Pakistan Afghanistan War: पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच युद्ध जैसे हालात बन गए हैं. अफगानिस्तान के राष्ट्रीय रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि गुरुवार को डूरंड लाइन के साथ की गई जवाबी कार्रवाई में 55 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए. एक प्रेस विज्ञप्ति में मंत्रालय ने बताया कि यह कार्रवाई रमजान की 9वीं तारीख (26 फरवरी) को रात 8:00 बजे शुरू की गई. अफगानिस्तान की यह कार्रवाई कुछ दिन पहले पाकिस्तानी सैन्य बलों द्वारा अफगान क्षेत्र के उल्लंघन के जवाब में उठाया गया. मंत्रालय के अनुसार, अफगान बलों ने डूरंड लाइन के साथ पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी दिशाओं में पाकिस्तानी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया. यह कार्रवाई पक्तिका, पक्तिया, खोस्त, नंगरहार, कुनार और नूरिस्तान प्रांतों के पास की गई. पाक-अफगान के बीच 2,611 किलोमीटर (1,622 मील) लंबी सीमा को डूरंड लाइन कहा जाता है. इसको अफगानिस्तान ने कभी आधिकारिक रूप से मान्यता नहीं दी है. इसी को लेकर दोनों देशों के बीच हालात बीते कुछ महीनों से खराब चल रहे हैं. अफगान मंत्रालय ने अपने बयान में कहा गया, ‘कुछ दिन पहले पाकिस्तानी सैन्य हलकों ने भारी दुस्साहस दिखाते हुए अफगान क्षेत्र में घुसपैठ की, हमारी सीमाओं का उल्लंघन किया और यहां स्त्रीओं व बच्चों को शहीद कर दिया.’ वहीं तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने कहा था कि पाकिस्तानी सेना ने काबुल, कंधार और पक्तिया के कुछ हिस्सों में हवाई हमले किए हैं. एक्स पर एक पोस्ट में मुजाहिद ने लिखा, ‘कायर पाकिस्तानी सेना ने काबुल, कंधार और पक्तिया के कुछ इलाकों में हवाई हमले किए हैं; सौभाग्य से अब तक किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है.’ वहीं अफगान रक्षा मंत्रालय ने बयान में कहा गया, ‘डूरंड लाइन के साथ की गई इन जवाबी कार्रवाइयों में कुल 55 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए, दो सैन्य अड्डों और 19 चौकियों पर कब्जा किया गया.’ मंत्रालय ने आगे बताया कि चार घंटे तक चली इस कार्रवाई में दो पाकिस्तानी सैन्य अड्डे और 19 चौकियां नष्ट कर दी गईं, जबकि चार अन्य चौकियों से सैनिक भाग गए. इसके अलावा, एक दुश्मन टैंक को नष्ट किया गया और एक बड़ा सैन्य परिवहन वाहन कब्जे में लिया गया. बयान के मुताबिक, ‘इन अभियानों के दौरान दर्जनों हल्के और भारी हथियार, गोला-बारूद और सैन्य आपूर्ति अफगान बलों ने जब्त की.’ मंत्रालय ने यह भी कहा कि इस कार्रवाई में आठ अफगान लड़ाके मारे गए और 11 अन्य घायल हुए. साथ ही, नंगरहार में एक शरणार्थी शिविर पर मिसाइल हमले में 13 नागरिकों के घायल होने का भी आरोप लगाया गया. बयान में कहा गया, ‘इस जवाबी कार्रवाई में हमारे 8 मुजाहिदीनों ने शहादत का उच्च दर्जा प्राप्त किया और 11 अन्य घायल हुए.’ वहीं टोलो न्यूज के अनुसार, अफगान सेना ने पाकिस्तान के एक फाइटर जेट को भी मार गिराया है. #BREAKING Security sources told TOLOnews that Afghan forces have shot down a Pakistani aircraft that had entered Afghanistan’s airspace.#TOLOnews_English pic.twitter.com/QfMT1KM36J — TOLOnews English (@TOLONewsEnglish) February 26, 2026 Big Breaking 🚨Afghanistan claimed of shooting down atleast one Pakistani fighter Jet that entered its airspace Live visuals coming from Afghanistan-Pakistan war Both Muslim countries will destroy each other, This is a win win situation for India 🔥 pic.twitter.com/vLF6k2oN1Q — Voice of Hindus (@Voiceofhindus) February 27, 2026 पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने अफगानिस्तान के साथ ‘खुले युद्ध’ की घोषणा की है. ख्वाजा आसिफ ने एक्स पर लिखा, ‘हमारा सब्र जवाब दे चुका है. अब हमारे और तुम्हारे बीच खुला युद्ध है.’ वहीं पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने कहा कि तालिबान के हमलों के जवाब में इस्लामाबाद की कार्रवाई ‘माकूल और सख्त जवाब’ है. ‘ऑपरेशन गजब लिल-हक’ के तहत काबुल और कंधार शहरों में धमाकों और गोलीबारी की आवाजें सुनी गईं. नकवी ने कहा, ‘पाकिस्तान की सशस्त्र सेनाओं ने अफगान तालिबान की खुली आक्रामकता का माकूल जवाब दिया है.’ पाकिस्तान के एआरवाई न्यूज के अनुसार, जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तान ने ‘गजब लिल हक’ नाम से अभियान शुरू किया, जो अफगान तालिबान शासन को निशाना बनाकर किया गया. प्रधानमंत्री के प्रवक्ता मुशर्रफ जैदी ने पुष्टि की कि 133 अफगान तालिबान लड़ाके मारे गए हैं और 200 से अधिक घायल हुए हैं. जियो न्यूज के अनुसार, इन अभियानों में 27 तालिबान चौकियां नष्ट की गईं और नौ पर कब्जा किया गया. एआरवाई न्यूज के मुताबिक, पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने चितराल, खैबर, मोहम्मद, कुर्रम और बाजौर जिलों सहित कई सीमावर्ती इलाकों में जवाबी कार्रवाई करते हुए कई अफगान तालिबान चौकियों को नष्ट किया. यह घटनाक्रम दोनों पड़ोसी देशों के बीच उनकी अस्थिर सीमा पर तनाव में एक और बढ़ोतरी ही है. पाकिस्तानी अधिकारियों के अनुसार, अफगान बलों ने पाकिस्तान के पहाड़ी उत्तर-पश्चिमी इलाकों में चौकियों पर गोलीबारी की, जिसके बाद दो घंटे से अधिक समय तक संघर्ष चला. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इसके बाद पाकिस्तानी सैनिकों ने जवाबी कार्रवाई की. ये भी पढ़ें:- पाकिस्तान के हवाई हमले का बदला, अफगानिस्तान ने किया अटैक पिछले हफ्ते पाकिस्तान की सेना ने अफगानिस्तान से लगती सीमा के साथ हवाई हमले किए थे और दावा किया था कि इनमें कम से कम 70 आतंकवादी मारे गए. हालांकि, अफगानिस्तान ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा कि दर्जनों नागरिक मारे गए हैं. पाकिस्तान के सूचना मंत्री अत्ता उल्लाह तरार ने एक्स पर लिखा था कि सेना ने जिसे उन्होंने ‘खुफिया जानकारी के आधार पर, चयनित अभियान’ के तहत पाकिस्तानी तालिबान के सात शिविरों को निशाना बनाया. उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) और इस्लामिक स्टेट समूह से जुड़े एक गुट को भी निशाना बनाया गया. अक्तूबर 2025 में भी पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के भीतर गहराई तक हवाई हमले कर उग्रवादी ठिकानों को निशाना बनाया था. तरार ने कहा कि पाकिस्तान ‘हमेशा क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने की कोशिश करता रहा है,’ लेकिन साथ ही यह भी जोड़ा कि पाकिस्तानी नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है. ये भी पढ़ें:- पीएम मोदी का इजराइल दौरा: व्यापार से सुरक्षा तक बढ़ा सहयोग, आतंकवाद को कड़ा संदेश हाल के वर्षों में पाकिस्तान में उग्रवादी हिंसा में तेज़ी आई है, जिसका बड़ा हिस्सा पाकिस्तान पाकिस्तानी तालिबान और प्रतिबंधित बलूच अलगाववादी समूहों को जिम्मेदार ठहराता है. टीटीपी अफगान तालिबान से अलग है, लेकिन उसका करीबी सहयोगी माना जाता है. इस्लामाबाद का आरोप है कि