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February 24, 2026

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बिहार में शाह की एंट्री से पहले सियासी घमासान, राजद विधायक बोले- देश में आग लगाने आ रहे

Amit Shah Bihar Visit: केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के बिहार दौरे को लेकर राज्य की सियासत गरमा गई है. राजद विधायक भाई वीरेंद्र ने आरोप लगाया है कि गृहमंत्री बिहार में सांप्रदायिक माहौल बिगाड़ने के मकसद से आ रहे हैं. उन्होंने कहा कि चुनाव के समय इस तरह के मुद्दे उठाए जाते हैं और सीमांचल को लेकर बेवजह बातें की जाती हैं. गृह मंत्री 25 फरवरी को शाम 4 बजे पूर्णिया पहुंचेंगे. वहां से हेलीकॉप्टर से किशनगंज जाएंगे. किशनगंज कलेक्ट्रेट में वे अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे और सुरक्षा हालात की समीक्षा करेंगे. रात में वहीं रुकेंगे. क्या है कार्यक्रम 26 फरवरी को वे अररिया के लेट्टी बॉर्डर पोस्ट पर एक कार्यक्रम में शामिल होंगे. इसके बाद हिंदुस्तान-नेपाल सीमा से जुड़े मुद्दों पर पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे. बॉर्डर इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था, घुसपैठ और अन्य गतिविधियों की जानकारी ली जाएगी. उसी दिन वे वाइब्रेंट विलेजेज कार्यक्रम में भी हिस्सा लेंगे और रात में फिर पूर्णिया लौट आएंगे. 27 फरवरी को पूर्णिया में एक और समीक्षा बैठक होगी. इसके बाद वे दिल्ली वापस रवाना हो जाएंगे. प्रशासन ने उनके दौरे को लेकर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं. बिहार की ताजा समाचारों के लिए क्लिक करें अमित शाह पहले भी उठा चुके हैं घुसपैठ का मुद्दा जानकारी के मुताबिक इस दौरे का खास फोकस सीमांचल क्षेत्र रहेगा. गृह मंत्रालय की नक्सल मुक्त हिंदुस्तान पहल के बाद अब सीमांचल को प्राथमिकता दी जा रही है. पहले भी अमित शाह इस इलाके का दौरा कर चुके हैं और अवैध घुसपैठ का मुद्दा उठा चुके हैं. उन्होंने कहा था कि किसी भी अवैध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. इसे भी पढ़ें: बिहार में घूस लेते पकड़े गए पदाधिकारी, निगरानी टीम की कार्रवाई से हड़कंप The post बिहार में शाह की एंट्री से पहले सियासी घमासान, राजद विधायक बोले- देश में आग लगाने आ रहे appeared first on Naya Vichar.

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बिहार में घूस लेते पकड़े गए पदाधिकारी, निगरानी टीम की कार्रवाई से हड़कंप

Bihar News: बिहार के समस्तीपुर जिले में निगरानी की टीम ने प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी राजेश कुमार भगत को घूस लेते गिरफ्तार कर लिया. टीम ने मौके से रिश्वत की राशि बरामद की है. फिलहाल निगरानी की टीम उनसे पूछताछ कर रही है. इसके बाद आगे की प्रक्रिया की जाएगी. निगरानी को मिली थी गुप्त सूचना जानकारी के मुताबिक, निगरानी की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर यह कार्रवाई की है. मंगलवार को सूचना मिलने पर निगरानी की टीम पदाधिकारी के दलसिंहसराय स्थित उनके निजी आवास पर रेड के लिए पहुंची. इसी वक्त राजेश कुमार भगत 10 हजार रुपए घूस लेते हुए पकड़े गए. किस मामले में हुई छापेमारी? बताया यह भी जा रहा है कि राजेश कुमार भगत उजियारपुर प्रखंड के प्रभार में भी थे. उसी प्रखंड से जुड़े एक मामले में निगरानी की टीम को शिकायत मिली थी, जिसके बाद छापेमारी की गई. फिलहाल, टीम इस मामले में जांच-पड़ताल कर रही है. इसके बाद आगे की प्रक्रिया की जाएगी. निगरानी की टीम की अचानक हुई इस कार्रवाई से हड़कंप मच गया है. समस्तीपुर में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई. राजेश कुमार भगत, प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी (उजियारपुर–विद्यापति नगर) को ₹10,000 रिश्वत लेते हुए दलसिंहसराय स्थित उनके आवास से रंगे हाथों पकड़ा गया.#Samastipur #DalSinghsarai #Corruption #Bribery #BreakingNews #BiharNews… pic.twitter.com/Oni9yhZiq5 — Naya Vichar (@prabhatkhabar) February 24, 2026 सुपौल में भ्रष्ट सर्वे अमीन गिरफ्तार समस्तीपुर के अलावा सुपौल में भी निगरानी की टीम ने छापेमारी करते हुए भ्रष्ट सर्वे अमीन को गिरफ्तार किया. जानकारी के मुताबिक, मंगलवार को ही जिले के मरौना अंचल में तैनात सर्वे अमीन विक्रम कुमार राम को निगरानी ने 20 हजार रुपए घूस लेते गिरफ्तार कर लिया. अमीन की तरफ से सर्वे के एवज में घूस की मांग की गई थी. बिहार उपमुख्यमंत्री और राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री विजय कुमार सिन्हा की तरफ से पिछले दिनों भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आदेश दिया गया था. ऐसे में आज राजस्व विभाग के सर्वे अमीन पर शिकंजा कसा गया. Also Read: ‘इस प्रशासन से कुछ नहीं होगा’, पप्पू यादव ने फेसबुक लाइव आकर किसे गिरफ्तार करने कहा? The post बिहार में घूस लेते पकड़े गए पदाधिकारी, निगरानी टीम की कार्रवाई से हड़कंप appeared first on Naya Vichar.

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लठमार होली होने वाली है शुरू, जानें कैसे और कहां देख सकेंगे

Lathmar Holi 2026: बरसाना की लट्ठमार होली उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले की एक बहुत ही प्राचीन और प्रसिद्ध परंपरा है. यह होली खासतौर पर राधा रानी और कृष्ण भगवान के प्रेम और उनकी लीलाओं से जुड़ी हुई है. हर साल फाल्गुन मास में यह उत्सव बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है. इस वर्ष 26 फरवरी को बरसाना की स्त्रीएं नंदगांव के पुरुषों के साथ लट्ठमार होली स्पोर्ट्सेंगी. लट्ठमार होली कैसे मनाई जाती है? इस खास होली में नंदगांव के पुरुष, जिन्हें हुरियारे कहा जाता है, बरसाना आते हैं और वहां की स्त्रीओं पर रंग और गुलाल डालते हैं. इसके जवाब में बरसाना की स्त्रीएं, जिन्हें हुरियारिन कहा जाता है, हंसी-मजाक में पुरुषों को लाठियों से मारती हैं. पुरुष खुद को ढाल से बचाते हैं. यह पूरा दृश्य बहुत ही मजेदार, रंगीन और उत्साह से भरा होता है. यह परंपरा किसी लड़ाई का प्रतीक नहीं, बल्कि प्रेम, मजाक और खुशी का प्रतीक मानी जाती है. लट्ठमार होली क्यों है खास? लट्ठमार होली की कहानी श्रीमद्भागवत और राधा-कृष्ण की लीलाओं से जुड़ी है. मान्यता है कि एक बार कृष्ण अपने दोस्तों के साथ राधा रानी के गांव बरसाना आए थे और वहां उन्होंने राधा और उनकी सखियों के साथ मजाक किया था. तब सखियों ने उन्हें लाठियों से मजाक-मजाक में भगाया था. उसी घटना की याद में आज भी यह परंपरा निभाई जाती है. इस उत्सव में भक्ति, प्रेम, लोकगीत, नृत्य और परंपरा का अद्भुत संगम देखने को मिलता है. लट्ठमार होली के मुख्य आकर्षण लट्ठमार होली के दौरान कई खास कार्यक्रम होते हैं, जैसे: भजन-कीर्तन और धार्मिक आयोजन पारंपरिक नृत्य और लोकगीत रंग और गुलाल की होली राधा-कृष्ण की लीलाओं का जीवंत अनुभव यहां का माहौल पूरी तरह भक्तिमय और उत्साह से भरा होता है. ये भी पढ़ें: होलिका दहन में इन चीजों को जलाना पड़ सकता है भारी कब और कैसे पहुंचें वृंदावन और बरसाना? अगर आप इस उत्सव का पूरा आनंद लेना चाहते हैं, तो वृंदावन और बरसाना 4–5 दिन पहले पहुंचना बेहतर होता है. इससे आप सभी प्रमुख कार्यक्रम आराम से देख सकते हैं. वृंदावन या मथुरा से बरसाना की दूरी लगभग 45–50 किलोमीटर है, जिसे सड़क मार्ग से 1.5 से 2 घंटे में तय किया जा सकता है. होली के समय भीड़ ज्यादा होती है, इसलिए सुबह जल्दी निकलना अच्छा रहता है. दिल्ली से बरसाना की दूरी करीब 150 किलोमीटर है, जहां आप कार से आसानी से पहुंच सकते हैं. The post लठमार होली होने वाली है शुरू, जानें कैसे और कहां देख सकेंगे appeared first on Naya Vichar.

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सामाजिक क्षेत्र के विकास पर आधारित है झारखंड अबुआ दिशोम बजट, पढ़ें बजट का सार

Jharkhand Budget 2026: झारखंड विधानसभा के बजट सत्र में वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 1 लाख 58 हजार 560 करोड़ रुपये का ‘अबुआ दिशोम’ बजट पेश किया. यह उनका लगातार दूसरा बजट है. इससे पहले पिछले वर्ष उन्होंने 1 लाख 45 हजार 400 करोड़ रुपये का मूल बजट प्रस्तुत किया था, जिसमें 91,741.53 करोड़ रुपये योजना मद के लिए और 17,073.61 करोड़ रुपये केंद्रीय योजनाओं से संबद्ध थे. इस बार के बजट में सामाजिक क्षेत्र पर विशेष फोकस रखा गया है. केंद्र प्रशासन से नहीं मिल रहा सहयोग: वित्त मंत्री विधानसभा में अपने बजट भाषण के दौरान वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि केंद्र प्रशासन का आर्थिक सहयोग जरूरी है, लेकिन अभी तक हमें सही ढंग से सहयोग नहीं प्राप्त हुआ. 11 हजार करोड़ भी नहीं मिला. अनुदान की राशि भी काट दी जाती है. ऐसे में झारखंड के ऊपर वितीय बोझ बढ़ रहा है. उन्होंने कहा कि भले ही केंद्र प्रशासन झारखंड को सहयोग न करे, लेकिन हमारे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कोई कमी नहीं छोड़ी. विपक्ष कहता रहा कि प्रशासन का खजाना खाली है, लेकिन हमने किसी का वेतन नहीं रोका. हमने 13,000 करोड़ मईया सम्मान पर खर्च कर दिया. इसके बावजूद झारखंड के पास आज भी राशि मौजूद है. राज्य के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचेगा विकास उन्होंने कहा कि यह बजट राज्य प्रशासन की विकासोन्मुख सोच, सामाजिक न्याय के प्रति प्रतिबद्धता और “अबुआ झारखंड” के संकल्प को आगे बढ़ाने वाला दस्तावेज है. उन्होंने कहा कि हमारी प्रशासन का लक्ष्य राज्य के अंतिम व्यक्ति तक विकास की किरण पहुंचाना है. यह बजट गरीब, किसान, मजदूर, स्त्री, युवा, आदिवासी, दलित एवं वंचित वर्गों के सशक्तिकरण को समर्पित है. किसानों की आमदनी बढ़ाने का प्रावधान उन्होंने कहा कि राज्य की वित्तीय स्थिति को सुदृढ़ आधार प्रदान करने के लिए पूंजीगत व्यय में वृद्धि का प्रावधान किया गया है. आधारभूत संरचना, सड़क, सिंचाई, बिजली और पेयजल योजनाओं पर विशेष ध्यान दिया गया है. कृषि क्षेत्र को सशक्त बनाने हेतु किसानों की आय बढ़ाने, सिंचाई सुविधाओं के विस्तार तथा कृषि आधारित उद्योगों को प्रोत्साहन देने का प्रावधान किया गया है. स्त्रीओं का सशक्तिकरण प्रशासन की प्राथमिकता उन्होंने कहा कि स्त्री सशक्तिकरण हमारी प्रशासन की प्राथमिकता है. मंईयां सम्मान योजना, स्वयं सहायता समूहों को बढ़ावा तथा पोषण कार्यक्रमों के विस्तार के लिए पर्याप्त राशि का प्रावधान किया गया है. युवाओं के लिए रोजगार सृजन, कौशल विकास कार्यक्रमों का विस्तार तथा स्वरोजगार योजनाओं को गति देने का निर्णय लिया गया है. स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में विकास स्वास्थ्य क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार, जिला अस्पतालों के उन्नयन, कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों की रोकथाम हेतु नई योजनाओं का प्रस्ताव किया गया है. शिक्षा क्षेत्र में विद्यालयों की आधारभूत संरचना सुधार, डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा तथा उच्च शिक्षा संस्थानों को सुदृढ़ करने का लक्ष्य रखा गया है. सड़कों और आवास योजनाओं पर प्रशासन का फोकस ग्रामीण विकास योजनाओं, सड़क निर्माण, आवास योजनाओं और पेयजल परियोजनाओं पर विशेष बल दिया गया है, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में जीवन स्तर में सुधार हो सके. वित्तीय अनुशासन बनाए रखते हुए राजकोषीय प्रबंधन को सुदृढ़ करने और संसाधनों के प्रभावी उपयोग का संकल्प इस बजट में व्यक्त किया गया है. हमारा उद्देश्य विकास और सामाजिक न्याय के बीच संतुलन स्थापित करना है. केंद्र प्रशासन पर सहयोग न करने का आरोप उन्होंने कहा कि केंद्र प्रशासन पर कर‑हिस्सेदारी और अनुदान में लगभग 16,000 करोड़ रुपये (5,000 करोड़ टैक्स शेयर और 11,000 करोड़ अनुदान) कम दिया गया है. इसके अलावा जीएसटी रेट युक्तिकरण से सालाना 4,000 करोड़ की क्षति, मनरेगा (वीबी जी रामजी) के 60:40 शेयर से अतिरिक्त 5,640 करोड़ का बोझ बढ़ गया है. उन्होंने कहा कि कोल कंपनियों पर 1.36 लाख करोड़ का बकाया. झारखंड में पेसा कानून 2 जनवरी से लागू उन्होंने कहा कि झारखंड में पेसा कानून 2 जनवरी 2026 से लागू हो गया है, जिससे अनुसूचित क्षेत्रों की ग्राम सभाओं को बालू घाट, हाट‑बाज़ार प्रबंधन, लाभुक चयन जैसे अधिकार “ग्राम सभा सशक्तिकरण” का बड़ा संदेश है.​ दावोस में झारखण्ड की वैश्विक प्रस्तुति उन्होंने कहा कि राज्य प्रशासन ने वर्ष 2026 में पहली बार वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (डब्ल्यूईएफ) दावोस में भाग लेकर झारखंड को वैश्विक मंच पर एक उभरते निवेश गंतव्य के रूप में पेश किया. प्रशासन ने “सस्टेनेबल ग्रीन एनर्जी, क्रिटिकल मिनरल्स और वन आधारित वैल्यू गेन” को राज्य की विकास पहचान के रूप में प्रोजेक्ट किया. इस पहल से झारखंड को हरित औद्योगिकीकरण, खनिज आधारित उद्योग और वन उत्पाद आधारित वैल्यू चेन के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय निवेश आकर्षित करने का अवसर मिला. वित्तीय स्थिति और बजट का आकार उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2026-27 के लिए राज्य का कुल बजट आकार 1,58,560 करोड़ रुपये प्रस्तावित है, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 9 प्रतिशत अधिक है. इसमें राजस्व व्यय 1,20,851.90 करोड़ रुपये तथा पूंजीगत व्यय 37,708.10 करोड़ रुपये निर्धारित किया गया है. पूंजीगत व्यय में 8.5 प्रतिशत की वृद्धि विकास परियोजनाओं पर प्रशासन के विशेष फोकस को दर्शाती है. क्षेत्रवार प्रावधान में सामान्य प्रक्षेत्र के लिए 32,055.83 करोड़, सामाजिक प्रक्षेत्र के लिए 67,459.54 करोड़ और आर्थिक प्रक्षेत्र के लिए 59,044.63 करोड़ रुपये निर्धारित हैं. संसाधन जुटाने के स्रोतों में राज्य कर से 46,000 करोड़, गैर-कर राजस्व 20,700 करोड़, केंद्रीय सहायता 18,273.66 करोड़, केंद्रीय करों में हिस्सेदारी 51,236.38 करोड़, लोक ऋण 22,049.96 करोड़ तथा उधार/अग्रिम वसूली 300 करोड़ रुपये शामिल हैं. राजकोषीय घाटा राजकोषीय घाटा 13,595.96 करोड़ रुपये (जीएसपीडी का 2.18%) अनुमानित है. डेट-जीएसडीपी अनुपात 25.3% पर नियंत्रित रखा गया है. राज्य की स्वयं की राजस्व आय 2019-20 के 25,521 करोड़ से बढ़कर 2024-25 में 42,732.70 करोड़ और 2026-27 में 66,700 करोड़ होने का अनुमान है. योजना व्यय और स्थापना व्यय का अनुपात 36:64 तक पहुंच गया है, जिससे विकास कार्यों को अधिक प्राथमिकता मिली है. कृषि, पशुपालन और मत्स्य क्षेत्र प्रशासन का लक्ष्य किसानों को कर्ज से मुक्ति, समग्र कृषि विकास और आय वृद्धि है. पीएलएफएस के अनुसार कृषि में रोजगार 44.3% से बढ़कर 50.4% हुआ है। बिरसा बीज उत्पादन योजना का आवंटन 95 करोड़ से बढ़ाकर 145 करोड़ किया गया है. मृदा एवं जल संरक्षण के लिए “बंजर भूमि राइस फैलो” और “जलनिधि” योजनाओं पर 475.50 करोड़ का प्रावधान है. सौर ऊर्जा चालित सिंचाई के लिए

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कॉलेज और डिग्री असली है? Fraud से बचना है तो करें वेरिफाई

Fake University: University Grants Commission (UGC) ने देशभर की फर्जी यूनिवर्सिटी और कॉलेजों की नई लिस्ट जारी कर दी है. UGC ने साफ कर दिया है कि इन संस्थानों से मिलने वाली डिग्री पूरी तरह अमान्य होगी. यह लिस्ट ऐसे समय में जारी हुआ है जब कॉलेज में एडमिशन के लिए एंट्रेंस एग्जाम आयोजित किए जा रहे हैं जैसे कि CUET UG और JEE. ऐसे में UG और PG कोर्स में दाखिला लेने जा रहे छात्रों के लिए सबसे बड़ी चुनौती है असली और फर्जी संस्थानों की पहचान कैसे करें. साथ ही उनके मन में ये सवाल है कि उन्होंने जो डिग्री ली है वो किसी फर्जी यूनिवर्सिटी से तो नहीं है.  कैसे करें कॉलेज की पहचान?  किसी भी कॉलेज या यूनिवर्सिटी में एडमिशन लेने से पहले UGC की ऑफिशियल वेबसाइट से संबंधित कॉलेज/यूनिवर्सिटी का स्टेटस चेक कर लें. विभिन्न कोर्स जैसे कि टेक्निकल, लॉ या मेडिकल के लिए आपको अलग-अलग वेबसाइट देखना होगा.  कोर्स / क्षेत्र मान्यता देने वाली संस्था क्या करें? डिग्री कोर्स (UG/PG) University Grants Commission (UGC) एडमिशन से पहले UGC की आधिकारिक वेबसाइट पर संस्थान की मान्यता जांचें इंजीनियरिंग / टेक्निकल कोर्स All India Council for Technical Education (AICTE) AICTE की वेबसाइट पर कॉलेज की अप्रूवल स्थिति देखें मेडिकल कॉलेज National Medical Commission (NMC) NMC की साइट पर मान्यता और सीट डिटेल चेक करें लॉ कॉलेज Bar Council of India (BCI) BCI से कॉलेज की मान्यता कन्फर्म करें फार्मेसी कोर्स Pharmacy Council of India (PCI) PCI वेबसाइट पर अप्रूव्ड कॉलेज की लिस्ट देखें बीएड कोर्स National Council for Teacher Education (NCTE) NCTE पोर्टल पर संस्थान की मान्यता जांचें डिग्री कोर्स करना चाहते हैं, तो सबसे पहले UGC की वेबसाइट देखें. इंजीनियरिंग या टेक्निकल कोर्स करना चाहते हैं, तो All India Council for Technical Education (AICTE) की वेबसाइट चेक करें. मेडिकल कॉलेज के लिए National Medical Commission (NMC), लॉ कॉलेज के लिए Bar Council of India (BCI),  फार्मेसी के लिए Pharmacy Council of India (PCI), बीएड कोर्स के लिए National Council for Teacher Education (NCTE) की वेबसाइट देखें.  संस्थान से करें सीधा सवाल-जवाब हर मान्यता प्राप्त कॉलेज या यूनिवर्सिटी के पास अप्रूवल ऑर्डर या एफिलिएशन लेटर होता है. आप इसे संस्थान की वेबसाइट पर देख सकते हैं या सीधे कॉलेज से मांग सकते हैं. यूनिवर्सिटी की ग्रेडिंग बताएगी उसकी असली सच्चाई किसी भी कॉलेज या यूनिवर्सिटी का NAAC ग्रेड या AISHE कोड जरूर चेक करें. इससे आपको उस संस्थान की पढ़ाई और स्तर का आईडिया मिलेगा. वेबसाइट और कागजों में गलतियां ​अगर किसी संस्थान की वेबसाइट या उसके डॉक्यूमेंट्स में लैंग्वेज की बहुत गलतियां हों, जानकारी अधूरी लगे या कागज नकली जैसे दिखें, तो यह खतरे का संकेत है. असली संस्थान अपने डॉक्यूमेंट्स साफ, सही और पूरी जानकारी के साथ रखते हैं. यह भी पढ़ें- 12वीं के बाद AMU में एडमिशन पाने का मौका, यहां देखें प्रोसेस  The post कॉलेज और डिग्री असली है? Fraud से बचना है तो करें वेरिफाई appeared first on Naya Vichar.

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यूथ कांग्रेस अध्यक्ष की गिरफ्तारी पर बोले राहुल गांधी- बब्बर शेरों पर गर्व

Youth Congress President Arrest : सत्ता को सच का आईना दिखाना अपराध नहीं, देशभक्ति है. यह बात राहुल गांधी ने कही है. उन्होंने ‘एक्स’ पर लिखा कि शांतिपूर्ण विरोध हमारी ऐतिहासिक धरोहर है. यह हमारे खून में है और हर हिंदुस्तानीय का लोकतांत्रिक अधिकार है. मुझे युवा कांग्रेस के अपने बब्बर शेर साथियों पर गर्व है, जिन्होंने ‘कम्प्रोमाइज्ड पीएम’ के खिलाफ निडर होकर देश के हित में आवाज उठाई है. शांतिपूर्ण विरोध हमारी ऐतिहासिक धरोहर है। यह हमारे खून में है और हर हिंदुस्तानीय का लोकतांत्रिक अधिकार है। मुझे युवा कांग्रेस के अपने बब्बर शेर साथियों पर गर्व है, जिन्होंने ‘COMPROMISED PM’ के खिलाफ निडर होकर देश के हित में आवाज़ उठाई है। अमेरिका के साथ हुए Trade Deal में देश के… — Rahul Gandhi (@RahulGandhi) February 24, 2026 कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि अमेरिका के साथ हुए ट्रेड डील में देश के हितों से समझौता किया गया है. यह समझौता किसानों और कपड़ा कारोबार को नुकसान पहुंचाएगा. यह हिंदुस्तान के डेटा को अमेरिका के हाथों में सौंप देगा. गांधी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी और मैं अपने बब्बर शेर साथियों के साथ मजबूती से खड़े हैं. सत्ता को सच का आईना दिखाना अपराध नहीं, देशभक्ति है, डरो मत… सच और संविधान हमारे साथ हैं. उदय भानु चिब गिरफ्तार कमीज उतारकर किए गए विरोध प्रदर्शन के संबंध में यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष उदय भानु चिब को गिरफ्तार किया गया है. चिब की गिरफ्तारी के बाद विरोध प्रदर्शनों की आशंका को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने प्रमुख स्थानों पर सुरक्षा बढ़ा दी है. चिब की गिरफ्तारी के साथ ही इस मामले में गिरफ्तार किए गए लोगों की कुल संख्या आठ हो गई है. यह भी पढ़ें : AI समिट प्रदर्शन केस में यूथ कांग्रेस अध्यक्ष गिरफ्तार, अब क्राइम ब्रांच करेगी जांच एक सीनियर ऑफिसर ने कहा कि संवेदनशील जगहों पर विशेष रूप से नयी दिल्ली में अतिरिक्त बल तैनात किया गया है. तिलक मार्ग पुलिस थाने के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई है, जहां फिलहाल चिब को हिरासत में रखा गया है. कानून-व्यवस्था की किसी भी स्थिति से निपटने के लिए क्विक रिस्पांस टीम (क्यूआरटी) और पैरा मिलिट्री फोर्स की अतिरिक्त टुकड़ियों को भी तैयार रहने के लिए कहा गया है. बुना जा रहा है झूठ का जाल : चिब के वकील ने कहा चिब के वकील रुपेश सिंह भदौरिया ने कहा कि झूठ का जाल बुना जा रहा है. हम देखेंगे आगे क्या होता है. वे जो करना चाहते हैं करेंगे, लेकिन क्या कोई सबूत है? कोई ऐसा वीडियो दिखाइए जिसमें किसी ने किसी प्रशासनी अधिकारी पर हमला किया हो. कोई आपराधिक कृत्य किया हो या नफरत भरा भाषण दिया हो. ग्वालियर, झांसी, ललितपुर और रायबरेली में गिरफ्तारियां हुई हैं. बाकी लोग कहां हैं? #WATCH | Delhi | Advocate Rupesh Singh Bhadauria, counsel for IYC Chief Uday Bhanu Chib, says, “…The way the case is unfolding, the way they’re spinning this entire web of lies, we’ll see. They’ll do what they want, and we’ll see what happens next. Is there any evidence? Show a… https://t.co/LhJSnckXYq pic.twitter.com/IqrEiEHma3 — ANI (@ANI) February 24, 2026 The post यूथ कांग्रेस अध्यक्ष की गिरफ्तारी पर बोले राहुल गांधी- बब्बर शेरों पर गर्व appeared first on Naya Vichar.

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SIR का काम करने बंगाल जायेंगे झारखंड और ओडिशा के न्यायिक अधिकारी, सुप्रीम कोर्ट का फैसला

मुख्य बातें आयोग को देनी होगी ये जानकारी बांग्ला भाषी को प्राथमिकता कलकत्ता हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस करेंगे अंतिम फैसला इन दस्तावेजों की होगी जांच कोलकाता. बंगाल में SIR के लिए दस्तावेजों के सत्यापन का काम अब झारखंड और ओडिशा के न्यायिक अधिकारी भी करेंगे. सुप्रीम कोर्ट ने समय पर इस काम को पूरा करने के लिए बंगाल के दो पड़ोसी राज्यों से न्यायिक अधिकारियों की नियुक्त करने को कहा है. मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जयमाल्य बागची और न्यायमूर्ति जे. विपुल पंचोली की पीठ ने मंगलवार को सर्वोच्च न्यायालय में इस मामले की सुनवाई के दौरान यह आदेश दिया है. आयोग को देनी होगी ये जानकारी मुख्य न्यायाधीश ने आगे कहा कि यदि आवश्यक हो, तो कलकत्ता उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश झारखंड और ओडिशा उच्च न्यायालयों से संपर्क कर सेवानिवृत्त या सेवारत न्यायाधीशों से अनुरोध कर सकते हैं. उस स्थिति में, आयोग को उनके यात्रा खर्च और आवास की व्यवस्था करनी होगी. सर्वोच्च न्यायालय ने स्पष्ट कर दिया है कि काम करने वालों की सुविधा के लिए एसआईआर नियमों की जानकारी दी जानी चाहिए. कलकत्ता उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश कनिष्ठ और वरिष्ठ सिविल न्यायाधीशों के पद पर ऐसे अधिकारियों की नियुक्ति कर सकते हैं जिनके पास कम से कम तीन वर्ष का कार्य अनुभव हो. बांग्ला भाषी को प्राथमिकता बंगाल में SIR का काम समय से पूरा करने के उद्देश्य से मुख्य न्यायाधीश ने ओडिशा और झारखंड से न्यायिक अधिकारियों को तत्काल नियुक्त कर बंगाल भेजने को कहा है. मुख्य न्यायाधीश के आदेश के बाद राज्य का प्रतिनिधित्व कर रहे वकील कल्याण बनर्जी ने कहा कि अन्य राज्यों के न्यायाधीश बंगाली नहीं समझेंगे. तब मुख्य न्यायाधीश ने कहा-ओडिशा और झारखंड के लोग भाषा समझते हैं. एक समय था जब पूरा क्षेत्र बंगाल का हिस्सा था. यहां के बांग्लाभाषी को इसमें प्राथमिकता दी जा सकती है. कलकत्ता हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस करेंगे अंतिम फैसला मुख्य न्यायाधीश ने कहा- हमें कलकत्ता उच्च न्यायालय से स्थिति रिपोर्ट प्राप्त हुई है. 80 ​​लाख शिकायतों की जांच की जानी है. जिला न्यायाधीश और अतिरिक्त जिला न्यायाधीश रैंक के 250 न्यायिक अधिकारियों की नियुक्ति की जा चुकी है. ऐसे में, यदि कोई न्यायिक अधिकारी प्रतिदिन 250 शिकायतों का भी निपटारा कर दे, तो भी पूरी प्रक्रिया को पूरा करने में अस्सी दिन लगेंगे. मुख्य न्यायाधीश ने तीन वर्ष के अनुभव वाले सिविल न्यायाधीशों की नियुक्ति की भी अनुमति दी है. इस पर कल्याण बनर्जी ने कहा- एनडीपीएस और पॉक्सो मामलों की अदालतों में न्यायाधीशों का इस्तेमाल किया जा रहा है. उनके इस तर्क पर मुख्य न्यायाधीश ने कहा- कलकत्ता उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश ही तय करेंगे कि किसे नियुक्त किया जाएगा, यह उनका मामला है. इन दस्तावेजों की होगी जांच सर्वोच्च न्यायालय के आदेशानुसार, आधार कार्ड और एडमिट कार्ड मान्य दस्तावेज होंगे. ये दस्तावेज 14 फरवरी तक ‘कट-ऑफ तिथि’ के अनुसार स्वीकार किए जाएंगे. ईआरओ और एयरो प्रभारी न्यायिक अधिकारी को दस्तावेजों की जानकारी और स्वीकार्यता के बारे में स्पष्टीकरण देने के लिए जिम्मेदार होंगे. न्यायमूर्ति जयमाल्य बागची ने कहा- किन मतदाताओं ने सूची में शामिल होने के लिए आगे आए, यह हमारी चिंता का विषय नहीं है. हमारी चिंता प्रक्रिया की पारदर्शिता है. मुख्य न्यायाधीश ने स्पष्ट किया कि अंतिम मतदाता सूची 28 तारीख को घोषित की जाएगी. आयोग शेष पूरक सूचियों को नियमित रूप से प्रकाशित करता रहेगा. पूरक सूची में शामिल मतदाताओं को अंतिम मतदाता सूची में मतदाता के रूप में पहचाना जाएगा. Also Read: Hate crime : बांग्ला भाषी पर अब मध्य प्रदेश में हमला, कपड़ा बेचने का काम करता है सैयद The post SIR का काम करने बंगाल जायेंगे झारखंड और ओडिशा के न्यायिक अधिकारी, सुप्रीम कोर्ट का फैसला appeared first on Naya Vichar.

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शुरू हुईं विजय-रश्मिका की शादी की रस्में, देखें शाही डिनर की इनसाइड तस्वीरें

Rashmika-Vijay Wedding: काफी समय से फैंस जिस पल का इंतजार कर रहे थे, वो आखिरकार आ गया है. साउथ सिनेमा के चर्चित सितारे विजय देवरकोंडा और रश्मिका मंदाना अब अपने रिश्ते को नया नाम देने जा रहे हैं. दोनों ने 22 फरवरी 2026 को अपने रिश्ते को ऑफिशियल किया और अगले ही दिन यानी 23 फरवरी को वे अपने वेडिंग डेस्टिनेशन उदयपुर पहुंच गए. View this post on Instagram A post shared by Instant Bollywood (@instantbollywood) उदयपुर एयरपोर्ट पर दोनों को स्टाइलिश सूट्स में ट्विनिंग करते हुए देखा गया, जिसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गईं. अब समाचार है कि शादी की रस्में 24 फरवरी, मंगलवार से शुरू हो रही हैं और इसकी शुरुआत एक शाही प्री-वेडिंग डिनर से होगी. रिपोर्ट्स के मुताबिक, ये डिनर पार्टी बेहद खास होगी. इसमें परिवार और करीबी दोस्त शामिल रहेंगे.  प्राइवेसी का खास ख्याल विजय और रश्मिका अपनी शादी को लेकर कोई भी ढिलाई नहीं बरतना चाहते. वे शादी की थीम, कलर और डेकोरेशन तक खुद मॉनिटर कर रहे हैं. होटल में सिक्योरिटी बढ़ा दी गई है ताकि कोई भी फोटो या जानकारी लीक न हो. कपल चाहता है कि उनके इस खास दिन की हर झलक सही समय पर ही सामने आए. बता दें, अक्टूबर 2025 में विजय के घर पर एक छोटे से फंक्शन में दोनों की सगाई हुई थी. तभी से दोनों को अक्सर अंगूठियां पहने देखा जा रहा था, लेकिन उन्होंने रिश्ते पर खुलकर कभी बात नहीं की थी. ‘Virosh’ नाम की कहानी View this post on Instagram A post shared by Viral Bhayani (@viralbhayani) दिलचस्प बात ये है कि इस शादी को एक खास नाम भी दिया गया है, जो है ‘Virosh’. ये नाम किसी वेडिंग प्लानर ने नहीं, बल्कि फैंस ने विजय और रश्मिका के नाम को जोड़कर बनाया था. अब कपल ने इसे ही अपनी शादी का ऑफिशियल नाम बना लिया है. दोनों 26 फरवरी 2026 को उदयपुर से करीब 25 किलोमीटर दूर अरावली की पहाड़ियों में स्थित Mementos by ITC Hotels में सात फेरे लेंगे. यह भी पढ़ें: 8 साल पहले रश्मिका मंदाना की टूट चुकी है सगाई, विजय संग करने जा रही हैं शादी नया विचार की ओर से आयोजित होने वाली वूम ऑफ इंपैक्ट अवार्ड The post शुरू हुईं विजय-रश्मिका की शादी की रस्में, देखें शाही डिनर की इनसाइड तस्वीरें appeared first on Naya Vichar.

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मसालेदार स्नैक्स से बढ़ाएं होली का मजा, इन रेसिपी आइडियाज को करें ट्राई 

Spicy Snacks Ideas For Holi: रंगों का त्योहार होली स्वादिष्ट पकवान के बिना अधूरा सा लगता है. होली के मौके पर अधिकतर घरों में मीठे और नमकीन डिशेज को तैयार किया जाता है. गुजिया और मालपुआ जैसी मिठाइयां त्योहार की शान बढ़ाती हैं और मसालेदार स्नैक्स होली पार्टी का मजा दोगुना कर देते हैं. अगर आप भी इस बार होली पर कुछ अलग और स्पाइसी स्नैक्स ट्राई करना चाहते हैं तो मेन्यू में इन डिशेज को शामिल करें.  प्याज के पकौड़े  आप स्नैक्स में प्याज के पकौड़े बना सकते हैं. इसे बनाने के लिए बेसन में आप लंबा कटा हुआ प्याज को डाल दें. इसके बाद आप नमक, लाल मिर्च पाउडर, हल्दी, चावल का आटा, धनिया पत्ती और थोड़ा अजवाइन मिला दें. इसके बाद आप पानी डालकर घोल तैयार कर लें. तेल में डालकर इसे फ्राई कर लें. पकौड़े को आप हरी चटनी के साथ सर्व करें.  आलू चाट  आलू चाट एक स्वादिष्ट स्नैक्स है. आप इसे आसानी से तैयार कर सकते हैं. इसे बनाने के लिए आप उबले हुए आलू के टुकड़ों को फ्राई कर लें. अब आप इसमें नमक, लाल मिर्च, चाट मसाला और भुना जीरा पाउडर डाल दें. इसके ऊपर बारीक कटा प्याज, हरी चटनी और इमली की मीठी चटनी डाल दें. धनिया पत्ती डालकर सर्व करें.  मसाला मूंगफली  मसाला मूंगफली एक क्रिस्पी स्नैक्स है. इसे तैयार करना भी बेहद आसान कच्ची मूंगफली को तेल में डालकर फ्राई कर लें. इसके बाद आप इसमें नमक, लाल मिर्च पाउडर, हल्दी और चाट मसाला डालकर मिला लें. ऊपर से थोड़ा सा काला नमक डाल दें.  काजू मसाला  काजू मसाला टेस्टी स्वादिष्ट और झटपट बनने वाला स्नैक्स है. इसे आप चाय के साथ या मेहमानों के लिए परोस सकते हैं. सबसे पहले कड़ाही में थोड़ा घी या तेल गर्म करें. इसमें काजू को हल्की आंच पर सुनहरा होने तक भूनें. फिर इसमें नमक, लाल मिर्च पाउडर, काली मिर्च पाउडर, चाट मसाला और थोड़ा सा अमचूर डालकर अच्छे से मिला लें.  मसाला फ्रेंच फ्राइज  मसाला फ्रेंच फ्राइज बनाने के लिए सबसे पहले आलू को अच्छे से छीलकर लंबी-लंबी स्लाइस में काट लें. अब इन्हें पानी में 10 मिनट के लिए भिगो दें. इसके बाद फ्राइज को तेल में सुनहरा और क्रिस्पी होने तक फ्राई कर लें. एक बाउल में निकालकर ऊपर से लाल मिर्च पाउडर, चाट मसाला, काली मिर्च और नमक छिड़कें. यह भी पढ़ें: Gulab Jamun Recipe: घर पर बनाएं बाजार जैसी सॉफ्ट और टेस्टी गुलाब जामुन, नोट करें रेसिपी यह भी पढ़ें: होली पर मेहमानों को पिलाएं कुछ खास, बनाएं ये स्पेशल ठंडाई The post मसालेदार स्नैक्स से बढ़ाएं होली का मजा, इन रेसिपी आइडियाज को करें ट्राई  appeared first on Naya Vichar.

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झारखंड विधानसभा में वर्ष 2026-27 का बजट पेश, 1.58 लाख करोड़ से अधिक का आकार

Jharkhand Budget 2025-26, रांची : झारखंड के वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने मंगलवार को विधानसभा में वित्त वर्ष 2026-27 का सलाना बजट पेश कर दिया है. इस साल बजट का आकार 1.58 लाख करोड़ रुपये से अधिक का है. इस बार खास बात ये है कि विधानसभा में दिशोम गुरु शिबू सोरेन की कमी खल रही है. प्रशासन ने इस बजट को झारखंड की जनता के अनुरूप रखने का प्रयास किया है. इससे पहले प्रशासन ने राज्य के सभी विभागों और आम जनता से अपने सलाना बजट में सुझाव देने की अपील की थी. प्रशासन की अपील पर विभाग समेत आम जनता ने अपने अपने सुझाव दिये थे. सामाजिक क्षेत्र पर रखा गया विशेष फोकस पिछले वर्ष वित्त मंत्री ने 1 लाख 45 हजार 400 करोड़ रुपये का मूल बजट प्रस्तुत किया था, जिसमें 91,741.53 करोड़ रुपये योजना मद के लिए और 17,073.61 करोड़ रुपये केंद्रीय योजनाओं से संबद्ध थे. इस बार के बजट में सामाजिक क्षेत्र पर विशेष फोकस रखा गया है. केंद्र से नहीं मिला आर्थित सहयोग: वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर विधानसभा में अपने बजट भाषण के दौरान वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि केंद्र प्रशासन का आर्थिक सहयोग जरूरी है, लेकिन अभी तक हमें सही ढंग से सहयोग नहीं प्राप्त हुआ. 11 हजार करोड़ भी नहीं मिला. अनुदान की राशि भी काट दी जाती है. ऐसे में झारखंड के ऊपर वितीय बोझ बढ़ रहा है. उन्होंने कहा कि भले ही केंद्र प्रशासन झारखंड को सहयोग न करे, लेकिन हमारे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कोई कमी नहीं छोड़ी. विपक्ष कहता रहा कि प्रशासन का खजाना खाली है, लेकिन हमने किसी का वेतन नहीं रोका. हमने 13,000 करोड़ मईया सम्मान पर खर्च कर दिया. इसके बावजूद झारखंड के पास आज भी राशि मौजूद है. The post झारखंड विधानसभा में वर्ष 2026-27 का बजट पेश, 1.58 लाख करोड़ से अधिक का आकार appeared first on Naya Vichar.

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