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March 8, 2026

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‘अगले जन्म में प्यार देना मम्मी’, फिर स्पीड में दौड़ाई कार, ICU पहुंचे अनुराग डोभाल

यूट्यूबर और बिग बॉस 17 कंटेस्टेंट अनुराग डोभाल से जुड़ी एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है. उन्होंने कुछ ही दिनों के अंदर दूसरी बार अपनी जान लेने की कोशिश की. उन्होंने इंस्टाग्राम लाइव के दौरान कार चलाते हुए अपनी फाइनल ड्राइव की बात कही और हजारों फॉलोअर्स को अलविदा कहा. इसके कुछ ही पल बाद उनकी कार सड़क किनारे लगे बैरियर से टकरा गई. हादसे के बाद उन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां फिलहाल वह आईसीयू में भर्ती हैं. उनके मैनेजर ने उनके हेल्थ को लेकर अपडेट दी. मैनेजर ने दी सेहत से जुड़ी जानकारी घटना के बाद अनुराग डोभाल के मैनेजर ने इंस्टाग्राम स्टोरी पर बयान जारी कर लिखा, “टीम यूके राइडर की ओर से, मैं अनुराग डोभाल का मैनेजर होने के नाते पुष्टि करता हूं कि वह फिलहाल अस्पताल में मेडिकल ऑब्जर्वेशन में हैं. हम सभी से अनुरोध करते हैं कि इसे आधिकारिक बयान मानें और स्थिति को लेकर लगातार कॉल करने से बचें. अगर कोई नया अपडेट होगा तो हम सही समय पर साझा करेंगे.” कुछ घंटों बाद एक और बयान जारी किया गया. इसमें कहा गया, “उन्हें दूसरे अस्पताल में शिफ्ट किया गया है, फिलहाल वह आईसीयू में हैं और कृपया उनके लिए प्रार्थना करें. हम डॉक्टरों और बाकी सभी लोगों के संपर्क में हैं. जो लोग हमारा साथ दे रहे हैं उनका धन्यवाद, खासकर उन फैंस का जिन्होंने उनकी लोकेशन पता करने में मदद की और उन्हें मदद दिलाई. आप लोग सच में भगवान हो.” फाइनल ड्राइव कहते हुए किया लाइव अनुराग डोभाल दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर गाजियाबाद के मसूरी इलाके के पास अपनी कार चला रहे थे. वह उस समय इंस्टाग्राम पर लाइव थे और काफी भावुक दिखाई दे रहे थे. वह रोते हुए अपने फॉलोअर्स से बात कर रहे थे. इस दौरान उन्होंने कहा, “और मुझे उम्मीद है… जब मैं अपने अगले जन्म में वापस आऊं, तो कृपया मुझे प्यार देना मम्मी. मुझे सच में प्यार की जरूरत है.” उन्होंने आगे यह भी कहा कि उनके पास ऐसा कोई नहीं है जिससे वह मदद मांग सकें या फोन कर सकें. उस समय करीब 80 हजार लोग उनका लाइव वीडियो देख रहे थे. इसी दौरान अनुराग ने कहा, “चलो एक फाइनल ड्राइव पर चलते हैं.” इसके बाद उन्होंने कैमरा घुमा दिया. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म रेडिट और एक्स पर वायरल हुए वीडियो में कार का स्पीडोमीटर करीब 140 से 150 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार दिखाता नजर आता है. वीडियो में वह जोर से कहते हैं, “और ये अलविदा है,” जिसके तुरंत बाद कार बैरियर से टकरा जाती है. Agr kuch sch m ho gya hoga ise to troll krne walo ko shrm ayegi thodi? pic.twitter.com/xR9JEfxZ11 — Adrina🌸 (@Rehne_do_tum) March 7, 2026 यह भी पढ़ें– यूट्यूबर ने LIVE स्ट्रीम में की सुसाइड की कोशिश, अली गोनी बोले- हंसी-मजाक, ट्रोलिंग क्यों? The post ‘अगले जन्म में प्यार देना मम्मी’, फिर स्पीड में दौड़ाई कार, ICU पहुंचे अनुराग डोभाल appeared first on Naya Vichar.

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T20 वर्ल्ड कप फाइनल : क्या आपको पता है ट्रॉफी बनाने वाले का नाम? मजेदार है किस्सा

T20 World Cup Final : आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप के रविवार को होने वाले फाइनल पर दुनिया भर के क्रिकेट फैंस की नजरें रहेंगी. जयपुर ने भी इस वर्ल्ड कप में अपनी अमिट छाप छोड़ी है क्योंकि इसकी ट्रॉफी यहीं बनी है. जयपुर के प्रसिद्ध ट्रॉफी डिजाइनर अमित पाबूवाल ने इस ट्रॉफी को डिजाइन किया था. वर्ल्ड कप का फाइनल अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में हिंदुस्तान और न्यूजीलैंड के बीच स्पोर्ट्सा जाना है. ट्रॉफी को बनाने का काम आईसीसी ने मुझे सौंपा : पाबूवाल इस ट्रॉफी को डिजाइन करने के पीछे की कहानी पाबूवाल ने न्यूज एजेंसी पीटीआई से शेयर की. उन्होंने बताया कि 2007 में वर्ल्ड कप ट्रॉफी की डिजाइन की रुपरेखा ऑस्ट्रेलिया की मिनाले ब्रायस कंपनी ने तैयार की थी. टी20 वर्ल्ड कप का पहला सीजन 2007 में हुआ था जिसमें हिंदुस्तान चैंपियन बना था. पाबूवाल ने कहा कि रूपरेखा तैयार होने के बाद इस ट्रॉफी को बनाने का काम आईसीसी ने मुझे सौंपा. मैंने क्रिकेट के लिए सबसे बड़ी चांदी की फ्रेंडशिप कप ट्रॉफी बनाई. इस ट्रॉफी की दुनियाभर में चर्चा हुई. इसके बाद आईसीसी ने ट्रॉफी बनाने की जिम्मेदारी मुझे सौंपी. यह भी पढ़ें : T20 वर्ल्ड कप फाइनल : बुम.. बुम.. बुमराह चिल्लाने लगी स्त्री, ट्रेन में दिखा गजब का जोश उन्होंने दावा करते हुए कहा कि शुरुआत में आईसीसी ने ट्रॉफी बनाने के लिए दो ऑप्शन पर विचार किया. इसे मैं तैयार करूं या प्रसिद्ध क्रिस्टल कंपनी स्वारोवस्की. अंतत: आईसीसी ने मुझे इस ट्रॉफी का डिजाइन तैयार कर बनाने के लिए चुना. आईसीसी का क्या था प्लान? पाबूवाल ने बताया कि आईसीसी का प्लान था कि ट्रॉफी टाइटेनियम और कांच के कॉम्बिनेशन से बनें. इसमें कुछ हिस्से मेटल के और कुछ हिस्से कांच के हों जिससे कि टी20 क्रिकेट की तेज और मॉडर्न स्टाइल को दिखाया जा सके. उन्होंने बताया कि इसके लिए कई नमूने तैयार किए गए लेकिन मेटल स्ट्रक्चर के साथ जोड़ते समय कांच के हिस्से बार-बार टूट जाते थे. इन दोनों चीजों को एक साथ जोड़ना टेक्निकली बहुत कठिन साबित हुआ. लंबे प्रयोगों के बाद मैंने आईसीसी को सलाह दी कि यह टेक्निकली ठीक नहीं है. ट्रॉफी बन नहीं पाएगी. सुधार के बाद चांदी से ट्रॉफी बनाई गई इसके बाद ट्रॉफी के डिजाइन में सुधार के बाद चांदी से ट्रॉफी बनाई गई जिस पर प्लेटिनम की परत चढ़ाई गई. इस तरह से ट्रॉफी टिकाऊ, आकर्षक और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट टूर्नामेंट के योग्य विश्वस्तरीय रूप में तैयार हुई. पाबूवाल ने बताया कि आईसीसी टी20 विश्व कप में जब कोई टीम खिताब जीतती है तो उसे असली ट्रॉफी नहीं दी जाती है बल्कि हूबहू नकल दी जाती है. असली ट्रॉफी आईसीसी के मुख्यालय में ही रखी जाती है. उन्होंने बताया कि टी20 विश्व कप ट्रॉफी की ऊंचाई 21 इंच है. यह चांदी और प्लेटिनम की प्लेट से बनी है. इसका वजन करीब छह किलोग्राम है. The post T20 वर्ल्ड कप फाइनल : क्या आपको पता है ट्रॉफी बनाने वाले का नाम? मजेदार है किस्सा appeared first on Naya Vichar.

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नेपाल: भावी पीएम बालेन शाह की जीत के 8 कारण, भारत के लिए इसके मायने क्या हैं?

Nepal Balen Shah: नेपाल की नेतृत्व में इन दिनों 35 वर्षीय नेता बालेन शाह का नाम सबसे ज्यादा चर्चा में है. रैपर से नेता बने बालेन शाह के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) 2026 के आम चुनाव में बड़ी जीत की ओर बढ़ती दिखाई दे रही है. उन्होंने नेपाल के कई बार के पीएम केपी शर्मा ओली को उन्हीं के घर में 50,000 वोटों से हरा दिया है. शुरुआती रुझानों के अनुसार उनकी पार्टी 165 प्रत्यक्ष सीटों में से 115 से अधिक सीटों पर आगे है या जीत चुकी है. अब बालेन शाह का नेपाल का प्रधानमंत्री बनना लगभग तय माना जा रहा है. यह परिणाम केवल सत्ता परिवर्तन नहीं, बल्कि नेपाल की नेतृत्व में पीढ़ीगत बदलाव और नए नेतृत्वक दौर की शुरुआत का संकेत भी माना जा रहा है. उनकी इस शानदार जीत के क्या कारण हैं.  बालेन शाह का परिचय बालेन शाह का जन्म 1990 में काठमांडू के गैरगाउँ इलाके में हुआ था. उनके पिता राम नारायण शाह आयुर्वेदिक चिकित्सक हैं और उनकी माता ध्रुवदेवी शाह हैं. शाह ने स्ट्रक्चरल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है और हिंदुस्तान के कर्नाटक से इस विषय में मास्टर डिग्री हासिल की. नेतृत्व में आने से पहले वे नेपाल के हिप-हॉप संगीत जगत ‘नेफहॉप’ से जुड़े एक लोकप्रिय रैपर के रूप में जाने जाते थे. संगीत के अलावा उनकी पहचान एक इंजीनियर, अभिनेता, गीतकार, संगीत निर्माता और कवि के रूप में भी रही है. युवाओं के बीच उनकी लोकप्रियता का एक बड़ा कारण उनका सांस्कृतिक और रचनात्मक व्यक्तित्व भी है. यही कारण है कि पारंपरिक नेतृत्वक पृष्ठभूमि न होने के बावजूद वे तेजी से एक लोकप्रिय चेहरा बन गए. नेतृत्व में प्रवेश और पहली बड़ी जीत बालेन शाह पहली बार 2022 में सुर्खियों में आए, जब उन्होंने काठमांडू के मेयर पद का चुनाव लड़ा. उस समय वे एक स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में चुनाव मैदान में उतरे थे और स्थापित नेतृत्वक दलों के उम्मीदवारों को हराकर मेयर बन गए. यह जीत नेपाल की पारंपरिक नेतृत्व के लिए एक बड़ा झटका मानी गई थी. मेयर बनने के बाद शाह ने राजधानी में कई प्रशासनिक कदम उठाए. उन्होंने इस दौरान गरीबों के लिए कोटा सिस्टम को ठीक किया. 2022 से 2026 के दौरान मेयर रहते हुए बालेन शाह ने अवैध निर्माण और अतिक्रमण पर कार्रवाई, कचरा प्रबंधन में सुधार, शहर के सौंदर्यीकरण और सड़कों के विस्तार, नगर प्रशासन और कर व्यवस्था में सुधार तथा दब चुकी टुकुचा नदी को फिर से खोजने और बहाल करने जैसे कदम उठाए.  हालांकि कुछ फैसलों को लेकर उन्हें आलोचना का भी सामना करना पड़ा, खासकर फुटपाथ व्यापारियों के खिलाफ कार्रवाई और शहर की सड़कों को खाली कराने के दौरान पुलिस की सख्ती को लेकर मानवाधिकार संगठनों ने सवाल उठाए. चुनाव जीतने के बाद प्रमाण पत्र लेते बालेन. फोटो- पीटीआई. मेयर बालेन हिंदुस्तान के खिलाफ बयानों से और लोकप्रिय हुए नेपाल में 2015 के ब्लॉकेड के बाद हिंदुस्तान विरोधी भावना बहुत प्रबल हुई. 36 वर्षीय बालेन की नेतृत्व उस समय ही परिपक्व होना शुरू हुई हो सकती है. 2023 में काठमांडू के मेयर रहते हुए बालेन शाह ने अपने कार्यालय में ‘ग्रेटर नेपाल’ का नक्शा प्रदर्शित किया था. इसे हिंदुस्तान की नई संसद भवन में लगे ‘अखंड हिंदुस्तान’ के चित्र के जवाब के रूप में देखा गया. इस नक्शे में उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और पश्चिम बंगाल जैसे हिंदुस्तानीय राज्यों को नेपाल का हिस्सा दिखाया गया था. यह नेपाल में काफी पसंद किया गया.  इसके अलावा नवंबर 2025 में मेयर रहते हुए बालेन शाह ने फेसबुक पर एक पोस्ट किया था, जिसमें उन्होंने अमेरिका, हिंदुस्तान और चीन सहित कई बड़े देशों के साथ-साथ नेपाल के प्रमुख नेतृत्वक दलों- नेपाली कांग्रेस और सीपीएन-यूएमएल की तीखी आलोचना की थी. साथ ही कालापानी और लिपुलेख जैसे सीमा विवादों के मुद्दों पर उन्होंने राष्ट्रवादी रुख अपनाया था. बालेन शाह ने आदिपुरुष फिल्म की रिलीज होने के बाद उस फिल्म पर बैन लगा दिया था. इस फिल्म में रामायण का जिक्र किया गया था. इसमें माता सीता को हिंदुस्तान की बेटी बताया गया था. इससे नेपाल में भारी नाराजगी देखने को मिली थी. हालांकि, बालने के बैन को काठमांडू हाईकोर्ट ने हटा दिया, तो उन्होंने नेपाल की न्यायपालिका को हिंदुस्तान का गुलाम भी बताया था.  बालेन अपने आक्रमक रुख को लेकर भी चर्चा में रहे. उन्होंने एक बार अपनी पत्नी के लिए पुलिस प्रशासन को धमकाया था. उनकी पत्नी को काठमांडू में ट्रैफिक पुलिस ने रोक लिया था. इस पर बालेन भड़क गए थे. नेपाल की युवा आबादी को उनका अंदाज काफी पसंद आया.  चुनाव प्रचार के दौरान बालेन शाह. फोटो- एक्स 2025 के आंदोलन और बढ़ी लोकप्रियता नेपाल की नेतृत्व में बालेन शाह का प्रभाव 2025 के जनआंदोलनों के बाद और बढ़ गया. उस समय सोशल मीडिया पर प्रतिबंध, भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और आर्थिक ठहराव के खिलाफ देशभर में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हुए थे. इन प्रदर्शनों में 77 लोगों की मौत हुई थी, जिनमें कई प्रदर्शनकारी पुलिस की गोली से मारे गए थे.  इन आंदोलनों के बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को सत्ता छोड़नी पड़ी थी. बालेन शाह ने इन प्रदर्शनों का समर्थन किया था और उन्होंने ओली प्रशासन की तीखी आलोचना भी की थी. इस कारण वे युवाओं के बीच परिवर्तन और विरोध की आवाज के रूप में उभरे. उस समय भी उनके प्रधानमंत्री बनने की चर्चा थी, लेकिन बाद में राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने सुशीला कार्की के नेतृत्व में अंतरिम प्रशासन का गठन किया.  बालेन की जीत के कारण क्या?  बालेन शाह की सफलता के पीछे कई कारण हैं. पहला, युवाओं का व्यापक समर्थन, जो पारंपरिक नेतृत्व से निराश हो चुके हैं. दूसरा, भ्रष्टाचार और अस्थिर प्रशासनों के खिलाफ जनता का गुस्सा. तीसरा, उनकी गैर-पारंपरिक पृष्ठभूमि, जिसने उन्हें आम जनता के बीच एक अलग और ईमानदार नेता की छवि दी. इसे एक-एक कर समझते हैं.  उम्मीदें: जनता की उम्मीदें नेपाल के नागरिक इन चुनावों से व्यापक बदलाव की उम्मीद कर रहे हैं. लोग एक ऐसे ‘नए नेपाल’ की कल्पना कर रहे हैं जहां पारदर्शिता, ईमानदारी और स्थिरता हो. मतदाता चाहते हैं कि 1990 के बाद से सत्ता में रहे नेताओं की संपत्तियों की जांच हो और भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएं. रोजगार: रोजगार की चाह युवाओं की सबसे

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अगर पार्टनर को है PCOS या PCOD, तो इन बातों का रखें खास ख्याल 

PCOS Care Tips: आजकल कई स्त्रीओं में हार्मोन से जुड़ी समस्या PCOS और PCOD तेजी से देखने को मिल रही है. इन समस्याओं के कारण स्त्रीओं को अनियमित पीरियड्स, वजन बढ़ना, मूड स्विंग और थकान जैसी परेशानियों का सामना करना पड़ता है. ऐसे समय में पार्टनर का सहयोग और समझ बहुत जरूरी होता है. डॉक्टर प्रियंका त्रिवेदी के अनुसार, अगर आपकी पार्टनर PCOS या PCOD से जूझ रही हैं तो आपको कुछ खास बातों का ध्यान रखना चाहिए, जिससे उन्हें भावनात्मक और शारीरिक रूप से बेहतर महसूस हो सके. इन बातों का रखें खास ख्याल इमोशनल सपोर्ट दें PCOS/PCOD के दौरान स्त्रीओं को मूड स्विंग होते हैं. ऐसे में उन्हें समझें और उनका साथ दें. ऐसा करने से उन्हें हिम्मत मिलेगी साथ ही जो भी ख्याल उनके मन में चल रहे होंगे. उनपर भी वो ध्यान नहीं देगी.  उनकी बात ध्यान से सुनें कई बार वे अपनी परेशानी शेयर करना चाहती हैं. उनकी बात को गंभीरता से सुनना बहुत जरूरी है. हर बार जरूरी नहीं है कि उनकी बातों को सुनने के बाद उनकी बातों पर कोई जवाब दें, कई बार सिफर बातों सुन लेना है बहुत बड़ी बात होती है.  हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाने में साथ दें अगर वे एक्सरसाइज या डाइट फॉलो कर रही हैं तो आप भी उनके साथ इसे अपनाएं. इससे उनका मोटिवेशन बढ़ेगा. PCOS/PCOD में वजन को कम करना बहुत ही मुश्किल होता है. ऐसे में आप उनका साथ दें की किस तरह से वो अपने वजन को कम कर सकती हैं. कभी भी भूलकर उनके शरीर कि बनावट का मजाक न बनाएं.  उनके शरीर में होने वाले बदलाव को समझें वजन बढ़ना, स्किन प्रॉब्लम या थकान जैसी चीजें PCOS/PCOD का हिस्सा हो सकती हैं. इस पर मजाक न करें. कई बार स्त्री के शरीर कि बनावट और उनके चेहरे की रौनक बदल जाती है तो ऐसे में आपकी जिम्मेदारी है कि आप उनमें होने वाले इन बदलाव पर ध्यान दें लेकिन इसका मजाक नहीं उड़ाएं.  स्ट्रेस कम करने में मदद करें तनाव इस समस्या को और बढ़ा सकता है. इसलिए उन्हें रिलैक्स महसूस कराने की कोशिश करें. अगर वो काम से घर के बाद थक हुआ महसूस कर रही हैं तो उनका आलसी कह कर उनका मजाक न बनाएं बल्कि उनके पास बैठे और उनके तनाव को कम करने के उपाय के बारे में उनसे बात करें.  यह भी पढ़ें: रोजा रखने से पहले अपनाएं ये आसान टिप्स, पूरे महीने रहेंगे फिट और एनर्जेटिक डॉक्टर की सलाह को महत्व दें समय-समय पर डॉक्टर से चेकअप करवाना और उनकी सलाह का पालन करना जरूरी है. जो भी चीजें डॉक्टर कहती हैं उनपर ध्यान देना बहुत ही जरूरी है. उनकी दवाइयों से लेकर उनके खान-पान का पूरा ध्यान देना चाहिए.  धैर्य रखें PCOS/PCOD का इलाज और कंट्रोल एक लंबी प्रक्रिया हो सकती है, इसलिए धैर्य रखना बहुत जरूरी है. कभी-भी अपने पार्टनर को ये न  फिल होने दें कि वो आपका समय बर्बाद कर रही हैं.  हेल्दी खाना खाने के लिए प्रेरित करें जंक फूड कम और पौष्टिक भोजन ज्यादा लेने के लिए उन्हें सपोर्ट करें. कुछ दिनों के लिए आपको भी हो सकता है उनके साथ हेल्दी चीजें खानी पड़ें लकें उन्हें कभी ये एहसास न हो कि आप ये सब कुछ बिना मन के कर रहे हैं. यह भी पढ़ें: आज लोग अकेले रहना क्यों पसंद कर रहे हैं? जानिए एक्सपर्ट की राय यह भी पढ़ें: गुझिया और भारी लंच के बाद हो रही है एसिडिटी? तुरंत राहत देगी यह देसी ड्रिंक The post अगर पार्टनर को है PCOS या PCOD, तो इन बातों का रखें खास ख्याल  appeared first on Naya Vichar.

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Tata Punch EV से VinFast VF6 तक- छोटी दूरी के लिए टॉप इलेक्ट्रिक कार कौन?

हिंदुस्तान में इलेक्ट्रिक कारों को लेकर सबसे बड़ी चिंता होती है रेंज एंग्जायटी यानी एक बार चार्ज करने पर गाड़ी कितनी दूर चलेगी. लेकिन अगर आपकी रोजाना की यात्रा 40 किलोमीटर से कम है, तो यह चिंता लगभग खत्म हो जाती है. ऐसे हालात में लंबी रेंज से ज्यादा मायने रखती है कार की आरामदायक सुविधाएं और ड्राइविंग अनुभव. इसी सोच के साथ कुछ ऐसी इलेक्ट्रिक कारें मौजूद हैं जो छोटी दूरी की यात्राओं को बेहद सुखद बना सकती हैं. Tata Punch EV- किफायती और फीचर-पैक्ड टाटा पंच EV का नया फेसलिफ्ट मॉडल ₹9.69 लाख (ex-showroom) की शुरुआती कीमत पर आता है. इसमें 30 kWh बैटरी दी गई है जो 275 किमी तक की रेंज देती है. कार में वॉइस-असिस्टेड सनरूफ, वायरलेस चार्जिंग, एयर प्यूरीफायर और फ्रंट वेंटिलेटेड सीट्स जैसी सुविधाएं मौजूद हैं. इसके दरवाजे 90 डिग्री तक खुलते हैं जिससे चढ़ना-उतरना बेहद आसान हो जाता है. MG Windsor EV- लग्जरी का एहसास ₹9.99 लाख की कीमत पर MG Windsor EV अपने सेगमेंट में सबसे आरामदायक विकल्पों में से एक है. इसमें 38 kWh बैटरी है जो 332 किमी तक की रेंज देती है. 135 bhp की ताकत और 200 Nm टॉर्क के साथ यह कार स्मूद परफॉर्मेंस देती है. अंदर आपको 15.6-इंच का बड़ा डिस्प्ले, 9-स्पीकर ऑडियो सिस्टम, रीक्लाइनिंग रियर सीट्स और पैनोरमिक ग्लास रूफ जैसी सुविधाएं मिलती हैं. VinFast VF6- प्रीमियम एक्सपीरिएंस वियतनाम की कंपनी VinFast ने VF6 को ₹17.29 लाख की शुरुआती कीमत पर पेश किया है. इसमें 59.6 kWh बैटरी है जो 381–399 किमी तक की रेंज देती है. Eco और Plus वेरिएंट्स में क्रमशः 178 bhp और 204 bhp की ताकत मिलती है. कार में प्रीमियम वेगन लेदर सीट्स, 12.9-इंच इंफोटेनमेंट स्क्रीन, हेड-अप डिस्प्ले और पैनोरमिक सनरूफ जैसी हाई-एंड सुविधाएं मौजूद हैं. छोटी दूरी के लिए सही चुनाव अगर आपकी रोजाना की यात्रा 40 किमी से कम है, तो इन कारों की रेंज पर्याप्त है. ऐसे में आपको लंबी दूरी की चिंता छोड़कर आराम, टेक्नोलॉजी और प्रीमियम फीचर्स पर ध्यान देना चाहिए. Tata Punch EV और MG Windsor EV किफायती विकल्प हैं, जबकि VinFast VF6 उन लोगों के लिए है जो लग्जरी और स्टाइल को प्राथमिकता देते हैं. सबसे प्रैक्टिकल ऑप्शंस हिंदुस्तान में EV अपनाने की रफ्तार बढ़ रही है और छोटी दूरी की यात्राओं के लिए ये कारें सबसे प्रैक्टिकल ऑप्शंस बन सकती हैं. कीमत, फीचर्स और आराम को देखते हुए ये मॉडल आने वाले समय में अर्बन ट्रैवलर्स के बीच खासे पॉपुलर हो सकते हैं. यह भी पढ़ें: Tata Punch EV Facelift vs Tiago EV: कौन-सी इलेक्ट्रिक Tata कार खरीदना रहेगा सही? The post Tata Punch EV से VinFast VF6 तक- छोटी दूरी के लिए टॉप इलेक्ट्रिक कार कौन? appeared first on Naya Vichar.

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द केरला स्टोरी 2: बॉक्स ऑफिस पर 9वें दिन कैसा रहा फिल्म का हाल? कलेक्शन जानिए

The Kerala Story 2 Box Office Collection Day 9: फिल्म ‘द केरला स्टोरी 2’ इन दिनों बॉक्स ऑफिस पर ठीक-ठाक प्रदर्शन कर रही है. रिलीज के बाद से फिल्म लगातार दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींचने में सफल रही है. रिपोर्ट्स के अनुसार, फिल्म ने अपने आठवें दिन 2.75 करोड़ रुपये की कमाई की. इसके बाद नौवें दिन इसके कलेक्शन में अच्छी बढ़त देखने को मिली. चलिए आपको बताते हैं कि 9वें दिन मूवी ने कितने करोड़ का कारोबार कर लिया. 9वें दिन कैसा रहा फिल्म का कलेक्शन? sacnilk की रिपोर्ट के अनुसार, ‘द केरला स्टोरी 2’ ने 9वें दिन 3.75 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया. फिल्म की कुल कमाई अब 29.40 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है. हालांकि, हफ्ते के बीच के दिनों यानी वीकडेज में फिल्म की कमाई में थोड़ी गिरावट भी देखने को मिली. फिलहाल सिनेमाघरों में बड़ी फिल्मों की ज्यादा भीड़ नहीं है. इसी वजह से ‘द केरला स्टोरी 2’ को फायदा मिल रहा है. कम कंपटीशन के चलते फिल्म को दर्शकों का ध्यान मिल रहा है और यही कारण है कि यह इस हफ्ते भी बॉक्स ऑफिस पर अपनी मौजूदगी बनाए रखने में कामयाब रही है. आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि फिल्म की कमाई किस रफ्तार से आगे बढ़ती है. हर दिन की कमाई का आंकड़ा (हिंदुस्तान में) The Kerala Story 2 Collection Day 1- 0.75 करोड़ रुपये The Kerala Story 2 Collection Day 2- 4.65 करोड़ रुपये The Kerala Story 2 Collection Day 3- 4.75 करोड़ रुपये The Kerala Story 2 Collection Day 4- 2.5 करोड़ रुपये The Kerala Story 2 Collection Day 5- 4 करोड़ रुपये The Kerala Story 2 Collection Day 6- 3.65 करोड़ रुपये The Kerala Story 2 Collection Day 7- 2.19 करोड़ रुपये The Kerala Story 2 Collection Day 8- 2.75 करोड़ रुपये The Kerala Story 2 Collection Day 9- 3.75 करोड़ रुपये टोटल कमाई- 25.40 करोड़ रुपये यह भी पढ़ें– Dhurandhar 2: रिलीज से पहले ही टिकटों की धुआंधार बिक्री, एडवांस बुकिंग की कमाई ने चौंकाया The post द केरला स्टोरी 2: बॉक्स ऑफिस पर 9वें दिन कैसा रहा फिल्म का हाल? कलेक्शन जानिए appeared first on Naya Vichar.

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ईरान के वाटर प्लांट पर US का हमला, विदेश मंत्री का आरोप; 30 गांवों का पानी रुका

US Attacks Iran Water Plant: ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच जारी युद्ध में अब सिर्फ इमारतें और सैन्य ठिकाने ही निशाने पर नहीं हैं. ईरान के विदेश मंत्री ने आरोप लगाया है कि अमेरिका ने ईरान के केश्म द्वीप पर स्थित एक डीसेलिनेशन प्लांट (समुद्र के खारे पानी को पीने योग्य बनाने वाली सुविधा) पर हमला किया है. उनके मुताबिक इस हमले के कारण आसपास के करीब 30 गांवों की पानी की आपूर्ति प्रभावित हुई है. अराघची ने शनिवार शाम सोशल मीडिया पर कहा कि पानी को मीठा बनाने वाले प्लांट पर हमला करके अमेरिका ने एक खतरनाक और गलत मिसाल पेश की है. ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर अमेरिका की कड़ी आलोचना की. उन्होंने कहा, ‘अमेरिका ने केश्म द्वीप पर स्थित मीठे पानी के विलवणीकरण संयंत्र पर हमला कर एक गंभीर और हताश अपराध किया है. इस हमले से 30 गांवों की जलापूर्ति बाधित हुई है. किसी देश के बुनियादी ढांचे को निशाना बनाना बेहद खतरनाक कदम है, जिसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं. यह खतरनाक मिसाल अमेरिका ने पेश की है, ईरान ने नहीं.’ इस आरोप को लेकर अमेरिका या इजरायल की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. The U.S. committed a blatant and desperate crime by attacking a freshwater desalination plant on Qeshm Island. Water supply in 30 villages has been impacted. Attacking Iran’s infrastructure is a dangerous move with grave consequences. The U.S. set this precedent, not Iran. — Seyed Abbas Araghchi (@araghchi) March 7, 2026 पानी की आपूर्ति पर हमले के बाद ईरान की जवाबी कार्रवाई ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकर गालिबाफ ने बाद में कहा कि यह हमला दक्षिण के एक पड़ोसी देश के एयरबेस के समर्थन से किया गया था. उन्होंने कहा कि जब तक क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य ठिकाने मौजूद हैं, तब तक देशों को शांति नहीं मिल सकती. अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक शनिवार को ईरानी प्रशासनी मीडिया ने बताया कि इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने बहरीन के जुफैर एयरबेस पर मौजूद अमेरिकी बलों को निशाना बनाया. पानी पर संकट से फैलेगी अराजकता यह हमला केश्म द्वीप पर स्थित मीठे पानी के विलवणीकरण संयंत्र (डीसेलिनेशन प्लांट) पर हुए हमले के जवाब में किया गया. अटलांटिक काउंसिल के वरिष्ठ सलाहकार हार्लन उलमैन ने अल जजीरा से कहा कि अगर पानी की आपूर्ति से जुड़े ठिकानों पर हमले बढ़े तो इससे खाड़ी क्षेत्र में ‘और ज्यादा अराजकता’ फैल सकती है. उन्होंने कहा, ‘खाड़ी क्षेत्र में लगभग 95 प्रतिशत पानी डीसेलिनेशन से आता है. अगर ईरान इन संयंत्रों और जल प्रतिष्ठानों को निशाना बनाता है, तो पूरा खाड़ी क्षेत्र ठप हो सकता है.’ युद्ध के बीच गहराता जल संकट भले ही दुनिया इस समय युद्ध के कारण तेल की कीमतों और आपूर्ति को लेकर चिंतित हो, लेकिन ईरान के सामने पानी का संकट बेहद गंभीर है. यह देश पहले से ही दुनिया के सबसे अधिक जल संकट झेलने वाले देशों में गिना जाता है. यहां उपलब्ध लगभग सभी नवीकरणीय जल संसाधनों का उपयोग कृषि, उद्योग और घरेलू जरूरतों में पहले से ही हो रहा है. पानी की कमी की वजह से ईरान अपनी राजधानी बदलने पर भी विचार कर रहा है. सितंबर 2025 में ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने राजधानी बदलने की जरूरत पर जोर दिया था. उनका कहना है कि तेहरान गंभीर आर्थिक और पर्यावरणीय संकट का सामना कर रहा है. यहां जल संकट, भू-धंसाव और तेजी से बढ़ती आबादी बड़ी समस्या बन चुकी है. तेहरान, करज और कज्विन जैसे इलाके पानी की कमी से जूझ रहे हैं, जबकि राजधानी तेहरान में अब एक करोड़ से अधिक लोग रहते हैं और देश के कुल पानी का लगभग 25 प्रतिशत इस्तेमाल होता है. ये भी पढ़ें:- मोटी चमड़ी और मांस कड़वा… हम आसान शिकार नहीं: ईरानी हमले पर पहली बार बोले UAE के राष्ट्रपति मकरान में राजधानी बनाने का था प्लान ईरान में उपलब्ध कुल पानी का करीब 90 प्रतिशत हिस्सा खेती में इस्तेमाल होता है. वहीं पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों और आर्थिक दबावों के कारण देश की सिंचाई व्यवस्था आधुनिक नहीं हो पाई है, जिससे बड़ी मात्रा में पानी की बर्बादी होती है. घटती बारिश, सूखते बांध और हर साल करीब 30 सेंटीमीटर जमीन धंसने जैसी स्थितियों के कारण प्रशासन विकास का रुख फारस की खाड़ी के तट पर स्थित मकरान क्षेत्र की ओर मोड़ने पर विचार कर रही थी. यहां चाबहार बंदरगाह जैसे महत्वपूर्ण बंदरगाह मौजूद हैं और इसे संभावित नई राजधानी के रूप में भी देखा जा रहा था. हालांकि फरवरी–मार्च 2026 के युद्ध ने ईरान की सुरक्षा स्थिति को और अधिक जटिल बना दिया है. दूसरे सप्ताह में पहुंचा संघर्ष ईरान और अमेरिका के बीच जारी संघर्ष अब दूसरे सप्ताह में प्रवेश कर चुका है. अल जज़ीरा की रिपोर्ट के अनुसार युद्ध के पहले सप्ताह में अमेरिका और इजरायल के हमलों में 1300 से अधिक ईरानी नागरिकों की मौत हो चुकी है. 28 फरवरी को इजरायल और अमेरिका ने मिलकर ईरान पर बड़े पैमाने पर हमला शुरू किया था. इन हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई, रक्षा मंत्री सहित कई वरिष्ठ नेता और लगभग 40 शीर्ष सैन्य अधिकारी मारे गए थे. ये भी पढ़ें:- ये ख्वाब कब्र तक ले जाएं ट्रंप… ईरानी राष्ट्रपति का ‘सरेंडर’ से इनकार, पड़ोसियों से मांगी माफी ईरान के जवाबी हमले ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं. ईरानी हमलों में इजरायल के कई शहरों को निशाना बनाया गया, जिससे भारी नुकसान की समाचारें सामने आई हैं. इजरायल ने अब तक देश में 11 लोगों की मौत की पुष्टि की है. इसके अलावा ईरान ने सऊदी अरब, यूएई, कतर, कुवैत और बहरीन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर भी हमले किए हैं. कुवैत में किए गए हमलों में छह अमेरिकी सैनिकों की मौत होने की जानकारी सामने आई है. 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130 गांवों में 35 लाख पेड़ लगा चुकी हैं पद्मश्री चामी मुर्मू, 35 सालों से चला रहीं आंदोलन

सरायकेला से शचिंद्र कुमार दाश की रिपोर्ट Womens Day Special: आज जब हम पर्यावरण संकट, जलवायु परिवर्तन और वनों की कटाई जैसी गंभीर समस्याओं से जूझ रहे हैं, तब झारखंड के सरायकेला-खरसावां जिले की एक आदिवासी स्त्री ने असाधारण काम कर दिखाया है. धरती को फिर से हरा-भरा करने के लिए राजनगर प्रखंड की चामी मुर्मू पिछले 35 सालों से पर्यावरण संरक्षण के लिए काम कर रही हैं. उन्होंने अब तक 130 गांवों में 35 लाख से अधिक पौधा लगा दिया है. जहां कभी सूखा और बंजर जमीन थी, वहां अब खेतों में पौधे लहलहा रहे हैं. पर्यावरण संरक्षण को बनाया जनांदोलन पद्श्री चार्मी मुर्मू ने न केवल पर्यावरण संरक्षण की दिशा में काम किया, बल्कि स्त्रीओं को आत्मनिर्भर बनाया. उन्होंने पर्यावरण संरक्षण को जनांदोलन बना दिया. चामी मुर्मू ने अपने प्रयासों से साबित किया कि परिवर्तन केवल बड़े शहरों से नहीं, बल्कि छोटे-छोटे गांवों से भी शुरू हो सकता है. उनके इसी काम पर वर्ष 2024 में उन्हें पद्मश्री पुरस्कार से भी सम्मानित किया जा चुका है. 52 साल की चामी मुर्मू को देश भर में ‘सरायकेला की सहयोगी’ के नाम से जाना जाता है. आदिवासी स्त्री चामी मुर्मू ने पर्यावरण और स्त्री सशक्तिकरण के क्षेत्र में काफी काम किया है. 24 स्त्रीओं से आंदोलन शुरू, आज हजारों का है नेटवर्क साल 1989 में अपने क्षेत्र में हरियाली लाने के लिए उन्होंने पेड़ लगाने का काम शुरू किया. इसके बाद 1990 में चामी ने गांव की औरतों को साथ जोड़कर ‘सहयोगी स्त्री बागरसाई’ संगठन की नींव रखी. शुरुआत में सिर्फ 24 स्त्रीएं जुड़ीं. चामी ने उन्हें समझाया कि यदि वे एकजुट होकर काम करेंगी, तो कोई ताकत उन्हें रोक नहीं पाएगी. धीरे-धीरे संगठन बढ़ता गया और आज हजारों स्त्रीओं का मजबूत नेटवर्क है. लकड़ी माफियाओं से मिली धमकी चामी बताती है कि शुरुआत के दिनों में गांव के कई पुरुषों ने उनका विरोध किया. कई बार उन्हें अपमानित किया गया. लकड़ी माफिया ने धमकियां दीं, क्योंकि उनके हितों को नुकसान हो रहा था. लेकिन, चामी ने हार नहीं मानी. वह दिन-रात औरतों को साथ लेकर पेड़ लगातीं और जंगल की रखवाली करतीं. कई बार उन्होंने औरतों के साथ मिलकर लकड़ी चोरों और माफियाओं को रोका. इस संगठन का मकसद पेड़ लगाना, पानी बचाना, जैविक खेती को बढ़ावा देना और औरतों को आत्मनिर्भर बनाना था. औरतों को दिलाया आत्मनिर्भरता का हक चामी मानती हैं कि असली बदलाव तभी संभव है, जब स्त्रीएं सशक्त हों. उन्होंने गांव की हजारों औरतों को सेल्फ-हेल्प ग्रुप से जोड़ा. इन समूहों ने औरतों को छोटी बचत से लेकर जैविक खेती, जल संरक्षण और पर्यावरण की रक्षा करने के तरीके सिखाए. इनसे जुड़ी स्त्रीएं अब अपने पैरों पर खड़ी हैं. वे न सिर्फ अपने परिवार को बेहतर जीवन दे रही हैं, बल्कि समाज में अपनी पहचान भी बना रही हैं. आज उनके संगठन से जुड़ी 35,000 से अधिक स्त्रीएं आत्मनिर्भर बन चुकी हैं और नई पीढ़ी के लिए मिसाल पेश कर रही हैं. चामी मुर्मू के काम को देश के हर क्षेत्र में सराहा गया. 2020 में उन्हें तत्कालीन राष्ट्रपति रामनाथ कोविद के हाथों नारी शक्ति पुरस्कार से नवाजा गया. इस सम्मान ने उन्हें और आगे बढ़ने की प्रेरणा दी. अंततः 2024 में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें पद्मश्री से सम्मानित किया. पेड़ लगाने से ज्यादा जरूरी बचाना है: चामी मुर्मू पद्मश्री चामी मुर्मू ने बताया कि पिछले 35 वर्षों में उन्होंने अपने सहयोगियों के साथ मिल कर करीब 130 गांवों में 35 लाख से अधिक पौधे लगा कर हरियाली लाने का प्रयास किया है. चामी मुर्मू के अनुसार, पौधा लगा देने भर ही काम नहीं चलता है. पौधारोपण करने के साथ साथ उन्हें बचाना ओर भी जरूरी है. साथ ही, जंगलों को संरक्षित करने की भी आवश्यकता है. इसके लिए जन भागिदारी जरूरी है. सिर्फ वन विभाग के भरोसे पेड़-पौधों को नहीं बचाया जा सकता है. इस दिशा में समाज को जागरुक होना होगा. वन महोत्सव के नाम पर हो रहा कोरम पूरा उन्होंने बताया कि जिस तेजी के साथ जनसंख्या बढ़ रही है और जंगलों का ह्रास हो रहा है, यह बहुत ही चिंताजनक है. अलग राज्य बनने के बाद जंगल और पेड़ पौधों को बचाने के लिए किए गए काम नाकाफी है. वन महोत्सव के नाम पर कागजों में कोरम पूरा करने से काम नहीं चलेगा. प्रशासन को चाहिए कि वन क्षेत्रों में पौधे लगाने से ज्यादा पौधों को बचाने और वन क्षेत्रों को संरक्षित करने पर ध्यान देना चाहिए. जहां भी पौधे लगाये जा रहे हैं, उनका सही देखभाल कर उन्हें बचाने की पहल होनी चाहिए. इसे भी पढ़ें: Women’s Day: सरायकेला में छऊ नृत्य की नई पौध तैयार कर रहीं कुसमी पटनायक, कई शहरों में दे चुकी हैं प्रस्तुति वनाधिकार कानून को बनाना होगा प्रभावी उन्होंने कहा कि ग्राम सभाओं को अधिकार देने के साथ साथ वन समितियों की भी जवाबदेही सुनिश्चित करनी होगी. वनाधिकार कानून को प्रभावी ढंग से लागू करना होगा. साथ ही, जल संरक्षण की दिशा में भी काम करना होगा. जंगलों की कटाई करने वालों पर कड़ी कार्रवाई करनी होगी. चामी मुर्मू के अनुसार, गर्मी के दिनों में आग लगने के कारण बड़ी संख्या में पेड़-पौधे बर्बाद हो जाते है. जंगल में आग से पेड़ पौधे बर्बाद न हो. इस दिशा में भी आवश्यक कदम उठाने की आवश्यकता है. प्रशासन को चाहिए कि वनों के महत्व के बारे में जनचेतना जागृत करे. साथ ही, सामाजिक वानिकी को प्रोत्साहन, वन संरक्षण एवं नियमों और कानूनों का कड़ाई से पालन कराने पर काम करें. इसे भी पढ़ें: गांव-गांव घूमकर बच्चों को फुटबॉल सिखा रहीं कुचाई की नंदिनी, सुब्रतो कप में दिखाया जौहर The post 130 गांवों में 35 लाख पेड़ लगा चुकी हैं पद्मश्री चामी मुर्मू, 35 सालों से चला रहीं आंदोलन appeared first on Naya Vichar.

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NEET UG 2026 के लिए रजिस्ट्रेशन का आज आखिरी दिन, जल्द करें अप्लाई

NEET UG 2026: मेडिकल फील्ड में करियर बनाने का सपना देखने वाले लाखों स्टूडेंट्स के लिए इम्पॉर्टेंट अपडेट सामने आया है.  देश की सबसे बड़ी मेडिकल एंट्रेंस एग्जाम NEET UG 2026 के लिए एप्लीकेशन प्रोसेस अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुकी है. जिन कैंडिडेट्स ने अभी तक रजिस्ट्रेशन नहीं किया है, उनके पास अप्लाई करने के लिए बहुत कम समय बचा है. ऐसे में कैंडिडेट्स को सलाह दी जा रही है कि वे समय से पहले ही ऑनलाइन फॉर्म भरकर अपनी अप्लाई प्रोसेस पूरी कर लें, ताकि किसी टेक्निकल समस्या या देरी के कारण मौका हाथ से न निकल जाए. नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने NEET UG 2026 के लिए ऑनलाइन अप्लाई 8 फरवरी 2026 से शुरू कर दी थी. अप्लाई करने की लास्ट डेट 8 मार्च 2026 तक है. कैंडिडेट्स NTA की ऑफिशियल वेबसाइट neet.nta.nic.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं. NEET UG 2026 एग्जाम 3 मई 2026 को आयोजित की जाएगी.  NEET UG 2026 के लिए ऐसे करें अप्लाई  सबसे पहले NTA की ऑफिशियल वेबसाइट neet.nta.nic.in पर जाएं.  NEET UG 2026 Registration लिंक पर क्लिक करें.  अपना बेसिक डिटेल्स डालकर न्यू रजिस्ट्रेशन करें.  रजिस्ट्रेशन नंबर और पासवर्ड डालकर अब लॉगिन करें.  लॉगिन करने के बाद आप अपना फॉर्म भर सकते हैं.  फिर फीस का भुगतान करें.  लास्ट में एप्लीकेशन फॉर्म को डाउनलोड करके प्रिंटआउट निकाल लें.  किस कोर्स के लिए होता है NEET UG नीट यूजी एग्जाम के माध्यम से देशभर के मेडिकल कॉलेजों में कई अंडरग्रेजुएट कोर्स में एडमिशन मिलता है, जैसे MBBS, BDS, BAMS, BHMS, BUMS और अन्य मेडिकल व हेल्थ साइंस कोर्स उपलब्ध होते हैं.  NEET UG 2026 Notification Check Here एग्जाम पैटर्न  यह एग्जाम पूरे देश में ऑफलाइन (पेन-पेपर) मोड में लिया जाता है. इस एग्जाम में कुल 200 क्वेश्चन रहते हैं, जिसमें से 180 सवाल हल करने होते हैं. साथ ही नेगेटिव मार्किंग भी होती है.  यह भी पढ़ें: 9 मार्च से पहले करें अप्लाई! हरियाणा में निकली कंप्यूटर साइंस टीचर की भर्ती The post NEET UG 2026 के लिए रजिस्ट्रेशन का आज आखिरी दिन, जल्द करें अप्लाई appeared first on Naya Vichar.

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T20 वर्ल्ड कप फाइनल : न्यूजीलैंड को हल्के में नहीं लेना चाहिए, इंडिया के फैंस को सता रहा डर

T20 World Cup Final : एक फैन ने कहा कि मैं आज फाइनल देखने के लिए दिल्ली से आया हूं. यहां जबरदस्त उत्साह है. मुझे लगता है कि आज हम जीतेंगे. संजू सैमसन अच्छा स्पोर्ट्सेंगे. मैं उनकी बल्लेबाजी देखने के लिए बहुत उत्साहित हूं. वहीं जसप्रीत बुमराह तो हमेशा ही शानदार स्पोर्ट्सते हैं. टूर्नामेंट में टीम इंडिया अच्छा प्रदर्शन करती नजर आ रही है. #WATCH | Ahmedabad, Gujarat: Cricket fans arrive in Ahmedabad ahead of the #ICCT20WorldCup final match between India and New Zealand A cricket fan says, “I came from Delhi to watch the final today. There’s a lot of excitement. I think we’ll win today. Sanju Samson will play… pic.twitter.com/4PjZx2C2hN — ANI (@ANI) March 8, 2026 न्यूजीलैंड की टीम देती है टक्कर एक अन्य क्रिकेट फैन ने कहा कि जाहिर है हम चाहते हैं कि हिंदुस्तान जीते, लेकिन न्यूजीलैंड भी काफी मजबूत टीम है. वे हमेशा हमें कड़ी टक्कर देते हैं. हमें उम्मीद है कि आज एक शानदार मैच देखने को मिलेगा. वर्ल्ड कप फाइनल मैच को लेकर हम सभी बहुत उत्साहित हैं. उसने कहा कि हम दिल्ली से आए हैं. हम यहां से गुड मेमोरी लेकर जाना चाहेंगे. हमारी रात को रिटर्न फ्लाइट भी है. हमें बुमराह से उम्मीद है. हम उनका स्पोर्ट्स देखने के लिए ही इतनी दूर आए हैं. #WATCH | Ahmedabad, Gujarat: Cricket fans arrive in Ahmedabad ahead of the #ICCT20WorldCup final match between India and New Zealand A cricket fan says, “Obviously, we want India to win, but New Zealand will be a competitive team. They give us tough competition…we expect a… pic.twitter.com/RF2aE0Lhlu — ANI (@ANI) March 8, 2026 यह भी पढ़ें : T20 वर्ल्ड कप फाइनल : बुम.. बुम.. बुमराह चिल्लाने लगी स्त्री, ट्रेन में दिखा गजब का जोश न्यूजीलैंड भी एक अच्छी टीम है एक छोटे फैन ने कहा कि इंडिया के लिए जीतना थोड़ा मुश्किल होगा क्योंकि न्यूजीलैंड भी एक अच्छी टीम है. अगर विकेट जल्दी गिरते हैं, तो इंडिया के जीतने का चांस है. इंडिया का रन रेट अच्छा होना चाहिए और सेमीफाइनल की तरह ज्यादा रन बनाने चाहिए. अगर इंडिया आज कप जीत लेती है, तो मैं अपनी टी-शर्ट उतारकर घर में डांस करूंगा. #WATCH | Mumbai: On the #ICCT20WorldCup final match between India and New Zealand today, A young fan of the Indian Cricket Team says, “It will be a little difficult for India to win because New Zealand is also a good team. If wickets fall quickly, India has a chance of winning.… pic.twitter.com/DCB2nD3H2p — ANI (@ANI) March 8, 2026 यह भी पढ़ें : T20 वर्ल्ड कप फाइनल का क्रेज, फ्लाइट टिकट महंगे; फैंस के लिए स्पेशल ट्रेन क्रिकेटर कुलदीप यादव के बचपन के कोच कपिल पांडे ने कहा कि यह एक बड़ा मैदान है. हमारे सभी बैट्समैन को संभलकर स्पोर्ट्सना होगा और बड़ा स्कोर बनाना होगा, जैसा उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ किया था. कम से कम 250 रन का टारगेट सेट करें, जिसे न्यूजीलैंड के लिए हासिल करना बहुत मुश्किल होगा. हमारे बॉलर्स को आज अच्छी बॉलिंग करनी होगी. अगर वे (न्यूजीलैंड) पहले बैटिंग करते हैं, तो उन्हें कम टोटल, कम से कम 175 के आस-पास, पर रोकना चाहिए. #WATCH | Kanpur, Uttar Pradesh: On India vs New Zealand final match in #ICCT20WorldCup, cricketer Kuldeep Yadav’s childhood coach, Kapil Pandey, says, “…It’s a big ground. All our batsmen will have to play cautiously and score big, as they did against England. I want Abhishek… pic.twitter.com/j2Ur9y8N0q — ANI (@ANI) March 8, 2026 The post T20 वर्ल्ड कप फाइनल : न्यूजीलैंड को हल्के में नहीं लेना चाहिए, इंडिया के फैंस को सता रहा डर appeared first on Naya Vichar.

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