Hot News

February 18, 2026

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

Ranji Trophy: जम्मू-कश्मीर ने रचा इतिहास, बंगाल को हराकर पहली बार फाइनल में बनाई जगह

Highlights आकिब नबी बने जीत के सबसे बड़े हीरो अब्दुल समद ने बल्ले से दिखाया दम बंगाल की बल्लेबाजी दूसरी पारी में बिखरी पिछले मैच में भी चला था नबी का जादू अब फाइनल और खिताब पर होगी नजर Ranji Trophy: जम्मू-कश्मीर (Jammu Kashmir) की टीम ने घरेलू क्रिकेट में एक नया इतिहास लिख दिया है. टीम ने पहली बार रणजी ट्रॉफी के फाइनल (Ranji Trophy Final) में जगह बना ली है. सेमीफाइनल मुकाबले में जम्मू-कश्मीर ने बंगाल जैसी मजबूत और स्टार खिलाड़ियों से भरी टीम को हराकर यह बड़ा मुकाम हासिल किया है. मैच की चौथी पारी में जीत के लिए 126 रन का लक्ष्य मिला था, जिसे जम्मू-कश्मीर ने 6 विकेट रहते आसानी से हासिल कर लिया. इस जीत के साथ ही टीम ने खिताबी मुकाबले के लिए अपना दावा ठोक दिया है. आकिब नबी बने जीत के सबसे बड़े हीरो इस ऐतिहासिक जीत में सबसे बड़ा रोल आकिब नबी (Auqib Nabi) का रहा. उन्हें लगातार दूसरे मैच में प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया. बंगाल के खिलाफ इस मैच में उन्होंने कुल 9 विकेट लिए. पहली पारी में उन्होंने पांच बल्लेबाजों को आउट किया था, जिससे बंगाल की टीम दबाव में आ गई थी. इसके बाद दूसरी पारी में भी उनकी धारदार गेंदबाजी जारी रही और उन्होंने चार विकेट चटकाए. नबी की गेंदबाजी के आगे बंगाल के बल्लेबाज टिक नहीं पाए और यही जम्मू-कश्मीर की जीत की सबसे बड़ी वजह बनी. अब्दुल समद ने बल्ले से दिखाया दम सिर्फ गेंदबाजी ही नहीं, बल्लेबाजी में भी जम्मू-कश्मीर ने कमाल दिखाया. अब्दुल समद ने टीम के लिए बहुत ही जिम्मेदारी वाली पारी स्पोर्ट्सी. पहली पारी में जब टीम को रनों की जरूरत थी, तब समद ने 82 रन बनाए. उनकी इस पारी ने टीम को बंगाल के स्कोर के करीब पहुंचने में मदद की. इसके बाद जब दूसरी पारी में टीम लक्ष्य का पीछा कर रही थी, तब भी समद ने नाबाद 30 रन बनाए और टीम को जीत दिलाकर ही वापस लौटे. बंगाल की बल्लेबाजी दूसरी पारी में बिखरी मैच में कई उतार-चढ़ाव देखने को मिले. बंगाल ने पहली पारी में अच्छा स्पोर्ट्स दिखाया था. सुदीप कुमार घरामी ने शानदार 146 रन बनाए थे, जिसकी बदौलत बंगाल ने 328 रन का स्कोर खड़ा किया था. इसके जवाब में जम्मू-कश्मीर ने भी अच्छी बल्लेबाजी की और 300 के पार स्कोर पहुंचाया. बंगाल को पहली पारी के आधार पर 26 रन की बढ़त मिली थी. ऐसा लग रहा था कि मैच बंगाल की पकड़ में है, लेकिन दूसरी पारी में स्पोर्ट्स पूरी तरह पलट गया. जम्मू-कश्मीर के गेंदबाजों ने कहर बरपाया और बंगाल की पूरी टीम को सिर्फ 99 रन पर ढेर कर दिया. इसमें आकिब नबी और सुनील कुमार ने चार-चार विकेट लिए. पिछले मैच में भी चला था नबी का जादू फाइनल में पहुंचने का सफर आकिब नबी के शानदार प्रदर्शन का गवाह रहा है. इससे पहले मध्य प्रदेश के खिलाफ हुए क्वार्टर फाइनल मैच में भी नबी ने अपनी गेंदबाजी से कोहराम मचाया था. उस मैच में उन्होंने कुल 12 विकेट लिए थे. पहली पारी में 40 रन देकर 7 विकेट और दूसरी पारी में 70 रन देकर 5 विकेट उनके नाम रहे थे. उनके उस प्रदर्शन के दम पर ही जम्मू-कश्मीर ने 56 रन से जीत दर्ज की थी और सेमीफाइनल में जगह बनाई थी. अब फाइनल और खिताब पर होगी नजर सेमीफाइनल में मिले 126 रन के लक्ष्य का पीछा करना इतना आसान नहीं था. बंगाल के गेंदबाजों ने पूरा जोर लगा दिया था, लेकिन जम्मू-कश्मीर के बल्लेबाजों ने संयम से काम लिया. अब टीम का अगला लक्ष्य रणजी ट्रॉफी का खिताब जीतना है. फाइनल में जम्मू-कश्मीर का मुकाबला कर्नाटक और उत्तराखंड के बीच चल रहे दूसरे सेमीफाइनल के विजेता से होगा. टीम जिस तरह के फॉर्म में है, उसे देखते हुए फैंस को उम्मीद है कि फाइनल में भी एक नया इतिहास रचा जाएगा. ये भी पढ़ें- कोहली से तुलना करना बेकार, बाबर आजम पर भड़के दिनेश कार्तिक अहमदाबाद में रनों की बारिश होगी या गिरेंगे विकेट, जानिए पिच और टीम का हाल क्या मौसम बनेगा विलेन? बिना मैच स्पोर्ट्से भी सुपर 8 में पहुंच सकता है पाकिस्तान, जानें समीकरण The post Ranji Trophy: जम्मू-कश्मीर ने रचा इतिहास, बंगाल को हराकर पहली बार फाइनल में बनाई जगह appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

राज्यसभा चुनाव: 10 राज्यों से 37 सीटों के लिए चुने जाएंगे सांसद; EC ने तारीखों का किया ऐलान

Rajya Sabha Elections: हिंदुस्तान चुनाव आयोग (ईसीआई) ने बुधवार को राज्यसभा के द्विवार्षिक चुनावों का कार्यक्रम घोषित किया. इन चुनावों के तहत 10 राज्यों की 37 सीटों को भरा जाएगा. इसके लिए मतदान 16 मार्च को किए जाएंगे. संबंधित सदस्यों का कार्यकाल अप्रैल 2026 में पूरा हो रहा है. प्रेस नोट के अनुसार, महाराष्ट्र, ओडिशा, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, असम, बिहार, छत्तीसगढ़, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और तेलंगाना से चुने गए 37 सदस्यों का कार्यकाल अप्रैल में समाप्त हो जाएगा, जिससे नई नियुक्तियों के लिए सीटें खाली होंगी. चुनाव प्रक्रिया की शुरुआत 26 फरवरी को अधिसूचना जारी होगी और 20 मार्च तक पूरी कर ली जाएगी. चुनाव प्रक्रिया का पूरा कार्यक्रम ऐसा रहेगा चुनाव प्रक्रिया अधिसूचना: 26 फरवरी नामांकन की अंतिम तिथि: 5 मार्च नामांकन की जांच: 6 मार्च नाम वापस लेने की अंतिम तिथि: 9 मार्च मतदान: 16 मार्च मतगणना: 16 मार्च को ही शाम 5 बजे ईसीआई ने निर्देश दिया है कि मतपत्र पर वरीयता अंकित करने के लिए केवल निर्धारित विनिर्देश वाला एकीकृत बैंगनी (वायलेट) रंग का स्केच पेन ही इस्तेमाल किया जाए, जो रिटर्निंग ऑफिसर द्वारा उपलब्ध कराया जाएगा. प्रेस नोट में स्पष्ट किया गया है कि इसके अलावा किसी अन्य पेन का उपयोग नहीं किया जाएगा. आयोग ने यह भी कहा कि चुनाव प्रक्रिया के सुचारु और निष्पक्ष संचालन के लिए पर्यवेक्षकों की नियुक्ति सहित पर्याप्त इंतजाम किए जाएं. The Election Commission of India has announced biennial elections to the Council of States (Rajya Sabha) to fill 37 seats from 10 states. Date of polls- 16 March 2026. Counting of votes will take place on the same day as polling. pic.twitter.com/gv8njEFbgP — ANI (@ANI) February 18, 2026 राज्य सभा की संरचना कैसी होती है? संसद की राज्यसभा को स्थाई सदन कहा जाता है, क्योंकि यह कभी भंग नहीं होती. इसमें कुल 245 सदस्य होते हैं. 233 सदस्य राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से चुने जाते हैं, जबकि 12 सदस्यों को राष्ट्रपति नामित करते हैं. इसके सदस्यों का कार्यकाल 6 साल का होता है. इसकी एक तिहाई सीट के चुनाव में हर दो साल में चुनाव होते हैं, क्योंकि हर दो साल में लगभग एक-तिहाई सदस्य सेवानिवृत्त हो जाते हैं. राज्य सभा को उच्च सदन कहा जाता है. इसके चुनाव की प्रक्रिया लोकसभा से अलग होती है.  लोकसभा को निम्न सदन. लोकसभा में सदस्यों का कार्यकाल 5 वर्ष का होता है. इसके सदस्य आम चुनाव से चुने जाते हैं, जिसमें जनता सीधे वोट डालती है. जबकि राज्यसभा के सदस्यों का चुनाव राज्यों की विधानसभाओं के विधायक (MLA) करते हैं, इसलिए इसे अप्रत्यक्ष चुनाव कहा जाता है.ॉ राज्य सभा में चुनाव प्रक्रिया कैसी होती है?  चुनाव की प्रक्रिया थोड़ी खास होती है. विधायक बैलेट पेपर के जरिए मतदान करते हैं और यह खुली मतदान प्रणाली होती है. यहां पर ईवीएम से चुनाव नहीं होते. यहां विधायकों को पार्टी द्वारा जारी व्हिप के अनुसार वोट करना होता है. उन्हें यह दिखाना होता है कि किसे वोट दिया है.  यह चुनाव आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली के आधार पर होता है, यानी मतदान में वरीयता प्रणाली अपनाई जाती है, जिसमें विधायक उम्मीदवारों को अपनी पसंद के अनुसार 1, 2, 3… नंबर देते हैं. यदि कोई उम्मीदवार तय कोटा (आवश्यक वोट) हासिल कर लेता है, तो उसके अतिरिक्त वोट उसकी अगली वरीयताओं के अनुसार दूसरे उम्मीदवारों में स्थानांतरित हो जाते हैं. इस चुनाव में मतदाताओं को विशेष रंग के पेन का भी उपयोग करना होता है. अगर गलत रंग के पेन का इस्तेमाल किया तो मत भंग माना जाता है. यानी वोट कैंसल कर दिया जाता है. इसलिए चुनाव आयोग विधायक मतदाताओं को विशेष हिदायत देता है.  राज्य विधान सभा चुनावों के लिए भी तैयारी  इसके साथ ही, हिंदुस्तान निर्वाचन आयोग ने असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल के विधान सभा चुनावों के लिए ईवीएम और वीवीपैट को लेकर व्यापक जागरूकता अभियान शुरू किया है. इसका उद्देश्य मतदाताओं को इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) और वोटर वेरिफायबल पेपर ऑडिट ट्रेल (VVPAT) की कार्यप्रणाली से परिचित कराना है. प्रेस नोट के मुताबिक, पांच राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों में ईवीएम डेमोंस्ट्रेशन सेंटर (EDCs) पर आयोजित शिविरों में 1.20 लाख से अधिक मतदाताओं ने भाग लिया, जबकि 1.16 लाख से ज्यादा मतदाताओं ने इन प्रदर्शनों में मॉक वोट डाले. 10 फरवरी तक 29,000 से अधिक मतदान केंद्र स्थानों (PSLs) को मोबाइल डेमोंस्ट्रेशन वैन (MDVs) के माध्यम से कवर किया जा चुका है. आयोग ने बताया कि यह अभियान EDCs और MDVs के जरिए संरचित और समयबद्ध तरीके से चलाया जा रहा है. ये भी पढ़ें:- राहुल गांधी या पंडित नेहरू जिम्मेदार? AI इंपैक्ट समिट के मिसमैनेजमेंट कांग्रेस हमलावर, कम फंडिंग पर प्रशासन को घेरा ये भी पढ़ें:- केरल में 3 दिन में गिरफ्तार किए गए 1663 लोग, गुंडों और चोर-उचक्कों पर क्यों चला ‘ऑपरेशन राउंड अप’? The post राज्यसभा चुनाव: 10 राज्यों से 37 सीटों के लिए चुने जाएंगे सांसद; EC ने तारीखों का किया ऐलान appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

एवरेस्ट फतह करने वाला दुनिया का इकलौता हेलीकॉप्टर अब भारत में बनेगा, 252kmph है रफ्तार

H125 Helicopter: हिंदुस्तान के एविएशन सेक्टर को एक बड़ी सफलता मिली है. PM मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने 17 दिसंबर 2026 को कर्नाटक के वेमागल में देश की पहली प्राइवेट हेलीकॉप्टर असेंबली लाइन का मिलकर वर्चुअली उद्घाटन किया. यह प्रोजेक्ट Airbus और Tata (TASL) का एक जॉइंट वेंचर है. खास बात यह है कि यहां वही ‘लीजेंडरी’ H125 हेलीकॉप्टर बनेगा, जिसने माउंट एवरेस्ट की चोटी पर उतरकर दुनिया को हैरान कर दिया था. French Embassy in India (@FranceinIndia) posts, “France’s tech expertise & India’s industrial strength come together as Prez Macron & PM Modi inaugurate India’s first private sector H125 helicopter final assembly line. Led by @Airbus & @TataCompanies, the dual-use facility… pic.twitter.com/nvOCwaBfo9 — Press Trust of India (@PTI_News) February 17, 2026 क्यों कहलाता है यह ‘एवरेस्ट क्लाइंबर’? H125 हेलीकॉप्टर का पुराना नाम AS350 B3 था. इसने 14 मई 2005 को इतिहास रचा था जब टेस्ट पायलट डिडिएर डेलसाले ने इसे सीधे माउंट एवरेस्ट की 29,029 फीट ऊंची चोटी पर लैंड करा दिया था. वहां यह करीब 4 मिनट तक रुका रहा, जो आज भी एक वर्ल्ड रिकॉर्ड है. H125 की खासियतें: इस हेलीकॉप्टर की ताकत का अंदाजा आप इन पॉइंट्स से लगा सकते हैं: कैपेसिटी: 1 पायलट और 6 पैसेंजर्स. रिकॉर्ड ऊंचाई: 8,848 मीटर (एवरेस्ट की चोटी). रफ्तार: 252 किमी प्रति घंटा की टॉप स्पीड. रेंज: एक बार में 662 किमी तक का सफर. दमखम: करीब 4.5 घंटे तक लगातार उड़ान भरने की क्षमता. ‘मेड इन डंडिया’ का क्या है पूरा रोडमैप? भले ही यह डिजाइन फ्रांस का है, लेकिन अब यह हिंदुस्तान में ही तैयार होगा. फाइनेंशियल एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक: पहला ‘मेड इन इंडिया’ हेलीकॉप्टर 2027 की शुरुआत तक बनकर तैयार हो जाएगा. शुरुआत में हर साल 10 हेलीकॉप्टर बनेंगे, जिसे बढ़ाकर 500 तक ले जाने का टारगेट है. Mahindra Aerostructures इस हेलीकॉप्टर का ढांचा (Fuselage) बनाएगी, जिससे लोकल सप्लाई चेन को मजबूती मिलेगी. हिंदुस्तानीय सेना को कैसे होगा बड़ा फायदा? इस प्लांट में H125M (मिलिट्री वर्जन) भी बनाया जा सकता है. डिफेंस एक्सपर्ट गिरीश लिंगन्ना के अनुसार, यह हेलीकॉप्टर ‘Hot and High’ यानी बहुत गर्मी और बहुत ऊंचाई वाली जगहों (जैसे हिमालय या राजस्थान के रेगिस्तान) के लिए परफेक्ट है. सेना इसका इस्तेमाल सर्च एंड रेस्क्यू, बॉर्डर पेट्रोलिंग और केदारनाथ जैसे दुर्गम इलाकों में तीर्थयात्रियों को लाने-ले जाने के लिए कर सकती है. पीएम मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों ने क्या कहा? कल मुंबई में हुई प्रेस ब्रीफिंग के दौरान पीएम मोदी ने कहा कि हिंदुस्तान और फ्रांस की दोस्ती की कोई सीमा नहीं है, यह गहरे समुद्र से लेकर ऊंचे पहाड़ों तक फैली है. उन्होंने बताया कि ये हेलीकॉप्टर सिर्फ हिंदुस्तान के काम नहीं आएंगे, बल्कि हम इन्हें दूसरे देशों को एक्सपोर्ट भी करेंगे. वहीं, राष्ट्रपति मैक्रों ने हिंदुस्तान के साथ बढ़ते रिश्तों की तारीफ की और कहा कि दोनों देश किसी की गुलामी या दादागिरी (Hegemony) के पक्ष में नहीं हैं. जानकारी के अनुसार, हिंदुस्तान ने हाल ही में फ्रांस से 114 राफेल फाइटर जेट्स लेने का बड़ा फैसला भी लिया है. ये भी पढ़ें: पीएम मोदी का विजन 2047, ‘दुनिया के टॉप-3 एआई सुपरपावर में से एक होगा हिंदुस्तान’ ये भी पढ़ें: ‘इंडिया-फ्रांस पार्टनरशिप ग्लोबल स्टेबिलिटी के लिए ताकत’, मैक्रों के साथ मीटिंग के बाद बोले पीएम मोदी The post एवरेस्ट फतह करने वाला दुनिया का इकलौता हेलीकॉप्टर अब हिंदुस्तान में बनेगा, 252kmph है रफ्तार appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

विदेश से कितना सोना लाना है लीगल? जानें भारत सरकार के नए बैगेज नियम

Baggage Rules 2026: हिंदुस्तान प्रशासन ने विदेश से आने वाले यात्रियों के लिए ‘नए बैगेज नियम 2026’ लागू कर दिए हैं. 2 फरवरी 2026 से प्रभावी हुए इन नियमों का उद्देश्य एयरपोर्ट पर कस्टम प्रक्रिया को सरल बनाना और यात्रियों को होने वाली अनावश्यक परेशानी से बचाना है. अब हिंदुस्तानीय नागरिक हों या विदेशी पर्यटक, दोनों को सामान लाने में पहले से कहीं अधिक छूट मिलेगी. ड्यूटी-फ्री लिमिट में भारी बढ़ोतरी नए नियमों के तहत सबसे बड़ी खुशसमाचारी सामान की कीमत को लेकर है. अब विदेश से आने वाले यात्री अपने साथ 75,000 रुपए तक का सामान बिना किसी कस्टम ड्यूटी (Tax) के ला सकते हैं. इससे पहले यह सीमा मात्र 50,000 रुपए थी. यह बदलाव उन यात्रियों के लिए बेहद फायदेमंद है जो विदेश से महंगे उपहार या जरूरत का सामान लेकर आते हैं. गोल्ड ज्वेलरी में अब वजन के हिसाब से मिलेगी राहत अगर आप एक साल से ज्यादा समय विदेश में रहकर लौट रहे हैं, तो सोने के गहने लाने के नियम अब और भी आसान कर दिए गए हैं. नए नियमों में कीमत (Value) की चिंता खत्म कर दी गई है और अब केवल वजन को पैमाना माना गया है: स्त्री यात्री अब अपने साथ 40 ग्राम तक के सोने के गहने बिना टैक्स दिए ला सकती हैं. पुरुष और शिशु इनके लिए ड्यूटी-फ्री लिमिट 20 ग्राम निर्धारित की गई है. वजन की इस तय सीमा के भीतर सोना लाने पर आपको एक भी रुपया कस्टम ड्यूटी नहीं देनी होगी. नए नियमों से क्या होगा फायदा? प्रशासन का मुख्य लक्ष्य एयरपोर्ट पर होने वाले विवादों और भ्रम (Confusion) को खत्म करना है. पुराने नियमों में वजन और कीमत दोनों का ध्यान रखना पड़ता था, लेकिन अब कीमत की सीमा हटाकर केवल वजन की सीमा रखने से कस्टम क्लीयरेंस की प्रक्रिया तेज होगी. इससे अंतरराष्ट्रीय यात्रियों का समय बचेगा और यात्रा का अनुभव बेहतर होगा. दूसरे सामान पर ड्यूटी-फ्री लिमिट कितनी? गहनों के अलावा, अन्य निजी सामानों (जैसे गिफ्ट या इलेक्ट्रॉनिक्स) के लिए भी लिमिट बढ़ाई गई है.  यात्री का प्रकार टैक्स-फ्री सामान की लिमिट (रुपये में) हिंदुस्तानीय निवासी (Indian Resident) 75,000 रुपए हिंदुस्तानीय मूल के पर्यटक (Tourist of Indian origin) 75,000 रुपए विदेशी नागरिक (Non-tourist visa) 75,000 रुपए विदेशी पर्यटक (Foreign Tourist) 25,000 रुपए क्रू मेंबर्स (Crew Members) 2,500 रुपए Also Read: अच्छी शुरुआत के बाद मार्केट में उतार-चढ़ाव, सेंसेक्स 83,500 के पार खुलकर फिसला The post विदेश से कितना सोना लाना है लीगल? जानें हिंदुस्तान प्रशासन के नए बैगेज नियम appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

यूनिवर्सिटी ने AI समिट में चीनी रोबोट को अपना बताया, लताड़ पड़ी तो पेश की सफाई

दिल्ली में चल रहे AI Impact Summit के बीच एक वीडियो ने एक नई बहस छेड़ दी है. सोशल मीडिया पर वायरल हुए इस वीडियो में ग्रेटर नोएडा स्थित Galgotias University के स्टॉल पर एक रोबोटिक डॉग दिखाया गया, जिसके बाद आरोप लगे कि यूनिवर्सिटी ने चाइनीज टेक्नोलॉजी को अपनी इनोवेशन के तौर पर पेश किया. हालांकि, विश्वविद्यालय ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है. क्या है पूरा मामला? सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में यूनिवर्सिटी के रिप्रेजेन्टेटिव अपने स्टॉल पर एक रोबोटिक डॉग “Orion” का डेमो देते नजर आ रहे हैं. वीडियो में बताया गया कि यह रोबोट कैंपस में घूमता है और सर्विलांस जैसे कई काम कर सकता है. यह तंग और मुश्किल जगहों से तस्वीरें लेने में भी कैपेबल है. बाद में कई यूजर्स ने आरोप लगाया कि यह रोबोट असल में चाइनीज कंपनी का मॉडल है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, समिट में दिखाया गया रोबोट चीन की कंपनी Unitree Robotics के बनाए मॉडल Unitree Go2 से मिलता-जुलता है. Unitree Go2 एक कमर्शियल रोबोटिक डॉग है, जो ग्लोबली ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर करीब 2,800 अमेरिकी डॉलर यानी लगभग 2.3 लाख रुपये में उपलब्ध है. यूनिवर्सिटी की सफाई वहीं, इस मामले में Galgotias University ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बयान जारी किया है. यूनिवर्सिटी ने कहा है कि उसने यह रोबोट खुद डेवलप नहीं किया है और न ही ऐसा कोई दावा किया गया है. पोस्ट में कहा गया है, यह रोबोट चीन के एक ग्लोबल रोबोटिक्स कंपनी से खरीदा गया है और इसे छात्रों के लिए लर्निंग और डेमो टूल के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है. बयान में कहा गया, ‘स्पष्ट कर दें कि Galgotias ने यह रोबोटिक डॉग नहीं बनाया है और न ही ऐसा कोई दावा किया है. हमारा फोकस युवा दिमागों को तैयार करना है, जो भविष्य में हिंदुस्तान में ऐसी तकनीक डिजाइन और विकसित करेंगे.’ pic.twitter.com/cgBbhld876 — Galgotias University (@GalgotiasGU) February 17, 2026 AI इकोसिस्टम में 350 करोड़ रुपये से ज्यादा इन्वेस्ट की प्लानिंग AI Impact Summit में Galgotias University का स्टॉल सबसे ज्यादा देखे गए डेमोंस्ट्रेशन में शामिल था. यूनिवर्सिटी ने 350 करोड़ रुपये से ज्यादा के इन्वेस्ट से एक सस्टेनेबल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इकोसिस्टम बनाने का प्लान पेश किया है. रोबोटिक डॉग के अलावा, स्टॉल पर Galgotias Incubation Centre GICRISE के तहत इनक्यूबेट किए गए कई AI स्टार्टअप्स और iOS Development Centre में डेवलप्ड एप्लिकेशन भी पेश किए गए. यह भी पढ़ें: SAHI, BODH और टेक टूल्स के साथ AI कैसे बदल रहा हिंदुस्तान का ‘स्वास्थ्य’, जेपी नड्डा ने दिखाई झलकियां The post यूनिवर्सिटी ने AI समिट में चीनी रोबोट को अपना बताया, लताड़ पड़ी तो पेश की सफाई appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

क्या मौसम बनेगा विलेन? बिना मैच खेले भी सुपर 8 में पहुंच सकता है पाकिस्तान, जानें समीकरण

Highlights सुपर-8 का पूरा गणित बारिश बनी पाकिस्तान की दोस्त NRR का खतरा, अमेरिका की उम्मीद कोलंबो का मौसम और मैदान का हाल पाकिस्तान के लिए जीत का समीकरण PAK vs NAM: टी20 वर्ल्ड कप 2026 (T20 World Cup 2026) में आज का इस टूर्नामेंट की आठवीं सुपर 8 की टीम मिल जाएगी. इसका फैसला दोपहर में पाकिस्तान और नामीबिया (Pakistan vs Namibia) के बीच कोलंबो में होने वाले मैच से होगा. यह मैच पाकिस्तान और अमेरिका दोनों टीम के लिए खास है. क्योंकि अगर पाकिस्तान इस मुकाबले में हार जाता है तो सुपर 8 की रेस से बाहर हो जाएगा.  लेकिन बता दे कोलंबो में काले बादल छाए हुए हैं और बारिश का खतरा 50 से 60 प्रतिशत तक बताया जा रहा है. अजीब बात यह है कि अगर आज बारिश होती है और मैच रद्द हो जाता है, तो यह पाकिस्तान के लिए किसी लॉटरी से कम नहीं होगा. सुपर-8 का पूरा गणित आईसीसी के नियम एकदम साफ हैं. अगर किसी वजह से मैच नहीं हो पाता या बारिश से धुल जाता है, तो दोनों टीमों को बराबर 1-1 अंक बांट दिया जाता है. अब जरा ग्रुप-ए के पॉइंट्स टेबल पर नजर डालिए. पाकिस्तान ने अभी तक 3 मैच स्पोर्ट्से हैं और उनके पास 4 अंक हैं. वहीं, अमेरिका यानी यूएसए ने अपने कोटे के सभी 4 मैच स्पोर्ट्स लिए हैं और उनके पास भी 4 अंक हैं. यानी अभी दोनों टीमें बराबरी पर खड़ी दिख रही हैं, लेकिन असली स्पोर्ट्स आज के मैच के बाद बदलेगा. अमेरिका का सफर ग्रुप स्टेज में खत्म हो चुका है, जबकि पाकिस्तान के पास अपनी स्थिति मजबूत करने का यह आखिरी मौका है. बारिश बनी पाकिस्तान की दोस्त अगर आज का मैच बारिश की वजह से रद्द होता है, तो पाकिस्तान को बिना स्पोर्ट्से ही 1 अंक मिल जाएगा. इस 1 अंक के साथ पाकिस्तान के कुल अंक 5 हो जाएंगे. जैसे ही पाकिस्तान 5 अंकों पर पहुंचेगा, वह अपने आप अमेरिका से आगे निकल जाएगा. अमेरिका 4 अंकों पर ही रुका रहेगा और पाकिस्तान 5 अंकों के साथ सीधे सुपर-8 राउंड के लिए क्वालीफाई कर जाएगा. इस ग्रुप से हिंदुस्तान पहले ही आगे जा चुका है, ऐसे में दूसरी टीम के रूप में पाकिस्तान अपनी जगह पक्की कर लेगा. यानी पाकिस्तान के लिए आज जीतना तो अच्छा है ही, लेकिन मैच रद्द होना भी उतना ही फायदेमंद है. NRR का खतरा, अमेरिका की उम्मीद अमेरिका की टीम अब सिर्फ दुआ कर सकती है. उनके लिए सुपर-8 के दरवाजे तभी खुलेंगे, जब नामीबिया आज कोई चमत्कार कर दे. अगर आज बारिश नहीं होती है और नामीबिया की टीम बड़ा उलटफेर करते हुए पाकिस्तान को हरा देती है, तो पाकिस्तान के पास भी सिर्फ 4 अंक रह जाएंगे. ऐसी स्थिति में फैसला नेट रन रेट (NRR) के आधार पर होगा. यहां अमेरिका का पलड़ा भारी है. अमेरिका का नेट रन रेट +0.788 है, जो पाकिस्तान के -0.403 से काफी बेहतर है. अगर पाकिस्तान हारता है, तो उनका रन रेट और नीचे गिर जाएगा. इसका सीधा मतलब होगा कि पाकिस्तान टूर्नामेंट से बाहर हो जाएगा और अमेरिका सुपर-8 में पहुंच जाएगा. कोलंबो का मौसम और मैदान का हाल कोलंबो में आज सुबह से ही मौसम खराब है. आसमान में काले बादल छाए हुए हैं. मौसम विभाग ने बताया है कि दोपहर 3 बजे, यानी ठीक मैच शुरू होने के समय गरज के साथ तेज बारिश हो सकती है. हालांकि, शाम 4 बजे के बाद मौसम थोड़ा साफ होने की उम्मीद जताई गई है, लेकिन मैच में खलल पड़ने की पूरी संभावना है. फिलहाल पिच को कवर से ढककर रखा गया है. नमी होने के कारण शुरुआत में तेज गेंदबाजों को पिच से काफी मदद मिल सकती है, जिससे बल्लेबाजों के लिए रन बनाना आसान नहीं होगा. पाकिस्तान के लिए जीत का समीकरण कुल मिलाकर पाकिस्तान आज बहुत फायदे में है. उनके सामने दो रास्ते हैं और दोनों ही सुपर-8 की तरफ जाते हैं. पहला रास्ता यह है कि वे नामीबिया को हरा दें और शान से अगले दौर में जाएं. दूसरा रास्ता यह है कि इंद्र देवता मेहरबान हो जाएं और बारिश की वजह से मैच रद्द हो जाए. खतरा सिर्फ एक ही सूरत में है, और वह है हार. अगर पाकिस्तान आज हार गया, तो उनका बोरिया-बिस्तर बंध जाएगा. इसलिए आज पाकिस्तान की टीम और उनके फैंस आसमान की तरफ भी देख रहे होंगे और मैदान पर भी नजर बनाए रखेंगे. ये भी पढ़ें- नेपाल ने स्कॉटलैंड को 7 विकेट से हराया, जीत के साथ वर्ल्ड कप से विदाई क्या पस्त हो चुके हैं कंगारू! ऑस्ट्रेलिया के बर्बाद होने की पूरी कहानी ना जिम्बाब्वे ना श्रीलंका, इंद्र देव ने किया ऑस्ट्रेलिया को T20WC से बाहर The post क्या मौसम बनेगा विलेन? बिना मैच स्पोर्ट्से भी सुपर 8 में पहुंच सकता है पाकिस्तान, जानें समीकरण appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

रांची निकाय चुनाव में बदला आरक्षण का फॉर्मूला, लेकिन राजनीति में परिवारवाद हावी

रांची से उत्तर महतो की रिपोर्ट Ranchi Civic Polls: रांची निकाय चुनाव के लिए शहर की नेतृत्व परवान पर है. शहर की नेतृत्व में परिवार की पकड़ गहरी है. निकाय चुनाव में आरक्षण का फॉर्मूला बदलता रहा है. लेकिन चुनाव में नेतृत्व कुछ खास परिवारों के इर्द-गिर्द घूमती रही है. एक ही परिवार का दबदबा बना रहा है. पिछले तीन चुनाव में ऐसे कई वार्ड हैं, जो परिवारवाद से बाहर नहीं आ पाए. जनता के प्रतिनिधि के रूप में चुने जाने वाले कई चेहरे एक ही परिवार से आते रहे हैं. रोटेशन के साथ बदलते रहे परिवार के चेहरे रोटेशन के हिसाब से कभी वार्ड सामान्य रहा, तो परिवार के पुरुष सदस्य ने चुनाव जीता. जैसे ही सीट स्त्री के लिए आरक्षित हुई, तो उसी परिवार की स्त्री सदस्य मैदान में उतरी और जीत हासिल की. कई जगहों पर तो पति-पत्नी बारी-बारी से पार्षद बनते रहे हैं. कुछ वार्डों में भाभी, तो कहीं पर ननद चुनावी मैदान में उतरी. बताते चलें कि रांची नगर निगम में चौथी बार चुनाव हो रहा है. पहली बार वर्ष 2008 में चुनाव हुआ था. इसके बाद 2013 और 2018 में चुनाव कराये गये. अब 2026 में फिर से चौथी बार नगर निगम का चुनाव हो रहा है. वार्ड नंबर-21: रोशनी खलखो–सुजीत उरांव, गीता कुमारी वार्ड नंबर-21 से रोशनी खलखो और उनके पति सुजीत उरांव लगातार जीत दर्ज करते आए हैं. 2008 में सुजीत उरांव यहां से पार्षद बने. 2013 में सीट स्त्री के लिए आरक्षित हुई तो रोशनी खलखो विजयी रहीं. 2018 में भी रोशनी खलखो ने जीत हासिल की. 2026 में रोशनी फिर से मेयर पद के लिए मैदान में हैं. लेकिन, इस बार उन्होंने अपनी ननद गीता कुमारी को वार्ड 19 से मैदान में उतारा है. वार्ड नंबर-1: नकुल तिर्की-सुनीता तिर्की वार्ड नंबर-1 कांके रोड क्षेत्र से नकुल तिर्की और उनकी पत्नी सुनीता तिर्की का दबदबा रहा है. 2008 में नकुल तिर्की पहली बार पार्षद चुने गये. 2013 में सीट स्त्री के लिए आरक्षित हुई तो सुनीता तिर्की ने जीत दर्ज की. 2018 में आरक्षण बदलने पर नकुल तिर्की फिर पार्षद बने. 2026 में वे चौथी बार मैदान में हैं. वार्ड नंबर-20: सुनील यादव-निकिता देवी मामा के नाम से मशहूर सुनील यादव और उनका परिवार पिछले 15 वर्षों से वार्ड नंबर-20 में काबिज है. 2008 में सुनील यादव पार्षद बने. 2013 में सीट स्त्री के लिए आरक्षित हुई तो उनकी पत्नी निकिता देवी पार्षद चुनी गयीं. 2018 में आरक्षण बदला और सुनील यादव फिर विजयी रहे. 2026 में वे एक बार फिर चुनाव लड़ रहे हैं. वार्ड नंबर-22: मो असलम-नाजिया असलम हिंदपीढ़ी के वार्ड नंबर-22 में मो असलम और उनकी पत्नी नाजिया असलम का वर्चस्व रहा है. 2008 और 2013 में मो असलम विजयी रहे. 2018 में सीट स्त्री के लिए आरक्षित हुई, तो नाजिया असलम पार्षद बनीं. 2026 में आरक्षण बदलने के बाद मो असलम फिर मैदान में हैं. वार्ड नंबर-18: भाई-बहन का दबदबा वार्ड नंबर-18 में भाई-बहन का दबदबा पिछले तीन चुनावों से बना हुआ है. 2008 में सबसे पहले राजेश गुप्ता यहां से पार्षद बने. 2013 में और 2018 में उनकी बहन आशा देवी इस वार्ड से विजयी हुईं. 2026 में आशा देवी एक बार फिर से मैदान में हैं. वार्ड नंबर 10: पति-पत्नी का रहा जलवा वार्ड नंबर 10 में 2013 में संगीता देवी पार्षद बनीं. 2018 में उनके पति अर्जुन यादव पार्षद बने. इस वर्ष सीट स्त्री के लिए आरक्षित है, ऐसे में संगीता देवी फिर मैदान में हैं. वार्ड नंबर 21 में 2013 में सबा नाज पार्षद बनीं. 2018 में उनके पति मो एहतेशाम विजयी रहे. 2026 में मो एहतेशाम फिर से मैदान में हैं. इसे भी पढ़ें: हजारीबाग में निकाय चुनाव की तैयारी जोरों पर, पोलिंग पार्टी के लिए 250 गाड़ियों की जरूरत वार्ड नं 29: पत्नी को हटाकर पति मैदान में वार्ड नं 29 से वर्ष 2018 में सोनी परवीन पार्षद बनी. इस बार सीट सामान्य हुई, तो उनके पति फैयाज वारसी चुनावी मैदान में हैं. वार्ड नं 13 से पूर्व में पूनम देवी पार्षद थी. इस बार सीट सामान्य हुई, तो उनके पति प्रभुदयाल बड़ाइक चुनावी मैदान में हैं. वहीं वार्ड 30 से पूर्व में रीमा देवी पार्षद थी. इस बार इस सीट से उनकी भाभी सोनी देवी चुनावी मैदान में है. इसे भी पढ़ें: रांची में मेयर पद के दावेदारों ने दिखाया विजन, जनता ने पूछा – कैसे करेंगे विकास? The post रांची निकाय चुनाव में बदला आरक्षण का फॉर्मूला, लेकिन नेतृत्व में परिवारवाद हावी appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

बीपीएससी ने जारी किया TRE 4 परीक्षा का कैलेंडर, 46595 पदों पर होगी भर्ती

BPSC TRE 4 Exam Calendar: बिहार लोक सेवा आयोग रिवाइज्ड एग्जाम कैलेंडर जारी किया है. बिहार में शिक्षक बनना चाहते हैं तो आपके लिए काम की समाचार है. बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने TRE-4 को लेकर बड़ा अपडेट दिया है. आयोग के कैलेंडर में TRE-4 को शामिल कर लिया है. परीक्षा की संभावित तारीख भी जारी कर दी गई है. BPSC ने X पर शेयर की जानकारी BPSC ने अपनी ऑफिशियल वेबासइट और X पर सूचना के जरिए बताया है कि रिवाइज्ड कैलेंडर जारी कर दिया गया है. बीपीएससी ने X पर कैलेंडर की तस्वीर शेयर की है और लिखा, Revised BPSC (Bihar Public Service Commission) Exam Calendar. @grok is there any changes from last calendar — Humpi Dumpi (@HumpiDumpi74573) February 17, 2026 बीपएससी ने रिवाइज्ड शेड्यूल जारी किया है, जिसमें शिक्षक भर्ती समेत कई परीक्षाओं का शेड्यूल दिया है. जानकारी के अनुसार, TRE-4 के तहत कुल 46,595 पदों पर शिक्षकों की भर्ती की जाएगी. जल्द ही इस वैकेंसी के लिए नोटिफिकेशन भी जारी किया जा सकता है. यहां देखें अन्य परीक्षा की तारीख बीपीएससी कैलेंडर में शिक्षक भर्ती के अलावा भी अन्य परीक्षाएं शामिल हैं. साथ ही स्थगित परीक्षाएं भी शामिल हैं. सहायक राजस्व एवं लेखा पदाधिकारी (285 पद) तथा सहायक शहरी कल्याण एवं निबंधन पदाधिकारी (285 पद) की परीक्षाएं विभागीय कारणों से फिलहाल स्थगित हैं. सहायक शिक्षा विकास पदाधिकारी (AEDO) पोस्ट – 935 परीक्षा – अप्रैल रिजल्ट- जून असिस्टेंट टाउन प्लानर पोस्ट -36 परीक्षा डेट- 9 मई रिजल्ट- जून सहायक लोक स्वच्छता एवं अपशिष्ट प्रबंधन पदाधिकारी पोस्ट- 60 परीक्षा डेट- 23 अप्रैल स्कूल शिक्षक भर्ती परीक्षा (TRE-4) पोस्ट- 46,595 परीक्षा डेट- 22 सितंबर -27 सितंबर 2026 रिजल्ट- नवंबर यह भी पढ़ें- UP Board Exam: कल से शुरू है यूपी बोर्ड परीक्षा, ये 10 नियम जरूर देखें  The post बीपीएससी ने जारी किया TRE 4 परीक्षा का कैलेंडर, 46595 पदों पर होगी भर्ती appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

1982 में हुई 3000 रुपये की डकैती: 2026 में आया फैसला, संदेह का लाभ; 3 जिंदा आरोपी बरी

UP News: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने करीब 43 साल पुराने डकैती के मामले में 2026 में बड़ा फैसला सुनाया है. कोर्ट ने 1982 में उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले की इस कथित डकैती की घटना में जीवित बचे तीन आरोपियों को संदेह का लाभ देकर बरी कर दिया. यह आदेश न्यायमूर्ति अवनीश सक्सेना की एकलपीठ ने आपराधिक अपील पर सुनवाई करते हुए कमजोर अभियोजन के आधार पर बरी कर दिया. मामला बदायूं जिले के उझानी थाना क्षेत्र का है. 26-27 जुलाई 1982 की रात धनपाल के घर डकैती हुई थी. आरोप था कि गांव के ही सात लोगों ने घर में घुसकर मारपीट की और करीब तीन हजार रुपये नकद व सोने-चांदी के जेवर लूट लिए. उनके खिलाफ बदायूं के उझानी पुलिस थाना में हिंदुस्तानीय दंड संहिता की धारा 395 (डकैती की सजा) और 397 (जान से मारने या गंभीर चोट पहुंचाने की कोशिश के साथ डकैती) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी. इस मामले में ट्रायल कोर्ट ने 29 अगस्त 1983 को सभी सात आरोपियों को दोषी मानते हुए पांच से सात साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई थी. सत्र अदालत के फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील सभी आरोपियों ने इस फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील दायर की. यह पुरानी आपराधिक अपील 1983 में सात आरोपियों ने दायर की थी, जो 29 अगस्त, 1983 को बदायूं के विशेष सत्र न्‍यायाधीश की अदालत के सजा के फैसले के विरोध में थी. अपील लंबित रहने के दौरान चार आरोपियों की मौत हो गई, जिसके चलते उनके खिलाफ कार्यवाही समाप्त कर दी गई. शेष तीन आरोपी अली हसन, हरपाल और लतूरी अब 70 वर्ष से अधिक उम्र के हैं और उनकी अपील पर सुनवाई हुई. कोर्ट ने क्यों जताया संदेह हाईकोर्ट ने पाया कि अभियोजन पक्ष के सबूत भरोसेमंद नहीं हैं. कोर्ट ने कहा कि गवाहों के बयान आपस में मेल नहीं खाते और मेडिकल रिपोर्ट भी कथित चोटों से अलग तस्वीर पेश कर रही थी. जहां एक गवाह ने चाकू से चोट लगने की बात कही, वहीं मेडिकल जांच में चोट किसी कठोर और कुंद वस्तु से लगने की बात सामने आई. अदालत ने यह भी कहा कि यह बात भी संदिग्ध है कि गांव के लोग बिना चेहरा ढके अपने ही पड़ोसियों के घर डकैती डालें.  इसके अलावा, पुलिस न तो लूट का माल बरामद कर सकी और न ही घटनास्थल से कोई ठोस सबूत जुटा पाई. पुरानी रंजिश के कारण झूठा फंसाए जाने की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सका. इन सभी कमियों और संदेहों को देखते हुए हाईकोर्ट ने सत्र अदालत के फैसले को रद्द कर दिया और तीनों आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया. संदेह का लाभ देकर किया बरी फैसला सुनाते हुए न्यायमूर्ति अवनीश सक्सेना ने कहा कि गवाहों के बयान में महत्वपूर्ण विसंगतियां पाईं, इसलिए आरोपियों को संदेह के आधार पर इसका लाभ दिया जाना चाहिए. अदालत ने अली हसन, हरपाल और लटूरी को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया. पीठ ने कहा, अली हसन को हिंदुस्तानीय दंड संहिता की धारा 395 के तहत अपराध के लिए बरी किया जाता है, जबकि हरपाल और लटूरी को हिंदुस्तानीय दंड संहिता की धारा 395 के साथ 397 के तहत अपराध से बरी किया जाता है. ये भी पढ़ें:- केरल में 3 दिन में गिरफ्तार किए गए 1663 लोग, गुंडों और चोर-उचक्कों पर क्यों चला ‘ऑपरेशन राउंड अप’? ये भी पढ़ें:- असम कांग्रेस को झटका, भूपेन बोरा 22 फरवरी को BJP में होंगे शामिल The post 1982 में हुई 3000 रुपये की डकैती: 2026 में आया फैसला, संदेह का लाभ; 3 जिंदा आरोपी बरी appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

जेल से छूटते ही भावुक हुए राजपाल यादव, जानिए बॉलीवुड को लेकर क्या कहा?

Rajpal Yadav: बॉलीवुड के जाने-माने कॉमेडियन राजपाल यादव हाल ही में चेक बाउंस मामले में जेल गए थे. अब उन्हें दिल्ली हाई कोर्ट से अंतरिम जमानत मिल गई है. दो किश्तों में 2.5 करोड़ रुपये जमा करने के बाद वह तिहाड़ जेल से बाहर आ गए और बाहर आते ही उन्होंने मीडिया से खुलकर बात की और अपने दिल की बात लोगों के सामने रखी है. जेल से बाहर निकलते ही राजपाल यादव ने राहत की सांस ली और कहा कि उन्हें देश-दुनिया से भरपूर समर्थन मिला है. उन्होंने बताया कि फिल्म इंडस्ट्री में उनके करीब 30 साल पूरे होने वाले हैं और इस दौरान उन्हें हर उम्र के दर्शकों का प्यार मिला है. #WATCH | Delhi: Actor Rajpal Yadav from Tihar Jail after he was granted interim bail in a cheque bounce case by the High Court He says, “I will complete 30 years in Bollywood in Mumbai in 2027. People from all over the country, children, old and young, are with me… The way the… pic.twitter.com/Zg1sYtzB0q — ANI (@ANI) February 17, 2026 लोगों के प्यार की वजह से 200 से अधिक फिल्में कर पाया राजपाल ने आगे कहा, “ये मामला 2012-13 के आसपास शुरू हुआ था. लेकिन देश का बच्चा-बच्चा मेरे साथ खड़ा रहा. मैं दो-ढाई सौ फिल्में इसलिए कर पाया क्योंकि लोगों ने मुझे अपनाया. हिंदुस्तानीय सिनेमा का हर दर्शक मेरे दिल का टुकड़ा है.” उन्होंने आगे कहा कि कोर्ट ने जो भी आदेश दिए हैं, वह हर बार पेश हुए हैं और आगे भी होते रहेंगे. उनका कहना था कि जो सच है, वह सबको पता है और उनका इरादा कभी गलत नहीं था. अगर उन पर कोई आरोप है तो वह हर मंच पर जवाब देने के लिए तैयार हैं. कानूनी सवालों पर बचते दिखे राजपाल राजपाल ने इमोशनल अंदाज में कहा, “150 करोड़ लोगों से मेरा एंटरटेनमेंट का रिश्ता है. ये रिश्ता खून जैसा है. सोशल मीडिया पर ही नहीं, जो लोग वहां नहीं हैं, वे भी मेरे साथ हैं.” फिलहाल मामला अदालत में है और कानूनी पहलुओं पर उन्होंने ज्यादा कुछ कहने से बचते हुए अपने वकील से बात करने की सलाह दी. यह भी पढे़ं: पैसों के लिए राजपाल यादव के सामने गिड़गिड़ाए बिजनेसमैन, किया चौंकाने वाला खुलासा The post जेल से छूटते ही भावुक हुए राजपाल यादव, जानिए बॉलीवुड को लेकर क्या कहा? appeared first on Naya Vichar.

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

About Us

नयाविचार एक आधुनिक न्यूज़ पोर्टल है, जो निष्पक्ष, सटीक और प्रासंगिक समाचारों को प्रस्तुत करने के लिए समर्पित है। यहां राजनीति, अर्थव्यवस्था, समाज, तकनीक, शिक्षा और मनोरंजन से जुड़ी हर महत्वपूर्ण खबर को विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत किया जाता है। नयाविचार का उद्देश्य पाठकों को विश्वसनीय और गहन जानकारी प्रदान करना है, जिससे वे सही निर्णय ले सकें और समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकें।

Quick Links

Who Are We

Our Mission

Awards

Experience

Success Story

© 2025 Developed By Socify

Scroll to Top