Hot News

March 6, 2026

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

रोजे में दिनभर नहीं लगेगी प्यास और न होगी कमजोरी, सहरी में भूलकर भी न खाएं ये 3 चीजें

Ramadan Health Tips: रमजान के पाक महीने में रोजा रखना इबादत का काम है, लेकिन चिलचिलाती धूप और लंबे समय तक भूखे-प्यासे रहने से शरीर में कमजोरी और पानी की कमी हो सकती है. अक्सर सहरी में गलत चीजों का चुनाव हमें दिनभर परेशान करता है. अगर आप चाहते हैं कि आपको पूरे दिन प्यास न सताए और आप एनर्जेटिक महसूस करें, तो अपनी सहरी की थाली पर ध्यान देना बहुत जरूरी है. आज हम आपको उन 3 चीजों के बारे में बताएंगे जिन्हें सहरी में खाने से प्यास ज्यादा लगती है. इन आसान टिप्स को अपनाकर आप अपने रोजे को सेहतमंद और आसान बना सकते हैं. नमक और चटपटा खाना सहरी के समय बहुत ज्यादा नमक वाली चीजें या चटपटा खाना बिल्कुल न खाएं. नमक शरीर के अंदर मौजूद पानी को जल्दी सोख लेता है. इसकी वजह से आपको दिनभर बार-बार गला सूखने और प्यास लगने की समस्या हो सकती है. सहरी में हमेशा हल्का और कम मसाले वाला सादा खाना ही खाएं. चाय और कॉफी का सेवन बहुत से लोगों को सहरी के बाद चाय या कॉफी पीने की आदत होती है. चाय और कॉफी में मौजूद कैफीन शरीर से पानी को बाहर निकालने का काम करता है. इससे आपके शरीर में डिहाइड्रेशन यानी पानी की कमी होने का खतरा बढ़ जाता है. प्यास से बचने के लिए चाय की जगह ताजे फलों का जूस या नारियल पानी पीना बेहतर है. ज्यादा चीनी और मीठा खाना सहरी में बहुत ज्यादा मिठाई या चीनी वाली चीजें खाने से शरीर में एनर्जी लेवल अचानक बढ़ जाता है. लेकिन कुछ ही घंटों बाद यह लेवल तेजी से गिरता है जिससे आपको बहुत कमजोरी महसूस होने लगती है. मीठा खाने से भूख भी जल्दी लगती है इसलिए इसकी जगह खजूर खाना सबसे अच्छा है. रोजे में प्यास और कमजोरी से बचने के उपाय सहरी में दही जरूर खाएं: दही पेट को ठंडा रखता है और इसमें मौजूद अच्छे बैक्टीरिया पाचन में मदद करते हैं. सहरी में एक कटोरी दही खाने से दिनभर प्यास कम लगती है. पानी धीरे-धीरे पिएं: इफ्तार से लेकर सहरी के बीच एक साथ बहुत सारा पानी पीने की गलती न करें. थोड़े-थोड़े समय के अंतराल पर पानी पीते रहें ताकि शरीर में नमी बनी रहे. फाइबर वाली चीजें शामिल करें: अपने खाने में दलिया, ओट्स या साबुत अनाज जैसी चीजें शामिल करें. ये चीजें धीरे-धीरे पचती हैं और आपको लंबे समय तक भूख का अहसास नहीं होने देतीं. ये भी पढ़ें: Best Iftar Recipes 2026: तला-भुना खाकर हो गए हैं परेशान? इफ्तार में बनाएं ये 5 झटपट और टेस्टी प्रोटीन से भरपूर डिशेज ये भी पढ़ें: Energy Foods for Sehri: सहरी में शामिल करें ये 2 सुपरफूड्स, 14 घंटे के रोजे में भी शरीर में बनी रहेगी घोड़े जैसी ताकत ये भी पढ़ें: Hydration Tips for Ramadan: इफ्तार से सहरी तक पानी पीने का सही तरीका जान लें, शरीर में कभी नहीं होगी डिहाइड्रेशन की समस्या ये भी पढ़ें: Ramadan 2026: इफ्तार और सेहरी के लिए 5 हेल्दी डाइट टिप्स, दिनभर रहेंगे फ्रेश Disclaimer: यह आर्टिकल सामान्य जानकारियों और मान्यताओं पर आधारित है. नया विचार इसकी पुष्टि नहीं करता है. The post रोजे में दिनभर नहीं लगेगी प्यास और न होगी कमजोरी, सहरी में भूलकर भी न खाएं ये 3 चीजें appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

धुरंधर 2 की रिलीज डेट आई सामने, रणवीर सिंह ने खुद किया अनाउंस

Dhurandhar 2 Trailer: रणवीर सिंह की फिल्म ‘धुरंधर 2’ की रिलीज डेट नजदीक आ रही है. फिल्म 19 मार्च को सिनेमाघरों में आने वाली है, लेकिन उससे पहले दर्शकों की नजर इसके ट्रेलर पर टिकी हुई है. कई दिनों से सोशल मीडिया पर ट्रेलर रिलीज को लेकर तरह-तरह की बातें चल रही थीं. काफी लोगों को उम्मीद थी कि ट्रेलर होली से पहले रिलीज कर दिया जाएगा. कुछ रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया था कि 6 मार्च को ट्रेलर सामने आ सकता है. लेकिन ऐसा नहीं हुआ और फैंस को एक दिन और इंतजार करना पड़ेगा. रणवीर सिंह ने किया अनाउंस View this post on Instagram A post shared by Ranveer Singh (@ranveersingh) दरअसल, मेकर्स ने फिल्म का नया पोस्टर जारी करते हुए ट्रेलर की आधिकारिक तारीख का ऐलान कर दिया है. पोस्टर के मुताबिक ‘धुरंधर: द रिवेंज’ का ट्रेलर शनिवार यानी 7 मार्च को सुबह ठीक 11 बजकर 1 मिनट पर रिलीज किया जाएगा. रिलीज किये गये पोस्टर में रणवीर सिंह का दमदार अंदाज देखने को मिल रहा है. वह हाथ में गन लिए बेहद इंटेंस लुक में नजर आ रहे हैं. फिल्म में उनका किरदार ‘हमजा’ काफी दमदार बताया जा रहा है. इस पोस्टर को सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए रणवीर सिंह ने कैप्शन में लिखा, “तैयार हो जाओ.” टल गयी टॉक्सिक की रिलीज डेट पोस्टर सामने आते ही सोशल मीडिया पर फैंस की उत्सुकता और बढ़ गई है. लोग अब ट्रेलर देखने का इंतजार कर रहे हैं और फिल्म को लेकर चर्चा तेज हो गई है. इस बीच फिल्म के बॉक्स ऑफिस क्लैश को लेकर भी एक बड़ी समाचार सामने आई है. पहले माना जा रहा था कि यश की फिल्म टॉक्सिक और ‘धुरंधर 2’ एक ही दिन रिलीज होंगी. लेकिन अब यह क्लैश टल गया है. 4 जून को सिनेमाघरों में आएगी टॉक्सिक यश ने हाल ही में घोषणा की कि उनकी फिल्म ‘टॉक्सिक’ की रिलीज डेट आगे बढ़ा दी गई है. अब यह फिल्म 19 मार्च की जगह 4 जून को सिनेमाघरों में आएगी. रिपोर्ट्स के मुताबिक मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव की वजह से रिलीज डेट बदली गई है. बताया जा रहा है कि डायरेक्टर आदित्य धर की ‘धुरंधर 2’ पहले पार्ट से कहीं ज्यादा बड़े पैमाने पर बनाई गई है. फिल्म में रणवीर सिंह के अलावा अर्जुन रामपाल, संजय दत्त और आर माधवन भी अहम किरदार निभाते नजर आएंगे. यह भी पढे़ं: ‘तबाही’ लेकर आया यश का टॉक्सिक, 19 मार्च को सिनेमाघरों में मचाएगा धमाल The post धुरंधर 2 की रिलीज डेट आई सामने, रणवीर सिंह ने खुद किया अनाउंस appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

फेक बाबा… भारत की जीत के बाद सिद्धू का मोहम्मद आमिर पर फूटा गुस्सा

Highlights मुंबई में हिंदुस्तान ने दिखाया अपना दम  सिद्धू ने आमिर को दिया करारा जवाब  आमिर की भविष्यवाणी निकली झूठी  Navjot Singh Sidhu Slams Amir: हिंदुस्तानीय टीम ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 (T20 World Cup 2026) के फाइनल में अपनी शानदार जगह बना ली है. गुरुवार को मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में रोमांचक सेमीफाइनल मैच स्पोर्ट्सा गया. इस मैच में हिंदुस्तानीय टीम ने इंग्लैंड को 7 रन से हरा दिया. टीम इंडिया की इस जीत के बाद पूर्व क्रिकेटर नवजोत सिंह सिद्धू (Navjot Singh Sidhu) ने पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज मोहम्मद आमिर (Mohammad Amir) की जमकर क्लास लगाई है. सिद्धू ने आमिर के पुराने बयानों को लेकर उन पर सीधा निशाना साधा है और उन्हें ‘फेक बाबा’ तक कह दिया. मुंबई में हिंदुस्तान ने दिखाया अपना दम  वानखेड़े स्टेडियम में हिंदुस्तान और इंग्लैंड की टीमें आमने-सामने थीं. दोनों टीमों ने जीत के लिए अपना पूरा जोर लगाया लेकिन बाजी हिंदुस्तान के हाथ लगी. हिंदुस्तानीय टीम ने इंग्लैंड को 7 रन से हराया और फाइनल में एंट्री ली. पूरे टूर्नामेंट में टीम इंडिया का प्रदर्शन बहुत ही शानदार रहा है और इस मैच में भी खिलाड़ियों ने उसी लय को बरकरार रखा. सिद्धू ने आमिर को दिया करारा जवाब  हिंदुस्तान के फाइनल में पहुंचने के बाद नवजोत सिंह सिद्धू ने मोहम्मद आमिर की कड़ी आलोचना की. सिद्धू ने सीधे शब्दों में आमिर को ‘फेक बाबा’ कहा. सिद्धू ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक वीडियो शेयर करते हुए कहा कि कुछ लोगों को बिना सिर-पैर की भविष्यवाणी करने की आदत पड़ गई है. अगर उनकी कही बात सच निकल जाए तो वे उसे अपनी बहुत बड़ी कामयाबी बताते हैं. लेकिन जब वही बात गलत साबित हो जाए, तो उसे सिर्फ एक अंदाजा बताकर अपना पल्ला झाड़ लेते हैं.  सिद्धू का साफ मानना है कि ऐसे लोग खुद को किसी बहुत बड़े और ज्ञानी बाबा की तरह दुनिया के सामने पेश करते हैं, जबकि उनकी बातों का असल हकीकत से कोई लेना-देना नहीं होता है. View this post on Instagram A post shared by Navjot Singh Sidhu (@navjotsinghsidhu) आमिर की भविष्यवाणी निकली झूठी  नवजोत सिंह सिद्धू का गुस्सा इसलिए ज्यादा फूटा क्योंकि मोहम्मद आमिर ने टूर्नामेंट शुरू होने से पहले ही कई दावे किए थे. आमिर ने पहले ही कह दिया था कि हिंदुस्तानीय टीम इस बार सेमीफाइनल के लिए भी क्वालीफाई नहीं कर पाएगी. आमिर ने भविष्यवाणी की थी कि वेस्टइंडीज और साउथ अफ्रीका आगे जाएंगी. लेकिन टूर्नामेंट के नतीजे उनके दावों के बिल्कुल उलट रहे.  हिंदुस्तान टूर्नामेंट में आगे बढ़ा, जबकि दक्षिण अफ्रीका की टीम सेमीफाइनल में न्यूजीलैंड से हारकर टूर्नामेंट से बाहर हो गई. वेस्टइंडीज भी पहले ही रेस से बाहर हो गई. सेमीफाइनल मैच से पहले भी आमिर ने दावा किया था कि इंग्लैंड यह मैच जीतेगा, लेकिन उनकी यह बात भी पूरी तरह से गलत साबित हुई. ये भी पढ़ें- मैच में हार्दिक पर क्यों गुस्सा हुए अगस्त्य? वजह जान हैरान रह जाएंगे आप, Video Video: हवा में उड़कर अक्षर का मैजिक, चीते जैसी फुर्ती देख धोनी रिएक्शन हुआ वायरल Viral Video: माही भाई…धोनी को देख हार्दिक से नहीं हुआ कंट्रोल मैदान में चिल्लाए The post फेक बाबा… हिंदुस्तान की जीत के बाद सिद्धू का मोहम्मद आमिर पर फूटा गुस्सा appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

कुछ बाइक्स के ब्रेक के पास दिखने वाला छोटा बॉक्स क्या होता है? जानिए इसका असली काम

अगर आप किसी भी एडवांस्ड मोटरसाइकिल के हैंडलबार को ध्यान से देखें, तो फ्रंट ब्रेक लीवर के ठीक ऊपर एक छोटा-सा चौकोर डिब्बा लगा हुआ दिखाई देगा. कई लोगों के मन में सवाल आता है कि आखिर यह छोटा बॉक्स क्या होता है और इसे वहां क्यों लगाया जाता है? दरअसल, यह कोई नॉर्मल डिब्बा नहीं बल्कि बाइक के ब्रेक सिस्टम का एक बेहद अहम हिस्सा होता है. आइए आपको इसके बारे में डिटेल में बताते हैं. क्या कहते हैं उस छोटा चौकोर बॉक्स को? फ्रंट ब्रेक लीवर के पास लगा यह छोटा चौकोर बॉक्स ब्रेक फ्लूइड रिजर्वायर कहलाता है. इसी में हाइड्रोलिक ब्रेक फ्लूइड भरा रहता है. यह बाइक के ब्रेक को सही तरीके से काम करने में मदद करता है और जरूरत पड़ने पर तुरंत गाड़ी को रोकने में अहम भूमिका निभाता है. कैसे काम करता है ब्रेक फ्लूइड रिजर्वायर? जब कोई राइडर बाइक का फ्रंट ब्रेक लीवर दबाता है, तो असल में अंदर एक दिलचस्प प्रोसेस शुरू हो जाती है. लीवर दबाते ही ब्रेक फ्लूइड के जरिए हाइड्रोलिक प्रेशर बनता है, जो इस ताकत को ब्रेक कैलिपर तक पहुंचाता है. इसके बाद ब्रेक पैड्स डिस्क रोटर को मजबूती से पकड़ लेते हैं. इससे बाइक की स्पीड धीरे-धीरे कम होती है या वह पूरी तरह रुक जाती है. अगर यह रिजर्वायर और इसके अंदर मौजूद ब्रेक फ्लूइड न हो, तो हाइड्रोलिक ब्रेकिंग सिस्टम सही तरीके से काम ही नहीं कर पाएगा. यानी सेफ ब्रेकिंग के लिए यह छोटा-सा हिस्सा बेहद जरूरी होता है. ब्रेक फ्लूइड रिजर्वायर हैंडलबार के पास ही क्यों लगाया जाता है?  दरअसल, इसकी एक खास वजह होती है. असल में यह रिजर्वायर सीधे मास्टर सिलेंडर से जुड़ा होता है, जो ब्रेक लीवर असेंबली के अंदर लगा रहता है. हैंडलबार के पास होने से जब भी राइडर ब्रेक दबाता है, तो ब्रेक फ्लूड तुरंत और आसानी से ब्रेक लाइनों के जरिए आगे बढ़ता है. इससे ब्रेक सही तरीके से काम करते हैं. साथ ही, यह जगह ऐसी होती है जहां राइडर या मैकेनिक के लिए ब्रेक फ्लूड को चेक करना और मेंटेनेंस करना भी आसान हो जाता है. कई बाइक में इस रिजर्वायर पर एक छोटा-सा ट्रांसपेरेंट विंडो या लेवल मार्क भी होता है. इससे बिना ढक्कन खोले ही फ्लूड का लेवल देखा जा सकता है. ब्रेक फ्लूइड का सही लेवल बनाए रखना क्यों जरूरी?  दरअसल, सेफ ब्रेकिंग के लिए इसका सही लेवल में होना बेहद जरूरी है. अगर ब्रेक फ्लूइड कम हो जाए, तो ब्रेक की पकड़ कमजोर पड़ सकती है और खतरे वाली स्थिति में ब्रेक ठीक से काम भी नहीं कर सकते. समय के साथ ब्रेक पैड के घिसने या सिस्टम में हल्की-फुल्की लीकेज की वजह से ब्रेक फ्लूइड धीरे-धीरे कम हो सकता है. इसलिए एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं कि ब्रेक फ्लूइड का लेवल समय-समय पर जरूर चेक करते रहें और रेगुलर सर्विस के दौरान इसे बदलवाना भी न भूलें. यह भी पढ़ें: ट्रक के टायरों के पास क्यों लटकाई जाती हैं रबर की पट्टियां? कई लोग नहीं जानते वजह The post कुछ बाइक्स के ब्रेक के पास दिखने वाला छोटा बॉक्स क्या होता है? जानिए इसका असली काम appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

नवंबर में बनी प्लानिंग, 6 महीने बाद खामेनेई को मारना है; तो फरवरी में क्यों हुआ अटैक? इजरायली रक्षामंत्री का खुलासा

Ali Khamenei Death: इजरायल ने 28 फरवरी को ईरान के ऊपर एयरस्ट्राइक की. इस हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातोल्लाह अली खामेनेई की मौत हो गई. इजरायल ने यह हमला इतनी सटीकता के साथ किया कि किसी को भनक नहीं लगी. इजरायल के रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज़ ने गुरुवार को खुलासा किया कि खामेनेई को मारने का फैसला पिछले साल नवंबर में ही कर लिया था. इस ऑपरेशन को लगभग छह महीने बाद अंजाम देने की योजना बनाई गई थी. गुरुवार को काट्ज़ ने बताया कि यह रणनीतिक लक्ष्य पिछले साल के अंत में हुई एक उच्च स्तरीय सुरक्षा बैठक के दौरान तय किया गया था. उन्होंने कहा, ‘नवंबर में ही प्रधानमंत्री के साथ एक बेहद सीमित बैठक हुई थी, जिसमें प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने खामेनेई को खत्म करने का लक्ष्य तय किया था.’ काट्ज़ के मुताबिक शुरुआत में इस ऑपरेशन को लगभग छह महीने बाद, यानी 2026 के मध्य तक अंजाम देने की योजना थी. लेकिन बाद में ईरान में आंतरिक अशांति बढ़ने के बाद इस योजना के समय में बदलाव कर दिया गया. रिपोर्ट के अनुसार इजरायल ने अपनी इस रणनीति की जानकारी वॉशिंगटन को भी दी और जनवरी के आसपास ऑपरेशन को आगे बढ़ाने का फैसला किया. काट्ज़ ने कहा कि यह फैसला इसलिए लिया गया क्योंकि आशंका थी कि तेहरान का दबाव झेल रहा धार्मिक नेतृत्व मध्य पूर्व में इजरायल और अमेरिका के ठिकानों पर हमले शुरू कर सकता है.  क्या है ईरान पर हमले का कारण? खामेनेई की हत्या अमेरिका-इजरायल के साझा हवाई अभियान में की गई. इस कार्रवाई को इजरायल ने ‘ऑपरेशन रोअरिंग लायन’ और अमेरिका ने ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ नाम दिया. हाल कि दिनों में यह किसी संप्रभु देश के सर्वोच्च नेता को हवाई हमले में मार गिराने की पहली घटना मानी जा रही है. इजरायल का कहना है कि उसका मुख्य उद्देश्य ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम और परमाणु परियोजना से पैदा हो रहे ‘अस्तित्वगत खतरे’ को खत्म करना है. इसके साथ ही वह ईरान में ‘रेजीम चेंज’ यानी सत्ता परिवर्तन का भी समर्थन करता है. हालांकि काफी हमले झेलने के बाद भी ईरान के शासकों ने अब तक सत्ता छोड़ने का कोई संकेत नहीं दिया है. ये भी पढ़ें:- जंग में फंसे ईरान ने अजरबैजान पर हमला क्यों किया? एक और देश से मोल ली दुश्मनी; अटैक का खतरा युद्ध के 7 दिन बीते, अब क्या हाल हैं? इस संयुक्त हवाई अभियान को अब एक सप्ताह हो चुके हैं. शुरुआती हमलों में ईरान के शीर्ष नेताओं की मौत हो गई, जिसके बाद क्षेत्र में युद्ध जैसी स्थिति बन गई. इसके बाद ईरान ने इजरायल, खाड़ी देशों और इराक में हमले किए, जबकि इजरायल ने ईरान और लेबनान में ईरान समर्थित संगठन हिज्बुल्लाह पर भी हमले किए. इस शुरुआती हमले के बाद इजरायली डिफेंस फोर्स (आईडीएफ) ने ईरान पर अपने हवाई हमलों को और तेज कर दिया है. गुरुवार को आईडीएफ ने बताया कि उसने तेहरान में हमलों की 12वीं लहर पूरी कर ली है, जिसमें ईरान की सुरक्षा और सैन्य ढांचे से जुड़े अहम ठिकानों को निशाना बनाया गया. ये भी पढ़ें:- ईरान युद्ध में US और 5 देश यूक्रेन की मदद चाहते हैं, जेलेंस्की ने इस शर्त पर दी रजामंदी इन हमलों में अलबोर्ज प्रांत में स्थित एक विशेष यूनिट के मुख्यालय को भी निशाना बनाया गया, जो आंतरिक सुरक्षा बलों का संचालन करती है. इजरायली एयरफोर्स ने बताया कि इसके अलावा आईआरजीसी और बासिज फोर्स के ठिकानों पर भी हमले किए गए. आईएएफ ने ईरान की आंतरिक सुरक्षा बलों के एक केंद्रीय कमांड सेंटर को भी निशाना बनाया. इसके अलावा हथियारों के भंडारण और निर्माण से जुड़े दर्जनों अन्य ठिकानों पर भी हमले किए गए. The post नवंबर में बनी प्लानिंग, 6 महीने बाद खामेनेई को मारना है; तो फरवरी में क्यों हुआ अटैक? इजरायली रक्षामंत्री का खुलासा appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

Crude Oil Crisis : रसोई गैस की किल्लत रोकने के लिए सरकार का फैसला, अब रिफाइनरियों को माननी होंगी ये शर्तें

Crude Oil Crisis: दुनियाभर में मची हलचल और खाड़ी देशों (West Asia) में बढ़ते तनाव को देखते हुए हिंदुस्तान प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गई है. आम आदमी की रसोई पर महंगाई या गैस की कमी की मार न पड़े, इसके लिए प्रशासन ने पेट्रोलियम रिफाइनरियों को सख्त निर्देश जारी किए हैं. सिर्फ रसोई गैस बनाने पर जोर इंडिया टूडे के एक रिपोर्ट के अनुसार प्रशासन ने तेल रिफाइनरियों (Oil Refineries) को साफ कहा है कि वे अपनी क्षमता का इस्तेमाल ज्यादा से ज्यादा LPG (Liquefied Petroleum Gas) बनाने में करें. आमतौर पर रिफाइनरी गैस के साथ-साथ अन्य केमिकल भी बनाती हैं, लेकिन अभी प्राथमिकता सिर्फ और सिर्फ घरेलू कुकिंग गैस को दी जाएगी. पेट्रोकेमिकल के लिए नो एंट्री LPG मुख्य रूप से प्रोपेन (Propane) और ब्यूटेन (Butane) के मिश्रण से बनती है. कई बार कंपनियां इन गैसों का इस्तेमाल प्लास्टिक या अन्य पेट्रोकेमिकल बनाने के लिए कर लेती हैं. प्रशासन ने अब इस पर रोक लगा दी है. आदेश के मुताबिक, अब इन गैसों को औद्योगिक इस्तेमाल के बजाय सीधे रसोई गैस बनाने के लिए सुरक्षित रखा जाएगा. प्रशासनी कंपनियों को ही बेचना होगा स्टॉक प्राइवेट और प्रशासनी, सभी रिफाइनरियों को यह आदेश दिया गया है कि वे अपना बनाया हुआ सारा LPG स्टॉक केवल तीन प्रशासनी कंपनियों को ही बेचें. Indian Oil (IOC) Bharat Petroleum (BPCL) Hindustan Petroleum (HPCL) इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि गैस की सप्लाई चेन पूरी तरह प्रशासन के नियंत्रण में रहे और कालाबाजारी या कमी की गुंजाइश न रहे. क्यों पड़ी इस फैसले की जरूरत ? विदेशी तनाव: मध्य-पूर्व (West Asia) में तनाव बढ़ रहा है. हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) जैसे समुद्री रास्ते, जहां से हिंदुस्तान का काफी तेल और गैस आता है, वहां युद्ध जैसे हालात होने पर सप्लाई रुकने का खतरा रहता है. आयात पर निर्भरता: हिंदुस्तान अपनी जरूरत का लगभग 60% LPG दूसरे देशों से खरीदता है. अगर दुनिया में तेल की कीमतें बढ़ती हैं या सप्लाई बाधित होती है, तो हिंदुस्तान में किल्लत हो सकती है. बढ़ती मांग: उज्ज्वला योजना के बाद देश के करोड़ों नए घरों में सिलेंडर पहुंच चुके हैं. आज LPG कोई लग्जरी नहीं, बल्कि आम आदमी की जरूरत है. रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त वर्ष 2027 तक हिंदुस्तान की पेट्रोलियम खपत 250 मिलियन टन तक पहुंच सकती है. Also Read: मिडिल ईस्ट तनाव के बीच सोना-चांदी सस्ता, जानें 6 मार्च के ताजा भाव The post Crude Oil Crisis : रसोई गैस की किल्लत रोकने के लिए प्रशासन का फैसला, अब रिफाइनरियों को माननी होंगी ये शर्तें appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

नीतीश कुमार ने JDU विधायकों और सांसदों की बुलाई बैठक, सीएम फेस पर हो सकती है चर्चा

Bihar Politics: सीएम नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की समाचार के बाद सियासत में हलचल तेज है. इस बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुक्रवार की शाम 5 बजे बैठक बुला ली है. इस बैठक में जेडीयू के विधायकों, सांसदों और एमएलसी की उपस्थिति रहेगी. यह बैठक आज शाम 1 अन्ने मार्ग सीएम हाउस में होगी. इस मुद्दे पर हो सकती है चर्चा? नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के बाद बिहार का अगला सीएम कौन होगा, इस पर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं. ऐसे में आज की बैठक में संभावना जताई जा रही है कि सीएम फेस पर चर्चा हो सकती है. चर्चा थी कि अगर जेडीयू के कोई नेता सीएम बनते हैं तो बीजेपी के दो डिप्टी सीएम होंगे. अगर बीजेपी के सीएम होंगे तो जेडीयू के दो डिप्टी सीएम होंगे. ऐसे में आज बैठक में क्या कुछ फैसले लिए जाते हैं, इसका इंतजार किया जा रहा है. बीजेपी से इन नामों की चर्चा सम्राट चौधरी- बीजेपी में मुख्यमंत्री पद के लिए उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का नाम लिया जा रहा है. वे फिलहाल राज्य प्रशासन में दूसरे नंबर की स्थिति रखते हैं और उनके पास गृह विभाग की जिम्मेदारी भी है. यादवों के बाद बड़ी आबादी माने जाने वाले कुशवाहा समाज से आने वाले सम्राट चौधरी को सामाजिक समीकरणों के दृष्टिकोण से भी मजबूत दावेदार माना जा रहा है. नित्यानंद राय– एक और प्रमुख नाम केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय का भी लिया जा रहा है. यादव बिरादरी से आने वाले नित्यानंद राय को अगर बिहार की कमान सौंपी जाती है तो इससे यादव मतदाताओं को भाजपा की ओर आकर्षित करने की रणनीति को बल मिल सकता है. विजय सिन्हा– सीएम पद के लिए विजय कुमार सिन्हा का भी नाम सामने आ रहा है. अगड़ी जाति से आने वाले विजय कुमार सिन्हा की नजदीकी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से रही है और संगठन के भीतर भी उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है. पार्टी इनके नाम पर भी विचार कर सकती है नीतीश मिश्रा– बीजेपी के संभावित चेहरों में एक नाम नीतीश मिश्रा का भी चर्चा में है. वे बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्रा के बेटे हैं और पिछली प्रशासन में उद्योग मंत्री रह चुके है. नई प्रशासन में उन्हें मंत्री पद नहीं मिलने के बाद उनके नाम को लेकर अटकलें और तेज हो गई है. जेडीयू से इन नामों की चर्चा विजय कुमार चौधरी– जेडीयू में मुख्यमंत्री पद के लिए वरिष्ठ नेता विजय कुमार चौधरी का नाम लिया जा रहा है. विजय कुमार चौधरी कई विभागों के मंत्री रहने के साथ-साथ विधानसभा अध्यक्ष का पद भी संभाल चुके है. श्रवण कुमार– जेडीयू खेमे में एक और प्रमुख नाम मंत्री श्रवण कुमार का भी लिया जा रहा है. नालंदा जिले से आने वाले श्रवण कुमार लगातार चुनाव जीतते रहे हैं और उन्हें भी मुख्यमंत्री का करीबी माना जाता है. श्रेयसी सिंह– स्त्री चेहरे की बात करें तो, मंत्री श्रेयसी सिंह का नाम भी संभावितों में लिया जा रहा है. वे युवा हैं और स्पोर्ट्स की दुनिया में भी चर्चित हैं. अगर उनके नाम पर सहमति बनी तो बिहार को एक युवा, पढ़ी-लिखी और स्वच्छ छवि वाली स्त्री मुख्यमंत्री मिल सकती है. गायत्री देवी– सीतामढ़ी जिले से आने वाली विधायक गायत्री देवी का नाम भी चर्चा में है. वे लगातार तीसरी बार विधायक बनी हैं. Also Read: JDU कार्यकर्ताओं ने लगाए पोस्टर, सीएम नीतीश के राज्यसभा जाने पर हुए नाराज The post नीतीश कुमार ने JDU विधायकों और सांसदों की बुलाई बैठक, सीएम फेस पर हो सकती है चर्चा appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

Viral Video: माही भाई…धोनी को देख हार्दिक से नहीं हुआ कंट्रोल मैदान में चिल्लाए

Highlights धोनी-हार्दिक का वायरल वीडियो हिंदुस्तान-इंग्लैंड मैच का हाल महेंद्र सिंह धोनी (MS Dhoni) का क्रेज क्रिकेट में कितना ज्यादा है इसको सभी जानते हैं, लेकिन फैंस के अलावा खिलाड़ियों के बीच भी वह उनको लेकर काफी उत्साह देखने को मिलता है. मुंबई में हिंदुस्तान और इंग्लैंड (IND vs ENG) के बीच स्पोर्ट्से गए टी20 वर्ल्ड कप 2026 (T20 World Cup 2026) के सेमीफाइनल के मुकाबले को देखने के लिए कैप्टन कूल पहुंचे थे, जहां मैच के दौरान एक ऐसा पल कैमरे में कैद हुआ जिसने सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया है. वीडियो में हार्दिक पंड्या (Hardik Pandya) और धोनी नजर आ रहे हैं. सेमीफाइनल में हिंदुस्तान ने इंग्लैंड को 7 रन से हराकर चौथी बार फाइनल के लिए क्वालीफाई किया है. धोनी-हार्दिक का वायरल वीडियो सोशल मीडिया पर एक वीडियो काफी तेजी से वायरल हो रहा है. इस वीडियों में ऑलराउंडर हार्दिक पंड्या और पूर्व कप्तान एमएस धोनी नजर आ रहे है. हार्दिक मैदान से बाहर जा रहे होते हैं तभी वह स्टैंड्स में महेंद्र सिंह धोनी को देखते हैं और डगआउट की तरफ जाते वक्त सीढ़ियों से आवाज लगाते हैं माही भाई, जिसके बाद धोनी पंड्या की तरफ देखते हैं और हाथ हिलाते हैं. इसके बाद वीडियो में दिखता है कि हार्दिक कुछ सवाल पूछते हैं जिसपर धोनी अपना सिर हिलाकर जवाब देते हुए नजर आते हैं. वहीं स्टैंड में धोनी के पास हार्दिक पांड्या की गर्लफ्रेंड माहिका शर्मा और बेटा अगस्त्य पंड्या भी मौजूद थे. लेकिन हार्दिक ने उनसे पहले अपने सीनियर महेंद्र सिंह धोनी को आवाज लगाई. वहीं इस वीडियों में दिख रहा है कि धोनी ने अगस्त्य को अपने पास बुलाया और हार्दिक की ओर इशारा करते बोले देखों पापा.. जिसके बाद छोटे पंड्या ने अपने पिता की तरफ देखा. जिसके बाद हार्दिक हवा में दोबारा हाथ दिलाते हुए दिखें. Hardik Pandya be like Heyy Mahi bhaii…. . He is forever Dhoni Paglu ❤️– But why Augustya doesn’t look happy.– And ignore Maheika pic.twitter.com/QCfgVxpVR2 — Gagan Choudhary (@choudhary_99415) March 6, 2026 हिंदुस्तान-इंग्लैंड मैच का हाल मुंबई के वानखेडे स्टेडियम में हिंदुस्तान और इंग्लैंड ने बीच टी20 वर्ल्ड कप 2026 का दूसरा सेमीफाइनल मुकाबला स्पोर्ट्सा गया. इस मैच को टीम इंडिया ने 7 रन से जीतकर अपने नाम कर लिया. हिंदुस्तान ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 253 रन बनाए. जिसके जवाब में जैकब बैथल की शानदार सेंचुरी के चलते इंग्लैंड की टीम 246 रन बना सकी. वहीं हिंदुस्तान की ओर से इस मैच में संजू सैमसन ने सबसे ज्यादा 89 रन की पारी स्पोर्ट्सी. जिसके चलते वह प्लेयर ऑफ द मैच भी बने. हिंदुस्तान की ओर से हार्दिक पंड्या ने सबसे ज्यादा दो विकेट निकाले. ये भी पढ़ें- साक्षी धोनी के सेलिब्रेशन पर MS Dhoni का क्यूट रिएक्शन, वीडियो वायरल वानखेड़े में धोनी और रोहित का जलवा, स्टैंड में बैठकर देखा हिंदुस्तान का मैच The post Viral Video: माही भाई…धोनी को देख हार्दिक से नहीं हुआ कंट्रोल मैदान में चिल्लाए appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

विवाह का पहला निमंत्रण इन 5 को दें, मिलेगा सुखी दांपत्य जीवन का आशीर्वाद

Wedding invitation: विवाह हिंदू जीवन का एक बहुत ही महत्वपूर्ण और शुभ संस्कार माना जाता है. इसलिए शादी की तैयारियों में सिर्फ भौतिक व्यवस्थाएं ही नहीं, बल्कि धार्मिक और आध्यात्मिक परंपराओं का भी विशेष ध्यान रखा जाता है. हमारे धर्म में मान्यता है कि विवाह का पहला निमंत्रण कुछ विशेष देवताओं और पितरों को अवश्य देना चाहिए, ताकि पूरा विवाह समारोह बिना किसी बाधा के संपन्न हो और नवदंपति का जीवन सुखी रहे. सबसे पहला निमंत्रण भगवान गणेश को भगवान गणेश को विघ्नहर्ता कहा जाता है, यानी वे सभी बाधाओं को दूर करने वाले देवता हैं. इसलिए जैसे ही शादी के कार्ड छपकर घर आएं, सबसे पहले घर के गणेश जी के सामने दीपक जलाएं और मोदक या कोई मिठाई चढ़ाएं. इसके बाद शादी का कार्ड उनके सामने रखकर प्रार्थना करें कि विवाह में कोई विघ्न न आए. परंपरा के अनुसार मंगलवार या बुधवार को गणेश जी को निमंत्रण देना सबसे शुभ माना जाता है. दूसरा निमंत्रण भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी को विवाह को सुख, समृद्धि और सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है, और इनका आशीर्वाद विष्णु-लक्ष्मी से जुड़ा होता है. घर के पूजा स्थान में उनकी मूर्ति या तस्वीर के सामने पीले फूल, हल्दी और कुमकुम अर्पित करें और शादी का कार्ड रखें. उनसे प्रार्थना करें कि नवविवाहित जोड़े को जीवन भर सुख, वैभव और समृद्धि मिले. गुरुवार का दिन इसके लिए सबसे शुभ माना जाता है. तीसरा निमंत्रण हनुमान जी को हनुमान जी को संकटमोचन और रक्षक माना जाता है. वे नकारात्मक शक्तियों और बुरी नजर से रक्षा करते हैं. इसलिए मंगलवार या शनिवार को हनुमान मंदिर जाकर या घर में हनुमान चालीसा पढ़कर उनके सामने विवाह का कार्ड चढ़ाया जाता है. साथ में लाल फूल, सिंदूर और चमेली का तेल अर्पित किया जाता है और उनसे विवाह की रक्षा करने की प्रार्थना की जाती है. चौथा निमंत्रण कुलदेवी या कुलदेवता को हर परिवार के अपने कुलदेवता या कुलदेवी होते हैं, जिन्हें परिवार का रक्षक माना जाता है. मान्यता है कि उनके आशीर्वाद के बिना कोई भी शुभ कार्य पूर्ण नहीं होता. इसलिए उनके मंदिर में जाकर या घर में उनकी तस्वीर के सामने लाल कपड़ा बिछाकर शादी का कार्ड रखा जाता है. कुलदेवी को चुनरी और नारियल, जबकि कुलदेवता को जनेऊ अर्पित किया जाता है. पांचवां निमंत्रण पितरों को पितरों का आशीर्वाद भी हर शुभ कार्य के लिए बहुत जरूरी माना गया है. इसके लिए शादी का कार्ड पीपल के पेड़ के नीचे या घर की दक्षिण दिशा में रखकर पितरों से आशीर्वाद मांगा जाता है. यदि यह कार्य अमावस्या या पितृ पक्ष में किया जाए, तो इसे और भी शुभ माना जाता है. इन सभी को निमंत्रण देते समय एक बात का ध्यान रखना चाहिए कि कार्ड हमेशा लाल या पीले कपड़े पर रखा जाए. निमंत्रण देने से पहले स्नान करके साफ कपड़े पहनें और श्रद्धा के साथ प्रार्थना करें. मान्यता है कि इन पांच को सबसे पहले निमंत्रण देने से विवाह बिना किसी बाधा के संपन्न होता है और दांपत्य जीवन सुखमय बनता है. The post विवाह का पहला निमंत्रण इन 5 को दें, मिलेगा सुखी दांपत्य जीवन का आशीर्वाद appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

विदेश में Data Science पढ़ना चाहते हैं, स्वीडन के ये कॉलेज हैं बेस्ट

Data Science in Sweden: आज के डिजिटल दौर में डेटा साइंस सबसे तेजी से बढ़ने वाले करियर सेक्टर में से एक बन चुका है. दुनिया भर की कंपनियां बड़े डेटा (Big Data) का एनालिसिस करके बेहतर डिसीजन लेने के लिए डेटा साइंटिस्ट की मांग कर रही हैं. यही कारण है कि कई स्टूडेंट्स विदेश में इस क्षेत्र की पढ़ाई करना चाहते हैं. यूरोप का देश Sweden टेक्नोलॉजी, रिसर्च और इनोवेशन के लिए जाना जाता है. यहां की यूनिवर्सिटीज मॉडर्न लैब, रिसर्च फैसिलिटी और इंडस्ट्री से जुड़े सिलेब्स प्रोवाइड करते हैं. स्वीडन में Data Science से जुड़े कई मास्टर प्रोग्राम इंग्लिश में पढ़ाए जाते हैं, जिससे इंटरनेशनल स्टूडेंट्स के लिए पढ़ाई करना आसान हो जाता है. अगर आप डेटा साइंस की पढ़ाई के लिए स्वीडन जाना चाहते हैं, तो आइए जानते हैं कि स्वीडन के टॉप यूनिवर्सिटीज कौन-कौन से हैं. Data Science in Sweden: स्वीडन के टॉप यूनिवर्सिटी 1. KTH Royal Institute of Technology यह स्वीडन की सबसे पॉपुलर टेक्निकल यूनिवर्सिटीज (Data Science in Sweden) में से एक है. यहां Biostatistics and Data Science जैसे मास्टर प्रोग्राम पढ़ाए जाते हैं, जिसमें स्टूडेंट्स को स्टैटिस्टिक्स, प्रोग्रामिंग और डेटा एनालिटिक्स की गहरी समझ दी जाती है. यहां मॉडर्न टेक्नोलॉजी लैब, इंडस्ट्री से जुड़े सिलेब्स और वर्ल्ड लेवल रिसर्च कराए जाते हैं. 2. Uppsala University यह यूरोप की सबसे पुरानी और फेमस यूनिवर्सिटीज़ में से एक है. डेटा साइंस रिसर्च और एजुकेशन के फील्ड में इसका स्थान काफी ऊंचा माना जाता है. इस कॉलेज में मशीन लर्निंग एंड स्टैटिस्टिक्स पर मजबूत कोर्स उपलब्ध है. साथ ही यहां रिसर्च और इनोवेशन पर विशेष ध्यान दिया जाता है. 3. Lund University स्वीडन की यह यूनिवर्सिटी दुनिया की टॉप यूनिवर्सिटीज (Data Science in Sweden) में गिनी जाती है. यहां डेटा साइंस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और बिग डेटा से जुड़े कई एडवांस कोर्स उपलब्ध हैं. इस कॉलेज को ग्लोबल रैंकिंग में अच्छा स्थान मिला है. यहां इंटरनेशनल स्टूडेंट्स के लिए बेहतर माहौल है और इंडस्ट्री पार्टनरशिप का मौका भी मिलता है. 4. Chalmers University of Technology यह यूनिवर्सिटी इंजीनियरिंग और टेक्नोलॉजी के लिए पॉपुलर है. यहां Data Science और AI पर आधारित मास्टर प्रोग्राम छात्रों को इंडस्ट्री के लिए तैयार करते हैं. टेक्नोलॉजी और रिसर्च में मजबूतपहचान है. इंडस्ट्री प्रोजेक्ट्स और इंटर्नशिप इस कॉलेज की खासियत है. 5. Linkoping University यह यूनिवर्सिटी डेटा साइंस और मशीन लर्निंग (Data Science in Sweden) के क्षेत्र में तेजी से लोकप्रिय हो रही है. यहां पढ़ाई के साथ-साथ रिसर्च और प्रैक्टिकल प्रोजेक्ट्स पर भी जोर दिया जाता है. यहां AI और Machine Learning पर विशेष फोकस दिया जाता है. इस यूनिवर्सिटी में इंटरडिसिप्लिनरी कोर्स और अच्छा इंडस्ट्री कनेक्शन है. यह भी पढ़ें: किस कोर्स के लिए है फेमस कनाडा, ये रही टॉप 5 कॉलेज के लिस्ट The post विदेश में Data Science पढ़ना चाहते हैं, स्वीडन के ये कॉलेज हैं बेस्ट appeared first on Naya Vichar.

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

About Us

नयाविचार एक आधुनिक न्यूज़ पोर्टल है, जो निष्पक्ष, सटीक और प्रासंगिक समाचारों को प्रस्तुत करने के लिए समर्पित है। यहां राजनीति, अर्थव्यवस्था, समाज, तकनीक, शिक्षा और मनोरंजन से जुड़ी हर महत्वपूर्ण खबर को विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत किया जाता है। नयाविचार का उद्देश्य पाठकों को विश्वसनीय और गहन जानकारी प्रदान करना है, जिससे वे सही निर्णय ले सकें और समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकें।

Quick Links

Who Are We

Our Mission

Awards

Experience

Success Story

© 2025 Developed By Socify

Scroll to Top