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March 11, 2026

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ईरान-इजरायल युद्ध की आंच धनबाद में भी: LPG के लिए मची भगदड़, रेस्टोरेंट्स ने मेनू से हटाये ये डिश

Iran-Israel War Impact, (धनबाद से प्रतीक पोपट): ईरान और इजरायल-अमेरिका के बीच चल रहे युद्द का असर धनबाद में भी दिखाई पड़ने लगा है. अंतरराष्ट्रीय हालात को लेकर गहराई आशंकाओं और फैली अपवाहों के चलते शहर में एलपीजी गैस को लेकर लोगों की चिंता बढ़ गयी है. आलम यह है कि कई उपभोक्ता गैस एजेंसियों के बाहर लाइन लगाकर सिलेंडर लेने पहुंच रहे हैं. हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि जिले में गैस की कोई कमी नहीं है और लोगों को अफवाहों पर ध्यान नहीं देना चाहिए. रेस्टोरेंट्स ने मेनू में की कटौती गैस को लेकर बनी अनिश्चितता का असर शहर के रेस्टोरेंट कारोबार पर भी देखने को मिल रहा है. प्रसिद्ध मिठाई की दुकान और रेस्टोरेंट चेन बॉम्बे स्वीट्स ने एहतियातन अपने मेनू में कटौती करने का फैसला लिया है. रेस्टोरेंट प्रबंधन के अनुसार कल से नॉर्थ इंडियन और तंदूर से जुड़े आइटम बनाना बंद किया जा रहा है. उनका कहना है कि गैस की आपूर्ति को लेकर अनिश्चितता के कारण यह कदम उठाना पड़ रहा है. यदि स्थिति जल्द नहीं सुधरी तो आगे चलकर अन्य आइटम भी बंद करने पड़ सकते हैं. Also Read: खूंटपानी में उद्यान महाविद्यालय की ओर जाने वाली तीनों सड़कें जर्जर, विधानसभा में उठा मुद्दा अफवाहों के कारण बढ़ी सिलेंडर की मांग जानकारी के मुताबिक धनबाद जिले में करीब 6.40 लाख एलपीजी उपभोक्ता हैं. इन उपभोक्ताओं को 31 गैस एजेंसियों के माध्यम से सिलेंडर की आपूर्ति की जाती है. इनमें 17 एजेंसियां इंडियन ऑयल, जबकि 7-7 एजेंसियां हिंदुस्तान पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम की हैं. सामान्य दिनों में रोजाना करीब 16 हजार सिलेंडर की डिलीवरी होती है, लेकिन गैस की संभावित कमी की अफवाह फैलने के बाद यह संख्या बढ़कर लगभग 20 हजार सिलेंडर प्रतिदिन तक पहुंच गयी है. अंतरराष्ट्रीय हालात को लेकर लोगों में चिंता गैस लेने पहुंचे उपभोक्ता चंद्र भूषण प्रसाद ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय स्थिति को देखते हुए कई लोग पहले से ही गैस सिलेंडर लेने पहुंच रहे हैं ताकि भविष्य में किसी परेशानी का सामना न करना पड़े. उन्होंने कहा कि कुछ गैस एजेंसियों में सर्वर की समस्या के कारण लोगों को थोड़ी दिक्कत भी हो रही है. गैस एजेंसियों ने कहा- घबराने की जरूरत नहीं वहीं, एक गैस एजेंसी के संचालक आनंद दुबे ने साफ किया कि धनबाद जिले में गैस की कोई कमी नहीं है. उन्होंने कहा कि उपभोक्ता जैसे ही बुकिंग करते हैं, सिलेंडर पहले की तरह उनके घर तक पहुंचाया जा रहा है. उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और जरूरत के अनुसार ही गैस बुक करें, ताकि अनावश्यक भीड़ और परेशानी से बचा जा सके. Also Read: हजारीबाग के गैलेक्सी हाई स्कूल को मिली प्लस टू की मान्यता, सभी विषयों की होगी पढ़ाई The post ईरान-इजरायल युद्ध की आंच धनबाद में भी: LPG के लिए मची भगदड़, रेस्टोरेंट्स ने मेनू से हटाये ये डिश appeared first on Naya Vichar.

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इंटरनेट की दुनिया में ‘बांग्ला’ का बोलबाला : Google Chrome और Gemini AI के संगम से बढ़ेगी डिजिटल साक्षरता

Google Chrome Gemini AI Bengali Language: विधानसभा चुनाव 2026 से पहले पश्चिम बंगाल के उन लाखों लोगों के लिए एक क्रांतिकारी समाचार है, जो इंटरनेट पर अंग्रेजी के कठिन शब्दों को देखकर ठहर जाते थे. घबरा जाते थे. गूगल ने अपने सबसे शक्तिशाली एआई मॉडल ‘Gemini 3.1’ को सीधे क्रोम ब्राउजर में फिट कर दिया है. सबसे बड़ी बात यह है कि इसमें ‘बांग्ला’ (Bengali) भाषा को प्राथमिकता दी गयी है. डिजिटल आजादी के समान है गूगल की पहल यह सिर्फ एक तकनीकी अपडेट नहीं है, बल्कि बंगाल के सुदूर गांवों, जैसे- पुरुलिया के ग्रामीण इलाकों से लेकर सुंदरबन के द्वीपों तक रहने वाले लोगों के लिए ‘डिजिटल आजादी’ की तरह है. इसे आप डिजिटल साक्षरता के नये युग की शुरुआत भी कह सकते हैं. गांव के लोगों को भी सशक्त करेगा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अब तक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को केवल टेक-एक्सपर्ट्स की चीज माना जाता था, लेकिन अब गांव के लोगों को भी यह सशक्त करेगा. आइए, देखते हैं कि किस तरह से एआई ग्रामीण क्षेत्र के लोगों की मदद करेगा. ग्रामीण बंगाल का सशक्तिकरण : अगर किसी किसान को प्रशासनी योजना या ‘लक्ष्मी भंडार योजना’ के बारे में जानकारी चाहिए, तो वह बांग्ला में ही क्रोम से सवाल पूछ सकेगा और एआई उसे बांग्ला भाषा में ही जवाब देगा. चुनावी समाचारों का विश्लेषण : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के दौरान घोषणापत्रों की लंबी लिस्ट और नेताओं के भाषणों का सारांश (Summary) अब मतदाता अपनी मातृभाषा बांग्ला में एक क्लिक पर पा सकेंगे. सुरक्षित ब्राउजिंग : बांग्ला में आने वाले फिशिंग या फर्जी संदेशों को यह एआई पहचान लेगा और यूजर्स को सचेत करेगा. बंगाल की समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें कैसे काम करेगा नया फीचर? गूगल क्रोम में अब एक छोटा सा ‘जेमिनी’ (Gemini) आइकन दिखेगा. जब आप किसी अंग्रेजी वेबसाइट पर होंगे, तो बस एक कमांड देकर आप पूरे पेज का बांग्ला अनुवाद या उसके मुख्य बिंदु (Key Points) जान सकेंगे. यह फीचर विशेष रूप से उन छात्रों के लिए वरदान है, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर की जानकारी अपनी भाषा में पढ़ना चाहते हैं. क्रोम में सीधे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जोड़कर हमारा लक्ष्य इंटरनेट सेवा को और अधिक सहज, सुरक्षित और उपयोगी बनाना है, ताकि यूजर्स को बेहतर अनुभव मिल सके. हमें खुशी है कि अमेरिका के बाद हिंदुस्तान उन शुरुआती बाजारों में एक है, जहां यह बदलाव देखने को मिलेगा. शारमेन डिसिल्वा, उत्पाद प्रबंधन निदेशक, क्रोम भाषायी लोकतंत्र की ओर बढ़ता इंटरनेट वर्ष 2026 के विधानसभा चुनाव से पहले इंटरनेट का यह भाषायी लोकतंत्र (Linguistic Democracy) का काम करेगा. अब मतदाता केवल नेताओं के दावों पर निर्भर नहीं रहेंगे, बल्कि खुद एआई की मदद से डेटा और फैक्ट्स की जांच अपनी भाषा में कर सकेंगे. यह डिजिटल साक्षरता का नया युग है. इसे भी पढ़ें लक्ष्मी भंडार योजना 2026 : 1000 रुपए को बढ़ाकर 1500 रुपए क्यों किया गया? बंगाल चुनाव 2026: क्या आपका नाम भी कट गया है? ऐसे चेक करें फाइनल वोटर लिस्ट में अपना नाम The post इंटरनेट की दुनिया में ‘बांग्ला’ का बोलबाला : Google Chrome और Gemini AI के संगम से बढ़ेगी डिजिटल साक्षरता appeared first on Naya Vichar.

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7 लाख व्यूज के बाद खुली पोल: फेक AI वीडियो पर Meta की लग गई क्लास

सोशल मीडिया पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से बने भ्रामक कंटेंट को लेकर बहस तेज होती जा रही है. इसी बीच Meta एक नये विवाद में घिर गई है. कंपनी के इंडिपेंडेंट मॉनिटरिंग बॉडी Meta Oversight Board ने एक वायरल वीडियो के मामले में Meta की नीतियों पर सवाल उठायेहैं. यह वीडियो एआई की मदद से बनाया गया था और इसमें 2025 के Israel-Iran conflict के दौरान Haifa में इमारतों के भारी नुकसान का दृश्य दिखाया गया था. बाद में जांच में पता चला कि वीडियो असली नहीं था, लेकिन तब तक इसे 7 लाख से अधिक बार देखा जा चुका था. एआई से बना वीडियो बन गया वायरल यह वीडियो एक ऐसे सोशल मीडिया अकाउंट से पोस्ट किया गया था, जो खुद को न्यूज प्लैटफॉर्म बताता था. बाद में जांच से पता चला कि यह पेज फिलीपींस में रहने वाले एक व्यक्ति द्वारा चलाया जा रहा था. वीडियो में युद्ध के बाद शहर में तबाही का दृश्य दिखाया गया था, जिससे लोगों को लगा कि यह असली घटना का फुटेज है. हालांकि जांच में सामने आया कि यह पूरा क्लिप एआई टूल्स की मदद से तैयार किया गया था. लेबल लगाने में भूल पर उठे सवाल मामले की समीक्षा के बाद Meta Oversight Board ने कहा कि कंपनी को इस वीडियो पर स्पष्ट चेतावनी लेबल लगाना चाहिए था. Meta के पास AI Info और High Risk AI जैसे लेबल लगाने का सिस्टम है, जिनका उद्देश्य यूजर्स को यह बताना होता है कि कंटेंट एआई से बनाया गया या बदला गया है. लेकिन इस मामले में Meta ने न तो वीडियो हटाया और न ही उस पर हाई रिस्क वाला एआई लेबल लगाया, जबकि कंटेंट की शिकायत पहले ही की जा चुकी थी. फर्जी अकाउंट से जुड़े प्रोफाइल बंद बोर्ड ने यह भी कहा कि अकाउंट से जुड़े कई संकेत ऐसे थे जो धोखाधड़ी की ओर इशारा कर रहे थे. समीक्षा के बाद Meta ने उस पेज से जुड़े तीन अकाउंट को बंद कर दिया. इस घटना ने यह सवाल भी खड़ा किया है कि सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म पर एआई से तैयार किये गए वीडियो कितनी तेजी से लोगों को भ्रमित कर सकते हैं. एआई कंटेंट के लिए अलग नियम बनाने की सलाह Oversight Board ने Meta को सलाह दी है कि एआई से बने कंटेंट के लिए अलग और स्पष्ट नियम तैयार किये जाएं. फिलहाल ऐसे मामलों को गलत सूचना (misinformation) से जुड़े व्यापक नियमों के तहत देखा जाता है. बोर्ड का मानना है कि यूजर्स को साफ तौर पर बताना जरूरी है कि कब किसी वीडियो, तस्वीर या ऑडियो को एआई से बनाया गया है और ऐसा न बताने पर क्या कार्रवाई होगी. नयी तकनीक की जरूरत पर जोर बोर्ड ने यह भी कहा कि मौजूदा सिस्टम काफी हद तक यूजर्स पर निर्भर है कि वे खुद बताएं कि उन्होंने एआई टूल का इस्तेमाल किया है. चूंकि ऐसे खुलासे बहुत कम होते हैं, इसलिए यह तरीका तेजी से फैल रहे एआई मीडिया से निपटने के लिए पर्याप्त नहीं है. पैनल ने Meta से ऐसे टूल्स विकसित करने की भी सिफारिश की है जो एआई से बने फोटो, ऑडियो और वीडियो को खुद से पहचान सकें. कंपनी को इन सिफारिशों पर जवाब देने के लिए 60 दिनों का समय दिया गया है. यह भी पढ़ें: फेसबुक-इंस्टाग्राम की कंपनी मेटा की बड़ी डील, एआई फील्ड में खुलकर स्पोर्ट्सने को तैयार The post 7 लाख व्यूज के बाद खुली पोल: फेक AI वीडियो पर Meta की लग गई क्लास appeared first on Naya Vichar.

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Lockdown OTT Release: महामारी के दौर में अकेलेपन और डर की कहानी अब OTT प्लेटफॉर्म पर, जानें कहां देखें

Lockdown OTT Release: साउथ सिनेमा की जानी-मानी एक्ट्रेस अनुपमा परमेश्वरन की सस्पेंस थ्रिलर फिल्म ‘लॉकडाउन’ आज, 11 मार्च 2026 से OTT प्लेटफॉर्म पर स्ट्रीमिंग के लिए उपलब्ध हो गई है. यह फिल्म पहले 30 जनवरी 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी. अब, थिएटर रिलीज के लगभग एक महीने बाद, दर्शक इसे घर बैठे डिजिटल प्लेटफॉर्म पर देख सकते हैं. जो दर्शक इसे बड़े पर्दे पर नहीं देख पाए थे, उनके लिए यह शानदार मौका है. आइए, फिल्म देखने से पहले जानते हैं इसकी कहानी और कौन सा प्लेटफॉर्म इसे स्ट्रीम कर रहा है. इस OTT प्लेटफॉर्म पर स्ट्रीमिंग View this post on Instagram A post shared by Lyca Productions (@lycaproductions) एआर जीवा के निर्देशन में बनी इस फिल्म को लाइका प्रोडक्शंस ने डिस्ट्रीब्यूट किया है. ‘लॉकडाउन’ 11 मार्च 2026 से अमेजन प्राइम वीडियो पर स्ट्रीम हो रही है. प्रोडक्शन हाउस ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर एक इंटेंस पोस्टर के साथ इसकी OTT रिलीज की अनाउंसमेंट की. पोस्टर के कैप्शन में लिखा गया है, “डर, हिम्मत और जिंदा रहने की कहानी अब आपकी स्क्रीन तक पहुंच चुकी है.” कई भाषाओं में उपलब्ध है फिल्म लॉकडाउन अब तमिल, हिंदी और तेलुगु भाषाओं में स्ट्रीमिंग के लिए उपलब्ध है. कन्नड़ और मलयालम वर्जन का इंतजार अभी बाकी है. फिल्म की कहानी और थीम फिल्म की कहानी COVID-19 महामारी के दौरान लोगों की जिंदगी में आए बड़े बदलाव और मानसिक संघर्ष को दिखाती है. इसमें अनुपमा परमेश्वरन ने अनीता नाम की लड़की का किरदार निभाया है, जो एक सख्त और पुराने ख्यालों वाले परिवार की बड़ी बेटी है. उसकी जिंदगी में एक दर्दनाक घटना घटती है और उसी समय पूरे राज्य में लॉकडाउन लागू हो जाता है. ऐसे हालात में उसे अकेलेपन, डर और मानसिक तनाव से जूझना पड़ता है. साइकोलॉजिकल थ्रिलर और इमोशनल ड्रामा फिल्म सिर्फ थ्रिलर नहीं बल्कि एक साइकोलॉजिकल ड्रामा भी है. यह दर्शाती है कि महामारी के दौरान लोग कैसे अकेलेपन, डर और निजी टकराव का सामना करते हैं. अनीता के माता-पिता और परिवार के साथ उसके रिश्ते फिल्म में उसकी अंदरूनी लड़ाई को और गहराई से दिखाते हैं. फिल्म की स्टार कास्ट अनुपमा परमेश्वरन के अलावा फिल्म में कई दमदार कलाकार नजर आते हैं. चार्ले ने सुरेश का किरदार निभाया है, जबकि लिविंगस्टन एक अहम भूमिका में दिखाई देते हैं. निरोशा फिल्म में अनीता की मां सुधा के रोल में हैं और प्रिया वेंकट स्वप्ना के किरदार में नजर आती हैं. इसके अलावा जॉर्ज मेरीन, इंदुमति, राजकुमार, शामजी, लोल्लू सबा मारन, रेडिन किंग्सले और विनायक राज भी फिल्म की स्टार कास्ट का हिस्सा हैं. यह भी पढ़ें: The 50: शुभमन गिल संग सीक्रेट रिलेशन? Ridhima Pandit ने अफवाहों पर लगाया फुल स्टॉप The post Lockdown OTT Release: महामारी के दौर में अकेलेपन और डर की कहानी अब OTT प्लेटफॉर्म पर, जानें कहां देखें appeared first on Naya Vichar.

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मां डबरसैनी पहाड़, प्राकृतिक सुंदरता और आस्था का अद्भुत संगम

Dabarsaini Pahad Giridih: झारखंड के गिरिडीह जिले के बिरनी प्रखंड में स्थित मां डबरसैनी पहाड़ अपनी प्राकृतिक सुंदरता और धार्मिक आस्था के लिए प्रसिद्ध है. बिरनी प्रखंड मुख्यालय से लगभग एक किलोमीटर पूर्व दिशा में कोडरमा–गिरिडीह और रांची–देवघर मुख्य मार्ग पर स्थित यह स्थान सैलानियों और श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है. सुरक्षित और मुख्य सड़क के किनारे होने के कारण यहां आम लोगों की पहुंच भी काफी आसान है. पहाड़ की ऊंची चोटी पर स्थित मां डबरसैनी देवी, भगवान शिव और पार्वती के मंदिर तथा आसपास की मनोरम वादियां यहां आने वाले पर्यटकों को मंत्रमुग्ध कर देती हैं. इसके साथ ही यहां के प्राकृतिक वातावरण में उड़ते और अठस्पोर्ट्सियां करते हिंदुस्तानीय पक्षी इस स्थान की खूबसूरती को और बढ़ा देते हैं. मन्नतें होती हैं पूरी मां डबरसैनी पहाड़ धार्मिक आस्था का भी प्रमुख केंद्र माना जाता है. यहां भोक्ता द्वारा विशेष पूजा की जाती है. भोक्ता वे शिव भक्त होते हैं, जो अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए कठिन तपस्या और पूजा-अर्चना करते हैं. कई श्रद्धालु भगवान शिव की आराधना करते हुए व्रत और साधना का पालन करते हैं. स्थानीय लोगों की मान्यता है कि यहां सच्चे मन से मांगी गई मन्नत जरूर पूरी होती है. खासकर सोमवार के दिन यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं. इस दिन मंदिर परिसर में विशेष धार्मिक माहौल देखने को मिलता है. चारों ओर फैली हरियाली और मनमोहक वादियां डबरसैनी पहाड़ के चारों ओर फैली हरी-भरी वादियां और प्राकृतिक दृश्य इसे और भी खास बनाते हैं. पहाड़ के उत्तर दिशा में मरकोडीह का घनी आबादी वाला गांव स्थित है, जबकि दक्षिण दिशा में पहाड़ की तलहटी में एक बड़ा तालाब और लहलहाती फसलें दिखाई देती हैं. वहीं पूरब और पश्चिम दिशा में बरोटांड़ और सिमराढाब बरहमसिया जैसे गांव बसे हुए हैं, जो इस क्षेत्र की खूबसूरती में चार चांद लगाते हैं. पहाड़ की चोटी पर एक छोर पर भगवान शिव का मंदिर है, जबकि दूसरे छोर पर खुले आसमान के नीचे मां डबरसैनी देवी का स्थान है. यहां पहुंचकर श्रद्धालु और पर्यटक दोनों ही आध्यात्मिक शांति और प्राकृतिक आनंद का अनुभव करते हैं. पिकनिक के लिए भी लोकप्रिय स्थल डबरसैनी पहाड़ केवल धार्मिक स्थल ही नहीं बल्कि एक लोकप्रिय पिकनिक स्पॉट भी है. हर साल पहली जनवरी को यहां सैकड़ों पिकनिक प्रेमी परिवार और दोस्तों के साथ मौज-मस्ती करने के लिए पहुंचते हैं. गिरिडीह, कोडरमा, हजारीबाग और चतरा के अलावा आसपास के ग्रामीण और शहरी इलाकों से लोग यहां घूमने आते हैं. पहाड़ की ऊंची चोटी पर चढ़कर दूर-दूर तक फैले प्राकृतिक दृश्य को देखना सैलानियों के लिए बेहद रोमांचक अनुभव होता है. ऐसे पहुंच सकते हैं यहां यह पिकनिक और धार्मिक स्थल सरिया–हजारीबाग रेलवे स्टेशन से लगभग 13 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है. रेलवे स्टेशन से उतरकर बस या ऑटो के माध्यम से आसानी से यहां पहुंचा जा सकता है. मुख्य मार्ग से सैलानियों को केवल 5 से 10 मिनट पैदल चलकर पहाड़ तक पहुंचना होता है. हालांकि, इतनी प्राकृतिक सुंदरता और धार्मिक महत्व होने के बावजूद प्रशासनिक उपेक्षा के कारण इसे अब तक पर्यटन और तीर्थ स्थल का दर्जा नहीं मिल पाया है. अगर इसे पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाए तो इससे क्षेत्र के युवाओं को रोजगार के अवसर मिल सकते हैं और प्रशासन को भी राजस्व की प्राप्ति हो सकती है. The post मां डबरसैनी पहाड़, प्राकृतिक सुंदरता और आस्था का अद्भुत संगम appeared first on Naya Vichar.

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iPhone 15 पर बड़ी कटौती, Flipkart Sale में ₹55,000 से भी कम में मिल रहा Apple का यह फोन

अगर आप काफी समय से iPhone खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो Flipkart की यह डील आपके काम की हो सकती है. ई-कॉमर्स प्लैटफॉर्म पर Apple iPhone 15 की कीमत में 25,000 रुपये से ज्यादा की कमी देखी जा रही है. बैंक और कार्ड ऑफर जोड़ने के बाद इसकी कीमत और कम हो सकती है. साल 2023 में लॉन्च हुआ यह स्मार्टफोन अब करीब ₹55,000 से कम में खरीदा जा सकता है. कीमत और ऑफर Flipkart पर iPhone 15 की कीमत अब ₹54,900 रखी गई है. लॉन्च के समय इसकी कीमत ₹79,999 थी, यानी अभी लगभग ₹25,099 कम में यह फोन मिल रहा है. Flipkart Axis Bank और SBI क्रेडिट कार्ड से पेमेंट करने पर करीब ₹2,745 का अतिरिक्त डिस्काउंट मिल सकता है. EMI की सुविधा ₹1,931 प्रति माह से शुरू होती है. पुराने स्मार्टफोन को एक्सचेंज करने पर ₹44,450 तक की एक्सचेंज वैल्यू मिल सकती है. iPhone 15 के फीचर्स देख लें प्रॉसेसर: Apple A16 Bionic चिप बैटरी: 3,349 mAh, कंपनी के मुताबिक 26 घंटे तक वीडियो प्लेबैक डिस्प्ले: 6.1-इंच OLED स्क्रीन, 60Hz रिफ्रेश रेट और 2000 निट्स पीक ब्राइटनेस कैमरा: 48MP मुख्य कैमरा + 12MP अल्ट्रा-वाइड, 12MP फ्रंट कैमरा प्रोटेक्शन: IP68 रेटिंग, पानी और धूल से सुरक्षा क्या यह डील सही समय पर खरीदने का मौका है? कीमत में आयी इस बड़ी कटौती के बाद iPhone 15 उन लोगों के लिए अच्छा मौका बन सकता है, जो Apple का नया फोन लेना चाहते हैं. A16 Bionic चिप, 48MP कैमरा और मजबूत बिल्ड क्वाॅलिटी इसे इस प्राइस सेगमेंट में मजबूत फोन बनाते हैं. यह भी पढ़ें: Amazon Sale में सस्ता हुआ Apple iPhone Air, जानिए ऑफर डिटेल्स The post iPhone 15 पर बड़ी कटौती, Flipkart Sale में ₹55,000 से भी कम में मिल रहा Apple का यह फोन appeared first on Naya Vichar.

बिहार, समस्तीपुर

होली के दौरान यात्रियों की संख्या और आय में उल्लेखनीय वृद्धि, बेहतर भीड़ प्रबंधन का सकारात्मक परिणाम

नया विचार न्यूज समस्तीपुर: होली पर्व के अवसर पर समस्तीपुर मंडल द्वारा यात्रियों की सुविधा, भीड़ नियंत्रण तथा टिकट उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए विशेष प्रबंध किए गए। इन व्यवस्थाओं के परिणामस्वरूप इस वर्ष यात्रियों की संख्या तथा रेलवे आय में पिछले वर्ष की तुलना में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार पिछले वर्ष 15 मार्च से 20 मार्च (होली अवधि) 2025 के बीच PRS (आरक्षित टिकट) से कुल 1,55,519 यात्री यात्रा पर गए, जिससे लगभग ₹13,33,13,310 की आय हुई। Non-PRS (अनारक्षित टिकट) से कुल 9,31,568 यात्री यात्रा पर गए, जिससे लगभग ₹7,03,58,360 की आय प्राप्त हुई। इस प्रकार पिछले वर्ष इन छह दिनों में कुल 10,87,087 यात्रियों ने यात्रा की तथा ₹20,36,71,670 की कुल आय प्राप्त हुई। वहीं वर्तमान वर्ष 05 मार्च से 10 मार्च (होली अवधि) 2026 के बीच PRS (आरक्षित टिकट) से कुल 2,02,579 यात्री यात्रा पर गए, जिससे लगभग ₹18,23,07,878 की आय हुई। Non-PRS (अनारक्षित टिकट) से कुल 10,95,236 यात्री यात्रा पर गए, जिससे लगभग ₹10,18,64,138 की आय प्राप्त हुई। इस प्रकार इस वर्ष इन छह दिनों में कुल 12,97,815 यात्रियों ने यात्रा की तथा ₹28,41,72,016 की कुल आय प्राप्त हुई। पिछले वर्ष की तुलना में वृद्धि PRS यात्रियों की संख्या में 47,060 की वृद्धि (लगभग 30.26%) PRS आय में ₹4,89,94,568 की वृद्धि (लगभग 36.75%) Non-PRS यात्रियों की संख्या में 1,63,668 की वृद्धि (लगभग 17.57%) Non-PRS आय में ₹3,15,05,778 की वृद्धि (लगभग 44.78%) समग्र रूप से देखा जाए तो कुल यात्रियों की संख्या में 2,10,728 की वृद्धि (लगभग 19.38%) दर्ज की गई तथा कुल आय में ₹8,05,00,346 की वृद्धि (लगभग 39.52%) दर्ज की गई। होली के दौरान बढ़ी हुई भीड़ को ध्यान में रखते हुए समस्तीपुर मंडल द्वारा सभी महत्वपूर्ण स्टेशनों पर विशेष भीड़ नियंत्रण व्यवस्था, अतिरिक्त टिकट काउंटरों की स्थापना, अनारक्षित टिकटों की सुचारु उपलब्धता, प्लेटफॉर्म प्रबंधन तथा यात्रियों के सुरक्षित आवागमन के लिए विशेष निगरानी की व्यवस्था की गई थी। मंडल के रेलवे अधिकारियों एवं कर्मचारियों की समन्वित कार्यशैली एवं प्रयासों के कारण यात्रियों को सुगम टिकट उपलब्धता तथा सुरक्षित एवं व्यवस्थित यात्रा सुनिश्चित हो सकी।

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पटना में शाहरुख खान बने ईशान किशन, घर के बाहर लगी फैंस की भीड़

Highlights शाहरुख खान के अंदाज में किया अभिवादन  एयरपोर्ट पर भी हुआ था जोरदार स्वागत  वकील अजय ठाकुर के घर गए थे ईशान  कड़ी मेहनत से मिलती है बड़ी सफलता  Ishan Kishan Viral Video: टी20 वर्ल्ड कप जीतने के बाद ईशान किशन बिहार की राजधानी पटना पहुंचे. पटना में उनके चाहने वालों ने उनका बहुत ही शानदार तरीके से स्वागत किया. ईशान का एक वीडियो सामने आया है जिसमें वह एक घर की बालकनी से लोगों को हाथ हिलाकर अपना प्यार दे रहे हैं. यह नजारा बिल्कुल किसी बड़े सुपरस्टार के स्वागत जैसा लग रहा था. शाहरुख खान के अंदाज में किया अभिवादन  ईशान पटना में अपने एक करीबी रिश्तेदार के घर गए थे. जैसे ही आसपास के लोगों को यह जानकारी मिली कि विश्व चैंपियन खिलाड़ी उनके इलाके में मौजूद है, देखते ही देखते घर के बाहर भारी संख्या में लोग जमा हो गए. हजारों युवा और बड़े अपने हीरो की एक झलक पाने के लिए बेताब थे. ईशान ने भी बाहर खड़े लोगों को निराश नहीं किया. उन्होंने बॉलीवुड स्टार शाहरुख खान की तरह घर के ऊपर से हाथ हिलाकर सभी का अभिवादन स्वीकार किया. उन्हें सामने देखकर वहां मौजूद लोग जोर-जोर से उनका नाम पुकारने लगे. ईशान किशन के पटना वाले घर के बाहर समर्थकों की भीड़,ईशान ने सबका अभिवादन स्वीकार किया!#IshanKishan #Patna pic.twitter.com/LYPaEsoj5Q — SOURAV RAJ (@souravreporter2) March 10, 2026 एयरपोर्ट पर भी हुआ था जोरदार स्वागत  इससे पहले जब यह विकेटकीपर बल्लेबाज पटना एयरपोर्ट पर उतरा था, तब भी वहां बहुत सारे लोग मौजूद थे. ईशान के साथ उनके पिता प्रणव पांडे भी नजर आए. एयरपोर्ट पर भी फैंस ने उनका गर्मजोशी के साथ स्वागत किया. लोगों के बीच अपने राज्य के खिलाड़ी को लेकर गजब का उत्साह देखने को मिला. ईशान ने हाथ जोड़कर और मुस्कुराकर एयरपोर्ट पर मौजूद सभी लोगों का शुक्रिया अदा किया. वकील अजय ठाकुर के घर गए थे ईशान  जानकारी के लिए बता दें कि ईशान किशन पटना हाई कोर्ट के जाने-माने वकील अजय ठाकुर के घर पहुंचे थे. अजय ठाकुर ईशान के रिश्तेदार लगते हैं. हाल ही में अजय ठाकुर के बेटे की एक हादसे में जान चली गई थी. ईशान इसी दुखद घटना के बाद उनके परिवार से मिलने और ढांढस बंधाने गए थे. जब वह घर के अंदर परिवार के साथ थे, उसी समय बाहर सड़क पर उनके चाहने वालों का बड़ा हुजूम लग गया था. कड़ी मेहनत से मिलती है बड़ी सफलता  पटना एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बात करते हुए ईशान ने अपने भविष्य और युवाओं को लेकर बड़ी बात कही. उन्होंने कहा कि वर्ल्ड कप की जीत केवल खिलाड़ियों की नहीं बल्कि पूरे हिंदुस्तान की जीत है. उन्होंने आगे कहा कि मेरा हमेशा यही प्रयास रहता है कि मैं अपने स्पोर्ट्स से देश के युवाओं को प्रेरित कर सकूं. वह चाहते हैं कि छोटे शहरों और गांवों से भी ज्यादा से ज्यादा अच्छे खिलाड़ी निकल कर आएं. ईशान ने यह भी कहा कि हमारी जीत यह साबित करती है कि अगर आप सच्ची लगन और मेहनत करते हैं, तो आप किसी भी जगह से आकर दुनिया में अपनी पहचान बना सकते हैं. ये भी पढ़ें- तू किस टीम से स्पोर्ट्स रहा था, बन्ना और वैभव का मिलन टाटा की फैन है ईशान की ‘दुल्हनिया’, कम ही लोग उन्हें ऐसे बोलते हुए सुने होंगे RR से जुड़े रवींद्र जडेजा, कुछ इस अंदाज में हुई ‘बन्ना’ की एंट्री, देखें वीडियो The post पटना में शाहरुख खान बने ईशान किशन, घर के बाहर लगी फैंस की भीड़ appeared first on Naya Vichar.

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गुमराह कर रही सरकार… LPG गैस संकट पर कांग्रेस ने लगाया आरोप, प्रियंका गांधी बोलीं- जनता कब तक सहेगी?

Parliament Session LPG Shortage: ईरान युद्ध की वजह से देश में एलपीजी गैस की कथित कमी को लेकर कांग्रेस ने केंद्र प्रशासन पर हमला बोला है. बुधवार को बजट सेशन के दूसरे सत्र के तीसरे दिन कांग्रेस सांसदों ने देशभर में व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडर की कमी को लेकर संसद परिसर में विरोध प्रदर्शन किया. इस प्रदर्शन में कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा भी शामिल हुईं. विपक्षी सांसदों ने प्रदर्शन के दौरान ‘पीएम समझौता कर चुके हैं’ लिखे बैनर भी उठाए. प्रदर्शन के दौरान सांसद के. सुरेश ने आरोप लगाया कि प्रशासन देश में वास्तविक स्थिति को उजागर नहीं कर रही है. कांग्रेस सांसद के.सी. वेणुगोपाल ने कहा कि एलपीजी गैस की कमी पर प्रशासन देश की जनता से झूठ बोल रही है. वहीं, कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने भी गैस की आपूर्ति में आ रही बाधाओं को लेकर संसद में चर्चा की मांग की. उन्होंने कहा कि महंगाई, बेरोजगारी और हाल ही में सिलेंडर की कीमतों में हुई बढ़ोतरी का बोझ जनता ज्यादा समय तक सहन नहीं कर सकती. सुरेश ने कहा कि प्रशासन लगातार इस संकट को कम करके दिखा रही है. उन्होंने कहा कि प्रशासन कह रही है कि ‘चिंता की कोई बात नहीं है’, जबकि गैस की कमी के कारण कई होटल और व्यवसाय बंद हो चुके हैं. इस विरोधाभास को उजागर करते हुए कांग्रेस सांसद ने प्रशासन पर स्थिति की गंभीरता को लेकर जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया. केसी वेणुगोपाल ने कहा कि गैस एजेंसियों को निर्देश दिया गया है कि वे व्यावसायिक उपयोग के लिए एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति न करें. स्थिति दिन-ब-दिन खराब होती जा रही है. प्रशासन हिंदुस्तान की जनता से पूरी तरह झूठ बोल रही है.’ प्रियंका बोलीं- कीमत बढ़ रही, बेरोजगारी बढ़ रही, चर्चा होनी चाहिए प्रियंका गांधी ने कहा कि संसद में इस मुद्दे पर बहस होने से जनता से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल उठाए जा सकते थे. उन्होंने केंद्र प्रशासन की नीतियों और योजनाओं को इस संकट के लिए जिम्मेदार ठहराया. उन्होंने कहा, ‘जनता आखिर कब तक सहन करेगी? कीमतें लगातार बढ़ रही हैं, बेरोजगारी बढ़ रही है, और एलपीजी की स्थिति भी देखिए. यह सब उनकी नीतियों और योजनाओं की वजह से हो रहा है. अगर संसद में इस पर चर्चा होती तो अच्छा होता, कम से कम जनता से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए जा सकते थे.’ जिम्मेदारियों से भाग रही प्रशासन- कांग्रेस सांसद प्रदर्शन से पहले कांग्रेस सांसद सुखदेव भगत ने केंद्र प्रशासन पर अपनी जिम्मेदारियों से भागने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा, ‘प्रधानमंत्री मोदी ने 2022 में कहा था कि हम आयात कम करेंगे, लेकिन इसके बजाय हम दूसरे देशों पर निर्भर हो रहे हैं. संसद में इस पर विस्तृत चर्चा होनी चाहिए कि आगे तुरंत क्या कदम उठाए जाएंगे. युद्ध का असर दिखना शुरू हो गया है. यह प्रशासन अपनी जिम्मेदारियों से भाग रही है.’ प्रशासन की तैयारी नहीं थी- जेबी मैथर वहीं कांग्रेस सांसद जेबी मैथर ने एलपीजी संकट से निपटने को लेकर प्रशासन की तैयारी पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा, ‘हम लगातार मांग करते रहे हैं कि हवाई किराए पर कुछ नियंत्रण होना चाहिए. लेकिन अधिकांश सेक्टरों में, खासकर खाड़ी देशों के रूट पर, बिल्कुल भी नियंत्रण नहीं है और यह पूरी तरह एयरलाइंस के विवेक पर छोड़ दिया जाता है. प्रशासन अक्सर यह कहकर जिम्मेदारी से बच जाती है कि यह मांग और आपूर्ति के सिद्धांत पर निर्भर है.’ उन्होंने आगे कहा, ‘क्या प्रशासन ने यह नहीं सोचा कि देश में एलपीजी संकट हो सकता है? क्या उनके मन में यह बात नहीं आई कि होटल उद्योग प्रभावित होगा? लेकिन भाजपा और सत्तारूढ़ व्यवस्था की प्राथमिकता केवल चुनावी नेतृत्व है.’ प्रशासन ने कितना बढ़ाया दाम? पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच केंद्र प्रशासन ने हाल ही में रसोई गैस सिलेंडर की कीमत में 60 रुपये की बढ़ोतरी की घोषणा की थी. इस बढ़ोतरी के बाद बिना सब्सिडी वाले एलपीजी सिलेंडर की कीमत दिल्ली में 913 रुपये, कोलकाता में 939 रुपये, मुंबई में 912 रुपये और चेन्नई में 928 रुपये हो गई है. राज्यों में कीमतों का अंतर राज्य प्रशासनों द्वारा लगाए जाने वाले करों के कारण होता है. इंडिया गठबंधन नेताओं ने संसद में चर्चा की मांग की इंडिया गठबंधन के नेताओं ने भी पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच एलपीजी की कथित कमी के मुद्दे पर संसद में चर्चा की मांग की है. इसी कड़ी में हिंदुस्तानीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) के सांसद पी. सांडोश कुमार ने बुधवार को राज्यसभा में कार्यस्थगन प्रस्ताव का नोटिस दिया, ताकि देशभर में एलपीजी सिलेंडरों की कथित कमी पर चर्चा की जा सके. नोटिस देते हुए उन्होंने कहा कि एलपीजी सिलेंडर के लिए प्रतीक्षा अवधि बढ़ गई है और कीमतों में भी बढ़ोतरी हुई है, जिससे नागरिकों को ‘भारी कठिनाइयों’ का सामना करना पड़ रहा है. उन्होंने कहा कि संसद के उच्च सदन को यह बताया जाना चाहिए कि एलपीजी भंडार की वास्तविक स्थिति क्या है, निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं और उपभोक्ताओं को कमी तथा कीमतों में अचानक बढ़ोतरी से बचाने के लिए क्या आपात उपाय किए जा रहे हैं. वहीं, माकपा के राज्यसभा सांसद वी. शिवदासन ने कहा कि उनकी पार्टी इस मुद्दे को संसद में उठाएगी. उन्होंने कहा, ‘एलपीजी की कमी के कारण कई होटल बंद हो गए हैं और कई परिवारों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. केंद्र प्रशासन इस मुद्दे को सही तरीके से संभालने के लिए तैयार नहीं है. हम इस मुद्दे को संसद में उठाएंगे और हमारी पार्टी संसद के बाहर भी इस कीमत वृद्धि के खिलाफ देशव्यापी अभियान चलाएगी.’ ऊर्जा संकट पर प्रशासन ने आवश्यक वस्तु अधिनियम लागू किया पश्चिम एशिया में ईरान युद्ध के कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति बाधित होने से एलपीजी की कमी की स्थिति पैदा हुई है. इसके जवाब में केंद्र प्रशासन ने आवश्यक वस्तु अधिनियम लागू करते हुए घरेलू एलपीजी आपूर्ति को प्राथमिकता दी है. इसके तहत घरों, अस्पतालों और जरूरी सेवाओं के लिए अधिक आवंटन किया गया है, जबकि कई क्षेत्रों में व्यावसायिक वितरण को सीमित कर दिया गया है. प्रशासन ने रिफाइनरियों को निर्देश दिया है कि वे घरेलू उपयोग के लिए एलपीजी उत्पादन को अधिकतम करें. अब घरेलू पाइप्ड

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पीएम मोदी ने समझौता कर लिया है, इस मुद्दे पर लोकसभा में राहुल गांधी और रविशंकर के बीच तीखी बहस

Rahul Gandhi : लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सदन में यह दावा किया कि उन्हें सदन में बोलने से कई बार रोका गया. देश के इतिहास में यह पहली बार है कि विपक्ष के नेता को बोलने नहीं दिया गया. उन्होंने कहा कि हमारे प्रधानमंत्री ने समझौता कर लिया कर लिया है और यह बात सभी जानते हैं, लेकिन जब भी मैं इस बात को कहने की कोशिश करता हूं या जनहित के किसी मुद्दे को उठाने की कोशिश करता हूं, तो मुझे बोलने से रोक दिया जाता है. रविशंकर और राहुल गांधी के बीच हुई तीखी नोकझोंक लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ विपक्ष द्वारा लाए गए प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान बीजेपी नेता रविशंकर प्रसाद ने संसदीय प्रणाली पर ‘कॉल एंड शकधर’ की एक किताब को उद्धृत करते हुए कहा कि नेता प्रतिपक्ष को राष्ट्रहित के मुद्दों पर बोलते समय ध्यानपूर्वक शब्दों का चयन करना चाहिए और विदेशी धरती पर दलीय नेतृत्व नहीं करनी चाहिए. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को यह किताब पढ़ लेनी चाहिए. रविशंकर प्रसाद के इसी बयान पर सदन में हंगामा हुआ और राहुल गांधी ने यह कहा कि उन्हें सदन में बोलने नहीं दिया जाता है. जब भी वे यह कहते हैं कि प्रधानमंत्री ने समझौता कर लिया है, उन्हें टोका जाता है. जब वे पूर्व सेना प्रमुख नरवणे के किताब की चर्चा करते हैं, तो उन्हें रोका जाता है. इस बात पर रविशंकर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समझौता करने का सवाल ही नहीं उठता है. प्रधानमंत्री राष्ट्रीय हितों से समझौता कर ही नहीं सकते हैं. सदन के इतिहास में पहली बार विपक्ष के नेता को बोलने नहीं दिया गया लोकसभा में राहुल गांधी ने कहा कि कई बार मुझे सदन में बोलने से रोका गया है. हिंदुस्तान के इतिहास में पहली बार विपक्ष के नेता को सदन में बोलने नहीं दिया गया. उन्होंने कहा कि यह सदन देश की जनता की अभिव्यक्ति के लिए है. यह सदन एक पार्टी का नहीं है, बल्कि देश का प्रतिनिधित्व करता है. बावजूद इसके यहां हमें बोलने नहीं दिया जाता है. यह लोकतंत्र के खिलाफ है. ये भी पढ़ें : केवल आदिवासी लड़ पाएं चुनाव, गारो HADC ने बनाया ऐसा नियम; हाईकोर्ट ने किया रद्द  क्या जिंदा हैं ईरानी सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई? इस सवाल के पीछे की 3 बड़ी वजह The post पीएम मोदी ने समझौता कर लिया है, इस मुद्दे पर लोकसभा में राहुल गांधी और रविशंकर के बीच तीखी बहस appeared first on Naya Vichar.

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