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February 7, 2026

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5 माह से लापता संतोष कुमार का कोई पता नहीं, परिवार ने रखा 2 लाख का इनाम

Bokaro: सेक्टर 6 थाना क्षेत्र से 27 अगस्त-2025 से लापता लैब टेक्नीशियन संतोष कुमार को खोजने में अब तक बोकारो पुलिस नाकाम रही है. परिजनों ने संतोष के बारे में सूचना देनेवालों को दो लाख रुपये देने की घोषणा की है. इस घोषणा से संबंधित एक वीडियो परिजनों ने सोशल मीडिया पर जारी की है. सेक्टर 6 थाना प्रभारी इंस्पेक्टर संगीता कुमारी सहित कई थानेदारों की टीम ने लापता संतोष को खोजने के लिए डॉग स्क्वायड का सहारा लिया. डॉग सेक्टर 11 के जंगल में जाकर घूमता रहा. कई दिनों तक डॉग स्क्वायड को घुमाया गया, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ. ड्रोन कैमरा का सहारा लिया गया. सेक्टर 11 के सुनसान पड़े एक-एक ब्लॉक को छान मारा गया. सेक्टर 6 से लेकर शहर के सभी चौक-चौराहों का सीसीटीवी फुटेज देखा गया, लेकिन सभी प्रयास विफल रहे. एसआइटी भी संतोष को खोजने में नाकाम संतोष को खोजने के लिए एसपी हरविंदर सिंह ने एसआइटी (10 सितंबर 20025 को गठित) का गठन किया. सिटी डीएसपी आलोक रंजन के नेतृत्व में एसआइटी ने कई बार आवास से लेकर सेक्टर 11 तक चक्कर काटा. सेक्टर 6 में प्रवेश करने वाले मुख्य रास्ते सहित आसपास के सभी सीसीटीवी कैमरों के फुटेज की जांच की गई. संतोष के मित्रों से मुलाकात की. संतोष की बैठकी वाले कई जगहों का निरीक्षण किया गया. क्षेत्र के कई प्रमुख स्थानों की छानबीन की गई. संतोष के रोजमर्रा के संपर्क में रहनेवाले कई लोगों का कांट्रेक्ट नंबर और नाम नोट किया गया. बिहार में छापेमारी की गई. 27 अगस्त की सुबह घर से निकला और फिर नहीं लौटा इसके साथ ही एक स्त्री को कब्जे में लेकर पूछताछ की गई. इसके बाद भी अब तक संतोष का कुछ पता नहीं चला. मामले की गंभीरता से जांच के लिए कांग्रेस के तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने एसपी से बात भी की. स्वास्थ्य कर्मियों ने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को ज्ञापन देकर लापता संतोष को खोजने के लिए दबाव भी बनाया, लेकिन अब तक कोई नतीजा सामने नहीं आ पाया. बता दें कि संतोष 27 अगस्त 2025 की सुबह 6.30 बजे के करीब अपने आवास से निकले. इसके बाद नहीं लौटे. संतोष पिंड्राजोरा प्रशासनी अस्पताल में लैब टेक्नीशियन के पद पर कार्यरत हैं. इसे भी पढ़ेें:  किसी को एसी तो किसी को मिला कंप्यूटर माउस, धनबाद में मेयर प्रत्याशियों का चुनाव चिह्न रजरप्पा पहुंचे सीएम हेमंत सोरेन, बोले- मां छिन्नमस्तिके मंदिर में लोगों की विशेष आस्था The post 5 माह से लापता संतोष कुमार का कोई पता नहीं, परिवार ने रखा 2 लाख का इनाम appeared first on Naya Vichar.

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CTET Exam में बवाल, बिहार में 2 सेंटर पर रद्द हुई परीक्षा

CTET Exam 2026: सीटीईटी परीक्षा के दौरान बिहार के वैशाली जिले से एक चौंकाने वाली समाचार सामने आई है. परीक्षा के दिन अचानक दो परीक्षा केंद्रों पर हंगामे की स्थिति बन गई. इसके चलते CBSE को इन दोनों सेंटरों पर परीक्षा रद्द करनी पड़ी. इससे कई छात्रों को परेशानी का सामना करना पड़ा. हालांकि बाकी सभी केंद्रों पर परीक्षा शांतिपूर्वक और सफल तरीके से पूरी कराई गई. CBSE की तरफ से जारी नोटिस के मुताबिक, देशभर में कुल 1803 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे. इनमें से 1801 केंद्रों पर Paper-2 की परीक्षा बिना किसी दिक्कत के हो गई. सिर्फ वैशाली के दो सेंटरों पर ही यह समस्या देखने को मिली. CTET Exam 2026 बिहार के इन केंद्रों पर रद्द वैशाली (हाजीपुर) के 2 परीक्षा केंद्रों पर किसी जरूरी कारण की वजह से Paper-2 की परीक्षा नहीं हो सकी. ये केंद्र हैं ST. John’s Academy, Basmati Nagar और Lakshya International Academy. CBSE ने दी जानकारी Out of 1803 examination centres for the CTET across the country, Paper – 2 has been conducted successfully at 1801 examination centes. However, examination of Paper – 2 at 02 centres at Vaishali (Hajipur) (125016 – ST. JOHN’S ACADEMY, BASMATI NAGAR and 125014 – LAKSHYA… — CBSE HQ (@cbseindia29) February 7, 2026 दोबारा कब होगी परीक्षा CBSE ने साफ कर दिया है कि जिन छात्रों की परीक्षा (CTET Exam) इन दो केंद्रों पर नहीं हो पाई थी, उनकी दोबारा परीक्षा कराई जाएगी. यह री-एग्जाम अगले 15 दिनों के अंदर आयोजित किया जाएगा. बोर्ड की तरफ से नई तारीख, समय और केंद्र की जानकारी अलग से संबंधित उम्मीदवारों को दी जाएगी. यह भी पढ़ें: CUET UG परीक्षा से जुड़े 100 जनरल नॉलेज के सवाल जवाब, टॉपर जैसी हो जाएगी रैंक The post CTET Exam में बवाल, बिहार में 2 सेंटर पर रद्द हुई परीक्षा appeared first on Naya Vichar.

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PM मोदी ने मलेशियाई पीएम अनवर के साथ शेयर की कार, भारतीय समुदाय से कहा- मैंने वादा पूरा किया

PM नरेंद्र मोदी ने मलेशिया के कुआलालंपुर में हिंदुस्तानीय डायस्पोरा इवेंट में हिस्स लिया. जिसमें उन्होंने हिंदुस्तानीय समुदाय को संबोधित करते हुए कहा, आपके स्वागत की गर्मजोशी हमारी साझा संस्कृति की खूबसूरत विविधता को दिखाती है. सबसे पहले, मैं अपने प्यारे दोस्त अनवर इब्राहिम को कम्युनिटी सेलिब्रेशन में शामिल होने के लिए धन्यवाद देता हूं. मैं उन्हें अभी अपने भाषण में हिंदुस्तान-मलेशिया दोस्ती के पैमाने और भविष्य की संभावनाओं पर उनके बहुत अच्छे शब्दों के लिए भी धन्यवाद देता हूं. सिर्फ इतना ही नहीं, वह मुझे एयरपोर्ट पर वेलकम करने आए और मुझे अपनी कार में यहां लाए. न सिर्फ उनकी कार बल्कि उनकी सीट भी, यह खास जेस्चर हिंदुस्तान और आप सभी के लिए उनके प्यार और सम्मान को दिखाता है. हिंदुस्तान इन्वेस्टमेंट और ट्रेड के लिए बड़ा हब हिंदुस्तानीय डायस्पोरा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, पहले हिंदुस्तान को सिर्फ एक बड़ा बाजार माना जाता था. अब हम इन्वेस्टमेंट और ट्रेड के लिए एक हब हैं. हिंदुस्तान को विकास के लिए एक भरोसेमंद पार्टनर के तौर पर देखा जाता है. चाहे वह UK हो, UAE, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, ओमान, EU, या USA. कई देशों के हिंदुस्तान के साथ ट्रेड डील है. पीएम मोदी बोले मैंने अपना वादा निभाया हिंदुस्तानीय समुदाय को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, पिछले साल, मैं आसियान शिखर सम्मेलन के लिए मलेशिया नहीं आ पाया था. लेकिन मैंने अपने दोस्त से वादा किया था कि मैं जल्द ही मलेशिया आऊंगा. वादे के मुताबिक, मैं यहां हूं. 2026 में यह मेरी पहली विदेश यात्रा है. पीएम अनवर इब्राहिम बहुत अच्छा गाते हैं : पीएम मोदी हिंदुस्तानीय समुदाय को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, मलेशिया में दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा हिंदुस्तानीय मूल का समुदाय है. ऐसी बहुत सी चीजें हैं जो हिंदुस्तानीय और मलेशियाई दिलों को जोड़ती हैं. आप वह जीवित पुल हैं जो हमें जोड़ता है. आपने रोटी कनाई को मालाबार परोटा से जोड़ा है. नारियल, मसाले, और बेशक, तेह तारिक. स्वाद इतने जाने-पहचाने लगते हैं, चाहे वह कुआलालंपुर हो या कोच्चि. हम एक-दूसरे को बहुत अच्छे से समझते हैं. यह हमारी भाषाओं और मलय भाषा के बीच बड़ी संख्या में सामान्य शब्दों के कारण होना चाहिए. मैंने सुना है कि मलेशिया में हिंदुस्तानीय संगीत और फिल्में लोकप्रिय हैं. आप सभी जानते हैं कि पीएम अनवर इब्राहिम बहुत अच्छा गाते हैं. लेकिन हिंदुस्तान में बहुत से हिंदुस्तानीयों को यह नहीं पता था. हिंदुस्तान में उनके एक पुराने हिंदी गाने गाने के वीडियो वायरल हो गए. यह भी बहुत अच्छी बात है कि उन्हें महान MGR के तमिल गाने पसंद हैं. ये भी पढ़ें: पीएम मोदी दो दिवसीय दौरे पर मलेशिया पहुंचे, एयरपोर्ट पर भव्य स्वागत The post PM मोदी ने मलेशियाई पीएम अनवर के साथ शेयर की कार, हिंदुस्तानीय समुदाय से कहा- मैंने वादा पूरा किया appeared first on Naya Vichar.

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मंत्री से लेकर अफसर तक की पहली पसंद थी Ambassador, फिर क्यों सड़कों से हो गई गायब?

Ambassador Car: कई दशकों तक हिंदुस्तान एंबेसडर सिर्फ एक कार नहीं थी, बल्कि हिंदुस्तान में रौब, प्रशासनी सिस्टम और सत्ता की पहचान मानी जाती थी. केंद्रीय मंत्री हो, मुख्यमंत्री, कलेक्टर या प्रशासनी बाबू, हर जगह यही गाड़ी नजर आती थी. लेकिन 2014 तक ये गाड़ी प्रशासनी बेड़ों से लगभग गायब हो गई और इसके साथ ही एक पूरा दौर भी खत्म हो गया. Ambassador की बादशाहत कोई इत्तेफाक नहीं थी. इसे 1957 में हिंदुस्तान मोटर्स ने लॉन्च किया था. उस समय हिंदुस्तान में कार के ऑप्शन गिने-चुने ही थे. उस दौर में देश में Licence Raj चलता था, जहां गाड़ियों का प्रोडक्शन, इम्पोर्ट और मार्केट में कॉम्पिटिशन सब कुछ प्रशासन के कंट्रोल में होता था. प्रशासनी विभागों की पहली पसंद क्यों थी Ambassador? प्रशासनी इस्तेमाल के लिए एंबेसडर गाड़ी एकदम फिट बैठती थी. इसमें काफी जगह मिलती थी, जिससे बड़े अफसर आराम से बैठकर सफर कर लेते थे. इसकी मजबूत बॉडी खराब और उबड़-खाबड़ हिंदुस्तानीय सड़कों पर भी बढ़िया चलती थी. सबसे अच्छी बात ये थी कि इसका मैकेनिज्म इतना आसान था कि दूर-दराज के इलाकों में भी इसे आसानी से ठीक कराया जा सकता था.  समय के साथ प्रशासनी खरीद के नियमों ने भी इसमें बड़ा रोल निभाया. प्रशासनी विभाग ऐसे गाड़ी को ज्यादा अहमियत देते थे जो पहले से भरोसेमंद हो, देश में ही बनी हो और जिसकी सर्विस हर जगह आसानी से मिल जाए. इन सभी शर्तों पर एंबेसडर पूरी तरह खरी उतरती थी, जिससे प्रशासनी बेड़े में इसकी पकड़ लगातार मजबूत होती गई. धीरे-धीरे एम्बेसडर हिंदुस्तान की नेतृत्व और प्रशासनी सिस्टम की पहचान बन गई. इसका सीधा-सादा डिजाइन, बिना ज्यादा दिखावे वाला लुक और सिंपल रंग प्रशासनी अधिकारियों की सादगी वाली छवि को बिल्कुल सूट करता था. यह कार ना ज्यादा लग्जरी दिखती थी और ना ही रौब-दाब वाली, जो उस दौर में काफी मायने रखता था. सड़क पर सफेद एम्बेसडर पर लाल या नीली बत्ती दिखते ही लोग समझ जाते थे कि कोई मंत्री या बड़ा अधिकारी आ रहा है. फिल्मों, न्यूज और रोजमर्रा की जिंदगी में भी इस कार की यही छवि लोगों के दिमाग में बस गई. इसी वजह से एम्बेसडर को धीरे-धीरे ‘प्रशासनी गाड़ी’ वाला खास और मजबूत टैग मिल गया. दूसरी कारें इसकी जगह क्यों नहीं ले पाई? 1990 के शुरुआती दौर तक एम्बेसडर कार का कोई ढंग का ऑप्शन था ही नहीं. Premier Padmini साइज में छोटी थी, इसलिए प्रशासनी काम-काज और अफसरों की पसंद नहीं बन पाई. बाहर से आने वाली गाड़ियां बहुत महंगी थीं और उन पर कई तरह की पाबंदियां भी लगी रहती थीं. 1991 में आर्थिक सुधार शुरू होने के बाद भी अच्छी, भरोसेमंद और सस्ती नई गाड़ियां लोगों तक पहुंचने में थोड़ा समय लग गया. आखिर क्यों खत्म हो गया Ambassador का दौर? धीरे-धीरे Ambassador की चमक फीकी पड़ने लगी. खासकर 90 के दशक के आखिर और 2000 के शुरुआती सालों में. उस समय Maruti Esteem, Tata Indigo और बाद में Swift Dzire जैसी गाड़ियां आ गई. ये गाड़ियां ज्यादा माइलेज, नए फीचर्स और कम खर्च में चलने का फायदा दे रही थीं. ऊपर से सेफ्टी और प्रदूषण के नियम भी सख्त होते चले जा रहे थे, जिससे Ambassador को अपडेट करना Hindustan Motors के लिए काफी महंगा पड़ने लगा. हालत ये हो गई कि प्रशासनी खरीद भी कम होने लगी. आखिरकार 2014 तक बिक्री इतनी गिर गई और कंपनी पर आर्थिक दबाव इतना बढ़ गया कि Hindustan Motors को Ambassador का प्रोडक्शन बंद करना पड़ा. नई टेक्नोलॉजी और बड़े अपडेट न मिलने की वजह से ये आइकॉनिक कार ज्यादा समय तक टिक नहीं पाई. यह भी पढ़ें: Ambassador SUV: पुरानी शान का नया अंदाज, AI ने किया इमैजिन The post मंत्री से लेकर अफसर तक की पहली पसंद थी Ambassador, फिर क्यों सड़कों से हो गई गायब? appeared first on Naya Vichar.

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सूर्य ग्रहण के बाद घर की शुद्धि कैसे करें? अपनाएं ये 5 आसान उपाय

Surya Grahan 2026: हिंदू धर्म में सूर्य ग्रहण को शुभ नहीं माना जाता है. मान्यता है कि सूर्य ग्रहण के दौरान सूर्य से नकारात्मक ऊर्जा निकलती है, जिसका अशुभ प्रभाव हमारे आसपास के वातावरण और घर पर पड़ता है. यही कारण है कि सूतक काल की समाप्ति और ग्रहण खत्म होने के बाद घर की साफ-सफाई और शुद्धिकरण पर विशेष जोर दिया जाता है. वैसे तो साल 2026 के फरवरी महीने में लगने वाला सूर्य ग्रहण हिंदुस्तान में नजर नहीं आएगा, इसलिए इसका कोई प्रभाव हिंदुस्तान पर नहीं पड़ेगा. लेकिन जो लोग उन जगहों पर रहते हैं जहां यह ग्रहण दिखाई देगा, वे ग्रहण के बाद घर में फैली नकारात्मकता को खत्म करने के लिए कुछ सरल उपाय कर सकते हैं. सूर्य ग्रहण के बाद करें ये उपाय 1. घर में गंगाजल का छिड़काव सूर्य ग्रहण समाप्त होने के बाद स्नान करें और फिर एक बर्तन में गंगाजल लेकर पूरे घर में उसका छिड़काव करें. विशेष रूप से घर के कोनों, रसोई और मंदिर में छिड़काव करना न भूलें. मान्यता है कि इससे वातावरण में मौजूद नकारात्मकता दूर होती है. 2. नमक के पानी से पोंछा लगाना वास्तु शास्त्र के अनुसार नमक नकारात्मक ऊर्जा को सोखने की क्षमता रखता है. ग्रहण के बाद घर की फर्श साफ करते समय पानी में थोड़ा सा सेंधा नमक मिला लें. इस पानी से घर के हर हिस्से में पोंछा लगाएं. इससे घर की सूक्ष्म अशुद्धियां दूर होती हैं और सकारात्मकता का संचार होता है. 3. मंदिर और मूर्तियों की सफाई ग्रहण खत्म होने के बाद भगवान की मूर्तियों को गंगाजल या पवित्र जल से स्नान कराएं. मंदिर के कपड़े बदलें और पूरे पूजा स्थल की अच्छी तरह सफाई करें. इसके बाद धूप-दीप जलाकर आरती अवश्य करें. 4. तुलसी के पत्तों का प्रयोग और दान ग्रहण से पहले खाने-पीने की चीजों में डाले गए तुलसी के पत्तों को हटा दें. ग्रहण के बाद घर की शुद्धि के साथ-साथ दान का भी विशेष महत्व होता है. सामर्थ्य अनुसार अनाज, काले तिल या कपड़ों का दान करना शुभ माना जाता है, जो ग्रहण के दोषों को कम करने में मदद करता है. यह भी पढ़ें: Surya Grahan 2026: इस दिन लग रहा है साल का पहला सूर्य ग्रहण, जानें हिंदुस्तान में ‘रिंग ऑफ फायर’ दिखाई देगा या नहीं Disclaimer: यहां दी गई जानकारी केवल मान्यताओं और परंपरागत जानकारियों पर आधारित है. नया विचार किसी भी तरह की मान्यता या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. The post सूर्य ग्रहण के बाद घर की शुद्धि कैसे करें? अपनाएं ये 5 आसान उपाय appeared first on Naya Vichar.

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बीजेपी का मिशन बंगाल 2026: विधानसभा चुनाव के लिए सांगठनिक जिलों में 47 नेता तैनात

Table of Contents भाजपा की चुनावी रणनीति – बंगाल को 6 क्षेत्रों में बांटा 47 विधानसभा सीटों की जिम्मेदारी यूपी के नेताओं को अक्टूबर से ही बंगाल में कैंप कर रहे जेपीएस राठौर 44 सांगठनिक जिलों में 5 का प्रभार भी यूपी के नेताओं को हुगली जिले की जिम्मेदारी सुब्रत पाठक को बैरकपुर में कैंप कर रहे धर्मेंद्र भारद्वाज बिहार विधानसभा चुनाव में प्रचंड बहुमत से जीत से उत्साहित हिंदुस्तानीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने पश्चिम बंगाल के चुनावी रण में भी पूरी ताकत झोंक दी है. भाजपा ने उत्तर प्रदेश से मंत्रियों, संगठनात्मक अनुभव रखने वाले नेताओं और रणनीतिकारों की टीम को बंगाल बुलाया है. चुनावी जमीन मजबूत करने के लिए. भाजपा की चुनावी रणनीति – बंगाल को 6 क्षेत्रों में बांटा भाजपा ने चुनावी रणनीति के तहत बंगाल को 6 क्षेत्रों में विभाजित किया है. इनमें से 3 क्षेत्रों की जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश प्रशासन के राज्यमंत्री जेपीएस राठौर, पूर्व कैबिनेट मंत्री सुरेश राणा और उत्तराखंड के शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत को सौंपी गयी है. इनके साथ संबंधित राज्यों के संगठन महामंत्री भी तैनात किये गये हैं. 47 विधानसभा सीटों की जिम्मेदारी यूपी के नेताओं को भाजपा ने 294 विधानसभा सीटों में से 47 सीटों का दायित्व यूपी के नेताओं को सौंपा है. बंगाल विधानसभा चुनाव भाजपा के लिए प्रतिष्ठा का सवाल बन गया है. देशभर की निगाहें यहां के चुनावी नतीजों पर रहेंगी. अक्टूबर से ही बंगाल में कैंप कर रहे जेपीएस राठौर उत्तर प्रदेश में लंबे समय तक प्रदेश महामंत्री रहे जेपीएस राठौर को उनकी मजबूत संगठनात्मक पकड़ को देखते हुए अक्टूबर में ही बंगाल भेज दिया गया था. वे कोलकाता दक्षिण क्षेत्र का प्रभार संभाल रहे हैं. इससे पहले भी विधानसभा चुनाव के दौरान उन्होंने बंगाल में सक्रिय भूमिका निभायी थी. बंगाल की समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें 44 सांगठनिक जिलों में 5 का प्रभार भी यूपी के नेताओं को उत्तर प्रदेश के पूर्व गन्ना विकास मंत्री और प्रदेश उपाध्यक्ष रहे सुरेश राणा को कोलकाता उत्तर की जिम्मेदारी दी गयी है. इससे पहले वे हरियाणा विधानसभा चुनाव में भी पार्टी के लिए काम कर चुके हैं. राज्य के 44 सांगठनिक जिलों में से 5 जिलों का प्रभार भी यूपी के नेताओं के पास है. इनमें राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’, राज्यमंत्री दिनेश खटिक, संजय गंगवार, पूर्व सांसद अजय मिश्र टेनी और सुब्रत पाठक शामिल हैं. हुगली जिले की जिम्मेदारी सुब्रत पाठक को सुब्रत पाठक को हुगली जिले की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जहां की 7 विधानसभा सीटों पर फिलहाल भाजपा का कोई विधायक नहीं है. हालांकि, वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में यहां से भाजपा के उम्मीदवार ने जीत दर्ज की थी. पूर्व मंत्री स्वाति सिंह को कोलकाता दक्षिण की बेहाला सीट, उपेंद्र तिवारी को हावड़ा टाउन की संकराईल सीट और आनंद शुक्ला को हाबरा सीट का दायित्व दिया गया है. बैरकपुर में कैंप कर रहे धर्मेंद्र भारद्वाज मेरठ-गाजियाबाद क्षेत्र से एमएलसी धर्मेंद्र भारद्वाज बैरकपुर जिले की जगदल विधानसभा सीट और कानपुर से एमएलसी अरुण पाठक अभी नैहाटी सीट पर कैंप कर रहे हैं. इतना ही नहीं, जिला, क्षेत्र और प्रदेश स्तर के संगठनात्मक पदाधिकारियों को भी चुनावी रणनीति के तहत पश्चिम बंगाल भेजा गया है. इसे भी पढ़ें बंगाल विधानसभा चुनाव 2026: सभी 294 सीटों पर एक ही चरण में हो सकती है वोटिंग 2.42 करोड़ स्त्री वोटर पर टिकी तृणमूल कांग्रेस की निगाहें, बढ़ाया लक्खी भंडार का अनुदान The post बीजेपी का मिशन बंगाल 2026: विधानसभा चुनाव के लिए सांगठनिक जिलों में 47 नेता तैनात appeared first on Naya Vichar.

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रोजमेरी ऑयल से पाएं ग्लोइंग स्किन, एक्ने और ऑयली स्किन से मिलेगा छुटकारा

Rosemary Oil Benefits for Skincare: नैचुरल ऑइल का ट्रेंड स्किनकेयर में तेजी से बढ़ रहा है और रोजमेरी ऑयल (Rosemary Oil) इनमें खास जगह रखता है. एंटीऑक्सीडेंट, एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों से भरपूर रोजमेरी ऑयल त्वचा को हेल्दी, ग्लोइंग और यंग बनाए रखने में मदद करता है. अगर सही तरीके से इस्तेमाल किया जाए तो यह ऑयल कई स्किन समस्याओं से राहत दिला सकता है. आइए जानते हैं स्किनकेयर में रोजमेरी ऑयल के प्रमुख फायदे. Rosemary Oil Benefits for Skincare: त्वचा के लिए रोजमेरी ऑयल के क्या फायदे है? रोजमेरी ऑयल रोजमेरी ऑयल में एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं जो एक्ने पैदा करने वाले बैक्टीरिया को कम करने में मदद करते हैं. यह स्किन पोर्स को साफ रखता है और सूजन घटाता है. इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट फ्री रेडिकल्स से त्वचा की रक्षा करते हैं. इससे फाइन लाइन्स और झुर्रियों के संकेत धीमे पड़ सकते हैं और त्वचा लंबे समय तक जवां दिखती है. रोजमेरी ऑयल स्किन के नेचुरल ऑयल प्रोडक्शन को संतुलित करने में मदद करता है, जिससे अत्यधिक तैलीयपन कम हो सकता है. स्किन टोन को क्लियर और ग्लो बेहतर करता हैब्लड सर्कुलेशन बढ़ाने वाले गुणों के कारण यह त्वचा को नेचुरल ग्लो देने में सहायक माना जाता है. सेन्सिटिव या हल्की सूजन वाली त्वचा में रोजमेरी ऑयल आराम पहुंचा सकता है और रेडनेस कम करने में मदद करता है. इसे कैरियर ऑयल (जैसे नारियल या जोजोबा ऑयल) में मिलाकर लगाने से त्वचा की गहराई से सफाई में मदद मिलती है. रोजमेरी ऑयल कैसे करें इस्तेमाल? रोजमेरी फ्लावर रोजमेरी ऑयल को कभी भी सीधे चेहरे पर न लगाएं. 2-3 बूंद रोजमेरी ऑयल को किसी कैरियर ऑयल में मिलाकर पैच टेस्ट के बाद ही उपयोग करें. क्या रोजमेरी ऑयल चेहरे पर लगा सकते हैं? हां, लगा सकते हैं, लेकिन हमेशा इसे किसी कैरियर ऑयल (नारियल/जोजोबा) में मिलाकर और पैच टेस्ट के बाद ही उपयोग करें. क्या रोजमेरी स्किन व्हाइटनिंग के लिए अच्छा है? रोजमेरी ऑयल स्किन व्हाइटनिंग नहीं करता, लेकिन स्किन टोन को बेहतर और ब्राइट बनाने में मदद कर सकता है. क्या रोजमेरी ऑयल डार्क स्पॉट्स हटाता है? यह पिग्मेंटेशन और दाग हल्के करने में सहायक हो सकता है, पर रिजल्ट धीरे-धीरे और नियमित इस्तेमाल से मिलते हैं. यह भी पढ़ें: Vitamin C Brightening Natural Face Serum: नाइट स्किनकेयर के लिए बेस्ट नेचुरल सीरम, दाग-धब्बों से मिलेगी राहत यह भी पढ़ें: Almond Oil Skincare Benefits: आलमंड ऑयल मसाज से चेहरे की खूबसूरती में इजाफा, जानें इसके फायदे The post रोजमेरी ऑयल से पाएं ग्लोइंग स्किन, एक्ने और ऑयली स्किन से मिलेगा छुटकारा appeared first on Naya Vichar.

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वेस्टइंडीज ने बनाए 182 रन, स्कॉटलैंड के खिलाफ हेटमायर ने लगाई फिफ्टी

Highlights टॉस जीतकर स्कॉटलैंड ने चुनी गेंदबाजी ब्रैंडन किंग ने दी सधी हुई शुरुआत बीच के ओवरों में हेटमायर और पॉवेल का हमला हेटमायर ने स्पोर्ट्सी 64 रन की पारी स्कॉटलैंड को मिला 183 रनों का टारगेट WI vs SCO: टी20 वर्ल्ड कप 2026 (T20 World Cup 2026) का रोमांच अपने चरम पर है. टूर्नामेंट के दूसरे मुकाबले में आज वेस्टइंडीज और स्कॉटलैंड की टीमें आमने-सामने हैं. इस मैच में कैरिबियाई बल्लेबाजों ने मैदान पर चौके-छक्कों की ऐसी बारिश की. शिमरोन हेटमायर (Shimron Hetmyer) की पारी के दम पर वेस्टइंडीज ने 20 ओवर में 5 विकेट खोकर 182 रनों का मजबूत स्कोर खड़ा किया है. अब स्कॉटलैंड को जीत के लिए 183 रन बनाने होंगे. टॉस जीतकर स्कॉटलैंड ने चुनी गेंदबाजी मैच की शुरुआत स्कॉटलैंड के हक में रही. स्कॉटलैंड के कप्तान रिची बेरिंग्टन ने टॉस जीता और पिच की नमी का फायदा उठाने के लिए पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया. वेस्टइंडीज की कप्तानी शाई होप संभाल रहे हैं. दोनों टीमें टी20 इंटरनेशनल में दूसरी बार एक-दूसरे के खिलाफ स्पोर्ट्स रही हैं. स्कॉटलैंड की रणनीति शुरुआती विकेट चटकाकर वेस्टइंडीज को दबाव में लाने की थी, लेकिन वेस्टइंडीज के ओपनर्स ने संभलकर स्पोर्ट्सते हुए उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया. ब्रैंडन किंग ने दी सधी हुई शुरुआत वेस्टइंडीज की पारी की शुरुआत काफी सधी हुई रही. सलामी बल्लेबाजों ने बिना कोई जोखिम उठाए रन बटोरना शुरू किया. शुरुआती 7 ओवरों में टीम ने बिना कोई विकेट खोए 50 रन पूरे कर लिए थे. हालांकि, 58 रन के कुल स्कोर पर वेस्टइंडीज को दूसरा झटका लगा. ब्रैंडन किंग 35 रनों की उपयोगी पारी स्पोर्ट्सकर पवेलियन लौट गए. 10 ओवर की समाप्ति तक वेस्टइंडीज का स्कोर 2 विकेट पर 66 रन था और मैच बराबरी पर नजर आ रहा था. बीच के ओवरों में हेटमायर और पॉवेल का हमला असली स्पोर्ट्स 10 ओवर के बाद शुरू हुआ. शिमरोन हेटमायर और रोवमैन पॉवेल ने मिलकर स्कॉटलैंड के गेंदबाजों पर धावा बोल दिया. इन दोनों ने सिर्फ दो ओवरों में 33 रन कूट दिए, जिसने मैच का पासा पलट दिया. 13वें ओवर में वेस्टइंडीज की टीम 100 रनों के आंकड़े तक पहुंच गई. पॉवेल ने जहां 6 गेंदों पर 13 रन बनाए, वहीं हेटमायर ने एक छोर थामे रखा और लगातार बड़े शॉट्स स्पोर्ट्सते रहे. 13 ओवर के बाद स्कोर 2 विकेट पर 115 रन हो चुका था. हेटमायर ने स्पोर्ट्सी 64 रन की पारी शिमरोन हेटमायर आज अलग ही अंदाज में बल्लेबाजी कर रहे थे. उन्होंने मैदान के हर कोने में शॉट लगाए और सिर्फ 22 गेंदों में अपनी फिफ्टी पूरी कर ली. उनकी इस विस्फोटक बैटिंग ने स्कॉटलैंड के कप्तान की सारी फील्डिंग सजावट को बेकार कर दिया. हेटमायर ने कुल 36 गेंदों का सामना किया और 64 रनों की पारी स्पोर्ट्सी. अपनी इस पारी में उन्होंने 2 शानदार चौके और 6 गगनचुंबी छक्के लगाए. उनकी इसी पारी की बदौलत टीम का रन रेट आसमान छूने लगा. स्कॉटलैंड को मिला 183 रनों का टारगेट हेटमायर की विदाई के बाद भी वेस्टइंडीज के बल्लेबाजों ने रन गति को कम नहीं होने दिया. पूरी टीम ने मिलकर 20 ओवर में 5 विकेट के नुकसान पर 182 रन बनाए. स्कॉटलैंड की तरफ से गेंदबाजी में काफी अनुशासन की कमी दिखी, जिसका फायदा कैरिबियाई पावर-हिटर्स ने उठाया. अब स्कॉटलैंड के सामने वर्ल्ड कप के अपने पहले मैच को जीतने के लिए 183 रनों की बड़ी चुनौती है. देखना होगा कि रिची बेरिंग्टन की टीम इस बड़े लक्ष्य का पीछा कैसे करती है. ये भी पढ़ें- स्कॉटलैंड ने जीता टॉस, पहले गेंदबाजी का फैसला, देखें प्लेइंग 11 बाल-बाल बचा पाकिस्तान, रोमांचक मुकाबले में नीदरलैंड्स को 3 विकेट से हराया हिंदुस्तान-पाक मैच पर छाए संकट के बादल छंटे! पाकिस्तान प्रशासन ले सकती है यू-टर्न, श्रीलंका ने लगाई गुहार The post वेस्टइंडीज ने बनाए 182 रन, स्कॉटलैंड के खिलाफ हेटमायर ने लगाई फिफ्टी appeared first on Naya Vichar.

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पटना-दिल्ली का सफर होगा आसान, जून-जुलाई में खुलेगा बक्सर-हैदरिया का लिंक रोड, देखें लेटेस्ट अपडेट

Patna Buxar Highway: पटना और लखनऊ के बीच सफर करने वाले यात्रियों के लिए एक बड़ी खुशसमाचारी है. बिहार की राजधानी को उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जोड़ने वाली राह अब आसान होने वाली है. फिलहाल बक्सर से गाजीपुर के बीच लगभग 20 किलोमीटर का हिस्सा एक बड़े बोटलनेक (जाम वाली जगह) के रूप में जाना जाता है. यहां कम चौड़ी सड़क और पुरानी पुलिया के कारण घंटों जाम लगा रहता है. इस समस्या का काफी हद तक समाधान इस साल जून-जुलाई तक हो जाएगा. पटना-बक्सर एनएच 922 को पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जोड़ने वाले 17 किलोमीटर लंबे फोरलेन हाईवे का काम भी साल के अंत तक पूरा होने की उम्मीद है. ग्रीनफील्ड कॉरिडोर का हिस्सा यह प्रोजेक्ट यह प्रोजेक्ट गाजीपुर से बलिया होते हुए बिहार के मांझी घाट तक बन रहे ग्रीनफील्ड कॉरिडोर का हिस्सा है. लगभग 5300 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे इस 134 किलोमीटर लंबे हाईवे का 85 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है. गंगा किनारे का इलाका होने के कारण मानसून में मिट्टी की कमी और बाढ़ जैसी चुनौतियों की वजह से निर्माण में थोड़ी देरी हुई है. इस एक्सप्रेसवे के शुरू होने से बिहार से दिल्ली, आगरा और लखनऊ की दूरी करीब 17 किलोमीटर कम हो जाएगी और यात्रियों का कम से कम 45 मिनट का समय बचेगा. करीमुद्दीनपुर के पास एक खास इंटरचेंज बनाया गया है. यहां से वाहन सीधे पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर चढ़ सकेंगे. बिहार की ताजा समाचारों के लिए क्लिक करें क्या-क्या सुविधा होगी यह हाईवे बेहद आधुनिक होगा. इस पर गाड़ियां 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ सकेंगी. सुरक्षा के लिए यहां एडवांस्ड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम लगाया जा रहा है. इसका फायदा यह होगा कि अगर सड़क पर कोई दुर्घटना होती है, तो सीसीटीवी और सेंसर के जरिए कंट्रोल रूम को अपने आप सूचना मिल जाएगी. इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन और खराब मौसम की जानकारी देने वाले डिजिटल साइन बोर्ड भी लगाए जाएंगे. बक्सर में गंगा नदी पर एक नया तीन लेन का पुल भी बन रहा है, जो पुराने और जर्जर पुलों के बोझ को कम करेगा और भारी वाहनों को सुरक्षित रास्ता देगा. इस नए हाईवे नेटवर्क के तैयार होने से न केवल बक्सर और बलिया, बल्कि पटना, भोजपुर और सारण जैसे जिलों के लोगों को भी सीधा लाभ मिलेगा. यह सड़क बिहार और उत्तर प्रदेश के बीच व्यापार और पर्यटन के लिए एक लाइफलाइन साबित होगी. अब लोगों को संकरी गलियों और गाजीपुर के जाम में फंसने की जरूरत नहीं होगी, बल्कि वे सीधे एक्सप्रेसवे के जरिए तेज रफ्तार सफर का आनंद ले सकेंगे. इसे भी पढ़ें: बिजली चोरी करने वाले हो जाएं सावधान, अब गूगल अर्थ से ट्रेस होगी लोकेशन, ऐसे काम करेगी नई तकनीक The post पटना-दिल्ली का सफर होगा आसान, जून-जुलाई में खुलेगा बक्सर-हैदरिया का लिंक रोड, देखें लेटेस्ट अपडेट appeared first on Naya Vichar.

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पीएम मोदी दो दिवसीय दौरे पर मलेशिया पहुंचे, एयरपोर्ट पर भव्य स्वागत

PM Modi Malaysia Visit: पीएम मोदी ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, कुआलालंपुर पहुंच गया हूं. हवाई अड्डे पर मेरे मित्र, प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम द्वारा किये गये हार्दिक स्वागत से मैं बहुत अभिभूत हूं. मुझे हमारी वार्ता का इंतजार है और हिंदुस्तान और मलेशिया के बीच दोस्ती के बंधन को और मजबूत करने की उम्मीद है. पीएम मोदी और मलेशियाई PM एक ही गाड़ी में आए नजर पीएम मोदी और मलेशियाई पीएम एक ही गाड़ी में नजर आए. मलेशिया पहुंचने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट किया, हिंदुस्तान-मलेशिया के लोगों के बीच जुड़ाव का जश्न मना रहे हैं! मैं और पीएम अनवर इब्राहिम कुआलालंपुर में कम्युनिटी प्रोग्राम में जा रहे हैं. पीएम मोदी रविवार को मलेशिया के प्रधानमंत्री के साथ करेंगे वार्ता पीएम मोदी रविवार को मलेशिया के प्रधानमंत्री के साथ व्यापक वार्ता करेंगे, जिससे दोनों देशों के बीच सहयोग को और बढ़ाने के लिए कई समझौतों पर पहुंचने की उम्मीद है. मलेशिया रवाना होने से पहले मोदी ने कहा था कि हिंदुस्तान मलेशिया के साथ रक्षा एवं सुरक्षा संबंधों को मजबूत करने तथा आर्थिक और नवोन्मेष के क्षेत्र में साझेदारी को बढ़ाने पर विचार कर रहा है. उन्होंने कहा था, हिंदुस्तान और मलेशिया के बीच ऐतिहासिक संबंधों में हाल के वर्षों में निरंतर प्रगति हुई है. मैं प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के साथ अपनी चर्चाओं और हमारी व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने को लेकर उत्साहित हूं. मलेशिया और हिंदुस्तान का लक्ष्य रक्षा और सुरक्षा संबंधों को मजबूत करना पीएम मोदी ने कहा था, हमारा लक्ष्य अपने रक्षा और सुरक्षा संबंधों को मजबूत करना, अपनी आर्थिक और नवाचार साझेदारी को बढ़ाना तथा नए क्षेत्रों में अपने सहयोग का विस्तार करना है. हिंदुस्तान और मलेशिया ने अगस्त 2024 में अपने द्विपक्षीय संबंधों को एक व्यापक रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक बढ़ाया है. The post पीएम मोदी दो दिवसीय दौरे पर मलेशिया पहुंचे, एयरपोर्ट पर भव्य स्वागत appeared first on Naya Vichar.

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