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February 5, 2026

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रमा खलखो से ज्यादा अमीर रोशनी खलखो, किस पर कितना केस?

Net Worth: झारखंड की राजधानी रांची में नगर निगम चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मी तेज हो गई है. मेयर पद के लिए मैदान में उतरे उम्मीदवारों ने नामांकन के साथ चुनाव आयोग के समक्ष अपने शपथ पत्र दाखिल कर दिए हैं. इसी क्रम में पूर्व मेयर रमा खलखो और प्रत्याशी रोशनी खलखो की संपत्ति का ब्योरा भी सामने आया है. आंकड़ों के मुताबिक रोशनी खलखो, रमा खलखो से ज्यादा संपत्ति की मालकिन हैं. रोशनी खलखो की संपत्ति 1.76 करोड़ रुपये शपथ पत्र में दी गई जानकारी के अनुसार रोशनी खलखो के पास कुल 1.76 करोड़ रुपये की संपत्ति है. आयकर रिटर्न 2025-26 के अनुसार उनकी वार्षिक आय 6.89 लाख रुपये बताई गई है. वहीं उनके पति सुजीत उरांव की सालाना आय 7.06 लाख रुपये है. पति-पत्नी दोनों व्यवसाय से जुड़े हुए हैं और नियमित रूप से आयकर रिटर्न दाखिल करते हैं. अचल संपत्ति और निवेश का पूरा ब्योरा रोशनी खलखो के नाम पर 46 लाख रुपये की अचल संपत्ति दर्ज है. वहीं उनके पति सुजीत उरांव के पास 65 लाख रुपये की अचल संपत्ति है. इसके अलावा दोनों के नाम से 3.03 लाख रुपये का म्यूचुअल फंड निवेश भी दर्ज है. रोशनी खलखो के नाम पर 90,436 रुपये की एलआइसी पॉलिसी है, जबकि पति-पत्नी के संयुक्त नाम से 68,846 रुपये की एलआइसी पॉलिसी मौजूद है. पति पर 11 लाख रुपये का कर्ज शपथ पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि रोशनी खलखो के पति सुजीत उरांव पर करीब 11 लाख रुपये का कर्ज है. हालांकि कुल संपत्ति के लिहाज से इसे संतुलित माना गया है. चुनाव आयोग को दी गई जानकारी में किसी प्रकार की संपत्ति छिपाने का कोई संकेत नहीं दिया गया है. शैक्षणिक योग्यता और उम्र शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो रोशनी खलखो स्नातक तक शिक्षित हैं. उन्होंने दसवीं की पढ़ाई आजाद हाई स्कूल से की है. वर्ष 2009 में योगदा सत्संग कॉलेज से इंटरमीडिएट और वर्ष 2012 में स्नातक की पढ़ाई पूरी की. शपथ पत्र के अनुसार उनकी उम्र 35 वर्ष है. रमा खलखो की कुल संपत्ति करीब 96 लाख रुपये इधर, पूर्व मेयर रमा खलखो की कुल संपत्ति करीब 96 लाख रुपये बताई गई है. इसमें चल और अचल दोनों प्रकार की संपत्तियां शामिल हैं. रमा खलखो के नाम पर चल संपत्ति 1,18,582 रुपये है. उनके पति की चल संपत्ति 1,62,700 रुपये और आश्रित की संपत्ति 2,61,423.41 रुपये दर्ज की गई है. इस प्रकार परिवार की कुल चल संपत्ति लगभग 5.42 लाख रुपये होती है. अचल संपत्ति का बड़ा हिस्सा भवन में रमा खलखो की अचल संपत्ति में आवासीय भवन का अनुमानित बाजार मूल्य 40,82,854 रुपये बताया गया है. वहीं उनके पति के नाम से दुकान और भवन की कीमत 49,40,907 रुपये दर्ज है. इस तरह कुल अचल संपत्ति करीब 90.23 लाख रुपये बैठती है. चल और अचल संपत्ति को मिलाकर रमा खलखो की कुल संपत्ति करीब 96 लाख रुपये आंकी गई है. रमा खलखो की शैक्षणिक पृष्ठभूमि रमा खलखो की शैक्षणिक योग्यता भी शपथ पत्र में दर्ज है. उन्होंने वर्ष 1987 में उर्सुलाइन कॉन्वेंट से मैट्रिक की परीक्षा उत्तीर्ण की. इसके बाद सेंट ज़ेवियर्स कॉलेज, रांची से इंटरमीडिएट की पढ़ाई पूरी की. वर्ष 1991 से 1994 के बीच उन्होंने रांची विश्वविद्यालय से बीए स्नातक की डिग्री हासिल की. रोशनी खलखो के खिलाफ दो प्राथमिकी दर्ज शपथ पत्र के अनुसार रोशनी खलखो के खिलाफ दो प्राथमिकी दर्ज हैं. सुखदेव नगर थाना में कांड संख्या 5/2021 और लालपुर थाना में कांड संख्या 29/22 दर्ज है. लालपुर थाना के मामले में अदालत ने तीन फरवरी 2026 को उन्हें जमानत प्रदान की है. इन सभी मामलों की जानकारी उन्होंने अपने शपथ पत्र में स्पष्ट रूप से दी है. रमा खलखो पर एक आपराधिक मामला रमा खलखो के खिलाफ भी एक आपराधिक मामला दर्ज है. लातेहार थाना कांड संख्या 92/13 में आइपीसी की धारा 147, 353, 336 और 283 के तहत मामला विशेष न्यायाधीश (विजिलेंस), रांची की अदालत में संज्ञानाधीन बताया गया है. शपथ पत्र में किसी प्रकार की सजा या अपील से जुड़ी जानकारी का उल्लेख नहीं किया गया है. इसे भी पढ़ें: जमशेदपुर के आदित्यपुर स्टेशन से खुलेंगी आठ एक्सप्रेस ट्रेनें, आज से शुरुआत चुनावी पारदर्शिता की दिशा में अहम जानकारी रांची नगर निगम चुनाव में दोनों प्रमुख प्रत्याशियों द्वारा संपत्ति और आपराधिक मामलों का खुलासा मतदाताओं के लिए अहम माना जा रहा है. चुनाव आयोग के नियमों के तहत यह जानकारी सार्वजनिक की गई है, जिससे मतदाता सोच-समझकर अपना प्रतिनिधि चुन सकें. इसे भी पढ़ें: गुरुजी के इर्द-गिर्द घूमता रहा झामुमो स्थापना दिवस, आधी आबादी बनी ताकत The post रमा खलखो से ज्यादा अमीर रोशनी खलखो, किस पर कितना केस? appeared first on Naya Vichar.

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शेयर बाजार में सुस्ती, सेंसेक्स-निफ्टी सपाट, IT और चांदी में बड़ी गिरावट

शेयर बाजार: गुरुवार को हिंदुस्तानीय शेयर बाजार में थोड़ी सुस्ती देखी जा रही है. पिछले कुछ दिनों की शानदार तेजी के बाद अब बाजार ‘कंसोलिडेशन’ मोड में है, यानी इंडेक्स एक दायरे में घूम रहा है. जहां सेंसेक्स और निफ्टी की शुरुआत लगभग सपाट रही, वहीं IT सेक्टर और चांदी की कीमतों में जोरदार गिरावट ने निवेशकों को थोड़ा सतर्क कर दिया है. बाजार का ताजा हाल सुबह जब बाजार खुला, तो आंकड़ों में कोई बड़ी हलचल नहीं थी. निफ्टी 50: 25,755.90 पर खुला (20 अंकों की मामूली गिरावट). सेंसेक्स: 83,757.54 पर खुला (करीब 60 अंकों की गिरावट). मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि हिंदुस्तान-यूएस डील के बाद आई बड़ी तेजी के बाद अब बाजार थोड़ा सुस्ता रहा है. IT सेक्टर में डर क्यों? आज सबसे ज्यादा चर्चा IT शेयरों की हो रही है. अमेरिका में IT शेयरों की बिकवाली का असर हिंदुस्तानीय बाजार पर भी दिख रहा है. इसकी एक बड़ी वजह Anthropic (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कंपनी) के नए ऑटोमेशन टूल्स हैं. बाजार को लग रहा है कि ये नए AI टूल्स उन सेवाओं की जगह ले सकते हैं जिन्हें कंपनियां अभी हिंदुस्तानीय IT फर्मों को आउटसोर्स करती हैं. इससे कंपनियों के मुनाफे (Margins) पर दबाव पड़ सकता है. निफ्टी IT इंडेक्स आज 0.36% नीचे ट्रेड कर रहा है. सेक्टरवार प्रदर्शन: कहां हरियाली, कहां लाल निशान? बाजार में मिला-जुला रुख देखने को मिल रहा है. सेक्टर स्थिति वजह ऑटो (Auto) 0.20% की बढ़त घरेलू मांग और कम ब्याज दरों की उम्मीद. मेटल (Metal) 1.71% की भारी गिरावट वेदांता और हिंदुस्तान जिंक जैसे शेयरों में बिकवाली. चांदी (Silver) 9% की भारी गिरावट MCX पर चांदी की कीमतें औंधे मुंह गिरीं. सोना (Gold) 1.25% की गिरावट ग्लोबल सेंटीमेंट्स के कारण सोने में भी नरमी. Also Read: फरवरी में खुलेंगे इन 7 कंपनियों के आईपीओ, निवेश से पहले जान लें पूरी डिटेल्स The post शेयर बाजार में सुस्ती, सेंसेक्स-निफ्टी सपाट, IT और चांदी में बड़ी गिरावट appeared first on Naya Vichar.

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शांत रहकर दुनिया कैसे जीतें? चाणक्य का वो गुप्त मंत्र जो हर बुद्धिमान इंसान को पता होना चाहिए

Chanakya Niti: शोर मचाने से नहीं, बल्कि शांत रहकर सही चाल चलने से जीत हासिल होती है. आचार्य चाणक्य के अनुसार, मौन कमजोरों का नहीं, बल्कि बुद्धिमानों का हथियार है. जब आप शांत होते हैं, तो आप अपनी ऊर्जा बचाते हैं और सामने वाले की रणनीति को बेहतर समझ पाते हैं. आज की दुनिया में जहां हर कोई खुद को साबित करने के लिए चिल्ला रहा है, वहां चाणक्य की शांत रहकर जीतने की नीति आपको सबसे पावरफुल बना सकती है. आइए जानते हैं शांति के इस गुप्त मंत्र के पीछे का मनोविज्ञान. मौन: एक शक्तिशाली हथियार | Silence: A Powerful Weapon चाणक्य कहते हैं कि जो व्यक्ति अपनी जुबान पर काबू रखता है, वह हर संकट से बचा रहता है. अनावश्यक बोलने से न केवल आपकी ऊर्जा नष्ट होती है, बल्कि आप अनजाने में अपने राज भी खोल देते हैं. शांत रहकर आप दूसरों को यह समझने का मौका नहीं देते कि आपके दिमाग में क्या चल रहा है. मूर्खों से कभी बहस न करें | Never Argue with Fools चाणक्य नीति के अनुसार, मूर्ख व्यक्ति से बहस करना अपना समय और सम्मान खोने जैसा है. बुद्धिमान व्यक्ति शांत रहकर वहां से निकल जाता है. आपकी चुप्पी ही मूर्ख के लिए सबसे बड़ा दंड है. इससे आपकी गरिमा (Dignity) बनी रहती. अपनी योजनाओं को गुप्त रखें | Keep Your Plans Secret किसी भी बड़े लक्ष्य को पाने के लिए उसका गुप्त रहना जरूरी है. चाणक्य के अनुसार, अपने काम का ढिंढोरा न पीटें, बल्कि शांति से मेहनत करें ताकि आपकी सफलता शोर मचाए. शांति से बनाई गई रणनीतियां हमेशा सफल होती हैं क्योंकि विरोधियों को संभलने का मौका नहीं मिलता. सुनने की कला | Develop the Art of Listening दुनिया जीतने के लिए बोलना कम और सुनना ज्यादा जरूरी है. जब आप शांत होकर सुनते हैं, तो आप सामने वाले की कमजोरी और ताकत दोनों जान लेते हैं. एक अच्छा श्रोता ही एक महान लीडर बन सकता है. कठिन समय में संयम | Patience in Difficult Times विपरीत परिस्थितियों में जो व्यक्ति चिल्लाने के बजाय शांत रहकर समाधान ढूंढता है, वही विजेता बनता है. शांति आपको गहराई से सोचने और सही निर्णय लेने की शक्ति देती है. ये भी पढ़ें: Chanakya Niti: पीठ पीछे वार करने वाले दोस्तों की ऐसे करें पहचान, चाणक्य नीति में छिपे हैं बचाव के उपाय ये भी पढ़ें: Chanakya Niti: गरीबी को जड़ से मिटा देंगे चाणक्य के ये 4 मंत्र, अगर सफल होना है तो आज ही गांठ बांध लें ये बातें ये भी पढ़ें: Chanakya Niti: सांप से भी ज्यादा जहरीले होते हैं ऐसे इंसान, भूलकर भी न करें इन पर भरोसा Disclaimer: यह आर्टिकल सामान्य जानकारियों और मान्यताओं पर आधारित है. नया विचार इसकी पुष्टि नहीं करता है. The post शांत रहकर दुनिया कैसे जीतें? चाणक्य का वो गुप्त मंत्र जो हर बुद्धिमान इंसान को पता होना चाहिए appeared first on Naya Vichar.

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जमशेदपुर के आदित्यपुर स्टेशन से खुलेंगी आठ एक्सप्रेस ट्रेनें, आज से शुरुआत

Indian Railways News: झारखंड के जमशेदपुर में टाटानगर रेलवे स्टेशन और आदित्यपुर स्टेशन के लिए पांच फरवरी का दिन काफी महत्वपूर्ण होने जा रहा है. वर्षों से टाटानगर रेलवे स्टेशन से संचालित होने वाली चार जोड़ी यानी आठ एक्सप्रेस और पैसेंजर ट्रेनों का परिचालन अब आदित्यपुर रेलवे स्टेशन से किया जाएगा. रेलवे बोर्ड के निर्देश पर दक्षिण पूर्व रेलवे ने यह बड़ा फैसला लिया है, जिससे टाटानगर स्टेशन पर बढ़ते यात्री दबाव को कम किया जा सके. टाटानगर से आदित्यपुर किया गया टर्मिनल स्थान परिवर्तन दक्षिण पूर्व रेलवे के चक्रधरपुर रेलमंडल के अंतर्गत आने वाली चार जोड़ी एक्सप्रेस और पैसेंजर ट्रेनों के टर्मिनल में बदलाव किया गया है. अब इन ट्रेनों का अंतिम पड़ाव टाटानगर के बजाय आदित्यपुर स्टेशन होगा. इसका मतलब यह है कि ये ट्रेनें अब आदित्यपुर से ही खुलेंगी और वहीं समाप्त होंगी. यह आदेश 5 फरवरी गुरुवार से प्रभावी हो जाएगा. सुवर्णरेखा एक्सप्रेस और हटिया पैसेंजर का टर्मिनल बदला गुरुवार से धनबाद-टाटानगर सुवर्णरेखा एक्सप्रेस और हटिया-टाटानगर पैसेंजर ट्रेन का अंतिम पड़ाव आदित्यपुर स्टेशन कर दिया गया है. इसी तरह, टाटानगर-धनबाद सुवर्णरेखा एक्सप्रेस और टाटानगर-हटिया पैसेंजर भी अब आदित्यपुर से संचालित होंगी. इससे टाटानगर स्टेशन पर प्लेटफार्म और ट्रैक पर पड़ने वाला अतिरिक्त दबाव कम होगा. यात्रियों को नहीं होगी परेशानी, दूरी बेहद कम रेलवे प्रशासन के अनुसार टाटानगर और आदित्यपुर स्टेशन के बीच की दूरी बेहद कम है. ऐसे में यात्रियों को आदित्यपुर से ट्रेन पकड़ने में किसी प्रकार की असुविधा नहीं होगी. इसके उलट, यात्रियों को अप्रत्याशित भीड़ से राहत मिलेगी. रेलवे का मानना है कि आदित्यपुर से ट्रेनों का परिचालन शुरू होने से टाटानगर स्टेशन पर ट्रैफिक नियंत्रण बेहतर होगा. टाटानगर स्टेशन पर दबाव होगा कम रेलवे अधिकारियों ने बताया कि टाटानगर स्टेशन पर लगातार बढ़ रही ट्रेनों और यात्रियों की संख्या के कारण परिचालन व्यवस्था पर असर पड़ रहा था. आदित्यपुर स्टेशन को टर्मिनल बनाकर ट्रेनों के संचालन से टाटानगर स्टेशन पर प्लेटफार्म, सिग्नल और ट्रैक से जुड़ी समस्याओं में काफी हद तक सुधार आएगा. इससे ट्रेनों के समय पर परिचालन में भी मदद मिलेगी. डीआरएम के मार्गदर्शन में पूरे हुए विकास कार्य रेलवे के अनुसार डीआरएम तरुण हुरिया के मार्गदर्शन में आदित्यपुर स्टेशन पर जरूरी संरक्षा और यात्री सुविधाओं से जुड़े विकास कार्य पूरे कर लिए गए हैं. संरक्षा अधिकारियों और विभिन्न विभागों के प्रमुखों के विशेषज्ञ नेतृत्व में प्लेटफार्म, सर्कुलेटिंग एरिया और यात्री सुविधा से जुड़े कार्यों को अंतिम रूप दिया गया है, ताकि यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो. आदित्यपुर स्टेशन से चलने वाली ट्रेनों की समय-सारिणी जारी दक्षिण पूर्व रेलवे के उपमुख्य परिचालन प्रबंधक (यात्री परिवहन) श्रीनिवास सामंत ने टाटानगर से आदित्यपुर टर्मिनल परिवर्तन की जानकारी देते हुए ट्रेनों की समय-सारिणी भी जारी की है. उन्होंने बताया कि चरणबद्ध तरीके से अन्य ट्रेनों के टर्मिनल में भी बदलाव पर विचार किया जा सकता है. आदित्यपुर से संचालित होने वाली ट्रेनें और समय धनबाद-टाटानगर सुवर्णरेखा एक्सप्रेस (13301) 5 फरवरी से दोपहर 12.05 बजे. टाटानगर-धनबाद सुवर्णरेखा एक्सप्रेस (13302) 5 फरवरी से शाम 3.35 बजे. हटिया-टाटानगर पैसेंजर (68036) 5 फरवरी से रात 11.35 बजे. टाटानगर-हटिया पैसेंजर (68035) 5 फरवरी से सुबह 6.35 बजे. आसनसोल-टाटानगर एक्सप्रेस (13512) 6 फरवरी से दोपहर 12.50 बजे. टाटानगर-आसनसोल एक्सप्रेस (13511) 6 फरवरी से दोपहर 1.25 बजे. विशाखापत्तनम-टाटानगर साप्ताहिक एक्सप्रेस (20816) 29 मार्च से सुबह 6.35 बजे. टाटानगर-विशाखापत्तनम साप्ताहिक एक्सप्रेस (20815) 30 मार्च से सुबह 7.30 बजे. इसे भी पढ़ें: बोकारो के बड़कीपुन्नू में हाथियों का आतंक, तीन बुजुर्गों की मौत रेल परिचालन में सुधार की दिशा में बड़ा कदम रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यह फैसला यात्री सुविधा और परिचालन सुधार की दिशा में बड़ा कदम है. आदित्यपुर स्टेशन को टर्मिनल बनाने से न सिर्फ टाटानगर स्टेशन पर दबाव कम होगा, बल्कि पूरे चक्रधरपुर रेलमंडल की ट्रैफिक व्यवस्था अधिक सुचारू हो सकेगी. इसे भी पढ़ें: गुरुजी के इर्द-गिर्द घूमता रहा झामुमो स्थापना दिवस, आधी आबादी बनी ताकत The post जमशेदपुर के आदित्यपुर स्टेशन से खुलेंगी आठ एक्सप्रेस ट्रेनें, आज से शुरुआत appeared first on Naya Vichar.

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पटना-गया पैसेंजर 21 मार्च तक रद्द, गंगा दामोदर समेत 8 ट्रेनों के रूट बदले

Indian Railway: गया जंक्शन के पुनर्विकास कार्य के चलते रेलवे ने 45 दिनों का मेगा ब्लॉक लिया है, जिसका सीधा असर पटना–गया रेलखंड पर चलने वाली ट्रेनों पर पड़ा है. पांच फरवरी से 21 मार्च तक प्लेटफॉर्म संख्या दो और तीन पूरी तरह बंद रहेंगे. इस दौरान पटना–गया पैसेंजर ट्रेन को रद्द कर दिया गया है, जबकि आठ ट्रेनें बदले हुए मार्ग से और कई ट्रेनें आंशिक समापन व प्रारंभ के साथ चलाई जाएंगी. गया जंक्शन पर 21 मार्च तक सफर में बड़ा बदलाव गया जंक्शन के पुनर्विकास और प्लेटफॉर्म संख्या 2 व 3 के आधुनिकीकरण के लिए रेलवे ने गुरुवार, 5 फरवरी से 21 मार्च तक का बड़ा ब्लॉक लिया है. इस 45 दिवसीय कार्य के कारण पटना और गया के बीच चलने वाली पैसेंजर ट्रेनों पर सबसे ज्यादा असर पड़ा है. पूर्व मध्य रेलवे (पूमरे) के मुताबिक, विकास कार्यों की वजह से ट्रेन संख्या 53213/53214 (पटना-गया-पटना पैसेंजर) को पूरी तरह रद्द कर दिया गया है. इसके अलावा, दर्जनों ट्रेनों के समय और स्टेशन में फेरबदल किया गया है, जिससे दैनिक यात्रियों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं. गंगा दामोदर और बुद्ध पूर्णिमा एक्सप्रेस के बदले रास्ते इस मेगा ब्लॉक का असर लंबी दूरी की महत्वपूर्ण ट्रेनों पर भी दिख रहा है. पटना से धनबाद जाने वाली प्रसिद्ध गंगा दामोदर एक्सप्रेस अब अपने पुराने रास्ते के बजाय फतुहा-इस्लामपुर-नटेसर-तिलैया होकर चलेगी. इसी तरह, राजगीर-वाराणसी बुद्ध पूर्णिमा एक्सप्रेस और पटना-भभुआ रोड इंटरसिटी को आरा-सासाराम के रास्ते डाइवर्ट कर दिया गया है. पूर्णिया कोर्ट-हटिया एक्सप्रेस (कोसी एक्सप्रेस) भी अब बख्तियारपुर से बिहारशरीफ, राजगीर और तिलैया होकर रांची की ओर जाएगी. यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे ट्रेन पकड़ने से पहले नेशनल ट्रेन इंक्वायरी सिस्टम (NTES) पर लाइव स्टेटस जरूर चेक कर लें. चाकंद बनेगा नया ‘स्टॉपेज’, गया जाने वालों के लिए चुनौती गया जंक्शन पर निर्माण कार्य के चलते पटना से गया आने वाली कई मेमू (MEMU) ट्रेनें अब गया तक नहीं पहुंचेंगी. इन ट्रेनों का ‘आंशिक समापन’ चाकंद स्टेशन पर किया जाएगा. यानी पटना से आने वाली ट्रेनें चाकंद तक ही जाएंगी और वहीं से वापस पटना के लिए लौट जाएंगी. गया जंक्शन से चाकंद की दूरी लगभग 10 किलोमीटर है, जिसे यात्रियों को सड़क मार्ग से तय करना होगा. इसके अलावा, आनंद विहार-गया गरीब रथ एक्सप्रेस अब पंडित दीनदयाल उपाध्याय (DDU) जंक्शन तक ही आएगी और वहीं से वापस लौटेगी. आरा वासियों के लिए खुशसमाचारी जनशताब्दी विस्तार की तैयारी रेलवे की इस उथल-पुथल के बीच एक अच्छी समाचार भी सामने आ रही है. रेलवे प्रशासन पटना-हावड़ा जनशताब्दी एक्सप्रेस का विस्तार आरा तक करने की योजना बना रहा है. यदि यह योजना धरातल पर उतरती है, तो भोजपुर और बक्सर क्षेत्र के लाखों यात्रियों को हावड़ा जाने के लिए एक सीधी और प्रीमियम ट्रेन की सुविधा मिल जाएगी. जंक्शन पर आने वाली अन्य महत्वपूर्ण ट्रेनों को प्लेटफॉर्म संख्या 6 और 7 से संचालित किया जा रहा है ताकि यात्रियों को कम से कम असुविधा हो. रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यह असुविधा अस्थायी है. गया जंक्शन के पुनर्विकास के बाद यात्रियों को आधुनिक प्लेटफॉर्म, बेहतर सुविधाएं और सुचारु परिचालन का लाभ मिलेगा. Also Read: बिहार के गर्ल्स हॉस्टल के लिए सख्त गाइडलाइन जारी: रजिस्ट्रेशन जरूरी, मेल्स की एंट्री पर रोक, 24 घंटे तैनात रहेगी वार्डन The post पटना-गया पैसेंजर 21 मार्च तक रद्द, गंगा दामोदर समेत 8 ट्रेनों के रूट बदले appeared first on Naya Vichar.

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वैलेंटाइन डे पर बॉयफ्रेंड को दें गिफ्ट, ये आइडियाज जीत लेंगे दिल

Valentine’s Gifts Ideas For Boyfriend: वैलेंटाइन डे प्यार जताने का सबसे खास दिन होता है. इस दिन हर लड़की चाहती है कि वे अपने बॉयफ्रेंड को ऐसा तोहफा दे जो उनके दिल को छू जाए और लंबे समय तक याद रहे. अगर आप भी कन्फ्यूज हैं कि बॉयफ्रेंड के लिए क्या गिफ्ट लें, तो ये आर्टिकल आपके लिए सही है.आइए बताते हैं वैलेंटाइन डे पर बॉयफ्रेंड को गिफ्ट देने के लिए बेस्ट आइडियाज.  हुडी सर्दियों के मौसम में हुडी एक परफेक्ट और यूजफुल गिफ्ट ऑप्शन है. आप बॉयफ्रेंड के पसंदीदा कलर या ब्रांड की स्टाइलिश हुडी चुन सकती हैं. चाहे तो इस पर कोई क्यूट मैसेज या उनके नाम का प्रिंट करवाकर इसे और भी स्पेशल बना सकती हैं.   स्मार्ट वॉच  अगर आपका बॉयफ्रेंड वॉच लवर है, तो स्मार्ट वॉच उनके लिए बेस्ट वैलेंटाइन गिफ्ट हो सकता है. स्मार्ट वॉच न सिर्फ स्टाइलिश दिखता है बल्कि फिटनेस ट्रैकिंग, कॉल-नोटिफिकेशन और हेल्थ मॉनिटरिंग जैसे फीचर्स भी देता है. मोबाइल कवर  मोबाइल कवर एक सिंपल लेकिन बहुत खास पर्सनल गिफ्ट है. आप कस्टमाइज्ड मोबाइल कवर बनवा सकती हैं, जिसमें दोनों की फोटो, कोई प्यारा कोट या लव मैसेज हो. ये बजट-फ्रेंडली होने के साथ-साथ रोज इस्तेमाल में आने वाला गिफ्ट भी है.  परफ्यूम परफ्यूम एक क्लासिक और हमेशा पसंद आने वाला गिफ्ट है. आप उनके पसंद के हिसाब से फ्रेश या मस्की फ्रेगरेंस चुन सकती हैं. ये गिफ्ट हमेशा इस्तेमाल में आने के साथ आपकी याद भी रोज दिलाएगा.  वॉलेट वैलेंटाइन डे पर बॉयफ्रेंड को वॉलेट गिफ्ट करना एक शानदार आइडिया है. इसके लिए आप लेदर वॉलेट को अपने ऑप्शन में रख सकती हैं. लेदर वॉलेट स्टाइलिश होने के साथ लंबे समय तक चलता है. इसमें वे अपना कार्ड, फोटो और भी समान के साथ पैसा रख सकते हैं.  यह भी पढ़ें: Valentine’s Day Special Red Velvet Cake: वैलेंटाइन डे को बनाएं खास, घर पर बनाएं सॉफ्ट और क्रीमी रेड वेलवेट केक यह भी पढ़ें: Valentine’s Day Surprise Ideas For Partner: वैलेंटाइन डे पर पार्टनर को इन सरप्राइज आइडियाज से जताएं अपना प्यार The post वैलेंटाइन डे पर बॉयफ्रेंड को दें गिफ्ट, ये आइडियाज जीत लेंगे दिल appeared first on Naya Vichar.

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गुरुजी के इर्द-गिर्द घूमता रहा झामुमो स्थापना दिवस, आधी आबादी बनी ताकत

धनबाद से नीरज अंबष्ट की रिपोर्ट JMM Foundation Day: दिशोम गुरु शिबू सोरेन के बिना धनबाद में आयोजित झामुमो का पहला स्थापना दिवस समारोह पूरी तरह उनके विचार, संघर्ष और विरासत के इर्द-गिर्द केंद्रित रहा. गोल्फ ग्राउंड में आयोजित इस कार्यक्रम में झामुमो के केंद्रीय अध्यक्ष और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने स्पष्ट संकेत दिया कि पार्टी का भविष्य, विस्तार और संघर्ष की दिशा गुरुजी की नीतियों से ही तय होगी. गुरुजी की अनुपस्थिति में भी मौजूद रही उनकी छाया यह पहला मौका था, जब झामुमो का स्थापना दिवस समारोह गुरुजी शिबू सोरेन की शारीरिक उपस्थिति के बिना मनाया गया. मंच पर गुरुजी के लिए अलग से कुर्सी लगाई गई थी, जिस पर उनकी तस्वीर रखी गई थी. पूरा पंडाल गुरुजी के नारों और उनकी विचारधारा से गूंजता रहा. हर वक्ता ने अपने संबोधन की शुरुआत और अंत गुरुजी के संघर्षों के जिक्र से किया. भीड़ ने दिया नेतृत्व को नया आत्मविश्वास बुधवार को गोल्फ मैदान में उमड़ी भारी भीड़ ने पार्टी नेतृत्व को नया संबल दिया. आयोजन स्थल सुबह से ही भरने लगा था. दूर-दराज के ग्रामीण इलाकों के साथ-साथ शहरी क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और समर्थक पहुंचे. कार्यक्रम के अंत तक भीड़ का डटे रहना यह संकेत दे गया कि झामुमो की जनाधार नेतृत्व अब भी मजबूत है. आधी आबादी बनी झामुमो की नई ताकत इस स्थापना दिवस समारोह की सबसे बड़ी खासियत स्त्रीओं की बड़ी भागीदारी रही. स्त्रीएं और युवतियां कार्यक्रम शुरू होने से पहले ही गोल्फ ग्राउंड पहुंचने लगी थीं. मुख्यमंत्री के कार्यक्रम स्थल से निकलने के बाद तक स्त्रीएं डटी रहीं. यह दृश्य पार्टी की रणनीति में हो रहे बदलाव की ओर इशारा करता है. झामुमो अब आधी आबादी के बीच अपनी पैठ मजबूत कर ग्रामीण के साथ-साथ शहरी मतदाता वर्ग को साधने की कोशिश में है. शहरी विस्तार की बुनियाद धनबाद से धनबाद जैसे शहरी और औद्योगिक जिले में इस तरह का शक्ति प्रदर्शन झामुमो के शहरी विस्तार की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है. अब तक झामुमो की पहचान ग्रामीण और आदिवासी इलाकों तक सीमित मानी जाती रही है. लेकिन इस कार्यक्रम ने यह संकेत दे दिया कि पार्टी अब शहरों में भी अपनी नेतृत्वक जमीन मजबूत करना चाहती है. कोयला मजदूरों पर फोकस, नई नेतृत्व की आहट झामुमो अब जल, जंगल और जमीन के पारंपरिक मुद्दों के साथ-साथ कोलियरी मजदूरों की समस्याओं पर भी फोकस करेगी. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने आउटसोर्सिंग कंपनियों में 75 प्रतिशत स्थानीय नियोजन का मुद्दा उठाकर साफ संकेत दिया कि पार्टी आने वाले समय में कोयला मजदूरों की नेतृत्व में निर्णायक भूमिका निभाना चाहती है. असंगठित मजदूर बनेगा बड़ा वोट बैंक कोयलांचल में असंगठित मजदूरों की संख्या काफी बड़ी है. अब तक इस वर्ग को साधने में भाजपा और कांग्रेस की भूमिका प्रमुख रही है. लेकिन अब झामुमो भी इस वर्ग में गहरी पैठ बनाने की तैयारी में है. सीएम द्वारा असंगठित मजदूरों को न्याय दिलाने की बात ने स्थानीय झामुमो नेतृत्व में उत्साह भर दिया है. गुरुजी के मार्ग पर ही आगे की नेतृत्व अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि पार्टी का हर आंदोलन, हर संघर्ष और हर विस्तार गुरुजी के बताए मार्ग पर ही होगा. झामुमो झारखंड की नेतृत्व के साथ-साथ राज्य के बाहर भी अपनी वैचारिक पहचान मजबूत करेगी. गुरुजी की विचारधारा ही पार्टी की सबसे बड़ी पूंजी है. इसे भी पढ़ें: धनबाद में आउटसोर्सिंग कंपनियों पर बरसे हेमंत सोरेन, 75% लोकल की नौकरी जरूरी स्थापना दिवस से मिला सियासी संदेश धनबाद का यह स्थापना दिवस समारोह केवल आयोजन नहीं, बल्कि झामुमो की आने वाली नेतृत्वक रणनीति का संकेत था. स्त्रीओं, मजदूरों और शहरी मतदाताओं पर बढ़ता फोकस बताता है कि पार्टी खुद को नए सामाजिक और नेतृत्वक समीकरणों के साथ ढालने की कोशिश में है. गुरुजी की विरासत को आधार बनाकर झामुमो अब नए विस्तार की राह पर आगे बढ़ने को तैयार दिख रही है. इसे भी पढ़ें: गुरुजी का विजन और बढ़ता जनाधार झामुमो की असली ताकत, 1973 में मनाया गया था पहला स्थापना दिवस The post गुरुजी के इर्द-गिर्द घूमता रहा झामुमो स्थापना दिवस, आधी आबादी बनी ताकत appeared first on Naya Vichar.

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बच्चे के लिए खोज रहे हैं मॉडर्न संस्कृत नाम? यहां देखें लिस्ट

Modern Sanskrit Baby Names: घर आए नन्हे लाडले या प्यारी गुड़िया के लिए हर कोई सबसे सुंदर और और बेहतरीन नाम की तलाश में रहता है. आजकल मॉडर्न संस्कृत नाम भी खूब ट्रेंड में है. क्या आप भी अपने शिशु के लिए संस्कृत नाम की तलाश में हैं, इसमें हम आपकी मदद करते हैं. यहां हम आपके शिशु के लिए मॉडर्न संस्कृत नामों की लिस्ट लेकर आए हैं. गहरे अर्थों वाले ये नाम इतने प्यारे हैं कि शिशु को इस नाम पुकारने पर हर कोई मुड़ कर देखेगा. तो फिर देरी किस बात की है. चलिए यहां देखते हैं मॉडर्न संस्कृत नामों की बेस्ट लिस्ट. लड़कों के लिए आधुनिक संस्कृत नाम (Modern Sanskrit Names for Boys) अयांश (Ayansh) – माता-पिता का हिस्सा युवान (Yuvan) – हमेशा जवान, युवा दक्ष (Daksh) – सक्षम, कुशल ईशान (Ishaan) – भगवान शिव कय्यान (Kayyan) – चमकता सितारा विहान (Vihaan) – सुबह की पहली किरण अद्वैत (Advait) – जो दूसरा न हो शिवांश (Shivansh) – भगवान शिव का अंश अद्विक (Advik) – जो सबसे अलग हो आरव (Aarav) –  शांत, मधुर ध्वनि रेयांश (Reyansh) –  रोशनी की किरण वेदांश (Vedansh) –  वेद का अंश यह भी पढ़ें: Baby Girl Short Names: अपनी बिटिया रानी के लिए देखिए बेस्ट छोटे नामों की लिस्ट लड़कियों के लिए आधुनिक संस्कृत नाम (Modern Sanskrit Names for Girls) वृंदा (Vrinda) – तुलसी का नाम आद्या (Aadya) –  पहली शक्ति, माँ दुर्गा मानवी (Manvi) – मानवता वाली वेदना (Vedna/Vedika) – ज्ञान का आधार आन्वी (Aanvi) –  देवी लक्ष्मी का नाम धृति (Dhriti) – धैर्य, साहस नव्या (Navya) –  नई, आधुनिक प्रानवी (Pranvi) – माँ लक्ष्मी का नाम विहानिका (Vihanika) – सुबह की पहली किरण श्लोका (Shloka) – पवित्र पंक्ति या मंत्र यश्वी (Yashvi) – प्रसिद्ध, कीर्ति पाने वाली इरा (Ira) –  ज्ञान की देवी, सरस्वती यह भी पढ़ें: Baby Girl Names: अपनी गुड़िया रानी को दें ये दो अक्षर वाले यूनिक नाम, हर कोई रखेगा याद   यह भी पढ़ें: Baby Names in Hindi: शिशु को देना है सुंदर नाम तो पहले देख लें ये लिस्ट, हर नाम आएगा पसंद The post शिशु के लिए खोज रहे हैं मॉडर्न संस्कृत नाम? यहां देखें लिस्ट appeared first on Naya Vichar.

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क्या है EPFO पासबुक लाइट और यह सामान्य पासबुक से कितनी अलग है? जानें सब कुछ

EPFO Passbook Lite: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) अपने करोड़ों सब्सक्राइबर्स के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए लगातार डिजिटल सुधार कर रहा है. इसी कड़ी में ईपीएफओ ने ‘पासबुक लाइट’ (Passbook Lite) फीचर पेश किया है. यह नया विकल्प उन पीएफ खाताधारकों के लिए गेम-चेंजर साबित हो रहा है, जो बिना किसी जटिल प्रक्रिया के तुरंत अपना बैलेंस चेक करना चाहते हैं. क्या है EPFO पासबुक लाइट? पासबुक लाइट असल में आपकी रेगुलर पासबुक का एक स्मार्ट और फास्ट वर्जन है. पहले PF बैलेंस या अन्य जानकारी के लिए सदस्यों को एक अलग ई-पासबुक पोर्टल पर जाना पड़ता था, लेकिन अब इस लाइट वर्जन की मदद से आप Member Portal पर लॉग-इन करते ही मुख्य जानकारी देख सकते हैं. यह कम इंटरनेट स्पीड में भी तेजी से काम करता है. इन सुविधाओं से लैस है पासबुक लाइट पासबुक लाइट को खास तौर पर उन लोगों के लिए डिजाइन किया गया है जो कम समय में स्टेटस जानना चाहते हैं। इसमें आप मुख्य रूप से ये चीजें देख सकते हैं: कुल पीएफ बैलेंस: आपके खाते में जमा कुल राशि. योगदान की समरी: कर्मचारी और नियोक्ता (Company) द्वारा जमा किया गया हिस्सा. हालिया ट्रांजैक्शन: आखिरी बार की गई निकासी (Withdrawal) का विवरण. रेगुलर पासबुक और पासबुक लाइट में अंतर कई लोग उलझन में हैं कि उन्हें कौन सी पासबुक देखनी चाहिए. इसका सीधा जवाब आपकी जरूरत पर निर्भर करता है: पासबुक लाइट (Passbook Lite) रेगुलर पासबुक (Detailed) क्विक चेक और बैलेंस समरी के लिए. हर महीने के योगदान और ब्याज की पूरी डिटेल के लिए. सीधे मेंबर पोर्टल पर उपलब्ध. अलग ई-पासबुक वेबसाइट पर लॉग-इन जरूरी. केवल मुख्य और जरूरी जानकारी. ग्राफ, ऐतिहासिक डेटा और महीने-दर-महीने का विवरण. अब क्लेम सेटलमेंट होगा और भी तेज सिर्फ पासबुक ही नहीं, EPFO ने प्रक्रियाओं को और भी सरल बनाया है. अब नौकरी बदलते समय PF ट्रांसफर को ट्रैक करने के लिए Annexure K डाउनलोड करना बेहद आसान हो गया है. साथ ही, निचले स्तर के अधिकारियों को अधिक शक्तियां दी गई हैं ताकि आपके क्लेम और ट्रांसफर की फाइलें दफ्तरों में न अटकें और काम में पारदर्शिता आए. Also Read: ओला-उबर को टक्कर देने आ रही हिंदुस्तान टैक्सी, जानें यात्रियों को क्या मिलेगा फायदा The post क्या है EPFO पासबुक लाइट और यह सामान्य पासबुक से कितनी अलग है? जानें सब कुछ appeared first on Naya Vichar.

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रेडमी नोट 15 प्रो सीरीज की सेल शुरू, मिल रहा बंपर डिस्काउंट

अगर आप नया स्मार्टफोन लेने का मन बना रहे हैं और चाहते हैं कि कैमरा दमदार हो, परफॉर्मेंस तगड़ी मिले और बैटरी दिनभर साथ निभाए, तो फिर Redmi Note 15 Pro Series आपके लिए अच्छा ऑप्शन हो सकता है. इस सीरीज में दो मॉडल्स Redmi Note 15 Pro+ 5G और Redmi Note 15 Pro 5G शामिल हैं. ये दोनों फोन खास तौर पर उन यूजर्स के लिए हैं, जो मिड-प्रीमियम बजट में फ्लैगशिप जैसा एक्सपीरियंस चाहते हैं. दोनों मॉडल्स की सेल हिंदुस्तान में शुरू हो चुकी है और ग्राहक इसे शाओमी के ऑफिशियल वेबसाइट, अमेजन और ऑफलाइन स्टोर्स से खरीद सकते हैं. क्या है सीरीज की कीमत? सीरीज के स्टैंडर्ड मॉडल Redmi Note 15 Pro 5G दो वेरिएंट 8GB+128GB और 8GB+256GB ऑप्शन में अवेलेबल है. बेस वेरिएंट की कीमत 29,999 रुपये और टॉप वेरिएंट की कीमत 31,999 रुपये है. यह फोन Carbon Black, Mirage Blue और Silver Ash कलर ऑप्शन में मिलेगा. वहीं, टॉप मॉडल Redmi Note 15 Pro+ 5G तीन वेरिएंट 8GB+256GB, 12GB+256GB और 12GB+512GB ऑप्शन में अवेलेबल है. बेस वेरिएंट की कीमत 37,999 रुपये, मिड वेरिएंट की कीमत 39,999 रुपये और टॉप वेरिएंट की कीमत 43,999 रुपये है. यह फोन Carbon Black, Coffee Mocha और Mirage Blue कलर्स में अवेलेबल है. ऑफर कि बात करें, तो कंपनी अपने दोनों लेटेस्ट मॉडल्स पर 3,000 रुपये तक का इंस्टेंट बैंक डिस्काउंट दे रही है. डिस्काउंट का फायदा HDFC Bank, SBI और ICICI Bank के क्रेडिट कार्ड पर उठाया जा सकता है. डिस्प्ले और डिजाइन सीरीज के दोनों मॉडल्स में 6.83-इंच की बड़ी AMOLED डिस्प्ले दी गई है, जो 1.5K रेजोल्यूशन और 120Hz रिफ्रेश रेट को सपोर्ट करती है. स्क्रीन की पीक ब्राइटनेस 3,200 निट्स तक जाती है और इसमें Gorilla Glass Victus 2 की प्रोटेक्शन मिलती है. Redmi का दावा है कि ये फोन IP66, IP68, IP69 और IP69K रेटिंग के साथ आते हैं. यानी पानी और धूल से अच्छी सुरक्षा मिलती है. परफॉर्मेंस और सॉफ्टवेयर Redmi Note 15 Pro+ 5G में Snapdragon 7s Gen 4 प्रोसेसर दिया गया है, जबकि Redmi Note 15 Pro 5G में MediaTek Dimensity 7400-Ultra चिपसेट मिलता है. दोनों फोन Android 15 पर बेस्ड HyperOS 2 पर काम करेंगे. कैमरा फीचर्स फोटोग्राफी के शौकीनों के लिए, Redmi ने बड़ा दांव स्पोर्ट्सा है. दोनों फोन में 200MP का प्राइमरी रियर कैमरा दिया गया है, जिसमें OIS सपोर्ट मिलता है. इसके साथ 8MP का अल्ट्रा-वाइड कैमरा भी मौजूद है. सेल्फी के लिए Note 15 Pro+ 5G में 32MP का फ्रंट कैमरा है, जबकि Note 15 Pro 5G में 20MP का सेल्फी कैमरा दिया गया है. बैटरी और चार्जिंग Redmi Note 15 Pro+ 5G में 6,500mAh की सिलिकॉन-कार्बन बैटरी दी गई है, जो 100W फास्ट चार्जिंग को सपोर्ट करती है. वहीं, Note 15 Pro 5G में 6,580mAh बैटरी मिलती है, लेकिन चार्जिंग स्पीड 45W है. दोनों ही फोन 22.5W रिवर्स वायर्ड चार्जिंग को भी सपोर्ट करते हैं. डिसक्लेमर: डिस्काउंट की जानकारी अमेजन के वेबसाइट पर दी गई जानकारी पर बेस्ड है. ऐसे में अच्छे से ऑफर्स और डिस्काउंट चेक कर लें. क्योंकि, कीमत और ऑफर्स में कभी भी बदलाव हो सकता है. यह भी पढ़ें: प्रीमियम फोन चाहिए? 50 हजार से कम में ये हैं बेस्ट ऑप्शंस The post रेडमी नोट 15 प्रो सीरीज की सेल शुरू, मिल रहा बंपर डिस्काउंट appeared first on Naya Vichar.

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