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March 18, 2026

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कल का राशिफल 19 मार्च 2026: किस राशि को मिलेगा भाग्य का साथ और किसे बरतनी होगी सावधानी

Kal Ka Rashifal 19 March 2026: कल चैत्र नवरात्रि का पहला दिन है. चैत्र नवरात्रि का आरंभ 19 मार्च से हो रहा है और 27 मार्च तक रहेगा. कल सूर्योदय कालीन ग्रहों की बात करें तो सूर्य के साथ शुक्र और शनि मीन राशि में रहेंगे. मंगल, बुध, राहु कुम्भ राशि में विराजमान है. चंद्रमा मीन राशि संचरण करेंगे. देव गुरु बृहस्पति मिथुन राशि में हैं और केतु सिंह राशि में मौजूद रहेंगे. आइए जानते हैं, ज्योतिषाचार्य एवं आध्यात्मिक गुरु डॉ. श्रीपति त्रिपाठी से कि कल इन ग्रहों का आपकी राशि पर क्या प्रभाव पड़ेगा. मेष राशि: कल आपकी राशि के बारहवें भाव में चंद्रमा स्थित रहेंगे, जिससे खर्च बढ़ सकता है और मन थोड़ा चिंतित रह सकता है. हालांकि कार्यक्षेत्र में आप पूरे आत्मविश्वास के साथ अपने कामों को पूरा करने में सफल रहेंगे. व्यापार में भी धीरे-धीरे सुधार देखने को मिलेगा. आर्थिक स्थिति संतुलित बनी रहेगी. जीवनसाथी का साथ आपको मानसिक सुकून देगा.शुभ अंक: 3शुभ रंग: लाल वृषभ राशि: कल आपकी राशि के ग्यारहवें भाव में चंद्रमा मौजूद रहेंगे, जिससे आय के नए स्रोत बन सकते हैं और मित्रों से सहयोग मिलेगा. कार्यस्थल पर कुछ बदलाव देखने को मिलेगा. व्यापार में किसी पुराने संपर्क से लाभ मिलने की संभावना है. परिवार के साथ बिताया गया समय आपको खुशी देगा. स्वास्थ्य सामान्य रहेगा, लेकिन अधिक थकान से बचें.शुभ अंक: 6शुभ रंग: हरा मिथुन राशि: कल आपकी राशि के दसवें भाव में चंद्रमा भ्रमण करेंगे, जिससे करियर में प्रगति और कार्यक्षेत्र में सम्मान मिलने के योग बनेंगे. कार्यक्षेत्र में आपकी सूझ-बूझ और समझदारी से काम आसानी से पूरे होंगे. व्यापारियों को नए ग्राहकों से लाभ मिल सकता है. परिवार में खुशी का वातावरण बना रहेगा. स्वास्थ्य ठीक रहेगा, लेकिन आराम भी जरूरी है.शुभ अंक: 5शुभ रंग: पीला कर्क राशि: कल आपकी राशि के नवें भाव में चंद्रमा स्थित रहेंगे, जिससे भाग्य का साथ मिलेगा और धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी. आज कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत को सराहना मिलेगी. व्यापार में भी लाभ के अवसर मिल सकते हैं. आर्थिक स्थिति में सुधार के संकेत हैं. परिवार के साथ समय बिताने से मन प्रसन्न रहेगा. जीवनसाथी के साथ संबंधों में मधुरता बढ़ेगी.शुभ अंक: 2शुभ रंग: सफेद सिंह राशि: कल आपकी राशि के आठवें भाव में चंद्रमा मौजूद रहेंगे, जिससे अचानक बदलाव और थोड़ी मानसिक अशांति रह सकती है. कार्यक्षेत्र में आपको अपने विचार प्रस्तुत करने का अच्छा मौका मिल सकता है. व्यापार में लाभ मिलने की संभावना है. प्रेम जीवन में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं. स्वास्थ्य अच्छा रहेगा, लेकिन पर्याप्त आराम करें.शुभ अंक: 1शुभ रंग: सुनहरा कन्या राशि: कल आपकी राशि के सातवें भाव में चंद्रमा भ्रमण करेंगे, जिससे दांपत्य जीवन में मधुरता और साझेदारी में लाभ होगा. कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत का परिणाम मिलने की संभावना है. आर्थिक मामलों में सोच-समझकर खर्च करना बेहतर रहेगा. परिवार में सुखद वातावरण बना रहेगा. स्वास्थ्य ठीक रहेगा.शुभ अंक: 4शुभ रंग: हरा तुला राशि: कल आपकी राशि के छठे भाव में चंद्रमा स्थित रहेंगे, जिससे शत्रुओं पर विजय और स्वास्थ्य में सुधार के संकेत मिलेंगे. कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं, जिन्हें आप सफलता से निभाएंगे. आर्थिक स्थिति स्थिर बनी रहेगी. परिवार के साथ समय बिताने से खुशी मिलेगी. स्वास्थ्य सामान्य रहेगा, लेकिन आंखों को आराम दें.शुभ अंक: 7शुभ रंग: गुलाबी वृश्चिक राशि: कल आपकी राशि के पांचवें भाव में चंद्रमा मौजूद रहेंगे, जिससे प्रेम संबंधों में प्रगाढ़ता और संतान पक्ष से सुख मिलेगा. कार्यक्षेत्र में कुछ चुनौतियां सामने आ सकती हैं, लेकिन आप उन्हें अपनी समझदारी से हल कर लेंगे. आर्थिक स्थिति सामान्य बनी रहेगी. परिवार के साथ समय बिताने से मन को शांति मिलेगी. स्वास्थ्य सामान्य रहेगा.शुभ अंक: 8शुभ रंग: नीला धनु राशि: कल आपकी राशि के चौथे भाव में चंद्रमा भ्रमण करेंगे, जिससे घर-परिवार में सुख-शांति और माता का सहयोग मिलेगा. कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत का अच्छा परिणाम मिलेगा. व्यापार में लाभ के संकेत मिल रहे हैं. आर्थिक स्थिति में सुधार संभव है. स्वास्थ्य अच्छा रहेगा, लेकिन नियमित व्यायाम करना लाभदायक रहेगा.शुभ अंक: 9शुभ रंग: पीला मकर राशि: कल आपकी राशि के तीसरे भाव में चंद्रमा स्थित रहेंगे, जिससे साहस और पराक्रम में वृद्धि होगी. कार्यक्षेत्र में आपके प्रयासों को सफलता मिल सकती है. व्यापार में भी लाभ मिलने की संभावना है. आर्थिक स्थिति में धीरे-धीरे मजबूती आएगी. परिवार में खुशी का माहौल रहेगा. जीवनसाथी का सहयोग आपको प्रेरित करेगा. स्वास्थ्य सामान्य रहेगा.शुभ अंक: 5शुभ रंग: भूरा कुंभ राशि: कल आपकी राशि के दूसरे भाव में चंद्रमा मौजूद रहेंगे, जिससे धन लाभ और वाणी में मधुरता आएगी. कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत और विचारों की सराहना होगी. व्यापार में नए अवसर मिलने की संभावना है. आर्थिक स्थिति संतुलित बनी रहेगी. परिवार के साथ समय बिताने से मन प्रसन्न रहेगा. स्वास्थ्य ठीक रहेगा, लेकिन मानसिक तनाव से बचें.शुभ अंक: 6शुभ रंग: बैंगनी मीन राशि: कल आपकी राशि के पहले भाव में चंद्रमा भ्रमण करेंगे, जिससे आत्मविश्वास बढ़ेगा और व्यक्तित्व में आकर्षण आएगा. कार्यक्षेत्र में प्रगति के संकेत मिलेंगे. व्यापार में लाभ के अवसर मिल सकते हैं. परिवार के साथ समय बिताने से मन प्रसन्न रहेगा. प्रेम जीवन में विश्वास बढ़ेगा. स्वास्थ्य अच्छा रहेगा, लेकिन योग और ध्यान करना लाभकारी रहेगा.शुभ अंक: 2शुभ रंग: आसमानी Also Read: नवरात्र 2026: राशि अनुसार करें ये चमत्कारी उपाय, सिर्फ 9 दिन में बनेंगे बिगड़े काम और चमकेगा भाग्य The post कल का राशिफल 19 मार्च 2026: किस राशि को मिलेगा भाग्य का साथ और किसे बरतनी होगी सावधानी appeared first on Naya Vichar.

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बिहार के इंजीनियर के पास 100 करोड़ की प्रॉपर्टी का खुलासा, गर्लफ्रेंड के लिए विदेश में बंगला, दार्जिलिंग में चाय बागान

Bihar News: बिहार में आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने बिजली विभाग के एग्जक्यूटिव इंजीनियर मनोज कुमार रजक के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है. टीम ने एक साथ उनके 7 ठिकानों पर छापेमारी की. EOU की 6 टीमों ने मधुबनी, दरभंगा, सुपौल (निर्मली और करजाइन) और पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में एक साथ रेड की. इस कार्रवाई से हड़कंप मच गया है. 8 घंटे चली छापेमारी, करोड़ों के कागजात बरामद करीब 8 घंटे तक चली छापेमारी में बड़ी मात्रा में संपत्ति से जुड़े दस्तावेज मिले हैं. शुरुआती जांच में करीब 100 करोड़ रुपये की संपत्ति का खुलासा हुआ है. मनोज कुमार रजक ने 2009 में असिस्टेंट इंजीनियर के रूप में नौकरी शुरू की थी. वर्तमान में वह नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड में एग्जक्यूटिव इंजीनियर हैं. पिछले दो वर्षों से उनकी पोस्टिंग मधुबनी के जयनगर में थी. कई शहरों में फैला संपत्ति का नेटवर्क जांच में सामने आया है कि उन्होंने अलग-अलग जगहों पर संपत्ति बना रखी है. सुपौल के करजाइन में तीन मकान और एक गोदाम, निर्मली में एक गोदाम और दरभंगा में एक आलीशान मकान मिला है. EOU को दार्जिलिंग में चाय बागान में पार्टनरशिप के डॉक्युमेंट्स भी मिले हैं. इससे उनके निवेश के दायरे का पता चलता है. परिवार के नाम पर कारोबार जांच में यह भी सामने आया है कि उन्होंने अपने भाई संजय रजक के नाम पर सुपौल में गैस एजेंसी खुलवाई थी. बाद में इससे जुड़ी जमीन अपने नाम ट्रांसफर कर ली गई. वहीं पत्नी वीणाश्री के नाम पर दरभंगा-बिरौल रोड पर पेट्रोल पंप के लिए जमीन लीज पर ली गई थी. निजी जिंदगी को लेकर भी खुलासे छापेमारी के दौरान उनकी निजी जिंदगी से जुड़े चौंकाने वाले तथ्य भी सामने आए. बताया गया कि उन्होंने पत्नी के रहते एक रिश्तेदार स्त्री से शादी कर ली थी. जांच में यह भी पता चला कि उस स्त्री के लिए नेपाल के सुनसारी जिले में एक आलीशान मकान बनवाया जा रहा था. निर्माण के लिए मजदूर अपने गांव से भेजे जाते थे. भाई भी केस में सह-अभियुक्त EOU ने इस मामले में उनके भाई संजय रजक को भी सह-अभियुक्त बनाया है. अधिकारियों का कहना है कि आय से अधिक संपत्ति का आंकड़ा और बढ़ सकता है. फिलहाल जमीन, बैंक खातों और निवेश की गहराई से जांच जारी है. Also Read: बिहार के धनकुबेर इंजीनियर के पास करोड़ों की जमीनें, पेट्रोल पंप, विदेश में बंगला, जानिए रेड में और क्या-क्या मिला The post बिहार के इंजीनियर के पास 100 करोड़ की प्रॉपर्टी का खुलासा, गर्लफ्रेंड के लिए विदेश में बंगला, दार्जिलिंग में चाय बागान appeared first on Naya Vichar.

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फर्जी UPSC टॉपर देने में बिहार दूसरे नंबर पर, इस राज्य से निकले सबसे ज्यादा फेक IAS

UPSC 2025 Fake Toppers: यूपीएससी सिविल सर्विस की परीक्षा देश की सबसे कठिन परीक्षा कहलाती है. इस साल UPSC में 958 कैंडिडेट्स पास हुए हैं. UPSC की तरफ से रिजल्ट के साथ-साथ सेलेक्ट होने वाले कैंडिडेट्स के नाम, रोल नंबर और रैंक भी जारी होते हैं. इन डिटेल्स के बाद भी 7 ऐसे केस सामने आए जिनमें मिलते जुलते नाम के चलते यह दावा किया गया कि वो ही पास हुए हैं. यूपीएससी फाइनल रिजल्ट जारी होने के बाद कहीं नाम का कन्फ्यूजन हुआ तो कहीं जानबूझ के वाहवाही बटोरने की कोशिश की गई. कई मामले ऐसे देखे गए जहां पास होने का दावा करने के बाद जश्न भी मनाया गया और मोहल्ले भर में मिठाईयां भी बांटी गईं. ऐसे में आइए देखते हैं किस राज्य के कितने इस तरह के मामले आए हैं. UPSC 2025 Fake Toppers: बिहार से दो नाम बिहार की गिनती सबसे ज्यादा UPSC 2025 टॉपर देने वाले राज्यों में होती है. हर साल टॉप रैंक लाने वालों में बिहार के स्टूडेंट्स जरूर होते हैं. इस साल भी बिहार ने अपना ये रिकॉर्ड कायम रखा है. जहां एक ओर मुजफ्फरपुर के रहने वाले राघव झुनझुनवाला ने रैंक 4 लाकर पूरे प्रदेश का मान बढ़ाया है. वहीं, इस बार फर्जी दावा करने वाले दो मामले भी बिहार में ही देखे गए हैं. AIR 301 पर फर्जी दावा: सबसे पहले UPSC 2025 रैंक 301 पर बिहार के आरा की रहने वाली आकांक्षा सिंह ने दावा किया कि वो पास हुई हैं. सोशल मीडिया पर उनके परिवार का जश्न मनाता हुआ वीडियो और आकांक्षा सिंह का इंटरव्यू भी वायरल हुआ. मामला इतना बढ़ गया कि UPSC की तरफ से नोटिस जारी करके यह जानकारी दी गई कि AIR 301 पर बिहार नहीं यूपी के गाजीपुर की रहने वाली आकांक्षा सिंह का सेलेक्शन हुआ है. UPSC ने रोल नंबर, गांव का नाम, माता पिता का नाम और फोटो भी शेयर किया. शेखपुरा के रंजीत गिरफ्तार होने के बाद रंजीत कुमार बने मोटिवेशनल स्पीकर: रैंक 301 के बाद UPSC AIR 440 पर रंजीत कुमार का मामला देखा गया. इस रैंक पर दावा करने वाले रंजीत शेखपुरा के रहने वाले हैं. रंजीत तो रिजल्ट आने के बाद मोटिवेशनल स्पीकर बन गए. उनको पूर्व विधायक द्वारा सम्मानित भी किया गया. सच सामने आते ही रंजीत फरार हो गए. कई दिनों के बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया. फर्जी टॉपर देने में यूपी रहा आगे उत्तर प्रदेश से इस बार 3 ऐसे नाम सामने आए जिन्होंने UPSC टॉपर होने का दावा किया. सबसे पहले रिजल्ट जारी होते ही रैंक 113 पर यूपी के बुलंदशहर की रहने वाली शिखा ने वाहवाही बटोरनी शुरू कर दी. मोहल्ले भर में उनका भव्य स्वागत हुआ और जब सच सामने आया तो उदासी छा गई. दरअसल, इस रैंक पर हरियाणा की रहने वाली शिखा सहरावत का सेलेक्शन हुआ था. रैंक 79 लाने वाली असली प्रियंका चौधरी (बाएं) और गाजीपुर की प्रियंका (दाएं) रैंक 79 पर प्रियंका चौधरी नाम से कंफ्यूजन बहुत ज्यादा चर्चा में रहा. इस रैंक पर उत्तर प्रदेश के गाजीपुर के जखनियां की रहने वाली प्रियंका चौधरी के परिवार ने खूब जश्न मनाया. प्रियंका के पिता ड्राइवर का काम करते हैं उन्होंने यह तक कह दिया कि अब वो अपनी बेटी की गाड़ी चलाएंगे. गाजीपुर की प्रियंका फिलहाल GST ऑफिसर के पद पर तैनात हैं. लेकिन इस रैंक पर राजस्थान के बीकानेर की रहने वाली प्रियंका चौधरी का सेलेक्शन हुआ है. इस रैंक पर IAS सर्विस ही अलॉट होता है. Rank 182 हरियाणा की दिव्या (बाएं) और बागपत की दिव्या (दाएं) तीसरा मामला UPSC Rank 182 पर सामने आया. इस रैंक पर दिव्या नाम की कैंडिडेट का चयन हुआ है. यूपी के बागपत की रहने वाली दिव्या तंवर के परिवार ने मान लिया कि उनकी बेटी का सेलेक्शन हुआ है. लेकिन महज 24 घंटों के भीतर परिवार का भ्रम टूट गया और सच सामने आ गया. दरअसल, इस रैंक पर जिस दिव्या का सेलेक्शन हुआ है वो रोहतक हरियाणा की रहने वाली हैं. UPSC 2025 Final Result with Marks MP से भी आए फर्जी टॉपर एमपी सतना के यशवर्धन (बाएं) और यूपी हमीरपुर के यशवर्धन (दाएं) यूपी-बिहार के बाद एक मामला मध्य प्रदेश से भी सामने आया. UPSC Rank 212 पर एमपी के सतना के रहने वाले यशवर्धन सिंह की फोटो सोशल मीडिया पर वायरल होने लगी. सच सामने आने पर पता चला कि इस रैंक पर MP नहीं बल्कि UP के यशवर्धन सिंह का सेलेक्शन हुआ है. यशवर्धन यूपी के हमीरपुर जिले के राठ कस्बा के रहने वाले हैं. उत्तराखंड की फैरूज का दावा UPSC CSE 2025 के फाइनल रिजल्ट में रैंक 708 पर फैरूज फातिमा का नाम है. इस रैंक पर उत्तराखंड रुड़की की रहने वाली फैरूज फातिमा का फोटो काफी तेजी से वायरल हुआ. फैरूज ट्रक ड्राइवर की बेटी हैं इसलिए इमोशनल एंगल से उनकी स्टोरी शेयर होने लगी. हालांकि, इस रैंक पर केरल की रहने वाली फैरूज फातिमा का सेलेक्शन हुआ है. इस तरह के मामले सामने आने के बाद UPSC के नियमों पर सवाल उठने शुरू हो गए. यूपीएससी पर मेरिट लिस्ट तैयार करने में लापरवाही का आरोप भी लगा. वहीं, UPSC ने आकांक्षा सिंह वाले मामले में ही पोस्ट शेयर करके कहा कि कमीशन की तरफ से कोई गलती नहीं हुई है. यह भी पढ़ें: आकांक्षा, शिखा अब प्रियंका, UPSC रिजल्ट में नाम का कंफ्यूजन क्यों? The post फर्जी UPSC टॉपर देने में बिहार दूसरे नंबर पर, इस राज्य से निकले सबसे ज्यादा फेक IAS appeared first on Naya Vichar.

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Ipac ED Raid : बंगाल सीएम ने की गलत परंपरा की शुरुआत, ममता बनर्जी पर सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी

मुख्य बातें ईडी के अधिकार को चुनौती राज्य प्रशासन ने फिर मांगा समय सॉलिसिटर जनरल ने बताया समय की बर्बादी जांच के दौरान तीसरे पक्ष को अनुमति नहीं राज्य ने आपातकालीन विभाग के मामले पर सवाल उठाए कोर्ट ने दे रखा है अंतरिकम आदेश Supreme Court: कोलकाता/ नई दिल्ली. Ipac Raid मामले में सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर सख्त टिप्पणी की है. न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार मिश्रा ने कहा- किसी मुख्यमंत्री को जबरन उस जगह में घुसते देखना सुखद नहीं है, जहां केंद्रीय जांच एजेंसी जांच कर रही है. अगर अनुच्छेद 32 या अनुच्छेद 226 के तहत मामला दर्ज नहीं किया जा सकता, तो फिर क्या किया जा सकता है? कल कोई दूसरा मुख्यमंत्री भी यही कर सकता है. ईडी के अधिकार को चुनौती इसके बाद राज्य प्रशासन के वकील ने कहा- हम कह रहे हैं कि केंद्र प्रशासन इस मामले में मुकदमा दायर कर सकती है. लेकिन सीआईडी ​​या ईडी जैसी कोई भी एजेंसी नहीं. अगर वे ऐसा करते हैं, तो संविधान के अनुच्छेद 145 के तहत सर्वोच्च न्यायालय में पांच न्यायाधीशों की पीठ गठित करनी होगी और ऐसी एजेंसियों की शक्तियों का पुनर्निर्धारण करना होगा. राज्य प्रशासन ने फिर मांगा समय बुधवार को राज्य प्रशासन ने एक बार फिर इस मामले में सुप्रीम कोर्ट से समय मांगा है. राज्य के वकील कपिल सिबल ने सुप्रीम कोर्ट में न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार मिश्रा और न्यायमूर्ति एनवी अंजारी की पीठ के समक्ष समय की मांग करते हुए याचिका दायर की. सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा- समय बर्बाद करने की कोशिश की जा रही है. मुख्यमंत्री पर गंभीर आरोप हैं. न्यायाधीश ने राज्य प्रशासन को याद दिलाया कि अदालत पहले ही चार सप्ताह का समय दे चुकी है. वरिष्ठ वकील कपिल सिबल ने कहा- हम जवाब दाखिल करना चाहते हैं. सॉलिसिटर जनरल ने बताया समय की बर्बादी सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा- यह बहुत अजीब बात है कि मुख्यमंत्री केंद्रीय एजेंसी की जांच में दखल दे रही हैं. चार हफ्ते बीत जाने के बाद भी वे कुछ जमा करने के लिए समय मांग रहे हैं. तब राज्य के वकील श्याम दीवान ने तर्क दिया- हमें अपना बयान जमा करने का समय नहीं मिल रहा है. इस पर न्यायाधीश ने कहा कि समय बर्बाद करने की कोशिश की जा रही है, क्योंकि चार हफ्ते का समय पहले ही दिया जा चुका है. सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने शिकायत की- जिस तरह मुख्यमंत्री ने जांच के दौरान जबरदस्ती दखल दिया है, वह बहुत ही ‘असामान्य’ है. जांच के दौरान तीसरे पक्ष को अनुमति नहीं इससे पहले, ईडी ने सुप्रीम कोर्ट में एक हलफनामा दायर किया था. हलफनामे में ईडी ने स्पष्ट रूप से कहा था कि राज्य पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा गार्डों के बीच आमने-सामने की झड़प से बचने के लिए ईडी अधिकारियों को तलाशी रोकनी पड़ी. हलफनामे में यह भी कहा गया था कि कोई भी जांच एजेंसी तलाशी के दौरान किसी तीसरे व्यक्ति को अंदर आने और सामान ले जाने की अनुमति नहीं दे सकती. राज्य ने आपातकालीन विभाग के मामले पर सवाल उठाए प्रशासनी वकील श्याम दीवान ने ईडी के मामले की स्वीकार्यता पर सवाल उठाकर अपनी दलील दी. राज्य के वकील ने कहा कि ईडी एक न्यायिक संस्था नहीं है, इसलिए वह संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत याचिका दायर नहीं कर सकती. दूसरे, यदि ईडी के मौलिक अधिकारों के उल्लंघन की कोई संभावना नहीं है, तो अनुच्छेद 32 के तहत दायर याचिका स्वीकार्य नहीं है. यहां सवाल यह है कि क्या ईडी याचिका दायर कर सकती है या नहीं. राज्य: अनुच्छेद 32 के अनुसार, किसी नागरिक, व्यक्ति या कानूनी निगम निकाय को संविधान के मौलिक अधिकारों के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए सर्वोच्च न्यायालय में जाने का अधिकार है. यदि ऐसा नहीं है, तो यह मामला दायर नहीं किया जा सकता. राज्य: पीएमएलए के अनुसार शक्तियां और जिम्मेदारियां दी गई हैं। लेकिन एक स्वतंत्र निकाय के रूप में कानूनी वैधता नहीं दी गई है, जिसके आधार पर ईडी मामले दर्ज कर सके. संविधान के अनुच्छेद 300 के अनुसार, हिंदुस्तान प्रशासन या कोई भी राज्य प्रशासन मौलिक अधिकारों से संबंधित प्रश्न उठाते हुए मामला दर्ज कर सकती है, लेकिन ईडी जैसी एजेंसी ऐसा नहीं कर सकती. अनुच्छेद 131 में स्पष्ट रूप से बताया गया है कि कोई भी प्रशासनी एजेंसी मुकदमा कैसे दायर कर सकती है. शक्तियों का यह विभाजन संघीय संरचना में प्रशासन के प्रशासन के लिए बहुत महत्वपूर्ण है. जब प्रशासन कोई मुकदमा दायर करती है, तो उसे कई पहलुओं को ध्यान में रखते हुए एक विशिष्ट प्रक्रिया का पालन करना होता है. यदि कोई प्रशासनी एजेंसी मौलिक अधिकारों के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए अदालत में जाती है, तो संघीय संरचना और संवैधानिक प्रक्रिया पर सवाल उठते हैं. पश्चिम बंगाल की अन्य महत्वपूर्ण समाचारों को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें कोर्ट ने दे रखा है अंतरिकम आदेश इससे पहले, अदालत ने अंतरिम आदेश में राज्य को 8 जनवरी की घटना के सभी सीसीटीवी फुटेज और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य सुरक्षित रखने का निर्देश दिया था. इन प्रक्रियाओं को सुनिश्चित करने के लिए समय की भी आवश्यकता थी. शीर्ष अदालत ने राज्य को समय दिया. आज एक और सुनवाई हुई. राज्य ने फिर से समय मांगा. राज्य ने सवाल उठाए कि ईडी ने जवाबी मामला क्यों दायर किया, इसके पीछे क्या तर्क है. Also Read: बंगाल में पहचान की लड़ाई, भाजपा के ‘घुसपैठिये’ से ममता की ‘बंगाली अस्मिता’ का मुकाबला The post Ipac ED Raid : बंगाल सीएम ने की गलत परंपरा की शुरुआत, ममता बनर्जी पर सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी appeared first on Naya Vichar.

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नोरा फतेही के गाने सरके चुनर पर बैन, समझिए सरकार ने क्यों उठाया यह कदम

Sarke Chunri Teri Sarke : बाॅलीवुड में डबल मीनिंग के गानों का इतिहास रहा है, कई डबल मीनिंग गाने यहां बने और चर्चा में भी रहे. चोली के पीछे क्या है…, सात सहेलियां खड़ी–खड़ी सहित कई ऐसे गाने यहां बने जिन्हें डबल मीनिंग वाला बताया गया और उनपर प्रतिबंध की मांग भी उठी. अब कन्नड़ मूवी केडी: दि डेविल का गाना सरके चुनर तेरी सरके के लिरिक्स पर विवाद हो रहा है.  केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने लोकसभा में कहा कि गाने पर बैन लगा दिया गया है. हमें फ्रीडम ऑफ स्पीच है, लेकिन हमें इसका सही तरीके से उपयोग करना चाहिए. फ्रीडम ऑफ स्पीच पूरी तरह से नहीं हो सकती, यह समाज और संस्कृति के हिसाब से होती है. समाजवादी पार्टी के नेता आनंद भदौरिया ने इस मसले पर प्रशासन से सवाल पूछा था. सरके चुनर तेरी सरके पर क्या है विवाद? सरके चुनर तेरी सरके गाने के लिरिक्स पर घोर आपत्ति जताई जा रही है. कहा जा रहा है कि इस गाने के बोल बहुत ही अश्लील हैं और गाने को बहुत ही फूहड़ और उत्तेजक तरीके से पेश किया गया है. गाने के वायरल होने के बाद इसपर कई लोगों ने कड़ी आपत्ति जताई. जिसके बाद इस गाने को लेकर सामाजिक, नेतृत्वक और फिल्मी जगत में बहस छिड़ गई है. आपत्तियों के बाद गाने के हिंदी वर्जन को यूट्‌यूब से हटा दिया गया है, लेकिन कन्नड़, तमिल, तेलुगु और मलयालम वर्जन अभी मौजूद है. KD: The Devil मूवी एक पैन इंडिया प्रोजेक्ट है KD: The Devil मूवी कन्नड़ भाषा में बन रही है और यह एक पैन इंडिया प्रोजेक्ट है, जो 30 अप्रैल को पूरे  देश में रिलीज होगी. इस फिल्म के डायरेक्टर प्रेम के हैं, उन्होंने ही इस गाने के लिरिक्स को लिखा है. हिंदी में अनुवाद रकीब आलम ने किया है. पूरे विवाद के बाद ऑल  इंडिया सिने वर्कर्स एसोसिएशन ने गाने पर बैन लगाने की मांग भी की है. एसोसिएशन का कहना है कि इस तरह के गानों से निगेटिविटी फैलती है. वहीं फिल्म के डायरेक्टर प्रेम की पत्नी और अभिनेत्री रक्षिता ने सोशल मीडिया पर पोस्ट लिखकर कहा है कि चोली के पीछे पर सवाल क्यों नहीं उठे थे, जो सरके चुनर पर आपत्ति की जा रही है. ये भी पढ़ें : अमेरिकी हमलों के जवाब में संयुक्त अरब अमीरात क्यों है ईरान के निशाने पर? कौन है NIA की गिरफ्त में आया अमेरिकी मैथ्यू वैनडाइक? लीबिया, सीरिया, यूक्रेन में लड़ा, अब हिंदुस्तान के लिए खतरा! The post नोरा फतेही के गाने सरके चुनर पर बैन, समझिए प्रशासन ने क्यों उठाया यह कदम appeared first on Naya Vichar.

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कौन है NIA की गिरफ्त में आया अमेरिकी मैथ्यू वैनडाइक? लीबिया, सीरिया, यूक्रेन में लड़ा, अब भारत के लिए खतरा!

US Citizen Matthew VanDyke arrested by NIA: हिंदुस्तान की राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने जबरदस्त खुफिया ऑपरेशन करते हुए 13 मार्च को सात विदेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया. यह पूरी कार्रवाई एक बड़े आतंकवाद-रोधी अभियान के तहत की गई. सभी सात आरोपियों को पटियाला हाउस कोर्ट की विशेष NIA अदालत ने गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत 11 दिन की NIA हिरासत में भेजा गया है. इनमें छह यूक्रेन के नागरिक और एक चर्चित अमेरिकी नागरिक मैथ्यू आरोन वैनडाइक शामिल है. ये गिरफ्तारियां तीन हवाई अड्डों से की गई. कोलकाता से वैनडाइक को पकड़ा गया. वहीं, लखनऊ और दिल्ली से तीन-तीन यूक्रेनी नागरिकों को गिरफ्तार किया गया. सबसे ज्यादा चर्चा मैथ्यू आरोन वैनडाइक को लेकर है. खुद को डॉक्यूमेंट्री फिल्ममेकर, पूर्व पत्रकार और ‘फ्रीडम फाइटर बताने वाला 46 वर्षीय वैनडाइक आखिर है कौन? विषय की गंभीरता समझें- आखिर हुआ क्या है? NIA की FIR और शुरुआती जांच से साफ होता है कि यह मामला सीधे हिंदुस्तान की राष्ट्रीय सुरक्षा और सीमाई इलाकों से जुड़ा हुआ है. जांच में सामने आया है कि वैनडाइक और उसके यूक्रेनी सहयोगी टूरिस्ट वीजा पर हिंदुस्तान आए थे. यूक्रेनी नागरिकों की पहचान पेट्रो हुरबा, तारास स्लिवियाक, इवान सुकमानोव्स्की, मारियन स्टेफनकिव, मैक्सिम होंचारुक और विक्टर कामिंस्की के रूप में हुई है. हालांकि इन व्यक्तियों के बारे में ज्यादा जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई, लेकिन मैथ्यू वैनडाइक का नाम सामने आते ही हलचल मच गई, क्योंकि वह एक जाना-पहचाना चेहरा है और कई संघर्षों से जुड़ा रहा है. उसकी पहचान उसकी तस्वीरों के जरिए भी की गई. NIA सूत्रों के अनुसार, 14 यूक्रेनी नागरिक अलग-अलग तारीखों में टूरिस्ट वीजा पर हिंदुस्तान आए थे. वे गुवाहाटी पहुंचे और फिर जरूरी दस्तावेजों के बिना मिजोरम गए. यहां जाने के लिए ‘रिस्ट्रिक्टेड एरिया परमिट’ (RAP) और ‘इनर लाइन परमिट’ (ILP) लेना पड़ता है. ये न सिर्फ यहां बिना परमिशन गए, बल्कि आरोपों के अनुसार, उन्होंने म्यांमार में सक्रिय जातीय सशस्त्र संगठनों (EAGs) से संपर्क स्थापित किया. जांच एजेंसियों का कहना है कि इन संगठनों के संबंध हिंदुस्तान के पूर्वोत्तर में सक्रिय उग्रवादी गुटों से भी जुड़े हैं. उनका उद्देश्य म्यांमार में जातीय सशस्त्र समूहों (EAGs) को पहले से तय ड्रोन वॉरफेयर ट्रेनिंग देना था. हालांकी, NIA ने केवल 7 नागरिकों की ही गिरफ्तारी बताई है. इन सातों विदेशियों ने जातीय सशस्त्र समूहों (EAGs) से संपर्क किया और प्रशिक्षण गतिविधियों में शामिल हुए. FIR में कहा गया है कि ये EAGs पूर्वोत्तर के उग्रवादी संगठनों से जुड़े हुए हैं. जांच में यह भी सामने आया है कि यह नेटवर्क यूरोप से बड़ी मात्रा में ड्रोन हिंदुस्तान के रास्ते म्यांमार पहुंचा रहा था.  NIA ने आरोप लगाया है कि यह समूह हथियारों की आपूर्ति, उग्रवादियों को प्रशिक्षण देने और यूरोप से आयातित ड्रोन का उपयोग कर म्यांमार में ट्रेनिंग कैंप्स को समर्थन देने की योजना बना रहा था, जिसमें ड्रोन वॉरफेयर, ऑपरेशन, असेंबली और जैमिंग तकनीक पर फोकस था. वैनडाइक और उसके साथियों पर आरोप है कि वे म्यांमार के विद्रोही गुटों को हथियारों के इस्तेमाल और ड्रोन संचालन की ट्रेनिंग दे रहे थे. NIA के मुताबिक, म्यांमार में सक्रिय कई सशस्त्र समूहों के हिंदुस्तान में प्रतिबंधित संगठनों से पहले से संबंध हैं. इन समूहों पर हिंदुस्तानीय उग्रवादी संगठनों को हथियार, उपकरण और प्रशिक्षण देने का संदेह है, जो सीधे तौर पर राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मामला है. अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस नेटवर्क के हिंदुस्तान के अंदर कोई स्थानीय कनेक्शन हैं या नहीं. ड्रोन को हिंदुस्तानीय क्षेत्र के जरिए कैसे भेजा गया. गिरफ्तारी के दौरान जब्त किए गए मोबाइल फोन की जांच की जा रही है और आगे की जांच के लिए आरोपियों को विभिन्न स्थानों पर ले जाया जाएगा. मार्च 2025 में मिजोरम के मुख्यमंत्री लालदुहोमा ने चेतावनी दी थी कि अमेरिका और ब्रिटेन के भाड़े के सैनिक और पूर्व विशेष बलों के सदस्य मिजोरम के रास्ते म्यांमार में प्रवेश कर रहे हैं, ताकि वहां की सैन्य प्रशासन के खिलाफ लड़ रहे स्थानीय समूहों को प्रशिक्षण दे सकें. वहीं, बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने भी अपनी प्रशासन गिरने से पहले अमेरिका पर आरोप लगाया था कि वह हिंदुस्तान से सटे इलाकों में एक ईसाई राज्य बनाना चाहता है. ऐसे में हिंदुस्तान प्रशासन की जांच एजेंसियां इस घटना को हल्के में नहीं लेना चाहेंगी.  Delhi: NIA arrested seven foreign nationals, six Ukrainians and one American for allegedly providing terrorist training in Myanmar. They received 11-day custody for illegal entry, weapons and drone training, and importing drones from Europe pic.twitter.com/Sc8GGiSXvp — IANS (@ians_india) March 16, 2026 मैथ्यू वैनडाइक का विवादित अतीत मैथ्यू वैनडाइक खुद को क्या कहता है? डॉक्यूमेंट्री फिल्ममेकर, डिफेंस एक्सपर्ट, वॉर रिपोर्टर और ‘फ्रीडम फाइटर’, लेकिन कई अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा विशेषज्ञ उसे एक भाड़े का सैनिक मानते हैं.  वैनडाइक का जन्म अमेरिका के बाल्टीमोर (मैरीलैंड) में हुआ. उसने जॉर्जटाउन यूनिवर्सिटी से सिक्योरिटी स्टडीज में मास्टर्स किया है. उसका अधिकांश जीवन दुनिया के अलग-अलग युद्ध क्षेत्रों में बीता है. उसके नाम से एक सोशल मीडिया अकाउंट भी चलता है, जिसमें उसके सारे कारनामों के बारे में बड़े विस्तार से बताया गया है.  लीबिया युद्ध से पहचान वह पहली बार 2011 में चर्चा में आया, जब उसने मुअम्मर गद्दाफी के खिलाफ लड़ रहे विद्रोहियों के साथ विदेशी लड़ाके के रूप में हिस्सा लिया. इस दौरान उसे पकड़ लिया गया और कुख्यात अबू सलीम जेल में पांच महीने से अधिक समय तक कैद रखा गया. बाद में विद्रोहियों के त्रिपोली पर कब्जे के दौरान वह जेल से भाग निकला. उसकी लड़ाई के दौरान और हिरासत में लिए जाने की फोटोज भी सोशल मीडिया पर उपलब्ध है.  सीरिया, इराक और SOLI की स्थापना यह माना जाता है कि वह लीबिया से भाग निकला था. इसके बाद, वैनडाइक ने मिडिल ईस्ट और नॉर्थ अफ्रीका में क्रांतियों का खुलकर समर्थन किया और सीरिया के गृह युद्ध के दौरान फिल्ममेकर के रूप में काम किया, साथ ही एक सशस्त्र लड़ाके के रूप में भी हिस्सा लिया. इसके बाद वह इराक में भी ISIS के खिलाफ लड़ा.  साल 2014 में उसने ‘संस ऑफ लिबर्टी इंटरनेशनल’ (SOLI) नाम का संगठन बनाया. इसका मकसद दुनिया भर में अधिनायकवादी प्रशासनों और आतंकवाद के खिलाफ लड़ने वाली ताकतों को सैन्य प्रशिक्षण, सलाह, रणनीतिक

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बीरभूमि में विस्फोटक बरामद, चुनाव से पहले बंगाल को दहलाने की थी साजिश

मुख्य बातें सेंट्रल फोर्स ने बढ़ाई गश्त दहशत में सथानीय लोग Bengal Election: कोलकाता: बंगाल में विधानसभा चुनाव की तरीखों की घोषणा होने के महज तीन बाद बड़ी मात्रा में विस्फोटक बरामद हुआ है. यह बरामदगी बीरभूमि इलाके से हुई है. ग्रामीणों ने विस्फोटक से लदे एक ट्रैक्टर को तस्करी के दौरान जब्त कर पुलिस को सौंप दिया है. ग्रामीणों से सूचना मिलने पर पुलिस ने विस्फोटक से लदे ट्रैक्टर को जब्त कर लिया. यह घटना बीरभूमि के नलहाटी पुलिस स्टेशन के कदासिर गांव में हुई है. लोगों का कहना है कि पुलिस को यह पता लगाना चाहिए कि चुनाव से पहले विस्फोटक सामग्री कहां और क्यों ले जाई जा रही थी. सेंट्रल फोर्स ने बढ़ाई गश्त पुलिस ने बताया कि जब्त किए गए विस्फोटकों में 10,000 जिलेटिन स्टिक और 360 डेटोनेटर शामिल हैं. पुलिस का दावा है कि चुनाव से पहले बंगाल को दहलाने की साजिश नाकाम कर दी गयी है. हालांकि, पुलिस इस घटना में किसी को गिरफ्तार करने में असमर्थ रही. घटना के बाद केंद्रीय बलों ने बंगाल के कोने-कोने में गश्त तेज कर दी है. मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने स्पष्ट किया है कि स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं. पश्चिम बंगाल की अन्य महत्वपूर्ण समाचारों को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें दहशत में सथानीय लोग स्थानीय लोगों ने बताया कि रात कदासिर गांव की सड़क से विस्फोटकों से लदा एक ट्रैक्टर गुजर रहा था. तभी लोगों ने ट्रैक्टर को रोका. ट्रैक्टर चालक ने इसे तेज रफ्तार समझकर भागने की कोशिश की. बाद में लोगों ने देखा कि ट्रैक्टर पर विस्फोटक लदा हुआ है. इसके बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई. लोगों ने पुलिस को सूचना दी. सूचना मिलते ही नलहाटी पुलिस स्टेशन की पुलिस मौके पर पहुंची. उन्होंने विस्फोटक और ट्रैक्टर को जब्त कर लिया. विस्फोटक कौन, किस उद्देश्य से और कहां ले जा रहा था, इसकी जानकारी नहीं है. नलहाटी पुलिस स्टेशन मामले की जांच कर रही है. Also Read: बंगाल में पहचान की लड़ाई, भाजपा के ‘घुसपैठिये’ से ममता की ‘बंगाली अस्मिता’ का मुकाबला The post बीरभूमि में विस्फोटक बरामद, चुनाव से पहले बंगाल को दहलाने की थी साजिश appeared first on Naya Vichar.

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विदेशी शेयरों से कमाई छिपाना पड़ सकता है महंगा, ITR भरते समय रखें खास ध्यान

Income Tax: आज के समय में हिंदुस्तानीय निवेशक आसानी से Apple और Tesla जैसी विदेशी कंपनियों में पैसा लगा रहे हैं. इससे कमाई के नए रास्ते खुले हैं, लेकिन इसके साथ टैक्स से जुड़ी जिम्मेदारियां भी बढ़ गई हैं. छोटी सी लापरवाही भी आपको भारी जुर्माने में डाल सकती है. पूरी विदेशी कमाई दिखाना है जरूरी अगर आप हिंदुस्तान में रहते हैं, तो आपकी पूरी ग्लोबल इनकम टैक्स के दायरे में आती है. यानी चाहे कमाई हिंदुस्तान से हो या विदेश से, आपको ITR में उसकी जानकारी देना जरूरी है. कई बार विदेशी कंपनियां डिविडेंड देने से पहले ही टैक्स काट लेती हैं, जिससे लोगों को लगता है कि अब इसे हिंदुस्तान में दिखाने की जरूरत नहीं है. लेकिन ऐसा नहीं है. आपको पूरी कमाई ITR में बतानी होती है. हां, ‘फॉरेन टैक्स क्रेडिट’ लेकर आप डबल टैक्स से बच सकते हैं. शेड्यूल FA में सिर्फ जानकारी देना काफी नहीं ITR भरते समय लोग अक्सर एक बड़ी गलती कर देते हैं. वे ‘शेड्यूल FA’ में अपने विदेशी शेयरों की जानकारी तो ठीक से भर देते हैं, लेकिन उन शेयरों से हुई कमाई को दिखाना भूल जाते हैं. ध्यान रखें कि शेड्यूल FA सिर्फ आपकी विदेशी संपत्ति की जानकारी देने के लिए होता है, कमाई दिखाने के लिए नहीं. डिविडेंड (लाभांश) को हमेशा ‘अन्य स्रोत से आय’ में अलग से दिखाना जरूरी होता है. अगर आपने ऐसा नहीं किया, तो आपका ITR तकनीकी रूप से गलत माना जा सकता है और आगे परेशानी खड़ी हो सकती है. 200% तक लग सकता है जुर्माना अब आयकर विभाग पहले से कहीं ज्यादा एडवांस और सख्त हो चुका है. कई देशों के साथ डेटा शेयरिंग व्यवस्था होने के कारण आपकी विदेशी कमाई की जानकारी आसानी से विभाग तक पहुंच जाती है. ऐसे में अगर आपने अपनी कमाई छिपाई, तो इसे ‘अंडर-रिपोर्टिंग’ माना जाएगा. इस स्थिति में आप पर 50% से लेकर 200% तक का भारी जुर्माना लगाया जा सकता है, जो आपकी कमाई से भी ज्यादा नुकसान पहुंचा सकता है. गलती सुधारने का मौका भी है अगर आपसे पहले ITR भरते समय कोई गलती हो गई है, तो घबराने की जरूरत नहीं है. प्रशासन आपको ‘Updated ITR’ के जरिए अपनी गलती सुधारने का मौका देती है. अगर आप 1 साल के अंदर सुधार करते हैं, तो आपको 25% अतिरिक्त टैक्स देना होगा, जबकि 1 से 2 साल के बीच सुधार करने पर यह बढ़कर 50% हो जाता है. Also Read : पॉलिसी लेने से पहले चेक करें लिस्ट, इन इंश्योरेंस कंपनियों पर सबसे ज्यादा शिकायतें The post विदेशी शेयरों से कमाई छिपाना पड़ सकता है महंगा, ITR भरते समय रखें खास ध्यान appeared first on Naya Vichar.

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झारखंड में डीजे बजेगा और हर हाल में बजेगा, विधानसभा में बोले इरफान अंसारी

रांची से राजकुमार लाल की रिपोर्ट Jharkhand DJ Ban Controversy: झारखंड के स्वास्थ्य एवं खाद्य आपूर्ति मंत्री डॉ इरफान अंसारी ने बुधवार को विधानसभा के बाहर पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि झारखंड में रामनवमी, सरहूल और ईद पर डीजे बजेगा और हर साल में बजेगा. उन्होंने कहा कि हमने कभी डीजे पर रोक लगाने की बात नहीं कही थी, बल्कि उसके दुष्परिणामों से लोगों को अवगत कराने की बात कही थी. लेकिन मेरी बातों को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया. उन्होंने कहा कि हमने सूबे के सभी सिविल सर्जनों को आदेश दिया है कि वे जुलूस के दौरान जुलूस के साथ-साथ चलें, ताकि किसी भी तरह की परेशानी होने पर तुरंत चिकित्सा सुविधा मुहैया कराई जा सके. हम किसी श्रद्धालु को किसी अनहोनी की चपेट आने नहीं देंगे. प्रशासन को डीजे बजाने की देनी होगी अनुमति: निर्मल महतो विधायक निर्मल महतो उर्फ तिवारी महतो ने कहा कि महूदी में प्रशासन को हर हाल में जुलूस निकालने की अनुमति देनी होगी. यदि नहीं देती है, तो हमलोग वहां जुलूस निकालेंगे. उन्होंने कहा कि रामनवमी का जुलूस ऐतिहासिक रहेगा. प्रशासन रामनवमी के जुलूस फूल बरसाकर स्वागत करे. विधायक मनीष प्रसाद ने कहा कि डीजे पर रोक नहीं लगनी चाहिए. प्रशासन यदि इसको रोक पाने में असमर्थ है, तो हमलोगों को स्वयं जुलूस निकालने के लिए अनुमति दे. हमलोग आपसी सौहार्द के साथ सभी त्योहार मनाते आए हैं और मनाते रहेंगे. जुलूस पर रोक लगाना गलत: रौशन लाल चौधरी विधायक रौशन लाल चौधरी ने कहा कि प्रशासन महूदी के जुलूस पर जो रोक लगाई है, वह पूरी तरह से गलत है. प्रशासन अविलंब इस रोक को हटा ले. अल्पसंख्यक कल्याण मामलों के मंत्री हफिजुल हसन ने कहा कि प्रशासन ने कभी भी डीजे पर रोक लगाने की बात नहीं की है, बल्कि कोर्ट के आदेश का पालन करवा रही है. प्रशासन किसी भी धर्म विशेष के त्योहार के पीछे नहीं है, बल्कि उनकी देखभाल के लिए कृतसंकल्पित है. धार्मिक उन्माद फैलाना चाहती है भाजपा: दीपिका पांडेय मंत्री दीपिका सिंह पांडेय ने कहा कि भाजपा अफवाह और धार्मिक उन्माद फैलाकर नेतृत्व करना चाहती है. हमलोग ऐसा नहीं कर सकते हैं. कोर्ट का आदेश मानें या न मानें, यह उनकी मर्जी है. उन्हें लगता है कि यदि हमारे साथ गलत हो रहा है, तो गृह मंत्रालय से ही क्यों नहीं डीजे बजाने की इजाजत ले लेते? उन्होंने कहा कि त्योहारों के अलावा अन्य दिनों में भी सूबे में पेयजल की समस्या नहीं होने दी जाएगी. खराब पड़े चापाकलों को दुरुस्त करने को कहा गया है. इसके लिए शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के चापाकलों दुरुस्त कराने के लिए फंड की कमी नहीं होने दी जाएगी. आम लोगों को परेशान कर रही प्रशासन: नीरा यादव विधायक नीरा यादव ने कहा कि हेमंत प्रशासन आम लोगों को परेशान करने के लिए जानबूझकर यह सब निर्णय लेती है. उन्होंने कहा कि हम सभी लोगों के साथ मिलकर त्योहार मनाएंगे और डीजे बजाएंगे. डॉ इरफान अंसारी क्या बोलते हैं और क्या नहीं बोलते, यह उन्हें खुद भी पता नहीं है. वे अखबार में नाम छपाने के लिए कुछ भी कर सकते हैं. धार्मिक उत्सव रोकना गलत: बाबूलाल मरांडी प्रतिपक्ष के नेता बाबूलाल मरांडी ने कहा कि किसी भी धार्मिक उत्सव को रोकना गलत है. चाहे रामनवमी का जुलूस हो या फिर मोहर्रम का. सड़क सार्वजनिक है और सार्वजनिक रास्ते पर कोई संप्रदाय विशेष के डर से रोक लगाना उचित नहीं है. इससे एक गलत परंपरा की शुरुआत होगी. भाजपा के पास कोई मुद्दा नहीं: सुदीव्य मंत्री सुदीव्य कुमार सोनू ने कहा कि भाजपा के पास कोई मुद्दा नहीं है, तो वह मुद्दाविहीन होकर कभी किसी बात को लेकर तो कभी किसी बात को लेकर धरना-प्रदर्शन कर रही है, जो गलत है. जेटेट में लाठीचार्ज के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि छात्रों को अपना भविष्य देखना चाहिए, उन्हें नेतृत्व नहीं करनी चाहिए. कुछ लोग उन्हें उकसाकर अपनी नेतृत्व चमका रहे हैं. यदि वे इस तरह सड़क पर उतरेंगे, तो उन्हें हर हाल में रोका लगा जाएगा. छात्रों की परीक्षा नजदीक है और वे पढ़ने के बजाय सड़क पर उतरे हुए हैं. इसे भी पढ़ें: चतरा में मच्छरों को भगाने के लिए नहीं हो रही फॉगिंग, महीनों से धूल फांक रही 40 लाख की मशीन सबसे पहले विधानसभा पहुंचीं शिल्पी नेहा तिर्की आज सबसे पहले शिल्पी नेहा तिर्की सुबह 10.28 पर विधानसभा पहुंची. जब उनसे पूछा गया कि आज आप सबसे पहले पहुंची है, तो उन्होंने मुस्कुराते हुए जवाब दिया कि मेरा प्रश्नकाल है. इसलिए मैं पहले पहुंची हूं. दूसरे नंबर पर जरमुंडी विधायक देवेंद्र कुंअर विधानसभा पहुंचे. आज विधानसभा सत्र का आखिरी है. काफी संख्या में लोग विधानसभा की कार्यवाही देखने के लिए पहुंचे. इसके अलावा, स्कूल के विद्यार्थी भी आए थे. इसे भी पढ़ें: हजारीबाग में सज गया ईद बाजार, खरीदारों की उमड़ने लगी भीड़ The post झारखंड में डीजे बजेगा और हर हाल में बजेगा, विधानसभा में बोले इरफान अंसारी appeared first on Naya Vichar.

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अभीरा-अरमान की मुश्किलें बढ़ाएगी मायरा, पोद्दार परिवार में मचेगा तूफान

Yeh Rishta Kya Kehlata Hai: टीवी का पॉपुलर शो Yeh Rishta Kya Kehlata Hai अपने अपकमिंग एपिसोड में दर्शकों को हाई-वोल्टेज ड्रामा और इमोशनल ट्विस्ट देने वाला है. इस बार कहानी में आएंगे 7 बड़े धमाके, जिनमें मायरा का ट्रक ड्रामा, अभीरा और अरमान की कोशिशें, और आर्यन-दिशा की सगाई शामिल है. पोद्दार हाउस में रिश्तों की जटिलताएं, परिवार में उठे तनाव और नन्हीं मायरा की भावनाएं कहानी को और रोमांचक बना देंगी. दर्शक इस एपिसोड में रोमांच, ड्रामा और भावनाओं का पूरा तड़का देखने को मिलने वाला है. मायरा पोद्दार हाउस से गायब एपिसोड की शुरुआत में मायरा को अभीरा और उसके पिता के साथ देखकर जोरदार झटका लगता है. वह इस नजारे को बर्दाश्त नहीं कर पाती और घर से भाग जाती है. पूरे परिवार के लोग मायरा की अचानक गायब होने से हैरान रह जाते हैं. अरमान और अभीरा के पीछे भागेगी मायरा मायरा की फिक्र में अभीरा और अरमान उसे ढूंढने निकल पड़ते हैं. मायरा को अपनी मां के चले जाने का दर्द याद आता है और वह सड़क पर रोने लगती है. इस इमोशनल सीन में दर्शक मायरा की पीड़ा को महसूस करेंगे. दिशा की बुआ लेगी बड़ा फैसला आर्यन और दिशा की सगाई को लेकर परिवार में तनाव है. दिशा की बुआ साफ कर देती है कि अभीरा और अरमान अपनी बेटी के बिना सगाई नहीं होने देगी. इस निर्णय के बाद सगाई का महापर्व धीरे-धीरे तैयार होता है. मायरा चढ़ेगी ट्रक पर शो के अगले सीन में मायरा परेशान होकर सड़क पर बैठ जाती है. इसी दौरान एक ट्रक आता है और मायरा उसमें बैठ जाती है. अभीरा और अरमान तुरंत उसके पास पहुंचते हैं, लेकिन उसे रोकना आसान नहीं होता. अरमान को कोसेगी मायरा ट्रक रुकवाने के बाद अरमान मायरा से बात करता है। मायरा नाराज होकर उसे टोकती है और कहती है कि अगर उसे पहले पता होता कि अभिरा उसकी मां है, तो वह कभी नहीं आती. अरमान को कोसेगी मायरा ट्रक रुकवाने के बाद अरमान मायरा से बात करता है. मायरा नाराज होकर उसे टोकती है और कहती है कि अगर उसे पहले पता होता कि अभीरा उसकी मां है, तो वह कभी नहीं आती. अभीरा बढ़ाएगी मायरा की तरफ हाथ एपिसोड के अंत में अभीरा मायरा के पास जाकर उसे अकेला नहीं छोड़ने का संदेश देती है. इस सीन में दर्शक अभीरा और मायरा के रिश्ते की गर्मजोशी महसूस करेंगे. यह भी पढ़ें: अनुपमा की नई शुरुआत या नई मुसीबत? घर में बढ़ेगा हाई वोल्टेज ड्रामा The post अभीरा-अरमान की मुश्किलें बढ़ाएगी मायरा, पोद्दार परिवार में मचेगा तूफान appeared first on Naya Vichar.

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