरुआत सड़क सुरक्षा जागरुकता रैली से हुई, जो नोवामुंडी बाजार की मुख्य सड़क से होते हुए एसबीआई बैंक तक निकाली गई. रैली को नोवामुंडी थाना की सब-इंस्पेक्टर पूर्णिमा कुमारी और कॉलेज के प्राचार्य डॉ मनोजित विश्वास ने संयुक्त रूप से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. छात्रों ने सड़क सुरक्षा के नारे लगाए रैली में छात्रों ने हाथों में तख्तियां लेकर ‘नाबालिगों को वाहन न दें’, ‘हेलमेट आपकी सुरक्षा है’ जैसे नारे लगाए. कॉलेज में आयोजित कार्यशाला में पूर्णिमा कुमारी के साथ टीएसएफ हेड (इंपैक्ट क्लस्टर) तुलसीदास गणवीर, टीएसएफ सेफ्टी इंचार्ज मैनेजर हिमांशु शेखर खांडूवाला, डॉ नरेंद्र कश्यप (टीएसएफ) और कॉलेज कमिटी के सदस्य सनत प्रधान मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे. कार्यक्रम के दौरान सड़क सुरक्षा को लेकर निबंध एवं पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया, जिसमें छात्रों ने बेहतरीन पोस्टर बनाकर यातायात नियमों का संदेश दिया. पोस्टर प्रतियोगिता के विजेता प्रथम पुरस्कार – प्रियंका घोषद्वितीय पुरस्कार – गुरुचरण लागुरीतृतीय पुरस्कार – दीपक बेहरा निबंध प्रतियोगिता के विजेता प्रथम पुरस्कार – पलक राम महतोद्वितीय पुरस्कार – संजना गोपतृतीय पुरस्कार – अंकुश महंतासभी विजेताओं को अतिथियों के हाथों आकर्षक उपहार देकर सम्मानित किया गया. कार्यशाला को संबोधित करते हुए पूर्णिमा कुमारी ने कहा, ‘वाहन चलाते समय हेलमेट और सीट बेल्ट का उपयोग न करना और नाबालिगों को गाड़ी सौंपना अपराध है. नोवामुंडी थाना क्षेत्र में हुई कई दुर्घटनाएं केवल लापरवाही और नियमों की अनदेखी का परिणाम है. यदि अभिभावक जिम्मेदारी समझें और नियमों का पालन करें, तो सड़क हादसों को रोका जा सकता है.’ टीएसएफ हेड तुलसीदास गणवीर ने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल पुलिस या प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के हर नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है. जागरुकता और अनुशासन ही सुरक्षित भविष्य की कुंजी है. स्वागत भाषण में प्रो कुलजिंदर सिंह ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम छात्रों को जिम्मेदार नागरिक बनाते हैं और उन्हें जीवन की वास्तविक चुनौतियों के लिए तैयार करते हैं. मंच संचालन प्रो साबिद हुसैन ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन प्रो डॉ मुकेश सिंह ने किया. इस अवसर पर कॉलेज के शिक्षक-शिक्षकेतर कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे. कार्यक्रम का मुख्य संदेश स्पष्ट था, नियमों का पालन करें, नाबालिग बच्चों को वाहन न चलाने दें, सुरक्षा को आदत बनाएं, मजबूरी नहीं, हमेशा हेलमेट पहने केवल पुलिस को देख कर नहीं, अपने लिए और अपने परिवार के लिए, अच्छे ब्रांड का हेलमेट ही रखें. इसे भी पढ़ें… अबुआ दिशोम बजट के लिए यूपीएससी अभ्यर्थी की 8 मांगें मंजूर, आप भी दे सकतें है अपना सुझाव गरीब, मजदूर, किसानों का बजट; Budget 2026 को पूर्व CM चंपाई सोरेन ने विकास को गति देने वाला बताया The post Chaibasa: नोवामुंडी कॉलेज में सड़क सुरक्षा कार्यशाला, नाबालिगों को वाहन न चलाने देने की अपील appeared first on Naya Vichar.

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Chanakya Niti: ताज नहीं, राजा बनने के लिए आपके अंदर होने चाहिए ये 5 गुण, चाणक्य की सबसे बड़ी सीख!

Chanakya Niti: आचार्य चाणक्य को अपने समय के सबसे ज्ञानी और बुद्धिमान पुरुष के तौर पर भी जाना जाता है. वे सिर्फ एक महान शिक्षक और पॉलिटिशियन ही नहीं थे बल्कि मानव स्वभाव की भी उन्हें गहरी समझ थी. कहा जाता है कि अगर कोई व्यक्ति सुखी और समृद्ध जीवन जीना चाहता है, तो उसे चाणक्य की बताई गई नीतियों का पालन जरूर करना चाहिए. आचार्य चाणक्य ने अपनी नीतियों में कुछ ऐसी खूबियों का जिक्र किया है, जिनके होने से कोई भी इंसान एक राजा जैसी जिंदगी जी सकता है. चाणक्य के अनुसार राजा होना केवल सिंहासन पर बैठने से नहीं होता, बल्कि अपने व्यवहार, सोच और सही समय पर सही फैसले लेने की क्षमता से होता है। आज इस लेख में हम आपको उन्हीं 5 खास गुणों के बारे में बताएंगे, जिनके होने पर कोई भी इंसान अंदर से एक राजा जैसा जीवन जी सकता है. खुद पर कंट्रोल रखना सबसे बड़ी ताकत आचार्य चाणक्य के अनुसार जो भी इंसान अपने मन, गुस्से और इच्छाओं पर कंट्रोल रखना सीख जाता है, असलियत में राजा वही होता है. अगर आप बिना सोचे-समझे गुस्सा करते हैं या फिर अपनी हर इच्छा के पीछे सिर्फ भागते रहते हैं तो आपकी यह आदत आपको कमजोर बना देती है. जब आप खुद पर कंट्रोल रखना सीख जाते हैं तो मुश्किल हालातों में भी सही फैसला ले पाना आपके लिए आसान हो जाता है. अगर किसी इंसान में यह गुण हो तो वह दूसरों के लिए भी आदर्श व्यक्ति बन सकता है और साथ ही समाज में सम्मान पाता है. यह भी पढ़ें: Chanakya Niti: ये आदतें इंसान को बना देती हैं मानसिक रूप से कमजोर, चाणक्य ने सालों पहले दी थी चेतावनी बुद्धि का इस्तेमाल करने की आदत आचार्य चाणक्य ने अपनी नीतियों में बुद्धि को सबसे बड़ी ताकत बताया है. वे कहते हैं कि अगर आप एक राजा जैसी जिंदगी जीना चाहते हैं तो आपको किसी भी काम को जल्दबाजी में करने से बचना चाहिए. अगर आप सोच समझकर और दिमाग का इस्तेमाल करके सही फैसले लेते हैं तो जीवन में आपको नुकसान कम होता है. चाणक्य कहते हैं कि एक बुद्धिमान व्यक्ति वही होता है जो दूसरों की बातों को सुनता है, हालात को समझता है और फिर उसके बाद ही अपने कदम को आगे बढ़ाता है. उसकी यह खूबी उसे दूसरों से अलग बनाती है. सही समय का इंतजार करना सीखना चाणक्य नीति के अनुसार जिस इंसान में धैर्य न हो वह जीवन में कभी भी बड़ा नहीं बन सकता है. अगर आप एक राजा जैसा जीवन जीने की चाह रखते हैं तो अपने अंदर इस गुण का होना काफी ज्यादा जरूरी है. चाणक्य के अनुसार हर चीज तुरंत ही आपको मिल जाए ऐसा कभी भी जरूरी नहीं है. कई बार आपके लिए सही समय का इंतजार करना ही सबसे बड़ी समझदारी भरा फैसला होता है. जो भी इंसान कठिन हालातों में शांत रहना जानता है वही जीवन में आगे चलकर बड़ी सफलताएं हासिल करता है. यह भी पढ़ें: Chanakya Niti: घर में हों ये 3 चीजें तो खुद चलकर आती हैं मां लक्ष्मी! अमीर बनने का है सपना तो आप भी जान लें डिसिप्लिन में रहकर ही मिलती है ताकत आचार्य चाणक्य के अनुसार किसी भी इंसान के जीवन में डिसिप्लिन का होना काफी ज्यादा जरूरी हो जाता है. किसी भी इंसान के जीवन का ये काफी अहम स्तम्भ होता है. जब कोई भी इंसान अपने जीवन में नियमों को बनाकर उसी के हिसाब से चलता है तो उसका जीवन पूरा सुलझा हुआ रहता है. अपने सभी कामों को समय पर करना, जिम्मेदारियों को समझना और सभी कर्तव्यों को निभाना एक राजा की सबसे बड़ी खूबी होती है. जब आपके अंदर डिसिप्लिन होता है तो लोग आप पर भरोसा करते हैं और साथ ही आपको दूसरों का नेतृत्व करने का भी मौका मिलता है. दूसरों का सम्मान और सभी को साथ लेकर चलने का गुण चाणक्य नीति के अनुसार एक असली राजा वही होता है जो दूसरों का सम्मान करना जानता है. चाणक्य कहते हैं कि जीवन में आगे बढ़ने के लिए दूसरों के साथ अच्छे से पेश आना काफी ज्यादा जरूरी हो जाता है. इंसान के अंदर का घमंड उसे नीचे गिरा देता है जबकि विनम्रता उसे नयी ऊंचाइयों तक पहुंचाती है. जो भी इंसान दूसरों की मदद करता है और साथ ही दूसरों का सम्मान भी करता है, वही जीवन में लंबे समय तक सफल रह पाता है. यह भी पढ़ें: Chanakya Niti: आज लिए गए ये छोटे फैसले बदल देंगे आपकी पूरी जिंदगी, सफलता और सुख का राज छिपा है चाणक्य की इन नीतियों में Disclaimer: यह आर्टिकल सामान्य जानकारियों और मान्यताओं पर आधारित है. नया विचार इसकी पुष्टि नहीं करता है. The post Chanakya Niti: ताज नहीं, राजा बनने के लिए आपके अंदर होने चाहिए ये 5 गुण, चाणक्य की सबसे बड़ी सीख! appeared first on Naya Vichar.

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Chanakya Niti For Students: किस्मत नहीं, मजबूत इच्छाशक्ति लिखती है सफलता की कहानी – चाणक्य की छात्रों को चेतावनी

Chanakya Niti For Students: आचार्य चाणक्य के अनुसार मनुष्य की मजबूत इच्छाशक्ति (Strong Will Power) के सामने भाग्य भी हार मान लेता है. खासतौर पर छात्रों के जीवन में चाणक्य नीति का यह सिद्धांत बेहद प्रेरणादायक है, क्योंकि पढ़ाई, करियर और जीवन के लक्ष्य पाने में इच्छाशक्ति ही सबसे बड़ा हथियार होती है. कड़ी इच्छाशक्ति की ताकत (Power of Strong Will Power) चाणक्य कहते हैं कि जो व्यक्ति अपने लक्ष्य को लेकर स्पष्ट है और उसे पाने के लिए दृढ़ संकल्प रखता है, उसे कोई भी बाधा रोक नहीं सकती. कमजोर इच्छाशक्ति वाला इंसान परिस्थितियों को दोष देता है, जबकि मजबूत इच्छाशक्ति वाला व्यक्ति परिस्थितियों को बदल देता है. छात्रों के लिए यह सीख बेहद महत्वपूर्ण है. परीक्षा का डर, असफलता की चिंता या संसाधनों की कमी – ये सब तभी तक बड़ी लगती हैं, जब तक इच्छाशक्ति कमजोर हो. जैसे ही संकल्प मजबूत होता है, रास्ते अपने आप बनने लगते हैं. Chanakya Niti के अनुसार, लक्ष्य स्पष्ट हो निरंतर प्रयास हो धैर्य और अनुशासन बना रहे तो सफलता निश्चित है. यही कारण है कि कहा जाता है – किस्मत भी मेहनती और दृढ़ इच्छाशक्ति वाले व्यक्ति का साथ देती है. Strong Will Power Quotes: चाणक्य नीति से प्रेरित जिस व्यक्ति की इच्छाशक्ति मजबूत होती है, उसके लिए कुछ भी असंभव नहीं. भाग्य उसी का साथ देता है, जो स्वयं पर विश्वास करता है. संकल्प में शक्ति हो तो असफलता भी सफलता का मार्ग बन जाती है. कमजोर मन बहाने खोजता है, मजबूत मन समाधान. यह भी पढ़ें: Chanakya Niti के अनुसार Planning में ये 3 बातें नहीं अपनाईं तो हार पक्की यह भी पढ़ें: Chanakya Niti: हाथ लगा सोना क्यों गंवा बैठता है इंसान? चाणक्य नीति देती है जवाब Disclaimer: यह आर्टिकल सामान्य जानकारियों और मान्यताओं पर आधारित है. नया विचार इसकी पुष्टि नहीं करता है. The post Chanakya Niti For Students: किस्मत नहीं, मजबूत इच्छाशक्ति लिखती है सफलता की कहानी – चाणक्य की छात्रों को चेतावनी appeared first on Naya Vichar.

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बजट 2026: भारत ने आईटी और टेलीकॉम पर लगाया बड़ा दांव, देखिए अमेरिका-चीन-रूस-पाकिस्तान के आगे कितना दमदार

हिंदुस्तान प्रशासन ने बजट 2026 में आईटी और टेलीकॉम सेक्टर को नई रफ्तार देने के लिए खास प्रावधान किए हैं. जहां टेलीकॉम के लिए 74,560 करोड़ रुपये (8 बिलियन डॉलर) का सीधा आवंटन किया गया है, वहीं आईटी सेक्टर को विदेशी क्लाउड कंपनियों के लिए 20 साल का टैक्स हॉलीडे जैसी बड़ी राहत दी गई है. यह कदम हिंदुस्तान को डिजिटल इकोनॉमी में मजबूती देने और वैश्विक प्रतिस्पर्धा में आगे बढ़ाने की दिशा में अहम माना जा रहा है. हिंदुस्तान का डिजिटल निवेश हिंदुस्तान ने टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग और एआई इकोसिस्टम को बढ़ावा देने के लिए बजट में बड़ा हिस्सा रखा है. प्रशासन का मकसद है कि देश में 5G और भविष्य की तकनीकों का विस्तार तेजी से हो और हिंदुस्तान आईटी सेवाओं के साथ-साथ डिजिटल प्रोडक्ट्स में भी वैश्विक ताकत बने. देश खर्च (USD) मुख्य फोकस हिंदुस्तान 8B टेलीकॉम इंफ्रा, एआई, क्लाउड टैक्स हॉलीडे अमेरिका 2.9T एआई, साइबर सिक्योरिटी, क्लाउड, टेलीकॉम मॉडर्नाइजेशन चीन 2.8T 5G, एज कंप्यूटिंग, सेमीकंडक्टर आत्मनिर्भरता रूस 70B आईसीटी सर्विसेज, टेलीकॉम, सीमित ग्रोथ पाकिस्तान 0.1B डिजिटल स्टार्टअप्स, कनेक्टिविटी, फ्रीलांस इकोनॉमी हिंदुस्तान बनाम दुनिया: आईटी और टेलीकॉम पर अनुमानित खर्च की तुलना – डेटा टेबल (2026) अमेरिका की तुलना 2026 में आईटी और टेक्नोलॉजी पर अमेरिका में लगभग 2.9 ट्रिलियन डॉलर खर्च अनुमानित है. इसमें एआई, साइबर सिक्योरिटी, क्लाउड और टेलीकॉम मॉडर्नाइजेशन शामिल है. यह आंकड़ा हिंदुस्तान से कई गुना ज्यादा है और साफ दिखाता है कि अमेरिका तकनीकी नेतृत्व बनाए रखने के लिए भारी निवेश कर रहा है. चीन की रणनीति चीन ने 2026 के लिए अनुमानित 2.7-2.8 ट्रिलियन डॉलर आईटी और टेलीकॉम पर खर्च अनुमानित है. उसका फोकस 5G, एज कंप्यूटिंग और सेमीकंडक्टर आत्मनिर्भरता पर है. चीन का यह निवेश उसे आने वाले दशक में अमेरिका के बराबर खड़ा करने की कोशिश है. रूस और पाकिस्तान की स्थिति रूस का आईसीटी खर्च लगभग 6-7 ट्रिलियन डॉलर के आसपास है, लेकिन युद्ध और प्रतिबंधों के कारण उसकी ग्रोथ सीमित है. वहीं पाकिस्तान ने 2026 में आईसीटी प्रोजेक्ट्स के लिए करीब 29,914 मिलियन रुपये (लगभग 1 बिलियन डॉलर) का बजट रखा है. पाकिस्तान का ध्यान डिजिटल स्टार्टअप्स और कनेक्टिविटी पर है, लेकिन उसका स्तर हिंदुस्तान और चीन से काफी पीछे है. नई दिशा देने की कोशिश हिंदुस्तान ने बजट 2026 में आईटी और टेलीकॉम को नई दिशा देने की कोशिश की है. हालांकि अमेरिका और चीन के मुकाबले हिंदुस्तान का खर्च अभी छोटा है, लेकिन नीति आधारित प्रोत्साहन और टैक्स राहत से हिंदुस्तान डिजिटल सेक्टर में तेजी से आगे बढ़ सकता है. यह भी पढ़ें: Budget 2026 ने खोला AI मिशन का नया चैप्टर, लैब से निकलकर जिंदगी तक पहुंचेगा एआई यह भी पढ़ें: Budget 2026 में प्रशासन का बड़ा फैसला, मोबाइल बैटरी और EV के पार्ट्स पर ड्यूटी छूट जारी The post बजट 2026: हिंदुस्तान ने आईटी और टेलीकॉम पर लगाया बड़ा दांव, देखिए अमेरिका-चीन-रूस-पाकिस्तान के आगे कितना दमदार appeared first on Naya Vichar.

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रांची बनेगा देश का ‘मेंटल हेल्थ हब’: उत्तर भारत को मिला पहला NIMHANS 2.0, वित्त मंत्री ने कर दिया बड़ा ऐलान

Ranchi NIMHANS 2.0, रांची : झारखंड की राजधानी रांची को केंद्र प्रशासन की तरफ बड़ी सौगात मिली है. दरअसल मानसिक स्वास्थ्य के लिए पहले से ही मशहूर राजधानी तो निमहांस 2.0 (NIMHANS 2.0) स्थापित करने की घोषणा की गयी है. यह उत्तर हिंदुस्तान का पहला राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य संस्थान होगा. रविवार को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इसकी घोषणा की. अभी देश का एकमात्र निमहांस कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में है. रांची में पहले से मौजूद हैं दो प्रतिष्ठित संस्थान रांची में पहले से ही दो बड़े और प्रतिष्ठित संस्थान मौजूद हैं. सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ साइकियाट्री (CIP) जो कि केंद्र प्रशासन द्वारा संचालित है तो रांची इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूरो-साइकियाट्री एंड एलाइड साइंसेज राज्य प्रशासन द्वारा संचालित संस्थान हैं. ये दोनों इंस्टीट्यूट पिछले 100 साल से ज्यादा समय से इलाज, रिसर्च और पुनर्वास के क्षेत्र में काम कर रहे हैं. Also Read: Budget 2026: आम आदमी का बजट, पूर्व CM अर्जुन मुंडा की पहली प्रतिक्रिया 17 मई 1918 को हुआ था सीआईपी की स्थापना रांची के CIP की स्थापना 17 मई 1918 को ब्रिटिश शासन के दौरान हुई थी. उस समय इसका नाम रांची यूरोपियन लूनैटिक असाइलम रखा गया था. बाद में इसका नाम बदलकर सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ साइकियाट्री किया गया है. आज यह संस्थान देश के प्रमुख मानसिक स्वास्थ्य केंद्रों में गिना जाता है. नॉर्थ इंडिया को मिलेगा बड़ा फायदा बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि उत्तर हिंदुस्तान में अभी कोई राष्ट्रीय स्तर का मानसिक स्वास्थ्य संस्थान नहीं है. इसी कमी को दूर करने के लिए रांची में NIMHANS 2.0 की स्थापना और असम के तेजपुर स्थित मानसिक स्वास्थ्य संस्थानों को क्षेत्रीय शीर्ष संस्थान के रूप में अपग्रेड किया जाएगा. Also Read: Brilliance Award 2026: नया विचार के वीपी विजय बहादुर को ऑनरेरी ब्रिलियंस अवॉर्ड, मलाइका अरोड़ा ने दिया सम्मान The post रांची बनेगा देश का ‘मेंटल हेल्थ हब’: उत्तर हिंदुस्तान को मिला पहला NIMHANS 2.0, वित्त मंत्री ने कर दिया बड़ा ऐलान appeared first on Naya Vichar.

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Rajasthani Kadhi Dhokla Recipe: आज नाश्ते में बनाएं कुछ नया – बाजरे के आटे, हरी मेथी और हरे प्याज का स्वादिष्ट ढोकला

Rajasthani Kadhi Dhokla Recipe: सर्दियों के मौसम में अगर आप कुछ हेल्दी, और पारंपरिक खाना ट्राई करना चाहते हैं, तो राजस्थानी स्टाइल बाजरे के आटे, हरी मेथी और हरे प्याज से बने ढोकले और गरमा-गरम कढ़ी एक बेस्ट ऑप्शन हैं. राजस्थान की यह रेसिपी न सिर्फ स्वाद से भरपूर है, बल्कि पोषण में भी लबालब है. सर्द रातों में बाजरा शरीर को गर्म रखता है, मेथी पाचन सुधारती है और हरा प्याज स्वाद बढ़ाता है. Rajasthani Kadhi Dhokla Recipe: राजस्थानी बाजरे के आटे, हरी मेथी और हरे प्याज के ढोकले के साथ गरमा-गरम कढ़ी – सर्दियों के लिए परफेक्ट देसी रेसिपी सामग्री – ढोकले के लिए बाजरे का आटा – 1 कप बारीक कटी हरी मेथी – 1/2 कप कटा हरा प्याज – 1/2 कप दही – 1/2 कप अदरक-हरी मिर्च पेस्ट – 1 छोटा चम्मच नमक – स्वादानुसार हल्दी – 1/4 छोटा चम्मच ईनो/फ्रूट साल्ट – 1/2 छोटा चम्मच पानी – जरूरत अनुसार कढ़ी के लिए दही – 1 कप बेसन – 2 बड़े चम्मच नमक, हल्दी – स्वादानुसार करी पत्ता, राई, जीरा – तड़के के लिए साबुत लाल मिर्च – 2 घी – 1 बड़ा चम्मच बाजरे के आटे, हरी मेथी और हरे प्याज से बनाएं स्वादिष्ट ढोकला नोट करें आसान रेसिपी सबसे पहले एक बाउल में बाजरे का आटा, मेथी, हरा प्याज, दही, मसाले और पानी मिलाकर गाढ़ा बैटर तैयार करें. अंत में ईनो डालकर हल्का सा मिलाएं. इस Mixture को ग्रीस की हुई थाली में डालकर स्टीमर में 15–18 मिनट तक भाप में पकाएं. ठंडा होने पर टुकड़ों में काट लें. अब कढ़ी के लिए दही और बेसन को अच्छे से फेंट लें. इसमें पानी और मसाले मिलाकर उबालें. 10–12 मिनट धीमी आंच पर पकाएं. एक पैन में घी गरम करें, राई, जीरा, करी पत्ता और लाल मिर्च का तड़का लगाकर कढ़ी में डाल दें. गरमा-गरम कढ़ी में बाजरे के ढोकले डालकर सर्व करें. देसी स्वाद का असली मजा यहीं है. यह भी पढ़ें: Rajasthani Mirchi Vada Recipe: नाश्ते में बनाएं राजस्थानी मिर्ची वड़ा, कुरकुरा और चटपटा स्वाद के लिए नोट करें ये रेसिपी यह भी पढ़ें: Kurkure Veg Appe Recipe: नाश्ते के लिए ट्राई करें कुरकुरे वेज अप्पे – सभी खाएंगे बड़े मजे से The post Rajasthani Kadhi Dhokla Recipe: आज नाश्ते में बनाएं कुछ नया – बाजरे के आटे, हरी मेथी और हरे प्याज का स्वादिष्ट ढोकला appeared first on Naya Vichar.

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