टीचिंग पैशन नहीं, मजबूरी थी, अलख पांडे ने किए चौंकाने वाले खुलासे
Alakh Pandey Success Story: अलख पांडे एजुकेशनल फील्ड में आज एक बड़ा नाम हैं. वे ऑनलाइन एजुकेशन के फील्ड में एक नई क्रांति लाने के लिए जाने जाते हैं. हाल ही में फिजिक्सवाला के संस्थापक अलख पांडे एक कॉमेडी शो में पहुंचें. वहां उन्होंने अपनी लाइफ की ऐसी-ऐसी बातें बताई जो शायद आप भी नहीं जानते होंगे. आज भले ही वे करोड़ों के मालिक हों लेकिन एक समय था जब उनका बचपन अभाव में बीता. उनकी इच्छा थी IIT से पढ़ाई करने की. लेकिन आर्थिक तंगी के कारण उनका ये सपना अधूरा रह गया. कॉमेडी शो में पहुंचें अलख पांडे दरअसल, द ग्रेट इंडियन कपिल शो (The Great Indian Kapil Show) का चौथा सीजन के एक एपिसोड में अलख पांडे, खान सर और नितिन विजय जैसे फेमस शिक्षकों को बुलाया गया है. इस शो में जब स्टूडेंट लाइफ की बात हो रही थी तो अलख पांडे अपने लाइफ के कई गहरे राज बताए. उन्होंने कहा कि जब में कक्षा 6 में था तो आर्थिक संकट के कारण पिता जी को हमारा घर बेचना पड़ा था. हमलोग तब स्लम के एक रेंटल घर में रहने लगे. 8वीं क्लास से ट्यूशन पढ़ाना शुरू किया अलख पांडे ने आगे कहा कि मेरा जीवन बहुत ही अभाव में बीता. मेरा सपना था IIT से पढ़ाई करने का. लेकिन हम जिस घर में रह रहे थे, केवल उसका ही रेंट 1100 रुपये था. घर में कोई कमाने वाला नहीं था. ऐसे में मेरे सारे सपने अधूरे रह गए. घर के खर्च में हाथ बंटाने के लिए मैंने 8वीं क्लास से ट्यूशन पढ़ाना शुरू कर दिया. टीचिंग मेरे लिए पैशन नहीं था, मजबूरी थी: अलख पांडे उन्होंने आगे कहा कि टीचिंग मेरे लिए सपना या पैशन नहीं था, मजबूरी थी. गरीब आदमी के जीवन में काम करना मजबूरी होती है. पैशन, हॉबी ये सब तो अमीरों के चोंचले होते हैं. शिक्षकों से उम्मीद की जाती है कि वे सीरियस रहें अलख पांडे ने आगे इस शो में तब के और अब के टीचिंग के तरीके के बारे में बात करते हुए कहा कि पहले के समय में लोग सोचते थे कि क्लास में जो शिक्षक मस्ती कराते हुए पढ़ा रहे हैं, वे गलत हैं. पहले के लोगों का मानना था कि पढ़ाई में मस्ती नहीं होनी चाहिए. अलख पांडे ने कहा कि उन्हें ये बात कभी नहीं समझ आई कि टीचर का सीरियस रहना क्यों जरूरी है. उन्होंने शो में कहा कि टीचर के बारे में हमेशा लोग एक ख्याल बना लेते हैं कि शिक्षक हो तो गंभीर रहो, गरीब रहो, पैसा कमाना मत सीखाओ. कम पैसे में पढ़ाकर बदल दी बच्चों की किस्मत अलख पांडे ने बताया कि वे किस उद्देश्य से टीचिंग के फील्ड में आगे बढ़े. उन्होंने कहा कि पहले ऑनलाइन क्लासेज भी काफी महंगे होते थे और गरीब स्टूडेंट के पहुंच के बाहर होते थे. ऐसे में उन्होंने खुद का प्लेटफॉर्म शुरू किया, जो जरूरतमंद बच्चों को फ्री एजुकेशन दे सके. फोन कवर बेचने वाले को बना दिया डॉक्टर इस शो में अलख पांडे ने बताया कि इस शो में एक रोहित नाम का लड़का बैठा हुआ है, जो सड़क किनारे फोन का कवर बेचता है, उसका NEET में सेलेक्शन हो गया. वहीं उन्होंने शो में ही मौजूद एक और रोहित नाम के स्टूडेंट की ओर इशारा करते हुए कहा कि ये अपने स्लम से पहला IITian बना है. ऐसी ही एक डॉली की किस्मत भी अलख पांडे ने बदल जी. डॉली के पिता बस चलाते हैं और उनकी चार बहनें हैं. लोग उन्हें ताना दिया करते थे कि तू क्या डॉक्टर बनेगी. तब इन्होंने अलख पांडे का 3,800 रुपये का बैच ज्वॉइन किया था. पहले अटेंप्ट में मेरे मार्क्स 192 थे, जोकि बहुत कम थे. मैं डिमोटिवेट हो गई थी. तब मेरे पिता जी ने कहा था कि जब अलख सर हैं तो परेशान होने की क्या जरूरत है. डॉली ने कहा कि अपने दूसरे अटेंप्ट में मैं सेलेक्ट हो गई और मुझे प्रशासनी कॉलेज मिल गया. यह भी पढ़ें- 11 की फीस, बदली स्टूडेंट की तकदीर! Khan Sir ने बताया सच The post टीचिंग पैशन नहीं, मजबूरी थी, अलख पांडे ने किए चौंकाने वाले खुलासे appeared first on Naya Vichar.

