Hot News

March 11, 2026

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

क्या जिंदा हैं ईरानी सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई? इस सवाल के पीछे की 3 बड़ी वजह

Iranian Supreme Leader Ali Khamenei : ईरान पर अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर की मौत हो गई, यह बात ईरान ने हमले के दूसरे ही दिन स्वीकार कर लिया. ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनई की मौत पर सवाल भले ही उठाये जा रहे हों, लेकिन उनके जीवित होने की संभावना बहुत ही कम है. इसकी वजह यह है कि ईरान ने आधिकारिक तौर पर इस मौत को स्वीकार किया है. फिर भी शंका की जो 3 बड़ी वजह है, उसे यहां बताया जा रहा है. ईरानी मीडिया ने 1 मार्च की सुबह सुप्रीम लीडर की मौत की पुष्टि की अमेरिका ने 28 फरवरी को इजरायल के साथ मिलकर ईरान पर हमला शुरू किया और उसके महज एक ही दिन बाद ईरानी मीडिया ने यह स्वीकार कर लिया कि उनके सुप्रीम लीडर की मौत हो गई है. साथ ही 40 दिन का शोक काल भी घोषित किया गया. यह थोड़ा चौंकाने वाला फैक्ट था क्योंकि अमेरिका ने यह नहीं कहा था कि वो खामेनेई को टारगेट करके हमले कर रहा है. ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि क्या खामेनेई की सुरक्षा इतनी लचर थी कि वे एक ही हमले में मारे गए या फिर सच कुछ और है जिसे ईरान छुपा रहा है? अबतक अली खामेनेई का नहीं हुआ है अंतिम संस्कार? अली खामेनेई की मौत अगर 28 फरवरी के हमले में हुई तो आज 11 मार्च है और अबतक उनका अंतिम संस्कार नहीं किया गया है. अगर इस बात को मान भी लिया जाए कि यह युद्ध का समय है, इसलिए उनका अंतिम संस्कार नहीं किया जा रहा, क्योंकि भीड़ एक जगह पर जमा हो सकती है और अमेरिका उसे टारगेट कर सकता है. इस तथ्य के बावजूद एक शंका यह भी है कि आखिर फिर क्यों उनके शव की तस्वीर तक जारी नहीं की गई और ना ही कोई वीडियो सामने आया है. कुछ तस्वीरें सोशल मीडिया में वायरल हुईं, लेकिन उनके बारे में यह कहा गया कि वे AI जेनरेटेड हैं. ईरान की प्रशासन बहुत ही बेहतरीन तरीके से कर रही है काम सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की युद्ध में मौत हो जाने के बाद भी ईरान की प्रशासन बहुत ही व्यवस्थित तरीके से काम कर रही है. लीडरशिप काउंसिल तुरंत एक्टिव हो गया और अयातुल्ला अलीरेजा अराफी को कार्यवाहक सुप्रीम लीडर बना दिया गया. ईरान ने सुप्रीम लीडर की मौत के बाद भी सरेंडर नहीं किया और अमेरिका से कहा कि ईरान सरेंडर करेगा, यह सपना वे अपने कब्र में देखें. ईरान मरते दम तक युद्ध करेगा और अगर कभी सीजफायर हुआ, तो वह ईरान की शर्तों पर होगा, अमेरिका की शर्तों पर नहीं. सुप्रीम लीडर को खोने के बाद भी ईरान का यह आत्मविश्वास मन में शंका उत्पन्न करता है और यह सवाल पैदा करता है कि क्या अली खामेनेई अभी भी उनके साथ हैं? The post क्या जिंदा हैं ईरानी सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई? इस सवाल के पीछे की 3 बड़ी वजह appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

राज्यसभा चुनाव: बिहार में सियासी हलचल तेज, तेजस्वी यादव से मिलेंगे AIMIM अध्यक्ष

Rajya Sabha Election: बिहार की सियासत में राज्यसभा की पांच सीटों के लिए होने वाली जंग अब उस मोड़ पर आ खड़ी हुई है, जहां एक-एक वोट की कीमत कोहिनूर जैसी हो गई है. नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के प्रशासनी आवास पर आज दोपहर एआईएमआईएम (AIMIM) के प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल ईमान दस्तक देंगे. इस मुलाकात से पहले ईमान ने जो बयान दिया है, उसने महागठबंधन और एनडीए दोनों के खेमों में खलबली मचा दी है. राज्यसभा की पांचवीं सीट का गणित अब पूरी तरह से ओवैसी के पांच विधायकों और बीएसपी के इकलौते विधायक के हाथ में सिमट गया है. एक तरफ दरिंदा, एक तरफ शिकारी- अख्तरुल ईमान तेजस्वी यादव से मुलाकात से ठीक पहले अख्तरुल ईमान ने अपनी सियासी स्थिति को बड़े ही शायराना लेकिन तल्ख अंदाज में साफ किया है. उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा, “सियासी चक्कर में हम किधर जाएं? एक तरफ दरिंदा है और दूसरी तरफ शिकारी, मैं तो दोनों से बच-बचकर चलता हूं. ” ईमान का यह इशारा साफ तौर पर एनडीए और महागठबंधन की ओर था. “एक तरफ दरिंदा… एक तरफ शिकारी”राज्यसभा चुनाव को लेकर तेजस्वी यादव से होगी AIMIM प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल ईमान की मुलाकात. ईमान बोले- हमारे अपने एजेंडे हैं, उन्हीं पर बात होगी. अंतिम फैसला असदुद्दीन ओवैसी लेंगे. RJD पर तंज कसते हुए कहा- अगर कोई रास्ता न मिले तो सबसे अच्छा है ना… pic.twitter.com/159pfzeaAH — Naya Vichar (@prabhatkhabar) March 11, 2026 उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि वह तेजस्वी से मिलने जरूर जा रहे हैं, लेकिन अंतिम फैसला हैदराबाद में बैठे असदुद्दीन ओवैसी ही लेंगे. अगर बात नहीं बनी, तो एआईएमआईएम ‘नीदर नॉर्थ, नीदर साउथ’ (तटस्थ) रहने का रास्ता भी चुन सकती है. महागठबंधन की रणनीतिक बैठक नेतृत्वक गतिविधियों के बीच मंगलवार को तेजस्वी यादव ने अपने आवास पर महागठबंधन के सहयोगी दलों के साथ बैठक की थी. इस बैठक में चुनावी रणनीति पर चर्चा हुई और विधायकों को एकजुट रहने का संदेश दिया गया. बैठक में कई अहम नेताओं ने हिस्सा लिया और आगामी चुनावी रणनीति पर विचार-विमर्श किया गया. AIMIM और BSP की भूमिका अहम इस बैठक में बीएसपी और एआईएमआईएम के विधायकों को भी आमंत्रित किया गया था, लेकिन दोनों दलों के विधायक बैठक में शामिल नहीं हुए. राज्यसभा चुनाव में एआईएमआईएम के पांच विधायक और बीएसपी के एक विधायक की भूमिका अहम मानी जा रही है. अगर इन दलों का समर्थन किसी एक पक्ष को मिलता है तो चुनावी गणित बदल सकता है.राजद विधायक भाई वीरेंद्र ने बैठक के बाद दावा किया कि उनकी पार्टी के उम्मीदवार के पास जीत के लिए पर्याप्त समर्थन मौजूद है. उन्होंने कहा कि राजद के पास 41 विधायकों का समर्थन है और पार्टी को अपनी जीत को लेकर पूरा भरोसा है. क्रॉस वोटिंग को लेकर भी चर्चा नेतृत्वक गलियारों में क्रॉस वोटिंग की आशंका को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं. एनडीए पांचवीं सीट जीतने के लिए अपनी रणनीति तैयार कर रहा है, वहीं महागठबंधन भी अपने विधायकों को एकजुट रखने में जुटा हुआ है. ऐसे में आज होने वाली तेजस्वी यादव और अख्तरुल ईमान की मुलाकात को राज्यसभा चुनाव की दिशा तय करने वाला अहम नेतृत्वक घटनाक्रम माना जा रहा है. Also Read: तेजस्वी का राज्यसभा गणित फंसा! AIMIM के अख्तरुल इमान ने कहा– अभी तो बारिश की समाचार ही नहीं The post राज्यसभा चुनाव: बिहार में सियासी हलचल तेज, तेजस्वी यादव से मिलेंगे AIMIM अध्यक्ष appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

तू किस टीम से खेल रहा था, बन्ना और वैभव का मिलन

Highlights सैमसन आउट, जडेजा इन  वैभव और जडेजा का खास वीडियो  डीवाई पाटिल कप पर हुई बातचीत  17 साल बाद राजस्थान में वापसी  आईपीएल का नया सीजन (IPL 2026) 28 मार्च से शुरू हो रहा है. इसके लिए राजस्थान रॉयल्स ने जयपुर में अपना प्री-सीजन ट्रेनिंग कैंप शुरू कर दिया है. टीम के सभी प्लेयर इस कैंप में पसीना बहा रहे हैं. टीम के पास एक नया कप्तान और कई नए प्लेयर हैं. इसी कैंप का एक खास वीडियो सामने आया है. इस वीडियो में हिंदुस्तान के रवींद्र जडेजा और युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी आपस में बात करते हुए दिख रहे हैं. सैमसन आउट, जडेजा इन  इस बार राजस्थान रॉयल्स ने एक बड़ी ट्रेड डील की. टीम के पुराने कप्तान संजू सैमसन अब चेन्नई सुपर किंग्स में चले गए हैं. उनकी जगह पर राजस्थान ने चेन्नई से रवींद्र जडेजा को अपनी टीम में लिया है. इसके साथ ही इंग्लैंड के सैम करन भी टीम में शामिल हुए हैं. जयपुर के कैंप में जडेजा अपनी बैटिंग और बॉलिंग पर फोकस करने के साथ ही टीम के युवा प्लेयर्स को टिप्स भी दे रहे हैं. टीम मैनेजमेंट का पूरा फोकस अब युवा और अनुभवी प्लेयर्स के सही बैलेंस पर है.  इसके साथ ही RR की फ्रेंचाइजी ने रवींद्र जडेजा को एक नया नाम दिया है, उन्होंने जडेजा को बन्ना का टाइटल दिया है. अब रवींद्र जडेजा राजस्थान के लिए बन्ना के नाम से जाने जाएंगे. वैभव और जडेजा का खास वीडियो  राजस्थान रॉयल्स ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक वीडियो पोस्ट किया है. वैभव ने पिछले आईपीएल सीजन में ही अपना पहला मैच स्पोर्ट्सा था और अपनी बैटिंग से सबको हैरान कर दिया था. बीते एक साल में उन्होंने कई शानदार पारियां स्पोर्ट्सी हैं. वीडियो की शुरुआत में वैभव पीछे से आते हैं और जडेजा को उनके अच्छे स्पोर्ट्स के लिए बधाई देते हैं. इस पर जडेजा उन्हें धन्यवाद कहते हैं. वैभव के लिए जडेजा जैसे अनुभवी प्लेयर के साथ ड्रेसिंग रूम शेयर करना एक बहुत अहम मौका है. View this post on Instagram A post shared by Rajasthan Royals (@rajasthanroyals) डीवाई पाटिल कप पर हुई बातचीत  वीडियो में बातचीत आगे जाती है. जडेजा वैभव से पूछते हैं कि तू अभी डीवाई पाटिल टी20 कप में स्पोर्ट्स रहा था. इसके जवाब में वैभव कहते हैं कि हां मैं कल ही वहां से आया हूं. इसके बाद बन्ना पुछते हैं कि तू किस टीम से स्पोर्ट्स रहा था, जिसका जवाब देते हुए वैभव ने बताया कि वह उस टूर्नामेंट में डीवाई पाटिल ब्लू टीम के लिए स्पोर्ट्स रहे थे. उनकी टीम सेमिफाइनल तक पहुंची थी लेकिन वहां उन्हें मुंबई कस्टम्स की टीम से हार मिली. 17 साल बाद राजस्थान में वापसी  रवींद्र जडेजा अब 37 साल के हो गए हैं. उन्होंने साल 2008 में राजस्थान रॉयल्स से ही अपना आईपीएल डेब्यू किया था. उस समय शेन वॉर्न की कप्तानी में टीम ने कप भी जीता था. इसके बाद 2009 के सीजन में भी जडेजा इसी टीम का हिस्सा थे. अब पूरे 17 साल बाद उनकी अपनी पुरानी टीम में वापसी हुई है. जडेजा की गिनती आईपीएल के सबसे अनुभवी प्लेयर्स में होती है. उन्होंने अभी तक कुल 254 मैच स्पोर्ट्से हैं. इन मैचों में उनके नाम 3260 रन और 170 विकेट दर्ज हैं. ये भी पढ़ें- टाटा की फैन है ईशान की ‘दुल्हनिया’, कम ही लोग उन्हें ऐसे बोलते हुए सुने होंगे RR से जुड़े रवींद्र जडेजा, कुछ इस अंदाज में हुई ‘बन्ना’ की एंट्री, देखें वीडियो The post तू किस टीम से स्पोर्ट्स रहा था, बन्ना और वैभव का मिलन appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

मर्सिडीज लेकर लॉन्ग ड्राइव पर निकले तेज प्रताप, बैकग्राउंड में धुरंधर मूवी का रोमांटिक गाना, हुए वायरल

Tej Pratap Yadav: जनशक्ति जनता दल के सुप्रीमो तेज प्रताप यादव एक बार फिर अपने अलग अंदाज को लेकर चर्चा में हैं. इस बार वह लॉन्ग ड्राइव को लेकर सुर्खियों में आ गए हैं. तेज प्रताप यादव ने अपनी मर्सिडीज से लंबी ड्राइव का वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया है. जिसमें कार की स्पीड 140 किलोमीटर प्रति घंटा से अधिक दिखाई दे रही है. वीडियो शेयर कर तेज प्रताप ने क्या लिखा? इसके साथ ही बैकग्राउंड में धुरंधर फिल्म का रोमांटिक गाना ‘गहरा हुआ’ बज रहा है. तेज प्रताप यादव ने यह वीडियो अपने इंस्टाग्राम के TY ब्लॉग पर पोस्ट किया है. वीडियो शेयर करते हुए उन्होंने लिखा, ‘लंबी ड्राइव, खुली सड़क और अपने लोग… बस यही असली खुशी है.’ बताया जा रहा है कि जिस मर्सिडीज कार से वह ड्राइव कर रहे थे, उसकी कीमत करीब एक करोड़ रुपए के आस-पास है. 140 की स्पीड में मर्सिडीज़… तेज प्रताप यादव का ‘लॉन्ग ड्राइव’ वीडियो वायरल तेज प्रताप यादव एक बार फिर अपने अलग अंदाज को लेकर चर्चा में हैं. उन्होंने अपनी मर्सिडीज़ कार से लॉन्ग ड्राइव का वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया है.वीडियो में कार की स्पीड 140 किमी/घंटा से ज्यादा दिखाई… pic.twitter.com/gihXLH5UFd — Naya Vichar (@prabhatkhabar) March 11, 2026 बाइक राइड करते भी वीडियो हुआ था वायरल यह पहली बार नहीं है जब तेज प्रताप यादव अपने अलग अंदाज के लिए चर्चा में आएं हैं. दिसंबर 2025 में भी तेज प्रताप यादव का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुआ था. वीडियो में तेज प्रताप यादव ग्रीन कावासाकी निंजा बाइक से सड़क पर धूम मचाते दिखे थे. साथ ही वीडियो में वे काले रंग के राइडिंग गियर और हेलमेट पहने हुए दिखे थे. उस बाइक की कीमत लगभग 14 लाख रुपए बताई जा रही थी. इस तरह से वे कई बार अपने अलग अंदाज के लिए चर्चा में आ चुके हैं. बिहार की नेतृत्व में भी तेज प्रताप एक्टिव तेज प्रताप यादव सोशल मीडिया के साथ-साथ बिहार की नेतृत्व में भी लगातार एक्टिव हैं. सीएम नीतीश के राज्यसभा जाने पर पिछले दिनों उनका बयान आया था. उन्होंने कहा था, जनता ने बिहार में बदलाव के लिए वोट दिया था. लेकिन बिहार में बदलाव तो कहीं नजर आ नहीं रहा है. साथ ही निशांत कुमार के जेडीयू में शामिल होने पर कहा था, नेतृत्व में तो उनको शुरू से आना ही था. अब आ गए नेतृत्व में, जिसे जहां मन करेगा, वहां जाएगा. Also Read: विजय सिन्हा ने 13 मार्च को बुलाई अधिकारियों की बैठक, जमीन सर्वे पूरा करने की डेडलाइन भी बताई The post मर्सिडीज लेकर लॉन्ग ड्राइव पर निकले तेज प्रताप, बैकग्राउंड में धुरंधर मूवी का रोमांटिक गाना, हुए वायरल appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

केवल आदिवासी लड़ पाएं चुनाव, गारो HADC ने बनाया ऐसा नियम; हाईकोर्ट ने किया रद्द 

GHADC Election: मेघालय उच्च न्यायालय ने चुनाव नामांकन के लिए अनुसूचित जनजाति (एसटी) प्रमाणपत्र को अनिवार्य बनाने संबंधी गारो हिल स्वायत्त जिला परिषद (जीएचएडीसी) की अधिसूचना को रद्द कर दिया है. अदालत ने कहा कि इस अधिसूचना को जारी करते समय उचित विधायी प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया गया. गारो हिल स्वायत्त जिला परिषद ने 10 अप्रैल 2026 को होने वाले जीएचएडीसी चुनाव में गैर-आदिवासियों को चुनाव लड़ने से रोकने वाली अधिसूचना 17 फरवरी को जारी की थी. इसका उद्देश्य आगामी जीएचएडीसी चुनाव में गैर-आदिवासियों को चुनाव लड़ने से रोकना था.  मतदाता ने अदालत में दी चुनौती इस अधिसूचना के खिलाफ एक मतदाता ने अदालत में याचिका दायर की. याचिकाकर्ता ने कहा कि यह अधिसूचना असम एवं मेघालय स्वायत्त जिला (जिला परिषदों का संविधान) नियम, 1951 का उल्लंघन करती है, जिसमें मतदाताओं और उम्मीदवारों की योग्यता से जुड़े प्रावधान तय किए गए हैं. याचिकाकर्ता की ओर से पेश वरिष्ठ वकील ने सुनवाई के दौरान कहा कि इस अधिसूचना ने संबंधित नियमों में संशोधन किए बिना वैध गैर-आदिवासी मतदाताओं और उम्मीदवारों को उनके अधिकारों से वंचित कर दिया.  उन्होंने यह भी कहा कि इस कदम के लिए राज्यपाल और जिला परिषद की मंजूरी नहीं ली गई, जबकि 1951 के नियमों के नियम 72 के तहत यह अनिवार्य है. वकील ने अदालत को बताया कि गैर-आदिवासी लोग ऐतिहासिक रूप से इन चुनावों में भाग लेते रहे हैं और 1952 में परिषद की स्थापना के बाद से वे इसके सदस्य भी रहे हैं. परिषद ने आदिवासी हितों की रक्षा का दिया तर्क जीएचएडीसी ने अपने पक्ष में कहा कि यह अधिसूचना जनसांख्यिकीय बदलावों के बीच आदिवासी हितों की रक्षा के उद्देश्य से जारी की गई थी. परिषद ने यह भी कहा कि इसके लिए कार्यकारी समिति की आपातकालीन शक्तियों का उपयोग किया गया था. पिछले साल भी वॉयस ऑफ द पीपुल्स पार्टी ने इस मामले में आवाज उठाई थी. उसका कहना था कि इससे आदिवासियों को अधिक सुरक्षा मिलेगी.  अदालत ने बताया- नियम बदलने की प्रक्रिया जरूरी उच्च न्यायालय ने स्पष्ट किया कि कार्यकारी समिति केवल नियमों में बदलाव का प्रस्ताव रख सकती है. किसी भी बदलाव को लागू करने के लिए जिला परिषद और राज्यपाल की मंजूरी अनिवार्य होती है. अदालत ने रिट याचिका का निपटारा करते हुए कहा कि यह अधिसूचना कानूनी समीक्षा की कसौटी पर खरी नहीं उतरती. अदालत ने अपने आदेश में कहा कि इसलिए इस अधिसूचना को रद्द किया जाता है. मेघालय में जिला परिषदों को नियम बनाने का है अधिकार मेघालय में जिला परिषदें संविधान की छठी अनुसूची के तहत आती हैं. संविधान की छठी अनुसूची विशेष रूप से आदिवासी स्वशासन सुनिश्चित करने, पारंपरिक कानूनों को सुरक्षित रखने और अनुसूचित जनजातियों की सामाजिक-सांस्कृतिक पहचान की रक्षा के लिए बनाई गई है. इसके साथ ही हिंदुस्तान के संविधान का अनुच्छेद 244(2) स्वायत्त जिला परिषदों को यह सुनिश्चित करने का अधिकार देता है कि स्थानीय आदिवासी समुदाय अपने शासन के प्रमुख संरक्षक बने रहें. जीएचएडीसी में क्या है नियम? जीएचएडीसी में कुल 30 निर्वाचन क्षेत्र हैं. इनमें से 29 सीटों पर चुनाव होते हैं, जबकि एक सदस्य को राज्यपाल नामित करते हैं. द हिंदू की रिपोर्ट के मुताबिक, गारो हिल्स के मैदानी इलाकों में फैले कम से कम पांच निर्वाचन क्षेत्रों में बंगाली भाषी या बंगाल मूल के मुस्लिम समुदाय का प्रभाव है. इस इलाके में मुस्लिम आबादी 70 प्रतिशत से अधिक है. 29 निर्वाचन क्षेत्रों में से तीन सीटों- फुलबाड़ी, राजाबाला और महेंद्रगंज में गैर-आदिवासी उम्मीदवार परिषद चुनाव लड़ सकते हैं. जीएचएडीसी के प्रावधानों के अनुसार, गारो हिल्स में लगातार 12 वर्षों तक रहने वाला कोई भी गैर-आदिवासी निवासी मतदान कर सकता है. इसका मतलब है कि गैर-आदिवासी भी कानूनी रूप से परिषद चुनाव लड़ सकते हैं और मतदान भी कर सकते हैं. हालांकि इस भागीदारी का कई एनजीओ और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने हमेशा विरोध किया है. खासी और जैंतिया हिल्स परिषदों में नहीं है मतदान का अधिकार मेघालय में जीएचएडीसी, खासी और जैंतिया हिल्स की परिषदों के विपरीत, गैर-आदिवासियों को चुनाव लड़ने की अनुमति देता रहा है. यह व्यवस्था 1952 में परिषद की स्थापना के समय से ही लागू है.असम एवं मेघालय स्वायत्त जिला (जिला परिषदों का संविधान) नियम, 1951 के अनुसार गैर-आदिवासियों के चुनाव लड़ने पर कोई विशेष प्रतिबंध नहीं है. इसी तरह मतदान के अधिकार से जुड़े नियमों में भी गैर-आदिवासियों पर कोई रोक नहीं है, बल्कि केवल यह शर्त है कि मतदाता राज्य का स्थायी निवासी होना चाहिए.  हालांकि खासी हिल स्वायत्त जिला परिषद (संविधान, प्रक्रिया और कार्य संचालन) नियम, 2018 आदिवासी वयस्क मताधिकार की रक्षा करते हैं. इनमें यह भी कहा गया है कि संविधान (अनुसूचित जनजाति) आदेश, 1950 की अनुसूची के भाग-11 (मेघालय) में सूचीबद्ध अनुसूचित जनजाति से संबंधित नहीं होने वाला व्यक्ति मतदान का अधिकार नहीं रखेगा. ये भी पढ़ें:- असम: मार्च में पीएम मोदी और अमित शाह का दौरा, चुनाव से पहले राज्य को देंगे करोड़ों का तोहफा उम्मीदवार ने बताया असंवैधानिक द हिंदू की रिपोर्ट के अनुसार, बालाचंदा निर्वाचन क्षेत्र से संभावित उम्मीदवार एनामुल हक ने कहा कि यह अधिसूचना संविधान की छठी अनुसूची के पैरा 11 के आधार पर जारी की गई है. उनके अनुसार, यह पैरा केवल यह बताता है कि कानून और नियम आधिकारिक राजपत्र में प्रकाशित होने के बाद कैसे प्रभावी होते हैं, लेकिन यह परिषद को सदस्यता के लिए नई योग्यताएं या अयोग्यताएं तय करने का अधिकार नहीं देता. हक के अनुसार, 1952 में जिला परिषद की स्थापना के बाद से गैर-आदिवासी निवासी चुनाव लड़ते रहे हैं. असम एवं मेघालय स्वायत्त जिला (जिला परिषदों का संविधान) नियम, 1951 में गैर-आदिवासियों को चुनाव लड़ने से नहीं रोका गया है, सिवाय उन सीटों के जो आरक्षित हैं. उन्होंने कहा, ‘यह कदम मनमाना है और यह हिंदुस्तान के संविधान के अनुच्छेद 14 का भी उल्लंघन है.’ ये भी पढ़ें:- कोर्ट में साली का बयान: जीजा ने सपने में छेड़ा था, वायुसेना जवान 7 साल बाद बरी पूर्व विधायक एस.जी. एस्मातुर मोमिनिन ने अधिसूचना की वैधता पर सवाल उठाते हुए कहा कि जीएचएडीसी के पास ऐसा कोई संवैधानिक अधिकार नहीं है, जिससे वह गैर-आदिवासियों को चुनाव लड़ने से रोकने की शर्त लागू कर सके. इसी मामले में 9 मार्च से केस की सुनवाई चल रही थी.  The

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

Renault Bridger Concept: रग्ड डिजाइन और मल्टी-पावरट्रेन के साथ आएगी नई SUV

Renault ने अपनी नई कॉम्पैक्ट SUV Renault Bridger Concept को अनवील कर दिया है. यह SUV कंपनी की मौजूदा SUVs Renault Kiger और Renault Duster के बीच पोजिशन की जाएगी. कंपनी के मुताबिक यह नया मॉडल हिंदुस्तान में 2027 के अंत तक लॉन्च किया जा सकता है. इस कॉन्सेप्ट मॉडल का डिजाइन काफी हद तक मजबूत और ऑफ-रोड स्टाइल वाला है. हालांकि, कंपनी ने अभी इसके प्रोडक्शन मॉडल की पूरी स्पेसिफिकेशन शेयर नहीं की है, लेकिन कॉन्सेप्ट से यह साफ हो गया है कि आने वाले समय में यह SUV Renault की लाइनअप में अहम भूमिका निभाने वाली है. आइए जानते हैं इस अपकमिंग SUV की 5 बड़ी खास बातें. रग्ड और बॉक्सी डिजाइन Renault Bridger Concept का डिजाइन काफी रग्ड और बॉक्सी रखा गया है, जो इसे एक मजबूत ऑफ-रोड SUV का लुक देता है. फ्रंट में SUV को बड़े ब्लैक ग्रिल, स्ट्राइक-स्टाइल LED लाइट्स और बीच में चमकते RENAULT लोगो के साथ पेश किया गया है. इसके साथ ही फ्लैट बोनट, चौड़ा एयर डैम और मजबूत स्किड प्लेट इसे और ज्यादा दमदार बनाते हैं. यह SUV 4 मीटर से कम लंबाई की होगी, जिससे इसे कॉम्पैक्ट SUV सेगमेंट में उतारा जा सकेगा. रेनॉल्ट पोस्ट साइड प्रोफाइल में दिखेगा रफ-टफ अंदाज SUV के साइड प्रोफाइल में चौड़े फेंडर, व्हील आर्च क्लैडिंग और 18-इंच के अलॉय व्हील दिए गए हैं. इसके अलावा, इसमें लगभग 200mm का ग्राउंड क्लियरेंस मिलने की उम्मीद है, जो खराब रास्तों पर ड्राइविंग को आसान बना सकता है. एक खास डिजाइन एलिमेंट यह भी है कि पीछे के दरवाजे के हैंडल C-पिलर में छिपे हुए हैं, जिससे SUV का लुक और ज्यादा स्टाइलिश लगता है. पीछे मिलेगा स्पेयर व्हील और नया डिजाइन Renault Bridger के पीछे की डिजाइन भी काफी अलग नजर आती है. इसमें टेलगेट पर लगा स्पेयर व्हील, शार्प LED टेललाइट्स और मोटी स्किड प्लेट दी गई है. इसके अलावा इसमें साइड-ओपनिंग टेलगेट भी है, जो इस SUV को ऑफ-रोडिंग स्टाइल देता है. इंटीरियर में मिलेगा ज्यादा स्पेस कंपनी ने अभी तक Bridger के इंटीरियर की पूरी जानकारी शेयर नहीं की है, लेकिन Renault का दावा है कि कॉम्पैक्ट साइज होने के बावजूद इसमें काफी अच्छा केबिन स्पेस मिलेगा. रिपोर्ट के मुताबिक इसमें पीछे की सीटों के लिए लगभग 200mm का नी-रूम दिया जा सकता है, जो इस सेगमेंट में बेहतर माना जा रहा है. इसके अलावा SUV में 400 लीटर का बूट स्पेस मिलने की बात कही जा रही है, जो कॉम्पैक्ट SUV सेगमेंट में काफी बड़ा माना जाता है. पेट्रोल, हाइब्रिड और इलेक्ट्रिक ऑप्शन मिल सकते हैं कंपनी की फ्यूचर स्ट्रैटेजी में इलेक्ट्रिफिकेशन यानी इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड टेक्नोलॉजी पर ज्यादा फोकस किया जा रहा है. ऐसे में Bridger को भी इसी प्लान का हिस्सा माना जा रहा है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस SUV को R-GMP प्लेटफॉर्म पर तैयार किया जाएगा और इसमें पेट्रोल, हाइब्रिड और इलेक्ट्रिक पावरट्रेन जैसे ऑप्शन मिल सकते हैं. इससे यह अपने सेगमेंट की सबसे ज्यादा ऑपशंस देने वाली SUV बन सकती है. हिंदुस्तान में ही होगा डिजाइन और प्रोडक्शन Renault ने साफ किया है कि हिंदुस्तान उसकी ग्लोबल स्ट्रैटेजी में बेहद अहम बाजार है. इसी वजह से Bridger SUV को हिंदुस्तान में ही डिजाइन और डेवलप किया जा रहा है. इसका प्रोडक्शन Renault के चेन्नई प्लांट में किया जाएगा, जहां से इसे हिंदुस्तान के साथ-साथ दूसरे देशों में भी एक्सपोर्ट किया जा सकता है. यह भी पढ़ें: कॉम्पैक्ट SUV या बड़ी SUV- शहरी ट्रैफिक के लिए बेहतर कौन? The post Renault Bridger Concept: रग्ड डिजाइन और मल्टी-पावरट्रेन के साथ आएगी नई SUV appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

सारदा घोटाले में कलकत्ता हाई कोर्ट का बड़ा निर्देश, सार्वजनिक होगी श्याममल सेन समिति की रिपोर्ट

मुख्य बातें सार्वजनिक होगी सारी जानकारी जांच एजेंसियों से कोर्ट नाराज Saradha Scam: कोलकाता: कलकत्ता उच्च न्यायालय ने सारदा घोटाले में राज्य द्वारा गठित न्यायमूर्ति श्याममल सेन आयोग की सभी रिपोर्टों, जिनमें वित्तीय खाते भी शामिल हैं, को जारी करने का आदेश दिया है. परिणाम स्वरूप, समिति के बंद होने के लगभग 12 साल बाद सारदा की विस्तृत जानकारी, दस्तावेज और वित्तीय विवरण अब सार्वजनिक किए जा रहे हैं. 13 साल पहले सारदा घोटाले ने पूरे राज्य में हलचल मचा दी थी. राज्य प्रशासन ने सारदा घोटाले की जांच करने और जमाकर्ताओं को पैसा वापस करने के लिए 2013 में सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति श्याममल सेन की अध्यक्षता में एक आयोग का गठन किया था. आयोग ने राज्य के घोषित 500 करोड़ रुपये के कोष में से जमाकर्ताओं को लगभग 225 करोड़ रुपये लौटा दिए. शेष राशि राज्य को सौंप दिए. इसकी एक प्रति कलकत्ता उच्च न्यायालय में भी प्रस्तुत की गई थी. इसके बाद उच्च न्यायालय ने रिपोर्ट को सार्वजनिक नहीं किया. सार्वजनिक होगी सारी जानकारी इस रिपोर्ट को सार्वजनिक करने के लिए एक मामला दायर किया गया था. मामले की सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति राजर्षि भारद्वाज और न्यायमूर्ति उदय कुमार की खंडपीठ ने आदेश दिया कि उच्च न्यायालय के पास मौजूद रिपोर्ट मामले के सभी पक्षों को उपलब्ध कराई जाए. उच्च न्यायालय के आदेश के संबंध में, जमाकर्ताओं के वकील सुभाशीष चक्रवर्ती और अरिंदम दास ने कहा कि यदि रिपोर्ट अब तक सार्वजनिक हो जाती है, तो सारदा मामले में श्याममल सेन आयोग के सभी बयान, टिप्पणियां और सिफारिशें सार्वजनिक हो जाएंगी. ऐसी स्थिति में हम इस रिपोर्ट के साथ नए सिरे से आगे बढ़ सकते हैं. इस बीच, नेतृत्वक हलकों में इस बात को लेकर अटकलें तेज हो रही हैं कि अगर श्याममल सेन आयोग की रिपोर्ट चुनाव से पहले सार्वजनिक कर दी जाती है तो इसका क्या प्रभाव पड़ सकता है. पश्चिम बंगाल की अन्य महत्वपूर्ण समाचारों को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें जांच एजेंसियों से कोर्ट नाराज इसी बीच, खंडपीठ ने बुधवार को चिट फंड मामलों में सीबीआई और ईडी के वकीलों की अनुपस्थिति पर नाराजगी व्यक्त की. न्यायमूर्ति भारद्वाज ने कहा- सभी चिट फंड कंपनियों की जांच इन दो एजेंसियों के हाथ में है. सभी लेखा संबंधी दस्तावेज भी इन्हीं दो एजेंसियों के पास हैं. हालांकि, मैं देख रहा हूं कि 90 प्रतिशत चिट फंड मामलों में इन दोनों एजेंसियों के वकील अनुपस्थित रहते हैं. न्यायाधीशों ने केंद्र में मौजूद एक वकील को चेतावनी दी और उसे इन गुंडों की शिकायत एएसजी से करने का आदेश दिया. अगर यह सिलसिला जारी रहा तो अदालत को कार्रवाई करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा. Also Read: कोयला घोटाले में ईडी की कार्रवाई, बंगाल के इस शहर में सुबह से चल रही रेड The post सारदा घोटाले में कलकत्ता हाई कोर्ट का बड़ा निर्देश, सार्वजनिक होगी श्याममल सेन समिति की रिपोर्ट appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

नहीं टूटा IAS अनुदीप का रिकॉर्ड, अब तक UPSC में सबसे ज्यादा मार्क्स

UPSC Highest Marks: यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन (UPSC) की तरफ से ऑफिशियल वेबसाइट- upsc.gov.in पर मार्कशीट जारी की गई है. इस बार राजस्थान के रहने वाले अनुज अग्निहोत्री को रैंक 1 प्राप्त हुआ है. अनुज को यूपीएससी सिविल सर्विस में कुल 1071 मार्क्स प्राप्त हुए हैं. हालांकि, अनुज भी 2017 बैच के टॉपर दुरीशेट्टी अनुदीप का रिकॉर्ड (UPSC Highest Marksheet) नहीं तोड़ पाए हैं. UPSC Highest Marks: यूपीएससी में सबसे ज्यादा मार्क्स यूपीएससी 2017 बैच के टॉपर दुरीशेट्टी अनुदीप ने यूपीएससी में अब तक सबसे ज्यादा मार्क्स प्राप्त किया है. IAS अनुदीप को UPSC में 2025 में से कुल 1126 मार्क्स प्राप्त किए थे. उन्हें लिखित परीक्षा में 950 मार्क्स और इंटरव्यू में 176 अंक मिले थे. दुरीशेट्टी अनुदीप मुलरूप से तेलंगाना के रहने वाले हैं. उन्होंने BITS पिलानी से बीटेक की डिग्री हासिल की है. इसके बाद वो Google में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के तौर पर काम करने लगे. इसके साथ ही उन्होंने UPSC की तैयारी की और रैंक 1 हासिल करके IAS टॉपर बन गए. अनुज अग्निहोत्री की मार्कशीट यूपीएससी 2025 में पहला स्थान अनुज अग्निहोत्री को मिला है. अनुज ने इस परीक्षा में कुल 1071 मार्क्स प्राप्त किए हैं. उन्हें लिखित परीक्षा में 867 और इंटरव्यू में 204 अंक मिले. अनुज राजस्थान के चित्तौड़गढ़ के रहने वाले हैं. उन्होंने बताया कि यह उनका तीसरा प्रयास था. अनुज अग्निहोत्री ने AIIMS जोधपुर से MBBS की डिग्री पूरी की है. उन्होंने UPSC मेन्स में Medical Science को ही ऑप्शनल सब्जेक्ट चुना था. UPSC CSE 2025 Final Result and Marks Check Here कितने मार्क्स की परीक्षा? यूपीएससी सिविल सर्विस का फाइनल रिजल्ट 2025 मार्क्स पर तय होता है. इसमें लिखित परीक्षा कुल 1750 अंकों की होती है. वहीं, इंटरव्यू राउंड जिसे पर्सनालिटी टेस्ट (UPSC PT) भी कहा जाता है कुल 275 अंकों का होता है. यह भी पढ़ें: शक्ति दुबे से आगे निकले UPSC टॉपर अनुज, फाइनल मार्कशीट जारी The post नहीं टूटा IAS अनुदीप का रिकॉर्ड, अब तक UPSC में सबसे ज्यादा मार्क्स appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

साइकिल से विधानसभा पहुंचे झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी, गैस-तेल संकट का विरोध

रांची से आनंद मोहन की रिपोर्ट Ranchi News: झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी बुधवार को साइकिल से विधानसभा पहुंचे. उन्होंने यह कदम राज्य में गैस और तेल की सप्लाई से जुड़े संकट को लेकर केंद्र प्रशासन की नीतियों के विरोध में उठाया. मंत्री ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों, खासकर ईरान युद्ध के प्रभाव के कारण देश में गैस और तेल की आपूर्ति प्रभावित हो रही है, जिसका असर झारखंड के कई क्षेत्रों पर भी पड़ रहा है. इसी मुद्दे को लेकर उन्होंने प्रतीकात्मक रूप से साइकिल से विधानसभा पहुंचकर विरोध जताया. केंद्रीय मंत्री को लिखा पत्र स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए जानकारी दी कि उन्होंने केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी को पत्र लिखकर झारखंड में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति तुरंत बहाल करने की मांग की है. उन्होंने अपने पत्र में कहा कि राज्य में कमर्शियल एलपीजी की सप्लाई बाधित होने से कई औद्योगिक संस्थानों, होटलों और कैंटीनों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. Jharkhand Health Minister Dr. Irfan Ansari has written to Union Minister for Petroleum and Natural Gas Hardeep Singh Puri, urging the immediate restoration of Commercial LPG cylinder supply in the state.Dr. Ansari stated that the disruption in LPG supply is affecting industrial… pic.twitter.com/YWvptUfrK8 — Dr. Irfan Ansari (@IrfanAnsariMLA) March 11, 2026 उद्योग और होटल व्यवसाय पर पड़ रहा असर डॉ इरफान अंसारी ने कहा कि एलपीजी की कमी का असर सिर्फ व्यवसाय पर ही नहीं, बल्कि हजारों कामगारों के भोजन की व्यवस्था पर भी पड़ रहा है. उन्होंने बताया कि रांची स्थित उषा मार्टिन लिमिटेड समेत कई औद्योगिक इकाइयों की कैंटीनों में गैस की कमी के कारण भोजन व्यवस्था प्रभावित हो रही है. इससे वहां काम करने वाले कर्मचारियों और श्रमिकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. इसे भी पढ़ें: पलामू में पुलिस-प्रशासन चुस्त, डीआईजी ने सिविल कोर्ट परिसर और कंट्रोल रूम का किया निरीक्षण जल्द बहाल हो कमर्शियल एलपीजी की सप्लाई स्वास्थ्य मंत्री ने केंद्र प्रशासन से आग्रह किया है कि औद्योगिक कैंटीनों और होटल व्यवसाय के लिए कमर्शियल एलपीजी की आपूर्ति जल्द से जल्द बहाल की जाए. उन्होंने कहा कि यदि गैस की नियमित आपूर्ति बहाल नहीं हुई, तो इससे उद्योगों के कामकाज, होटल व्यवसाय और श्रमिकों की भोजन व्यवस्था पर गंभीर असर पड़ सकता है. मंत्री ने उम्मीद जताई कि केंद्र प्रशासन इस मुद्दे पर जल्द सकारात्मक कदम उठाएगी. इसे भी पढ़ें: हजारीबाग में 13 मार्च को 19 स्कूलों के प्रधानाध्यापक और प्रभारी प्रधानाध्यापक का जुटान, पीएम श्री योजना पर कार्यशाला The post साइकिल से विधानसभा पहुंचे झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी, गैस-तेल संकट का विरोध appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

एयर इंडिया की घरेलू फ्लाइट ₹399 महंगी, इंटरनेशनल टिकट 15% बढ़े, ईरान जंग से जेट फ्यूल महंगा

Middle East Conflict 2026: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव ने अब सीधे आपकी जेब पर वार करना शुरू कर दिया है. अगर आप आने वाले दिनों में कहीं घूमने या काम से फ्लाइट पकड़ने का प्लान बना रहे हैं, तो तैयार हो जाइए, हवाई सफर अब पहले जैसा सस्ता नहीं रहने वाला है .12 मार्च से एअर इंडिया ने अपनी घरेलू उड़ानों पर 399 रुपये का फ्यूल सरचार्ज लगाने का फैसला किया है. यानी टिकट बुक करते समय आपको यह एक्स्ट्रा चार्ज देना होगा. सिर्फ घरेलू ही नहीं, इंटरनेशनल फ्लाइट्स के किराए में भी करीब 15% की बढ़ोतरी हो गई है. एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर हालात नहीं सुधरे, तो हिंदुस्तानीय एयरलाइंस आने वाले दिनों में कीमतें और बढ़ा सकती हैं. एयर इंडिया के द्वारा जारी की गई सूचना आखिर क्यों बढ़ रहे हैं दाम ? इसके पीछे सबसे बड़ी वजह 28 फरवरी से शुरू हुई ईरान-इजराइल की जंग है. इस संघर्ष के कारण होर्मुज रूट पर असर पड़ा है और तेल की सप्लाई चेन बुरी तरह गड़बड़ा गई है. इसी वजह से कच्चे तेल की कीमतें लगातार बढ़ती जा रही हैं. ब्रेंट क्रूड: इसकी कीमत $93 से $120 प्रति बैरल के बीच झूल रही है. जेट फ्यूल (ATF): एयरलाइंस के लिए सबसे बड़ा खर्च ईंधन ही होता है (कुल खर्च का 30-40%). जंग से पहले जो ईंधन $85-$90 में मिल रहा था, वह अब $150 से $200 तक पहुंच गया है. कई मार्केट में कीमतें दोगुनी हो चुकी हैं. होर्मुज स्ट्रेट, दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्ग दुनिया भर का हाल: कहीं 70% महंगा, तो कहीं उड़ानें रद्द सिर्फ हिंदुस्तान ही नहीं, पूरी दुनिया की एयरलाइंस इस ‘तेल संकट’ से जूझ रही हैं. वियतनाम: यहां की प्रशासनी एयरलाइन का खर्च 70% बढ़ गया है, जिससे टिकटों के दाम आसमान छू सकते हैं. एयर न्यूजीलैंड और क्वांटास: इन बड़ी कंपनियों ने भी साफ कह दिया है कि तेल की बढ़ी कीमतों का बोझ अब यात्रियों को ही उठाना होगा. हांगकांग एयरलाइंस: इन्होंने फ्यूल सरचार्ज में 35% से ज्यादा की बढ़ोतरी कर दी है. फ्लाइट्स कैंसिलेशन: मिडिल ईस्ट में तनाव के कारण अब तक दुनिया भर में 40,000 से ज्यादा उड़ानें रद्द हो चुकी हैं. एयरलाइन टिकट का किराया कैसे तय होता है ? आगे और बढ़ सकते हैं किराए जानकारों का मानना है कि अगर मिडिल ईस्ट का तनाव जल्दी कम नहीं हुआ, तो आने वाले दिनों में फ्लाइट टिकट और महंगे हो सकते हैं. यहां तक कि कुछ छोटी एयरलाइंस के बंद होने का खतरा भी बताया जा रहा है. हालांकि जिन कंपनियों ने पहले से फ्यूल कीमतों को हेज कर रखा है, उन्हें इस संकट में कुछ फायदा मिल सकता है. Also Read: रसोई गैस की किल्लत होगी दूर: रिलायंस ने झोंकी ताकत, अब जामनगर रिफाइनरी से बढ़ेगी LPG की सप्लाई! The post एयर इंडिया की घरेलू फ्लाइट ₹399 महंगी, इंटरनेशनल टिकट 15% बढ़े, ईरान जंग से जेट फ्यूल महंगा appeared first on Naya Vichar.

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

About Us

नयाविचार एक आधुनिक न्यूज़ पोर्टल है, जो निष्पक्ष, सटीक और प्रासंगिक समाचारों को प्रस्तुत करने के लिए समर्पित है। यहां राजनीति, अर्थव्यवस्था, समाज, तकनीक, शिक्षा और मनोरंजन से जुड़ी हर महत्वपूर्ण खबर को विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत किया जाता है। नयाविचार का उद्देश्य पाठकों को विश्वसनीय और गहन जानकारी प्रदान करना है, जिससे वे सही निर्णय ले सकें और समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकें।

Quick Links

Who Are We

Our Mission

Awards

Experience

Success Story

© 2025 Developed By Socify

Scroll to Top