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February 5, 2026

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कुंभ राशि में त्रिग्रही महासंयोग, शुक्र-बुध और राहु की युति से बदलेगा इन राशियों का भाग्य

Shukra Gochar 2026: शुक्र देव 6 फरवरी 2026 को कुंभ राशि में प्रवेश कर बुध और राहु के साथ ‘त्रिग्रही योग’ बनाएंगे, जो प्रेम और आर्थिक जीवन में उतार-चढ़ाव और बड़े बदलावों का संकेत है. इस गोचर पर देवगुरु बृहस्पति की शुभ दृष्टि जटिलताओं के बीच संभलने का अवसर देगी. ज्योतिषाचार्य चंद्रशेखर सहस्त्रबाहु: ने बताया कि फरवरी माह के तीसरे में सप्ताह में सूर्य और मंगल के भी कुंभ में आने से बनने वाला ‘पंचग्रही योग’ रिश्तों में तनाव, अहंकार और आर्थिक निर्णयों में तीव्रता लाएगा. प्रेम, सौन्दर्य और वैभव के कारक ग्रह शुक्र का यह संचरण, राहु की आकस्मिकता और मंगल-सूर्य की ऊर्जा के प्रभाव में आकर व्यक्तिगत संबंधों और धन प्रबंधन में परिवर्तनकारी दौर लेकर आएगा. मेष राशि: आपकी राशि के एकादश भाव में शुक्र, बुध और राहु की युति आपके आय के स्रोतों में अचानक वृद्धि करेगी. सूर्य और मंगल के प्रभाव से बड़े भाई-बहनों से वैचारिक मतभेद हो सकते हैं, लेकिन आर्थिक लाभ निश्चित है. वृषभ राशि: आपकी राशि के दशम भाव में पंचग्रही योग आपके करियर में बड़ी छलांग का संकेत है. राहु और बुध की उपस्थिति कलात्मक क्षेत्र के लोगों को अंतरराष्ट्रीय ख्याति दिला सकती है, हालांकि कार्यक्षेत्र पर नेतृत्व से बचना होगा. मिथुन राशि: आपकी राशि के नवम भाव में यह गोचर आपकी धार्मिक यात्राओं और उच्च शिक्षा के योग बनाएगा. सूर्य और मंगल के आने से पिता के साथ कुछ तनाव संभव है, लेकिन भाग्य का पूरा साथ मिलेगा. कर्क राशि: आपकी राशि के अष्टम भाव में ग्रहों का जमावड़ा अचानक धन लाभ करा सकता है. राहु और शुक्र के कारण अनैतिक कार्यों से बचें, वरना सूर्य और मंगल कानूनी उलझनें पैदा कर सकते हैं. सिंह राशि: आपकी राशि के सप्तम भाव में शुक्र और बुध की युति विवाह के नए प्रस्ताव लाएगी. हालांकि, बाद में सूर्य और मंगल के प्रवेश से जीवनसाथी के साथ ‘ईगो क्लैश’ बढ़ सकता है; वाणी पर संयम रखें. कन्या राशि:  आपकी राशि के छठे भाव में शुक्र का गोचर विरोधियों पर विजय दिलाएगा, लेकिन राहु और मंगल की उपस्थिति स्वास्थ्य के लिए संवेदनशील है, इस दौरान आंख और पेट की समस्या बढ़ सकती है. कर्ज लेने से बचें. तुला राशि: आपकी राशि के पंचम भाव में यह योग प्रेम संबंधों और रचनात्मकता के लिए वरदान है. विद्यार्थियों को राहु के प्रभाव से एकाग्रता में कमी महसूस हो सकती है. सूर्य-मंगल प्रतियोगिता में सफलता दिलाएंगे. वृश्चिक राशि: आपकी राशि के चौथे भाव में शुक्र सुख-सुविधाओं और वाहन पर खर्च कराएंगे. मंगल की उपस्थिति घर में मरम्मत का काम शुरू करवा सकती है, लेकिन माता के स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखना होगा. धनु राशि: आपकी राशि के तीसरे भाव में यह गोचर आपके साहस और पराक्रम को बढ़ाएगा. मार्केटिंग और मीडिया से जुड़े लोगों को बुध-राहु की वजह से संचार के नए तरीके अपनाने का लाभ मिलेगा. मकर राशि: आपकी राशि के द्वितीय भाव में ग्रहों की युति बैंक बैलेंस बढ़ाने वाली होगी. राहु और शुक्र का प्रभाव वाणी में सम्मोहन पैदा करेगा, पर खान-पान में अधिक तामसिक भोजन से सेहत बिगड़ सकती है. कुंभ राशि: आपकी राशि के लग्न भाव में त्रिग्रही और पंचग्रही योग बन रहा है. यह आपके व्यक्तित्व को आकर्षक बनाएगा, लेकिन सूर्य और मंगल की ऊर्जा आपको थोड़ा क्रोधी या जिद्दी भी बना सकती है. धैर्य से काम लें. मीन राशि: आपकी राशि के बारहवें भाव में शुक्र और बुध विदेश यात्रा और लग्जरी पर खर्च बढ़ाएंगे. राहु और मंगल के कारण अनिद्रा या मानसिक तनाव हो सकता है. निर्यात से जुड़े व्यवसाय में भारी मुनाफा होने के योग हैं. ज्योतिषाचार्य चंद्रशेखर सहस्त्रबाहु:ज्योतिष एवं हस्त रेखा विशेषज्ञ | 12 साल का अनुभवMo- +91 8620920581 Also Read: कुण्डली में छिपे हैं धनवान बनने के राज, जानें आपकी किस्मत में राजयोग है या दरिद्र योग? Also Read: शादी में आ रही है बार-बार बाधा? जानें आपकी कुंडली के किस दोष में छिपा है देरी का कारण The post कुंभ राशि में त्रिग्रही महासंयोग, शुक्र-बुध और राहु की युति से बदलेगा इन राशियों का भाग्य appeared first on Naya Vichar.

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‘द 50’ में पहला डबल एविक्शन, सुमैरा शेख और सौरभ घाडगे शो से बाहर

The 50: कलर्स टीवी का नया रियलिटी शो ‘द 50’ शुरू होते ही चर्चाओं में बना हुआ है. महज चार दिन के भीतर ही शो में ऐसा ट्विस्ट आया, जिसने दर्शकों को चौंका दिया। शो का पहला डबल एविक्शन हुआ और इसके साथ ही सुमैरा शेख और सौरभ घाडगे को घर से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया. अनसेफ जोन में पहुंचे 11 कंटेस्टेंट लेटेस्ट एपिसोड की शुरुआत 11 कंटेस्टेंट्स के अनसेफ जोन में पहुंचने से हुई. इस लिस्ट में फैज, बेबिका, सैमी, तेजस्वी, खानजादी, मोनालिसा, आर्या, सपना चौधरी, सौरभ घाडगे, मैक्सटर्न और सुमैरा शेख शामिल थे. शो के नियमों के मुताबिक, सेफ जोन में मौजूद खिलाड़ियों को एविक्शन के लिए वोट डालने का अधिकार दिया गया. लायन के फैसले से तय हुआ एविक्शन View this post on Instagram A post shared by JioHotstar Reality (@jiohotstarreality) ‘द 50’ में सेफ और अनसेफ खिलाड़ियों के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभाने वाले लायन ने वोटिंग का नतीजा घोषित किया. इसी दौरान सामने आया कि सुमैरा शेख और सौरभ घाडगे को किसी ने भी वोट नहीं दिया, जिसके चलते दोनों का एविक्शन तय हो गया. यह फैसला सुनकर घर में सन्नाटा छा गया. View this post on Instagram A post shared by JioHotstar Reality (@jiohotstarreality) सुमैरा को याद कर भावुक हुईं रिधि डोगरा शो की कंटेस्टेंट रिधि डोगरा ने सुमैरा शेख को याद करते हुए कहा कि वह उनसे इसलिए जुड़ पाईं क्योंकि दोनों ही इंट्रोवर्ट हैं और हर किसी से खुलकर बात करना उनके लिए आसान नहीं था. आगे और बढ़ेगा बवाल अब शो में टकराव और भी तेज होने वाला है. आने वाले एपिसोड्स में एल्विश यादव और मैक्सटर्न से जुड़ा विवाद और गहराने वाला है. इसके अलावा द ग्रेट खली की एंट्री से टास्क और भी मुश्किल होने वाले हैं. साफ है कि ‘द 50’ अब और ज्यादा ड्रामा और हंगामे की ओर बढ़ रहा है. यह भ ‘अब देखिए भौकाल बड़े पर्दे पर’, मिर्जापुर द मूवी की रिलीज डेट आई सामने The post ‘द 50’ में पहला डबल एविक्शन, सुमैरा शेख और सौरभ घाडगे शो से बाहर appeared first on Naya Vichar.

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कुंभ में सूर्य-राहु की युति, कुछ राशियों के लिए चुनौती पूर्ण समय

Surya Rahu Yuti 2026: कुंभ राशि में सूर्य और राहु की युति लगभग 18 साल बाद  13 फरवरी को बन रही है. सूर्य और राहु की यह युति ग्रहण योग बनाती है, जिसे ज्योतिष में थोड़ा चुनौतीपूर्ण माना जाता है. ज्योतिषाचार्य संजीत कुमार मिश्रा के अनुसार, इस योग के दौरान तनाव, बीमारी, आर्थिक नुकसान और मानसिक उलझनें बढ़ सकती हैं. खासतौर पर कुछ राशियों को इस समय अधिक सावधानी बरतने की जरूरत होगी. कर्क राशि कर्क राशि वालों के लिए यह ग्रहण योग आठवें भाव में बन रहा है, जो अचानक बदलाव और मानसिक तनाव का संकेत देता है. इस दौरान बिना किसी खास कारण के चिंता, डर या बेचैनी महसूस हो सकती है. सेहत से जुड़ी समस्याएं भी सामने आ सकती हैं, इसलिए खानपान और दिनचर्या पर ध्यान देना जरूरी होगा. खर्चे अचानक बढ़ सकते हैं, जिससे आर्थिक दबाव महसूस हो सकता है. इस समय कोई भी बड़ा फैसला लेने से पहले अच्छी तरह सोच-विचार करें. कन्या राशि कन्या राशि के जातकों को इस समय मानसिक दबाव और तनाव का सामना करना पड़ सकता है. सामाजिक जीवन में बोलचाल पर विशेष ध्यान दें, क्योंकि गलत शब्द आपकी छवि को नुकसान पहुँचा सकते हैं. कार्यस्थल पर नेतृत्व या विवादों से दूर रहना आपके हित में रहेगा. इस दौरान शत्रु सक्रिय रह सकते हैं, इसलिए जरूरत से ज्यादा किसी पर भरोसा न करें.उपाय: गेहूं या गुड़ का दान करना शुभ माना जाएगा. वृश्चिक राशि वृश्चिक राशि वालों को पारिवारिक जीवन में सावधानी बरतनी होगी. घर में मतभेद या गलतफहमियाँ बढ़ सकती हैं. निवेश से जुड़े फैसले सोच-समझकर लें, जल्दबाजी नुकसान पहुँचा सकती है. कोर्ट-कचहरी या कानूनी मामलों में अड़चन आ सकती है. वाहन चलाते समय विशेष सावधानी रखें, क्योंकि दुर्घटना की संभावना बन सकती है. राहु और सूर्य की युति का प्रभाव ज्योतिष में राहु को बहुत शक्तिशाली छाया ग्रह माना जाता है. राहु शुभ हो तो अचानक सफलता दिला सकता है और अशुभ हो तो मुश्किलें बढ़ा देता है. सूर्य और राहु की युति से अहंकार, भ्रम और अचानक आने वाली बाधाएँ बढ़ जाती हैं. इसका असर रिश्तों, करियर और स्वास्थ्य पर पड़ सकता है. इस समय सजग रहना, संयम रखना और सही उपाय करना बहुत जरूरी है. धैर्य और समझदारी से काम लेकर इस योग के नकारात्मक प्रभावों को काफी हद तक कम किया जा सकता है. ज्योतिषाचार्य संजीत कुमार मिश्रा15+ वर्षों का अनुभव | ज्योतिष, वास्तु एवं रत्न विशेषज्ञConsultation: 8080426594 / 9545290847 The post कुंभ में सूर्य-राहु की युति, कुछ राशियों के लिए चुनौती पूर्ण समय appeared first on Naya Vichar.

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क्या रूस का जासूस था जेफ्री एपस्टीन? पोलैंड के PM ने शुरू की जांच, सामने आए चौंकाने वाले कनेक्शन

Jeffrey Epstein: दुनिया को हिला देने वाले ‘एपस्टीन फाइल’ में अब एक नया और खतरनाक मोड़ आ गया है. पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क ने एक ऐसी जांच शुरू की है, जिसने पूरी दुनिया के नेताओं की धड़कनें बढ़ा दी हैं. टस्क का मानना है कि जेफ्री एपस्टीन का सेक्स स्कैंडल सिर्फ एक क्राइम नहीं था, बल्कि यह रूस की इंटेलिजेंस सर्विस द्वारा चलाया गया एक बड़ा ऑपरेशन हो सकता है. रूस के इशारे पर बिछाया गया था ‘हनीट्रैप’? पोलिश PM डोनाल्ड टस्क के मुताबिक, जैसे-जैसे ‘एपस्टीन फाइल्स’ से जानकारी बाहर आ रही है, वैसे-वैसे शक गहराता जा रहा है कि यह पूरा ‘सेक्स एम्पायर’ रूसी खुफिया एजेंसी (KGB/FSB) की मदद से खड़ा किया गया था. उनका कहना है कि इस पूरे कांड का असली मकसद दुनिया के ताकतवर नेताओं की ऐसी तस्वीरें और वीडियो बनाना था, जिनके जरिए रूस उन्हें ब्लैकमेल कर सके. इसे रूसी भाषा में ‘कोम्परोमैट’ कहा जाता है. बड़े नामों के साथ एपस्टीन की दोस्ती के पीछे का सच आर्टिकल में बताया गया है कि एपस्टीन दशकों तक दुनिया के सबसे रसूखदार लोगों के साथ उठते-बैठते थे. इनमें डोनाल्ड ट्रंप का नाम तो पहले से ही चर्चा में था, लेकिन नई फाइल्स में नोम चोमस्की, बिल गेट्स, इजरायल के पूर्व PM एहुद बराक और पूर्व ब्रिटिश डिप्लोमैट पीटर मैंडेलसन जैसे बड़े नामों का जिक्र भी आया है. टस्क का कहना है कि अगर रूस के पास इन नेताओं की कोई भी आपत्तिजनक फुटेज है, तो यह पोलैंड और पूरी दुनिया की सुरक्षा के लिए एक बहुत बड़ा खतरा है. पुतिन और रूस का फाइल्स में 10,000 बार जिक्र द डेली मेल की एक रिपोर्ट के अनुसार, खुफिया सूत्रों का दावा है कि एपस्टीन असल में एक रूसी एजेंट था. US डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस द्वारा जारी की गई फाइल्स में पुतिन का 1,056 बार जिक्र है, जबकि रूस और मॉस्को का नाम लगभग 10,000 बार आया है. रिपोर्ट्स तो यहां तक कहती हैं कि एपस्टीन और व्लादिमीर पुतिन के बीच कई मीटिंग्स भी हुई थीं. ब्रिटिश और अमेरिकी खुफिया एजेंसियों का दावा ब्रिटिश खुफिया एजेंसी MI6 के पूर्व अधिकारी क्रिस्टोफर स्टील ने टाइम्स रेडियो को बताया कि यह काफी मुमकिन है कि एपस्टीन रूस के लिए काम कर रहा था. उनके अनुसार: 70 के दशक का कनेक्शन: एपस्टीन न्यूयॉर्क के ब्राइटन बीच पर रूसी माफिया के संपर्क में था और शायद तभी उसे भर्ती कर लिया गया था. फंडिंग का राज: एपस्टीन के पास इतना पैसा कहां से आया, इसका जवाब भी रूस से जुड़ा हो सकता है. शक है कि रूसी कम्युनिस्ट पार्टी का पैसा विदेशों में निवेश करने के बदले एपस्टीन को भारी फंडिंग मिलती थी. रॉबर्ट मैक्सवेल का रोल: एपस्टीन की पार्टनर घिसलेन मैक्सवेल के पिता, रॉबर्ट मैक्सवेल भी 1970 के दशक से रूस के खास व्यक्ति (Asset) रहे थे. दुनिया का सबसे बड़ा हनीट्रैप! खुफिया सूत्रों ने द मेल को बताया कि एपस्टीन का प्राइवेट आइलैंड आधुनिक तकनीक से लैस था, जहां प्रिंस एंड्रयू, बिल गेट्स, डोनाल्ड ट्रंप और बिल क्लिंटन जैसे दिग्गजों को ऐसी स्थितियों में फंसाया गया जिससे उन्हें ब्लैकमेल किया जा सके. अमेरिकी अधिकारी सालों से इसकी जांच कर रहे हैं, लेकिन ब्रिटिश पक्ष शायद शाही परिवार के नाम आने के डर से इसमें ज्यादा आगे नहीं बढ़ रहा था. साथ ही, यह भी कहा जा रहा है कि रूस से लड़कियों को लाने में जो आसानी एपस्टीन को होती थी, उसके पीछे भी रूसी संगठित अपराध और इंटेलिजेंस का ही हाथ था. ये भी पढ़ें: परमाणु हथियारों की पाबंदी खत्म: अमेरिका-रूस में छिड़ेगी नई जंग? जानिए क्या है न्यू स्टार्ट संधि ये भी पढ़ें: ट्रंप की ईरान को सीधी धमकी: ओमान में कल होगी बड़ी बैठक, परमाणु प्लांट बनाया तो खैर नहीं! ये भी पढ़ें: US में हिंदुस्तान से जुड़े ड्रग नेटवर्क पर एक्शन; 200 से ज्यादा वेबसाइट्स बंद, नकली दवाओं से हुई मौतें The post क्या रूस का जासूस था जेफ्री एपस्टीन? पोलैंड के PM ने शुरू की जांच, सामने आए चौंकाने वाले कनेक्शन appeared first on Naya Vichar.

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हंगामे के बीच शुरू हुआ बंगाल विधानसभा का बजट सत्र, राज्यपाल ने नहीं पढ़ा पूरा अभिभाषण

मुख्य बातें नारेबाजी के बीच हुआ राज्यपाल का अभिभाषण West Bengal Budget Session: कोलकाता: बंगाल विधानसभा का बजट सत्र हंगामे के बीच शुरू हुआ. हंगामे के कारण राज्यपाल अपना पूरा अधिभाषण भी नहीं पढ़ पाये. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के तीसरे कार्यकाल की प्रशासन का यह आखिरी बजट है. बजट सत्र के पहले दिन राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने अपना अभिभाषण दिया. हंगामे के कारण वो अपना पूरा अभिभाषण नहीं पढ़ पाये. राज्यपाल के संबोधन के बाद मुख्यमंत्री के आवास पर कैबिनेट बैठक की बैठक होगी. बैठक में बजट को मंजूरी दी जाएगी. नारेबाजी के बीच हुआ राज्यपाल का अभिभाषण राज्यपाल सीवी आनंद बोस दोपहर 12:30 बजे से कुछ ही देर पहले विधानसभा पहुंचे. उन्होंने अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया. उनके साथ अध्यक्ष बिमान बनर्जी और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी थीं. इसी दौरान सत्र में नारेबाजी शुरू हो गई. शुभेंदु अधिकारी ने “हिंदुस्तान माता की जय” का नारा लगाया. इसके जवाब में तृणमूल विधायकों ने “जय बंगला” का नारा लगाया. नारों और जवाबी नारों के बीच, राज्यपाल ने विधानसभा में अपना भाषण शुरू किया. भारी हंगामे के बीच राज्यपाल अपना अभिभाषण बीच में ही छोड़ दिये. Also Read: बंगाल प्रशासन को सुप्रीम कोर्ट से झटका, एरियर के साथ देना होगा बकाया डीए The post हंगामे के बीच शुरू हुआ बंगाल विधानसभा का बजट सत्र, राज्यपाल ने नहीं पढ़ा पूरा अभिभाषण appeared first on Naya Vichar.

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आपकी आदतों से बच्चे बनते हैं जिद्दी, इन बातों का रखें ध्यान

Parenting Tips In Hindi: अपने शिशु को हर चीज के लिए मना करना, हर छोटी-छोटी बातों पर टोकना शिशु के जिद्दी बनने की कारण हो सकता है. जी हां, ऐसे बहुत सा माता-पिता हैं जो शिशु पर बहुत ज्यादा अंकुश लगाए रहते हैं. जैसे इधर मत जाओ, उधर मत जाओ, ऐसा मत करो और वैसा मत करो आदि. माता-पिता की ये आदतें शिशु को बहुत जल्दी जिद्दी बना देते हैं. चलिए बच्चों को जिद्दी बनाने वाली आदतों के बारे में. अधिक कमांडिंग होना माता-पिता का शिशु को हर काम, हर चीज के लिए मना करना, हर बात पर टोकना जैसी आदतों के कारण बच्चा जिद्दी बन जाता है. अनुशासन में कमी कई बार ऐसा होता है कि माता-पिता किसी काम के लिए पहले शिशु को मना करते हैं. बाद में फिर उसी काम के लिए राजी हो जाते हैं. इस तरह की आदतें शिशु में कंफ्यूजन को बढ़ाता है और वह जिद्दी हो जाता है. इमोशन्स को न समझना बच्चा जब अपसेट होता है तो अक्सर माता-पिता उसे डांट कर उसके बिहेवियर को सही करने की कोशिश करते हैं. ऐसा करने पर बच्चा फ्रस्टेट हो जाता है और यही उसके जिद्दी बनने का कारण बनता है. यह भी पढ़ें: Parenting Tips: आत्मविश्वास से भरपूर होगा आपका बच्चा, बस अपनाने होंगे ये जरूरी टिप्स अधिक स्क्रीन टाइम स्क्रीन पर ज्यादा देर तक रहने से बच्चा काल्पनिक दुनिया में जीने लगता है. इस कारण उसे असल जिंदगी बोरिंग लगती है और धीरे-धीरे बच्चा जिद्दी बन जाता है. अच्छी पैरेंटिंग के  टिप्स अपने शिशु को समझना बहुत जरूरी है और इसके लिए आप डीप कन्वर्सेशन करें. शिशु की दुनिया को समझें और उसके अनुसार समस्या का समाधान निकालें. अपसेट होने पर शिशु की इमोशन्स को समझकर उसे डांटे बगैर समझाने की कोशिश करें.स माता-पिता शिशु के साथ भावनात्मक रूप से भी जुड़ें. यह भी पढ़ें: Parenting Tips: सफलता और समझदारी के लिए शिशु में जरूर डालें ये आदतें यह भी पढ़ें: Parenting Tips: बात-बात में शिशु पर नहीं पड़ेगी चीखने की जरूरत, बस जान लें ये जरूरी पैरेंटिंग टिप्स The post आपकी आदतों से शिशु बनते हैं जिद्दी, इन बातों का रखें ध्यान appeared first on Naya Vichar.

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व्हील चेयर पर नजर आए सांसद शशि थरूर, देखें वीडियो

कांग्रेस सांसद शशि थरूर संसद परिसर की सीढ़ियों पर फिसलकर गिर गए थे. इसके बाद उन्हें व्हीलचेयर पर संसद से बाहर जाते हुए देखा गया. जब उनसे लोकसभा में हुए हंगामे के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि मैं पूरे दिन क्लिनिक और हॉस्पिटल में रहा. मैं क्या बताऊं. थरूर ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष को बोलने की अनुमति मिलनी चाहिए. वह जो बात कह रहे थे, वह पहले से ही सार्वजनिक दायरे में है. वह सिर्फ अपनी बात रखना चाहते थे. इस पर इतना बड़ा आपत्ति उठाकर उन्हें बोलने न देना सही नहीं है. VIDEO | Delhi: Congress MP Shashi Tharoor seen leaving the Parliament on a wheelchair. He had tripped and fell on the stairs of Parliament complex yesterday.#ParliamentSession2026 #BudgetSession2026 (Full video available on PTI Videos – https://t.co/n147TvrpG7) pic.twitter.com/5hPkdaCJ3T — Press Trust of India (@PTI_News) February 5, 2026 The post व्हील चेयर पर नजर आए सांसद शशि थरूर, देखें वीडियो appeared first on Naya Vichar.

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वैलेंटाइन डे पर पति के लिए स्पेशल सरप्राइज आइडियाज, दिन बनेगा यादगार 

Valentine’s Surprise Idea For Husband: वैलेंटाइन डे पर हर कोई अपने पार्टनर के लिए कुछ स्पेशल करना चाहता है. ऐसे में अगर आप भी शादी के बाद अपने पति के लिए सरप्राइज प्लान करने का सोच रही हैं तो इस आर्टिकल से आइडिया ले सकती हैं. पति हमेशा अपने ड्यूटी या काम के बाद रोजाना जब घर पर आते है तब उनके लिए हर दिन से कुछ अलग करना खास हो सकता है. तो आइए जानते हैं वैलेंटाइन डे पर पति को सरप्राइज देने के लिए कुछ बेस्ट आइडियाज.  केक बनाएं  वैलेंटाइन डे पर मार्केट से केक लाने के बजाय आप घर पर ही खुद के हाथों से केक बनाएं. इस केक पर उनके लिए “I Love You” या नाम लिखकर इसे और खास भी खास बना सकते हैं. ये सरप्राइज उन्हें एक बार में ही खूब पसंद आएगा और वे हमेशा के लिए इसे याद रखेंगे. स्पेशल डिनर प्लान करें  हमेशा के डिनर से अलग इस वैलेंटाइन डे पर आप पति के लिए स्पेशल डिनर प्लान करें. घर पर ही टेबल को कैंडल लाइट से सजाएं और फूलों का बुके रखें. इसके बाद आप दोनों एक साथ डिनर करें और साथ बिताए गए पलों को लेकर बात करें.  रूम को सजाएं  कमरे को गुलाब के फूलों, बैलून, फेयरी लाइट्स और खुशबूदार कैंडल्स से सजाएं. इसके बाद आप अपने पति को कमरे में आंख बंद करवाकर लाए और अचानक उनके आंख को खोलने बोलें, आपके द्वारा सजाएं गए सरप्राइज को देखकर उन्हें बहुत खुशी होगी.  मनपसंद डिश तैयार करें  पति की पसंदीदा डिश अपने हाथों से बनाएं. इसके बाद आप सारे डिश को अपने पति को प्यार से परोसकर खिलाएं. इससे आप दोनों के बीच प्यार बढ़ेगा और यह दिन हमेशा के लिए याद रखेंगे.  यह भी पढ़ें: Valentine’s Day Surprise Ideas For Partner: वैलेंटाइन डे पर पार्टनर को इन सरप्राइज आइडियाज से जताएं अपना प्यार यह भी पढ़ें: वैलेंटाइन डे पर बॉयफ्रेंड को दें गिफ्ट, ये आइडियाज जीत लेंगे दिल The post वैलेंटाइन डे पर पति के लिए स्पेशल सरप्राइज आइडियाज, दिन बनेगा यादगार  appeared first on Naya Vichar.

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बोकारो भाजपा में बगावत, निकाय चुनाव में कई बागियों ने ठोकी ताल

बोकारो से सीपी सिंह की रिपोर्ट Jharkhand Civic Polls: कहने को झारखंड में नगर निकाय चुनाव गैर दलीय आधार पर हो रहा है. लेकिन, हकीकत यह है कि चुनावी मैदान में उतर रहे उम्मीदवारों की पहचान पूरी तरह नेतृत्वक दलों से जुड़ी हुई है. इसी गैर दलीय चुनाव में अब दलों के भीतर बगावत भी खुलकर सामने आने लगी है. बोकारो जिले के चास नगर निगम चुनाव में भाजपा के भीतर उभरी बगावत ने पार्टी नेतृत्व की चिंता बढ़ा दी है. चास नगर निगम में भाजपा के चार बागी मैदान में चास नगर निगम के मेयर पद के लिए भाजपा ने अविनाश कुमार को अपना समर्थित उम्मीदवार घोषित किया है. पार्टी के इस फैसले के बाद कई नेताओं ने अनुशासन का पालन करते हुए अपनी उम्मीदवारी वापस ले ली और नामांकन यात्रा में भी शामिल हुए. लेकिन, इसके बावजूद भाजपा के चार नेताओं ने पार्टी लाइन के खिलाफ जाकर नामांकन दाखिल कर दिया. इन बागी उम्मीदवारों में डॉ परिंदा सिंह, ऋतुरानी सिंह, अरविंद राय और डॉ विकास पांडेय शामिल हैं. इन सभी ने प्रदेश अध्यक्ष के निर्देशों को भी नजरअंदाज कर सीधे चुनावी मैदान में उतरने का फैसला किया है. नामांकन में दिखी संगठन की दरार भाजपा खुद को अनुशासन और सिद्धांतों की पार्टी बताती रही है. लेकिन चास नगर निगम चुनाव में यह दावा कमजोर पड़ता दिख रहा है. बागी उम्मीदवारों के नामांकन के दौरान जिस तरह से पार्टी के पुराने नेता और कार्यकर्ता नजर आए, उसने संगठनात्मक एकजुटता पर सवाल खड़े कर दिए हैं. डॉ विकास पांडेय के नामांकन में भाजपा के कई वरीय नेता मौजूद रहे. वहीं धनबाद सांसद के प्रतिनिधि अरविंद राय के नामांकन में भी पार्टी से जुड़े कार्यकर्ता खुलकर सामने आए. डॉ परिंदा सिंह और ऋतुरानी सिंह के नामांकन के दौरान भी भाजपा कार्यकर्ताओं की मौजूदगी दर्ज की गई. नेतृत्व की अपील बेअसर प्रदेश और जिला स्तर के नेतृत्व ने समर्थित उम्मीदवार के पक्ष में एकजुट रहने की अपील की थी. इसके बावजूद बागियों का मैदान में डटे रहना यह दर्शाता है कि स्थानीय स्तर पर असंतोष गहराया हुआ है. कई नेता खुद को मजबूत दावेदार मानते हुए पार्टी के फैसले से असहमत दिखे और चुनाव लड़ने पर अड़े रहे. नेतृत्वक जानकारों का मानना है कि गैर दलीय चुनाव होने के कारण बागी उम्मीदवारों को यह उम्मीद है कि पार्टी कार्रवाई का असर सीमित रहेगा. इसी वजह से वे खुलकर चुनौती दे रहे हैं. जिलाध्यक्ष बोले, सभी से होगी बातचीत भाजपा जिलाध्यक्ष जयदेव राय ने बगावत के सवाल पर कहा कि सभी उम्मीदवारों से बातचीत की जाएगी. पार्टी स्तर से नामांकन वापस लेने को लेकर प्रयास किए जा रहे हैं. उन्हें उम्मीद है कि सभी बागी उम्मीदवार नामांकन वापस ले लेंगे. जयदेव राय ने साफ कहा कि अगर कोई उम्मीदवार नामांकन वापस नहीं लेता है, तो पार्टी आगे की अनुशासनात्मक कार्रवाई करेगी. संगठन किसी भी तरह की अनुशासनहीनता को स्वीकार नहीं करेगा. 2015 का अनुभव कर रहा है परेशान भाजपा के लिए चिंता की एक बड़ी वजह 2015 का नगर निकाय चुनाव भी है. उस चुनाव में भाजपा समर्थित प्रत्याशी सातवें स्थान पर रहा था. उस समय भी बगावत हुई थी. हालांकि पार्टी ने अंतिम समय में बागियों को मना लिया था, लेकिन तब तक नुकसान हो चुका था. इस बार भी वही स्थिति दोहराने का खतरा मंडरा रहा है. यदि समय रहते बागियों को नहीं मनाया गया, तो इसका सीधा फायदा विपक्षी उम्मीदवारों को मिल सकता है. इसे भी पढ़ें: रमा खलखो से ज्यादा अमीर रोशनी खलखो, किस पर कितना केस? चुनावी नतीजों पर पड़ेगा असर चास नगर निगम चुनाव में भाजपा की यह अंदरूनी कलह अब चुनावी मुद्दा बनती जा रही है. सवाल यह है कि पार्टी नेतृत्व समय रहते संगठन को एकजुट कर पाएगा या फिर बगावत भाजपा की राह मुश्किल कर देगी. इसका जवाब अब मतदाता और चुनाव परिणाम ही देंगे. इसे भी पढ़ें: नेतृत्वक कुनबा बढ़ाने में जुटे झारखंड के दिग्गज! पति, पत्नी, बेटा मैदान में The post बोकारो भाजपा में बगावत, निकाय चुनाव में कई बागियों ने ठोकी ताल appeared first on Naya Vichar.

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30, 60 या 90! आपके फोन के लिए कितने वॉट का चार्जर है बेस्ट?

आजकल हर स्मार्टफोन यूजर की सबसे बड़ी चिंता होती है- बैटरी कितने दिन साथ देगी. तेज चार्जिंग तकनीक ने मोबाइल दुनिया को बदल दिया है, लेकिन इसके साथ ही यह सवाल भी उठता है कि क्या हाई-वॉट चार्जर बैटरी की उम्र घटा देते हैं? आइए विस्तार से समझते हैं. वॉटेज का असली मतलब चार्जर पर लिखा 30W, 60W या 90W दरअसल उसकी पावर क्षमता को दर्शाता है. वॉट का मतलब है- प्रति सेकंड कितनी ऊर्जा बैटरी तक पहुंच रही है. यह वोल्टेज (V) और करंट (A) के गुणन से तय होता है. यानी जितना ज्यादा वॉट, उतनी तेज चार्जिंग – बशर्ते आपका फोन उस स्पीड को सपोर्ट करता हो. 30W बनाम 90W चार्जर 30W चार्जर: मिड-रेंज और कई फ्लैगशिप फोन में आमतौर पर इस्तेमाल होता है. बैलेंस्ड चार्जिंग देता है और कम गर्मी पैदा करता है. 90W चार्जर: प्रीमियम स्मार्टफोन के लिए डिजाइन किया गया है. बैटरी को बेहद तेजी से चार्ज करता है, कई बार 15 मिनट में ही 50% तक. लेकिन ध्यान रहे, अगर आपका फोन सिर्फ 30W सपोर्ट करता है, तो 90W चार्जर लगाने से भी फोन उतना ही पावर खींचेगा जितना उसकी क्षमता है. क्या हाई-वॉट चार्जिंग बैटरी को नुकसान पहुंचाती है? लिथियम-आयन बैटरियां गर्मी के प्रति संवेदनशील होती हैं. तेज चार्जिंग के शुरुआती मिनटों में बैटरी ज्यादा गर्म हो सकती है और लंबे समय तक बार-बार ऐसा होने से हेल्थ पर असर पड़ सकता है. हालांकि, आधुनिक स्मार्टफोन बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम से लैस होते हैं. ये चार्जिंग स्पीड और तापमान को नियंत्रित करते हैं और 80% के बाद चार्जिंग धीमी कर देते हैं ताकि बैटरी की उम्र सुरक्षित रहे. तेज बनाम धीमी चार्जिंग तेज चार्जिंग सुविधा देती है, लेकिन धीमी चार्जिंग बैटरी की लंबी उम्र के लिए बेहतर मानी जाती है. 20W या 30W चार्जर से चार्जिंग के दौरान कम गर्मी पैदा होती है, जिससे बैटरी कई सालों तक स्वस्थ रह सकती है. फिर भी, अगर आपका फोन कंपनी-टेस्टेड फास्ट चार्जिंग सपोर्ट करता है, तो चिंता की जरूरत नहीं. कौन सा चार्जर चुनें? सबसे सुरक्षित विकल्प है- वही चार्जर इस्तेमाल करना जो आपके फोन निर्माता ने सुझाया हो. सर्टिफाइड चार्जर बैटरी को सुरक्षित रखते हैं और सही वॉटेज पर काम करते हैं. रोजमर्रा के लिए मध्यम वॉट वाले चार्जर बेहतर हैं, जबकि जरूरत पड़ने पर हाई-वॉट चार्जर काम आते हैं. यह भी पढ़ें: मोबाइल फोन खो गया? पहले 15 मिनट में करेंगे यह काम, तो कम होगा नुकसान यह भी पढ़ें: Bluetooth ऑन रखते ही कितनी बैटरी फुर्र हो जाती है? ईयरफोन या स्मार्टवॉच कनेक्ट करने से पहले जान लें यह भी पढ़ें: बार-बार चार्जिंग में आ रही दिक्कत? इन आसान तरीकों से मिनटों में साफ करें फोन का चार्जिंग पोर्ट यह भी पढ़ें: फास्ट चार्जिंग होने के बाद भी फोन स्लो चार्ज हो रहा है? वजह हो सकती हैं ये 3 गलतियां The post 30, 60 या 90! आपके फोन के लिए कितने वॉट का चार्जर है बेस्ट? appeared first on Naya Vichar.

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