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March 14, 2026

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सोशियोलॉजी या जियोग्राफी? UPSC के लिए कौन-सा ऑप्शनल सब्जेक्ट रहेगा बेहतर

Sociology vs Geography: UPSC सिविल सर्विस एग्जाम की तैयारी करते समय सबसे बड़ा सवाल होता है कि ऑप्शनल सब्जेक्ट कौन-सा चुना जाए. कई कैंडिडेट्स सोशियोलॉजी और जियोग्राफी के बीच कन्फ्यूज रहते हैं. दोनों ही सब्जेक्ट (Sociology vs Geography) पॉपुलर हैं और हर साल कई कैंडिडेट्स इन्हें ऑप्शनल के रूप में चुनते हैं. मेधा आनंद (AIR 13, 2023) ने सोशियोलॉजी सब्जेक्ट में सबसे ज्यादा 310 मार्क्स हासिल किए हैं. वहीं प्रथम कौशिक (AIR 5, 2017) को जियोग्राफी में 327 मार्क्स मिले थे. लेकिन सवाल यह है कि इन दोनों में से कौन-सा सब्जेक्ट ज्यादा स्कोरिंग है. किसी भी विषय को स्कोरिंग बनाने में कैंडिडेट्स की रुचि, समझ और तैयारी का तरीका सबसे ज्यादा इम्पॉर्टेंट होता है. आइए जानते हैं कि सोशियोलॉजी या जियोग्राफी (UPSC Optional Sociology vs Geography), कौन ज्यादा स्कोरिंग होता है.  सोशियोलॉजी को क्यों माना जाता है स्कोरिंग? Sociology को UPSC में अपेक्षाकृत छोटा और समझने में आसान सिलेबस माना जाता है. कई टॉपर जैसे मेधा आनंद (AIR 13, 2023) ने सोशियोलॉजी सब्जेक्ट में सबसे ज्यादा 310 मार्क्स हासिल किए हैं. इसके अलावा शाह मरगी चिराग (AIR 4, 2024) को 291 मार्क्स और मोहन सूर्यवंशी (AIR 464, 2024) को 289 मार्क्स मिले हैं. इसलिए इसे स्कोरिंग ऑप्शनल माना जाता है. ये हैं इस सब्जेक्ट को चुनने के मुख्य फायदे- सिलेबस लिमिटेड और क्लियर होता है.  आंसर लिखना आसान होता है.  समाज से जुड़े एग्जांपल देने में आसानी रहती है.  GS पेपर और निबंध (Essay) में भी मदद मिलती है.  जियोग्राफी क्यों है पॉपुलर सब्जेक्ट? Geography भी यूपीएससी का एक बहुत पॉपुलर ऑप्शनल सब्जेक्ट है. इसमें फिजिकल और ह्यूमन दोनों की पढ़ाई की जाती है. अभिषेक चौरसिया (AIR 72, 2016) ने जियोग्राफी सब्जेक्ट में 295 मार्क्स लाया है. इसमें कांसेप्ट्स को अच्छी तरह समझना जरूरी होता है. ये हैं जियोग्राफी सब्जेक्ट के मुख्य फायदे – मैप और डायग्राम से आंसर बेहतर बनते हैं.  GS पेपर-1 और प्रीलिम्स में काफी मदद मिलती है.  सब्जेक्ट काफी रोचक और साइअन्टिफिक है.  Sociology vs Geography: किसे चुनना बेहतर रहेगा?  अगर आपको सोसाइटी, सामाजिक मुद्दों और थ्योरी में इंटरेस्ट है, तो सोशियोलॉजी बेहतर ऑप्शन हो सकता है. वहीं अगर आपको मैप, पर्यावरण और प्रैक्टिकल पसंद है, तो जियोग्राफी सिलेक्ट करना सही रहेगा. यूपीएससी में स्कोरिंग वही सब्जेक्ट बनाता है, जिसे कैंडिडेट्स अपनी रुचि और समझ के साथ पढ़ता है.  यह भी पढ़ें: BSc Nursing या GNM, जानें 12वीं के बाद नर्सिंग का कौन सा कोर्स बेस्ट The post सोशियोलॉजी या जियोग्राफी? UPSC के लिए कौन-सा ऑप्शनल सब्जेक्ट रहेगा बेहतर appeared first on Naya Vichar.

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थाली पर मंडराया महंगाई का खतरा, युद्ध से तेल-चीनी और खाद महंगे हो सकते हैं

Iran War Impact: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी का असर अब हिंदुस्तान में खाने के तेल की कीमतों पर भी दिखने लगा है. विशेषज्ञों का कहना है कि अगर हालात ऐसे ही बने रहे तो आने वाले समय में खाने का तेल और महंगा हो सकता है, जिससे महंगाई बढ़ने का खतरा है. हिंदुस्तान अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा विदेशों से मंगाता है. देश में इस्तेमाल होने वाले करीब 60% खाने का तेल आयात किया जाता है. ऐसे में जब भी दुनिया में सप्लाई में रुकावट आती है या ट्रांसपोर्ट महंगा होता है, तो उसका सीधा असर हिंदुस्तान में तेल की कीमतों पर पड़ता है. फॉर्च्यून इंडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार इमामी एग्रोटेक लिमिटेड के सीईओ और इंडियन वेजिटेबल ऑयल प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन के चेयरमैन सुधाकर देसाई का कहना है कि ईंधन और लॉजिस्टिक्स की लागत बढ़ने से पहले ही खाने के तेल के दाम ऊपर जाने लगे हैं. उनके मुताबिक, हाल के समय में फ्यूल की कीमतें करीब 16–17% बढ़ी हैं, जिससे ट्रांसपोर्ट और शिपिंग महंगी हो गई है. इसी वजह से पाम और सोया तेल के दाम करीब 4–5% बढ़ चुके हैं, जबकि सनफ्लावर ऑयल पर ज्यादा दबाव है क्योंकि इसकी सप्लाई का बड़ा हिस्सा ब्लैक सी क्षेत्र से आता है. कच्चे तेल से क्यों बढ़ता है खाने के तेल का दाम खाने के तेल की कीमतें कच्चे तेल से भी जुड़ी होती हैं. जब क्रूड ऑयल महंगा होता है, तो कई देश बायोडीजल का ज्यादा इस्तेमाल करने लगते हैं. बायोडीजल बनाने के लिए पाम और सोयाबीन जैसे वनस्पति तेल का इस्तेमाल किया जाता है. पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड के बोर्ड के सलाहकार चंद्र प्रकाश पांडे के अनुसार, मौजूदा तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतें जनवरी 2025 के बाद सबसे ऊंचे स्तर तक पहुंच चुकी हैं. ऐसे में बायोडीजल की मांग बढ़ती है और इसका असर सीधे खाने के तेल की कीमतों पर पड़ता है. सप्लाई और शिपिंग भी हुई महंगी ग्लोबल सप्लाई चेन पर भी असर पड़ा है. कई शिपिंग कंपनियां इस क्षेत्र में नई बुकिंग लेने से बच रही हैं या फिर 1,500 से 3,000 डॉलर तक का अतिरिक्त “वॉर रिस्क चार्ज” लगा रही हैं. इसके अलावा Strait of Hormuz में व्यापार प्रभावित होने से जहाजों को लंबा रास्ता लेना पड़ रहा है, जिससे ट्रांसपोर्ट लागत और बढ़ रही है. होर्मुज स्ट्रेट कीमतों में पहले ही दिखने लगा असर बाजार में इसका असर दिखाई भी देने लगा है. रिपोर्ट के मुताबिक पाम ऑयल की कीमत करीब 5% बढ़ चुकी है, जबकि सनफ्लावर ऑयल करीब 16% महंगा हो गया है. वहीं कच्चा तेल फरवरी में करीब 66 डॉलर प्रति बैरल था, जो संकट के दौरान 120 डॉलर तक पहुंच गया और अभी भी करीब 100 डॉलर प्रति बैरल के आसपास है. एथेनॉल महंगा हुआ तो चीनी के दाम बढ़ सकते हैं दुनिया में सबसे ज्यादा गन्ने की खेती Brazil में होती है. टाइम्स ऑफ इंडिया की एक समाचार के अनुसार जब एथेनॉल की कीमतें बढ़ती हैं, तो गन्ना मिलें ज्यादा मुनाफा कमाने के लिए चीनी बनाने के बजाय एथेनॉल बनाने पर ज्यादा ध्यान देने लगती हैं. अगर ऐसा होता है तो बाजार में चीनी की सप्लाई कम हो सकती है, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में चीनी के दाम बढ़ने की आशंका बढ़ जाती है. रिपोर्ट के अनुसार हाल के समय में कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने से एथेनॉल की मांग भी बढ़ गई है. एथेनॉल का इस्तेमाल ईंधन के तौर पर भी किया जाता है, इसलिए तेल महंगा होने पर इसकी मांग बढ़ जाती है. इसी वजह से हाल ही में एथेनॉल की कीमतों में करीब 10% तक उछाल देखा गया है. यूरिया के दाम में तेज बढ़ोतरी दूसरी ओर, उर्वरक यानी खाद की कीमतों पर भी असर पड़ रहा है. तेल और गैस की रिफाइनिंग के दौरान सल्फर बड़ी मात्रा में निकलता है, जिसका इस्तेमाल खाद बनाने और कई फैक्ट्रियों में किया जाता है. रिपोर्ट के मुताबिक दुनिया में मौजूद सल्फर का करीब आधा हिस्सा इस समय Strait of Hormuz के आसपास फंसा हुआ है. यह रास्ता ग्लोबल मार्केट के लिए बेहद अहम माना जाता है. दुनिया में बिकने वाली करीब एक-तिहाई यूरिया इसी रास्ते से होकर गुजरती है. यूरिया का बड़ा हिस्सा मध्य पूर्व में बनता है, क्योंकि प्राकृतिक गैस उर्वरक उत्पादन का सबसे अहम कच्चा माल है. इसी वजह से क्षेत्र में तनाव बढ़ने के बाद यूरिया की कीमतों में करीब 35% तक की बढ़ोतरी हो चुकी है. अगर हालात लंबे समय तक ऐसे ही बने रहते हैं, तो खाद के दाम और बढ़ सकते हैं, जिससे खेती की लागत पर भी असर पड़ सकता है. Also Read : 1 अप्रैल से बदल जाएंगे फास्टैग पास के रेट, जानें अब कितना लगेगा चार्ज The post थाली पर मंडराया महंगाई का खतरा, युद्ध से तेल-चीनी और खाद महंगे हो सकते हैं appeared first on Naya Vichar.

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डैंड्रफ से हैं परेशान? ट्राई करें न्यूट्रिशनिस्ट श्वेता शाह का ये आयुर्वेदिक स्कैल्प पैक

Ayurvedic Scalp Pack: डैंड्रफ सिर की त्वचा यानी स्कैल्प पर होने वाली आम समस्या है. ये प्रॉब्लम बालों की खूबसूरती को कम कर देती है और कई बार सिर में खुजली की परेशानी भी होने लगती है. सिर में डैंड्रफ है और आपने काले या डार्क कलर के कपड़े पहनें हैं, तो ये कपड़ों पर गिरकर साफ दिखाई देता है, जिससे शर्मिंदगी महसूस हो सकती है. अगर आप भी डैंड्रफ से परेशान हैं तो न्यूट्रिशनिस्ट श्वेता शाह का आयुर्वेदिक स्कैल्प पैक को ट्राई कर सकते हैं. इस पैक के बारे में उन्होंने इंस्टाग्राम पोस्ट में बताया है. स्कैल्प पैक बनाने के लिए क्या सामग्री चाहिए? 1 टेबलस्पून त्रिफला पाउडर 1 टेबलस्पून ताजे नीम के पत्तों का पेस्ट 2–3 टेबलस्पून छाछ 1 टीस्पून भीगी हुई मेथी का पेस्ट 1 टेबलस्पून ताजा एलोवेरा जेल स्कैल्प पैक को कैसे तैयार करें? स्कैल्प पैक बनाने के लिए एक छोटे से बर्तन में त्रिफला पाउडर, नीम पेस्ट और मेथी का पेस्ट मिलाएं. फिर इसमें छाछ और एलोवेरा जेल को डालें. सभी चीजों को अच्छी तरह मिलाकर स्मूद पेस्ट तैयार कर लें.  कैसे इस्तेमाल करें?  स्कैल्प पैक को इस्तेमाल करने के लिए आप इसे अपने स्कैल्प पर लगाएं. इसे आप स्कैल्प पर 20 से 25 मिनट तक लगाकर रखें. इसके बाद आप गुनगुने पानी से धो लें. इस पैक का इस्तेमाल आप हफ्ते में 1-2 बार कर सकते हैं.  पैक से मिलने वाले फायदे  इस पैक को बनाने के लिए त्रिफला का इस्तेमाल किया है जो स्कैल्प को डिटॉक्स करने में मदद करता है.  नीम में एंटी-फंगल और एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं जो डैंड्रफ को कम करने में मदद करते हैं.  मेथी के दाने बालों की जड़ों को पोषण देते हैं और रूसी को कम करने में मदद करते हैं.  छाछ स्कैल्प के ऑयल बैलेंस को बनाए रखने में मदद करती है और सिर की त्वचा को ठंडक पहुंचाती है.  एलोवेरा स्कैल्प को हाइड्रेट करता है, जलन और खुजली को शांत करता है.  इसके साथ ये पैक डैंड्रफ से होने वाले हेयर फॉल को कम करने में मदद करता है और बिना केमिकल के स्कैल्प को साफ रखने में सहायक है.  View this post on Instagram A post shared by Shweta Shah (@shweta_shah_nutritionist) ये भी पढ़ें: Hair Growth Secrets: बाल झड़ना रुकेंगे और घुटनों तक होंगे लंबे, बस नारियल तेल में मिलाकर लगाएं ये 1 सस्ती चीज ये भी पढ़ें:  Hair Solutions: कम उम्र में सफेद हो रहे हैं बाल? बस एक बार आजमाएं ये देसी नुस्खा, जड़ से काले और घने होंगे बाल The post डैंड्रफ से हैं परेशान? ट्राई करें न्यूट्रिशनिस्ट श्वेता शाह का ये आयुर्वेदिक स्कैल्प पैक appeared first on Naya Vichar.

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खून से लथपथ मिले पुनीत सुपरस्टार, कार का शीशा चकनाचूर, जानिए कैसे हुआ एक्सीडेंट?

Puneet Superstar: सोशल मीडिया की दुनिया में कभी-कभी ऐसे वीडियो सामने आ जाते हैं जो देखते ही देखते वायरल हो जाते हैं. हाल ही में इंटरनेट पर एक ऐसा ही वीडियो तेजी से फैल रहा है, जिसमें सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर पुनीत सुपरस्टार घायल हालत में दिखाई दे रहे हैं. वीडियो सामने आते ही उनके फॉलोअर्स चिंता में पड़ गए हैं.  वायरल वीडियो ने बढ़ाई लोगों की चिंता View this post on Instagram A post shared by puneet super star (@puneetsuperr_star) वायरल हो रहे वीडियो में पुनीत सुपरस्टार एक कार के अंदर बैठे नजर आ रहे हैं. उनके सिर से खून निकलता हुआ दिखाई दे रहा है और कार का आगे का शीशा भी पूरी तरह टूटा हुआ नजर आता है. वीडियो में वह दर्द से चिल्लाते और कराहते भी दिखाई देते हैं, जबकि आसपास मौजूद कुछ लोग उनका वीडियो बनाते नजर आ रहे हैं. यही वजह है कि कई लोगों को लगा कि पुनीत का सच में एक्सीडेंट हो गया है. खुद शेयर किए वीडियो बता दें, पुनीत सुपरस्टार ने खुद अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर दो वीडियो शेयर किया हैं. इन्हें देखने के बाद उनके फॉलोअर्स और भी ज्यादा परेशान हो गए और कई लोगों ने कमेंट कर उनकी सेहत को लेकर चिंता भी जताई है. क्या है वायरल वीडियो की असलियत? हालांकि, इस पूरे मामले की सच्चाई कुछ और ही है. दरअसल यह कोई असली एक्सीडेंट नहीं बल्कि सिर्फ एक कंटेंट वीडियो है. पुनीत सुपरस्टार ने यह वीडियो रील बनाने के लिए शूट किया है. वह अक्सर सोशल मीडिया पर अलग-अलग तरह के अजीब और चौंकाने वाले वीडियो बनाते रहते हैं, जिनकी वजह से वह हमेशा चर्चा में भी रहते हैं. यही कारण है कि इस बार भी उनका यह वीडियो तेजी से वायरल हो गया. यह भी पढे़ं: बादशाह को गिरफ्तार करने का ऑर्डर, पासपोर्ट भी होगा जब्त, आयोग के सामने नहीं हुए पेश The post खून से लथपथ मिले पुनीत सुपरस्टार, कार का शीशा चकनाचूर, जानिए कैसे हुआ एक्सीडेंट? appeared first on Naya Vichar.

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घर बैठे पाएं कोरियन ग्लास स्किन, लगाएं मानसी का बताया राइस फेस मास्क 

Rice Face Mask for Pigmentation: स्किन से जुड़ी समस्याएं जैसे पिगमेंटेशन, दाग-धब्बे और टैनिंग से बहुत लोग परेशान रहते हैं. इससे छुटकारा पाने के लिए लोग अक्सर महंगे स्किन केयर प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन कई बार पैसे खर्च करने के बाद भी कोई अच्छा रिजल्ट नहीं मिल पाता. ऐसे में घर पर कुछ चीजों से बनाया गया चावल का फेस मास्क त्वचा की देखभाल के लिए सही हो सकता है. चावल से बना फेस मास्क त्वचा को साफ, मुलायम और चमकदार बनाने में मदद करता है. कंटेंट क्रिएटर मानसी शर्मा ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट @healthy_tipswithme पर इस राइस फेस मास्क को बनाने का तरीका बताया है. उन्होंने बताया है कि अगर आप इस फेस मास्क को रेगुलर इस्तेमाल करते हैं तो आपको कोरियन जैसी ग्लास स्किन पाने में मदद मिल सकती है.  राइस फेस मास्क कैसे बनाएं? सबसे पहले चावल को अच्छे से पानी में धो लें. इसके बाद एक बर्तन में पानी डालकर चावल को उबालें और इसे तब तक पकने दें जब तक चावल अच्छी तरह से नरम होकर ओवरकुक न हो जाएं.  अब इसे ठंडा होने के बाद ग्राइंडर में डालें. फिर इसमें कच्चा दूध डालकर अच्छे से ग्राइन्ड करके स्मूथ पेस्ट बना लें. अब आप इसे एक कटोरी में डालकर ऊपर से शहद मिलाएं. अब तैयार है आपका राइस फेस मास्क. इसे आप स्टोर करके 7 दिनों के लिए भी रख सकते हैं. View this post on Instagram A post shared by Mansi Sharma (@healthy_tipswithme) यह भी पढ़ें: अब घर पर करें वैक्सिंग, बनाएं क्रिएटर मानसी शर्मा का बताया होममेड वैक्स  यह भी पढ़ें- 7 दिन में चमकाएं पूरी बॉडी, फॉलो करें मानसी शर्मा का पॉलिशिंग पैक Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारी घरेलू नुस्खों और सामान्य जानकारियों पर आधारित है. यह किसी भी तरह से चिकित्सा सलाह (Medical Advice) का विकल्प नहीं है. बालों या त्वचा से जुड़ी किसी भी समस्या के लिए विशेषज्ञ डॉक्टर या डर्मेटोलॉजिस्ट की सलाह अवश्य लें. किसी भी घरेलू नुस्खे को अपनाने से पहले अपनी सुविधा और एलर्जी की स्थिति को ध्यान में रखें. The post घर बैठे पाएं कोरियन ग्लास स्किन, लगाएं मानसी का बताया राइस फेस मास्क  appeared first on Naya Vichar.

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मिडिल ईस्ट में अमेरिकी ऑयल इंफ्रास्ट्रक्चर राख में मिला देंगे… खार्ग हमले के बाद भड़का ईरान, ट्रंप ने शेयर किया वीडियो

Iran War Kharg Island: अमेरिका ने ईरान के ऑयल इकॉनमी के क्राउन ज्वेल खार्ग आईलैंड पर शुक्रवार को हमला किया. इस हमले में यूएस एयरफोर्स ने खार्ग द्वीप पर मौजूद सैन्य ठिकानों को नष्ट कर दिया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को इस हमले का वीडियो साझा किया, जिसमें जमीन पर मौजूद ठिकानों पर बम गिराए जाते हुए दिखाई दे रहे हैं. यह आईलैंड से ईरान 90 प्रतिशत तेल निर्यात करता है. इस घटना के बाद ईरान ने चेतावनी दी कि अगर उसके तेल कंपनियों की फैसिलिटीज को निशाना बनाया गया तो वह मिडिल ईस्ट में उनके ऊर्जा ठिकानों पर जवाबी हमले करेगा. ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर यह वीडियो पोस्ट करते हुए कहा कि यह ईरान पर किए गए अमेरिकी हमलों का ‘अनक्लासिफाइड’ यानी सार्वजनिक किया गया फुटेज है. काले-सफेद रंग के इस वीडियो में कई जगहों पर बम गिरने के बाद बड़े विस्फोट और घना धुआं उठता नजर आता है. हालांकि, ट्रंप ने इस वीडियो के साथ कोई कैप्शन नहीं दिया, जिससे यह स्पष्ट नहीं हो सका कि यह फुटेज खास तौर पर खार्ग द्वीप पर हुए हमलों का ही है या नहीं. New media post from Donald J. Trump (TS: 13 Mar 21:22 ET)​​​‍​​‌‍​​‌‍​​​​​​​‌‍​​​‌‍​​​‌‍​​​​​‌‍​​​​​​​​​​‌‍​‌‍​​​​​​‌‍​​​​​​​​‌‍​​‌‍​​​​​​​​​​‌‍​​​​​‌‍​​​​​​​‌‍​​​​​​​​​​‌‍​​‌‍​​​​​​​​​​‌‍ pic.twitter.com/MqjVf6pbI1 — Commentary: Trump Truth Social Posts On X (@TrumpTruthOnX) March 14, 2026 पूरी तरह राख में मिला देंगे इस हमले के बाद, ईरान के खतम अल-अंबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर के एक प्रवक्ता ने कहा कि यदि ईरान के तेल ढांचे को निशाना बनाया गया तो तेहरान पूरे क्षेत्र में उन ऊर्जा सुविधाओं पर हमला करेगा, जिन्हें अमेरिकी स्वामित्व वाली कंपनियां संचालित करती हैं या जो अमेरिका के साथ सहयोग करती हैं. उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसे ठिकानों को ‘पूरी तरह नष्ट कर राख में बदल दिया जाएगा.’ ट्रंप का बड़ा बमबारी अभियान का दावा इससे पहले ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में बताया था कि अमेरिकी सेना ने ईरान के खिलाफ एक बड़ा सैन्य अभियान चलाया है. उन्होंने लिखा, ‘कुछ ही समय पहले मेरे निर्देश पर यूएस सेंट्रल कमांड ने मिडिल ईस्ट के इतिहास के सबसे शक्तिशाली बमबारी अभियानों में से एक को अंजाम दिया और ईरान के ‘क्राउन ज्वेल’ कहे जाने वाले खार्ग द्वीप पर मौजूद हर सैन्य लक्ष्य को पूरी तरह नष्ट कर दिया.’ ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने जानबूझकर द्वीप के तेल ढांचे को निशाना नहीं बनाया. हालांकि, अगर ईरान या कोई और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से जहाजों की सुरक्षित आवाजाही में बाधा डालने की कोशिश करता है, तो मैं इस फैसले पर तुरंत दोबारा विचार करूंगा. इससे पहले ट्रंप ने यह धमकी भी दी थी कि अगर, ईरान रणनीतिक रूप से अहम स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाजों की आवाजाही रोकता है, तो खार्ग द्वीप के तेल ढांचे को भी निशाना बनाया जा सकता है. यह वही समुद्री मार्ग है, जहां से दुनिया के लगभग 20 प्रतिशत कच्चा तेल और एलएनजी गुजरता है. ईरान ने हमले की पुष्टि की, लेकिन तेल ढांचे को नुकसान से किया इनकार ईरानी मीडिया ने भी पुष्टि की कि शुक्रवार को खार्ग द्वीप पर हवाई हमले किए गए थे. ईरान की प्रशासनी समाचार एजेंसी फारस न्यूज एजेंसी ने बताया कि खार्ग द्वीप पर 15 से अधिक विस्फोटों की आवाजें सुनी गईं, लेकिन अमेरिकी हमलों में तेल ढांचे को कोई नुकसान नहीं पहुंचा. रिपोर्ट के अनुसार हमलों का लक्ष्य सैन्य ठिकाने थे, जिनमें सेना की रक्षा प्रणाली, जोशन समुद्री बेस, हवाई अड्डे का कंट्रोल टावर और हेलीकॉप्टर हैंगर शामिल थे.  घटनास्थल से घना धुआं उठता देखा गया. हालांकि ईरानी रिपोर्टों में कहा गया कि ‘तेज धमाकों के बावजूद द्वीप के किसी भी तेल ढांचे को नुकसान नहीं पहुंचा.’ हमले में कितने लोग हताहत हुए या अन्य किस प्रकार का नुकसान हुआ, इसके बारे में कोई अतिरिक्त जानकारी जारी नहीं की गई है. ये भी पढ़ें:- हिंदुस्तान और दुनिया के सामने गिड़गिड़ा रहा US, ईरानी विदेश मंत्री ने ट्रंप प्रशासन पर कसा तंज खार्ग आईलैंड पर हमले के बाद और भड़क सकता है युद्ध खार्ग द्वीप ईरान के तट से लगभग 26 किलोमीटर दूर और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से करीब 483 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम में स्थित है. बढ़ते तनाव के बावजूद ईरान ने कच्चे तेल का निर्यात जारी रखा है, जबकि खाड़ी क्षेत्र के कई अन्य उत्पादकों ने संभावित ईरानी हमलों के डर से अपनी आपूर्ति रोक दी है. खार्ग द्वीप पर अमेरिका के हमले से पहले ही तीसरे सप्ताह में प्रवेश कर चुके इस संघर्ष के और भड़कने का खतरा बढ़ गया है. विश्लेषकों का कहना है कि अगर वहां तेल आपूर्ति बाधित होती है तो पहले से तेजी से बढ़ रही वैश्विक तेल कीमतें ‘नियंत्रण से बाहर’ हो सकती हैं. खार्ग द्वीप पर अमेरिकी हमले ऐसे समय हुए जब ईरान के नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने अपने पहले सार्वजनिक बयान में हॉर्मुज जलडमरूमध्य को बंद रखने की कसम खाई है. उन्होंने पड़ोसी देशों को चेतावनी दी कि वे अपने यहां मौजूद अमेरिकी सैन्य अड्डों को बंद करें, अन्यथा उन्हें निशाना बनाया जा सकता है. ये भी पढ़ें:- मिडिल ईस्ट में आ रहा एक और US वॉरशिप और 2500 कमांडो, क्या है ट्रंप का इरादा? अमेरिका ने भेजी अतिरिक्त सुरक्षा इस बीच डोनाल्ड ट्रंप ने यह भी कहा कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले तेल टैंकरों को अमेरिकी नौसेना की सुरक्षा जल्द ही दी जा सकती है. इसके बाद ही यह सूचना सामने आई, जिसमें पेंटागन ने बताया कि वह मिडिल ईस्ट में एक मरीन एक्सपेडिशनरी यूनिट भेज रहा है, जिसमें आमतौर पर करीब 2,500 मरीन और नौसैनिक शामिल होते हैं. इसके साथ ही यूएसएस त्रिपोली भी जापान से रवाना कर दिया गया है.  The post मिडिल ईस्ट में अमेरिकी ऑयल इंफ्रास्ट्रक्चर राख में मिला देंगे… खार्ग हमले के बाद भड़का ईरान, ट्रंप ने शेयर किया वीडियो appeared first on Naya Vichar.

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बिहार के नए गवर्नर सैयद अता हसनैन ने लोक भवन में ली शपथ, सीएम नीतीश समेत कई मंत्री रहे मौजूद

Bihar Governor: बिहार के नए राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन ने लोक भवन में राज्यपाल पद की शपथ ली. पटना हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस संगम कुमार साहू ने नए राज्यपाल को शपथ दिलाई. 12 मार्च को ही नए राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन पटना पहुंचे थे. आज (शनिवार) शपथ ग्रहण के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी समेत अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे. शपथ ग्रहण को लेकर तैयारियां नए राज्यपाल के शपथ ग्रहण से पहले प्रशासनिक स्तर पर तमाम तैयारियां पूरी कर ली गई थी. समारोह को व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने को लेकर लोक भवन में सुरक्षा और प्रोटोकॉल से जुड़ी व्यवस्थाएं की गई थीं. नए राज्यपाल के पटना पहुंचने पर भी उनका भव्य स्वागत किया गया था. बिहार विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने एयरपोर्ट पर उनका स्वागत किया था. बिहार प्रशासन की ओर से उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया. सैयद अता हसनैन के बारे में जानकारी सैयद अता हसनैन हिंदुस्तानीय सेना के रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल हैं और अपने लंबे सैन्य अनुभव के लिए जाने जाते हैं. उन्होंने करीब 40 सालों तक सेना में सेवा दी है और कई जिम्मेदारियां संभाली हैं. अपने करियर के दौरान उन्होंने कई संवेदनशील इलाकों में काम किया. जम्मू-कश्मीर में उनकी भूमिका काफी अहम मानी जाती है. 2012 से 2014 के बीच वे श्रीनगर स्थित 15 कोर यानी चिनार कोर के कमांडर रहे. इस दौरान उन्होंने आतंकवाद विरोधी अभियानों का नेतृत्व किया और क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में अहम योगदान दिया. सैयद अता हसनैन ने कश्मीर में हार्ट्स एंड माइंड्स की नीति पर भी जोर दिया. इसका मकसद स्थानीय लोगों का विश्वास जीतना और युवाओं को मेन स्ट्रीम से जोड़ना था. इस दिशा में शिक्षा, स्पोर्ट्स और रोजगार से जुड़े कई कार्यक्रम भी शुरू किए गए. सेना से रिटायर होने के बाद भी सैयद अता हसनैन सार्वजनिक जीवन में एक्टिव रहे. उन्हें राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण यानी एनडीएमए का सदस्य बनाया गया था. इसके अलावा वे कश्मीर यूनिवर्सिटी के चांसलर के रूप में भी अपनी जिम्मेदारी निभा चुके हैं. Also Read: शंघाई के लिए बिहार के इन 4 जिलों से 29 मार्च से शुरु होगी फ्लाइट सेवा, जानिए किराया The post बिहार के नए गवर्नर सैयद अता हसनैन ने लोक भवन में ली शपथ, सीएम नीतीश समेत कई मंत्री रहे मौजूद appeared first on Naya Vichar.

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PSL छोड़ आईपीएल में दिखेंगे मुजरबानी, KKR मेंं मुस्तफिजुर की जगह ली एंट्री

Highlights टी20 विश्व कप में शानदार रिकॉर्ड PSL छोड़कर IPL में लिया हिस्सा मुंबई इंडियंस के खिलाफ होगा पहला मैच IPL 2026 के लिए केकेआर की टीम Blessing Muzarabani in IPL 2026: कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) ने आईपीएल 2026 सीजन के लिए अपनी टीम में एक बड़ा बदलाव किया है. टीम ने जिम्बाब्वे के तेज गेंदबाज ब्लेसिंग मुजरबानी को अपने साथ जोड़ा है. मुजरबानी टीम में मुस्तफिजुर रहमान की जगह लेंगे. मुस्तफिजुर को बीसीसीआई के नियमों के कारण फ्रेंचाइजी ने रिलीज कर दिया था. 6 फुट 8 इंच लंबे मुजरबानी को उनकी शानदार उछाल और स्पोर्ट्स के अहम मौकों पर विकेट निकालने के लिए जाना जाता है. टी20 विश्व कप में शानदार रिकॉर्ड मुजरबानी के पास टी20 क्रिकेट का बहुत अच्छा अनुभव मौजूद है. उन्होंने 80 से ज्यादा टी20 इंटरनेशनल मैचों में गेंदबाजी की है. इस दौरान उन्होंने करीब 21 की औसत से 90 से ज्यादा विकेट अपने नाम किए हैं. उनका सबसे बेहतरीन प्रदर्शन 8 रन देकर 3 विकेट लेना रहा है. हाल ही में खत्म हुए टी20 विश्व कप 2026 में भी उनका स्पोर्ट्स बहुत शानदार था. इस टूर्नामेंट में वह 13 विकेट लेकर सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाजों की लिस्ट में दूसरे नंबर पर रहे थे. उनकी तेजी केकेआर के बहुत काम आएगी. PSL छोड़कर IPL में लिया हिस्सा 29 साल के मुजरबानी इस साल आईपीएल में स्पोर्ट्सने वाले जिम्बाब्वे के इकलौते क्रिकेटर हैं. आईपीएल 2026 में स्पोर्ट्सने के लिए उन्होंने पाकिस्तान सुपर लीग (PSL) से अपना नाम वापस ले लिया है. पिछले साल वह रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) की टीम का हिस्सा थे. हालांकि पिछले सीजन में उन्हें आरसीबी की तरफ से एक भी मैच स्पोर्ट्सने का मौका नहीं मिला था. पिछले ही साल आरसीबी ने अपना पहला आईपीएल खिताब जीता था. अब मुजरबानी मंगलवार को कोलकाता पहुंचेंगे और अपनी नई टीम के साथ अभ्यास शुरू करेंगे. A new Blessing in Purple & Gold 💜🔥 pic.twitter.com/p31V3LsGfm — KolkataKnightRiders (@KKRiders) March 13, 2026 मुंबई इंडियंस के खिलाफ होगा पहला मैच केकेआर की टीम आईपीएल 2026 में अपने सफर की शुरुआत 29 मार्च से करने जा रही है. उनका पहला मुकाबला मुंबई इंडियंस के साथ होगा. यह मैच मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में स्पोर्ट्सा जाएगा. मुजरबानी के आने से टीम को एक अच्छे विदेशी तेज गेंदबाज का विकल्प मिल गया है. मुस्तफिजुर रहमान के जाने के बाद टीम को एक ऐसे ही लंबे कद के गेंदबाज की तलाश थी जो अब पूरी हो गई है. IPL 2026 के लिए केकेआर की टीम नए बदलाव के बाद केकेआर की पूरी टीम इस प्रकार हो गई है.  अजिंक्य रहाणे, रिंकू सिंह, सुनील नारायण, वरुण चक्रवर्ती, अंगकृष रघुवंशी, मनीष पांडे, कैमरून ग्रीन, फिन एलेन, तेजस्वी सिंह, राहुल त्रिपाठी, टिम सीफर्ट, रोवमैन पॉवेल, अनुकूल रॉय, सार्थक रंजन, दक्ष कामरा, रचिन रविंद्र, रमनदीप सिंह, वैभव अरोड़ा, मथीशा पथिराना, कार्तिक त्यागी, प्रशांत सोलंकी, आकाश दीप, हर्षित राणा, उमरान मलिक और ब्लेसिंग मुजरबानी. ये भी पढ़ें- क्या धोनी ने जानबूझकर एस श्रीराम को मारकर हाथ काट दिया था? मैच में बवाल, गेंद उठाकर देना पड़ा महंगा, रन आउट के बाद आगबबूला हुए सलमान आगा कुलदीप यादव की हल्दी में जमकर नाचे युजवेंद्र चहल, देखें वीडियो The post PSL छोड़ आईपीएल में दिखेंगे मुजरबानी, KKR मेंं मुस्तफिजुर की जगह ली एंट्री appeared first on Naya Vichar.

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मीन संक्रांति से शुरू होगा खरमास, जानें शुभ उपाय

Meen Sankranti 2026: हिंदू धर्म में सूर्य के एक राशि से दूसरी राशि में प्रवेश को संक्रांति कहा जाता है. इसी क्रम में जब सूर्य मीन राशि में प्रवेश करते हैं, तो उसे मीन संक्रांति कहा जाता है. यह दिन धार्मिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है. इस दिन किए गए दान-पुण्य, पूजा-पाठ और विशेष उपायों का विशेष फल प्राप्त होता है. साल 2026 में मीन संक्रांति 15 मार्च को मनाई जाएगी. इस दिन सूर्य देव मीन राशि में प्रवेश करेंगे, जिससे खरमास की शुरुआत भी हो जाएगी. मीन संक्रांति 2026 की सही तिथि और समय पंचांग के अनुसार वर्ष 2026 में 15 मार्च को सुबह 1 बजकर 8 मिनट पर सूर्य मीन राशि में प्रवेश करेंगे. सूर्य के इस गोचर को ही मीन संक्रांति कहा जाता है. मीन राशि के स्वामी देवगुरु बृहस्पति माने जाते हैं, इसलिए इस राशि में सूर्य का प्रवेश धार्मिक रूप से काफी महत्वपूर्ण माना जाता है. जैसे ही सूर्य मीन राशि में आते हैं, उसी समय से खरमास की शुरुआत हो जाती है. खरमास लगभग एक महीने तक चलता है. इस अवधि में विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन और अन्य मांगलिक कार्य करने से बचा जाता है. जब सूर्य मेष राशि में प्रवेश करते हैं, तब खरमास समाप्त होता है और शुभ कार्य दोबारा शुरू हो जाते हैं. मीन संक्रांति का धार्मिक महत्व मीन संक्रांति को आध्यात्मिक और धार्मिक दृष्टि से बहुत शुभ माना जाता है. मान्यता है कि इस दिन सूर्य देव की पूजा करने से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा आती है और व्यक्ति को पापों से मुक्ति मिलती है. इस दिन विशेष रूप से दान-पुण्य और स्नान का महत्व बताया गया है. धार्मिक मान्यता के अनुसार, पवित्र नदियों में स्नान करने और जरूरतमंदों को दान देने से कई गुना पुण्य फल प्राप्त होता है. मीन संक्रांति के दिन जरूर करें ये उपाय मीन संक्रांति के दिन कुछ खास उपाय करने से जीवन में सुख, समृद्धि और शांति बनी रहती है. सूर्य देव को अर्घ्य दें सुबह स्नान करने के बाद तांबे के लोटे में जल लेकर सूर्य देव को अर्घ्य दें और आदित्य मंत्रों का जाप करें. दान-पुण्य करें इस दिन गरीब और जरूरतमंद लोगों को भोजन, कपड़े, गुड़, गेहूं और तिल का दान करना शुभ माना जाता है. भगवान विष्णु की पूजा करें मीन संक्रांति के दिन भगवान विष्णु की पूजा करने से विशेष आशीर्वाद प्राप्त होता है और जीवन की परेशानियां दूर होती हैं. पवित्र नदी में स्नान करें यदि संभव हो तो गंगा, यमुना या किसी भी पवित्र नदी में स्नान करना बेहद शुभ माना जाता है. ये भी पढ़ें: मीन संक्रांति 2026 में सूर्य गोचर से इनकी बदल सकती है किस्मत आध्यात्मिक साधना का उत्तम समय मीन संक्रांति से शुरू होने वाला खरमास भले ही मांगलिक कार्यों के लिए उचित न माना जाता हो, लेकिन यह समय भक्ति, साधना, जप और तप के लिए बेहद उत्तम माना जाता है. इस दौरान भगवान की आराधना करने से व्यक्ति को मानसिक शांति और आध्यात्मिक लाभ प्राप्त होता है. The post मीन संक्रांति से शुरू होगा खरमास, जानें शुभ उपाय appeared first on Naya Vichar.

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असम को मेगा कॉरिडोर का गिफ्ट देंगे पीएम मोदी, गुवाहाटी से सिलचर अब सिर्फ 5 घंटे में

PM Modi Assam Visit : प्रधानमंत्री शनिवार को (14 मार्च) असम के लोगों को बड़ी सौगात देने वाले हैं. यह उनका असम दौरे का दूसरा और अंतिम दिन है. माना जा रहा है कि विधानसभा चुनाव से पहले इन योजनाओं के जरिए राज्य के विकास को नई गति देने की कोशिश की जा रही है. अधिकारियों के मुताबिक प्रधानमंत्री ने शुक्रवार रात गुवाहाटी में विश्राम किया. शनिवार सुबह वे सिलचर के लिए रवाना हुए. यहां पहुंचकर वे करीब 22,860 करोड़ रुपये की शिलांग-सिलचर कॉरिडोर परियोजना का भूमि पूजन करेंगे. यह पूर्वोत्तर का पहला कंट्रोल्ड एंट्री-एग्जिट वाला ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे होगा, जिससे यात्रा तेज और आसान होने की उम्मीद है. गुवाहाटी से सिलचर का सफर करने में समय की बचत करीब 22,860 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला 166 किलोमीटर लंबा यह कॉरिडोर मेघालय और असम के बीच कनेक्टिविटी को काफी बेहतर बनाएगा. इसके बनने से गुवाहाटी से सिलचर की दूरी कम हो जाएगी और सफर का समय 8.5 घंटे से घटकर लगभग 5 घंटे रह जाएगा. इससे इलाके में कारोबार और विकास को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है. एलिवेटेड कॉरिडोर (फेज-1) का भी भूमि पूजन प्रधानमंत्री कैपिटल प्वाइंट के पास ट्रंक रोड से सिलचर के रंगिरखारी प्वाइंट तक एनएच-306 पर बनने वाले एलिवेटेड कॉरिडोर (फेज-1) का भी भूमि पूजन करेंगे. इस परियोजना से सिलचर की सबसे व्यस्त सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव कम होगा. साथ ही मिजोरम, त्रिपुरा और मणिपुर जैसे पड़ोसी राज्यों से कनेक्टिविटी बेहतर होगी. इससे बराक घाटी के कारोबार और आर्थिक विकास को भी बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है. यह भी पढ़ें : पीएम मोदी का कांग्रेस पर हमला, कहा- झूठे वादों की दुकान, फूट डालने वाली पार्टी नए कृषि महाविद्यालय की आधारशिला रखेंगे पीएम मोदी इसके अलावा प्रधानमंत्री करीमगंज जिले के पथारकंडी में नए कृषि महाविद्यालय की आधारशिला भी रखेंगे. शुक्रवार को गुवाहाटी पहुंचकर उन्होंने करीब 24,250 करोड़ रुपये की परियोजनाओं की शुरुआत की थी. अपने कार्यक्रम के बाद प्रधानमंत्री सिलचर से कोलकाता के लिए रवाना होंगे. The post असम को मेगा कॉरिडोर का गिफ्ट देंगे पीएम मोदी, गुवाहाटी से सिलचर अब सिर्फ 5 घंटे में appeared first on Naya Vichar.

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